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रायपुर /शौर्यपथ/
छत्तीसगढ़ में न केवल लघु वनोपजों का संग्रहण किया जा रहा है बल्कि उनकी प्रासेसिंग कर अनेक प्रकार के हर्बल औषधि और उत्पाद तैयार किए जा रहे हैं। इन कार्यों से युवाओं और महिला स्व-सहायता समूहों को रोजगार भी उपलब्ध हो रहा है। मुख्यमंत्री भूपेश बघेल और श्री सचिन राव ने आज राजधानी रायपुर के कलेक्टोरेट के समीप जी.ई रोड में हर्बल उत्पाद विक्रय केन्द्र संजीवनी का निरीक्षण किया। इन केन्द्रों में प्रसंस्करण इकाईयों से तैयार किए गए लगभग 120 प्रकार के हर्बल उत्पादों का मार्केटिंग एवं विक्रय की जानकारी ली।
मुख्यमंत्री ने निरीक्षण के दौरान बताया कि छत्तीसगढ़ हर्बल ब्राण्ड से इन उत्पादों की मार्केंटिंग एवं विक्रय का कार्य छत्तीसगढ़ राज्य लघु वनोपज संघ द्वारा राजधानी रायपुर के छत्तीसढ़ हर्बल संजीवनी विक्रय केन्द्र के माध्यम से किया जा रहा है। राज्य के विभिन्न वनमण्डलों, जिला यूनियनों के स्व-सहायता समूहों के माध्यम से निर्मित प्रमुख उत्पादों द्वारा निर्मित उत्पादों का विक्रय यहां किया जा रहा है। इससे छत्तीसगढ़ के वन उत्पादों के मार्केंटिंग एवं विक्रय कार्य को बढ़ावा मिला है। उन्होंने बताया कि प्रोसेसिंग युनिटों की स्थापना के बाद स्थानीय लोगों की आय में बढ़ोतरी हुई है। महिला समूहों से तैयार उत्पादों को देश भर में मार्केट उपलब्ध कराने के लिए ई-कॉमर्स प्लेटफार्म में बिक्री की व्यवस्था की गई है।
गौरतलब है कि संजीवनी विक्रय केन्द्रों में राज्य के विभिन्न जिलों के निर्मित प्रमुख उत्पाद जैसे जगदलपुर जिला का काजू, चिरौजीं, महुआ तेल, कोण्डागांव जिला का तिखुर, ईमली चपाती, नारायणपुर का फूल झाड़ू एवं कांकेर का महुआ लड्डू शामिल है। इसी तरह भानुप्रतापपुर जिला का शहद, गरियाबंद जिला का सर्व ज्वर हर चूर्ण तथा बलौदाबाजार का जामुन जूस, आंवला कैंडी एव अन्य उत्पाद शामिल है। इस प्रकार बिलासपुर जिला का शहद, कटघोरा का शतावरी चूर्ण, अश्वगंधा चूर्ण, मरवाही जिला का सफेद मुसली चूर्ण, जशपुर जिला का च्यवनप्राश, सैनेटाइजर, राजनांदगांव जिला का महुआ स्कैस, कवर्धा जिला का शहद तथा बालोद जिले के महुआ चटनी, महुआ अचार उत्पाद आदि भी शामिल है।
इस अवसर पर कृषि मंत्री रविन्द्र चौबे, वन मंत्री मोहम्मद अकबर, नगरीय प्रशासन मंत्री शिव डहरिया, रायपुर नगर निगम के महापौर श्री एज़ाज़ ढेबर, विधायक देवेंद्र यादव और कुलदीप जुनेजा, अन्य जनप्रतिनिधिगण, मुख्यमंत्री के अपर मुख्य सचिव सुब्रत साहू, विशेष सचिव कृषि डॉ एस. भारतीदासन, कलेक्टर रायपुर सौरभ कुमार, नगर निगम रायपुर के आयुक्त प्रभात मलिक, जिला पंचायत रायपुर के मुख्य कार्यपालन अधिकारी श्री मयंक चतुर्वेदी सहित वरिष्ठ प्रशासनिक अधिकारी उपस्थित थे।
रायपुर /शौर्यपथ/
छत्तीसगढ़ में न केवल लघु वनोपजों का संग्रहण किया जा रहा है बल्कि उनकी प्रासेसिंग कर अनेक प्रकार के हर्बल औषधि और उत्पाद तैयार किए जा रहे हैं। इन कार्यों से युवाओं और महिला स्व-सहायता समूहों को रोजगार भी उपलब्ध हो रहा है। मुख्यमंत्री श्री भूपेश बघेल और श्री सचिन राव ने आज राजधानी रायपुर के कलेक्टोरेट के समीप जी.ई रोड में हर्बल उत्पाद विक्रय केन्द्र संजीवनी का निरीक्षण किया। इन केन्द्रों में प्रसंस्करण इकाईयों से तैयार किए गए लगभग 120 प्रकार के हर्बल उत्पादों का मार्केटिंग एवं विक्रय की जानकारी ली।
मुख्यमंत्री ने निरीक्षण के दौरान बताया कि छत्तीसगढ़ हर्बल ब्राण्ड से इन उत्पादों की मार्केंटिंग एवं विक्रय का कार्य छत्तीसगढ़ राज्य लघु वनोपज संघ द्वारा राजधानी रायपुर के छत्तीसढ़ हर्बल संजीवनी विक्रय केन्द्र के माध्यम से किया जा रहा है। राज्य के विभिन्न वनमण्डलों, जिला यूनियनों के स्व-सहायता समूहों के माध्यम से निर्मित प्रमुख उत्पादों द्वारा निर्मित उत्पादों का विक्रय यहां किया जा रहा है। इससे छत्तीसगढ़ के वन उत्पादों के मार्केंटिंग एवं विक्रय कार्य को बढ़ावा मिला है। उन्होंने बताया कि प्रोसेसिंग युनिटों की स्थापना के बाद स्थानीय लोगों की आय में बढ़ोतरी हुई है। महिला समूहों से तैयार उत्पादों को देश भर में मार्केट उपलब्ध कराने के लिए ई-कॉमर्स प्लेटफार्म में बिक्री की व्यवस्था की गई है।
गौरतलब है कि संजीवनी विक्रय केन्द्रों में राज्य के विभिन्न जिलों के निर्मित प्रमुख उत्पाद जैसे जगदलपुर जिला का काजू, चिरौजीं, महुआ तेल, कोण्डागांव जिला का तिखुर, ईमली चपाती, नारायणपुर का फूल झाड़ू एवं कांकेर का महुआ लड्डू शामिल है। इसी तरह भानुप्रतापपुर जिला का शहद, गरियाबंद जिला का सर्व ज्वर हर चूर्ण तथा बलौदाबाजार का जामुन जूस, आंवला कैंडी एव अन्य उत्पाद शामिल है। इस प्रकार बिलासपुर जिला का शहद, कटघोरा का शतावरी चूर्ण, अश्वगंधा चूर्ण, मरवाही जिला का सफेद मुसली चूर्ण, जशपुर जिला का च्यवनप्राश, सैनेटाइजर, राजनांदगांव जिला का महुआ स्कैस, कवर्धा जिला का शहद तथा बालोद जिले के महुआ चटनी, महुआ अचार उत्पाद आदि भी शामिल है।
इस अवसर पर कृषि मंत्री रविन्द्र चौबे, वन मंत्री मोहम्मद अकबर, नगरीय प्रशासन मंत्री शिव डहरिया, रायपुर नगर निगम के महापौर एज़ाज़ ढेबर, विधायक देवेंद्र यादव और कुलदीप जुनेजा, अन्य जनप्रतिनिधिगण, मुख्यमंत्री के अपर मुख्य सचिव सुब्रत साहू, विशेष सचिव कृषि डॉ एस. भारतीदासन, कलेक्टर रायपुर सौरभ कुमार, नगर निगम रायपुर के आयुक्त श्री प्रभात मलिक, जिला पंचायत रायपुर के मुख्य कार्यपालन अधिकारी मयंक चतुर्वेदी सहित वरिष्ठ प्रशासनिक अधिकारी उपस्थित थे।
रायपुर /शौर्यपथ/
मुख्यमंत्री भूपेश बघेल से आज शाम यहां मुख्यमंत्री निवास में संसदीय सचिवों, विधायकों, विभिन्न आयोग-मंडल और प्राधिकरण के पदाधिकारियों ने सौजन्य मुलाकात की और उन्हें आईएएनएस-सी वोटर गवर्नेंस इंडेक्स के अनुसार देश में सबसे अच्छा प्रदर्शन करने वाले मुख्यमंत्री चुने जाने पर बधाई और शुभकामनाएं दीं।
इस अवसर पर संसदीय सचिव चन्द्रदेव राय, रश्मि आशीष सिंह, विधायक अमितेश शुक्ल, अध्यक्ष छत्तीसगढ़ राज्य गृह निर्माण मंडल कुलदीप जुनेजा, अध्यक्ष छत्तीसगढ़ राज्य भंडार गृह निगम अरूण वोरा, उपाध्यक्ष मध्य क्षेत्र विकास प्राधिकरण डॉ. लक्ष्मी धु्रव, उपाध्यक्ष अनुसूचित जाति प्राधिकरण किस्मत लाल नंद और श्रीमती उत्तरी जांगड़े, विधायक श्रीमती अनिता शर्मा और रामकुमार यादव, अध्यक्ष पाठ्यपुस्तक निगम शैलेष नितिन त्रिवेदी, अध्यक्ष छत्तीसगढ़ पर्यटन मंडल अटल श्रीवास्तव, अध्यक्ष राज्य अल्पसंख्यक आयोग महेन्द्र छाबड़ा आदि उपस्थित थे।
रायपुर /शौर्यपथ
मुख्यमंत्री भूपेश बघेल ने कहा कि गांधी जी आज भी प्रासंगिक हैं। वर्तमान दौर में भी देश और दुनिया के नवनिर्माण के लिए उनके विचार को आत्मसात करना हम सबके लिए जरूरी है। उन्होंने कहा-हम सब के अंदर जो गांधीवादी विचार हैं, उन्हें जागृत करने की आवश्यकता है। गांधी को हमें स्वयं में ढूंढना है। इससे पूरे समाज के स्वरूप को सही दिशा में बदला जा सकता है।
प्रासंगिक हैं। वर्तमान दौर में भी देश और दुनिया के नवनिर्माण के लिए उनके विचार को आत्मसात करना हम सबके लिए जरूरी है। उन्होंने कहा-हम सब के अंदर जो गांधीवादी विचार हैं, उन्हें जागृत करने की आवश्यकता है। गांधी को हमें स्वयं में ढूंढना है। इससे पूरे समाज के स्वरूप को सही दिशा में बदला जा सकता है।
मुख्यमंत्री भूपेश बघेल आज शाम यहां नवीन विश्राम गृह रायपुर में आयोजित गांधी जी के मूल्यों और सिद्धांतों पर चलने वाले लोगों के अभिनंदन समारोह को सम्बोधित कर रहे थे। मुख्यमंत्री ने कहा कि महात्मा गांधी ने समाज को जोड़ने और श्रम को सम्मानित करने का कार्य किया। महात्मा गांधी ने दक्षिण अफ्रीका से लौटकर पूरे देश का भ्रमण किया और विभिन्न समाजों से चर्चा करने के बाद कहा था कि भारत की आत्मा गांव में बसती है। गांधी जी ने सत्य, अहिंसा, शांति, प्रेम और भाईचारा की बात कही और इन्हीं मूल्यों के आधार पर स्वयं जीवन जीकर लोगों को आपसी सद्भाव का संदेश दिया।
मुख्यमंत्री ने कहा कि छत्तीसगढ़ सरकार गांधी के आदर्श और विचारों के अनुसार चल रही है। महात्मा गांधी की 150वीं जयंती के अवसर पर छत्तीसगढ़ सरकार ने सुराजी गांव योजना का प्रारंभ करने का संकल्प लिया और गांव-गांव को स्वावलंबी बनाने का मार्ग प्रशस्त किया। इसी कड़ी में कुपोषण, अशिक्षा और बेरोजगारी को दूर करने के लिए अभियान शुरू किया। उन्होंने कहा कि महात्मा गांधी के विचारों के अनुसार श्रम का सम्मान करने के लिए सरकार द्वारा अपने वादे के अनुसार सबसे पहले किसानों का ऋण माफ किया। साथ ही भूमिहीन खेतिहर मजूदरों को सालाना 6 हजार रूपए देने का महत्वपूर्ण निर्णय लिया गया है। उन्होंने कहा कि जब गांव-गरीब की जेब में पैसा आएगा, तभी उनकी आर्थिक स्थिति मजबूत होगी और प्रदेश एवं देश सुदृढ़ होगा।
सम्मान समारोह को संबोधित करते हुए वन एवं जलवायु परिवर्तन मंत्री मोहम्मद अकबर ने कहा कि छत्तीसगढ़ राज्य में सरकार द्वारा 80 से 90 प्रतिशत योजनाएं महात्मा गांधी के बताए गए ‘‘सर्वोदय’’ के सिद्धांत पर आधारित है। इसमें समाज के गरीब, पिछड़े तथा अंतिम से अंतिम व्यक्ति के हित को ध्यान में रखा गया है। उन्होंने कहा कि छत्तीसगढ़ में गांव, गरीब और किसानों के उत्थान को प्राथमिकता में रखा गया है। इस अवसर पर गांधीवादी विचारक श्री बालचंद कछवाहा ने भी कार्यक्रम को संबोधित किया। इस अवसर पर मुख्यमंत्री के सलाहकार श्री प्रदीप शर्मा भी मंचस्थ थे।
मुख्यमंत्री द्वारा समारोह में जिन गांधीवादी विचारकों का सम्मान किया गया, उनमें पद्मश्री धरमपाल सैनी, गनियारी-बिलासपुर में संचालित जन-स्वास्थ्य सहयोग केन्द्र, सरगुजा की चिकित्सक डॉ. बियाट्रिस, बस्तर की गांधीवादी विचारक एम.के.नायडू, समाजसेविका शैल चौहान ग्राम जाता, विकासखंड बेमेतरा, ग्राम कंडेल जिला धमतरी के सेवानिवृत्त शिक्षक एवं लोक कथाकार श्री मुरहाराम कमलवंशी, अंबिकापुर की सेवानिवृत्त शिक्षिका एवं लोक कथाकार डॉ. आशा शर्मा, सामाजिक कार्यकर्ता गरियाबंद सुश्री लता नेताम, कोण्डागांव के शिल्पकार भूपेश तिवारी शामिल हैं।
रायपुर /शौर्यपथ/
मुख्यमंत्री भूपेश बघेल ने आज नगरीय प्रशासन एवं विकास विभाग द्वारा संचालित दाई-दीदी क्लीनिक और धनंवतरी जेनरिक मेडिकल स्टोर योजना का निरीक्षण किया। इस अवसर पर कृषि मंत्री रविंद्र चौबे, नगरीय प्रशासन मंत्री शिव कुमार डहरिया, वन मंत्री मोहम्मद अकबर, विधायक एवं छत्तीसगढ़ राज्य गृह निर्माण मंडल के अध्यक्ष कुलदीप जुनेजा, महापौर एजाज ढेबर एवं श्री सचिन राव भी उनके साथ थे।
निरीक्षण के दौरान दाई-दीदी क्लिनिक योजना के संबंध में संचालित मोबाइल मेडिकल यूनिट में कार्यरत डॉ. तृप्ति पाणिग्रही ने बताया कि इस योजना का उद्देश्य स्लम एवं ऐसी नगरीय जनसंख्या को चिकित्सा सुविधा उपलब्ध कराना है जिनकी पहुंच अस्पतालों तक नहीं हो पाती। यह महिलाओं के लिए पूर्णतः महिला कर्मचारियों द्वारा संचालित यूनिट है, जिससे महिलाएं बिना किसी संकोच के बेहतर स्वास्थ्य लाभ ले पा रही हैं। उन्होंने बताया कि अब तक इस मोबाइल यूनिट में 266 शिविर के माध्यम से 16 हजार 491 मरीजों को इलाज मुहैय्या कराया गया है। इस यूनिट में 41 प्रकार के मेडिकल जांच की सुविधा उपलब्ध है, जिससे अब तक 3 हजार 846 टेस्ट किये जा चुके है।
मुख्यमंत्री ने सुभाष स्टेडियम कॉम्प्लेक्स में शुरू होने जा रही धनवंतरी जेनरिक मेडिकल स्टोर का भी अवलोकन किया। इस दौरान जानकारी दी गई कि योजना के तहत राज्य में 20 अक्टूबर को 59 मेडिकल स्टोर का शुभारंभ होगा। इन मेडिकल स्टोर्स से नागरिकों को कम से कम 50 प्रतिशत और अधिकतम 71 प्रतिशत छूट पर दवाईयों की बिक्री की जाएगी। योजना के तहत 169 शहरों में 190 मेडिकल स्टोर्स प्रारंभ करने की योजना है। इन मेडिकल स्टोर्स में 251 प्रकार की जेनरिक दवाईयां तथा 27 सर्जिकल उत्पाद की बिक्री अनिवार्य होगी। इसके अलावा वन विभाग की संजीवनी के उत्पाद, सौंदर्य के साधन और शिशु आहार आदि का विक्रय किया जाएगा।
इस अवसर पर मुख्यमंत्री के अपर मुख्य सचिव श्री सुब्रत साहू, कृषि विभाग के विशेष सचिव डॉ. एस. भारतीदासन, कलेक्टर रायपुर सौरभ कुमार, वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक प्रशांत अग्रवाल और नगर निगम रायपुर के आयुक्त प्रभात मलिक सहित अन्य वरिष्ठ प्रशासनिक अधिकारी उपस्थित थे।
रायपुर /शौर्यपथ/
मुख्यमंत्री भूपेश बघेल ने आज नगरीय प्रशासन एवं विकास विभाग द्वारा संचालित दाई-दीदी क्लीनिक और धनंवतरी जेनरिक मेडिकल स्टोर योजना का निरीक्षण किया। इस अवसर पर कृषि मंत्री रविंद्र चौबे, नगरीय प्रशासन मंत्री शिव कुमार डहरिया, वन मंत्री मोहम्मद अकबर, विधायक एवं छत्तीसगढ़ राज्य गृह निर्माण मंडल के अध्यक्ष कुलदीप जुनेजा, महापौर एजाज ढेबर एवं श्री सचिन राव भी उनके साथ थे।
निरीक्षण के दौरान दाई-दीदी क्लिनिक योजना के संबंध में संचालित मोबाइल मेडिकल यूनिट में कार्यरत डॉ. तृप्ति पाणिग्रही ने बताया कि इस योजना का उद्देश्य स्लम एवं ऐसी नगरीय जनसंख्या को चिकित्सा सुविधा उपलब्ध कराना है जिनकी पहुंच अस्पतालों तक नहीं हो पाती। यह महिलाओं के लिए पूर्णतः महिला कर्मचारियों द्वारा संचालित यूनिट है, जिससे महिलाएं बिना किसी संकोच के बेहतर स्वास्थ्य लाभ ले पा रही हैं। उन्होंने बताया कि अब तक इस मोबाइल यूनिट में 266 शिविर के माध्यम से 16 हजार 491 मरीजों को इलाज मुहैय्या कराया गया है। इस यूनिट में 41 प्रकार के मेडिकल जांच की सुविधा उपलब्ध है, जिससे अब तक 3 हजार 846 टेस्ट किये जा चुके है।
मुख्यमंत्री ने सुभाष स्टेडियम कॉम्प्लेक्स में शुरू होने जा रही धनवंतरी जेनरिक मेडिकल स्टोर का भी अवलोकन किया। इस दौरान जानकारी दी गई कि योजना के तहत राज्य में 20 अक्टूबर को 59 मेडिकल स्टोर का शुभारंभ होगा। इन मेडिकल स्टोर्स से नागरिकों को कम से कम 50 प्रतिशत और अधिकतम 71 प्रतिशत छूट पर दवाईयों की बिक्री की जाएगी। योजना के तहत 169 शहरों में 190 मेडिकल स्टोर्स प्रारंभ करने की योजना है। इन मेडिकल स्टोर्स में 251 प्रकार की जेनरिक दवाईयां तथा 27 सर्जिकल उत्पाद की बिक्री अनिवार्य होगी। इसके अलावा वन विभाग की संजीवनी के उत्पाद, सौंदर्य के साधन और शिशु आहार आदि का विक्रय किया जाएगा।
इस अवसर पर मुख्यमंत्री के अपर मुख्य सचिव श्री सुब्रत साहू, कृषि विभाग के विशेष सचिव डॉ. एस. भारतीदासन, कलेक्टर रायपुर सौरभ कुमार, वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक प्रशांत अग्रवाल और नगर निगम रायपुर के आयुक्त प्रभात मलिक सहित अन्य वरिष्ठ प्रशासनिक अधिकारी उपस्थित थे।
रायपुर /शौर्यपथ/
मुख्यमंत्री भूपेश बघेल की अध्यक्षता में आज यहां उनके निवास कार्यालय में नवा रायपुर में वर्धा की तर्ज पर बनने वाले गांधी सेवा ग्राम के स्वरूप और संचालन के संबंध में विस्तार से चर्चा की गई। मुख्यमंत्री श्री बघेल ने कहा कि नयी पीढ़ी को गांधीवादी विचारधारा से परिचित कराने के लिए गांधी सेवा ग्राम से छत्तीसगढ़ के साथ-साथ देश भर के युवाओं को जोड़ने के लिए प्रयास होना चाहिए। उन्होंने गांधी सेवा ग्राम को विकसित करने के लिए कार्य योजना तैयार करने के निर्देश अधिकारियों को दिए। इस मौके पर मंत्रिमंडल के सदस्य और श्री सचिन राव विशेष रूप से उपस्थित थे।
गांधी सेवा ग्राम के स्वरूप और संचालन के संबंध में चर्चा करते हुए मुख्यमंत्री बघेल ने कहा कि ग्राम स्वराज की संकल्पना गांधी जी की वैचारिक क्रांति थी, ग्राम स्वराज को वर्तमान में किस प्रकार आर्थिक आजादी से जोड़े इस पर कार्य करना होगा। युवाओं को प्रशिक्षित करने के साथ ही रोजगारोन्मूलक गतिविधियों से संबद्ध करना होगा। उन्होंने कहा कि गांधी सेवा ग्राम गांधी जी की विचारधारा को सीखने के माध्यम बने यह हमारा प्रयास होना चाहिए। उन्होंने कहा कि छत्तीसगढ़ में शुरू किए गए राजीव गांधी युवा मितान क्लब के सदस्यों को गांधी सेवा ग्राम से जोड़ा जाए। इसी प्रकार देश भर के युवाओं को गांधी सेवा ग्राम का भ्रमण कराया जाए। उन्होंने गांधी सेवा ग्राम को सस्टेनेबल बनाने की दिशा में प्रयास करने की बात कही।
बैठक में गांधी सेवा ग्राम के स्वरूप पर भी चर्चा की गई। इस मौके पर श्री सचिन राव और मंत्रिमण्डल के सहयोगियों ने भी बहुमूल्य सुझाव दिए। उन्होंने कहा कि गांधी जी का सामूहिक श्रम पर जोर रहा है। सेवाग्राम में सामूहिक गतिविधि और कार्यों को विशेष रूप से प्राथमिकता दी जाए। सामूहिक गतिविधियों-युवाओं की समाज और देश निर्माण में भागीदारी, स्वच्छता, ग्राम सभा और रोजगारपरक शिक्षा पर मुख्य फोकस होना चाहिए। बैठक में छत्तीसगढ़ में विभिन्न विभागों द्वारा शिक्षा, स्वास्थ्य, स्वच्छता के क्षेत्र में किए गए नवाचारी प्रयासों की जानकारी दी गई। इनमें मुख्य रूप से मुख्यमंत्री स्वास्थ्य स्लम योजना, मुख्यमंत्री हाट-बाजार क्लिनिक योजना, श्री धनंवतरी जेनरिक मेडिकल स्टोर, मलेरिया मुक्त अभियान, दाई-दीदी क्लिनिक योजना के साथ ही मिशन मिलेट, लघु वनोपज का संग्रहण एवं प्रोसेसिंग, स्वामी आत्मानंद इंग्लिश मिडियम स्कूल, राजीव गांधी किसान न्याय योजना, वनाधिकार कानून का क्रियान्वयन, मुख्यमंत्री वृक्षारोपण योजना, गोधन न्याय योजना, राजीव गांधी ग्रामीण भूमिहीन कृषि मजदूर न्याय योजना आदि शामिल हैं।
इस मौके पर कृषि मंत्री रविन्द्र चौबे, वन मंत्री मोहम्मद अकबर, नगरीय प्रशासन मंत्री डॉ. शिवकुमार डहरिया, रायपुर नगर निगम के महापौर एज़ाज़ ढेबर, विधायक देवेंद्र यादव और कुलदीप जुनेजा, अन्य जनप्रतिनिधिगण, मुख्यमंत्री के अपर मुख्य सचिव सुब्रत साहू, विशेष सचिव कृषि डॉ एस. भारतीदासन, कलेक्टर रायपुर सौरभ कुमार, नगर निगम रायपुर के आयुक्त प्रभात मलिक सहित वरिष्ठ प्रशासनिक अधिकारी उपस्थित थे।
रायपुर /शौर्यपथ/
स्वामी आत्मानंद उत्कृष्ट अंग्रेजी माध्यम विद्यालय
राजधानी रायपुर के फाफाडीह स्थित शहीद स्मारक विद्यालय
छत्तीसगढ़ में गरीब और प्रतिभावान छात्रों को अंग्रेजी माध्यम में गुणवत्तापूर्ण शिक्षा देने के लिए राज्य में स्वामी आत्मानंद उत्कृष्ट अंग्रेजी माध्यम विद्यालय प्रारंभ किए गए है। मुख्यमंत्री भूपेश बघेल और सचिन राव ने आज यहां राजधानी रायपुर के फाफाडीह स्थित शहीद स्मारक विद्यालय में बनाए गए उत्कृष्ट अंग्रेजी माध्यम विद्यालय का निरीक्षण किया और बच्चों से रूबरू हुए। उन्होंने इस दौरान बच्चों से विद्यालय में पढ़ाई-लिखाई और उन्हें मिल रही विभिन्न सुविधाओं के बारे में जानकारी ली।
राज्य के जिला और विकासखण्ड मुख्यालय में लगभग 171 अंग्रेजी माध्यम स्कूल प्रारंभ किए गए हैं। इन स्कूलों में अत्याधुनिक स्मार्ट क्लास, लायब्रेरी और लैब के साथ-साथ खेल सुविधाएं भी विकसित की गई है। स्वामी आत्मानंद उत्कृष्ट अंग्रेजी माध्यम विद्यालय शहीद स्मारक फाफाडीह रायपुर में इन सुविधाओं के अलावा विद्यालय में गणित, भौतिकी, रसायन, जीव विज्ञान, कॉमर्स, कला, कम्प्यूटर, सूचना प्रौद्योगिकी के अत्याधुनिक साधन से संबंधित पेंटिंग से दीवारों को सजाया गया है, जिससे स्कूल में बच्चों की जिज्ञासा और उत्सुकता को दिशा मिल सके। इस मौके पर कृषि मंत्री रविन्द्र चौबे, वन मंत्री मोहम्मद अकबर, नगरीय प्रशासन मंत्री शिव डहरिया, रायपुर नगर निगम के महापौर एज़ाज़ ढेबर, विधायक देवेंद्र यादव और कुलदीप जुनेजा, अन्य जनप्रतिनिधिगण, मुख्यमंत्री के अपर मुख्य सचिव सुब्रत साहू, विशेष सचिव कृषि डॉ एस. भारतीदासन, कलेक्टर रायपुर सौरभ कुमार, नगर निगम रायपुर के आयुक्त प्रभात मलिक, जिला पंचायत रायपुर के मुख्य कार्यपालन अधिकारी मयंक चतुर्वेदी सहित वरिष्ठ प्रशासनिक अधिकारी उपस्थित थे।
रायपुर /शौर्यपथ/
गांधी जी के सपनों के अनुरूप छत्तीसगढ़ की ग्रामीण अर्थव्यवस्था को मजबूती देने के लिए चलाई जा रही सुराजी गांव योजना के गरूवा घटक के अंतर्गत पारागांव में बनाए गए गौठान का मुख्यमंत्री भूपेश बघेल ने आज श्री सचिन राव के साथ निरीक्षण किया। उन्होंने स्व-सहायता समूहों द्वारा गौठानों में स्थापित किए गए रूरल इंडस्ट्रियल पार्क में की जा रही आर्थिक गतिविधियों का जायजा लिया।
पारागांव के गौठान में निरीक्षण के दौरान मुख्यमंत्री बघेल और श्री राव ने महिला समूहों द्वारा किए जा रहे मुर्गी पालन, बकरी पालन, सब्जी उत्पादन, चारागाह विकास, साबुन और फिनाइल निर्माण, मिट्टी के सजावटी समान और दिया निर्माण की जानकारी ली। मुख्यमंत्री ने महिला समूहों का उत्साहवर्धन किया। मुख्यमंत्री भूपेश बघेल से पारागांव गौठान समिति की महिलाओं ने चर्चा करते हुए बताया कि यहाँ 5 स्व-सहायता समूह कार्यरत हैं, जिसमें 3 समूह बाड़ी विकास, एक समूह कुक्कुट पालन एवं एक समूह बकरी पालन का कार्य कर रही है।
गौठान में महिला समूहों की आर्थिक गतिविधियों का लिया जायजा
जय माँ गंगा समूह की सदस्य श्रीमती मिथिला निषाद ने बताया कि उनके समूह को बाड़ी विकास कार्यक्रम के लिए शासन द्वारा 3 एकड़ जमीन उपलब्ध करायी गयी है, जिसमें समूह के सदस्यों के द्वारा कददू, भिन्डी, बरबट्टी, लौकी और सेमी की सब्जियां लगायी गयी है। उन्होंने बताया कि 35 हजार की लागत में उन्हें लगभग 75 हजार रुपए का लाभ हुआ है। बाड़ी विकास के साथ ही 2 एकड़ जमीन पर समूह की सदस्यों द्वारा गोधन के लिए हरा चारा नेपियर घास का भी उत्पादन किया जा रहा है। हरा चारा का गौठान में उपयोग के पश्चात अन्य समूहों को बेचकर समूह की महिलाओं ने लगभग 56 हजार रुपए का लाभ कमाया। इस मौके पर कृषि मंत्री रविन्द्र चौबे, वन मंत्री मोहम्मद अकबर, नगरीय प्रशासन मंत्री शिव डहरिया, अन्य जनप्रतिनिधिगण, मुख्यमंत्री के अपर मुख्य सचिव सुब्रत साहू, विशेष सचिव डॉ एस. भारतीदासन, कलेक्टर रायपुर सौरभ कुमार और जिला पंचायत के मुख्य कार्यपालन अधिकारी मयंक चतुर्वेदी सहित अनेक वरिष्ठ प्रशासनिक अधिकारी उपस्थित थे।
गोबर के पाउडर से बने दिए
निरीक्षण के दौरान दुर्गा स्व सहायता समूह की महिलाओं ने मुख्यमंत्री को गोबर के पाउडर से बने दिए, गमले एवं अन्य कलाकृतियाँ दिखायी। समूह की महिलाओं ने बताया कि दीपावली पर्व के लिये 10 हजार दिए बनाने का ऑर्डर मिला है। महिला सदस्यों ने बताया कि एक सदस्य के द्वारा एक दिन में लगभग 500 दिए बनाये जाते हैं, जिसका मूल्य ढाई रुपये प्रति नग तय किया गया है। समूह की महिलाओं ने कहा कि सरकार द्वारा चलायी जा रही रोजगारपरक योजनाओ से महिलाएं आर्थिक रूप से आत्मनिर्भर हो रही है। मुख्यमंत्री ने राव को वर्मी कम्पोस्ट बनाने की प्रक्रिया से अवगत कराते हुए बताया कि समूह की सदस्यों के द्वारा पशुपालकों से 2 रुपये प्रति किलो की दर से गोबर खरीदी की जाती है, जिससे 50 से 60 दिन में वर्मी कम्पोस्ट तैयार कर लिया जाता है, जो किसानों को समूह के द्वारा 10 रुपये प्रति किलोग्राम के दर से उपलब्ध कराया जाता है।
Feb 09, 2021 Rate: 4.00
