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June 02, 2026
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शौर्यपथ

शौर्यपथ

नई दिल्ली / शौर्यपथ / सेंट्रल रिज़र्व पुलिस फोर्स के जवान राहुल माथुर की मुस्कुराती हुई तस्वीर सोशल मीडिया पर वायरल हो रही है. तस्वीर में देखा जा सकता है कि राहुल माथुर अस्पताल में बेड पर लेटे हुए हैं और जोश में नज़र आ रहे हैं. दरअसल, राहुल माथुर को गुरुवार को श्रीनगर में एक आतंकी मुठभेड़ में गोली लग गई थी, हालांकि, गोली लगने के बावजूद उन्होंने आतंकियों को ढेर किया, जिसके बाद उन्हें अस्पताल पहुंचाया गया था. कुमार विश्वास ने भी उनकी इस तस्वीर को शेयर कर ट्वीट किया है.
कुमार विश्वास ने अपने ट्वीट में लिखा, 'देकर अपना खून सींचते देश की हम फुलवारी, बंसी से बंदूक बनाते हम वो प्रेम पुजारी...!” Love You Hero'उन्होंने इसके साथ CRPF का एक ट्वीट रीट्वीट किया है, जिसमें CRPF ने कहा है कि 'अगर साहस का कोई चेहरा होता, तो उसकी मुस्कान ऐसी ही होती. श्री राहुल माथुर, DC CRPF जिन्होंने कल गोली लगने के बावजूद आतंकियों को ढेर कर दिया.'
श्रीनगर सीआरपीएफ ने भी एक ट्वीट कर कहा कि 'साहस हर चीज़ से ऊपर, यही एक योद्धा की निशानी है. DC CRPF श्री राहुल माथुर की पहली झलक, जो 92 बेस अस्पताल में भर्ती हैं. कल श्रीनगर के बाटमालू में उन्होंने एक आतंक-रोधी ऑपरेशन में गोली लगने के बावजूद आतंकियों को ढेर किया था.'
बता दें कि राहुल माथुर की इस तस्वीर पर बिजनेसमैन आनंद महिंद्रा ने भी ट्वीट किया है. उन्होंने लिखा, 'वो अपराजेय मुस्कान, मजबूत थम्स अप..अगर आप इस मौजूदा संकट से निकलने को लेकर आशा से भरे रहना चाहते हैं तो यहां देखिए...'

नई दिल्ली / शौर्यपथ / बिहार विधान सभा चुनाव से पहले लोक जनशक्ति पार्टी अध्यक्ष चिराग पासवान ने भले ही नीतीश कुमार की पार्टी जेडीयू के लिए मुश्किलें खड़ी कर रखी हों लेकिन बीजेपी-जेडीयू के बीच भी सीट बंटवारे को लेकर सबकुछ सामान्य नहीं है. हालांकि, दोनों दल पटना से लेकर नई दिल्ली तक सीट बंटवारे पर मंथन कर रहे हैं. राज्य की चार दर्जन से ज्यादा ऐसी विधानसभा सीटें हैं, जिस पर दोनों दलों के बीच तकरार है. दोनों ही दल उस पर अपना दावा ठोक रहे हैं. ये वो सीटें हैं जिस पर 2015 में बीजेपी और जेडीयू आमने सामने थी.
पिछले साल हुए लोकसभा चुनाव में बीजेपी ने गठबंधन की खातिर अपनी पांच सीटिंग सीटें जेडीयू के लिए छोड़कर बड़ा दिल दिखाया था. अब बीजेपी जेडीयू से इसी तरह की उम्मीद विधान सभा चुनावों में कर रही है. आंकड़ों पर गौर करें तो 2015 के विधान सभा चुनाव में 29 सीटों पर जेडीयू ने बीजेपी को हराकर जीत दर्ज की थी. इन सीटों पर बीजेपी नंबर दो पर रही थी, जबकि दो दर्जन (24) सीटों पर बीजेपी की जीत हुई थी और जेडीयू नंबर दो पर रही थी. इन सभी सीटिंग सीटों के बंटवारे पर दोनों दलों में अंदरूनी मतभेद हैं. सीटिंग सीट गठबंधन दलों के बीच सीट बंटवारे का एक पुराना सियासी फार्मूला रहा है, सीटिंग सीट अमूमन पार्टियां नहीं छोड़तीं. उन्हें भरोसा होता है कि उनकी दोबारा जीत हो सकती है.
इन सीटों पर 'तीर' रहा 'कमल' पर हावी
2015 में जिन दो दर्जन से ज्यादा (29) सीटों पर जेडीयू की जीत हुई थी और बीजेपी नंबर दो पर रही थी, उनमें कोशी-सीमांचल की अधिकांश सीटें हैं. खास बात ये है कि इन इलाकों में मुस्लिम आबादी का संकेंद्रण अधिक है. इन सीटों में सुपौल, रानीगंज, रुपौली, बेनीपुर, बिहारीगंज, कुचायकोट शामिल हैं. इनके अलावा सिकटा, फुलपरास, लौकहा, निर्मली, जीरादेई, दरौंदा, महाराजगंज, एकमा, महनार, मोरवा, सरायरंजन,मटिहानी, परबत्ता, गोपालपुर, अमरपुर, बेलहर, बिहारशरीफ, राजगीर, इस्लामपुर, अगियांव, राजपुर, दिनारा और नवीनगर विधान सभा सीट भी शामिल हैं.
इन सीटों पर बीजेपी ने जेडीयू को हराया
इसी तरह बीजेपी ने जिन सीटों पर जीत दर्ज की थी और जेडीयू नंबर दो पर रही थी, उनमें चंपारण इलाके की बगहा, नौतन, चनपटिया, कल्याणपुर, पिपरा, मधुबन सीट शामिल है. इनके अलावा सिकटी, कटिहार, जाले, कुढ़नी, मुजफ्फरपुर, बैकुंठपुर, सीवान, अमनौर, लखीसराय, बाढ़, दीघा, भभुआ, गोह, गुरुआ, हिसुआ, वारिसलीगंज और झाझा सीट शामिल हैं.
नीतीश की चाहत क्या?
वैसे दोनों दलों के बीच अभी तक सीट बंटवारे पर कोई फार्मुला नहीं बन सका है. जेडीयू चाहता है कि वो 115 सीटों पर लड़े और बीजेपी 128 सीटों पर लड़े लेकिन शर्त यह है कि चिराग पासवान को बीजेपी अपने कोटे के अंदर से सीट दे. बदले में जेडीयू जीतनराम मांझी को अपने कोटे से सीट देगी. हालांकि, बीजेपी पहले ही एलान कर चुकी है कि जेडीयू ही बड़े भाई की भूमिका में रहेगा और एक सीट ज्यादा पर चुनाव लड़ेगा लेकिन इस पर सहमति बनती नहीं दिख रही.
फिलहाल, 243 सदस्यों वाली मौजूदा विधान सभा में जेडीयू के 71 और बीजेपी के 53 विधायक हैं. 2015 में जेडीयू ने राजद और कांग्रेस के साथ मिलकर चुनाव लड़ा था. उससे पहले 2010 में जब बीजेपी और जेडीयू मे मिलकर चुनाव लड़ा था, तब नीतीश की पार्टी 141 और बीजेपी 102 सीटों पर चुनाव लड़ी थी. इनके अलावा दोनों दलों की नजरें इस पर भी टिकी हैं कि विपक्षी गठबंधन सीटों का बंटवारा कैसे करता है. तभी उसके सामाजिक-सियासी समीकरण की काट के लिए बीजेपी-जेडीयू दोनों पार्टियां सीटों का तालमेल अपने-अपने वोट बैंक के हिसाब से करेंगी..

नई दिल्‍ली / शौर्यपथ / लोकसभा में शुक्रवार को कांग्रेस सांसदों ने जमकर हंगामा किया. संसद के मॉनसून सत्र के अंतर्गत आज फाइनेशियल बिल पर चर्चा के दौरान सोनिया गांधी और गांधी परिवार का नाम लेने पर यह हंगामा हुआ. हंगामे के बाद सदन की कार्यवाही आधे घंटे के लिए स्थगित हुई. दरअसल, बीजेपी सांसद और केंद्रीय वित्‍त राज्‍य मंत्री मंत्री अनुराग ठाकुर द्वारा सोनिया गांधी और नेहरू-गांधी का नाम लिया गया तो कांग्रेस सांसद उखड़ गए और जमकर हंगामा किया.
अनुराग ठाकुर ने कहा था कि हाईकोर्ट से सुप्रीम कोर्ट तक, हर कोर्ट ने पीएम केयर्स फंड सही ठहराया.छोटे-छोटे बच्चों ने गुल्लक तोड़कर चंदा दिया. उन्‍होंने आगे कहा, नेहरूजी ने फंड बनाया आज तक उसका रजिस्ट्रेशन नहीं कराया. आपने केवल एक परिवार गांधी परिवार के लिए ट्रस्ट बनाया था. सोनिया गांधी को अध्यक्ष बनाया था, इसकी जांच होनी चाहिए तो दूध का दूध पानी का पानी हो जाएगा.
ठाकुर की इस टिप्‍पणी का कांग्रेस सांसदों ने जमकर विरोध करते हुए हंगामा किया. लोकसभा में कांग्रेस संसदीय दल के नेता अधीर रंजन चौधरी ने कहा, 'हिमाचल का ये *** कहाँ से आ गया? ये *** कहाँ से आ गया? नेहरूजी कहां से आ गए बहस में? हमने मोदीजी का नाम लिया क्या? ये तीन दिन का ***.' हंगामे के बीच लोकसभा स्‍पीकर ओम बिरला को सदन की कार्यवाही चलाने में काफी परेशानी का सामना करना पड़ा. यह गरमाहट तब और बढ़ गई जब तृणमूल सांसद ने स्‍पीकर पर आरोप लगाया कि वे बीजेपी सांसदों का बचाव करते हैं. आप चाहे तो हमें निकाल दीजिए. ये नहीं चलेगा. हम नहीं चलने देंगे. दरअसल, स्‍पीकर ने कहा था कि कोई अगर सुरक्षा से खिलवाड़ करने की कोशिश करेगा तो नाम लेकर सदन से बाहर जाने को भी कह सकता हूँ. मास्क लगा कर बोलिए.

नई दिल्ली / शौर्यपथ / आम आदमी पार्टी के राज्यसभा सांसद संजय सिंह पर यूपी में देशद्रोह का मामला दर्ज होने पर संजय सिंह ने कहा कि ''सत्ता के अहंकार की बहुत कहानियां सुनी होंगी, यूपी सरकार ने देशद्रोह का मामला मेरे खिलाफ दर्ज किया है. तीन महीने में 13 मुकदमे मेरे खिलाफ दर्ज हुए हैं. आखिर मेरा अपराध क्या है? 37 सांसदों ने मेरा समर्थन किया है. मैंने हर समाज के साथ हो रहे अन्याय का मुद्दा उठाया. क्या यही वजह है, मेरे खिलाफ देशद्रोह का मामला दर्ज हुआ है.''
संजय सिंह ने प्रेस कॉन्फ्रेंस में कहा कि ''ऑक्सिमीटर का मुद्दा मैंने उठाया. शमशान में योगी सरकार ने दलाली की है. सर्वे में पता चला है कि जातिवादी सरकार है. यूपी में मासूम बच्चियों के साथ रेप हो रहा है. यूपी में व्यापारियों को मारा जा रहा है. मैं देशद्रोही हूं क्योंकि मैंने योगी सरकार का चेहरा बेनकाब किया है.''
उन्होंने कहा कि ''मैं योगी जी से कहना चाहता हूं, मैं जा रहा हूं 20 तारीख को. नौ बजे सभापति जी को सूचित करके 20 तारीख को लखनऊ में गिरफ्तारी दूंगा. मैं हर समाज से कहना चाहता हूं कि जितने मुकदमे करना हैं मेरे खिलाफ कर दो लेकिन मैं योगी सरकार के खिलाफ चुप नही बैठूंगा.''
संजय सिंह ने कहा कि ''12 दलों के 37 सांसदों ने मेरे समर्थन में हस्ताक्षर कर एक चिट्ठी सभापति को भेजी है, जिसमें उनसे इस पूरे मामले में निष्पक्ष जांच की मांग की है. कांग्रेस, आरजेडी, डीएमके, अकाली, शिवसेना, एनसीपी, सीपीएम, सीपीआई, टीएमसी जैसे दलों ने समर्थन जताया है.''

सेहत / शौर्यपथ / अपनी ओरल हेल्थ को बनाएं रखने के लिए दिन में कम से कम दो बार अपने दांतों को ब्रश करना और जीभ की सफाई करना चाहिए। वहीं, आयुर्वेद में भी मुंह को साफ रखने के लिए हर रोज दांतों की सफाई करने के महत्व भी बताया गया है, जिससे कि दांत सफेद और चमकदार बने रहें। प्राचीन समय में, लोग अपने दांतों को साफ करने के लिए विशिष्ट पौधों की टहनियों का इस्तेमाल करते थे और आज भी कई जगहों पर आयुर्वेदिक तरीकों से दांतों की सफाई की जाती है। आयुर्वेदिक तरीकों और ब्रश करने की आधुनिक तरीकों का उपयोग करने वाले लोगों की ओरल हेल्थ के बीच एक बड़ा अंतर है। जैसे, आयुर्वेदिक पद्धति का उपयोग करने वाले लोगों में दांतों की सड़न की समस्या से पीड़ित होने की सम्भावना कम होती है।
आयुर्वेदिक तरीके से रखें दांतों को स्वस्थ
प्राचीन समय में लोग अपने दांतों को साफ करने के लिए कड़वे पौधों की टहनियों का इस्तेमाल करते थे, जिसे दातून के नाम से जाना जाता है। कड़वे पौधों में एंटी बैक्टीरियल गुण होते हैं। साथ ही तीखे स्वाद वाली जड़ी-बूटियाँ मुंह से विषाक्त पदार्थों को बाहर निकालती हैं और सांसों की बदबू से भी लड़ती हैं। नीम, आम, और पीपल के पेड़ की टहनियाँ मुंह को साफ रखने में कारगर है।आजकल बाजार में विभिन्न प्रकार के टूथपेस्ट उपलब्ध हैं, जो आयुर्वेद के अनुसार इस्तेमाल किए गए पौधों के समान हैं। आप हर्बल टूथपेस्ट का उपयोग कर सकते हैं क्योंकि वे हर्बल पौधों से बने होते हैं और रासायन-मुक्त होते हैं। वे रासायनिक रूप से भरी हुई फैंसी टूथपेस्ट से कहीं बेहतर हैं।
कम से कम दो मिनट तक करें दांतों को साफ
विज्ञान के अनुसार, आपको अपने दांतों को कम से कम दो मिनट तक अच्छी तरह से ब्रश करना चाहिए। अपने मुंह के हर कोनों कवर करने के लिए छोटे और कोमल स्ट्रोक का उपयोग करें। आयुर्वेद आपके दांतों को ब्रश करने के तुरंत बाद जीभ को स्क्रैप करने की सलाह देता है। स्क्रैपिंग ओरल हाइजीन को कम्पलीट करता है। यह जीभ से गंदगी या बिल्ड-अप को हटाने में मदद करता है, जिसकी वजह से मुंह से बदबू आती है, इसलिए अगर आपके मुंह से कभी भी बदबू आए, तो समझ लें कि आप अपनी जीभ को सही तरह से साफ नहीं कर रहे हैं।

खाना खाजन / शौर्यपथ / घरवालों को कुछ नया खिलाकर मुंह मीठा कराना चाहते हैं, तो हमारी मावा कचौड़ी की रेसिपी आपको बहुत पसंद आएगी। आइए जानते हैं इसकी रेसिपी :
सामग्री :
मैदा 1-1/2 कप
नमक 1/2 चम्मच
तेल 2 चम्मच
तेल 1 चम्मच
बादाम 2 चम्मच (टूटे हुए)
काजू 2 चम्मच (टूटे हुए)
सूखा नारियल 2 चम्मच (कद्दूकस किया हुआ)
पिस्ता 2 चम्मच (टूटे हुए)
जायफल पाउडर 1/4 चम्मच
इलायची 1/2 चम्मच
खोया 100 ग्राम
चाशनी
पानी 1 कप
हरी इलायची 3-4
चीनी 1 कप
तलने के लिए तेल
विधि
एक बाउल में मैदा, नमक और रिफाइंड ऑयल डालकर अच्छी तरह मिक्स कर लें। अब थोड़ा-थोड़ा कर पानी डालते हुए नरम आटा गूंथ लें। गूंथे हुए आटे को 30 मिनट तक ढक कर अलग रख दें।
अब फ्राइंग पैन में रिफाइंड ऑयल डालें, बादाम, काजू, सूखा नारियल, पिस्ता, जायफल पाउडर और इलायची पाउडर डालकर मिक्स करते हुए 2 मिनट के लिए भून लें। अब इसमें खोया मिलाएं और सारी सामग्री को 2 मिनट के लिए मध्यम आंच पर भून लें। अब गैस बंद कर दें और मिश्रण को ठंडा होने दें।
एक पैन में पानी डालें और गैस पर चढ़ा दें। इसमें हरी इलायची और चीन डालें और उबाल आने दें। चीनी घुलने और शीरा गाढ़ा होने तक पकाएं।
अब आटे को एक बार हाथों से मसल लें। इसकी लोई बनाकर पूड़ी के आकार में बेल लें। इसके बीच में मावा का मिश्रण रखें और साइड को पानी लगाकर चिपका दें। इसे हाथों के हल्के दबाव से कचौरी की तरह बना लें।
कढ़ाई में तलने के लिए तेल डालें और जब तेल अच्छा गर्म हो जाए तो एक-एक कचौरी डालकर तल लें।
सर्व करने के लिए कचौड़ी को बीच में फोड़ कर उसमें तैयार शीरा भर दें और बादाम-पिस्ता से कर दें।

सेहत /शौर्यपथ / हम सभी अपने 20s में अपनी खूबसूरत त्वचा को फ्लॉन्ट करते हैं। बस एक अच्छा क्लींजर और मॉइस्चराइजर- और चेहरा चमकने लगता है।
लेकिन हमारी आंखें तब खुलती हैं जब चेहरे पर सबसे पहली झुर्रियां नजर आने लगती हैं। चेहरे पर फाइन लाइन्स नजर आने के बाद ही हम अपने स्किन केयर रूटीन को लेकर गंभीर होते हैं। ये लाइन्स संकेत हैं कि आपकी त्वचा की एजिंग शुरू हो गयी है। अब हम एन्टी एजिंग क्रीमों का प्रयोग करते हैं और अपनी स्किन की एजिंग को टालने की कोशिश करते हैं। लेकिन जो झुर्रियां पहले ही हमारे चेहरे पर आ चुकी हैं, वह तो नहीं जाने वाली ना!
यह प्रश्न महिलाओं में बहुत आम है ‘कब हमें एन्टी एजिंग क्रीमों का इस्तेमाल शुरू करना चाहिए?’ और इस सवाल का जवाब पाने के लिए हमने बात की फोर्टिस मेमोरियल रिसर्च इंस्टीट्यूट गुरुग्राम की सलाहकार डर्मेटोलॉजिस्ट डॉ सोनल बंसल से।
“हमें यह जानना जरूरी है कि एजिंग दो प्रकार की होती है- अंदरूनी और बाहरी। पहले आपकी उम्र अंदर से बढ़ती है और फिर चेहरे पर झलकती है। इसलिए आपको बाहरी एजिंग होने से पहले ही एन्टी एजिंग उत्पादों का प्रयोग शुरू कर देना चाहिए।”
क्या हैं उम्र बढ़ने के पहले संकेत?
“एजिंग के सबसे पहले संकेत जो भारतीयों में नजर आते हैं वह है आंखों के नीचे का फैट गलना। सबसे पहले फाइन लाइन्स भी चेहरे पर ही नजर आती हैं। इससे आंखें गड्ढे में नजर आती हैं और काले घेरे बढ़ जाते हैं। इसका कारण यह है कि आंखों के नीचे की त्वचा बाकी त्वचा से ज्यादा नाजुक होती है।”
क्या है एंटी-एजिंग उत्पादों के उपयोग की सही उम्र
“ज्यादातर लोगों को एंटी-एजिंग उत्पादों का उपयोग 30 के दशक की शुरुआत में ही करना शुरू कर देना चाहिए। उम्र बढ़ने के विजिबल लक्षण दिखाई देने से पहले ही आपके पास कुछ साल हैं। यदि आप उन संकेतों के प्रकट होने से पहले प्रभावी उत्पादों का उपयोग करना शुरू करती हैं, तो आपके पास कुछ समय के लिए एजिगं में देरी करने का मौका है।”
कौन से एंटी-एजिंग उत्पाद होते हैं बेहतर?
विभिन्न उत्पाद हैं जो आज बाजार में उपलब्ध हैं। आप हमेशा अपनी त्वचा के प्रकार के अनुरूप कुछ चुन सकतीं हैं। हालांकि, रेटिनॉल के सभी रूप कारगर हैं। आजकल, आपको कई क्रीम के साथ-साथ सीरम भी मिलेंगे जिनमें एंटी-एजिंग के रूप में रेटिनोल कम्पाउन्ड होता है। अगर आप चिकनी, कोमल त्वचा पाना चाहती हैं, तो यह बेहद मददगार हो सकता है।
तो लेडीज, समय बर्बाद न करें, घड़ी टिक टिक आगे बढ़ते समय का संकेत दे रही है। इसलिए यदि आप अपने शुरुआती 30 में हैं तो एंटी-एजिंग उत्पाद को अपने ब्यूटी रूटीन में शामिल करें।

सेहत / शौर्यपथ / हेल्दी डाइट, वर्कआउट और समय पर सोना कुछ ऐसी चीजें हैं जो आपकी इम्युनिटी को मजबूत बनाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाती हैं। दिनचर्या के अलावा कुछ ऐसी चीजें भी हैं, जो आपकी रोग प्रतिरोधक क्षमता को मजबूत बनाकर आपको बीमारियों से बचाती है. आज हम आपको ऐसा कारगर उपाय बता रहे हैं, जिससे आप फ्लू को 4-5 दिनों में आसानी से ठीक कर सकते हैं, वहीं इससे आपकी इम्युनिटी भी मजबूत होगी।

गुणों से भरी अजवाइन
अजवाइन में बहुत से पोषक तत्व मौजूद होते हैं जो शरीर को हेल्दी और फिट रखने में मदद करता है। अजवाइन में एंटी-इंफ्लेमेट्री, एंटी-बैक्टीरियल और एंटी-फंगल गुण होता है, जो सर्दी-जुकाम के लिए फायदेमंद है।

सामग्री
1/2 चम्मच अजवाइन के बीज
5 तुलसी के पत्ते
1/2 चम्मच काली मिर्च पाउडर
1 बड़ा चम्मच शहद

 ऐसे बनाएं : एक गहरा पैन लें और उसमें 1 गिलास पानी, अजवाइन, काली मिर्च और तुलसी के पत्ते डालें। पानी को 5 मिनट तक उबलने दें। गैस को बंद करें। इसमें शहद मिलाने से पहले मिश्रण को थोड़ी देर के लिए ठंडा होने दें। काढ़ा को अच्छी तरह से मिलाएं और इसे पी लें।

 इसके फायदे-
अजवाइन गुणों से भरी हुई है। इसमें जब काली मिर्च, तुलसी, शहद डालकर काढ़ा बनाया जाता है, तो इसके गुण और भी बढ़ जाते हैं। फ्लू से छुटकारा दिलाने के साथ अजवाइन का काढ़ा इन परेशानियों से भी मुक्ति दिलाता है।
पेट की बीमारियों से छुटकारा।
सर्दी-जुकाम और खांसी में राहत।
मसूड़ों की सूजन।
पीरियड्स के दर्द से छुटकारा।
मुंहासों से छुटकारा।

 इन बातों का रखें ध्यान
एक दिन में बहुत ज्यादा अजवाइन सेहत के लिए हानिकारक हो सकती है, इसलिए इस काढ़े को दिन में सिर्फ एक ही बार पिएं. वहीं, स्तनपान कराने वाली मां और गर्भवती को इस काढ़े का सेवन नहीं करना चाहिए।

 

लाइफस्टाइल / शौर्यपथ आधुन‍िक जीवनशैली में हमनें खाने की तरीके में भी बहुत बदलाव कि‍या है। पहले लोग जमीन पर सुखासन में बैठकर खाना खाया करते थे। खाना खाते वक्‍त क‍िसी से बात नहीं करते थे। ज्‍योत‍िष की दृष्‍ट‍ि से खाना खाने की आदतों का हमारे ग्रहों पर असर पड़ता है। पं.श‍िवकुमार शर्मा से जान‍िए रोजमर्रा में प्रयुक्‍त होने वाली आदतें और उनका असर।
-भोजन कभी भी अपने बेड पर बैठकर ना खाएं। इससे अन्‍न का अपमान होता है और राहु अप्रसन्‍न होते हैं।
-खाना खाते समय टीवी देखना, क‍िताब पढ़ना ठीक नहीं होता। इससे हमारी श्‍वास नली में भोजन के कण फंसने का डर रहता है।
-खाना खाने से पहले हाथ और पैर अवश्‍य धोएं। इससे हान‍िकारक बैक्‍टिर‍िया भोजन के जरि‍ए हमारे पेट में नहीं पहुंच पाते। भोजन जल्‍दी-जल्‍दी ना चबााएं। भोजन के तुरंत बाद पानी ना प‍िएं। खाना खाने के 40 म‍िनट बाद पानी पी सकते हैं। भोजन हमेशा बैठकर ही करें।
- भोजन कररने के बाद कुछ लोग थाली में ही अपने हाथ धो देते हैं। इससे अन्‍नपूर्णा का अपमान होता है। चंद्र और शुक्र अप्रसन्‍न हो जाते हैं। ऐसे घर से बरकत चली जाती है।
-थाली में जूठन छोड़ना अन्‍न का अपमान होता है। इससे मां अन्‍नपूर्णा का शाप लगता है।
-भोजन करते समय हमारा मुंह पूर्व या उत्‍तर में होना चाह‍िए।
-भोजन करने से पहले या भोजन करने के बाद लघु शंका करनी चाह‍िए।

शौर्यपथ/ आज से अधिकमास शुरूहो गया है। अधिकमास में भगवान विष्णु की पूजा अर्चना की जाती है। इस महीने कोई भी शुभ कार्य नहीं किया जाता है। लेकिन अधिकमास में खरीददारी करने पर कोई रोक नहीं है। लेकिन इस बात का ध्यान रखना चाहिए कि ग्रह प्रवेश, मुंडन, सगाई, विवाह आदि कार्य करना वर्जित है। इसके अलावा इस महीने को पुरुषोत्तम के नाम से भी जानते हैं। अधिकमास में सर्वार्थसिद्धि योग समेत बन रहे हैं ये 5 ऐसे योग बन रहे हैं जो बहुत ही उत्तम योग हैं।
ज्योतिषियों के अनुसार अक्टबूर में अधिकमास में ये सभी योग आपको सफलता दिला सकते हैं। आपको बता दें कि सितंबर की 26 तारीख को छोड़कर अक्टूबर की 1, 4, 6, 7, 9, 11, 17 को सवार्थ सिद्धि योग रहेगा। आपको बता दें कि ज्योतिष शास्त्र में सर्वार्थ सिद्धि योग बेहद शुभ योग माना जाता है। यह नक्षत्र, तिथि और वार के संयोग से बनता है।
कहते हैं कि यह शुभ योग मनचाहा वरदान और तरक्की दिलाता है। इस संयोग में कहा जाता है कि जो भी शुभ कार्य शुरू होता है तो वो दोबारा भी होता है। इसलिए इस योग में आप जो खरीदेंगे और भी लाएंगे। 19 एवं 27 सितंबर को द्विपुष्कर योग है। अक्टूबर में ही अमृतसिद्धि योग पड़ रहा है। इस योग में किए गए कार्य का फल अमृत होता है। अधिक मास में दो दिन पुष्य नक्षत्र भी पड़ रहा है। 10 अक्टूबर को रवि पुष्य और 11 अक्टूबर को सोम पुष्य नक्षत्र रहेगा।

हमारा शौर्य

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