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नई दिल्ली / शौर्यपथ / बेंगलुरू कर्नाटक में कन्नड़ फिल्म एक्टरों से जुड़े ड्रग मामले की जांच कर रही बेंगलुरू की सेंट्रल क्राइम ब्रांच ने मंगलवार को पूर्व मंत्री स्वर्गीय जीवराज अल्वा के पुत्र आदित्य अल्वा के आलीशान बंगले पर छापा मारा. आदित्य इस मामले में आरोपी है और सीसीबी ने बेंगलुरू में ड्रग मामले को लेकर जब से जांच शुरू की है, तब से लापता है. पुलिस सूत्रों ने न्यूज एजेंसी पीटीआई को बताया, इस मामले में अब तब 15 लोगों के खिलाफ केस दर्ज किया जा चुका है और नौ लोगों की गिरफ्तारी की जा चुकी है.
CCB ने एक बयान में कहा है कि सर्च वारंट जारी किया गया और आदित्य अल्वा के हेब्बल स्थित घर की तलाशी ली गई. इस घर को 'हाउस ऑफ लाइफ' नाम दिया गया है. पुलिस टीम ने हेब्बल लेक के पास स्थित घर पर छापा मारा, इस घर में भी स्वीमिंग पूल भी है. पीटीआई के अनुसार, यह बंगला करीब चार एकड़ के क्षेत्र में फैला हुआ है और इसे आदित्य द्वारा कथित तौर पर पार्टी आयोजित करने के लिए इस्तेमाल किया जाता था.
इस मामले में अब तक फिल्म एक्टर रागिनी द्विवेदी, संजना गलरानी, पार्टी के आयोजन विरेन खन्ना, राहुल और एक आरटीओ क्लर्क बीके रविशंकर को गिरफ्तार किया गया है. नारकोटिक्स कंट्रोल ब्यूरो द्वारा एक महिला सहित तीन लोगों को गिरफ्तार किए जाने के बाद CCB ने यह मामला अपने हाथ में लिया है, इनके पास से बड़ी मात्रा में सिंथेटिक ड्रग्स बरामद की गई है. आरोप है कि यह ड्रग्स कन्नड़ फिल्म के एक्टर और एक्ट्रेसेस को सप्लाई की जाती थी.
लाइफस्टाइल / शौर्यपथ / हवन-यज्ञ हमारी पुरातन परंपरा है। यह शुद्धिकरण का प्रभावकारी उपाय है। हवन में उत्पन्न औषधीय धुआं हानिकारक जीवाणुओं को नष्ट करने की क्षमता रखता है। यह वातावरण को शुद्ध करता है और हमारे भीतर सकारात्मक ऊर्जा का संचार करता है। माना जाता है कि हवन के औषधीय धुएं का असर 30 दिन तक बना रहता है।
घर या प्रतिष्ठान में मौजूद वास्तु दोषों को दूर करने में भी हवन यज्ञ बहुत प्रभावकारी उपाय है। अग्नि ही यज्ञ के प्रधान देवता हैं। अग्नि को ईश्वर स्वरूप माना जाता है। अग्नि जहां रहती है वहीं प्रकाश फैलता है। हवन यज्ञ करने से भगवान प्रसन्न होते हैं। वास्तु शास्त्र के अनुसार रोजाना घर या प्रतिष्ठान में धूप जलाने से वास्तु दोष दूर हो जाता है। घर में रोजाना सुबह-शाम कर्पूर जलाने से तनाव दूर रहता है। रात्रि में सोने से पहले पीतल के बर्तन में घी में भीगा हुआ कर्पूर जलाएं। एक कंडे में गुड़ की धूप और घी मिलाकर जलाने से गृह कलह नहीं होता है। घर में गुग्गुल की धूप जलाने से शांति बनी रहती है। नकारात्मक ऊर्जा को दूर करने के लिए पीली सरसों के दानों को जलाएं। गुग्गुल की धूप जलाने से रोगों का नाश होता है। घर में कच्चे नीम पत्ती की धूनी जलाएं। इससे हानिकारक जीवाणु नष्ट होते हैं और वास्तु दोष भी दूर होता है। धूप, आरती, दीप, पूजा अग्नि को कभी भी मुख से फूंक मारकर न बुझाएं।
धर्म संसार / शौर्यपथ /वास्तुशिल्प के रचनाकार हैं विश्वकर्मा
वैदिक देवता के रूप में सर्वमान्य देव शिल्पी विश्वकर्मा अपने विशिष्ट ज्ञान-विज्ञान के कारण मानव ही नहीं, देवगणों द्वारा भी पूजित हैं। कहते हैं देव विश्वकर्मा के पूजन के बिना कोई भी तकनीकी कार्य शुभ नहीं होता।
हर साल 17 सितंबर को तकनीकी ज्ञान के रचनाकार भगवान विश्वकर्मा की जयंती मनाई जाती है। इनको देवताओं के वास्तुशिल्प का जनक भी माना जाता है, इसलिए शिल्पकला से जुड़े लोग उनकी जयंती को विधि-विधान से मनाते हैं। मान्यता है कि भगवान विश्वकर्मा के पूजन-अर्चन किए बिना कोई भी तकनीकी कार्य शुभ नहीं माना जाता। इसी कारण विभिन्न कार्यों में प्रयुक्त होने वाले औजारों, कल-कारखानों में लगी मशीनों की पूजा की जाती है। भगवान विश्वकर्मा के जन्म को लेकर शास्त्रों में अलग-अलग कथाएं प्रचलित हैं। वराह पुराण के अनुसार ब्रह्माजी ने विश्वकर्मा को धरती पर उत्पन्न किया। वहीं विश्वकर्मा पुुराण के अनुसार, आदि नारायण ने सर्वप्रथम ब्रह्माजी और फिर विश्वकर्मा जी की रचना की। भगवान विश्वकर्मा के जन्म को देवताओं और राक्षसों के बीच हुए समुद्र मंथन से भी जोड़ा जाता है।
इस तरह भगवान विश्वकर्मा के जन्म को लेकर शास्त्रों में जो कथाएं मिलती हैं, उससे ज्ञात होता है कि विश्वकर्मा एक नहीं कई हुए हैं और समय-समय पर अपने कार्यों और ज्ञान से वो सृष्टि के विकास में सहायक हुए हैं। शास्त्रों में भगवान विश्वकर्मा के इस वर्णन से यह संकेत मिलता है कि विश्वकर्मा एक प्रकार का पद और उपाधि है, जो शिल्पशास्त्र का श्रेष्ठ ज्ञान रखने वाले को कहा जाता था। सबसे पहले हुए विराट विश्वकर्मा, उसके बाद धर्मवंशी विश्वकर्मा, अंगिरावंशी, तब सुधान्वा विश्वकर्मा हुए। फिर शुक्राचार्य के पौत्र भृगुवंशी विश्वकर्मा हुए। मान्यता है कि देवताओं की विनती पर विश्वकर्मा ने महर्षि दधीची की हड्डियों से स्वर्गाधिपति इंद्र के लिए एक शक्तिशाली वज्र बनाया था।
प्राचीन काल में जितने भी सुप्रसिद्ध नगर और राजधानियां थीं, उनका सृजन भी विश्वकर्मा ने ही किया था, जैसे सतयुग का स्वर्ग लोक, त्रेतायुग की लंका, द्वापर की द्वारिका और कलियुग के हस्तिनापुर। महादेव का त्रिशूल, श्रीहरि का सुदर्शन चक्र, हनुमान जी की गदा, यमराज का कालदंड, कर्ण के कुंडल और कुबेर के पुष्पक विमान का निर्माण भी विश्वकर्मा ने ही किया था। वो शिल्पकला के इतने बड़े मर्मज्ञ थे कि जल पर चल सकने योग्य खड़ाऊ बनाने की सामथ्र्य रखते थे।
विश्वकर्मा के यथाविधि पूजन करने से घर और दुकान में सुख-समृद्धि आती है। इस दिन अपने कामकाज में उपयोग में आने वाली मशीनों को साफ करें। फिर स्नान करके भगवान विष्णु के साथ विश्वकर्माजी की प्रतिमा की विधिवत पूजा करनी चाहिए। ऋतुफल, मिष्ठान्न, पंचमेवा, पंचामृत का भोग लगाएं। दीप-धूप आदि जलाकर दोनों देवताओं की आरती उतारें।
व्रत त्यौहार / शौर्यपथ / हर साल पितृ विसर्जनी अमावस्या के बाद नवरात्रि की तैयारी शुरू हो जाती थी, लेकिन इस बार नवरात्रि एक महीने बाद शुरू होगी। अधिकमास लगने के कारण नवरात्रि एक महीने आगे खिसक गए हैं। इस बार शारदीय नवरात्र 17 अक्टूबर से शुरू होंगे। इससे पहले 18 सितंबर से 16 अक्टूबर तक अधिकमास रहेगा। इस मास में कोई भी शुभ कार्य नहीं किया जाता। इस साल165 साल के बाद ऐसा संयोग बन रहा है। अधिकमास को मलमास और पुरुषोत्तम मास भी कहा जाता है। इसमास में भगवान विष्णु की पूजा की जाती है।
17 अक्टूबर 2020: प्रतिपदा घटस्थापना
18 अक्टूबर 2020: द्वितीया मां ब्रह्मचारिणी पूजा
19 अक्टूबर 2020: तृतीय मां चंद्रघंटा पूजा
20 अक्टूबर 2020 : चतुर्थी मां कुष्मांडा पूजा
21 अक्टूबर 2020: पंचमी मां स्कंदमाता पूजा
22 अक्टूबर 2020: षष्ठी मां कात्यायनी पूजा
23 अक्टूबर 2020: सप्तमी मां कालरात्रि पूजा
24 अक्टूबर 2020 :अष्टमी मां महागौरी दुर्गा महा नवमी पूजा दुर्गा महा अष्टमी पूजा
25 अक्टूबर 2020 : नवमी मां सिद्धिदात्री नवरात्रि पारण विजय दशमी
मलमास खत्म होने के बाद नवरात्रि में मुंडन आदि शुभ कार्यों का शुरू हो सकेंगे। वहीं विवाह आदि देवउठनी एकादशी के बाद से ही शुरू होंगे। मलमाल के कारण आगे आने वाले सभी त्योहार विधि के अनुसार अपने नियत समय पर किए जाएंगे। नवरात्र में देरी के कारण इस बार दीपावली 14 नवंबर को होगी, जबकि यह पिछले साल 27 अक्टूबर में थी। ज्योतिषियों के अनुसार तीज-त्योहारों की गणना हिन्दी पंचांगों के हिसाब से की जाती है। इसके लिए हिन्दी का माह और तिथि निर्धारित है।
क्या होता है मलमास
अधिकमास या मलमास हर दो से तीन साल के बीच में आता है। मलमास को आप इस तरह समझ सकते हैं। अंग्रेजी के कैलेंडर के अनुसार जिस तरह लीप इयर होता है उसी तरह हिन्दू पंचांग में अधिकमास, मलमास होते हैं। चंद्र वर्ष, सौर वर्ष से 11 दिन 3 घटी और 48 पल छोटा होता है।
सेहत / शौर्यपथ / अक्सर नए कपड़े बाजार से खरीदने के बाद लोग उन्हें तुरंत बिना धोएं ही पहन लेते हैं। पर क्या आप जानते हैं आपकी यह आदत आपकी सेहत को कितना बड़ा नुकसान पहुंचा सकती है? जी हां कपड़ों को शॉपिंग बैग से सीधे निकालकर पहन लेने से आपकी सेहत बिगड़ सकती है। आइए जानते हैं नए कपड़ों को पहनने से पहले हमें क्यों उन्हें धोकर पहनना चाहिए।
नए कपड़े लाते हैं कीटाणुओं को साथ-
विशेषज्ञों की मानें तो जो कपड़े आप बड़े शौक से शॉपिंग करके अपने घर लाते हैं, उनके साथ ढेरों कीटाणु भी कपड़े में चिपककर आपके घर तक पहुंच जाते हैं। शॉपिंग के समय कपड़ों को ट्रायल के दौरान हजारों बार पहना जाता है, जिससे लोगों के पसीने के साथ कीटाणु भी उन कपड़ों के साथ चिपक जाते हैं।
कपड़े पर लगे रसायन से दाद-खाज खुजली-
कपड़ों को पैक करते समय रसायन से कवर करके रखा जाता है, जो आपकी त्वचा के संपर्क में आकर बुरा असर डाल सकते हैं। कपड़ों की प्रोसेसिंग करते समय कई तरह के रसायनों का प्रयोग किया जाता है, जिसे बिना धोए पहनने पर व्यक्ति को दाद, खाज और खुजली जैसी समस्याएं हो सकती हैं।
डाई कलर्स से एलर्जी -
प्राकृतिक धागों का अपना कोई रंग नहीं होता, इसलिए उन्हें सुंदर रंगों में रंगा जाता है। कपड़ों की रंगाई, छपाई और डाई जैसी प्रक्रियाओं में उसपर विभिन्न प्रकार के केमिकल्स लगाए जाते हैं। ज़्यादातर रंगीन कपड़ों में ऐजो डाईस का इस्तेमाल किया जाता है। कपड़ा जितना रंगीन और चटक होगा उसमें उतनी अधिक डाई का इस्तेमाल किया जाएगा। ऐजो डाई के सीधे त्वचा के संपर्क में आने से त्वचा में बहुत अधिक जलन और परेशानी होती है, जिसकी वजह से एलर्जी हो सकती है।
त्वचा रोग को न्योता-
बाजार से कोई भी कपड़ा सीधा घर लाकर पहनने से पहले उस कपड़े को कई लोग पहले ही ट्राई करते समय पहन चुके होते हैं। ऐसे में उनके शरीर का पसीना, धूल-मिट्टी या कोई स्किन इंफेक्शन आपके लिए भी परेशानी का सबब बन सकता है।
खाना खजाना / शौर्यपथ / शरीर की इम्यूनिटी बढ़ाने से लेकर डायबिटीज जैसे रोग में आंवला का सेवन बेहद फायदेमंद माना जाता है। आंवला अपने औषधीय गुणों की वजह से ही प्राचीन समय से पारंपरिक चिकित्सा पद्धति का एक हिस्सा रहा है। आंवले में विटामिन और आयरन भरपूर मात्रा में पाया जाता है। रोजाना आंवला का सेवन आपके कई रोगों को जड़ से खत्म करने में मदद करता है। ऐसे में आंवला को डाइट का हिस्सा बनाने के लिए आइए जानते हैं कैसे बनाई जाती है गुड़-आंवला की चटनी।
आंवला गुड़ चटनी बनाने के लिए सामग्री-
-1 कप आंवला
-1 कप गुड़
-1 चम्मच तेल
-आधा चम्मच पंच फोर्न
-1 साबुत लाल मिर्च
-काला नमक स्वादानुसार
-1.5 चम्मच भुना जीरा पाउडर
आंवला-गुड़ चटनी बनाने का तरीका-
आंवला-गुड़ चटनी बनाने के लिए सबसे पहले आंवलों को तब तक उबाले जब तक वह नरम ना हो जाएं। अब मैश किए हुए आंवलों को उबलने के बाद ठंडा होने के लिए अलग रख दें। अब एक कड़ाही में तेल गर्म करके उसमें लाल मिर्च और पंच फर्न डालकर मसालों को अच्छे से मिलाएं। काला नमक के साथ आंवला डालकर उन्हें एक मिनट के लिए पकने दें।
अब गुड़ को छोटे-छोटे टुकड़ों में तोड़कर आंवले में मिलाकर गुड़ के गलने तक धीमी आंच पर पकाएं। अब इसमें भुना हुआ जीरा, काला नमक मिलाकर तब तक लगातार हिलाते रहें जब तक आपको गाढ़ापन ना दिखने लगें। अब इसमें लाल मिर्च और काली मिर्च पाउडर डाल दें। आपकी आंवला-गुड़ चटनी बनकर तैयार है।
खाना खजाना / शौर्यपथ पनीर पसंद करने वाले लोगों को पनीर खाने का बहाना चाहिए होता है। अगर आप रेगुलर पनीर की डिश बनाकर खाते-खाते-बोर हो चुके हैं तो इस बार ट्राई करें पनीर की ये स्नैक्स रेसिपी पनीर अनारदाना कबाब। आइए जानते हैं कैसे बनाई जाती है ये टेस्टी रेसिपी।
पनीर अनारदाना कबाब के लिए सामग्री-
-500 ग्राम पनीर
-2 मीडियम हरी शिमला मिर्च चकोर टुकड़ों में कटी हुई
-2 मीडियम टमाटर चकोर टुकड़ों में कटी हुई
-3 टेबल स्पून तेल
-1 टी स्पून चाट मसाला
पनीर अनारदाना कबाब को मेरिनेट करने के लिए-
-हंग कर्ड
-1 टी स्पून अदरक का पेस्ट
-1 टी स्पून लहसुन का पेस्ट
-1/2 टी स्पून कशमिरी लाल मिर्च पाउडर
-एक चुटकी हल्दी पाउडर
-1/2 टी स्पून गरम मसाला पाउडर
-2 टी स्पून अनारदाना पाउडर
-2-3 टेबल स्पून फ्रेश क्रीम
-1 टी स्पून नींबू का रस
-नमक
पनीर अनारदाना कबाब बनाने का तरीका-
पनीर अनारदाना कबाब बनाने के लिए सबसे पहले पनीर को टुकड़ों को एक इंच लम्बाई और मोटाई में काट लें। अब मेरिनेट करने वाली सारी सामग्री को मिलाकर पनीर के टुकड़ों को इसमें 15 मिनट के लिए मेरिनेट करने के लिए रख दें।
अब तवे पर तेल गर्म करके उसमें पनीर के टुकड़ों को डालकर गोल्डन ब्राउन क्रिस्पी होने तक फ्राई करें। फ्राई होने पर पनीर के इन टुकड़ों को एक पेपर टॉवल पर निकाल लें। अब शिमला मिर्च और टमाटर के टुकड़ों को बाकी बचे मेरिनेट के पेस्ट में लपेटकर तवे पर बचे हुए तेल में 2 से 3 मिनट के लिए भून लें।
अब शिमला मिर्च और टमाटर के टुकड़ों के साथ पनीर के टुकड़ों को टूथपिक में लगाकर ऊपर से उसमें चाट मसाला छिड़ककर गर्मागर्म सर्व करें।
सेहत / शौर्यपथ / अक्सर आपने सुना होगा कि स्ट्रेस लेने से व्यक्ति चिड़चिड़ा हो जाता है, उसका किसी से बात करने का मन नहीं करता, यहां तक कि वो अपने परिवार और दोस्तों से भी ढंग से बात नहीं करना चाहता। बावजूद इसके अगर हम कहें कि लाइफ में थोड़ा स्ट्रेस बेहद जरूरी है तो? सुनकर आप भी सोच में पड़ गए होंगे कि भला ये क्या बात हुई, पर ये सच हैं। आइए जानते हैं कैसे कुछ चीजों के लिए स्ट्रेस लेने से लाइफ बन सकती है कूल।
सुबह जल्दी उठना-
आमतौर पर लोगों को सुबह जल्दी उठना बेहद तनावपूर्ण लगता है। अगर आप भी इस लिस्ट में शामिल हैं तो ये तनाव लेने की आदत डाल लें। जरा सोचिए, सुबह जल्दी उठने से आप अपने पूरे दिन को अच्छे से व्यवस्थित कर सकते हैं। ऐसा करने से आपके सभी जरूरी काम टाइम से पूरे होंगे और आप बिना बात का तनाव लेने से बच जाएंगे।
एक्सरसाइज करना न भूलें-
अगर आप सुबह जल्दी उठकर एक्सरससाइज या मेडिटेशन करते हैं तो आपका शरीरिक स्वास्थ्य तो ठीक रहता ही है बल्कि आप मानसिक रूप से भी अच्छा महसूस करते हैं। खुद को पॉजिटिव बनाए रखने के लिए रोजाना एक्सरसाइज करें।
सफाई करना-
खुद के साथ अपने आस-पास की जगह को भी साफ रखें। गंदा घर या अव्यवस्थित पड़ी चीजें व्यक्ति को डिप्रेशन में डाल सकती हैं। भले ही शुरूआत में आपको ये काम थोड़ा तनावपूर्ण लग सकता है लेकिन स्वच्छ वातावरण सकारात्मक सोच को जन्म देता है और आप तनाव से दूर रहते हैं।
पढ़ाई करना-
कहावत है कि किताबें आपकी सबसे अच्छी दोस्त होती हैं। खुद को तनाव से दूर रखने के लिए अच्छी किताबें पढ़ने के लिए थोड़ा समय निकालें। भले ही आपको यह काम थोड़ा तनावपूर्ण लगे लेकिन यकीन मानिए किताबें पढ़ने का शौक हर किसी के लिए बेहद फायदेमंद होता है। इस स्ट्रेस को लेने से न सिर्फ आपकी विभिन्न विषयों के प्रति आपकी जानकारी बढ़ती है बल्कि आपकी सोच का दायरा भी व्यापक होता है।
खाना बनाना-
एक अच्छा पौष्टिक भोजन न सिर्फ आपके स्वास्थ्य का ध्यान रखता है बल्कि आपके स्ट्रेस को भी दूर रखने में मदद करता है। इसलिए खाना बनाने के इस स्ट्रेस को रोजमर्रा के जीवन में शामिल करके इसे अपनी हॉबी बनाएं और खुद को स्ट्रेस और बीमारियों से दूर रखें ।
खेल / शौर्यपथ / टीम इंडिया के पूर्व क्रिकेटर और मौजूदा स्टार कमेंटेटर आकाश चोपड़ा ने बताया है कि विराट कोहली के बाद कौन क्रिकेटर टीम इंडिया का कप्तान बन सकता है। आकाश का मानना है कि यह खिलाड़ी केएल राहुल होगा, लेकिन साथ ही कहा कि इसके लिए देखना होगा कि वो इंडियन प्रीमियर लीग (आईपीएल) के 13वें सीजन में किस तरह से किंग्स इलेवन पंजाब की अगुवाई करते हैं। आईपीएल के 13वें सीजन का आगाज 19 सितंबर से युनाइटेड अरब अमीरात (यूएई) में होना है। राहुल इस बार किंग्स इलेवन पंजाब टीम की कमान संभालेंगे।
किंग्स इलेवन पंजाब के लिए पिछले दो सालों में राहुल ने शानदार बल्लेबाजी की है और टीम के कप्तान रहे आर अश्विन को दिल्ली कैपिटल्स को ट्रेड कर दिया गया, जिसके बाद राहुल को टीम की कमान सौंपी गई। कोविड-19 महामारी के चलते आईपीएल यूएई में खेला जाना है। किंग्स इलेवन पंजाब की टीम अभी तक कोई आईपीएल खिताब नहीं जीत सकी है और देखना होगा कि राहुल अपनी कप्तानी और बल्लेबाजी के दम पर टीम को इस सीजन में कितना आगे तक ले जा पाते हैं। आकाश ने फेसबुक पेज पर अपने एक फैन के सवाल के जवाब में कहा, 'मैं उम्मीद करता हूं कि उनकी कप्तानी अच्छी होगी। दरअसल हमें उनकी कप्तानी का एक आइडिया लग जाएगा, कि वो किस तरह से गेम को आगे बढ़ाचे हैं, किस तरह की रणनीति अपनाते हैं। अगर हम कोहली और रोहित (शर्मा) को देखते हैं, तो दोनों एक ही एज ग्रुप के हैं, और एक समय पर आकर आपको लग सकता है कि अब उनमें वो कप्तान वाली बात नहीं रही।'
कोहली जब भी टीम से बाहर होते हैं, तो रोहित को उनकी जगह कप्तान बनाया जाता है। आने वाले समय में परिस्थितियां बदल सकती हैं। धोनी के समय में कोहली कप्तान के तौर पर तैयार हुए, लेकिन मौजूदा समय में अगर आप अगले कप्तान के बारे में सोचेंगे, तो आपको शायद ही किसी का नाम सूझेगा। वहीं आकाश का मानना है कि 28 वर्षीय राहुल कोहली के बाद टीम इंडिया के कप्तान बन सकते हैं। उन्होंने कहा, 'जैसा कि कहा जाता है कि एक समय आता है जब आपको बैटन को किसी और को देना होता है, जैसे एमएस धोनी ने कोहली को दिया था, कोहली किसी और को देंगे। जब वो ऐसा करेंगे, तो राहुल इस लाइन में अगले खिलाड़ी हो सकते हैं। तो, मुझे लगता है कि यह आईपीएल दिखाएगा कि कप्तान के तौर पर राहुल कैसे होंगे। मुझे लगता है कि वो अच्छे कप्तान साबित होंगे।'
मनोरंजन / शौर्यपथ / बॉलीवुड एक्टर अक्षय कुमार हाल ही में बेयर ग्रिल्स के शो इंटू द वाइल्ड में नजर आए। उन्होंने घने जंगलों में खूंखार जानवरों के बीच कई रोमांचक कारनामे किए, जिसे देखकर बेयर ग्रिल्स काफी इम्प्रेस हो गए। इसके अलावा शो में अक्षय कुमार ने बेयर ग्रिल्स को अपने फिल्मी करियर के जुड़ी कई बातें बताईं।
अक्षय ने कहा, ''मैं बच्चों को मार्शल आर्ट्स सिखाया करता था। एक दिन मेरे एक स्टूडेंट के पिता ने मुझसे कहा कि तुम्हें मॉडलिंग में हाथ आजमाना चाहिए। उनकी सिफारिश पर मुझे शूट करने का मौका मिला। मैं एक स्टूडियो पहुंचा और वहां एक लड़की आई। हम दोनों ने साथ में पोज दिए और कुछ तस्वीरें खिंचवाई। इसके बदले में मुझे 21 हजार रुपये का चेक मिला। मुझे बहुत अच्छा लगा।''
अक्षय कुमार ने आगे बताया कि उस समय मैंने सोचा कि मार्शल आर्ट्स सिखाने के सिर्फ 5 हजार रुपये मिलते हैं जबकि फोटो खिंचवाने के बहुत ज्यादा पैसे मिल रहे हैं। इसके बाद मैंने इसी फील्ड में आगे बढ़ने का फैसला ले लिया। उन्होंने यह भी बताया कि जिन्होंने मुझे एक्टर बनने का ऑफर दिया था उन्होंने मेरी मुलाकात प्रमोद चक्रवर्ती से करवाई। पहली मुलाकात में ही उन्होंने मुझे 5 मिनट के अंदर 3 फिल्में ऑफर कर डाली। हालांकि, अक्षय ने बताया कि ये तीनों फिल्में फ्लॉप रहीं लेकिन चौथी फिल्म ने ठीक-ठाक बिजनेस किया। इसके बाद फिल्मी सफर का कारवां आगे बढ़ता गया।
बता दें कि हाल ही में अक्षय कुमार ने 'इंटू द वाइल्ड' के लिए काम करने का अनुभव साझा किया था। इंस्टाग्राम लाइव चैट के दौरान हुमा ने अक्षय कुमार से पूछा कि बेयर ग्रिल्स ने उन्हें कैसे 'हाथी के पूप की चाय' पीने के लिए राजी किया? इसके जवाब में अक्षय ने कहा कि यह उनके लिए कोई बड़ी बात नहीं है और वह इसे लेकर एक्साइटेड थे।
अक्षय ने बताया कि आयुर्वेदिक कारणों से वह रोज गौमूत्र पीते थे। वहीं, लाइव चैट में बेयर ग्रिल्स ने अक्षय कुमार की जमकर तारीफ की और कहा कि जब लोग फेमस हो जाते हैं, तो वे अपने कम्फर्ट जोन से बाहर काम करना बंद कर देते हैं, क्योंकि उन्हें कमजोर दिखने का डर होता हैं लेकिन अक्षय ऐसे नहीं है वह हर चीज के लिए तैयार थे।
Feb 09, 2021 Rate: 4.00
