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May 31, 2026
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सेहत टिप्स /शौर्यपथ / कटहल का नाम बहुत लोगों की फेवरेट डिश में शामिल होता है. स्वाद से भरपूर कटहल को फाइटोन्यूट्रिएंट्स, कार्बोहाइड्रेट, इलेक्ट्रोलाइट्स, फाइबर, विटामिन और मिनिरल्स सहित तमाम तरह के पोषक का खजाना माना जाता है. जिसके सेवन से कई तरह  की बीमारियों को मात दी जा सकती है. लेकिन कई बार कुछ मामलों में कटहल  खाने से सेहत को कुछ नुकसान भी हो सकते हैं. तो आइये जानते हैं कटहल कब और किन लोगों के लिए खाना नुकसानदायक हो सकता है.
इन लोगों को नहीं करना चाहिए कटहल का सेवन  
एलर्जी की दिक्कत होने पर  
एलर्जी की दिक्कत होने पर आपको कटहल का सेवन करने से बचना चाहिए. खासकर बिर्च पोलन एलर्जी होने पर कटहल से एकदम दूरी बनाकर रखनी चाहिए. बता दें कि बिर्च पोलन एलर्जी ऐसी एलर्जी है जो बसंत के मौसम में हवा के जरिए फैलती है.
डायबिटीज होने पर
डायबिटीज के मरीजों के लिए भी कटहल का सेवन सीमित मात्रा में करना बेहतर रहता है. दरअसल कटहल खाने से बॉडी में ग्लूकोज का स्तर बढ़ने का खतरा बना रहता है. जो शुगर पेशेंट के लिए नुकसानदायक हो सकता है.
प्रेगनेंसी के दौरान  
प्रेगनेंसी के दौरान कटहल का सेवन करने से भी महिलाओं को बचना चाहिए. माना जाता है कि प्रेगनेंसी में कटहल खाने से गर्भपात का रिस्क बना रहता है. हालांकि इसका कोई वैज्ञानिक प्रमाण अभी सामने नहीं आया है.
सर्जरी के समय
कटहल का सेवन उन लोगों को भी नहीं करना चाहिए जिनकी कोई सर्जरी हुई है या फिर होने वाली है. जिन लोगों की सर्जरी होने वाली है, उन लोगों के लिए तकरीबन दो सप्ताह पहले से कटहल का सेवन बंद कर देना बेहतर ऑप्शन हो सकता है.
दवाओं का सेवन करने पर
अगर आप रोजाना किसी तरह की दवा का सेवन करते हैं, तो भी आपको डॉक्टर की सलाह के बाद ही कटहल का सेवन करना चाहिए. क्योंकि इससे आपको नींद की समस्या हो सकती है. इसके साथ ही ऐसे लोगों को भी कटहल से दूरी बनाकर रखना चाहिए जो खून सम्बन्धी किसी भी तरह की परेशानी से जूझ रहे हैं.

ब्यूटी टिप्स /शौर्यपथ /आज के समय में गलत खानपान, प्रदूषण और खराब लाइफस्टाइल के चलते सफेद बालों की समस्या खूब देखने को मिलती है. एक दौर था जब सफेद बाल की समस्या सिर्फ बुजुर्गों में देखी जाती थी. लेकिन आज के समय में ये समस्या युवा वर्ग में काफी देखी जा रही है. सफेद बालों को काला करने के लिए हममें से ज्यादातर लोग डाई, मेहंदी और हेयर डाई का प्रयोग करते हैं. लेकिन ये चीजें कुछ ही समय तक काम करती हैं. कई बार केमिकल्स का ज्यादा इस्तेमाल हमारे बालों के लिए हानिकारक हो सकते हैं. अगर आप बिना किसी नुकसान के बालों को काला करना चाहते हैं, तो नेचुरल चीजों का इस्तेमाल कर सकते हैं. आज हम आपको किचन में मौजूद एक ऐसी चीज के बारे में बता रहे हैं जो आपके सफेद बालों को जड़ से काला कर सकती है. तो चलिए जानते हैं क्या है वो चीज.
सफेद बालों को काला करने के लिए चायपत्ती का ऐसे करें इस्तेमाल-
चाय पत्ती एक ऐसी चीज है जिसका इस्तेमाल लगभग हर घर में हर दिन किया जाता है. हममें से ज्यादातर लोग अपने दिन की शुरूआत चाय या कॉफी के साथ करना पसंद करते हैं. लेकिन क्या आप ये जानते हैं कि चाय पत्ती में अजवाइन का इस्तेमाल कर सफेद बालों को काला करने में मदद मिल सकती है. तो चलिए जानते हैं कैसे करें बालों पर इस्तेमाल.
कैसे करें अजवाइन और चायपत्ती का इस्तेमाल-
सफेद बालों को काला करने के लिए चाय और अजवाइन का इस्तेमाल कर सकते हैं. सबसे पहले आपको एक पैन में 1 गिलास पानी गर्म करना है. फिर इसमें चाय पत्ती और अजवाइन डालकर अच्छे से उबाल लें. फिर इसमें आंवला पाउडर डाल कर अच्छे से मिला लें. अब इसे बालों पर अच्छे से अप्लाई करें. फिर कुछ देर बाल बालों को पानी से धो लें. ऐसा आप हफ्ते में 2 बार कर सकते हैं.

व्रत त्यौहार /शौर्यपथ / हिंदू कैलेंडर का दूसरा महीना यानी वैशाख के महीने की शुरुआत हो चुकी है. इस साल वैशाख माह 24 अप्रैल से लेकर 23 मई तक रहने वाला है. वैशाख का महीना भगवान विष्णु का प्रिया महीना कहा जाता है. भक्त इस माह में भगवान विष्णु और मां लक्ष्मी की विधि विधान से पूजा कर उन्हें प्रसन्न करने की कोशिश करते हैं.  कहा जाता है कि वैशाख के महीने में रोजाना कुछ छोटे-छोटे उपाय करने से मां लक्ष्मी की कृपा बनी  रहती है.  तो चलिए आपको बताते हैं कि रोजाना वो  कौन से उपाय हैं जिन्हें करके आप भगवान विष्णु और मां लक्ष्मी का आशीर्वाद प्राप्त कर सकते हैं.
वैशाख में करें ये उपाय
    'ॐ माधवय नमः',  यह वो मंत्र है जो ज्योतिषाचार्य वैशाख के महीने में हर रोज 11 बार जपने की सलाह देते हैं.  कहा जाता है कि इस मंत्र के जाप से भगवान विष्णु और मां लक्ष्मी प्रसन्न होते हैं.
      जो लोग पितृदोष से परेशान है उनके लिए वैशाख का महीना बहुत ही खास माना गया है. कहा जाता है कि इस माह तेल, अनाज, फल और जल का दान करना चाहिए.  इससे पितरों की कृपा प्राप्त होती है और पितृ दोष से मुक्ति मिलती है.
      वैशाख के महीने में गर्मी की तपिश बहुत ज्यादा बढ़ जाती है, इसलिए इस माह प्यासे पशु पक्षियों के लिए जल का प्रबंध करने से पुण्य मिलता है.  
     प्यासे लोगों को पानी पिलाना अपने आप में पुण्य का काम है. वैशाख के महीने में भीषण गर्मी पड़ती है. कहते हैं इस माह की एकादशी पर प्यासे लोगों को पानी पिलाने से पुण्य मिलता है. प्यासे को पानी पिलाना हजारों राजसूय यज्ञ के समान पुण्य मिलता है.
     वैशाख के महीने में अन्न का दान करने या फिर पंखों का दान करना शुभ माना जाता है. आप इस माह में जूते चप्पलों का भी दान कर सकते हैं. ऐसा करने से देवी देवता प्रसन्न होते हैं और फल की प्राप्ति होती है.
     वैशाख माह की अक्षय तृतीया का काफी महत्व होता है. इस दिन सोने चांदी के आभूषण या नई चीजों की खरीदारी करना शुभ माना जाता है. ऐसा करने से मां लक्ष्मी की कृपा प्राप्त होती है.

  आस्था /शौर्यपथ / कुछ ही दिन में मई का माह शुरू होने वाला है. मई के माह में अक्षय तृतीया मनाया जाता है. अक्षय तृतीया को बहुत शुभ दिन माना जाता है और इस दिन शुभ कार्यों से लेकर शुभ धातुओं की खरीदारी का बहुत महत्व है. मई माह में अक्षय तृतीया के साथ और भी कई महत्वपूर्ण व्रत और त्योहार  आते हैं. आइए जानते हैं मई में माह में कब और सा व्रत और त्योहार  मनाया जाएगा। देख लें मई माह में आने वाले पूरे व्रत और त्योहार की लिस्ट ….
मई माह में आने वाले पूरे व्रत और त्योहार की लिस्ट
1 मई
मई माह के पहले दिन 1 मई को मासिक कालाष्टमी, मासिक कृष्ण जन्माष्टमी और मजदूर दिवस है
4 मई
4 मई को भगवान विष्णु को समर्पित बरुथिनी एकादशी है. इसी दिन वल्लभाचार्य जयंती भी मनाई जाएगी.
5 मई
5 मई को भगवान शिव की पूजा के लिए प्रदोष व्रत रखा जाएगा.
6 मई
6 मई को मासिक शिवरात्रि और रबींद्रनाथ टैगोर जयंती है.
8 मई
08 मई को वैशाख अमावस्या है. इस दिन मासिक कार्तिगाई मनाई जाएगी. यह दिन भगवान शिव के ज्योत रूप की पूजा की जाती है।
10 मई
10 मई को परशुराम जयंती ममनाई जाएगी. परशुराम जयंती के दिन भगवान विष्णु के परशुराम अवतार की पूजा होती है.  इसी दिन अक्षय तृतीया और मातंगी जयंती और रोहिणी व्रत रख्ख जाएगा.
11 मई
11 मई को विनायक चतुर्थी है. इस दिन भगवान गणेश की पूजा-अर्चना की जाती है.
12 मई
12 मई को शंकराचार्य जयंती, सूरदास जयंती, रामानुजन जयंती और मातृ दिवस है.
13 मई
13 मई को स्कन्द षष्ठी है
14 मई
14 मई को गंगा सप्तमी और वृषभ संक्रांति मनई जाएगी.
15 मई
15 मई को मासिक दुर्गाष्टमी और बगलामुखी जयंती है.  इस दिन मां बगलामुखी की पूजा होती है.
16 मई
16 मई को सीता नवमी है. सीता नवमी को माता जानकी की पूजा आराधना होती है.
18 मई
18 मई को महावीर स्वामी कैवल्य ज्ञान दिवस है.
19 मई
19 मई को मोहिनी एकादशी और परशुराम द्वादशी मनाई जाएगी.  यह दिन भगवान विष्णु की पूजा के लिए समर्पित होता है.
20 मई
20 मई को प्रदोष व्रत है. इस व्रत में भगवान शिव और माता पार्वती की पूजा होती है.
21 मई
21 मई को नरसिंह और छिन्नमस्ता जयंती मनाई जाएगी.
23 मई
23 मई को वैशाख और बुद्ध पूर्णिमा है. इस दिन कूर्म जयंती मनाई जाएगी.
26 मई
26 मई को एकदन्त संकष्टी चतुर्थी मनाई जाएगी और  भगवान गणेश की पूजा होगी.
30मई
30 मई को कालाष्टमी और मासिक कृष्ण जन्माष्टमी मनाई जाएगी. इस दिन काल भैरव देव की पूजा की जाएगी.

सेहत टिप्स /शौर्यपथ / हम सभी बाहर जाते हैं और पब्लिक टॉयलेट्स का इस्तेमाल करते हैं. चाहे ऑफिस जाना हो या फिर किसी कैफे में खाने या होटल में रहने जाएं, उन टॉयलेट्स का इस्तेमाल करना ही पड़ता है जिन्हें हमसे पहले कई लोग यूज कर चुके हैं. ऐसे में अक्सर ही कई तरह के सवाल मन में कौंधने लगते हैं, जैसे टॉयलेट सीट अगर ऊपर है तो उसे नीचे करने के लिए हाथ लगाएं या नहीं और फ्लश, फोसेट को छूना चाहिए या नहीं वगैरह वगैरह. ऐसे में यहां जानिए पब्लिक टॉयलेट इस्तेमाल करने से जुड़ी कुछ जरूरी बातों के बारे में जो ना सिर्फ आपको इंफेक्शंस से बचाएंगी बल्कि किसी बड़ी बीमारी के खतरे को भी दूर रखेंगी.
पब्लिक टॉयलेट्स ऐसे करें इस्तेमाल
कई स्टडीज के मुताबिक, बैक्टीरिया पब्लिक टॉयलेट्स  में कई-कई महीनों तक सर्वाइव कर सकते हैं. वहीं, पब्लिक टॉयलेट्स में तकरीबन 45 फीसदी ऐसे बैक्टीरिया होते हैं जो टॉयलेट में ही पनपते हैं और ना सिर्फ टॉयलेट सीट पर बल्कि सोप डिस्पेंसर तक से चिपके होते हैं. ऐसे में इंफेक्शंस से बचे रहने के लिए कुछ बातों को ध्यान में रखना जरूरी होता है.
आप टॉयलेट सीट पर बैठने से ना घबराएं लेकिन उसे छूने से जरूर बचें. टॉयलेट सीट को अगर हाथ लगाना पड़ रहा है तो नंगे हाथों से सीट छूने के बजाए टीशू पेपर से सीट पकड़ें और हाथों को इसके बाद अच्छी तरह से धो लें. आप चाहे तो टॉयलेट सीट पर सैनिटाइजर छिड़क सकते हैं.
फ्लश करते समय भी आप टीशू पेपर का इस्तेमाल करें. इससे बैक्टीरिया त्वचा के संपर्क में नहीं आता है. वहीं, फोसेट का इस्तेमाल करने के बाद अपने हाथों को कम से कम 20 से 30 सैकंड के लिए अच्छे से धोएं.  हाथों को धोने के बाद उन्हें सुखाकर ही बाहर निकलें. बैक्टीरिया गीले हाथों में तेजी से फैलता है.
कोशिश करें कि पब्लिक वॉशरूम में आप अपना सामान जमीन पर रखने के बजाय दरवाजे के हैंगर से टांग दें. इससे कीटाणु आपके सामान में नहीं चिपकेंगे. अगर कोई साथ में हो तो अपना सामान बाहर ही रखकर फिर टॉयलेट जाएं.
अगर आप रोजाना ही पब्लिक टॉयलेट का इस्तेमाल करते हैं तो अपने साथ सैनिटाइजर या हैंड डिसइंफेक्टैंट रख सकते हैं. इससे आप खुद अपने हाथों सो कीटाणु हटा लेंगे और इंफेक्शंस  का खतरा भी कम होगा.

 सेहत टिप्स /शौर्यपथ /वजन जब बढ़ता है तो पता नहीं लगता है लेकिन इसको कम करना बेहद मुश्किल होता है. डाइट से आप वजन को तो कम कर सकते हैं. लेकिन शरीर का एक पार्ट जिसे स्लिम फिट करने के लिए बहुत मेहनत करनी पड़ती है वो होती है पेट के पास जमा चर्बी. पेट के पास जमा फैट को कम करना बेहद मुश्किल होता है. थुलथुला पेट न सिर्फ दिखने में अजीब लगता है बल्कि इसकी वजह से कई बार आप अपने पसंदीदा कपड़ों को भी नहीं पहन पाते हैं. ऐसे में आपको उन चीजों के बारे में पता होना चाहिए जो तेजी से वजन कम करने और पेट के पास जमा चर्बी को कम करने में मदद कर सके. आज हम आपको एक ऐसा देसी नुस्खा बताएंगे जो वजन कम करने में आपकी मदद कर सकता है.
हम बात कर रहे हैं फिटकरी की. जो आपके किचन में आसानी से मिल जाती है. यह स्किन से लेकर सेहत के लिए भी फायदेमंद हो सकती है अगर आप इसका इस्तेमाल सही तरीके से करते हैं. बता दें कि वेट लॉस में भी ये मदद कर सकती है. साइंस अलर्ट मे पब्लिश एक आर्टिकल में बताया गया है कि फिटकरी कैसे वजन कम करने के साथ आपके लिए फायदेमंद हो सकीत है.
पेट की चर्बी कम करने के लिए फिटकरी का इस्तेमाल कैसे करें
वजन कम करने के लिए आप फिटकरी के पाउडर को शहद और पानी के साथ ले सकते हैं. यह भूख को कम करने में मदद कर सकता है. जब भूख शांत रहती है तो इससे मेटाबॉलिज्म बेहतर रहता है जो वेट लॉस में मदद कर सकता है. इसके अलावा गुनगुने पानी के साथ इसका सेवन भी वेट लॉस में मदद कर सकता है.

सेहत टिप्स /शौर्यपथ /दस्त लगना यानी मल का जरूरत से ज्यादा पतला आना और बार-बार आना ऐसी दिक्कत है जिससे कभी भी और कोई भी प्रभावित हो सकता है. कभी कुछ सड़ा-गला खा लेने पर तो कुछ बहुत ज्यादा मसालेदार और तला भुना खाने से भी दस्त लग सकते हैं. किसी को एकसाथ बहुत ज्यादा खाने पर दस्त की दिक्कत हो जाती है तो कोई बैक्टीरियल इंफेक्शंस, वायरल इंफेक्शन और किसी तरह की दवाइयों के असर से भी दस्त से परेशान हो जाता है. अगर असमय ही कभी दस्त की दिक्कत हो गई है तो यहां जानिए किस तरह इससे छुटकारा पाया जा सकता है. घर की ही कुछ चीजें दस्त से राहत दिलाने में असर दिखाती हैं.
दस्त के घरेलू उपाय |
नींबू का रस - दस्त लगने पर नींबू के रस के सेवन से दिक्कत कम हो सकती है. एंटी-इंफ्लेमेटरी गुणों से भरपूर नींबू के रस  से शरीर को हाइड्रेशन, सूदिंग इफेक्ट्स और दर्द से राहत मिलती है. नींबू के रस को पानी में डालकर उसमें हल्का नमक, धनिया पाउडर और पुदीना डालकर पी लें.
दही - प्रोबायोटिक्स से भरपूर दही को लूज मोशंस में खाया जा सकता है. इससे गुड गट हेल्थ प्रोमोट होती है और दस्त में आराम मिल जाता है. दस्त लगने पर अक्सर ही कुछ हल्का खाने के लिए कहा जाता है. ऐसे में आप खिचड़ी में दही डालकर भी खा सकते हैं.
केले - पौटेशियम और पेक्टिन से भरपूर केले दस्त से छुटकारा दिलाते हैं. केले में सोल्यूबल फाइबर होता है जो बाउल मूवमेंट को ठीक करता है. इससे शरीर को फायदेमंद इल्केट्रोलाइट्स भी मिलते हैं.
मेथी के दाने - दस्त के रामबाण नुस्खों में मेथी के दानों को गिना जाता है. मेथी के दानों के एंटीफंगल और एंटीबैक्टीरियल गुण दस्त की दिक्कत दूर करने में तेजी से असर दिखाते हैं. एक से 2 चम्मच मेथी के दाने लेकर पीस लें. इस पाउडर को एक गिलास पानी में डालकर पीने पर दस्त में आराम मिल सकता है. मेथी के दाने उबालकर भी इनका पानी पिया जा सकता है.
अदरक - पेट की कई दिक्कतों को अदरक का छोटा सा टुकड़ा दूर कर सकता है. दस्त, एसिडिटी, ब्लोटिंग  और पेट दर्द से राहत पाने के लिए अदरक को छोटे टुकड़ों में काटकर एक कप पानी में डालने और उबालकर पीने पर आराम मिलता है.

  ब्यूटी टिप्स /शौर्यपथ /गर्मियों में त्वचा से जुड़ी कई तरह की दिक्कतें हो जाती हैं और इन्हीं में से एक है टैनिंग की दिक्कत. इस मौसम में धूप के संपर्क में त्वचा आती है तो रंगत गहरी होने लगती है जिसे टैनिंग कहते हैं. ज्यादातर यह टैनिंग  माथे और गालों पर नजर आती है. सूरज की हानिकारण किरणें त्वचा को टैन ही नहीं करतीं बल्कि स्किन डैमेज का भी कारण बनती हैं. वहीं, धूप की वजह से सन बर्न भी हो सकता है. यहां ऐसे कुछ फेस पैक्स  बनाने के तरीके दिए गए हैं जो चेहरे से टैनिंग को हल्का करते हैं और त्वचा को निखार देते हैं. जानिए इन होममेड फेस पैक्स को बनाने के तरीके.
टैनिंग कम करने के लिए फेस पैक्स |
दही और टमाटर - इस फेस पैक को बनाने के लिए दही और टमाटर की जरूरत होगी. एंटी-ऑक्सीडेंट्स से भरपूर इस फेस पैक से स्किन को लैक्टिक एसिड भी मिलता है जो त्वचा को निखारने में असरदार होता है. सबसे पहले एक टमाटर लें और उसके रस को कटोरी में निकाल लें. अब इसमें एक चम्मच दही डालकर मिक्स करें. चेहरे पर इस फेस पैक को 20 मिनट लगाकर रखने के बाद धोकर हटा लें. त्वचा निखर जाएगी.
बेसन और हल्दी - बेसन और हल्दी के इस फेस पैक से चेहरे पर नजर आने वाली टैनिंग और डेड स्किन सेल्स हट जाती हैं. कटोरी में 2 चम्मच बेसन  और आधा चम्मच हल्दी डालें और दूध के साथ फेस पैक तैयार कर लें. चेहरे पर सूखने तक लगाए रखें और फिर धोकर छुड़ा लें. इस पैक को चेहरे के अलावा हाथ-पैरों की टैनिंग छुड़ाने के लिए भी लगाया सकता है.
खीरा और आलू - खीरा स्किन को हाइड्रेशन देता है और आलू के रस से स्किन को ब्लीचिंग गुण मिलते हैं. धूप से प्रभावित स्किन पर इन दोनों ही चीजों के रस को मिलाकर लगाने पर फायदे दिखता है. बराबर मात्रा में खीरे और आलू का रस मिला लें और रूई की मदद से चेहरे पर लगाएं और 15 मिनट बाद चेहरा धोकर साफ कर लें.
शहद और नींबू - फेस पैक बनाने के लिए नींबू के रस और शहद को बराबर मात्रा में मिलाएं और इस मिश्रण को चेहरे पर आधा घंटा लगाकर रखने के बाद धोकर हटा लें. स्किन को हल्के हाथों से साफ करते हुए धोएं. हफ्ते में एक से दो बार यह फेस पैक लगाया जा सकता है.
पपीता और शहद - स्किन को एंटी-ऑक्सीडेंट्स और ब्लीचिंग गुण देने वाले इस फेस पैक को बनाने के लिए आपको पपीते के 4 से 5 टुकड़े लेने हैं और मसलकर कटोरी में निकालने हैं. इसमें एक चम्मच शहद  डालें और पेस्ट बना लें. चेहरे पर इस पेस्ट को 20 से 30 मिनट लगाकर रखने के बाद धोकर हटा लें. त्वचा पर निखार आता है.

सेहत टिप्स /शौर्यपथ / बढ़ती उम्र के साथ हमारे शारीरिक और मानसिक स्वास्थ्य पर असर दिखने लगता है, लेकिन क्या आपने कभी सोचा है कि एक सरल सुबह की शुरुआत एक ऐसी चीज से की जा सकती है जो हमें बुढ़ापे के लक्षणों से दूर रख सकती है? अगर नहीं, तो यहां आज हम ऐसे घरेलू नुस्खे के बारे में बता रहे हैं जिसे सुबह खाली पेट करने से चेहरे पर रौनक और चमक आ सकती है. ये नुस्खा झुर्रियों को दूर कर स्किन पर कसावट लाने में भी मदद कर सकता है. साथ ही साथ मोटापा और खराब पाचन वालों के लिए भी ये काफी फायदेमंद हो सकता है. आइए जानते हैं उस रामबाण उपाय के बारे में जो आपको जवां और हेल्दी रखने में मदद कर सकता है.
नींबू पानी का सेवन लाभकारी हो सकता है जब इसे खाली पेट पिया जाता है. नींबू में विटामिन सी, पोटैशियम और एंटीऑक्सीडेंट्स की मात्रा होती है, जो आपके स्वास्थ्य को संतुलित रखने में मदद करती है.
नींबू पानी के नियमित सेवन से होने वाले स्वास्थ्य लाभ |
1. आंतरिक शुद्धि: नींबू पानी आंतरिक शुद्धि को बढ़ावा देता है और शरीर की जहरीली सामग्रीयों को बाहर निकालने में मदद कर सकता है.
2. पाचन को सुधारने में मददगार: नींबू पानी का सेवन पाचन को सुधार सकता है और अपच की समस्या को कम कर सकता है.
3. वेट कंट्रोल: नींबू पानी पीने से भूख कम हो सकती है, जिससे आपका वजन कंट्रोल में रह सकता है और मोटापा नहीं बढ़ता है.
4. चर्बी को कम करें: नींबू पानी में पोटैशियम की मात्रा होती है, जो शरीर में एक्सेस फैट को कम करने में मदद कर सकता है.
6. वायरल इंफेक्शन से बचाव: नींबू पानी में विटामिन सी की मात्रा होती है, जो वायरल इंफेक्शन से लड़ने में मदद कर सकती है.
नींबू पानी का सेवन करने के लिए एक गिलास पानी में एक नींबू का रस मिलाएं और इसे खाली पेट पिएं. इसे नियमित रूप से सेवन करने से आपको बुढ़ापे के लक्षणों से राहत मिल सकती है.
इसलिए, अब आप जानते हैं कि नींबू पानी का सेवन करने से आप अपने स्वास्थ्य को बनाए रख सकते हैं और बुढ़ापे के लक्षणों को दूर रख सकते हैं. तो आज ही से इसे अपने रूटीन में शामिल करें और हेल्दी जीवन का आनंद उठाएं.

 टिप्स ट्रिक्स /शौर्यपथ /आंखें हमारे शरीर का महत्वपूर्ण हिस्सा है जिससे हम इस दुनिया की खूबसूरती को निहार सकते हैं. लेकिन आज के समय में न सिर्फ बड़े बल्कि छोटे बच्चों को भी मोटा चश्मा लगने लगा है. जिसके कारण उन्हें कई तरह की असुविधाओं का सामना करना पड़ता है. आंखों पर लगा मोटा चश्मा न सिर्फ इंसान की खूबसूरती को कम करता है बल्कि कई जगहों पर इसकी वजह से लोगों का कॉन्फिडेंस भी कम हो जाता है. कमजोर आंखों की रोशनी  तेज करने के लिए आयुष मंत्रालय ने खाने के बाद कुछ ऐसी चीजों के बारे में बताया है, जो आपके लिए फायदेमंद हो सकती है.
आंखों की रोशनी बढ़ाने के घरेलू उपाय
1. आंखों पर के छींटे मारे
अगर आपको चश्मा चढ़ा है और आप इससे निजात पाना चाहते हैं तो सुबह उठने के बाद अपने मुंह में पानी भरें और ठंडे पानी से अपनी आंखों पर पानी के छींटें मारें यह प्रक्रिया दो से तीन बार करें इस दौरान मुंह में पानी भरा रहे इस बात का विशेष ध्यान रखें. नियमित रूप से ऐसा करने से आपकी आंखों की रोशनी धीरे-धीरे करके तेज होने लगेगी.
2. इन चीजों का करें सेवन
आंखों की रोशनी तेज करने के लिए आपको अपनी डाइट में नियमित रूप से घी, गेहूं, पुराने चावल, त्रिफला, ज्वार, अनार, मूंग की दाल और शतावरी को शामिल करना चाहिए.
3. इस काढ़े का करें सेवन
अगर आपको चश्मा लगा है और आप इससे छुटकारा पाना चाहते हैं तो एक्सपर्ट के अनुसार नियमित रूप से आप त्रिफला के काढ़े का सेवन कर सकते हैं. यह आपकी आंखों की रोशनी बढ़ाने में सहायक होगा साथ ही त्रिफला चूर्ण को शहद और घी में मिलाकर सेवन करने से भी आंखों की रोशनी तेज होती है.
4. तलवों की करें मसाज
आयुष मंत्रालय के अनुसार अगर आप आंखों की रोशनी तेज करना चाहते हैं तो अपने तलवे की अच्छी तरह से मसाज जरूर करें. इसके अलावा तलवों में आयुर्वेदिक लेप लगाएं और बेस्ट क्वालिटी के जूते चप्पल पहनें.
5. खाना खाने के बाद करें मसाज
आयुष मंत्रालय के अनुसार खाना खाने के तुरंत बाद अगर आप गीले हाथों से अपनी आंखों की मसाज करते हैं तो आपकी आंखों की रोशनी तेज हो सकती है.

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