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June 01, 2026
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टिप्स ट्रिक्स / शौर्यपथ /अक्सर महिलाओं की यह शिकायत रहती है कि घर पर उनसे टाइट दही नहीं जमता और अगर दही जम भी जाता है तो वो हलवाई जैसा खट्टा और स्वादिष्ट नहीं होता। दही जमाने के लिए लोग गुनगुने दूध में थोड़ा सा जामन डालते हैं लेकिन कई बार दही जमाने के लिए समय पर जामन भी नहीं मिल पाता है। अगर आपके साथ भी ये सब समस्याएं बनी रहती हैं तो जानें ऐसे गजब के किचन हैक्स जो बिना जामन के भी हलवाई जैसा टाइट और टेस्टी खट्टा दही जमाने में आपकी मदद कर सकते हैं।
दही जमाने के लिए अपनाएं ये टिप्स-
हरी मिर्च -
हरी मिर्च को बिना जामन के दही जमाने का सबसे अच्छा तरीका माना गया है। आइए जानते हैं कैसे हरी मिर्च से जमा सकते हैं दही।
सामग्री-
-1 हरी मिर्च
-1/2 कप उबला हुआ फुल क्रीम दूध

हरी मिर्च से दही जमाने की विधि- हरी मिर्च से दही जमाते समय इस बात का ध्यान रखना बेहद जरूरी है कि आप उसकी स्टेम न निकालें। आपको दही जमाने के लिए हरी मिर्च स्टेम के साथ चाहिए। ऐसा इसलिए क्योंकि हरी मिर्च के एन्जाइम्स ही दही जमाने में मदद करते हैं। अब सबसे पहले उबले हुए दूध को गुनगुना करें। ऐसा कि वो हाथ से छूने पर हल्का गर्म लगे और पीने लायक हो। अब इसे कांच के बर्तन में रखें। इस दूध में पूरी तरह से मिर्च को डुबो दें और किसी ह्यूमिड जगह पर 10-12 घंटे के लिए ढककर रख दें। इसके बाद आपका जामन वाला दही जम गया होगा और इसे नॉर्मल दूध में डालकर अपने हिसाब से आप दही बना लें। इसे सिर्फ जामन के लिए ही इस्तेमाल करें क्योंकि ये प्योर दही होगा और काफी खट्टा होगा।

नींबू -
हरी मिर्च की ही तरह नींबू से जमे दही को नॉर्मल इस्तेमाल करने की जगह दही के लिए जामन के तौर पर इस्तेमाल करें। इस तरह से बनाए हुए जामन से आपको बहुत गाढ़ा दही मिलेगा।

सामग्री-
-1/2 कप फुल क्रीम दूध
-1 चम्मच नींबू का रस

नींबू से दही जमाने की विधि-
नींबू से दही जमाने के लिए आपको सबसे पहले दूध को अच्छे से उबालकर धीमीं आंच पर खौलाएं। अब दूध को ठंडा करें और फिर गुनगुना होने पर इसमें नींबू का रस मिलाकर ढक कर 10-12 घंटे के लिए रख दें। इसके बाद आपको जामन के लिए जो दही मिलेगा उसकी मदद से आप नया दही जमाने के लिए रख दें। अगर आप इस तरह से जमाए दही को जामन के लिए इस्तेमाल करेंगे तो ये बहुत अच्छा होगा।

सेहत / शौर्यपथ / भागती-दौड़ती जिंदगी में लोग अक्सर खाने-पीने को लेकर लापरवाही बरतते हैं, जिससे कई बीमारियों की चपेट में आने के साथ लम्बे समय तक अस्त-व्यस्त जीवनशैली रखने के कारण लोग हाइपरटेंशन के भी शिकार हो जाते हैं। अपनी जीवनशैली में सही बदलाव लाते हुए डाइट में पोटेशियम, कैल्शियम और मैग्नीशियम की अच्छी मात्रा लेते हैं, तो आप अपने ब्लड प्रेशर को नियंत्रित कर सकते हैं। आज हम आपको ऐसे सुपरफूड्स के बारे में बता रहे हैं, जिनके नियमित सेवन से आप हाइपरटेंशन की बीमारी से बच सकते हैं।
नींबू
नींबू में उच्च मात्रा में विटामिन सी होता है और ये एंटीऑक्सीडेंट्स से भरपूर होता है।ये बॉडी से फ्री रेडिकल्स को खत्म करता है।इसके अलावा नींबू के सेवन से ब्लड वैसल्स‍ फ्लैक्सिबल और सॉफ्ट होती हैं जिससे ब्लड प्रेशर कम होता है।
दही
दही में प्रोटीन, कैल्शि यम, राइबोफ्लेविन, विटामिन बी 6 और विटामिन बी 12 काफी मात्रा में होते हैं, जो कि उच्च रक्तचाप की समस्यां को कम करते हैं और शरीर को कई प्रकार को लाभकारी अवयव मिलते हैं। दही में कैल्शियम अधिक मात्रा में पाया जाता है।
नारियल पानी
जो लोग हाइपरटेंशन की समस्या से परेशान हैं उन्हें बॉडी को हाइड्रेट रखना चाहिए।कोकोनट वॉटर में पोटैशियम, मैग्निशियम और विटामिन सी होता है जो कि ब्लड प्रेशर को कम करता है।
लहसुन
गार्लिक के यूं तो कई हेल्थ बेनिफिट्स हैं लेकिन कम लोग ही जानते होंगे कि लहसुन के सेवन से आसानी से ब्लड प्रेशर कम किया जा सकता है। बैड कॉलेस्ट्रॉल लेवल को भी कम करता है।
अंडे
अंडे में विटामिन, मिनरल और कई अन्य पौष्टिक तत्व पाए जाते हैं, जो एंडोर्फिन नामक एक रसायन का उत्‍पाद करते है। यह रसायन हमारे दिमाग में भी पाया जाता है। जो अवसाद व दर्द जैसी समस्याओं से राहत दिलाता है।

खाना खजाना / शौर्यपथ / 15 अगस्त के दिन देशभर में स्वतंत्रता दिवस का पर्व मनाया जाएगा। इस दिन भारत के हर व्यक्ति का दिल देशभक्ति के रंग में डूबा हुआ नजर आता है। ऐसे में अगर आप भी इस दिन को खास बनाने के लिए अपनी किचन में कुछ अलग ट्राई करना चाहती हैं तो बनाएं ये टेस्टी तिरंगा हलवा। जानें क्या है इसकी आसान रेसिपी।
सूजी का तिरंगा हलवा बनाने के लिए सामग्री-
-दूध- 3 कप
-देसी घी- 3 बड़े चम्मच
-सूजी- 250 ग्राम
-चीनी- 250 ग्राम
-खस सिरप- 1 चम्मच
-ऑरेंज स्क्वैश- 1 चम्मच
-वेनिला एसेंस- 1 चम्मच
-ड्राई फ्रूट्स- 1 छोटी कटोरी
-टूटी फ्रूटी (गार्निश के लिए)- 2 चम्मच
-इलायची - 15

सूजी का तिरंगा हलवा बनाने की विधि-
सूजी का तिरंगा हलवा बनाने के लिए सबसे पहले आप दूध को उबाल कर अलग रख लीजिए। इसके बाद एक पैन में घी गरम करके सूजी को डालें और धीरे-धीरे चलाते हुए कुछ देर भून लीजिए। जब सूजी हल्का ब्राउन हो जाए, तो आप सूजी में दूध और चीनी को डालकर कुछ देर पका लीजिए। कुछ देर पकने के बाद इसमें इलाइची डालकर 4-5 मिनट के लिए पका लीजिए। अब इसे तिरंगा बनाने के लिए अलग- अलग पैन में नारंगी स्क्वैश, वेनिला एसेंस और खस का सिरप डालकर अच्छी तरह से पकाएं।अब किसी प्लेट में निकालकर तिरंगा बनाएं ऊपर से टूटी फ्रूटी से गार्निश करके खाने के लिए सर्व कीजिए।

व्रत त्यौहार / शौर्यपथ / हमारे प्राचीन साहित्य उपनिषद, वेद,पुराणों में नर,वानर गिद्ध, ऋक्ष, पन्नग अर्थात सर्प संस्कृतियों का उल्लेख है। आदिकाल से ही मानव विश्व कल्याण के लिए प्रसिद्ध है। नाग वंश के वीर राजाओं की भी सैकड़ों कथाएं पुराणों एवंं इतिहास की पुस्तकों में लिखी पड़ी हैं। महाभारत काल में महारानी कुंती के नाना नाग लोक के ही निवासी थे। ऐसा वर्णन आता है कि नर और पन्नग (सर्प) में आपसी संबंध भी हुआ करते थे। जब बचपन में दुर्योधन द्वारा भीम को जहर देकर गंगा में में फेंक दिया गया था ताक गंगा में नाग जाति के रक्षक उन्हें नागलोक ले गए। वहां के राजा कुंती के नाना थे। जब उन्होंने भीम को जहर देने की बात सुनी तो उन्होंने भीम को अमृत पिलाकर दस हजार हाथियों का बल प्रदान कर दिया। भगवान कृष्ण ने बालपन में कालिया नाग अर्थात दुष्ट प्रवृत्ति के सर्पों का मर्दन किया था। अर्जुन ने भी वनवास के दौरान नाग कन्या चित्रांगदा से विवाह संबंध स्थापित किया था। यह सब बातें पुराणों और इतिहास में वर्णित हैं।
हमारी संस्कृति में प्राचीन काल से ही वानर,ऋक्ष और सर्प जातियों के साथ मधुर संबंध रहे हैं और यह सब जातियां मनुष्य की हितेषी हैं। सर्प किसान का हितैषी है। जंगल में चूहे आदि नुकसान पहुंचाने वाले जंतुओं को खाता है। वेदों में भी सर्प पूजन का विधान है। शास्त्रों में 12 प्रकार के नागों का वर्णन है जिनमें तक्षक कुलिक,अनंत, महापद्म, शंखपाल, पातक, वासुकी एवं शेषनाग प्रमुख हैं। किंतु आज के परिपेक्ष में इसका अर्थ बदल गया है। सांपों को दूध पिलाना एक मुहावरा बन गया है अर्थात विश्वासघातियों का पालन-पोषण करना। सांप को चाहे जितना दूध पिलाओ उससे उसका विष ही बढ़ता है और गलती होने से वह हमें डस भी सकता है किंतु यह सर्वथा सत्य नहीं है। आज के दोहरे चरित्र वालों के लिए यह सही तो बैठता है, किंतु सर्प जाति के लिए यह सही नहीं है।
पुराणों में सिर को काल का रूप माना गया है इसलिए सांप तभी डसता है जब उस व्यक्ति की आयु पूर्ण होने को आती है। सर्प हम हमारे लिए कल्याणकारी हैं। ज्योतिषीय परिप्रेक्ष्य में देखें तो राहु को सर्प का मुख मानते हैं। जब राहु कुंडली में बहुत अच्छी अवस्था में होता है या उच्च अवस्था में हो तो राज सिंहासन तक दिलवा देता है। सारे सुविधाएं, भोग विलास राहु देता है। सर्प भी ऐसा ही एक प्राणी है। कहा जाता है कि सांप भी धन की स्थान पर हमेशा कुंडली मारकर बैठ जाते हैं और जिस पर प्रसन्न हो जाए वह उस व्यक्ति के लिए धन उपलब्ध करा देते हैं। इसे उस की व्यक्ति की कुंडली में आकस्मिक धन का योग कहें या राहु अर्थात सर्प की कृपा कहें। हमारी भारतीय संस्कृति इतनी महान है कि व्यक्ति चाहे कैसा भी हो हम उससे प्रेम की भाषा में समझाते हैं। इसीलिए हम नाग पंचमी को नागों का पूजन भी करते हैं। उन्हें दूध पिलाते हैं और अपने भाग्य को प्रबल करने का एक अवसर प्राप्त करते हैं। नाग पंचमी को नाग की पूजा करने से वर्षभर उन्हें किसी विषैले जंतुओं का डर नहीं रहता। कुछ लोग कहते हैं कि सर्प, वानर,ऋक्ष जातियां प्राचीन मिथक है जो हमारे साहित्य में प्रेक्षक डाल कर लिखी गई हैं। किंतु ऐसा उनका भ्रम है।
आज है नाग पंचमी
इस वर्ष नाग पंचमी का पर्व 13 अगस्त यानी शुक्रवार को है। नाग पूजन का विशेष मुहूर्त प्रातः काल अमृत योग में 8:00 बजे तक था। इसलिए जो व्यक्ति सर्प पूजा करते हैं उन्हें प्रातः 8:00 बजे करनी चाहिए। उसके पश्चात 13:02 से 15:20 बजे तक स्थिर लग्न में सर्प पूजा कर सकते हैं। जिन व्यक्तियों की कुंडली में सर्प दोष होता है उन्हें आज के दिन भगवान शिवलिंग पर दूध में चांदी के सर्प रखकर शिवलिंग पर अर्पण करना चाहिए। मनसा देवी को सर्पों की माता कहा गया है।इस दिन मनसा देवी का पूजा करने से भी सर्प प्रसन्न होते हैं। सौरभ पूजा के लिए वैदिक मंत्र है। ’ओम् नमोऽस्तु सर्पेभ्यो ये के च पृथिवी मनु।ये ऽन्तरिक्षे ये दिवि तेभ्य: सर्पेभ्यो नमः।(यजुर्वेद)’। इसके अलावा लघु मंत्र ओम् सर्पेभ्यो नमः के द्वारा भी सर्प पूजन कर सकते हैं। इसलिए हमारी संस्कृति में विषैले से विषैले,दुर्जन से दुर्जन व्यक्ति को भी मधुरता का दूध पिलाकर के प्रसन्न किया जा सकता है। हमारी संस्कृति हमें ऐसा ही संदेश देती है।

22 साल के इस नवयुवक की उपलब्धि पर परिजनों और शुभचिंतकों में हर्ष व्याप्त

राजनांदगांव / शौर्यपथ / प्रतिभा कभी भी सुविधाओं की मोहताज नहीं होती। इस युक्ति को चरितार्थ किया है जिले के आदिवासी विकासखण्ड के सुदूर वनांचल के कृषक परिवार के होनहार युवक नीलेश ने, जो सुविधाविहीन अपने ग्राम मार्री के शासकीय स्कूलों से पढ़ाई कर सहायक प्राध्यापक जैसे प्रतिष्ठापूर्ण पद पर चयनित हुए हैं। मार्री जैसे सुदूर वनांचल के माटी के लाल 22 साल के इस नवयुवक की उपलब्धि पर अंचल में हर्ष व्याप्त है। जिले के आदिवासी बाहुल्य मोहला विकासखंड के ग्राम मार्री के आदिवासी कृषक परिवार के होनहार युवक श्री नीलेश का चयन छत्तीसगढ़ लोक सेवा आयोग के माध्यम से सहायक प्राध्यापक प्राणी शास्त्र के पद पर हुआ है। नीलेश धलेन्द्र के पिता कंवल सिंह बहुत ही सामान्य परिवार के कृषक हैं। नीलेश धलेन्द्र शुरु से ही होनहार विद्यार्थी रहे हैं। उन्होंने कक्षा दसवीं तक की पढ़ाई अपने गृह ग्राम मार्री में स्थित शासकीय विद्यालयों में की है। इसके पश्चात् उनका चयन प्रयास आवासीय विद्यालय रायपुर में कक्षा 11वीं में अध्ययन हेतु हुआ। उन्होंने आगे की पढ़ाई शासकीय लाल चक्रधर महाविद्यालय अंबागढ़ चैकी तथा शासकीय दिग्विजय महाविद्यालय राजनांदगांव से प्राणीशास्त्र विषय में स्नातकत्तोर की परीक्षा प्रथम श्रेणी में उत्तीर्ण की। इसके पश्चात् उन्होंने नेट की परीक्षा उत्तीर्ण की। नीलेश की इस सफलता पर माता-पिता के साथ उनके चाचा श्री संतलाल धलेन्द्र प्रधान पाठक एवं मनीराम धलेन्द्र शिक्षक के अलावा उनके परिजनोंए इष्टमित्रों और शुभचिंतकों ने बधाई एवं शुभकामनाएं दी हैं।

विधायक प्रतिनिधि बंछोर ने किया डीईओं के साथ सेक्टर चार स्कूल का निरीक्षण

भिलाई / शौर्यपथ / विधायक देवेंद्र यादव की पहल से और उनके द्वारा किये गये अनुशंसा पर सेक्टर 4 बीएसपी के मिडिल स्कूल में गर्वमेंट इंग्लिश मीडियम स्कूल खुलने जा रहा है। यहां के लोगों की मांग और क्षेत्र के विद्यार्थियों की सुविधाओं को देखते हुए विधायक देवेंद्र यादव ने इसके लिए पहल की है। विधायक प्रतिनिधि एकांश बंछोर ने दुर्ग जिला शिक्षा अधिकारी प्रवास सिंह बघेल एवं निगम के अधिकारियों के साथ स्कूल का निरीक्षण किया। स्कूल खुलने से पहले वहां की व्यवस्था देखा और जरूरी सुविधाओं को ध्यान में रखते हुए काम करने के निर्देश दिए है। इसके साथ ही वार्ड 35 के नवीन कॉलेज ग्राउंड, खुर्सीपार आडिटोरियम भवन का जीर्णोद्धार कार्य भी किया जाएगा। विधायक देवेंद्र यादव की पहल से 32.55 लाख की लागत से जीर्णोद्धार होगा। इस काम का भी जायजा लिया और अधकारियों को निर्देश दिया है।
200 से अधिक छात्र-छात्राओं को मिलेगा लाभ-
विधायक प्रतिनिधि एकांश बंछोर के अनुसार क्षेत्र के छात्र-छात्राओं के हित को ध्यान में रखते हुए हमने पहल की और प्रदेश के मुख्यमंत्री बघेल से आग्रह किया। छात्रों के भविष्य को ध्यान में रहते हुए मुख्यमंत्री ने तत्काल पहल की और स्वीकृति दे दी है। स्कूल के खुलने से क्षेत्र के हर साल करीब 200 छात्रों को लाभ मिलेगा। विधायक प्रतिनिधि एकांश बंछोर ने कहा कि विधायक देवेंद्र यादव की पहल से क्षेत्र में लगातार विकास कार्य हो रहा है। इसी कड़ी में खुर्सीपार क्षेत्र के विद्यार्थियों को अच्छी शिक्षा में इसके लिए लगता वे अंग्रेजी माध्यम स्कूल शुरू करने के प्रयास में थे। लगातार कड़ी मेहनत के बाद आखिरकार मुख्यमंत्री ने स्कूल की स्वीकृति दी और अब जल्द ही यहां स्कूल शुरू किया जाएगा। स्कूल के शुरू होने से पहले विधायक प्रतिनिधि श्री बंछोर निरीक्षण कर बेहतर सुविधा बढ़ाने का निर्देश दिया है।
साथ ही मुख्यमंत्री का पूरे क्षेत्र वासियों की तरफ से आभार जताया।
विधायक देवेन्द के प्राथमिकता में था कि बने स्मार्ट सरकारी स्कूल
विधायक प्रदेश के पहले युवा विधायक है जिन्होंने स्कूल को लेकर बड़ी योजना बनाई थी। अपने बजट में भिलाई के सरकारी स्कूल को अंग्रेजी मीडियम स्मार्ट स्कूल बनाने का सपना देखा और उसे साकार किया। इस सपने को साकार करने मुख्यमंत्री ने बड़ा सहयोग किया और इस स्मार्ट अंग्रेजी माध्यम सरकारी स्कूल के सपने को पूरा कर दिया। विधायक देवेंद्र यादव के पहल से पूरे प्रदेश के कई सरकारी अंग्रेजी माध्यम स्कूल खोला गया है। गरीब परिवार के बच्चे जो इंग्लिश मीडियम में पढ़ नहीं पाते थे। गरीब परिवार का सपना होता था कि मेरा बच्चा भी अंग्रेजी मीडियम स्कूल में पढे जो आज विधायक श्री यादव और मुख्यमंत्री की पहल से भिलाई ही नही पूरे छग प्रदेश में साकार हो रहा है।

सेहत / शौर्यपथ / आपने आज तक पपीता खाने के कई फायदे सुने होंगे। यह लो कैलरी फ्रूट व्यक्ति को कई तरह के स्‍वास्‍थ्‍य लाभ देता है। इस फल का लगभग हर हिस्सा उपयोग में लाया जा सकता है। पपीता एंटीऑक्सीडेंट कैरोटीनोइड जैसे कि बीटा-कैरोटीन का एक अच्छा स्रोत है, जो हमारी नजर की रक्षा करता है। इसके अलावा, पपीते के पत्तों को डेंगू बुखार में भी काफी प्रभावी माना गया है। बावजूद इसके क्या आप जानते हैं जरूरत से ज्यादा पपीता खान से सेहत को फायदे की जगह कई बड़े नुकसान भी हो सकते हैं। आइए जानते हैं क्या हैं ये बड़े नुकसान।
न्यूट्रिशनिस्ट और वैलनेस एक्सपर्ट वरुण कत्याल के अनुसार पपीते में फाइबर की मात्रा अधिक होने की वजह से यह कब्ज रोगियों के लिए फायदेमंद हो सकता है। लेकिन इसमें मौजूद लेटेक्स पेट में जलन, दर्द और परेशानी के साथ पेट की खराबी का कारण भी बन सकता है। इसमें मौजूद फाइबर दस्त का कारण बन सकता है, जिससे व्यक्ति के शरीर में पानी की कमी भी हो सकती है।
पपीता खाने के साइड इफेक्‍ट्स-
गर्भवती महिलाओं के लिए नुकसानदेह-
पपीते में लेटेक्स की मात्रा अधिक होने की वजह से यह गर्भाशय के सिकुड़ने का कारण बन सकता है। पपीते में मौजूद पपेन शरीर की उस झिल्ली को नुकसान पहुंचा सकता है जो भ्रूण के विकास के लिए आवश्यक होती है।
पाचन मुद्दों का कारण-
पपीते में प्रचूर मात्रा में फाइबर पाया जाता है। जो कब्‍ज जैसी समस्या में राहत देने के साथ आपके पेट को खराब करने का कारण भी बन सकता है। दरअसल, पपीते के छिलके में मौजूद लेटेक्स पेट को अपसेट करके पेट दर्द का कारण भी बन सकता है।
कम हो सकता है ब्‍लड शुगर-
पपीता ब्‍लड शुगर लेवल को कम कर सकता है, जो डायबिटीज रोगियों के लिए खतरनाक साबित हो सकता है। मधुमेह रोगियों को डॉक्टर से पूछने के बाद ही पपीते का सेवन उचित मात्रा में करना चाहिए।
एलर्जी की संभावना-
पपीते में मौजूद पपेन से एलर्जी होने की संभावना बनी रहती है। पपीते के अधिक सेवन से सूजन, चक्कर आना, सिरदर्द, चकत्ते और खुजली जैसी समस्‍याएं रिएक्‍शन के तौर पर दिख सकती हैं।
जन्मजात दोष का बन सकता है कारण-
पपीते के पत्तों में मौजूद पेपीन बच्चे के लिए धीमा जहर का काम कर सकता है। इतना ही नहीं इससे जन्मजात दोष भी पैदा हो सकते हैं। स्तनपान के दौरान पपीता खाना कितना सुरक्षित है इस बारे में भी अब तक बहुत कुछ पता नहीं चल पाया है। लिहाजा बच्चे के जन्म से पहले और जन्म के बाद भी जब तक मां, बच्चे को अपना दूध पिलाती है उन्हें पपीता खाने से बचना चाहिए।
बच्चों के लिए असुरक्षित
बाल विशेषज्ञों की मानें तो एक साल से कम उम्र के बच्चे को पपीता नहीं खिलाना चाहिए। दरअसल, छोटे बच्चे पानी बहुत कम पीते हैं। ऐसे में पर्याप्त पानी के सेवन के बिना उच्च फाइबर वाला ये फल मल को कठोर बना देता है, जिससे बच्चों को कब्ज की शिकायत हो सकती है।

टिप्स ट्रिक्स / शौर्यपथ / चंद दिनों बाद रक्षाबंधन का त्योहार दस्तक देने वाला है। ऐसे में अभी से मिठाई की दुकानों पर अलग-अलग तरह की रंग-बिरंगी मिठाईयां चांदी के वर्क में लिपटी हुई नजर आने लगी हैं। त्योहार के सीजन में मिठाइयों की बढ़ती मांग को देखते हुए बड़ी संख्या में लोग मिठाइयों में मिलावट करने लगते हैं। कलर, मावे से लेकर सब में मिलावट की जाती है। इतना ही नहीं, चांदी के असली वर्क के नाम पर बाजार में एल्युमिनियम के वर्क भी बिक रहे हैं। जो भविष्य में कैंसर, फेफड़े और दिमाग से जुड़े कई रोगों का कारण बन सकते हैं। ऐसे में आइए जानते हैं कैसे करें असली वर्क की पहचान।
ऐसे करें असली चांदी के वर्क की पहचान-
अपनी उंगलियों से मिठाई के ऊपर लगे चांदी के वर्क को पोंछने का प्रयास करें। यदि यह आपकी उंगलियों पर चिपक जाता है, तो इसका मतलब है कि चांदी के वर्क में एल्यूमीनियम मिलाया गया है। अगर ऐसा नहीं होता है, तो इसका मतलब है कि मिठाई खाने के लिए सुरक्षित है।
चांदी के वर्क को जलाकर देखें-
चांदी के वर्क को टेस्ट करने के लिए सबसे पहले मिठाई पर लगे चांदी के वर्क को उतार लें। इसके बाद इसे जलाकर देखें। यदि यह चांदी से बना है तो यह चांदी की एक गेंद के आकार में बदल जाएगा। लेकिन मिलावट होने पर यह काला हो सकता है। चांदी के वर्क में आमतौर पर एल्यूमीनियम की मिलावट की जाती है। इसे जलाने पर एल्यूमीनियम काली राख में बदल जाता है।

लाइफस्टाइल / शौर्यपथ / कहते हैं कि एक अच्छा इंसान रिश्ते भी अच्छे निभाता है इसलिए आपको अगर खुश रहना है, तो अपने पार्टनर में कुछ आदतें जरूर नोट करें।आप अगर अपने पार्टनर के साथ फ्यूचर प्लानिंग कर रहे हैं, तो आपको कुछ बातों को देखना बहुत जरूरी है।जैसे, उसके मन में आपके लिए इज्जत है या नहीं।हम आपको ऐसी आदतें बता रहे हैं, जो अगर आपके पार्टनर में भी हैं, तो उसके साथ फ्यूचर प्लानिंग करने से पहले सोझ-समझकर ही फैसला लें।वहीं, अगर आपके पार्टनर में ये सभी आदतें हैं, तो उसे दूर से ही ‘नमस्ते’ कह दें क्योंकि गलतियों को सुधारा जा सकता है लेकिन किसी के स्वभाव को पूरी तरह बदला नहीं जा सकता।
बात-बात पर झूठ बोलना/छिपाना
दुनिया में सभी लोग कभी न कभी झूठ बोलते हैं लेकिन इसका मतलब यह नहीं है कि कोई झूठ को अपना स्वभाव ही बना ले।वहीं, बात जब आपके लाइफ पार्टनर की हो रही हो, तो ऐसे स्वभाव के व्यक्ति को दूर से ही नमस्ते कह देने में भलाई है।
आपकी इज्जत न करना
मजाक में कुछ कहना कभी-कभी चल जाता है लेकिन हमेशा आपके लुक्स, काम और दूसरी बातों का मजाक उड़ाना सीधे-सीधे इशारा करता है कि आपका पार्टनर आपकी बिल्कुल भी इज्जत नहीं करता।खासतौर पर जब दूसरों के सामने अक्सर वह आपका मजाक उड़ाता है, तो ऐसा इंसान भरोसे के लायक नहीं है।
आपको समय न देना
आजकल की भागती-दौड़ती जिंदगी में समय की सभी के पास कमी है लेकिन अगर आपका पार्टनर आपके लिए हमेशा ही बिजी रहता है या उसकी प्रॉयरिटी लिस्ट में आपका नाम सबसे नीचे आता है, तो आगे चलकर आपको दिक्कत हो सकती है।
अपना फायदा सबसे ऊपर या अवसरवादी
अपना फायदा हर कोई देखता है लेकिन अगर आपका पार्टनर हमेशा अपने फायदे को ऊपर रखता है, चाहे उससे आपका कितना भी नुकसान हो, तो आप ऐसे व्यक्ति के साथ कभी भी खुश नहीं रह सकते।
अटेंशन की भूख/फ्लर्ट करना
अपनी तारीफ सुनना सभी को अच्छा लगता है लेकिन जब कोई हर जगह अटेंशन का भूखा हो, तो यह आदत आपके लिए सिरदर्द बन सकती है।ऐसा व्यक्ति हर किसी से अटेंशन चाहता है।अपने पार्टनर मिली तारीफ उसके लिए काफी नहीं होती।वहीं, ऐसा व्यक्ति फ्लर्ट करने से भी पीछे नहीं रहता क्योंकि उसे अटेंशन चाहिए होती है।

सेहत / शौर्यपथ / दस्त की समस्या से निजात पाने के लिए घरेलु ईलाज, नुस्खे, उपाय, कारण, लक्षण, एलोपैथिक, अंग्रेजी दवा, आयुर्वेदिक जब भी किसी का पेट ख़राब होता है, और वह बार बार बाथरूम की तरफ भागे, समझ जाइये उसे दस्त हो गए है| यह एक बहुत आम बीमारी है, लेकिन जब कभी हो जाये, तो इन्सान परेशान हो जाता है| इसमें पूरा शरीर ऐसा थक जाता है जैसे हमने कोई बहुत मेहनत वाला काम किया है| ऐसा होने पर बार बार बाथरूम जाना थोडा अजीब लगता है, लेकिन इस पर हमारा जोर नहीं चलता| दस्त होने पर हमारे शरीर के अंदर का पूरा पानी निकल जाता है और हम कमजोर हो जाते है| यह डायरिया का ही रूप है जिसमें शरीर में पानी की कमी हो जाती है और दस्त होने लगते है| यह बच्चों को बहुत जल्दी होता है, क्यूंकि वो कम पानी पीते है| इसमें पेट में दर्द, कमजोरी, बुखार जैसी शिकायतें होती है|
दस्त की समस्या घरेलू ईलाज
आपको बता दें कि दस्त की समस्या ऐसी समस्या है जिसके होने से शरीर में कमजोरी आ जाती है. लेकिन इस समस्या को आप कुछ घरेलू नुस्खों के माध्यम से दूर कर सकते हैं. इसके लिए आप इस लेख को पूरा पढ़ें, यहाँ आपको इस समस्या के कारण, लक्षण एवं उपाय के बारे में सभी जानकारी मिल जाएगी.
दस्त की समस्या कारण
वैसे तो दस्त होने के बहुत से कारण हो सकते है, लेकिन में आपको कुछ मुख्य कारण यहाँ बता रही हूँ|
1 फ़ूडपोइसिनिग
2 किसी खाने की चीज से एलर्जी की वजह से
3 पाचन तंत्र का सही ढंग से काम ना करना
4 किसी दवाई से एलर्जी
5 शराब अधिक पीना
6 तनाव
7 ज्यादा खाना
8 पानी कम पीना
दस्त की समस्या लक्षण
उलटी होना
बार बार मोसन फील होना
पेट में मरोड़
बुखार
वजन कम होना
घरेलू ईलाज
सरसों (राई) के दाने –
नीम्बू –
नीम्बू में citric एसिड होने की वजह से वह पेट को अच्छे से साफ कर देता है, यह पेट से सारी गन्दगी हटाने में मदद करता है| 1 नीम्बू से पूरी तरह अच्छे से रस निकाल लें| अब इसमें 1 tsp नमक और 1 tbsp शक्कर मिलाएं| इसे अच्छे से मिलाएं| अब आप इसे हर घंटे पियें| आपको आराम मिलेगा| आराम मिल जाये तब भी 1-2 दिन तक इसे दिन में 2 बार पियें जिससे आपका पेट पूरी तरह से साफ होकर अच्छे से काम करने लगेगा|
अनार –अनार एक ऐसा फल है जो dast में आराम देता है और जिसको यह बीमारी बार बार होती है उन्हें अनार खाने से बहुत आराम मिलता है| loose motion होने पर अनार के दाने ज्यादा से ज्यादा खाएं| इससे आपको आराम मिलेगा| दिन में 2 अनार से ज्यादा ना खाएं| इसके अलावा आप अनार का रस निकाल कर कम से कम दिन में 3 बार पियें| इसके अलावा आप अनार के पत्तों को पानी में उबालें और उस पानी को पियें| आपको इससे बहुत जल्द आराम मिलेगा|
मैथी –मैथी में antibactiria और antifungal प्रॉपर्टीज होती है| मैथी के दानों को पीस कर पाउडर बना लें| अब 2 tbsp मैथी पाउडर को 1 गिलास पानी में डालें और सुबह खली पेट पियें| 2-3 दिन ऐसा करने से आपको पूरी तरह से दस्त मे आराम मिलेगा|
शहद –शहद एक आयुर्वेद तरीका है इससे बहुत सी बीमारी ठीक होती है| 1 चम्मच अच्छी शहद लें, अब इसमें ½ tsp दालचीनी का पाउडर मिलाएं| इसको 1 गिलास गुनगुने पानी में मिलाएं| इसे सुबह खाली पेट पियें| फिर बाद में भी 1-2 बार पियें| आपको 1 दिन में ही loose motion से आराम मिलेगा|
छाछ (मठा) –हमारे भारत में छाछ को healthy ड्रिंक माना जाता है| हमारे पेट के लिए इसे बहुत अच्छा माना जाता है| इसे पिने से पेट का पाचन तंत्र सुचारू रूप से काम करने लगता है और पेट की बहुत सी बीमारियाँ दूर हो जाती है| छाछ में मौजूद एसिड बैक्टीरिया और पेट के रोगाणु से लड़ने में मदद करता है| 1 गिलास छाछ में 1 tsp नमक, थोड़ी सी जीरा पाउडर, काली मिर्च या हल्दी मिलाएं| इसे मिलाकर दिन में 2-3 बार छाछ को पियें इससे आपको बहुत फर्क पड़ेगा|
लिक्विड लेते रहें –अगर आपको कई बार dast हो रहे है, तो आपके शरीर में जल्दी पानी की कमी हो जाएगी और आप dehydrated हो जाओगे| इससे बचने के लिए जरुरी है की आप अपने शरीर को पानी की भरपूर मात्रा देते रहे| जब भी आपको dast हो आप पानी पीना ना छोड़ें| थोड़ा थोड़ा कर के पानी पीते रहे| दिन में कम से कम 7-8 ग्लास पानी पियें| इसके अलावा आप सूप या फलों का रस भी लेते रहें| Electrol पाउडर को पानी में घोल कर दिन में कई बार पियें| पेट में बहुत आराम मिलेगा| नारियल पानी पिने से भी बहुत आराम मिलता है|
पुदीना –पुदीना दस्त में रामबाण की तरह है| इससे पेट में बहुत ठंडक मिलती है और आराम भी| पुदीना में antibactirial प्रॉपर्टीज होती है जो पाचन में बहुत जल्द मदद करता है| इसे आप बहुत से तरीके से ले सकते है| आप चाहें तो पुदीने की ताजा 2-3 पत्तियों को खाना खाने के बाद चबा लें, पाचन अच्छे से होगा| पुदीने की ताजी पत्तियों को पीस कर उसका रस निकाल लें| अब 1 tsp पुदीने के रस में 1 tsp शहद और 1 tsp नीम्बू का रस मिलाएं| इसको अच्छे से मिलाकर दिन में 2-3 बार लें| 1 दिन में ही आराम मिलेगा|
बेल पत्ती –बेल पत्ती और इसका फल पेट को बहुत आराम देता है| बेल पत्ती को सुखाकर पीस लें| अब 2 tbsp पाउडर में 2 tbsp शहद मिलाएं| इसे दिन में 3-4 बार खाएं| इसे कुछ दिन तब तक खाएं, जब तक आप पूरी तरह से ठीक नहीं हो जाती|
अदरक –अदरक में antibactiria और antifungal प्रॉपर्टीज होती है जो पेट के दर्द और loose motion में आराम देता है| 1 कप छाछ में ½ tsp सूखा अदरक का पाउडर को मिलाएं| इसे दिन में 2-3 बार पियें| 1 दिन में ही फर्क समझ आएगा|
पपीता –पपीता बहुत आराम देता है| पेट में होने वाली मरोड़ को यह दूर करता है| कच्चा पपीता को लें और किस लें| अब 3 कप पानी में इसे डाल कर 10 min तक उबालें| अब छान कर ठंडा करें और इसे पी लें| दिन में 2-3 बार पियें आराम मिलेगा|
इसके साथ ही आप दही में इसागोल की भूसि मिलाकर उसका सेवन कर सकते हैं, इससे भी आपको दस्त में राहत मिलेगी।
इन तरीकों को अपनाकर आप बहुत जल्द आराम पा सकती हैं| अगर आपके dast इन तरीकों को अपनाकर भी 24 घंटे में ठीक नहीं होते है, तो आप तुरंत डॉक्टर के पास जाएँ और उसकी सलाह लें| वैसे ये सारे तरीके बहुत किफायती और फायदेमंद है| मैं हमेशा कोशिश करती हूँ, कि आपकी रोजमर्रा की तकलीफों के किफायती, आसन और घरेलु उपाय

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