January 09, 2026
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शौर्यपथ

शौर्यपथ

प्रवेश पत्र जारी, विद्यार्थी ऑनलाइन डाउनलोड कर सकेंगे

मुंगेली ।
जवाहर नवोदय विद्यालय में शैक्षणिक सत्र 2026-27 के लिए कक्षा 09वीं और 11वीं में प्रवेश हेतु पार्श्व चयन परीक्षा 07 फरवरी को आयोजित की जाएगी। इस संबंध में प्रवेश पत्र जारी कर दिए गए हैं।

विद्यालय के प्राचार्य ने बताया कि कक्षा 09वीं में 226 और कक्षा 11वीं में 210 विद्यार्थियों ने आवेदन किया है।

विद्यार्थी अपने प्रवेश पत्र निम्न वेबसाइटों से डाउनलोड कर सकते हैं:

डाउनलोड करने के लिए रजिस्ट्रेशन नंबर और जन्म तिथि दर्ज करनी होगी।

मुंगेली ।
कलेक्टर कुन्दन कुमार के निर्देशानुसार जिले में अवैध धान परिवहन और भंडारण पर प्रभावी नियंत्रण जारी है। इसी क्रम में तहसीलदार अतुल वैष्णव, नायब तहसीलदार लीलाधर क्षत्री, थाना प्रभारी संतोष शर्मा और राजस्व-पुलिस की संयुक्त टीम ने ग्राम चन्द्रखुरी, नारायणपुर चौक पर सघन जांच की।

जांच के दौरान वाहन क्रमांक सीजी 07 सीए 4923 को रोका गया और तलाशी लेने पर इसमें 150 कट्टी अवैध धान पाया गया। वाहन चालक की पहचान सत्यवान दास मानिकपुरी, निवासी भाटापारा के रूप में हुई, जबकि परिवहन किया जा रहा धान किसान समारू यादव, निवासी दामापुर से संबंधित पाया गया।

प्रकरण में धान सहित वाहन को जब्त कर थाना सरगांव को सुपुर्द किया गया। एसडीएम रेखा चंद्रा ने बताया कि नियमों के अनुसार आगे की विधिसम्मत कार्रवाई की जाएगी और शासन के निर्देशों की अवहेलना करने वालों के विरुद्ध सख्त कदम उठाए जाएंगे

सशक्त महिला उद्यमिता का ग्रामीण क्षेत्रों में प्रेरक मॉडल

मुंगेली ।
राष्ट्रीय ग्रामीण आजीविका मिशन (एनआरएलएम) अंतर्गत बिहान योजना ग्रामीण महिलाओं को आत्मनिर्भर बनाने की दिशा में काम कर रही है। इसी का प्रत्यक्ष उदाहरण पथरिया विकासखंड की ग्राम पंचायत बरदुली की महिला सुष्मिता जाटवर हैं, जिन्होंने संघर्ष से सफलता तक का प्रेरक सफर तय किया।

सुष्मिता जाटवर पहले आर्थिक रूप से कमजोर थीं। परिवार की सीमित आय और छोटे-छोटे कार्यों पर निर्भरता के कारण उन्हें जरूरतें पूरी करने के लिए साहूकारों से उच्च ब्याज पर ऋण लेना पड़ता था।

एनआरएलएम के तहत सत्कार महिला स्वयं सहायता समूह से जुड़ने के बाद जीवन में सकारात्मक बदलाव आया। समूह के माध्यम से उन्हें 15 हजार रुपये की रिवॉल्विंग फंड सहायता और बैंक लिंकेज के तहत 50 हजार रुपये का ऋण मिला। इस राशि का उपयोग उन्होंने अपने खेत और किराए की जमीन पर कृषि कार्य में निवेश करने और छोटा व्यवसाय शुरू करने में किया।

आज सुष्मिता भिंडी, करेला, लौकी और टमाटर जैसी सब्जियों का उत्पादन कर रही हैं, जिसे स्थानीय मंडी में बेचकर प्रतिमाह करीब 50 हजार रुपये की आय अर्जित कर रही हैं। पहले उनकी आय केवल 3 हजार रुपये प्रतिमाह थी।

आर्थिक सशक्तिकरण के साथ उनका परिवार भी बेहतर जीवन स्तर का अनुभव कर रहा है। बच्चों की शिक्षा और स्वास्थ्य में सुधार हुआ, साहूकारों से लिया गया ऋण चुका दिया गया, और अब वह अन्य महिलाओं के लिए प्रेरक मॉडल बन गई हैं।

भविष्य में सुष्मिता व्यवसाय का विस्तार करने और बैंक सखी के रूप में अन्य ग्रामीण महिलाओं को स्वयं सहायता समूहों से जोड़ने का कार्य करेंगी।

खेती से मत्स्य पालन तक, मनरेगा से सशक्त हुई ग्रामीण आजीविका

मुंगेली ।
महात्मा गांधी राष्ट्रीय ग्रामीण रोजगार गारंटी योजना (मनरेगा) अब केवल रोजगार देने तक सीमित नहीं रही, बल्कि यह ग्रामीण आजीविका और आर्थिक आत्मनिर्भरता का सशक्त माध्यम बनकर उभरी है। योजना के तहत निर्मित डबरी जैसी जल संरचनाएं ग्रामीण किसानों के लिए स्थायी सिंचाई, अतिरिक्त आय और रोजगार का मजबूत साधन साबित हो रही हैं।

विकासखंड मुंगेली के ग्राम पंचायत रामगढ़ में किसान रामकुमार यादव की निजी भूमि पर मनरेगा योजना के तहत 1.58 लाख रुपये की लागत से डबरी का निर्माण किया गया। इससे 676 मानव दिवस का सृजन हुआ और किसान को सिंचाई के साथ-साथ मत्स्य पालन का अवसर मिला। डबरी से प्रति वर्ष लगभग 30–35 हजार रुपये की अतिरिक्त आय हुई, जबकि डबरी की मेड़ पर उगाई गई अरहर की फसल से करीब 20 हजार रुपये का लाभ अर्जित किया गया।

इससे पहले सिंचाई संसाधनों की कमी के कारण कृषि उत्पादन सीमित था, लेकिन अब यह डबरी स्थायी जलस्रोत बन गई है, जिसने कृषि के साथ मत्स्य पालन और अन्य गतिविधियों को संभव बनाया।

आयुक्त मनरेगा, रायपुर तारन प्रकाश सिन्हा ने ग्राम रामगढ़ पहुंचकर डबरी का निरीक्षण किया और रामकुमार से संवाद कर आजीविका एवं आय में हुए सकारात्मक बदलाव की जानकारी ली। उन्होंने डबरी निर्माण को ग्रामीण आय संवर्धन का मॉडल बताया।

जिला कलेक्टर कुन्दन कुमार ने कहा कि मनरेगा के माध्यम से निर्मित जल संरचनाएं ग्रामीण अर्थव्यवस्था को मजबूत बनाती हैं। डबरी जैसे कार्य किसानों को सिंचाई, मत्स्य पालन और पशुपालन में बहुआयामी लाभ प्रदान करते हैं। जिला प्रशासन अधिक से अधिक किसानों तक इस लाभकारी योजना को पहुँचाने के लिए लगातार प्रयासरत है।

सीईओ जिला पंचायत मुंगेली ने बताया कि डबरी निर्माण से स्थायी परिसंपत्ति के साथ-साथ बड़े पैमाने पर रोजगार सृजित होता है। ग्राम पंचायतों को निर्देशित किया गया है कि योजनाओं का लाभ सभी पात्र हितग्राहियों तक अधिकतम रूप से पहुँच सके, जिससे आय वृद्धि और आजीविका सशक्तिकरण स्वाभाविक रूप से संभव हो।

 

मुंगेली ।
राज्य के वाणिज्य एवं उद्योग तथा श्रम मंत्री और जिले के प्रभारी मंत्री लखन लाल देवांगन ने जिला कलेक्टोरेट स्थित मनियारी सभाकक्ष में विभिन्न विभागों की समीक्षा बैठक लेकर शासन की कल्याणकारी योजनाओं की प्रगति, जनसेवा की गुणवत्ता और मैदानी क्रियान्वयन की स्थिति की गहन समीक्षा की।

मंत्री ने अधिकारियों को निर्देशित किया कि आमजन से जुड़े प्रकरणों का त्वरित, पारदर्शी और समयबद्ध निराकरण सुनिश्चित किया जाए, ताकि जनता को शासन-प्रशासन की सकारात्मक छवि दिखाई दे। उन्होंने कहा कि शासन की योजनाओं का लाभ आमजन तक समय पर पहुंचे, यह प्राथमिकता होनी चाहिए।

बैठक में मुंगेली विधायक पुन्नूलाल मोहले, जिला पंचायत अध्यक्ष श्रीकांत पाण्डेय, जिलाध्यक्ष दीनानाथ केशरवानी, कलेक्टर कुन्दन कुमार, पुलिस अधीक्षक भोजराम पटेल, वन मंडलाधिकारी अभिनव कुमार, जिला पंचायत सीईओ प्रभाकर पाण्डेय, एडीएम निष्ठा पाण्डेय तिवारी, अपर कलेक्टर जी.एल. यादव, तीनों अनुविभागों के एसडीएम और सभी विभागों के अधिकारी उपस्थित रहे।

विभागवार समीक्षा में मुख्य निर्देश

  • आदिवासी विकास विभाग: छात्रावासों में पेयजल, बिजली, बिस्तर और अन्य सुविधाओं की सुव्यवस्था सुनिश्चित करने के निर्देश।

  • पंचायत एवं ग्रामीण विकास विभाग: पीएम जनमन योजना सहित अन्य योजनाओं की समीक्षा; ग्राम जाकड़बांधा में अवैध वृक्ष कटाई पर तत्काल कार्रवाई।

  • राजस्व विभाग: नामांतरण, बंटवारा, सीमांकन और ऋण पुस्तिका से संबंधित प्रकरणों का शीघ्र निराकरण; पटवारियों द्वारा अनावश्यक चक्कर न लगवाने के निर्देश।

  • शिक्षा विभाग: पाठ्यपुस्तक वितरण, नि:शुल्क साइकिल, पीएम श्री योजना, न्योता भोजन कार्यक्रम का समयबद्ध क्रियान्वयन; शिक्षकों की उपस्थिति सुनिश्चित करना।

  • श्रम विभाग: श्रमिकों को आवास योजना और अन्य योजनाओं का लाभ दिलाने हेतु शिविरों और प्रचार-प्रसार की व्यवस्था।

  • महिला एवं बाल विकास: कुपोषण पर नियंत्रण, महतारी वंदन और मातृवंदना योजनाओं की प्रगति की समीक्षा।

  • स्वास्थ्य विभाग: आयुष्मान भारत, जीवन धारा, कुष्ठ उन्मूलन, डायरिया नियंत्रण और सिकल सेल स्क्रीनिंग की समीक्षा।

  • उद्योग विभाग: जिले में उद्योग विस्तार हेतु ठोस कार्ययोजना।

  • लोक स्वास्थ्य यांत्रिकी विभाग: जल जीवन मिशन के तहत हर घर नल और पाइपलाइन कार्य में समुचित समतलीकरण।

  • लोक निर्माण विभाग: खराब सड़कों की शीघ्र मरम्मत और स्वीकृत सड़क परियोजनाओं का समयबद्ध निर्माण; पीएमजीएसवाई परियोजनाओं का तेजी से पूरा करना।

  • धान खरीदी केंद्र: सभी आवश्यक व्यवस्थाओं को सुनिश्चित करने और किसानों को किसी प्रकार की परेशानी न होने देने के निर्देश।

कलेक्टर ने सभी विभागों की प्रगति की जानकारी दी। इसमें छात्रावासों का नियमित निरीक्षण, मोबाइल मेडिकल यूनिट एवं एटीआर बफर क्षेत्र में मोबाइल टावर, प्रधानमंत्री आवास योजना (ग्रामीण), राष्ट्रीय ग्रामीण आजीविका मिशन, स्वच्छ भारत मिशन, मनरेगा, आजीविका डबरी, सामाजिक ऑडिट सहित अन्य उपलब्धियों का विवरण शामिल था।

पुलिस अधीक्षक ने साइबर सुरक्षा, सड़क सुरक्षा, ऑपरेशन बाज और जागरूकता कार्यक्रमों की रिपोर्ट दी, जिसमें 12 लाख रुपये से अधिक साइबर ठगी की राशि नागरिकों को वापस कराई गई। वन विभाग ने अतिक्रमण मामलों में सख्त कार्रवाई और ‘एक पेड़ मां के नाम’ योजना की प्रगति से अवगत कराया।

मंत्री ने सभी विभागों को स्पष्ट संदेश दिया कि विकास कार्यों में गति, पारदर्शिता और गुणवत्ता सुनिश्चित करना प्राथमिकता है, ताकि जनता को शासन की योजनाओं का समय पर और समुचित लाभ मिल सके।

 

? नगर निगम की समीक्षा बैठक में धीमे कार्यों पर कड़ा रुख
? 15वें वित्त आयोग व अधोसंरचना मद के कार्यों की विस्तृत रिपोर्ट तलब
? नागरिकों को समय पर मिले विकास का लाभ—अधिकारियों को स्पष्ट निर्देश

दुर्ग | 
महापौर अलका बाघमार के मार्गदर्शन में नगर निगम के लोक कर्म प्रभारी देवनारायण चंद्राकर ने गुरुवार को नगर निगम कार्यालय में शहर में संचालित विकास एवं निर्माण कार्यों की गहन समीक्षा बैठक ली।

बैठक में कार्यपालन अभियंता विनीता वर्मा, सहायक अभियंता संजय ठाकुर, राजेन्द्र धाबाले, विनोद मांझी, मोहित मरकाम, अर्पणा मिश्रा, करण यादव, पंकज साहू, प्रेरणा दुबे सहित संबंधित अधिकारी उपस्थित रहे।

लोक कर्म प्रभारी ने अधोसंरचना मद एवं 15वें वित्त आयोग के अंतर्गत स्वीकृत तथा प्रगतिरत कार्यों की विस्तृत जानकारी लेते हुए उनकी अद्यतन रिपोर्ट प्रस्तुत करने के निर्देश दिए। उन्होंने स्पष्ट शब्दों में कहा कि विकास कार्यों में अनावश्यक देरी किसी भी स्थिति में स्वीकार नहीं की जाएगी

देवनारायण चंद्राकर ने अधिकारियों को निर्देशित किया कि सभी निर्माण कार्यों में गुणवत्ता के साथ-साथ गति सुनिश्चित की जाए, ताकि आम नागरिकों को समय पर विकास कार्यों का लाभ मिल सके।

समीक्षा के दौरान निर्माण एजेंसियों की कार्यप्रणाली पर भी चर्चा की गई। प्रभारी ने चेतावनी दी कि जिन एजेंसियों के कारण कार्यों में देरी हो रही है, उन्हें नोटिस जारी कर आवश्यक कार्रवाई की जाएगी।

उन्होंने कहा कि नगर निगम का लक्ष्य केवल कार्य कराना नहीं, बल्कि समयबद्ध, पारदर्शी और गुणवत्तापूर्ण विकास सुनिश्चित करना है, जिससे शहरवासियों को बेहतर और स्थायी सुविधाएं प्राप्त हो सकें।

 

राजनांदगांव, ।
खरीफ विपणन वर्ष 2025-26 के अंतर्गत जिले में संचालित धान खरीदी अभियान से किसानों में उत्साह और संतोष का माहौल है। शासन द्वारा समर्थन मूल्य एवं कृषक उन्नति योजना के तहत किसानों से 3100 रुपये प्रति क्विंटल की दर से तथा प्रति एकड़ 21 क्विंटल की सीमा तक धान खरीदी की जा रही है।

जिले में धान खरीदी के सुचारू संचालन हेतु व्यापक व्यवस्थाएं की गई हैं। सभी धान खरीदी केंद्रों में इलेक्ट्रॉनिक तौल मशीन, पेयजल, छांव, बायोमैट्रिक डिवाइस, श्रमिकों की व्यवस्था तथा अन्य आवश्यक सुविधाएं उपलब्ध कराई गई हैं। आर्द्रता मापी यंत्रों के माध्यम से धान की गुणवत्ता की जांच की जा रही है। जिले के सभी 96 धान खरीदी केंद्रों में समर्थन मूल्य एवं खरीदी संबंधी जानकारी प्रदर्शित की गई है।

धान बिक्री के लिए किसान ‘टोकन तुंहर हाथ’ मोबाइल एप के माध्यम से टोकन प्राप्त कर रहे हैं, जिससे समय की बचत हो रही है और किसानों को सुविधा मिल रही है। धान खरीदी केंद्रों की सतत निगरानी की जा रही है तथा कोचियों एवं बिचौलियों द्वारा अवैध धान खरीदी पर सख्त कार्रवाई के निर्देश दिए गए हैं।

अब तक जिले में 84,398 पंजीकृत किसानों से 44,11,868.40 क्विंटल धान की खरीदी की जा चुकी है, जिसकी कुल कीमत 1047 करोड़ 41 लाख 77 हजार रुपये है। धान का उठाव भी निरंतर जारी है और अब तक 11,89,219.50 क्विंटल धान का उठाव किया जा चुका है।

धान खरीदी अभियान की सुचारू व्यवस्था और समय पर भुगतान से जिले के किसानों में संतोष और भरोसा बढ़ा है।

परकोलेशन टैंक, इंजेक्शन वेल व बोरवेल रिचार्ज सिस्टम का लिया जायजा

राजनांदगांव ।
ग्रामीण क्षेत्रों में भू-जल संरक्षण को सुदृढ़ करने के उद्देश्य से कलेक्टर जितेन्द्र यादव ने मिशन जल रक्षा के अंतर्गत निर्मित जल संरचनाओं का गहन निरीक्षण किया। इस दौरान उन्होंने राजनांदगांव विकासखंड के ग्राम बरगा एवं फरहद में परकोलेशन टैंक, इंजेक्शन वेल तथा बोरवेल सह रिचार्ज सॉफ्ट सैंड फिल्टर संरचनाओं का अवलोकन किया।

इसके अतिरिक्त ग्राम भंवरमरा में निर्मित ऑक्सीजोन संरचना का भी निरीक्षण किया गया। कलेक्टर ने भू-जल संवर्धन से जुड़ी तकनीकी विशेषताओं पर अधिकारियों से चर्चा की तथा समीप निर्मित बोरवेल सह रिचार्ज सॉफ्ट सैंड फिल्टर के निर्माण कार्य को भी देखा।

निरीक्षण के दौरान कलेक्टर ने कहा कि बोरवेल रिचार्ज सॉफ्ट सेंटर एक प्रभावी एवं उपयोगी तकनीक है, जिसके माध्यम से असफल बोरवेल में पुनर्भरण कर भू-जल स्तर को बेहतर बनाया जा सकता है। उन्होंने जिले में जल संरक्षण के लिए नवीन तकनीकों के अधिकाधिक विस्तार के निर्देश दिए।

कलेक्टर ने स्थानीय ग्रामीणों से संवाद कर जल संरचनाओं के उपयोग, रख-रखाव तथा क्षेत्र में चल रहे विकास कार्यों की जानकारी भी ली।

निरीक्षण के दौरान जिला पंचायत सीईओ सुरूचि सिंह, नगर निगम आयुक्त अतुल विश्वकर्ता, डिप्टी कलेक्टर विश्वास कुमार, जनपद पंचायत सीईओ मनीष साहू, फैज मेमन सहित अन्य अधिकारी उपस्थित रहे।

 

राजनांदगांव ।
यात्रियों की सुरक्षा सुनिश्चित करने एवं सड़क दुर्घटनाओं की रोकथाम के उद्देश्य से परिवहन विभाग द्वारा जिले में विशेष जांच अभियान लगातार चलाया जा रहा है। इसी क्रम में परिवहन जांच चौकी पाटेकोहरा में रात्रिकालीन विशेष अभियान के तहत अंतर्राज्यीय तथा राज्य के भीतर संचालित 26 यात्री स्लीपर बसों की सघन जांच की गई।

जांच के दौरान बसों में फायर एक्सटिंग्विशर, फर्स्ट-एड बॉक्स, इमरजेंसी एग्जिट, रिफ्लेक्टर, स्पीड गवर्नर सहित अन्य अनिवार्य सुरक्षा उपकरणों की उपलब्धता एवं कार्यशीलता की बारीकी से जांच की गई। कई बसों में सुरक्षा मानकों में कमी पाए जाने पर संबंधित बस संचालकों के विरुद्ध नियमानुसार कार्रवाई करते हुए कुल 46 हजार रुपये का अर्थदंड लगाया गया।

अभियान के दौरान वाहन चालकों एवं बस संचालकों को यात्रियों की सुरक्षा से जुड़े सभी मानकों का अनिवार्य रूप से पालन करने के निर्देश दिए गए। परिवहन विभाग ने स्पष्ट किया है कि यात्रियों की सुरक्षा से कोई समझौता नहीं किया जाएगा और विशेष जांच अभियान आगे भी निरंतर जारी रहेगा

 

राजनांदगांव ।
राज्य शासन द्वारा नागरिकों को विभिन्न शासकीय दस्तावेज उपलब्ध कराने तथा दस्तावेजों में आवश्यक संशोधन की सुविधा देने के उद्देश्य से छत्तीसगढ़ ई-डिस्ट्रिक्ट पोर्टल (लोक सेवा केंद्र) की स्थापना की गई है। जिले में वर्तमान में 9 लोक सेवा केंद्रों का संचालन किया जा रहा है।

ये लोक सेवा केंद्र जिला कार्यालय (कलेक्टोरेट), नगर निगम राजनांदगांव, तहसील कार्यालय राजनांदगांव, डोंगरगांव, छुरिया, डोंगरगढ़, घुमका, लालबहादुर नगर तथा जनपद पंचायत डोंगरगांव में संचालित हैं।

लोक सेवा केंद्रों के माध्यम से जाति, निवास, आय एवं विवाह प्रमाण पत्र, दुकान एवं स्थापना पंजीयन, व्यापार लाइसेंस, सभी प्रकार की पेंशन सेवाएं, नगरीय क्षेत्र में संपत्ति नामांतरण, नल कनेक्शन, सूचना का अधिकार, भूमि उपयोग संबंधी जानकारी सहित कुल 76 सेवाएं लोक सेवा गारंटी अधिनियम के अंतर्गत प्रदान की जा रही हैं। सभी सेवाओं के लिए अलग-अलग समय-सीमा निर्धारित की गई है।

वित्तीय वर्ष 2025-26 में अप्रैल 2025 से अब तक जिले में लोक सेवा केंद्रों के माध्यम से 1,37,080 आवेदन प्राप्त हुए, जिनमें से 1,23,064 आवेदनों का निराकरण किया जा चुका है। इस अवधि में डोंगरगांव से 21,053, डोंगरगढ़ से 18,419, कुमरदा से 12,456, घुमका से 9,790, लालबहादुर नगर से 9,826 तथा राजनांदगांव से 30,422 नागरिक इन सेवाओं से लाभान्वित हुए हैं।

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