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रायपुर /शौर्यपथ/
मुख्यमंत्री भूपेश बघेल ने पुष्टिमार्ग के संस्थापक महाप्रभु वल्लभाचार्य की 26 अप्रैल को जयंती के अवसर पर उन्हें नमन किया है। बघेल ने कहा है कि भक्तिकालीन श्रीकृष्ण भक्ति शाखा के अग्रणी वल्लभाचार्य जी श्रीनाथ जी के अनन्य भक्त थे। उन्होंने श्री कृष्ण के स्वरूप और लीलाओं का वर्णन करते हुए कई ग्रंथों की रचना की। महाप्रभु वल्लभाचार्य जी का छत्तीसगढ़ के चंपारण में जन्म होने से उनका गहरा नाता यहां से बन गया। उन्होंने पुष्टिभक्ति के रूप में श्रीकृष्ण के प्रेम और स्नेह से परिपूर्ण भक्ति मार्ग दिखाया। पुष्टिमार्ग को कई लोगों ने अपनाया। उनके प्रसिद्ध शिष्य सूरदास जी ने उनकी विरासत को आगे बढ़ाया और कृष्ण प्रेम का माधुर्य लिए कई प्रसिद्ध रचनाएं लिखी। बघेल ने कहा है कि वल्लभाचार्य जैसे महापुरूष के जन्म से छत्तीसगढ़ की धरा भी धन्य हुई है।
अन्य खबर /शौर्यपथ/
टाइम बॉक्सिंग एक सरल और लोकप्रिय समय प्रबंधन तकनीक है जो आपको अपने शेड्यूल पर बेहतर नियंत्रण रखने में मदद करती है। यह आत्म-अनुशासन का अभ्यास करने और अपने कार्यों को व्यवस्थित करने के लिए भी उपयोगी है। इसमें समय के मुताबिक़ कार्यों को किया जाता है, ताकि वक़्त का सही उपयोग हो सके। टाइम बॉक्सिंग के साथ, आप इस बात पर भी अधिक ध्यान दे सकते हैं कि आपने किसी निश्चित कार्य पर कितना समय बिताया और वह कार्य कितने बेहतर तरीक़े से हो पाया।
टाइम बॉक्सिंग के ज़रिए आप अपनी उत्पादकता को भी बढ़ा सकते हैं और ध्यान को एक ही कार्य पर केंद्रित कर सकते हैं। आइए इस बारे में विस्तार से जानते हैं।
टाइम बॉक्सिंग के फ़ायदे
टाइम बॉक्सिंग के माध्यम से किसी भी कार्य पर ध्यान केंद्रित कर सकते हैं, जिससे उस कार्य को अच्छे तरीक़े से किया जा सके।
इस तकनीक के ज़रिए उन कार्यों को चिह्नित कर सकते हैं, जो अधिक ज़रूरी हैं और फिर उनकी प्राथमिकता को निर्धारित करके उनको क्रमानुसार पूरा किया जा सकता है।
टाइम बॉक्सिंग को लागू किया जाए तो इससे किसी भी कार्य में हो रही व्यर्थ की देरी से बचा जा सकता है। किसी भी काम में ज़रूरत से ज़्यादा माथापच्ची से बचने में भी मदद मिल सकती है।
इस प्रबंधन मंत्र का एक और पहलू यह भी है कि इसके माध्यम से किए जाने वाले कार्यों का बेहतर तरीक़े से आकलन कर सकते हैं। इससे यह पता लगाना आसान होता है कि तय समय में कितना काम किया जा सकता है। भविष्य के कार्यों का एक लेखा-जोखा तैयार कर सकते हैं कि एक टाइम-लिमिट के भीतर कितना कार्य किया जा सकता है।
टाइम बॉक्सिंग तकनीक को अपनाने से कार्य हल्के-फुल्के तरीक़े से किया जा सकता है व बोझिल महसूस नहीं होता। निश्चित रूप से इससे उत्पादकता या प्रोडक्टिविटी में बढ़ोतरी होती है।
इस तरह से न केवल कार्य का निर्धारण कर सकते हैं बल्कि कार्य के बीच में एक निश्चित अंतराल भी लागू कर सकते हैं। मिसाल के तौर पर अगर किसी कार्य को एक तय समय पर पूरा करते हैं और उसके बाद अगले कार्य के लिए कुछ मिनट या घंटे का अंतराल रखते हैं, तो इसका फ़ायदा यह होगा कि हमें थकान का एहसास नहीं होगा और हमारी दिनचर्या में जो अगले काम होंगे उनको भी बेहतर उत्पादकता के साथ पूरा कर सकेंगे।
टाइम बॉक्सिंग के ज़रिए आप किसी विशिष्ट कार्य पर कितना समय व्यतीत करेंगे इसे लेकर सीमाएं निर्धारित कर सकते हैं। ख़ासतौर पर सुबह के कार्यों के लिए इस तकनीक का प्रयोग करना बेहतर रहता है। महिलाओं के लिए ये अधिक लाभकारी है, क्योंकि सुबह का वक़्त उनके लिए काफ़ी व्यस्ततापूर्ण होता है।
इसे अपनाने से कार्य निर्धारित किए जाने से यह फ़ायदा भी होगा कि टालमटोल की प्रवृत्ति से छुटकारा मिलेगा। साथ ही कार्य की जवाबदेही भी तय होगी जिससे काम तेज़ी से होगा और जिसको जो कार्य निर्धारित किया जाएगा, वह उसको पूरी ज़िम्मेदारी से निभाएगा।
टाइम बॉक्सिंग को कैसे लागू करें?
यह तकनीक काम से ज़्यादा उसमें लगने वाले ‘समय’ पर फोकस करती है और इसे अपनाते समय इसी बात पर ध्यान देना होगा?
काम चाहे घर का हो या ऑफिस का, अगर लम्बा है, तो उसे कुछ भागों में विभाजित कर लें या किसी और को सौंप कर कुछ हिस्सा करवा सकते हों, तो वैसा करें।
हर हिस्से को पूरे करने में कितना समय लगना है, यह तय करें और उतनी ही समय- सीमा बांध लें।
अगर आपने किसी काम के लिए 25 मिनट का समय तय किया था और वो उतने समय में ना हो पाया हो, तो ज़ाहिर है कि आपकी इच्छा होगी कि समय को बढ़ा लिया जाए, लेकिन यह टाइम बॉक्सिंग का नियम है और फायदा भी कि आप समय नहीं बढ़ा सकते।
अब फायदे को समझते हैं। अगर आपने तयशुदा सीमा में काम पूरा नहीं किया, तो विश्लेषण कीजिए कि ऐसा क्यों नहीं हुआ। ऐसा न कर पाने के कारण काम को कितने मिनट और आगे बढ़ाना होगा। अपने काम के तरीकों और गति पर भी नज़र डालने का मौका आपके पास होगा।
टाइम बॉक्सिंग को अगर पूरी योजना के साथ, हर काम में लागू किया जाए, तो कुछ ही दिनों में न सिर्फ आपकी, बल्कि आपके साथ काम करने वालों की कार्यक्षमता में बढ़ोतरी होगी, बल्कि काम समय पर भी पूरा होने लगेगा। शायद आपको नए विचारों के लिए अधिक समय मिल सके।
अन्य खबर /शौर्यपथ/
'यकीन मानिए, ‘केजीएफ’ के निर्देशक प्रशांत नील ने जब मुझे पहली बार यह कहानी सुनाई थी, तो मैंने सिर पकड़ लिया था। उन्हें कहानी सुनाना नहीं आता, वो केवल कहानी दिखाना जानते हैं। और यह बात मुझे अच्छे से पता थी कि इस इंसान को केवल कैमरे की भाषा आती है। मुझे उसे ही देखना था, सो मैंने इसके लिए ‘हां’ कहा। मेरी अंदर की आवाज मुझसे कह रही थी कि सब ठीक होगा। मैं इसके लिए भी तैयार था कि असफल हुए तो क्या होगा!
ऐसा ही तब हुआ था जब मैं अपने गांव में एक निम्न वर्गीय परिवार में जीवन जी रहा था। माता-पिता मुझे लेकर डरे हुए थे कि अगर मैं फिल्मी दुनिया में गया तो वहां मेरा कोई भविष्य नहीं है। वो जानते नहीं थे कि मेरे लिए फिल्मी दुनिया अच्छी जगह है भी या नहीं। वो कहा करते थे कि सिनेमा आसान नहीं, तुम उसे नहीं पा सकते। वो मुश्किल है। ये सब बातें थीं, लेकिन उन्होंने मुझे सपोर्ट करना नहीं छोड़ा। जब भी मैं किसी डांस कॉम्पिटिशन में जाता, या किसी थिएटर एक्टिविटी में शामिल होता, तो वो खुश होते थे, उस वक्त वो अंदर से डरे भी होते थे। वो मेरा फिल्मों में जाने का जुनून देखकर शांत हो जाते थे। इसलिए वो मुझे कभी रोक नहीं पाए।
पैरेंट्स ने मुझे साफ कह दिया था कि तुम स्टार बनने बेंगलुरु जाना चाहते हो तो जाओ लेकिन एक बार वापस आए तो फिर नहीं जाने देंगे। उन्हें लगता था कि मैं वापस आऊंगा, लेकिन मैं नहीं लौटा। आपके अंदर से आती आवाजें कभी गलत नहीं होतीं।
इसका मतलब यह कतई नहीं कि आप वास्तविकता से दूर हो जाएं। आपकी सच्चाई आपको पता होना चाहिए। यही वास्तविकता आपको हार और जीत, सफलता-असफलता के साथ जीना सिखाती है। असलियत से सामना कभी आसान नहीं होता। मैं मानता हूं कि सफलता को संभालना सबसे ज्यादा मुश्किल है। असफलताएं आपको इतनी जोर से मारती हैं कि आपकी सारी गलतफहमियां दूर हो जाती हैं। सफलता आपको अलग ही दुनिया की ओर ले जाती हैं, उस रास्ते से जिसे आपने देखा नहीं है। अनजान रास्तों पर आपको सावधानी से चलना होता है।
असफलता तो बेहद प्रैक्टिकल होती है। लोग आपको छोड़कर भाग जाते हैं, जो भी आपके करीब हैं, वो भी चले जाएंगे। मैंने यह सब बचपन में देखा है। हमारा परिवार जिन्हें अपना मानता था, वो सब तब गायब हो गए थे, जब हम किसी मुसीबत से निपटने में असफल हो गए थे। ये वही लोग थे जो हमारे करीब थे, हमारे साथ अच्छा समय बिताते थे, सब चले गए। असफलता में आप खुद के साथ जीना सीखते हैं, आप उससे मुकाबला करना सीखते हैं। असफलता तो एक सबक है।
जरूरी यह है कि आप चाहे सफल हों या असफल, आप पर इसका कोई असर नहीं होना चाहिए। निश्चित तौर पर जीत से जोश आता है, मुझे भी जीतना पसंद है, लेकिन मुझे इसके असर से बचना होगा। इसका तरीका मैंने यह निकाला है कि आप सफलता को बांट दीजिए। मैं अपनी सफलता को लोगों की जीत मानता हूं। उन्हें इसका मजा लेने देता हूं। मैं तो केवल सफलता का उपयोग खुद को मजबूत करने में करता हूं। कोई शक नहीं होना चाहिए सफलता ही आपको हिम्मत देती है, मजबूती देती है और आत्मविश्वास देती है। इन सबकी मदद से ही आप बढ़िया काम जारी रख सकते हैं। लेकिन याद रखिए अगर आप असफलता के लिए तैयार नहीं हैं तो सफलता के लिए भी तैयार नहीं हैं। असफलता के लिए आपकी तैयारी ही आपको सफल बनाती है।'
मैं जानता हूं कि मैं अपने तरीके से सर्वश्रेष्ठ हूं’
- अच्छा ही काफी नहीं है। मैं और अधिक के लायक हूं और वह महानता है।
- मैं अपनी तुलना दूसरों से नहीं करता। मुझे पता है कि मैं अपने तरीके से सर्वश्रेष्ठ हूं।
- मेरी सफलता ही मेरे दुश्मनों से मेरा बदला है।
- अपना ख्याल रखना सबसे ज्यादा जरूरी है और यह आपको स्वार्थी नहीं बनाता है।
- मुझे किसी अलार्म घड़ी की जरूरत नहीं पड़ती, मेरा जुनून ही मुझे जगाता है।
- मैं बड़ी ऊंचाइयों को छू सकता हूं, मुझमें उड़ने का साहस है
कोरिया /शौर्यपथ/
कृषि विभाग के उप संचालक ने बताया कि आजादी का अमृत महोत्सव के तहत कृषकों के मध्य किसान भागीदारी प्राथमिकता हमारी कैम्पेन के अंतर्गत जिले के सभी सहकारी समितियों में ‘‘फसल बीमा पाठशाला‘‘ का आयोजन दिनांक 25 अप्रैल से 01 मई 2022 तक किया जा रहा है। कार्यक्रम में प्रधानमंत्री फसल बीमा योजनान्तर्गत कृषकों को फसल बीमा के प्रावधान, महत्व, लाभ एवं बीमा संबंधी जानकारी से जागरूक किया जाएगा।
उन्होंने बताया कि 27 अप्रैल को कृषि विज्ञान केन्द्र, सभी जनपद मुख्यालयों, सहकारी समितियों तथा सभी ग्राम पंचायतों में विशेष कार्यक्रम का आयोजन प्रातः 10.30 से किया जाएगा। इस दौरान वेबकास्ट के माध्यम से कृषकों को केन्द्रीय कृषि मंत्री का कार्यक्रम दिखाया जाएगा। वेब कास्टींग की व्यवस्था सी.एस.सी. द्वारा सभी ग्राम पंचायतोें एवं सहकारी समितियों में की जाएगी। उन्होंने जिले के किसानों से अधिक से अधिक संख्या में आयोजन में भाग लेकर योजना से संबंधित जानकारी प्राप्त कर लाभ उठाने की अपील की है।
रायपुर /शौर्यपथ/
राजधानी रायपुर में आज नेता जी सुभाष स्टेडियम कॉम्पलेक्स में जिले का पहला सी-मार्ट स्टोर शुरू हो गया। महुए से बनी कुकीज, महुए के स्केवैश, बेल का शरबत, आयुर्वेदिक जड़ी-बुटियो से लेकर हर्बल साबून, बड़ी, पापड़ मसाले और छत्तीसगढ़ी हस्तशिल्प उत्पाद इस सी-मार्ट में लोंगो को बाजिव दामों पर मिलेंगे। आज नगर निगम के महापौर एजाज ढेबर और सभापति प्रमोद दुबे ने जिले के पहले सी-मार्ट स्टोर का शुभारंभ किया। इसके साथ ही पहले ग्राहक के रूप में दोनों ने महिला स्व सहायता समूहों द्वारा बनाए गए लगभग 50 हजार रूपये के आकर्षक हस्तशिल्प, हर्बल साबून और स्थानीय खाद्य सामग्री भी खरीदी। इस अवसर पर जिला पंचायत के मुख्य कार्यपालन अधिकारी एवं रायपुर स्मार्ट सिटी के एम.डी. मयंक चतुर्वेदी सहित स्व-सहायता समूह की महिलाएं भी मौजूद रही। किसी आधुनिक सुपर मार्केट की तर्ज पर इस सी- मार्ट स्टोर का संचालन भी पुरी तरह से स्व सहायता समूहों की महिलाओं द्वारा ही किया जा रहा है।
मुख्यमंत्री भूपेश बघेल के मार्गदर्शन में सुराजी गांव योजना के तहत ग्रामीण क्षेत्रों में स्थापित गौठानों में महिला स्व-सहायता समूहों को उनके हाथों से बनाए गए उत्पादों के लिए संगठित बाजार उपलब्ध कराने पुरे प्रदेश में सी-मार्ट स्टोर्स शुरू किए जा रहे है। महापौर श्री ढेबर ने महिला समूहों द्वारा निर्मित उत्पादों की सराहना की और आर्थिक रूप से महिला समूहों को सक्षम बनाने में सी-मार्ट स्टोर को अत्यधिक उपयोगी बताया। इस दौरान उन्होनें महिलाओं से चर्चा कर उत्पादों के निर्माण व इससे हो रही आमदनी से उनके जीवन में आ रहे बदलाव की भी विस्तार से जानकारी ली। महापौर श्री ढेबर एवं सभापति श्री दुबे ने सी-मार्ट स्टोर में महिला समूहों द्वारा निर्मित लगभग 50 हजार रूपये के उत्पाद भी क्रय किए। स्व-सहायता समूह की महिलाओं ने विश्वास व्यक्त किया कि सर्वसुविधायुक्त विक्रय केन्द्र सुलभ होने से उनके उत्पादों के विक्रय में तेजी आएगी और समूह से जुड़ी महिलाओं के आर्थिक स्तर में अब तेजी से बदलाव आएगा। सी-मार्ट स्टोर में महिला स्व-सहायता समूहों द्वारा निर्मित उत्पादों के साथ-साथ महिला एवं बाल विकास विभाग, माटी कला, हथकरघा, खादी ग्रामोद्योग बोर्ड, वन-धन-संजीवनी, बैम्बू आर्ट,, शबरी एम्पोरियम के उत्पादों को भी एक छत के नीचे विक्रय हेतु उपलब्ध कराया गया है।
नेताजी सुभाष स्टेडियम में शुरू हुए जिले के पहले सी-मार्ट स्टोर में महिला समूहों द्वारा बनाए गए विभिन्न प्रकार के हर्बल साबून, आचार, मसाले, मुर्रा, दोना-पत्तल, काजु, विभिन्न प्रकार के शर्बत, देवभोग के डेयरी प्रोडक्ट, कोरिया की हर्बल चाय, लेमन ग्रास चाय, विभिन्न एशेन्शियल ऑइल से लेकर डिशवॉशर, टायलेट-फ्लोर क्लीनर, मशरूम पॉउडर, शहद, तेल-गुड़ भी लोगों के लिए उपलब्ध है। इस सी-मार्ट से हेण्डलूम पर बने गमछे और अन्य आकर्षक सूती कपडे़ भी खरीदे जा सकते है। छत्तीसगढ़ के वनांचलों से इक्कठी की गई अच्छी क्वालिटी की जड़ीबुटियां और चुर्ण भी यहां उपलब्ध है। देसी चना, लाल चॉवल का पौहा, चॉवल का आटा से लेकर बेसन तिखुर और दुसरी स्थानीय खाद्य सामाग्रियां भी सी-मार्ट में मिल रही है। यह बेलमेटल, बांस क्राफ्ट, लोहशिल्प के साथ छत्तीसगढ़ की हस्तशिल्प की आकर्षक कलाकृतियां भी उचित दामों पर उपलब्ध है जिन्हें विभिन्न अवसरों पर स्मृति चिन्हों के रूप में भी उपयोग किया जा सकता है।
उल्लेखनीय है कि मुख्यमंत्री भूपेश बघेल ने ग्रामीण अर्थव्यवस्था के तेजी से विकास के लिए गांवों में तैयार उत्पादों को शहरों के मार्केट से जोड़ने की नई पहल की है। इसके लिए मुख्यमंत्री बघेल की मंशानुसार राज्य सरकार के विभिन्न विभागों की योजनाओं के तहत महिला स्व सहायता समूहों, शिल्पियों, बुनकरों, दस्तकरों, कुम्भकरों अथवा अन्य पारंपरिक एवं कुटीर उद्योगों द्वारा बनाए गए उत्पादों का मूल्य संवर्धन कर इनकी व्यावसायिक ढंग से मार्केटिंग के लिए शहरों में आधुनिक शोरूम की तरह सी-मार्ट स्टोर स्थापित किए जा रहे हैं। सी-मार्ट की स्थापना से इन सभी वर्गों के स्थानीय ग्रामीण उद्यमियों को सबसे अधिक फायदा होगा। राज्य सरकार की योजना अनुसार इसके लिए प्रथम चरण में सभी जिला मुख्यालयों में नगर निगमों तथा नगर पालिकाओं में आधुनिक शो-रूम की तरह सी-मार्ट की स्थापना की जा रही है।
रायपुर /शौर्यपथ/
मुख्यमंत्री भूपेश बघेल की मंशा अनुसार पिछड़ा वर्ग एवं अल्पसंख्यक विकास मंत्री डॉ.प्रेमसाय सिंह टेकाम के निवास कार्यालय में छत्तीसगढ़ उर्दू अकादमी द्वारा शायरों, नातगों एवं मरहुम शायरों की बेवाओं को इमदाद एवं सम्मान समारोह का कार्यक्रम आयोजित किया गया है। मंत्री डॉ.टेकाम ने कार्यक्रम में राज्य के 32 उर्दू शायरों, नातगों एवं 4 दिवंगत शायरों की विधवाओं (बेवाओं) को 3 लाख 60 हजार रूपए का चेक और प्रमाण पत्र वितरित किया। प्रति शायरों को 10 हजार रूपए का चेक का प्रमाण पत्र प्रदान किया गया। इस अवसर पर अध्यक्ष अल्पसंख्यक आयोग श्री महेन्द्र सिंह छाबड़ा, सचिव उर्दू अकादमी एमआर खान भी उपस्थित थे।
उर्दू अकादमी के सचिव एमआर खान ने बताया कि इस तरह का आयोजन प्रत्येक वर्ष किया जाता है। सरकार द्वारा राज्य के जरूरतमंद और असहाय फनकारों की सहायता की जाती है। मंत्री डॉ.टेकाम द्वारा कार्यक्रम में जिन शायरों, नातगों और शायरों की बेवाओं को चेक एवं सम्मान प्रदान किया गया है, उनमें शायर सर्वश्री सफदर अली, मो.इरतिका हैदरी हबीब खान, मो.शरीफ अंसारी बिलासपुर, हसन जफर, आबिद बेग, रमेश्वर शर्मा, मोहसिन अली, काविश हैदरी, कैफ अब्बास, रहबर अली, मुस्ताक खान, जिल्ले हसनैन, मुनीस्ल हसन, अलमदार अली, सिकंदर हुसैन, हसन असगर आदि शामिल हैं। इसी प्रकार मरहुम शायरों की बेवाओं में-खतीजा बानो पति स्वर्गीय सखावत अली, श्रीमती शबाना बानो पति स्वर्गीय नादे अली, शाहिदा बानो पति स्वर्गीय तवंगर अली, तनवीर फातिमा पति स्वर्गीय रजा हैदरी को सहायता राशि का चेक और प्रमाण पत्र प्रदान किया गया।
मुंगेली /शौर्यपथ/
कलेक्टर अजीत वसंत की अध्यक्षता में आज जिला कलेक्टोरेट स्थित मनियारी सभा कक्ष में साप्ताहिक समय-सीमा की बैठक सम्पन्न हुई। बैठक में उन्होंने समय सीमा के लंबित प्रकरणों के संबंध में अधिकारियों से वन-टू-वन जानकारी प्राप्त की और निराकरण के संबंध में संबंधितों को आवश्यक निर्देश दिये। बैठक में कलेक्टर वसंत ने मैदानी स्तर पर लोगों की समस्याओं के संबंध में जानकारी ली। उन्होंने मैदानी स्तर पर आम लोगों की समस्याओं को स्थल पर ही निराकरण के लिए राजस्व अनुविभाग स्तर पर गुरूवार 28 अप्रैल से प्रातः 09 बजे से दोपहर 12 बजे तक जनसमस्या निवारण शिविर आयोजित करने के निर्देश दिए। इसी तरह उन्होंने जिले में कानून व्यवस्था के संबंध में जानकारी प्राप्त की। उन्होंने कहा कि विभिन्न संस्थाओं अथवा संगठनों के द्वारा जिला प्रशासन की पूर्व अनुमति प्राप्त किए बिना ही धरना, जुलूस, रैली, प्रदर्शन, भूख हड़ताल, सामाजिक, राजनीतिक, धार्मिक आदि आयोजन किए जा रहे हैं, जिससे भीड़ इकट्ठी होती है। ऐसी स्थिति में जहां एक ओर आम नागरिक के दैनंदिन कार्यों में बाधा पहुंचती है और व्यावसायिक गतिविधियां भी प्रभावित होती हैं। वहीं दूसरी ओर कानून व्यवस्था बिगड़ जाने की प्रबल संभावना बनी रहती है। इसे देखते हुए उन्होंने धरना, जुलूस, रैली, प्रदर्शन, भूख हड़ताल, सामाजिक, राजनीतिक, धार्मिक आदि आयोजन के लिए जिला प्रशासन से पूर्व अनुमति प्राप्त करना अनिवार्य कर दिया है। उन्होंने जिले के सभी अनुविभागीय दण्डाधिकारी को इस निर्देश का कड़ाई से पालन करने के निर्देश दिए। बैठक में कलेक्टर श्री वसंत ने राज्य शासन की महत्वाकांक्षी नरवा, गरूवा, घुरवा, बाड़ी योजना के तहत निर्मित गौठानों के बारे में जानकारी प्राप्त की। उन्होंने कहा कि अर्थव्यवस्था को नई दिशा देने के लिए गौठानों को महात्मा गांधी ग्रामीण औद्योगिक पार्क के रूप में विकसित किया जा रहा है। इस हेतु उन्होंने जिले के 58 गौठानों को विद्युतीकरण करने के निर्देश दिए। बैठक में उन्होंने कोरोना वायरस की संक्रमण से बचाव एवं रोकथाम हेतु टीकाकरण की प्रगति की समीक्षा की। इस अवसर पर उन्होंने 12 से 14 वर्ष के बच्चों को लगाए गए कोविड-19 रोधी कार्बिवैक्स वैक्सीन के संबंध में जानकारी प्राप्त की और 12 से 14 वर्ष के बच्चों को कोविड-19 रोधी कार्बिवैक्स वैक्सीन का दूसरा डोज लगाने के निर्देश दिए। इसी तरह उन्होंने लोक सेवा गांरटी अधिनियम के अंतर्गत प्राप्त और निराकृत प्रकरणों, राजीव युवा मितान क्लब का गठन, छत्तीसगढ़ी व्यजनों को बढ़ावा देने के लिए गढ़ कलेवा का भवन निर्माण, नगर पालिका में आर्थिक रूप से कमजोर आय वर्ग के लिए (ई डब्लू एस) भूमि का पंजीयन, दिव्यांग बच्चों के लिए आवासीय विद्यालय हेतु भवन निर्माण, गोधन न्याय योजना के अंतर्गत उत्पादित वर्मी कम्पोस्ट का अल्पकालीन कृषि ऋण से उठाव वितरण, राजीव गांधी ग्रामीण भूमिहीन कृषि मजदूर न्याय योजना अंतर्गत पात्र हितग्राहियों के बैंक विवरण में सुधार, पशुपालन, डेयरी एवं मछली पालन में संलग्न कृषकों को किसान क्रेडिट कार्ड वितरण, समितियों में खाद् भण्डारण, नक्शा बटांकन आदि की जानकारी ली और आवश्यक निर्देश दिए। इसी क्रम में उन्होंने विगत दिनों आयोजित जिला खनिज संस्थान न्यास के शासी परिषद की बैठक में स्वीकृत कार्योंे के संबंध में जानकारी प्राप्त की और निर्माण कार्यों के संबंध में सभी अनुविभाग के अनुविभागीय अधिकारी राजस्व एवं जनपद पंचायत के सभी मुख्य कार्यपालन अधिकारी को आवश्यक निर्देश दिए। इस अवसर पर जिले के पुलिस अधीक्षक श्री डी. आर. आंचला, संयुक्त कलेक्टर श्री तीर्थराज अग्रवाल, जिला पंचायत के मुख्य कार्यपालन अधिकारी डी. एस. राजपूत, संयुक्त कलेक्टर नम्रता आनंद डोंगरे, उप जिला निर्वाचन अधिकारी नवीन भगत, सभी अनुविभाग के अनुविभागीय अधिकारी राजस्व और विभिन्न विभागों के जिला स्तरीय अधिकारी उपस्थित थे।
रायपुर /शौर्यपथ/
योग के नियमित अभ्यास के लिए ग्राम फुण्डहर में भवन उपलब्ध कराने की घोषणामुख्यमंत्री भूपेश बघेल ने कहा है कि लोगों को स्वस्थ और निरोग रखने में योग की महत्वपूर्ण भूमिका है। वर्तमान समय में भाग-दौड़ भरी जिंदगी में इसकी प्रसंगिकता और भी बढ़ जाती है। योग तन और मन दोनों को स्वस्थ रखता है। योग के नियमित अभ्यास से स्वास्थ सुरक्षा मिलती है। श्री बघेल आज राजधानी रायपुर के शहीद स्मारक में छत्तीसगढ़ योग आयोग के पंचम स्थापना दिवस पर तीन दिवसीय राज्य स्तरीय योगासन प्रतियोगिता सह सम्मेलन के शुभारंभ सत्र को सम्बोधित कर रहे थे।
पंचम स्थापना दिवस पर तीन दिवसीय राज्य स्तरीय योगासन प्रतियोगिता सह सम्मेलन
मुख्यमंत्री श्री बघेल ने कहा कि योग का शाब्दिक अर्थ है जोड़ना। यह साधक को अपने आप से जोड़ता है। योग हमंे अनुशासित करता है और अनुशासन से जिम्मेदार नागरिक बनते हैं। इस मौके पर मुख्यमंत्री ने राजधानीवासियों को योग के नियमित अभ्यास के लिए ग्राम फुण्डहर में भवन उपलब्ध कराने की घोषणा की। उन्होंने योगासन प्रतियोगिता के प्रतिभागियों द्वारा किए गए योग प्रदर्शन की सराहना करते हुए उनके उज्जवल भविष्य की कामना की।
द्वारा किए गए योग प्रदर्शन की सराहना करते हुए उनके उज्जवल भविष्य की कामना की
मुख्यमंत्री ने कार्यक्रम में आगे कहा कि योग सामूहिक नहीं, व्यक्तिगत है। हर व्यक्ति के शरीर की प्रकृति अलग होती है। योग प्रशिक्षक के सानिध्य में यम, नियम का पालन करते हुए अपने शरीर के लिए उपयुक्त आसन का ही अभ्यास करना चाहिए। उन्होंने कहा कि अष्टांग योग के नियमों का पालन करते हुए आसन-प्राणायाम का अभ्यास करना चाहिए। इससे स्नायु, मसल्स, हड्डी पर सकारात्मक प्रभाव पड़ता है। योग के नियमित अभ्यास करने वाले के चेहरे की चमक और उसका आत्मबल अलग से दिखता है।
छत्तीसगढ़ राज्य योग आयोग के अध्यक्ष श्री ज्ञानेश शर्मा ने कहा कि आयोग के पंचम स्थापना दिवस के अवसर पर तीन
छत्तीसगढ़ राज्य योग आयोग के अध्यक्ष श्री ज्ञानेश शर्मा ने कहा कि आयोग के पंचम स्थापना दिवस के अवसर पर तीन दिवसीय योगासन प्रतियोगिता में एक हजार से अधिक प्रतिभागी भाग ले रहे है। मंगलवार 26 अप्रैल को पं. रविशंकर विश्वविद्यालय के परिसर में 1000 योग साधको द्वारा सूर्य नमस्कार व विशेष योगाभ्यास का कार्यक्रम आयोजित किया गया है।
कार्यक्रम में छत्तीसगढ़ राज्य गौसेवा आयोग के अध्यक्ष महंत डॉ. रामसुंदर दास, छत्तीसगढ़ राज्य गृह निर्माण मंडल के अध्यक्ष श्री कुलदीप जुनेजा, संसदीय सचिव श्री विकास उपाध्याय, विधायक श्री बृजमोहन अग्रवाल, छत्तीसगढ़ योग आयोग के सदस्य सर्वश्री रविन्द्र सिंह, राजेश नारा, सतनाम पनाग, विभिन्न योग संस्थाओं के पदाधिकारी, प्रशिक्षक व योग साधक भी उपस्थित थे।
रायपुर /शौर्यपथ/
सहकारी आंदोलन को और अधिक संगठित कर मजबूत बनाने की आवश्यकता मुख्यमंत्री भूपेश बघेल ने आज राजधानी रायपुर में आयोजित राष्ट्रीय सहकारी सम्मेलन एवं राष्ट्रीय पुरस्कार वितरण समारोह को सम्बोधित करते हुए कहा है कि सहकारी आंदोलन को और अधिक संगठित कर मजबूत बनाने की आवश्यकता है। देश के विभिन्न राज्यों की सहकारी क्षेत्र की नीतियों की अच्छाईयों को स्वीकार कर और सहकारी क्षेत्र की कमियों को दूर कर आगे बढ़ा जा सकता है। आज यह भी जरूरत है कि सहकारी क्षेत्र को किसानों और ग्रामीणों की आवश्यकताओं की पूर्ति के लिए सक्षम बनाया जाए। इसके लिए हमें सहकारी बैंकों को राष्ट्रीयकृत बैंकों के समान ही मजबूत बनाने की जरूरत है। साथ ही इन बैंकों से उद्यानिकी और कैश क्रॉप के लिए भी ऋण देने की व्यवस्था की जाए। उन्होंने कहा कि देश के सहकारी आंदोलन का सबसे बड़ा उद्देश्य किसानों को उनकी उपज का समर्थन मूल्य दिलाना होना चाहिए। ऐसी कोशिश होनी चाहिए कि किसानों को उनकी उपज का लाभकारी मूल्य मिल सके। किसानों को कृषि ऋण, खाद-बीज की उपलब्धता के साथ सहकारी क्षेत्र से और अधिक योजनाओं को जोड़ा जाना चाहिए।
अन्नदाता किसानों को ऊर्जादाता बनाने की जरूरत
मुख्यमंत्री ने कहा कि देश में हो रहे अनाज के सरप्लस उत्पादन से एथेनॉल के उत्पादन को बढ़ावा देकर अन्नदाता किसानों को ऊर्जादाता बनाने की जरूरत है। इसके लिए आवश्यक है कि केन्द्र सरकार समर्थन मूल्य पर खरीदे गए धान से एथेनॉल बनाने की अनुमति प्रदान करे। उन्होंने कहा कि आज सहकारी बैंकों को किसानों और ग्रामीणों की आवश्यकता की पूर्ति के लिए सक्षम बनाने की जरूरत है। उन्होंने कहा कि छत्तीसगढ़ में सहकारिता आंदोलन को मजबूत बनाने के लिए अनेक उपाय किए गए हैं। समर्थन मूल्य पर धान खरीदी, राजीव गांधी किसान न्याय योजना, गोधन न्याय योजना, लघुवनोंपजों की समर्थन मूल्य पर खरीदी, गौठनों में महिला समूह द्वारा तैयार वर्मी कम्पोस्ट के विक्रय जैसी विभिन्न योजनाओं और गतिविधियों को सहकारी बैंकों से जोड़ा गया है।
मुख्यमंत्री ने कहा कि देश में हो रहे अनाज के सरप्लस उत्पादन से एथेनॉल के उत्पादन को बढ़ावा देकर अन्नदाता किसानों को
छत्तीसगढ़ राज्य सहकारी बैंक (अपेक्स बैंक) और नेशनल फेडरेशन ऑफ स्टेट कोऑपरेटिव बैंक्स (नेफ्सकाब) द्वारा रायपुर के पंडित दीनदयाल उपाध्याय ऑडिटोरियम में आयोजित इस सम्मेलन की अध्यक्षता छत्तीसगढ़ के सहकारिता मंत्री डॉ. प्रेमसाय सिंह टेकाम ने की। वरिष्ठ विधायक सत्यनारायण शर्मा, संसदीय सचिव विकास उपाध्याय, मुख्यमंत्री के सलाहकार विनोद वर्मा, पूर्व सांसद एवं कृभको के अध्यक्ष डॉ. चंद्रपाल सिंह यादव, नेशनल फेडरेशन ऑफ स्टेट कोऑपरेटिव बैंक्स (नेफ्सकाब) मुंबई के अध्यक्ष श्री कोंडरू रविंदर राव, अध्यक्ष नाफेड एवं दिल्ली स्टेट को ऑपरेटिव बैंक डॉ विजेंद्र सिंह, बिहार स्टेट कोऑपरेटिव मार्केटिंग यूनियन के अध्यक्ष डॉ सुनील कुमार सिंह, छत्तीसगढ़ अपेक्स बैंक के अध्यक्ष श्री बैजनाथ चंद्राकर, जिला सहकारी केन्द्रीय बैंक के अध्यक्षों सहित सहकारिता क्षेत्र के अनेक जनप्रतिनिधि सम्मेलन में उपस्थित थे। मुख्यमंत्री ने सम्मेलन में देशभर की सहकारिता समितियों को अलग-अलग कैटेगरी में उनके उत्कृष्ट कार्यों के लिए पुरुस्कृत किया। इस अवसर पर उन्होंने अपेक्स बैंक छत्तीसगढ़ बैंक की स्मारिका और जिला सहकारी केन्द्रीय बैंक रायपुर द्वारा प्रकाशित ‘किसान किताब‘ का विमोचन किया।
सलाहकार विनोद वर्मा, पूर्व सांसद एवं कृभको के अध्यक्ष डॉ. चंद्रपाल सिंह यादव, ने
मुख्यमंत्री बघेल ने सम्मेलन को सम्बोधित करते हुए कहा कि छत्तीसगढ़ ने राजीव गांधी किसान न्याय योजना सहित किसानों के हित में अनेक योजनाएं लागू की हैं, जिससे किसानों को उनकी उपज का अच्छा मूल्य मिल रहा है और खेती-किसानी छत्तीसगढ़ में लाभ का व्यवसाय बन गया है। बघेल ने कहा कि किसानों को उनकी उपज का लाभकारी मूल्य दिलाने का रास्ता छत्तीसगढ़ में लागू की गई किसान हितैषी योजनाओं से निकलेगा। मुख्यमंत्री ने कहा कि छत्तीसगढ़ में सहकारी क्षेत्र में पंजीकृत किसानों की संख्या 15 लाख से बढ़कर 22 लाख हो गई है। इसी तरह खेती का रकबा 22 लाख हेक्टेयर से बढ़कर 30 लाख हेक्टेयर हो गया है। इन 3 सालों में 7 लाख किसानों का पंजीयन बढ़ा है। मुख्यमंत्री ने कहा कि जब छत्तीसगढ़ सरकार ने 2500 रूपए प्रति क्विंटल पर धान खरीदने की बात कही, तो केंद्र ने इस पर आपत्ति जताते हुए हमें एफसीआई में चावल जमा न करने की बात कही, लेकिन हम अपने निर्णय से पीछे नहीं हटे और समर्थन मूल्य के साथ राजीव गांधी किसान न्याय योजना के जरिए किसानों को इनपुट सब्सिडी दी जा रही है। जिसमें खरीफ की सभी फसलों के साथ उद्यानिकी फसलों, वृक्षारोपण को भी शामिल किया गया है। हमने किसानों को शून्य प्रतिशत ब्याज दर में ऋण उपलब्ध कराने के साथ ही लाख और मछली पालन को खेती का दर्जा दिया है। विभिन्न योजनाओं के जरिए पशुपालकों, किसानों, मजदूरों और वनवासियों के खातों में हमारी सरकार ने 91 हजार करोड़ रुपए का सीधा ट्रांजैक्शन किया है।
मुख्यमंत्री श्री बघेल ने सम्मेलन को सम्बोधित करते हुए कहा कि छत्तीसगढ़ ने राजीव गांधी किसान न्याय योजना सहित
मुख्यमंत्री ने कहा कि कृषि के क्षेत्र मंे मशीनीकरण और मवेशी बाजार बंद होने से किसानों और पशुपालकों के लिए आज पशुपालन अनार्थिक हो गया है। पशु इनके लिए बोझ बन गए हैं। छत्तीसगढ़ सरकार द्वारा 2 रूपए किलो में गोबर खरीदी के लिए लागू की गई गोधन न्याय योजना के जरिए इसका रास्ता निकाला है। गोबर से वर्मी कम्पोस्ट, दीये, गमला जैसे उत्पाद महिलाएं तैयार कर रही है। अब गोबर से प्राकृतिक पेंट और बिजली बनाने का काम भी शुरू किया गया है। गोबर बेचने के साथ-साथ गोबर से तैयार उत्पादों से लोगों को आय का जरिया मिला है। छत्तीसगढ़ में गोधन न्याय योजना के अंतर्गत अब तक 68 लाख क्विंटल गोबर खरीदा जा चुका है और गोबर विक्रेताओं को 136 करोड़ रुपए का भुगतान किया जा चुका है। गोधन न्याय योजना की बारीकियां समझने के लिए देश के अलग-अलग राज्यों से प्रतिनिधि हमारे यहां आ रहे हैं। झारखंड ने अपने बजट में गोधन न्याय योजना की व्यवस्था को लागू किया है। जबकि उत्तरप्रदेश, मध्यप्रदेश जैसे राज्य भी छत्तीसगढ़ के नक्शे कदम पर चल रहे हैं।
मुख्यमंत्री ने कहा कि देश को अनाज उत्पादन में आत्मनिर्भर बनाने वाले अन्नदाता किसानों को ऊर्जादाता बनाने की जरूरत है। एफसीआई में देश की तीन वर्ष की जरूरत का अनाज जमा है। आज हमारी आवश्यकता से अधिक अनाज का उत्पादन हो रहा है। केन्द्र को अनाज से भी एथेनॉल उत्पादन की अनुमति देनी चाहिए। इसके लिए यह भी जरूरी है कि राज्य सरकार द्वारा किसानों से समर्थन मूल्य पर खरीदी गई उपज का उपयोग एथेनॉल प्लांट में किया जाए, तभी किसानों को इसका लाभ मिलेगा। एथेनॉल प्लांट लगने से रोजगार के अवसर निर्मित होंगे और पेट्रोलियम पदार्थाें पर खर्च होने वाली विदेशी मुद्रा की बचत होगी। देश आने वाले समय में पेट्रोलियम के मामले में आत्मनिर्भर बन सकेगा।
मुख्यमंत्री बघेल ने सम्मेलन में देशभर से आए सहकारिता के क्षेत्र के प्रतिनिधियों का स्वागत करते हुए कहा कि कृषि और सहकारिता दोनों विषय राज्य के हैं। यही कारण है कि राज्यों की भौगोलिक, सामाजिक और आर्थिक व्यवस्थाओं के अनुरूप नियम बनाए और संचालित किए गए हैं। उन्होंने कहा कि छत्तीसगढ़ में सहकारिता आंदोलन का इतिहास बहुत पुराना है। छत्तीसगढ़ में ठाकुर प्यारे लाल सिंह ने 1945 में बुनकर सहकारिता आंदोलन की शुरुआत की थी और देश में सहकारिता की शुरुआत पंडित जवाहरलाल नेहरू ने की थी। किसानों का जुड़ाव सहकारी बैंक से है, हमें सहकारिता के क्षेत्र में बहुत कुछ करने की जरूरत है, तभी सहकारिता का यह आंदोलन सफल हो सकता है।
वरिष्ठ विधायक सत्यनारायण शर्मा, कृभको के अध्यक्ष डॉ. चंद्रपाल सिंह यादव, नेशनल फेडरेशन ऑफ स्टेट कोऑपरेटिव बैंक्स (नेफ्सकाब) मुंबई के अध्यक्ष श्री कोंडरू रविंदर राव ने भी कार्यक्रम को सम्बोधित किया। स्वागत भाषण अपेक्स बैंक छत्तीसगढ़ के अध्यक्ष श्री बैजनाथ चंद्राकर ने किया।
कवर्धा / शौर्यपथ /
शहर में उस समय सनसनी फ़ैल गयी जब शनिवार की सुबह भोजली तालाब के पास एक अज्ञात युवक का अधजला हुआ शव मिला खबर आग की तरह पुरे शहर में फ़ैल गयी . सुचना मिलते ही पुलिस की टीम भी मौके पर पहुँच गयी एवं उच्च अधिकारियों को इसकी सुचना दी गयी जिस पर त्वरित संज्ञान लेते हुये पुलिस अधीक्षक , अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक एवं उप पुलिस अधीक्षक स्वयं घटनास्थल पहुचकर स्नाईफर डॉग, एफएसएल की टीम व फोटोग्राफर तथा सायबर टीम को बुलवाया गया। मृतक के शव का षिनाख्तगी हेतु आसपास के लोगो से पूछताछ कर अज्ञात व्यक्ति के संबंध में जानकारी जुटाने का प्रयास किया गया। जिस पर सफलता प्राप्त करते हुये अज्ञात मृतक की पहचान रामनगर निवासी रोहित सिन्हा के रूप में हुई।
तुरंत ही परिजनो एवं गवाहो के समक्ष पुलिस टीम द्वारा पंचनामा कार्यवाही किया गया एवं एक विषेष टीम गठित की गई जिसमें अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक श्रीमति मनीषा ठाकुर रावटे के नेतृत्व में सभी टीम को अलग-अलग कार्य में लगाया गया।
मृतक की पत्नि से पूछताछ करने पर मृतक के एक अन्य महिला से अवैध संबंध होना ज्ञात हुआ जिसके कारण पति पत्नि में आपस में विवाद भी होते रहता था। मृतक के पास बुलेट वाहन होने की जानकारी प्राप्त होने पर इलाके में मुखबिर तंत्र को मजबूत किया गया, साथ ही आसपास क्षेत्र के व्यक्तियो से पूछताछ किया गया। जिस पर रात्रि में एक अन्य व्यक्ति के साथ मृतक को साथ में जाना एवं उसके साथ होना पता चला। टीम के द्वारा उस अज्ञात व्यक्ति की पहचान अपचारी बालक के रूप में होने पर उसे घेराबंदी कर पकड़ा गया, फिर उसने पूछताछ में बताया कि उसकी बहन के साथ मृतक का अवैध संबंध था और कुछ दिनो पूर्व उसकी बहन से उसका ब्रेकअप हो गया था, लेकिन उसके बाद भी वह उससे मिलने के लिये लगा रहता था, इसलिये वह उसे मारने की योजना बना रहा था। अपचारी बालक ने योजनाबद्व तरीके से पूरी तैयारी के साथ मृतक रोहित सिन्हा को फोन कर दारू पीने के लिये बुलाया और मृतक के मोटर सायकल से ही भोजली तालाब के पास पहुॅंचकर तालाब पार में बैठ कर दारू पीये। उसी दौरान अपचारी बालक मृतक के मुॅंह से अपनी बहन एवं मॉं के बारे में अपषब्द सुनकर सहन नही कर सका और अपने पास रखे हुये चाकूनुमा कटर से गले को काट कर धक्का देकर गिरा दिया। फिर भी मृतक द्वारा उठने की कोषिष किया गया तो अपचारी बालक ने उसके गले में लटके हुआ पंछा से गला घोट दिया और फिर अपने साथ लाये हुये पेट्रोल को छिड़ककर आग लगा दिया और फिर मृतक की गाड़ी लेकर वहा से भाग गया।
इस समय अपचारी बालक मृतक के पहने हुये सोने की चैन और अंगूठी को भी निकाल लिया। अपचारी बालक द्वारा पूरी घटना को छुपाने के उददेष्य से मृतक के सामान को छुपाने के लिये अपने दोस्त का सहारा लिया और उसके घर जाकर मृतक की मोटर सायकल एवं सोने की अंगूठी उसके पास छुपा दिया। प्रकरण में अपराध छुपाने की नीयत से किये जाने वाले दुर्भावनापूर्ण कार्य हेतु एक अन्य अपचारी बालक को अभिरक्षा में लिया गया है।
आरोपी पूर्व से ही मृतक रोहित सिन्हा एवं अपनी बहन के अवैध संबंध के कारण मृतक रोहित सिन्हा की हत्या करने की योजना बना रहा था। हत्या में प्रयुक्त चाकूनुमा कटर, सोने की अगूठी को पुलिस के द्वारा जप्त कर लिया गया है। दोनो अपचारी बालको को अभिरक्षा में लिया गया हैं।
उक्त कार्य में अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक श्रीमति मनीषा ठाकुर रावटे के नेतृत्व में उप पुलिस अधीक्षक मोनिका सिंह परिहार, उप पुलिस अधीक्षक नक्सल संजय ध्रुव, उप पुलिस अधीक्षक पंकज कुमार पटेल, उप पुलिस अधीक्षक नरेन्द्र बेन्ताल, थाना प्रभारी कवर्धा उप निरीक्षक गीताजंली सिन्हा, उप निरीक्षक नवरतन कष्यप, उप निरीक्षक भुनेष्वरी साहू, सउनि नरेन्द्र सिंह, सउनि रूपेन्द्र सिंह, सउनि चन्द्रकांत तिवारी, सउनि आषीष सिंह, सउनि दर्षन साहू व गठिम टीम के सदस्यों का सराहनीय योगदान रहा। त्वरित कार्यवाही करने के लिये श्रीमान पुलिस अधीक्षक महोदय के द्वारा गठित टीम के सदस्यो को पॉंच हजार रूपये ईनाम देने की घोषणा किये है।
Feb 09, 2021 Rate: 4.00
