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March 03, 2026
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रायपुर

रायपुर (6335)

सेवा ग्राम के लिए 76.5 एकड़ की जमीन चिन्हांकित

महात्मा गांधी के ग्राम स्वराज की परिकल्पना के अनुरूप कार्यों को आगे बढ़ाएगी परियोजना

सेवा ग्राम में बुजुर्गों के लिए ’दूसरा घर’ और वंचितों के लिए स्कूल भी किया जाएगा स्थापित

रायपुर /शौर्यपथ/ 

सेवा ग्राम का किया निरीक्षण-

आजादी के 75वें वर्ष में आजादी की लड़ाई के मूल्यों, सिद्धांतों, आदर्शों तथा महात्मा गांधी की ग्राम-स्वराज की संकल्पना को अक्षुण्ण रखने के लिए नवा-रायपुर में भी वर्धा की तर्ज पर सेवा-ग्राम की स्थापना की जाएगी। मुख्यमंत्री भूपेश बघेल ने आज सचिन राव के साथ नया रायपुर में बनने वाले सेवा ग्राम के लिए चिन्हांकित स्थल का निरीक्षण किया।

निरीक्षण के दौरान अधिकारियों ने बताया कि सेवा ग्राम के लिए नवा-रायपुर 76.5 एकड़ की जमीन चिन्हांकित की गई है। यह स्थान नया रायपुर के लेयर वन से लगा हुआ है। इस स्थल में लगभग पांच एकड़ क्षेत्र में दो नहर भी है। शेष 75 एकड़ भूमि में सेवा ग्राम बसाया जाएगा। सेवा ग्राम को इस ढंग से विकसित किया जाएगा कि वहां छत्तीसगढ़ की परंपरागत ग्रामीण भवन शैली की झलक दिखें। निर्माण कार्यों में स्थानीय स्तर पर उपलब्ध निर्माण सामग्री का उपयोग होगा। आश्रम के अंदर की सड़के भी ग्रामीण परिवेश के अनुरूप होंगी। सेवा ग्राम तक पूरा क्षेत्र हरियाली से भरपूर रहेगा। आश्रम का पूरा वातावरण आत्मिक शांति प्रदान करेगा। इस मौके पर कृषि मंत्री श्री रविन्द्र चौबे, वन मंत्री मोहम्मद अकबर, विधायक देवेन्द्र यादव, अपर मुख्य सचिव सुब्रत साहू, विशेष सचिव कृषि डॉ. एस. भारतीदासन, एनआरडीए के मुख्यकार्यपालन अधिकारी डॉ. फकीर भाई अय्याज तम्बोली, संचालक उद्योग श्री अनिल टुटेजा, कलेक्टर रायपुर सौरभ कुमार भी उनके साथ थे।

सेवा ग्राम में ग्रामीण अर्थव्यवस्था को सुदृढ़ करने एवं आत्मनिर्भर-ग्राम की कल्पना को साकार करने के लिए सभी प्रकार के कारीगरों के प्रशिक्षण की व्यवस्था का प्रावधान भी किया जाएगा। उल्लेखनीय है कि सेवा ग्राम की स्थापना के लिए 02 अक्टूबर 2021 से पहले इस संबंध में कार्ययोजना तैयार करने के निर्देश दिए गए हैं। गौरतलब है कि इस परियोजना के पीछे महाराष्ट्र के वर्धा में स्थित सेवाग्राम है, जिसकी स्थापना वर्ष 1936 में महात्मा गांधी और उनकी सहधर्मिणी कस्तूरबा के निवास के रूप की गई थी, ताकि वहां से वे मध्य भारत में स्वतंत्रता आंदोलन का नेतृत्व कर सकें। वर्धा का यह संस्थान महात्मा गांधी के सपनों के अनुरूप ग्रामीण भारत के पुननिर्माण का केंद्र भी था। गांधीजी का मानना था कि भारत की स्थितियों में स्थायी रूप से सुधार के लिए ग्राम-सुधार ही एकमात्र विकल्प है।

अब 21वीं सदी में महात्मा गांधी के उन्हीं सपनों के अनुरूप ग्राम-सुधार के कार्य को आगे बढ़ाने के लिए नवा-रायपुर में सेवा-ग्राम की स्थापना की जा रही है। इस सेवा-ग्राम का निर्माण मिट्टी, चूना, पत्थर जैसी प्राकृतिक वस्तुओं का उपयोग करते हुए किया जाएगा। यह परियोजना गांधी-दर्शन को याद रखने और सीखने की प्रेरणा देगी। साथ ही स्वतंत्रता आंदोलन की यादों और राष्ट्रीय इतिहास को भी इसके माध्यम से जीवंत रखा जा सकेगा।

रायपुर में प्रस्तावित सेवाग्राम में गांधीवादी सिद्धांतों, ग्रामीण कला और शिल्प के केंद्र विकसित किए जाएंगे, जहां अतिथि विषय-विशेषज्ञों द्वारा मार्गदर्शन दिया जाएगा। साथ ही वहां वृद्धाश्रम तथा वंचितों के लिए स्कूल भी स्थापित किए जाएंगे। इसका उद्देश्य पर्यटन के अवसरों को बढ़ा देकर, छत्तीसगढ़ की लोक कलाओं को प्रोत्साहन देकर, बुजुर्गों को दूसरा-घर देकर और वैचारिक आदान-प्रदान के लिए छत्तीसगढ़ में एक विश्वस्तरीय व्यवस्था का निर्माण करके स्थानीय लोगों का सशक्तिकरण करना है। सेवा-ग्राम में प्रस्तावित विजिटर्स सेंटर सीखने, निर्वाह करने और गांधी के सिद्धांतों का स्मरण करने का केंद्र जगह होगा।

छत्तीसगढ़ अपनी विशिष्ट कला और शिल्प के लिए जाना जाता है। छत्तीसगढ़ के बस्तर, रायगढ़ और अन्य जिलों में बेल मेटल, लौह, टेराकोटा, पत्थर, कपड़े और बांस का उपयोग करके विभिन्न कलात्मक वस्तुओं का निर्माण किया जाता है। सेवाग्राम एक ऐसा स्थान होगा जहां आगंतुक स्थानीय कला और शिल्प, स्थानीय व्यंजनों को बारे में जान सकेंगे। अपनी जानकारियों और अनुभवों को साझा कर सकेंगे। सेवा ग्राम में एक ओपन थियेटर भी होगा, जहां सांस्कृतिक कार्यक्रम आयोजित किए जाएंगे।

A team of doctors has developed a mobile application that will provide digital, integrated and paperless healthcare services anywhere in India.
Medifree Digital is a totally `Made in India’ healthcare mobile app that aims at making the medical profession paperless by providing to the patients integrated services of doctors, laboratories/diagnostic centres and chemists/pharmacists digitally. It is the first of its kind application that brings doctors, pharmacists/ patients and diagnostic centres on a single platform unlike most others applications.
The App is a comprehensive platform where allopathic, ayurvedic and homoeopathic doctors can all register and have access to complete medical records of the registered patients, though only with the consent of the patient.
``It is a platform where every user works independently but in an integrated manner,’’ says Kota-based Dr P. Chatter, one of the founder-Director. While we strongly believe that every patient must visit a doctor for physical examination at least once because human touch is essential in medical sciences, however, for minor ailments such as cough and cold, online consultation is advised, he adds. It is convenient for the patients as he saves time and money by eliminating visits to doctors, chemists and even diagnostic centres, if required.
Medifree Digital is a neutral platform as it does not promote any healthcare service provider – meaning it will not rate or recommend any doctor, laboratory or a chemist to the patient--it will be the patient’s decision to select the service provider either those registered on the App or of their own choice.
To make the functioning transparent, Medifree Digital App provides videos showing advantages of registering for the practitioners, patients, laboratories and chemists even before registration. All videos are available on Medifree YouTube channel also. A healthy person can also register on the App and keep his/her medical records as the App provides 12MB space free for the purpose. The App can be downloaded from Google Playstore and an iOS version would also be available soon.
Registered patients will receive prescriptions via app to app message, email and SMS while and unregistered will receive it via email and SMS. For enhanced privacy, Medifree uses world’s most reliable Amazon Web Server (AWS), yet the services of Medifree are free of cost for all patients though healthcare service providers will continue to collect their charges/fee as before.
It is a contactless system for various services thereby eliminating the risk of various communicable diseases such as Coronavirus, Swine flu and even hospital acquired secondary infection. ``The facility has a huge global potential and can be a boon for medical tourism and can become one world healthcare on mobile,’’ says New Delhi-based co-Director Dr Poonam Bazaz. Working on paperless healthcare mobile app at Medifree Digital Mobile App is more convenient than USA where it is based on computers, she adds.
The doctors will write the prescription on the mobile which is easier and clearer. They need to write only once which is always autosaved in their individual master database. Patients need not travel to metros or big cities for second opinion as they can use paid mobile consultation call facility and the doctor can see their medical records on the mobile phone itself. The diagnostic centres and chemists can offer additional services to those who come via the App.
India has more than 12 lakh allopathy, 2.5 lakh dental and 9 lakh AYUSH registered doctors treating more than 1.5 crore patients daily. This also includes services of 1.5 lakh pathology laboratories and diagnostic centres and 8 lakh registered chemist.
The United States of America has one of the most advanced computer-based paperless healthcare ecosystems in the world having digital health data of every citizen. The Americas spend 18% of their GDP on healthcare services whereas India, with four times the population, spends only about 2% for the same.

For more details:
Dr Peeyush .Chatter
Phone: 9314141515

रायपुर /शौर्यपथ/

नगरीय प्रशासन एवं विकास तथा सरगुजा जिले के प्रभारी मंत्री डॉ शिवकुमार डहरिया ने अम्बिकापुर के मातृ एवं शिशु अस्पताल का निरीक्षण किया। इस दौरान उनके साथ स्वास्थ्य मंत्री टी.एस सिंहदेव, खाद्य मंत्री  अमरजीत भगत ने भी अस्पताल के वरिष्ठ अधिकारियो तथा चिकित्सको से नवजात शिशुओं की मृत्यु के कारणों के संबंध में विस्तार से जानकारी ली। उन्होंने कहा कि इस प्रकार की घटना की पुनरावृत्ति न हो। उन्होंने कहा कि इस संबंध में किसी भी स्तर पर लापरवाही बर्दाश्त नही की जाएगी। मेडिकल कालेज के चिकित्सा अधीक्षक और शिशु रोग प्रभारी दोनो एक साथ अवकाश पर नही जाएंगे। अवकाश पर जाने से पहले ड्यूटी के लिए एवजी जरूर हो। चिकित्सको या प्रोफेसर की कमी है तो संविदा पर भर्ती कर ली जाए। प्रभारी मंत्री ने अस्पताल में साफ - सफाई में कमी पर नाराजगी व्यक्त करते हुए इस पर सुधार लाने के निर्देश दिए। उन्होंने अस्पताल परिसर में किसी भी अनाधिकृत व्यक्ति को प्रवेश नही करने देने के लिए उचित व्यवस्था करने के निर्देश दिए। इसके साथ ही सभी कर्मचारियों के लिए बायोमेट्रिक अटेंडेंस मशीन लगाने के भी निर्देश दिए।इस दौरान उन्होंने एसएनसीयू तथा शिशु वार्ड का निरीक्षण किया

रायपुर /शौर्यपथ/


मरीजों को सस्ती दवा उपलब्ध कराने धन्वंतरी जेनेरिक मेडिकल स्टोर्स शुरू करने जा रही है

सब्बो स्वस्थ्य-जम्मों सुघ्घर अर्थात सभी स्वस्थ्य रहे और सभी ठीक रहे, कुछ इन्हीं परिकल्पनाओं के साथ प्रदेशवासियों को बेहतर स्वास्थ्य सुविधाएं उपलब्ध कराने छत्तीसगढ़ की सरकार की फिर एक नई पहल अमल में लाई जा रही है।मरीजों को सस्ती दवा उपलब्ध कराने धन्वंतरी जेनेरिक मेडिकल स्टोर्स शुरू करने जा रही है। योजना के तहत प्रदेश के नगरीय निकायों के 169 शहरों में 188 धन्वंतरी मेडिकल स्टोर्स प्रारंभ होंगे। इन मेडिकल स्टोर्स के माध्यम से लोगों को अधिकतम खुदरा बिक्री मूल्य (एमआरपी) में से 50 प्रतिशत से भी अधिक की छूट दी जाएगी। छत्तीसगढ़ सरकार की इस पहल से ऐसे लाखों गरीबों और आमनागरिकों के पैसे बचेंगे जो अपनी बीमारी ठीक करने के लिए मंहगी दवाइयां खरीदते हैं। श्री धन्वतंरी जेनेरिक मेडिकल स्टोर के नाम से शहरों में संचालित होने वाले इन दवा दुकानों में आसानी से कम कीमत पर दवाइयां मिल जाने से आमनागरिकों को बहुत राहत मिलेगी और उनके इलाज की राह भी आसान हो जाएगी।

इलाज के बाद अब घर तक पहुचेगी दवाएं

छत्तीसगढ़ सरकार ने विगत ढ़ाई साल में स्वास्थ्य सेवाओं की पहुंच बढ़ाने, गुणवत्तापूर्ण इलाज उपलब्ध कराने और जरूरतमंदों को निःशुल्क जांच, उपचार एवं दवाइयां मुहैया कराने अनेक नई पहल की है। मुख्यमंत्री श्री भूपेश बघेल के नेतृत्व में स्वास्थ्य विभाग द्वारा डॉ. खूबचंद बघेल स्वास्थ्य सहायता योजना, मुख्यमंत्री विशेष स्वास्थ्य सहायता योजना, मुख्यमंत्री हाट-बाजार क्लीनिक योजना और मुख्यमंत्री स्लम स्वास्थ्य योजना के माध्यम से स्वास्थ्य सुविधाओं तक लोगों की निःशुल्क पहुंच सुनिश्चित की गई है। मेडिकल कॉलेज अस्पतालों, जिला अस्पतालों, सिविल अस्पतालों, सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्रों, प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्रों और उप स्वास्थ्य केंद्रों में सुविधाओं एवं संसाधनों के लगातार उन्नयन से स्थानीय स्तर पर ही जरूरतमंदों को गुणवत्तापूर्ण इलाज मिल रहा है। इसी दिशा में छत्तीसगढ सरकार ने़ स्वास्थ्य सुविधाओं का विस्तार करते हुए राज्य में श्री धन्वंतरी दवा योजना शुरु की जा रही है। मुख्यमंत्री श्री भूपेश बघेल द्वारा 20 अक्टूबर को 85 श्री धन्वंतरी जेनेरिक मेडिकल स्टोर्स की शुरूआत के साथ प्रदेशवासियों को एक नई सौगात देंगे। इस कड़ी में शेष धन्वंतरी मेडिकल दुकानें भी अक्टूबर माह के अंत तक प्रारम्भ कर दी जायेगी। खास बात यह भी है कि मोबाइल मेडिकल यूनिट के माध्यम से जिस तरह से चिकित्सकों की टीम वार्डों और स्लम बस्तियों में जाकर लोगों का निःशुल्क उपचार उनके घर के आसपास कर रही है, ठीक वैसे ही श्री धन्वंतरी दवा योजना के माध्यम से सस्ती दवाइयां घर तक पहुचाने के लिए भी तैयारिया की जा रही है। आने वाले दिनों में जरूरत के हिसाब से जरूरी दवाइयां घर तक भी पहुचाई जाएगी।

जेनरिक दवाओं के साथ हर्बल उत्पाद

श्री धन्वतंरी जेनेरिक मेडिकल स्टोर्स के नाम पर संचालित होने वाले इन दुकानों में महत्वपूर्ण 251 दवाइयां, 27 सर्जिकल आइटम, सर्दी, ख़ासी, बुखार, ब्लड प्रेशर जैसी सामान्य बीमारियों के अलावा एंटीबायोटिक भी उपलब्ध होगी। दवाओं का पर्याप्त स्टॉक और उपलब्धता सुनिश्चित करने के लिए ख्याति प्राप्त कंपनियों की जेनरिक दवाइयों की बिक्री की जाएगी। इन दुकानों में कम कीमत पर दवा उपलब्ध होने के साथ प्रदेश के लघु वनोपज संघ द्वारा तैयार किए जाने वाले गुणवत्तापूर्ण हर्बल उत्पाद भी विक्रय के लिए उपलब्ध रहेंगे। ये हर्बल उत्पाद भी कई प्रकार के रोगों को दूर करने और स्वास्थ्य को बेहतर बनाने में महत्वपूर्ण होते हैं।

रायपुर /शौर्यपथ/


प्रतिभावान दिव्यांग छात्रा राजेश्वरी की राह हुई आसान

कई लोग अभाव और अक्षमताओं को जीत कर अपने जज्बों एवं प्रतिभा से इतिहास लिख जाते है। ऐसी ही एक कहानी कोण्डागांव जिले के मसोरा की 13 वर्षीय बालिका राजेश्वरी पटेल की है। राजेश्वरी जन्म से ही अपने हाथ एवं पैरो को मोड़ने मे असक्षम थी जिसके कारण वह बचपन से ही चलने फिरने में असमर्थ रहीं परंतु इस असमर्थता को उसने कभी अपने ऊपर हावी नहीं होने दिया। मसोरा के माध्यमिक शाला में कक्षा सातवीं में अध्ययनरत राजेश्वरी अपने हाथों से कार्य नहीं कर पाती थीं। ऐसे में उसने अपने पैरों से कार्य करना प्रारंभ कर दिया। आज वह पैरो से कंचे खेलने, पेंटिंग बनाने और रंगोली बनाने जैसे काम भी कर लेती है।
राजेश्वरी के पिता दीनूराम पटेल कहते हैं कि उन्हें अपनी बेटी पर गर्व है। हाथों से कार्य न कर पाने के बावजूद पैरो से वह अपने सभी कार्य कर लेती है। राजेश्वरी रंगोली, पेंटिंग के अलावा अच्छा गा भी लेती है। बालिका राजेश्वरी कहती है कि उन्हें उनके परिवारजनों का सदैव सहयोग मिला है। उन्हें स्कूली शिक्षकों और सहपाठियों द्वारा भी सहयोग एवं प्रोत्साहन मिलता है।

मुख्यमंत्री के निर्देश पर प्रशासनिक अमला पहुंचा गांव..

प्रशासनिक अमला पहुंचा गांव

रंगोली प्रतियोगिता में दिव्यांग राजेश्वरी के प्रथम आने और उसके संघर्ष की जानकारी समाचार पत्रों के माध्यम से होने पर मुख्यमंत्री श्री भूपेश बघेल ने स्वयं संज्ञान लेते हुए कलेक्टर श्री पुष्पेन्द्र कुमार मीणा को बालिका के हर संभव मदद के साथ नयी व्हील चेयर देने के निर्देश दिए। इस पर एसडीएम गौतमचंद पाटिल, समाज कल्याण विभाग की उपसंचालक ललिता लकड़ा सहित प्रशासनिक अमले ने तुरंत बालिका राजेश्वरी के घर जाकर उसे नयी व्हील चेयर प्रदान किया। बालिका को पहले भी समाज कल्याण विभाग द्वारा व्हील चेयर प्रदान किया गया था, जो कि पुराना हो गया था। इस अवसर पर प्रशासन द्वारा प्राप्त सहयोग हेतु राजेश्वरी एवं उनके परिजनों ने मुख्यमंत्री श्री बघेल का आभार व्यक्त किया।

बालिका के लिए समाज कल्याण विभाग बनायेगा नवीन सीपी व्हील चेयर

बालिका के लिए समाज कल्याण विभाग बनायेगा नवीन सीपी व्हील चेयर

उपसंचालक समाज कल्याण सुश्री ललिता लकड़ा ने बताया कि प्रतिभावान छात्रा राजेश्वरी को पूर्व में व्हील चेयर प्रदान करने के साथ विभाग की ओर से प्रतिमाह छात्रवृत्ति भी प्रदान की जा रही है। राजेश्वरी के लिए विभाग द्वारा नवीन सीपी व्हील चेयर का भी निर्माण किया जा रहा है। इस नवीन व्हील चेयर में पढ़ने एवं अन्य गतिविधियों के संचालन हेतु अलग से टेबल लगाया जायेगा। जिसमें राजेश्वरी पढ़ाई-लिखाई के साथ आसानी से दिन-प्रतिदिन के कार्य कर सकेगी।

रायपुर /शौर्यपथ/


छत्तीसगढ़ शासन के नगरीय प्रशासन एवं विकास तथा जिले के प्रभारी मंत्री डॉ शिवकुमार डहरिया ने आज अम्बिकापुर के सर्किट हाउस में प्रभारी कलेक्टर  विनय कुमार लंगेह एव स्वास्थ्य विभाग के अधिकारियो की बैठक ली। उन्होंने राजमाता देवेंद्र कुमारी सिंहदेव शासकीय चिकित्सा महाविद्यालय सम्बद्ध जिला चिकित्सालय में बेहतर स्वास्थ्य सुविधा उपलब्ध कराने तथा ईमानदारी पूर्वक दायित्व निर्वाहन के निर्देश अधिकारियों को दिए। प्रभारी मंत्री ने नगर निगम क्षेत्र में मोबाइल वैन के जरिये महिलाओं के लिए ईलाज सुविधा हेतु दाई-दीदी क्लीनिक योजना तथा सस्ती दवा दुकान श्री धन्वंतरि जेनेरिक मेडिकल स्टोर शीघ्र शुरू करने के निर्देश दिए। उन्होंने बताया कि मुख्यमंत्री श्री भूपेश बघेल 20 अक्टूबर को  धन्वंतरि दवा योजना के तहत मेडिकल स्टोर का शुभारंभ करेंगे।


प्रभारी मंत्री ने कहा कि मेडिकल कॉलेज अस्पताल में हमेशा एक जिम्मेदार अधिकारी मौजूद रहे। अस्पताल की उचित साफ-सफाई सहित अन्य व्यवस्थाएं सुधारें। रात्रिकालीन ड्यूटी के चिकित्सक और स्टाफ गंभीरता से दायित्व निर्वहन करें। उन्होंने कहा कि अस्पताल में मरीज के परिजनों की अधिक संख्या में उपस्थिति से कई व्यवस्थाएं प्रभावित होती है। इसलिए उनकी संख्या निर्धारित करें और पास जारी करें। इसके साथ ही मरीजों के मिलने का समय भी निर्धारित करें। अस्पताल की सुरक्षा व्यवस्था को दुरुस्त करें। उन्होंने ओपीडी में आने वाले मरीजों के लिए बैठने तथा पेयजल की व्यवस्था करने के भी निर्देश दिए। डॉ. डहरिया ने कहा कि यदि निजी अस्पतालों का किसी प्रकार का दखल है तो उसे समाप्त करने की कार्यवाही करें । रेफरल केस को अस्पताल तक लाने के लिए एम्बुलेंस की संख्या बढ़ाएं।

बैठक में मेडिकल कॉलेज के डीन डॉ आर मूर्ति, चिकित्सा अधीक्षक डॉ लखन सिंह, सी.एम.एच.ओ. डॉ पी.एस. सिसोदिया उपस्थित थे।

लोक कलाकारों ने राज्य के कलाकारों को अवसर प्रदान करने के लिए मुख्यमंत्री और संस्कृति मंत्री के प्रति जताया आभार

रायपुर /शौर्यपथ/ 

 

संस्कृति मंत्री अमरजीत भगत ने कहा कि राज्य सरकार छत्तीसगढ़ की कला संस्कृति को सहेजने और संवारने वाले कलाकारों के सहयोग के लिए तत्पर है। उन्होंने कहा कि प्रदेश की संस्कृति को बढ़ावा देने के लिए इस वर्ष दुर्गोत्सव एवं दशहरा पर्व पर 200 से अधिक कलाकारों को अवसर प्रदान किया गया। इसके लिए कलाकारों को एक करोड़ 56 लाख से अधिक राशि का भुगातान किया गया है। दुर्गोत्सव एवं दशहरा पर्व में यहां के कलाकारों को सांस्कृतिक कार्यक्रमों, मानस मंडलियों आदि में भाग लेने का अवसर उपलब्ध कराने के लिए लोक कलाकारों ने मुख्यमंत्री भूपेश बघेल और संस्कृति मंत्री अमरजीत भगत के प्रति अभार जताया है।


संस्कृति मंत्री भगत ने कलाकारों की प्रशंसा करते हुए कहा कि स्थानीय कलाकार प्रदेश की संस्कृति और कला को सहेजने में महत्वपूर्ण योगदान दे रहे हैं। कलाकारों के इस योगदान से अन्य कलाकारों को भी प्रेरणा एवं प्रोत्साहन मिलेगा।
श्री भगत ने कहा कि प्रदेश में नवरात्रि और दशहरा धूमधाम से मनाया गया। इस शारदीय नवरात्रि पर्व पर मुख्यमंत्री भूपेश बघेल ने राम वन गमन पर्यटन परिपथ के तहत चंदखुरी में माता कौशल्या मंदिर के भव्य स्वरूप एवं भगवान श्री राम की 51 फिट की प्रतिमा सहित सौन्द्रीयीकरण कार्य का लोकार्पण किया। इसके उपलक्ष्य में तीन दिवसीय भव्य सांस्कृतिक क्रार्यक्रम का आयोजन किया गया। इस आयोजन में छत्तीसगढ़ के कलाकारों ने सांस्कृतिक प्रस्तुति से दर्शकों का मन मोह लिया। मंत्री श्री भगत ने इन आयोजनों के सफलतापूर्वक संचालन के लिए संस्कृति विभाग की सराहना की है।.

.रायपुर /शौर्यपथ/


खाद्य और संस्कृति मंत्री  अमरजीत भगत कल 19 अक्टूबर को सवेरे 10.30 बजे अम्बिकापुर स्थित निवास स्थान बौरीपारा से तकीया मजार शरीफ के प्रस्थान करेंगे। वे सवेरे 11 बजे तकीया मजार शरीफ पहुंचेंगे और वहां आयोजित रक्तदान शिविर में शामिल होंगे।  भगत इसके बाद केनापारा, जिला सूरजपुर जाएंगे और वहां मॉं समलेश्वरी महामाया मंदिर का दर्शन कर पूजा-अर्चना करेंगे। वे इसके बाद दोपहर 12.10 बजे विश्रामपुर और 12.45 बजे केतका जाएंगे और स्थानीय कार्यक्रम में शामिल होंगे। भगत इसके बाद दोपहर दो बजे विकासखण्ड श्रीनगर के ग्राम कलुवा(कृष्णपुर) जाएंगे और वहां स्वागत एवं सम्मान कार्यक्रम में शामिल होंगे। वे कलुवा से प्रस्थान कर शाम पांच बजे चिरमिरी, जिला कोरिया जाएंगे और वहां  शिवपूजन अग्रहरी के शोकाकुल परिवार से भेंट करेंगे। वे इसके बाद दर्रीपारा, अम्बिकापुर निवासी  लक्ष्मी गुप्ता के यहां आयोजित पारिवारिक कार्यक्रम में शामिल होंगे।  भगत कार्यक्रम के बाद निवास स्थान बौरीपारा लौट आएंगे।

रायपुर /शौर्यपथ/

मनरेगा मेट पुष्पावती चौहान ने बदली गांव की तस्वीरमनरेगा कार्यक्रम से लोगों को लाभ पहुंचाने के लिए मेट के माध्यम से प्रचार प्रसार किया जा रहा है। मेट अपने ग्राम पंचायत में बखूबी अपने कार्य को निभा रही हैं जिससे ग्राम के सभी ग्रामीणों को रोजगार तो मिल ही रहा है साथ ही ग्रंाव के मजदूरो को अतिरिक्त सुविधाएं भी उपलब्ध कराई जा रही है। गांव में डबरी, कुंआ निर्माण सहित कई कार्यों को ग्रामीणांे तक पहुंचा कर गांव को समृद्ध बनाने में ये अपनी अहम भूमिका अदा कर रही है। इसी कड़ी में जशपुर जिले के पत्थलगांव विकासखंड के ग्राम सुरजगढ़ की पुष्पावती चौहान ने अपने ग्राम पंचायत में विकास को बढ़ावा देते हुए न सिर्फ गांव के लोगों को मनरेगा के तहत् रोजागर उपलब्ध कराया बल्कि अपने गांव में विभिन्न योजना से लोगों को लाभ प्रदान करने में उनकी सहायता भी की।

पुष्पावती बताती है कि गांव में अपनी प्रारंभिक पढ़ाई पूरी करने के बाद उनके पास कोई रोजगार नहीं था। परिवार की आर्थिक स्थिति सुदृढ़ नहीं थी परंतु उन्हें मनरेगा कार्यक्रम में मेट बनने का अवसर मिलने से उन्हें रोजगार तो मिला ही साथ ही अपने क्षे़त्र में सुविधाएं उपलब्ध कराने का मौका भी मिला। 02 अक्टूबर 2016 को ग्राम सभा में मेट नियुक्ति की गई। मेट बनने के बाद उनकी आर्थिक स्थिति भी अच्छी हुई साथ ही अपनी पढ़ाई को भी जारी रख सकीं।

उन्होंने बताया कि मेट के रूप में कई कमजोर परिवारों को रोजगार दिलवाया। पुष्पावती ने मेट बनने के बाद अपने मजदूरों को कार्यस्थल पर सुविधा उपलब्ध कराने के दृष्टि से पीने का पानी एवं शेड की भी व्यवस्था कराई जिससे मजदूरों को मध्यान्ह भोजन समय पर पेयजल एवं छाव की सुविधा मिल सके। साथ ही उनके द्वारा प्रत्येक कार्यस्थल पर चिकित्सा सुविधा के लिए मेडिकल किट भी रखी गयी। जिससे कार्य के दौरान तात्कालिक उपचार की सुविधा मजदूरों को प्राप्त हो सके। उन्होनंे महिलाओं को रोजगार से जोड़ने के लिए विशेष प्रयास किया। महिलाओं को जागरूक करने के लिए घर-घर जाकर उन्हें समझाईश देने के साथ ही स्व-सहायता समूह को भी शामिल किया। जिससे महिलाओं में रोजागर के प्रति आकर्षण बढ़ा। जिससे अब स्व-सहायता समूह की महिलाओं की भी आर्थिक स्थिति अच्छी हुई है। उन्होंने रोजगार प्राप्त करने के लिए ग्रामीण परिवारों को प्रोत्साहित किया।

वर्ष 2019-20 एवं 2020-21 में लगभग 50 परिवारों को 100 दिवस से अधिक का रोजगार प्रदान किया गया। साथ ही वन अधिकार पट्टाधारी परिवार का भी चिन्हांकन कर उन्हें अतिरिक्त रोजगार दिवस उपलब्ध कराने का प्रयास किया। कोविड के दौरान भी उनके द्वारा मनरेगा कार्यस्थल पर ग्रामीणों को मास्क उपयोग, सोशल डिस्टेंसिंग का पालन सहित अन्य कोविड नियमों का पालन कराते हुए मनरेगा कार्याे को सुचारू रूप से संचालित कराया गया। जिससे लॉकडाउन के दौरान भी ग्रामीणों को रोजगार प्राप्त हुआ एवं उनके आर्थिक स्थिति मजबूत बनी। पुष्पावती कहती है कि उनके जीवन में मेट का कार्य उनके परिवार के साथ ही ग्रामीणों की मदद के लिए कारगर साबित हुआ है। वह आगे भी मेट के पद पर कार्य करते हुए ग्रामीण लोगों को मनरेगा के विभिन्न कार्यों के तहत अधिक से अधिक कार्य करने के लिए प्रोत्साहित कर क्षेत्र के विकास में अपना योगदान देती रहेंगी।

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