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सेहत टिप्स /शौर्यपथ /आमतौर पर लोग पानी को प्लास्टिक की बॉटल में स्टोर करते हैं. जबकि प्लास्टिक की बॉटल में पानी रखना सेहत के लिए नुकसानदायक माना जाता है. ऐसे में आप चाहें तो पानी रखने के लिए तांबे की बॉटल या फिर तांबे की किसी भी बर्तन का इस्तेमाल कर सकते हैं. बता दें कि तांबा यानी कॉपर के बर्तन में पानी रखकर इसका सेवन करने से सेहत को एक नहीं बल्कि कई सारे फायदे होते हैं. दरअसल कॉपर के बर्तन में जब पानी को आठ घंटे या उससे ज्यादा समय तक रखा जाता है. तब तांबे के कुछ अंश पानी में घुल जाते हैं जो सेहत के लिए फायदेमंद होते हैं. तो आइए जानते हैं तांबे के बर्तन में पानी रखकर पीने के फायदे क्या हैं.
तांबे के बर्तन में पानी रखकर पीने के फायदे |
1. कैंसर से लड़ने में मददगार
फ्री रेडिकल्स और उनके हानिकारक प्रभाव ही कैंसर के प्रमुख कारण रहे हैं. तांबा एक ऐसा प्रसिद्ध एंटीऑक्सीडेंट है, जो सभी फ्री रेडिकल्स के खिलाफ लड़ता है और उनके नकारात्मक प्रभावों को खत्म करने में मदद कर सकता है. इसके साथ ही तांबा मेलेनिन के उत्पादन में मदद करता है, जो सूर्य के हानिकारक यूवी किरणों से बचाव भी करता है.
2. हाई ब्लड प्रेशर को कंट्रोल कर सकता है
अमेरिकन कैंसर सोसाइटी के अनुसार, तांबा कोलेस्ट्रॉल और ट्रिग्लिसराइड स्तर को कम करने के लिए जाना जाता है. अगर किसी की बॉडी में कॉपर की कमी बचपन से ही हो गई है, तो यह हाइपोटेंशन के विकास का कारण बनती है. अगर किसी वयस्क की बॉडी में तांबे की कमी है, तो उनको हाइपरटेंशन की दिक्कत हो सकती है. ऐसे में तांबे के बर्तन में रखा पानी पीने से हाई ब्लड प्रेशर को कंट्रोल किया जा सकता है.
3. एनीमिया से बचाव कर सकता है
तांबे के बर्तन में रखा पानी पीने से एनीमिया की दिक्कत से राहत मिल सकती है. बता दें कि शरीर में तांबे की कमी से हेमेटोलॉजिकल विकार हो सकते हैं, जिसके परिणामस्वरूप कम सफेद रक्त कोशिकाएं भी होती हैं. तांबा खाद्य को हीमोग्लोबिन बनाने में मदद करता है. यह शरीर में आयरन को अवशोषित करने में मददगार साबित होता है, जिसकी कमी से एनीमिया होता है.
4. गठिया और जोड़ों की सूजन से राहत
कॉपर में एंटी-इंफ्लेमेटरी गुण होते हैं जो गठिया और रूमेटाइड अर्थराइटिस से पीड़ित रोगियों को काफी राहत प्रदान करते हैं. इसके साथ ही तांबे में हड्डियों को मजबूत करने वाले गुण होते हैं. तांबे के बर्तन में रखा पानी गठिया के लिए बेहतर इलाज साबित हो सकता है.
5. पाचन में सहायक
आयुर्वेद का दावा है कि "ताम्र जल" पीने से पेट डिटॉक्सीफाई और साफ होता है. कॉपर में ऐसे गुण भी होते हैं जो क्रमाकुंचन (पेट की परत का लयबद्ध विस्तार और संकुचन) को उत्तेजित करते हैं, पेट की परत की सूजन को कम करते हैं और बेहतर पाचन में सहायता करते हैं. कॉपर के बर्तन में रखा पानी पीना पेट के अल्सर, अपच और पेट के संक्रमण को दूर करने के लिए एक बेहतर तरीका हो सकता है.
सेहत टिप्स /शौर्यपथ /उम्र बढ़ने के साथ ही तमाम तरह की दिक्कतें आने लगती हैं. इन्ही में से एक है हड्डियों का कमजोर होना. दरअसल बढ़ती उम्र के साथ बोन डेंसिटी कम होती जाती है, जिसके चलते स्केलेटन सिस्टम से जुड़ी दिक्कतें बढ़ने लगती हैं. अगर इन को नजरअंदाज किया जाए तो आगे चलकर आपको अर्थराइटिस और ऑस्टियोपोरोसिस जैसी बीमारियों का खतरा बना रहता है. इतना ही नहीं अगर बढ़ते बच्चों को भी कैल्शियम, विटामिन डी जैसे पोषक तत्व न मिलें तो आगे चलकर उनको भी हड्डियों से जुड़ी दिक्कतों का सामना करना पड़ सकता है. ऐसे में आप चाहें तो कुछ चीजों को अपनी और उनकी डाइट का हिस्सा बना सकते हैं. जिनके सेवन से हड्डियों को पर्याप्त पोषण तो मिलेगा ही साथ ही बोन डेंसिटी भी बूस्ट होगी. तो आइए जानते हैं इन चीजों के बारे में.
हड्डियों को मजबूती देने वाली चीजें
1. पालक
पालक में अच्छी मात्रा में कैल्शियम, विटामिन, प्रोटीन और कई तरह के जरूरी मिनरल्स होते हैं. जो बोन डेंसिटी को बढ़ाने में मददगार होते हैं. पालक के सेवन से हड्डियों की मजबूती बढ़ती है. ऐसे में आप चाहें तो रोजाना एक कप पालक को अपनी डाइट का हिस्सा बना सकते हैं.
2. पनीर
हड्डियों की मजबूती बढ़ाने के लिए 'चीज' एक बेहतर विकल्प साबित हो सकता है. ये बॉडी में कैल्शियम की जरूरत को पूरा करता है, लेकिन चीज का सेवन आपको सीमित मात्रा में ही करना चाहिए क्योंकि फुल फैट चीज में कैलोरी और सैचुरेटेड फैट भी काफी ज्यादा मात्रा में पाया जाता है.
3. अंजीर
अंजीर में कैल्शियम, पोटेशियम और मैग्नीशियम जैसे स्केलेटन सेविंग तत्व पाए जाते हैं. जो हड्डियों की मजबूती बढ़ाने में मदद करते हैं. ऐसे में आप अंजीर को अपनी डाइट में शामिल कर सकते हैं. अगर आपको अंजीर ताजे फल के रूप में नहीं मिलता है, तो आप सूखे अंजीर का सेवन कर सकते हैं.
4. प्लांट बेस्ड मिल्क
कोकोनट, आलमंड और सोयाबीन जैसे प्लांट बेस्ड मिल्क कैल्शियम और विटामिन डी से भरपूर होते हैं. ये दोनों पोषक तत्व बोन हेल्थ को बेहतर बनाने में अहम भूमिका निभाते हैं. ऐसे में इनको अपने आहार मे शामिल करके आप हड्डियों की मजबूती को बढ़ावा दे सकते हैं.
5. योगर्ट
योगर्ट भी हड्डियों को मजबूती देने में अच्छी भूमिका निभा सकता है. योगर्ट में काफी मात्रा में विटामिन डी और कैल्शियम मौजूद होता है. रोजाना एक कटोरी योगर्ट को अपनी डाइट में शामिल करके आप हड्डियों को मजबूती देने में कामयाब हो सकते हैं.
नई दिल्ली/शौर्यपथ / बीते कई दिनों से जारी उतार-चढ़ाव के बीच आज यानी सोमवार, 29 अप्रैल, 2024 को सोने और चांदी दोनों की कीमतों में गिरावट दर्ज की गई. ऐसे में अगर आप अक्षय तृतीयाके मौके पर सोने-चांदी की खरीदारी करने या सोने में निवेश करने का सोच रहे हैं तो अपने लिए अच्छी खबर है. यहां हम आपको सोने-चांदी के लेटेस्ट रेट के बारे में बताने जा रहे हैं. जिससे आपको पता लग जाएगा कि आज सोना-चांदी में निवेश करना कितना फायदेमंद रहेगा. आईए जानते हैं...
Spot Gold गिरकर 2,327.09 डॉलर प्रति औंस पर
इंटरनेशनल मार्केट की बात करें तो इस साल जल्द ब्याज दरों में कटौती की उम्मीद कम होनेऔर इस सप्ताह होने वाली फेडरल रिजर्व की बैठक के चलते सोमवार को सोने की कीमतों में गिरावट आई. 0334 जीएमटी पर, हाजिर सोना 0.5% गिरकर 2,327.09 डॉलर प्रति औंस पर आ गया. अमेरिकी सोना वायदा 0.4% गिरकर 2,338.30 डॉलर पर पहुंच गया. वहीं, हाजिर चांदी 0.3% बढ़कर 27.24 डॉलर प्रति औंस हो गई.
MCX पर घटे सोने-चांदी के रेट
वहीं, आज ग्लोबल मार्केट के साथ-साथ भारत में भी सोना-चांदी अपने ऑल टाईम हाई से सस्ता हो गया है. मल्टी कमोडिटी एक्सचेंज पर 5 जून, 2024 को मैच्योर होने वाला वायदा सोने की कीमत 276 रुपये या 0.39 फीसदी का मामूली गिरावट के बाद एमसीएक्स पर 71,224 रुपये प्रति 10 ग्राम पर ट्रेड कर रहा है. वहीं, इससे पिछे दिन सोना 71,500 रुपये पर बंद हुआ था.
चांदी की कीमत 82,449 रुपये प्रति किलोग्राम
इसी तरह, 5 जुलाई, 2024 को मैच्योर होने वाली वायदा चांदी की कीमत में 47 रुपये या 0.06 प्रतिशत की गिरावट देखी गई . एमसीएक्स पर चांदी 82,496 रुपये के पिछले बंद के मुकाबले 82,449 रुपये प्रति किलोग्राम पर ट्रेड कर रहा है.
आज दिल्ली में सोने के दाम
देश की राजधानी दिल्ली में 22 कैरेट सोने की कीमत लगभग 66,990 रुपए प्रति 10 ग्राम है, जबकि 24 कैरेट सोने की कीमत लगभग 73,070 रुपए प्रति 10 ग्राम है.
टिप्स टिप्स /शौर्यपथ / चिलचिलाती गर्मी में अगर मटके का सौंधा और ठंडा पानी मिल जाए तो पूरी आत्मा तृप्त हो जाती है और प्यास भी दूर होती है. इतना ही नहीं फ्रिज के पानी से ज्यादा मटके का पानी शरीर को हाइड्रेशन देता है और सेहत के लिहाज से भी बहुत फायदेमंद होता है. लेकिन अक्सर लोगों का सवाल रहता है कि गर्मियों में मटका रखने पर भी इसका पानी ठंडा नहीं होता है, तो चलिए आज हम आपको बताते हैं कुछ ऐसे तरीके जिससे आपके मटके का पानी एकदम फ्रिज की तरह चिल्ड और ठंडा होगा.
इस तरह करें मटके के पानी को ठंडा |
मिट्टी के बर्तन पर रखें मटका
जी हां, अगर आप चाहते हैं कि मटके का पानी बहुत ठंडा हो, तो इसे किचन स्लैब या फर्श पर रखने की जगह आप एक बड़े मिट्टी के बर्तन के ऊपर ऐसे रखें. इस तरीके से मटका डायरेक्ट हीट के संपर्क में नहीं आएगा और पानी एकदम ठंडा होगा.
कपड़ा बांधे
अगर आप चाहते हैं कि मटके का पानी लंबे समय ठंडा रहे तो मटके के ऊपर अच्छी तरह से गीला किया हुआ कपड़ा लपेट दें और समय-समय पर इस पर पानी के छींटे मारते रहे, ऐसा करने से धूप मटके पर डायरेक्ट नहीं पड़ेगी और इसका पानी भी ठंडा रहेगा.
हवादार कमरे में रखें मटका
अगर आप चाहते हैं कि मटके का पानी बहुत ठंडा हो, तो आप इसे ऐसी जगह रखें जहां पर क्रॉस वेंटिलेशन हो, ऐसे में हवा आने जाने से मटके का पानी ठंडा रहता है.
खरीदते समय रखें इस बात का ध्यान
जी हां, अगर आप चाहते हैं कि मटके का पानी एकदम चिल्ड रहे, तो मटका खरीदते समय भी आपको कुछ बातों का ध्यान रखना चाहिए. जैसे- हमेशा पक्की मिट्टी का घड़ा ही खरीदें, मटके को हमेशा बजा कर देखें पक्की मिट्टी का घड़ा धीरे से बजाने पर भी एकदम तेज आवाज करता है और इसमें पानी भी ठंडा होता है.
लाइफस्टाइल /शौर्यपथ /आजकल रिलेशनशिप्स कई तरह से बदलने लगे हैं. एक के बाद एक नया ट्रेंड और कोई ना कोई नया शब्द आयदिन सुनने को मिल ही जाता है. कभी सिचुएशनशिप जैसे शब्द कानों में पड़ते हैं तो कोई सोलोगैमी की तरफ बढ़ रहा है. अब कपल्स के बीच एक नया ट्रेंड देखने को मिल रहा है जिसे लोग खूब सर्च भी कर रहे हैं. यह है स्लीप डिवोर्स. अपनी नींद को प्रायोरिटी देते हुए कपल्स स्लीप डिवोर्स की तरफ बढ़ रहे हैं. स्लीप डिवोर्स का मतलब है कि पार्टनर्स अलग-अलग बिस्तर पर सोना शरू कर देते हैं ताकि उनकी नींद खराब ना हो और वे पूरी नींद ले सकें. लेकिन, कपल्स के आपसी रिश्ते, सेक्स लाइफ और करीबी को लेकर बहुत से लोग चिंता जताने लगे हैं कि हो सकता है इससे इंटीमसी कम होने लगे.
कपल्स जब एक कमरे में साथ होते हैं तो साथ में ही सोते हैं और अगर दोनों अलग-अलग सोने लगें तो इससे आशंकाएं जताई जाने लगती हैं कि हो सकता है कपल के बीच कुछ सही नहीं चल रहा है. लेकिन, स्लीप डिवोर्स का मतलब असल में एकदूसरे से अलग हो जाना या तलाक ले लेना नहीं है, इसका मतलब है कि पार्टनर्स क्वालिटी स्लीप लेने के लिए अलग सोना पसंद करते हैं. इसके अलावा, अलग-अलग स्लीपिंग शेड्यूल होने के चलते, दूसरे पार्टनर के नींद में हाथ-पैर चलाने के कारण, खर्राटे लेने की आदत के चलते या कोई स्लीप डिसोर्डर के कारण स्लीप डिवोर्स की जरूरत पड़ सकती है. लेकिन, अच्छी नींद स्वस्थ रहने के लिए जरूरी है और इसीलिए बहुत से पार्टनर्स यह मानते हैं कि स्लीप डिवोर्स उनके लिए फायदेमंद है.
नींद पूरी होना स्लीप डिवोर्स का एक फायदा जरूर है लेकिन बहुत से एक्सपर्ट्स का यह मत है कि स्लीप डिवोर्स के कारण कपल्स के बीच दूरियां आ सकती हैं. अगर वे अपने कनेक्शन को बनाए रखने के लिए कोई दूसरा तरीका नहीं ढूंढते हैं तो स्लीप डिवोर्स के कारण उनके रिश्ते में दूरी पैदा हो सकती है. स्लीप डिवोर्स तभी बेहतर तरह से काम कर सकता है जब दोनों पार्टनर्स की इसपर सहमति हो, दोनों में ढेर सारा प्यार और एकदूसरे पर विश्वास हो. ऐसा ना होने पर रिश्ते की नींव डगमगा सकती है.
अगर इसे दूसरे तरीके से देखा जाए तो नींद की कमी कई स्वास्थ्य संबंधी दिक्कतों की वजह तो बनती ही है, साथ ही इससे व्यक्ति के मूड पर भी असर पड़ता है और व्यक्ति इरिटेटेड रहने लगता है. इससे ना चाहते हुए भी गुस्सा और इरिटेशन अपने पार्टनर पर निकलता है. ऐसे में स्लीप डिवोर्स रिश्ता बिगाड़ने की जगह रिश्ता जोड़ने वाला भी साबित हो सकता है. यह दोनों पार्टनर्स पर ही निर्भर करता है कि वे स्लीप डिवोर्स की तरफ बढ़ना चाहते हैं या नहीं. अगर दोनों की सहमति हो और दोनों आपस में दूरी ना पनपने दें तो यह उनके लिए अच्छा साबित हो सकता है.
लाइफस्टाइल /शौर्यपथ /व्यक्ति लाख कोशिशें कर ले लेकिन अपने मन में हर बात नहीं रख सकता. हम सभी अपने जिंदगी से जुड़े अलग-अलग पहलुओं को अपने दोस्तों या करीबी लोगों से साझा करते ही हैं. लेकिन, अक्सर ही लोग जिंदगी की कई अहम बातों को जाने-अनजाने उन लोगों से कह देते हैं जिनसे वे एक या दो दिन पहले ही मिले हैं या फिर जिनसे उनके गहरे संबंध नहीं हैं. हर किसी से अपनी निजी बातें साझा करने का खामियाजा भी व्यक्ति को उठाना पड़ जाता है. ऐसे में यहां जानिए वो कौनसी 5 बातें हैं जिन्हें हर किसी से कहने से पहले सौ बार सोचना चाहिए.
हर किसी से नहीं शेयर करनी चाहिए ये बातें
अपना फाइंनेशंयिल स्टेटस - आप कितना कमा रहे हैं या आपके अकाउंट में कितने पैसे हैं यह आपको अपने बेहद करीबी लोगों से कहने से पहले भी सोच लेना चाहिए फिर बाहर वालों से तो इन्हें साझा करने की तो बात ही दूर है. आपके फाइनेंशियल स्टेटस का सीधा असर आपके सोशल स्टेटस पर भी पड़ने लगता है. वहीं, अच्छा फाइनेंशियल स्टेटस हो तो लोग कर्ज लेने भी आपके पास आने लगेंगे. इस तरह की स्थिति से बचने के लिए अपने पैसों के बारे में कम से कम बात करना ही सही होता है.
घर की दिक्कतें - लोग चाहे कितनी ही गंभीरता के साथ आपके घर की दिक्कतें सुनें लेकिन जरूरी नहीं कि वे आपकी बात को समझ भी रहे हैं. वहीं, घर की दिक्कतें हर किसी से साझा करने पर लोग आपकी परेशानियों का फायदा भी उठा सकते हैं. कई बार ऑफिस वगैरह में कई अच्छे मौके आपके हाथ से इसलिए चले जाते हैं क्योंकि लोग आपकी पारिवारिक दिक्कतों के चलते आपको परेशान ना करना ही सही समझते हैं.
अपनी रिलेशनशिप की बातें - आपको अपने रिलेशनशिप के बारे में, खासकर रिलेशनशिप की परेशानियों के बारे में अपने पार्टनर के अलावा अपने करीबी दोस्तों से ही डिस्कस करना चाहिए. अगर आप हर दूसरे-तीसरे व्यक्ति से अपनी रिलेशनशिप की बातें करेंगे तो इससे आपको लेकर लोगों का नजरिया बदलते देर नहीं लगती. आप बिना बात ही अपनी तरफ जजमेंट आकर्षित करेंगे. वहीं, लोग परेशानी सुनकर चार तरह की सलाह देने लगेंगे सो अलग.
ब्यूटी टिप्स /शौर्यपथ / चेहरे की देखभाल करना आजकल एक बड़ा टास्क बन गया है. गर्मियों में अपने चेहरे को तरोताजा रखने और पिगमेंटेशन से दूर रखने के लिए लोगों को अच्छे खासे जतन करने पड़ते हैं. ऐसे में अंडे का मास्कयानी एग मास्क काफी फायदेमंद बताया जाता है. आपको बता दें कि पिगमेंटेशन के चलते चेहरे पर कई तरह के दाग धब्बे पड़ जाते हैं जो देखने में काफी बुरे लगते हैं. इस परेशानी को दूर करने के साथ साथ अंडे का मास्क चेहरे की रंगत भी साफ कर देता है. चलिए आज जानते हैं कि अंडे का मास्क घर पर कैसे बनाएं और किस तरह इसे यूज करें.
अंडेके मास्क के फायदे
आपको बता दें कि डल स्किन के लिए अंडे का मास्क काफी लाभकारी है. जिन लोगों के चेहरे के पोर्स काफी ओपन होते हैं, उनके लिए भी एग मास्क काफी फायदेमंद है. इसे लगाने से रंगत साफ होती है और स्किन को काफी पोषण मिलता है. ओपन पोर्स को कम करने के साथ साथ अंडे का मास्क चेहरे को हाइड्रेट भी करता है और इससे स्किन टाइट भी होती है. जिन लोगों को एंटी एजिंग की समस्या है, उनके लिए भी अंडे का मास्क काफी फायदेमंद है. अंडे के मास्क में आलू का रस भी मिलाते हैं, इसकी वजह से स्किन की रंगत साफ होती है क्योंकि आलू एक ब्लीचिंग प्रॉपर्टी है. अंडे से स्किन को मॉस्चुराइजेशन मिलता है और इसकी मदद से डल और ड्राई स्किन चमकने के साथ साथ स्मूद हो जाती है.
कैसे बनाएं अंडे का मास्क
कच्चे आलू को कस कर उसका रस निकाल लीजिए, इसका एक चम्मच रस एक बाउल में लीजिए. इस बाउल में एक अंडे को तोड़कर उसकी सफेदी मिलाइए. इस मिश्रण में आपको एक चम्मच चीनी मिलानी है. अब ब्लेंडर की मदद से इस मिश्रण को तब तक फेंटें जब तक ये एक पेस्ट में तब्दील ना हो जाए. अब चेहरे को साफ पानी से धोकर इसे सुखा लीजिए और ब्रश की मदद से इस पेस्ट को चेहरे पर लगा लीजिए. करीब 15 से 20 मिनट तक इस पेस्ट को चेहरे पर लगा रहने दें. इसके बाद ठंडे पानी की मदद से चेहरे को अच्छी तरह साफ कर लीजिए. इसके बाद आपको अपने फेस पर अच्छी किस्म का मॉइस्चराइजर लगाना है. इससे आपको चेहरे पर इंस्टेंट चमक आ जाएगा और आपका चेहरा फ्रेश फील करेगा.
सेहत टिप्स /शौर्यपथ /गर्मी के दिनों में जूस का सेवन सेहत के लिए काफी फायदेमंद माना जाता है. लेकिन किस चीज से बने जूस का सेवन करना है इस बात का खास ख्याल रखें. क्योंकि कई चीजें ऐसी भी हैं जिनका सेवन आपकी सेहत के लिए हानिकारक हो सकता है. आज हम आपको एक ऐसे ही जूस के बारे में बता रहे हैं जिसका सेवन सेहत के लिए बेहद फायदेमंद माना जाता है. कीवी एक स्वादिष्ट फल है ये स्वाद में हल्का खट्टा और मीठा होता है. गर्मियों के मौसम में कीवी के जूस के सेवन से शरीर को कई समस्याओं से बचाया जा सकता है. लेकिन इसे पीने का सबसे अच्छा समय सुबह का माना जाता है. आप सुबह कीवी जूस का सेवन कर सकते हैं. कीवी को पोषक तत्वों से भरपूर माना जाता है. भूरे रंग के छिलके वाला कीवी भीतर से मुलायम, हरे रंग का होता है. इसके भीतर काले रंग के छोटे-छोटे बीज मौजूद होते हैं. असल में कीवी दूसरे फलों की तुलना में थोड़ा महंगा होता है. कीवी में मौजूद विटामिन के, विटामिन सी, विटामिन ई, फोलेट, पोटैशियम शरीर को कई लाभ पहुंचाने में मददगार हैं.
कीवी जूस पीने के फायदे-
1. पाचन-
अगर आपको पेट से जुड़ी समस्याएं है तो आप कीवी के जूस का सेवन करें. इसमें पाए जाने वाले पोषक तत्व कब्ज की समस्या में राहत दिलाने में मदद कर सकते हैं.
2. वजन घटाने-
कीवी के जूस में एंटीऑक्सीडेंट, एंटी-इंफ्लेमेटरी, एंटी-हाइपरटेंसिव के गुण पाए जाते हैं. जो मोटापे को कंट्रोल करने में मदद कर सकते हैं.
3. ब्लड प्रेशर-
कीवी के जूस में मैग्नीशियम और पोटैशियम होता है. ये ब्लड प्रेशर को कंट्रोल करने में मदद करता है.
4. आंखों-
गर्मी के मौसम में आंखों से जुड़ी समस्याएं काफी देखी जाती है. क्योंकि धूल-धूप के कारण आंखों में खुजली व कई अन्य समस्याएं हो सकती हैं. आंखों को हेल्दी रखने के लिए कीवी के जूस का सेवन कर सकते हैं.
व्रत त्यौहार /शौर्यपथ /हिंदू कैलेंडर का दूसरा महीना यानी वैशाख के महीने की शुरुआत हो चुकी है. इस साल वैशाख माह 24 अप्रैल से लेकर 23 मई तक रहने वाला है. वैशाख का महीना भगवान विष्णु का प्रिया महीना कहा जाता है. भक्त इस माह में भगवान विष्णु और मां लक्ष्मी की विधि विधान से पूजा कर उन्हें प्रसन्न करने की कोशिश करते हैं. कहा जाता है कि वैशाख के महीने में रोजाना कुछ छोटे-छोटे उपाय करने से मां लक्ष्मी की कृपा बनी रहती है. तो चलिए आपको बताते हैं कि रोजाना वो कौन से उपाय हैं जिन्हें करके आप भगवान विष्णु और मां लक्ष्मी का आशीर्वाद प्राप्त कर सकते हैं.
वैशाख में करें ये उपाय
'ॐ माधवय नमः', यह वो मंत्र है जो ज्योतिषाचार्य वैशाख के महीने में हर रोज 11 बार जपने की सलाह देते हैं. कहा जाता है कि इस मंत्र के जाप से भगवान विष्णु और मां लक्ष्मी प्रसन्न होते हैं.
जो लोग पितृदोष से परेशान है उनके लिए वैशाख का महीना बहुत ही खास माना गया है. कहा जाता है कि इस माह तेल, अनाज, फल और जल का दान करना चाहिए. इससे पितरों की कृपा प्राप्त होती है और पितृ दोष से मुक्ति मिलती है.
वैशाख के महीने में गर्मी की तपिश बहुत ज्यादा बढ़ जाती है, इसलिए इस माह प्यासे पशु पक्षियों के लिए जल का प्रबंध करने से पुण्य मिलता है.
प्यासे लोगों को पानी पिलाना अपने आप में पुण्य का काम है. वैशाख के महीने में भीषण गर्मी पड़ती है. कहते हैं इस माह की एकादशी पर प्यासे लोगों को पानी पिलाने से पुण्य मिलता है. प्यासे को पानी पिलाना हजारों राजसूय यज्ञ के समान पुण्य मिलता है.
वैशाख के महीने में अन्न का दान करने या फिर पंखों का दान करना शुभ माना जाता है. आप इस माह में जूते चप्पलों का भी दान कर सकते हैं. ऐसा करने से देवी देवता प्रसन्न होते हैं और फल की प्राप्ति होती है.
वैशाख माह की अक्षय तृतीया का काफी महत्व होता है. इस दिन सोने चांदी के आभूषण या नई चीजों की खरीदारी करना शुभ माना जाता है. ऐसा करने से मां लक्ष्मी की कृपा प्राप्त होती है.
व्रत त्यौहार /शौर्यपथ / हिन्दू धर्म ग्रंथों और पुराणों में भगवान विष्णु का अत्यंत महत्वपूर्ण स्थान है. श्री हरि यानि विष्णु भगवान त्रिदेवों में एक माने जाते हैं और उनकी विधिवत पूरा करने से पुण्य की प्राप्ति होती है. भगवान विष्णु के पूजन के लिए एकादशी की तिथि को श्रेष्ठ माना गया है. वैशाख मास के कृष्ण पक्ष की एकादशी को भगवान विष्णु के पूजन का विशेष महत्व है. इस एकादशी को वरुथिनी एकादशी के नाम से जाना जाता है. कई लोग इस तिथि को वैशाख एकादशी भी कहते हैं. वैशाख एकादशी के दिन पूरे विधि-विधान से विष्णु देव की पूजा करने और उपवास करने से मन को शांति मिलती है और नकारात्मकता का नाश होता है, ऐसी मान्यता है. इस वर्ष यह एकादशी 4 मई को पड़ रही है. आइए जानते हैं कि वरुथिनी एकादशी का महत्व और इस दिन किस प्रकार से श्री हरि की पूजा करनी चाहिए. साथ ही यह भी जानते हैं कि विष्णुदेव को इस दिन किस प्रकार का भोग-प्रसाद अर्पण करना चाहिए, ताकि उनकी कृपा और आशीर्वाद प्राप्त हो सके.
किस समय है पूजा का मूहुर्त
जिस भक्त पर नारायण की कृपा हो उसे संसार की अन्य वस्तु की आवश्यता ही नहीं होती, ऐसा माना जाता है. नारायण को प्रसन्न करने के लिए वरुथिनी एकदशी का दिन श्रेष्ठ है. वरुविथी का अर्थ सुरक्षा होता है यानी इस दिन जो उचित रूप से नारायण का पूजन करेगा उसे स्वयं नारायण की कृपा और सुरक्षा प्राप्त होती है. एकादशी की तिथि तो 3 मई को रात्रि 11.24 से आरंभ हो जाएगी. जबकि अगले दिन यानि 4 मई को रात को 8.38 को इस तिथि का समापन होगा. ऐसे में व्रत-उपवास रखने के लिए 4 मई श्रेष्ठ रहेगी. उपवास रखकर नारायण का पूजन करने वाले भक्तों के लिए पूजा का मुहूर्त सुबह 7.18 से 8 बजकर 58 मिनट तक रहेगा. इस दौरान पूजा करने से अच्छे पुण्य-लाभ की प्राप्ति होगी.
कैसे हो पूजन और किसका लगाएं भोग
इस व्रत को रखने वाले सभी श्रद्धालु सुबह स्नान आदि से निवृत होकर पूजन के मुहूर्त पर सच्चे श्रद्धाभाव से श्रीहरि का पूजन करें. ध्यान रहे कि भगवान विष्णु को तुलसी पत्र काफी प्रिय होता है. ऐसे में अपने आराध्य देव को तुलसी पत्र अवश्य अर्पण करें. तुलसी के पत्ते के अभाव में यह पूजा अधूरी ही मानी जाती है. इसके अलावा पंचामृत का भोग भी नारायण को अतिप्रिय होता है. इसका भोग लगाने से भी श्री हरि प्रसन्न होते हैं, ऐसी मान्यता है. पूजन के दौरान विष्णु जी की आरती और श्री हरि के मंत्रों का जप करें. पूजा के बाद सभी परिजनों और इष्ट मित्रों को प्रसाद का बातें. व्रत का पारण अगले दिन यानी 5 मई को करें. पारण के लिए सुबह 5.37 से 8.17 के बीच का समय श्रेष्ठ रहेगा.
व्रत टिप्स /शौर्यपथ / गंगा दशहरा पर भारत की पवित्र नदी और माता की उपमा धारण करने वाली गंगा माता की पूजा-अर्चना की जाती है. हर वर्ष ज्येष्ठ माह के शुक्ल पक्ष की दशमी तिथि को गंगा दशहरा का त्योहार धूमधाम से मनाया जाता है. गंगा दशहरा के दिन भक्त ब्रह्म बेला में गंगा स्नान के बाद विधि-विधान से मां गंगा की पूजा करते हैं. मान्यता है कि इसी दिन माता गंगा का धरती लोक पर अवतरण हुआ था और देव लोक से धरती पर आई इस पवित्र नदी में स्नान करने से मनुष्य जाति के सभी पाप धुल जाते हैं. आइए जानते हैं इस वर्ष कब मनाया जाएगा गंगा दशहरा और क्या है इसका महत्व.
गंगा दशहरा की तिथि |
इस वर्ष ज्येष्ठ माह के शुक्ल पक्ष की दशमी तिथि 16 जून को देर रात 2 बजकर 32 मिनट से शुरू होकर 17 जून को ब्रह्म बेला 4 बजकर 43 मिनट तक रहेगी. गंगा दशहरा 16 जून को मनाया जाएगा.
गंगा दशहरा को योग
इस वर्ष गंगा दशहरा को कुछ खास योग का निर्माण हो रहा है. इस दिन संध्या 9 बजकर 3 मिनट तक वरीयान योग है. इसके बाद परिध योग बन रहा है. इसके अलावा इस दिन सर्वार्थ सिद्धि योग, रवि योग , अमृत सिद्धि योग भी बन रहा है. इन योगों में गंगा स्नान और दान-पुण्य से अक्षय पुण्य की प्राप्ति होती है.
गंगा दशहरा का महत्व
मान्यतानुसार राजा भगीरथ के कठोर तपस्या करने से गंगा नदी स्वर्ग से धरती पर अवतरित हुई हैं. शास्त्रों में वर्णन है कि गंगा स्नान करने से पाप, रोग, दोष और विपत्तियों से मुक्ति मिल जाती है. गंगा दशहरा के दिन पवित्र गंगा नदी में स्नान करने का महत्व और बढ़ जाता है. माना जाता है कि इस दिन गंगा स्नान से उन दस मुख्य पापों से मुक्ति मिल जाती है जो पुण्य प्राप्ति में बाधक होते हैं. इनमें दैहिक पाप, वाणी पाप और मानसिक पाप शामिल हैं.
व्रत त्यौहार /शौर्यपथ /शिव भक्तों के लिए प्रदोष व्रत का बहुत महत्व होता है क्योंकि इस दिन भगवान शिव और माता पार्वती की पूरे विधि-विधान से पूजा की जाती है. ऐसा कहा जाता है कि इस दिन शिव भगवान की आराधना जो भी भक्त सच्चे भक्ति भाव से करते हैं उनके सभी पापों का नाश होता है. पंचांग के अनुसार, हर माह शुक्ल पक्ष और कृष्ण पक्ष की त्रयोदशी तिथि को प्रदोष व्रत रखा जाता है. कहते हैं कि इस व्रत को जो भी भक्त रखते हैं उनके घर में कभी भी किसी चीज की कमी नहीं रहती. जानिए प्रदोष व्रत का क्या महत्व है और क्या है इसकी पूजा सामग्री की पूरी लिस्ट.
रवि प्रदोष व्रत 2024 का शुभ मुहूर्त
वैशाख माह के कृष्ण पक्ष की त्रयोदशी तिथि 5 मई 2024 दिन रविवार को शाम 5:41 मिनट से शुरू होगी. रवि प्रदोष व्रत का मुहूर्त अगले दिन 6 में 2024 सोमवार को दोपहर 2:40 तक रहेगा. उदयातिथि को देखते हुए इस बार प्रदोष व्रत 5 मई 2024 के दिन रखा जाएगा.
प्रदोष व्रत की पूजा सामग्री लिस्ट
अक्षत
कलावा
फूल फल
सफेद मिठाई
लाल या पीला गुलाल
सफेद चंदन
धतूरा
भांग
धागा
बेलपत्र
कपूर
धूपबत्ती
नया वस्त्र
हवन सामग्री
पंचमेवा
शिव जी का पूजन मंत्र
श्री महेश्वराय नम:
।। ओम तत्पुरुषाय विद्महे महादेवाय धीमहि तन्नो रुद्र: प्रचोदयात ।।
शम्भवाय च मयोभवाय च नमः शंकराय च मयस्कराय च नमः शिवाय च शिवतराय च।।
ईशानः सर्वविध्यानामीश्वरः सर्वभूतानां ब्रम्हाधिपतिमहिर्बम्हणोधपतिर्बम्हा शिवो मे अस्तु सदाशिवोम।।
रवि प्रदोष व्रत पर करें यह उपाय
रवि प्रदोष व्रत की पूजा के लिए सुबह जल्दी उठकर स्नान करें. इसके बाद भगवान शिव का गंगाजल और पंचामृत से पूरे भक्ति भाव से अभिषेक करें. इसके साथ ही पंचाक्षरी मंत्र का जाप करें. भोलेनाथ को पूजा में बेलपत्र जरूर अर्पित करें क्योंकि ये भगवान शिव को अतिप्रिय है और इसके बिना शंकर जी की पूजा अधूरी मानी जाती है. ऐसा कहा जाता है कि जो लोग इस उपाय को प्रदोष व्रत वाले दिन करते हैं उनकी सभी मनोकामनाएं पूर्ण होती हैं और सभी प्रकार की बाधाओं का नाश होता है.
ब्यूटी टिप्स /शौर्यपथ / गर्मियां आते ही त्वचा की खास देखभाल की जरूरत पड़ने लगती है क्योंकि तेज धूप और पसीने से त्वचा और खासकर चेहरे का बुरा हाल हो जाता है. जो लोग धूप में लंबे समय तक रहते हैं, वो सन टैन का शिकार हो जाते हैं. टैनिंग की वजह से चेहरा सांवला पड़ जाता है और चेहरे की रौनक खो जाती है.चेहरे के साथ साथ धूप के संपर्क में आने वाले हाथ पैर, गर्दन आदि भी टैनिंग की वजह से काले दिखने लगते हैं. ऐसे में सनस्क्रीन लगाने के साथ साथ आपको कुछ घरेलू उपाय भी करने चाहिए ताकि आपकी पर टैनिंग का असर कम हो सके और आपका चेहरा गर्मी में भी खिला खिला रहे. इसके लिए आज हम आपको ऐसा नुस्खा बता रहे हैं जो बिलकुल नेचुरल है और टैनिंग का असर कम करके ये आपको चेहरे की रौनक लौटा देगा.
आलू के रस से दूर होगी टैनिंग
आलू त्वचा के लिए काफी फायदेमंद कहा जाता है. खासकर इसके रस में कई सारे गुण होते हैं जो त्वचा को फायदा पहुंचाते हैं. टैनिंग दूर करने के लिए आलू का रस काफी इफेक्टिव कहा जाता है. इसमें एंटीऑक्सीडेंट के साथ साथ कई सारे विटामिन और मिनिरल्स भी होते हैं जो त्वचा को स्वस्थ बनाने के साथ साथ उसकी खोई हुई रौनक वापस ले आते हैं. आलू में एंटी एजिंग गुण होते हैं और इसके साथ साथ इसके रस को चेहरे पर लगाने से दाग धब्बे और पिगमेंटेशन भी दूर होती है.
आलू और मुल्तानी मिट्टी का फेस पैक
आलू को कद्दूकस करके इसका रस निकाल लीजिए. कटोरी में इस रस के साथ थोड़ा सा मुल्तानी मिट्टी का पाउडर मिलाएं. इसे अच्छी तरह मिक्स करके पैक बना लें और चेहरा धोकर इसे लगा लीजिए.पंद्रह बीस मिनट तक सूखने दें और उसके बाद चेहरा धो लें. सप्ताह में दो से तीन बार इस पैक को लगाने पर आपके चेहरे की टैनिंग दूर हो जाएगी और चेहरा खिल उठेगा.
आलू का रस और दूध भी करेगा फायदा
आलू के रस में दूध मिलाकर लगाने से भी आपकी स्किन की टैनिंग दूर हो जाएगी. इससे ना केवल टैनिंग दूर होगी बल्कि चेहरे पर लगे दाग धब्बे, पिगमेंटेशन के निशान भी दूर हो जाएंगे. इससे आपकी त्वचा का रंग साफ होगा और स्किन स्मूद हो जाएगी. आलू के रस में थोड़ा सा कच्चा दूध मिलाएं और चेहरे पर रुई की मदद से लगा लें. कुछ देर त्वचा पर लगा रहने दे और फिर फेस को धो लें. इससे आपका फेस चमक उठेगा और चेहरे पर जमा हर तरह की गंदगी भी दूर हो जाएगी.
सेहत टिप्स /शौर्यपथ / अंडे का सेवन सेहत के लिए फायदेमंद माना जाता है. लेकिन कई लोगों के मन में ये सवाल रहता है कि क्या गर्मी के मौसम में अंडे का सेवन सेफ है या नहीं. दरअसल अंडे की तासीर गर्म होती है. अंडा आपके शरीर को विटामिन और खनिज प्रदान करता है, जिससे हमारा शरीर ज्यादा ऊर्जावान रहता है. गर्मियों में अंडा खाना चाहिए या नहीं, गर्मी के मौसम में एक दिन में कितने अंडे खा सकते हैं. गर्मी में अंडे खाने के क्या फायदे होते हैं. अगर आप भी इन्हीं सवालों के जवाब जानना चाहते हैं तो आप बिल्कुल सही जगह पर हैं.
आपको बता दें कि कई हेल्थ एक्सपर्ट का कहना है कि आप दिन में 2 से 3 अंडे खा सकते हैं. वहीं अगर आप वर्कआउट करते हैं, तो कोशिश करें अंडे का सिर्फ सफेद हिस्सा ही खाएं. योक वाला पीला हिस्सा ज्यादा गर्म होता है उसे खाने से बचें. अगर आप 3 अंडे से ज्यादा खाते हैं तो गर्मियों में अपच, बेचैनी और आंतों की समस्या हो सकती है. इसलिए इस मौसम में सोच समझ कर ही अंडे का सेवन करें.
अंडा खाने के फायदे-
अंडे में मौजूद विटामिन ए और डी हड्डियों को मजबूत बनाने में मददगार है. अंडा विटामिन बी 2 का बड़ा सोर्स है, इनमें वसा और कोलेस्ट्रॉल की मात्रा कम और प्रोटीन की मात्रा ज्यादा होती हैं. अंडे के सफेद हिस्से में सेलेनियम, विटामिन डी, बी 6, बी 12 और जिंक, आयरन जैसे खनिज होते हैं जो शरीर की ऊर्जा के स्तर को बनाए रखने में मदद करते है. थकान और कमजोरी दूर होती है और रोग प्रतिरोधक क्षमता में भी सुधार आता है. अंडे की जर्दी यानी पीले हिस्से में भरपूर मात्रा में कैलोरी और वसा होता है. जो कोलेस्ट्रॉल और वसा में घुलनशील विटामिन ए, डी, ई के स्रोत हैं. अंडा आपके मसल्स को बिल्ड करने में मदद कर सकता है.
Feb 09, 2021 Rate: 4.00
