August 24, 2026
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    राजनांदगांव / शौर्यपथ / कलेक्टर  जयप्रकाश मौर्य के निर्देशानुसार जिला आयुर्वेद अधिकारी डॉ. अरविन्द मरावी ने 18 से 31 मई 2020 तक जिले के विभिन्न आयुर्वेद चिकित्सकों की ड्यूटी बागनदी चेक पोस्ट पर लगाई है। चिकित्सकों द्वारा बागनदी चेक पोस्ट में कोरोना वायरस के रोकथाम एवं स्क्रीनिंग का कार्य किया जाएगा। इस संबंध में जारी आदेश के अनुसार 18, 23 एवं 28 मई 2020 को प्रात: 8 बजे से दोपहर 2 बजे तक डॉ. हर्षा दुबे, दोपहर 2 बजे से रात्रि 8 बजे तक डॉ. हर्षा चौरसिया तथा रात्रि 8 बजे से प्रात: 8 बजे तक डॉ. तपेश्वर सिंह की ड्यूटी लगाई गई है। 19, 24 एवं 29 मई 2020 को प्रात: 8 बजे से दोपहर 2 बजे तक डॉ. आरती कावले, दोपहर 2 बजे से रात्रि 8 बजे तक डॉ. योगेश्वरी ठाकुर, रात्रि 8 बजे से प्रात: 8 बजे तक डॉ. हरीशशरण साहू की ड्यूटी लगाई गई है।
        इसी तरह 20, 25 एवं 30 मई 2020 को प्रात:8 बजे से दोपहर 2 बजे तक डॉ. प्रज्ञा सक्सेना, दोपहर 2 बजे से रात्रि 8 बजे तक डॉ. अन्नपूर्णा मिश्रा, रात्रि 8 बजे से प्रात: 8 बजे तक डॉ. सुरेन्द्र कुमार मेश्राम एवं 21, 26 एवं 31 मई 2020 को प्रात: 8 बजे से दोपहर 2 बजे तक डॉ: हर्षा बरैया, दोपहर 2 बजे से रात्रि 8 बजे तक डॉ. यामिनी शर्मा, रात्रि 8 बजे से प्रात: 8 बजे तक डॉ. नरोत्तम राम नेताम तथा 22 एवं 27 मई 2020 को प्रात: 8 बजे से दोपहर 2 बजे तक डॉ. वैशाली महाकालकर, दोपहर 2 बजे से रात्रि 8 बजे तक डॉ. रूबिना शाहिन अंसारी, रात्रि 8 बजे से प्रात: 8 बजे तक डॉ. दिनेश कुमार सोनी की ड्यटी लगाई गई है।

    *टाटीबंध चौक और रेलवे स्टेशन में मज़दूरों से मिलकर जाना उनका हाल

    मजदूरों की हर संभव सहायता करने अधिकारियों को निर्देश

       रायपुर / शौर्यपथ / मुख्यमंत्री  भूपेश बघेल के निर्देशानुसार  कोरोना संक्रमण की रोकथाम के लिए शनिवार और रविवार को पूर्ण लॉक डाउन का निर्णय लिया गया है। राजधानी रायपुर में कानून व्यवस्था का जायजा लेने  गृह मंत्री ताम्रध्वज साहू ने आज प्रमुख चौक चौराहों का निरीक्षण किया। उनके साथ वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक श्री आरिफ शेख भी मौजूद थे। गृहमंत्री श्री साहू ने टाटीबंध चौक और रेलवे स्टेशन पर दूसरे राज्यों के छत्तीसगढ़ में फंसे मज़दूरों से उनका हाल चाल जाना और उनके किए गए व्यवस्था के बारे में  जानाकरी ली।  झारखंड और उत्तर प्रदेश के मज़दूरों ने बताया कि यहाँ की व्यवस्था ठीक है। हमारे लिए  खाने-पीने आदि की व्यवस्था की गई  है। मजदूरों ने बताया कि उन्हें उनके गृह राज्य भेजने की व्यवस्था की जा रही है। 

       मंत्री  साहू ने पुलिस और जिला प्रशासन के अधिकारियों से कहा कि दूसरे राज्य के मजदूर हमारे मेहमान हैं। उन्होंने ने मजदूरों की हर सम्भव मदद करने   अधिकारियों को आवश्यक निर्देश दिए। गृह मंत्री ने कहा कि मुख्यमंत्री के मंशा के अनुरूप कोई भी मज़दूर को परेशानी न हो। सभी के लिए उचित व्यवस्था करने का आदेश है विभिन्न विभागों के अधिकारियों को दिया गया है। इसीलिए आज मज़दूरों का हाल चाल जानने आया था। श्री साहू ने  और मज़दूरों से बात की और उसके लिए की गई  व्यवस्था से संतुष्ट हुवे। गृहमंत्री ने चौक चौराहों में सुरक्षा व्यवस्था में लगे जवानों से भी बात की और उनकी समस्याओं के बारे में भी पूछ की। उन्होंने ड्यूटी में तैनात जवानों का हौसला अफजाई किया।

        रायपुर / शौर्यपथ / छत्तीसगढ़ में व्यापक स्तर पर शुरू किए गए मनरेगा कार्यों से ग्रामीण श्रमिक राहत में हैं। लॉक-डाउन के मौजूदा दौर में इसने न केवल उनकी रोजगार की चिंता दूर की है, बल्कि विपरीत परिस्थितियों में परिवार के भरण-पोषण के लिए आर्थिक संबल भी प्रदान किया है। सामुदायिक और व्यक्तिमूलक आजीवन संवर्धन के कार्यों के तहत जल संरक्षण, कृषि, उद्यानिकी और पशुपालन को मजबूत करने विविध परिसंपत्तियों का निर्माण किया जा रहा है। इन कार्यों में अभी सीधे रोजगार के साथ ही मनरेगा के तहत निर्मित हो रही परिसंपत्तियों से भविष्य में जीविकोपार्जन के बेहतर संसाधन मिलेंगे।
    बस्तर जिले में भी मनरेगा कार्य जोरों पर है। वहां संचालित विभिन्न कार्यों में अभी 31 हजार 397 श्रमिक काम कर रहे हैं। कार्यस्थलों पर सवेरे पांच बजे से ही श्रमिकों की चहल-पहल शुरू हो जाती है। सुबह पांच से आठ बजे के बीच ये अपने-अपने हिस्से का काम खत्म कर धूप तेज होने के पहले ही घर लौट आते हैं। कोविड-19 से बचाव के लिए मजदूर मुंह ढंकने के लिए मास्क या गमछा का इस्तेमाल कर रहे हैं। परस्पर शारीरिक दूरी बनाए रखने के दिशा-निर्देशों के पालन के साथ ही सभी कार्यस्थलों पर साबुन से हाथ धुलाई की व्यवस्था की गई है।
    बस्तर जिले में करीब छह हजार प्रवासी मजदूरों की घर वापसी की संभावना है। इनकी क्वारेंटाइन अवधि पूरी होने के बाद काम की मांग करने वालों को भी तत्काल रोजगार उपलब्ध कराने की तैयारी है। जिनके पास मनरेगा जॉब-कॉर्ड नहीं हैं, उनके नए जॉब-कॉर्ड बनाए जाएंगे। चालू वित्तीय वर्ष 2020-21 में बस्तर जिले में मनरेगा के लिए 94 करोड़ रूपए का लेबर बजट प्रावधानित है। पिछले वित्तीय वर्ष 2019-20 में वहां मनरेगा कार्यों में 61 करोड़ रूपए से अधिक की राशि खर्च की गई है।

     

        मनरेगा के तहत गांवों में जल संरक्षण और आजीविका संवर्धन के कार्य प्राथमिकता से स्वीकृत किए जा रहे हैं। सभी विकासखण्डों में निजी डबरी, कुआं, भूमि सुधार, मेढ़ बंधान, तालाब निर्माण, पशु शेड निर्माण, गौठान निर्माण, चारागाह निर्माण, शासकीय भूमि पर वृक्षारोपण, व्यक्तिमूलक फलदार वृक्षारोपण, आंगनबाड़ी भवन निर्माण, हितग्राहियों के लिए बकरी शेड, मुर्गी शेड, महिला समूह के माध्यम से नर्सरी में पौध निर्माण, सिंचाई के लिए नाली निर्माण, गांव से जल निकास के लिए नाली निर्माण, बोल्डर डेम, चेक डेम, गेबियन निर्माण तथा महिला समूह के लिए वर्क-शेड निर्माण जैसे काम कराए जा रहे हैं।

       रायपुर / शौर्यपथ / ‘पढ़ई तुंहर दुआर’ कार्यक्रम की सफलता को देखते हुए अब इसमें कोई संदेह नहीं कि यह कार्यक्रम भविष्य में शिक्षा का सशक्त माध्यम बनेगा। इस कार्यक्रम ने कोरोना संक्रमण जैसी संकटपूर्ण और लॉकडाउन की स्थिति में विद्यार्थियों को बेहद सहज तरीके से घर बैठे अध्ययन-अध्यापन की सुविधा उपलब्ध कराने के साथ ही उनके सर्वांगीण विकास में भी मददगार साबित हुआ है। पढ़ाई के साथ-साथ बच्चों को इस पोर्टल के माध्यम से अपनी कला एवं रूचि को संवारने का अवसर मिला है। छत्तीसगढ़ शासन स्कूल शिक्षा विभाग द्वारा संचालित ऑनलाइन शिक्षा पोर्टल ‘पढ़ई तुहर दुआर’ कार्यक्रम के तहत राज्य शैक्षिक अनुसंधान एवं प्रशिक्षण परिषद (एससीईआरटी) में संचालित भूगोल, सामाजिक विज्ञान, गणित की ऑनलाइन कक्षाओं में 3242 छात्र छात्राएं सम्मिलित हुए।
    कक्षा 10वीं के सामाजिक विज्ञान विषय की ऑनलाइन पढ़ाई के दौरान एससीईआरटी के संचालक श्री जीतेन्द्र कुमार शुक्ला ने कक्षा से जुड़े छात्र-छात्राओं के साथ ऑनलाइन शिक्षा पोर्टल ‘पढ़ई तुहर दुआर’ कार्यक्रम व ऑनलाइन कक्षा के अनुभव के बारे में चर्चा की। उपस्थित छात्र-छात्राआंे ने इसे एक नया रोचक अनुभव बताया।
    आज वैश्विक बीमारी के चलते स्कूली बच्चों की पढ़ाई पर भी अब असर दिखने लगा है, क्योंकि ग्रीष्मकालीन पाठ्यक्रम प्रारंभ करने का समय निकल चुका है और आने वाले सत्र की तैयारी शुरू नहीं हो पा रही है। स्कूल शिक्षा विभाग द्वारा बच्चों की पढ़ाई की रूकावट को दूर करने के लिए एक ऐतिहासिक पहल की है। यूं तो बहुत से ऑनलाइन शिक्षा के कार्यक्रम अनेक सोशल मीडिया साइट पर उपलब्ध हैं, लेकिन छत्तीसगढ़ के पाठ्यक्रम अनुसार ऑनलाइन शिक्षा उपलब्ध होना एक अभिनव पहल है। जिसके अंतर्गत एक वेब पोर्टल का निर्माण किया गया है। जिसमें बच्चे अपनी कक्षा के विषयों का चयन कर उसका घर बैठे आसानी से अध्ययन कर रहे हैं।
    ‘पढ़ई तुहर दुआर’ के इस पोर्टल का विधिवत उद्घाटन मुख्यमंत्री बघेल द्वारा विगत माह 7 अप्रैल को किया गया था। आज एक माह बाद ही इसकी सफलता का आंकड़ा 27 करोड़ पेज व्यूव छू चुका है। जिसमें लगभग 20 लाख विद्यार्थी पंजीयन करवाकर एक लाख 70 हजार से अधिक शिक्षकों से शिक्षा प्राप्त कर रहे हैं। इस ऑनलाइन शिक्षा का लाभ सरकारी स्कूल और प्राइवेट स्कूल दोनों ही के छात्र ले रहे हैं। ‘पढ़ई तुहर दुआर’ का यह पोर्टल सीजीस्कूलडॉटइन पर उपलब्ध है। छात्र इस साइट के द्वारा अपनी सुविधानुसार मोबाइल लैपटॉप या टैब पर पढ़ाई कर रहे हैं। इस वेब पोर्टल पर ऑनलाइन कक्षाओं का संचालन आकर्षक तरीके से किया जा रहा है जिसमें छात्र अपनी कक्षा और विषय चयनित कर उस ऑनलाइन कक्षा से जुड़ते हैं और शिक्षकों के साथ परस्पर संवाद भी करते है एक तरह से वास्तविक कक्षा का स्वरूप है।
    जिस तरह वास्तविक कक्षाओं में बच्चों को होमवर्क दिया जाता हैं, उसी तरह से इसमें भी होमवर्क दिया जाता है। जिसे बच्चे पीडीएफ फॉर्मेट में अपना होमवर्क पोर्टल पर अपलोड कर लेते हैं और शिक्षक उसे जाँच कर फीडबैक देते है। बिना किसी खर्च के तैयार की गई ये बेबसाइट बच्चों को भी निःशुल्क उपलब्ध हैं।

    रायपुर / शौर्यपथ / राज्यपाल सुश्री अनुसुईया उइके ने कोविड-19 के बचाव में एनसीसी कैडेट्स द्वारा किए जा रहे सहयोग की सराहना की है। उन्होंने कहा है कि इस समय देश-प्रदेश कोरोना संकट का सामना कर रहा है। इन परिस्थितियों में एनसीसी कैडेट्स द्वारा लोगों को इस बीमारी के प्रति जागरूक किया जा रहा है। आम लोगों को सोशल डिस्टेसिंग का पालन कराया जा रहा है। उनके द्वारा यातायात व्यवस्था संभालने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई जा रही है।
    राज्यपाल ने कहा कि एनसीसी युवाओं में राष्ट्रभक्ति का भाव पैदा करता है तथा उन्हें संकटापन्न स्थितियों का सामना करने के लिए प्रशिक्षण भी देता है। ऐसा प्रशिक्षण का ही प्रभाव है कि आज एनसीसी कैडेट्स अंतर्राष्ट्रीय आपदा के समय कंधा से कंधा मिलाकर कार्य कर रहे हैं। उन्होंने कहा कि अभी कोरोना से लंबी लड़ाई लड़ना है। एनसीसी कैडेट्स अपना स्वयं का ध्यान रखें और आम जनता को कोरोना के प्रति जागरूक करें।

    अवधेश टंडन की रिपोर्ट -

     मालखरौदा / शौर्यपथ / विदित हो कि मालखरौदा सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र का विवादों से हमेशा नाता रहा है यही कारण है कि आज भी यहां विवाद रुकने का नाम नहीं ले रहा है मामला है मालखरोदा उप स्वास्थ्य केंद्र अंतर्गत आने वाले फगुरम प्राथमिक स्वस्थ केंद्र क्या जहा डॉक्टर सेट स्टाफ की मनमानी चरम सीमा पर है यहां के डॉक्टर स्टाफ लगातार नदारद रहते थे जिसकी सूचना मीडिया कर्मियों को मिलने पर लगातार पिछले कई दिनों से इस पर खबर चलाई , मामला था फागूराम प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र के कर्मचारी द्वारा स्वास्थ्य केंद्र को अनाथ छोड़ कर लंच पर जाने का जिस पर हमने लगातार चिरनिंद्रा में सोए उच्चाधिकारियों को जगाने कई खबरों का प्रकाशन किया जिसके भी उच्चाधिकारियों को सांप सूंघ गया था या प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र के कर्मचारियों पर कार्रवाई करने हाथ-पैर फूल रहे थे या यूं कहें कि आपको मालखरौदा क्षेत्र के जनप्रतिनिधि या उनके आकाओं का डर था,कि फगुरम में कार्रवाई से आपकी नौकरी पर खतरा न पड़ जाये। यही वहज ही नजर आता है कि प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र प्रोग्राम के लापरवाह डॉक्टरों को अभयदान देते रहे, मामला जांजगीर सी एम एच ओ के संज्ञान में लाने के बाद उन्होंने ने भी 3 दिन में कार्रवाई करने का भरोसा दिया, पर कोरोना महामारी के इस दौर में साहब गांधी की इतनी किल्लत की टेबल के नीचे कुछ भी आये। और एक दिन अचानक खबर आई कि मालखरौदा बीएमओ ने अपने लावलश्कर के साथ औचक निरीक्षण किया और प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र के प्रभारी व कर्मचारियों को क्लीन चिट दे दी।
    औचिक निरीक्षण, बात कुछ हजम नही होती,ऐसे में सवाल उठता है साहब ?
    लगातार मीडिया में खबर प्रकाशन के बाद क्या फगुरम स्वास्थ्य केंद्र से अधिकारी और कर्मचारी क्या गायब रहेंगे जो आप औचिक निरीक्षण पर पहुंचे। क्या यह नही हुआ होगा कि आपके वहा पहुँचने से पहले किसी ने अंदुरूनी सूचना नही दी होगी क्योंकि साहब भी तो डॉक्टर है।
    कार्रवाई से बचाने औचक निरीक्षण का ड्रामा क्यों?
    इस पूरे मामले में देखा गया है कि अधिकारियों से लेकर मालखरौदा क्षेत्र के जनप्रतिनिधियों तक ने फगुरम प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र के कर्मचारियों का काफी समर्थन किया है और यही वजह है कि औचक निरीक्षण कर उन्हें अभयदान दे दिया गया क्या उन्हें प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र को भगवान भरोसे छोड़ कर खांना खाने एक साथ जाने के लिए जवाब तलब नही करना चाहिए था।
    जनप्रतिनिधियों के समर्थन पर हौसले है बुलंद
    बता दे कि मीडिया में लगातार खबर प्रकाशन के बाद मालखरौदा क्षेत्र के कई जनप्रतिनिधियों का भी फोन मालखरौदा क्षेत्र के रिपोर्टरों तक पहुंची है और उन्हें फगुरम प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र की खबर रोकने तक की बात कही गई परंतु साहब सवाल है जनता की जिंदगी का और यही वजह है कि लगातार इस पर खबर प्रकाशन की गई।

    विनोद रायसागर की रिपोर्ट ..
    मुंगेली / शौर्यपथ / देश में कोरोना संकट के कारण साफ़ सफाई का विशेष ध्यान रखा जा रहा है एवं सोशल डिस्टेंस और सुरक्षा की बात पर हर कोई पहल कर रहा है किन्तु इन सबके बीच मुंगेली के नमकीन पदार्थ निर्माता राम तलेजा के लघु उद्योग नमकीन निर्माण फेक्ट्री में जिस तरह से खाने के सामान के निर्माण में अनियमितता और गंदगी बरती जा रही है उससे तो ऐसा प्रतीत होता है कि व्यापारी को किसी के जान से कोई मतलब नहीं स्वास्थ्य से मतलब नहीं मतलब है तो सिर्फ रूपये कमाने से . रुपया कमाने की ऐसी प्रवित्ति वाले व्यापारी पर जिला प्रशासन ने कार्यवाही तो कर दी किन्तु क्या सिर्फ कार्यवाही ही ऐसे व्यापारी की सजा है जिसे संकट में भी सिर्फ कमाई की चिंता है वो भी आम जनता के स्वास्थ्य के साथ खिलवाड़ करके .
    मामला है नया बस स्टैंड मुंगेली के नमकीन व्यापारी राम तलेजा के सलौनी नमकीन फैक्टरी मे छापेमारी की कार्रवाई की गई. छापेमारी के दौरान फैक्टरी मे सलौनी निर्माण हेतु उनके कर्मचारी द्वारा बिना मास्क लगाये एवं पैर से मैदा को मिलाया जा रहा था और सलौनी तला जा रहा था . फैक्टरी मे साफ-सफाई का भी अभाव था. सलौनी के पैकिंग मे न ही निर्माण कम्पनी का नाम और न ही निर्माण तिथि, वैधता तिथि और न ही दर का उल्लेख किया गया था. इनके विरूद्ध भी प्रकरण पंजीबद्ध कर वैधानिक कार्रवाई की गयी.
    मुंगेली की आम जनता में चर्चा है कि ऐसे व्यापारी का लाइसेंस निरस्त कर देना चाहिए जो संक्रमण के दौर में भी ऐसी लापरवाही बार्ट रहा है . शासन अपने नियम अनुसार कार्यवाही कर रही है पर जनता को उम्मीद है कि शासन इस मामले पर ऐसी कार्यवाही करेगी जो आने वाले समय में मिसाल के रूप में कायम होगी .
    कार्यवाही sdm चार्ली ठाकुर , तहसीलदार अमित सिन्हा , जिला खाद्य अधिकारी विमल दुबे एवं निगम अमले के कर्मचारियों की उपस्थिति में हुई .

     

    धमतरी/नगरी शौर्यपथ

    नगरी थानांतर्गत ग्राम गोविंदपुर व सिहावा थानांतर्गत ग्राम बरबांधा में आसमानी बिजली गिरने से एक पुरुष सहित दो महिलाओं की मौत हो गई ।
    शुक्रवार शाम को हुई अचानक बारिश व आंधी तूफान से क्षेत्र में कई स्थानों पर काफी हानि की सूचना है। वहीं गोविंदपुर गट्टासिल्ली क्षेत्र मेंआसमानी बिजली के चपेट में आने से पति पत्नी की मौत हो गई।
    बताया जा रहा है कि दोनों पति पत्नी खेत गए हुए थे इस दौरान आसमानी बिजली के चपेट में आ गए।
    दूसरी घटना सिहावा थाना अंतर्गत ग्राम पंचायत बरबाँधा की फूलों बाई पति बंधन मरकाम उम्र 38 वर्ष शाम 4 से 5 के बीच अपने घर मे पानी भर रही थी।बाड़ी में लगे केला पेड़ के पास रखे ड्रम में पानी भरते समय अचानक आसमानी बिजली गिर गई और महिला उसके चपेट में आ गई।शासकीय अस्पताल बेलर गांव में परिजनों द्वारा लाये जाने पर डॉक्टरों ने मृत घोषित कर दिया।मृतक महिला के दो छोटे छोटे बच्चे हैं जो 4 वर्ष व डेढ़ वर्ष के हैं।आसमान से गिरे बिजली ने इन दोनों बच्चों के सर से माँ का साया छीन लिया।
    सिहावा पुलिस ने मर्ग कायम कर लिया है।

    धमतरी/नगरी शौर्यपथ
    नगरी थानांतर्गत ग्राम गोविंदपुर में आसमानी बिजली गिरने से गांव के दो व्यक्ति की मौत की खबर आ रही है।शाम को हुई अचानक बारिश व आंधी तूफान से क्षेत्र में कई स्थानों पर काफी हानि की सूचना है।वहीं गोविंदपुर गट्टासिल्ली क्षेत्र के दो व्यक्ति के आसमानी बिजली के चपेट में आने से मौत हो गई।मौके पर नगरी पुलिस रवाना हो गई। बताया जा रहा है कि दोनों पति पत्नी है और दोनों खेत गए हुए थे इस दौरान आसमानी बिजली के चपेट में आ गए।मृतक रामनाथ पिता जगत राम नेताम 65 साल,व पत्नी मंगली बाई 58 साल पति पत्नी की मौत हो गई।
    पुत्र ने थाना में जानकारी दी है।

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