October 01, 2026
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    धर्म संसार / शौर्यपथ / प्रभु यीशु के जन्म की ख़ुशी में मनाया जाने वाला क्रिसमस का त्योहार पूरी दुनिया में मनाया जाता है। यह त्योहार कई मायनों में बेहद खास है। क्रिसमस को बड़ा दिन, सेंट स्टीफेंस डे या फीस्ट ऑफ़ सेंट स्टीफेंस भी कहा जाता है। प्रभु यीशु ने दुनिया को प्यार और इंसानियत की शिक्षा दी। उन्होंने लोगों को प्रेम और भाईचारे के साथ रहने का संदेश दिया। प्रभु यीशु को ईश्वर का इकलौता प्यारा पुत्र माना जाता है। इस त्योहार से कई रोचक तथ्य जुड़े हैं। आइए जानते हैं इनके बारे में।
    क्रिसमस ऐसा त्योहार है जिसे हर धर्म के लोग उत्साह से मनाते हैं। यह एकमात्र ऐसा त्योहार है जिस दिन लगभग पूरे विश्व में अवकाश रहता है। 25 दिसंबर को मनाया जाने वाला यह त्योहार आर्मीनियाई अपोस्टोलिक चर्च में 6 जनवरी को मनाया जाता है। कई देशों में क्रिसमस का अगला दिन 26 दिसंबर बॉक्सिंग डे के रूप मे मनाया जाता है। क्रिसमस पर सांता क्लॉज़ को लेकर मान्यता है कि चौथी शताब्दी में संत निकोलस जो तुर्की के मीरा नामक शहर के बिशप थे, वही सांता थे। वह गरीबों की हमेशा मदद करते थे उनको उपहार देते थे। क्रिसमस के तीन पारंपरिक रंग हैं हरा, लाल और सुनहरा। हरा रंग जीवन का प्रतीक है, जबकि लाल रंग ईसा मसीह के रक्त और सुनहरा रंग रोशनी का प्रतीक है। क्रिसमस की रात को जादुई रात कहा जाता है। माना जाता है कि इस रात सच्चे दिल वाले लोग जानवरों की बोली को समझ सकते हैं। क्रिसमस पर घर के आंगन में क्रिसमस ट्री लगाया जाता है। क्रिसमस ट्री को दक्षिण पूर्व दिशा में लगाना शुभ माना जाता है। फेंगशुई के मुताबिक ऐसा करने से घर में सुख समृद्धि आती है। पोलैंड में मकड़ी के जालों से क्रिसमस ट्री को सजाने की परंपरा है। मान्यता है कि मकड़ी ने सबसे पहले जीसस के लिए कंबल बुना था।

    नई दिल्ली /शौर्यपथ / लखनऊ पश्चिमी उत्तर प्रदेश के बदायूं जिले में 50 वर्षीय एक महिला की गैंगरेप के बाद हत्या कर दी गई है. पुलिस के मुताबिक एक पुजारी…
    खाना खजाना / शौर्यपथ /सर्दियों में अक्सर शाम को कुछ चटपटा खाने का मन करता है। ऐसे में मन में यह सवाल उठना लाजमी है…

    खेल /शौर्यपथ / भारत और ऑस्ट्रेलिया के बीच चार टेस्ट मैचों की बॉर्डर-गावस्कर सीरीज के चौथे टेस्ट मैच को लेकर काफी विवाद हुआ। मैच 15 जनवरी से ब्रिसबेन में खेला जाना है, जिसको लेकर मीडिया में खबरें आई कि भारतीय क्रिकेट कंट्रोल बोर्ड (बीसीसीआई) कोविड-19 के कड़े प्रोटोकॉल को लेकर यह मैच ब्रिसबेन में नहीं खेलना चाहता है। इसके बाद से इस मुद्दे पर विवाद बढ़ता ही गया। क्वींसलैंड की हेल्थ मिनिस्टर रोज बेट्स ने कहा कि अगर भारत को नियम नहीं मानने हैं, तो उन्हें यहां आने की जरूरत नहीं है। इसके बाद क्रिकेट ऑस्ट्रेलिया ने इस पर सफाई दी कि बीसीसीआई की तरफ से ऐसा कोई भी आधिकारिक बयान नहीं जारी किया गया है। इस पूरे मुद्दे पर सिडनी टेस्ट से एक दिन पहले ऑस्ट्रेलियाई कप्तान टिम पेन ने खुलकर बात की।
    भारत और ऑस्ट्रेलिया के बीच तीसरा टेस्ट मैच 7 जनवरी से सिडनी क्रिकेट ग्राउंड पर खेला जाना है। पेन ने कहा कि चौथे टेस्ट मैच के वेन्यू को बदलने को लेकर तीसरे टेस्ट पहले थोड़ा तनाव बढ़ने वाला था। ऑस्ट्रेलियाई मीडिया ने अज्ञात सूत्रों के हवाले से खबर दी थी कि भारतीय टीम क्वीन्सलैंड के स्वास्थ्य संबंधी कड़े नियमों के कारण ब्रिसबेन में नहीं खेलना चाहती है। प्रोटोकॉल के मुताबिक भारतीय खिलाड़ी टेस्ट मैच के दौरान यहां तक कि अपने कमरों से भी बाहर नहीं निकल सकते थे। बीसीसीआई ने यह मसला क्रिकेट ऑस्ट्रेलिया के सामने रखा जिसके बाद पता चला है कि अब खिलाड़ियों को होटल के अंदर बायो सिक्योर एन्वॉयरमेंट और टेस्ट मैच में आपस में घुलने-मिलने की छूट दे दी गई है। हालांकि क्वींसलैंड के कुछ राजनीतिज्ञों ने इस पर कड़ी प्रतिक्रिया दी है।
    'बवाल मचने वाला था'
    पेन से जब पूछा गया कि मेलबर्न क्रिकेट ग्राउंड में ऋषभ पंत और मैथ्यू वेड के बीच छींटाकशी के अलावा अब तक इस तरह की घटना नहीं होने का क्या कारण है, उन्होंने कहा, 'मुझे लगता है कि अब बवाल मचने वाला था क्योंकि कुछ चीजें होने जा रही थीं।' उन्होंने कहा, 'यह क्रिकेट की नजर से ही अहम नहीं होगा, बल्कि टीम के अंदर भी इसको लेकर गुस्सा होगा क्योंकि उनकी (भारतीय) तरफ से कई अज्ञात सूत्रों के हवाले से खबर आ रही थी कि वे चौथा टेस्ट मैच कहां खेलने जा रहे हैं, वे कहां नहीं जाना चाहते हैं। इसलिए देखते हैं कि आगे क्या होता है।'
    पेन ने स्वीकार किया कि अगर बीसीसीआई दबाव बनाता है तो ब्रिसबेन टेस्ट को लेकर अनिश्चितता बनी रहेगी। पेन से पूछा गया कि क्या वह इस घटनाक्रम से निराश थे, उन्होंने कहा, 'नहीं मैं अंदर से तनाव में नहीं था, लेकिन थोड़ी अनिश्चितता है क्योंकि जब आप यह जानते हैं कि वर्ल्ड क्रिकेट के शक्तिशाली बोर्ड भारत की तरफ से बातें सामने आ रही हैं तो फिर संभावना है कि ऐसा हो सकता है।' पेन ने कहा कि जहां तक टीम का सवाल है तो यह मायने नहीं रहता कि वह ब्रिसबेन में खेल रही है या मुंबई में। उन्होंने कहा, 'हमारा ध्यान अभी इस टेस्ट मैच पर है। हम प्रोटोकॉल जानते हैं और समझते हैं कि हमसे क्या उम्मीद की जा रही है।' पेन ने कहा, 'हम इस सप्ताह के मैच पर ध्यान देंगे और फिर अगले सप्ताह जो कुछ भी होगा उसे स्वीकार करेंगे। हम इस पर ध्यान नहीं दे रहे हैं कि टेस्ट मैच कहां होगा और हम इसकी परवाह नहीं करेंगे अगर आप हमें कहो कि यह मुंबई में होगा। हम अपनी रणनीति के साथ मैदान पर उतरेंगे।'

    मनोरंजन /शौर्यपथ /म्यूजिक डायरेक्टर एआर रहमान उनमें से हैं, जिन्होंने काफी स्ट्रगल किया है। सक्सेस की सीढ़ी चढ़ना उनके लिए आसान बिल्कुल नहीं रहा। म्यूजिक की दुनिया में ऑस्कर विजेता एआर रहमान उन गिने-चुने लोगों में से एक हैं, जिन्होंने भारत को ग्लोबल लेवल पर रखा है। हालांकि, आज भी इनके धर्म परिवर्तन को लेकर कई बातें बनती हैं और वह सुर्खियों में रहते हैं।
    एआर रहमान के जन्म के बाद उनका नाम दिलीप कुमार रखा गया था, लेकिन इन्होंने परिवार के साथ इस्लाम को चुना। म्यूजिक कंपोजर पिता आरके शेखर के निधन के बाद इन्होंने यह कदम उठाया। या यूं कहिए कि पहला बड़ा प्रोजेक्ट ‘रोजा’ के रिलीज से पहले वह इस्लाम की ओर मुड़े। एआर रहमान के दोस्त त्रिलोक नायक ने कृष्णा त्रिलोक की ऑटोबायोग्राफी ‘नोट्स ऑफ अ ड्रीम’ में बताया कि रहमान की मां करीमा बेगम ने फिल्म क्रेडिट में एआर रहमान का नाम बदलने की गुजारिश की थी, वह भी आखिरी मिनट में। उन्होंने कहा, “यह मेरी एक बड़ी रिक्वेस्ट है, वह भी दिन के आखिर में। मेरी मां इसे लेकर काफी विशेष है। उनका कहना है कि यह बात उनके लिए काफी, काफी मायने रखती है, पर्सनली। उनका कहना है कि अगर मेरा नया नाम फिल्म के क्रेडिट में नहीं गया तो इससे अच्छा नाम न जाना होगा।”
    रहमान का कहना है कि मैं किसी पर धर्म को लेकर दबाव नहीं बनाना चाहता हूं। हिन्दुस्तान टाइम्स ब्रंच संग इंटरव्यू में रहमान ने कहा, “आप किसी पर कोई चीज नहीं थोप सकते हैं। आप अपने बेटे या बेटी से यह नहीं कह सकते हैं कि उसे इतिहास लेना चाहिए, इकोनॉमिक्स या साइंस नहीं। यह हर व्यक्ति की पर्सनल चॉइस होती है।”
    रहमान बताते हैं कि कई लोग उनसे पूछते हैं कि सक्सेसफुल बनने के लिए क्या इस्लाम धर्म अपनाना चाहिए, लेकिन मैं हमेशा इस पर चुप्पी साधे रखता हूं। रहमान कहते हैं कि मेरे लिए इस्लाम में बदलना नहीं है। मेरे लिए स्पॉट को ढूंढना और देखना कि क्या यह वाक्य आपकी जिंदगी में क्लिक करता है। मेरे आध्यात्मिक गुरु, मेरी मां और सूफी गुरुओं ने मुझे कई स्पेशल चीजें सिखाई हैं। हर आस्था में कोई स्पेशल चीज होती है और इसे हमने चुना है। और हम इसके साथ खड़े हैं।
    रहमान आगे कहते हैं कि दुआ करना हमारे लिए फायदेमंद रहा है। इसने मुझे कई मुश्किलों से बचाया है। दूसरे में आस्था रखने वाले लोग भी यही करते हैं, उनके लिए यह शांतिपूर्ण अहसास होता है। मेरे लिए, यह है। मुझे दुआ करने से शांति मिलती है।

    सेहत /शौर्यपथ / नारियल हमारे लिए प्रकृति का उपहार है। नारियल हमारी त्वचा के लिए बहुत उपयोगी है लेकिन हम उसके गुणों को नज़रअंदाज़ कर…
    सेहत /शौर्यपथ सर्दियों का इंतजार अधिकतर लोगों को होता है। जितना इंतजार सर्दियों के मौसम का होता है, उतना शायद ही किसी और मौसम का…
    सेहत /शौर्यपथ /कोरोनावायरस के बीच बर्ड फ्लू की खबर ने लोगों के मन में डर पैदा कर दिया है। ऐसे में जरूरी है कि हमें…
    धर्म संसार / शौर्यपथ / हिन्दू पंचांग अनुसार किसी भी कार्य को प्रारंभ करने के लिए तिथि, वार, नक्षत्र, योग और करण को देखना जरूरी…

    बिलासपुर । शौर्यपथ । ज्ञात हो कि मुख्यमंत्री भूपेश बघेल तथा कांग्रेस के प्रदेश अध्यक्ष मोहन मरकाम की अनुशंसा पर अरविंद शुक्ला को दूसरी बार ब्लॉक अध्यक्ष (संगठन) की जवाबदारी दी गई है,ज्ञात है कि बिलासपुर नगरीय निकाय चुनाव में ,जब लगभग सभी संग़ठन अध्यक्षों ने पार्षद टिकट की दावेदारी की एवँ चुनाव लड़े, तब ब्लॉक अध्यक्ष अरविन्द शुक्ला ने पार्षद टिकट की दावेदारी नही करते हुए,अपने ब्लॉक के पार्षद के दावेदारों को जितवाने की भरसक कोशिश की ,इसके साथ ही लगातार संग़ठन की मजबूती प्रदान करने का कार्य किया गया ,जिसके चलते अरविन्द शुक्ला को पुनः ब्लॉक अध्यक्ष का कमान सौपा गया, अरविंद शुक्ला ने कहा है कि उनके ब्लॉक में हर बूथ पर राज्य शासन की योजनाओं को जनता तक लेकर जाएंगे वही मुख्यमंत्री भूपेश बघेल तथा कांग्रेस प्रदेश अध्यक्ष मोहन मरकाम,प्रदेश उपाध्यक्ष अटल श्रीवास्तव,शहर अध्यक्ष प्रमोद नायक के प्रति आभार जताया है और कहा है कि संगठन के प्रमुख मोहन मरकाम तथा प्रदेश उपाध्यक्ष अटल श्रीवास्तव,शहर अध्यक्ष प्रमोद नायक के साथ मिलकर बिलासपुर विधानसभा क्षेत्र के ब्लॉक 02 में हर बूथ पर कांग्रेस की नीति नीति और संगठन को मजबूत करेंगे राज्य शासन की योजनाओं को जनता तक पहुंच जाएंगे वही दूसरी बार जिम्मेदारी मिलने पर ,संगठन को मजबूत करने की बात कही है। आज अरविंद शुक्ला को बधाई देने उनके निवास में कांग्रेस कार्यकर्ताओं का तांता लगा रहा,कर्तकर्ताओ ने फूल माला पहनाकर,मिठाई खिलाकर, फटाखे फोड़कर खुशी मनाई गई,सभी कार्यकताओ ने प्रदेश अध्यक्ष मोहन मरकाम एवँ प्रदेश उपाध्यक्ष अटल श्रीवास्तव का आभार व्यक्त किया । बधाई एवँ शुभकामनाएं देने वालो में प्रमुख रूप से शहर कांग्रेस कमेटी के सचिव शंकर कश्यप,शैलेन्द्र मिश्रा, ब्लॉक के महामंत्री वैभव शुक्ला, काजू महराज,ओम कश्यप,अनुनय सिंह,नितिन शुक्ला,अंकुश शुक्ला, संतोष देवांगन, भोला वर्मा,मोनू यादव ,पवन भोई, बबलू खान,मोनू भोई,सूर्या कश्यप,साहिल वर्मा,गज्जू सोनी,सौरभ देवांगन,विजय देवांगन,पिंकल देवांगन,गोल्डी आनन्द,आलोक वर्मा , गौतम कश्यप,वार्डवासियों की उपस्थिति रही ।

    छत्तीसगढ़ सरकार के दो वर्ष पूरे होने पर संभागों, जिलों, विकासखंडों में फोटो-प्रदर्शनियां
    हजारों लोगों ने उपलब्धियों को देखा, योजनाओं को समझा और सराहा
    निरक्षरों तक भी सहज रूप से पहुंच रही हैं जानकारियां

    लेख / शौर्यपथ / एक अच्छी तस्वीर में लाखों शब्दों की ताकत होती है। तस्वीरों की इसी ताकत का इस्तेमाल जनसंपर्क विभाग ने शासन की योजनाओं को दूरदराज के गांवों तक पहुंचाने के लिए किया है। विभाग ने संभागीय मुख्यालयों से लेकर जिलों और विकासखंड मुख्यालयों तक फोटो-प्रदर्शनी के आयोजनों का जो सिलसिला शुरु किया है, उसका अच्छा प्रतिसाद मिल रहा है। ग्रामीण क्षेत्र के लोगों की भीड़ इन प्रदर्शनियों में देखी जा रही है। तस्वीरों के जरिये योजनाओं की जानकारी उन लोगों तक भी पहुंच रही है, जिन तक अब तक साक्षरता की रौशनी नहीं पहुंच पाई।
    मुख्यमंत्री भूपेश बघेल के नेतृत्व वाली छत्तीसगढ़ सरकार के दो वर्ष पूरे होने के अवसर पर जनसंपर्क विभाग ने 17 दिसंबर से फोटो प्रदर्शनियों का आयोजन शुरु किया है। इन प्रदर्शनियों को योजनाओं की जानकारियों के साथ-साथ दो साल की उपलब्धियों पर भी केंद्रित किया गया है। प्रदर्शनी में आए लोगों को जानकारी परक प्रचार सामाग्री का भी वितरण किया जा रहा है। प्रदर्शनी की थीम गढ़बो नवा छत्तीसगढ़ रूबात हे स्वाभिमान के छत्तीसगढ़ के अभिमान के रखी गई है। इस आयोजन की खासियत यह भी है कि प्रदर्शनी के माध्यम से लोगों को विभिन्न शहरों और जिलों की ऐतिहासिकता से भी जोड़ा गया। मसलन, राजधानी रायपुर में प्रदर्शनी का आयोजन ऐतिहासिक बूढ़ातालाब स्थित स्वामी विवेकानंद उद्यान परिसर में किया गया तो जगदलपुर के सिरहासार भवन के ठीक सामने टाउन क्लब में प्रदर्शनी आयोजित की गई। धमतरी में मकई गार्डन में फोटो प्रदर्शनी का आयोजन किया गया तो बीजापुर के सांस्कृतिक भवन में यह आयोजित हुई। जशपुर के बाजार डांड में प्रदर्शनी लगाई गई, बिलासपुर में के रिवर व्यू रोड में चार दिनों तक लोगों ने प्रदर्शनी का अवलोकन किया। इस प्रदर्शनी के माध्यम से सांसदों, विधायकों, महापौरों समेत तमाम जनप्रतिनिधियों ने भी जनसामान्य के साथ संवाद किया। छत्तीसगढ़ में विगत दो वर्षों में हुए विकास कार्यों, नवाचारों और शासन की लोक हितैषी नीतियों की जानकारी लेकर लोगों द्वारा इसे सराहा गया। प्रदर्शनी में मुख्यमंत्री हाट बाजार क्लीनिक योजना, मुख्यमंत्री सुपोषण अभियान, डॉ. खूबचंद बघेल स्वास्थ्य सहायता योजना, राजीव गांधी किसान न्याय योजना, गोधन न्याय योजना, मुख्यमंत्री शहरी स्लम स्वास्थ्य योजना, ऐतिहासिक बूढ़ातालाब का निखरा स्वरूप, रायपुर शहर का विकास और सौंदर्यीकरण, बिजली बिल हाफ योजना, राम वन गमन पर्यटन परिपथ का विकास, वन आश्रितों के कल्याणकारी योजनाओं, नरवा, गरवा, घुरवा, बाड़ी, ग्रामीण विकास, दाई-दीदी क्लीनिक, सार्वभौम पीडीएस, गढ़ कलेवा योजना, पौनी पसारी योजना, साफ पेयजल की आपूर्ति हमारा लक्ष्य, पढ़ई तुंहर दुआर आदि योजनाओं से संबंधित तस्वीरें प्रदर्शित की जा रही हैं।

    मुख्यमंत्री भूपेश बघेल के नेतृत्व वाली सरकार के 2 वर्ष पूरे होने के अवसर पर सोशल मीडिया पर #CGSwabhimaanKe2Saal लगातार ट्रेन्ड करता रहा। फोटो प्रदर्शनी के अवलोकन के बाद सुशील प्रकाश ने कहा-फोटो प्रदर्शनी के माध्यम से राज्य में चल रहे विकास कार्यों की जानकारी मिली है। आगे भी ऐसी प्रदर्शनियां आयोजित होते रहनी चाहिए। तुषार देवांगन ने कहा की राज्य की जनहितैषी योजनाओं से ग्रामीण अर्थव्यवस्था मजबूत हुई है। गोधन न्याय योजना अपनी तरह की अनूठी योजना है जिससे लोगों के जीवन में परिवर्तन आया है। राकेश पाटले ने कहा कि उन्हें मुख्यमंत्री स्लम स्वास्थ्य योजना की जानकारी नहीं थी, इस प्रदर्शनी के माध्यम से योजना की जानकारी मिली। अजीत साहू ने कहा कि सरकार द्वारा किए जा रहे कार्यों को जनता तक पहुंचाने का यह अच्छा माध्यम है। उन्होंने कहा कि वे मुख्यमंत्री बघेल की रेडियो वार्ता लोकवाणी भी सुनते हैं। विनोद प्रजापति ने कहा कि प्रदर्शनी तो बढ़िया है ही, ब्रोशर और पांपलेट भी बहुत उपयोगी हैं।
    अब तक छत्तीसगढ़ के सभी पांच संभागीय मुख्यालयों, सभी 28 जिला मुख्यालयों में प्रदर्शनी का आयोजन हो चुका है। अब क्रमश सभी विकासखंड मुख्यालयों में प्रदर्शनियां लगाई जा रही है।
    आलेखः- श्री घनश्याम केशरवानी

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