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महासमुंद / शौर्यपथ / जिला खाद्य अधिकारी अजय यादव ने बताया कि खाद्य और मंडी विभाग के संयुक्त टीम द्वारा 13 मई 2020 को बसना विकासखंड के अंतर्गत में. चंडिका एग्रो इंडस्ट्रीज राईस मिल दुधीपाली की जाँच की गई। में. चंडिका एग्रो इंडस्ट्रीज राईस मिल के प्रोपराईटर, संचालक आशीष अग्रवाल पिता नेमीचंद अग्रवाल के द्वारा अपने धान उठाव के विरुद्ध 20276.20 क्विंटल चावल जमा किया गया है, जबकि धान उठाव के विरुद्ध 3591.26 क्विंटल चावल जमा किया जाना शेष है। खाद्य अधिकारी ने बताया कि राईस मिल के संचालक आशीष अग्रवाल की उपस्थिति में राईस मिल का भौतिक सत्यापन किया गया। भौतिक सत्यापन के पूर्व श्री आशीष अग्रवाल से मिल में उपलब्ध स्टॉक का घोषणा पत्र लिया गया। घोषणा पत्र में अग्रवाल के द्वारा बताया गया कि मिल में धान का स्टॉक 1499.20 क्विंटल, चावल 2667.90 क्विंटल तथा कनकी 200 क्विंटल तथा स्वयं की मंडी खरीदी का धान 15.07 क्विंटल होना बताया गया। भौतिक सत्यापन में धान 1500.00 क्विंटल, चावल 2769.00 क्विंटल तथा कनकी 200 क्विंटल तथा स्वयं की मंडी खरीदी का धान 15.20 क्विंटल पाया गया। इस प्रकार भौतिक सत्यापन और घोषणा पत्र में धान और कनकी में अंतर नहीं पाया गया किन्तु चावल 101 क्विंटल अधिक पाया गया।
राईस मिल के द्वारा धान उठाव हेतु अंतिम डी.ओ. जारी 23 मार्च 2020 को किया गया। उक्त अवधि के बाद संचालक में. चंडिका एग्रो इंडस्ट्रीज राईस मिल के द्वारा धान के उठाव हेतु डी.ओ. जारी नहीं किया गया है तथा उक्त राईस मिल के संचालक के द्वारा उठाव किये गए धान के विरुद्ध में शेष चावल भी 18 मार्च 2020 के बाद जमा नहीं किया गया है। राईस मिल के द्वारा उठाव किये गए धान के विरुद्ध में शेष चावल को पिछले दो माह से जमा नही किया गया और न ही अनुबंध मे शेष धान के उठाव हेतु डी.ओ. जारी करवाया गया है। कस्टम मिलिंग कार्य में में. चंडिका एग्रो इंडस्ट्रीज राईस मिल के द्वारा रूचि नही लिया जा रहा है। राईस मिल के द्वारा कस्टम मिलिंग चावल उपार्जन आदेश 2016 के प्रावधानों के अंतर्गत स्टॉक पंजी का संधारण नहीं किया गया है तथा प्रतिमाह प्रस्तुत की जाने वाली मासिक विवरणी भी प्रस्तुत नहीं किया गया है।
राईस मिल के द्वारा कस्टम मिलिंग कार्यो में रूचि नहीं लिया जा रहा है तथा भौतिक सत्यापन और घोषणा पत्र अनुसार चावल का स्टॉक 101 क्विंटल अधिक पाया गया। अधिक पाए गए 101 क्विंटल चावल को में. चंडिका एग्रो इंडस्ट्रीज राईस मिल के संचालक श्री आशीष अग्रवाल से जप्त किया गया तथा जप्तशुदा चावल को संचालक श्री आशीष अग्रवाल की सुपुर्दगी मीडिया में किया गया। में. चंडिका एग्रो इंडस्ट्रीज राईस मिल का उक्त कृत्य छत्तीसगढ़ कस्टम मिलिंग चावल उपार्जन आदेश 2016 की कंडिका 4(5) , 5(1) और 6 का उल्लंघन किया गया है जो की आवश्यक वस्तु अधिनियम 1955 की धारा 3/7 के अंतर्गत दंडनीय है। इस कारण मिलर्स के विरुद्ध नियमानुसार कार्रवाई की जा रही है।
इसी तरह सरायपाली के राईस मिल हिंदुस्तान एग्रोटेक और समलेश्वरी इंडस्ट्रीज का जांच संयुक्त विभागीय टीम के द्वारा किया गया। जांच में हिंदुस्तान एग्रोटेक राईस मिल से चावल उसना 673.50 क्विंटल, चावल अरवा 202 क्विं., धान 7197.20 क्विं., कनकी 1292.50 क्विं. जब्त किया गया है। इसी तरह समलेश्वरी राईस मिल में चावल उसना 1389.25 क्विं., धान 707 क्विं. एवं कनकी 969.50 क्विं. जप्त किया गया है। दोनों राईस मिल के संचालक भागीदार दयानंद अग्रवाल और शंकर लाल अग्रवाल सराईपाली के द्वारा धान के उठाव और चावल जमा नहीं किए जाने के कारण और शासन के कस्टम मिलिंग कार्य के स्थान पर चावल फ्री सेल का कार्य किया जा रहा है। मिलर के प्रबन्धक के द्वारा जांच समय स्टॉक पंजी प्रस्तुत नहीं किए जाने के कारण तथा कस्टम मिलिंग कार्य में लापरवाही बरतने के कारण भौतिक सत्यापन में प्राप्त समस्त धान ,चावल और कनकी को जप्त कर लिया गया है।
जिला खाद्य अधिकारी ने बताया कि खरीफ विपणन वर्ष 2019-20 में शासन द्वारा उपार्जित धान की कस्टम मिलिंग का कार्य करने हेतु पंजीयन कराने के बावजूद कस्टम मिलिंग का कार्य नहीं करने वाले जिले के 06 राईस मिलों को कलेक्टर सुनील जैन ने कारण बताओ नोटिस जारी किया गया था। कारण बताआंे नोटिस मिलने वाले राईस मिलों में मेसर्स एन एल राईस इंडस्ट्रीज महासमुन्द, मेसर्स संजय ट्रेडर्स बागबाहरा, मेसर्स अरिहंत राईस टेक बागबाहरा, मेसर्स तथास्तु इंडस्ट्रीज बागबाहरा, विराट राईस मिल बसना एवं हिंदुस्तान एग्रोटेक सरायपाली ने कारण बताआंे नोटिस का लिखित जवाब प्रस्तुत किया है, किंतु परीक्षण में जवाब समाधान कारक नहीं पाया गया। इस पर कलेक्टर ने उक्त मिलर्स को चेतावनी पत्र जारी करते हुए उन्हें 21 मई 2020 तक मिलिंग क्षमतानुसार डिलीवरी आर्डर जारी कराकर धान का शत्-प्रतिशत उठाव करने के निर्देश दिए है। समयावधि में धान का उठाव नहीं करने वाले राईस मिलों के विरुद्ध आवश्यक वस्तु अधिनियम, 1955 के तहत नियमानुसार कार्रवाई की जाएगी।
भिलाई / शौर्यपथ / प्रवासी मजदूर जो अपने घरों की ओर रवाना हो रहे हैं, उनके लिए नगर पालिक निगम भिलाई द्वारा श्रमिक सहायता केंद्र बनाया गया है जहां पर ऐसे मजदूर और श्रमिकों के लिए पानी और सूखा नाश्ता, सत्तु एवं दानदाताओं से प्राप्त फल प्रदान किया जा रहा है। नाश्ता के पश्चात ऐसे प्रवासी मजदूरों को थो?ी देर आराम करने छांव देने हेतु टेंट व कुर्सी व्यवस्था की गई है ताकि वे कुछ देर आराम करके अपने गंतव्य की ओर पुन: रवाना हो सके। नेहरू नगर गुरुद्वारा के पास श्रमिक सहायता केंद्र की स्थापना प्रवासी मजदूरों के आवागमन के साथ ही कर दी गई है ताकि अपने गंतव्य की ओर रवाना होने वाले श्रमिकों व मजदूरों को राहत प्रदान किया जा सके। आज 4 प्रवासी मजदूरों को सहायता केंद्र में बुलाकर उनके हाथों को सैनिटाइज कर सूखा नाश्ता चना, मुर्रा, मिक्सचर, फल, सत्तु का पैकेट और पानी पिलाया गया तथा जिनके पास मास्क उपलब्ध नहीं था उन्हें मास्क भी उपलब्ध कराया गया। इनके बैठने के लिए कुर्सियों की व्यवस्था की गई है तथा छाया प्रदान करने टेंट लगाया गया है। नेशनल हाइवे से गुजरने वाले श्रमिक व मजदूर जो अन्य जिलों व राज्यों से अपने घरों की ओर जा रहे हैं, उनकी मदद के लिए सहायता केंद्र को हाईवे के समीप बनाया गया है ताकि मजदूर एवं श्रमिकों को दूर से ही यह केंद्र दिखाई दे इस केंद्र में कर्मचारियों की ड्यूटी भी लगाई गई है। ऐसे लोगों की मदद करने दानदाता भी आ रहे हैं आज एक दानदाता ने 10 दर्जन केला फल इनको सहायता देने के लिए प्रदान किया! सहायता केंद्र की स्थापना होने से प्रवासी मजदूरों को इस केंद्र में राहत मिल रही है।
दुर्ग / शौर्यपथ / कैलाश नगर वार्ड 19 कैलाश नगर में नाली का होगा संधारण, और सीमेंटीकरण सड़क का होगा निर्माण। महापौर धीरज बाकलीवाल ने सोमवार को पटरीपार क्षेत्र का भ्रमण कर कैलाश नगर और शक्ति नगर में सड़क और नाली से पानी निकासी का जायजा लेकर रुके कार्यो को जल्द से जल्द करने कहा । उन्होनें राईस ब्रान आईल मिल के बीच नव निर्मित सड़क का निरीक्षण कर अधिकारियों को आवश्यक निर्देश दिये। उन्होंने निर्मित नालियों और उनके निकासी की जानकारी ली। वार्ड क्रं0 19 शहीद भगत सिंह वार्ड में कैलाश नगर में सीमेंटीकरण सड़क निर्माण का कार्य अधूरा हआ है जिसे जल्द पूरा करने करने कहा गया। ब्रान आईल मिल के पास से होकर गुजरने वाली नाली से समुचित पानी निकासी के लिए उनका संधारण कार्य जल्द से जल्द प्रारंभ करने अधिकारियों को निर्देश दिये। उन्होनें कहा बारिश के समय कहीं भी पानी का जमाव ना हो इसका अवश्य ध्यान रखें।
स्वर्गीय वीरा सिंह के नाम पर स्वार्थ न साधने की दी चेतावनी
मंगा सिंह के अध्यक्ष वाली यूनियन ही है वैधानिक
भिलाई / शौर्यपथ / बीएसपी ट्रक ट्रेलर स्टील परिवहन संघ द्वारा गत दो मई को हुए चुनाव में ट्रांस्र्पोटर अशोक जैन को उपाध्यक्ष एवं भूपेन्द्र यादव को कोषाध्यक्ष चुना गया था और इन्होंने पंजी में अपना हस्ताक्षर भी किया था, इसक बावजूद इन दोनो द्वारा गत दिवस समाचार पत्रों में अशोक जैन को संरक्षक बनाये जाने एवं भूपेन्द्र यादव को अध्यक्ष बनाये जाने का फर्जी समाचार कई अखबारों और सोशल मीडिया में प्रकाशित करवाने के कारण अशोक जैन एवं भूपेन्द यादव को बीएसपी ट्रक ट्रेलर स्टील परिवहन संघ से हटा दिया गया है और साथ ही स्व. वीरा सिंह के नाम पर स्वार्थ नही साधने की चेतावनी भी दी गई है और आमजन को यह सूचित भी किया गया है कि मंगा सिंह की अध्यक्षता वाली यूनियन ही वैधानिक है। इस मामले पर पत्रकारों से चर्चा करते हुए बीएसपी ट्रक ट्रेलर स्टील परिवहन संघ के अध्यक्ष मंगा सिंह ने बताया कि दो तीन दिन पहले कुछ स्थानीय समाचार पत्रों और सोशल मीडिया मे यह झूठी व भ्राामक खबर प्रचारित की गई कि संघ की ओर से भूपेन्द्र यादव को अध्यक्ष एवं अशोक जैन को संरक्षक चुना गया है। खबर में यह भी प्रचारित किया गया कि स्वर्गीय ट्रांसपोर्टर वीरा सिंह द्वारा बीएसपी ट्रक ट्रेलर स्टील परिवहन संघ के लिए किए गए कार्योंं को आगे बढ़ाने भूपेन्द्र यादव को अध्यक्ष और अशोक जैन को संरक्षक बनाया गया है। जबकि वास्तविकता इससे एकदम जुदा है और लोगों को भ्रमित करने के लिए स्वर्गीय वीरा सिंह के नाम का दुरुपयोग किया गया है।
यूनियन के संरक्षक प्रभुनाथ मिश्रा ने बताया कि बीएसपी से लोकल स्टील परिवहन करने वाले स्थानीय ट्रांसपोर्टर सन् 1983 से रायपुर, दुर्ग, राजनांदगांव औद्योगिक क्षेत्र में परिवहन कार्य कर रहे हैं। सन् 1985 में इन ट्रांसपोर्टरों ने मिलकर संघ का गठन किया। स्व देवसिंग इसके संस्थापक अध्यक्ष रहे। उनके बाद हैवी ट्रांसपोर्ट कंपनी के संचालक वीरा सिंह ने लंबे समय तक इस यूनियन के अध्यक्ष रहते हुए नेतृत्व प्रदान किया। उन्हीं के प्रयास से सन् 2008 में संघ का पंजीयन भी हुआ। पंजीयन के बाद ट्रांसपोर्टरों की आम राय से ए गनी खान को अध्यक्ष तथा वीरा सिंह और प्रभुनाथ मिश्रा को संरक्षक चुना गया था। लंबे अरसे तक यूनियन गनी खान की अध्यक्षता में कार्यरत रही।
भिलाई / शौर्यपथ / भिलाई केन्डू पर्वत फाउंडेशन के चेयरमेन व भाजयुमों नेता अतुल पर्वत के द्वारा आज भिलाई से सीधे बाघनदी पहुंचकर पूर्व मुख्यंत्री रमन सिंह, सांसद संतोष पाण्उेय, पूर्व सांसद अभिषेक सिंह एवं सांसद मधुसूदन यादव, खूबचंद पारख, लीलाराम भोजवानी, पूर्व महापौर शोभा सोनी की मौजूदगी में बाहर से छग आ रहे प्रवासी मजदूरों को एक हजार चप्पल और गमछा का वितरण किया गया। इस दौरान डॉ. रमन सिंह ने अतुल पर्वत की पीठ थपथपाते हुए इस संकट की घड़ी में मजदूरों के प्रति संवेदना रखने वाले इस कार्य की भूरि भूरि प्रंशसा की। इस दौरान मीडिया से चर्चा करते हुए पूर्व मुख्यमंत्री डॉ. रमन सिंह ने कहा कि ये समय राजनीतिक करने का नही है बल्कि हम सभी को मिलकर स्वच्छा से कार्य करना होगा। उन्हेांने कहा कि सिख समाज के लोग, सरपंच, व बाघनदी के आस पास के लोग बढचढ कर लोगों की मदद कर रहे हैं, वैसे भी राजनांदगांव को संस्कारधानी के रूप में माना जाता है।
रमन सिंह ने आगे कहा कि जो लोग बाहर से आ रहे है, शासन उनका थर्मल टेस्ट करवाये, जिन पंचायतों और सरपंचो को जिम्मेदारी दी गई है, उन्हें शासन फंड दें ताकि वह कोरोना वायरस से पीडित मजदूरों की क्वांरंटाईन सेंटर में लोगों की मदद कर सके। उन्हेांने आगे कहा कि विपक्ष की भूमिका निभाता रहूंगा और मैं लगातार लोगों की फोन आने पर वेस्ट बंगाल, जम्मूकाश्मीर, गुजरात के गांधी नगर सहित कवर्धा और छग के अन्य लोगों की मैं मदद कर रहा हूं, मेरे दरवाजे रात 12 भी लोगों के लिए खुले है। राज्य सरकार अपने दायित्वों से अलग न हों। केन्द्र और राज्य सरकार मिलकर जनता को बेहतर सुविधा दे सकते हैं, रेल मंत्री पियुष गोयल ने चैलेंज करते हुए कहा था कि छग से मेरे पास कोई भी रेल सेवा के लिए आवेदन पेंडिग नही है। उस पर रमन सिंह ने कहा कि भूपेश सरकार ने रेल सेवा के लिए पैसा रविवार को जमा किया है। उन्हेांने कहा कि एक रेल गाड़ी के लिए 1 लाख 60 हजार रूपये जमा करना रहता है, यदि एक करोड़ रूपये राज्य सरकार रेल के लिए जमा कर देती जो बाहर फंसे हुए मजदूर है, उनको सीधा रेल सेवा का लाभ मिल जाता।
रमन सिंह ने उदाहरण देते हुए बताया कि यूपी में दो से ढाई सौ से अधिक मजदूर रेल सेवा का लाभ लेकर अपने घरेों तक पहुंच रहे हैं। जो लोग जरूरतमंद है, मजदूर है, उन्हें सही समय पर मदद मिले, ये सब हम सबको मिलकर करना है। मैं कोई सरकार की आलोचना नही कर रहा हूं, आगे क्या कर सकते हैं, ये चिंता करने का समय है। लोग दूर दूर से पांच सौ से आठ सौ किलोमीटर पैदल चलकर आ रहे है। शासन प्रशासन को उनको बेहतर व्यवस्था देना चाहिए। पर्याप्त मात्रा में रैपिड किट भी नही है। इस अवसर पर उपस्थित लोगों में प्रीतपाल सिंह भाटिया राजा, गोल्डी भाटिया, छोटू भाटिया, जुग्नू भाटिया, बंटी भाटिया, इन्दर सिंह, अखिलेश तिवारी, कीमत लहरी, शिव ताम्रकार गुड्डू भैय्या सहित बड़ी संख्या में भाजयुमों समर्थक उपस्थित थे।
रायपुर/ शौर्यपथ / नेता प्रतिपक्ष धरम लाल कौशिक और भाजपा द्वारा धान के अंतर राशि और बोनस के सम्बन्ध में की जा रही बयान बाजी को कांग्रेस ने बेशर्मी की पराकाष्ठा बताया है। प्रदेश कांग्रेस के वरिष्ठ प्रवक्ता और संचार विभाग के सदस्य सुशील आनंद शुक्ला ने कहा कि भुपेशबघेल की कांग्रेस सरकार किसानों को अंतर राशि देने जा रही इस खीझ और पीड़ा में भी भाजपाई बयान दे रहे है।छत्तीसगढ़ की कांग्रेस सरकार के द्वारा 2500 रु प्रति कुंटल में की जाने वाली धान की खरीदी में केंद्र की मोदी सरकार द्वारा जबरिया रोक लगाने वाले भाजपाई किस मुंह से धान की अंतर राशि पर बयान बाजी कर रहे हैं।प्रदेश की जनता ने देखा है कैसे भाजपा की केंद्र सरकार धान की कीमत 2500 रु देने पर राज्य सरकार को सेंट्रल पूल के चावल नहीं लेने की धमकी दे रही थी ।मुख्यमंत्री भूपेशबघेल द्वारा प्रधानमंत्री मोदी और खाद्यमंत्री पासवान को आधा दर्जन से अधिक बात पत्र लिखने तथा व्यक्तिगत मुलाकात कर अनुरोध करने के बावजूद केंद्र सरकार छत्तीसगढ़ के किसानों को धान की कीमत 2500 रु देने की अनुमति देने को तैयार नही हुए ।मुख्यमंत्री भूपेश बघेल बार बार कहते रहे कि घोषित समर्थन मूल्य से अधिक राशि का भुगतान राज्य सरकार अपने वित्तीय संसाधनों से करेगी लेकिन भाजपा की केंद्र सरकार मानने को तैयार नही हुई ।
कांग्रेस संचार विभाग के सदस्य ने कहा कि जब केंद्र सरकार धान की कीमत 2500 रु नही देने का दबाव बना रही थी तब धर्म लाल कौशिक ,रमन सिंह ,सहित भाजपा के किसी नेता ने राज्य के किसानों के हित में कोई आवाज नही उठाया ।भाजपा के 9 लोकसभा सांसदों से भी मुख्यमंत्री ने इस सम्बंध में किसानों के हित मे केंद्र से अनुमति दिलवाने का आग्रह मुख्यमंत्री भूपेश बघेल ने किया था तब भाजपाई नेता और सांसद दलीय प्रतिबद्धता के कारण चुप्पी साधे रहे ।किसानों के हित में एक भी भाजपा नेता का कोई बयान नही अस्य था ।भाजपाई कहते रहे वायदा मोदी से पूछ कर नही किया था ।लेकिन वायदा पूरा करने में मोदी सरकार राजनैतिक अड़ंगेबाजी करेगी यह भी तो नही मालूम था।
कांग्रेस संचार विभाग के सदस्य सुशील आनंद शुक्ला ने कहा कि वायदे के अनुसार मुख्यमंत्री भूपेश बघेल ने किसानों के लिए राजीव गांधी किसान न्याय योजना शुरू की है पूर्व प्रधानमंत्री राजीवगांधी की पुण्यतिथि 21 मई से किसानों को धान के कीमत की अंतर राशि मिलना शुरू हो जाएगी ।जब किसानों को धान के कीमत की अंतर राशि मिलना शुरू हो रही तो इसमें भी भाजपा नेताओं की पीड़ा हो रही कि केंद्र के असहयोग के बाद भी कैसे राज्य सरकार किसानों को भुगतान करने जा रही है। भाजपा नेताओं की बयान बाजी बता रही कि भाजपा बौखला गयी है वह नही चाहती किसानों को भुगतान हो।
प्रदेश कांग्रेस के वरिष्ठ प्रवक्ता सुशील आनंद शुक्ला ने भाजपा नेताओं से पूछा कि कौन से दो साल के बकाया बोनस की मांग भाजपाई राज्य सरकार से कर रहे है ? कांग्रेस सरकार ने तो पहले साल धान का समर्थन मूल्य 2500 से भुगतान किया था।इस वर्ष भी अंतर राशि का भुगतान करने जा रही फिर यह 2 साल बोनस कहा से आ गया ? यह वही बकाया बोनस तो नही है जो भाजपा ने पन्द्रह साल तक किसानों से वायदा कर नही दिया था ? यह बकाया बोनस भाजपा की धोखाधड़ी का सबूत है जब जब भाजपाई इसकी बात करेंगे किसानों को याद आएगी कैसे वोट लेने भाजपा ने उनके साथ धोखा दिया था।
रायपुर/ शौर्यपथ / छत्तीसगढ़ प्रदेश कांग्रेस कमेटी के प्रवक्ता विकास तिवारी ने पूर्व मुख्यमंत्री डॉक्टर रमन सिंह के उस बयान पर जिसमें कि उनके द्वारा कहा गया कि 5000 से अधिक मजदूर जम्मू कश्मीर राज्य से प्रदेश लौट रहे हैं इस हेतु उन्होंने केंद्रीय रेल मंत्री पीयूष गोयल को आभार व्यक्त किया है परंतु उन्होंने यह नहीं बताया कि इन मजदूरों जैसे कितने लाख मजदूर उनके 15 साल के उनके ही शासन काल के चलते अपनी माटी,अपनी धरती छोड़कर अन्य प्रदेशों में रोजी-रोटी कमाने के लिए गए हुए थे पूर्व मुख्यमंत्री डॉक्टर रमन सिंह के कार्यकाल में 40त्न से अधिक की आबादी गरीबी रेखा के नीचे गुजर बसर करने को मजबूर थी यह आंकड़ा रिजर्व बैंक ऑफ इंडिया ने जारी किया था।
तिवारी ने कहा कि कोरोना ष्टह्रङ्कढ्ढष्ठ 19 महामारी के समय गरीब मजदूरों को मदद एवं आर्थिक सहायता पहुंचाने में नाकाम केंद्र की नरेंद्र मोदी सरकार के बचाव में भारतीय जनता पार्टी के राष्ट्रीय उपाध्यक्ष एवं पूर्व मुख्यमंत्री डॉ रमन सिंह उतर गए हैं और केवल और केवल बयानबाजी के अलावा कुछ भी नहीं कर रहे हैं विकास तिवारी ने कहा कि पूर्व मुख्यमंत्री डॉक्टर रमन सिंह के शासनकाल में देश की सर्वाधिक झुग्गी झोपड़ी जिसका प्रतिशत 18त्न से अधिक था लोग रहने को मजबूर थे देश की प्रति व्यक्ति आय के सबसे पिछड़े राज्यों में छत्तीसगढ़ राज्य शुमार था अमीरों एवं गरीबों की आय में बहुत ज्यादा विषमता भी थी भाजपा के पूर्व मुख्यमंत्री डॉक्टर रमन सिंह के शासनकाल में 24 लाख 34 हजार 773 पंजीकृत बेरोजगार और इतने ही पंजीकृत बेरोजगार इस प्रदेश में थे जबकि प्रदेश की जनसंख्या दो करोड़ पचास लाख थी यह पढ़े लिखे बेरोजगार अपनी रोजी-रोटी चलाने के लिए देश के विभिन्न राज्यों जम्मू- कश्मीर,गुजरात,उत्तरप्रदेश,कर्नाटक प्रदेश,तमिलनाडु,महाराष्ट्र जाने को मजबूर हुए इसका भी श्रेय तत्कालीन भाजपा की रमन सरकार को ही जाता है।
तिवारी ने कहा कि आज भारतीय जनता पार्टी और उनके पूर्व मुख्यमंत्री डॉक्टर रमन सिंह मजदूरों की चिंता तो कर रहे हैं लेकिन यह मजदूर इनके ही शासनकाल में छत्तीसगढ़ राज्य को छोडऩे के लिए मजबूर हुए थे इन माटी पुत्र मजदूरों को सकुशल वापस लाने का काम उठाने का बीड़ा मुख्यमंत्री भूपेश बघेल ने उसी प्रकार उठाया है जिस प्रकार गंगा को स्वर्ग से धरती में लाने का काम भागीरथी मुनि ने किया था। रमन राज में छत्तीसगढ़ राज्य के 50 लाख से अधिक बेरोजगार जो कि पढ़े लिखे थे उनमें से ही लाखों लोग प्रदेश छोड़कर अन्य राज्यों में अपनी रोजी रोटी कमाने के लिए मजबूर हुए आज जब कोरोना महामारी के समय मनरेगा के तहत 20 लाख से अधिक लोगों को रोजगार देने का मुख्यमंत्री भूपेश बघेल और उनकी सरकार ने मनरेगा के तहत किया है।यह बात भारतीय जनता पार्टी के राष्ट्रीय उपाध्यक्ष और पूर्व मुख्यमंत्री डॉक्टर रमन सिंह को नागवार गुजर गया क्योंकि इनके समय ही मजदूरों के साथ अत्याचार किया जाता था इनके थाली से चावल की चोरी की जाती थी जो कि नान घोटाले के रूप में पूरे देश और विदेश में जाना जाता है।
congress प्रवक्ता ने पूर्व मुख्यमंत्री डॉक्टर रमन सिंह से अनुरोध किया है कि कोरोना महामारी को छत्तीसगढ़ राज्य में पांव पसारने से रोकने के लिए ओछी राजनीति छोड़कर स्वस्थ एवं जनहित की राजनीति करने की आवश्यकता है और क्योंकि पूर्व मुख्यमंत्री डॉ रमन सिंह भारतीय जनता पार्टी के राष्ट्रीय उपाध्यक्ष है और केंद्र में उनके ही पार्टी की सरकार है तो छत्तीसगढ़ के मुख्यमंत्री भूपेश बघेल के द्वारा मांगी गई 30 हजार करोड़ रुपयों की राशि तत्काल प्रदेश को दिलवाने के लिए मदद करनी चाहिए जिससे कि प्रदेश की अर्थव्यवस्था पटरी पर आ सके और जो प्रदेश से बाहर अन्य राज्यों से मजदूर आ रहे हैं
उनको भी प्रदेश में ही रोजगार देने के लिए नए नए कार्यों का सृजन किया जा सके केवल और केवल बयान वीर की राजनीति करने से इन गरीब मजदूरो को कुछ हासिल होगा और ना जो पीडि़त मजदूर जो अपने प्रदेश वापस आ रहे हैं जो भाजपा के शासनकाल में प्रदेश छोड़ कर गए थे उन्हें कोई बयानबाजी से लाभ होगा।
राजनांदगांव / शौर्यपथ / कलेक्टर जयप्रकाश मौर्य ने आज लोगों के लिए जारी अपील में बताया कि कोरोना (कोविड-19) अत्यधिक संक्रमित वायरस जनित रोग है। यह बीमारी मुख्य रूप से हाथ, मुंह, नाक, आंख के माध्यम से हमारे शरीर में पहुंचती है। राजनांदगांव जिला महाराष्ट्र और मध्यप्रदेश की सीमा से लगता है।
प्रतिदिन जिले की सीमाओं में हजारों की संख्या में प्रवासी आ रहे हैं। कुछ सामाजिक संगठनों द्वारा मानवता के नाते प्रवासी मजदूरों को भोजन पैकेट भी प्रदान किया जा रहा है, जो सराहनीय कार्य है। लेकिन सहयोग करते समय कोरोना संक्रमण से बचने के सभी उपायों को अपनाना अत्यंत जरूरी भी है। उन्होंने कहा कि गीला खाद्य पदार्थ, केला, पानी पाऊच देने पर श्रमिक या प्रवासी खाद्य पदार्थ का उपयोग करने के बाद रोड या बसाहट के आसपास फेंक देते हैं। इन पैकेटों में मजदूरों से संपर्क/लार इत्यादि होने से कोरोना संक्रमण का मुख्य कारण हो सकता है। जिससे जिले में संक्रमण फैल सकता है। समाजसेवियों को सामग्री वितरण में प्रोटोकाल का कड़ाई से पालन करना अत्यंत आवश्यक है।
समाजसेवियों को संबंधित एसडीएम को लिखित सूचना के पश्चात् ही सामग्री का वितरण करना चाहिए। बिना सूचना के भोजन वितरण का कार्य न करें। यह भी कोशिश करें कि सूखा खाद्य पदार्थ (चना, मुर्दा, नमकीन, बिस्किट, गुड़ इत्यादि) का वितरण हो। यदि फल वितरण करना है तो ऐसे फल दें, जिसके खाने के बाद अवशेष नहीं बचता है। यदि गरम खाना/लंगर चलाया जाता है तो आवश्यक प्रोटोकाल का कड़ाई से पालन करना जरूरी है। प्रोटोकाल का उल्लंघन होने पर समाजसेवी संगठन के विरूद्ध कार्रवाई की जा सकती है। खाना पैकेट में दें, खाना लंगर में निर्धारित स्थल में पैकेट में देना चाहिए। लंगर स्थल चारों ओर से घिरा होना चाहिए। पैकेट का कचरा लंगर/भोजन वितरण स्थल में रखी पेटी में ही डाला जाय। लंगर/भोजन वितरण स्थल में पैकेट एक टेबल में रखें। जरूरत मंद व्यक्ति पैकेट उठाएंगे और वहीं खाएंगे डस्टबिन में डालेंगे तभी वहां से जाएंगे।
डस्टबिन में सोडियम हाइपोक्लोराईट का छिड़काव स्प्रे से किया जाए। इसके लिए लंगर संचालकों को स्प्रे की व्यवस्था करनी होगी। डस्टबिन के पैकेट को डिस्पोज करने वाले व्यक्तियों को मास्क (एन-95), ग्लव्स, पीपीई किट का उपयोग करना होगा। कचरे को किसी भी स्थिति में खुले स्थान में न फेंके बल्कि गहरे गड्ढे में फेंके तथा मिट्टी से ढकें। जिस वाहन में कचरा का परिवहन किया गया है, उसे प्रत्येक चक्र के पश्चात सोडियम हाइपोक्लोराईट से सैनिटाईज करना जरूरी है। कचरे का निराकरण करने वाले कर्मियों का प्रत्येक सप्ताह रेपिड किट से जांच करें। जहां तक संभव हो सूखा खाद्य पदार्थ का वितरण ही करें। कचरे के निपटान के लिए सीएमओ या आयुक्त से संपर्क करें। रेन बसेरा राजनांदगांव का भ्रमण कर इस संबंध में जानकारी ले सकते हैं।
प्रोटोकाल का पालन नहीं करने तथा संक्रमण फैलाने के कारण ऐपिडैमिक एक्ट आपदा प्रबंधन अधिनियम के प्रावधानों का कड़ाई से पालन नहीं करने के कारण कार्रवाई की जा सकती है। आप से अनुरोध है, जरूरतमंद की मदद करें तथा खुद को और समुदाय को भी सुरक्षित रखने में सहयोग करें।
धमतरी शौर्यपथ
छत्तीसगढ़ में स्वसहायता समूह की महिलाएं दिनोंदिन नया और अनोखा काम कर रही है। धमतरी जिले के विकासखंड नगरी के ग्राम पंचायत सिहावा की ओम महिला स्वसहायता समूह न केवल आर्थिक मोर्चे पर आत्मनिर्भर है बल्कि अपने कौशल, आत्मविश्वास और मेहनत के बल पर महिला सशक्तिकरण की नई कहानी गढ़ रही है। महिलाओं की कुशलता और आत्मविश्वास ने पुरूषों के समकक्ष खड़ा कर दिया है। समूह के अध्यक्ष व एफ. एल. सी. आर. पी. श्रीमती संध्या मानिकपुरी द्वारा स्वरोजगार शुरू करने से पहले समूह की सभी महिलाओं को योजना से संबंधित जानकारी दी जाती है।
कोरोना आपदा के मद्देनजर छत्तीसगढ़ शासन की महत्वाकांक्षी योजना की महत्वपूर्ण जानकारी नारी शक्ति संगठन भीतररास के स्वसहायता समूह की महिलाओं को दिया गया। एफ. एल. सी. आर. पी. श्रीमती संध्या मानिकपुरी ने लाॅकडाउन के दौरान कोरोना संक्रमण से निपटने शासन के गाइड लाईन अनुसार सभी महिलाओं को सोशल डिस्टेंसिंग का पालन करने तथा फेसमास्क लगाकर कार्य करने कहा गया। स्वच्छता हेतु हैण्डवाश, सेनेटाइजर, साबुन से हाथ धोने की जानकारी दी गई। साथ ही उन महिलाओं को वित्तीय साक्षरता, बचत बैंक लिंकेज फार्म भराना, बैंक खाते में कम से कम 350 रूपये जमा रखने तथा बीमा कराने के लिए प्रोत्साहित किया गया।
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