August 06, 2026
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    शौर्यपथ

    शौर्यपथ

    भिलाई। नगर पालिक निगम भिलाई ने शहर को स्वच्छ एवं सुंदर बनाए रखने के अभियान के तहत सिंगल यूज प्लास्टिक के खिलाफ एक बार फिर सख्त कार्रवाई की है। निगम आयुक्त एवं स्वास्थ्य अधिकारी के निर्देश पर बुधवार 5 अगस्त को जोन क्रमांक-01 के वार्ड क्रमांक-03 अंतर्गत मॉडल टाउन स्थित विनोबा नगर क्षेत्र में विभिन्न दुकानों का निरीक्षण किया गया।

    निरीक्षण के दौरान कई प्रतिष्ठानों में सिंगल यूज प्लास्टिक का उपयोग, डस्टबिन की व्यवस्था नहीं होना, अनुज्ञप्ति (लाइसेंस) का अभाव तथा साफ-सफाई में लापरवाही पाई गई। निगम की टीम ने नियमों का उल्लंघन करने वाले प्रतिष्ठानों के खिलाफ चालानी कार्रवाई करते हुए कुल ₹2600 का जुर्माना वसूला।

    कार्रवाई के तहत संतोष किराना स्टोर पर सिंगल यूज प्लास्टिक मिलने पर ₹700, वर्मा किराना स्टोर पर सिंगल यूज प्लास्टिक के लिए ₹700 तथा डस्टबिन नहीं रखने पर ₹100, मंटू प्रसाद कानू पर सिंगल यूज प्लास्टिक उपयोग के लिए ₹500, आनंद पान पैलेस पर साफ-सफाई नहीं रखने पर ₹100 तथा चाय चस्का प्रतिष्ठान पर अनुज्ञप्ति लाइसेंस नहीं होने के कारण ₹500 का जुर्माना लगाया गया।

    निगम प्रशासन ने सभी प्रतिष्ठान संचालकों को भविष्य में सिंगल यूज प्लास्टिक का उपयोग पूरी तरह बंद करने, परिसर में स्वच्छता बनाए रखने, डस्टबिन की अनिवार्य व्यवस्था करने तथा आवश्यक अनुज्ञप्ति लाइसेंस प्राप्त करने के निर्देश दिए। साथ ही चेतावनी दी गई कि नियमों का उल्लंघन करने वालों के खिलाफ आगे भी नियमित रूप से कार्रवाई जारी रहेगी।

    भिलाई। भिलाई शहर के वरिष्ठ पत्रकार एवं 'इस्पात की धड़कन' के संपादक आर.पी. सिंह (70 वर्ष) का गुरुवार को निधन हो गया। उनके निधन से पत्रकारिता जगत, सामाजिक क्षेत्र और उनके असंख्य शुभचिंतकों में गहरा शोक व्याप्त है। उनके जाने से भिलाई की पत्रकारिता ने एक ऐसे निर्भीक, निष्पक्ष और जनसरोकारों के प्रति समर्पित व्यक्तित्व को खो दिया है, जिन्होंने अपने पूरे जीवन में पत्रकारिता को केवल एक पेशा नहीं, बल्कि समाज सेवा का माध्यम माना।

    आर.पी. सिंह लंबे समय तक पत्रकारिता के क्षेत्र में सक्रिय रहे। उन्होंने सदैव सत्य, निष्पक्षता और सामाजिक सरोकारों को अपनी लेखनी का आधार बनाया। उनकी स्पष्ट सोच, सहज व्यवहार और जनहित के मुद्दों को मुखरता से उठाने की प्रतिबद्धता ने उन्हें पत्रकारिता जगत में एक विशिष्ट पहचान दिलाई। वे युवा पत्रकारों के लिए प्रेरणा और मार्गदर्शक के रूप में भी सदैव याद किए जाएंगे।

    उनके निधन का समाचार मिलते ही भिलाई सहित पूरे दुर्ग जिले के पत्रकारों, सामाजिक संगठनों, जनप्रतिनिधियों एवं शुभचिंतकों ने गहरा शोक व्यक्त करते हुए दिवंगत आत्मा को भावभीनी श्रद्धांजलि अर्पित की। सभी ने ईश्वर से प्रार्थना की कि दिवंगत आत्मा को अपने श्रीचरणों में स्थान प्रदान करें तथा शोकाकुल परिवार को इस असहनीय दुःख को सहन करने की शक्ति दें।

    स्वर्गीय आर.पी. सिंह का अंतिम संस्कार 6 अगस्त 2026 (गुरुवार) प्रातः 10:00 बजे रामनगर मुक्तिधाम, भिलाई में किया जाएगा। वे अपने पीछे तीन पुत्रियां—वंदना, विभा एवं वीणा सहित भरा-पूरा परिवार छोड़ गए हैं।

    शौर्यपथ परिवार दिवंगत वरिष्ठ पत्रकार आर.पी. सिंह को विनम्र श्रद्धांजलि अर्पित करता है तथा ईश्वर से उनकी पुण्य आत्मा की शांति एवं शोकाकुल परिवार को संबल प्रदान करने की प्रार्थना करता है।

    दुर्ग। भिलाई इस्पात संयंत्र (बीएसपी) से जुड़े कथित अवैध आयरन स्क्रैप परिवहन प्रकरण में एक नया और महत्वपूर्ण मोड़ सामने आया है। छत्तीसगढ़ हाईकोर्ट ने व्यवसायी हिमांशु खंडेलवाल को अग्रिम जमानत प्रदान करते हुए माना कि उनका नाम मूल एफआईआर में दर्ज नहीं है, उनका कोई आपराधिक रिकॉर्ड भी नहीं है और उनसे हिरासत में पूछताछ की आवश्यकता नहीं है।

    न्यायमूर्ति रेणुका सिंह की एकलपीठ ने 4 अगस्त को पारित आदेश में यह राहत प्रदान की। मामला मई 2026 में दर्ज कथित अवैध आयरन स्क्रैप परिवहन प्रकरण से जुड़ा है, जिसमें पुलिस ने बिना वैध अनुमति स्क्रैप परिवहन के आरोप में दो ट्रकों को पकड़ा था और जांच के आधार पर अपराध दर्ज किया था।

    सुनवाई के दौरान बचाव पक्ष ने अदालत के समक्ष स्पष्ट किया कि हिमांशु खंडेलवाल का नाम एफआईआर में कहीं भी दर्ज नहीं है। वे केवल मैसर्स हिमांशु ट्रेडर्स के संचालक हैं तथा संबंधित वाहनों का स्वामित्व वैध प्रक्रिया के तहत पहले ही तीसरे पक्ष को हस्तांतरित किया जा चुका था। इसके अलावा उनके कब्जे से कोई आपत्तिजनक सामग्री बरामद नहीं हुई और उनका कोई आपराधिक इतिहास भी सामने नहीं आया।

    दोनों पक्षों की दलीलें सुनने के बाद हाईकोर्ट ने माना कि उपलब्ध परिस्थितियों में आवेदक की गिरफ्तारी या हिरासत में पूछताछ की आवश्यकता नहीं है। इसी आधार पर अदालत ने उन्हें अग्रिम जमानत प्रदान कर दी।

    अब उठ रहे हैं बड़े सवाल

    हाईकोर्ट के इस आदेश के बाद पूरे मामले ने नया मोड़ ले लिया है। विभिन्न मीडिया रिपोर्टों और जनचर्चाओं में यह सवाल उठने लगा है कि जिस हिमांशु खंडेलवाल को दुर्ग पुलिस फरार बताती रही, उसका नाम मूल एफआईआर में दर्ज ही नहीं था। ऐसे में जांच की दिशा, आरोपी बनाए जाने की प्रक्रिया और पुलिस कार्रवाई को लेकर कई प्रश्न खड़े हो रहे हैं।

    हालांकि, इस संबंध में दुर्ग पुलिस का आधिकारिक स्पष्टीकरण अभी सामने आना बाकी है। पुलिस का पक्ष आने के बाद ही पूरे घटनाक्रम की स्थिति और स्पष्ट हो सकेगी।

    अब सबसे बड़ा सवाल यही है—यदि किसी व्यक्ति का नाम एफआईआर में ही नहीं था, तो उसे फरार घोषित करने का आधार क्या था? यही प्रश्न अब पूरे प्रकरण में चर्चा का केंद्र बना हुआ है।

    वन महोत्सव-2026 के तहत 15 एकड़ में 2500 से अधिक पीपल के पौधे रोपे गए, प्रदेश में इस वर्ष ढाई करोड़ पौधे लगाने का लक्ष्य

    रायपुर/शौर्यपथ। मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय ने वन महोत्सव-2026 का शुभारंभ करते हुए नया रायपुर में अपनी मां के नाम पर पीपल का पौधा लगाकर 'पीपल फॉर पीपुल' अभियान की शुरुआत की। अभियान के तहत 15 एकड़ क्षेत्र में 2500 से अधिक पीपल के पौधे लगाए गए।

    मुख्यमंत्री ने प्रदेशवासियों से 'एक पेड़ मां के नाम' अभियान से जुड़कर अधिक से अधिक वृक्षारोपण एवं पौधों के संरक्षण का संकल्प लेने का आह्वान किया। उन्होंने कहा कि पर्यावरण संरक्षण हमारी सांस्कृतिक विरासत और आने वाली पीढ़ियों के प्रति जिम्मेदारी है। मुख्यमंत्री ने बताया कि पिछले दो वर्षों में प्रदेश में 7 करोड़ से अधिक पौधे लगाए जा चुके हैं, जबकि इस वर्ष ढाई करोड़ पौधों के रोपण का लक्ष्य निर्धारित किया गया है।

    वन मंत्री केदार कश्यप ने कहा कि 'पीपल फॉर पीपुल' अभियान स्वच्छ, हरित और स्वस्थ भविष्य की दिशा में महत्वपूर्ण पहल है। कार्यक्रम में उप मुख्यमंत्री विजय शर्मा सहित मंत्रिमंडल के सदस्य, जनप्रतिनिधि, वरिष्ठ अधिकारी एवं बड़ी संख्या में नागरिकों ने पौधारोपण कर पर्यावरण संरक्षण का संकल्प लिया।

    दीपक वैष्णव की ख़ास रिपोर्ट
    कोंडागांव।
    केशकाल वनमंडल में भर्ती प्रक्रिया को लेकर उठे विवाद ने अब तूल पकड़ लिया है। शौर्यपथ दैनिक समाचार पत्र में प्रकाशित खबर के बाद विभाग हरकत में आया है और केशकाल डीएफओ दिव्या गौतम द्वारा मामले में खंडन जारी किया गया है।
    मामला भारी वाहन चालक पद की भर्ती से जुड़ा है, जिसमें डीएफओ दिव्या गौतम और एसडीओ सुषमा नेताम पर मिलीभगत कर चयन प्रक्रिया में फेरबदल करने का आरोप लगाया गया है। खबर के अनुसार, पहले मंजीत (पिता गुरविंदर सिंह) को पात्र घोषित किया गया था, लेकिन बाद में उसे अपात्र कर फरसगांव निवासी विक्की बंजारे को भर्ती कर लिया गया।
    शौर्यपथ द्वारा इस मामले को उजागर किए जाने के बाद वनमंडल कार्यालय द्वारा जल्दबाजी में एक पत्र जारी कर समाचार में प्रकाशित तथ्यों का खंडन किया गया है। हालांकि, समाचार पत्र का दावा है कि बिना दस्तावेजों के कोई खबर प्रकाशित नहीं की जाती और उनके पास ठोस प्रमाण मौजूद हैं।
    मामले को और गंभीर बनाते हुए यह भी सामने आया है कि कथित रूप से फर्जी अनुभव प्रमाण पत्र के आधार पर भर्ती की गई। इस संबंध में हीरा एग्रो कंपनी ने मुख्य वन संरक्षक कांकेर को पत्र लिखकर स्पष्ट किया है कि उनके द्वारा किसी भी प्रकार का अनुभव प्रमाण पत्र जारी नहीं किया गया है।
    अब पूरे प्रकरण पर जिला प्रशासन की भूमिका पर सवाल उठ रहे हैं। क्या प्रशासन निष्पक्ष जांच कर दोषियों पर कार्रवाई करेगा या मामला यूं ही दबा दिया जाएगा, यह आने वाले समय में स्पष्ट होगा।

    महाराजा चौक से पुलगांव चौक तक निर्माणाधीन सड़क पर सुरक्षा इंतजाम नदारद, ठेकेदार और पीडब्ल्यूडी की कार्यशैली पर गंभीर सवाल; अब शिक्षा मंत्री गजेंद्र यादव की जवाबदेही पर भी उठे प्रश्न

    दुर्ग।

    शहर में विकास कार्यों के बड़े-बड़े दावे, सोशल मीडिया पर निरीक्षण की तस्वीरें और उपलब्धियों के पोस्टर एक तरफ हैं, जबकि दूसरी ओर उन्हीं विकास कार्यों के बीच सुरक्षा मानकों की अनदेखी आम लोगों की जान पर भारी पड़ रही है। महाराजा चौक से पुलगांव चौक तक बन रही फोरलेन सड़क पर कथित सुरक्षा लापरवाही ने मंगलवार देर शाम एक युवा की जान ले ली।

    मनीष ट्रेवल्स में कार्यरत शुभम साहू (25 वर्ष) अपनी मोटरसाइकिल से अपने साथी के साथ ड्यूटी पर जा रहे थे। पुलगांव क्षेत्र में निर्माणाधीन सड़क के पास वाहन फिसलने से वे सड़क पर गिर पड़े और उसी दौरान गुजर रही एक बस की चपेट में आ गए। हादसे में उनकी मौके पर ही मौत हो गई। पुलगांव पुलिस ने मामला दर्ज कर जांच शुरू कर दी है।

    घटना के बाद सबसे बड़ा सवाल यह उठ रहा है कि जिस सड़क निर्माण कार्य को जनप्रतिनिधियों द्वारा अपनी उपलब्धि बताकर प्रचारित किया जा रहा है, उसकी सुरक्षा व्यवस्था की जिम्मेदारी आखिर कौन लेगा? स्थानीय लोगों का कहना है कि निर्माण स्थल पर कई जगह गहरे गड्ढे, अधूरी सड़क, पर्याप्त प्रकाश व्यवस्था का अभाव तथा चेतावनी संकेत और बैरिकेडिंग जैसी बुनियादी सुरक्षा व्यवस्थाएं नहीं हैं।

    यदि विकास कार्यों का श्रेय जनप्रतिनिधि लेते हैं, तो क्या ऐसी दुर्घटनाओं की नैतिक जिम्मेदारी से भी वे स्वयं को अलग रख सकते हैं? या फिर हर बार की तरह पूरा दोष केवल ठेकेदार और विभागीय अधिकारियों पर डाल दिया जाएगा?

    प्रदेश के शिक्षा मंत्री गजेंद्र यादव लगातार सड़क निर्माण कार्यों के निरीक्षण और गुणवत्ता सुनिश्चित करने की बात करते रहे हैं। ऐसे में यह घटना केवल ठेकेदार और पीडब्ल्यूडी अधिकारियों की कार्यप्रणाली पर ही नहीं, बल्कि निगरानी व्यवस्था की प्रभावशीलता पर भी गंभीर प्रश्नचिह्न खड़ा करती है।

    एक वर्ष पहले ही विवाह करने वाले शुभम साहू के परिवार पर दुखों का पहाड़ टूट पड़ा है। अब यह देखना महत्वपूर्ण होगा कि इस मामले में केवल औपचारिक नोटिस जारी कर कार्रवाई पूरी मान ली जाएगी या फिर सुरक्षा मानकों की अनदेखी करने वाले ठेकेदार एवं जिम्मेदार अधिकारियों के विरुद्ध कठोर प्रशासनिक और दंडात्मक कार्रवाई होगी।

    सिर्फ नोटिस किसी परिवार के उजड़ने की भरपाई नहीं कर सकता। यदि सरकार वास्तव में विकास कार्यों में गुणवत्ता और जवाबदेही चाहती है, तो इस घटना को उदाहरण बनाते हुए लापरवाह ठेकेदारों और संबंधित अधिकारियों पर कड़ी कार्रवाई करनी होगी। यही दिवंगत युवक के परिवार के प्रति न्याय और भविष्य में ऐसी घटनाओं की रोकथाम की दिशा में सबसे प्रभावी संदेश होगा।

    (संपादकीय टिप्पणी: किसी दुर्घटना में कानूनी जिम्मेदारी का निर्धारण सक्षम जांच एजेंसियों द्वारा किया जाता है। उपरोक्त लेख में उठाए गए प्रश्न सार्वजनिक जवाबदेही और सुरक्षा मानकों के पालन से जुड़े हैं।)

    नई दिल्ली/भोपाल। मध्यप्रदेश की दतिया विधानसभा क्षेत्र की राजनीति एक बार फिर चर्चा के केंद्र में है। उपलब्ध चुनावी आंकड़ों के अनुसार पूर्व गृह मंत्री एवं भाजपा के वरिष्ठ नेता डॉ. नरोत्तम मिश्रा के बूथ पर कांग्रेस प्रत्याशी श्री घनश्याम सिंह को बढ़त/जीत मिली है। इसी बीच भाजपा के राष्ट्रीय अध्यक्ष नितिन नवीन के निर्वाचन क्षेत्र में भी भाजपा को हार का सामना करना पड़ा है। इन दोनों परिणामों के बाद राजनीतिक हलकों में पार्टी के भीतर जवाबदेही और अनुशासन को लेकर चर्चाएं तेज हो गई हैं।

    राजनीतिक विश्लेषकों का मानना है कि यदि चुनावी प्रदर्शन के आधार पर किसी नेता की जवाबदेही तय की जाती है, तो समान परिस्थितियों में सभी नेताओं के लिए एक समान मानदंड अपनाया जाना चाहिए। सोशल मीडिया और राजनीतिक मंचों पर भी यह सवाल उठाया जा रहा है कि यदि किसी एक नेता पर अनुशासनात्मक कार्रवाई की बात होती है, तो समान परिस्थितियों वाले अन्य नेताओं पर भी वही कसौटी लागू होनी चाहिए। हालांकि, भाजपा की ओर से इस विषय पर कोई आधिकारिक बयान या अनुशासनात्मक कार्रवाई की घोषणा नहीं की गई है।

    राजनीतिक पर्यवेक्षकों का कहना है कि चुनावी परिणामों के बाद पार्टी संगठन आमतौर पर विस्तृत समीक्षा करता है और स्थानीय परिस्थितियों, संगठनात्मक मजबूती तथा अन्य कारकों का भी आकलन किया जाता है। ऐसे में अंतिम निर्णय पार्टी नेतृत्व के स्तर पर ही लिया जाएगा। फिलहाल, दतिया और राष्ट्रीय अध्यक्ष के निर्वाचन क्षेत्र के चुनावी परिणाम भाजपा के भीतर राजनीतिक विमर्श का महत्वपूर्ण विषय बने हुए हैं।

      दुर्ग / शौर्यपथ / दुर्ग पुलिस की एसीसीयू और पुलगांव थाना पुलिस ने कार का शीशा तोड़कर 4.90 लाख रुपये चोरी करने वाले एक सुनियोजित गिरोह का पर्दाफाश करते हुए शोरूम कर्मचारी समेत पांच आरोपियों को गिरफ्तार किया है। पुलिस ने आरोपियों के कब्जे से चोरी की रकम में से 1.57 लाख रुपये नकद, वारदात में प्रयुक्त दो पल्सर मोटरसाइकिल और एक एक्टिवा स्कूटी जब्त की है। शेष राशि की बरामदगी के लिए कार्रवाई जारी है।

    पुलिस के मुताबिक, 28 जुलाई को मुक्त नगर निवासी प्रमोद महेश्वरी अपनी कार में 4.90 लाख रुपये से भरा बैग लेकर पोटिया रोड स्थित उत्सव होंडा शोरूम पहुंचे थे। कुछ देर बाद लौटने पर उन्होंने कार का शीशा टूटा हुआ देखा और नगदी से भरा बैग गायब मिला। शिकायत के बाद मामले की गंभीरता को देखते हुए एसीसीयू और पुलगांव थाना पुलिस की संयुक्त टीम ने घटनास्थल और आसपास लगे सैकड़ों सीसीटीवी कैमरों के फुटेज खंगाले। तकनीकी साक्ष्यों और मुखबिर की सूचना के आधार पर पुलिस आरोपियों तक पहुंचने में सफल रही।

    जांच में खुलासा हुआ कि मुख्य आरोपी भुवनेश्वर डहरिया उत्सव होंडा शोरूम में कर्मचारी है। उसने अपने साथियों तथा शोरूम की सहकर्मी सपना राजपूत के साथ मिलकर पहले से प्रार्थी की गतिविधियों की रेकी की थी। आरोपियों को जानकारी थी कि प्रमोद महेश्वरी अक्सर बड़ी रकम लेकर शोरूम आते हैं। इसी जानकारी का फायदा उठाते हुए सुनियोजित तरीके से कार का शीशा तोड़कर नगदी से भरा बैग चोरी कर लिया गया।

    पुलिस ने इस मामले में भुवनेश्वर डहरिया, संजय साहू, जितेंद्र कुमार साहू, सपना राजपूत और संतोष जोशी को गिरफ्तार किया है। आरोपियों से पूछताछ जारी है। पुलिस यह भी जांच कर रही है कि गिरोह ने जिले या आसपास के क्षेत्रों में इस तरह की अन्य वारदातों को भी अंजाम दिया है या नहीं। अधिकारियों का कहना है कि मामले में आगे भी महत्वपूर्ण खुलासे होने की संभावना है।

      दुर्ग / शौर्यपथ / दुर्ग यातायात पुलिस ने राष्ट्रीय राजमार्ग पर शराब के नशे में ट्रक चलाकर लोगों की जान खतरे में डालने वाले चालक के खिलाफ सख्त कार्रवाई की है। ब्रीथ एनालाइजर जांच में चालक के शरीर में 424 एमएल अल्कोहल पाए जाने के बाद उसके खिलाफ मोटरयान अधिनियम की धारा 185 के तहत प्रकरण दर्ज कर न्यायालय में पेश किया गया।
    जानकारी के अनुसार, हाईवे पेट्रोलिंग टीम सिरसा गेट चौक के पास नियमित जांच कर रही थी। इसी दौरान एक ट्रक को रोकने का संकेत दिया गया, लेकिन चालक वाहन लेकर तेज गति से भाग निकला। पुलिस ने तत्काल वायरलेस के माध्यम से सूचना प्रसारित की, जिसके बाद नेहरू नगर चौक पर नाकाबंदी कर ट्रक को रोक लिया गया और चालक को हिरासत में लिया गया।

    चालक की ब्रीथ एनालाइजर से जांच करने पर उसके शरीर में 424 एमएल अल्कोहल की पुष्टि हुई। पुलिस ने इसे सड़क सुरक्षा के लिए गंभीर खतरा मानते हुए तत्काल कानूनी कार्रवाई की और आरोपी के खिलाफ मोटरयान अधिनियम की धारा 185 के तहत मामला दर्ज कर न्यायालय में प्रस्तुत किया।
    यातायात पुलिस ने कहा कि नशे की हालत में भारी वाहन चलाना न केवल कानून का उल्लंघन है, बल्कि आम लोगों के जीवन के लिए भी बड़ा खतरा है। सड़क दुर्घटनाओं पर अंकुश लगाने के लिए जिले में शराब पीकर वाहन चलाने वालों के खिलाफ विशेष अभियान लगातार जारी रहेगा और नियम तोड़ने वालों पर कड़ी कार्रवाई की जाएगी।

      दुर्ग / शौर्यपथ / दुर्ग जिले में पहली बार शराब के नशे में यात्री बस चलाने वाले चालक के खिलाफ न्यायालय ने सख्त फैसला सुनाया है। अदालत ने आरोपी चालक को तीन दिन के साधारण कारावास के साथ 15 हजार रुपये के अर्थदंड की सजा सुनाई है। इस कार्रवाई को सड़क सुरक्षा के प्रति प्रशासन के कड़े रुख के रूप में देखा जा रहा है।

    जानकारी के अनुसार, यातायात पुलिस द्वारा चलाए जा रहे विशेष जांच अभियान के दौरान राजनांदगांव–दुर्ग–भिलाई मार्ग पर संचालित गुरुनानक ट्रेवल्स की यात्री बस को जांच के लिए रोका गया। बस चालक जितेंद्र देवांगन की ब्रीथ एनालाइजर से जांच करने पर उसके शराब के नशे में होने की पुष्टि हुई। यात्रियों की सुरक्षा को देखते हुए पुलिस ने तत्काल चालक के खिलाफ मोटरयान अधिनियम की धारा 185 (नशे में वाहन चलाना) एवं धारा 184 (खतरनाक तरीके से वाहन चलाना) के तहत मामला दर्ज कर न्यायालय में प्रस्तुत किया।

    प्रकरण की सुनवाई के बाद न्यायालय ने चालक को दोषी करार देते हुए तीन दिन के साधारण कारावास और 15 हजार रुपये के जुर्माने की सजा सुनाई। बताया जा रहा है कि दुर्ग जिले में शराब के नशे में यात्री बस चलाने के मामले में इस तरह की सजा का यह पहला मामला है।

    यातायात पुलिस ने आम नागरिकों और वाहन चालकों से अपील की है कि शराब या अन्य किसी नशीले पदार्थ के सेवन के बाद वाहन चलाने से बचें। नशे में वाहन चलाना न केवल कानूनन अपराध है, बल्कि यात्रियों और अन्य सड़क उपयोगकर्ताओं के जीवन को भी गंभीर खतरे में डालता है। पुलिस ने स्पष्ट किया है कि सड़क सुरक्षा के लिए भविष्य में भी ऐसे विशेष अभियान लगातार जारी रहेंगे।

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