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पुलिस जवानों का पराक्रम हमारे लिए गौरव की बात है: मुख्यमंत्री बघेल
राज्यपाल, मुख्यमंत्री, गृहमंत्री पुलिस स्मृति दिवस परेड में हुए शामिल
रायपुर /शौर्यपथ/
पुलिस के जवान मातृभूमि की सेवा के लिये अपने जीवन की भी परवाह नहीं करते हैं
जीवन की भी परवाह नहीं करते हैं। हम आज अपने घरों में सुरक्षित हैं, क्योंकि पुलिस के
पुलिस के जवान मातृभूमि की सेवा के लिये अपने जीवन की भी परवाह नहीं करते हैं। हम आज अपने घरों में सुरक्षित हैं, क्योंकि पुलिस के जवान दिन-रात पूरे समर्पण भाव से अपनी ड्यूटी में तैनात रहते हैं। आज पुलिस स्मृति दिवस का अवसर उन वीर जवानों के शौर्य की याद दिलाता है, जिन्होंने मातृभूमि की रक्षा के लिए सब कुछ न्यौछावर कर दिया। उक्त बातें राज्यपाल सुश्री अनुसुईया उइके ने आज चौथी वाहिनी, छसबल माना रायपुर के प्रांगण में पुलिस स्मृति दिवस के अवसर पर आयोजित कार्यक्रम में कहीं। उन्होंने शहीद जवानों एवं उनके माता-पिता को नमन किया।
पुलिस के जवान दिन-रात पूरे समर्पण भाव
जीवन की भी परवाह नहीं करते हैं। हम आज अपने घरों में सुरक्षित हैं, क्योंकि पुलिस के
इस अवसर पर मुख्यमंत्री भूपेश बघेल एवं गृहमंत्री ताम्रध्वज साहू ने पुलिस के शहीद जवानों को पुष्पचक्र अर्पित कर श्रद्धांजलि अर्पित की। उन्होंने शहीद पुलिस जवानों के परिजनों से मुलाकात कर ढाढस बंधाया और हरसंभव सहायता का आश्वासन दिया।
राज्यपाल सुश्री उइके ने कहा कि कोरोना वायरस संक्रमण
राज्यपाल सुश्री उइके ने कहा कि कोरोना वायरस संक्रमण के खतरे के बावजूद हमारे पुलिस के जवान मोर्चे पर तैनात थे राज्यपाल सुश्री उइके ने कहा कि कोरोना वायरस संक्रमण के खतरे के बावजूद हमारे पुलिस के जवान मोर्चे पर तैनात थे। कुछ जवान, कोरोना संक्रमित भी हो गए और इस बीमारी के कारण कुछ जवानों ने अपने प्राणों की आहूति भी दी।
ने कहा कि पुलिस का काम अपेक्षाकृत अधिक जिम्मेदारी
अपेक्षाकृत अधिक जिम्मेदारी का काम होता है
राज्यपाल ने कहा कि पुलिस का काम अपेक्षाकृत अधिक जिम्मेदारी का काम होता है। उनमें जवाबदेही ज्यादा होती है। एक तरफ वे कानून और व्यवस्था बनाए रखने के लिए शासन के निर्देशों के अनुरूप कार्य करते हैं। दूसरी तरफ उनकी जिम्मेदारी या कर्तव्य होता है कि समाज में व्यवस्था बनी रहे और नागरिकों को किसी भी प्रकार की असुविधा का सामना न करना पड़े। उन्होंने कहा कि इन जिम्मेदारियों के मध्य समन्वय बनाना एक कठिन कार्य है। इस कारण उन्हें कभी कभार मानसिक तनाव का भी सामना करना पड़ता है। उन्होंने आम जनता से आग्रह किया कि पुलिसकर्मियों के प्रति मानवीय दृष्टिकोण रखें, उनके कार्यों में मदद करें। पुलिस के जवान भी अपने परिवार को छोड़ कर कार्य कर रहे हैं। उनसे परिवार के एक सदस्य की भांति व्यवहार करें, उन्हें सम्मान दें। राज्यपाल ने कहा कि आपके दो मीठे बोल, उनके व्यवहार में कितना परिवर्तन लाएंगे। यह सद्व्यवहार, उनकी सारी थकान को दूर कर देगी और वे आपके प्रति अच्छा व्यवहार करेंगे ही, साथ ही अपनी ड्यूटी दोगुने जोश से करेंगे।
उइके ने कहा कि हमारा प्रदेश नक्सल समस्या से जूझ रहा है
सुश्री उइके ने कहा कि हमारा प्रदेश नक्सल समस्या से जूझ रहा है। इन क्षेत्रों में तैनात हमारे जवान, साहस के साथ नक्सलियों का सामना कर रहे हैं। छत्तीसगढ़ पुलिस नक्सल प्रभावित क्षेत्रों में सुरक्षा कार्य के साथ ही वहां के भटके हुए लोगों को मुख्यधारा में जोड़ने का भी कार्य करते हैं। इन सब प्रयासों के फलस्वरूप प्रदेश के नक्सल प्रभावित क्षेत्रों में जागरूकता आई है और मुझे आशा है कि हमारा प्रदेश जल्द नक्सल समस्या से मुक्त होगा।
उइके ने कहा कि हमारा प्रदेश नक्सल समस्या से जूझ रहा है
मुख्यमंत्री भूपेश बघेल ने कहा कि आज संपूर्ण भारतवर्ष 1971 में भारत-पाकिस्तान युद्ध में भारत की विजय की स्वर्ण जयंती मना रहा है। मैं भारत की जीत सुनिश्चित करने वाले सभी जवानों को नमन करता हूं। केंद्रीय पुलिस बल के जवानों ने सन् 1959 में चीनी आक्रमणकारियों का शौर्यपूर्वक मुकाबला किया था। ये घटना पुलिस की चुनौतियों की मिसाल है। यह अवसर देश सेवा के लिये अपनी प्राण न्यौछावर करने वाले पुलिस जवानों के शौर्य को नमन करने के साथ गौरवान्वित एवं भावुक करने वाला है। पुलिस के जवान अपनी जान की परवाह किये बगैर समाज और देश की सुरक्षा करते हैं। उनके इस योगदान के प्रति आदर एवं शहीदों के परिजनों की देखभाल करना शासन के साथ समाज की भी जिम्मेदारी है। शहीदों के परिजनों के कल्याण के लिये शासन अनवरत कार्य कर रहा है। इस अवसर पर मैं पुलिस बल के अधिकारियों, कर्मचारियों एवं उनके परिजनों को धन्यवाद देता हूं।
नक्सलवाद प्रभावित अंचलों में सीआरपीएफ एवं अन्य सुरक्षा बल के जवानों
उन्होंने कहा कि छत्तीसगढ़ में भी नक्सलवाद प्रभावित अंचलों में सीआरपीएफ एवं अन्य सुरक्षा बल के जवानों का त्याग, समर्पण और शहादत किसी से कम नहीं है। हमारी सरकार ने सुरक्षा बलों के कार्यों को सर्वाेच्च महत्ता देते हुए उनके लिए राहत और कल्याण के कदम सर्वाेच्च प्राथमिकता से उठाए हैं, लेकिन मेरा यह मानना है कि समाज की व्यापक सहभागिता के बिना वीर जवानों के कर्त्तव्य निर्वहन का समुचित सम्मान संभव नहीं है। उन्होंने सभी सुरक्षा बलों में तैनात जवानों के प्रति अपनी सहभागिता, शहीदों के प्रति कृतज्ञता और उनके परिवारजनों के प्रति संवेदना व्यक्त की।
अमर-शहीदों को श्रद्धा-सुमन अर्पित करते हुए
गृहमंत्री ताम्रध्वज साहू ने अमर-शहीदों को श्रद्धा-सुमन अर्पित करते हुए कहा कि बहादुर शहीद जवानों को नमन करता हूं जिन्होंने अदम्य साहस का परिचय देते हुये सर्वाेच्च बलिदान दिया। छत्तीसगढ़ पुलिस नक्सली क्षेत्र में विकास, विश्वास और सुरक्षा के लिये समर्पण भाव से कर रही कार्य कर रही है। विगत वर्षों में नक्सली वारदातों में कमी आई है।
नक्सलवाद देश के अनेक भागों में फैला हुआ है,
पुलिस महानिदेशक डी.एम. अवस्थी ने कहा कि नक्सलवाद देश के अनेक भागों में फैला हुआ है, जिसमें छत्तीसगढ़ राज्य का बहुत बड़ा भाग भी प्रभावित है। माओवादी, मानवता एवं प्रजातांत्रिक मूल्यों के विरूद्ध सक्रिय है। छत्तीसगढ़ पुलिस नक्सल समस्या के उन्मूलन हेतु कृत संकल्पित है। उन्होंने कहा कि वीर शहीद जवानों का परिवार सदैव पुलिस परिवार का हिस्सा रहेगा। उन्होंने विश्वास दिलाया कि छत्तीसगढ़ पुलिस सदैव उनके साथ है। इस अवसर पर मुख्य सचिव अमिताभ जैन, अपर मुख्य सचिव सुब्रत साहू एवं पुलिस के वरिष्ठ अधिकारी एवं शहीद जवानों के परिजन उपस्थित थे।
अभिनव परियोजनाओं के कारण आज छत्तीसगढ़ मॉडल की चर्चा पूरे देश में
नागरिकों को योजनाओं से मिले प्रत्यक्ष लाभ से होगा परफार्मेंस का आँकलन
मुख्यमंत्री भूपेश बघेल की अध्यक्षता में कलेक्टर कॉन्फ्रेंस
रायपुर /शौर्यपथ/
मुख्यमंत्री भूपेश बघेल की अध्यक्षता में आज यहां न्यू सर्किट हाउस के ऑडिटोरियम में कलेक्टर्स कॉन्फ्रेंस आयोजित हुई। मुख्यमंत्री भूपेश बघेल ने सभी जिला कलेक्टरों से कहा कि ने ग्रास रूट पर मूलभूत प्रशासन पर अधिकतम ध्यान केंद्रित किया जाए। मंत्रालय से लिए गए निर्णय को धरातल पर पहुँचाने का बीड़ा ज़िला प्रशासन पर है। इसकी समीक्षा आँकड़ों से नहीं, छत्तीसगढ़ के नागरिकों को इन योजनाओं से पहुँचे प्रत्यक्ष लाभ से परफार्मेंस का आँकलन किया जाएगा।
बैठक में कृषि मंत्री रविंद्र चौबे, मुख्य सचिव अमिताभ जैन, पुलिस महानिदेशक डी. एम. अवस्थी, पंचायत एवं ग्रामीण विकास विभाग की अपर मुख्य सचिव रेणु जी.पिल्ले, मुख्यमंत्री के अपर मुख्य सचिव सुब्रत साहू सहित प्रमुख सचिव, विभिन्न विभागों के सचिव, कमिश्नर, जिलों के कलेक्टर तथा वरिष्ठ अधिकारी उपस्थित रहें।
मुख्यमंत्री भूपेश बघेल ने अधिकारियों को संबोधित करते हुए कहा कि - राजस्व प्रशासन के कार्य सीधे तौर पर किसानों, आम नागरिकों से जुड़े हुए हैं। ज़िला प्रशासन इसे सर्वाेच्च प्राथमिकता दे। शासन और प्रशासन के मध्य परस्पर संवाद आवश्यक है, इसीलिए आज हम सब यहाँ एक परिवार की भाँति उपस्थित हैं। कोविड महामारी में प्रशासन ने बहुत बेहतर ढंग से कार्य किया है। आज छतीसगढ़ की अभिनव परियोजनाओं के कारण छत्तीसगढ़ मॉडल की चर्चा पूरे देश में हो रही है।
मुख्यमंत्री श्री भूपेश बघेल ने कहा कि - क़ानून व्यवस्था की ज़िम्मेदारी जिला दंडाधिकारी की है। जिला दंडाधिकारी को टीम लीडर के रूप में कार्य करना है। उन्होंने कहा कि क़ानून व्यवस्था की निरंतर निगरानी सुनिश्चित करते हुए सोशल मीडिया के माध्यम से फैल रहे अफ़वाह और दुष्प्रचार का कठोरता से खंडन ज़रूरी है। ज़िला दंडाधिकारी साप्ताहिक समीक्षा बैठक के पूर्व पुलिस अधीक्षक, कार्यपालिक दंडाधिकारियों के साथ क़ानून-व्यवस्था की समीक्षा करें। इस बैठक में पिछले सप्ताह की स्थिति की समीक्षा की जाए और आने वाले सप्ताह में क़ानून-व्यवस्था की स्थितियों का पूर्वानुमान लगाएं और रणनीतिक योजनायें बनायें। शासन प्रशासन की पैठ स्थापित होनी चाहिए।
मुख्यमंत्री भूपेश बघेल ने कहा कि प्रशासन की सजगता से ही क़ानून व्यवस्था की स्थिति बेहतर हो सकती है। संचार क्रांति के दौर में एक स्थान की घटना का असर पूरे प्रदेश और देश में होता है, इसलिए ज़िम्मेदारी बहुत अधिक है। छत्तीसगढ़ शांति का टापू है, क़ानून व्यवस्था को बनाए रखना हमारी प्राथमिकता है। सोशल मीडिया पर उचित पर्यवेक्षण ज़रूरी है। सूचना ही शक्ति है, ज़िला प्रशासन का सूचना तंत्र सुदृढ़ किया जाना ज़रूरी है। ग़लत तथ्यों का खंडन करें, अफ़वाह न फैलने दें। प्रशासन का इकबाल होना चाहिए। विरोध प्रदर्शन से मुझे परहेज़ नहीं है लेकिन योजनाबद्ध रूप से माहौल बिगाड़ने की साज़िश को सफल नहीं होने दिया जाना है। ज़िले का आसूचना तंत्र विकसित करें। हर हाल में सौहार्द्र का वातावरण बना रहना चाहिए। सांप्रदायिक सद्भाव छत्तीसगढ़ी संस्कृति की पहचान है, किसी भी व्यक्ति या संस्था को इसे बिगाड़ने नहीं दिया जाएगा।
जगदलपुर /शौर्यपथ/
समाज कल्याण विभाग द्वारा निःशक्त व्यक्तियों के लिए विवाह प्रोत्साहन अंशदान योजना के अंतर्गत बस्तर जिले के तीन हितग्राहियों को एक लाख 50 हजार रूपए की राशि स्वीकृत की गई है। जिसमें विकासखंड जगदलपुर के संजय गांधी वार्ड निवासी सत्य प्रकाश और उनकी पत्नि नताश, ग्राम बालिकोंटा के निवासी प्रीतम बघेल और उनकी पत्नि सुमित्रा कश्यप एवं विकासखंड बकावंड ग्राम संघकरमरी के निवासी धरमूराम नेताम और उनकी पत्नि असनता नेताम को 50-50 हजार रूपए की राशि स्वीकृत की गई।
रायपुर /शौर्यपथ/
आधी आबादी की भागीदारी
‘हर हाथ को काम और काम का वाजिब दाम’ की उक्ति को धरातल पर उतारने वाली मनरेगा (महात्मा गांधी राष्ट्रीय ग्रामीण रोजगार गारंटी अधिनियम) देश की ‘आधी आबादी’ को भी आर्थिक मजबूती प्रदान कर रही है। हर हाथ को काम देने का आशय केवल पुरूष मजदूर तक ही सीमित नहीं है, बल्कि इसमें ऐसे सभी महिला श्रमिक भी शामिल हैं जो काम की इच्छुक हैं और जो काम कर सकती हैं। देश की ‘आधी आबादी’ यानि महिलाएं मनरेगा में पुरूषों के साथ कंधा से कंधा मिलाकर रोजगार सृजन कर रही हैं। महिला मेटो की नियुक्ति से कार्यस्थल में उनकी उपस्थिति और भी ज्यादा सुनिश्चित हुई है। मनरेगा कार्यों में महिला मेट नाप से लेकर रिकॉर्ड संधारण का कार्य बखूबी कर रही हैं। वे महिला मजदूरों को प्रोत्साहित भी कर रही हैं। फलस्वरूप अनेक जिलों में कार्यस्थलों में महिला मजदूरों की भागीदारी 50 प्रतिशत से अधिक हो गई है।
बदल दिए घर के हालात
गरियाबंद जिले के फिंगेश्वर विकासखण्ड मुख्यालय से दस किलोमीटर की दूरी पर सघन वनों के बीच ग्राम पंचायत गुन्डरदेही बसा है। वहां पंजीकृत पांच महिलो मेटों में एक गिरजा साहू भी है। मजदूर परिवार की गिरजा बारहवीं तक शिक्षित है। पहले उनका परिवार पति की रोजी-मजदूरी पर ही निर्भर था। पर अब जब से वह मेट बनी है, अपने परिवार को आर्थिक संबल प्रदान कर रही है। वर्ष 2015 से मेट का काम कर रही गिरजा ने धीरे-धीरे रकम जोड़कर अब कपड़े की एक दुकान भी खोल ली है। आय का अतिरिक्त साधन होने से परिवार की आर्थिक स्थिति अब पहले से काफी बेहतर हो गई है।
दूसरी महिलाओं को कर रही प्रेरित
गिरजा को मेट का काम करते देख गांव की केशरी ध्रुव, मंजू साहू, उर्वशी यादव और त्रिवेणी साहू भी प्रेरित हुईं और मेट का काम सीखकर अब वे भी महिला मेट के रूप में सेवाएं दे रही हैं। इन लोगों ने मनरेगा के तकनीकी सहायक से खनती की माप एवं मजदूरों का नियोजन सीखने के बाद महिला मेटों के लिए आयोजित प्रशिक्षण में पंजी संधारण एवं दस्तावेजों के रखरखाव का काम भी कुशलता से सीख लिया है। गांव में नवीन तालाब निर्माण, तालाब गहरीकरण, नाला सफाई एवं भूमि सुधार जैसे अनेक कार्यों में मेट के रूप में मजदूरों के कुशल नियोजन के साथ-साथ उन्हें जरूरी दिशा-निर्देश देने, पंजी संधारण तथा मस्टररोल में हाजिरी दर्ज करने जैसे महत्वपूर्ण काम वे कर रही हैं।
महिलाओं की 50 प्रतिशत से अधिक भागीदारी
वन क्षेत्र में स्थित होने के कारण गुण्डरदेही में खेती-किसानी का रकबा बहुत कम है। रोजगार के अन्य साधन भी कम संख्या में हैं। वहां मनरेगा कार्यों में महिला श्रमिकों की भागीदारी बढ़ाने में गांव की इन पांचों महिला मेटो का विशेष योगदान है। इनके प्रोत्साहन से पिछले तीन वर्षों में मनरेगा कार्यों में महिला श्रमिकों की भागीदारी 50 प्रतिशत से अधिक रही है। गुन्डरदेही में वर्ष 2018-19 में सृजित कुल मानव दिवस रोजगार में से 55 प्रतिशत, 2019-20 में 56 प्रतिशत और 2020-21 में करीब 54 प्रतिशत महिलाओं द्वारा सृजित किए गए हैं। गांव की महिला मेटो द्वारा आजीविका संवर्धन के कार्यों के प्रति महिलाओं को प्रोत्साहित करने से ही इतनी बड़ी संख्या में महिलाओं को रोजगार देना संभव हो पाया है।
रायपुर /शौर्यपथ/
आंध्रप्रदेश के संस्कृति एवं पर्यटन मंत्री एम. श्रीनिवास राव को आज विशाखापट्नम स्थित उनके निवास कार्यालय में छत्तीसगढ़ शासन की ओर से विधायक देवती कर्मा और दंतेवाड़ा की जिला पंचायत अध्यक्ष तूलिका कर्मा ने राष्ट्रीय आदिवासी नृत्य महोत्सव में शामिल होने के लिए आमंत्रित किया। विधायक देवती कर्मा ने आंध्रप्रदेश के संस्कृति एवं पर्यटन मंत्री को छत्तीसगढ़ शासन द्वारा राजधानी रायपुर में 28 से 30 अक्टूबर तक आयोजित होने वाले राष्ट्रीय आदिवासी नृत्य महोत्सव के उद्देश्य के बारे में विस्तारपूर्वक जानकारी दी। कर्मा ने बताया कि छत्तीसगढ़ शासन द्वारा आदिवासी कला, संस्कृति एवं परंपरा को सहेजने, संवारने तथा उनके संवर्धन के लिए राज्य सहित देश के विभिन्न राज्यों की आदिवासी संस्कृति को मंच प्रदान करने के लिए राष्ट्रीय आदिवासी नृत्य महोत्सव आयोजित किया जा रहा है। उन्होंने छत्तीसगढ़ सरकार द्वारा आदिवासी संस्कृति को विश्व पटल पर लाने के प्रयासों के बारे में भी जानकारी दी। आंध्रप्रदेश के संस्कृति एवं पर्यटन मंत्री एम. श्रीनिवास राव ने इस आमंत्रण के लिए छत्तीसगढ़ सरकार का आभार व्यक्त किया है।
मुख्यमंत्री ने श्री धन्वंतरी जेनेरिक मेडिकल स्टोर योजना का किया शुभारंभ : योजना के अंतर्गत 84 मेडिकल स्टोर हुए शुरू
इन मेडिकल स्टोरों में एमआरपी से 50 से 71 प्रतिशत सस्ती मिलेगी गुणवत्तापूर्ण दवाईयां
डॉक्टरों और फार्मासिस्टों से जेनेरिक दवाईयों को लोकप्रिय बनाने की अपील
यूनिवर्सल हेल्थ कव्हरेज के लक्ष्य के साथ दुर्गम स्थानों में भी पहूँचाई जा रही हैं, स्वास्थ्य सेवाएं
रायपुर /शौर्यपथ/
मुख्यमंत्री भूपेश बघेल ने कहा है कि महंगी होती स्वास्थ्य सेवाओं को गरीब से गरीब व्यक्ति की पहंुच में लाने का प्रयास राज्य सरकार द्वारा पूरी संवेदनशीलता के साथ किया जा रहा है। इसके लिए अनेक योजनाएं प्रारंभ की गई हैं। इसी कड़ी में आज धन्वंतरी मेडिकल स्टोर योजना का शुभारंभ किया गया है। इन मेडिकल स्टोर्स में जेनेरिक दवाइयां 50 से 71 प्रतिशत कम कीमत पर उपलब्ध होगी। मुख्यमंत्री आज यहां अपने निवास कार्यलय से वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के जरिए धन्वन्तरी जेनरिक मेडिकल स्टोर योजना का शुभारंभ करने के बाद कार्यक्रम को सम्बोधित कर रहे थे। इस योजना के अंतर्गत राज्य में 84 दुकानों का शुभारंभ मुख्यमंत्री श्री बघेल ने किया। धन्वंतरी जेनेरिक मेडिकल स्टोर्स से उपभोक्ताओं को सस्ती दर पर गुणवत्तापूर्ण दवाईयां उपलब्ध होगी। उपभोक्ताओं को दवाइयों की एमआरपी पर न्यूनतम 50.09 प्रतिशत और अधिकतम 71 प्रतिशत छूट का लाभ मिलेगा।
अवसर पर दवाइयों के होम किट और ट्रैवल किट का लोकार्पण भी किया
मुख्यमंत्री बघेल ने इस अवसर पर दवाइयों के होम किट और ट्रैवल किट का लोकार्पण भी किया। यह किट धन्वंतरी जेनेरिक मेडिकल स्टोर में विक्रय के लिए उपलब्ध होंगे। दवाइयों के होम किट की कीमत 691 रुपये है, जो इन मेडिकल स्टोर में 290 रुपये के मूल्य पर तथा ट्रेवल किट जिसकी कीमत 311 रुपये है, वह 130 रुपये में उपलब्ध होगा।
नगरीय प्रशासन एवं विकास विभाग द्वारा संचालित इस योजना में आने वाले समय में प्रदेश के 169 शहरों में 188 मेडिकल स्टोर्स प्रारंभ करने की योजना है। इन मेडिकल स्टोर्स में 251 प्रकार की जेनरिक दवाईयां तथा 27 सर्जिकल उत्पाद की बिक्री अनिवार्य होगी। इसके अलावा वन विभाग के संजीवनी के उत्पाद, सौंदर्य प्रसाधन उत्पाद और शिशु आहार आदि का भी विक्रय किया जाएगा। इन मेडिकल स्टोरों से मिलने वाली जेनेरिक दवाईयां सिपला, एलेम्बिक, रेनबैक्सी, केडिला, फाईजर जैसी 20 ब्रांडेड प्रतिष्ठित कंपनी की होंगी, जो सस्ती होने के साथ-साथ गुणवत्तापूर्ण भी होंगी। इन मेडिकल स्टोर्स में दर्द और ज्वर नाशक, मांसपेशियों को आराम देने वाली दवाई, महिलाओं के मासिक धर्म, गर्भावस्था की दवाई, एलर्जी, आंख, कान, नाक, गला रोग, हृदय रोग, सर्दी-खाँसी- बुखार, लोकल एवं जनरल अनेसथेसिया, थायराइड की दवाइयां, एंटीफंगल दवा, विटामिन की गोलियां एवं त्वचा संबंधी रोगों की दवाई उपलब्ध रहेंगी।
मुख्यमंत्री भूपेश बघेल ने इस अवसर पर कहा कि पूरी दुनिया में महंगी होती स्वास्थ्य सेवाएं चिंता का कारण है। अनेक लोग इलाज के खर्च के कारण कर्ज और महंगाई का शिकार हो जाते हैं। राज्य सरकार द्वारा यूनिवर्सल हेल्थ कव्हरेज के लक्ष्य के साथ दुर्गम स्थानों में बेहतर से बेहतर स्वास्थ्य सेवाएं पहुचाने के लिए मुख्यमंत्री हाट बाजार क्लिनिक योजना, शहरी क्षेत्रों में मुख्यमंत्री शहरी स्लम स्वास्थ्य योजना प्रारंभ की गई हैं, जिनमें मोबाइल मेडिकल यूनिट के जरिए अधिक से अधिक जरूरतमंद लोगों तक स्वास्थ्य सेवाएं पहुच रही हैं। महिलाओं और किशोरी बालिकाओं के लिए दाई-दीदी क्लिनिक योजना प्रारंभ की गई है।
मुख्यमंत्री ने कहा कि राज्य सरकार द्वारा बस्तर से मुख्यमंत्री सुपोषण अभियान और मलेरिया मुक्त अभियान की शुरूआत कर इसका विस्तार पूरे प्रदेश में किया गया है। विकासखंड स्तर से लेकर जिला स्तर तक अस्पतालों को सर्व सुविधायुक्त बनाया जा रहा है। स्वास्थ्य विभाग में 4000 पदों में नई भर्तियां की जा रही हैं। गरीब से गरीब लोगों को इलाज के लिए सहायता उपलब्ध कराने के उद्देश्य से डॉ. खूबचंद बघेल स्वास्थ्य सहायता योजना और मुख्यमंत्री विशेष स्वास्थ्य योजना प्रारंभ की गई है। इन योजनाओं में इलाज के लिए 5 लाख से 20 लाख रूपए की मदद दी जाती है, ताकि गरीब से गरीब व्यक्ति भी गंभीर बीमारी का इलाज करा सकें। इलाज में पैसे की कमी अवरोध न बने। मुख्यमंत्री इस अवसर पर डॉक्टरों और फार्मासिस्टों से जेनेरिक दवाईयों को लोकप्रिय बनाने में अपना योगदान देने और जनप्रतिनिधियों से इस योजना का प्रचार-प्रसार करने की अपील की। मुख्यमंत्री ने कहा कि जंगलों में रहने वाले वनवासियों द्वारा वनोपजों और वनौषधियों का संग्रहण कर आर्गेनिक उत्पाद तैयार किए जा रहे हैं, जो इन मेडिकल स्टोरों में भी उपलब्ध होंगे। उन्होंने इन उत्पादों का ज्यादा से ज्यादा उपयोग करने की अपील इस अवसर पर की।
मुख्यमंत्री ने विभिन्न जिलों से जुड़े कलेक्टर्स, जनप्रतिनिधियों और योजना के हितग्राहियों से मिल रहे लाभ की जानकारी ली। कोरबा के हितग्राही श्री सुमीत कुमार यादव ने बताया कि उन्हें इन मेडिकल स्टोर्स से खरीदी गई दवाईयों से 600 रूपए की बचत हुई है। इसी प्रकार बस्तर के पार्वती द्वारा बीपी की दवा 138 रूपए की जगह 50 रूपए में मिलने की जानकारी दी गई।
नगरीय प्रशासन डॉ. शिवकुमार डहरिया और वन मंत्री मोहम्मद अकबर ने भी कार्यक्रम को सम्बोधित किया। नगरीय प्रशासन विभाग की सचिव अलरमेलमंगई डी. ने योजना के बारे में विस्तार से जानकारी दी। उन्होंने बताया कि भविष्य में इन मेडिकल स्टोर्स से दवाईयों की घर पहुंच सेवा भी शुरू की जाएगी। उन्हांेने बताया कि मुख्यमंत्री स्लम स्वास्थ्य योजना 13 अक्टूबर तक 10 लाख से अधिक लोगों को स्वास्थ्य सुविधाओं का लाभ पहुंचाया जा चुका है। कार्यक्रम में उद्योग मंत्री श्री कवासी लखमा, स्कूल शिक्षा मंत्री डॉ. प्रेम साय सिंह टेकाम, विधायक मोहन मरकाम, मोहित राम केरकेट्टा और पुरुषोत्तम कंवर, मुख्य सचिव अमिताभ जैन, नगरीय प्रशासन एवं विकास विभाग की सचिव अलरमेलमंगई डी, राज्य शहरी विकास अभिकरण के मुख्य कार्यपालन अधिकारी श्री सौमिल रंजन चौबे उपस्थित थे। वीडियो कांफ्रेंस के जरिए विभिन्न जिलों से विधायक महापौर पार्षद सहित अनेक जनप्रतिनिधि जिले के कलेक्टर भी कार्यक्रम से जुड़े।
धन्वंतरी जेनेरिक मेडिकल स्टोर योजना के अंतर्गत दुर्ग जिले में 15, जांजगीर-चांपा जिले में 15, धमतरी, कोरबा और रायगढ़ जिले में 6-6, राजनांदगांव मंे 5, बिलासपुर, कोण्डागांव, सुकमा और बीजापुर जिले में 3-3, रायपुर, गौरेला-पेंड्रा-मरवाही, सूरजपुर और जशपुर जिले में 2-2, महासमुद, बलौदाबाजार-भाटापारा, गरियाबंद, बेमेतरा, कबीरधाम, सरगुजा, बलरामपुर-रामानुजगंज, बस्तर, नारायणपुर, कांकेर और दंतेवाड़ा जिले में 1-1 मेडिकल स्टोर का आज शुभारंभ हुआ।
रायपुर/शौर्यपथ/
राज्यपाल सुश्री अनुसुईया उइके 20 अक्टूबर 2021 को दुर्ग जिले के अहिवारा में वरघोड़ा शोभायात्रा एवं अभिनंदन समारोह में शामिल होंगी। सुश्री उइके सुबह 10:10 बजे रायपुर से सड़क मार्ग से रवाना होंगी और सुबह 11:00 बजे पीडब्ल्यूडी रेस्ट हाउस अहिवारा पहुंचेगी। वे वहां से सुबह 11:25 बजे रवाना होंगी और सुबह 11:30 बजे दशहरा मैदान, नंदनी नगर, अहिवारा पहुंचेंगी और वहां आयोजित कार्यक्रम में शामिल होंगी।
रायपुर /शौर्यपथ/
मुख्यमंत्री भूपेश बघेल 20 अक्टूबर को अपने निवास कार्यलय से वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के जरिए धन्वन्तरी जेनरिक मेडिकल स्टोर योजना का शुभारंभ करेंगे। इस योजना के तहत राज्य में 59 दुकानों की शुरुआत की जा रही है।
धन्वन्तरी जेनरिक मेडिकल स्टोर्स से उपभोक्ताओं को सस्ते दर पर दवाईयां उपलब्ध होगी। उपभोक्ताओं को दवाइयों की एमआरपी पर न्यूनतम 50.09 प्रतिशत और अधिकतम 71 प्रतिशत छूट का लाभ मिलेगा। योजना के तहत 169 शहरों में 190 मेडिकल स्टोर्स प्रारंभ करने की योजना है। इन मेडिकल स्टोर्स में 251 प्रकार की जेनरिक दवाइयां तथा 27 सर्जिकल उत्पाद की बिक्री अनिवार्य होगी। इसके अलावा वन विभाग की संजीवनी के उत्पाद, सौंदर्य के साधन और शिशु आहार आदि का भी विक्रय किया जाएगा।
रायपुर /शौर्यपथ/
आईएएनएस-सी वोटर द्वारा कराए गए सर्वेक्षण में छत्तीसगढ़ के मुख्यमंत्री भूपेश बघेल को देश के सर्वश्रेष्ठ मुख्यमंत्री के रूप में चिन्हित किए जाने की खबर से आज सोशल मीडिया में नागरिकों में खासा उत्साह रहा। ट्विटर पर हैशटैग “बेस्ट सीएम भूपेश बघेल” 2 घंटे से अधिक समय तक टॉप-5 में ट्रेंड करता रहा। 07 हजार से अधिक लोगों ने अपनी पोस्ट में इस हैशटैग का इस्तेमाल किया।
गौरतलब है कि आईएएनएस-सी वोटर ने अपने सर्वेक्षण के परिणाम कल जारी किए थे। इसके मुताबिक राज्य के 94 प्रतिशत लोगों ने मुख्यमंत्री भूपेश बघेल की कार्यप्रणाली को लेकर अपनी खुशी जाहिर की थी। आईएएनएस ने अपनी सर्वे रिपोर्ट जारी करते हुए कहा था कि बघेल ने छत्तीसगढ़ में कई कल्याणकारी योजनाएं शुरू की हैं, जिनमें निजी स्कूलों में पढ़ने वाले बच्चों को मुफ्त शिक्षा प्रदान करना शामिल है, जिन्होंने कोविड -19 के लिए माता-पिता / अभिभावकों को खो दिया है। महतारी दुलार योजना के तहत ऐसे बच्चों की पढ़ाई का खर्च छत्तीसगढ़ सरकार वहन करेगी। नीति आयोग की एसडीजी इंडिया इंडेक्स रिपोर्ट 2020-21 के अनुसार, सतत विकास लक्ष्यों के लैंगिक समानता पैरामीटर पर छत्तीसगढ़ भारत में शीर्ष प्रदर्शन करने वाला राज्य था। नीति आयोग 115 संकेतकों पर सभी राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों की प्रगति को ट्रैक करता है। पिछले साल, छत्तीसगढ़ ने लैंगिक समानता पैरामीटर पर 43 अंक हासिल किए और भारत में सातवें स्थान पर था। इस साल, इसने 61 स्कोर किया और चार्ट में शीर्ष पर रहा। सीवोटर के संस्थापक यशवंत देशमुख ने कहा- " ऐसे मुख्यमंत्रियों को लोगों ने पसंद किया है जिनमें निर्णय लेने की क्षमताएं हैं और जिनके काम करने की शैली सीईओ जैसी है।
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