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June 02, 2026
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शौर्यपथ

शौर्यपथ

रायपुर / शौर्यपथ / मुख्यमंत्री चलित संयंत्र पेयजल योजना के अंतर्गत रायपुर, बिलासपुर एवं बस्तर संभाग में मोबाइल वाटर प्यूरीफायर संयंत्र के माध्यम से शुद्ध पेयजल प्रदाय हेतु 3 नग ट्रक मोबाइल वाटर ट्रीटमेंट यूनिट के लिए 6 करोड़ 29 लाख 13 हजार रूपए की प्रशासकीय स्वीकृति लोक स्वास्थ्य यांत्रिकी विभाग मंत्रालय द्वारा प्रदान की गई है।

रायपुर / शौर्यपथ / राज्यपाल सुश्री अनुसुईया उइके ने पूर्व प्रधानमंत्री भारतरत्न स्वर्गीय श्री राजीव गांधी की जयंती पर उन्हें नमन किया है। राज्यपाल ने कहा है कि स्वर्गीय श्री गांधी देश को उच्च तकनीक से परिपूर्ण करने की आकांक्षा रखते थे। उन्होंने सत्ता का विकेन्द्रीकरण करने के उद्देश्य से पंचायती राज संस्थाओं को मजबूत बनाने के साथ ही देश में संचार क्रांति, कम्प्यूटर क्रांति और 18 वर्ष के युवाओं को मताधिकार देने जैसे अभिनव पहल की।

रायपुर / शौर्यपथ / मुख्यमंत्री भूपेश बघेल ने देश के पूर्व प्रधानमंत्री भारत रत्न और 21 वीं सदी के आधुनिक भारत के स्वप्न दृृष्टा स्वर्गीय श्री राजीव गांधी की जयंती पर राष्ट्र के नवनिर्माण में उनके अमूल्य योगदान को याद करते हुए उन्हें नमन किया है। श्री बघेल ने उनकी जयंती की पूर्व संध्या पर आज यहां जारी अपने संदेश में कहा है कि श्री राजीव गांधी ने भारत के सबसे युवा प्रधानमंत्री के रूप में देश की बागडोर संभाली। उन्होंने अपने कार्याें से 21 वीं सदी के आधुनकि भारत की नींव रखी।
  मुख्यमंत्री ने कहा कि श्री राजीव गांधी ने सत्ता के विक्रेन्द्रीयकरण के उद्देश्य से देश में पंचायती राज संस्थाओं और नगरीय निकायों को अधिकार संपन्न बनाने का महत्वपूर्ण कार्य किया। उन्होंने देश में कम्प्यूटर और सूचना क्रांति की नींव रखी जिसके जरिए शासकीय काम-काज में पारदर्शिता और ई-प्रशासन के माध्यम से आमजन तक शासकीय योजनाओं की आसान पहुंच सुनिश्चित हुई। उन्होंने लोकतांत्रिक प्रक्रिया में युवाओं की भागीदारी सुनिश्चित करने के लिए युवाओं को 18 साल में मतदान का अधिकार दिलाया।
मुख्यमंत्री ने कहा कि स्वर्गीय श्री राजीव गांधी का यह दृष्टिकोण था कि ‘भारत मंे गरीबी उन्मूलन तथा आत्मनिर्भर भारत‘ निर्माण के लक्ष्य की प्राप्ति किसानों की आर्थिक दशा मंे सुधार के बिना संभव नहीं है। उनके बताए रास्ते पर चलते हुए राज्य सरकार ने गरीबों, किसानों, आदिवासियों सहित सभी वर्गों के लोगों के लिए अनेक कल्याणकारी कार्यक्रम और योजनाएं शुरु की हैं। किसानों को उनकी उपज का वाजिब मूल्य दिलाने के लिए ‘राजीव गांधी किसान न्याय योजना’ शुरु की गयी है। इस योजना के माध्यम से 19 लाख किसानों को 5750 करोड़ रुपए की राशि चार किश्तों में सीधे उनके खाते में डाली जा रही है। इस योजना की दूसरी किश्त 20 अगस्त को राजीव जी की जयंती पर दी जा रही है। राज्य सरकार ने किसानों की बेहतरी के लिए धान खरीदी, कर्जमाफी, सिंचाई कर की माफी जैसे कदम उठाए।
 राज्य सरकार गांवों की अर्थव्यवस्था को मजबूत बनाने के लिए विशेष ध्यान दे रही है। ग्रामीणों को गांव में ही रोजगार उपलब्ध कराने के लिए सुराजी गांव योजना शुरू की है। गांवों में गौठानों में पशुधन संवर्धन के साथ साथ रोजगार मूलक गतिविधियां शुरू की गई है। इन गौठानों में गोबर खरीदी की ‘गोधन न्याय योजना’ संचालित की जा रही है। देश दुनिया में पहली बार दो रूपए किलो में गोबर की खरीदी की जा रही है। यही नहीं वनवासियों के द्वारा संग्रहित लघु वनोपजों की खरीदी व्यवस्था, व्यक्तिगत और सामुदायिक वन अधिकार पत्रों का वितरण, ‘तेंदूपत्ता संग्राहक सामाजिक सुरक्षा योजना जैसी कल्याणकारी योजनाएं प्रारंभ की गई है।

राजीव गांधी किसान योजना के 19 लाख किसानों को 1500 करोड़ रूपए की दूसरी किश्त
11.46 लाख तेंदूपत्ता संग्राहकों को मिलेगा 232.81 करोड़ रूपए का प्रोत्साहन पारिश्रमिक
गोधन न्याय योजना: गोबर विक्रेताओं को मिलेगी 4 करोड़ 50 लाख रूपए का दूसरा भुगतान
श्रीमती सोनिया गांधी और राहुल गांधी वीडियो काॅन्फ्रेंसिंग के जरिए होंगे शामिल

रायपुर / शौर्यपथ / पूर्व प्रधानमंत्री भारत रत्न स्वर्गीय राजीव गांधी की जयंती 20 अगस्त पर मुख्यमंत्री भूपेश बघेल प्रदेश के किसानों, तेंदूपत्ता संग्राहकों और गोबर विक्रेताओं के खाते में 1737.50 करोड़ रुपए की राशि का सीधे अंतरण करेंगे। मुख्यमंत्री इस राशि में से धान, गन्ना और मक्का उत्पादक 19 लाख किसानों को ‘राजीव गांधी किसान न्याय योजना’ के तहत 1500 करोड़ रूपए की दूसरी किश्त की राशि का आॅनलाईन अंतरण करेंगे। इसके अलावा गोधन न्याय योजना के तहत गोबर विक्रेताओं को 4 करोड़ 50 लाख रूपए की राशि और तेंदूपत्ता संग्राहकों को वर्ष 2018 के प्रोत्साहन पारिश्रमिक के रूप में 232.81 करोड़ की राशि उनके खातों में अंतरित करेंगे। मुख्यमंत्री निवास कार्यालय में दोपहर 12.30 बजे आयोजित कार्यक्रम से सांसद श्रीमती सोनिया गांधी और राहुल गांधी वीडियो काॅन्फ्रेंसिंग के माध्यम से शामिल होंगे। मुख्यमंत्री निवास कार्यालय में छत्तीसगढ़ मंत्रीमंडल के सदस्य उपस्थित रहेंगे।
छत्तीसगढ़ सरकार की राजीव गांधी किसान न्याय योजना के तहत प्रदेश के 19 लाख किसानों को 5750 करोड़ की आदान सहायता राशि दी जा रही है। जिसमें प्रथम किश्त के रूप में 1500 करोड़ की राशि राजीव गांधी जी के शहादत दिवस 21 मई को प्रदान की गई थी वहीं इस योजना के तहत दूसरी किश्त के रूप में 1500 करोड़ की राशि 20 अगस्त को प्रदान की जा रही है। इस योजना से प्रदेश के धान, गन्ना और मक्का उत्पादक किसान लाभान्वित हो रहे हैं। राज्य सरकार द्वारा प्रदेश में गोधन न्याय योजना के तहत दो रूपए प्रति किलो की दर से गोबर की खरीदी की जा रही है। इस योजना में 20 जुलाई से 15 अगस्त तक 6 करोड़ 17 लाख रूपए मूल्य का 3 लाख क्विंटल से ज्यादा गोबर खरीदा जा चुका है। गोधन न्याय योजना का पहला भुगतान 5 अगस्त को एक करोड़ 65 लाख रूपए का किया जा चुका है। इस योजना के तहत 2 अगस्त से 15 अगस्त तक खरीदे गए सवा दो लाख क्विंटल गोबर की राशि 4 करोड़ 50 लाख रूपए का भुगतान विक्रेताओं को उनके खातों में किया जाएगा। प्रदेश के 4377 गौठानों में से 3205 क्रियाशील गौठान हैं, जहां गोबर खरीदी हो रही है। राज्य में 1 लाख 1919 पशुपालकों का पंजीयन किया गया है, इनमें से 63 हजार 942 पशुपालक योजना से लाभान्वित हो रहे हैं। खरीदे गए गोबर से गौठानों में वर्मी कम्पोस्ट तैयार की जा रही है, जिसकी बिक्री 8 रुपए प्रति किलो की दर पर सहकारी समिति के माध्यम से की जाएगी।
इस अवसर पर प्रदेश के 114 विकासखण्डों के अंतर्गत तेंदूपत्ता संग्रहण वर्ष 2018 सीजन में 728 समितियों के 11 लाख 46 हजार 626 तेंदूपत्ता संग्राहकों को 232 करोड़ 81 लाख रूपए की प्रोत्साहन पारिश्रमिक की राशि वितरित की जाएगी। मुख्यमंत्री बघेल यह राशि सीधे तेंदूपत्ता संग्राहकों के खाते में आर.टी.जी.एस. के जरिए अंतरित करेंगे। तेंदूपत्ता संग्राहकों को प्रोत्साहन पारिश्रमिक वितरित करने के लिए संबंधित जिलों में जिला स्तर पर और 114 विकासखण्डों में कार्यक्रम आयोजित किए जाएंगे। विकाखण्ड स्तर पर आयोजित किए जाने वाले कार्यक्रमों में अधिकतम प्रोत्साहन पारिश्रमिक की राशि प्राप्त करने वाले 10 संग्राहक सदस्यों को सम्मानित किया जाएगा।
उल्लेखनीय है कि तेंदूपत्ता संग्रहण वर्ष 2018 सीजन में प्रदेश की 880 प्राथमिक वन समितियों द्वारा कुल 14.85 लाख मानक बोरा तेंदूपत्ता का संग्रहण किया गया था। संग्रहण पारिश्रमिक की दर वर्ष 2018 में 2500 रूपए प्रति मानक बोरा थी। वर्ष 2018 में 11 लाख 98 हजार 673 तेंदूपत्ता संग्राहकों को 371.15 करोड़ रूपए की राशि संग्रहण पारिश्रमिक के रूप में वितरित की गई थी। इन 880 समितियों में से 854 समितियों के तेंदूपत्ता का निर्वर्तन निविदा के माध्यम से किया गया है। इनमें से 728 समितियां लाभ की स्थिति में रहीं। तेंदूपत्ता व्यापार से शुद्ध लाभ की 80 प्रतिशत राशि प्रोत्साहन पारिश्रमिक के रूप में तेंदूपत्ता संग्राहकों को वितरण करने का प्रावधान राज्य शासन की नीति में है।
लाभ की स्थिति वाले 728 समितियों के 11 लाख 46 हजार 626 तेंदूपत्ता संग्राहकों को कुल 232.81 करोड़ रूपए की राशि प्रोत्साहन पारिश्रमिक के रूप में वितरित की जाएगी। ये समितियां प्रदेश के 114 विकासखण्डों के अंतर्गत स्थित है। जिन संग्राहकों के बैंक खातों का विवरण प्राप्त हो गया है, उनके खाते में यह राशि सीधे एक्सिस बैंक के माध्यम से आर.टी.जी.एस से भेजी जाएगी। प्रदेश में तेंदूपत्ता का संग्रहण पारिश्रमिक 2500 रुपए से बढ़ाकर 4000 रुपए प्रति मानक बोरा किया गया है, इसी प्रकार पर 7 के स्थान पर 31 लघु वनोपजों को समर्थन मूल्य पर खरीदने की व्यवस्था की गयी है।

ग्रामीण क्षेत्रों में बेहतर सड़क कनेक्टिविटी के लिए 454 स्टील ब्रिजों के निर्माण के लिए 1100 करोड़ रूपए की स्वीकृति देने का किया आग्रह
ग्रामीण क्षेत्रों की कठिन भौगोलिक परिस्थितियों, बस्तर संभाग में नक्सल चुनौतियों के कारण स्टील ब्रिज बनाना आसान
स्टील ब्रिज प्री फेब्रिकेटेड होते हैं और इनके निर्माण में लगता है कम समय
स्टील ब्रिजों का रख-रखाव और उन्नयन भी सुविधाजनक

रायपुर / शौर्यपथ / मुख्यमंत्री भूपेश बघेल ने केन्द्रीय पंचायती राज एवं ग्रामीण विकास मंत्री नरेन्द्र सिंह तोमर को पत्र लिखकर उनसे छत्तीसगढ़ के ग्रामीण क्षेत्रों में कनेक्टीविटी के लिए 454 स्टील ब्रिजों के निर्माण हेतु 1100 करोड़ रूपए की राशि स्वीकृत करने का अनुरोध किया है। मुख्यमंत्री बघेल ने तोमर को पत्र में लिखा है कि छत्तीसगढ़ सरकार नक्सल प्रभावित क्षेत्रों के चहंुमुखी विकास के लिए इन इलाकों में सड़कों के निर्माण के लिए दृढ़ संकल्पित है। छत्तीसगढ़ का 44 प्रतिशत भू-भाग वनों से अच्छादित है और 76 प्रतिशत जनसंख्या ग्रामीण है, जिनमें बड़ी संख्या में आदिवासी वर्ग के लोग हैं। छत्तीसगढ़ का बड़ा भू-भाग दुर्गम है। जमीन की उत्पादकता वृद्धि, सम्पत्ति के निर्माण, रोजगार सृजन, कृषि उपज के नुकसान को कम करने और लोगों का जीवन स्तर सुधारने के लिए ग्रामीण क्षेत्रों मंे सड़कों का निर्माण अतिआवश्यक है।
मुख्यमंत्री ने पत्र में लिखा है कि हमारा फोकस अधोसंरचना विकास के कार्यो पर है। राज्य में 33 हजार 622 किलोमीटर लंबी 7300 ग्रामीण सड़कों का 264 बड़े पुलों (एलएसबी) सहित निर्माण किया गया है, जिनमें 9 स्टील ब्रिज हैं। इसके अलावा 7737 किलोमीटर लंबी 1240 सड़कें 114 बड़े पुलों (एलएसबी) सहित निर्माणाधीन हैं। इन क्षेत्रों की दुर्गम भौगोलिक परिस्थितियों के कारण वर्ष 2011 के पहले और उसके बाद भी बड़े पुलों का निर्माण नहीं कराया जा सका। राज्य सरकार द्वारा इन क्षेत्रों में अधोसंरचना विकास के कार्यो का गंभीरता से ध्यान दिया जा रहा है। राज्य सरकार ने लगभग 1100 करोड़ रूपए की लागत के 454 बड़े पुलों (एलएसबी) को निर्माण के लिए चिन्हित किया है, जिनमें 250 स्टील ब्रिज शामिल हैं।
मुख्यमंत्री ने पत्र में लिखा है कि बस्तर छत्तीसगढ़ का सुदूर दक्षिण में स्थित संभाग है और नक्सल प्रभावित क्षेत्र है। यह क्षेत्र दुर्गम भौगोलिक चुनौतियों और सघन वनों के साथ सीमावर्ती राज्यों से जुड़ा है। अब तक राज्य सरकार द्वारा बस्तर संभाग मंे 7228 किलोमीटर लंबी 1375 सड़कों का निर्माण किया गया है तथा 3009 किलोमीटर लंबी 692 सड़कें निर्माणाधीन हैं। इन क्षेत्रों में नक्सल गतिविधियों और निर्माण में लगने वाले लंबे समय के कारण बड़े पुलों (एलएसबी) का निर्माण व्यवहारिक (संभव) नहीं है। ऐसे क्षेत्रों में स्टील ब्रिजों का बनाना ज्यादा आसान होगा, क्यांेकि स्टील ब्रिज प्री फेब्रिकेटेड होते हैं और इनके निर्माण में समय भी कम लगता है। इसके अलावा ऐसे ब्रिजों के रख-रखाव और उन्नयन में काफी कम समय लगता है। ऐसे ब्रिजों को आवश्यकतानुसार सड़क सम्पर्क के लिए दूसरे स्थान पर स्थापित किया जा सकता है।
मुख्यमंत्री ने पत्र में लिखा है कि ऐसे ब्रिजों के निर्माण से आदिवासी और ग्रामीण लोगों को न सिर्फ अच्छी सड़क कनेक्टीविटी मिलेगी, बल्कि राज्य सरकार को इसके माध्यम से उन्हें विकास की मुख्यधारा से जोड़ने और बेहतर सड़क कनेक्टीविटी के कारण उनकी बाजार, शिक्षा, स्वास्थ्य और उचित मूल्य दुकानों तक पहंुच आसान बनाने में सहायता मिलेगी। इससे ग्रामीण और कृषि आय में बढ़ोतरी होगी, उत्पादकता बढ़ेगी, रोजगार के नये अवसर मिलेंगे और गरीबी उन्मूलन के लिए सतत विकास का इको सिस्टम बनेगा।
मुख्यमंत्री बघेल ने पत्र में इन परिस्थितियों के मद्देनजर केन्द्रीय पंचायती राज और ग्रामीण विकास मंत्री श्री नरेन्द्र सिंह तोमर से ग्रामीण क्षेत्रों में बेहतर सड़क कनेक्टीविटी के लिए 454 स्टील ब्रिजों के निर्माण के लिए 1100 करोड़ रूप्ए की राशि स्वीकृत करने का अनुरोध किया है।

दुर्ग। शौर्यपथ । नेहरू नगर चौक से मिनीमाता चौक तक होने जा रहे 64 करोड़ के मार्ग चौड़ीकरण एवं सौंदर्यीकरण के कार्य के साथ ही लंबे समय के इंतेज़ार के बाद आखिरकार विधायक अरुण वोरा के लगातार प्रयासों से बोरसी रुआबांधा के निवासियों को भी सड़क निर्माण की सौगात मिलने जा रही है। दुर्ग शहरी क्षेत्र के कई वार्डों को बोरसी - ओल्ड बोरसी होते हुए सीधे भिलाई से जोड़ने वाला 2.4 किमी लंबा बोरसी-रुआबाँधा मार्ग वर्षों से जर्जर था जिसके लिए विपक्ष में रहते हुए विधायक वोरा ने कई जनआंदोलन किए थे। अब जा कर उनके प्रयासों को सफलता मिली व राशि की स्वीकृति प्राप्त हुई है। लोनिवि द्वारा 9.95 करोड़ की लागत से मार्ग का चौड़ीकरण कर पुनर्निर्माण करवाया जाएगा। विधायक वोरा ने मुख्यमंत्री भूपेश बघेल एवं लोक निर्माण मंत्री ताम्रध्वज साहू का आभार जताया व लोनिवि अधिकारियों से कहा कि जनभावनाओं के अनुरूप शीघ्रता से निविदा प्रक्रिया पूर्ण कर कार्य प्रारम्भ करवाया जाए। राशि की स्वीकृति मिलने के बाद जनहितैषी कार्यों में देरी नहीं होनी चाहिए। दुर्ग शहर में मूलभूत आवश्यकताओं सड़क, नाली, पेयजल, बिजली की कहीं समस्या नहीं आने दी जाएगी। बोरसी वासियों ने भी विधायक को धन्यवाद ज्ञापित किया है। अधिकांश हिस्सों में गुम हो चुकी जर्जर सड़क को देखने पहुंचे विधायक के साथ वार्ड 50 के पार्षद ज्ञानदास बंजारे, देवलाल ठाकुर एवं अंशुल पाण्डेय मौजूद थे।

राजनांदगांव । शौर्यपथ । मोहला वनांचल के ग्राम मुनगाडीह में स्वतत्रंता दिवस के मौके पर आयोजित एक सादकी पूर्ण कार्यक्रम में शाला प्रबंधन समिति और माध्यमिक शाला, प्राथमिक शाला के शिक्षकों की उपस्थिति में शिक्षा सारथियों का सम्मान किया गया। गोटाटोला जोन के मीडिया प्रभारी शेख अफजल ने बताया की इस कोरोना काल मे जब स्कूल बंद है तब बच्चो को पढ़ाई से जोड़ने स्कूल शिक्षा विभाग पढ़ई तुंहर दुआर योजना ले के आई। इस योजना के माध्यम से बच्चो को ऑनलाइन वर्चुअल क्लास के माध्यम से बच्चो को पढ़ाई से जोड़ा जाना है लेकिन मोबाइल और नेटवर्क की समस्या के कारण कुछ बच्चे ऑनलाइन क्लास से जुड़ नही पा रहे हैं। ऐसे ही बच्चो को पढ़ाई से जोड़ने के लिए मोहल्ला क्लास की शुरुआत की गई। इस योजना के माध्यम से बच्चो को उनके घरों के आसपास पढ़े लिखे युवाओ के माध्यम से सुरक्षित और कोरोना प्रोटोकॉल का पालन करते हुए पढ़ाई करवाना है। मोहला विकासखंड के ग्राम मुनगाडीह में भी मोहल्ला क्लास का संचालन किया किया जा रहा है। मोहल्ला क्लास में शिक्षक सारथी के रूप में पिल्ले राम कुंजाम, मंजू सलाम, दामिनी कोवाची अपनी सहभागिता दे रहे है। ग्राम मुनगाडीह में आयोजित इस कार्यक्रम में शासकीय प्राथमिक एवं पूर्व माध्यमिक शाला मुनगाडीह संकुल डुमरटोला की टीम, विकासखंड मोहला से श्रीमति सरोज सिंह, टीकम सिंह नायक, मुन्ना लाल मोंगरे, मोहन लाल कमरो, जितेंद्र कुमार सिन्हा के अलावा विशेष रूप से श्रीमती बेलास बाई कोरेटी (आंगनबाड़ी कार्यकर्ता), धनेश कुमार कोवाची, रामसाय देशमुख, उत्तम कुमार और ग्राम के गणमान्य नागरिक उपस्थित रहे। शिक्षा सारथियों के सम्मानित होने पर विकासखंड शिक्षा अधिकारी रोहित कुमार अम्बादे, सहायक विकासखंड शिक्षा अधिकारी राजेन्द्र कुमार देवांगन, बीआरसीसी खोमलाल वर्मा ने सभी शिक्षकों और शिक्षा सारथियों को बधाई देते हुए इसमें निहित उद्देश्य के बारे में बताया है कि शिक्षा सारथियों के सम्मान से निश्चित तौर पर उनका मनोबल बढ़ेगा और वे लगन से अपने कार्य को बेहतर रूप से करेंगे क्योंकि इस कोरोना महामारी के दौर में शिक्षा सारथी ही बच्चो और पढ़ाई के बीच मे सेतु की तरह कार्य कर रहे है।

धर्म संसार / शौर्यपथ / भाद्रपद माह में शुक्ल पक्ष की तृतीया तिथि को हरतालिका तीज व्रत रखा जाता है। इस साल यह व्रत 21 अगस्त 2020 को पड़ रहा है। हरतालिका तीज व्रत का उत्तर भारत में विशेष महत्व है। इस व्रत में महिलाएं अखंड सौभाग्य की प्राप्ति के लिए माता पार्वती और भगवान शिव की अराधना करती हैं।

ज्योतिषाचार्यों के मुताबिक, हरतालिका तीज व्रत में मिट्टी से बनी शिव-पार्वती प्रतिमा का विधिवत पूजन किया जाता है। इसके साथ ही हरतालिका तीज व्रत कथा को सुना जाता है। मान्यता है कि कुंवारी कन्याएं मनचाहे वर के लिए इस व्रत को रखती है। कहते हैं कि एक बार व्रत रखने के बाद इस व्रत को जीवनभर रखा जाता है। बीमार होने पर दूसरी महिला या पति इस व्रत को रख सकता है।

हरतालिका तीज व्रत का विशेष महत्व-

शास्त्रों के अनुसार, हरतालिका तीज व्रत में कथा का विशेष महत्व होता है। मान्यता है कि कथा के बिना इस व्रत को अधूरा माना जाता है। इसलिए हरतालिका तीज व्रत रखने वाले को कथा जरूर सुननी या पढ़नी चाहिए।

हरतालिका तीज व्रत कथा-

शास्त्रों के अनुसार, हिमवान की पुत्री माता पार्वती ने भगवान शंकर को पति के रूप में पाने के लिए बालकाल में हिमालय पर्वत पर अन्न त्याग कर घोर तपस्या शुरू कर दी थी। इस बात पार्वती जी के माता-पिता काफी परेशान थे। तभी एक दिन नारद जी राजा हिमवान के पास पार्वती जी के लिए भगवान विष्णु की ओर से विवाह का प्रस्ताव लेकर पहुंचे। माता पार्वती ने यह शादी का प्रस्ताव ठुकरा दिया।

पार्वती जी ने अपनी एक सखी से कहा कि वह सिर्फ भोलेनाथ को ही पति के रूप में स्वीकार करेंगी। सखी की सलाह पर पार्वती जी ने घने वन में एक गुफा में भगवान शिव की अराधना की। भाद्रपद तृतीया शुक्ल के दिन हस्त नक्षत्र में पार्वती जी ने मिट्टी से शिवलिंग बनकर विधिवत पूजा की और रातभर जागरण किया। पार्वती जी के तप से खुश होकर भगवान शिव ने माता पार्वती को पत्नी के रूप में स्वीकार कर लिया था।
Hartalika Teej 2020 Puja: हरतालिका तीज की पूजा में इन चीजों की होगी जरूरत
Hartalika Teej :हरतालिका तीज के दिन सुहागिन महिलाएं अपने पतियों की लंबी आयु के लिए व्रत रखती है। यूपी, उत्तराखंड, बिहार, झारखंड, मध्य प्रदेश, छत्तीसगढ़ और राजस्थान में भाद्रपद महीने की तृतीया तिथि को यह त्योहार मनाया जाता है। इस दिन महिलाएं पूरे दिन निर्जला रहकर अगले दिन व्रत का पारण करती हैं। सबसे पहले इस व्रत को माता पार्वती ने भगवान शिव के लिए रखा था। इस व्रत में भगवान शिव-पार्वती के विवाह की कथा सुनी जाती है।

पूजा साम्रगी
भगवान शिव और पार्वती की मूर्ति रखने के लिए प्लेट
जिस पर पूजा की जाएगी लकड़ी का पाटा
लकड़ी के पाटे पर बिछाने के लिए लाल या पीले रंग का कपड़ा
पूजा के लिए नारियल
पानी से भरा कलश
आम के पत्ते
घी
दिया
अगरबत्ती और धूप
दीप जलाने के लिए देसी घी
आरती के लिए कपूर
पान के पत्ते
सुपारी
केले
दक्षिणा

बेलपत्र
धतूरा
शमी की पत्तियां
जनेऊ
चंदन
माता के लिए चुनरी
सुहाग का सामान
मेंहदी
काजल सिंदूर
चूड़ियां, बिंदी
गौर बनाने के लिए मिट्टी और पंचामृत

सिद्ध व साध्य योग में 21 को हरितालिका तीज, पति की खातिर महिलाएं रखेंगी व्रत, होगी शिव-पार्वती की पूजा
महिलाएं अखंड सौभाग्य के लिये भाद्रपद शुक्ल पक्ष की तृतीया तिथि शुक्रवार 21 अगस्त को हरितालिका तीज करेंगी। महिलाएं 24 घंटे का निर्जला व्रत रखकर भगवान शिव और पार्वती की पूजा करेंगी। पौराणिक मान्यता है कि माता पार्वती सबसे पहले भगवान शिव को वर को रूप में प्राप्त करने के लिए हरितालिका तीज का व्रत रखा था। इधर बाजार में तीज को लेकर फल-फूल, सौंदर्य प्रसाधन की जमकर खरीदारी हो रही है।

21 को रात दो बजे तक पूजन का शुभ मुहूर्त
आचार्य विप्रेंद झा माधव के मुताबिक शुक्रवार को सूर्योदय से लेकर रात 2 बजे तक तृतीया तिथि है। महिलाएं उस दिन सिद्ध तथा साध्य योग में शिव व पार्वती की पूजा करेंगी। शास्त्र के अनुसार इस दिन सुहागन स्त्रियों द्वारा उपवास रहकर श्रद्धापूर्वक शिव-पार्वती का पूजन करने से अखंड सौभाग्य, संतान, धन-वैभव की प्राप्ति होती है। शिव के समान पति की कामना के लिए कुंवारी लड़कियां भी इस व्रत को पूरे विधि-विधान के साथ करती हैं। इसी दिन भगवान विष्णु ने वाराह अवतार लेकर हिरण्याक्ष का वध किया था।

गजकेशरी योग में होगी पूजा
ज्योतिषाचार्य पीके युग के मुताबिक 21 अगस्त को मंगल, गुरु, शनि व सूर्य अपनी खुद की राशि में रहेंगे। इससे गजकेशरी और बुधादित्य योग का संयोग बनेगा। यह बहुत ही शुभ संयोग है। महिलाओं के सौभाग्य के कारक ग्रह गुरु भी खुद की राशि धनु में रहेंगे।

प्रदोष काल में पूजन सर्वोत्तम
आचार्य के मुताबिक हरितालिका तीज का पूजन प्रदोष(संध्याकाल) काल में सबसे बढ़िया माना जाता है। महिला व्रती प्रदोष काल में भगवान शिव, मां पार्वती और गणेश भगवान की मिट्टी की प्रतिमा बनाकर पूजा करती हैं। पूजन में फल-फूल के साथ सौंदर्य प्रसाधन की सभी वस्तुएं रखी जाती हैं। हरितालिका तीज व्रत की परंपरा त्रेता युग से चली आ रही है। माता पार्वती ने पहली बार शिव की बालू की प्रतिमा बनाकर पूजा किया था। तब शिव ने उनकी तपस्या से प्रसन्न होकर पार्वती को पत्नी के रूप में स्वीकार किया। आज भी महिलाएं मिट्टी से भोलेनाथ-गौरी की मूर्ति बनाकर उनकी पूजा करती हैं। पूरे दिन निराहार या फलाहार रहकर विधि-विधान से पूजा कर कथा श्रवण करती हैं।

पूजा का शुभ मुहूर्त
सुबह 6 बजे से 9 बजे
दोपहर 12. 08 बजे से 02.25 बजे
शाम 6. 16 बजे से रात 9.16 बजे

पूजन में करें अर्पण
- पंचामृत से शिव स्नान के बाद रेशमी वस्त्र अर्पित करें
- गुलाब व इत्र अर्पण कर धूप दिखाएं
- हरा-लाल या पीला वस्त्र धारण कर पूजा करें
- मां पार्वती को हल्दी व भोलेनाथ को सफेद चंदन अर्पित करें
- शिव का शृंगार तथा ओम नमः शिवाय का जाप करें
- शिव-पार्वती को पीला फूल का हार चढ़ाकर रुद्राष्टकम का पाठ करें
- शिव जी को बेलपत्र और दूर्वा चढ़ाए, मेहंदी जरूर लगाएं
- शृंगार की वस्तुओं का दान करें
- शिव-पार्वती को सुगंधित पुष्प अर्पित करें
- सफेद चंदन तथा घी का दीपक प्रज्वलित करें
- महादेव को श्वेत पुष्प अर्पित करें

 

खेल / शौर्यपथ / भारतीय क्रिकेट टीम के पूर्व कप्तान महेंद्र सिंह धोनी ने 15 अगस्त की शाम अचाकन इंटरलैनशनल क्रिकेट से रिटायरमेंट का ऐलान कर दिया। धोनी के संन्यास की खबर के कुछ मिनटों बाद ही अनुभवी बल्लेबाज सुरेश रैना ने भी इंटरलैनशनल क्रिकेट से संन्यास का ऐलान कर दिया। इन दोनों दिग्गजों के एक साथ संन्यास की घोषणा पर हर कोई हैरान था। धोनी के संन्यास की खबरों से फैन्स को हैरानी तो हुई, लेकिन शायद उतनी नहीं। इसकी एक वजह यह भी थी कि 2019 के वर्ल्ड कप के बाद से धोनी क्रिकेट से दूर थे और उनके संन्यास को लेकर अटकलें लगाई जा रही थीं, लेकिन सुरेश रैना पिछले काफी वक्त से कह रहे थे कि वह एक बार फिर से भारतीय क्रिकेट टीम के लिए खेलना चाहते हैं।

ऐसे में पूर्व भारतीय क्रिकेटर और वर्तमान में कमेंटेटर आकाश चोपड़ा ने अपने यूट्यूब चैनल पर सुरेश रैना के करियर को लेकर एक बड़ा बयान दिया। आकाश चोपड़ा ने कहा, ''यह सचमुच झटका है। इसके दो-तीन कारण हैं। पहला- सुरेश रैना की उम्र अभी केवल 33वर्ष है, यानी वह अभी युवा हैं। दूसरा- रैना ने कुछ वक्त पहले एक इंटरव्यू में कहा था कि उनकी नजर भारत के लिए वापसी पर है।''

आकाश चोपड़ा ने कहा, ''सुरेश रैना ने इंटरव्यू में कहा था कि वह टीम में वापसी के लिए खूब रन बना रहे हैं। उन्होंने यह भी कहा था कि घुटने के ऑपरेशन के बाद वह अधिक मजबूत होकर उभरे हैं और गेंद को अच्छी तरह हिट कर पा रहे हैं।''

उन्होंने आगे कहा, ''सुरेश रैना इससे बेहतर के हकदार थे। मुझे लगता है कि रैना को बेहतर ढंग से हैंडल किया जाना चाहिए था। क्योंकि जब भी उन्होंने वापसी की है तो तीन में से एक मैच में 40-50 रन जरूर बनाए। एक मैच में नाबाद रहे और एक में वह जल्दी आउट हुए। इसके बाद उन्हें कोई मौका नहीं दिया गया।''

उन्होंने कहा, ''रैना लगातार इंस्टाग्राम और दूसरे सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म पर वीडियो पोस्ट कर रहे थे। इन वीडियोज में देखा जा सकता था कि वह नियमित रूप से प्रैक्टिस कर रहे थे और बहुत कोशिश भी कर रहे थे। जब आप किसी को इतनी कोशिश करते देखते हैं, तो आपको लगता है कि यह होने जा रहा है। वास्तव में, मैं इंतजार कर रहा था कि वह केवल सीएसके के लिए खेल रहे थे और बहुत सारे रन बनाए। अपनी परफॉर्मेंस के दम पर उन्होंने चयनकर्ताओं को उन्हें टीम में लेने के लिए मजबूर किया। मैं बहुत खुश था क्योंकि रैना एक विशेष खिलाड़ी हैं और दो साल में दो टी-20 विश्व कप आ रहे हैं, तो क्यों नहीं रैना।''

आकाश चोपड़ा ने सुरेश रैना की बल्लेबाजी और भारतीय क्रिकेट में उनके योगदान की भी जमकर तारीफ की। उन्होंने कहा कि सुरेश रैना अब तक के सबसे अच्छे बाएं हाथ के भारतीय बल्लेबाज थे। रैना को मैच विजेता और चैंपियन खिलाड़ी के रूप में लेबल किया। उन्होंने कहा, ''अगर अब भारतीय क्रिकेट के बाएं हाथ बल्लेबाजों को देखते हैं तो वहां सुरेश रैना का नाम जरूर होगा।''

 

मनोरंजन / शौर्यपथ / भोजपुरी एक्ट्रेस अक्षरा सिंह सोशल मीडिया पर काफी एक्टिव रहती हैं। वह अपनी फोटोज और वीडियोज शेयर करती रहती हैं। अब हाल ही में अक्षरा की कुछ फोटोज और वीडियो सोशल मीडिया पर खूब वायरल हो रही हैं। दरअसल, इन फोटोज और वीडियो में अक्षरा बिल्कुल एक सुहागन की तरह तैयार हुई हैं।

अक्षरा ने हाथों में मेहंदी और मांग में सिंदूर लगाया है। इसके साथ ही उन्होंने रेड कलर की साड़ी पहनी है। वीडियो में अक्षरा अपनी मां के साथ पूजा करती भी नजर आ रही हैं। फैन्स अक्षरा से इन फोटोज को लेकर सवाल कर रहे हैं।

फैन्स पूछ रहे हैं कि आपने शादी कर ली है क्या? तो कोई कह रहा है कि मांग में सिंदूर तो सिर्फ सुहागन लगाती हैं, फिर आपने क्यों लगाया है?

अब जो फैन्स सोच रहे हैं कि कहीं अक्षरा ने शादी तो नहीं कर ली तो उनको बता दें कि ऐसा कुछ नहीं है। अक्षरा का ये लुक उनके गाने का है जिसका नाम है 'तीज के बरतिया'।

दरअसल, तीज के मौके पर अक्षरा यह गाना लेकर आई हैं। दिलचस्प बात यह है कि इस गाने को अक्षरा ने अपनी मां के साथ शूट किया है। अक्षरा ने खुद यह गाना गाया है। इसके लिरिक्स मनोज मतलबी ने लिखे हैं।

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