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June 03, 2026
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शौर्यपथ

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रायपुर / शौर्यपथ / “आप टेंशन मत लो। आप जैसा सोचोगे वैसा आपके साथ होगा। आराम से फ्री-माइंड होकर इन्जॉय करो। जल्द ही आप घर चले जाओगे। आपका दस दिन कम्प्लिट... और फिर आप घर पर नजर आओगे।” पढ़ने-सुनने में यह किसी मनोचिकित्सक और उसके मरीज के बीच की बातचीत लगती है। पर दरअसल यह एक अस्पताल कर्मचारी और कोरोना संक्रमित मरीज के बीच की बातचीत है। प्रदेश के कोविड अस्पतालों में ऐसे बहुत से लोग हैं जो अस्पताल प्रशासन द्वारा सौंपे गए दायित्वों को पूर्ण करने के साथ ही वहां इलाज करा रहे मरीजों की हौसला अफजाई और मनोबल बढ़ाने का भी काम कर रहे हैं।
ऊपर जिक्र में आया बातचीत माना कोविड अस्पताल में वार्डब्वॉय का काम करने वाले चंद्रशेखर और वहां इलाज करा रहे कोविड-19 के मरीज के बीच की है। प्रदेश के कोविड अस्पतालों में भर्ती मरीजों को कोरोनामुक्त करने में डॉक्टरों और नर्सों के साथ वहां का पूरा अमला लगा हुआ है। अपने कार्यालयीन दायित्वों के साथ ही वे हर स्तर पर मरीजों की सहायता कर रहे हैं। चाहे उनकी जरूरत का समान उन तक पहुंचाना हो, उनकी सेहत का हाल-चाल जानना हो, वक्त पर उनके खाने-पीने की व्यवस्था को अंजाम देना हो या कोरोना से परेशान होकर हौसला खो रहे मरीजों का मनोबल बढ़ाना हो, वे हर जरूरत पर वहां मौजूद हैं।

कोरोना को मात देकर माना कोविड अस्पताल से आज ही घर लौटीं सुश्री अंकिता शर्मा कहती हैं – “अस्पताल में एक समय मैं सोचती थी कि घर कब पहुंचुंगी ! अकेलेपन के कारण मन में कई तरह के ख्याल आ रहे थे। नींद उड़ चुकी थी। मानसिक दुर्बलता के उस दौर में चंद्रशेखर की बातों ने अपनापन दिया, आत्मबल दिया।” चंद्रशेखर ने अंकिता की मनःस्थिति को भांप कर अपनी बातों से उसे हिम्मत बंधाई, सकारात्मकता दी। तनावमुक्त रहने कहा और जल्दी ही स्वस्थ होकर घर लौटने की उम्मीद भी जगाई। अंकिता चंद्रशेखर को धन्यवाद देते हुए कहती है कि उसने गैरों के बीच छोटे भाई की तरह मुझे अपनेपन का अहसास कराया।

पिछले कुछ महीनों से माना कोविड अस्पताल में काम कर रहे श्री चंद्रशेखर कहते हैं कि यहां मरीजों की मदद कर संतोष महसूस होता है। अस्पताल द्वारा दिए गए काम को पूरा करने के साथ ही वे जब किसी मरीज को निराश, हताश या हौसला खोते हुए देखते हैं, तो वे अपनी बातों से उनका मनोबल बढ़ाते हैं। वे कहते हैं – “पहले मुझे भी यहां डर लगता था। लेकिन अब नहीं लगता है। बीमारी और मानसिक परेशानी से जूझ रहे लोगों की सहायता करना अच्छा लगता है। हमारी बातों से किसी का मनोबल बढ़ता है, चिंता दूर होती है या मरीज के मन में सब कुछ ठीक हो जाने का भरोसा जगता है, तो इससे संतुष्टि मिलती है।

रायपुर / शौर्यपथ / मुख्य निर्वाचन पदाधिकारी कार्यालय छत्तीसगढ़ द्वारा विधानसभा उप चुनाव 2020 (24-मरवाही) की तैयारियों तथा सुगम संचालन के लिए 20 और 21 सितम्बर को प्रशिक्षण कार्यक्रम का आयोजन किया गया है । यह प्रशिक्षण पूर्वान्ह 11 बजे से आयोजित होगा। प्रशिक्षण कार्यक्रम लाभांडी रायपुर स्थित कोटयार्ड बाइ मैरियट होटल में आयोजित है। इसमें कलेक्टर एवं जिला निर्वाचन अधिकारी, रिटर्निंग तथा सहायक रिटर्निंग अधिकारी और अन्य 7 अधिकारी शामिल होंगे। गौरतलब है कि यह दो दिवसीय प्रशिक्षण कार्यक्रम पहले 21 सितम्बर से आयोजित था जो अब 20 सितम्बर से आयोजित होगा।

ग्रामीण और शहरी क्षेत्रों में पायलट केंद्र शुरू करने के लिए स्वास्थ्य विभाग ने सभी कलेक्टरों को जारी किया परिपत्र
मुख्यमंत्री ने कोविड-19 की समीक्षा बैठक में कोरोना नियंत्रण के लिए स्वयं सेवी संस्थाओं, सामाजिक और गैर-सरकारी संगठनों की मदद लेने का दिया था सुझाव

रायपुर / शौर्यपथ / कोविड-19 के बिना लक्षण और हल्के लक्षणों वाले मरीजों के स्थानीय स्तर पर देखभाल के लिए कोविड देखभाल केंद्र शुरू किए जाएंगे। स्वास्थ्य विभाग जिला प्रशासन के माध्यम से इन केंद्रों के संचालन में स्वयं सेवी संस्थाओं, गैर-सरकारी (NGOs) और सामाजिक संगठनों की सहायता लेगी। स्वास्थ्य विभाग की अपर मुख्य सचिव श्रीमती रेणु जी. पिल्ले ने शहरी और ग्रामीण क्षेत्रों में कोरोना संक्रमितों के लिए इस तरह के पायलट सामुदायिक देखभाल केंद्र शुरू करने सभी कलेक्टरों को परिपत्र जारी किया है। उल्लेखनीय है कि मुख्यमंत्री श्री भूपेश बघेल ने विगत दिनों कोरोना नियंत्रण के उपायों और व्यवस्थाओं की समीक्षा करते हुए इसमें स्वयं सेवी, सामाजिक और गैर-सरकारी संगठनों की मदद लेने का सुझाव दिया था।
स्वास्थ्य विभाग द्वारा इस संबंध में कलेक्टरों को जारी परिपत्र में कहा गया है कि प्रदेश में पिछलों दिनों में कोविड-19 संक्रमितों की संख्या में वृद्धि हुई है। कोविड-19 मरीजों के अध्ययन में यह तथ्य संज्ञान में आया है कि संक्रमित पाए गए ज्यादातर लोग लक्षणरहित हैं। लक्षणरहित मरीजो की संख्या में वृद्धि की संभावना को देखते हुए गैर-लाक्षणिक और कम लक्षण वाले धनात्मक प्रकरणों की स्थानीय स्तर पर देखभाल के लिए सामुदायिक कोविड देखभाल केन्द्र शुरू किया जाना उपयोगी होगा। ये केन्द्र स्वैच्छिक स्वास्थ्य संस्थाओं, अन्य सामाजिक संस्थाओं और जिला प्रशासन के माध्यम से संचालित किए जाएंगे। इस तरह के कोविड देखभाल केन्द्रों को कोविड अस्पतालों या कोविड केयर सेन्टर्स के नजदीक स्थापित किया जाना उचित होगा, जिससे कि वहां भर्ती किसी मरीज के लक्षणों में वृद्धि या आपात स्थिति होने पर उसे तत्काल आवश्यक उपचार उपलब्ध कराया जा सके। कोविड देखभाल केंद्र के लिए उपयुक्त जगह के नजदीक कोविड अस्पताल या कोविड केयर सेन्टर नहीं होने पर इसे जिला अस्पताल, सामुदायिक स्वास्थ्य केन्द्र, प्राथमिक स्वास्थ्य केन्द्र या उप-स्वास्थ्य केन्द्र के निकट स्थापित किया जाए। इन अस्पतालों में पदस्थ चिकित्सकीय एवं पैरामेडिकल स्टॉफ जैसे आयुष चिकित्सक, दंत चिकित्सक, ग्रामीण चिकित्सा सहायक, सी.एच.ओ., नेत्र सहायक और बहुउद्देशीय स्वास्थ्य कार्यकर्ता (एम.पी.डब्लु.) द्वारा सामुदायिक कोविड देखभाल केन्द्र में रखे गए मरीजों को टेली-कंसल्टेशन के माध्यम से उपचार संबंधी परामर्श उपलब्ध कराया जाए।
अपर मुख्य सचिव ने कलेक्टरों को कहा है कि कोविड देखभाल केन्द्रों की शुरूआत जिलों में पायलट केन्द्रों के रूप में किया जाना है। इन पायलट केन्द्रों के अनुभव के आधार पर एवं कोरोना संक्रमण के फैलाव के अनुसार इनका विस्तार जिलों के अन्य नगरीय क्षेत्रों एवं विकासखण्डों में किया जा सकता है। उन्होंने परिपत्र में कहा है कि पायलट केन्द्रों के क्रियान्वयन के लिए ऐसे स्थानों का चयन किया जाए जहां उपयुक्त स्वैच्छिक स्वास्थ्य संस्थाएं तथा अन्य समाज सेवी संस्थाएं उपलब्ध हैं, और जहां स्थानीय समुदाय शहरी या ग्रामीण कोविड देखभाल केन्द्र के क्रियान्वयन के लिए सहमत हैं। कोविड देखभाल केन्द्र के लिए भवन के चयन में बड़े भवन को प्राथमिकता दी जाए, ताकि एक ही स्थान पर ज्यादा मरीजों सेवा प्रदान की जा सके। जिला प्रशासन, नगरीय निकाय एवं ग्राम पंचायतों द्वारा कुछ समय पहले स्थानीय स्तर पर क्वारेंटाइन केन्द्र संचालित किए गए थे। उन केंद्रों में से बेहतर सुविधायुक्त भवनों को कोविड देखभाल केंद्र के लिए चिन्हांकित किया जा सकता है।
परिपत्र में सामुदायिक देखभाल केन्द्रों के संचालन के लिए जिला प्रशासन, स्वास्थ्य विभाग और सामाजिक संस्थाओं के दायित्वों का भी उल्लेख किया गया है। जिला प्रशासन को सामुदायिक देखभाल केन्द्रों के लिए भवन, भोजन और साफ-सफाई की व्यवस्था सी.एस.आर. या डी.एम.एफ. मद या स्वैच्छिक संस्थाओं के सहयोग से कराने के निर्देश दिए गए हैं। जिला प्रशासन द्वारा सामुदायिक देखभाल केन्द्र के संचालन के लिए आवश्यक समन्वय भी किया जाएगा। स्वास्थ्य विभाग द्वारा मेडिकल किट, टेली-कंसल्टेशन एवं आपात स्थिति में 108-शासकीय एंबुलेन्स द्वारा परिवहन की सुविधा प्रदान की जाएगी। स्वैच्छिक स्वास्थ्य संस्थाएं, गैर-सरकारी और सामाजिक संगठन सामुदायिक देखभाल केन्द्रों के संचालन में भवन, भोजन, साफ-सफाई तथा अन्य सभी जरूरी व्यवस्थाएं प्रदान कर जिला प्रशासन का सहयोग करेंगी।
सामुदायिक देखभाल केन्द्रों की निगरानी में समुदाय की महत्वपूर्ण सहभागिता रहेगी। इसके लिए समुदाय में से जनप्रतिनिधियों, सामाजिक कार्यकर्ताओ, सक्रिय युवाओं आदि का चिन्हांकन किया जा सकता है। इसके लिए समुदाय को जागरुक एवं प्रेरित करने मितानिनों का सहयोग लिया जा सकता है। राज्य स्तर पर इन केंद्रों की निगरानी राज्य स्वास्थ्य संसाधन केंद्र द्वारा की जाएगी। स्वास्थ्य विभाग ने सभी कलेक्टरों को परिपत्र में जारी निर्देशों के अनुसार पायलट प्रोजेक्ट के रुप में ग्रामीण एवं शहरी कोविड देखभाल केन्द्रों का क्रियान्वयन सुनिश्चित करने के निर्देश दिए हैं।

रायपुर / शौर्यपथ / पंचायत एवं ग्रामीण विकास मंत्री टी.एस. सिंहदेव रेडियो पर लैंगिक समानता और महिला सशक्तिकरण पर जानकारी देंगे। वे 20 सितम्बर को शाम साढ़े सात बजे से आठ बजे तक आकाशवाणी रायपुर से प्रसारित विशेष कार्यक्रम ‘हमर ग्रामसभा’ में इसके बारे में विस्तार से बताएंगे। इस कार्यक्रम को मीडियम वेब 981 किलोहर्ट्ज पर सुना जा सकता है। प्रदेश में स्थित आकाशवाणी के सभी केन्द्र एक साथ इस कार्यक्रम को रिले करेंगे।
आकाशवाणी के अंबिकापुर केंद्र से छत्तीसगढ़ी और सरगुजिहा में, रायगढ़ केंद्र से छत्तीसगढ़ी और कुड़ुख में तथा जगदलपुर केंद्र से छत्तीसगढ़ी और हलबी बोली में कार्यक्रम का प्रसारण किया जाएगा। शेष केंद्रों से छत्तीसगढ़ी में इसका प्रसारण होगा। उल्लेखनीय है कि विभागीय योजनाओं की जानकारी देने और इनका लाभ उठाने लोगों को प्रेरित करने पंचायत एवं ग्रामीण विकास विभाग तथा ठाकुर प्यारेलाल राज्य पंचायत एवं ग्रामीण विकास संस्थान, निमोरा द्वारा तैयार साप्ताहिक रेडियो कार्यक्रम ‘हमर ग्रामसभा’ का आकाशवाणी रायपुर द्वारा हर रविवार शाम साढ़े सात बजे से आठ बजे तक प्रसारण किया जाता है।

रायपुर / शौर्यपथ / लोक स्वास्थ्य यांत्रिकी एवं ग्रामोद्योग मंत्री गुरू रूद्रकुमार के निवास कार्यालय को सात दिनों तक आम लोगों के लिए बंद रखा गया है। मंत्री निवास कार्यालय सतनाम सदन से मिली जानकारी के अनुसार आज निजी स्टॉफ के कुल 15 लोेगों के कोरोना संक्रमित होने के कारण मंत्री गुरू रूद्रकुमार सात दिनों तक आम लोगों से भेंट-मुलाकात नहीं करेंगे। इस अवधि में उनके निर्धारित सभी कार्यक्रम नहीं होंगे। मंत्री गुरू रूद्रकुमार ने निजी स्टॉफ के संपर्क में आने वाले सभी लोगों से राज्य सरकार द्वारा जारी गाईडलाईन का पालन करते हुए अपनी कोरोना जांच कराने की अपील की है। उन्होंने बताया कि कार्यालयीन कर्मचारियों के कोरोना संक्रमित पाए जाने के कारण मंत्री निवास कार्यालय आमजनों के लिए सात दिन बंद रहेगा।

रायपुर / शौर्यपथ /वनमंत्री मोहम्मद अकबर के निर्देशन में वन विभाग द्वारा राज्य भर में वन अपराधों की रोकथाम के लिए अभियान निरंतर चलाया जा रहा है। इसके तहत 14 सितम्बर से अब तक एक सप्ताह के भीतर वन मंडल रायगढ़ के अंतर्गत जांच के दौरान खामियां पाये जाने के कारण एक आरा मिल और एक फर्नीचर मार्ट को सील कर दिया गया है। इनमें आर.के. फर्नीचर एंड टिम्बर रायगढ़ तथा रायगढ़ के ही मौदहापारा रोड स्थित संजय सॉ मिल शामिल है।
प्रधान मुख्य वन संरक्षक राकेश चतुर्वेदी के मार्गदर्शन में वन मंडलाधिकारी रायगढ़ मनोज पांडे के निर्देशानुसार गठित टीम द्वारा आरा मिलों में पहुंचकर सघन जांच की कार्रवाई निरंतर जारी है। टीम द्वारा जांच के दौरान आरा मिलों का अवैध तरीके से संचालन होने अथवा वहां लकड़ी के अवैध लट्ठे पाए जाने पर संबंधित के खिलाफ तत्काल कड़ी से कड़ी कार्रवाई की जा रही है। इस कड़ी में गत 18 सितम्बर को टीम द्वारा जांच में पाया गया कि रायगढ़ के संजय सॉ आरा मिल संचालक द्वारा बिना अनुमति के सॉ ट्रॉली स्थापित कर चलायी जा रही थी। इसको केवल आरा मशीन चलाने की अनुमति थी, ट्रॉली की नही। इसके कारण वहां बिना अनुमति चल रहे पावर सॉ मशीन तथा ट्राली को सील कर दिया गया है। संजय सॉ मिल द्वारा बिना अनुमति के सॉ ट्रॉली तथा 15 एच.पी. का मोटर लगाकर संचालन किया जा रहा था, जो अवैधानिक है। इन्हें व्यापारी का अनुज्ञप्ति प्राप्त है, लेकिन विनिर्माता का अनुज्ञप्ति नहीं होने पर भी इनके द्वारा अवैधानिक रूप से कार्य किया जा रहा था। इसी तरह संजय सॉ मिल का व्यक्तिगत हैमर वर्ष 2016 के लिए पंजीकृत थ, लेकिन इनके द्वारा नवीनीकरण न कराते हुए उक्त हैमर को अभी तक अवैधानिक रूप से उपयोग किया जा रहा था। इसके कारण संजय सॉ मिल को सील किया जाकर उसके विद्युत विच्छेद के लिए विद्युत विभाग को पत्र भेजा गया है।
संजय सॉ मिल में अभिलेखों की जांच करने पर यह पाया गया कि उसके द्वारा आर.के. मार्ट एंड टिम्बर रायगढ़ से वनोपज का चिरान किया जाता रहा है। टीम द्वारा तब विगत दिवस आर.के. मार्ट एंड टिम्बर छातामुड़ा के आरा मिल में भी दबिश दी गई। वहां मौके पर बिना हैमर निशान के साल के 153 नग लट्ठे और बीजा के 11 नग लट्ठे कुल 23 घनमीटर के करीब अवैध काष्ठ का भंडारण पाया गया, जिसे मौके पर वन विभाग द्वारा जप्त कर उससे विक्रय काष्ठागार उर्दना में भंडारण कर दिया गया है। जप्त किए गए लकड़ी का अनुमानित मूल्य लगभग 8 लाख रूपए है। उक्त कार्रवाई में वन क्षेत्रपाल श्रीमती लीला पटेल सहित प्रभारी वन परिक्षेत्र अधिकारी श्री राजेश्वर मिश्रा तथा श्री दीनबंधु प्रधान व श्री गोवर्धन राठौर आदि उड़नदस्ता दल के अमले का सराहनीय योगदान रहा।

नई दिल्ली । शौर्यपथ । बात गए साल दिसंबर की है जब जामिया इस्लामिया मामले पर प्रधानमंत्री मोदी देश से शांति और अमन की अपील करते हुए एक ट्वीट लिखे जिस पर बॉलीवुड अभिनेत्री ने जो जवाब दिया उससे शायद pm मोदी भी अचंभित रह गए होंगे । बॉलीवुड के कई स्टार सोशल मीडिया पर बेबाक राय रखने के लिए जाने जाते है और खुल कर शब्दो के सही ताल मेल व उपयुक्त समय पर उचित जवाब देने में माहिर होते है ऐसे ही pm मोदी के एक ट्वीट पर अभिनेत्री रेणुका शहाणे ने जवाब दिया जो जम कर वाइरल हो रहा है । प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी (PM Narendra Modi) ने देश के मौजूदा हालात को लेकर ट्वीट करते हुए लिखा था, "यह शांति, एकता और भाईचारा बनाए रखने का समय है. सभी से अपील है कि किसी भी तरह की अफवाह और झूठ से दूर रहें." इस तरह पीएम नरेंद्र मोदी ने देश से अपील की थी. एक्ट्रेस रेणुका शहाणे (Renuka Shahane) ने पीएम नरेंद्र मोदी (PM Narendra Modi) के ट्वीट को रिट्वीट करते हुए लिखा, "सर, फिर आप सभी से कहिए की आपके आईटी ट्विटर हैंडल सेल से दूर रहें. वह सबसे ज्यादा अफवाहें और झूठ फैला रहे हैं और पूरी तरह से भाईचारे, शांति और एकता के खिलाफ हैं. असली, 'टुकडे टुकडे' गैंग आपका आईटी सेल है, कृपया उन्हें नफरत फैलाने से रोकें." रेणुका शहाणे (Renuka Shahane Twitter) के इस ट्वीट पर लोग खूब कमेंट कर रहे हैं और अपनी प्रतिक्रिया दे रहे हैं.

रायगढ़ / शौर्यपथ / हाईवे पर लूट व सड़क दुर्घटनाओं को देखते हुए रायगढ़ पुलिस अधीक्षक संतोष कुमार सिंह द्वारा सभी थाना व चौकी प्रभारियों को हाईवे व आऊटर पेट्रोलिंग सुदृढ़ करने के निर्देश के साथ ही होटल, लॉज, ढाबा पर सतत निगाह रखने का निर्देश दिया गया था । इसी क्रम में आज मुखबीर सूचना पर रायगढ़ जिला के अंतर्गत सारंगढ़ तहसील में पुलिस ने प्रिंस लॉज सारंगढ़ में छापेमारी कर आपत्तिजनक अवस्था में मिले तीन महिला व तीन पुरुष तथा लॉज के मालिक को गिरफ्तार किया गया है । आरोपियों पर पीटा एक्ट के तहत कार्यवाही की गई है । जानकारी के अनुसार सारंगढ़ टी.आई. आशीष वासनिक को आज दोपहर मुखबिर से सूचना मिली कि प्रिंस लॉज में देह व्यापार के लिए रायगढ़ से युवतियों को लाया गया है ।
टी.आई. आशीष वासनिक द्वारा सूचना से एसडीओपी सारंगढ़ जितेंद्र खुंटे को अवगत कराये और कार्यवाही के लिए स्टाफ को ब्रीफ किए । तत्कालिक रूप से प्वाइंटर की व्यवस्था ना होते देख टीआई आशीष वासनिक द्वारा थाने में नए आमद आए आरक्षक को प्वाइंटर बनाकर प्रिंस लॉज भेजे । प्वाइंटर (आरक्षक) ग्राहक बनकर लॉज के मालिक संतोष केशरवानी से मिला और चर्चा किया। संतोष केशरवानी आरक्षक को पहचान नहीं पाया और सचमुच ग्राहक समझकर बोला कि लॉज के रूम में अभी 3 लड़के, लड़कियों के साथ हैं । आधे घंटे बाद ₹5,000 लेकर आना । तब ठीक है कहकर प्वाइंटर (आरक्षक) बाहर निकला और TI वासनिक को मोबाइल पर सूचना दिया है जिसके बाद एसडीओपी सारंगढ़ के नेतृत्व में लॉज पर पुलिस पार्टी द्वारा दबिश दी गई ।
लाज में तीन आरोपी दिनेश कुमार साहू पिता गिरीश राम साहू उम्र 30 वर्ष निवासी चांटीपाली थाना डबरा जिला जांजगीर चांपा, कलाकार साहू पिता रूप सिंह साहू उम्र 31 वर्ष निवासी ग्राम सपोस थाना डबरा जिला जांजगीर चांपा, संजय जयसवाल पिता चंद्रिका जयसवाल उम्र 28 वर्ष निवासी झरिया पारा सारंगढ़ उक्त स्थान पर रायगढ़ की तीन महिलाओं के साथ आपत्तिजनक अवस्था में मिले । पुलिस पार्टी द्वारा 03, महिला एवं 03 पुरूष सहित लॉज के मालिक संतोष केशरवानी पिता सिदार सिंह केशरवानी उम्र 60 वर्ष निवासी नगरपालिका चौक सारंगढ़ को हिरासत में लिया गया है । लॉज के कमरे से पुलिस पार्टी द्वारा नकदी के साथ आपत्तिजनक वस्तुओं को जप्त की है ।
आरोपी संतोष केशरवानी पूर्व में भी देह व्यापार के केस में जेल जा चुका है । आज पुनः छापेमारी में पकड़े जाने के बाद 07 आरोपियों पर 3,4,5 अनैतिक व्यापार (निवारण) अधिनियम (पीटा एक्ट) के तहत थाना सारंगढ़ में कार्यवाही की गई है ।

नई दिल्ली / शौर्यपथ / दिल्ली में सुबह साइकिलिंग करने वाले एक ग्रुप के दो लोगों के फोन बाइक सवार बदमाशों ने छीन लिए. दो पुलिसकर्मी मौके पर पहुंचे. पीड़ितों ने बताया कि उनका एक ग्रुप है, जो सुबह साइकिलिंग करता है. इस ग्रुप के लोगों ने व्हाट्सएप पर एक ग्रुप बनाया हुआ है, जिसमें वह लोग लाइव लोकेशन शेयर करते हैं. पुलिस ने तुरंत छीने गए मोबाइल फोनों के लाइव लोकेशन को ट्रैक करना शुरू किया और 30 किलोमीटर की हॉट चेज के बाद बदमाशों को पकड़ लिया. उत्तरी पश्चिमी दिल्ली की डीसीपी विजयंता आर्या के मुताबिक, 16 सितंबर को सुबह करीब 5:30 बजे एक पीसीआर कॉल मिली, जिसमें रोहिणी के रहने वाले एक शख्स ने बताया कि उनका एक साइकिलिंग करने वालों का ग्रुप है.
सुबह जब वो नेताजी सुभाष प्लेस के पास अपने एक साइकिल सवार दोस्त के साथ रुका तो एक काले रंग की बजाज डोमिनर 400 सीसी बाइक पर सवार 3 लड़के आए और पिस्टल की नोक पर दोनों के मोबाइल छीनकर भाग गए. मौके पर पहुंचे कांस्टेबल विशाल और अनिल को पीड़ितों ने बताया कि उनके साइकिलिंग करने वाले दोस्तों का एक व्हाट्सएप ग्रुप है, जिसमें वो लाइव लोकेशन शेयर करते हैं. दोनों पुलिसकर्मियों ने दो अलग-अलग बाइक पर पीड़ितों के दोस्तों को बैठाया, जिनके पास व्हाट्सएप ग्रुप पर लाइव लोकेशन थी. छीने गए मोबाइल में एक मोबाइल फोन चालू था. पुलिस लाइव लोकेशन के जरिए करीब 30 किलोमीटर तक बदमाशों का पीछा करते करते नंदनगरी पहुंची और वहां कांस्टेबल विशाल ने अपनी बाइक से बदमाशों की बाइक पर टक्कर मारी, जिससे वो नीचे गिर गए.
जिसके बाद बदमाशों ने पुलिस पर फायरिंग शुरू कर दी. पुलिसकर्मियों ने बहादुरी दिखाते हुए एक बदमाश को पकड़ लिया जबकि उसके दोनों साथी भाग गए. पकड़े गए बदमाश का नाम इजहार है, जो दिल्ली के ब्रह्मपुरी का रहने वाला है. आरोपी के पास से छीने गए कई मोबाइल, सोने की चेन, पिस्टल और फोन बरामद किया गया है. आरोपी ने पूछताछ में बताया कि वो अपने साथियों के साथ लूटपाट करता है. 16 सितंबर की सुबह ही उसने विकासपुरी, राजौरी गार्डन, एमएस पार्क और सुभाष प्लेस से एक के बाद एक चार वारदातों को अंजाम दिया. इजहार के पकड़े जाने से लूट और झपटमारी की 29 वारदातें सुलझी हैं. पुलिस अब उसके दोनों साथियों की तलाश कर रही है.

नई दिल्ली / शौर्यपथ / दिल्ली दंगों की आरोपी पिंजड़ा तोड़ ग्रुप की नताशा नरवाल को कड़कड़डूमा कोर्ट ने जमानत दे दी है. नताशा नरवाल को FIR नंबर 50 जाफ़राबाद हिंसा वाले केस में गुरुवार को बेल मिल गई. कोर्ट ने बेल देते वक़्त कहा, "जो वीडियो दिल्ली पुलिस ने कोर्ट में दिखाए हैं, उनसे नहीं साबित होता है कि नताशा हिंसा में शामिल थी या हिंसा को भड़का रही थीं. हालांकि, उन्हें फिलहाल जेल में रहना पड़ेगा क्योंकि एक अन्य एफआईआर में भी उन्हें आरोपी बनाया गया है.
कड़कड़डूमा कोर्ट ने 30,000 रुपये के निजी मुचलके पर नताशा को बेल दी है. कोर्ट ने माना है कि नताशा ग़ैरक़ानूनी तरीक़े से इकठ्ठा हुई भीड़ का हिस्सा थीं पर कहीं ये नहीं साबित हो रहा कि उन्होंने हिंसा भड़काई. जाफ़राबाद में हुई हिंसा में अमान नाम के एक शख़्स की मौत हुई थी. कोर्ट में दिल्ली पुलिस ने कहा कि नताशा और देवांगना ने सुनियोजित ढंग से हिंसा भड़काई थी. नताशा नरवाल को अभी जेल में ही रहना पड़ेगा क्योंकि वो FIR 59 में दिल्ली पुलिस ने उन्हें UAPA के तहत आरोपी बनाया है.
इसी केस में दिल्ली हाईकोर्ट देवांगना कलीता को पहले ही बेल दे चुका है. दिल्ली हाईकोर्ट ने देवांगना कलीता को बेल देते हुए कहा था “जांच एजेंसियां ऐसा कोई भी साक्ष्य नहीं दे पाई हैं जिससे ये साबित होता हो कि देवांगना के किसी भाषण ने एक समुदाय की महिलाओं को भड़काया हो या फिर उनके भाषण से हिंसा भड़की, जिससे जान माल का नुक़सान हुआ."

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