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March 10, 2026
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रायपुर

रायपुर (6339)

    रायपुर / शौर्यपथ / प्रदेश में चल रहे विभिन्न निर्माण कार्यो-सड़कों, भवनों एवं पुलों की गुणवत्ता को लोक निर्माण मंत्री श्री ताम्रध्वज साहू काफी गंभीरता से ले रहे हैं। इसके लिए वे निर्माण कार्यो की लगातार समीक्षा के साथ ही स्थल निरीक्षण कर निर्माणाधीन कार्यो का जायजा भी ले रहे हैं। गृह मंत्री साहू ने आज रायपुर रेलवे स्टेशन से केन्द्री के मध्य एक्सप्रेस-वे के निर्माण-सुधार कार्यो का औचक निरीक्षण करने के बाद नवा रायपुर में निर्माणाधीन मुख्यमंत्री निवास का भी निरीक्षण किया। उन्होंने निर्माण कार्यो की गुणवत्ता जांच के बाद ही ठेकेदारों के अंतिम देयकों के भुगतान के निर्देश विभागीय अधिकारियों को दिए हैं।
उल्लेखनीय है कि मुख्यमंत्री भूपेश बघेल ने पिछले माह की 26 तारीख को लोक निर्माण विभाग की समीक्षा के दौरान निर्माण कार्यो में गुणवत्ता सुनिश्चित करने के लिए तृतीय पक्ष (थर्ड पार्टी) द्वारा जांच कराने के निर्देश दिए थे। मुख्यमंत्री की मंशा के अनुरूप लोक निर्माण मंत्री श्री साहू के निर्देश पर विभाग द्वारा सम्पादित छोटे-बड़े सभी कार्यो की शत-प्रतिशत गुणवत्ता एवं निर्माण कार्यो में लगने वाले मटेरियर्स की सही मात्रा की जांच के लिए बड़े पैमाने पर जांच दलों का गठन किया गया है।
गृह मंत्री साहू ने नवा रायपुर क्षेत्र में निर्माणाधीन मुख्यमंत्री निवास का निरीक्षण किया और गुणवत्ता के साथ कार्यो में गति लाने के निर्देश दिए। उन्होंने निर्माण कार्यो में संलग्न श्रमिकों को कोरोना संक्रमण से बचाव के उपायों के साथ ही उनके नियमित स्वास्थ्य परीक्षण कराने के निर्देश अधिकारियों को दिए। इस अवसर पर सचिव लोक निर्माण श्री सिद्धार्थ कोमल सिंह परदेशी एवं प्रमुख अभियंता श्री विजय कुमार भतपहरी भी उपस्थित थे।
प्रमुख अभियंता भतपहरी ने बताया कि निर्माण कार्यो को त्वरित गति से पूरा करने के लिए इस महीने 986 करोड़ 97 लाख रूपए के लागत के 63 कार्यो के लिए ऑनलाईन निविदा आमंत्रित की गई है। इनमें 25 निविदा पुल कार्य के हैं। उन्होंने बताया कि निर्माण कार्यो में गुणवत्ता सुनिश्चित किए जाने के साथ-साथ परफारमेंस गारंटी के अंतर्गत आने वाले मार्गो में पेच रिपेयर किए जाने के लिए 15 जून 2020 तक की तिथि नियत की गई हैै। मैदानी अधिकारियों को निर्देशित किया गया है कि बरसात के पहले सड़कों के संधारण का कार्य पूर्ण कर लें, ताकि वर्षा ऋतु में मार्ग क्षतिग्रस्त न हो तथा यातायात भी बाधित न हो।

शौर्यपथ


36 मरीज़ो का इलाज एम्स अस्पताल रायपुर में ज़ारी है,

ब्रेकिंग  छत्तीसगढ़ में Covid-19 के 5 नए मामले,प्रदेश में संक्रमितों की संख्या 41 कोरोना
रायपुर: छत्तीसगढ़ में कोरोना को लेकर बड़ी खबर सामने आ रही है जानकारी के मुताबिक प्रदेश में कोरोना के 5 नए मामले सामने आए है जिसमे राजनांदगाव में 4 कोरोना पॉजिटिव और कोरबा जिले में1 मरीज पॉजिटिव मिला है। अब संक्रमितों की संख्या 41 हो गए है|

साथ ही 36 मरीज़ो का इलाज एम्स अस्पताल रायपुर में ज़ारी है,

रायपुर/शौर्यपथ

19 मई 2020। कोरोना वायरस वैश्विक महामारी घोषित होने के बाद इसके संक्रमण से मानव जीवन के लिए संकट पैदा कर जनजीवन को पूरी तरह से प्रभावित कर दिया है। ऐसे में दिन रात एक कर शहर से गांव और नदी, नालों, पहाड़ों का लांघ कर लोगों को स्‍वास्‍थ्‍य सुविधाओं को पहुंचाने में अपनी अहम भूमिका निभाने वाले कोरोना योद्धा बन ग्रामीण स्वास्थ्य संयोजक(आरएचओ) सही में हीरो की भूमिका निभा रहे हैं।
कोविड-19 को हराने के लिए 24 घंटे अपनी ड्यूटी निभा रहे आरएचओ फिल्‍ड में फाइटर बन कर वायरस के खिलाफ डट कर खड़े हुए हैं। कोरोना वायरस के संक्रमण को समुदाय तक फैलने से रोकने के लिए घर-घर सर्वे, चेक पोस्‍ट में आने जाने वालों की जांच, प्रवासी मजदूरों के रैपी‍ड टेस्‍ट किट से सेम्‍पल लेने से लेकर जांच कराने में भी योगदान दे रहे हैं।
स्‍वास्‍थ्‍य संयोजक कर्मचारी संघ के प्रदेश मीडिया प्रभारी हरीश सन्‍नाट ने बताया स्‍वास्‍थ्‍य विभाग के अंतर्गत राज्‍य के 28 जिलों के 752 प्राथमिक और 5127 उपस्‍वास्‍थ्‍य केंद्रों में 13,000 ग्रामीण स्‍वास्‍थ्‍य संयोजक कार्यकर्ता व अन्‍य कर्मचा‍री कार्यरत हैं। इनमें ग्रामीण स्‍वास्‍थ्‍य संयोजक महिला 4888 और पुरुष 3750, खंड प्र‍शिक्षण विस्‍तार अधिकारी160 और 2500 सुपरवाइजर स्‍वास्‍थ्‍य विभाग के मैदानी अमले के रुप में 20199 गांव या 10966 ग्राम पंचायतों में सक्रिय भूमिका निभाते हुए स्‍वास्‍थ्‍य सुविधाएं पहुंचा रहे हैं।
वर्तमान में शासन स्तर पर रेड जोन, ऑरेन्ज जोन, और ग्रीन जोन के आधार पर लॉकडाउन में रियायत प्रदान की गई है जिससे अन्य राज्यों में फंसे छत्तीसगढ़ के निवासी जो व्यवसाय, नौकरी, स्वास्थ्यगत, मजदूरी, शिक्षा आदि कारणों से गए थे। उनका छत्तीसगढ़ में आना प्रारंभ हो चुका है। इसके कारण ग्रामीण क्षेत्रों में मैदानी स्तर पर कार्य करने वाले स्वास्थ्य विभाग के ग्रामीण स्वास्थ्य संयोजकों के समक्ष नई चुनौतियां हैं।
प्रदेश में 17,000 क्‍वारेंटाइन सेंटर स्‍कूल, कॉलेज, सावर्जनिक भवनों, हास्‍टल में बनाए गए हैं। अलग-अलग जिलों में अस्‍थायी तौर पर क्‍वारेंटाइन सेंटरों में 14 दिनों के लिए ठहराये गए प्रवासी श्रमिकों की संख्‍या एक लाख तक पहुंच गई है।
स्वास्थ्य विभाग के मैदानी स्तर पर कार्यरत ग्रामीण स्वास्थ्य संयोजक स्थानीय प्रशासन के साथ कदम से कदम मिलाकर ऐसी आगंतुकों का मौका स्थल पर स्वास्थ्य परीक्षण कर उन्हें शासन के दिशा निर्देश के अनुरूप संस्था, पंचायत स्तर पर, घर पर भी क्वॉरेंटाइन किया जा रहा है। तथा उनका सतत फॉलोअप कर उनके स्वास्थ्य स्थिति की जानकारी नियमित रूप से ली जा रही है। इसके साथ-साथ ग्रामीण स्वास्थ्य संयोजकोंद्वारा स्वास्थ्य विभाग की अन्य सभी राष्ट्रीय कार्यक्रमों में नियमित टीकाकरण, सर्विलांस कार्यक्रम, संस्थागत प्रसव, आपातकालीन सेवाएं, टी बी,  कुष्ठ कार्यक्रम,  एनसीडी कार्यक्रम के तहत 60 वर्ष के अधिक उम्र के मरीजों का सतत निगरानी फॉलोअप, गैर संचारी रोग से पीड़ित मरीजोंका फॉलोअप, मौसमी बीमारी के बचाव के लिए ग्रामों में संचालित नल-जल योजना की नियमित निगरानी, लू से बचाव के उपायों का प्रचार–प्रचार का कार्य किया जा रहा है।
राज्‍य कंट्रोल एंड कमांड सेंटर (कोविड-19) के मीडिया प्रभारी डॉ. अखिलेश त्रिपाठी ने बताया स्वास्थ्य विभाग का यह मैदानी अमला कोविड-19 वैश्विक महामारी के समय कोरोना से बचाव कार्य में लगे हुए हैं। साथ ही स्वास्थ्य सम्बन्धि अन्य गतिविधियां उच्च अधिकारियों के समय-समय पर मिलने निर्देशों का पालन भी करते हैं।कोरोना महामारी को हराने के लिए निश्चित रुप से हेल्‍थ डिपाटमेंट के ये मैदानी कैडर हॉटस्‍पॉट एरिया में कार्य करने के लिए पूरी तरह से प्रशिक्षित व दक्ष हैं। सभी ग्रामीण स्वास्थ्य संयोजक अपने भूमिका का निर्वहन कर सुचारू रूप से स्‍वास्‍थ्‍य गतिविधियों का संचालन कर रहे हैं। डॉ त्रिपाठी ने कहा सही अर्थो में कोरोना वारियर्स की परिभाषा को चरितार्थ करते है इन चुनौती भरी कार्यो में ग्रामीण स्वास्थ्य संयोजकों की भूमिका सराहनीय है।

रायपुर/शौर्यपथ

19 मई 2020। कोरोना वायरस वैश्विक महामारी घोषित होने के बाद इसके संक्रमण से मानव जीवन के लिए संकट पैदा कर जनजीवन को पूरी तरह से प्रभावित कर दिया है। ऐसे में दिन रात एक कर शहर से गांव और नदी, नालों, पहाड़ों का लांघ कर लोगों को स्‍वास्‍थ्‍य सुविधाओं को पहुंचाने में अपनी अहम भूमिका निभाने वाले कोरोना योद्धा बन ग्रामीण स्वास्थ्य संयोजक(आरएचओ) सही में हीरो की भूमिका निभा रहे हैं।
कोविड-19 को हराने के लिए 24 घंटे अपनी ड्यूटी निभा रहे आरएचओ फिल्‍ड में फाइटर बन कर वायरस के खिलाफ डट कर खड़े हुए हैं। कोरोना वायरस के संक्रमण को समुदाय तक फैलने से रोकने के लिए घर-घर सर्वे, चेक पोस्‍ट में आने जाने वालों की जांच, प्रवासी मजदूरों के रैपी‍ड टेस्‍ट किट से सेम्‍पल लेने से लेकर जांच कराने में भी योगदान दे रहे हैं।
स्‍वास्‍थ्‍य संयोजक कर्मचारी संघ के प्रदेश मीडिया प्रभारी हरीश सन्‍नाट ने बताया स्‍वास्‍थ्‍य विभाग के अंतर्गत राज्‍य के 28 जिलों के 752 प्राथमिक और 5127 उपस्‍वास्‍थ्‍य केंद्रों में 13,000 ग्रामीण स्‍वास्‍थ्‍य संयोजक कार्यकर्ता व अन्‍य कर्मचा‍री कार्यरत हैं। इनमें ग्रामीण स्‍वास्‍थ्‍य संयोजक महिला 4888 और पुरुष 3750, खंड प्र‍शिक्षण विस्‍तार अधिकारी160 और 2500 सुपरवाइजर स्‍वास्‍थ्‍य विभाग के मैदानी अमले के रुप में 20199 गांव या 10966 ग्राम पंचायतों में सक्रिय भूमिका निभाते हुए स्‍वास्‍थ्‍य सुविधाएं पहुंचा रहे हैं।
वर्तमान में शासन स्तर पर रेड जोन, ऑरेन्ज जोन, और ग्रीन जोन के आधार पर लॉकडाउन में रियायत प्रदान की गई है जिससे अन्य राज्यों में फंसे छत्तीसगढ़ के निवासी जो व्यवसाय, नौकरी, स्वास्थ्यगत, मजदूरी, शिक्षा आदि कारणों से गए थे। उनका छत्तीसगढ़ में आना प्रारंभ हो चुका है। इसके कारण ग्रामीण क्षेत्रों में मैदानी स्तर पर कार्य करने वाले स्वास्थ्य विभाग के ग्रामीण स्वास्थ्य संयोजकों के समक्ष नई चुनौतियां हैं।
प्रदेश में 17,000 क्‍वारेंटाइन सेंटर स्‍कूल, कॉलेज, सावर्जनिक भवनों, हास्‍टल में बनाए गए हैं। अलग-अलग जिलों में अस्‍थायी तौर पर क्‍वारेंटाइन सेंटरों में 14 दिनों के लिए ठहराये गए प्रवासी श्रमिकों की संख्‍या एक लाख तक पहुंच गई है।
स्वास्थ्य विभाग के मैदानी स्तर पर कार्यरत ग्रामीण स्वास्थ्य संयोजक स्थानीय प्रशासन के साथ कदम से कदम मिलाकर ऐसी आगंतुकों का मौका स्थल पर स्वास्थ्य परीक्षण कर उन्हें शासन के दिशा निर्देश के अनुरूप संस्था, पंचायत स्तर पर, घर पर भी क्वॉरेंटाइन किया जा रहा है। तथा उनका सतत फॉलोअप कर उनके स्वास्थ्य स्थिति की जानकारी नियमित रूप से ली जा रही है। इसके साथ-साथ ग्रामीण स्वास्थ्य संयोजकोंद्वारा स्वास्थ्य विभाग की अन्य सभी राष्ट्रीय कार्यक्रमों में नियमित टीकाकरण, सर्विलांस कार्यक्रम, संस्थागत प्रसव, आपातकालीन सेवाएं, टी बी,  कुष्ठ कार्यक्रम,  एनसीडी कार्यक्रम के तहत 60 वर्ष के अधिक उम्र के मरीजों का सतत निगरानी फॉलोअप, गैर संचारी रोग से पीड़ित मरीजोंका फॉलोअप, मौसमी बीमारी के बचाव के लिए ग्रामों में संचालित नल-जल योजना की नियमित निगरानी, लू से बचाव के उपायों का प्रचार–प्रचार का कार्य किया जा रहा है।
राज्‍य कंट्रोल एंड कमांड सेंटर (कोविड-19) के मीडिया प्रभारी डॉ. अखिलेश त्रिपाठी ने बताया स्वास्थ्य विभाग का यह मैदानी अमला कोविड-19 वैश्विक महामारी के समय कोरोना से बचाव कार्य में लगे हुए हैं। साथ ही स्वास्थ्य सम्बन्धि अन्य गतिविधियां उच्च अधिकारियों के समय-समय पर मिलने निर्देशों का पालन भी करते हैं।कोरोना महामारी को हराने के लिए निश्चित रुप से हेल्‍थ डिपाटमेंट के ये मैदानी कैडर हॉटस्‍पॉट एरिया में कार्य करने के लिए पूरी तरह से प्रशिक्षित व दक्ष हैं। सभी ग्रामीण स्वास्थ्य संयोजक अपने भूमिका का निर्वहन कर सुचारू रूप से स्‍वास्‍थ्‍य गतिविधियों का संचालन कर रहे हैं। डॉ त्रिपाठी ने कहा सही अर्थो में कोरोना वारियर्स की परिभाषा को चरितार्थ करते है इन चुनौती भरी कार्यो में ग्रामीण स्वास्थ्य संयोजकों की भूमिका सराहनीय है।

   रायपुर / शौर्यपथ / वरिष्ठ कांग्रेस नेता राजेश बिस्सा ने कहा की केंद्र सरकार के स्व-केंद्रित व्यवहार से देश को भारी नुकसान हो रहा है। अतः उन्होने लोकसभा के अध्यक्ष ओम बिरला को पत्र लिख कर “सर्वदलीय उच्च स्तरीय संसदीय कमेटी” बनाए जाने की मांग की है। जो लाक डाउन की हुई अचानक घोषणा व उससे देश में मची अव्यवस्था से बचा जा सकता था क्या? पर विचार कर रिपोर्ट देगी तथा अब विषम स्थिति में पहुंच चुके देश को आगे क्या करना चाहिये? के संदर्भ में अपनी अनुशंषाऐं देगी।
बिस्सा ने लोकसभा अध्यक्ष को प्रेषित अपने पत्र में कहा की प्रधानमंत्री जी 24 मार्च की रात को 8:00 बजे टीवी पर आते हैं और घोषित करते हैं कि रात 12:00 बजे से लाक डाउन रहेगा। लाक डाउन के इस तरीके से देश में सर्वत्र अव्यवस्था कायम हो गई और प्रत्येक नागरिक असहाय हो गया। जबकि करोना संकट की गंभीरता के बारे में 30 जनवरी से ही सभी को ज्ञात हो गया था। अतः 10 मार्च होली मिलन के आयोजनों को भी सभी ने स्वमेव ही रद्द कर दिया था। लेकिन केंद्र सरकार को समझ नहीं आया क्योंकि उसने अपने को स्व-केंद्रित कर दिया है।
बिस्सा ने कहा की केंद्र सरकार को 1 मार्च को ही घोषणा करना चाहिए थी कि 25 मार्च से लाक डाउन लागू होगा जिसके लंबे अवधि तक चलने की संभावना है, अतः सभी अपने को तदनुसार व्यवस्थित कर लेवें। ऐसी घोषणा से सभी अपने आप को व्यवस्थित कर लेते।
अचानक घोषणा से देश में भयंकर अव्यवस्था कायम हुई। देश में अफरा-तफरी फैल गई है। घोषणा के बाद अगर समय मिलता तो मजदूर, कामगार अपने नियोक्ताओं से हिसाब करके पैसे ले सकते थे और शांतिपूर्वक घर लौट सकते थे। मजदूर, कामगारों को आवश्यकता अनुसार फैक्ट्री मालिक या ठेकेदार आवासीय व भोजन व्यवस्था का प्रबंध भी कर सकते थे।
बिस्सा ने कहा कि करोड़ों मजदूर स्वयं की मेहनत की कमाई का पैसा छोड़कर बिना हिसाब किए बदहाली में अपने घर लौट रहे हैं। इसका जवाबदार कौन है? यह तय होना चाहिये। उन्होने कहा की इस विषय पर सर्वदलीय संसदीय कमेटी के सुझावों से प्रधानमंत्री जी की इस प्रवृत्ति पर भी रोक लगेगी की रात को अचानक टीवी पर आओ और घोषणा कर दो कि रात को 12:00 बजे के बाद सब बंद।
बिस्सा ने मांग की है कि देश की सड़कों पर बदहाल अपने घर जाते प्रत्येक नागरिक को कोरोना आपदा से पीड़ित माना जाना चाहिए। तथा उन्हें केंद्र सरकार द्वारा मुआवजा दिया जाना चाहिए।

नाई की सेवा लेने के लिए खुद ही लाना होगा टावेल

रायपुर /शौर्यपथ

जिला कलेक्टर डॉ एस भारतीदासन ने नया आदेश जारी कर कहा कि मंगलवार से रायपुर जिले में सैलून और पान ठेला खुलेंगे। आदेश में साफ लिखा है कि पान ठेले में विक्रय किए जाने वाले पदार्थ सिगरेट, बीड़ी, तंबाकू, गुटका, गुड़ाखू का उपभोग व उपयोग सार्वजानिक स्थान पान ठेला पर किए जाने का प्रतिबंध होगा। पान ठेले से इन सामग्रियों का मात्र विक्रय ही किया जाएगा।

यह दुकानें सुबह 7 बजे से शाम 6 बजे तक खुलेंगे। अहम बात यह है कि नाई की सेवा लेने के लिए टावेल खुद ही लाना होगा। रायपुर जिले में नाई दुकान, सैलून, ब्यूटी पार्लर मंगलवार से खुलेंगे लेकिन वे हर ग्राहक का रिकॉर्ड रखना होगा। हालांकि अभी स्पा सेंटर ओ को अनुमति नहीं दी गई है।

सैलून और ब्यूटी पार्लर के लिए निर्देश
सैलून और ब्यूटी पार्लर के लिए निर्देश* यहां आने वाले ग्राहकों प्रत्येक व्यक्तियों के बारे में आवश्यक जानकारी जैसे नाम, पता, मोबाइल नंबर का ब्यौरा अनिवार्यता रखा जाएगा।* कंगी, ब्रश और कैंची को सैनिटाइज करना होगा।* सैनिटाइजर, हाथ धोने के लिए साबुन- पानी की व्यवस्था करनी होगी।*

दुकान में मास्क लगाना अनिवार्य, अपनी बारी का इंतजार करने के लिए दुकान में कुर्सी से नहीं दी जाएगी।* संक्रमण रोकने के लिए सुरक्षात्मक समस्त विज्ञापन लगाना अनिवार्य होगा।* किसी व्यक्ति पर उपयोग की गई संक्रमित वस्तु या उसी सामग्री को दुबारा अन्य व्यक्तियों पर उपयोग नहीं किया जा सकेगा।*



डिस्पोजेबल सामग्रियों का उपयोग किया जाना होगा। पान दुकान में यह गाइडलाइन* सैनिटाइजर वह हाथ धोने के लिए सावन पानी की व्यवस्था करनी होगी।* पान दुकान में बिकने वाले उत्पाद बेचने की अनुमति। सार्वजनिक स्थान पर उपभोग करने की मनाही।* कोरोना बचाव की जानकारी लगाना अनिवार्य।*

दुकानदार और ग्राहक दोनों को मास्क लगाना अनिवार्य।बस ऑटो टैक्सी पर संचालक पर जारी पर रोकसार्वजनिक यात्री बस और टैक्सी और ऑटो के संचालन पर आगामी आदेश तक रोक जारी रहेगा। इन का परिचालन करने की अनुमति केवल विशेष परिस्थितियों और अति आवश्यक सेवा वालों को दी जाएगी।

सराफा , इलेक्ट्रॉनिक्स व शॉपिंग कंपलेक्स आज से खुलेंगे
शहर के सराफा दुकान और सभी शॉपिंग कंपलेक्स 40 फीसदी दुकानों के साथ खुले रहेंगे। शॉपिंग करने मंगलवार से शुक्रवार का दिन तय किया गया है। मॉल को खोलने की अनुमति भी प्रशासन ने नहीं दी है।यह दुकाने खुलेंगेटीवी, फ्रिज, वॉशिंग मशीन, कंप्यूटर, आईटी, इलेक्ट्रॉनिक्स, मोबाइल शॉप: मंगलवार और गुरुवार शाम सुबह 9 से शाम 5 बजे तक।

ज्वेलर्स: मंगलवार, शुक्रवार सुबह 9 बजे से शाम 5 बजे तक।जनरल स्टोर, मनिहारी, अगरबत्ती, स्पोर्ट्स खिलौने की दुकान और टेलर: मंगलवार और गुरुवार सुबह 9 बजे से शाम 5 बजे तक.

 

नाई की सेवा लेने के लिए खुद ही लाना होगा टावेल

रायपुर /शौर्यपथ

जिला कलेक्टर डॉ एस भारतीदासन ने नया आदेश जारी कर कहा कि मंगलवार से रायपुर जिले में सैलून और पान ठेला खुलेंगे। आदेश में साफ लिखा है कि पान ठेले में विक्रय किए जाने वाले पदार्थ सिगरेट, बीड़ी, तंबाकू, गुटका, गुड़ाखू का उपभोग व उपयोग सार्वजानिक स्थान पान ठेला पर किए जाने का प्रतिबंध होगा। पान ठेले से इन सामग्रियों का मात्र विक्रय ही किया जाएगा।

यह दुकानें सुबह 7 बजे से शाम 6 बजे तक खुलेंगे। अहम बात यह है कि नाई की सेवा लेने के लिए टावेल खुद ही लाना होगा। रायपुर जिले में नाई दुकान, सैलून, ब्यूटी पार्लर मंगलवार से खुलेंगे लेकिन वे हर ग्राहक का रिकॉर्ड रखना होगा। हालांकि अभी स्पा सेंटर ओ को अनुमति नहीं दी गई है।

सैलून और ब्यूटी पार्लर के लिए निर्देश
सैलून और ब्यूटी पार्लर के लिए निर्देश* यहां आने वाले ग्राहकों प्रत्येक व्यक्तियों के बारे में आवश्यक जानकारी जैसे नाम, पता, मोबाइल नंबर का ब्यौरा अनिवार्यता रखा जाएगा।* कंगी, ब्रश और कैंची को सैनिटाइज करना होगा।* सैनिटाइजर, हाथ धोने के लिए साबुन- पानी की व्यवस्था करनी होगी।*

दुकान में मास्क लगाना अनिवार्य, अपनी बारी का इंतजार करने के लिए दुकान में कुर्सी से नहीं दी जाएगी।* संक्रमण रोकने के लिए सुरक्षात्मक समस्त विज्ञापन लगाना अनिवार्य होगा।* किसी व्यक्ति पर उपयोग की गई संक्रमित वस्तु या उसी सामग्री को दुबारा अन्य व्यक्तियों पर उपयोग नहीं किया जा सकेगा।*



डिस्पोजेबल सामग्रियों का उपयोग किया जाना होगा। पान दुकान में यह गाइडलाइन* सैनिटाइजर वह हाथ धोने के लिए सावन पानी की व्यवस्था करनी होगी।* पान दुकान में बिकने वाले उत्पाद बेचने की अनुमति। सार्वजनिक स्थान पर उपभोग करने की मनाही।* कोरोना बचाव की जानकारी लगाना अनिवार्य।*

दुकानदार और ग्राहक दोनों को मास्क लगाना अनिवार्य।बस ऑटो टैक्सी पर संचालक पर जारी पर रोकसार्वजनिक यात्री बस और टैक्सी और ऑटो के संचालन पर आगामी आदेश तक रोक जारी रहेगा। इन का परिचालन करने की अनुमति केवल विशेष परिस्थितियों और अति आवश्यक सेवा वालों को दी जाएगी।

सराफा , इलेक्ट्रॉनिक्स व शॉपिंग कंपलेक्स आज से खुलेंगे
शहर के सराफा दुकान और सभी शॉपिंग कंपलेक्स 40 फीसदी दुकानों के साथ खुले रहेंगे। शॉपिंग करने मंगलवार से शुक्रवार का दिन तय किया गया है। मॉल को खोलने की अनुमति भी प्रशासन ने नहीं दी है।यह दुकाने खुलेंगेटीवी, फ्रिज, वॉशिंग मशीन, कंप्यूटर, आईटी, इलेक्ट्रॉनिक्स, मोबाइल शॉप: मंगलवार और गुरुवार शाम सुबह 9 से शाम 5 बजे तक।

ज्वेलर्स: मंगलवार, शुक्रवार सुबह 9 बजे से शाम 5 बजे तक।जनरल स्टोर, मनिहारी, अगरबत्ती, स्पोर्ट्स खिलौने की दुकान और टेलर: मंगलवार और गुरुवार सुबह 9 बजे से शाम 5 बजे तक.

 

धमतरी/ मगरलोड शौर्य पथ

सोमवार की शाम ट्रेक्टर क्र. CG-05-AE 1025 के चालक तेज रफ्तार व लापरवाही पूर्वक ट्रेक्टर को चलाकर सडक़ से खेत मे घुसा दिया ,जिसके कारण ट्रेक्टर में बैठे गणेश पिता रोहित ध्रुव 27वर्षीय ग्राम तेंदुभाठा निवासी की गिरने से आई चोट के कारण मौके पर ही मौत हो गई। बताया जा रहा है की 35वर्षीय चालक सन्तु पिता रतनुराम ध्रुव व 10 वर्षीय ओजस्वी पिता सन्तु ध्रुव और 6वर्षीय टाकेन्द्र पिता सन्तु ध्रुव को भी चोट आई है,जिसके वजह से तीनो घायल हैं।मामला मगरलोड थाना अंतर्गत का है।ट्रेक्टर चालक के खिलाफ लापरवाही पूर्वक वाहन चलाने के कारण धारा:-279,337,304(A) भा0द0वि0तहत कार्यवाही किया गया है

   महासमुंद / शौर्यपथ / जिला खाद्य अधिकारी अजय यादव ने बताया कि खाद्य और मंडी विभाग के संयुक्त टीम द्वारा 13 मई 2020 को बसना विकासखंड के अंतर्गत में. चंडिका एग्रो इंडस्ट्रीज राईस मिल दुधीपाली की जाँच की गई। में. चंडिका एग्रो इंडस्ट्रीज राईस मिल के प्रोपराईटर, संचालक आशीष अग्रवाल पिता नेमीचंद अग्रवाल के द्वारा अपने धान उठाव के विरुद्ध 20276.20 क्विंटल चावल जमा किया गया है, जबकि धान उठाव के विरुद्ध 3591.26 क्विंटल चावल जमा किया जाना शेष है। खाद्य अधिकारी ने बताया कि राईस मिल के संचालक आशीष अग्रवाल की उपस्थिति में राईस मिल का भौतिक सत्यापन किया गया। भौतिक सत्यापन के पूर्व श्री आशीष अग्रवाल से मिल में उपलब्ध स्टॉक का घोषणा पत्र लिया गया। घोषणा पत्र में अग्रवाल के द्वारा बताया गया कि मिल में धान का स्टॉक 1499.20 क्विंटल, चावल 2667.90 क्विंटल तथा कनकी 200 क्विंटल तथा स्वयं की मंडी खरीदी का धान 15.07 क्विंटल होना बताया गया। भौतिक सत्यापन में धान 1500.00 क्विंटल, चावल 2769.00 क्विंटल तथा कनकी 200 क्विंटल तथा स्वयं की मंडी खरीदी का धान 15.20 क्विंटल पाया गया। इस प्रकार भौतिक सत्यापन और घोषणा पत्र में धान और कनकी में अंतर नहीं पाया गया किन्तु चावल 101 क्विंटल अधिक पाया गया।
राईस मिल के द्वारा धान उठाव हेतु अंतिम डी.ओ. जारी 23 मार्च 2020 को किया गया। उक्त अवधि के बाद संचालक में. चंडिका एग्रो इंडस्ट्रीज राईस मिल के द्वारा धान के उठाव हेतु डी.ओ. जारी नहीं किया गया है तथा उक्त राईस मिल के संचालक के द्वारा उठाव किये गए धान के विरुद्ध में शेष चावल भी 18 मार्च 2020 के बाद जमा नहीं किया गया है। राईस मिल के द्वारा उठाव किये गए धान के विरुद्ध में शेष चावल को पिछले दो माह से जमा नही किया गया और न ही अनुबंध मे शेष धान के उठाव हेतु डी.ओ. जारी करवाया गया है। कस्टम मिलिंग कार्य में में. चंडिका एग्रो इंडस्ट्रीज राईस मिल के द्वारा रूचि नही लिया जा रहा है। राईस मिल के द्वारा कस्टम मिलिंग चावल उपार्जन आदेश 2016 के प्रावधानों के अंतर्गत स्टॉक पंजी का संधारण नहीं किया गया है तथा प्रतिमाह प्रस्तुत की जाने वाली मासिक विवरणी भी प्रस्तुत नहीं किया गया है।
राईस मिल के द्वारा कस्टम मिलिंग कार्यो में रूचि नहीं लिया जा रहा है तथा भौतिक सत्यापन और घोषणा पत्र अनुसार चावल का स्टॉक 101 क्विंटल अधिक पाया गया। अधिक पाए गए 101 क्विंटल चावल को में. चंडिका एग्रो इंडस्ट्रीज राईस मिल के संचालक श्री आशीष अग्रवाल से जप्त किया गया तथा जप्तशुदा चावल को संचालक श्री आशीष अग्रवाल की सुपुर्दगी मीडिया में किया गया। में. चंडिका एग्रो इंडस्ट्रीज राईस मिल का उक्त कृत्य छत्तीसगढ़ कस्टम मिलिंग चावल उपार्जन आदेश 2016 की कंडिका 4(5) , 5(1) और 6 का उल्लंघन किया गया है जो की आवश्यक वस्तु अधिनियम 1955 की धारा 3/7 के अंतर्गत दंडनीय है। इस कारण मिलर्स के विरुद्ध नियमानुसार कार्रवाई की जा रही है।
इसी तरह सरायपाली के राईस मिल हिंदुस्तान एग्रोटेक और समलेश्वरी इंडस्ट्रीज का जांच संयुक्त विभागीय टीम के द्वारा किया गया। जांच में हिंदुस्तान एग्रोटेक राईस मिल से चावल उसना 673.50 क्विंटल, चावल अरवा 202 क्विं., धान 7197.20 क्विं., कनकी 1292.50 क्विं. जब्त किया गया है। इसी तरह समलेश्वरी राईस मिल में चावल उसना 1389.25 क्विं., धान 707 क्विं. एवं कनकी 969.50 क्विं. जप्त किया गया है। दोनों राईस मिल के संचालक भागीदार दयानंद अग्रवाल और शंकर लाल अग्रवाल सराईपाली के द्वारा धान के उठाव और चावल जमा नहीं किए जाने के कारण और शासन के कस्टम मिलिंग कार्य के स्थान पर चावल फ्री सेल का कार्य किया जा रहा है। मिलर के प्रबन्धक के द्वारा जांच समय स्टॉक पंजी प्रस्तुत नहीं किए जाने के कारण तथा कस्टम मिलिंग कार्य में लापरवाही बरतने के कारण भौतिक सत्यापन में प्राप्त समस्त धान ,चावल और कनकी को जप्त कर लिया गया है।
जिला खाद्य अधिकारी ने बताया कि खरीफ विपणन वर्ष 2019-20 में शासन द्वारा उपार्जित धान की कस्टम मिलिंग का कार्य करने हेतु पंजीयन कराने के बावजूद कस्टम मिलिंग का कार्य नहीं करने वाले जिले के 06 राईस मिलों को कलेक्टर सुनील जैन ने कारण बताओ नोटिस जारी किया गया था। कारण बताआंे नोटिस मिलने वाले राईस मिलों में मेसर्स एन एल राईस इंडस्ट्रीज महासमुन्द, मेसर्स संजय ट्रेडर्स बागबाहरा, मेसर्स अरिहंत राईस टेक बागबाहरा, मेसर्स तथास्तु इंडस्ट्रीज बागबाहरा, विराट राईस मिल बसना एवं हिंदुस्तान एग्रोटेक सरायपाली ने कारण बताआंे नोटिस का लिखित जवाब प्रस्तुत किया है, किंतु परीक्षण में जवाब समाधान कारक नहीं पाया गया। इस पर कलेक्टर ने उक्त मिलर्स को चेतावनी पत्र जारी करते हुए उन्हें 21 मई 2020 तक मिलिंग क्षमतानुसार डिलीवरी आर्डर जारी कराकर धान का शत्-प्रतिशत उठाव करने के निर्देश दिए है। समयावधि में धान का उठाव नहीं करने वाले राईस मिलों के विरुद्ध आवश्यक वस्तु अधिनियम, 1955 के तहत नियमानुसार कार्रवाई की जाएगी।

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