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May 31, 2026
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शौर्यपथ / हर साल मई के दूसरे रविवार को मातृ दिवस यानी मदर्स डे मनाया जाता है. हर साल इस दिन की तारीख बदलती रहती है और इस साल यह दिन 12 मई के दिन पड़ रहा है. मदर्स डे ना सिर्फ मां को समर्पित है बल्कि उनके त्याग, बच्चों के लिए समर्पण और खुद से ज्यादा बच्चों के लिए प्रेम की सराहना भी करता है. इस दिन बच्चे मां को मदर्स डे की शुभकामनाएंतो देते ही हैं, साथ ही उनके लिए गिफ्ट्स भी लाते हैं. ये गिफ्ट्स मां को थैंक्यू कहने का एक जरिया होते हैं और जो मुस्कुराहट मां के चेहरे पर दिखती है वो अतुल्य होती है. आप भी अगर अपनी मां के लिए मदर्स डे के गिफ्ट्स  ढूंढ रहे हैं और उन्हें कुछ खास देना चाहते हैं तो यहां से आइडिया ले सकते हैं. यहां दिए गिफ्ट्स यूनिक भी हैं और मां को स्पेशल फील करवाने का काम भी करेंगे.
मदर्स डे के गिफ्ट आइडियाज |
मेकअप आ जूलरी बॉक्स - मां की अक्सर ही आदत होती है कि वे पूरे परिवार की जरूरतों का तो ख्याल रखती हैं लेकिन खुद को भूल जाती हैं. इसी तरह मेकअप या जूलरी बॉक्स ऐसी ही एक चीज है जो मां खुद के लिए खरीदती कभी नजर नहीं आती. वे अक्सर ही टिन के डिब्बे या किसी आइसक्रीम के डिब्बे में अपना पर्सनल सामान रखने लगती हैं. ऐसे में उन्हें खूबसूरत सा स्टोरेज बॉक्स दिया जा सकता है.
सेल्फ केयर किट - बाजार में कई तरह की सेल्फ केयर किट्स मौजूद होती हैं. मां को पेडिक्योर किट, मेनीक्योर किट, फेशियल किट, स्किन केयर किट, हेयर केयर किट या फिर मसाज किट दी जा सकती है. आप अपने बजट के अनुसार कोई भी किट चुन सकते हैं.
हैंडमेड पेंटिंग - बच्चों की दी किसी भी चीज को मां संझोकर रखती हैं. इतनी तो उनके पास अपनी तस्वीरें नहीं होंगी जितनी वे बच्चों की अपने कमरे में सजाकर रखती हैं. ऐसे में आप मां की ही किसी तस्वीर को लेकर पेंटिंग बनवा सकते हैं. खुद को इस तरह कागज पर देखकर यकीनन मां की आंखें भर आएंगी.
कोई डिवाइस दे सकते हैं - मां को रिडियो, इयरप्लग्स, कोई गेम, कोई किचन टूल या किसी और तरह का डिवाइस दिया जा सकता है. आजकल बाजार में अलग-अलग तरह के टूल्स की भरमार है. आपको बस किसी दुकान या सुपरमार्केट में जाना है और मां की पसंद के अनुसार कुछ चुन लेना है.

रसोई टिप्स /शौर्यपथ / खानपान में धनिया और पुदीना के पत्तों का अलग-अलग तरह से इस्तेमाल किया जाता है. गर्मियों में इन पत्तों की ताजा चटनी बनाकर खाई जाती है, चावल या सलाद में गार्निश करने के लिए डाला जाता है, कूलिंग ड्रिंक्स बनाई जाती हैं और सब्जियों का स्वाद बढ़ाने के लिए इन पत्तों का इस्तेमाल होता है. लेकिन, दिक्कत तब आती है जब बाजार से लाने के अगले दिन से ही ये पत्ते सड़ने-गलने लगते हैं. अक्सर ही धनिया और पुदीना के पत्तेकाले या पीले पड़ना शुरू हो जाते हैं. इन सड़े हुए पत्तों को फिर सीधा कूड़ेदान के हवाले करना पड़ता है. ऐसे में अगर आप भी धनिया  और पुदीना के पत्तों को लंबे समय तक ताजा बनाए रखना चाहते हैं तो यहां बताए नुस्खे आजमा सकते हैं. इन ट्रिक्स और टिप्स से पुदीना और धनिया के पत्ते लंबे समय तक ताजा बने रहते हैं.
धनिया और पुदीना के पत्ते ताजा कैसे रखें |
जब भी धनिया और पुदीना के पत्ते घर लाए जाते हैं तो सही तरह से स्टोर  करके रखना जरूरी होता है. इन पत्तों को स्टोर करने के लिए ताजे पत्तों की जड़ें काटकर अलग कर दें. अब एक कंटेनर लें और उसमें पानी और एक चम्मच हल्दी का पाउडर डालकर मिक्स करें. धनिया और पुदीना के पत्ते इस पानी में आधे घंटे डुबोकर रखें और उसके बाद अच्छी तरह धोकर पेपर टावल पर बिछाएं और सुखा लें. इसके बाद कंटेनर में पेपट टावल बिछाएं और उसपर इन पत्तों को बिछाएं, उसके ऊपर एक और टावल बिछाकर फिर से पत्तों को रखें. इस तरीके से धनिया और पुदीना के पत्ते अलग-अलग रखे जाएं तो 2 से 3 हफ्तों तक ताजा बने रह सकते हैं.
इन पत्तों को ताजा रखने के लिए एक और तरीका आजमाया जा सकता है. इसके लिए आपको एक गिलास की जरूरत होगी. कांच का गिलास लें और उसमें पानी भरें. अब धनिया और पुदीना के पत्ते लेकर उनकी जड़ें काट लें और इस गिलास में इन पत्तों का तना डुबोकर रखें. अब इस गिलास को जस का तस उठाकर फ्रिज में रख दें. पत्तों को खुला छोड़ने के बजाय उन्हें किसी प्लास्टिक के बैग जैसे जिप लॉक बैग (Zip lock bag) से ढक दें. इस तरह पुदीना और धनिया के पत्ते स्टोर किए जाएं तो लंबे समय तक ताजा बने रहते हैं.
धनिया और पुदीने के पत्ते ताजा रखने के लिए बहुत से लोग इन पत्तों को मलमल के कपड़े में या ब्राउन पेपर में लपेटकर रखते हैं. इससे पत्तों की ताजगी बनी रहती है.
जब आप धनिया या पुदीना के पत्ते खरीदकर लाते हैं तो इन पत्तों को साफ करना शुरू करें. जो भी खराब पत्ते हों उन्हें निकालकर अलग कर लें. अब इन साफ पत्तों को किसी एयरटाइट डिब्बे में बंद करके फ्रिज में रख लें.

ब्यूटी टिप्स /शौर्यपथ /अक्सर ही महिलाएं चेहरे पर केमिकल वाली चीजों का इस्तेमाल करती हैं. ब्लीच स्किन को निखारती है. लेकिन, केमिकल वाली ब्लीच के कई नुकसान भी हैं. अगर ध्यान ना दिया जाए तो केमिकल वाली ब्लीच  स्किन को जला भी सकती है. वहीं, ब्लीच से आंखों में भी तकलीफ होने लगती है. बहुत से लोगों को ब्लीच से एलर्जी भी होती है. ऐसे में यहां जानिए घर की कौनसी चीजें हैं जिनका इस्तेमाल नेचुरल ब्लीच  की तरह किया जा सकता है. ये चीजें स्किन को चांदी सा निखार देती हैं और इनसे त्वचा पर साइड इफेक्ट्स भी नजर नहीं आते हैं.
ब्लीचिंग गुणों से भरपूर चीजें
नींबू और शहद - चेहरे पर नींबू के रस और शहद को साथ मिलाकर लगाने पर त्वचा को प्राकृतिक ब्लीचिंग गुण मिलते हैं. एक कटोरी में एक चम्मच दूध, एक चम्मच शहद और एक चम्मच ही नींबू का रस मिलाकर मिश्रण तैयार कर लें. चेहरे को पानी से धोकर इस मिश्रण को पूरे चेहरे पर लगाएं. इसे स्किन पर 15 से 20 मिनट लगाकर रखने के बाद धोकर हटा लें. चेहरे पर सोने सा निखार नजर आने लगता है.
आलू का रस - ब्लीचिंग गुणों वाले आलू को चेहरे पर लगाने से टैनिंग जैसी दिक्कतें भी दूर हो जाती हैं. एक आलू लेकर छीलें और फिर घिसकर निचोड़ लें, रस को कटोरी में निकाल लें. इस रस को जस का तस ही चेहरे पर लगाया जा सकता है. रूई की मदद से आलू के रस  को चेहरे पर मलें और तकरीबन 20 मिनट रखने के बाद चेहरा धोकर साफ करें. आलू के रस से त्वचा को एंटी-ऑक्सीडेंट्स और विटामिन सी के गुण मिलते हैं. इससे चेहरे पर जमी डेड स्किन सेल्स भी हट जाती हैं.
दही - चेहरे पर लगाने के लिए एक चम्मच दही लें और उसमें एक चम्मच ही शहद मिला लें. इस पेस्ट को चेहरे पर 15 मिनट लगाकर रखने के बाद हल्के हाथों से मलते हुए धो लें. स्किन को लैक्टिक एसिड के गुण और विटामिन बी मिलता है जो त्वचा को निखारने में कारगर हैं. दही  के इस्तेमाल से चेहरे पर नजर आने वाले दाग-धब्बे भी हल्के होने लगते हैं.
चावल का आटा - घर में ही ब्लीच करना चाहती हैं तो इस नुस्खे को जरूर आजमाकर देख लें. यह नुस्खा बिल्कुल ब्लीच की तरह ही असर दिखाता है. एक कटोरी में 2 से 3 चम्मच चावल का आटा डालें और इसमें जरूरत के अनुसार दूध डालकर पेस्ट तैयार कर लें. इस पेस्ट को चेहरे पर लगाएं और आधे घंटे बाद चेहरा धोकर साफ करें. त्वचा पर बेदाग निखार दिखता है और ऐसा लगता है जैसे चेहरे पर ब्लीच ही लगाई हो.

ब्यूटी टिप्स /शौर्यपथ / स्किन केयर का एक बेहद जरूरी स्टेप है सनस्क्रीन. मौसम चाहे कोई भी और आप घर के अंदर हों या बाहर, चेहरे पर सनस्क्रीन लगाना बेहद जरूरी होता है. सनस्क्रीन त्वचा पर एक प्रोटेक्टिव लेयर बनाती है जिससे चेहरा धूप से बचा रहता है और स्किन डैमेज का खतरा कम होता है. वहीं, सनस्क्रीन लगाने से सन टैनिंग नहीं होती है. लेकिन, सनस्क्रीन सही तरह से ना लगाई जाए और दिन में सिर्फ एक बार ही लगाई जाए तो इससे त्वचा दिन के समय कभी भी धूप से झुलस सकती है. वहीं, सनस्क्रीन का इस्तेमाल ना करने वालों में एजिंग की प्रक्रिया तेज देखी जाती है और त्वचा पर झाइयां तक नजर आने लगती हैं. ऐसे में सनस्क्रीन को कब लगाना चाहिए, दिन में कितनी बार लगाना चाहिए और इसे दोबारा कितने समय के अंतराल पर लगाना चाहिए, जानिए यहां.
सनस्क्रीन कितनी बार लगानी चाहिए
त्वचा के लिए SPF 30 वाली सनस्क्रीन बेस्ट होती है. इस सनस्क्रीन या सनब्लॉकको लगाने के लिए हाथों पर अच्छीखासी मात्रा में लें और फिर पूरे चेहरे पर मल लें. आमतौर पर दो उंगलियों के बराबर सनस्क्रीन ली जाती है. गर्मियों में वॉटर रेसिस्टेंस वाली सनस्क्रीन ही चुनें और सनस्क्रीन आपके स्किन टाइप के अनुसार ही हो इस बात का खास ख्याल रखें.
अब बात आती है कि सनस्क्रीन चेहरे पर कितनी बार लगानी चाहिए या किस तरह लगानी चाहिए. सनस्क्रीन को मेकअप का हिस्सा ना मानें बल्कि यह स्किन केयर का हिस्सा है इसीलिए इसे मेकअप से पहले चेहरे पर लगाया जाता है. चेहरा धोने के बाद जब आप मॉइश्चराइजर लगाते हैं तो उसके बाद सनस्क्रीन को लगाएं. इसके बाद चेहरे पर मेकअप करें. इस बात का खास ध्यान रखें कि आप सिर्फ चेहरे पर ही सनस्क्रीन ना लगाएं बल्कि अपने गले, गर्दन और कानों पर ही सनस्क्रीन मलें.
हर 2 घंटे में सनस्क्रीन लगाने के लिए कहा जाता है, खासकर तब जब आप लंबे समय तक धूप में रहते हैं. सन एक्सरोजर से स्किन को बचाए रखने के लिए हर 2 घंटों के अंतराल पर सनस्क्रीन लगाने की सलाह दी जाती है. हालांकि, कई बार ऑफिस या बाहर कहीं सनस्क्रीन लगाने में दिक्कत हो सकती है और क्रीम से मेकअप खराब होने की संभावना रहती है. ऐसे में सनस्क्रीन स्टिक या लूज पाउडर का इस्तेमाल किया जा सकता है जो मेकअप को सेट करता है और साथ ही सूरज की हानिकारक किरणों से त्वचा को प्रोटेक्शन देता है सो अलग.

टिप्स ट्रिक्स /शौर्यपथ / सफेद रंग एक ऐसा रंग है जिसे पहनने के बाद इंसान डीसेंट दिखने लगता है. सफेद रंग के कपड़े हर किसी को पहनना पसंद होता है लेकिन अधिक देखभाल के कारण बहुत कम लोग ही सफेद रंग के कपड़े पहनना पसंद करते हैं क्योंकि सफेद कपड़े बहुत जल्दी गंदे हो जाते हैं. खास कर शर्ट, टी शर्ट और मोजे. अगर आप भी सफेद कपड़े पहनने के शौकीन हैं और हमेशा इन्हें चमकदार बनाए रखना चाहते हैं तो कुछ टिप्स और ट्रिक्स हम आपके साथ शेयर कर रहे हैं. जो आपके बहुत काम के हो सकते हैं. किचन में रखे इन इंग्रीडिएंट्स से आप अपने सफेद कपड़ों की सफेदी बढ़ा सकते हैं.
किचन में रखी इन चीजों से चमकाएं अपने कपड़े
किस तरह धोएं सफेद कपड़े?
सफेद कपड़ों की सफेदी लंबे समय तक बरकरार रखने के लिए अब तक काफी मशक्कत करनी पड़ती होगी. लेकिन घर में मौजूद कुछ सामान आपके सफेद कपड़ों को सफेद बनाए रखने में मदद कर सकते हैं. ये तीन चीजों का एक पॉवरफुल मिश्रण है जो आपके कपड़ों को पहले से ज्यादा सफेद रखने में सहायक होगा.
पहला स्टेप : सबसे पहले कोई भी सफेद कपड़ा लें और उसे पूरी तरह से गर्म पानी के एक बर्तन में डुबा दीजिए. उसके बाद एक-चौथाई कप हाइड्रोजन पेरोक्साइड, एक कप बेकिंग सोडा और एक चम्मच डिश सोप मिलाएं. इस पावरफुल मिश्रण से आप सफेद कपड़ों के जिद्दी से जिद्दी दाग हटा सकते हैं और अपने सफ़ेद कपड़ों को चमकदार बना सकते हैं.
दूसरा स्टेप : दूसरे स्टेप में आप सफेद कपड़े पर लगे दाग के आधार पर, डिश सोप की मात्रा को बढ़ा और घटा सकते हैं. अगर आपके कपड़े पर बड़ा दाग है तो अधिक डिश सोप लें और छोटा है तो कम में भी काम हो सकता है. इस दाग पर ये मिश्रण डाल दें.
तीसरा स्टेप : इसके बाद इसे हमेशा की तरह वॉशिंग मशीन में धोने से पहले कम से कम 1 से 2 घंटे के लिए भीगने के लिए छोड़ दें. उसके बाद अपने सफेद कपड़े को धोएं इसके परिणाम आपको चौंका देगा.

खाना खजाना /शौर्यपथ / सिंपल फूड से कम्फर्टिंग कुछ और कुछ हो ही नहीं सकता है. हम सभी कितना भी बाहर का खा लें. लेकिन जब बात घर के खाने की होती है तो उसकी तुलना किसी भी फूड से नहीं की जा सकती है. सफेद सादे चावल के साथ कढ़ी का एक बाउल पहला कम्फर्ट फूड है जिसके बारे में हम सोच सकते हैं. यह जल्दी, सरल है और हमें खुश करने वाला है. दही बेस्ड रेसिपी रिजनल रेसिपी में कई अंतर हैं. आपको कढ़ी बनाने के विधि में राज्य और क्षेत्र में अंतर दिखाई दे जाएगा. सिंधियों के पास इसे बनाने का अपना यूनिक तरीका है. (सिंधी कढ़ी), पंजाबी में स्वादिष्ट, कुरकुरे पकौड़े शामिल हैं. यहां, हम आपको पंजाबी कढ़ी पकौड़ा की स्वादिष्ट और आसान रेसिपी बता रहे हैं. तो चलिए बिना किसी देरी के रेसिपी पर चलते हैं.
कैसे बनाएं पंजाबी कढ़ी पकौड़ा रेसिपी-
    कढ़ी पकौड़ा बनाने के लिए आपको सबसे पहले बेसन, बेकिंग सोडा, दही, हल्दी पाउडर, लाल मिर्च पाउडर, कटी हुई हरी मिर्च, अजवाइन, बारीक कटी मेथी और धनिया पत्ती, मोटे तौर पर कटी हुई प्याज, नमक, स्वाद के लिए अदरक का पेस्ट चाहिए और पानी, आवश्यकतानुसार. अब, सब कुछ का एक स्मूद बैटर बनाएं.
     पकौड़े को गोल्डन ब्राउन होने तक फ्राई करें, फिर एक तरफ रख दें.
    कढ़ी के लिए, बेसन और दही को एक मिक्सिंग बाउल में लें और तब तक फेंटें जब तक यह स्मूद न हो जाए. सुनिश्चित करें, कोई गांठ नहीं बने.
    अब इसमें हल्दी, लाल मिर्च पाउडर और नमक डालकर अच्छी तरह से फेंट लें.
    आवश्यकतानुसार पानी डालें और अच्छी तरह से फेंटें, जिससे एक पतला और चिकना बैटर तैयार हो.
    एक कढाई में घी डालें, उसमें हिंग, मेथी के बीज, करी पत्ता, सूखी लाल मिर्च, धनिया के बीज डालें और उन्हें फेंटे.
    कटा हुआ मीडियम आकार का प्याज, अदरक का पेस्ट डालें और प्याज को गोल्डन होने तक फ्राई करें.
    कढ़ी में मिक्सचर डालें और धीमी आंच पर कम से कम 5 मिनट तक उबलने दें.
    कढ़ी में पकौड़े डालें और 5 मिनट के लिए और उबालें.
    लास्ट में, कढ़ी पर कुछ लाल मिर्च पाउडर डालें और जीरा और लाल मिर्च का तड़का डालें और सर्व करें.
    कढ़ी बनकर तैयार है आप इसे चावल या रोटा के साथ इंजॉय कर सकते हैं.

  सेहत टिप्स /शौर्यपथ /शहतूत गर्मियों के मौसम का खास फल है, इसे अंग्रेजी में 'Mulberries' भी कहा जाता है. इनमें विटामिन सी और आयरन भरपूर मात्रा में होता है. यदि आपने पहले कभी रेसिपीज में इन मीठे और रसीले बेरीज का उपयोग नहीं किया है, तो इस गर्मी में हमारे द्वारा बताई गईं शहतूत रेसिपीज को ट्राई कर सकते हैं. ब्रेकफास्ट से लेकर स्वीट तक, शहतूत का उपयोग कई प्रकार के व्यंजनों में किया जा सकता है, जिससे आपके व्यंजनों में फल का फ्लेवर एड हो जाता है. क्या आप यह जानने के लिए एक्साइटेड हैं? तो बिना किसी देरी के किचन में जाएं और इन शहतूत रेसिपीज को ट्राई करें.
यहां 5 शहतूत रेसिपीज हैं जिन्हें आप ट्राई कर सकते हैं-
1. शहतूत स्मूथी बाउल-
यदि आपको बैंगनी रंग पसंद है, तो आपको यह शहतूत स्मूदी बाउल रेसिपी पसंद आएगी. एक ब्लेंडर जार लें और उसमें फ्रोजन शहतूत, फ्रोजन केले, कुछ प्रोटीन पाउडर, ओट्स, शहद और थोड़ा सा दूध डालें. एक गाढ़ी स्मूथी में ब्लेंड करें और इसे स्मूथी बाउल में डालें. शहतूत और केले से गार्निश कर इंजॉय करें.
2. शहतूत लाइम कूलर-
अगर आप पूरी गर्मियों में नींबू पानी पीने से ऊब गए हैं, तो इसमें शहतूत के साथ फ्रूटी पंच मिलाएं. बस शहतूत को एक ब्लेंडर में पिंक सॉल्ट और कुछ मेपल सिरप के साथ मिलाएं. लिक्विड को छान लें. पानी, नींबू का रस, पुदीने की पत्तियां और बर्फ डालें.
3. शहतूत और सेब की चटनी-
यहां एक मीठी और मसालेदार चटनी रेसिपी है, जो फलों का उपयोग करके तैयार की गई है. इस चटनी को बनाने के लिए सबसे पहले एक पैन में जैतून का तेल गर्म करें और उसमें प्याज को हल्का गोल्डन होने तक भून लें. सेब और कारमेलाइज़ सेब को हल्का ब्राउन करें. शहतूत, शहद, सेब साइडर सिरका, कसा हुआ अदरक, नमक और कुछ चिली फ्लेक्स सेब के सॉफ्ट होने तक पकाएं. इसे ठंडा होने दें और एक एयरटाइट कंटेनर में स्टोर करके रखें. रेफ्रिजरेट करें और अपने मील के साथ इंजॉट करें.
4. शहतूत तुलसी मार्गरीटा-
यह समर कॉकटेल को और अधिक फ्रेश बनाता है. जबकि बहुत से लोग गर्मियों के कॉकटेल में आम का उपयोग करते हैं और शहतूत अभी भी उतना पॉपुलर नहीं है. खैर, हम आपको बता दें कि कॉकटेल में इन बेरीज का फ्लेवर लाजवाब होता है. शहतूत, चीनी और तुलसी को मडलर की सहायता से मसल लें. फिर नींबू का रस, टकीला और क्लब सोडा मिलाएं. बर्फ के टुकड़े डालें और सर्व करें!
5. शहतूत पाई-
एप्पल पाई को भूल जाइए, गर्मियों का मौसम मीठे शहतूत पाई का आनंद लेने का है. एक मिक्सिंग बाउल में चीनी, आटा, बेकिंग पाउडर और नमक डालें और अच्छी तरह मिलाएं. दूध और मेल्ट हुआ बटर डालें और स्मूद होने तक फेंटें. बैटर को चिकने फ़्लान टिन में डालें. बैटर के ऊपर शहतूत को धीरे से डालें, उन्हें साइड से दूर रखें. ऊपर से चीनी छिड़कें. पाई को पहले से गरम ओवन में रखें और गोल्डन होने तक लगभग 25 मिनट तक बेक करें.

उखीमठ/रूद्रप्रयाग/शौर्यपथ /उत्तराखंड की विश्‍व प्रसिद्ध चारधाम यात्रा 10 मई से शुरू होने वाली है, जिसमें सबसे पहले अक्षय तृतीया पर केदारनाथ धाम  के कपाट श्रद्धालुओं के लिए खोल दिए जाएंगे. इस प्रक्रिया की शुरुआत रविवार को उखीमठ के ओंकारेश्‍वर मंदिर में भैरवनाथ की पूजा से की गई.
रविवार की शाम श्री पंचकेदार शीतकालीन गद्दी स्थल उखीमठ के ओंकारेश्‍वर मंदिर में भैरवनाथ की पूजा शुरू हो गई, जो देर रात तक चलेगी. श्री बदरीनाथ-केदारनाथ मंदिर समिति ने भैरवनाथ पूजा और पंचमुखी डोली यात्रा की तैयारियां पूरी कर ली हैं. सोमवार को पंचमुखी डोली केदारनाथ धाम के लिए प्रस्थान कर उसके प्रथम पड़ाव गुप्तकाशी पहुंचेगी.
सोमवार सुबह भगवान श्री केदारनाथ की चल विग्रह पंचमुखी मूर्ति लेकर डोली पंचकेदार गद्दी उखीमठ से गुप्तकाशी के विश्‍वनाथ मंदिर पहुंचेगी और यहां रात्रि प्रवास करेगी. 7 मई को पंचमुखी डोली गुप्तकाशी के विश्‍वनाथ मंदिर से चलकर फाटा में प्रवास करेगी. 8 मई को गौरीकुंड और 9 मई को गौरा माता मंदिर गौरीकुंड से चलकर शाम को श्री केदारनाथ धाम पहुंचेगी. शुक्रवार 10 मई को सुबह सात बजे श्री केदारनाथ धाम के कपाट दर्शनार्थियों के दर्शन के लिए खुल जाएंगे.
भैरवनाथ की पूजा के समय श्री बदरीनाथ-केदारनाथ मंदिर समिति के सदस्य श्रीनिवास पोस्ती, कार्याधिकारी आर.सी. तिवारी, पुजारी शिवशंकर लिंग, बागेश लिंग, टी. गंगाधर लिंग, वरिष्ठ प्रशासनिक अधिकारी डी.एस. पुष्पवान, यदुवीर पुष्पवान, रमेश नेगी, डोली प्रभारी प्रदीप सेमवाल, देवानंद गैरोला, कुलदीप धर्म्वाण, विदेश शैव आदि मौजूद रहे.

व्रत त्यौहार /शौर्यपथ /भगवान शिव अपने भक्तों पर कृपा दृष्टि बनाए रखते हैं. मान्यता है कि शिव पूजा करने से ही हर पाप मिट जाते हैं. किसी चीज का भय नहीं रहता है. शिवभक्तों लिए मासिक शिवरात्रि का काफी महत्व है. हर माह की कृष्ण पक्ष की चतुर्दशी पर मासिक शिवरात्रि होती है. इस दिन भक्त व्रत रखते हैं और आपने आराध्य शिव की आराधना करते हैं. कहा गया है कि मासिक शिवरात्रि पर शिव रुद्राष्टकम स्तोत्र का पाठ करना अत्यंत शुभ फलदायी है. इससे शुभ परिणाम प्राप्त होते हैं और हर कष्ट मिट जाते हैं. जानिए मासिक शिवरात्रि का शुभ मुहूर्त और शिव रुद्राष्टकम स्तोत्र का महत्व.
मासिक शिवरात्रि कब है |
पंचांग के अनुसार, वैशाख माह में कृष्ण पक्ष की चतुर्दशी तिथि 6 मई दोपहर 2.40 बजे से शुरू हो रही है. इसका समापन 7 मई की सुबह 11.40 बजे होगा. इस बार मासिक शिवरात्रि सोमवार के दिन है. इस व्रत में भगवान भोलेनाथ की पूजा रात्रि में की जाती है. आज मासिक शिवरात्रि की पूजा का योग रात में 11.56 बजे से लेकर रात्रि 12.39 बजे तक है. इस पूजा के दौरान शिव रुद्राष्टकम स्तोत्र का पाठ करने से भगवान शिव  प्रसन्न होकर हर सुख प्रदान करते हैं.
शिव रुद्राष्टकम स्तोत्र का महत्व
शास्त्रों में शिव रुद्राष्टकम स्तोत्र का महत्व बताया गया है. यह भगवान शिव के रूप और शक्तियों पर बना है. भगवान श्रीराम ने रावण पर विजय प्राप्त करने के लिए शिव रूद्राष्टकम स्तोत्र का पाठ किया था. मान्यता है कि इसका पाठ करने से ही बड़े से बड़ा शत्रु भी पराजित हो जाता है.
शिव रुद्राष्टकम का पाठ करने का नियम
शास्त्रों में बताया गया है कि शिव रुद्राष्टकम स्तोत्र  का नियमित पाठ करने से हर संकट दूर हो जाते हैं. मान्यता है कि इस स्तोत्र से भगवान शिव की विशेष कृपा प्राप्त होती है. इस जाप से जीवन आनंदमय बना रहता है. इसके साथ ही मनोबल और सौभाग्य भी बढ़ता है. शिव रुद्राष्टकम का पाठ करने के भी कुछ नियम हैं. इसे शिव मंदिर या घर में भगवान शिव की प्रतिमा, शिवलिंग के सामने बैठकर ही करना चाहिए. ज्योतिष के मुताबिक, लगातार 7 दिनों तक सुबह-शाम इस स्तोत्र का पाठ करने से फल प्राप्त होता है.

ब्यूटी टिप्स /शौर्यपथ / छोटे-छोटे सलेटी रंग के दिखने वाले चिया सीड्स पोषक तत्वों का पावरहाउस होते हैं. इन बीजों में एंटी-ऑक्सीडेंट्स, ओमेगा-3 फैटी एसिड्स, प्रोटीन, कैल्शियम और मैंग्नीज आदि पाए जाते हैं. इन बीजों के फायदे सेहत को ही नहीं बल्कि त्वचा को भी मिलते हैं. चेहरे पर सही तरह से चिया सीड्स का इस्तेमाल किया जाए तो ना सिर्फ त्वचा बेदाग और निखरी हुई बनती है बल्कि स्किन को एंटी-एजिंग गुण भी मिलते हैं. चिया सीड्स स्किन को एक्सफोलिएट करते हैं, मॉइश्चराइज करते हैं और हेल्दी ग्लो देते हैं सो अलग. यहां जानिए झुर्रियां कम करने और जवां त्वचा पाने के लिए किस तरह चिया सीड्स के फेस पैक्स बनाकर चेहरे पर लगाए जा सकते हैं.
एंटी-एजिंग गुणों वाले चिया सीड्स के फेस पैक्स |
चिया सीड्स और शहद - इस फेस पैक को बनाने के लिए चिया सीड्स, शहद और दही की जरूरत होगी. सबसे पहले चिया सीड्स को पानी में मिक्स करें, जब ये सीड्स फूल जाएं तो अलग कटोरी में रख लें. इन बीजों में शहद और थोड़ा सा दही डालकर पेस्ट तैयार करें. इस पेस्ट को चेहरे पर 15 से 20 मिनट लगाकर रखें और फिर चेहरा धोकर साफ कर लें. स्किन निखर जाती है.
चिया सीड्स और नारियल तेल - चेहरे पर चिया सीड्स और नारियल का तेल मिक्स करके लगाया जा सकता है. इसके लिए दोनों चीजों को मिलाकर गाढ़ा पेस्ट बनाएं. अब चेहरे पर लगाकर 20 मिनट रखें और धोकर हटा लें. इस मिश्रण को फेस स्क्रब की तरह भी लगाया जा सकता है. स्क्रब करने के लिए पहले चेहरे को पानी से गीला करें और फिर इस पेस्ट को चेहरे पर सर्कुलेशन मोशन में घुमाते हुए 2 मिनट मलें और धोकर हटा लें. डेड स्किन सेल्स हटने लगती हैं.
चिया सीड्स और एलोवेरा - इस फेस पैक से स्किन को चिया सीड्स के साथ-साथ एलोवेरा के एंटी-इंफ्लेमेटरी और हाइड्रेटिंग गुण भी मिलते हैं. एक चम्मच भीगे हुए चिया सीड्स में एक चम्मच ही एलोवेरा जैल मिला लें. इसमें एक विटामिन ई कैप्सूल भी डालें. इस फेस पैक को चेहरे पर 20 मिनट लगाकर रखने के बाद धोकर हटा लें. चेहरे से झुर्रियां और फाइन लाइंस कम होने में असर दिखता है.
चिया सीड्स को चेहरे पर लगाने के अलावा इसका डिटॉक्स वॉटर बनाकर भी पिया जा सकता है. इससे शरीर को अंदरूनी रूप से फायदे मिलते हैं और एंटी-एजिंग गुण त्वचा पर दिखने लगते हैं. चिया सीड्स को एक गिलास पानी में मिलाकर पीने पर शरीर से टॉक्सिंस निकलते हैं. इसका असर त्वचा पर भी दिखता है और स्किन बेदाग और जवां बनी रहती है.

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