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LEGAL ADVISOR - DEEPAK KHOBRAGADE (ADVOCATE)
बालोद / शौर्यपथ / कलेक्टर एवं जिला दण्डाधिकारी जनमेजय महोबे ने पुलिस अधीक्षक, अनुविभागीय अधिकारी (राजस्व), तहसीलदार, जनपद पंचायतों के मुख्य कार्यपालन अधिकारियों और नगरीय निकायों के मुख्य नगर पालिका अधिकारियों को पत्र जारी कर कहा है कि नोवेल कोरोना वायरस (कोविड-19) के संक्रमण से फैलाव को देखते हुए स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण विभाग मंत्रालय महानदी भवन नवा रायपुर द्वारा अधिसूचना जारी कर विस्तृत निर्देश प्रसारित किए गए हैं। जारी अधिसूचना के अनुसार महामारी रोग अधिनियम 1897(1897 का 3) की धारा 2, 3 एवं 4 के अधीन निर्मित छत्तीसगढ़ महामारी रोग कोविड-19 विनियम, 2020 के विनियम 12 (प्ग्) द्वारा प्रदत्त शक्तियों को प्रयोग लाते हुए राज्य सरकार द्वारा राज्य में कोविड-19 के संक्रमण के प्रसार के रोकथाम हेतु रक्षात्मक उपायों को अपनाने एवं उसका पालन कराए जाने को अनिवार्य घोषित की है:-
सार्वजनिक स्थलों, कार्यालयों, अस्पतालों, बाजारों एवं भीड़-भाड़ वाले स्थानों, गलियों में आने-जाने वाले प्रत्येक व्यक्ति द्वारा मास्क/फेस कवर धारण किया जाना अनिवार्य होगा।
कार्यालय, कार्यस्थलों एवं फैक्ट्री आदि में कार्य करने वाले प्रत्येक व्यक्ति द्वारा मास्क/फेस कवर धारण किया जाना अनिवार्य होगा। दो पहिया/चार पहिया वाहन के द्वारा यात्रा करने वाले प्रत्येक व्यक्ति को मास्क पहनना अनिवार्य होगा। उपरोक्त हेतु डिस्पोजेबल मास्क तथा कपड़े के मास्क का प्रयोग किया जा सकता है।
फेस कवर/मास्क उपलब्ध न होने की स्थिति में गमछा/रूमाल/दुपट्टा इत्यादि का भी फेस कवर के रूप में प्रयोग किया जा सकता है बशर्ते मुंह एवं नाक पूरी तरह से ढका हो।
कपड़े का मास्क/फेस कवर/गमछा/रूमाल/दुपट्टा इत्यादि का पुन: प्रयोग साबुन से अच्छी तरह से साफ किए बिना न किया जाए। सार्वजनिक स्थलों पर थुकना प्रतिबंधित है।
होम क्वारेंटाईन में रहने वाले व्यक्तियों को शासन द्वारा समय-समय पर जारी होम क्वारेंटाईन संबंधी समस्त दिशानिर्देशों का पालन किया जाना अनिवार्य होगा।
दुकानों/व्यवसायिक संस्थानों द्वारा सोशल डिस्टेंसिंग/फिजिकल डिस्टेंसिंग संबंधी दिशा-निर्देशों का पालन कराया जाना अनिवार्य होगा।
कोविड-19 के संक्रमण के रोकथाम एवं नियमों के प्रभावी क्रियान्वयन हेतु राज्य शासन द्वारा समय-समय पर जारी दिशानिर्देशों का पालन नहीं किए जाने की दशा में महामारी रोग अधिनियम 1897(1897 का 3) के अधीन निर्मित विनियम के तहत निम्नानुसार जुर्माना अधिरोपित किया जाएगा, अर्थात:- सार्वजनिक स्थलों में मास्क/फेस कवर नहीं पहनने की स्थिति में एक सौ रूपए, होम क्वारेंटाईन के दिशानिर्देशों का उल्लंघन किए जाने की स्थिति में एक हजार रूपए, सार्वजनिक स्थलों पर थूकते हुए पाए जाने की स्थिति में एक सौ रूपए, दुकानों/व्यवसायिक संस्थानों के मालिकों द्वारा सोशल डिस्टेंसिंग/फिजिकल डिस्टेंसिंग का उल्लंघन किए जाने की स्थिति में दो सौ रूपए। महामारी रोग अधिनियम 1897 (1897 का 3) के प्रावधानों के अधीन जिला मजिस्ट्रेट द्वारा प्राधिकृत अधिकारी, नायब तहसीलदार, सहायक उप-निरीक्षक (ए.एस.आई.) से अनिम्न अधिकारी द्वारा ही उपरोक्त जुर्माने की राशि की वसूली की जा सकेगी तथा जुर्माना अदा न करने की स्थिति में संबंधित व्यक्ति के विरूद्ध महामारी रोग अधिनियम 1897 (1897 का 3) के अधीन निर्मित विनियम, 2020 के विनियम 14 एवं भारतीय दण्ड संहिता, 1860 (1860 का 45) की धारा 188 के अंतर्गत दण्डात्मक कार्यवाही की जाएगी।
बालोद / शौर्यपथ / कलेक्टर एवं जिला दण्डाधिकारी जनमेजय महोबे ने पुलिस अधीक्षक, समस्त अनुविभागीय अधिकारी (राजस्व), तहसीलदार, जनपद पंचायतों के मुख्य कार्यपालन अधिकारियों, नगरीय निकायों के मुख्य नगर पालिका अधिकारियों और जिला शिक्षा अधिकारी को पत्र जारी कर कहा है कि गृह मंत्रालय भारत सरकार द्वारा नोवेल कोरोना वायरस संक्रमण के नियंत्रण हेतु दिशानिर्देश जारी किया गया है:- सार्वजनिक स्थलों, कार्यालयों, अस्पतालों, कार्यस्थलों, यात्रा के दौरान, बाजारों एवं भीड़-भाड़ वाले स्थानों, गलियों में आने-जाने वाले प्रत्येक व्यक्ति द्वारा मास्क/फेस कवर धारण किया जाना अनिवार्य होगा। सार्वजनिक स्थानों पर सोशल डिस्टेंसिंग/फिजिकल डिस्टेंसिंग (छह फीट की दूरी) का पालन कराया जाना अनिवार्य होगा। दुकानों/व्यवसायिक संस्थानों द्वारा ग्राहकों के बीच सोशल डिस्टेंसिंग/फिजिकल डिस्टेंसिंग (छह फीट की दूरी) का पालन कराया जाना अनिवार्य होगा।
वर्तमान में कोरोना वायरस संक्रमण पर प्रभावी रोक हेतु निजी आयोजन सामान्यत: न किए जाने हेतु जनसाधारण को सलाह दी जाए। यदि अपरिहार्य कारणों से ऐसे आयोजन किए जाने की आवश्यकता हो तो सोशल/फिजिकल डिस्टेंस, फेसमास्क, थर्मल स्क्रीनिंग, हैण्डवाश तथा सेनिटाईजर सहित सावधानियॉ बरतते हुए आयोजन किए जाने की सलाह दी जाए। साथ ही यह भी सुनिश्चित करें कि आयोजन स्थल पर सीमित संख्या में व्यक्तियों की उपस्थिति हो।
भिलाई / शौर्यपथ / कचांदुर स्थित कोविड सेंटर में इन दिनों यहां के मरीज गंदगी से काफी परेशान हैं। वार्डों में टायलेट गंदे होने के साथ ही कमोड टूट फूट गए हैं जिससे यहां के मरीजों को काफी दिक्कतोंं का सामना करना पड़ रहा है। कोविड सेंटर में खाने की गुणवत्ता पर तो ध्यान दिया जा रहा है लेकिन वार्डों की सफाई व टॉयलेट की गंदगी पर किसी का ध्यान नहीं है। रही डॉक्टरी परीक्षण की तो सुबह एक बार डॉक्टर का आगमन होता है उसके बाद मरीजों को उनके हाल पर छोड़ दिया जाता है।
बता दें कि कचांदुर स्थित चंदुलाल चंद्राकर मेडिकल कॉलेज में कोरोना मरीजों के इलाज के लिए नि:शुल्क कोविड सेंटर बनाया गया हैं। यहां जिले के कोरोना पॉजिटिव मरीजों का इलाज किया जा रहा है। कोविड सेंटर में मरीज वार्डों की गंदगी से परेशान हैं। यहां के कुछ मरीजों ने वार्डों में सफाई व टॉयलेट की गंदगी को लेकर शिकायत की है। मरीजों का कहना है कि यहां भोजन की व्यवस्था काफी अच्छी की गई है। सुबह के नास्ते से लेकर दोपहर व रात का खाना बेहतर आता है लेकिन टॉयलेट की सफाई करने के लिए सफाई कर्मी नहीं आ रहे हैं। यही नहीं टॉयलेट के कमोड तक टूट गए हैं। एक टॉयलेट का इस्तेमाल 30 से 40 मरीज कर रह हैं। कोरोना मरीजों को अलग अलग टॉयलेट इस्तेमाल किए जाने का निर्देश है लेकिन यहां एक वार्ड में केवल दो टॉयलेट हैं और वे भी गंदे और टूटे फूटे। ऐसे में सबसे बड़ा सवाल यह है कि ऐसे टॉयलेट का उपयोग कर मरीज स्वस्थ्य होंगे या और ज्यादा बीमार पड़ेंगे। आज की कलेक्टर सर्वेश्वर भूरे व एसपी प्रशांत ठाकुर ने कोविड सेंटर का औचक निरीक्षण भी किया और भोजन की गुणवत्ता जांचने कोरोना मरीजों को दिया जाने वाला खाना भी खाया और संतुष्ठि जताई। साथ ही सफाई व्यवस्था की मॉनिटरिंग के निर्देश भी दिए। इस दौरान महापौर भिलाई नगर विधायक देवेन्द्र यादव व आयुक्त ऋतुराज रघुवंशी भी मौजूद रहे। अब देखना यह है कि कलेक्टर के निर्देशका कितना असर होता है। यहां की इस अव्यवस्था के कारण मरीज बेहद हलाकान है।
रायपुर / शौर्यपथ / प्रदेश में गुरुवार को 837 मरीज मिलने की पुष्टि हुई वही 730 मरीज डिस्चार्ज हुए . गुरुवार को प्राप्त जानकारी के अनुसार 13 मरीजो की मौत हुई . इस तरह प्रदेश में वर्तमान स्थिति तक कुल 36520 मरीज कोरोना संक्रमित पाए गए जिसमे से 17258 मरीज वर्तमान में संक्रमित है एवं 18950 मरीज स्वास्थ्य लाभ ले कर डिस्चार्ज हो चुके है एवं 312 मरीज की कोरोना संक्रमण से मौत हो चुकी है . रायपुर से खबर लिखे जाने तक सबसे ज्यादा 300 मरीज पाए गए एवं सबसे कम बलोदा बाज़ार व कोंडागाँव से एक एक मरीज मिले है . दुर्ग में स्थिति संतोष जनक है अचानक सैकड़ा पार करने वाले दुर्ग में खबर लिखे जाने तक 30 मरीज मिले .
अम्बिकापुर / शौर्यपथ / छत्तीसगढ़ शासन के स्वास्थ्य एव परिवार कल्याण मंत्री टीएस सिंहदेव की अध्यक्षता में आज यहां कलेक्टोरेट परिसर में कोविड-19 की समीक्षा बैठक आयोजित की गई। मंत्री सिंहदेव ने कोविड अस्पताल में मरीजों की सुविधा तथा कोविड टेस्ट से संबंधित जानकारी सीएमएचओ एवं चिकित्सा अधीक्षक से प्राप्त की। उन्होंने कहा कि कोविड से निपटने में किसी प्रकार की कमी हो तो उसे तत्काल दूर कर लिया जाए। किसी भी स्तर पर कमी की गुंजाइश न के बराबर हो ताकि मरीजो को बेहतर एवं समय पर ईलाज मिल सके।
मंत्री सिंहदेव ने कहा कि कोविड के मरीजो की संख्या बढ़ती जा रही है। इसे देखते हुए जिले में 2 हजार तक बेड संख्या की व्यवस्था करें। इसके लिए आस-पास के शासकीय भवनों को चिन्हांकित करें। छात्रवासो में स्थित बेड को कोविड़ सेन्टर के लिए चिन्हांकित भवनों में शिफ्ट कराकर तैयारी शुरू करें। इसके साथ ही शहर के नजदीक कम से कम 200 बेड का भवन चिन्हांकित कर एसिम्पटोमेटिक महिला मरीजों के लिये तैयार करें। इसे एक मॉडल के रूप में विकसित करें जो राज्य के लिए अनुकरणीय हो। कोविड़ सेन्टर के लिए चिन्हांकित भवनों को प्राथमिकता के अनुसार अधिग्रहित कर तैयार कराएं।
मंत्री श्री सिंहदेव ने कहा कि आरटीपीसीआर टेस्ट रिपोर्ट निर्धारित समय पर उपलब्ध हो। रिपोर्ट को बारीकी से जांच करने के बाद ही आईसीएमआर को प्रेषित करें। डेटा एंट्री में कोई त्रुटि न हो इसके लिए रिपोर्ट की प्रिंट स्पष्ट हो। उन्होंने कहा कि जिले के लिए निर्धारित आरटीपीसीआर टेस्ट लक्ष्य के अनुरूप 5 हजार टेस्ट प्रतिदिन करने पूरा प्रयास करें।
पॉजिटिव रिपोर्ट आने वाले मरीजो के साथ ही जिनका रिपोर्ट नेगेटिव है उन्हें भी समय पर सूचित करें ताकि कोई भ्रम न रहे। सैंपल लेने के बाद उन्हें घर मे आईसोलेशन में रहना है इसकी जानकारी दें। सैंपल देने वाला व्यक्ति घर में ही रहे। स्वास्थ्य विभाग के साथ जिला प्रशासन के अमले को आइसोलेशन की निगरानी के लिए ड्यूटी लगाई जाए। उन्होंने कोविड मरीजो के भोजन की गुणवत्ता को गंभीरता से लेते हुए कहा कि प्रति प्लेट की दर से भोजन व्यवस्था में यदि प्लेट की कीमत जुडऩे से गुणवत्ता से समझौता करना पड़ता है तो स्टील की थाली क्रय करें। थाली की अच्छी सफाई कराकर गुणवत्तापूर्ण भोजन उपलब्ध कराएं।
मंत्री ने कहा कि कोविड से संबंधित उपकरण तथा दवाई की आपूर्ति में सीजीएमएससी से विलंब या मात्रा में कमी की स्थिति निर्मित न हो इसके लिए स्थानीय स्तर पर व्यवस्था रहे ताकि जरूरत पडऩे तत्काल उपलब्ध हो सके। उन्होंने कहा कि विकासखण्ड स्तर पर बनाए गए कोविड़ सेन्टर में स्थानीय मरीजों की भर्ती कराएं ताकि मेडिकल कॉलेज में को भार कम हो सके। सीएमएचओ डॉ. पीएस सिसोदिदया ने बताया कि अब तक जिले 722 कोरोना के पॉजेटिव मरीज मिले हैं। नगर निगम अम्बिकापुर में 48 कन्टेनमेंट जोन हैं। कुछ दिनों से पोजेटिव केस की संख्या में गिरावट आई है।
मंत्री सिंहदेव ने रिंग रोड में ड्रेनेज की समस्या पर सीजीआरडीसी के अधिकारियों को निर्देशित किया कि जहां भी नाली जाम होने की समस्या है वहां फिर से उपयुक्त नाली निर्माण कराएं। इसीप्रकार उन्होंने राष्ट्रीय राजमार्ग अम्बिकापुर से उदयपुर एवं अम्बिकापुर से सीतापुर के निर्माण कार्य की समीक्षा करते हुए कहा कि चरणबद्ध तरीके से सड़क निर्माण समय-सीमा पर कराएं।
संभागायुक्त डॉ. संजय कुमार अलंग ने एन.एच के कार्यपालन अभियंता को निर्देशित किया कि दोनो सड़कों के ठेकेदार से बैठक कर प्रतिदिन सड़क निर्माण की प्रगति का लिखित सहमति ले और उसकी प्रगति रिपोर्ट प्रतिदिन प्रस्तुत करें। यदि निर्माण गति में कमी आती है तो सम्बंधित ठेकेदार का बिल का भुगतान रोक दें।
बैठक में कलेक्टर संजीव कुमार झा वीडियों कांफ्रेंसिंग के माध्यम से जुडे थे साथ ही छत्तीसगढ़ राज्य श्रम कल्याण बोर्ड के अध्यक्ष शफी अहमद, पुलिस अधीक्षक टीआर कोशिमा, जिला पंचायत सदस्य आदित्येश्वरशरण सिंहदेव, अपर कलेक्टर एएल धु्रव सहित स्वास्थ्य विभाग, लोक निर्माण विभाग, लोक स्वास्थ्य यांत्रिकी विभाग, सीजीआरडीसी के अधिकारी उपस्थित थे।
दुर्ग / शौर्यपथ / जिले में काढ़ा वितरण को लेकर महा अभियान चलाया जाएगा। निगम में वार्डों में एवं ग्रामीण क्षेत्रों में स्टाल लगाकर काढ़े का वितरण किया जाएगा कलेक्टर डॉ. सर्वेश्वर नरेंद्र भुरे ने इस संबंध में अधिकारियों को निर्देश दिए। कलेक्टर ने कहा कि आयुष विभाग द्वारा जो काढ़ा बताया गया है वह प्रतिरोधी क्षमता को बढ़ाने के लिए उपयोगी है। लोगों तक सामग्री उपलब्ध हो तथा काढ़ा बनाने की विधि भी लोगों को मालूम हो जाए इस संबंध में व्यापक अभियान जिला प्रशासन द्वारा चलाया जाएगा। कलेक्टर ने इस संबंध में व्यवस्था बनाने के निर्देश निगम के एवं पंचायत विभाग के अधिकारियों को दिए हैं।
कलेक्टर ने कहा कि कोविड की बीमारी से लडऩे के लिए सोशल डिस्टेंसिंग को बढ़ावा देने के साथ ही मास्क पहनना एवं सैनिटाइजेशन का पालन करना बेहद आवश्यक है, इसके साथ ही प्रतिरोधक क्षमता को लेकर कार्य करना भी आवश्यक है। इस संदर्भ में आयुष मंत्रालय द्वारा जारी किए गए निर्देश उपयोगी हो सकते हैं। इसके मुताबिक काढ़े को अधिकाधिक लोगों तक उपलब्ध किया जाए ताकि पप्रतिरोधी क्षमता के माध्यम से कोविड की बीमारी से स्वयं को प्रतिरोधी बनाने में मदद मिल सके। कलेक्टर ने आज निगम के एवं पंचायत विभाग के अधिकारियों को कोविड संक्रमण को लेकर अतिरिक्त सतर्कता बरतने और किसी तरह की चूक नहीं करने के भी निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि कंटेनमेंट जोन में किसी भी तरह से चूक नहीं होनी चाहिए। जो लोग होम आइसोलेशन में रह रहे हैं उनकी सतत मॉनिटरिंग होनी चाहिए। कोविड के मरीजों की प्राइमरी कांटेक्ट की ट्रेसिंग बहुत जरूरी है। इसके साथ ही जल्द से जल्द इनकी टेस्टिंग भी जरूरी है। टेस्टिंग के नतीजे आते ही इन्हें तय समय अवधि में अस्पताल में शिफ्ट किया जाना जरूरी है जो लोग शासकीय अस्पतालों की सुविधा का लाभ उठाना चाहते हैं उनका निशुल्क इलाज शासकीय अस्पताल में किया जाएगा।
जो लोग इसके इच्छुक नहीं है वह प्रशासन द्वारा चिन्हांकित निजी अस्पतालों में अपना इलाज करा सकते हैं। कलेक्टर ने कहा कि सभी अधिकारी अपने-अपने क्षेत्रों में विशेष अलर्ट में रहे जहां कहीं से भी पॉजिटिव होने अथवा किसी कोविड मरीज के मृत होने की सूचना मिलती है। वहां पर अतिरिक्त सतर्कता बरतने की जरूरत है। कलेक्टर ने कहा कि कोविड केयर सेंटर में भी मरीजों के प्रभावी इलाज पर नजर रखें। मरीजों की सुविधा का हर तरह से ध्यान रखें। कोविड प्रोटोकॉल के अनुसार कार्य करें, साथ ही जो मरीज डिस्चार्ज हुए हैं। उन्हें घरों तक पहुंचाने की सुविधा भी उपलब्ध कराएं। डिप्टी कलेक्टर सुश्री प्रियंका वर्मा ने बताया कि डिस्चार्ज मरीजों के लिए निगम द्वारा दो बसें उपलब्ध कराई गई है। कल 74 कोविड मरीज डिस्चार्ज हुए जिन्हें घर तक बसों के माध्यम से विदा किया गया। कलेक्टर ने कहा कि जो लोग होम आइसोलेशन में है उनकी विशेष रूप से मॉनिटरिंग की जाए।
सर्दी खांसी के मरीजों के लिए सर्वे का कार्य युद्ध स्तर पर किया जाए, इनका सैंपलिंग का कार्य भी तेजी से किया जाए , जिन क्षेत्रों में सर्दी खांसी के अधिक मरीज आ रहे हैं उन्हें चिन्हांकित किया जाए एवं इन क्षेत्रों में विशेष रूप से अभियान चलाकर लगातार लोगों के स्वास्थ्य की मॉनिटरिंग की जाए।
दुर्ग / शौर्यपथ / निगम आयुक्त इंद्रजीत बर्मन द्वारा आज कोरोना संक्रमण को देखते हुये जिला चिकित्सालय के सीपीएम संजीव दुबे, एवं नगर निगम दुर्ग के राजस्व निरीक्षक, सहा0 राजस्व निरीक्षक, जिनकी ड्यूटी कोरोना टेऊसिंग टीम में लगायी है उनकी बैठक ली गई। कोरोना संक्रमण के बढ़त क्रम के कारण जिला चिकित्सालय के कोरोना टेस्ंिटग सेंटर में हो रही भीड़ को देखते हुये नगर निगम दुर्ग के आम नागरिकों को बघेरा, पोटियाकला, और जिला आयुर्वेदिक अस्पताल में कोरोना टेस्ंिटग की सुविधा मिलेगी। निगम आयुक्त बर्मन ने शहर वासियों से अपील कर कहा कि वर्तमान में बढ़ते जा रहे संक्रमण को देखते हुये बघेरा, पोटियाकला और पटरीपार के निवासी जिला चिकित्सालय के अलावा इन जगहों पर जाकर अपना कोरोना टेस्ंिटग करा सकते हैं।
आयुक्त ने बैठक में कहा कि सभी टेऊेसिंग टीम के सदस्य प्रत्येक दिन पॉजिटिव मिले व्यक्तियों के घरों का निरीक्षण करें। जिस दिन भी वार्ड का व्यक्ति कोरोना पॉजिटिव मिलता है टेऊेसिंग टीम तत्काल दूसरे दिन वहॉ जाकर कोविड-19 स्लीप चस्पा कर उस घर के सदस्यों को सुरक्षित रहने प्रेरित करें। उस घर को सील करें । उन्होनें कहा उस घर के अगल-बगल के करीब 50 घरों में कोई बीमार व्यक्ति तो नहीं इसका सर्वे का जानकारी देवें। यह कार्य प्रत्येक दिवस वार्ड में जाकर करें। उन्होनें बताया दुर्ग में कोरोना टेस्ट के लिए अन्य 3 स्थानों पर सुविधा प्रदान की जा रही है। जिसमें बघेरा स्कूल के सामने शहरी स्वास्थ्य केन्द्र, पोटियाकला में स्थित शहरी स्वास्थ्य केन्द्र और धमधा नाका जिला आयुर्वेदिक हास्पीटल में कोई भी व्यक्ति आकर कोरोना का टेस्ंिटग करा सकता है।
उन्होनें निगम के स्वास्थ्य विभाग को निर्देशित कर कहा जिन वार्डो में कोरोना पॉजिटिव व्यक्ति मिलने की जानकारी मिलती है उस वार्ड मोहल्ला क्षेत्र में तत्काल साफ-सफाई के साथ दवाई का छिड़काव करावें और क्षेत्र को सेनेटाईज करायें। बैठक में राजेन्द्र मिश्रा, भूपत भारद्वाज, मनोज मनहरे, रविन्द्र मिश्रा, बद्रीनाथ, गौकरण सोनी, चंदन मनहरे, लीलाधर यादव, निशांत यादव, नरेन्द्र मनहरे सहित अनेक लोग उपस्थित थे।
भिलाई नगर / शौर्यपथ / निगमायुक्त ऋतुराज रघुवंशी ने अतिक्रमण एवं अवैध निर्माण के खिलाफ सख्त कार्रवाई करने के निर्देश समस्त जोन आयुक्तों को दिए है इसी तारतम्य में अवैध निर्माण और अतिक्रमण के खिलाफ आज दूसरे दिन भी नगर पालिक निगम की टीम ने कार्रवाई की। यह कार्यवाही 2 स्थानों पर हुई एक फरीदनगर और दूसरा सुपेला लक्ष्मी मार्केट क्षेत्र में ! फरीदनगर में एक व्यक्ति द्वारा भवन अनुज्ञा के बिना किए जा रहे निर्माण को बंद करवाया गया। लक्ष्मी नगर मार्केट सुपेला में निगम की जमीन पर बारबेट तार और आरसीसी पोल से की गई फेसिंग को तोड़कर कब्जा खाली कराया गया। जोन 1 के अधिकारियों को फरीदनगर में करीब 22 सौ वर्गफीट जमीन पर बिना परमिशन भवन निर्माण किये जाने की शिकायत मिली थी।
शिकायत को गंभीरता से लेते हुए जोन के अधिकारियों ने सहायक राजस्व अधिकारी शरद दुबे को कार्रवाई के निर्देश दिए थे। निर्देश के अनुसार सहायक राजस्व अधिकारी अपनी टीम के साथ मौके पर पहुंचे और भवन मालिक को जमीन और भवन अनुज्ञा से संबंधित दस्तावेज प्रस्तुत करने कहा गया। जमीन मालिक द्वारा दस्तावेज प्रस्तुत नहीं करने पर निर्माण कार्य को बंद कराया गया। वहीं सड़क पर बिखरे पड़े बिल्डिंग मटेरियल को हटाने के निर्देश दिए।
निगम की जमीन पर किए जा रहे कब्जे को कराया गया खाली
लक्ष्मी नगर मार्केट में एक व्यक्ति द्वारा सीमेंट पोल और फेंसिंग तार से घेरकर कब्जा कर लिया था। जिसे निगम की टीम ने तोडफ़ोड़ कर कब्जा खाली कराया। उल्लेखनीय है कि 1 दिन पूर्व ही निगम के जोन क्रमांक 2 की टीम ने वार्ड क्रमांक 14 रामनगर क्षेत्र में नाली के ऊपर किए गए अतिक्रमण के विरुद्ध कार्यवाही करते हुए दुकान को तोड़कर को अतिक्रमण मुक्त कराया था!
आरटीपीसीआर और ट्रू नॉट जांच रिपोर्ट भेजी जाएगी मोबाइल नम्बरों पर,जांच की रिपोर्ट लेने अस्पताल आने की ज़रूरत नहीं
दुर्ग / शौर्यपथ / मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी डॉ. गंभीर सिंह ठाकुर द्वारा आम जनता से अपील की हैै कि दुर्ग जिले में कोविड 19 जांच (सैंपल) जिला अस्पताल, सामुदायिक स्वास्थ्य केन्द्र एवं प्राथमिक स्वास्थ्य केन्द्र में जांच हो रही है। उन्होंने बताया कि यदि रैपिड एन्टीजन जांच की जाती है तो रिर्पोट जांच स्थल में ही तुरंत मिल जाएगी और यदि ट्रूनॉट अथवा आरटीपीसीआर जांच होती है तो उसकी रिर्पोट संबंधित के मोबाईल नंबर में मैसेज के माध्यम से भेजी जाएगी। रिर्पोट के लिए उन्हें कहीं भी जाने की आवश्यकता नहीं है। साथ ही उन्होंने आम जनता से अपील है की है कि फिजिकल डिस्टेसिंग, सेनेटाईजर, मास्क, हैण्डवॉश का नियमित उपयोग करें। जहां तक संभव हो कम से कम घर से घर से बाहर निकलें।
Feb 09, 2021 Rate: 4.00
