September 27, 2026
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    रायपुर

    रायपुर (6110)

    रायपुर /शौर्यपथ/

    एचआईव्ही-एड्स पीड़ितों के साथ भेदभावमुक्त व्यवहार हो –  टी.एस. सिंहदेव

    स्वास्थ्य मंत्री  टी.एस. सिंहदेव ने आज विश्व एड्स दिवस के मौके पर एड्स एवं एचआईव्ही के नियंत्रण व रोकथाम के लिए उत्कृष्ट कार्य करने वाले अधिकारियों, कर्मचारियों, शासकीय विभागों, संस्थाओं, समितियों, औद्योगिक प्रतिष्ठानों तथा स्वयंसेवी संगठनों को सम्मानित किया। उन्होंने सिविल लाइन स्थित नवीन विश्राम भवन के कन्वेन्शन हॉल में आयोजित समारोह में कुल 53 व्यक्तियों और संस्थाओं को प्रमाण-पत्र एवं स्मृति चिन्ह प्रदान कर सम्मानित किया। स्वास्थ्य विभाग के प्रमुख सचिव डॉ. आलोक शुक्ला, संचालक, स्वास्थ्य सेवाएं एवं छत्तीसगढ़ राज्य एड्स नियंत्रण समिति के परियोजना संचालक  नीरज बंसोड़ और अतिरिक्त परियोजना संचालक डॉ. एस.के. बिंझवार भी कार्यक्रम में मौजूद थे।

    स्वास्थ्य मंत्री  सिंहदेव ने छत्तीसगढ़ राज्य एड्स नियंत्रण समिति द्वारा आयोजित सम्मान समारोह को संबोधित करते हुए कहा कि एचआईव्ही-एड्स पीड़ितों के साथ भेदभावमुक्त व्यवहार होना चाहिए। सामान्य नागरिकों की तरह उन्हें भी संविधानप्रदत्त सभी अधिकार प्राप्त हैं। उन्होंने बताया कि छत्तीसगढ़ देश का ऐसा तीसरा राज्य है जहां एचआईव्ही पीड़ितों के शिकायतों के निवारण के लिए लोकपाल की नियुक्ति की गई है। एचआईव्ही-एड्स पीड़ितों को सामाजिक सुरक्षा की विभिन्न योजनाओं से जोड़ा जा रहा है।

     सिंहदेव ने कहा कि राज्य सरकार जन-स्वास्थ्य के प्रति संवेदनशील है। एचआईव्ही-एड्स पीड़ितों के लिए प्रदेश में 150 परामर्श एवं जांच केंद्र तथा आठ एआरटी केंद्र संचालित किए जा रहे हैं। जल्दी ही तीन और एआरटी केंद्र शुरू किए जाएंगे। उन्होंने कहा कि एड्स एवं एचआईव्ही के नियंत्रण और रोकथाम में यह बड़ी चुनौती है कि बहुत से लोग अपनी एचआईव्ही अवस्था से अंजान हैं। ऐसे लोगों को स्वैच्छिक परामर्श एवं मार्गदर्शन की जरूरत है।  सिंहदेव ने एड्स के नियंत्रण एवं रोकथाम में सहयोग के लिए आज सम्मानित हुए सभी लोगों और संस्थाओं के प्रति आभार व्यक्त किया और उन्हें धन्यवाद दिया। उन्होंने स्वैच्छिक रक्तदान की दिशा में भी काम करने की अपील की। उन्होंने उम्मीद जताई कि एड्स के विरूद्ध लड़ाई में आगे भी आप लोगों का सहयोग मिलता रहेगा और ग्रामीण क्षेत्रों में भी रक्तदान बढ़ाने में हम सफल होंगे।

    स्वास्थ्य विभाग के प्रमुख सचिव डॉ. आलोक शुक्ला ने कार्यक्रम में कहा कि एचआईव्ही-एड्स के विरूद्ध अभी लंबी लड़ाई बांकी है। इस लड़ाई में अच्छा काम करने वालों की पीठ थपथपाने के साथ ही आज संकल्प लेना है कि हम यह लड़ाई जारी रखेंगे और सतर्कता में कमी नहीं आने देंगे। नई-नई दवाईयों के उपयोग से पीड़ितों की जान बचाने और उन्हें लंबी जिंदगी देने की कोशिश करेंगे।

    संचालक, स्वास्थ्य सेवाएं तथा छत्तीसगढ़ राज्य एड्स नियंत्रण समिति के परियोजना संचालक  नीरज बंसोड़ ने कहा कि पूरी दुनिया में इस साल विश्व एड्स दिवस ‘असमानता का अंत, एड्स का अंत, महामारी का अंत’ की थीम पर मनाया जा रहा है। प्रदेश में एड्स के नियंत्रण एवं रोकथाम के लिए नाको (NACO) के मार्गदर्शन में छत्तीसगढ़ राज्य एड्स नियंत्रण समिति द्वारा आवश्यक कदम उठाए जा रहे हैं। प्रदेश में एड्स के प्रसार की दर में छह गुना की कमी आई है। प्रदेश में इसके संभावित पीड़ितों की संख्या 45 हजार है। इनमें से 30 हजार लोगों तक हम जरूरी सेवाएं पहुंचा रहे हैं। मैदानी गतिविधियों के साथ ही आईईसी और सोशल मीडिया के माध्यम से लगातार लोगों को इसके प्रति जागरूक किया जा रहा है। युवाओं में जागरूकता बढ़ाने प्रदेश के 150 कॉलेजों में रेड रिबन क्लब (Red Ribbon Club) का गठन किया गया है

    रायपुर /शौर्यपथ/

    मुख्यमंत्री  भूपेश बघेल की अध्यक्षता में आज यहां उनके निवास कार्यालय में छत्तीसगढ़ संस्कृति परिषद के प्रथम परिचयात्मक बैठक में नवनियुक्त सदस्यों का स्वागत किया गया। इस मौके पर मुख्यमंत्री ने कहा कि छत्तीसगढ़ की सांस्कृतिक विरासत बहुत समृद्ध है। देश-दुनिया में इसे सामने लाने की जरूरत है। उन्होंने परिषद के सदस्यों को बधाई और शुभकामनाएं देते हुए छत्तीसगढ़ की संस्कृति के गौरव को आगे लाने के लिए मिलजुल कर तेजी से काम करने का अनुरोध किया।

    मुख्यमंत्री ने आगे कहा कि छत्तीसगढ़ संस्कृति परिषद में कला संस्कृति और इससे जुड़ी विधाओं के विशेषज्ञों को सदस्य के रूप में नियुक्त किया गया है, जिससे की छत्तीसगढ़ की कला संस्कृति और साहित्य को देश में नई पहचान मिलेगी। उन्होंने कहा कि परिषद के माध्यम से राज्य की प्रतिभाओं को आगे लाने के लिए अवसर मिलेगा। उन्होंने कहा कि पहले छत्तीसगढ़ की पहचान नक्सल प्रदेश के रूप में थी। नई सरकार के गठन के बाद पिछले तीन वर्षों में किसानों और खेती-किसानी, आदिवासियों के विकास और संस्कृति संरक्षण-संवर्धन के क्षेत्र में बहुत से कार्य हुए हैं, इससे राज्य की तस्वीर बदल रही है। मुख्यमंत्री ने कहा कि छत्तीसगढ़ का निर्माण सांस्कृतिक आधार पर हुआ है। परिषद में नवनियुक्त सदस्यों की महती जिम्मेदारी है कि राज्य के सांस्कृतिक पक्षों के सकारात्मक पहलूओं को देश-दुनिया के सामने बेहतर ढ़ंग से प्रस्तुत करने अपनी भूमिका निभाएं। उन्होंने कहा कि परिषद के कार्यो के बेहतर संचालन के लिए अलग-अलग क्षेत्रों के विशेषज्ञों को सदस्य के रूप में नियुक्त किया गया है।

    बैठक में छत्तीसगढ़ संस्कृति परिषद के उपाध्यक्ष एवं संस्कृति मंत्री  अमरजीत भगत ने कहा कि छत्तीसगढ़ की संस्कृति को समग्र रूप से आगे बढ़ाने के लिए परिषद के माध्यम से एक नई शुरूआत हो रही है। मुख्यमंत्री  बघेल के नेतृत्व में संस्कृति को बढ़ावा देने के लिए गठित किए गए विभिन्न अकादमियों और संस्थाओं को एक छत के नीचे समग्र रूप से काम करने का अवसर मिलेगा। मुख्यमंत्री के सलाहकार  विनोद वर्मा ने कहा कि सांस्कृतिक क्षेत्र में मध्यप्रदेश को जो ऊंचाईयां मिली उसमें छत्तीसगढ़ का बहुत बड़ा योगदान था। छत्तीसगढ़ के गठन के बाद यहां की संस्कृति को देश में नई ऊंचाई देने के लिए छत्तीसगढ़ सांस्कृतिक परिषद का गठन किया गया है। इससे राज्य की सांस्कृतिक प्रतिभाओं को आगे बढ़ने का अवसर मिलेगा।

    बैठक में खैरागढ़ विश्वविद्यालय की कुलपति पद्मश्री ममता चन्द्राकर, संस्कृति विभाग के सचिव  अंबलगन पी., संचालक  विवेक आचार्य, कला विशेषज्ञ श्री जयंत देशमुख,  नवल शुक्ला,  भूपेश तिवारी,  योगेंद्र त्रिपाठी, नृत्य विशेषज्ञ  वासंती वैष्णव, कालीचरण यादव,  ललित कुमार,  रामकुमार तिवारी,  ईश्वर सिंह दोस्त, चित्रकला-मूर्तिकला विशेषज्ञ  सुनीता वर्मा, नाट्य विशेषज्ञ  भूपेन्द्र साहू उपस्थित थे।

     

    रायपुर /शौर्यपथ/

    छत्तीसगढ़ शासन के नगरीय प्रशासन मंत्री डॉ. शिवकुमार डहरिया एक दिसम्बर को निर्धारित कार्यक्रम के अनुसार सबेरे 10.30 बजे रायपुर से मंदिरहसौद जायेंगे। डॉ. डहरिया यहां सबेरे 11 बजे से दोपहर एक बजे तक धान खरीदी महोत्सव और भूमिपूजन एवं लोकार्पण कार्यक्रम में शामिल होंगे। वे मंदिरहसौद से दोपहर एक बजे प्रस्थान कर रायपुर जिले के आरंग विकासखंड के ग्राम रीवां जायेंगे और यहां पर दोपहर 1.25 बजे से 3 बजे तक धान खरीदी एवं लोकार्पण और भूमिपूजन के कार्यक्रम में भाग लेगें। इसके बाद वे ग्राम चंदखुरी जायेंगे और वहां पर भूमिपूजन एवं लोकार्पण कार्यक्रमों में भाग लेने के बाद शाम 5.30 बजे रायपुर के लिए प्रस्थान करेंगे

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    राज्य शासन के गृह विभाग द्वारा निरीक्षक  इमानुएल लकड़ा को विभागीय पदोन्नति समिति की अनुशंसा पर उप पुलिस अधीक्षक (डीएसपी) के पद पर पदोन्नत किया गया है।
    प्राप्त जानकारी के अनुसार निरीक्षक, कंपनी कमांडर, निरीक्षक रेडियो, रक्षित निरीक्षक और निरीक्षक एम संवर्ग को उप पुलिस अधीक्षक संवर्ग में निरीक्षक  इमानुएल लकड़ा को उप पुलिस अधीक्षक के पद पर वेतन बैड रूपए 15600-39100 ग्रेड वेतन रूपए 5400 (वेतन मेट्रिक्स-12 रूपए 56100-177500) में पदोन्नत किया गया है।  इमानुएल लकड़ा के पदस्थापना संबंधी आदेश पृथक से जारी किए जाएंगे।

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    कृषि एवं जल संसाधन मंत्री  रविन्द्र चौबे के निर्देशानुसार कृषि विभाग द्वारा रबी सीजन में किसानों को प्रदाय किए जा रहे बीज, उर्वरक एवं पौध संरक्षण औषधि की गुणवत्ता की जांच का अभियान सभी जिलों में शुरू कर दिया गया है। कृषि विभाग के जिला स्तरीय अधिकारी अपने-अपने इलाकों में लगातार बीज, खाद और औषधियों के सेम्पल ले रहे हैं, जिसकी जांच गुणवत्ता नियंत्रण प्रयोगशाला में की जा रही है। रबी सीजन 2021 में 29 नवम्बर की स्थिति में बीज के 19 नमूने तथा रासायनिक उर्वरक के 8 नमूने अमानक पाए गए हैं, जिनके लाट के विक्रय पर तत्काल प्रभाव से प्रतिबंध लगाने के साथ ही संबंधित फर्मों को कृषि विभाग द्वारा नोटिस जारी कर जवाब-तलब किया गया है।

    कृषि विभाग से प्राप्त जानकारी के अनुसार रबी सीजन 2021 में बीज के अब तक 445 नमूने लेकर प्रयोगशाला में परीक्षण हेतु भेजे गए हैं, अब तक विभाग को प्राप्त 309 सैम्पलों की जांच में से 19 सैम्पल अमानक पाए गए हैं, 136 सैम्पल की रिपोर्ट अभी प्राप्त होना शेष है। इसी तरह रासायनिक उर्वरकों की गुणवत्ता की जांच-पड़ताल के लिए कृषि विभाग के उर्वरक निरीक्षकों द्वारा 242 नमूने विभिन्न संस्थानों से लिए गए हैं। जिसमें से 214 नमूनों की जांच की जा चुकी है। जिसमें से 206 नमूने मानक स्तर के तथा 8 अमानक पाए गए हैं। 25 नमूनों की जांच रिपोर्ट प्राप्त होना शेष है। अमानक बीज एवं खाद के लाट के विक्रय को विभाग द्वारा प्रतिबंधित किए जाने के साथ संबंधित संस्थाओं को कारण बताओं नोटिस जारी किया गया है।

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    नगरीय प्रशासन विकास एवं श्रम मंत्री डॉ. शिवकुमार डहरिया ने आज अपने निवास पर दलदल सिवनी मोवा रायपुर की कुमारी भाविषा वर्मा को शिक्षा हेतु मुख्यमंत्री स्वेच्छानुदान से स्वीकृत 50 हजार रूपए की सहायता अनुदान राशि का चेक प्रदान किया। गौरतलब है कि नगरीय प्रशासन मंत्री की अनुशंसा पर यह राशि स्वीकृत की गई है।

     

    रायपुर /शौर्यपथ/

    गौठानों में किए जा रहे विभिन्न आजीविकामूलक कार्यों से आत्मनिर्भरता प्राप्त कर रही महिलाएं अपने परिवारांे का संबल बनने के साथ ही समाज के लिए भी एक आदर्श उदाहरण प्रस्तुत कर रही हैं। दुर्ग जिले के मतवारी गांव की महिलाओं ने वनराज प्रजाति की मुर्गियां का पालन शुरू किया। दो महिने के भीतर ही मुर्गियां तैयार हो गई और इन्हें विक्रय करने पर 63 हजार रूपए का लाभ इन महिलाआंे को हुआ है। ग्राम मतवारी के गौठान में जिला प्रशासन ने मुर्गी शेड का निर्माण कराया। पशुधन विकास विभाग की बैकयार्ड पोल्ट्री योजना के तहत मिली सहायता से पहली बार महिलाओं ने वनराज प्रजाति की मुर्गियां पाली। लाभ से उत्साहित महिलाएं पुनः चूजों को खरीदकर इनका पालन कर रही है।  

    मुख्यमंत्री  भूपेश बघेल की महत्वाकांक्षी नरवा, गरुवा, घुरूवा, बाड़ी योजना के अंतर्गत गौठानों को स्वावलंबी बनाया जा रहा है। आराधना स्व-सहायता समूह की अध्यक्ष  बसंत बाई ने बताया कि हमें गौठान में मुर्गी शेड मिला है। उन्होंने बताया कि मुर्गियों के चूजे दो महीने के भीतर तैयार हो जाती है और अब तक बेचने पर 63 हजार रुपए की कमाई हो चुकी है। उन्होंने शासन से मिली मदद के बारे में बताते हुए कहा कि उन्हें चूजों के पालन सबंधी प्रशिक्षण दिया गया है। मुर्गी शेड के साथ ही पंखे और बिजली की सुविधा हमें शासन द्वारा उपलब्ध कराई गई है। स्वसहायता समूह की महिलाओं ने बताया कि इस बार उन्होंने पुनः 300 चूजे खरीदे हैं और इनका पालन कर रही हैं। उम्मीद है वनराज फिर अच्छी कीमतों में बिकेंगे। 

    जिला पंचायत सीईओ ने बताया कि स्वसहायता समूहों को बैकयार्ड पोल्ट्री योजना के तहत सहायता दी गई है और मनरेगा के अंतर्गत शेड का निर्माण कराया गया है। पशुधन विकास विभाग के उपसंचालक ने बताया कि प्रत्येक ब्लाक में प्रमुख गौठानों में ऐसे मुर्गी पालन शेड बनाए जा रहे हैं, जिनके माध्यम से आजीविकामूलक गतिविधियों को बढ़ावा दिया जा रहा है। पशुधन विकास विभाग के सहायक शल्यज्ञ डॉ. मिश्रा ने बताया कि वनराज प्रजाति की मुर्गियां की इम्युनिटी अच्छी होती है और इनका लालन-पालन भी कठिन नहीं है और इनकी अच्छी कीमत मिलती है।

    तीन लाख मीट्रिक टन गन्ना पेराई करने का लक्ष्य

    रायपुर /शौर्यपथ/ 

    पंचायत एवं ग्रामीण विकास मंत्री  टी.एस. सिंहदेव और

    पंचायत एवं ग्रामीण विकास मंत्री  टी.एस. सिंहदेव और सहकारिता मंत्री डॉ. प्रेमसाय सिंह टेकाम ने आज सुरजपुर जिले के विकासखण्ड प्रतापपुर के ग्राम केरता स्थित मां महामाया सहकारी शक्कर कारखाना में गन्ना पेराई सत्र 2021-22 का शुभारंभ विधिवत पूजा-पाठ कर किया। इस अवसर पर संसदीय सचिव श्री पारसनाथ राजवाड़े भी उपस्थित थे।

    मंत्री  टी.एस. सिंहदेव ने इस अवसर पर आयोजित कार्यक्रम में कहा कि किसानों के हित में सरकार निरंतर प्रयास कर रही है। राज्य सरकार ने गन्ना की दर 355 रूपए प्रति क्वींटल तय की है। उन्होंने कहा कि किसानों को अपनी आर्थिक स्थिति मजबूत करने के लिए वैकल्पिक कृषि करने की आवश्यकता है। मंत्री  सिंहदेव ने कहा कि शक्कर कारखाना में गन्ना की आपूर्ति के लिए किसान बड़ी संख्या में अपने खेत में इसका उत्पाद कर लाभ उठा सकते हैं।

    प्रतापपुर के ग्राम केरता स्थित मां महामाया सहकारी शक्कर कारखाना में गन्ना पेराई सत्र 2021-22 का शुभारंभ विधिवत पूजा-पाठ कर किया। इस अवसर पर संसदीय सचिव श्री पारसनाथ राजवाड़े भी उपस्थित थे। 

    कारखाना स्थापना से क्षेत्र के गन्ना उत्पादक कृषकों की जीवन स्तर में सुधार आया है। कारखाना के पेराई सत्र एवं मरम्मत कार्य के दौरान प्रति दिवस आस-पास के गांवों के लगभग 300-400 मजदूरों, बेरोजगारों को रोजगार उपलब्ध कराया जा रहा है। इससे उनके आर्थिक स्थिति में सुधार हुआ है। कारखाने में 20 केएलपीडी ईथेनॉल प्लांट स्थापना हेतु बसंतदादा शर्करा संस्थान पुणे से डीपीआर तैयार कराया जा चुका है। राज्य शासन से इसका प्रस्ताव स्वीकृत किया गया है, जिससे संस्था की आय में अतिरिक्त लाभ अर्जित होगी। कारखाने में 6 मेगावाट को-जनरेशन पावर प्लांट स्थापना हेतु राज्य शासन से 2 करोड़ 2 लाख अंशपूंजी के रूप में स्वीकृत किया गया है। कारखाने में 20 हजार मीट्रिक टन का नवीन स्थायी शक्कर गोदाम निर्माण एवं 5 हजार मीट्रिक टन मोलासिस टैंक निर्माण कार्य का भूमिपूजन मंत्री श्री डॉ. प्रेमसाय सिंह टेकाम द्वारा किया जा चुका है। 

    गन्ना पेराई सत्र 2020-21 में जिला सरगुजा, सूरजपुर एवं बलरामपुर के 15 विकाख खण्डों से गन्ना रकबा 8689.846 हेक्टेयर से 03 लाख मीट्रिक टन पेराई करने का लक्ष्य रखा गया था। जिसके विरूद्ध में गन्ना उत्पादक 10,600 कृषकों से कुल 2 लाख 2 हजार 617 मीट्रिक टन गन्ना की खरीदी की गई। गन्ने खरीदी पर 270. 75 रूपये प्रति क्विंटल की दर से गन्ना मूल्य राशि 54 करोड़ 86 लाख रूपय भुगतान कृषकों के बैंक खाता के माध्यम से कर दिया गया है। किसानों को राज्य शासन द्वारा राशि 12 करोड़ 18 लाख 7 हजार 422 रूपए का गन्ना बोनस का भुगतान किया जा चुका है। 

    गन्ना पेराई सत्र 2021-22 में जिला- सूरजपुर, सरगुजा (अम्बिकापुर) एवं बलरामपुर के तीनों जिलों के 17 विकास खण्डों से गन्ना रकबा 9,374.874 हेक्टेयर से तीन लाख मीट्रिक टन गन्ना पेराई करने का अनुमानित लक्ष्य रखा गया है। पंजीकृत 15 हजार 310 कृषकों से गन्ना क्रय किया जायेगा। गन्ना पेराई वर्ष 2021-22 के लिए उचित और लाभकारी मूल्य का निर्धारण दर रिकव्हरी प्रतिशत 9.5ः पर निर्धारित रूपये 275.50 प्रति क्विंटल है। राज्य शासन द्वारा गन्ना प्रोत्साहन राशि रूपये 79.50 प्रति क्विंटल कुल 355 प्रति क्विंटल भुगतान किया जावेगा, साथ ही रिकव्हरी 9.5ः से अधिक होने पर 0.1ः पर 2.90 रूपये प्रति क्विंटल अतिरिक्त गन्ना मूल्य भुगतान किया जावेगा। 

    कार्यक्रम में अध्यक्ष जिला सहकारी बैंक सरगुजा  रामदेव राम, अध्यक्ष श्रम कल्याण बोर्ड  शफी अहमद, उपाध्यक्ष जितेन्द्र दुबे, अध्यक्ष मां महामाया सहकारी शक्कर कारखाना  विद्यासागर सिंह अन्य जनप्रतिनिधि, गणमान्य नागरिक, गन्ना उत्पाद किसान और अधिकारी-कर्मचारी उपस्थित थे।

    रायपुर /शौर्यपथ/

    मुख्यमंत्री  भूपेश बघेल के नेतृत्व में राज्य सरकार द्वारा वनवासी तेन्दूपत्ता संग्राहकों को सामाजिक सुरक्षा प्रदान करने के उद्देश्य से महत्वपूर्ण कार्यक्रम चलाया जा रहा है। इसके तहत वन एवं जलवायु परिवर्तन मंत्री  मोहम्मद अकबर के मार्गदर्शन में राज्य में तेंदूपत्ता संग्राहकों के हित में शहीद महेन्द्र कर्मा तेंदूपत्ता सामाजिक सुरक्षा योजना का कुशलतापूर्वक संचालन हो रहा है। राज्य में योजना के अंतर्गत 05 अगस्त 2020 से माह सितम्बर तक 2 हजार 589 प्रकरणों में 38 करोड़ 90 लाख रूपए की राशि का भुगतान किए जा चुके हैं।

    मुख्यमंत्री  भूपेश बघेल के नेतृत्व में राज्य सरकार द्वारा वनवासी तेन्दूपत्ता संग्राहकों को सामाजिक सुरक्षा प्रदान करने के उद्देश्य से महत्वपूर्ण कार्यक्रम चलाया जा रहा है। इसके तहत वन एवं जलवायु परिवर्तन मंत्री श्री मोहम्मद अकबर के मार्गदर्शन में राज्य में तेंदूपत्ता संग्राहकों के हित में शहीद महेन्द्र कर्मा तेंदूपत्ता सामाजिक सुरक्षा योजना का कुशलतापूर्वक संचालन हो रहा है। राज्य में योजना के अंतर्गत 05 अगस्त 2020 से माह सितम्बर तक 2 हजार 589 प्रकरणों में 38 करोड़ 90 लाख रूपए की राशि का भुगतान किए जा चुके हैं। 

    इसके तहत स्वीकृत प्रकरणों में वन मंडलवार बीजापुर अंतर्गत 148 प्रकरणों 02 करोड़ 39 लाख रूपए, सुकमा के 18 प्रकरणों में 31 लाख 20 हजार, दंतेवाड़ा के 63 प्रकरणों में एक करोड़ 09 लाख 70 हजार रूपए तथा जगदलपुर के 13 प्रकरणों में 25 लाख 35 हजार रूपए की राशि स्वीकृत है। इसी तरह पश्चिम भानूप्रतापुर के 79 प्रकरणों में 96 लाख 80 हजार रूपए, पूर्व भानूप्रतापुर के 170 प्रकरणों में 02 करोड़ 48 लाख 60 हजार रूपए, कोण्डागांव के 21 प्रकरणों में 28 लाख 85 हजार रूपए की राशि स्वीकृत है। 

    वन मंडलवार नारायणपुर के 39 प्रकरणों में 61 लाख रूपए, कांकेर के 212 प्रकरणों में 02 करोड़ 94 लाख 75 हजार रूपए, केशकाल के 22 प्रकरणों में 32 लाख 10 हजार रूपए तथा मरवाही के 12 प्रकरणों में 20 लाख 60 हजार रूपए की राशि स्वीकृत है। बिलासपुर के 42 प्रकरणों में 48 लाख 60 हजार रूपए, कोरबा के 108 प्रकरणों में एक करोड़ 74 लाख 40 हजार रूपए, कटघोरा के 56 प्रकरणों में 86 लाख 45 हजार रूपए, रायगढ़ के 178 प्रकरणों में 02 करोड़ 78 लाख 15 हजार रूपए की राशि स्वीकृत है। इसके अलावा धरमजयगढ़ के 102 प्रकरणों में 01 करोड़ 62 लाख 10 हजार रूपए, जांजगीर-चांपा के 32 प्रकरणों में 55 लाख 50 हजार रूपए, खैरागढ़ के 51 प्रकरणों में 70 लाख रूपए तथा राजनांदगांव के 164 प्रकरणों में 02 करोड़ 16 लाख 5 हजार रूपए की राशि स्वीकृत है। 

    इसी तरह वन मंडलवार बालोद के 61 प्रकरणों में 90 लाख 90 हजार रूपए, कवर्धा के 35 प्रकरणों में 53 लाख 30 हजार रूपए, धमतरी के 110 प्रकरणों में 01 करोड़ 35 लाख 45 हजार रूपए तथा गरियाबंद के 251 प्रकरणों में 03 करोड़ 40 लाख 30 हजार रूपए की राशि स्वीकृत है। महासमुंद के 251 प्रकरणों में 03 करोड़ 85 लाख 55 हजार रूपए, बलौदाबाजार के 30 प्रकरणों में 46 लाख 40 हजार रूपए, सरगुजा के 42 प्रकरणों में 79 लाख 50 हजार रूपए तथा सूरजपुर के 57 प्रकरणों में 01 करोड़ 6 लाख 35 हजार रूपए की राशि स्वीकृत है। इसके अलावा बलरामपुर के 115 प्रकरणों में 02 करोड़ 3 लाख 65 हजार रूपए, कोरिया के 32 प्रकरणों में 48 लाख 50 हजार रूपए, मनेन्द्रगढ़ के 33 प्रकरणों में 58 लाख 10 हजार रूपए तथा जशपुर नगर के 42 प्रकरणों में 62 लाख 80 हजार रूपए की राशि स्वीकृत है। 

    गौरतलब है कि राज्य में तेंदूपत्ता संग्राहक परिवारों को सामाजिक सुरक्षा प्रदान करने के उद्देश्य से यह योजना विगत 5 अगस्त 2020 से संचालित है। इस योजना के अंतर्गत तेंदूपत्ता संग्रहण में लगे पंजीकृत संग्राहक परिवार के मुखिया, जिनकी आयु मृत्यु दिनांक को 18 से 50 वर्ष तक हो, उसकी सामान्य मृत्यु होने पर उसके द्वारा नामांकित व्यक्ति अथवा उत्तराधिकारी को दो लाख रूपए की सहायता अनुदान राशि प्रदान की जाती है। दुर्घटना से मृत्यु होने पर दो लाख रूपए की राशि अतिरिक्त रूप से प्रदान की जाती है। दुर्घटना से पूर्ण निःशक्तता की स्थिति में दो लाख रूपए तथा आंशिक निःशक्तता की स्थिति में एक लाख रूपए की सहायता अनुदान राशि दुर्घटनाग्रस्त पात्र तेंदूपत्ता संग्राहक को प्रदान की जाती है। 

    इसी तरह तेंदूपत्ता संग्रहण में लगे पंजीकृत संग्राहक परिवार के मुखिया, जिनकी आयु मृत्यु दिनांक को 51 से 59 वर्ष के बीच हो, उसकी सामान्य मृत्यु होने पर उसके द्वारा नामांकित व्यक्ति अथवा उत्तराधिकारी को 30 हजार रूपए तथा दुर्घटना से मृत्यु होने पर 75 हजार रूपए की सहायता अनुदान राशि प्रदान की जाती है। दुर्घटना में पूर्ण निःशक्तता की स्थिति में 75 हजार रूपए तथा आंशिक निःशक्तता की स्थिति में 37 हजार 500 रूपए की सहायता अनुदान राशि दुर्घटनाग्रस्त पात्र तेंदूपत्ता संग्राहक को प्रदान की जाती है।

     

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