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May 31, 2026
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टिप्स ट्रिक्स /शौर्यपथ / बादाम एक ऐसा ड्राई फ्रूट है जिसके पोषक तत्व शरीर के लिए बहुत जरूरी है. बादाम में बहुत सारे पोषक तत्व मौजूद होते हैं, जैसे कि एनर्जी, फैट, प्रोटीन, फाइबर, पोटैशियम, फ़ास्फ़रोस, मैग्नीशियम, कैल्शियम, विटामिन-ई, ओमेगा-3 फैटी एसिड्स और आयरन. यही कारण है कि हेल्थ एक्सपर्ट इसको डाइट का हिस्सा बनाने के लिए कहते हैं, लेकिन गर्मी के मौसम में इसको खाना चाहिए या नहीं इसको लेकर कई सवाल रहते हैं मन में. आज इस आर्टिकल में हम उसी के बारे में बात करेंगे.
गर्मी में बादाम खाएं या नहीं
1- आपको बता दें कि बादाम को किसी भी मौसम में खाया जा सकता है. बस आपको इसको भिगोकर खाना है. गर्मी के मौसम में तो कच्चा बादाम खाने की गलती बिल्कुल न करें. इससे पेट खराब हो सकता है.
2- असल में बादाम की तासीर गरम होती है. ऐसे में गर्मी के मौसम में पित्त दोष हो सकता है. इसलिए रात भर भिगोए हुए बादाम खाने की सलाह दी जाती है.
3- बादाम रातभर भिगोकर खाने से पाचन क्षमता मजबूत होती है. बादाम में मौजूद मोनोअनसैचुरेटेड वसा पेट की चर्बी कम करने में सहायक साबित होता है.
4- आपको बता दें कि बादाम भिगोकर खाने से इसको अवशोषण क्षमता अच्छी हो जाती है. यह दिल की सेहत के लिए भी बहुत अच्छा माना जाता है. बादाम खराब कोलेस्ट्रॉल को कम करने में भी सहायता करता है. बादाम को भिगोकर ही खाना चाहिए, लेकिन इसके छिलके को नहीं हटाना चाहिए क्योंकि इसमें फाइबर की मात्रा अधिक होती है.
एक दिन में कितने बादाम खाएं
- 5 से 10 साल के बच्चे को हर दिन 2 से 4 बादाम खाना चाहिए. वहीं, बादाम हर किसी को अपनी पाचन शक्ति के अनुसार खाना चाहिए. कुछ लोग को 2 बादाम भी सूट नहीं करता है और पेट से जुड़ी समस्या शुरू हो जाती है.
- ऐसे में आपको बादाम खाने की शुरूआत 2 बादाम से करनी चाहिए, जब आपको सूट करे तो आप हर हफ्ते बादाम को अपनी डाइट में बढ़ाते जाइए.

सेहत टिप्स /शौर्यपथ / फलों को सेहत के लिए कितना फायदेमंद माना जाता है ये हम सभी जानते हैं. लेकिन कई फल ऐसे भी हैं जिनके छिलके और बीज को भी सेहत के लिए गुणकारी माना जाता है और उन्हीं में से एक है पपीता. पपीता में अच्छी मात्रा में आयरन, कैल्शियम और मैग्नीशियम पाया जाता है जो शरीर को सेहतमंद बनाए रखने में सहायक होता है. पपीते के बीजों को पेट के लिए काफी अच्छा माना जाता है. पपीते के बीजों में एंटी-बैक्टीरियल गुण मौजूद होते हैं. असल में पपीते के बीज स्वाद में काफी कड़वे होते हैं जिसे बेकार समझ कर हम फेंक देते हैं. लेकिन ये शरीर को कई बीमारियों से दूर रखने में मददगार हैं. तो चलिए जानते हैं पपीता के बीज के फायदे.
पपीता के बीज खाने के फायदे-
1. वजन घटाने-
मोटापे की समस्या से परेशान हैं तो आप पपीते के बीजों का सेवन कर सकते हैं. पपीता के बीजों में फाइबर मौजूद होता है, जो पाचन शक्ति को ठीक रखने के अलावा मोटापा कम करने में भी मदद कर सकता है.
2. सूजन-
शरीर के किसी अंग में सूजन हो तो भी पपीते के बीजों का इस्तेमाल कर सकते हैं. ये स्किन की जलन और सूजन को कम करने में मदद कर सकते हैं.
3. कोलेस्ट्रॉल-
पपीता के बीजों में काफी मात्रा में मोनोअनसैचुरेटेड फैटी एसिड होते हैं. जिसमें विशेष रूप से ओलेक एसिड सबसे ज्यादा पाया जाता है. ये खराब कोलेस्ट्रॉल को कम कर बढ़े हुए कोलेस्ट्रॉल को कंट्रोल करने में मदद कर सकता है.
4. पेट के लिए-
पपीता के बीजों को पेट की लिए काफी अच्छा माना जाता है. कई अध्ययनों का मानना है कि पपीता के बीज में प्रोटियोलिटिक एंजाइम होते हैं जो आंतों में रहने वाले बैक्टीरिया को मारते हैं और इससे पेट को स्वस्थ रखा जा सकता है.

व्रत त्यौहार /शौर्यपथ / पंचांग के अनुसार, हर साल वैशाख माह के शुक्ल पक्ष की तृतीया तिथि पर अक्षय तृतीया मनाई जाती है. अक्षय तृतीया हिंदू धर्म का विशेष पर्व है जिसका अत्यधिक महत्व होता है. इस तिथि को बेहद शुभ माना जाता है और इस दिन अबूझ मुहूर्त होता है जिसका अर्थ है कि मांगलिक कार्यों के लिए यह पूरा दिन अत्यधिक शुभ माना जाता है. इस दिन सोना खरीदना भी शुभ होता है और लोग दान-पुण्य, पूजा-पाठ और जप-तप भी करते हैं. इस साल 10 मई, शुक्रवार के दिन अक्षय तृतीया पड़ रही है. इस शुभ अवसर पर आप भी अपने सगे-संबंधियों और परिचितों को अक्षय तृतीया के शुभकामना संदेश भेज सकते हैं.
अक्षय तृतीया के शुभकामना संदेश |
दिनों दिन बढ़ता जाए आपका कारोबार,
परिवार में बना रहे स्नेह और प्यार,
होती रहे सदा आप पर धन की बौछार,
ऐसा हो आपका अक्षय तृतीया का त्यौहार
अक्षय तृतीया की शुभकामनाएं!
आपके घर में धन की बरसात हो,
लक्ष्मी का वास हो,
संकटों का नाश हो,
शांति का वास हो.
अक्षय तृतीया की शुभकामनाएं!
सोने का रथ, चांदी की पालकी
बैठकर जिसमें लक्ष्मी मां हैं आई
देने आपके परिवार को खुशियां और अक्षय तृतीया की बधाई
अक्षय तृतीया की शुभकामनाएं!
घनर-घनर बरसे जैसे घटा
वैसे ही हो धन की वर्षा,
मंगलमय हो यह त्योहार
भेंट में आएं उपहार ही उपहार.
अक्षय तृतीया की आर्थिक बधाई!
कामयाबी कदम चूमती रहे
खुशियां आस पास घूमती रहे,
धन की हो भरमार
मिले अपनों का प्यार.
अक्षय तृतीया की शुभकामनाएं!
इस अक्षय तृतीया पर
आपको हर वो खुशी मिले
जिसकी आपने इच्छा की है,
आपको और आपके परिवार को
अक्षय तृतीया की हार्दिक शुभकामनाएं!
अक्षय रहे सुख आपका
अक्षय रहे धन आपका,
अक्षय रहे प्रेम आपका
अक्षय रहे स्वास्थ्य आपका.
अक्षय तृतीया की शुभकामनाएं!
आपके घर में धन की बरसात हो
लक्ष्मी का वास हो,
संकट का नाश हो
शांति का वास हो.
अक्षय तृतीया की हार्दिक शुभकामनाएं!

आस्था /शौर्यपथ /लड्डू गोपाल की सेवा करना इस दुनिया का सबसे परम सुख है. कहते हैं जिस घर में लड्डू गोपाल विराजित होते हैं. उस घर में कभी भी दुख या नकारात्मकता नहीं आती है. अगर कुछ कष्ट घर पर आता भी है तो उसे लड्डू गोपाल स्वयं हर लेते हैं. ऐसे में अगर आपके घर में लड्डू गोपाल हैं और आप सुबह शाम उनकी सेवा करते हैं, लेकिन भोग को लेकर कंफ्यूज रहते हैं कि हर दिन उन्हें क्या भोग लगाया जाए? तो हम आपको बताते हैं कि हफ्ते के सातों दिन आप क्या भोग लगा सकते हैं.
सोमवार
हफ्ते की शुरुआत सोमवार के साथ होती है. ऐसे में आप लड्डू गोपाल को सोमवार के दिन खीर का भोग लगा सकते हैं. दूध और चावल से बनी मीठी खीर लड्डू गोपाल को बहुत पसंद है. कहते हैं कि ये राधा रानी का प्रिय भोग है.
मंगलवार
मंगलवार के दिन लड्डू गोपाल को लाल रंग का फल भोग स्वरूप चढ़ाना बहुत शुभ माना जाता है. ऐसे में आप उन्हें सेब अनार या चेरी भोग स्वरूप लगा सकते हैं.
बुधवार
बुधवार के दिन लड्डू गोपाल को सात्विक भोजन भोग स्वरूप अर्पित करना चाहिए. आप उनके लिए साग, सब्जी और रोटी बनाकर उन्हें अर्पित करें.
गुरुवार
गुरुवार के दिन लड्डू गोपाल को पीले रंग की मिठाइयां या लड्डू भोग स्वरूप अर्पित करने चाहिए. आप उन्हें केसर युक्त पेड़ा, बूंदी बेसन के लड्डू या फिर घर पर ही केसरिया चावल बनाकर उन्हें भोग लगा सकते हैं.
शुक्रवार
शुक्रवार के दिन लड्डू गोपाल को आप मक्खन का भोग लगाएं. आप घर पर मलाई से ताजा मक्खन निकाल सकते हैं या बाजार से माखन लाकर भी लड्डू गोपाल को भोग स्वरूप अर्पित कर सकते हैं.
शनिवार
शनिवार के दिन लड्डू गोपाल को हल्का भोग लगाना चाहिए. आप उन्हें खिचड़ी बनाकर भोग स्वरूप अर्पित कर सकते हैं. इसके साथ ही उन्हें तिल और बताशे भी शनिवार को अर्पित करना चाहिए.
रविवार
रविवार के दिन लड्डू गोपाल को उनका प्रिय भोग अर्पित करें. आप घर पर ताजी मलाई से सफेद मक्खन निकालें, उसमें मिश्री के कुछ दाने डालें और इसे एक तुलसी के पत्ते के साथ लड्डू गोपाल को अर्पित करें.

 

सेहत टिप्स /शौर्यपथ / आज के समय में कब्ज एक ऐसी समस्या बन गई है जिससे अमूमन लोग परेशान रहते हैं. इसकी वजह खराब लाइफस्टाइल और खानपान भी हो सकता है. लंबे समय से कब्ज से पीड़ित रहने से कई तरह की गंभीर बीमारियों के शिकार भी हो सकते हैं. बता दें कि कब्ज की वजह से ना सिर्फ आपका पूरा दिन खराब होता है बल्कि इसका असर आपके मूड पर भी पड़ता है. कब्ज से छुटकारा पाने के लिए कई तरह की दवाइयां मिलती हैं लेकिन इसको दूर करना और जड़ से खत्म करने के लिए आप देसी नुस्खों की भी मदद ले सकते हैं. आपके घर में मौजूद कुछ चीजें आपको इस समस्या से निजात दिला सकती हैं.  आज हम आपको एक ऐसा ही देसी नुस्खा बताएंगे जो कब्ज की समस्या से निजात दिलाने में मदद कर सकता है.
डाइट
कब्ज को दूर करने के लिए आप अपनी डाइट में फाइबर युक्त चीजों को शामिल कर सकते हैं. यह पेट को साफ रखने में मदद करती है. बात करें ईसबगोल की तो ये भी कब्ज से राहत दिलाने में फायदेमंद हो सकता है. ईसबगोल में घुलनशील फाइबर होता है जो पेट को साफ करने में फायदेमंद साबित होता है. इसमें पाए जाने वाले तत्व आंतों में जमा गंदगी को भी बाहर निकालने में मदद करते हैं.
कैसे करें सेवन
कब्ज से राहत पाने और पेट को अच्छे से साफ करने के लिए आप रात को सोने से पहले इसका सेवन दूध या फिर दही के साथ कर सकते हैं. यह फाइबर से भरपूर होता है जो आपका पेट साफ करने में मदद कर सकता है.

 सेहत टिप्स /शौर्यपथ विशेषज्ञ दिन में कम से कम दो बार दांतों को ब्रश करने की सलाह देते हैं, एक बार जागने के बाद और एक बार सोने से पहले. आम तौर पर यह भी माना जाता है कि हमें सुबह अपने दांतों को ब्रश करने से पहले कुछ भी खाना या पीना नहीं चाहिए. लेकिन क्या आप जानते हैं कि अपने दांतों को ब्रश करने से पहले पानी पीना आपके स्वास्थ्य के लिए फायदेमंद हो सकता है? अगर नहीं तो फिर आज हम इसी के बारे में आपको इस आर्टिकल में बताने वाले हैं, तो चलिए जानते हैं.
बिना ब्रश पानी पीने के क्या हैं फायदे
विषाक्त पदार्थ निकाले बाहर
1- खाली पेट और दांत साफ  करने से पहले पानी पीने से शरीर से विषाक्त पदार्थों  को बाहर निकालने में मदद मिलती है.
पाचन क्षमता करे मजबूत
2-  सुबह बिना ब्रश किए पानी पीने से शरीर की पाचन क्षमता बढ़ती है. साथ ही इससे इम्यून सिस्टम  बेहतर होता है.
स्किन रखे चमकदार
3- यह आपको स्वस्थ और चमकदार त्वचा पाने में भी मदद कर सकता है. मोटापे, कब्ज, उच्च रक्तचाप और मधुमेह  से पीड़ित लोगों को भी हर सुबह गुनगुना पानी पीने से लाभ हो सकता है.
कैविटी से रखे दूर
4- यह मुंह में बैक्टीरिया के जमाव को भी रोकता है जिससे कैविटी का खतरा कम होता है. इसलिए अगर आप सुबह उठकर एक गिलास गुनगुना पानी पीते हैं तो आपको सांसों की बदबू  की समस्या से छुटकारा मिल सकता है.

  ब्यूटी टिप्स /शौर्यपथ /अगर आप अपने बाल की ग्रोथ को अच्छा करना चाहती हैं तो इसमें आपकी मदद एलोवेरा जैल करेगा. इसके पोषक  तत्व आपकी हेयर ग्रोथ के लिए रामबाण साबित हो सकते हैं. एलोवेरा में विटामिन ए, सी, ई, बी 1 , बी 2 , बी 3 (नियासिन), बी 6 , कोलीन, फोलिक एसिड, अल्फा-टोकोफेरोल, बीटा-कैरोटीन सहित कई विटामिन होते हैं, जो बाल के लिए बहुत फायदेमंद हैं. तो चलिए जानते हैं बाल में एलोवेरा जैल अप्लाई करने के तरीके.
एलोवेरा जैल बाल में कैसे करें अप्लाई
1-एलोवेरा जैल में नारियल तेल मिलाकर बालों में अप्लाई करने से आपकी हेयर ग्रोथ अच्छी होती है. यह बाल को मुलायम और घना रखने में मदद करते हैं.
2- 1 छोटा टुकड़ा अदरक का रस आपके बाल की हेयर ग्रोथ की लिए अच्छा साबित हो सकता है. बस आप इसमें एलोवेरा जैल मिलाकर 10 से 15 मिनट बाल में अप्लाई करिए.
3- ताजा एलोवेरा जैल भी आप बालों में लगा सकते हैं. इसको दस मिनट लगाने के बाद हेयर वॉश कर लीजिए. फिर देखिए कैसे आपके बाल मुलायम होते हैं.
4- अरंडी के तेल में मेथी और एलोवेरा जैल मिलाकर लगाने से भी आपकी हेयर ग्रोथ अच्छी होती है. बस आप 1 कप एलोवेरा जैल में 2 चम्मच मेथी पाउडर और अरंडी तेल मिलाकर लगाना है.

व्रत त्यौहार /शौर्यपथ / वैशाख शुक्ल पक्ष की तृतीया तिथि अति शुभ होती है और इसे अक्षय तृतीया  कहते हैं. अक्षय का अर्थ कभी समाप्त नहीं होने वाला. मान्यता है कि अक्षय तृतीया का सौभाग्य और शुभ फल कभी समाप्त नहीं होते हैं. इस वर्ष अक्षय तृतीया 10 मई को है. इस दिन देश भर में अक्षय तृतीया मनाई जाएगी. इस दिन सोना और अन्य मूल्यावान धातु खरीदना बहुत शुभ माना गया है. आइए जानते हैं क्या है अक्षय तृतीया के दिन खरीदारी  का महत्व और इस दिन क्या खरीदना होता है शुभ .
अक्षय तृतीया के दिन खरीदारी
अक्षय तृतीया के दिन सोना खरीदना बहुत शुभ फल प्रदान करने वाला माना जाता है. मान्यता है कि इस दिन सोना खरीदने से पूरे वर्ष जीवन में सुखों की कमी नहीं होती है. सोना को बेहतरीन निवेश मान जाता है. इस तरह अक्षय तृतीया के दिन लोगों को निवेश करने के लिए प्रेरित किया जाता है. इस दिन लोग गहने, सिक्का या बरतन खरीदते हैं. ज्योतिष शास्त्र के अनुसार  अक्षय तृतीया के दिन ग्रहों की स्थिति के कारण सोना की खरीदारी को शुभता प्राप्त होती है जिससे जीवन में सफलता के मार्ग खुल जाते हैं.
अक्षय तृतीया का महत्व
अक्षय तृतीया धन की देवी माता लक्ष्मी का दिन होता है. इस दिन पूजा पाठ, दान पुण्य और जप को अक्षय फल प्राप्त होता है. इस दिन देवी लक्ष्मी की विधिवत पूजा अर्चना से माता लक्ष्मी भक्तों पर अपार कृपा करती हैं. अक्षय तृतीया के दिन गंगा स्नान का भी बहुत महत्व है. इस दिन गंगा स्नान से सभी तरह के पापों से मुक्ति मिलती है. अक्षय तृतीया को स्वयंसिद्ध मुहूर्त होता है. इस दिन कोदई भी मांगलिक कार्य बगैर मुहूर्त देखें किया जा सकता है. इस दिन शुरू किए गए कार्यों में सफलता प्राप्त होती है.

 व्रत त्यौहार /शौर्यपथ /साल के 12 महीने में कुल 24 एकादशी पड़ती है और हर एकादशी का विशेष  महत्व होता है. इसी तरह से वैशाख माह  के कृष्ण पक्ष की एकादशी को वरुथिनी एकादशी कहते हैं और ये एकादशी भगवान विष्णु को समर्पित होती है. इस दौरान भगवान विष्णु के साथ उनकी अर्धांगिनी लक्ष्मी माता  की पूजा अर्चना करने से शुभ फल की प्राप्ति होती है.
वरुथिनी एकादशी तिथि और शुभ मुहूर्त
हिंदू पंचांग के अनुसार, वैशाख माह के कृष्ण पक्ष की एकादशी 3 मई को रात 11:24 पर शुरू हो रही है, जो कि 4 मई को 8:38 तक रहेगी. ऐसे में उदया तिथि के अनुसार वरुथिनी एकादशी का व्रत 4 मई को रखा जाएगा. कहते हैं कि इस दिन भगवान विष्णु के लिए व्रत करने से और विधि-विधान उनकी पूजा करने से शुभ फल की प्राप्ति होती है, दुख दर्द दूर होता है और मां लक्ष्मी की कृपा सदैव घर पर बनी रहती हैं.
वरुथिनी एकादशी पर करें ये उपाय
अगर आप चाहते हैं कि आपके घर से पैसों की तंगी दूर हो जाए, तो इस दिन भगवान विष्णु के साथ ही मां लक्ष्मी की भी पूरे मन से पूजा करें. उनके सामने घी का दीपक जलाएं, ऐसा करने से घर की आर्थिक स्थिति मजबूत होती है.
    आप चाहते हैं कि आपके घर में सुख शांति बनी रहे और गृह क्लेश से छुटकारा मिले, तो वरुथिनी एकादशी के दिन भगवान विष्णु को पीले रंग के फल चढ़ाएं या केसर की खीर या पीले रंग की मिठाई अर्पित करके घर में सभी लोगों को भोग स्वरूप दें.
    अगर आपको कारोबार में कोई सफलता नहीं मिल रही है और लगातार बिजनेस घाटे में जा रहा है, तो वरुथिनी एकादशी पर पीले रंग के फूल भगवान विष्णु को चढ़ाएं और इस दौरान ऊँ नमो भगवते वासुदेवाय नमः मंत्र का जाप करें.
    अगर आप वरुथिनी एकादशी पर भगवान विष्णु से कोई मनोकामना मांगना चाहते हैं, तो इस दिन उन्हें दक्षिणावर्ती शंख से जल चढ़ाएं. ऐसा करने से वह अति प्रसन्न होते हैं और भक्तों की सभी मनोकामना पूरी करते हैं.
    अगर आपको लंबे समय से नौकरी में तरक्की नहीं मिल रही है और प्रमोशन रुका पड़ा है, तो वरुथिनी एकादशी पर पीले रंग के कपड़े में पीला फूल और एक नारियल बांध दें. इसे भगवान विष्णु को अर्पित करें और द्वितीय तिथि पर इसे उठाकर अपने पास रख लें, ऐसा करने से नौकरीपेशा लोगों को पदोन्नति मिलने के आसार होते हैं.

आस्था /शौर्यपथ / जिस घर में लड्डू गोपाल  विराजमान होते हैं, उनकी सेवा बिल्कुल एक बच्चे की तरह की जाती है. सुबह, दोपहर, शाम उन्हें भोग अर्पित करना चाहिए और भोग लगाने के दौरान कुछ विशेष नियम का पालन करना चाहिए. कहते हैं कि जब लड्डू गोपाल को भोग लगाया जाए तो इस मंत्र का उच्चारण जरूर करना चाहिए, क्योंकि इस मंत्र में इतनी शक्ति होती है कि यह भोग सीधे लड्डू गोपाल के पास पहुंचता है और वह उसे प्रसन्न होकर ग्रहण भी करते हैं. तो आप भी इस मंत्र को नोट कर लें और आगे से लड्डू गोपाल को भोग लगाते समय इस मंत्र का उच्चारण जरूर करें.
लड्डू गोपाल को भोग लगाते समय करें इस मंत्र का उच्चारण
लड्डू गोपाल की सेवा करना सबसे पुण्य का काम माना जाता है, उन्हें एक बच्चे की तरह सुबह स्नान कराया जाता है, उन्हें अच्छे-अच्छे वस्त्र पहनाए जाते हैं, श्रृंगार किया जाता है, भोग लगाया जाता है और रात को दूध पिलाकर शयन करवाया जाता है. कहते हैं ऐसा करने से लड्डू गोपाल की कृपा घर पर हमेशा बनी रहती है, लेकिन अधिकतर लोग लड्डू गोपाल के सामने ऐसे ही जाकर भोग रख देते हैं, जबकि लड्डू गोपाल को भोग लगाते समय आपको इस मंत्र का जाप जरूर करना चाहिए- त्वदीयं वस्तु गोविन्द तुभ्यमेव समर्पये। गृहाणे सम्मुखो भूत्वा प्रसीद परमेश्वर.
इस मंत्र का अर्थ होता है कि हे कृष्ण मेरे पास जो भी है वह सब आपका ही दिया है भगवान और अब मैं उसी को भोग के स्वरूप में आपको अर्पित कर रहा हूं, कृपया इसे ग्रहण करें.
इतने बार लगाएं लड्डू गोपाल को भोग
लड्डू गोपाल को सबसे पहले भोग सुबह उठते से ही लगाना चाहिए. सुबह 6-7 बजे के करीब घंटी बजाकर या ताली बजाकर आप लड्डू गोपाल को जगाएं, उन्हें दूध पिलाएं या आप चाय भी उन्हें भोग में लगा सकते हैं. उसके बाद लड्डू गोपाल को नहलाने के बाद अच्छे-अच्छे वस्त्र पहनाएं, फिर आप उन्हें माखन मिश्री, लड्डू या अन्य चीज का भोग लगा सकते हैं. तीसरा भोग भोजन का होता है, आप सात्विक भोग लड्डू गोपाल को खिलाएं. आप पूरी, पराठा, सब्जी, सलाद आदि चीजों को भोग स्वरूप लगा सकते हैं. चौथा भोग शाम के समय लगाया जाता है, जिसमें आप मखाने या मेवा लड्डू गोपाल को खिला सकते हैं और रात के समय लड्डू गोपाल को दूध पिलाकर ही शयन करवाना चाहिए.

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