September 24, 2026
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    रायपुर

    रायपुर (6110)

    रायपुर / शौर्यपथ / राज्यपाल सुश्री अनुसुईया उइके आज ‘मिशनरी ऑफ चेरेटी आश्रम’ में संत मदर टेरेसा जी के 111वें जन्म दिवस के अवसर पर आयोजित कार्यक्रम में शामिल हुई। उन्होंने कहा कि जो व्यक्ति समाज में निःस्वार्थ भाव से मानवीय संवेदना के साथ असहाय और गरीबों की सेवा करता है उसे पूज्यनीय माना जाता है। समाज में कई लोग ऐसे होते हैं जो बिना किसी अपेक्षा के लोगों की सेवा करते हैं, उनमें संत मदर टेरेसा का नाम प्रमुख है। उनके कार्यों की वजह से उन्हें पूरा संसार सम्मान की नजरों से देखता है।
    राज्यपाल ने कहा कि जीवन के कई क्षणों में जरूरत पड़ने पर वे किन्हीं के समक्ष मदद मांगने गई और अपेक्षा अनुरूप कार्य न होने पर या मदद न मिलने पर उन्हें बड़ी पीड़ा हुई। तब उन्होंने संकल्प लिया कि जब भी मेरे पास कोई आएगा तो उसकी मैं हरसंभव सहायता करूंगी। उन्होंने कहा कि जब-जब मुझे कोई दायित्व मिला और मेरे समक्ष कोई समस्या लेकर आया तो मैंने हर प्रकार से उनकी मदद की और यह प्रयास किया कि वह संतुष्ट होकर जाए।
    राज्यपाल ने कहा कि मदर टेरेसा अपना पूरा जीवन समाज के लिए समर्पित कर दिया। उनकी कार्यों की वजह से उन्हें नोबल पुरस्कार और भारत रत्न से सम्मानित किया गया। उनके द्वारा स्थापित संस्थाएं विभिन्न क्षेत्रों में सेवा कार्य कर रही हैं। राजधानी में भी उनके द्वारा स्थापित इस संस्था द्वारा महिलाओं के कल्याण के लिए किया गया कार्य सराहनीय है।
    राज्यपाल सुश्री उइके ने कहा कि मदर टेरेसा ने अपना पूरा जीवन मानवता के लिए समर्पित कर दिया। उन्होंने अपने तन-मन से दीन दुखियों की सेवा की। वे हमेशा जरूरतमंदों की मदद के लिए आगे रहती थी। इसके लिए अपना जीवन न्यौछावर कर दिया। वे कहती थीं कि ‘दया और प्रेम छोटे हो सकते हैं लेकिन वास्तव में उसकी गूंज अनंत होती है।’ उनका कहना था कि ‘यह महत्वपूर्ण नहीं है कि आपने कितना दिया बल्कि यह कि देते समय आपने कितने प्रेम से दिया। किसी को दान करना उतना ही मायने रखता है, जितना कि किस भाव से, विचार से, आपने दान किया।
    राज्यपाल ने कहा कि जीवन में जब किसी की मदद करने का अवसर मिले तो हमें यथासंभव मदद करनी चाहिए। राज्यपाल बनने के बाद भी मैंने यह प्रयास किया कि जो भी राजभवन के दरवाजे आए उनकी समस्याओं का निराकरण करने का प्रयास करूं। जब हम बिना अपेक्षा के किसी की मदद करते हैं तो जो संतुष्टि मिलती है, वह किसी अन्य कार्य में नहीं मिलती है। अतः हम सबको जीवन का कुछ समय दीन दुखियों की सेवा में लगाना चाहिए। कोविड महामारी के दौरान यह और भी अधिक आवश्यक हो गया है कि हम दूसरों के प्रति सहानुभूति रखें, दयालु बनें और दूसरों की मदद करें।
    छत्तीसगढ़ राज्य अल्पसंख्यक आयोग के अध्यक्ष श्री महेन्द्र छाबड़ा ने कहा कि हमें जब कभी भी दीन दुखियों की सेवा करने का मौका मिले, तो अवश्य करनी चाहिए। हमें प्रतिदिन दो व्यक्ति की सेवा करने का प्रयास करना चाहिए। संत मदर टेरेसा और उनकी संस्था द्वारा किए गए सेवा कार्यों से पूरे समाज को प्रेरणा मिलती है। श्री छाबड़ा ने कहा कि राज्यपाल सुश्री उइके के समक्ष जो भी मिलने जाता है वह संतुष्ट होकर आता है। जबसे उन्होंने यह दायित्व संभाला है, छत्तीसगढ़ के आम व्यक्ति को अपनत्व की भावना महसूस होती है।
    कार्यक्रम को राज्य खनिज विकास निगम के अध्यक्ष श्री गिरीश देवांगन एवं छत्तीसगढ़ भवन एवं अन्य संन्निर्माण कर्मकार कल्याण मंडल के अध्यक्ष श्री सुशील सन्नी अग्रवाल ने भी संबोधित किया। इस अवसर पर सिस्टर मारिया, फॉदर जोस फिलिप, चर्च कोर्ट के अध्यक्ष एवं समाजसेवी श्री जॉन राजेश पॉल, होटल रेस्टोरेंट कर्मचारी कल्याण एसोसिएशन के अध्यक्ष श्री सुरेश मसीह, मिशनरी ऑफ चेरेटी की सिस्टर, अन्य सेविका बहनें और आश्रम की महिलाएं उपस्थित थे।

    रायपुर / शौर्यपथ/ प्रौढ़ शिक्षार्थियों के लिए प्रवेशिका के निर्माण में छत्तीसगढ़ की संस्कृति एवं रोजगार संबंधी विषयों का विशेष ध्यान रखा जाए। इसमें छत्तीसगढ़ की संस्कृति, कलेवा, लोक गीत और लोक कथा का समावेश होना चाहिए। शब्द ज्ञान के लिए शब्द कोष का सहारा भी लिया जा सकता है। मड़ाई की संपादक एवं लेखिका श्रीमती सुधा वर्मा ने इस आशय के विचार राज्य शैक्षिक अनुसंधान केंद्र एवं प्रशिक्षण परिषद में नई राष्ट्रीय शिक्षा नीति के अनुरूप प्रौढ़ शिक्षार्थियों के लिए प्रवेशिका निर्माण हेतु आयोजित तीन दिवसीय राज्य स्तरीय कार्यशाला के शुभारंभ अवसर पर व्यक्त किए। कार्यशाला का आयोजन 25 अगस्त से 27 अगस्त तक राज्य साक्षरता केंद्र एससीएल, राज्य शैक्षिक अनुसंधान केंद्र एवं प्रशिक्षण परिषद, राज्य साक्षरता मिशन प्राधिकरण के संयुक्त तत्वधान किया जा रहा है।
    सहायक संचालक राज्य साक्षरता मिशन प्राधिकरण एवं नोडल अधिकारी प्रशांत कुमार पांडे ने राष्ट्रीय शिक्षा नीति के प्रमुख बिंदुओं पर पाठों का निर्धारण की जानकारी दी। उन्होंने कहा कि ग्रामीण एवं शहरी एरिया को ध्यान में रखकर सामग्री निर्माण सरल और भाषा में होना चाहिए। जिसमें बातचीत जनउला एवं अन्य विधाओं का उपयोग हो। राज्य शिक्षा केन्द्र की प्रकोष्ठ प्रभारी श्रीमती प्रीति सिंह ने कार्यशाला के उद्देश्यों के बारे में बताया। जिला परियोजना अधिकारी कोरिया उमेश कुमार जायसवाल ने आईपीसीएल पद्धति से शिक्षार्थियों को सीखने की बात कही। डॉ. सुधीर श्रीवास्तव ने कहा कि गणित में रोजमर्रा का इस्तेमाल होने वाले विषय वस्तु को भी ध्यान में रखा जाए। श्रीमती ज्योति चक्रवती ने कहा कि पाठों को प्रस्तुत करने हेतु नवाचारी तरीके अपनाकर ऐसी सामग्री का निर्माण होना चाहिए, जो आने वाले 10 सालों तक कारगर साबित हो।
    यूनिसेफ सलाहकार डॉ. मनीषा वत्स ने पाठ के निर्माण के लिए योजनाबद्ध तरीके से विषय वस्तु, पाठ का नाम, व्यंजन, मात्रा, शब्द आदि की जानकारी दी। उन्होंने महानदी, अरपा, इंद्रावती, शिवनाथ ग्रुप के सदस्यों के साथ इन जानकारियों को साझा कर समूह में कार्य करने के निर्देश दिये। कार्यशाला में जिलों के परियोजना अधिकारी, व्याख्याता डाइट, रिसोर्स पर्सन, शिक्षकों ने लेखन कार्य में अपना योगदान किया। कार्यशाला का संचालन राज्य साक्षरता मिशन प्राधिकरण के परियोजना सलाहकार श्रीमती निधि अग्रवाल ने किया। परियोजना सलाहकार सुश्री नेहा शुक्ला ने सभी प्रतिभागियों के साथ कार्यशाला की नियमावली साझा की। यूनिसेफ सलाहकार विकास भदौरिया, राज्य साक्षरता मिशन प्राधिकरण की सुश्री कविता लिखार, महेश वर्मा और डमरुधरदीप आदि उपस्थित थे।

     रायपुर / शौर्यपथ / मंत्री श्रीमती भेंडिय़ा ने आज राजधानी स्थित अपने निवास कार्यालय में मुख्यमंत्री निवास में हर साल मनाए जाने वाले तीजा-पोरा तिहार की तैयारियों की समीक्षा कर अधिकारियों को आवश्यक निर्देश दिए। बैठक में राज्यसभा सांसद श्रीमती छाया वर्मा, छत्तीसगढ़ राज्य महिला आयोग की अध्यक्ष डॉ. किरणमयी नायक सहित महिला एवं बाल विकास विभाग के अधिकारी शामिल हुए। उल्लेखनीय है कि मुख्यमंत्री श्री भूपेश बघेल हर साल पोला तिहार के अवसर पर मुख्यमंत्री निवास में छत्तीसगढ़ की बहनों और माताओं को करू भात के लिए आमंत्रित करते हैं। इस अवसर पर मुख्यमंत्री निवास में पारंपरिक रूप से तीजा-पोरा तिहार मनाया जाता है, जिसमें प्रदेश भर से महिलाएं और महिला जनप्रतिनिधि शामिल होती हैं।

    शहरी प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र उरला में विशेष अभियान चलाकर 20 गर्भवती xमहिलाओं को कोविड-19 का टीका लगाया गया इस अभियान का मुख्य उद्देश्य गर्भवती महिलाओं में कोविड-19 के जोखिम को कम करना है ।
    इस मौके पर शहरी प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र के प्रभारी डॉ.मनोज कुमार बर्मन ने बताया, “रायपुर जिले में पहली बार एक साथ 20 गर्भवती महिलाओं को कोविड-19 का टीका लगाया गया है । इसके लिए नियमित रूप से क्षेत्र में जागरूकता अभियान चलाया गया है । लोगों के मन में मौजूद जिज्ञासा को शांत किया गया साथ ही उन्हें जानकारी दी गई है कि कोविड-19 वैक्सीनेशन से गर्भवती महिलाओं को कोविड-19 होने का जोखिम कम होता है । साथ ही वैक्सीनेशन से बच्चे पर कोई दुष्प्रभाव नहीं पड़ता है । शहरी प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र उरला से इस अभियान की शुरुआत की गई है अब आने वाले समय में गर्भवती महिलाओं को नियमित रूप से कोविड-19 का टीका लगाया जाएगा”।
    कोविड-19 का टीका पूर्ण रूप से सुरक्षित है नियमित रूप से जिले में कोविड टीकाकरण का कार्य जारी है । कोविड टीकाकरण होने से कोविड-19 पॉजिटिव होने का जोखिम कम होता है। इसलिए 18 वर्ष से ऊपर के सभी लोगों को टीकाकरण कराना चाहिए ताकि कोविड-19 के प्रसार को रोका जा सके ।
    इसअवसर पर आयुक्त नगर निगम बिरगांव श्रीकांत वर्मा भी उपस्थित रहे साथ ही जिला मुख्य चिकित्सा अधिकारी के कार्यालय से जिला टीकाकरण अधिकारी डॉ आशीष वर्मा जिला मीडिया प्रभारी गजेंद्र डोंगरे, शहरी कार्यक्रम प्रबंधक ज्योत्सना ग्वाल, सुपरवाइजर राजेन्द्र वैष्णव, सुपरवाइजर अखिलेश पांडे, उरला शहरी प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र के समस्त स्टाफ और क्षेत्र की मितानिन आदि लोग मौजूद रहे।

    गर्भवती महिला के कोविड-19 टीकाकरण हेतु दिशा निर्देश
    कब देना है :- (पात्रता)
    1. गर्भावस्था की किसी भी अवधि में सभी गर्भवती महिलाओं (प्रथम तिमाही, द्वितीय तिमाही, तृतीय तिमाही हो) सभी अवस्था में कोविड टीकाकरण करवा सकती हैं ।
    2. गर्भवती को लगने वाले टीडी वैक्सीन (TD Vaccine) के साथ या टीडी वैक्सीन (TD Vaccine) लगने के 15 दिन बाद भी लगवा सकते हैं ।
    1.इनको लगाना है :-
    गर्भवती महिलाओं को जिनकी उम्र 18 से ऊपर हो
    अत्याधिक जटिलता वाली गर्भवती महिलाएं अपने चिकित्सक से परामर्श लेकर अपना कोविड-19 का टीकाकरण करवा सकती हैं
    2.कोविड-19 गर्भवती महिला पर क्या असर कर सकता है :-
    90% से ज्यादा संक्रमित गर्भवती महिलाओं को घर पर रख कर के ठीक किया जा सकता है, किंतु कुछ की स्थिति बहुत जल्दी गंभीर हो सकती है । अतः उन्हें अस्पताल में भर्ती होने की जरूरत है नहीं तो विपरीत परिणाम का जोखिम हो सकता है।
    उदाहरण:-
    1. सिजेरियन की जरूरत पड़ सकती है ।
    2. समय से पूर्व डिलीवरी हो सकती है
    उपरोक्त समस्त समस्या को टीका लगवा कर जोखिम से बचा जा सकता है।
    गर्भवतियों का टीकाकरण के बाद भी कोविड-19 व्यवहारों का पालन करना है। कोविड टीकाकरण के बाद आम लोगों की तरह गर्भवतियों को भी टीका लगाने के पश्चात :-
    1. बुखार
    2. इंजेक्शन वाले स्थान में दर्द, सूजन
    3. बदन दर्द
    आदि लक्षण दिख सकते हैं यह सामान्य बात है यह दो-तीन दिन में ठीक हो जाते हैं ।

    किसे नहीं लगाना है
    1. पूर्व में प्रथम टीका लगाने के बाद जिसे कोई गंभीर दुष्प्रभाव हुआ हो ।
    2. किसी भी अन्य तरीके से रिएक्शन हुआ हो ।
    3. ऐसी गर्भवती महिला जो वर्तमान में कोविड-19 से ग्रसित हो और उपचारित हो।
    कोविड-19 संक्रमण की परिस्थिति Condition
    गर्भवती होने के पहले महिला कोविड-पाज़िटिव होती है तो ठीक होने के 03 माह / 84 दिन बाद कोविड टीकाकरण कराएं।
    गर्भावस्था के दौरान अगर महिला कोविड-पाज़िटिव हो गई है या तो उसे पहला टीका लगा है या कोई टीका नहीं लगा है ऐसी स्थिति में डिलीवरी (जचकी) तक टीका न लगाये एवं प्रसव के बाद ही उसे टीका लगाएं ।

    विकासखंड के वनांचल क्षेत्रों में स्थित शालाओं की शैक्षणिक व्यवस्था में कसावट लाने के लिए दिनांक 25 अगस्त 2021 को विकास खंड शिक्षा अधिकारी नगरी श्री सतीश प्रकाश सिंह ने विकासखंड के विभिन्न शालाओं - प्राथमिक शाला सेमरा ,माध्यमिक शाला सेमरा, प्राथमिक शाला भेजरीरावन, प्राथमिक शाला बिरगुड़ी, हायर सेकेंडरी स्कूल बिरगुड़ी, माध्यमिक शाला बिरगुड़ी ,माध्यमिक शाला टांगापानी ,माध्यमिक शाला कोंगेरा तथा प्राथमिक शाला कोंगेरा का आकस्मिक निरीक्षण किया तथा संबंधित संस्था प्रमुख एवं शिक्षक शिक्षिकाओं को कोविड-19 से बचाव एवं सुरक्षा के लिए सभी प्रोटोकॉल का पालन कराते हुए उत्तम रूप से शाला संचालन करने के लिए आवश्यक निर्देश दिए । बी.ई.ओ.  सतीश प्रकाश सिंह ने निरीक्षण के दौरान ऑफलाइन क्लास के बच्चों से एवं मोहल्ला क्लास के बच्चों से उनके विषय आधारित सवाल पूछे एवं बच्चों को नियमित रूप से पठन-पाठन के लिए प्रेरित किया। उन्होंने विद्यालय के बच्चों को अपना कैरियर निर्माण कर राष्ट्र व समाज के हित में योगदान देने को कहा। वनांचल क्षेत्र स्थित आदिवासी विकास खंड नगरी के सभी शालाओं में ऑफलाइन कक्षा तथा ग्रामों में संचालित मोहल्ला कक्षाओं के माध्यम से बच्चों को गुणवत्तायुक्त निःशुल्क शिक्षा प्रदान करने की दिशा में उत्तरोत्तर प्रगति लाने के कार्य किए जा रहे हैं ।*

    रायपुर / शौर्यपथ / वन एवं जलवायु परिवर्तन मंत्री मोहम्मद अकबर ने आज राजधानी रायपुर के मौदहापारा के सुभाष नगर में सामुदायिक भवन का लोकार्पण किया। यह सामुदायिक भवन हवलदार अब्दुल हमीद वार्ड-36 में पांच लाख रूपए की लागत से निर्मित हुआ है। इस भवन के लिए विधायक श्री कुलदीप जुनेजा ने विधायक निधि से राशि दी है। इस अवसर पर मंत्री अकबर ने वार्डवासियों को बधाई देते कहा कि राज्य सरकार जनसुविधा उपलब्ध कराने के लिए लगातार कार्य कर रही है। इस सामुदायिक भवन के बन जाने से वार्ड वासियों को सार्वजनिक कार्यक्रम के आयोजन में सहूलियत होगी।
    इस अवसर छत्तीसगढ़ हाऊसिंग बोर्ड के अध्यक्ष कुलदीप जुनेजा, रायपुर नगर निगम महापौर एजाज ढेबर, सभापति प्रमोद दुबे, एमआईसी सदस्य ज्ञानेश शर्मा, वार्ड-36 के पार्षद अनवर हुसैन, पार्षद हरदीप सिंह (बंटी) होरा, नगर निगम आयुक्त प्रभात मलिक, जोन आयुक्त विनय मिश्रा, पूर्व पार्षद अनीश अहमद, कबीर अहमद, फिरोज अली, शाहिद अली वहीद भाई, कपिल बाग, मनीष निहाल, दिनेश बाघ, सनी बाघ, श्रीमती शीलू टांडी सहित स्थानीय जनप्रतिनिधि एवं गणमान्य नागरिक बड़ी संख्या में उपस्थित थे।

    राष्ट्रीय अध्यक्ष ने रजककार बोर्ड के गठन पर माना छग को देश का मॉडल सरकार
    हाय रे मोर कोचई के पान रहा आकर्षण का केंद्र

    रायपुर / शौर्यपथ / छत्तीसगढ़ प्रदेश धोबी समाज ने राज्य सरकार द्वारा रजककार बोर्ड बनाए जाने के खुशी में मुख्यमंत्री भूपेश बघेल का जन्मोत्सव बड़ी धूम-धाम से स्वाभिमान दिवस के रूप में मनाया और खनिज विकास निगम के अध्यक्ष गिरीश देवांगन को मुख्य अतिथि के रुप में आमंत्रित कर छत्तीसगढ़िहा केक अंगाकर रोटी कटवाया। समाज जनों को संबोधित करते हुए अध्यक्ष देवांगन ने कहा- धोबी समाज की पहचान अब राष्ट्रीय स्तर से बनने लगी है और राष्ट्रीय स्तर से संगठन बन चुका है, यह बहुत बड़ी बात है रजककार बोर्ड का गठन धोबी समाज के उत्थान के लिए मुख्यमंत्री भूपेश बघेल ने किया है। उन्होंने कहा- बोर्ड में स्थान उन्हीं लोगों को मिलेगा जो समाज के प्रति समर्पित है।
    मुख्यमंत्री भूपेश बघेल सामाजिक जानकार और सामाजिक सोच रखने वाले राजनेता हैं। उन्होंने कहा कि पौनी पसारी में धोबी समाज आता है जो हमारे छत्तीसगढ़ में अत्यंत पिछड़ा हुआ है जिसको ध्यान में रखकर ही रजककार बोर्ड का गठन किया गया है, जिसमें अनेक नियमावली तैयार की जा रही है।
    राष्ट्रीय अध्यक्ष कृष्ण कुमार कनौजिया (मुंबई) ने कहा कि छत्तीसगढ़ सरकार ने रजककार बोर्ड गठन कर देश में मॉडल सरकार होने का उदाहरण प्रस्तुत किया है। यही कारण है कि मुख्यमंत्री के जन्म उत्सव समारोह में शामिल होने के लिए राष्ट्रीय समाज अपने आपको रोक नहीं पाया। उन्होंने समाज को अनुसूचित जाति में शामिल करने के लिए राज्य सरकार द्वारा जारी परिपत्र को प्रत्येक परिवार को भरने के लिए अपील की, उन्होंने समाज जनों से अपील करते हुए जोर देते हुए कहा इस परिपत्र को भरने से समाज के जनगणना भी हो जाएगी और समाज को आरक्षण मिलने के लिए मार्ग प्रशस्त होगा।
    समाज के प्रदेश अध्यक्ष सूरज निर्मलकर ने मुख्यमंत्री की ओर से पर्यवेक्षक के रुप में पहुंचे गिरीश देवांगन से कहा कि हमारा उद्देश्य समाज की बेहतरी और आर्थिक प्रगति है। इस सामाजिक जन्मोत्सव समारोह में छत्तीसगढ़ी फिल्म अभिनेत्री अनीता बरेठ (कोरबा) और अश्वनी निर्मलकर (बिरगांव) ने हाय रे मोर कोचई पान संगीत में शानदार मनमोहक नृत्य प्रस्तुत किया जो आकर्षण के केंद्र रहे। इस जन्म उत्सव समारोह में राज्य भर से जिला अध्यक्ष, परीक्षेत्रीय अध्यक्ष और सभी फिरके झेरिया, कनौजिया, बैसवारा, परदेसिया, देशहा, बुंदेला, लरिया, कोसरिया के मुखिया पहुंचे और सभी लोगों ने सर्वसम्मति से समाज के प्रदेश अध्यक्ष श्री सूरज निर्मलकर को बोर्ड के अध्यक्ष बनाने की मांग रखी।
    समारोह में राष्ट्रीय अध्यक्ष तथा मुख्य अतिथि प्रदेश अध्यक्ष राष्ट्रीय सलाहकार राजेंद्र आहिर का परंपरागत धोबी पगड़ी से नवाज कर अभिनंदन किया गया तथा जिला पंचायत सदस्य श्रीमती सीमा देवानंद निर्मलकर और पार्षद उमा चंद्रहास निर्मलकर कन्हैया निर्मलकर, एल्डरमैन राम चरण निर्मलकर का सम्मान किया गया। समारोह को महासमुंद के जिला अध्यक्ष देवानंद निर्मलकर, बिलासपुर के जिला अध्यक्ष पवन निर्मलकर, कनौजिया समाज के अध्यक्ष भागबली निर्मलकर, बैसवारा समाज के अध्यक्ष कृष्णा चौधरी, दुर्ग जिला अध्यक्ष राम दीदी निर्मलकर, ज्योति निर्मलकर, युवा प्रदेश अध्यक्ष गिरधारी बरेठ, प्रदेश महासचिव श्रीमती मधु निर्मलकर बेलतरा, प्रादेशिक प्रवक्ता गंगा अमन निर्मलकर, प्रदेश महामंत्री चंद्रहास निर्मलकर, मुख्य निर्वाचन अधिकारी विजय निर्मलकर धमतरी, त्रिलोचन बाघे, श्रीमती शांति सेठ, जितेंद्र रजक केशकाल बस्तर, रामनाथ निर्मलकर राजनांदगांव, रामाशंकर रजक सरगुजा आदि अनेक पदाधिकारियों ने संबोधित किया। समारोह का संचालन आकाशवाणी के उद्घोषक वीरेंद्र निर्मलकर, प्रदेश सचिव पीसी निर्मलकर और आभार प्रदर्शन महामंत्री चंद्रहास निर्मलकर ने किया।

    रायपुर / शौर्यपथ / राज्यपाल सुश्री अनुसुईया उइके से आज कान्फेडरेसन ऑफ एक्स पैरामिलिट्री फोर्स वेलफेयर एसोसिएशन नई दिल्ली के महासचिव श्री रणबीर सिंह ने भेंट की और राज्य में सेवारत एवं सेवानिवृत्त अर्धसैनिक बल की आवश्यकताओं को ध्यान में रखते हुए अर्धसैनिक कल्याण बोर्ड गठन किए जाने का आग्रह किया। राज्यपाल ने उन्हें आवश्यक कार्यवाही का आश्वासन दिया। प्रतिनिधिमंडल ने कहा कि बोर्ड के गठन से अर्धसैनिक बलों तथा उनके परिजनों के पुनर्वास तथा पेंशन संबंधी सुविधाओं का लाभ आदि में सहायता मिलेगी तथा कल्याणकारी योजनाओं का लाभ मिल सकेगा। उन्होंने कहा कि शिक्षा, स्वास्थ्य सुविधाओं तथा बच्चों के विवाह के लिए आर्थिक सहायता प्रदान कर सकते है। प्रतिनिधि मंडल ने कहा कि आतंकी नक्सली तथा अन्य हमलों में शहीदों को दी जाने वाली आर्थिक सहायता 1 करोड़ रूपए तक बढ़ाई जाए। इसके साथ ही भारत सरकार द्वारा सेना की तर्ज पर अर्धसैनिक बल के जवानों को एक्स-सर्विसमैन का दर्जा देने के आदेश को छत्तीसगढ़ में लागू करने का आग्रह किया, जिससे उन्हें पुनर्वास तथा कल्याणकारी योजनाओं का लाभ मिल सके।

    - बोराई पुलिस की कार्रवाई

    नगरी। अनुविभागीय अधिकारी पुलिस नगरी मयंक रणसिंह से मिली जानकारी के अनुसार 22 अगस्त की रात्रि में प्रार्थी सिहावा, दनीबांधा से अपने धर केशकाल निजी वाहन से लौटते समय, रास्ते में बोराई फॉरेस्ट नाका के पास आरोपियों ने डंडे,लोहे से लैस होकर मारपीट की और महिलाओं के साथ छेड़छाड़ किया।
    बोराई थाना प्रभारी युगल किशोर के नेतृत्व में आरोपियों की पतासाजी कर घेराबंदी कर गिरफ्तार किया गया अपराध क्रमांक 20 /2021 धारा 341,354,294,506,323,147,148,149 भादवी के तहत गिरफ्तार कर
    आरोपी राज कुमार ध्रुव, मिथिलेश कुमार साहू ,अश्विन नेताम,शत्रुघ्न मरकाम, अशोक कुमार साहू, जागेश्वर प्रसाद, दुर्योधन मरकाम, सुनील हिचामी न्यायालय में पेश किया गया।

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