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सेहत / शौर्यपथ / अक्सर आपने सुना होगा कि स्ट्रेस लेने से व्यक्ति चिड़चिड़ा हो जाता है, उसका किसी से बात करने का मन नहीं करता, यहां तक कि वो अपने परिवार और दोस्तों से भी ढंग से बात नहीं करना चाहता। बावजूद इसके अगर हम कहें कि लाइफ में थोड़ा स्ट्रेस बेहद जरूरी है तो? सुनकर आप भी सोच में पड़ गए होंगे कि भला ये क्या बात हुई, पर ये सच हैं। आइए जानते हैं कैसे कुछ चीजों के लिए स्ट्रेस लेने से लाइफ बन सकती है कूल।
सुबह जल्दी उठना-
आमतौर पर लोगों को सुबह जल्दी उठना बेहद तनावपूर्ण लगता है। अगर आप भी इस लिस्ट में शामिल हैं तो ये तनाव लेने की आदत डाल लें। जरा सोचिए, सुबह जल्दी उठने से आप अपने पूरे दिन को अच्छे से व्यवस्थित कर सकते हैं। ऐसा करने से आपके सभी जरूरी काम टाइम से पूरे होंगे और आप बिना बात का तनाव लेने से बच जाएंगे।
एक्सरसाइज करना न भूलें-
अगर आप सुबह जल्दी उठकर एक्सरससाइज या मेडिटेशन करते हैं तो आपका शरीरिक स्वास्थ्य तो ठीक रहता ही है बल्कि आप मानसिक रूप से भी अच्छा महसूस करते हैं। खुद को पॉजिटिव बनाए रखने के लिए रोजाना एक्सरसाइज करें।
सफाई करना-
खुद के साथ अपने आस-पास की जगह को भी साफ रखें। गंदा घर या अव्यवस्थित पड़ी चीजें व्यक्ति को डिप्रेशन में डाल सकती हैं। भले ही शुरूआत में आपको ये काम थोड़ा तनावपूर्ण लग सकता है लेकिन स्वच्छ वातावरण सकारात्मक सोच को जन्म देता है और आप तनाव से दूर रहते हैं।
पढ़ाई करना-
कहावत है कि किताबें आपकी सबसे अच्छी दोस्त होती हैं। खुद को तनाव से दूर रखने के लिए अच्छी किताबें पढ़ने के लिए थोड़ा समय निकालें। भले ही आपको यह काम थोड़ा तनावपूर्ण लगे लेकिन यकीन मानिए किताबें पढ़ने का शौक हर किसी के लिए बेहद फायदेमंद होता है। इस स्ट्रेस को लेने से न सिर्फ आपकी विभिन्न विषयों के प्रति आपकी जानकारी बढ़ती है बल्कि आपकी सोच का दायरा भी व्यापक होता है।
खाना बनाना-
एक अच्छा पौष्टिक भोजन न सिर्फ आपके स्वास्थ्य का ध्यान रखता है बल्कि आपके स्ट्रेस को भी दूर रखने में मदद करता है। इसलिए खाना बनाने के इस स्ट्रेस को रोजमर्रा के जीवन में शामिल करके इसे अपनी हॉबी बनाएं और खुद को स्ट्रेस और बीमारियों से दूर रखें ।
खेल / शौर्यपथ / टीम इंडिया के पूर्व क्रिकेटर और मौजूदा स्टार कमेंटेटर आकाश चोपड़ा ने बताया है कि विराट कोहली के बाद कौन क्रिकेटर टीम इंडिया का कप्तान बन सकता है। आकाश का मानना है कि यह खिलाड़ी केएल राहुल होगा, लेकिन साथ ही कहा कि इसके लिए देखना होगा कि वो इंडियन प्रीमियर लीग (आईपीएल) के 13वें सीजन में किस तरह से किंग्स इलेवन पंजाब की अगुवाई करते हैं। आईपीएल के 13वें सीजन का आगाज 19 सितंबर से युनाइटेड अरब अमीरात (यूएई) में होना है। राहुल इस बार किंग्स इलेवन पंजाब टीम की कमान संभालेंगे।
किंग्स इलेवन पंजाब के लिए पिछले दो सालों में राहुल ने शानदार बल्लेबाजी की है और टीम के कप्तान रहे आर अश्विन को दिल्ली कैपिटल्स को ट्रेड कर दिया गया, जिसके बाद राहुल को टीम की कमान सौंपी गई। कोविड-19 महामारी के चलते आईपीएल यूएई में खेला जाना है। किंग्स इलेवन पंजाब की टीम अभी तक कोई आईपीएल खिताब नहीं जीत सकी है और देखना होगा कि राहुल अपनी कप्तानी और बल्लेबाजी के दम पर टीम को इस सीजन में कितना आगे तक ले जा पाते हैं। आकाश ने फेसबुक पेज पर अपने एक फैन के सवाल के जवाब में कहा, 'मैं उम्मीद करता हूं कि उनकी कप्तानी अच्छी होगी। दरअसल हमें उनकी कप्तानी का एक आइडिया लग जाएगा, कि वो किस तरह से गेम को आगे बढ़ाचे हैं, किस तरह की रणनीति अपनाते हैं। अगर हम कोहली और रोहित (शर्मा) को देखते हैं, तो दोनों एक ही एज ग्रुप के हैं, और एक समय पर आकर आपको लग सकता है कि अब उनमें वो कप्तान वाली बात नहीं रही।'
कोहली जब भी टीम से बाहर होते हैं, तो रोहित को उनकी जगह कप्तान बनाया जाता है। आने वाले समय में परिस्थितियां बदल सकती हैं। धोनी के समय में कोहली कप्तान के तौर पर तैयार हुए, लेकिन मौजूदा समय में अगर आप अगले कप्तान के बारे में सोचेंगे, तो आपको शायद ही किसी का नाम सूझेगा। वहीं आकाश का मानना है कि 28 वर्षीय राहुल कोहली के बाद टीम इंडिया के कप्तान बन सकते हैं। उन्होंने कहा, 'जैसा कि कहा जाता है कि एक समय आता है जब आपको बैटन को किसी और को देना होता है, जैसे एमएस धोनी ने कोहली को दिया था, कोहली किसी और को देंगे। जब वो ऐसा करेंगे, तो राहुल इस लाइन में अगले खिलाड़ी हो सकते हैं। तो, मुझे लगता है कि यह आईपीएल दिखाएगा कि कप्तान के तौर पर राहुल कैसे होंगे। मुझे लगता है कि वो अच्छे कप्तान साबित होंगे।'
मनोरंजन / शौर्यपथ / बॉलीवुड एक्टर अक्षय कुमार हाल ही में बेयर ग्रिल्स के शो इंटू द वाइल्ड में नजर आए। उन्होंने घने जंगलों में खूंखार जानवरों के बीच कई रोमांचक कारनामे किए, जिसे देखकर बेयर ग्रिल्स काफी इम्प्रेस हो गए। इसके अलावा शो में अक्षय कुमार ने बेयर ग्रिल्स को अपने फिल्मी करियर के जुड़ी कई बातें बताईं।
अक्षय ने कहा, ''मैं बच्चों को मार्शल आर्ट्स सिखाया करता था। एक दिन मेरे एक स्टूडेंट के पिता ने मुझसे कहा कि तुम्हें मॉडलिंग में हाथ आजमाना चाहिए। उनकी सिफारिश पर मुझे शूट करने का मौका मिला। मैं एक स्टूडियो पहुंचा और वहां एक लड़की आई। हम दोनों ने साथ में पोज दिए और कुछ तस्वीरें खिंचवाई। इसके बदले में मुझे 21 हजार रुपये का चेक मिला। मुझे बहुत अच्छा लगा।''
अक्षय कुमार ने आगे बताया कि उस समय मैंने सोचा कि मार्शल आर्ट्स सिखाने के सिर्फ 5 हजार रुपये मिलते हैं जबकि फोटो खिंचवाने के बहुत ज्यादा पैसे मिल रहे हैं। इसके बाद मैंने इसी फील्ड में आगे बढ़ने का फैसला ले लिया। उन्होंने यह भी बताया कि जिन्होंने मुझे एक्टर बनने का ऑफर दिया था उन्होंने मेरी मुलाकात प्रमोद चक्रवर्ती से करवाई। पहली मुलाकात में ही उन्होंने मुझे 5 मिनट के अंदर 3 फिल्में ऑफर कर डाली। हालांकि, अक्षय ने बताया कि ये तीनों फिल्में फ्लॉप रहीं लेकिन चौथी फिल्म ने ठीक-ठाक बिजनेस किया। इसके बाद फिल्मी सफर का कारवां आगे बढ़ता गया।
बता दें कि हाल ही में अक्षय कुमार ने 'इंटू द वाइल्ड' के लिए काम करने का अनुभव साझा किया था। इंस्टाग्राम लाइव चैट के दौरान हुमा ने अक्षय कुमार से पूछा कि बेयर ग्रिल्स ने उन्हें कैसे 'हाथी के पूप की चाय' पीने के लिए राजी किया? इसके जवाब में अक्षय ने कहा कि यह उनके लिए कोई बड़ी बात नहीं है और वह इसे लेकर एक्साइटेड थे।
अक्षय ने बताया कि आयुर्वेदिक कारणों से वह रोज गौमूत्र पीते थे। वहीं, लाइव चैट में बेयर ग्रिल्स ने अक्षय कुमार की जमकर तारीफ की और कहा कि जब लोग फेमस हो जाते हैं, तो वे अपने कम्फर्ट जोन से बाहर काम करना बंद कर देते हैं, क्योंकि उन्हें कमजोर दिखने का डर होता हैं लेकिन अक्षय ऐसे नहीं है वह हर चीज के लिए तैयार थे।
नई / शौर्यपथ / पूर्वी लद्दाख में वास्तविक नियंत्रण रेखा पर चीन के सात बीते चार महीनों से टकराव जारी है। इस बीच रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह पूर्वी लद्दाख में वास्तविक नियंत्रण रेखा के पास भारत और चीनी सैनिकों के बीच जारी गतिरोध को लेकर आज यानी मंगलवार को संसद में एक बयान दे सकते हैं। संसदीय सूत्रों ने यह जानकारी दी। विपक्ष द्वारा इस मुद्दे पर चर्चा कराये जाने की मांग के बीच यह बयान काफी महत्व रखता है।
रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह की हाल में मास्को में चीन के रक्षा मंत्री वेई फेंगहे के साथ मुलाकात हुई थी। कुछ दिन पहले विदेश मंत्री जयशंकर की भी चीन के उनके समकक्ष वांग यी के साथ मुलाकात हुई थी। चीन के साथ सीमा विवाद को सुलझाने के लिए दोनों देशों के बीच हर स्तर पर वार्ता हो रही है, मगर चीनी सेना बार-बार घुसपैठ की कोशिश करती है, जिसे भारतीय सेना नाकाम कर देती है।
इस बीच, कैबिनेट और मंत्रिमंडल की आर्थिक मामलों की समिति की मंगलवार अपराह्न वीडियो कांफ्रेंस के जरिये बैठक हो सकती है। सरकार के सूत्रों ने यह जानकारी दी है। सोमवार से शुरू हुए संसद के मानसून सत्र में विपक्ष भारत-चीन मुद्दे, कोविड की स्थिति, आर्थिक शिथिलता और बेरोजगारी जैसे मुद्दों पर सरकार को घेरने का कोई मौका छोड़ने के पक्ष में नहीं है।
बता दें कि चीन और भारत के सैनिकों के बीच बीते 15 जून को हिंसक झड़प हुई थी जिसमें भारत के एक कर्नल सहित 20 सैनिक शहीद हो गये थे। चीन के भी बड़ी संख्या में सैनिक मारे गये थे हालांकि चीन ने कभी आधिकारिक तौर पर इसका ऐलान नहीं किया। इसके बाद फिर से 29-30 अगस्त की रात चीनी सेना ने घुसपैठ की कोशिश की थी, जिसे भारतीय जवानों ने नाकाम कर दिया।
नई दिल्ली / शौर्यपथ / सोमवार को भारत ने चीन को संयुक्त राष्ट्र में करारी शिकस्त दी है। भारत को संयुक्त राष्ट्र के आर्थिक और सामाजिक परिषद (ECOSOC) की एक संस्था यूनाइटेड नेशन के कमीशन ऑफ़ स्टेटस ऑफ वीमेन (Commission on Status of Women) के सदस्य के रूप में चुना गया है। सोमवार के संयुक्त राष्ट्र में भारत के स्थायी प्रतिनिधि टीएस तिरुमूर्ति ने यह जानकारी दी।
तिरुमूर्ति ने ट्वीट कर कहा, "भारत प्रतिष्ठित ईसीओएसओसी निकाय में सीट जीत गया है! भारत को Commission on Status of Women का सदस्य चुना गया। यह हमारे लैंगिक समानता और महिला सशक्तीकरण को बढ़ावा देने के लिए हमारी प्रतिबद्धता का एक महत्वपूर्ण समर्थन है। हम समर्थन के लिए सभी सदस्य देशों को धन्यवाद देते हैं।"
आपको बता दें कि भारत, अफगानिस्तान और चीन ने इसके लिए लिए चुनाव लड़ा था। भारत और अफगानिस्तान ने 54 सदस्यों के बीच मतदान में जीत हासिल की, लेकिन चीन को आधे सदस्य देशों का भी समर्थन नहीं मिल सका।
इस वर्ष बीजिंग वर्ल्ड कॉन्फ्रेंस ऑन वीमेन (1995) की 25 वीं वर्षगांठ है। भारत 2021 से 2025 तक यानी चार वर्षों के लिए इसका सदस्य रहेगा।
नई दिल्ली / शौर्यपथ / प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी मंगलवार को बिहार की जलापूर्ति व सीवर से जुड़ी 543.28 करोड़ की विभिन्न परियोजनाओं का उद्घाटन और शिलान्यास करेंगे। ये परियोजनाएं केंद्र की नमामि गंगे और अमरुत योजना से जुड़ी हैं। इनमें पटना की बेउर और कर्मलीचक सीवर ट्रीटमेंट प्लांट के अलावा सीवान, छपरा, मुंगेर, जमालपुर, मुजफ्फरपुर से जुड़ी परियोजनाएं शामिल हैं।
सीवेज ट्रीटमेंट प्लांट का उद्घाटन करेंगे पीएम
पीएम बेउर और कर्मलीचक सीवेज ट्रीटमेंट प्लांट का उद्घाटन करेंगे। नगर परिषद सीवान और छपरा नगर निगम की जलापूर्ति योजना का उद्घाटन होना है। वहीं मुजफ्फरपुर में रिवर फ्रंट विकसित करने और मुंगेर नगर निगम तथा जमालपुर नगर परिषद की जलापूर्ति योजनाओं का शिलान्यास होगा।
प्रधानमंत्री 10 और 13 सितंबर को मत्स्य विभाग और पेट्रोलियम से जुड़ी कई परियोजनाओं का शुभारंभ कर चुके हैं। इसी क्रम में नगरीय विकास से जुड़ी परियोजनाओं का उद्घाटन-शिलान्यास 15 सितंबर को होना है।
बिहार विधानचुनाव से पहले सौगातों की बारिश
बिहार विधान चुनाव से पहले मोदी सरकार बिहार को लगातार केंद्रीय योजनाओं की सौगात दे रही हैं। पीएम मोदी की सरकार 13 सितंबंर को बिहार से जुड़ी 901 करोड़ रुपए की तीन योजनाओं का शुभारंभ किया था। इसमें पारादीप- हल्दिया-दुर्गापुर पाइपलाइन के दुर्गापुर-बांका खंड के 634 करोड़ रुपए की लागत से 193 किमी लम्बी पाइपलाइन का उद्घाटन समेत बांका में ही 131 करोड़ की लागत से एलपीजी बॉटलिंग प्लांट का उद्घाटन भी शामिल था। वहीं 136 करोड़ रुपए की लागत से पूर्वी चम्पारण के सुगौली में न्यू एलपीजी प्लांट का भी शुभारंभ किया था।
मत्स्य, पशुपालन व कृषि विभाग से जुड़ी 294.53 करोड़ की योजनाओं का उद्घाटन और शिलान्यास
वहीं इससे पहले 10 सितंबर को प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने बिहार को मत्स्य, पशुपालन व कृषि विभाग से जुड़ी 294.53 करोड़ की योजनाओं की सौगात दी। इस दौरान प्रधानमंत्री मत्स्य संपदा योजना अंतर्गत 107 करोड़ की लागत की परियोजना के शुभारंभ की घोषणा की। प्रधानमंत्री मोदी ने इस दौरान 5 करोड़ की लागत से सीतामढ़ी के डुमरा में बखरी मछली बीज फार्म, 10 करोड़ का किशनगंज के मत्स्य पालन कॉलेज और पटना स्थित बिहार पशु विज्ञान विश्वविद्यालय में जलीय रेफरल प्रयोगशला का उद्घाटन किया। पटना के मसौढ़ी का 2 करोड़ का फिश ऑन व्हील्स, मधेपुरा का एक करोड़ का मत्स्य चारा मिल, 2.87 करोड़ का कृषि विश्वविद्यालय, पूसा का समेकित मात्स्यिकी उत्पादन प्रौद्योगिकी केन्द्र का उद्घाटन किया।
वहीं 84.27 करोड़ की लागत से बनी पूर्णिया सीमेन स्टेशन, 8.06 करोड़ का पटना में इम्ब्रयो ट्रांसफर टेक्नोलॉजी और आईवीएफ लैब, 2.13 करोड़ का बेगूसराय, खगड़िया, समस्तीपुर, नालन्दा और गया में तैयार सेक्स सार्टेड सीमेन परियोजना का शुभारंभ किया। उन्होंने कृषि विवि समस्तीपुर का 11 करोड़ से बना स्कूल ऑफ एग्रीबिजिनेस एंड रूरल मैनेजमेंट के भवन का उद्घाटन, 27 करोड़ का ब्वायज हॉस्टल, 25 करोड़ का स्टेडियम और 11 करोड़ का इंटरनेशनल गेस्ट हाउस का शिलान्यास किया।
नई दिल्ली / शौर्यपथ /18 साल के लंबे अंतराल के बाद सरकार जम्मू और कश्मीर के कठुआ में सीमावर्ती क्षेत्रों में सीमा रेखा (जीरो लाइन) पर खेती करने के लिए कदम उठा रही है। सीमा पर जमीनी हकीकत का आकलन करने और खेती के लिए तैयार करने के लिए कठुआ के उपायुक्त ओपी भगत, एक सीमा सुरक्षा बल के अधिकारी, कृषि विभाग के मुख्य प्रशासनिक अधिकारी और एक सीमा क्षेत्र पंचायत प्रतिनिधि की सोमवार को बीओपी पर जीरो लाइन पर एक बैठक हुई।
बैठक में खेती की सारी तैयारी, किसानों की जमीन का सीमांकन और लैंडमाइन जैसी आशंकाओं पर चर्चा की गई।
बैठक में शामिल अधिकारियों ने एक बंकर वाहन में जीरो लाइन का दौरा भी किया और खेती की जमीनी स्थिति और व्यवहार्यता का आकलन किया। पाकिस्तान के किसान अपने खेतों पर जीरो लाइन तक खेती कर रहे हैं, लेकिन हीरंगर सेक्टर में लगभग 3,500 नहरों की जमीन पाकिस्तान द्वारा अंधाधुंध गोलीबारी के कारण असिंचित पड़ी है।
कठुआ के उपायुक्त ओपी भगत ने बैठक के बाद किसानों को आश्वासन दिया कि अक्टूबर के महीने में बाड़ के पार गेहूं की अगली फसल की खेती जीरो लाइन पर की जाएगी।
सरकार किसानों को हर संभव मदद करेगी। किसानों को उपकरण, ट्रैक्टर और सीमा सुरक्षा बल द्वारा सुरक्षा की व्यवस्था की जाएगी। भगत ने किसानों को जीरो लाइन पर खेती के लिए तैयार रहने के लिए कहा है, क्योंकि जम्मू और कश्मीर सरकार पूरी भूमि पर बाड़ लगाने के लिए इच्छुक है। यह बीएसएफ को जीरो लाइन पर सतर्कता बनाए रखने में भी मदद करेगा।
उन्होंने कहा, "हम यहां बोआई की व्यवहार्यता और प्रक्रिया का आकलन करने के लिए आए हैं। किसानों को इसके लिए प्रोत्साहित किया जा रहा है और मुझे उम्मीद है कि हम यहां गेहूं की फसल बोने में सफल होंगे। हम किसानों को बुआई और जुताई के लिए यहां लाने की कोशिश कर रहे हैं। इससे किसानों को फायदा होगा। साथ ही यह बीएसएफ अधिकारियों के लिए लाइन को साफ कर देगा, जिससे उग्रवाद और गोलाबारी में कमी आएगी।"
बीडीसी के चेयरमैन मरीन ब्लॉक करन कुमार और सीमा निवासी अशोक कुमार भी यहां मौजूद थे और 18 साल की लंबी अवधि के बाद जीरो लाइन की जमीन पर खेती करने की सरकार की पहल की सराहना की। दो दशकों से बंजर पड़ी ज़मीनों की खेती के लिए सरकारी समर्थन मिलने के बाद वे खुश हो गए। यह सीमावर्ती किसानों की मांग थी।
अशोक कुमार ने कहा, "डीसी अन्य अधिकारियों के साथ यहां स्थिति का मूल्यांकन के लिए आए थे। राज्यपाल ने हमें यहां खेती करने का भी निर्देश दिया है, जिसके कई लाभ होंगे। सरकार और बीएसएफ हमारी मदद करने के लिए तैयार हैं। हम इस पहल के लिए सरकार को धन्यवाद देना चाहते हैं।"
रायपुर / शौर्यपथ / छत्तीसगढ़के वन मंत्री मोहम्मद अकबर ने मध्यप्रदेश के मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान को एक और चिट्ठी लिखी है। 24 घंटे के अंदर लिखी गई इस दूसरी चिट्ठी में उन्होंने इस बात पर एतराज किया है कि कवर्धा के एक आदिवासी के मध्य प्रदेश पुलिस द्वारा हत्या करने को उन्होंने संज्ञान नहीं लिया। श्री अकबर ने एक दिन पहले लिखी गई चिट्ठी का हवाला देते हुए कहा है यह मामला बेहद गंभीर है अभी तक मध्यप्रदेश सरकार द्वारा इसे लेकर कोई कदम नहीं उठाया गया है।
वन मंत्री ने कहा कि 6 सितंबर को मध्यप्रदेश पुलिस ने छत्तीसगढ़ के एक निर्दोष आदिवासी की हत्या कर दी और दूसरे आदिवासी की हत्या का प्रयास किया, जो बेहद गंभीर मामला है। उन्होंने कहा कि इससे छत्तीसगढ़ के आदिवासी समाज में गुस्सा बढ़ता जा रहा है। वन मंत्री अकबर ने उनके द्वारा पहले लिखी गई चिट्ठी पर कार्रवाई न होने पर निराशा जाहिर की। उन्होंने मुख्यमंत्री शिवराज से अनुरोध किया कि इस संवेदनशील प्रकरण में उच्च स्तरीय जांच तत्काल की जाए और छत्तीसगढ़ सरकार को इसकी जानकारी मुहैया कराई जाए।
रायपुर / शौर्यपथ / राज्यपाल सुश्री अनुसुईया उइके की विशेष पहल पर मध्यप्रदेश के छिंदवाड़ा जिले को छत्तीसगढ़ दुर्ग जिले से लिक्विड ऑक्सीजन गैस की आपूर्ति सुनिश्चित की गई है। इसके लिए छिंदवाड़ा जिले के सामाजिक संगठनों और गणमान्य नागरिकों ने राज्यपाल सुश्री अनुसुईया उइके के प्रति आभार व्यक्त किया है।
कोरोना वायरस से संक्रमित गंभीर रोगियों को जरूरत पड़ने पर ऑक्सीजन गैस देकर उनकी जान बचाई जाती हैं। इस समय सभी अस्पतालों में लिक्विड ऑक्सीजन गैस की सिलेण्डरों की आवश्यकता सबसे अधिक है। मध्यप्रदेश के छिंदवाड़ा जिले में नागपुर से लिक्विड ऑक्सीजन गैस का प्रदाय किया जाता रहा है। परन्तु गत दिनों वहां अपरिहार्य कारणों से आक्सीजन गैस की आपूर्ति बाधित हो गई, जिससे छिंदवाड़ा जिले में ऑक्सीजन गैस सिलेंडर की कमी आ गई। तब छिन्दवाड़ा जिले के कलेक्टर ने राज्यपाल से दुर्ग जिले से लिक्विड आक्सीजन गैस की आपूर्ति के लिए मदद का आग्रह किया। राज्यपाल सुश्री उइके को इसकी जानकारी मिलने पर उन्होंने दुर्ग जिले के कलेक्टर एवं छत्तीसगढ़ शासन के वरिष्ठ अधिकारियों से चर्चा कर छिंदवाड़ा जिले को लिक्विड आक्सीजन गैस प्रदाय करने के निर्देश दिए।
दुर्ग जिले के कलेक्टर नेकी त्वरित व्यवस्था ...
दुर्ग जिले के कलेक्टर व शासन के अधिकारियों ने त्वरित कार्यवाही करते हुए छिन्दवाड़ा जिले में लिक्विड ऑक्सीजन की आपूर्ति की व्यवस्था की। इसके लिए छिंदवाड़ा के सामाजिक संगठन रोटरेक्ट क्लब, ओम साई मल्टीपर्पस वेलफेयर सोसाइटी, कोरोना हेल्प लाईन, के.के. एफ. संस्था ने राज्यपाल तथा दुर्ग जिले के कलेक्टर सर्वेश्वर भूरे का आभार व्यक्त किया। वहां के नागरिकों ने कहा कि राज्यपाल सुश्री उइके ने इस संकट की घड़ी में मदद कर मानवता की मिसाल पेश की है। यह उनकी संवेदनशीलता की पहचान है कि वे बिना किसी कठिन प्रक्रिया के इस कार्य के लिए मदद की। राज्यपाल ने त्वरित कार्यवाही के लिए छत्तीसगढ़ शासन के वरिष्ठ अधिकारियों और दुर्ग जिले के कलेक्टर की सराहना की है।
रायपुर / शौर्यपथ / मुख्यमंत्री भूपेश बघेल ने आज यहां अपने निवास कार्यालय में हाईवे पेट्रोलिंग हेतु 15 वाहनों को हरी झंडी दिखाकर रवाना किया। इस अवसर पर मुख्यमंत्री ने कहा कि नागरिकों को इससे सुगम, सुरक्षित और निर्बाध आवागमन की सुविधा मिलेगी साथ ही सड़क दुर्घटना पीड़ितों को भी तत्काल राहत और सहायता मिल सकेगी। उन्होंने कहा कि शासन दुर्घटनाओं को नियंत्रित करने के लिये प्रतिबद्ध है। दुर्घटनाजन्य स्थलों की पहचान कर हाईवे पेट्रोलिंग वाहनों के माध्यम से घायलों को शीघ्र ही मदद मिल पाएगी। शीघ्र मदद मिलने से सड़क दुर्घटना में घायल लोगों की जान बच सकेगी और दुर्घटनाओं में भी कमी आएगी। मुख्यमंत्री श्री बघेल द्वारा दस जिलों बलौदाबाजार, धमतरी, बालोद, बेमेतरा, कोरिया, जशपुर, सूरजपुर, बलरामपुर, कांकेर और कोण्डागांव के लिये 15 हाईवे पेट्रोल वाहनों को रवाना किया गया।
इस अवसर पर गृह मंत्री ताम्रध्वज साहू, पुलिस महानिदेशक डी.एम. अवस्थी, पुलिस महानिदेशक जेल संजय पिल्ले, विशेष पुलिस महानिदेशक आर के विज और अशोक जुनेजा सहित पुलिस विभाग के वरिष्ठ अधिकारी उपस्थित थे। दस जिलों के राजमार्गों पर ब्लैक स्पॉट के आधार पर 15 सड़क खण्ड चिन्हित किये गये हैं, जिनकी लंबाई करीब 25 किलोमीटर है। इस मार्ग पर 24 घंटे तीन पालियों में एएसआई, हेड कॉन्सटेबल, कॉन्सटेबल और ड्राईवर उपलब्ध रहेंगे। हाईवे पेट्रोलिंग टीम सड़क दुर्घटना होने पर तत्काल घटना स्थल पर पहुंचेगी और दुर्घटना पीड़ित को 108 वाहन या हाईवे पेट्रोलिंग वाहन से तत्काल नजदीकी शासकीय अस्पताल हेतु रवाना करेगी।
इसके साथ ही दुर्घटना पीड़ित व्यक्तियों के परिजनों को तुरंत सूचना दी जाएगी। टीम द्वारा हाईवे के किनारे खड़े खराब, दुर्घटनाग्रस्त, अवैध पार्किंग के वाहनों को हटवाया जाएगा। हाईवे पेट्रोलिंग के संचालन एवं नियंत्रण पर संबंधित पुलिस अधीक्षक का पूर्ण दायित्व होगा।
इस संसाधनों से लैस हैं हाईवे पट्रोलिंग वाहन- हाइवे पेट्रोलिंग वाहन सभी अतिआधुनिक एवं तकनीकि संसाधनों से लैस हैं। इनमें जीपीएस सिस्टम, ब्रीथ एनालाईजर(एल्कोमीटर), स्मार्ट फोन, रिफ्लेक्टर जैकेट, रेनकोट, एलईडी बेटन, एलईडी लाईट, पी.ए. सिस्टम एवं सायरन, वायरलेस सेट, डिजिटल कैमरा, फर्स्ट एड बॉक्स, अग्नि शमन यंत्र, सर्ट लाईट, टूल किट (टोइंग हेतु), स्ट्रैचर की सुविधा उपलब्ध है।
उल्लेखनीय है कि वर्तमान में वाघनदी बॉर्डर से उड़ीसा बॉर्डर तक 322 किमी तक 15 हाईवे पेट्रोलिंग गाड़ियां चल रही है। इससे सड़क दुर्घटनाओं और घायलों को समय पर उपचार मिलने में अत्यधिक सहायता मिली है। नई 15 हाईवे पेट्रोलिंग गाड़ियों के लिये यातायात पुलिस और अंतर्विभागीय समिति द्वारा नये 15 सड़क खण्डों में उन दुर्घटनाजन्य स्थलों को चिह्नित किया गया है जहां डायल 112 की गाड़ियां नहीं चल रही हैं।
एआईजी यातायात संजय शर्मा ने बताया कि हाईवे पेट्रोलिंग गाड़ियों की त्वरित प्रतिक्रिया की वजह से विगत वर्ष की तुलना में पिछले 8 माह में सड़क दुर्घटनाओं में 24 प्रतिशत और सड़क दुर्घटनाओं में मृत्यु में 20 प्रतिशत की कमी आई है।
Feb 09, 2021 Rate: 4.00
