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May 26, 2026
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रायपुर

रायपुर (6385)

Dhamtari/मगरलोड/Rajshekhar Nair

सिंगपुर तरफ से मगरलोड आ रही हाइवा वाहन अनियंत्रित होकर पेड़ से टकरा गया| इस घटना में मौके पर ही चालक की
मौत हो गई। गुरूवार की सुबह 10- 11 बजे के आसपास खाली हाइवा वाहन क्रमांक सीजी 04 एलआर 9907 सिंगपुर से मगरलोड तरफ आ रहा था। राजाडेरा जलाशय मोड़ के पास वाहन अनियंत्रित होकर साजा वृक्ष से टकरा गया जिससे हाइवा वाहन चालक की मौके पर मौत हो गई। घटना की सूचना मिलते ही टीआई विनोद कतलम, एसआई सुभाषलाल, प्रधान आरक्षक पवन चंद्राकर, आरक्षक नागेश्वर यदु, सैनिक सत्यनारायण सोरी, सहायक आरक्षक चंद्रशेखर कुंजाम मौके पर पहुँचे और वाहन में फंसे मृत चालक को जेसीबी मशीन की सहायता से बाहर निकाला । पुलिस मर्ग कायम कर जांच में जुट गई है। बताया जाता है कि हाइवा रायपुर की है। ज्ञात हो कि ब्लाक मुख्यालय मगरलोड से वनांचल इलाका सिंगपुर मार्ग सिंगल रास्ता व अंधा मोड़ होने के कारण रास्ते में हमेशा दुर्घटना की आंशका बनी रहती है। ग्रामीणों ने मार्ग की चौड़ीकरण की मांग प्रशासन से की है।

धमतरी /राजशेखर नायर

कलेक्टर श्री जय प्रकाश मौर्य के निर्देश पर आबकारी अमले द्वारा लगातार अवैध मदिरा के विरूद्ध कार्रवाई की जा रही है। इसी कड़ी में आज केरेगांव थाना के ग्राम मोहलाई में आबकारी टीम धमतरी द्वारा छापामार कार्रवाई कर जितेंद्र गंधर्व, धनेश्वर बघेल, हरिराम गंधर्व से 160 किलो महुआ लाहन एवं महुआ शराब बनाने के उपकरण बरामद किया गया। साथ ही छ.ग. आबकारी अधिनियम की धारा 34(1) च के तहत 03 प्रकरण दर्ज किया गया तथा शैलेन्द्री बाई से 02 लीटर महुआ शराब बरामद कर आरोपिया के विरुद्ध धारा 34(1)क के तहत प्रकरण कायम किया गया।
इसी तरह ग्राम फुटहामुड़ में 200 किलो ग्राम महुआ लाहन एवं 40 लीटर महुआ शराब बरामद कर अज्ञात आरोपी के विरुद्ध आबकारी अधिनियम की धारा 34(1)च, 34(2) के तहत प्रकरण कायम किया गया उपरोक्त प्रकरणों में महुआ लाहन को मौके पर ही नष्ट किया गया एवं लावारिस प्रकरण में विवेचना जारी है। इस दौरान सहायक जिला आबकारी अधिकारी श्री सी.एच.यदु, वृत्त प्रभारी आबकारी उपनिरीक्षक श्री वैभव मित्तल एवं आबकारी स्टाफ साथ रहे।

नगरी।राजशेखर नायर

छग के किसानों की समस्याओं को लेकर भारतीय जनता पार्टी के कार्यकर्ताओं ने बजरंग चौक नगरी में धरना प्रदर्शन किया

1 नवम्बर से धान खरीदी, धान का रकबा घटाने के विरुद्ध, प्रति एकड़ 20 क्विन्टल खरीदी की मांग, पिछले वर्ष की अंतर की राशि, पुराना 2 वर्ष का बकाया भुगतान गर्मी फसल हेतु नहर पानी की मांग सहित तमाम मुद्दों पर कांग्रेस की भूपेश सरकार को नींद से जगाने धरना प्रदर्शन किया

रायपुर । शौर्यपथ । बच्चों में बेहतर स्वास्थ्य और सुपोषण की अलख जगाने के उद्देश्य से दिव्यांग साक्षी ने कृमिनाशक टेबलेट एल्बेंडाजोल खाने के लिए घर घर जाकर बच्चों को जागरूक कर रही है और पेट के कृमि से होने वाले नुकसान और खतरे के बारे में भी बता रही है ।ज़िले में 1 से 9 अक्टूबर तक राष्ट्रीय कृमिनाशकदिवस (एनडीडी (नेशनल डीवार्मिंग डे) का आयोजन किया जा रहा है । साक्षी कहती है,महिला एवं बाल विकास विभाग द्वारा राष्ट्रीय पोषण माह का आयोजन 1 से 30 सितंबर तक किया गया था । जिसमें उसने “गढ़बो सुपोषित छत्तीसगढ़” की रंगोली बनाकर और सुपोषित सतरंगी और तिरंगा थाली सजाकर पोषण के महत्व की जानकारी वीडियो बना कर दी थी । साक्षी कहती है बच्चों में स्वास्थ्य और सुपोषण की अलख को जगाने के लिए स्वास्थ्य विभाग द्वारा कृमिनाशक एल्बेंडाजोल टेबलेट खाने के लिए अभियान चलाया जा रहा है इसमें वह अपने हमउम्र साथियों को एल्बेंडाजोल टेबलेट खाने के लिये प्रेरित कर रही है साथ ही पेट के कृमि से होने वाले नुकसान और खतरे के बारे में भी लोगों को घर घर जाकर बता रही है।पेट में कृमि होने पर बच्चों को भूख नही लगती है एवं वे कमज़ोर हो जाते है ।साथ ही छोटे बच्चे इससे कुपोषित भी हो जाते है । शरीर में ये कीड़े किसी दूसरे व्यक्ति से, संक्रमित मिट्टी में नंगे पैर चलने से, दूषित पानी में खेलने से या फिर अशुद्ध भोजन खाने सेहोजाते हैं।खाने से पहले और शौचालय के इस्तेमाल के बाद अपने हाथ साबुन से अवश्य धोएं।बच्चे नाखून छोटे और साफ रखें।फल और सब्जियों को साफ पानी में अच्छे से धोएं। ज़िला टीकाकरण अधिकारी डॉ. विकास तिवारी ने बतायाएनडीडी (नेशनल डीवार्मिंग डे) हर साल स्वास्थ्य विभाग द्वारा चलाया जाता है। इसके तहत बच्चों के शरीर से कृमि खत्म करने के लिए उन्हें एल्बेंडाजॉल की दवा तीन रूप में खिलाई जाती है। इसमें 1-2 वर्ष के बच्चों को आधी गोली पीसकर2-3 वर्ष के बच्चों को एक गोली पीसकर और 4-19 वर्ष के बच्चों को चबाकर खाने के लिए एक गोली दी जाती है। यह कार्यक्रम रायपुर के शहरी एवं ग्रामीण क्षेत्रों में एएनएम के मार्गदर्शन में आंगनबाड़ी कार्यकर्ता व मितानिनों के माध्यम से चलाया जा रहा है। डॉ. तिवारी और सीएमएचओ डॉ. मीरा बघेल ने बताया की राज्य से ज़िले के 8 लाख 20 हजार 680 बच्चों को एल्बेंडाजॉल की दवा खिलाने का लक्ष्य दिया है। इसके तहत घर-घर जाकर और फिर केंद्र में दवा खिलाने का कार्य किया जा रहा है। उन्होंने कहा यह कृमि नाशक दवा मुख्यमंत्री की महत्वकांक्षी योजना सुपोषण को भी साकार करती है। इस दवा को खाने से बच्चों के पेट में पैदा होने वाले कृमि मर जाते हैं और शरीर को सही तरीके से पोषण मिलता है जिससे पूर्ण विकास होता है। उन्होंने सभी लोगों से अपील की है कि वह अपने-अपने बच्चों को यह दवा जरूर खिलाएं। इस अवसर पर स्वास्थ्य विभाग की मितानिन और आंगनबाडी अंबेडकरनगर केंद्र की आंगनवाडी कार्यकर्ता मौजूद रहीं ।

धमतरी।राजशेखर नायर

‘सीख‘ कार्यक्रम के तहत कलेक्टर श्री जयप्रकाश मौर्य ने आज विद्यार्थियों को शैक्षणिक एवं गैर शैक्षणिक गतिविधियों को संचालित करने वाले वाॅलिंटियर्स का सम्मान सीख-पिटारा वितरित कर किया। आज सुबह धमतरी विकासखण्ड की ग्राम पंचायत अर्जुनी में आयोजित संक्षिप्त कार्यक्रम में कलेक्टर ने शिरकत कर शिक्षक, विद्यार्थी तथा वाॅलिंटियर्स को संबोधित करते हुए कहा कि कोविड-19 वायरस के संक्रमण के चलते पारम्परिक शिक्षण कार्य बाधित हुआ है, जिसे अनवरत बनाए रखने के लिए सीख कार्यक्रम चलाया जा रहा है। उन्होंने आगे कहा कि सही मायने में शिक्षा से विद्यार्थियों का सर्वांगीण विकास होता है और भावी पीढ़ी को बेहतर ढंग से तैयार करने के लिए शिक्षक रोल माॅडल के तौर पर अपना दायित्व निभाएं।
कलेक्टर श्री मौर्य ने अपने उद्बोधन में आगे कहा कि शिक्षा सिर्फ रोजगार अथवा व्यवसाय हासिल करने का जरिया मात्र नहीं है। शिक्षा से बुद्धि और ज्ञान का भी विकास होता है इसलिए सभी विद्यार्थियों को एक साथ लेकर शिक्षक उन्हें आगे बढ़ाने में अपनी सकारात्मक भूमिका निभाएं। लोकतंत्र में शिक्षा का महत्व और बढ़ जाता है, जब मनुष्य जागरूक होकर हर क्षेत्र में अपनी समझ विकसित करता है। उन्होंने आगे कहा कि शिक्षा सिर्फ नौकरी हासिल करने का जरिया मात्र नहीं है, इसलिए विद्यार्थियों की गुणवत्ता का आंकलन कभी अंकों से ना करें। यह जरूरी नहीं कि कम अंक पाने वाला छात्र किसी भी क्षेत्र में आगे नहीं बढ़ सकता। जरूरत है उसकी वास्तविक प्रतिभा को परखकर उसे सही दिशा देने की। इस दौरान कलेक्टर ने ग्रामीणों को समझाइश देते हुए कहा कि कोरोना से भयभीत होने की आवश्यकता नहीं है, बल्कि उन्हें सावधानी व सतर्कता के साथ जीने की है। जिले में इस दौरान 42 मरीजों की मृत्यु हुई है, जिनमें से सिर्फ 04 की मृत्यु कोरोना से हुई, शेष 38 अन्य मरीज अन्य गम्भीर बीमारियों से पीड़ित थे। इस अवसर पर जिला शिक्षा अधिकारी श्रीमती रजनी नेल्सन ने सीख कार्यक्रम के बारे में जानकारी देते हुए बताया कि राज्य के 4-5 जिलों में यह चल रहा है, जिसमें सर्वाधिक बेहतर कार्य धमतरी जिले में हो रहे हैं, जिसके अंतर्गत बच्चों को आॅनलाइन एवं आॅफलाइन शिक्षा तथा अन्य रोचकपूर्ण गतिविधि, क्रियाकलाप कराया जा रहा है, जो काफी हद तक सफल रहा है। इसके पहले, कलेक्टर श्री मौर्य ने देमार संकुल के ग्राम भानपुरी, अर्जुनी, खपरी, पीपरछेड़ी, देमार, तेलिनसत्ती, उसलापुर के वाॅलिंटियर्स को सीख पिटारा (शिक्षण सामग्री किट) प्रदान किए। इस अवसर पर शिक्षा विभाग के अधिकारीगण, वाॅलिंटियर्स, विद्यार्थीगण तथा ग्रामीणजन उपस्थित थे।

धमतरी ।राजशेखर नायर

जिला स्तरीय जल उपयोगिता समिति की बैठक आज दोपहर को सिहावा विधायक डाॅ. लक्ष्मी ध्रुव तथा धमतरी विधायक श्रीमती रंजना साहू की उपस्थिति में कलेक्टर श्री जयप्रकाश मौर्य ने ली, जिसमें आगामी रबी फसल एवं निस्तारी के लिए जिले के जलाशयों से पानी छोड़े जाने के संबंध में चर्चा कर अनुमोदन किया गया। इस दौरान कार्यपालन अभियंता जलप्रबंध संभाग रूद्री ने बताया कि आगामी रबी फसल के लिए जिले के सभी जलाशयों में पर्याप्त मात्रा में जल का भण्डारण है तथा गत वर्ष की तुलना में इस साल लगभग तीन हजार हेक्टेयर अधिक रकबे में सिंचाई के जरिए पानी छोडे जाने का लक्ष्य रखा गया है।
जल संसाधन विभाग कोड-38 के कार्यपालन अभियंता श्री रामटेककर ने कलेक्टोरेट सभाकक्ष में आयोजित बैठक में बताया कि एक अक्टूबर की स्थिति में जिले के वृहद् जलाशयों में 1364.43 मिलियन घनमीटर के विरूद्ध कुल 1134.03 मिलियन घनमीटर पानी उपलब्ध है जिनमें रविशंकर सागर जलाशय में 707, मुरूमसिल्ली जलाशय में 146.28 तथा दुधावा जलाशय में 280.26 घनमीटर उपयोगी जल है। उन्होंने यह स्पष्ट किया कि इस साल रबी फसल के लिए सोंढूर जलाशय की प्रदायक नहर में जीर्णोद्धार एवं संरचनाओं के निर्माण कार्य प्रगतिरत होने के कारण उक्त जलाशय से पानी छोड़ा जाना संभव नहीं है, अलबत्ता तालाबों में निस्तारी के लिए पानी जरूर प्रदाय किया जाएगा। उन्होंने यह भी बताया कि विभिन्न प्रयोजनों के लिए 448 मिलियन घनमीटर पानी आरक्षित रखा गया है, जिनमें भिलाई इस्पात संयंत्र एवं पाॅवर प्लांट, भिलाई पाॅवर प्लांट, भिलाई नगर निगम पेयजल के लिए 108 घनमीटर, निस्तारी के लिए 85 घन मीटर नगर निगम रायपुर में पेयजल हेतु 61 सहित अलग-अलग प्रयोजनों के लिए पानी आरक्षित रखा गया है।
बैठक में यह जानकारी दी गई कि ग्रीष्मकालीन धान के लिए कुल 26 हजार 773 हेक्टेयर क्षेत्र में पानी प्रदाय किए जाने का लक्ष्य निर्धारित है, जो गत वर्ष की तुलना में लगभग तीन हजार हेक्टेयर अधिक है। इसमें धमतरी जिले के 15 हजार 340 हेक्टेयर, बालोद जिले के 5 हजार 180 हेक्टेयर, रायपुर जिले के तीन हजार हेक्टेयर सहित धमतरी जिले में पैरी परियोजना से तीन हजार हेक्टेयर तथा माइनर टैंकों से 248 हेक्टेयर रकबे में पानी दिए जाने का प्रस्ताव है। जिला स्तर की समिति के अनुमोदन के उपरांत उक्त प्रस्ताव को संभाग स्तरीय जल उपयोगिता समिति में रखा जाएगा, जहां अंतिम निर्णय लिया जाएगा। बैठक में सिहावा विधायक तथा धमतरी विधायक द्वारा सिंचाई एवं निस्तारी जल को लेकर सुझाव दिए गए, जिस पर कलेक्टर ने तदनुसार प्रस्ताव में शामिल करने की बात कही। इस अवसर पर जल संसाधन विभाग कोड-90 के कार्यपालन अभियंता श्री अनिल कुमार पालड़िया, कोड-02 श्री के.के. मिश्रा सहित अनुविभागीय अधिकारी उपस्थित थे।

धमतरी। राजशेखर नायर

ग्राम सभा गंगरेल को दिया गया सामुदायिक वन अधिकार प्रमाण पत्र को आज जिला स्तरीय वन अधिकार समिति की बैठक में तकनीकी तौर पर त्रुटि होने की वजह से निरस्त करने का सर्वसम्मति से निर्णय लिया गया। कलेक्टर श्री जय प्रकाश मौर्य की अध्यक्षता में दोपहर 12 बजे से कलेक्टोरेट सभाकक्ष में आहूत इस बैठक में यह भी निर्णय लिया गया कि अब चूंकि वन अधिकार प्रमाण पत्र निरस्त किया गया है, अतः कोई भी नवीन संरचना का निर्माण वहां नहीं किया जाएगा ना ही अतिक्रमण किया जाएगा।
कलेक्टर एवं जिला दंडाधिकारी श्री मौर्य ने अनुविभागीय अधिकारी राजस्व धमतरी को गंगरेल में कानून एवं व्यवस्था बनाए रखने और इस पर निगाह रखने के लिए नियंत्रण गकी जिम्मेदारी सौंपी है। बैठक में बताया गया कि चूंकि गंगरेल बांध बनने के वक्त वन विभाग द्वारा भू प्रवेश के लिए जल संसाधन विभाग को भूमि अस्थाई रूप से हस्तांतरित की गई थी। अतः तकनीकी तौर पर उस भूमि में वन अधिकार प्रमाण पत्र ग्राम सभा को जारी नहीं किया जा सकता। इसके अलावा वन अधिकार प्रमाण पत्र के लिए स्थल सत्यापन संरक्षित और आरक्षित वन के क्षेत्र क्रमांक 191 का किया गया, किन्तु सामुदायिक वन अधिकार पत्र क्षेत्र क्रमांक 190 को जारी किया गया। दूसरी महत्वपूर्ण बात यह है कि जब ग्राम सभा की बैठक इस संबंध में आहूत की गई उस बैठक की कार्रवाई में 1/3 ग्राम सभा के सदस्यों की उपस्थिति नहीं थी।
इसके मद्देनजर आज की बैठक में ग्राम सभा गंगरेल को जारी सामुदायिक वन अधिकार पत्र को निरस्त करने का निर्णय सर्वसम्मति से लिया गया। इस मौके पर कलेक्टर ने निर्देशित किया कि जब भी भविष्य में जलसंसाधन विभाग द्वारा वन विभाग को भूमि हस्तांतरित की जाएगी, तब उस पर पुनः सामुदायिक वन अधिकार प्रमाण पत्र के लिए आवेदन किया जा सकता है। बैठक में समिति के सदस्य के रूप में जिला पंचायत सदस्य श्री मनोज साक्षी, श्रीमती कुसुम लता साहू, वनमण्डलाधिकारी श्री अमिताभ बाजपेई, अनुविभागीय अधिकारी राजस्व धमतरी श्री मनीष मिश्र, सहायक आयुक्त, आदिवासी विकास विभाग डॉ.रेशमा खान सहित अन्य सदस्य एवं अधिकारी उपस्थित रहे।

धमतरी । राजशेखर नायर

जिला शिक्षा विभाग एवं यूनीसेफ के संयुक्त तत्वावधान में जिले के चारों विकासखण्डों धमतरी, कुरूद, मगरलोड एवं नगरी में ’सीख’ कार्यक्रम का संचालन किया जा रहा है। इसके तहत शिक्षक एवं वाॅलेन्टियर्स द्वारा प्राथमिक स्कूलों के विद्यार्थियों को-’क्रियाविधि आधारित शिक्षा’ दी जा रही है। कोरोना काल में यूनीसेफ द्वारा डिजाइन किए गए आॅफलाइन शैक्षणिक गतिविधियों के जरिए पढ़ाई कराई जा रही है। इसी कड़ी में ’पढ़ई तुंहर पारा’ की अवधारणा को एक स्तर ऊपर ले जाते हुए ’सीख पिटारा’ का वितरण जिले में सात अक्टूबर से व्यापक रूप से किया जा रहा है। इसके तहत वाॅलेन्टियर्स को पिटारा के तौर पर बैग तथा पाठ्य सामग्री की फोटोकाॅपी (मासिक) उपलब्ध कराई जाएगी, जिससे बच्चे अधिक प्रभावी तरीके से सीखने की दिशा में आगे बढ़ेंगे।
जिला शिक्षा अधिकारी ने बताया कि 07 अक्टूबर को कलेक्टर श्री जय प्रकाश मौर्य द्वारा धमतरी विकासखण्ड तथा मुख्य कार्यपालन अधिकारी जिला पंचायत श्रीमती नम्रता गांधी द्वारा नगरी विकासखण्ड में वाॅलेन्टियर और शिक्षकों को प्रतीकात्मक तौर पर ’सीख पिटारा’ का वितरण किया जाएगा। जिला स्तर पर आयोजित कार्यक्रम में यूनीसेफ रायपुर के नोडल अधिकारी श्री शेषागिरी भी उपस्थित रहेंगे। गौरतलब है कि जिले में वाॅलेन्टियर्स तथा शिक्षकों द्वारा प्राथमिक स्कूलों के लगभग 45 हजार विद्यार्थियों को शिक्षित किया जा रहा है।

राजशेखर नायर

2 अक्टूबर से शुरू हुआसघन कोरोना सर्वे अभियान के अंतर्गत रायपुर शहरी-2 परियोजना के गुढ़ियारी सेक्टर 28 केन्द्रोआंगनबाड़ी कार्यकर्ताओं, सहायिकाओंऔर स्वास्थ्य विभाग की टीम घर- घर जाकर कोविड-19 से सम्बंधित लक्षण वालेमरीजों की पहचान कर रही है। ज़िले में इस अभियान के लिए ग्रामीण और शहरी इलाकों में मितानिनों, आंगनबाड़ी कार्यकर्ताओं एवं सहायिकाओं, बहुउद्देश्यीय स्वास्थ्य कार्यकर्ताओं, सामुदायिक स्वास्थ्य अधिकारियों, पंचायत एवं ग्रामीण विकास विभाग तथा नगरीय प्रशासन एवं विकास विभाग के फील्ड स्टॉफ की ड्यूटी लगाई गई है।
स्वास्थ्य विभाग ने सभी सर्वे दलों को अभियान के दौरान कोरोना संक्रमण से बचने के सभी उपायों और प्रोटोकॉल का कड़ाई से पालन करने के निर्देश दिए हैं। प्रदेश भर में यह सघन अभियान 12 अक्टूबर तक संचालित किया जाएगा।
गुढ़ियारी सेक्टर की पर्यवेक्षक रीता चौधरी ने बताया,आंगनबाड़ी कार्यकर्ता और सहायिका प्रातः घर-घर जाकर कर रेडी टू ईट फूड वितरण कर रही है । साथ ही सघन कोरोनासर्वे का कार्य भी आंगनबाड़ी केंद्र कार्यकर्ता और सहायिका के द्वारा किया जा रहा है । साथ ही आंगनबाड़ी केंद्रों पर बच्चों का वजन भी लिया जा रहा है।
उन्होने बताया कि स्वास्थ्य विभाग की एएनएम के द्वारा आंगनबाड़ी केंद्र पर टीकाकरण का कार्य भी किया जा रहा है । गुढ़ियारी सेक्टर के 28 आंगनबाड़ी केंद्र हैं यहाँ पर तैनात सभी कार्यकर्ताओ द्वारा अपने पूर्ण दायित्व के साथ कार्य किया जा रहा है ।
आंगनबाड़ी कार्यकर्ता डिजिटल वीडियो के माध्यम से हितग्राहियों तक समस्त योजनाओं को भी समझा रही हैं ।साथ ही इसके माध्यम से प्रधानमंत्री मातृ वंदना योजना, नोनी सुरक्षा योजना के हितग्राहियों को भी लाभान्वित किया जा रहा है । कुपोषण को दूर करने के लिए लक्षित बच्चों को भी दूध बिस्किट केला प्रातःकाल में नाश्ता दिया जा रहा है । दोपहर में दाल चावल सब्जी अंडा दिया जाता है । उसके बाद शाम में रेडी टो ईट फूड से बने लड्डू भी बच्चों को दिये जा रहे हैं ।
2 अक्टूबर 2019 को शुरु हुई लक्ष्य सुपोषण योजना के तहत गुढ़ियारी सेक्टर के अंतर्गत 12 बच्चे थे । जो कि गंभीर कुपोषित थे । 6 अक्टूबर 2020 की स्थिति में गंभीर कुपोषित केवल 2 बच्चे ही शेष हैं इसमें से 8 बच्चे मध्यम श्रेणी में आ चुके हैं और दो बच्चे सामान्य श्रेणी में आ चुके हैं । इस प्रकार देखा जाये तो छत्तीसगढ़ शासन की लक्ष्य सुपोषण योजना काफी कारगर साबित हो रही है ।सेक्टर में प्रथम मंगलवार को रेडी टू ईट फूड घर-घर जाकर कार्यकर्ता के द्वारा दिया जा रहा है एवं तीसरी मंगलवार को भी रेडी टू ईट फूड का वितरण किया जा रहा है ।
अभियान के दौरान घर-घर जाकर सघन सामुदायिक सर्वे कर कोविड-19 के सभी मरीजों की जल्द से जल्द पहचान कर त्वरित उपचार सुनिश्चित किया जाएगा। साथ ही आइसोलेशन के जरिए संक्रमण की श्रृंखला को तोड़ने का भी प्रयास किया जायेगा । अभियान के लिए गठित टीम क्षेत्रवार घरों में भ्रमण कर कोरोना संक्रमण के लक्षण वाले लोगों की जानकारी जुटाएगी। जानकारी के आधार पर खंड चिकित्सा अधिकारी द्वारा इनकी जांच की व्यवस्था की जाएगी। बुखार, सर्दी, खांसी, सांस लेने में तकलीफ, बदन दर्द, दस्त तथा उल्टी, सूंघने या स्वाद की क्षमता घटने जैसे लक्षणों वाले व्यक्तियों को संभावित मरीजों की श्रेणी में रखा जाएगा।

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