August 08, 2026
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    PANKAJ CHANDRAKAR

    PANKAJ CHANDRAKAR

    दुर्ग / शौर्यपथ /

    लोकल ट्रेनों की कमी ने रायपुर से दुर्ग और भिलाई के बीच दैनिक यात्रियों को हलाकान कर डाला है। नवरात्रि के बाद से इस रूट पर चलने वाली दो जोड़ी मेमू लोकल ट्रेनों का परिचालन महिने के आखिर तक बंद रहने से ऐसे हालात बने हैं। नौकरी पेशा वर्ग से लेकर आम यात्रियों को बस का सफर महंगा पड़ रहा है।
    चैत्र नवरात्रि का पर्व खत्म होने के साथ ही रायपुर से डोंगरगढ़ के बीच चलने वाली दो जोड़ी मेमू लोकल ट्रेन का परिचालन स्थगित किया गया है। इसके साथ ही दैनिक रेल यात्रियों की दिक्कत बढ़ गई है। पहले से कोरोना काल के चलते मेमू लोकल ट्रेनों का परिचालन आधा अधूरा हो रहा था।
    ऐसे में दो जोड़ी लोकल ट्रेनों का परिचालन अचानक 20 दिन के लिए बंद कर दिए जाने से न केवल कामकाजी बल्कि भिलाई -दुर्ग से रायपुर के बीच सफर करने वाले स्थानीय यात्री बेहद हलाकान है।
    दरअसल दुर्ग-भिलाई से रायपुर के बीच काफी संख्या में लोगों का व्यापारिक, शैक्षणिक और नौकरी के सिलसिले में आना जाना होता है। ऐसे लोगों के लिए लोकल ट्रेन का सफर आर्थिक के साथ सुरक्षा की दृष्टि से भी अनुकूल रहता है।
    लेकिन जब से दो जोड़ी लोकल ट्रेनों का परिचालन बंद कर दिया गया है तब से अनेक लोग सड़क मार्ग से आवाजाही करने को मजबूर हैं। ऐसा सीमित संख्या में चल रही लोकल ट्रेनों की टाइमिंग अनुकूल नहीं रहने से हो रहा है। इस चक्कर में बस का सफर लोगों को महंगा पड़ रहा है।
    गौरतलब रहे कि रेलवे प्रशासन ने 10 अप्रैल से सुबह 8.30 और शाम 5.30 बजे रायपुर से भिलाई-दुर्ग होकर डोंगरगढ़ और सुबह 5.50 व पूर्वाह्न 11.40 बजे डोंगरगढ़ से रायपुर जाने वाली मेमू लोकल का परिचालन 30 अप्रैल तक बंद रखने का निर्णय लिया है।
    इस वजह से सुबह और शाम रायपुर से भिलाई-दुर्ग के बीच वाले स्टेशन का सफर करने वालों को भारी परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। इसके चलते भिलाई-3, चरोदा, पावरहाउस और कुम्हारी के लोगों को रायपुर व दुर्ग जाकर लंबी दूरी की एक्सप्रेस ट्रेनों को पकडऩे का लिंक भी नहीं मिल पा रहा है।
    दोपहर के वक्त एक भी लोकल ट्रेन नहीं
    रायपुर से दुर्ग भिलाई के लिए फिलहाल चार-चार लोकल ट्रेनों की सुविधा मिल रही है। लोकल ट्रेनों की यह संख्या यात्रियों के मुकाबले काफी कम है। वहीं दोपहर में रायपुर और दुर्ग से एक भी लोकल ट्रेन की सुविधा नहीं मिल पा रही है। सुबह के वक्त रायपुर से दुर्ग के लिए 7.30 बजे मेमू लोकल सहित 9.20 को केंवटी डोकोमो और शाम को 4.30 बजे जेडी व 6.25 बजे मेमू चल रही है। वहीं दुर्ग से रायपुर के लिए सुबह 8 बजे जेडी फिर 8.15 बजे डोकोमो और 9.15 बजे तथा शाम 5 बजे मेमू लोकल ट्रेन का परिचालन हो रहा है। शाम को दुर्ग से रायपुर के लिए एकमात्र लोकल ट्रेन होने से दैनिक यात्रियों को परेशानी उठानी पड़ रही है। जबकि दोपहर में रायपुर से भिलाई . दुर्ग के बीच एक भी लोकल ट्रेन नहीं होने से लोगों को मजबूरी में बस का सफर करना पड़ रहा है।

    राजनांदगांव /शौर्यपथ /

    प्रदेश सरकार महिलाओं को आर्थिक एवं सामाजिक रूप से सशक्त बनाने की दिशा में आगे बढ़ रही है। ग्रामीण क्षेत्रों में समूह की महिलाओं के जीवन में 'बिहानÓ रौशनी ला रही है। परिवर्तन की यह बयार महिलाओं में एक सामाजिक परिवर्तन की गवाह है। छत्तीसगढ़ राज्य ग्रामीण आजीविका मिशन 'बिहानÓ इस कार्य में अग्रणी भूमिका निभा रही है। छत्तीसगढ़ राज्य ग्रामीण आजीविका मिशन 'बिहानÓ अंतर्गत स्वसहायता समूहों के आर्थिक सशक्तिकरण की दिशा में शासन द्वारा किये जा रहे प्रयासों के तहत समूहों को बैंकों से सस्ते ब्याज दर पर आसानी से ऋण उपलब्ध कराया जा रहा है। जिससे समूह के सदस्य अपनी आर्थिक आवश्यकताओं की पूर्ति कर सकें तथा आजीविका गतिविधियों का आसानी से संचालन कर सकें। बैंकों से ऋण लेकर समूह की महिलाएं अपनी तकदीर बदल रही है। उनके उत्थान और उन्नति की राहें खुली हंै।

    जिले के अंतर्गत भी स्वसहायता समूहों को बैंक ऋण लिंकेज के माध्यम से ऋण प्रदाय कर उन्हें आर्थिक स्वावलंबन की दिशा में आगे बढ़ाने का कार्य किया जा रहा है। वित्तीय वर्ष 2021-22 में जिला राजनांदगांव को कुल 7 हजार 364 स्वसहायता समूहों को कुल 121 करोड़ 78 लाख रूपए की राशि बैंक से ऋण के रूप में लाभान्वित किया जा चुका है। जो कि पूरे राज्य में सर्वाधिक है। वहीं प्रगति का प्रतिशत 151 रहा है। जिले में गौठानों में कार्यरत महिला स्वसहायता समूहों को भी विभिन्न आजीविका गतिविधि संचालन हेतु बैंक ऋण लिंकेज किया जा रहा है। सस्ते ब्याज दर पर आसानी से ऋण प्राप्त कर स्वसहायता समूह की महिलाएं विभिन्न आयमूलक आजीविका गतिविधियों कृषि, पशुपालन, मत्स्यपालन, विभिन्न लघु व्यवसाय आदि का संचालन कर आय अर्जित कर रही हैं।

    बैंक लिंकेज के माध्यम से ऋण प्राप्त कर 'बिहानÓ समूह की महिलाएं विभिन्न आजीविका गतिविधियों का संचालन कर आय अर्जित करते हुए महिला सशक्तिकरण की मिसाल पेश कर रही हैं। बैंक लिंकेज में जिले के राष्ट्रीय ग्रामीण आजीविका मिशन की प्रदेश में उत्कृष्ट उपलब्धि है। बैंक ऋण से 13 हजार 494 महिला स्वसहायता समूह की महिलाएं लाभान्वित हुई है। प्रधानमंत्री जीवन ज्योति बीमा योजना के अंतर्गत शत प्रतिशत उपलब्धि रही। वहीं प्रधानमंत्री सुरक्षा बीमा योजना के अंतर्गत 97 प्रतिशत की उपलब्धि रही। जिले की 70 हजार 243 महिलाएं संवहनीय कृषि के अंतर्गत लाभान्वित हुई है। माईक्रो इंटरप्राईजेस डेव्हलपमेंट (एसवीईपी ) अंतर्गत 1 हजार 410 महिला उद्यमी लाभान्वित हुई है। 17 हजार 813 समूहों में 1 लाख 96 हजार 333 सदस्य कार्यरत है। संकुल संगठन स्टार्ट-अप के अंतर्गत समूह की महिलाओं को 72 लाख रूपए की राशि प्रदान की गई।

    मुंगेली/शौर्यपथ /

    एसआईएस द्वारा सुरक्षाकर्मी के लिए पंजीयन शिविर का आयोजन 26 अप्रैल से 30 अप्रैल तक किया जाएगा। यह शिविर जनपद पंचायत पथरिया, लोरमी, मुंगेली तथा जिला रोजगार कार्यालय व लाईवलीहूड कॉलेज जमकोर में अगल-अलग तिथियों में प्रात: 11 बजे से शाम 04 बजे तक आयोजित होगा। जिला रोजगार अधिकारी ने बताया कि शिविर का आयोजन जनपद पंचायत पथरिया में 26 अप्रैल को, जनपद पंचायत लोरमी में 27 अप्रैल को, जनपद पंचायत मुंगेली में 28 अप्रैल को, जिला रोजगार कार्यालय में 29 अप्रैल और लाईवलीहूड कॉलेज जमकोर में 30 अप्रैल को किया जाएगा। उन्होंने बताया कि इस शिविर का आयोजन कमांडेंट क्षेत्रीय प्रशिक्षण केंद्र आरा, जशपुर से प्राप्त पत्र के संदर्भ में किया जा रहा है। शिविर में शामिल होने के लिए आवेदक कक्षा 10 वीं की परीक्षा में उत्तीर्ण होना चाहिए एवं आवेदक की ऊॅचाई 168 सेमी, वजन 56 किलोग्राम और उम्र 21 से 35 वर्ष होनी चाहिए। उन्होंने बताया कि अधिक जानकारी के लिए जिला रोजगार कार्यालय में कार्यालयीन समय में संपर्क किया जा सकता है।

    राजनांदगांव /शौर्यपथ /

    संभागायुक्त दुर्ग श्री महादेव कावरे एवं अध्यक्ष स्वशासी प्रबंधनकारिणी समिति भारत रत्न स्वर्गीय श्री अटल बिहारी वाजपेयी स्मृति चिकित्सा महाविद्यालय राजनांदगांव की अध्यक्षता में स्वशासी समिति के प्रबंधकारिणी समिति की बैठक महाविद्यालय के कॉलेज कौंसिल हॉल में आयोजित की गई। बैठक में कार्रवाई विवरण के साथ पालन प्रतिवेदन आवश्यक रूप से शामिल करने के निर्देश दिए है। महाविद्यालय में आदर्श भर्ती नियम-2019 छत्तीसगढ़ राजपत्र में उल्लेखित सभी बिन्दुओं में विस्तृत चर्चा की गई। साथ ही संबद्ध चिकित्सालय में तृतीय एवं चतुर्थ श्रेणी कर्मचारियों की भर्ती के संबंध में चर्चा के दौरान नियमानुसार भर्ती के लिए शासन से अनुमति लेने कहा गया। एमआरआई मशीन के लिए सीएसआर मद से मांग पत्र के संबंध में चर्चा की गई। चिकित्सालय में कार्यरत श्रमिकों का भुगतान स्वशासी मद से किए जाने के संबंध में निर्देशित किया गया। अधिष्ठाता मेडिकल कॉलेज राजनांदगांव ने बताया कि अस्पताल को ब्लड बैंक संचालन हेतु लायसेंस प्राप्त हो चुका है। जिसके संचालन के लिए पदों की संरचना हेतु विभागाध्यक्ष द्वारा प्रस्तुत प्रस्ताव शासन की ओर प्रेषित किए जाने का निर्णय लिया गया। आयुक्त दुर्ग संभाग श्री कावरे ने चिकित्सा महाविद्यालय का बजट बनाकर अतिशीघ्र प्रस्तुत करने निर्देशित किया। बैठक में संचालक चिकित्सा शिक्षा छत्तीसगढ़ डॉ. विष्णु दत्त, अपर कलेक्टर श्री सीएल मारकण्डेय, अधिष्ठाता सह-सचिव स्वशासी समिति डॉ. रेणुका वाहिने, संयुक्त संचालक डॉ. प्रदीप बेक एवं वरिष्ठ प्रशासकीय अधिकारी (वित्त) श्री कैलाश कुमार खुटियारे उपस्थित थे।

     मुंगेली/शौर्यपथ /

    कलेक्टर अजीत वसंत के निर्देश पर आज जिला कलेक्टोरेट स्थित मनियारी सभाकक्ष में आयोजित जनदर्शन कार्यक्रम में संयुक्त कलेक्टर श्री तीर्थराज अग्रवाल ने दूरदराज से पहुंचे जिले के आमजनों की समस्याओं एवं शिकायतों को गंभीरतापूर्वक सुनी तथा नियमानुसार त्वरित निराकरण के निर्देश संबंधित विभाग के अधिकारियों को दिए। जनदर्शन कार्यक्रम में ग्राम पालचुवा के रघुनंदन यादव ने राजस्व अभिलेख में त्रुटि सुधार कराने, ग्राम जरहागांव के मंजू कश्यप ने आगजनी से हुई क्षति की राशि दिलाने, ग्राम मचहा के पदुमदास ने प्रधानमंत्री फसल बीमा योजना अंतर्गत फसल क्षति की राशि दिलाने, ग्राम बैगाकापा के निर्मलाबाई ने निजी भूमि का सीमांकन कराने, ग्राम रोहरा के लोकनाथ डाहिरे, दुखितराम तथा बेनीराम ने वृद्धा पेंशन राशि दिलाने सहित अन्य आवेदकों ने भी अपनी समस्याओं एवं शिकायतों के संबंध में आवेदन दिए। संयुक्त कलेक्टर श्री अग्रवाल ने जनदर्शन कार्यक्रम में प्राप्त आवेदनों पर नियमानुसार कार्यवाही की बात कही। इस अवसर पर संबंधित विभाग के अधिकारी मौजूद थे।

     मुंगेली /शौर्यपथ /

    कलेक्टर अजीत वसंत ने शासकीय कार्य में लापरवाही एवं उदासीनता बरतने के मामले को गंभीरता से लेते हुए लालपुर तहसील के प.ह.न. 34 के पटवारी श्री राजकुमार पाटले को आदेश जारी कर तत्काल प्रभाव से निलंबित किया है। जारी आदेश में अनुविभागीय अधिकारी राजस्व लोरमी के जांच प्रतिवेदन के अनुसार सेवा सहकारी समिति सुरेठा विकासखण्ड लोरमी में धान खरीदी कार्य में श्री राजकुमार पाटले के द्वारा शासकीय भूमि को भूमि स्वामी मद में परिवर्तन कर तहसील माडयूल से गलत पंजीयन कराकर धान विक्रय में संलिप्तता पाया गया तथा 24 मार्च 2022 को भू-अभिलेख शाखा से जारी कारण बताओ नोटिस का उनके द्वारा संतोषजनक जवाब नहीं दिया गया।

    कलेक्टर वसंत ने राजकुमार पाटले के उक्त कृत्यों को पदीय दायित्वों के प्रति घोर लापरवाही व उदासीनता एवं छत्तीसगढ़ सिविल सेवा (आचरण) नियम 1965 के नियम-3 में निहित प्रावधानों का उल्लंघन होने के कारण छत्तीसगढ़ सिविल सेवा (वर्गीकरण, नियंत्रण तथा अपील) 1966 के नियम 9(1) के तहत निलंबित किया है। निलंबन अवधि में उनका मुख्यालय तहसील कार्यालय लोरमी रहेगा तथा उन्हें नियमानुसार जीवन निर्वाह भत्ता देय होगा।

     राजनांदगांव /शौर्यपथ /

    केन्द्रीय नागरिक उड्डयन मंत्री श्री ज्योतिरादित्य सिंधिया ने आज कलेक्टोरेट सभाकक्ष में आकांक्षी जिला कार्यक्रम अंतर्गत समीक्षा बैठक ली। केन्द्रीय नागरिक उड्डयन मंत्री श्री सिंधिया ने शिक्षा, स्वास्थ्य एवं अन्य क्षेत्रों में कार्य के लिए आवश्यक मार्गदर्शन दिया। उन्होंने कहा कि कुपोषण एक सामाजिक स्थिति है। इसे दूर करने के लिए एक समग्र एवं समन्वित प्रयासों की आवश्यकता है। स्वास्थ्य, शिक्षा, ग्रामीण विकास एवं सभी विभाग मिलकर स्वच्छता की दिशा में समन्वित तरीके से कार्य करें। जब तक समाज में जागरूकता नहीं आएगी तब तक कुपोषण से मुक्त नहीं हो पाएंगे। इसके लिए उन्होंने जागरूकता अभियान चलाने कहा। उन्होंने जिले के मानपुर स्थित सामुदायिक स्वास्थ्य केन्द्र में हमर लैब के माध्यम से दी जा रही नि:शुल्क उच्चगुणवत्तायुक्त पैथोलॉजी सेवाओं की सराहना की। उन्होंने जिले में ग्रामीण क्षेत्रों में महिला स्वसहायता समूह के आर्थिक सशक्तिकरण के लिए किए जा रहे कार्यों की प्रशंसा की। कृषि के क्षेत्र में धान की फसल के स्थान पर दलहन, तिलहन एवं अन्य फसलों को प्रोत्साहन दिए जाने के लिए किए जा रहे कार्यों की प्रशंसा की।

    कलेक्टर श्री तारन प्रकाश सिन्हा ने प्रजेन्टेंशन के माध्यम से आकांक्षी जिला राजनांदगांव के विभिन्न पैरामीटर्स की जानकारी दी। उन्होंने बताया कि स्वास्थ्य के क्षेत्र में कोविड-19 के मद्देनजर विशेष कार्य किए गए। धन्वंतरी मेडिकल स्टोर्स के माध्यम से कम कीमतों पर जनसामान्य को दवाईयां उपलब्ध की जा रही हैं। लगभग 83 प्रतिशत नागरिकों को कोविड वैक्सीन का टीका लग चुका है। सामुदायिक स्वास्थ्य केन्द्र छुईखदान, प्राथमिक स्वास्थ्य केन्द्र रामाटोला एवं प्राथमिक स्वास्थ्य केन्द्र शहरी शंकरपुर को एनक्यूएएस सर्टिफाईड किया गया है। वहीं डिजिटल हेल्थ आईडी कार्ड में जिले का देश में तीसरा स्थान है। मुख्यमंत्री हाट बाजार योजना के माध्यम से ग्रामीण क्षेत्रों में स्वास्थ्य सुविधाएं उपलब्ध कराई जा रही हैं। मलेरिया, एचआईवी, टीबी टेस्ट, कुष्ठ रोग का भी टेस्ट किया जा रहा है। उन्होंने बताया कि राजनांदगांव जिले के नक्सल प्रभावित दूरस्थ अंचल मानपुर सामुदायिक स्वास्थ्य केन्द्र में हमर लैब की स्थापना की गई है। जहां नि:शुल्क 80 पैथोलॉजी सेवाएं दी जा रही हैं। यहां 5 विशेषज्ञ डॉक्टर एवं 236 मेडिकल स्टाफ डीएमएफ से भर्ती की गई है। मुख्यमंत्री सुपोषण अभियान के तहत गर्भवती माताओं को अंडा एवं चिक्की दिया जा रहा है। जिससे उनके स्वास्थ्य में 80 प्रतिशत सुधार है। कुपोषित बच्चों के वजन में 90 प्रतिशत की बढ़ोत्तरी है और मानपुर, मोहला तथा छुईखदान में बच्चों को 4 बार भोजन दिया जा रहा है। प्रति 15 दिन में उनके स्वास्थ्य का परीक्षण किया जा रहा है तथा सुपोषण के लिए सामुदायिक सहभागिता को बढ़ावा दिया जा रहा है। उन्होंने बताया कि शिक्षा के क्षेत्र में की गई पहल अंतर्गत जिले में 9 स्वामी आत्मानंद उत्कृष्ट अंग्रेजी माध्यम विद्यालय प्रारंभ किए गए हैं। 20 अटल टिंकरिंग लैब, 30 मॉडल प्राईमरी स्कूल हैं। वहीं शिक्षकों की भर्ती की गई है। कृषि के क्षेत्र में जानकारी देते हुए उन्होंने बताया कि राजनांदगांव जिले में खेती का रकबा प्रदेश में सर्वाधिक है। यहां किसानों को फसल चक्र परिवर्तन के लिए प्रोत्साहित कर रहे हैं। इसके लिए अभियान चलाया गया है। शासन की नरवा, गरवा, घुरवा, बाड़ी योजना महिलाओं को आर्थिक रूप से मजबूती मिली है। गौठान रूरल इंडस्ट्रीयल पार्क के रूप में विकसित हो रहे हैं और यहां विभिन्न तरह की गतिविधियां संचालित है। गोधन न्याय योजना के तहत वर्मी कम्पोस्ट का निर्माण भी किया जा रहा है। वित्तीय साक्षरता के क्षेत्र में बैंक सखी द्वारा कार्य किए जा रहे हैं। जिनके द्वारा राशि जमा करने, आहरण तथा राशि हस्तांतरित करने, पेंशन का भुगतान करने तथा मनरेगा के श्रमिकों का वेतन भुगतान, जनधन खाता लाभान्वितों तक उनके घरों तक जाकर देने का कार्य किया जा रहा है। इस अवसर पर पूर्व मुख्यमंत्री डॉ. रमन सिंह, सांसद राजनांदगांव श्री संतोष पाण्डेय, जिला पंचायत सदस्य श्रीमती गीता साहू, पुलिस अधीक्षक श्री संतोष सिंह, वनमंडलाधिकारी, जिला पंचायत सीईओ श्री लोकेश चंद्राकर, अपर कलेक्टर श्री सीएल मारकण्डेय सहित अन्य अधिकारी उपस्थित थे।

    रायपुर / शौर्यपथ /

    राज्य शासन द्वारा नि:शुल्क पाठ्यपुस्तक योजना अंतर्गत शिक्षा सत्र 2022-23 के लिए शासकीय, अनुदान प्राप्त तथा गैर अनुदान प्राप्त अशासकीय शालाओं को पुस्तक वितरण किया जाएगा। स्कूल शिक्षा विभाग द्वारा गैर अनुदान प्राप्त अशासकीय स्कूलों में पाठ्यपुस्तकों के वितरण के लिए शर्तें निर्धारित की गई हैं।

    स्कूल शिक्षा विभाग से मिली जानकारी के अनुसार गैर अनुदान प्राप्त शासकीय स्कूलों को छत्तीसगढ़ पाठ्यपुस्तक निगम द्वारा प्रकाशित कक्षा पहली से 10वीं तक हिन्दी और अंग्रेजी माध्यम की नि:शुल्क पाठ्यपुस्तकें दी जाएंगी। इन स्कूलों को उनकी मांग के अनुसार पाठ्यपुस्तक निगम के डिपो से पुस्तकेें मिलेंगी। इन स्कूलों को यह भी निर्देशित किया कि उन्हें अपने स्कूल के सभी कक्षाओं में केवल छत्तीसगढ़ पाठ्यपुस्तक निगम की पाठ्यपुस्तकों का ही उपयोग करना होगा, वे निजी प्रकाशकों की पुस्तकों का उपयोग नहीं करेंगे।

    अशासकीय गैर अनुदान प्राप्त विद्यालय को दिए जाने वाले नि:शुल्क पाठ्यपुस्तक के लिए शिक्षा के अधिकार के अंतर्गत प्रदाय की जाने वाली राशि में से ऐसे विद्यार्थियों के लिए प्राथमिक स्तर पर 250 रूपए प्रति विद्यार्थी और पूर्व माध्यमिक स्तर पर 450 रूपए प्रति विद्यार्थी देय पुस्तक ग्रांट की कटौती की जाएगी। इन स्कूलों को यह भी अंडरटेंिकंग (वचन पत्र) देना होगा कि स्कूल बंद होने की स्थिति में पाठ्यपुस्तक स्कूल के सभी विद्यार्थियों को उनके घर पहुंचाकर देंगे। ऐसे अशासकीय गैर अनुदान प्राप्त विद्यालयों द्वारा नि:शुल्क पाठ्यपुस्तकों की मांग करने की अंतिम तिथि 30 सितम्बर 2022 निर्धारित की गई है। इसके पश्चात मांग करने नि:शुल्क पाठ्यपुस्तकें नहीं दी जाएगी। इन शर्तों पर अशासकीय विद्यालयों से वचन पत्र लेने के बाद पुस्तकों का वितरण छत्तीसगढ़ पाठ्यपुस्तक निगम द्वारा अपने डिपो, जिला शिक्षा अधिकारी के माध्यम से किया जा सकेगा।

     रायपुर/ शौर्यपथ /

    कांग्रेस ने कहा कि केंद्र सरकार के मंत्रियों का छत्तीसगढ़ दौरा राज्य की जनता के लिये बेमायने है। प्रदेश कांग्रेस संचार विभाग के अध्यक्ष सुशील आनंद शुक्ला ने कहा कि केंद्रीय मंत्री सिंधिया द्वारा राज्य को तीन साल में एक लाख करोड़ रू. दिये जाने उस पर सार्वजनिक बहस किये जाने की चुनौती उनका बड़बोलापन है। संघीय ढांचे में हर राज्य को उसकी जनसंख्या आबादी और कर संग्रहण के अनुपात में केंद्रीय सहायता मिलती है केंद्र ने छत्तीसगढ़ को तीन साल में जो राशि दिया है वह कोई अहसान नहीं है। सिंधिया इस बात का जवाब दें कि राज्य के केंद्र द्वारा रोके गये 55121 करोड़ रू. केंद्र कब देगी?
    प्रदेश कांग्रेस संचार विभाग के अध्यक्ष सुशील आनंद शुक्ला ने कहा कि अभी तक 5 केंद्रीय मंत्रियों का छत्तीसगढ़ दौरा हो चुका है लेकिन इन मंत्रियों के दौरे से राज्य को कोई फायदा नहीं हुआ। संघीय ढांचे में केंद्र सरकार राज्यों के संरक्षक भूमिका में रहती है तथा केंद्र राज्यों के विकास में महत्वपूर्ण भूमिका निभाता है। राज्य में जब किसी केंद्रीय मंत्री का दौरा होता है तो राज्य की जनता को अपेक्षा रहती है। उनके आगमन से राज्य को कुछ विशेष सहायता मिलेगी। मंत्री महोदय के विभाग संबंधी योजनाओं का लाभ राज्य को कुछ ज्यादा मिलेगा। छत्तीसगढ़ में 5 मंत्रियों के दौरों ने राज्य की जनता को निराश किया है। किसी भी मंत्री ने इस दौरे में अपने विभाग की एक भी योजना को राज्य में प्रमुखता से लागू करने उसके लिये कुछ विशेष सुविधायें देने की दिशा में कुछ काम नहीं किया।
    प्रदेश कांग्रेस संचार विभाग के अध्यक्ष सुशील आनंद शुक्ला ने कहा कि राज्य में केंद्रीय विमानन मंत्री ज्योतिरादित्य सिंधिया आये हैं। राज्य में विमान सुविधा बढ़ाने के लिये आवश्यक है कि रायपुर एयरपोर्ट का संचालन 24 घंटे सातों दिन करना जरूरी। रायपुर में कार्गो हब बनाया जाये। नाईट पार्किंग की सुविधा को रायपुर एयरपोर्ट पर चालू किया जाए। जगदलपुर-विशाखापट्नम नागपुर के लिए फ्लाइट। बिलासपुर को कोलकाता-मुंबई-हैदराबाद से कनेक्टिविटी चाहिए। अंबिकापुर और रायगढ़ में राष्ट्रीय हवाई सेवा शुरू हो। जयपुर, पटना, अहमदाबाद और रांची के लिए उड़ानें चाहिए राज्य को। बिलासपुर एयरपोर्ट का किया जाए विस्तार, और कनेक्टिविटी मिले। दुर्भाग्य से सिंधिया जी ने सब कहा खूब भाषण दिया लेकिन अपने विभाग से संबंधित छत्तीसगढ़ के लिये इन जरूरी सुविधाओं पर कुछ नहीं कहा।
    प्रदेश कांग्रेस संचार विभाग के अध्यक्ष सुशील आनंद शुक्ला ने कहा कि राज्य में केंद्रीय पेट्रोलियम मंत्री हरदीप पुरी भी आये, उन्होंने महंगाई पेट्रोल-डीजल के दामों, गैस के दामों पर कमी के बारे में कुछ नहीं कहा। सवाल पूछने पर झुंझला जरूर गये। राज्य में लघु और मध्यम उद्यम राज्य मंत्री भानु प्रताप वर्मा भी आये। उन्होनें भी अपने विभाग से संबंधित न कोई योजना छत्तीसगढ़ के लिये बताया और उसकी चर्चा किया। राज्य के धान से एथेनॉल का प्लांट लगाने की अनुमति, फूड प्रोसेसिंग प्लांट लगाने तथा उद्योगों के कोयला संकट का कोई गंभीर निराकरण उनके पास नहीं था। संचार मंत्री देवुसिंह चौहान राज्य में मोबाइल टावर लगाने के लिये सिर्फ बयान दिया लेकिन कोई कार्य योजना नहीं बताया। राज्य में जलवायु परिवर्तन खाद्य एवं सार्वजनिक वितरण मंत्री अश्वनी कुमार चौबे भी आये लेकिन उनके आने का भी कोई लाभ राज्य को नहीं मिला। सारे के सारे केंद्रीय मंत्रियों ने सभी विषयों पर बात किया लेकिन अपने विभाग से संबंधित योजनाओं उनका राज्य के लिये क्या प्रावधान है उनके आने से उनके विभाग की योजनाओं का राज्य में क्या लाभ मिलेगा इस पर कुछ नहीं कहा।
    प्रदेश कांग्रेस संचार विभाग के अध्यक्ष सुशील आनंद शुक्ला ने कहा कि ज्योतिरादित्य सिंधिया सहित केंद्र के मंत्री छत्तीसगढ़ में भाजपा की खोई हुई जमीन तलाशने भटक रहे है। इनके पास राज्य के विकास के लिये कुछ नहीं है। केंद्र में मंत्री है बताये राज्य में आये है तो उनके विभाग की क्या योजना लेकर आये है। सिर्फ अधिकारियों से मीटिंग करने और राज्य सरकार को कोसने से राज्य के विकास में उनकी सहभागिता थोड़ी हो जायेगी।

    रायपुर / शौर्यपथ /

    छत्तीसगढ़ की राजधानी रायपुर में तीन दिवसीय राष्ट्रीय जनजातीय साहित्य महोत्सव का आयोजन किया जा रहा है। 19 अप्रैल से शुरू हुए इस महोत्सव में जनजातीय साहित्यकार, विषय-विशेषज्ञ, शोधार्थी, चित्रकार एवं कलाकारों का समागम हो रहा है। कार्यक्रम के मुख्य अतिथि मुख्यमंत्री श्री भूपेश बघेल थे। महोत्सव के शुभारंभ अवसर पर प्रख्यात बस्तर बैंड की प्रस्तुति अतिथियों के सामने हुई। जनजातीय समुदाय के पारंपरिक वाद्य यंत्रों के साथ प्रस्तुति देने वाले बस्तर बैंड ने अपनी शानदार पेशकश से शुभारंभ अवसर पर ऐसा माहौल बनाया कि वहां मौजूद हर कोई मंत्रमुग्ध हो गया। लोग वाद्य यंत्रों की मनमोहक धुन पर थिरकते नजर आए। एक वक्त ऐसा भी आया, जब मुख्यमंत्री श्री भूपेश बघेल भी अपने आप को थिरकने से रोक नहीं पाए और उन्होंने भी मुंडा बाजा थामा और थाप देने लगे। मुख्यमंत्री ने बस्तर बैंड के कलाकारों के साथ ताल से ताल मिलाया। मुख्यमंत्री इस मौके पर कलाकारों के साथ इतने भाव-विभोर हो गए कि बस्तर बैंड में शामिल नन्ही कलाकार जया सोढ़ी को गोद में उठाया और उसे प्रोत्साहित किया। साथ में अनुसूचित जाति एवं जनजाति मंत्री डॉ. प्रेमसाय सिंह टेकाम और संस्कृति मंत्री अमरजीत भगत भी थिरकते नजर आए।
    गौरतलब है कि बस्तर बैंड की स्थापना कला मर्मज्ञ श्री अनुप रंजन पाण्डेय ने की है। अपनी खूबियों के लिए बस्तर बैंड को आज अंतर्राष्ट्रीय स्तर पर पहचाना जाता है। इस बैंड में चार साल के बच्चे से लेकर 77 साल तक के बुजुर्ग कलाकार शामिल हैं। कला क्षेत्र में योगदान के लिए श्री अनुप रंजन पाण्डेय को पद्मश्री से भी सम्मानित किया जा चुका है। बस्तर बैंड के कलाकार अलग-अलग जनजातीय समुदाय से हैं। यह कलाकार वाद्य यंत्रों को बजाने के साथ ही इन वाद्य यंत्र के निर्माण में महारात हासिल है।

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