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May 01, 2026
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धमतरी/ नगरी /शौर्य पथ

बच्चों के अपील का नहीं पड़ा अधिकारियों पर असर।*
एक तरफ बच्चे खेल मैदान के अस्तित्व को बचाने जूझ रहे हैं तो दूसरी तरफ अधिकारी व ठेकेदार खेल मैदान की दशा व दिशा बिगाड़ने में कोई कसर नहीं छोड़ रहे हैं।
बच्चों के अपील का भी अधिकारी व ठेकेदारों पर किसी तरह का कोई असर नहीं पड़ा और खेल मैदान पर निर्माण कार्य जारी रखे हुए हैं।
मामला नगरी के हृदय स्थल पर स्थित एकमात्र खेल मैदान श्रृंगी ऋषि हाई स्कूल का है। अधिकारियों की लापरवाही के चलते पहले से ही बदहाल श्रृंगी ऋषि हाई स्कूल खेल मैदान के अस्तित्व को मिटाने पर तुले जिम्मेदार अधिकारी व ठेकेदार मैदान पर अतिरिक्त कक्ष निर्माण कार्य कर रहे हैं निर्माण कार्य प्रारंभ होने के पूर्व ही नगर के होनहार बच्चों ने नगर प्रशासन, श्रृंगी ऋषि हाई स्कूल के प्राचार्य ,सीओ जनपद से हाई स्कूल मैदान में हो रहे थे निर्माण कार्य को रोकने की अपील की गई पर अधिकारियों पर बच्चों की अपील का कोई असर नहीं हुआ। जबकि हाई स्कूल परिसर में अतिरिक्त कक्ष के लिए काफी जमीन उपलब्ध होते हुए भी एकमात्र खेल मैदान के अस्तित्व को मिटाने का प्रयास किया जा रहा है।
प्राचार्य श्रृंगी ऋषि हाई स्कूल- झा
मैंने अतिरिक्त कक्ष हाईस्कूल मैदान में बनाने की अनुमति दी है। क्योंकि हाई स्कूल परिसर में सामने जो स्थान है ,वहां अतिरिक्त कक्ष बनेगा तो, स्कूल की सुंदरता खराब हो जाएगी।

 जांजगीर चांपा  से अवधेश टंडन की रिपोर्ट ...

 जांजगीर चांपा  / शौर्यपथ / जांजगीर जिले के बलौदा ब्लॉक के अंर्तगत ग्राम पंचायत सिवनी में पंचायत सचिव को सूचना के अधिकार की जानकारी देने के बिलंब हुआ तो गांव के पंच पति मनराखन सारथी जो कि पेशे से सरकारी स्कूल के शिक्षक है उनके द्वारा पंचायत सचिव को गाली गलौज कर जान से मारने की धमकी दे डाली।इसे लेकर सचिव में थाने में लिखित दी गयी है।जानकारी के अनुसार बलौदा ब्लाक के अंर्तगत आने वाले ग्राम सिवनी के पंचायत सचिव रामकिशन साहू जो पंचायत भवन में कार्य कर रहा था इसी बीच पूर्व उपसरपंच व पंच पति मनराखन सारथी पंचायत पहुचे फिर सूचना के अधिकारी के जानकारी मांगने लगे इतने सचिव ने समय कोविड 19 के कारण मांगी गई जानकारी अपूर्ण है करके बताया ओर पूरी जानकारी आवेदक को नही दी गई इस के कारण मनराखन सारथी पिता स्व खरचू राम सारथी के द्वारा सचिव को अपशब्द का प्रयोग करते हुए गंदी गालियां देने लगा।इसके बाद सचिव ने सूचना के अधिकार के बारे में उक्त जवाब दिया इसको सुन शिक्षक व पंच पति मनराखन सारथी तिलमिलाते हुए भड़क गया और सचिव को कार्यालय से निकलने की धमकी देने लगा इसके साथ कि नौकरी से निकलवाने की बात भी कहने लगा,इसके बाद मनरखन सारथी ने सचिव को किसी गंभीर प्रकरण में फंसाने तक की बात कह डाली। इन सब बातों को सुन सचिव ने सूझबूझ के साथ कलेक्टर एसपी व थाना चांपा में लिखित शिकायत दर्ज कराई है।

     शिक्षक एक सम्मान जनक पद हैं,जिनमें इतनी बेशुमार शक्ति होती है कि वह किसी साधारण व्यक्ति को असाधारण योद्धा बना सकता है।लेकिन यहाँ मामला ही उल्टा है आपको बता दे मनराखन सारथी पुराने शिक्षक है फिर भी इस तरह की हरकत करने से बाज नही आरहे है।इसमे पहले भी एक बार 20-04-2020 को इसी तरह बाजार पारा के सामुदायिक भवन में पंचायत सचिव रामकिशन साहू को गाली गलौज किया गया था। यह घटना होते वक्त गांव के समस्त जनप्रतिनिधि वहां मौजूद थे,एक बात जो है समझ से परे है कि एक शासकीय कर्मचारी जो कोरबा जिला के करतला ब्लाक के ग्राम सुखरीकला में पदस्थ है।एक सरकारी कर्मचारी जो ग्राम पंचायत के समस्त कार्यों में सम्मिलित होता है औऱ अपनी मनमानी करता है।क्या ऐसा संभव है अगर है तो क्यों है यह प्रश्नवाचक चिन्ह को दर्शाता है।आपको हम बता दें कि मनराखन सारथी के द्वारा सचिव को कई बार इस तरह से अभद्र व्यवहार किया जा चुका है।जिसका विरोध करते हुए सचिव में शिकायत की गई।

   शासकीय कार्यो में बाधा उत्पन्न करते हुए सचिव को जान से मारने की धमकी,,
सिवनी सचिव रामकिशन साहू ने बताया कि सिवनी गांव एक ऐसा पंचायत है जहां सिर्फ आए दिन विवाद होते रहता है,सचिव ने अपने साथ हुए इस मामले में न्याय की गुहार लगाते हुए उच्च अधिकारियों सहित थाना में शिकायत की गई है,और आगे बताया है कि अगर भविष्य में इस तरह की कोई घटना मेरे साथ होता है तो इसका जिम्मेदार मनराखन सारथी होगा ऐसा लिखित आवेदन में लिखा गया गई।अब देखना होगा कि पंचायत सचिव को किस तरह से न्याय मिल पाता है।

० क्वारेंटाईन सेंटर में समुचित व्यवस्था बनाए रखें : वर्मा
० प्रवासी श्रमिकों का मनरेगा जॉब कार्ड बनाने के दिए निर्देश
० बारिश की आपदा से बचाव के लिए एक्शन प्लान तैयार रखें

     राजनांदगांव / शौर्यपथ / कलेक्टर टोपेश्वर वर्मा ने वीडियो कांफ्रेसिंग के माध्यम से सभी एसडीएम, सीएमओ, सीईओ जनपद और राजस्व अधिकारियों से क्वारेंटाईन सेंटर की व्यवस्था, प्रवासी श्रमिकों के रोजगार तथा विभिन्न योजनाओं के संबंध में आवश्यक दिशा-निर्देश दिए। कलेक्टर ने कहा कि क्वारेंटाईन सेंटर में श्रमिकों के लिए शुद्ध भोजन, पेयजल, बिजली और साफ-सफाई की पूरी व्यवस्था होनी चाहिए। क्वारेंटाईन सेंटर में स्वास्थ्य विभाग की टीम प्रोटोकॉल का पालन करते हुए सभी श्रमिकों का नियमित स्वास्थ्य परीक्षण करें। सर्दी, खांसी, बुखार वाले श्रमिकों का सेंपल लेकर जांच कराएं। वहां ड्यूटी करने वाले कर्मचारी श्रमिकों को सोशल डिस्टेसिंग का पालन करने के लिए प्रेरित करें। मास्क लगाना और समय-समय पर साबुन से हाथ धोने की जानकारी भी दें। नोडल अधिकारी नियमित रूप से क्वारेंटाईन सेंटर का निरीक्षण करें।
कलेक्टर वर्मा ने कहा कि सीमा पर आने वाले श्रमिकों के लिए बस की सुविधा के साथ पेयजल और भोजन की पर्याप्त व्यवस्था होनी चाहिए। श्रमिकों के आवास और शौचालय की व्यवस्था होनी चाहिए। उन्होंने कहा कि अन्य राज्यों से आने वाले बहुत से श्रमिकों की क्वारेंटाईन अवधि पूरी हो गई है। इस स्थिति में मजदूरों को प्राथमिकता से रोजगार उपलब्ध कराने के लिए कार्य करें। जिन मजदूरों का जॉब कार्ड नहीं बना है उनका जॉब कार्ड बनाकर मनरेगा में काम दिलाए। कलेक्टर श्री वर्मा ने निर्देश देते हुए कहा कि अन्य राज्यों से आने वाले श्रमिकों और क्वारेंटाईन सेंटर में रूके श्रमिकों का डेटा तैयार कर विस्तृत जानकारी रखें। ग्राम पंचायतों में     मनरेगा में पर्याप्त मात्रा में कार्य स्वीकृत हों। इसमें काम करने वाले श्रमिकों को समय पर राशि का भुगतान करें। इसमें किसी भी प्रकार की शिकायत नहीं होनी चाहिए।
          कलेक्टर वर्मा ने कहा कि नगरीय निकाय क्षेत्रों में स्वच्छता का विशेष ध्यान रखें। बाजार में सोशल डिस्टेसिंग का पालन, मास्क लगाना अनिवार्य रूप से लागू करें। फिल्ड में काम करने वाले कर्मचारी, बाजारों का नियमित भ्रमण कर व्यवस्था बनाएं। शहरी क्षेत्र में आने वाले प्रवासी श्रमिक होम आईसोलेशन का कड़ाई से पालन करें। कलेक्टर श्री वर्मा ने कहा कि कोरोना के साथ ही सामान्य बीमारियों के इलाज का भी ध्यान रखें। एएनसी चेकअप, टीकाकरण, 102 महतारी एक्सप्रेस और 108 संजीवनी एक्सप्रेस की गाड़ियों का संचालन समय पर लगातार होना चाहिए। बैंकों में भीड़ कम करने के लिए बैंक सखी के माध्यम से राशि का अंतरण करने प्रेरित करें।
           कलेक्टर वर्मा ने कहा कि मानसून के मद्देनजर नाली और बड़े नालों की साफ-सफाई पर विशेष ध्यान दें। ताकि बरसात का पानी जमा न हो सके। बरसात के समय आपदा से बचाव के लिए एक्शन प्लान बनाकर तैयार रखें। खरीफ मौसम के लिए बीज का उठाव, खाद भण्डारण की व्यवस्था पहले से ही तैयार कर लिया जाए। श्री वर्मा ने सभी एसडीएम को निर्देश दिए कि रेत खदानों का निरीक्षण करें। खनन होने वाले क्षेत्रों का मार्किंग भी करें। अवैध रेत खनन करने वाले पर सख्त कार्रवाई करें। उन्होंने राशन का वितरण, वन अधिकार पट्टा, नजूल भूमि का फ्रीहोल्ड, डायर्वसन, प्रधानमंत्री किसान सम्मान निधि योजना जैसे योजनाओं को समय-सीमा में पूरा करने के निर्देश दिए। इस अवसर पर अपर कलेक्टर हरिकृष्ण शर्मा, सहायक कलेक्टर ललितादित्य नीलम, जिला पंचायत की सीईओ श्रीमती तनुजा सलाम, एसडीएम राजनांदगांव मुकेश रावटे सहित अन्य अधिकारी उपस्थित थे।

   राजनांदगांव / शौर्यपथ / नगर पंचायत छुरिया में इन दिनों भाजपा के पूर्व मंत्री राजिन्दरपाल सिंह भाटिया द्वारा सामाजिक सौहार्द बिगाड़ने के उद्देश्य से सम्प्रदाय विशेष पोस्ट वायरल करने के बाद मुस्लिम समाज द्वारा छुरिया थाना में शिकायत दर्ज कराई गई थी। जिसके खिलाफ शिकायत 11 मई को छुरिया मुस्लिम समुदाय के सदर मेराज शरीफ व मुस्लिम समुदाय के लोगों द्वारा छुरिया थाने में की गई, लेकिन थाने में भाटिया प्रेम की वजह से कार्यवाही ना होता देख 15 मई को इसकी शिकायत राजनांदगांव पुलिस अधीक्षक को की गई। जिसके बाद पुलिस अधीक्षक ने मुस्लिम समुदाय को भाटिया के खिलाफ सख्त कार्यवाही का आश्वासन दिया। जिसके बाद छुरिया पुलिस हरकत में आयी और 15 मई शाम को आरोपी राजिन्दरपाल सिंह भाटिया के विरुद्ध मामला पंजीबद्ध करते हुए भारतीय दंड संहिता 1860 की धारा 295 क धार्मिक भावना भड़काने के लिए अपराध पंजीबद्ध किया गया। जिसके बाद आरोपी राजिन्दरपाल सिंह भाटिया ने 21 मई को जिला न्यायालय में अग्रीम जमानत के लिए याचिका दायर किया, जिसे माननीय न्यायाधीश ने आरोपी राजिन्दरपाल सिंह भाटिया के आदतन कृत्यों को देखते हुए अग्रिम जमानत की याचिका को खारिज कर दिया। अब सवाल यह है कि जब 15 मई को अपराध पंजीबद्ध हो गया था तो भाटिया को गिरफ्तार क्यों नहीं किया गया। स्थानीय पुलिस द्वारा अब तक आरोपी राजिंदर पाल सिंह भाटिया की गिरफ्तारी नहीं किये जाने से मुस्लिम समाज काफी आक्रोशित है।

जान-बुझकर भाटिया को बचा रही छुरिया पुलिस ?
भाटिया का मोबाइल आज भी चालू स्थिति में है, चाहे तो मोबाइल लोकेशन के आधार पर पुलिस आसानी से उसको कभी भी गिरफ्तार कर सकती है, लेकिन पुलिस द्वारा जान-बुझकर भाटिया को गिरफ्तारी से बचाया जा रहा है, जो इस बात कि ओर इशारा करता है कि प्रदेश में कांग्रेस पार्टी के शासन होने के बाद भी अधिकारियों द्वारा भाजपा से यारी निभाई जा रही है।

सौहार्द को बिगाड़ रहा भाटिया
  आरोपी पूर्व मंत्री भाटिया द्वारा लगभग कई वर्षों से मुस्लिम समाज के खिलाफ लोगों को भड़काया जा रहा है, कभी सोशल मीडिया के माध्यम से, तो फिर कभी ओर कोई सामाजिक हरकतों से। जनप्रतिनिधि होने के बाद भी उनके द्वारा जान-बुझकर लोगों में जातिगत भेदभाव डालकर बरसों से यह व्यक्ति अपनी राजनीति चमकाते आ रहा है।
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शीघ्र गिरफ्तारी नहीं तो थाने का होगा जबर्दस्त घेराव
  भाटिया की गिरफ्तारी नहीं होने से मुस्लिम समाज के लोगों में छुरिया पुलिस के प्रति भारी नाराजगी देखी जा रही है। समाज के लोगों ने साफ साफ कहा है कि यदि आरोपी भाटिया की गिरफ्तारी शीघ्र नहीं की गई तो छुरिया सहित जिलेभर का मुस्लिम समाज स्थानीय तहसीलदार को तीन दिवस पूर्व सूचना देकर थाने का जबर्दस्त घेराव करेगा। साथ ही कानून व्यवस्था बिगड़ने की जवाबदारी छुरिया पुलिस की होगी।

भाटिया को बचाने में छुरिया पुलिस कोई कसर नहीं छोड़ रही : सलमान खान
    नगर पंचायत उपाध्यक्ष सलमान खान ने छुरिया पुलिस पर आरोप लगाया है कि आरोपी राजिन्दरपाल सिंह भाटिया को बचाने में छुरिया पुलिस कोई कसर नहीं छोड़ रही है। पूर्व में भी आरोपी के नाम से शिकायतें हुई, जिसे थाने में सुलह कराये जाते रहे हैं। कुछ महीनों पहले भी एक शिकायत आरोपी के नाम से छुरिया थाने में किया गया था, जिस पर छुरिया थाने के द्वारा न्यायालय शरण लेने हेतु 155 काट कर दे दिया गया। जिस पर भी पुलिस चाहती तो कार्यवाही कर सकती थी, लेकिन भाटिया को बचाने का कोई कसर नहीं छोड़ा गया। इसके पूर्व आरोपी पर अंबागढ़ चौकी की महिला के ऊपर अभद्र टिप्पणी करने का आरोप है। जिसका ऑडियो भी वायरल हुआ था। जिसकी शिकायत भी थाने में कई गयी थी। वर्तमान में जो शिकायत हुई उस पर जिला पुलिस अधीक्षक की सक्रियता के कारण आरोपी राजिन्दरपाल सिंह भाटिया पर भारतीय दंड संहिता 1860 की धारा 295 (क) के तहत कार्यवाही की गई। जिसके बाद से ही आरोपी को फरार करा दिया गया है, जबकि आरोपी को पूर्व में परिवहन मंत्री होने की वजह से सुरक्षा प्रदान किया गया है। अगर पुलिस चाहे तो उसके सुरक्षा में लगे जवानों से पूछताछ कर उसका पता कर सकती है, लेकिन जानबुझकर पुलिस द्वारा उसकी तालाश नहीं किया जा रहा है। अब इसका कारण क्या है ये तो वहां के थाना प्रभारी ही जानें। मैं नगर का उपाध्यक्ष होने के नाते शासन से यह मांग करता हूँ कि ऐसे आरोपी को किसी प्रकार की कोई सुरक्षा प्रदान ना कि जाए और भविष्य में इसकी सुरक्षा वापस ले ली जाए। क्योंकि इसी पूर्व मंत्री की जब भी सुरक्षा वापस लेने की बात आती है तब इसके स्वयं के द्वारा नक्सलियों के द्वारा दिये गए धमकी के लेटर व बैनर की झूठी कहानी गढ़कर शासन के लाखों रुपये का दुरुपयोग ऐसे आरोपी को सुरक्षा मुहैया कराकर किया जा रहा है। में शासन प्रशासन से प्रश्न करता हूँ कि क्या ऐसे आरोपियों को सुरक्षा देना सही है?

दुर्ग / शौर्यपथ / अमृत मिशन योजना के अंतर्गत पर्यावरण सुधार हेतु 3 करोड़ 18 लाख रु की राशि से शहर के 8 स्थानों पर उद्यान विकास कार्य प्रस्तावित है। जिसमें से वार्ड 60 कातुलबोड में 29.54 लाख से, वार्ड 45 पद्मनाभपुर में 82.59 लाख का उद्यान निर्माण शत प्रतिशत पूर्ण हो चुका है साथ ही वार्ड 13 आर्य नगर में 59.99 लाख से, वार्ड 59 नरसिंह विहार में 32.04 लाख का, वार्ड 54 पोटियाकला में 19.99 लाख से, वार्ड 38 महावीर कालोनी में 20 लाख से, वार्ड 46 पद्मनाभपुर में 18.50 लाख से व वार्ड क्रमांक 17 जवाहर नगर में 55.99 लाख से बन रहे उद्यानों का कार्य प्रगति पर है। निर्माणाधीन उद्यानों के निरीक्षण में पहुंचने पर विधायक अरुण वोरा ने कहा कि उद्यान निर्माण की श्रृंखला में गार्डन को अच्छी तरह से विकसित करने के लिए पर्याप्त राशि उपलब्ध है जिससे ग्रीन सिटी की दिशा में आगे बढ़ा जा सकेगा। निगम क्षेत्र की जनता को स्वास्थ्य लाभ के लिए मॉर्निंग एवं इवनिंग वाक के लिए सड़कों पर घूमने की आवश्यकता नहीं पड़ेगी जिससे दुर्घटना एवं प्रदूषण से भी मुक्ति मिलेगी। महापौर धीरज बाकलीवाल ने कहा कि जनस्वास्थ्य को ध्यान में रखते हुए शहर में 8 नए उद्यानों को विकसित करने के साथ ही पुराने गार्डनों का भी रख रखाव किया जाएगा यह सिलसिला लगातार जारी रहेगा। उद्यान निरीक्षण में पार्षद सतीश देवांगन, राजेश शर्मा, अंशुल पांडेय, नरेश सोमानी, मनोज डे, ललित ओसवाल, अनीता शुक्ला, नवीन जैन, रितेश जैन, कमलेश जैन नगर निगम के कार्यपालन अभियंता सुशील बाबर व उप अभियंता भीम राव मौजूद थे।

रायपुर / शौर्यपथ / रायपुर में नगर पालिक निगम बिरगांव अंतर्गत रांवाभाटा क्षेत्र में एक नये कोरोना पॉजिटिव केस पाये जाने के फलस्वरूप बंजारी नगर रांवाभाटा क्षेत्र को कंटेंटमेंट जोन घोषित किया गया है।कोरोना संक्रमण के रोकथाम एवं नियंत्रण को ध्यान में रखते हुए प्रभारी कलेक्टर श्री सौरभ कुमार ने पूर्व में आर टी ओ आफिस के पीछे चौक के पास,पश्चिम में सोम कोल्ड स्टोर गेट,उत्तर में स्वास्थ्य केंद्र रांवाभाटा रोड और दक्षिण में सेन डॉ के घर के पास को कन्टेनमेंट जोन घोषित किया है।
इस कन्टेनमेंट जोन के अंतर्गत सभी दुकानें,आफिस एवं अन्य वाणिज्यिक प्रतिष्ठान अगले
आदेश पर्यन्त तक पूर्णतः बंद रहेंगें। प्रभारी अधिकारी द्वारा कंटेन्मेंट जोन में घर पहुँच सेवा के माध्यम से आवश्यक वस्तुओं की आपूर्ति उचित दरों पर किया जाएगा। कन्टेनमेंट जोन अंतर्गत सभी प्रकार के वाहनों के आवागमन पर पूर्ण प्रतिबंध रहेगा। मेडिकल इमरजेंसी को छोड़कर अन्य किन्हीं भी कारणों से घर से बाहर निकलना प्रतिबंधित रहेगा। कन्टेनमेंट जोन में शासन के मानकों के अनुसार व्यवस्था बनाये रखने हेतु जिला पुलिस रायपुर द्वारा आवश्यक कार्यवाही सुनिश्चित किया जाएगा। जिला चिकित्सा एवं स्वास्थ्य द्वारा संबंधित क्षेत्र में शासन के निर्देशानुसार स्वास्थ्य निगरानी, सेम्पल की जाँच आदि आवश्यक व्यवस्थाएँ की जाएगी।
कन्टेनमेंट जोन में आवश्यक कार्यवाही हेतु अधिकारियों को सौपे गए दायित्व
कंटेंटमेंट जोन में आवश्यक सुरक्षा एवं ब्यवस्था के लिये अधिकारियों को दायित्व सौपे गए है।कंटेंटमेंट जोन में प्रवेश एवं निकाष की केवल 01 द्वार की व्यवस्था हेतु बेरिकेटिंग श्री एन के पाण्डेय,
कार्यपालन अभियंता लोक निर्माण विभाग, लोक निर्माण विभाग की मांग अनुसार बैरिकेटिंग हेतु बांस बल्ली की आपूर्ति, उप वनमंडलाधिकारी,रायपुर वन मंडल ,सेनेटाईजेशन तथा आवश्यक वस्तुओ की आपूर्ति व्यवस्था, श्रीकांत वर्मा आयुक्त नगर पालिक निगम बिरगांव, घरों का एक्टिव सर्विलांस, स्वास्थ्य टीम को एस.ओ.पी, अनुसार दवा, मास्क, पी.पी.ई. इत्यादि उपलब्ध कराने एवं बायोमेडिकल अपशिष्ट का प्रबंधन श्रीमती मीरा बघेल, मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी और आवश्यक वस्तुओं की उपलब्धता सुनिश्चित करने हेतु प्रणव सिंह, अनुविभागीय दंडाधिकारी रायपुर को नियुक्त किया गया है।

दुर्ग / शौर्यपथ / शनिवार का दिन दमोदा बोरई निवासी शंकरलाल साहू के लिए काला दिन साबित हो गया . एक दुर्घटना में साहू की धर्म पत्नी झामवती साहू उम्र ५८ वर्ष की मौत हो गयी वही पुत्र की भी जान जाते जाते बची .
मामला महमरा एनिकट का है जहां यह दुर्घटना घटित हुई . प्राप्त जानकारी के अनुसार मृतिका झामवती साहू ( नर्स  स्वास्थ्य विभाग - नागपुर स्वास्थ्य केंद्र ) पुत्र तेज प्रकाश साहू के साथ जिला अस्पताल दुर्ग से अपने घर अपने   निजी वाहन इंडिका cg/08 - 1486 से बोरई लौट रही थी तभी कार अनियंत्नरित होकर महमरा एनिकट पर नदी में गिर गयी . खबर की सुचना मिलते ही पुलगांव थाना हरकत में आई और आस पास के लोगो की मदद से झामवती साहू एवं तेज प्रकाश साहू को जिला अस्पाताल ले जाया गया .जहां चिकित्सक ने माँ को मृत घोषित किया और पुत्र तेज प्रकाश साहू को प्राथमिक उपचार बाद छुट्टी दे दी गयी .
पुलिस की सतर्कता से दूसरा हादसा होते होते बचा ..
पुलगांव पुलिस द्वारा दुर्घटना ग्रस्त वाहन को निकलने के लिए करें बुलवाया गया . करें द्वारा जब वाहन को निकाला जा रहा था तभी निकलते वक्त करें नदी में गिरते गिरते बची . पुलिस की सतर्कता का ही नतीजा है कि एक घटना के तुरंत बद हुई इस दूसरी घटना में कोई जान माल की हानि नहीं हुई जबकि दुर्घटना ग्रस्त वाहन को निकलते हुए देखने के लिए लोगो का हुजूम लगा हुआ था . साधुवाद उस सिपाही का जिसका ध्यान करें के झुकने की और गया और सभी को सावधान किया गया . एक पल की देरी भी एक बड़े घटना को अंजाम दे सकती थी .

दुर्ग / शौर्यपथ / शनिवार का दिन दमोदा बोरई निवासी शंकरलाल साहू के लिए काला दिन साबित हो गया . एक दुर्घटना में साहू की धर्म पत्नी झामवती साहू उम्र ५८ वर्ष की मौत हो गयी वही पुत्र की भी जान जाते जाते बची .
मामला महमरा एनिकट का है जहां यह दुर्घटना घटित हुई . प्राप्त जानकारी के अनुसार मृतिका झामवती साहू ( नर्स  स्वास्थ्य विभाग - नागपुर स्वास्थ्य केंद्र ) पुत्र तेज प्रकाश साहू के साथ जिला अस्पताल दुर्ग से अपने घर अपने   निजी वाहन इंडिका cg/08 - 1486 से बोरई लौट रही थी तभी कार अनियंत्नरित होकर महमरा एनिकट पर नदी में गिर गयी . खबर की सुचना मिलते ही पुलगांव थाना हरकत में आई और आस पास के लोगो की मदद से झामवती साहू एवं तेज प्रकाश साहू को जिला अस्पाताल ले जाया गया .जहां चिकित्सक ने माँ को मृत घोषित किया और पुत्र तेज प्रकाश साहू को प्राथमिक उपचार बाद छुट्टी दे दी गयी .
पुलिस की सतर्कता से दूसरा हादसा होते होते बचा ..
पुलगांव पुलिस द्वारा दुर्घटना ग्रस्त वाहन को निकलने के लिए करें बुलवाया गया . करें द्वारा जब वाहन को निकाला जा रहा था तभी निकलते वक्त करें नदी में गिरते गिरते बची . पुलिस की सतर्कता का ही नतीजा है कि एक घटना के तुरंत बद हुई इस दूसरी घटना में कोई जान माल की हानि नहीं हुई जबकि दुर्घटना ग्रस्त वाहन को निकलते हुए देखने के लिए लोगो का हुजूम लगा हुआ था . साधुवाद उस सिपाही का जिसका ध्यान करें के झुकने की और गया और सभी को सावधान किया गया . एक पल की देरी भी एक बड़े घटना को अंजाम दे सकती थी .

कुलेश्वर वर्मा ने दृढ़ इच्छा शक्ति से त्यागी तंबाकू सेवन की आदत

*शौर्यपथ  विशेष*

कुलेश्वर वर्मा (36) पिछले 20वर्षों से तंबाकू और तंबाकू से बने उत्पाद का सेवन कर रहे थे । तंबाकू ही उनका सब कुछ था । तंबाकू के बिना उनको लगता था एक पल भी जी नहीं पाऐंगे । लेकिन दृढ़ इच्छाशक्ति और निरंतर परामर्श ने कुलेश्वर वर्मा को 10 माह पूर्व तंबाकू और तंबाकू से बने उत्पाद के सेवन से मुक्ति दिलाई।
कुलेश्वर वर्मा वाहन प्रबंधक के रूप में एक निजी संस्था में कार्य करते हैं । जब वह आठवीं क्लास में थे तब से उनको तम्बाकू की  आदत लग गई थी । शुरुआत के दिनों में मां बाप से छुपकर स्कूल में दोस्तों के साथ तंबाकू या गुटखे का सेवन करते थे लेकिन धीरे धीरे यह आदत ऐसी पड़ गई कि इससे पार पाना एक समुद्र पार करने के बराबर हो गया ।
घर की आर्थिक स्थिति भी इतनी सुद्रण नहीं थी। शुरुआती दिनों में पिताजी के जेब से एक दो रूपये चुराकर अपनी लत को पूरा किया और कभी-कभी दोस्तों ने भी सहयोग किया । मुझे लगा भी में जो सेवन कर रहा हूं यह एक बहुत बड़ा काम है ।‘’
लेकिन धीरे-धीरे इसने शरीर को अंदर ही अंदर खोखला करना शुरू कर दिया। कुलेश्वर बताते हैं आदत इतनी खराब हो गई थी एक दिन में वह कम से कम 50 से 100 रुपए तक के तंबाकू और गुटखे का सेवन करने लगे थे। जब नौकरी शुरू की तो यह आदत और बढगई। जो भी साथी मिलता वह भी गुटखे का शौकीन होता ।
एक वर्ष  पहले कुलेश्वर ने अखबार में नशा मुक्ति को लेकर एक खबर पढ़ी जिसमें बताया गया था रायपुर में नशा मुक्ति केंद्र की स्थापना की गई है जो पंडरी के जिला अस्पताल में स्पर्श क्लीनिक कुलेश्वर ने बताया मुझमें यह खबर पढ़ कर तम्बाकू खाने की आदत छोड़ने की इच्छा जागृत हुई।
मैंने वहां जाकर जब संपर्क किया तो सोशल वर्कर अजय बैस और नेहा सोनी ने मेरा परामर्श किया। डॉ सृष्टि यदु द्वारा मुझे निकोटीन चिंगम चबाने को दी गई। नियमित रूप से मेरी काउंसलिंग और व्यायाम कराने का कार्य किया गया।‘’
तम्बाकू से मेरा मुंह भी नहीं खुलता था।  लगातार फिज़ीयो थैरिपी सलाह का पालन करने से अब कुछ आराम मिला हैं । खाना खाने में स्वाद आने लगा है और मेरा पैसा बचने लगा है । घर में और समाज में मुझे एक विजेता के रूप में देखा जाने लगा  है’’ ।
कुलेश्वर कहते है तम्बाकू से मुक्ति पाना आसान नही था । शुरुआत में अजीब सी बेचैनी,  घबराहट, और चिड़चिड़ापन होता था। रात में नींद नहीं आती थी और छोटी छोटी बातो पर गुस्सा आता था। काम करने से पहले तम्बाकू खाने की इच्छा होती थी और नही मिलने पर काम में मन नही लगता था | भूख कम हो गई और कभी कभी लगा की मस्तिष्क संतुलन बिगड़ने लगा है ।
केंद्र के परामर्शदाताओं ने तम्बाकू को छोड़ने के लिए निकोटिन गम  दिया था । साथ ही मल्टीविटामिन का टेबलेट भी को दिया ।इसके साथ कुछ घरेलू उपचार के माध्यम से भी तम्बाकू को छुड़ाने के लियें  प्रयास करवाये जैसे सुबह योग के दौरान  दालचीनी और 2 काजू, बादाम को खाने के साथ अधिक पानी पीने की सलाह दी गई । परामर्श में तम्बाकू को नकारना भी सिखाया, और मन को नियंत्रण में करने पर बल दिया गया। शुरुआत में  बहुत परेशानी हुई लेकिन फिर तम्बाकू सेवन से मुक्ति पा गया ।
कुलेश्वर को जानने वाले कहते हैं जब यह ऑफिस में आते थे तो दिनभर इनके मुंह में तंबाकू भरा रहता था इनसे बात करने की इच्छा नहीं होती थी । जब यह बात करते थे तो बदबू आती थी।
लेकिन जब से इन्होंने यह आदत छोड़ी है।
आशीष सर्राफ ,कुलेश्वर के नियोक्ता  "मुझे बहुत खुशी होती है कि मेरे यहां भी तंबाकू पर विजय पाने वाला एक योद्धा मौजूद है । मैं अब दुसरों को कुलेश्वर का उदाहरण  दे सकता हूं।
कि जब कुलेश्वर तंबाकू छोड़ सकते हैं तो क्यों ना हम सब मिलकर इस तंबाकू और तंबाकू से बने उत्पाद के सेवन से मुक्ति पाएं

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