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साहू समाज के युवक-युवती परिचय सम्मेलन में शामिल हुए गृह एवं पर्यटन मंत्री
रायपुर /शौर्यपथ/
गृह, लोक निर्माण एवं पर्यटन मंत्री ताम्रध्वज साहू संतोषी नगर रायपुर के कर्मा धाम में आयोजित साहू समाज के युवक-युवती परिचय सम्मेलन में मुख्य अतिथि के रूप में शामिल हुए। इस दौरान मंत्री साहू ने इस तरह के आयोजन की सराहना करते हुए कहा कि समाज द्वारा राजधानी में युवक-युवती परिचय सम्मेलन का बड़ा आयोजन कर सामाजिक एकता की न सिर्फ मिसाल दी जा रही है अपितु सामूहिक शादी का आयोजन कर अनावश्यक आडम्बर की प्रथा को भी दूर करने का सराहनीय प्रयास किया जा रहा है। इसके लिए साहू समाज प्रशंसा के पात्र है। उन्होंने कहा कि परिचय सम्मेलन में समाज के युवक-युवती अपना परिचय देकर अपनी पसंद का रिश्ता जोड़ सकते हैं। इस तरह के सम्मेलन का आयोजन होते ही रहने चाहिए। इससे सामाजिक स्तर पर एकजुटता और पहचान बनने के साथ सामाजिक स्तर पर मजबूत रिश्तें भी बनते हैं।
मंत्री साहू ने आगे कहा कि बहुत से युवा साथी नौकरी या सेटल होने के चक्कर में समय पर विवाह नहीं कर पाते। वर्तमान दौर में सरकारी नौकरी सभी को मिल पाना संभव नहीं है। सरकारी नौकरी के चक्कर में विवाह को टालना अपने पारिवारिक जिम्मेदारी को नजरअंदाज करने जैसा है। उन्होंने कहा कि जीवन-यापन के बहुत विकल्प है। समाज के युवाओं को व्यापार एवं स्वरोजगार के क्षेत्र में भी अपना कदम बढ़ाना होगा। व्यापार और स्वरोजगार के साथ निजी क्षेत्र में नौकरी करके एक सुखद पारिवारिक जिम्मेदारी का निर्वहन आसानी से किया जा सकता है। उन्होंने कहा कि समाज उत्थान में वे और उनके साथी वर्षों से जुड़े हुए हैं। समाज को आगे बढ़ाने में सभी की सहभागिता जरूरी है। मंत्री श्री साहू ने कहा कि गरीब और प्रतिभाशाली बच्चों को शिक्षा सहित रोजगार के क्षेत्र में आगे बढ़ाने के साथ जरूरतमंद बच्चों को आत्मनिर्भर बनाकर स्थापित करने की जरूरत है। उन्होंने ऐसे लोगों की सहायता के लिए कर्मा कोठी की स्थापना करने और सबकों इसमें सहयोग करने की अपील की। मंत्री साहू ने कर्मा कोठी के लिए अपनी ओर से एक लाख रूपए की राशि देने की घोषणा भी की।
सम्मेलन में मंत्री साहू ने समाज में अपनी पहचान स्थापित करने वाले लोगों और व्यापार से जुड़कर आत्मनिर्भर की राह में आगे बढ़ने वालों को सम्मानित किया और स्टॉल का अवलोकन भी किया। इस दौरान अन्य पिछड़ा वर्ग आयोग के अध्यक्ष थानेश्वर साहू, छग दुग्ध महासंघ के अध्यक्ष विपिन साहू, तेलघानी बोर्ड के अध्यक्ष संदीप साहू, पर्यटन मंडल की उपाध्यक्ष चित्ररेखा साहू, समाज के मोतीलाल साहू, याद राम साहू, मेघराज साहू सहित बड़ी संख्या में समाज के पदाधिकारी उपस्थित थे।
रायपुर /शौर्यपथ/
जाने पर आज मुख्यमंत्री भूपेश बघेल का राजधानी रायपुर के स्वामी विवेकानंद विमान तल पर माता जिजाऊ ग्रुप की महिलाओं और अन्य नागरिकों द्वारा भरपूर उत्साह के साथ स्वागत-अभिनन्दन किया गया। आज शाम मुख्यमंत्री बघेल के विमान तल पर आगमन होते ही महिलाओं ने पुष्पगुच्छ भेंटकर मुख्यमंत्री का सम्मान किया और उन्हें उक्त पुरस्कार से नवाजे जाने पर बधाई एवं शुभकामनाएं दी।
महात्मा फुले समता पुरस्कार से नवाजे जाने पर आज मुख्यमंत्री भूपेश बघेल का राजधानी रायपुर के स्वामी विवेकानंद विमान तल पर माता जिजाऊ ग्रुप की महिलाओं और अन्य नागरिकों द्वारा भरपूर उत्साह के साथ स्वागत-अभिनन्दन किया गया। आज शाम मुख्यमंत्री बघेल के विमान तल पर आगमन होते ही महिलाओं ने पुष्पगुच्छ भेंटकर मुख्यमंत्री का सम्मान किया और उन्हें उक्त पुरस्कार से नवाजे जाने पर बधाई एवं शुभकामनाएं दी।
इस अवसर पर मुख्यमंत्री भूपेश बघेल ने कहा कि ज्योतिबा फुले जी ने जिस समतामूलक समाज की कल्पना की थी, छत्तीसगढ़ की सरकार उसी दिशा में कार्य कर रही है। यह सम्मान पूरे छत्तीसगढ़ का सम्मान है। इस अवसर पर रायपुर नगरपालिक निगम के सभापति प्रमोद दुबे, राकेश धोतरे, दिशा धोतरे सहित माता जिजाऊ ग्रुप की अनेक महिलाएं उपस्थित थीं।
रायपुर /शौर्यपथ/
मुख्यमंत्री भूपेश बघेल ने आज यहां अपने निवास कार्यालय में छत्तीसगढ़ी राजभाषा दिवस के अवसर पर छत्तीसगढ़ी साहित्यकारों एवं भाषाविदों के सम्मान समारोह को सम्बोधित करते हुए कहा कि छत्तीसगढ़ी भाषा और संस्कृति, हमारी अस्मिता और पहचान है। छत्तीसगढ़ राज्य के निर्माण के पीछे अपनी इसी अस्मिता और पहचान को बनाए रखने की ललक थी। मुख्यमंत्री ने कहा कि बीते तीन सालो में छत्तीसगढ़ की कला, संस्कृति और भाषा को लगातार बढ़ावा दिया जा रहा है, इसमें छत्तीसगढ़ी साहित्यकारों और भाषाविदों का महत्वपूर्ण योगदान है। मुख्यमंत्री ने इस अवसर पर छत्तीसगढ़ी राजभाषा के 19 साहित्यकारों-भाषाविदों को राज गमछा और प्रशस्ति पत्र भेंटकर सम्मानित किया और उन्हें बधाई व शुभकामनाएं दी। सम्मान समारोह की अध्यक्षता संस्कृति मंत्री अमरजीत भगत ने की।
मुख्यमंत्री भूपेश बघेल ने कहा कि राज्य निर्माण के बाद भी छत्तीसगढ़ी भाषा और संस्कृति को बचाएं रखने के लिए जैसा काम होना चाहिए था, वैसा काम नहीं हो पाया था। छत्तीसगढ़ी राजभाषा जरूर बन गई, लेकिन छत्तीसगढ़ी बोलने और लिखने को लेकर हिचक दूर नहीं हुई थी। बीते तीन सालों में स्थिति बदली है, अब मंत्रालय से लेकर बड़े-बड़े प्रतिष्ठानों एवं सार्वजनिक कार्यक्रमों में छत्तीसगढ़ी बोली जाने लगी है। वर्ष 2019 में अरपा-पैरी के धार... हमारा राजगीत बना। स्कूलों में अब छत्तीसगढ़ी एवं स्थानीय बोलियों में पढ़ाई शुरू हो चुकी है।
मुख्यमंत्री ने कहा कि हमारी सरकार ने छत्तीसगढ़ी भाषा और संस्कृति के गौरव को पुनः स्थापित करने का काम किया है। छत्तीसगढ़ के तीज त्यौहारों पर अवकाश देकर हमनें लोगों में छत्तीसगढ़ी संस्कृति को लेकर आत्म गौरव को जगाया है। मुख्यमंत्री श्री भूपेश बघेल को इस मौके पर साहित्यकारों एवं भाषाविदों ने महात्मा फुले समता पुरस्कार से सम्मानित होने की गौरवपूर्ण उपलब्धि के लिए बधाई और शुभकामनाएं दीं। मुख्यमंत्री ने कहा कि उन्हें मिला महात्मा फुले समता पुरस्कार वास्तव में छत्तीसगढ़ का सम्मान है। मुख्यमंत्री ने इस मौके पर महात्मा ज्योतिबा फुले के व्यक्तित्व एवं कृतित्व का उल्लेख करते हुए कहा कि उन्होंने समाज के वंचितों, पीड़ितो और तिरस्कृत लोगों को जीवन की राह दिखाई और उन्हें समाज में सम्मान दिलाया। महात्मा फुले आजीवन समाज में समानता की स्थापना के लिए कार्य किये। वह महान समाज सुधारक थे। ऐसे महापुरूष के नाम पर उन्हें सम्मान मिलना, छत्तीसगढ़ के लिए गौरव की बात है।
संस्कृति मंत्री अमरजीत भगत ने इस अवसर पर कहा कि मुख्यमंत्री भूपेश बघेल ने छत्तीसगढ़ एवं छत्तीसगढ़िया लोगों के स्वाभिमान को जगाया है। हमारी भाषा, संस्कृति एवं परम्परा को मुख्यमंत्री के प्रयासों से एक नई पहचान मिली है। उन्होंने राष्ट्रीय आदिवासी नृत्य महोत्सव का उल्लेख किया और कहा कि मुख्यमंत्री श्री भूपेश बघेल की पहल पर छत्तीसगढ़ की फिल्म नीति बनी है। कलाकारों को आगे बढ़ाने का लगातार प्रयास किया जा रहा है। राष्ट्रीय एवं अंतर्राष्ट्रीय स्तर पर पुरस्कृत छत्तीसगढ़ी फिल्मो के लिए क्रमशः एक करोड़ और 5 करोड़ रूपए के पुरस्कार का प्रावधान किया गया है। संस्कृति विभाग के सचिव अन्बलगन पी. ने कहा कि आज राजभाषा दिवस के उपलक्ष्य में संगोष्ठी का आयोजन किया गया, जिसमें छत्तीसगढ़ी भाषा को आगे बढ़ाने के संबंध में साहित्यकारों एवं भाषाविदों ने गहन विचार-विमर्श किये।
इस मौके पर वरिष्ठ साहित्यकार डॉ. बिहारी लाल साहू, हर प्रसाद निडर, डॉ. अनुसुईया अग्रवाल, डॉ. सुरेश देशमुख, पुनूराम साहू, अरूण निगम, डॉ. कुसुम माधुरी टोप्पो, गिरवरदास मानिकपुरी, रमेश विश्वहार, बंधु राजेश्वर खरे, श्याम वर्मा, गुलाल वर्मा, डॉ. दीनदयाल साहू , संदीप अखिल, नवीन देवांगन , लता राठौर, डॉ. सुधीर पाठक, जयमति कश्यप और तृप्ति सोनी को सम्मानित किया गया। कार्यक्रम का संचालन साहित्यकार श्री विजय मिश्रा ने किया । इस अवसर पर संचालक संस्कृति एवं पुरातत्व विवेक आचार्य, छत्तीसगढ़ राजभाषा आयोग के सचिव अनिल भतपहरी सहित अन्य गणमान्य लोग उपस्थित थे।
रायपुर /शौर्यपथ/
जन्मजात कटे-फटे होठों और अन्य विकृतियों से जूझ रहे बच्चों के लिए मुख्यमंत्री बाल संदर्भ योजना वरदान सिद्ध हो रही है। जिले में इस योजना के तहत कई बच्चों की न केवल विकृति दूर हुई है बल्कि आत्मविश्वास बढ़ने से उनमें अच्छे भविष्य की आश जगी है।
जिले के बाल विकास परियोजना, मंदिरहसौद के सेक्टर नवांगावं अन्तर्गत ग्राम सिवनी की बालिका कु. लीला ध्रुव का जन्म 01 मार्च 2020 को हुआ इस बालिका की जन्मजात विकृत (कटे-फटे होंठ एवं तालू) थी। लीला की माँ मीना धु्रव कहती है कि इस सर्जरी के बाद अपने बच्चे का चेहरा सामान्य देखकर अब मेरी जिंदगी ही बदल गई है। पहले बच्चे के चेहरे की विकृति और उस पर लोगों के ताने और ऑपरेशन के लिए राशि का न होना बेहद दुःखद था।
पर्यवेक्षक ममता गायकवाड़ ने कार्यकर्ता निर्मला मालवीय के माध्यम से लीला के घर जाकर उनके पिता यशवंत ध्रुव एवं माता मीना धु्रव को बाल संदर्भ योजना एवं मुख्यमंत्री सुपोषण योजना के बारे में बताया। माता-पिता को बच्चे के साथ जिला चिकित्सालय लेकर आए। बच्ची का वजन बहुत कम था जिसके कारण उनका ऑपरेशन नहीं हो पाया। तब बालिका को पोषण पुनर्वास केन्द्र में 15 दिवस तक रखा गया बालिका गंभीर से मध्यम की श्रेणी में आ गई। मुख्यमंत्री सुपोषण योजना से बालिका मध्यम से सामान्य की श्रेणी में आ गई। महिला बाल विकास मंत्री अनिला भेड़िया के द्वारा उनके चिकित्सा निधि कोष से 5 हजार रूपये का सहयोग प्रदान किया गया।
ग्राम सिवनी के ही दीपक पाल जो कि मेडिशाईन अस्पताल में कार्यरत है, उन तक भी यह बात पहुंची। उन्होंने कार्यकर्ता एवं पर्यवेक्षक से सम्पर्क कर उन्हें मेडिशाईन हास्पिटल के लिए रवाना किया। यहां लीला के कटे-फटे होंठ एवं तालू की निःशुल्क सर्जरी कराई गई। इसके साथ उनके आने जाने रहने खाने पीने और दवा का खर्च भी संस्थान ने ही उठाया है। लीला का सफल ऑपरेशन हुआ और अब वह पूरी तरह स्वस्थ्य है।
रायपुर /शौर्यपथ/
जिला अंत्यावसायी सहकारी विकास समिति रायपुर द्वारा अनुसूचित जाति वर्ग की अंत्योदय स्वरोजगार योजनान्तर्गत अभनपुर तहसील के ग्राम नाहना चण्डी के शारदा महिला स्व-सहायता समूह एक लाख का चेक आज विधायक अभनपुर धनेन्द्र साहू तथा मुख्य कार्यपालन अधिकारी द्वारा दिया गया है।
पिछले 3 महीनों में 30 हजार ओपीडी, 200 से अधिक प्रसव
रायपुर के 4 ‘हमर अस्पताल’ में लोगों को मिल रही है कई नई सेवाएं, 42 तरह की जांच की सुविधा, 150 प्रकार की दवाएं निःशुल्क
दंत चिकित्सा, सोनोग्राफी और एक्स-रे की सुविधा भी
रायपुर /शौर्यपथ/
राजधानी रायपुर में संचालित चार ‘हमर अस्पताल’ से शहर में स्वास्थ्य सेवाओं की सूरत और सीरत बदल रही है। कई नई सुविधाओं से लैस इन अस्पतालों में पिछले तीन महीनों अगस्त, सितम्बर एवं अक्टूबर में 30 हजार ओपीडी हुई हैं। इस दौरान यहां 200 से अधिक प्रसव भी कराए गए हैं। राष्ट्रीय स्वास्थ्य मिशन के सहयोग से गुढ़ियारी के शहरी सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र तथा राजातालाब, भाठागांव और भनपुरी स्थित शहरी प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्रों का पिछले वर्ष ‘हमर अस्पताल’ के रूप में उन्नयन किया गया है। स्वास्थ्य मंत्री टी.एस. सिंहदेव ने मार्च-2020 में गुढ़ियारी में और नवम्बर-2020 में राजातालाब, भाठागांव और भनपुरी में ‘हमर अस्पताल सेवा’ का शुभारंभ किया था।
लोगों को सुबह से लेकर देर शाम तक चिकित्सा सेवा मुहैया कराने के लिए इन अस्पतालों में सवेरे 8 बजे से रात 8 बजे तक ओपीडी संचालित की जा रही है। यहां की आधुनिक लैब में मरीजों को 42 तरह की जांच की सुविधा मिल रही है। इन अस्पतालों में 150 प्रकार की दवाईयां निःशुल्क उपलब्ध हैं। चारों ‘हमर अस्पताल’ में विगत सात महीनों में कुल 1611 लोगों के आंखों की जांच की गई है। गुढ़ियारी ‘हमर अस्पताल’ में विगत सात महीनों (अप्रैल से अक्टूबर 2021) में 1188 लोगों के दांत के इलाज के साथ ही 320 मरीजों को एक्स-रे सुविधा प्रदान की गई है। राजातालाब और गुढ़ियारी ‘हमर अस्पताल’ में इस साल अगस्त से सोनोग्राफी की सुविधा भी शुरू हो चुकी है। इन दोनों अस्पतालों में अगस्त से अक्टूबर के बीच क्रमशः 151 और 163 मरीजों की सोनोग्राफी की गई है। अन्य ‘हमर अस्पतालों’ में भी दंत चिकित्सा, सोनोग्राफी और एक्स-रे की सुविधा विकसित की जा रही है।
नियमित टीकाकरण कार्यक्रम के तहत पिछले सात महीनों में चारों ‘हमर अस्पताल’ में कुल 335 बच्चों को हेपेटाइटिस-बी, 282 बच्चों को विटामिन-के की खुराक तथा 405 बच्चों को बीसीजी का टीका एवं ओरल पोलियो वैक्सीन दी गई है। गुढ़ियारी ‘हमर अस्पताल’ की ओपीडी में बीते तीन महीनों में 8709, राजातालाब ‘हमर अस्पताल’ की ओपीडी में 8687, भनपुरी ‘हमर अस्पताल’ की ओपीडी में 7143 और भाठागांव ‘हमर अस्पताल’ की ओपीडी में 5441 लोगों ने अपना इलाज कराया है। इस दौरान गुढ़ियारी ‘हमर अस्पताल’ में 77, राजातालाब ‘हमर अस्पताल’ में 53, भनपुरी ‘हमर अस्पताल’ में 38 और भाठागांव ‘हमर अस्पताल’ में 35 महिलाओं का प्रसव कराया गया है।
रायपुर /शौर्यपथ/
मात्र 15 प्रतिशत सुनने की क्षमता के साथ बड़ी हो रही तीशा ने जन्म के 5 साल बाद जब पहली बार मां कहा, तो माता-पिता की ननेआंखें खुशियां से छलछला उठीं। उनके लिए यह एक चमत्कार ही था, जो शासन की कोशिशें से ही संभव हो पाया। तीशा को बोलते देखकर करीब गांव में रहने वाले मूकबधिर पंकज के पिता जितेन्द्र कुमार कन्नोजे के मन में भी आस जागी। पंकज को भी शासन की मदद मिली और उसने 7 साल में पहली बार आवाज सुनी।
बालोद जिले के डौंडी लोहारा क्षेत्र की पांच साल की तीशा कोमा और सात साल का पंकज कन्नौजे बचपन से सुन-बोल नहीं सकते थे। क्षेत्र के समाज सेविका नीलिमा श्याम को तीशा की जानकारी मिलने पर वह गुजरा गांव के रहने वाले तीशा की मां प्यारी बाई और पिता भेलसिंह कोमा को लेकर महिला एवं बाल विकास मंत्री अनिला भेंड़िया से मिलने पहुंची। मंत्री भेंड़िया ने संवेदनशीलता के साथ मेडिकल कॉलेज हॉस्पिटल में उसके ईलाज की व्यवस्था करवाई। जांच से बता चला कि तीशा के कानों में 85 प्रतिशत सुनने की क्षमता नहीं है। तीशा को हॉस्पिटल से सुनने वाली मशीन कानों में लगाई गई। कान में मशीन लगाने से धीरे-धीरे तीशा आवाज सुनकर प्रतिक्रिया देने लगी और ईलाज के तीन माह के अंदर ही बोलने लगी। तीशा की मां ने बताया कि तीन-चार साल की होने पर भी तीशा बोलती नहीं थी न ही आवाज के प्रति कोई प्रतिक्रिया देती थी इससे वे चिन्तित रहते थे। रोजी-मजदूरी के कारण आय सीमित होने से वे महंगा ईलाज भी नहीं करा सकते थे, ऐसे में सरकारी मदद उनके बच्चे के लिए वरदान बनकर सामने आई। राज्य सरकार का आभार जताते हुए खुश होकर उन्होंने बताया कि तीशा अब मां-पापा, गिनती, अनार, आम बोलने के साथ अक्षर भी बताने लगी है।
तीशा की तरह जितेन्द्र कुमार ने भी नीलिमा के साथ मंत्री भेंड़िया से मिलकर अपनी परेशानी बताई। भेंड़िया ने पंकज के ईलाज की भी व्यवस्था मेकाहारा में करवाई। जांच से पता चला कि पंकज को बहुत कम सुनाई देता है और उसे लम्बे स्पीच थैरेपी की जरूरत है। श्रीमती भेंड़िया के निर्देश पर समाज कल्याण विभाग द्वारा दोनों बच्चों को हियरिंग डिवाइस दी गई। भेंड़िया ने अपने हाथों से बच्चों को चॉकलेट, मिठाई और बिस्कुट दिया, जिससे बच्चों के चेहरे पर खुशी आ आई। भेंड़िया के निवास पर ऑडियोलॉजिस्ट और स्पीचथैरेपिस्ट देव मिश्रा ने जब पंकज को हियरिंग डिवाइस लगाया और उसने जीवन में पहली बार आवाज सुनी तो उसके माता-पिता भी पंकज के भविष्य को लेकर आशान्वित हो उठे हैं।
तीशा और पंकज के माता-पिता की सहमति पर मंत्री भेंड़िया ने समाज कल्याण विभाग के संस्थान में बच्चों के ईलाज, स्पीच थैरेपी, रहने, खाने और पढ़ाई की व्यवस्था कर दी है। भेंड़िया ने कहा कि सही ईलाज और पढ़ाई-लिखाई से बच्चे भविष्य में किसी के आश्रित नहीं रहेंगे और खुद अपने पैरों पर खड़े हो सकेंगे। श्रीमती भेंड़िया द्वारा संवेदनशीलता के साथ ईलाज और अन्य व्यवस्थाओं के लिए तीशा और पंकज के माता-पिता ने उनका आभार व्यक्त किया है।
रायपुर /शौर्यपथ/
नगरीय प्रशासन एवं विकास तथा श्रम मंत्री डॉ. शिवकुमार डहरिया ने रायपुर जिले के विकासखंड आरंग में विभिन्न विकास कार्यों की सौगात दी। इन कार्यों में सड़क, तालाब, स्कूल, सामुदायिक भवन सहित नाली निर्माण एवं अन्य कार्य शामिल हैं। डॉ डहरिया ने आरंग विकासखण्ड क्षेत्र के एक दिवसीय कार्यक्रम के दौरान सरपंच एवं मितानिन सम्मान समारोह में शामिल होकर मितानिनों एवं सरपंचों को सम्मानित किया।
नगरीय प्रशासन मंत्री ने आरंग विकासखंड के सण्डी ग्राम में सड़क, सामुदायिक भवन, नाला, निर्माण, बोर खनन, स्कूलों में पेयजल सहित अन्य कार्य जिनकी लागत करीब 75 लाख 50 हजार रूपये के कार्यों का लोकार्पण एवं शिलान्यास किया। डॉ. डहरिया ने आरंग में मितानिनों के लिए प्रशिक्षण भवन बनाने के लिए 20 लाख रूपये प्रदान करने की घोषणा की तथा कर्मचारी भवन में डॉ भीमराव अम्बेडकर की प्रतिमा लगाने की भी घोषणा की। डॉ डहरिया ने बताया कि आरंग में नये सामुदायिक स्वास्थ केन्द्र के लिए 2 करोड़ 50 लाख रूपये स्वीकृत किये गये हैं।
मितानिन एवं सरपंच सम्मान समारोह को संबोधित करते हुए डॉ डहरिया ने कहा कि मुख्यमंत्री भूपेश बघेल के निर्देशन में छत्तीसगढ़ में गांव, गरीब, किसान सहित सभी वर्गों के लिए विभिन्न कल्याणकारी योजनाएं संचालित की जा रही हैं। उन्होंने बताया कि राजीव गांधी किसान न्याय योजना के अंतर्गत प्रदेश के किसानों के खातों में तीन किश्तों की राशि अंतरित की जा चुकी है। चौथी किश्त की राशि भी किसानों क खातों में शीघ्र अंतरित की जायेगी। उन्होंने बताया कि देश में छत्तीसगढ़ ही ऐसा राज्य है जहां सबसे ज्यादा कीमत पर धान किसानों से खरीदा जा रहा है। राजीव गांधी कृषि मजदूर न्याय योजना के तहत ऐसे कृषि मजदूर जिनके पास खेती करने के लिए स्वयं की जमीन है उन्हें 6 हजार रूपए की सालाना सहायता दी जायेगी। इसी तरह से युवाओं को राजीव गांधी मितान क्लबों से जोड़ा जा रहा है। पौनी-पसारी योजना के माध्यम से छोटे परम्परागत व्यवसायियों का सहयोग किया जा रहा है। उन्होंने बताया कि छत्तीसगढ़ में कोरोना काल में भी आर्थिक गतिविधियां प्रभावित नहीं हुई हैं। कार्यक्रम में पंचायत प्रतिनिधि, मितानिन दीदियों सहित नागरिक एवं अधिकारी-कर्मचारी मौजूद थे।
रायपुर /शौर्यपथ/
लोक निर्माण मंत्री ताम्रध्वज साहू ने आज दुर्ग जिले में शिवनाथ नदी पर ग्राम रूदा में एनीकट निर्माण के लिए भूमिपूजन किया। कार्यक्रम की अध्यक्षता जिला पंचायत दुर्ग की अध्यक्ष शालिनी रिवेन्द्र यादव ने किया। एनीकट निर्माण से लगभग 250 हेक्टेयर क्षेत्र में खरीफ और रबी फसल की सिंचाई हो सकेगी। इससे रूदा, झोला, भोथली, खांडा एवं धीरी के ग्रामीणों को लाभ मिलेगा।
इस अवसर पर मंत्री श्री साहू ने कहा कि ग्रामीण क्षेत्रों में किसानों की खेती किसानी को बढ़ावा देने और सिंचाई संबंधी जरूरतों को पूरा करने शासन प्रतिबद्ध है। सरकार इस पर निरंतर कार्य कर रही है। राज्य शासन के ग्रामीण विकास की योजनाओं का सीधा लाभ ग्रामीणों को मिल रहा है। दुर्ग जिले में लगातार सिंचाई सुविधाओं को बेहतर करने की दिशा में कार्य किया गया है।
एनीकट के निर्माण से ग्रामवासियों के निस्तार हेतु भी जल उपलब्ध रहेगा, कृषि कार्यों से संबंधित आवागमन भी रपटे के ऊपर से हो सकेगा। वर्तमान समय की महती आवश्यकता है-भूजल स्तर को संधारित करना एवं इसका संवर्धन करना। एनीकट के निर्माण से जल संधारण होगा और भूजल स्तर में बढ़ोत्तरी होगी। किसान स्वयं के साधन से 250 हेक्टेयर खरीफ एवं रबी फसलों की सिंचाई कर सकेंगे। राजनांदगांव जिले के भी कई ग्रामों को भी इस एनीकट से निस्तार एवं पेयजल की सुविधा मिलेगी।
कार्यक्रम में विशिष्ट अतिथि के रूप मे योगिता चंद्राकर सभापति कृषि समिति जिला पंचायत दुर्ग, माया बेलचंदन सदस्य जिला पंचायत दुर्ग, देवेन्द्र कुमार देशमुख अध्यक्ष जनपद पंचायत दुर्ग, माननीया झमित गायकवाड़ उपाध्यक्ष जनपद पंचायत दुर्ग, हेमकुमारी देशमुख सदस्य जनपद पंचायत दुर्ग सहित बड़ी संख्या में ग्रामीणजन एवं मुख्य अभियंता डी.सी. जैन, अधीक्षण अभियंता एस. जार्ज, कार्यपालन अभियंता सुरेश पाण्डेय सहित अन्य अधिकारी उपस्थित थे।
Feb 09, 2021 Rate: 4.00
