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May 31, 2026
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सेहत / शौर्यपथ /क्‍या आप देर तक मोबाइल पर सोशल मीडिया स्‍क्रॉल करती रहती हैं? आप हां कहें या न, हम जानते हैं कि इस समय 90 फीसदी से ज्‍यादा लोग यही करते रहते हैं। बदले हुए लाइफस्‍टाइल ने लोगों को इतना नहीं बदला था, जितना कोविड-19 ने बदल दिया। अब लोग रात देर तक जागते हैं और सुबह देर तक सोते हैं। पर मम्‍मी से मुझे हमेशा इस बात पर डांट पड़ी है।
मैं अकसर ऐसी रिसर्च ढूंढती रहती हूं, जिनमें यह साबित हो सके कि रात देर तक जागना भी फायदेमंद होता है और सुबह देर से उठने वाले लोग ज्‍यादा इंटेलीजेंट और स्‍मार्ट होते हैं। दुर्भाग्‍यवश मुझे अब तक ऐसी कोई रिसर्च नहीं मिल पाई है। अगर आपको मिले तो प्‍लीज मुझे जरूर बताइएगा।
वर्क फ्रॉम होम का हैक्टिक वीक बिताने के बाद मैं सोच ही रही थी कि आज देर तक सोती रहूंगी। पर मम्‍मी की वही पुरानी आदत – कि सुबह जल्‍दी उठो, सुबह जल्‍दी उठने से माइंड फ्रेश रहता है, गार्डन में जाओ, थोड़ा हरे पेड़-पौधों को निहारो, योग और व्‍यायाम करो।
ओह् भगवान! मम्‍मा को कौन समझाए। तो इस बार मैंने सोचा कि मैं कुछ ऐसा ढूंढती हूं जिससे पता चल सके कि वीकेंड पर देर तक सोने के कितने फायदे होते हैं। और ढूंढते-ढूंढते मुझे फि‍नलैंड यूनिवर्सिटी की यह रिसर्च मिली। यह रिसर्च तो बिल्‍कुल मम्‍मी की हां में हां मिलाने वाली थी। जिसने डाटा के साथ बताया कि सुबह जल्‍दी उठकर हम अपनी सेहत के लिए कितने मददगार हो सकते हैं। सबसे बड़ी बात कि इससे वेट लॉस में भी मदद मिलती है।
सुबह जल्‍दी उठना होता है फायदेमंद
फिनलैंड स्थित आउलू यूनिवर्सिटी के हालिया अध्ययन में बिल्‍कुल मेरी मम्‍मी वाली नसीहत दी गई है। इसके शोधकर्ताओं के मुताबिक सूरज की पहली किरण के साथ बिस्तर छोड़ देने वाले लोग दिन भर ज्यादा तरोताजा और तनावमुक्त महसूस करते हैं। इससे वे शारीरिक रूप से अधिक सक्रिय तो रह ही पाते हैं, साथ ही उनमें स्ट्रेस हार्मोन कॉर्टिसोल का उत्पादन भी घटता है।
ब्‍लड शुगर और कोलेस्‍ट्रॉल रहता है कंट्रोल
दोनों ही चीजें वजन के साथ ब्लड शुगर और कोलेस्ट्रॉल का स्तर नियंत्रित रखने के लिए अहम मानी जाती हैं। सुबह जल्दी उठने वाले लोगों को काम में मन लगाने में भी आसानी होती है। इससे उनकी उत्पादकता बढ़ती है और प्रमोशन व वेतनवृद्धि की गुंजाइश बढ़ जाती है।
पॉल हिग्स के नेतृत्व में हुए इस अध्ययन में शोधकर्ताओं ने सुबह जल्दी और देरी से उठने वाले लोगों की शारीरिक गतिविधियां आंकी। इस दौरान जल्दी बिस्तर छोड़ने वाले प्रतिभागी ज्यादा सक्रिय नजर आए। पुरुषों की सेहत पर इसका आधे घंटे की चहलकदमी जितना फायदा दिखा।
वर्कआउट जितना फायदा देता है सुबह जल्‍दी उठना
महिलाओं को 20 मिनट की कसरत जितना फायदा मिला। उधर, देर से जगने वालों में आलस्य का भाव ज्यादा दिखा। इस कारण उनमें मोटापे, टाइप-2 डायबिटीज का खतरा भी अधिक दर्ज किया गया।
इस अध्ययन के नतीजे तो ‘स्कैंडिनेवियन जर्नल ऑफ मेडिसिन एंड साइंस इन स्पोर्ट्स’ के हालिया अंक में प्रकाशित किए गए हैं। पर आपने क्‍या सोचा गर्ल्‍स!

सेहत / शौर्यपथ / वर्क फ्रॉम होम हो या फिर वर्क फ्रॉम ऑफिस, दोनों में थकावट हो जाती है। खासतौर पर डेस्क जॉब में आपके दिमाग और आंखो पर सबसे ज्यादा असर पड़ता है। वहीं, लैपटॉप और मोबाइल पर समस्या और भी बढ़ जाती है। आपको अगर थकावट के साथ हमेशा शरीर में दर्द की शिकायत रहती है, तो आप शवासन करना शुरू कर दें।
कैसे करें शवासन
शवासन में बस लेटना होता है।सबसे पहले घर का वह कोना तलाशें जहां शांति हो।
अब वहां एक आसन या चटाई बिछा लें और पीठ के बल लेट जाएं।
दोनों हाथों को शरीर से कम से कम 5 इंच की दूरी पर करें।
दोनों पैरों के बीच में भी कम से कम 1 फुट की दूरी रखें।
हथेलियों को आसमान की तरफ रखें और हाथों को ढ़ीला छोड़ दें।
शरीर को ढीला छोड़ दें।
आंखों को बंद कर लें। अब हल्की-हल्की सांस लें।
पूरा ध्यान अब अपनी सांसों पर केंद्रित करें।
शवासन के लाभ
जैसा कि शुरुआत में ही बताया गया यह आसन तनाव को दूर करता है।
उच्च रक्तचाप, मधुमेह, मनोविकार, दिल की बीमारी वगैरह में भी इस योगासन से लाभ होता है।
इस योगासन से शरीर की थकान भी दूर होती है और मन को शांति मिलती है।
शवासन करने से याददाश्त, एकाग्रशक्ति भी बढ़ती है।.
इसके साथ ही सबसे जरूरी है कि आप मोबाइल, टीवी आदि गैजेट्स का इस्तेमाल अपनी जरूरत तक ही सीमित रखें, मतलब की अपना टाइम पास करने के लिए कभी गैजेट का इस्तेमाल न करें। इससे हमारा दिमाग कमजोर होता जाता है क्योंकि हम हर बात के लिए गैजेट का इस्तेमाल करते रहते हैं।

खाना खजाना / शौर्यपथ / अंडा नें कम मात्रा में कैलोरी पाई जाती है साथ ही इसे खाने से काफी समय तक पेट भरा रहता है। अंडे में प्रोटीन, आयरन से भरपूर होता है। वेट लॉस डाइट में अंडा खाने का मतलब है आप बिना अपने शरीर को कमजोर किए वजन भी घटा रहे है और आपके शरीर को जरूरी न्यूट्रिएंट भी मिल रहे हैं।
अंडे के पोषक तत्व
अंडे में प्रोटीन की मात्रा सबसे ज्यादा होती है। कैल्शियम, फॉस्फोरस, विटामिन्स, प्रोटीन आदि कई पोषक तत्वों से भरपूर अंडा सेहत के लिए है बहुत उपयोगी है। खासतौर पर अंडे का जो सफेद भाग होता है उसमें 90% पानी और 10% प्रोटीन पाया जाता है। अंडे में जो सबसे पोषक तत्व ज़्यादा मात्रा में होता है उसे जर्दा कहते हैं।
स्क्रैम्बल्ड एग
स्क्रैम्बल्ड एग बनाने में बहुत आसान है ये वजन घटाने के साथ आपको हेल्दी भी रखता है। साथ ही इस आप फ्रूट्स, कच्ची सब्जियां किसी के साथ भी खा सकते हैं।
ऑमलेट
ऑमलेट अंडे की सबसे आम रेसिपी है। इसे आप अपने हिसाब से बना सकते हैं। ऑमलेट को ज्यादा पौष्टिक बनाने के लिए आप पनीर और सब्जियां भी डाल सकते हैं।
एग बिद बीन्स
बीन्स प्रोटीन का एक अच्छा स्त्रोत है। इसे आप अंडे के साथ बना सकते हैं। इसे साथ में बनाएं और खाएं। इसे खाने से काफी समय तक भूख नहीं लगती।
अंकुरित सलाद के साथ एग
अंकुरित सलाद के साथ एग आपकी सेहत का भी ख्याल रखता है और साथ ही आपको वजन घटाने में भी मदद करता है। यह खाने में टेस्टी और कैलोरी फ्री भी होता है।

लाइफस्टाइल / शौर्यपथ / आचार्य चाणक्य एक शिक्षक होने के साथ ही कुशल अर्थशास्त्री भी थे। चाणक्य ने नीति शास्त्र में जीवन से जुड़ी तमाम बातों का जिक्र किया है। जिसमें सफलता से लेकर स्वभाव और धनवान बनने के बारे में बताया है। कई बार व्यक्ति को कड़ी मेहनत के बाद भी उसके मनचाही सफलता नहीं मिलती है। चाणक्य ने नीति शास्त्र में कहा कि सफलता हासिल करने के लिए हर व्यक्ति को कुछ बातों का ध्यान रखना चाहिए।
सम्मान लेने से पहले देने की आदत-
चाणक्य कहते हैं कि हर व्यक्ति मान-सम्मान चाहता है। व्यक्ति समाज में मान-प्रतिष्ठा हासिल करने के लिए कई जतन करता है। लेकिन समाज में आदर मिले यह जरूरी नहीं है। चाणक्य कहते हैं कि सम्मान लेने से पहले सम्मान देने की आदत डालनी चाहिए। नीति शास्त्र में चाणक्य कहते हैं कि सम्मान मांगने से नहीं मिलता है। हर व्यक्ति को दूसरों को सम्मान की निगाह से देखना चाहिए।
स्वार्थ के लिए न बदलें स्वभाव-
चाणक्य कहते हैं कि लाभ या स्वार्थ के लिए व्यक्ति को कभी अपना स्वभाव नहीं बदलना चाहिए। हर व्यक्ति को समान बर्ताव और आचरण करना चाहिए। लाभ के लिए अनुशासन को नहीं भूलना चाहिए। जो व्यक्ति लाभ के लिए ऐसा करते हैं उन्हें समाज में अपमान झेलना पड़ता है। चाणक्य कहते हैं कि जो कार्य मानव हित में हो वहीं व्यक्ति को करने चाहिए।
हमेशा आचरण अच्छा रखें-
चाणक्य नीति कहती है कि व्यक्ति को दूसरों के साथ व्यवहार को लेकर काफी सजक और सर्तक रहना चाहिए। व्यक्ति का दूसरों के साथ कैसा बर्ताव है, इस बात पर भी सफलता निर्भर करती है। चाणक्य कहते हैं कि व्यक्ति को सदैव विनम्र स्वभाव का होना चाहिए। जिस व्यक्ति के स्वभाव में यह गुण होता है वह जल्द सफलता हासिल करता है।
ये 4 बातें ही तय करती हैं कि आपको सफलता मिलेगी या नहीं?
आचार्य चाणक्य ने नीति शास्त्र में जीवन जीने के तरीके से लेकर सफलता तक के बारे में कई बातें बताई हैं। इन बातों को अपनाकर आगे बढ़ने वाले व्यक्ति जीवन में सफलता की सीढ़ियां चढ़ते जाते हैं। आचार्य चाणक्य ने नीति शास्त्र में सफलता को हासिल करने के लिए भी कुछ बातों का जिक्र नीति शास्त्र में किया है। अगर आप भी चाणक्य नीति को अपनाकर करना चाहते हैं सफलता हासिल, तो जानिए कौन-सी हैं वो बातें-
1. आचार्य चाणक्य कहते हैं व्यक्ति का अनुशासित होना बहुत जरूरी है। जो व्यक्ति अनुशासन में रहता है, वह सफलता जल्दी हासिल करता है। बिना अनुशासन कामयाबी को हासिल करना बेहद मुश्किल होता है।
2. चाणक्य कहते हैं कि डर को कभी भी खुद पर हावी नहीं होने देना चाहिए। जो व्यक्ति जीवन में चुनौतियों से घबराता है, उसे सफलता हासिल करने में समय लगता है। चाणक्य कहते हैं कि वही व्यक्ति सफल होता है जो जोखिम भरे निर्णय के लिए तैयार रहता है।
3. नीति शास्त्र के अनुसार, किसी भी कार्य को शुरू करने से पहले खुद से तीन सवाल जरूर पूछने चाहिए। मैं इसे क्यों कर रहा हूं, क्या इस कार्य को पूरा कर पाऊंगा और इसका परिणाम क्या होगा। इन तीनों सवालों के संतोषजनक जवाब मिलने के बाद ही कार्य की शुरूआत करनी चाहिए।

4. किसी भी कार्य को करने से पहले उसकी प्लानिंग करना जरूरी होता है। चाणक्य कहते हैं कि ऐसे कार्य में आने वाली मुश्किलों का हम आसानी से सामना कर पाते हैं और जल्द सफलता हासिल करते हैं।

 

धर्म संसार / शौर्यपथ / हममें से बहुत से लोग क‍िसी ना क‍िसी तरह के कर्ज में दबे रहते हैं। उनके जीवन में कर्ज की समस्‍या एक बड़ी बाधा के रूप में स्‍थ‍िर हो जाती है। ज्‍यो‍ति‍षीय दृष्‍ट‍ि से कर्ज क‍िसी से व्‍यक्‍ति‍गत रूप से लि‍या गया हो या बैंक से, व्‍यक्‍त‍ि की कुंडली में छठे भाव और मंगल के पीड‍ि़त होने पर ही अध‍िक परेशानी पैदा होती है। जि‍न लोगों की कुंडली में छठे भाव में पाप ग्रहयोग बने होते हैं या मंगल बहुत ही पीड़ि‍त होता है तो ऐसे लोग जीवन में अध‍िकांश समय कर्ज की समस्‍या से घ‍िरे रहते हैं। ज्‍योति‍ष में कर्ज से मुक्‍ति‍ के लि‍ए अनेक उपाय सुझाए गए हैं। इन्‍हें करने से सकारात्‍मक पर‍िणाम म‍िलते हैं।

यह उपाय करि‍ए
- प्रत‍िद‍िन ऋणमोचन मंगल स्‍तोत्र का पाठ कर‍िए।
-घर के पूजा स्‍थल में मंगल यंत्र की स्‍थापना करें और मंगल मंत्र की तीन माला रोज जाप करें। मंत्र है ऊं क्राम क्रीम क्रोम स: भौमाय नम:।

-प्रत्‍येक मंगलवार गाय को गुड़ अवश्‍य ख‍िलाएं।
-हर मंगलवार को हनुमान जी को चोला अवश्‍य चढ़ाएं।

शौर्यपथ / सनातन धर्म में शगुन और अपशगुन मानते हैं। मान्यता है कि अगर कोई शुभ कार्य के लिए घर से निकले और बिल्ली रास्ता काट दे या कोई छींक दे तो यह अपशगुन होता है। हालांकि अभी तक इन बातों का वैज्ञानिक तर्क नहीं है, लेकिन कई शगुन और अपशगुन को लेकर कई मान्यताएं प्रचलित हैं। कुछ शुभ संकेत और अपशगुन कौए से भी जुड़े हुए हैं। पिृतपक्ष में दौरान कौए को ग्रास दिया जाता है। मान्यता है कि कौए पितर का रूप होते हैं। जानिए कौए से जुड़े कुछ शुभ और अशुभ संकेतों के बारे में-
अगर सुबह-सुबह घर के बाहर कौआ बोलता हुआ दिखे तो इसे शुभ संकेत माना जाता है। माना जाता है कि कोई मेहमान घर आने वाला है। यह धन लाभ और मान-सम्मान में वृद्धि का भी संकेत माना जाता है।
माना जाता है कि अगर कौआ किसी महिला पर बैठ जाता है तो उसके पति के जीवन में मुश्किलें आने वाली हैं। इसके अलावा कौए को तेज आवाज में सुनना और पंख फड़फड़ाते हुए देखना भी अपशगुन माना जाता है।
अगर रास्ते में कौआ आपको पानी पीता हुआ दिखाई दे तो यह धन लाभ का संकेत माना जाता है। कहते हैं कि कौए को पानी पीते हुए देखना सफलता का भी संकेत माना गया है।
अगर कौआ चोंच में रोटी का टुकड़ा दबाए हुए नजर आता है तो यह धन लाभ का संकेत माना जाता है।
मान्यता है कि अगर पीछे की ओर से कौए की आवाज सुनाई देती है, तो परेशानियां जल्द खत्म होने वाली हैं। कौए का भूमि पर चोंच मारते हुए देखना भी शुभ संकेत माना गया है। कहते हैं कि यह धन लाभ का संकेत होता है।
घर की अचानक कौए का झुंड आकर तेज आवाज में बोलने लगे तो यह अपशगुन माना जाता है। घर की छत पर कई कौए बैठ जाएं तो यह संकट का संकेत है।

जांजगीर-चांपा / शौर्यपथ / गोधन न्याय योजना के तहत गोबर विक्रेताओं के द्वारा बेचे गए गोबर का लेखा जोखा रखने के लिए एप तैयार किया गया है, जिसके माध्यम पंजीकृत हितग्राही अपने सभी विवरण इसमें देख सकेंगे। जिले में एप के माध्यम से गोबर की खरीदी 6 सितम्बर से की जाएगी। इस संबंध में नोडल अधिकारियों को एप से संबंधित जानकारी को लेकर प्रशिक्षण भी दिया जा चुका है।
मुख्य कार्यपालन अधिकारी तीर्थराज अग्रवाल ने बताया कि गोबर खरीदी के लिए शासन के द्वारा चिप्स के माध्यम से एप तैयार कराया गया है। जिले में कलेक्टर यशवंत कुमार के मार्ग निर्देशन में गोधन न्याय योजना का सफल क्रियान्वयन किया जा रहा है। जिपं सीईओ ने बताया कि अब एप के माध्यम से गोधन न्याय योजना का संचालन किया जाएगा।
उन्होंने बताया कि जिस तरह से धान खरीदी में किसानों का पंजीयन किया जाता है, उसी तरह गोधन न्याय योजना में गोबर विक्रेताओं का पंजीयन कृषि साख सहकारी समिति (पैक्स) द्वारा किया जाना है। ऐसा करना इसलिए आवश्यक है क्योंकि गोबर खरीदी के समय विक्रेताओं की जानकारी भरने की आवश्यकता न रहे। केवल क्रय किए गए गोबर की मात्रा ही भरना पड़े। उन्होंने बताया कि जिन हितग्राहियों ने गोबर विक्रय किया हैं उनकी जानकारी एनआईसी में एकत्रित हो गई है। उनका पंजीयन दुबारा करना आवश्यक नहीं होगा। सिर्फ जिन्होंने अब तक गोबर नहीं बेचा है उनका ही पंजीयन पैक्स के माध्यम से कराये जाने कहा है। उन्होंने गोठान नोडल अधिकारियों को अभियान चलाकर शेष सभी गोबर विक्रेताओं का पंजीयन कराने कहा है।
एप के संबंध में सभी नोडल अधिकारियों को प्रशिक्षण दिया जा चुका है। इसके बाद भी अगर कहीं पर भी कोई कठिनाई आती है तो जिला स्तरीय अधिकारी या फिर चिप्स के हेल्पलाइन नंबर पर कॉल करके समस्या का समाधान कर सकते हैं। उन्होंने कहा कि आगामी 6 सितम्बर से गोबर की खरीदी चिप्स एप के माध्यम से की जाएगी। इस एप की सहायता से पंजीकृत हितग्राही अपने पंजीयन की जानकारी जैसे व्यक्तिगत विवरण, बैंक विवरण एवं संबंधित गोठान का नाम देख पाएंगे। इसमें हितग्राही द्वारा बेचे गए गोबर की तिथिवार जानकारी एवं विक्रय से प्राप्त राशि की जानकारी आसानी से देख सकेंगे।
प्रत्येक गोठान के लिए नोडल
जिपं सीईओ अग्रवाल ने बताया कि जिले की 234 गोठान में नोडल अधिकारी नियुक्ति किए गए हैं। जो शासन की महत्वकांक्षी योजना एनजीजीबी के तहत बनाए गए गोठान में सतत गतिविधियों एवं गोधन न्याय योजना का क्रियान्वयन, निरीक्षण करेंगे।

दुर्ग / शौर्यपथ / संयुक्त किसान मोर्चा के उपाध्यक्ष दीनदयाल साहू ने दसवी एव बारहवीं कक्षा के परीक्षा परिणाम के संबंध में एक विज्ञप्ति के माध्यम से कहा है कि दसवीं एवं बारहवी की उत्तर पुस्तिका में रोल नंबर लिखने के साथ ही पहली बार परीक्षाथियेां के नाम लिखना व उनका फेल होना या पूरक आना अनेकों संदेह को जन्म देता है क्येांकि उक्त छात्र-छात्राओं के पुर्नमूल्यांकन के समय उनका नंबर का बढना या पास होना यह साधारण घटना नही है। यह ऐसा प्रतीत होता है कि माध्यमिक शिक्षा मंडल के जांच में लगे शिक्षक क्षेत्रवाद, जातिवाद से ग्रसित होकर उत्तर पुस्तिका के नामों और सर्नेम को देखकर नंबर दिया जाता है या छात्रों को फेल-पास किया जाता है। जिससे माध्यमिक शिक्षा मंडल की विश्सनीयता पर सवालिया निशान लग रहा है।
ज्ञात हो कि पुर्नमूल्यांकन में नंबर बढाकर माध्यमिक शिक्षा मंडल द्वारा उत्तर पुस्तिका में रोल नंबर के साथ नाम और सर्नेम अतिरिक्त पहचान का उल्लेख क्यों करवाया गया है? उसका जवाब देना चाहिए। क्योंकि आज तक ऐसा नही हुआ है, और छात्र-छात्राओं के द्वारा मांग किये जाने पर उत्तर पुस्तिका का फोटो कापी भी अभी तक नही दिया गया है।
ज्ञातव्य हो कि 64 हजार छात्र-छात्राओं का सप्लीमेंटरी आना छग सरकार के शिक्षा नीति और पढाई के स्तर के लिए सोचनीय विषय है। श्री साहू ने आगे बताया कि लगभग 24 हजार छात्र-छात्राओं द्वारा अपने रिजल्ट से संतुष्ट नही होना और पुर्नगणना, पुर्नमूल्यांकन, एवं उत्तर पुस्तिका को देखने की मांग किया जाना रूटिन वर्क कहना बेईमानी होगा। श्री साहू ने आगे कहा कि परीक्षा के दौरान उत्तर पुस्तिका में छात्र-छात्राओं के रेाल नंबर के साथ उसके नाम का उल्लेख करवाया जाना और उसके सर्नेम को लिखवाया जाना किसी षडयंत्र के तहत अनुतीर्ण करने एवं प्रतिभावान छात्रों को निराश किये जाने का कही घृषित सरकारी चाल तो नही है, क्योंकि छात्र-छात्राओं के पुर्नमुल्यांकन में 20 नंबर से 50 नंबर तक बढे हैं, और इस संबंध में कुछ कॉपी जांचने वाले शिक्षकों पर छोटी-मोटी कार्यवाही करने का संकेत मिला है, छग माध्यमिक शिक्षा मंडल के के तहत आने वाले स्कूलों में गरीब और साधारण तबके के लोगों के बच्चे पढते हैं और पैसे वालों के बच्चे सीबीएसई और केन्द्रीय विद्यालयों के अंग्रेजी माध्यम स्कूल में पढते हैं। इस बात को मद्दे नजर रखते हुए गरीब बच्चों के मां बाप बहुत मुश्किल से पेट काटकर अपने बच्चे एवं उनके भविष्य को संवारने सरकारी स्कूल में पढाते हैं, प्रतिभावान छात्रों को हतोत्साहित करना यह समझ से परे हैं और इनके परीक्षा परिणाम के कारण कई छात्र-छात्राएं आत्महत्या तक कर लेते हैं या मनोरोग के शिकार हो जाते हैं। उसकी जिम्मेदारी कौन लेगा। यह भी माध्यमिक शिक्षा मंडल को तय करना चाहिए।
साहू ने आगे कहा कि प्रभावित छात्रों के परिणाम में यह देखना चाहिए कि कहीं ये सरस्वती शिशु मंदिर के या आर्य समाज के स्कूल के अथवा वर्ग विशेष या गैर छत्तीसगढिय़ा छात्र-छात्राएं तो नही है? इन बच्चों के भविष्य के साथ खिलवाड़ करने वालों पर हमारी मांग है कि तत्काल कार्यवाही की जाये और इसकी उच्च स्तरीय जांच की जाए।

भिलाई / शौर्यपथ / सेल-भिलाई इस्पात संयंत्र के ब्लास्ट फर्नेस एवं उससे जुड़े विभाग ब्लास्ट फर्नेस शॉप और ब्लास्ट फर्नेस-8 के शानदार प्रयासों से समग्र ब्लास्ट फर्नेसों ने अगस्त, 2020 में टेक्नो-इकोनॉमिक्स पैरामीटर्स के क्षेत्र में नया रिकॉर्ड बनाने में सफल हुआ है।
विदित हो कि संयंत्र का ब्लास्ट फर्नेस-8 महामाया ने नवम्बर, 2019 में 417 किलोग्राम प्रति टन हॉट मेटल के पिछले सर्वश्रेष्ठ निष्पादन से बेहतर करते हुए अगस्त, 2020 में 414 किलोग्राम प्रति टन हॉट मेटल का सर्वश्रेष्ठ मासिक कोक दर प्राप्त किया है। ब्लास्ट फर्नेस-8 ने जून, 2020 में 97 किलोग्राम प्रति टन हॉट मेटल के अधिकतम सीडीआई दर में वृद्धि करते हुए अगस्त, 2020 में 99 किलोग्राम प्रति टन हॉट मेटल के सर्वश्रेष्ठ मासिक कोल डस्ट इंजेक्शन (सीडीआई) दर को भी अर्जित करने में सफलता प्राप्त की है।
संयंत्र के एक मुख्य विभाग के रूप में ब्लास्ट फर्नेसों ने अगस्त, 2020 में 437 किलोग्राम प्रति टन हॉट मेटल का सर्वश्रेष्ठ मासिक कोक दर प्राप्त किया है, जो कि पिछले नवम्बर, 2019 में 442 किलोग्राम प्रति टन हॉट मेटल के अधिकतम कोक दर से बेहतर है। ब्लास्ट फर्नेसों ने जून, 2020 में सर्वाधिक 78 किलोग्राम प्रति टन हॉट मेटल के सीडीआई दर को हासिल किया था, जिसे पार करते हुए अगस्त, 2020 में 85 किलोग्राम प्रति टन हॉट मेटल के सर्वश्रेष्ठ मासिक कोल डस्ट इंजेक्शन (सीडीआई) दर प्राप्त कर नया रिकॉर्ड बनाने में सक्षम हुआ है।

टिप्स ट्रिक्स /शौर्यपथ / लॉक डाउन के दौरान बहुत से लोगों को अपने घरों में ही बंद होकर रहना पड़ रहा है तो कुछ अपनी पुरानी जगह छोड़कर नई जगह बस गए हैं। ऐसे में कुछ लोगों में कई लोगों को मोबाइल नेटवर्क संबंधित समस्या का सामना करना पड़ रहा है, जिसकी वजह से वे न सिर्फ अपने दोस्त और परिजन से कॉल कर बातचीज नहीं कर पा रहे हैं तो कई लोगों के जरूरी काम छूट जा रहे हैं। ऐसी परेशानी से बचने के लिए वह वाई-फाई कॉलिंग फीचर का फायदा उठा सकते हैं।

कुछ समय पहले ही एयरटेल और जियो ने भारत में वाई-फाई कॉलिंग की सुविधा शुरू की थी और जिन फोन में यह फीचर्स पहले से मौजूद था, वे इसका फायदा उठा रहे थे। हालांकि सैमसंग और कुछ मिड रेंज के फोन को छोड़ दें तो यह फीचर गिनती के फोन में दिखाई देता था। लेकिन बीते सप्ताह रियलमी ने अपने सी3 डिवाइस को छोड़कर सभी के लिए वाई-फाई कॉलिंग का फीचर जारी कर दिया है। फोरम्स पोस्ट में रियलमी ने कहा है, 'हमने पहले वायदा किया था कि सभी रियलमी स्मार्टफोन्स में वाई-फाई कॉलिंग फीचर उपलब्ध होगा और अब हमने इसे पूरा कर दिया है। अब सभी रियलमी डिवाइसेज में VoWiFi कॉलिंग फीचर का रोलआउट पूरा हो गया है।' बता दें कि भारतीय मोबाइल बाजार में रियलमी की बजट मार्केट में अच्छी पकड़ है। शाओमी, सैमसंग और रियलमी की बजट सेगमेंट में अच्छा खासा यूजर बेस है।

क्या है वाई-फाई कॉलिंग फीचर
वाई-फाई पर चलने वाली वॉयस और वीडियो कॉलिंग सेवा की मदद से उपयोगकर्ता किसी भी नेटवर्क पर कॉल कर सकते हैं और रिसीव भी कर सकेंगे। इसके लिए फोन में मोबाइल नेटवर्क होने की जरूरत नहीं है। यह काम बिना एक्स्ट्रा चार्ज के मौजूदा मोबाइल नंबर का इस्तेमाल करके किया जा सकता है।

रियलमी फोन्स से ऐसे करें वाई-फाई कॉलिंग
रियलमी फोन्स पर वाई-फाई कॉलिंग करने के लिए सुनिश्चित करें कि आप वाई-फाई नेटवर्क से कनेक्टेड हों। सबसे पहले सेटिंग्स पर जाएं। इसके बाद सिम कार्ड ऐंड सेल्युलर डेटा पर जाएं। यहां सिम कार्ड ऐंड मोबाइल डेटा ऑप्शन को सेलेक्ट करें। सिम पर टैप करें और वाई-फाई कॉलिंग को सेलेक्ट करें। इसके बाद आपको वाई-फाई कॉलिंग प्रेफरेंस पर जाना होगा। यहां आप वाई-फाई कॉलिंग प्रेफर्ड ऑप्शन को सेलेक्ट करें। इसके बाद आप बिना मोबाइल नेटवर्क के भी कॉल कर सकेंगे।

सैमसंग के फोन में ऐसे करें एक्टिवेट
फोन सेटिंग को खोलें
वाई-फाई कॉलिंग ऑप्शन को देखें
वाई-फाई कॉलिंग ऑप्शन को इनेबल करें
देश में कहीं भी वाई-फाई कॉल करने के लिए वाई-फाई नेटवर्क से कनेक्ट करें
आपको वोल्ट और वाई-फाई कॉलिंग दोनों को स्विच ऑन रखना चाहिए
आपको ट्रेडिशनल वॉयस कॉल की तरह प्रक्रिया को अपनाना होगा

एप पर भी दिया गया है तरीका
इसके अलावा भी आपको वाई-फाई कॉलिंग फीचर एक्टिवेट करने में समस्या आ रही है तो माये जियो और एयरटेल की वेबसाइट पर जाकर आप वाई-फाई कॉलिंग फीचर को एक्टिवेट करने का तरीका जान सकते हैं। माय जियो एप में स्क्रीन के बीच में वाई-फाई कॉलिंग का विकल्प दिया होगा, उस पर क्लिक करने के बाद आपको अपनी फोन कंपनी का नाम और मॉडल बताना होगा, उसके बाद स्क्रीन में ही एक्टिवेट करने का तरीका पता चल जाएगा, जिसको फॉलो करके आप वाई-फाई कॉलिंग सेवा का लाभ उठा सकते हैं। इसी तरह से एयरटेल थैंक्स एप में जाकर आप जांच सकते हैं कि आपका फोन वाई-फाई कॉलिंग के योग्य है या नहीं और उसी के साथ आप फोन में फीचर्स को एक्टिवेट करने का तरीका भी जान सकते हैं।

 

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