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रायपुर / शौर्यपथ / राज्य शासन की मंशा के अनुरूप वर्षों से काबिज वन भूमि का मालिकाना हक मिलने से वनवासियों को खुशी है, वहीं अब वे काबिज वन भूमि पर बेदखली के भय से मुक्त होकर कृषि कार्य कर रहे हैं।
कांकेर जिले के अंतागढ़ विकासखंड अंतर्गत ग्राम कोलर के कालीराम को वन भूमि का मालिकाना हक मिलने से उनके जीवन में खुशियों की बहार आ गई है। राज्य शासन द्वारा वन अधिकार पट्टा वितरण करने की योजना की सराहना करते हुए श्री कालीराम कहते हैं कि वर्षों से काबिज 2 एकड़ वन भूमि का वन अधिकार पट्टा मिलने से मेरी चिंता दूर हो गई है और बेदखली का भय भी समाप्त हो गया है। उन्होंने बताया कि शासन द्वारा मनरेगा के तहत मेरी उबड़-खाबड़ जमीन पर समतलीकरण का कार्य होने से जहां मेरी भूमि कृषि योग्य हो गई है। वहीं मेरे द्वारा 2 एकड़ में धान की फसल लगाई गई है। कालीराम अपने खेत में लहलहाती फसलों को देखकर भविष्य में होने वाली आमदनी के बारे में सोच कर काफी खुश हैं। उन्होंने मुख्यमंत्री भूपेश बघेल द्वारा वनवासियों और किसानों के हित में किए जा रहे कार्यों की मुक्त कंठ से प्रशंसा करते हुए धन्यवाद ज्ञापित किया।
रायपुर / शौर्यपथ / रायपुर में आयुर्वेदिक डॉक्टर की पत्नी के साथ बलात्कार का मामला सामने आया है। मामला खम्हारडीह थाना क्षेत्र अंतर्गत अवंति विहार का है जहां आयुर्वेदिक डॉक्टर अपने परिवार सहित 8 साल पूर्व उत्तर प्रदेश से छत्तीसगढ़ की राजधानी रायपुर में निवास करने पहुंचे थे। उत्तर प्रदेश छोडऩे की वजह पति के बिजनेस पार्टनर द्वारा छेड़छाड़ किया जाना था।
घटना की जानकारी देते हुए थाना प्रभारी ममता शर्मा अली ने बताया कि आरोपी बलबीर सिंह व बबलू सैफी अली द्वारा वर्ष 2019 में थाना क्षेत्र अंतर्गत पीडि़ता का बलात्कार किया गया व उसकी अश्लील फोटो खींच ली गई ,आरोपियों द्वारा लगातार अश्लील फोटो वायरल करने की धमकी दी जाती रही। पीडि़ता ने पुलिस को बताया कि आरोपी उसके पति व बच्चों को भी जान से मारने की धमकी दिया करते थे जिसके कारण वह डर के चलते घटना का जि़क्र किसी को नहीं किया। अब लगातार मानसिक प्रताडि़त होने के बाद पीडि़ता ने घटना की जानकारी अपने पति को दी जिसके बाद पीडि़ता ने अपने परिजनों के साथ पहुंच थाना में रिपोर्ट दर्ज करवाया।
थाना प्रभारी शर्मा ने बताया कि आरोपियों के खिलाफ ढ्ढक्कष्ट की धारा 376,506,34 के तहत अपराध पंजीबद्ध किया गया है। आरोपी उत्तरप्रदेश के निवासी है।
रायपुर / शौर्यपथ / वन विभाग को कवर्धा वनमंडल के अंतर्गत भारेमदेव वन्य प्राणी अभ्यारण चिल्फी परिक्षेत्र नंदनी टोला में 29 जुलाई को मृत एक नर बायसन प्रकरण को महज 05 दिनों में सुलझाने में बड़ी कामयाबी मिली है। इसमें ग्राम कुमान और नंदनी गांव के सभी 9 आरोपियों के विरूद्ध अपराध दर्ज कर गिरफ्तार करते हुए जेल भेज दिया गया है।
इस पूरे प्रकरण को सुलझाने में एक ओर जहां वन विभाग के वरिष्ठ अधिकारियों का मागर्दशन रहा तो वहीं दूसरी ओर आरोपियों की पहचान करने में अचानकमार टाईगर रिजर्व के जर्मन शेफर्ड स्निफर डॉग नेरो से भी अहम मद्द मिली। ग्राम कुमान और नंदनी गांव के 9 ग्रामीणों द्वारा वन्यप्राणी बायसन की अवैध शिकार की नीयत से जी.आई. विद्युत तार के करंट का उपयोग कर उक्त घटना को अंजाम दिया गया था। कवर्धा वन मंडल की टीम द्वारा 4 अगस्त को 9 आरोपियों को जी.आई.तार से बिजली का करंट देकर वन्य प्राणी बायसन के अवैध शिकार के अपराध में गिरफ्तार किया गया। इनके विरूद्ध वन्य प्राणी (संरक्षण) अधिनियम तथा भारतीय वन अधिनियम के अंतर्गत अपराध पंजीबद्ध किया गया। वन्य प्राणी गौर या बायसन के अवैध शिकार के प्रकरण में सभी नौ आरोपियों को कवर्धा वन मंडल द्वारा चालान कर न्यायालय के समक्ष प्रस्तुत किया गया, जहां न्यायालय के आदेश के तहत गिरफ्तार किए गए सभी 9 आरोपियों को जेल भेज दिया गया है।
दुर्ग / शौर्यपथ / महापौर धीरज बाकलीवाल की बड़ी माॅ जी द्वारा बड़े पुण्योदय के साथ अपने जीवन को सार्थक करने हेतु सल्लेखना व्रत धारण कर 105 आर्यिक तपोमति माताजी के संघ के सानिध्य में डोंगढ़गड़ में नश्वर शरीर का त्याग किया गया। जिनका अंतिम संस्कार आज 5 अगस्त बुधवार को दुर्ग के शिवनाथ नदी रोड में स्थित नसिया में किया गया।
श्रीमती भगवती देवी के अंतिम संस्कार में स्टेट वेयरहाउसिंग काॅरपोरेशन अध्यक्ष माननीय अरुण वोरा जी, महापौर धीरज बाकलीवाल, एमआईसी मेम्बर अब्दुल गनी, ऋषभ जैन, मनदीप सिंी भाटिया, अनुप चंदानियाॅ, वरिष्ठ पार्षद मनद जैन, पार्षद विजयेन्द्र भारद्वाज, मनीष बघेल, कांग्रेस नेता फत्तेसिंह भाटिया, अलताफ अहमद, राजेश शर्मा, सहित अध्यक्ष श्री दिगंबर जैन पंचायत के पदाधिकारी सैकड़ों की संख्या के अलावा खण्डेलवाल पंचायत के अध्यक्ष एवं पदाधिकारी, और सदस्य एवं परिवार के सदस्य धीसुलाल, मदनलाल बाकलीवाल, सुरजमल, प्रकाशचंद बाकलीवाल, छितरमल महेन्द्र कुमार बाकलीवाल, निर्मलकुमार, सुशील कुमार, राजेन्द्र कुमार बाकलीवाल एवं समस्त बाकलीवाल परिवार अधिक संख्या में उपस्थित थे ।
भिलाई नगर / शौर्यपथ / गोधन न्याय योजना के अंतर्गत निगम क्षेत्र के पंजीकृत 38 पशुपालकों को 89934 रूपए पहला भुगतान किया गया। इस योजना के तहत सबसे अधिक वार्ड-3 यादव मोहल्ला कोसा नगर निवासी मनोज यादव ने गोबर बेचकर 9296 रूपए कमाए। मनोज के पास 23 गाय और भैंस हैं। उन्होंने 20 जुलाई को ही पंजीयन कराया तथा 1 अगस्त तक गोधन न्याय योजना के अंतर्गत शहरी गौठान में 4648 किलोग्राम गोबर बेचा। श्री यादव को दो रूपए की दर से उन्हें बुधवार को समन्वय समिति ने बैंक के माध्यम से 9296 रूपए भुगतान किया गया। इसी प्रकार वार्ड-3 निवासी भरत लाल यादव ने 4032 किलोग्राम गोबर बेचा था। उन्हें 8065 रूपए भुगतान किया गया। योजना के नोडल अधिकारी व उपायुक्त अशोक द्विवेदी ने बताया कि गोधन न्याय योजना के अंतर्गत पशुपालक गोबर बेचने अपना पंजीयन निरंतर करा रहे हैं। इनमें से 38 हितग्राही 20 जुलाई से लगातार शहरी गौठान में गोबर बेच रहे हैं। इस तरह से 20 जुलाई से 1 अगस्त की अवधि में पंजीकृत 38 पशुपालकों से कुल 44,967 किलोग्राम खरीदी गई। जिसका पहला भुगतान बैंक खाते के माध्यम किया गया।
पशुपालक करवा सकते है पंजीयन
गोधन न्याय योजना के अंतर्गत कोई भी पशुपालक जोन कार्यालय से संपर्क कर पंजीयन करवा सकता है। निगम प्रशासन की ओर से चिन्हित स्थल पर ले जाकर गोबर बेच सकता है। जोन-1 अंतर्गत शहरी गौठान कोसा नगर, जोन-4 एसएलआरएम सेंटर में गोबर खरीदी की व्यवस्था की गई है। इसी तरह से जोन-2, जोन -3 और जोन-5 में भी गोबर खरीदा जाएगा। पंजीकृत हितग्राहियों के बैंक खाता के माध्यम से 15-15 दिन के अंतराल में भुगतान किया जाएगा।
गोधन न्याय योजना के नोडल अधिकारी ने की समीक्षा
निगम उपायुक्त अशोक द्विवेदी ने निगम के सभागर में गोधन न्याय योजना की समीक्षा की। सभी जोन आयुक्त को अपने क्षेत्र के चिन्हित स्थलों पर मूलभूत सुविधाएं उपलब्ध कराने कहा। जल्द से जल्द से गोबर खरीदी शुरू करने के निर्देश दिए। उपायुक्त ने स्व सहायता समूह की महिलाओं को गोधन न्याय योजना की विस्तृत जानकारी भी दी तथा डॉक्यूमेंटेशन को लेकर अद्यतन करने कहा। बैठक में उपायुक्त तरूण पाल लहरे, लेखा अधिकारी जितेन्द्र ठाकुर, पीएमयू के शुभम पाटनी, सभी जोन आयुक्त और समन्वय समिति की महिलाएं मौजूद थी।
// 46 हजार 964 हितग्राहियों को 1.65 करोड़ रूपए का होगा भुगतान
शहीद महेन्द्र कर्मा को उनकी जयंती के अवसर पर अर्पित करेंगे श्रद्धांजलि
// शहीद महेन्द्र कर्मा के नाम पर प्रदेश में शुरू होगी तेंदूपत्ता संग्राहक सामाजिक सुरक्षा योजना
// प्रदेश के 12.50 लाख तेंदूपत्ता संग्राहक परिवारों को मिलेगा लाभ
// मुख्यमंत्री वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के माध्यम से गोबर विक्रेताओं से भी करेंगे चर्चा
// राम वन गमन पथ पर दिया जाएगा प्रस्तुतीकरण
रायपुर / शौर्यपथ / मुख्यमंत्री भूपेश बघेल 5 अगस्त को अपने रायपुर निवास कार्यालय में आयोजित कार्यक्रम में राज्य सरकार की अभिनव योजना 'गोधन न्याय योजनाÓ के तहत गोबर खरीदी का पहला भुगतान हितग्राहियों के खाते में अंतरित करने की प्रक्रिया का शुभारंभ करेंगे। श्री बघेल इस अवसर पर प्रदेश में शहीद महेन्द्र कर्मा तेंदूपत्ता संग्राहक सामाजिक सुरक्षा योजना का भी शुभारंभ करेंगे।
निर्धारित कार्यक्रम के अनुसार मुख्यमंत्री बघेल दोपहर 3 बजे शहीद महेन्द्र कर्मा की जयंती के अवसर पर उनके चित्र पर माल्यार्पण कर श्रद्धांजलि अर्पित करेंगे। इसके बाद कृषि मंत्री रविन्द्र चौबे और वन मंत्री मोहम्मद अकबर का उद्बोधन होगा। मुख्यमंत्री 3.15 बजे गोधन न्याय योजना के अंतर्गत गोबर खरीदी की राशि का हितग्राहियों के खाते में अंतरण प्रक्रिया का शुभारंभ करेंगे। मुख्यमंत्री बघेल इसके बाद वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के माध्यम से गोधन न्याय योजना के हितग्राहियों से चर्चा करेंगे। दोपहर 3.35 बजे मुख्यमंत्री शहीद महेन्द्र कर्मा तेंदूपत्ता संग्राहक सामाजिक सुरक्षा योजना का शुभारंभ करने के बाद कार्यक्रम को सम्बोधित करेंगे। पर्यटन विभाग के अधिकारियों द्वारा दोपहर 3.50 बजे राम वन गमन पथ पर प्रस्तुतीकरण दिया जाएगा।

मुख्यमंत्री बघेल गोधन न्याय योजना के तहत 20 जुलाई से 1 अगस्त तक गोबर खरीदी की पहली किश्त की राशि 5 अगस्त को सहकारी बैंक के माध्यम से हितग्राहियों के खाते में अंतरित करेंगे। राज्य में कुल 4140 गौठानों में पंजीकृत 65 हजार 694 हितग्राहियों में से 46 हजार 964 हितग्राही द्वारा 82 हजार 711 क्विंटल गोबर का विक्रय किया गया, जिसकी कुल राशि 2 रूपए प्रति किलो की दर से 1 करोड़ 65 लाख रूपए पशुपालकों के बैंक खातों में हस्तांतरित की जाएगी। इस योजना का लाभ प्रदेश के अंतिम छोर के पशुपालकों तक पहुंचाया जा रहा है, जिसमें 38 प्रतिशत महिला हितग्राही, 48 प्रतिशत अन्य पिछड़ा वर्ग, 39 प्रतिशत अनुसूचित जनजाति, 8 प्रतिशत अनुसूचित जाति एवं 5 प्रतिशत सामान्य वर्ग के हितग्राही हैं। गोबर खरीदी का आगामी भुगतान 15 अगस्त को किया जाएगा। इस योजना के अंतर्गत राज्य के रायपुर, दुर्ग, राजनांदगांव, धमतरी और बालोद जिलों में सबसे अधिक गोबर विक्रय किया गया है। इसी प्रकार नगरीय क्षेत्रों में रायपुर एवं दुर्ग के पशुपालकों ने सबसे ज्यादा गोबर विक्रय किया गया है।
गोधन न्याय योजना देश में अपने तरह की प्रथम योजना है, जिसमें पशुपालकों, किसानों से 2 रूपए प्रति किलो (परिवहन व्यय सहित) की दर पर गौठानों में खरीदी की जा रही है। खरीदे गए गोबर से गौठानों में वर्मी कम्पोस्ट तैयार कर इसका सहकारी समितियों के माध्यम से विक्रय किया जाएगा। इस योजना के माध्यम से एक ओर पशुपालकों को आर्थिक लाभ होगा। दूसरी ओर प्रदेश में जैविक खेती को बढ़ावा मिलेगा।
दुर्ग / शौर्यपथ / लायंस क्लब छत्तीसगढ़ और मध्य प्रदेश कि ईकाई डिस्ट्रिक्ट 3233 सी के गवर्नर लायंस जयप्रकाश अग्रवाल ने अपने सत्र 2020-2021 की कार्यकारणी का विस्तार किया गया जिसमे दुर्ग जिले के लायंस क्लब के सदस्य अय्युब खान की समाजिक सेवा और सक्रियता से कोरोना काल मे कार्य करते हुये देख कर डिस्ट्रिक्ट 3233 सी महत्वपुर्ण जि़म्मेदारी देते हुये लायंस क्लब का डिस्ट्रिक्ट चैयरपर्सन की नियुक्ति की है।
लायन अय्युब खान ने बताया की लायंस क्लब विश्व कि जानी मानी और बहुत बड़ी समाजिक संस्था है जिसके शाखा या ईकाई दुनियाँ के हर देश मे और उन देश के हर शहरों मे है और लगातार अपने ही सौजन्य और आपस मे मिलकर सहयोग कर समाज कि सेवा ,गरीबों और जरूरतमंद लोगो क़ो मदद करते है और वर्षों करते आ रहे इस संस्था मे मुझे बड़ी जि़म्मेदारी दी गई जिसमे छत्तीसगढ़ और मध्य प्रदेश के लग भग 98 क्लब है नगरीय सौन्दर्य करण का कार्य स्वच्छ भारत अभियान के तहत दिया गया हई जिसके लिए मै गवर्नर जयप्रकाश अग्रवाल जी और वरिष्ट सदस्यो का आभार मानता हूँ ॥
मुख्यमंत्री बघेल ने राज्यपाल सुश्री उइके की राखी मिलने पर कहा: आपने मुझे स्नेह, आर्शीवाद और राखी भेजकर जो विश्वास व्यक्त किया है, वह मेरे लिए अत्यंत प्रसन्नता और सम्मान का विषय
मुख्यमंत्री ने बहन सुश्री उइके को पत्र के साथ उपहार में भेजी साड़ी(लुगरा)
रायपुर / शौर्यपथ / मुख्यमंत्री भूपेश बघेल ने राज्यपाल सुश्री अनुसुईया उइके द्वारा रक्षाबंधन पर्व पर भेजी गई राखी मिलने पर प्रसन्नता प्रसन्नता व्यक्त करते हुए कहा है कि रक्षाबंधन और भुजलिया पर्व के अवसर पर आपने मुझे स्नेह, आर्शीवाद तथा राखी भेजकर जो विश्वास व्यक्त किया है, वह मेरे लिए अत्यंत प्रसन्नता तथा सम्मान का विषय है। श्री बघेल ने बहन सुश्री उइके को रक्षाबंधन पर्व की परंपरा अनुरूप भाई की तरफ से शुभकामनाओं सहित उन्हें नगद राशि और साड़ी उपहार में भेजी है।
मुख्यमंत्री बघेल ने बहन सुश्री उइके को लिखे पत्र में कहा है कि रक्षाबंधन का यह पर्व हमारे पारिवारिक संबंधों को नए शिखर पर पहुंचाने का माध्यम बना है। आपका संरक्षण मेरे और राज्य के लिए सौभाग्य का विषय है। मुख्यमंत्री के रूप में अपने दायित्वों का निर्वहन करने, कोरोना महामारी से निपटने और प्रदेश को प्रगति के पथ पर आगे ले जाने के लिए आपने मेरा जो उत्साहवर्धन किया है, उसके लिए मैं सदैव आपका आभारी रहूूंगा।
मुख्यमंत्री ने कहा है कि यह पावन पर्व हमारी महान संस्कृति के गरिमामय उत्कर्ष का प्रतीक भी है, जो बहनों के प्रति भाईयों के संकल्पों को सुदृढ़ बनाता है। आपने उत्तरदायित्वों के प्रति सजग करते हुए मुझे जो शुभकामनाएं प्रेषित की है, उसके लिए मैं कृतज्ञता व्यक्त करता हॅू तथा आपको विश्वास दिलाता हॅू कि आपकी भावनाओं के अनुरूप अपनी जिम्मेदारियों का निर्वाह पूरी निष्ठा तथा परिश्रम से करूंगा।
दुर्ग / शौर्यपथ / रक्षाबंधन के दिन यानि 3 अगस्त को सुबह 9 बजकर 29 मिनट तक भद्रा काल रहेगा। इस समय राखी नहीं बांधनी चाहिए। कहा जाता है कि रावण की बहन ने भद्रा काल में ही रावण को राखी बांधी थी, जिसके कारण रावण का विनाश हो गया।
राखी का पर्व सुबह 09:30 बजे से आरंभ होगा। दोपहर में 01:35 बजे से लेकर शाम को 04:35 बजे तक का समय राखी बांधने के लिए अति शुभ है। इसके बाद शाम को 07:30 बजे से 09:30 बजे तक राखी बांधने के लिए मुहूर्त शुभ रहेगा। ( भागवत कथा वाचक - प. मनोज शर्मा जी )
- मुख्यमंत्री सुपोषण अभियान के प्रथम चरण में लगभग पांच हजार बच्चों को सामान्य श्रेणी में लाने में मिली थी सफलता
- दुर्ग जिले के अभियान में नवाचार भी शामिल, हर महीने हो रहा वजन त्योहार और बच्चों के बढ़त का रखा जा रहा रिकार्ड
दुर्ग / शौर्यपथ / मुख्यमंत्री भूपेश बघेल ने कुपोषण से मुक्ति को प्रदेश के सबसे प्राथमिकता के कार्यों में रखा है। इसका व्यापक असर मुख्यमंत्री सुपोषण अभियान की सफलता में दिखा है। पहले चरण में दुर्ग जिले में ही 4800 बच्चे कुपोषण के दायरे से बाहर आये। अब शेष बच्चों को कुपोषण के दायरे से निकालने मुख्यमंत्री सुपोषण अभियान के द्वितीय चरण की शुरूआत हो रही है। अगले तीन सौ दिनों का लक्ष्य लेकर इस योजना में काम किया जाएगा। आज सभी जनप्रतिनिधियों ने घरों में बच्चों के लिए सुपोषण टोकरी देकर इस योजना की शुरूआत की।
कलेक्टर डाॅक्टर सर्वेश्वर नरेंद्र भुरे भी ग्राम अछोटी पहुंचे। वहां उन्होंने रूही देशमुख को सुपोषण की टोकरी भेंट किया। कलेक्टर ने इस मौके पर बच्चों के परिजनों से कहा कि बच्चे के शुरूआती पांच साल उसके आगे का भविष्य तय करते हैं। यदि इस दौरान बच्चे के पोषण का पूरा ध्यान रखा तो निश्चित ही बच्चा शारीरिक मानसिक रूप से मजबूत होगा जिससे उसका भविष्य उज्ज्वल होगा। इसी के अंतर्गत आपको सुपोषण टोकरी दी गई है। चूंकि अभी आंगनबाड़ी केंद्र बंद है इसलिए कार्यकर्ता आपके बच्चे के लिए घर में ही रेडी-टू-ईट छोड़ जाएगी। कलेक्टर ने कहा कि मुख्यमंत्री श्री भूपेश बघेल ने हम सभी को निर्देशित किया है कि कोई भी बच्चा कुपोषित न रहे। इसके लिए हम लोगों ने डीएमएफ मद से बच्चों के पोषण के लिए विशेष राशि रखी है। छह माह से तीन साल तक के बच्चों के लिए हम लोग विशेष रूप से गर्म आहार देंगे। ऐसे बच्चों की संख्या जिले में सात हजार है। अभी लाकडाउन है इसलिए सामग्री घर में ही पंहुचा दी जाएगी।
कलेक्टर ने कहा कि आंगनबाड़ी की दीदी लोग आपसे गृह भेंट करने आते रहेंगे। आप उनके द्वारा दिये गए सुझावों पर अमल करें। इससे बच्चा बहुत तेजी से पोषित होगा। इस मौके पर कलेक्टर ने आंगनबाड़ी क्रमांक 3 भी देखा। वहां सुपोषण वाटिका देखकर उन्होंने खुशी जताई। यहां भाजियों और पपीते के साथ मुनगा के पौधे भी रोप दिये गए हैं। उन्होंने कार्यकर्ता की प्रशंसा करते हुए कहा कि आपका काम देखकर बहुत अच्छा लग रहा है। उन्होंने सरपंच श्री घनश्याम दिल्लीवार तथा जनपद सदस्य श्री टिकेश्वरी लाल देशमुख को भी बधाई दी।
उन्होंने कहा कि जनप्रतिनिधियों के सहयोग और रुचि से सुपोषण अभियान कारगर तरीके से आगे बढ़ रहा है। आपके हाथों में आपके गांव का उज्ज्वल भविष्य है। इस दिशा में आप जितना काम करेंगे, गांव का भविष्य उतना ही मजबूत होगा। इस मौके पर परियोजना अधिकारी श्री अजय साहू, सुपरवाइजर श्रीमती देवकी साहू, आंगनबाड़ी कार्यकर्ता दिनेश्वरी दिल्लीवार, आशालता दिल्लीवार तथा माया रामटेके भी उपस्थित रहे।
क्या है दुर्ग माडल में खास-
जिला कार्यक्रम अधिकारी विपिन जैन ने बताया कि दुर्ग में सुपोषण अभियान में दो खास बातें हैं। पहला तो यह कि हम लोग हर महीने बच्चों के वजन ले रहे हैं। जो पंद्रह से 20 तारीख के बीच होता है। इनके आंकड़े एनआईसी की वेबसाइट में अपलोड हो जाते हैं। हमारे पास हर बच्चे के ग्रोथ का रिकार्ड है। इससे हमें सुपोषण मिशन को ट्रैक करने में आसानी होती है। कमजोर क्षेत्रों के लिए हम विशेष रणनीति बनाते हैं और अच्छा कार्य करने वालों को प्रोत्साहित करने में हमें इससे मदद मिलती है। उन्होंने कहा कि बच्चों को चिक्की आदि बहुत प्रिय होते हैं। इससे उन्हें स्वादिष्ट खाद्य पदार्थ भी मिलता है और हम उन्हें इसी बहाने आवश्यक प्रोटीन भी दे पाते हैं। जैन ने कहा कि हमने सुपोषण वाटिका भी विकसित की है। पूरे जिले में बारह हजार मुनगा के पौधे भी लगाए गए हैं।
शौर्यपथ / कोरोनावायरस, लॉकडाउन, सामाजिक दूरी, क्वारंटाइन के चलते सभी लोग अपने घरों में ही रहना ज्यादा बेहतर समझ रहे हैं। ऐसे में बर्थडे पार्टी या अन्य कोई सेलिब्रेशन सब कुछ कैंसल करना पड़ रहा है। जो लोग हर मौके को सेलिब्रेट करना पसंद करते हैं, ये उनके लिए थोड़ा कठिन हो सकता है। लेकिन यह सब कहीं न कहीं पॉजिटिव भी है, क्योंकि इससे हम खुद पर कंट्रोल कर पा ही रहे हैं, साथ ही दूरी होने पर कैसे अपने रिश्तों को सहेजकर रख सकते हैं, कैसे बिना मिले साथ में सेलिब्रेट कर सकते हैं, ये सभी चीजें सीखने का मौका भी मिल रहा है।
वहीं फ्रैंडशिप डे नजदीक है, ऐसे में वे लोग जो इस दोस्ती के दिन को बहुत खास तरीके से सेलिब्रट करना पसंद करते हैं, वे कोरोना काल में हमेशा की तरह सेलिब्रेट नहीं कर पाएंगे। लेकिन इससे निराश होने की कोई आवश्यकता नहीं है कोरोना काल में आप वे सब सीख रहे हैं जिसके बारे में आपने कभी कल्पना भी नहीं की होगी। लेकिन इस बात का भी ख्याल रखें कि यह समय आपके लिए यादगार भी बनकर रह जाएगा। तो क्यों न 2020 के फ्रैंडशिप डे को भी आप यादगार बना लें। सारे नियमों का पालन करते हुए भी आप इस खास अवसर को इन्जॉय कर सकते हैं। कैसे? आइए जानते हैं।
वर्चुअल पार्टी कर सकते हैं
अगर आप फ्रैंडशिप डे को सेलिब्रेट करना चाहते हैं और इस खास दिन को यादगार बनाना चाहते हैं वह भी अपने दोस्तों के साथ, तो वर्चुअल पार्टी कर सकते हैं। इस समय वर्चुअल पार्टी ही एकमात्र उपाय है। ऐसे में आप अपने दोस्तों के साथ वीडियो कॉल के लिए एक समय तय कर लें। सुनिश्चित करें कि सभी आपके परिचित हों और कॉन्फ्रेंसिंग पार्टी का मजा लें। इस दौरान आप दोस्तों से जमकर बातें करें, केक काटें और फोटोज क्लिक करें।
घर पर ही फ्रैंडशिप बैंड बनाएं
यह सोचकर अपना मजा किरकिरा न करें कि कोरोना में बाहर तो जा नहीं सकते तो मार्केट से कैसे फ्रैंडशिप बैंड खरीद पाएंगे? आप सुरक्षा और नियमों का पालन करते हुए इस खास दिन को बेहतर बना सकते हैं। आप घर में ही फ्रैंडशिप बैंड बनाएं। यह आपको क्रिएटिव तो बनाएगा ही, साथ ही इस खास दिन आप कुछ नया भी सीखेंगे।
अपने दोस्तों से डिस्कस करें कि पार्टी कैसे कर सकते हैं?
सारी प्लानिंग आप खुद ही न करें। अपने दोस्तों से बातें करें, उनसे सुझाव मांगें और उस हिसाब से आप इस दिन को कैसे सेलिब्रेट करना है सोचें। इससे आप और आपके फ्रैंड्स सब मिलकर इस दिन को और बेहतर बना सकते हैं।
ड्रेस थीम के साथ करें सेलिब्रेट
फ्रैंडशिप डे के दिन आप अपने दोस्तों के साथ मिलकर ड्रेस थीम भी डिसाइड कर सकते हैं। यह इस दिन को और इंट्रेस्टिंग बनाने में मदद करेगी।
लाइफस्टाइल / शौर्यपथ / लंबे समय तक जिम बैग में आपके कपड़े रहते हैं, ऐसे में पसीने की बदबू आना लाजमी है। हम आपको इस लेख में कुछ घरेलू तरीके बता रहे हैं जिन्हें अपनाकर आप इस परेशानी से छुटकारा पा सकते हैं। आइए जानते हैं।
अधिकतर लोग जिम के कपड़ों को रोज नहीं धोते और वे उसे जिम बैग में रखना ज्यादा पसंद करते हैं। ऐसे में कपड़े ज्यादा दिनों तक गंदे रहते हैं और गंध आना शुरू हो जाती है। आप इस समस्या से निजात पाने के लिए जिम के कपड़ों को रोज धोएं, अच्छी तरह सुखाएं और फिर इस्तेमाल करें। इससे आपके कपड़े साफ और ताजे भी रहेंगे।
यदि आप अपने शुज को भी जिम बैग में रखते हैं तो आपको ज्यादा ध्यान देने की जरूरत है। शूज को हफ्ते में 2 बार जरूर धोएं। इसके लिए आप डिटर्जेंट के पानी में अपने जिम के शूज को भिगोकर रखें और इसे अच्छी तरह साफ करके सुखा लें, फिर इनका इस्तेमाल करें।
आधी बाल्टी ठंडे पानी में 1 बड़ा चम्मच विनेगर मिलाएं। अब तैयार घोल में अपने जिम के कपड़ों को 20 मिनट के लिए भिगोएं, फिर साधारण तरीके से कपड़ों को धोएं। विनेगर बदबू को दूर करने में मददगार साबित होगा।
यदि आपके पास इतना समय नहीं है कि आप रोज जिम के कपड़े धोएं तो इन्हें आप सिर्फ धूप दिखाकर भी रख सकते हैं। ऐसा ही आप अपने शूज के साथ भी कर सकते हैं। ऐसे में कपड़ों और जूतों में से आ रही बदबू दूर हो जाएगी।
खाना खजाना /शौर्यपथ / पारंपरिक व्यंजन- घेवर
सामग्री :
2 कटोरी मैदा, 2 कप पानी, डेढ़ बड़ा चम्मच जमा गाढ़ा घी, डेढ़ कप बर्फ का ठंडा पानी, घी, सवा 2 कटोरी शकर, गुलाब पत्ती, चुटकी भर पीला रंग, कटे हुए पिस्ता व बादाम, 1 मटका रखने वाली रिंग।
विधि :
सबसे पहले जमा हुआ गाढ़ा घी लेकर एक बर्तन में बर्फ के ठंडे पानी के साथ खूब फेंटिए। करीबन 5-10 मिनट बाद घी में से पानी बाहर निकल जाता है। अब पानी निथारकर इसमें थोड़ा-थोड़ा कर मैदा मिलाकर फेंटिए।
जब भजिए से भी पतला घोल तैयार हो जाए, तब छोटी कड़ाही में मटका रखने वाली रिंग रखें। इसमें घी डालकर गर्म करें। जब घी अच्छी तरह गर्म हो जाए, तब रिंग के बीच में धीरे-धीरे धार-सी बनाते हुए मैदे का घोल छोड़ें। रिंग करीब आधा डूबा होना चाहिए।
हल्का बादामी होने लगे, तब सलाई की सहायता से घेवर उठा लीजिए। घेवर पर 3-4 बार डेढ़ तार की गर्म चाशनी डालें और तैयार घेवर को मेवे से सजाकर पारंपरिक व्यंजन पेश करें।
रक्षाबंधन विशेष- केसरी भात
सामग्री :
1 कटोरी बासमती चावल, डेढ़ कटोरी शकर, इलायची पावडर आधा चम्मच, 5-7 केसर के लच्छे, मीठा पीला रंग चुटकी भर या आधा चम्मच हल्दी, 15-20 किशमिश (गुनगुने पानी में भीगे हुए), 1 चम्मच घी, 2-3 लौंग, मेवे की कतरन (पाव कटोरी)।
विधि :
चावल बनाने के पूर्व 1 घंटे तक गलाकर रखें। अब एक बड़े मर्तबान में पानी उबाल लें। उसमें हल्दी डालें और चावल पकाकर थाली में ठंडा होने के लिए रख दें। दूसरी ओर एक से डेढ़ तार की चाशनी तैयार कर लें। उसमें पके चावल डालकर कुछ देर चलाएं।
अब इलायची एवं मीठा रंग मिलाएं। एक पैन या कड़छी में अलग से घी गर्म करके उसमें लौंग डालें और ऊपर से चावल पर बुरकाएं, साथ ही मेवे की कतरन और भीगे हुए किशमिश भी डालें और मिलाकर ठंडा या गर्म जैसे चाहे लजीज शाही केसरिया भात पेश करें।
राखी विशेष- शाही मखाना खीर
सामग्री :
1 लीटर दूध, 2 कप मखाने, 4 चम्मच चीनी, 1 चम्मच देसी घी, आधा चम्मच इलायची पावडर, किशमिश, काजू-बादाम की कतरन, किसा हुआ सूखा नारियल।
विधि :
सबसे पहले एक कड़ाही में घी गर्म करें और उसमें मखानों को डालकर भून लें, फिर भूनें हुए मखानों को प्लेट में निकालकर ठंडा करें और फिर उसे कूट लें।
अब दूध को उबलने दें, जब दूध उबल जाए तो उसमें कूटे हुए मखाने डालें और पकाएं, साथ ही चीनी भी डाल दें। जब दूध गाढ़ा हो जाएं तो उसमें किशमिश, काजू-बादाम की कतरन, इलायची पावडर और सूखा नारियल मिलाएं और तैयार मखाने की शाही खीर पेश करें।
राखी पर्व की स्वादिष्ट मिठाई- नारियल बर्फी
सामग्री :
250 खोपरा बूरा (नारियल का बूरा), 100 ग्राम मावा, 200 ग्राम शकर, 1 चम्मच घी, 1 चम्मच इलायची पावडर, चांदी का वर्क, 2-3 केसर के लच्छे, चुटकी भर मीठा पीला रंग (1 कटोरी में पाव चम्मच दूध में घोल लें)।
विधि :
बर्फी बनाना शुरू करने से पहले मावे को किसनी से कद्दूकस कर लें, फिर कड़ाही में धीमी आंच पर गुलाबी होने तक सेंक लें। मावा ठंडा होने पर खोपरा बूरा मिला दें। तत्पश्चात डेढ़ तार की चाशनी तैयार करें। इस चाशनी में खोपरा बूरा, मावा, मीठा पीला रंग व इलायची पावडर मिला दें तथा मिश्रण को अच्छी तरह मिक्स कर लें। अब इसमें घी मिलाएं तथा पुन: हिलाएं।
अब एक थाली में थोड़ा-सा घी लगाकर उसमें तैयार मिश्रण फैला दें। ठंडा होने पर चौकोर आकार में काट लें। ऊपर से चांदी का वर्क लगाएं एवं केसर बुरक दें। लीजिए तैयार है लाजवाब नारियल बर्फी।
रक्षाबंधन पर खास शाही बादाम पाक
सामग्री :
1 कटोरी बादाम (पिसी हुई), 2 कटोरी शकर, 3 कटोरी घी, 1 कटोरी पानी।
विधि :
शकर में पानी डालकर शकर गलने तक चाशनी बनाकर पिसी हुई बादाम डालकर एक हाथ से हिलाते हुए घी डालते जाएं और तब तक हिलाते रहें, जब तक कि घी छूटने न लगे। जब मिश्रण हल्का गुलाबी हो जाए, तब थाली में चलनी रखकर मिश्रण डालें। ऊपर से पानी के छींटें देकर बादाम मैसूर पाक के मनचाहे आकार के पीस कर लें।
राखी विशेष : नारियल-मिश्री के लड्डू
सामग्री :
150 ग्राम सूखे खोपरे का बूरा, 200 ग्राम मिल्कमेड, 1 कप गाय के दूध की ताजी मलाई, आधा कप गाय का दूध, इलायची पावडर, 5 छोटे चम्मच मिल्क पावडर, कुछेक लच्छे केसर।
भरावन की सामग्री : 250 ग्राम मिश्री बारीक पिसी हुई, पाव कटोरी पिस्ता कतरन, 1 चम्मच मिल्कमेड, दूध मसाला 1 चम्मच।
विधि :
सबसे पहले खोपरा बूरा, मिल्कमेड, दूध, मिल्क पावडर और पिसी इलायची को अच्छी तरह मिला लें। तत्पश्चात माइक्रोवेव में 5-7 मिनट तक इसे माइक्रो कर लें। अब भरावन सामग्री को अलग से एक कटोरे में मिक्स कर लें। एक छोटी कटोरी में 4-5 केसर के लच्छे कम पानी में गला दें।
अब माइक्रोवेव से निकले मिश्रण को 10-15 तक सूखने दें, फिर उसमें भरावन मसाला सामग्री डालकर मिश्रण को अच्छी तरह मिलाएं और उसके छोटे-छोटे लड्डू बना लें। सभी लड्डू तैयार हो जाने पर उनके ऊपर केसर का टीका लगाएं। ऊपर से केसर-पिस्ता से सजाएं और लाजवाब नारियल-मिश्री के लड्डू के लड्डू पेश करें।
राखी स्पेशल- मैसूर पाक
सामग्री :
150 ग्राम बेसन, घी आवश्यकतानुसार, शकर 200 ग्राम, 1 चम्मच इलायची पावडर, पिस्ता कतरन पाव कटोरी।
विधि :
एक कड़ाही में शकर और 1/2 कटोरी पानी डालकर गाढ़ी चाशनी बनाएं, दूसरी ओर घी में बेसन डालकर भूनें। अब चाशनी को धीरे-धीरे सिंके हुए बेसन में डालें व बराबर हिलाती रहें। दूसरे हाथ से गर्म घी 1-1 चम्मच करके बेसन पर डालती रहें।
बेसन जब भूरा होने लगे तो उसमें इलायची बुरकाकर घी लगी थाली में फैला दें। यह जल्दी ही जमता है अत: जमने की प्रक्रिया शुरू होते ही चाकू की सहायता से मनचाहे आकार में काट लें। लीजिए तैयार है लजीज रसभरा मैसूर पाक। यह बहुत सारे घी, बेसन, मेवा व शकर से निर्मित कर्नाटक का मीठा व्यंजन है।
टिप्स / शौर्यपथ / त्योहार का मौसम हो और पकवानों की बात न हो, ऐसा भला कैसे संभव है? आपके लिए हैं अलग-अलग तरह की मिठाई बनाने के कुछ विशेष टिप्स।
1. मालपुआ बनाते समय उसमें थोड़ी सूजी मिला दीजिए, इससे मालपुआ खस्ता बनेगा।
2. खीर बनाते समय कड़ाही में शक्कर पिघलाकर उसमें दूध मिलाकर औटा लेने से तो कम समय में दूध गाढ़ा हो जाता है और स्वादिष्ट खीर बनती है।
3. सेवइयां को गाढ़ी व स्वादिष्ट बनाने के लिए बनाते समय उसमें जरा-सा कस्टर्ड पावडर मिला दें। सेवइयों का स्वाद बढ़ जाएगा।
4. बेसन के लड्डू बनाते समय भुने बेसन में दूध के छींटे दें और गरम घी मिलाएं। जहां तक हो सके शक्कर का बूरा प्रयोग करें। ये लड्डू दिखने में दानेदार दिखेंगे और खाने में अधिक स्वादिष्ट लगेंगे।
5. बर्फी को और अधिक लुभावनी बनाने के लिए किसी भी बर्फी पर, किसी नए टूथब्रश पर कोई भी खाने वाला हल्का रंग लगाकर ब्रश को हल्के हाथ से दबाएं जिससे रंग बर्फी पर छिड़काव की तरह फैल जाएगा और बर्फी सुंदर दिखाई देगी। खासकर सफेद रंग की बर्फी पर तो अधिक लुभावनी दिखाई देगी।
6. बेसन के लड्डू बनाना हो तो बेसन रवेदार होना चाहिए।
7. कस्टर्ड में यदि गुठलियां पड़ गई है तो घबराएं नहीं उसे छलनी से छान लें और फिर गुठलियों में थोड़ा दूध डालकर मिक्सी में चला दें।
8. चावल या गाजर की खीर बनाते समय शकर अंत में डालें, वरना चावल या गाजर कच्चे रह जाएंगे। शकर डालने के बाद दूध को थोड़ी देर और उबालें।
9. मूंग दाल का हलवा बनाते समय पिसी दाल को भूनने पर वह कड़ाही में चिपकता है इसीलिए भूनते समय उसमें थोड़ा-सा बेसन मिला दिया जाए, तो दाल कड़ाही से चिपकेगी भी नहीं और भूनना भी आसान होगा।
10. किसी भी मिठाई को बनाते समय जो भी खुशबू डालना है, वह मिठाई ठंडी होने पर डालें, जैसे इलायची, जायफल आदि।
11. जब भी बर्फी बनाना हो तो मिश्रण को आंच से उतारने के बाद थोड़ी देर तक कड़ाही में अच्छी तरह चलाएं, इससे बर्फी अच्छी बनती है।
12. खीर बनाते समय यदि दूध पतला हो तो उसमें थोड़ी-सी खसखस या चावल पीसकर डाल देना चाहिए, इससे खीर गाढ़ी भी बनेगी और स्वाद भी बढ़ेगा।
13. घर पर बाजार में मिलने वाली दानेदार एवं खस्ता बेसन की बर्फी बनाने के लिए बेसन में थोड़ी-सी भुनी हुई सूजी मिला दें। इससे बर्फी खस्ता होकर उसका स्वाद भी बढ़ जाएगा।
Feb 09, 2021 Rate: 4.00
