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-दीपावली में नागरिकों की सुविधा के लिए स्थानीय उत्पाद बिहान बाजार में उपलब्ध होंगे
-आकर्षक डिजाइनर दीयों से लेकर हवन सामग्री, भगवान के वस्त्र आदि कई रेंज की वैरायटी उपलब्ध
दुर्ग / शौर्यपथ / बिहान के अंतर्गत काम कर रहे स्वसहायता समूहों ने अपने उत्पादों की रेंज का काफी विस्तार किया है। इसके लिए जिला प्रशासन ने एक कैटलाग तैयार किया है ताकि बिहान बाजार के माध्यम से उत्पाद खरीदने वाले लोगों को उत्पादों की जानकारी एक ही नजर में मिल सकें। इन 67 प्रकार के उत्पादों में दीवाली की पूजा सामग्री जैसे दीये, डिजाइनर दीये, हवन सामग्री, धूप और भगवान के वस्त्र आदि तो हैं ही, दीवाली के अवसर पर परंपरागत छत्तीसगढ़ी व्यंजन भी शामिल किये गए हैं। जिला पंचायत सीईओ श्री सच्चिदानंद आलोक ने बताया कि कलेक्टर डाॅ. सर्वेश्वर नरेंद्र भुरे ने इस संबंध में निर्देश दिये हैं कि स्वसहायता समूहों के उत्पादों को उचित प्लेटफार्म दिया जाए। बाजार तक इनकी ज्यादा से ज्यादा पहुंच हो। जहां बल्क खरीदी हो रही है उन संस्थानों से भी इनका सीधा संपर्क स्थापित किया जाए। इस दिशा में कार्य किया जा रहा है और दीवाली में यह समूह अच्छी खासी आय हासिल करेंगे। उल्लेखनीय है कि दीवाली के अवसर पर श्रृंगार वगैरह की भी पूरी तैयारी बिहान समूहों द्वारा की गई है। इसके लिए परंपरागत ज्वैलरी सेट भी बनाये गए हैं जिसमें छत्तीसगढ़ी में आभूषण की डिजाइन की कला की झलक मिलती है। डेकोरेशन के लिए सजावटी सामान भी तैयार किये जा रहे हैं। पेंटिंग्स एवं गिफ्ट आइटम भी तैयार किये गए हैं जो खासे आकर्षक हैं। दीवाली में जमकर साफसफाई भी होती है। इसके लिए बिहान बाजार में मुकम्मल व्यवस्था है। विभिन्न फ्लेवर वाले ग्लिसरीन सोप, मिल्क सोप आदि उपलब्ध हैं। टायलेट क्लिनर, हर्बल फिनाइल तथा डिशवाश भी इन समूहों ने बनाये हैं, कोरोना काल में इनके द्वारा बनाये गए हर्बल हैंडवाश की माँग अच्छी बढ़ी है। दीवाली में इसकी बिक्री और बढ़ने की उम्मीद है। बांस की सामग्री की भी बाजार में अच्छी माँग होती है। कैटलाग में विभिन्न बांस से बनी सामग्री भी शामिल की गई है। कैटलाग में कृषि आधारित उत्पाद भी शामिल किये गए हैं जिनके अंतर्गत कीटनाशक नीमास्त्र शामिल हैं। खासा लोकप्रिय पिंक आयस्टर मशरूम भी कैटलाग में शामिल है, जिसके कारण से स्वसहायता समूहों को अच्छा खासा लाभ अर्जित हो रहा है। इसके अलावा पोल्ट्री उत्पाद एवं अन्य कृषि उत्पाद भी शामिल है। उल्लेखनीय है कि बिहान के समूहों द्वारा बनाये डिजाइनर दीयों एवं अन्य प्रोडक्ट्स की माँग विदेशों में भी हो रही है। इनकी सुंदर डिजाइनिंग के चलते बड़ा बाजार तैयार हुआ है। कलेक्टर ने निर्देश दिये हैं कि इसके डिस्प्ले के लिए अच्छा लोकेशन इन्हें एलाट किया जाए। साथ ही इन उत्पादों के लिए अमेजन तथा फ्लिपकार्ट आदि में भी प्लेटफार्म उपलब्ध कराया जाए ताकि इन्हें बड़ा ग्राहक वर्ग मिल सके।
राजनांदगांव / शौर्यपथ / छत्तीसगढ़ राज्य महिला आयोग की अध्यक्ष डॉ. श्रीमती किरणमयी नायक ने बालिका गृह एवं बालक संप्रेक्षण गृह का निरीक्षण किया। इस अवसर पर कार्यक्रम अधिकारी महिला एवं बाल विकास श्रीमती रेणु प्रकाश एवं अन्य स्टाफ उपस्थित थे।
रायपुर / शौर्यपथ / पंचायतएवं ग्रामीण विकास मंत्री टी.एस. सिंहदेव रेडियो पर 25 अक्टूबर को प्रसारित होने वाले 'हमर ग्रामसभा' कार्यक्रम में श्रोताओं के सवालों के जवाब देंगे। वे 25 अक्टूबर को शाम साढ़े सात बजे से आठ बजे तक आकाशवाणी रायपुर से प्रसारित इस विशेष कार्यक्रम में पत्र, एसएमएस और व्हाट्सएप के माध्यम से श्रोताओं द्वारा पूछे गए प्रश्नों के उत्तर देंगे। मंत्री सिंहदेव कार्यक्रम में राज्य शासन की नीतियों, योजनाओं और कार्यक्रमों के बारे में श्रोताओं की जिज्ञासाओं का भी समाधान करेंगे। कार्यक्रम को मीडियम वेब 981 किलोहर्ट्ज पर सुना जा सकता है। प्रदेश में स्थित आकाशवाणी के सभी केन्द्र एक साथ इस कार्यक्रम को रिले करेंगे।
उल्लेखनीय है कि विभागीय योजनाओं की जानकारी देने और इनका लाभ उठाने लोगों को प्रेरित करने पंचायत एवं ग्रामीण विकास विभाग तथा ठाकुर प्यारेलाल राज्य पंचायत एवं ग्रामीण विकास संस्थान, निमोरा द्वारा तैयार साप्ताहिक रेडियो कार्यक्रम ‘हमर ग्रामसभा’ का आकाशवाणी रायपुर द्वारा हर रविवार शाम साढ़े सात बजे से आठ बजे तक प्रसारण किया जाता है।
कवर्धा / शौर्यपथ / मुख्यमंत्री बघेल के मंशानुरूप व वनमंत्री मोहम्मद अकबर ने निर्देश पर वन विभाग द्वारा छत्तीसगढ़ के भोरमदेव वन्य प्राणी अभ्यारण और मध्य प्रदेश के कान्हा राष्ट्रीय उद्यान के सीमावर्ती क्षेत्रों में वन्य प्राणी बारहसिंघा के लिए उपयुक्त आवास और नैसर्गिक प्रजनन क्षेत्र की संभावना की दृष्टि से खरपतवार उन्मूलन, स्थाई घास मैदान और पीने के पानी की पर्याप्त सुविधा विकसित करने पर विशेष जोर दिया जा रहा है। इस तारतम्य में वन मंत्री श्री अकबर के निर्देशानुसार प्रधान मुख्य वन संरक्षक (वन्य प्राणी) पी.वी. नरसिंगराव ने कबीरधाम जिले के भोरमदेव वन्य प्राणी अभ्यारण का कार्य प्रगति का जायजा लेने निरीक्षण किया।
प्रधान मुख्य वन संरक्षक एवं मुख्य वन्य प्राणी अभिरक्षक नरसिंगराव ने निरीक्षण के दौरान भोरमदेव अभ्यारण की तरफ से सीमावर्ती क्षेत्र में स्पष्ट रूप से मुनारा से 10 मीटर अग्नि सुरक्षा रेखा के साथ-साथ सीमांकन का सुझाव वन मंडलाधिकारी को दिया गया। क्षेत्रीय भ्रमण के दौरान उन्होने स्थाई संपत्तियों के रखरखाव और शाकाहारी वन्य प्राणियों के लिए अभ्यारण में स्थाई घास के मैदान विकसित करने संबंधी मार्गदर्शन दिया। वर्तमान में अभ्यारण में उपलब्ध विभिन्न घास प्रजातियों के बीज इकट्ठा कर उनको नर्सरी के माध्यम से या सीधे तौर पर घास मैदानों में लगाने के निर्देश दिए। निर्माण कार्यों के अंतर्गत बनाए गए रपटा, साल्ट लिक, स्टॉप डैम, मिट्टी और मुरुम के बने वन मार्गों का भी निरीक्षण किया।
राजनांदगाँव / शौर्यपथ / आबकारी मंत्री कवासी लखमा के निर्देश पर आबकारी विभाग द्वारा अवैध शराब पर सख्त कार्यवाही कर रही है। इसी क्रम में जिला राजनांदगांव के आबकारी विभाग ने घोरदा से रीवागहन मार्ग में वाहन चेकिंग के दौरान 24 अक्टूबर को अवैध मदिरा परिवहन करते मोटर-सायकल को पकड़ा और अवैध देशी शराब 17.28 बल्क लीटर जप्त किया तथा 23 अक्टूबर को थाना जोब क्षेत्र में 47.7 बल्क लीटर अवैध शराब जप्त किया है।
आबकारी विभाग से मिली जानकारी के अनुसार मुखबिर से अवैध शराब की सूचना मिलते ही कलेक्टर राजनांदगांव टोपेश्वर वर्मा के मार्गदर्शन में सहायक आयुक्त आबकारी अधिकारी राजनांदगांव के निर्देशन में 24 अक्टूबर को आबकारी विभाग की टीम ने घोरदा से रीवागहन मार्ग में डोंगरगढ़ निवासी सुनील बोरकर एवं अनमोल सांगेड़े से 96 पाव देशी शराब सोनी सौंप केवल महाराष्ट्र में विक्रय हेतु वैध का लेबल लगा प्रत्येक पाव में 180 एमएल 17.28 लीटर जप्त किया गया है। आबकारी विभाग ने 23 अक्टूबर को जयतुरा गोंड़ से 265 पाव देशी शराब फिरकी संत्री केवल महाराष्ट्र में विक्रय हेतु वैध का लेबल लगा प्रत्येक पाव में 180 एमएल मात्रा 47.7 बल्क लीटर जप्त कर किया गया। छापामार कार्रवाही में सहायक आबकारी अधिकारी सहित कर्मचारीगण शामिल थे।
रायपुर / शौर्यपथ / राज्य के बारनवापारा अभ्यारण्य क्षेत्र के अंतर्गत वन्यप्राणी सांभर के अवैध शिकार के प्रकरण में सभी 5 आरोपियों के खिलाफ प्रकरण दर्ज कर उन्हें जेल भेजा गया है। इस संबंध में अपर प्रधान मुख्य वन संरक्षक (वन्य प्राणी) अरूण पाण्डेय ने बताया कि विगत दिवस 22 अक्टूबर को वन विभाग की टीम द्वारा मुखबीर से प्राप्त सूचना के आधार पर ग्राम चरौदा के श्री अनूप दीवान तथा ग्राम पकरीद निवासी लोकनाथ दीवान के घर में तलाशी लेकर सांभर का मास जब्त किया गया। इसमें संलिप्त सभी 5 आरोपियों लोकनाथ दीवान, अनूप दीवान, पुष्पराज ठाकुर, श्रवण ठाकुर तथा दिलीप कुमार ठाकुर के विरूद्ध बारनवापारा अभ्यारण्य द्वारा वन्य जीव (संरक्षण) अधिनियम के तहत प्रकरण दर्ज कर उन्हें गिरफ्तार किया गया। इसके उपरांत आवश्यक कार्रवाई करते हुए सभी आरोपियों को जेल भेजा गया है। वनमण्डलाधिकारी बलौदाबाजार आलोक तिवारी तथा अधीक्षक बारनवापारा अभ्यारण्य आर.एस. मिश्रा के निर्देशन में गठित टीम में परिक्षेत्र अधिकारी श्री कृषाणु चन्द्रकार तथा सुरेन्द्र कुमार सिदार, विजय निषाद आदि विभागीय अमले का उक्त कार्रवाई में सराहनीय योगदान रहा।
राजनांदगांव। शौर्यपथ । ( मृनेन्द्र चौबे की रिपोर्ट ) इंडियन प्रिमियर लीग (आईपीएल) में सट्टेबाजी पर कोई लगाम नहीं लग पा रही है. शहर में कई बुकी, खाईवाल सक्रिय हैं. लगभग हर वर्ग इस सट्टेबाजी का हिस्सा बन चुका है. इस सट्टेबाजी के खेल में कई हैं जो अपनी जेबें गर्म कर रहे हैं. बुकी के तौर पर किसी *एमएस* का नाम सामने आ रहा है जो कि महाराष्ट्र के खाईवालों से मिलकर यहां आईपीएल पर दांव लगवा रहा है. बताया जाता है कि सट्टे में नफा-नुकसान की दर मोबाईल एप्प से तय की जा रही है. उक्त बुकी संस्कारधानी में रोज़ाना लाखों के सौदे ले रहा है. प्रतिष्ठित व्यवसायी भी उसके संपर्क में हैं और शहर के कुछ नामी परिवारों के युवा भी उसके ही सहारे सट्टेबाजी में हाथ आजमा रहे हैं. खबर है कि पुलिस ने पिछले दिनों बुकी राजा गिड़िया को गिरफ्तार किया था उसने भी कई औरों के नाम उगले हैं. इसके अलावा उसके पास से जब्त किए गए मोबाईल से भी पुलिस के हाथ बड़ी जानकारी लगी है. बताया जा रहा है कि पुलिस इस *एमएस* की तलाश में जुटी है.
राजनांदगांव में दबी जुबान में चर्चा यह भी है कि इस मामले में पुलिस विभाग के किसी व्यक्ति की भी मिली भगत है और इस सहयोग के बदले नए चार पहिया वाहन उपहार के लेनदेन की भी बात हो रही है । जिसकी जानकारी शायद उच्च अधिकारियों के पाश नही है । पुलिस विभाग अगर मामले की तह तक जाए तो कई चौकाने वाले खुलासे हो सकते है । कोरोना आपदा में इस तरह के सट्टा व्यपार पर लगाम लगाना पुलिस के लिए बड़ी चुनौती बनती जा रही है ।
राजशेखर नायर/शौर्यपथन्यूज
हर वर्ष 24 अक्टूबर को विश्व पोलियो दिवस मनाया जाता है । इस दिन लोगों को पोलियो के बारे में जागरूक किया जाता है|
विश्व स्वास्थ्य संगठन (डब्ल्यूएचओ)ने भारत को 27 मार्च वर्ष 2014 को पोलियो मुक्त घोषित किया है। छत्तीसगढ़ में 2002 के बाद कोई पोलियो का केस नहीं मिल है।
देश में पोलियो की रोकथाम बेहद जटिल थी , जो मज़बूत निगरानी प्रणाली, और गहन टीकाकरण अभियान के साथ सामाजिक गतिशीलता प्रयासों से संभव हुआ है। जब तक रोग समाप्त नहीं हो जाता है, भारत को सतर्क रहना होगा । अफगानिस्तान, नाइजीरिया और पाकिस्तान तीन देश हैं, ‘जहां वाइल्ड पोलियो वायरस का संचारण हो रहा है’। वर्ष 1998 के बाद से पोलियो के मामलों में ज्यादा की कमी आयी है। बाल्यावस्था में प्रतिरक्षा के उच्च स्तर को बनाए रखने के लिए समस्त देशों में राष्ट्रीय टीकाकरण दिवस के अवसर पर बच्चों को टीकाकरण किया जाता है।
प्रभारी ज़िला टीकाकरण अधिकारी रायपुर डॉ. अनिल कुमार परसाई ने बताया पोलियोमाइलाइटिस (पोलियो) अत्यधिक संक्रामक वायरल रोग हैजो कि मुख्यत: छोटे बच्चों (पांच वर्ष से कम आयु) को प्रभावित करता है। विषाणु मुख्यत: मल-मौखिक मार्ग या दूषित पानी या आहार के माध्यम से व्यक्ति-से-व्यक्ति में फैलता है यह संक्रामक वायरल रोग आंत में पनपता है, वहां से यह अपना सफर शुरू कर तंत्रिका तंत्र में पहुंच जाता है । पक्षाघात उत्पन्न करता है। शुरूआती लक्षणों में संक्रमित बच्चे को बुख़ार, थकान, सिरदर्द, उल्टी, गर्दन की अकड़न अंगों में दर्द है। दो सौ संक्रमणों में से एक संक्रमण आमतौर पर पैरों में अपरिवर्तनीय पक्षाघात उत्पन्न करता है। पक्षाघात से पीड़ितों पांच से दस प्रतिशत की मृत्यु हो जाती है, उनकी श्वास की मांसपेशियों ठीक से कार्य नहीं करती हैं।
इनएक्टिवेटेड पोलियो वैक्सीन और लाइव ओरल पोलियोवायरस वैक्सीन के उपयोग ने वर्ष 1988 में वैश्विक पोलियो उन्मूलन पहल (जीपीईआई) की स्थापना हुई थी । रोग नियंत्रण और रोकथाम के लिए रोटरी, विश्व स्वास्थ्य संगठन (डब्ल्यूएचओ), यूनिसेफ, सहित और अन्य देशों की सरकारे भी शामिल हैं ।
पोलियो की खुराक और टीकाकरण शासकीय अस्पतालों में निशुल्क किया जाता है
पोलियो का कोई उपचार नहीं है, लेकिन सुरक्षित एवं प्रभावी टीकाकरण के माध्यम से पोलियो से बचा जा सकता है। टीकाकरण कई बार किया जाता है। टीकाकरण बच्चे के जीवन को सुरक्षित करता है। पोलियो खत्म करने की रणनीति, में संचारण समाप्त न हो जाएं तथा विश्व पोलियो मुक्त न हो जाएं, तब तक हर बच्चे को टीकाकरण के माध्यम से सुरक्षित कर सकते है । संक्रमण को रोकने के लिए दो प्रकार के टीके उपलब्ध होते हैं।ओपीवी (ओरल पोलियो वैक्सीन): यह वैक्सीन संस्थागत प्रसव पर जन्म के समय मौखिक रूप से दी जाती है, फिर प्राथमिक तीन खुराकों को छह, दस और चौदह सप्ताह तथा एक बूस्टर की खुराक सौलह से चौबीस महीने की आयु पर दी जाती है। इंजेक्टबल पोलियो वैक्सीन (आईपीवी): दो आंशिक खुराकें 6 सप्ताह और चौदह सप्ताह की आयु पर दाहिनी बांह के ऊपरी भाग में दी जाती है।
Feb 09, 2021 Rate: 4.00
