August 28, 2026
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    राजनीति

    राजनीति (1231)

    रायपुर। शौर्यपथ । राजनिति 

    छत्तीसगढ़ में हुए शराब घोटाले को लेकर भाजपा प्रदेश अध्यक्ष अरुण साव ने कहा छत्तीसगढ़ आज शर्मसार है। कांग्रेस की सरकार ने जनता से शराबबंदी का वादा कर जनादेश लिया था। आज उस शराब में जिस तरह के घोटाले सामने आये हैं, ऐसा समूचे भारत में दो-चार ही उदाहरण हैं। 

    प्रदेश भाजपा अध्यक्ष  ने कहा ईडी ने कांग्रेस नेता और रायपुर के महापौर ऐजाज ढेबर के भाई अनवर ढेबर को गिरफ्तार कर 2 हज़ार करोड़ से अधिक के शराब घोटाले का खुलासा किया है।

    ईडी में अनुसार घोटाले के इस रकम में से अपना कमीशन रख कर अनवर ढेबर शेष राशि ‘पॉलिटिकल मास्टर’ को सुपुर्द कर दिया करता था। और उस राशि से ‘राजनीतिक गतिविधियां’ संचालित होती थी।इस खुलासे से जो तथ्य मिले हैं, वह हमें न केवल शर्मिंदा करता है बल्कि सोचने पर विवश करता है कि क्या कोई चुनी हुई सरकार इस बेदर्दी से अपने ही मतदाता को लूट सकती है, उसके भरोसे को भी तार तार कर सकती है। भाजपा लगातार यह आरोप लगाती रही है कि प्रदेश से लूटे गये रकम से भूपेश बघेल गांधी परिवार का प्यादा बन समूचे देश में कांग्रेस के चुनाव का खर्च वहन करते हैं, उनका एटीएम बने हैं। लगातार अनेक तरह के षड्यंत्र आदि इसी रकम से कर के देश का माहौल भी ख़राब किया जा रहा है। 

    आप यह जान कर आश्चर्य करेंगे कि बड़ी संख्या में ऐसी कच्ची और देसी शराब प्रदेश भर के 800 दुकानों में खपाये गये हैं, जिसे वैध तरीक़े से भी बेचा नहीं जा सकता है। इस शराब से शासकीय खजाने को तो अरबों का चूना लगा ही, प्रदेशवासियों के स्वास्थ्य और उसकी जान का भी सौदा किया गया। 

    अध्यक्ष अरुण  साव ने कहा आरोप के अनुसार फ़ैक्ट्री में शराब बना कर उसे सीधे दुकानों को बेचा जा रहा था और यह रक़म सीधे कांग्रेस के खज़ाने में जमा की जा रही थी। इस तमाम क़वायद का सबसे बड़ा प्यादा महापौर ऐजाज ढेबर का भाई अनवर ढेबर था, जो अपने ‘पॉलिटिकल मास्टर’ के लिए यह सारा धत्कर्म करता था।भाजपा अध्यक्ष साव ने कहा इससे पहले पड़े छापे में मिले ह्वाट्सऐप चैट्स जो अलग-अलग कोर्ट में कांग्रेस सरकार के लोगों के ख़िलाफ़ दर्ज मुक़दमे में दाखिल किए गए हैं, वे भी इस घोटाले की सारी परतें उधेड़ कर रख देती है। 

    किसी भी अंडरवर्ल्ड सरग़ना से अधिक ख़तरनाक तरीक़े से कांग्रेस सरकार न केवल इस घोटाले को, बल्कि कोल, आयरन पैलेट्स, रेत, ट्रांसपोर्ट घोटाले आदि को अंजाम दे रही थी। छत्तीसगढ़ बदलने के नारे के साथ आयी इस सरकार ने पूरी सरकार को ‘अंडरवर्ल्ड’ के रूप में बदल दिया था। और इस तमाम घोटाले का असली लाभार्थी, असली मास्टरमाइंड और ‘पॉलीटिकल मास्टर’ कौन था, इसके बारे में अब कोई भी संदेह नहीं रह गया है। 

    षड्यंत्र की इंतिहा देखिए कि ख़ुद सरकार से जुड़े लोग कच्ची और देशी शराब बिकवाते थे, और जब इसे पी कर बड़ी संख्या में मौतें हुई तो इसे ही बहाना बना कर भूपेश सरकार ने शराब को होम डिलीवरी भी शुरू कर दी थी। ऐसा अन्याय करने वाली भूपेश बघेल सरकार इस देश की पहली ऐसी राज्य सरकार है।सबसे गंभीर बात ईडी के हलफनामे में यह है कि भूपेश सरकार में गई कानूनी तरीके से शराब की बिक्री कराई गई जो खराब क्वालिटी की थी, पता नहीं पैसा कमाने की हवा में इस शराब सिंडिकेट ने कितनी जान के साथ खिलवाड़ किया है? 

    इस मामले में एक भोले-भाले आदिवासी नेता को इसलिए विभागीय मंत्री बना कर रखा गया ताकि वे ख़ामोश रहें और ‘पोलिटिकल मास्टर’ पूरा मलाई साफ करते रहें। इसकी जितनी निंदा की जाय, कम है। नकली होलोग्राम लगाकर घटिया शराब अधिक दाम में बेची गई, इससे 1200 करोड़ रूपए की अवैध कमाई की गई। यह बात भ्रष्टाचार से ज्यादा गंभीर है, जो सरकार जनता की जान की रक्षा करने के बजाय घटिया शराब पिलाकर उसकी जान जोखिम में डाले, ऐसी सरकार को एक पल भी सत्ता में रहने का अधिकार नहीं होना चाहिए।न केवल शराब घोटाला बल्कि अन्य तमाम घोटाले के तार सीधे तौर पर मुख्यमंत्री निवास से जुड़े हैं। सीएम की सबसे करीबी उप सचिव और अनेक अधिकारी, कांग्रेसी नेता आदि इन मामलों में जेल में बंद है। हम यह मांग करते हैं कि घोटाले से जुड़े ये सभी मामले एमपी-एमएलए कोर्ट में चले। इसकी फ़ास्ट ट्रैक में सुनवाई हो। अगर मुख्यमंत्री इस्तीफ़ा नहीं देते हैं तो ये तमाम मामले प्रदेश से बाहर सुनवाई कर शीघ्र इस पर फ़ैसला हो। 

    छत्तीसगढ़ प्रदेश के इस दाग को मिटाने के लिए इस सरकार को सत्ता में एक मिनट भी बने रहने देना अन्याय होगा। 

    भाजपा के सवाल :- 

    1. यह highest political executive (सर्वोच्च कार्यपालिक राजनेता) कौन हैं, जिसका करीबी का संबंध अनवर ढेबर से है?

    2. जिन political executive (कार्यपालिक राजनेता) को अनवर ढेबर की लूट का हिस्सा मिलता था वे कौन लोग हैं?

    3. क्या इस सिंडिकेट के बारे में रायपुर नगर निगम महापौर को जानकारी थी या नहीं? अगर उनको जानकारी थी तो इसकी शिकायत उन्होंने सरकार या कांग्रेस संगठन से की थी? 

    4. क्या अनवर ढेबर अपने महापौर भाई के लिए प्रदेश के सर्वोच्च नेता की शह पर काम कर रहे थे?

       दुर्ग / शौर्यपथ / नगर निगम के पूर्व एल्डरमैन डॉ. प्रतीक उमरे ने कलेक्टर पुष्पेंद्र मीणा से दुर्ग जिले के किसानों को फसल बीमा योजना का लाभ एवं बेमौसम बारिश से हुए फसल क्षतिपूर्ति के लिए मुआवजा तत्काल देने की मांग किया है,पूर्व एल्डरमैन डॉ. प्रतीक उमरे ने बताया कि मार्च माह में रबी फसल बेमौसम बारिश के चलते खराब हो गई थी,जिसमें दुर्ग जिले के किसानों ने गेंहू,चना,सरसों और तिवड़ा की खेती किया था।जिसमें गेहूं,चना और सरसों का बीमा हुआ था,लेकिन विभाग द्वारा आज तक फसल क्षति का मूल्यांकन तक नही किया गया।बारिश से बर्बाद फसलों का सरकार ने सर्वे कराए जाने का निर्देश दिया था,लेकिन विभागीय अधिकारियों को इससे कोई सरोकार नहीं है,प्राकृतिक आपदा की सूरत में धारा 6-4 के अंतर्गत भी मुआवजा राशि प्रदान की जाती है।लेकिन अभी तक कृषि ब्लॉक अधिकारियों ने सर्वे कर नुकसान का डाटा विभाग को नही भेजा है ऊपर से कृषि विभाग,राजस्व विभाग ने दुर्ग जिले में सर्वे करके बीमा कंपनी को किसानों के नुकसान की जानकारी भी नही भेजी है,विभाग के अधिकारी फसलों को हुए नुकसान का सर्वे करने के बजाए प्रभावित किसानों को बीमा कंपनी से मुआवजा राशि लेने के लिए आवेदन करवाने पर जोर देकर गुमराह कर रहे हैं।जबकि बीमा दावा के लिए किसानों को 72 घंटे के भीतर आवेदन करना था यह समयावधि कब की पूरी हो गई है,किसानों की जानकारी के आभाव का फायदा उठाने की कोशिश दुर्ग जिले के अधिकारियों द्वारा किया जा रहा है।प्रधानमंत्री फसल बीमा योजना अंतर्गत कंडिका 14 ख के अनुसार स्थानीय जोखिमों,ओलावृष्टि,जल प्लावन, बादल का फटना,प्राकृतिक आकाशिय बिजली से अधिसूचित फसल में नुकसान होने की स्थिति में भी बीमित कृषकों को क्षतिपूर्ति दिए जाने का प्रावधान है।लेकिन किसानों की सुध लेने वाला कोई नहीं है।वही दूसरी ओर जिले के किसान बीमा कंपनी से बीमा का लाभ एवं सरकार से रबी फसल की क्षतिपूर्ति का मुआवजा मिलने का बाट जोह रहे हैं।

       रायपुर / शौर्यपथ / प्रदेश कांग्रेस संचार विभाग अध्यक्ष सुशील आनंद शुक्ला ने कहा कि कर्नाटक विधानसभा चुनाव में भाजपा प्रत्याशी मणिकांत राठौर के वायरल ऑडियो से स्पष्ट समझ में आता है कि भाजपा कांग्रेस के नेताओं को जख्मी कर उनकी हत्या कर चुनाव जीतना चाहती है कर्नाटक की जनता को बताने के लिए भाजपा के पास ना तो मुद्दा है ना कोई योजना है और 40 प्रतिशत कमीशन लेने वाली कर्नाटक की भाजपा सरकार को बदलने का मन कर्नाटक की जनता ने एक बना लिया है ऐसे में करारी हार और मोदी की गिरती छवि को बचाने के लिए भाजपा अब षड्यन्त कर रही है।
        प्रदेश कांग्रेस संचार विभाग अध्यक्ष सुशील आनंद शुक्ला ने कहा कि पूरे देश में भाजपा जन समर्थन खो रही है नरेंद्र मोदी की लोकप्रियता का ग्राफ दिन-ब-दिन गिर रहा है वादाखिलाफी और झूठ से जनता त्रस्त है ऐसे में जिन राज्यों में भाजपा की सरकार नहीं है जिन राज्यों में विपक्षी दल मजबूती से जनता की आवाज को उठा रहा है उन राज्यों में नरेंद्र मोदी जी की सरकार केंद्रीय शक्तियों का दुरुपयोग कर रही है ईडी सीबीआई आईटी जैसी संस्थाओं को भेजकर विपक्षी दल के नेताओं का चरित्र हनन का षड्यंत्र कर रही है और जिन राज्यों में पूरी तरह फ्लाप हो रही है जैसे कर्नाटक में अब तक के रुझान में भाजपा बुरी तरीके से हार रही है ऐसे राज्यों में विपक्षी दल के नेताओं की हत्या उनके परिवार जनों की हत्या की साजिश रची है यह लोकतंत्र के विपरीत काम करना भारतीय जनता पार्टी का चरित्र है।

       रायपुर / शौर्यपथ / प्रदेश कांग्रेस प्रवक्ता धनंजय सिंह ठाकुर ने कहा कि चुनावी हार के पूर्वानुमान से हतोत्साहित भाजपा इस हद तक गिर चुकी है कि कांग्रेस के राष्ट्रीय अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खड़गे और उनके पूरे परिवार की हत्या कर देना चाहती है। चितपुर निर्वाचन क्षेत्र से भाजपा के उम्मीदवार, प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और मुख्यमंत्री बोम्मई के चहेते मणिकांत राठौड़ का ऑडियो लीक हुआ है जिसमें वो साफ-साफ मल्लिकार्जुन खड़गे और उनके पूरे परिवार की हत्या की साजिश रचते हुऐ नजर आ रहे हैं। गोंडसेवादियों को  एक 80 साल के बुजुर्ग नेता मल्लिकार्जुन खड़गे आँखों में चुभ रहे हैं। कर्नाटक में भाजपा नेतृत्व ध्रुवीकरण, धमकी और सांप्रदायिकता जैसे कई हथकंडे अपना कर देख चुकी है फिर भी भाजपा को अपनी करारी शिकस्त साफ साफ नजर आ रही है।
        प्रदेश कांग्रेस प्रवक्ता धनंजय सिंह ठाकुर ने कहा कि भाजपा कर्नाटक में चुनाव में हारने वाली है। हार की बौखलाहट में हिंसा और दुष्प्रचार का सहारा लेने लग गयी है। कभी धार्मिक उन्माद फैलाकर जनता के मुद्दे से ध्यान हटाना चाहती है। कभी कांग्रेस के राष्ट्रीय अध्यक्ष को परिवार सहित मारने की बाते की जा रही है। भाजपा सत्ता के हाथ से जाने के डर से इतना स्तरहीन हो चुकी है कि उसे यह भी ख्याल नही रहा कि वह देश में सरकार चलाने वाला दल है भाजपा देश के लोकतंत्र को कुलंकित करने का काम कर रही है।
    कांग्रेस के राष्ट्रीय अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खड़गे और उनके परिवार की हत्या करा कर चुनाव जीतना चाहती है भाजपा- मोहन मरकाम
     

          रायपुर  /  शौर्यपथ  /  प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष मोहन मरकाम ने कहा कि कर्नाटक चुनाव में भाजपा को करारी हार दिख रही है कर्नाटक की जनता मोदी-शाह और भाजपा को सत्ता से बेदखल करने का मन बना लिया है। मोदी और शाह का झूठ पर पंच वहां पर असफल हो गया है ऐसे में भाजपा अब करारी हार के डर से कांग्रेस के राष्ट्रीय अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खड़गे और उनके परिवारजनों की हत्या  कराने की साजिश रच रही है यह भाजपा के प्रत्याशी मणिकांत राठौर के वायरल ऑडियो से स्पष्ट समझ में आ रहा है। भाजपा चुनाव जीतने के लिए कर्नाटक में एक बड़ी साजिश रच रही है ऐसा प्रतीत होता है।
    कांग्रेस अध्यक्ष मोहन मरकाम ने कहा कि ने कहा कि एक अनुसूचित जाति को नेता जो जो मील मजदूर से कांग्रेस के राष्ट्रीय अध्यक्ष तक पहुंच गया वह सामंती सोच और फासीवादी चरित्र की भाजपा को बर्दाशत नही हो रहा है। मल्लिकार्जुन खड़गे कांग्रेस पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष बन चुके हैं तो उनके हत्या की साजिश रची जा रही है। कुल मिलाकर यह स्पष्ट है कि कांग्रेस के शीर्ष नेतृत्व पर जो भी होगा उसके चरित्र हत्या से लेकर हत्या तक का षड़यंत्र भाजपा रचेगी। कांग्रेस के राष्ट्रीय अध्यक्ष की हत्या की साजिश करना और उनके मृत्यु की कामना करना और इतना कुछ होने के बावजूद मोदी सहित पूरी भाजपा का चुप रहना इस षड्यंत्र की सच्चाई पर मुहर लगाता है। कर्नाटक के 6.5 करोड़ कन्नडिगा और देशवासी इस हत्यारी मानसिकता का पुरजोर जवाब देंगे।
    प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष मोहन मरकाम ने कहा कि 1991 के आम चुनाव के दौरान प्रधानमंत्री राजीव गांधी की हत्या तमिलनाडु में चुनाव प्रचार के दौरान हुई थी और अब कर्नाटक में भाजपा के प्रत्याशी जो आदतन अपराधी है जिसे तड़ीपार किया गया था जिसके सोशल मीडिया में हत्यारों के साथ तस्वीर है उसका वायरल वीडियो से लगता है कि 1991 में हुई राजीव गांधी की हत्या जैसी कोई बड़ी साजिश रचा जा रहा है इस ऑडियो के सार्वजनिक होने के बाद प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी जी को और भाजपा के राष्ट्रीय अध्यक्ष जेपी नड्डा जी को देश की जनता को बताना क्या भाजपा और हिंसा उन्माद और नफरत फैला कर हत्या करा कर सत्ता हासिल करना चाहती है क्या भाजपा के पास कर्नाटक की जनता के लिए कोई विजन नहीं है इस ऑडियो इस पर समझ में आता है कि उस प्रत्याशी को भारतीय जनता पार्टी के बड़े नेताओं का संरक्षण है मोहन मरकाम ने केंद्रीय चुनाव आयोग से मांग की है कि उक्त ऑडियो के आधार पर भाजपा के प्रत्याशी मणिकांत राठौर की गिरफ्तारी होनी चाहिए और भाजपा नेताओं की जांच होनी चाहिए।

    रायपुर / शौर्यपथ / खनिज निगम के अध्यक्ष गिरीश देवांगन, प्रभारी महामंत्री प्रशासन रवि घोष ने कहा कि जिस प्रकार से भाजपा नेता कांग्रेस के राष्ट्रीय अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खड़गे व उनके परिवार की हत्या की साजिश रच रहे हैं उससे यह समझ में आता है कि भाजपा कांग्रेस पार्टी से मानसिक तौर पर हार चुकी है। भाजपा ध्रुवीकरण, सांप्रदायिकता जैसे अपने पुश्तैनी दांवपेच अपनाने के बाद भी कर्नाटक में खुद को हारता हुआ महसूस कर रही है। अमित शाह अपनी हार से डरकर कर्नाटक की जनता को धमकाने से भी नहीं चूक रहे हैं और खुलेआम कह रहे हैं कि कांग्रेस की सरकार आने पर राज्य में सांप्रदायिक दंगे होंगे। भाजपा अपनी हार से बचने के लिए किसी भी हद तक जाने के लिए तैयार है। गोडसे के अनुयायी जब भी कांग्रेस की विचारधारा से हारते हैं तो कांग्रेस नेतृत्व की हत्या की साजिश रचना शुरू कर देते हैं।

    खनिज निगम के अध्यक्ष गिरीश देवांगन, प्रभारी महामंत्री प्रशासन रवि घोष ने कहा कि कुछ दिनों पहले ही भाजपा विधायक और महासचिव मदन दिलावर ने मल्लिकार्जुन खड़गे की मृत्यु की कामना की थी और कहा था कि कांग्रेस अध्यक्ष 80 वर्ष के हैं और भगवान उन्हें कभी भी उठा सकते हैं। अब चितपुर निर्वाचन क्षेत्र से भाजपा के उम्मीदवार मणिकांत राठौर के द्वारा मलिकार्जुन खरगे व उनके पूरे परिवार की हत्या की साजिश भाजपा रच रही है। मणिकांत राठौर का प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी व मुख्यमंत्री बोम्मई का करीबी होना और भाजपा नेतृत्व का इस मामले पर चुप रहना यह प्रमाणित करत है कि इस साजिश के पीछे भाजपा का ही हाथ है।

      रायपुर / शौर्यपथ / छत्तीसगढ प्रदेश कांग्रेस के प्रवक्ता सुरेंद्र वर्मा ने कहा है कि कर्नाटक में भाजपा के उम्मीदवार मणिकांत राठौर के ऑडियो रिकॉर्डिंग से भाजपा का अपराधिक चरित्र एक बार फिर उजागर हुआ है। कर्नाटक में संभावित चुनावी हार से भयभीत भारतीय जनता पार्टी अपने आजमाएं हुए राजनीतिक टूल्स पर काम कर रही है। इतिहास गवाह है कि भाजपाई चुनावी लाभ के लिए नफरत, हिंसा, उन्माद भड़काने और षडयंत्र रचने से नहीं चूकते। कभी बुल्डोजर तो कभी ठीक कर देने की खुलेआम धमकियां भाजपा के नेता सार्वजनिक सभाओं में देते रहे हैं। कर्नाटक में सांप्रदायिक ध्रुवीकरण के तमाम प्रयास असफल होने के बाद कुंठित भाजपाई अब कायराना हरकत पर उतारू हैं। प्रधानमन्त्री मोदी और देश के गृहमंत्री बताएं की क्या भारतीय जनता पार्टी, कांग्रेस के राष्ट्रीय अध्यक्ष मलिकार्जुन खरगे और उनके परिवार का सफाया करना चाहती है? देश के प्रधानमंत्री मोदी जी विगत 1 हफ्ते से कर्नाटक में जमें हैं, क्या इसी दौरान यह षडयंत्र रचा गया? उनके चहेते भाजपा प्रत्याशी मणिकांत राठौर को किसका संरक्षण है? इस षडयंत्र में और कौन-कौन शामिल हैं?
    प्रदेश कांग्रेस प्रवक्ता सुरेंद्र वर्मा ने कहा है कि भारतीय जनता पार्टी अपराधी, बलात्कारी, भ्रष्टाचारी और आतंकियों की पनाहगाह पार्टी है। चित्तपुर, कर्नाटक से भाजपा प्रत्याशी मणिकांत राठौर के खिलाफ 40 से अधिक आपराधिक मामले दर्ज है, लेकिन क्या मोदी के चहेते होने के कारण उन्हें टिकट दी गई? कांग्रेस का एक दलित कार्यकर्ता आज भारतीय राष्ट्रीय कांग्रेस के अध्यक्ष पद पर पहुंचे हैं, जो भाजपा को बर्दास्त नहीं हो रहा है। आतंकियों को कंधार छोड़ने वाले यही भाजपाई हैं। ध्रुव सक्सेना जैसे आई एस आई के सहयोगी इसी भाजपा के आईटी सेल के पदाधिकारी रहे। आतंकियों के सहयोगी देवेंद्र सिंह को संरक्षण देने वाले भी यही हैं। बलात्कार के आरोपी चिन्मयानंद, कुलदीप सेंगर और अब बृजमोहन शरण के समर्थन में यही भाजपाई हैं। विपक्ष शासित राज्यों में दंगे और अब कांग्रेस के राष्ट्रीय अध्यक्ष और उनके परिजनों के हत्या का षड्यंत्र बेहद निंदनीय है। कर्नाटक पुलिस, देश के गृह विभाग का इंटेलिजेंस और चुनाव आयोग इस आपराधिक षड्यंत्र पर तत्काल कार्यवाही करे।

    सभी विभागों में निकल रही हजारों की संख्या में भर्तियां
    राज्य बनने के बाद पहली बार इतने बड़े पैमाने पर भर्ती अभियान चल रहा

    रायपुर / शौर्यपथ / भूपेश सरकार युवाओं के लिये स्वर्णिम काल है। प्रदेश कांग्रेस संचार विभाग अध्यक्ष सुशील आनंद शुक्ला ने कहा कि सभी विभागो में भर्तीया निकाली जा रही है। अखबारो के पन्ने भर्तियों के विज्ञापनों और खबरों से भरे पड़े है। राज्य बनने के बाद पहली बार इतने बड़े पैमाने पर भर्तियां निकली है। अभी तक लगभग 20 हजार से अधिक पदो के लिये भर्तियां निकल चुकी है। शिक्षा विभाग, राज्य लोक सेवा आयोग, व्यापम, पीडब्लूडी, जल संसाधन विभाग, ऊर्जा विभाग, आईटीआई तकनीकी शिक्षा, विद्युत कंपनी, वन विभाग में भर्तियां निकल चुकी है। शेष सभी भर्तियों में भर्तियां निकालने की तैयारी है। देश के अन्य राज्यों तथा केन्द्र सरकार के विभागों में जहां भर्तियों का अकाल है भूपेश सरकार में छत्तीसगढ़ में भर्तियों की बहार आई है। मुख्यमंत्री भूपेश बघेल की विश्वसनीयता है और उनका कमिटमेंट है जैसे ही कांग्रेस की सरकार बनी 15 साल से सरकारी विभागां में बंद भर्तीयो को उन्होंने ने शुरू किया था। हाईकोर्ट के द्वारा आरक्षण में कटौती के बाद एक गतिरोध की स्थिति आई थी जैसे ही सुप्रीम कोर्ट ने 58 प्रतिशत आरक्षण को बहाल किया मुख्यमंत्री ने फिर से भर्तियों के लिये अभियान छेड़ दिया है। मुख्यमंत्री के इन्हीं प्रयासों के कारण राज्य की बेरोजगारी दर 1 प्रतिशत से कम है।
    प्रदेश कांग्रेस संचार विभाग अध्यक्ष सुशील आनंद शुक्ला ने कहा कि राज्य में भाजपा सरकार के 15 सालों तक युवाओं के लिये सरकारी नौकरी के द्वार बंद कर दिया था। सरकारी विभागों में आउटसोर्सिंग और ठेके पर नियुक्तियां होती थी, कांग्रेस की सरकार बनने के बाद युवाओं के लिये सरकारी विभागों में सीधी भर्तियां निकाली गयी। पिछले साढ़े 4 सालों में सरकारी विभागों में 1 लाख से अधिक भर्तियां कांग्रेस सरकार ने किया। 5 लाख युवाओं को रोजगार दिया गया।
    प्रदेश कांग्रेस संचार विभाग अध्यक्ष सुशील आनंद शुक्ला ने कहा कि मुख्यमंत्री भूपेश बघेल की प्राथमिकता में युवाओं को रोजगार देना है। उनकी सरकार ने युवाओं के रोजगार के लिये बेहतर योजना बनाकर कार्य किया। साढ़े 4 साल में 5 लाख युवाओं को रोजगार, स्वरोजगार एवं सरकारी नौकरी के माध्यम से रोजगार दिये। कांग्रेस की सरकार बनने के बाद युवाओं के सरकारी नौकरी में भर्ती के द्वार खोले गये। नियमित और अनियमित दोनों प्रकार की भर्तियां निकाली गयी। राज्य लोकसेवा आयोग के माध्यम से 2885 नौकरियां व्यापम के माध्यम से 4530 नौकरियां, 14580 शिक्षकों की भर्तियां, बिजली कंपनी में 3000 नौकरियां, स्वास्थ्य विभाग में 4000 नौकरियां, पुलिस विभाग में 8292 नौकरियां, राजस्व विभाग में 392 नौकरियां, वन विभाग में 3861 नौकरियां, महिला एवं बाल विकास विभाग में 800 से अधिक भर्तियां, 250,000 विभिन्न विभागों में नियमित भर्तियां की गयी, 44 विभागों में 3155 अनुकंपा नियुक्तियां, चंदूलाल चंद्राकर मेडिकल कॉलेज 1041 अन्य मेडिकल कॉलेजों में 230 नियुक्ति कृषि उद्यानिकी में 1200 नियुक्तियां इसके अलावा स्वामी आत्मानंद अंग्रेजी माध्यम स्कूल में भी शिक्षकों की भर्ती की गई। 147000 अनियमित को नियमित कर रोजगार दिया। यह तो सरकारी विभागों के रोजगार है। कांग्रेस सरकार ने 14 लाख परिवारों को वन के माध्यम से रोजगार से जोड़ा तथा 26 लाख से अधिक लोगों को मनरेगा के माध्यम से रोजगार दिया गया। 59175 बुनकरों को प्रत्यक्ष रोजगार दिया गया। आने वाले 5 साल में 15 लाख युवाओ को रोजगार देने के लिये भूपेश सरकार ने छत्तीसगढ़ रोजगार मिशन का गठन किया हैं।

    रायपुर / शौर्यपथ / प्रदेश कांग्रेस प्रवक्ता धनंजय सिंह ठाकुर ने कहा कि भाजपा ने 76 प्रतिशत आरक्षण बिल को राजभवन के पीछे छिप कर रोकने का षड्यंत्र किया है। जिसका नुकसान भर्ती प्रक्रिया में जनसँख्या के अनुपात में बढ़े हुए आरक्षण का लाभ नही मिल रहा है और ईडब्ल्यूएस  वाले आरक्षण के लाभ से पूरी तरह वंचित हो गए है। मुख्यमंत्री भूपेश बघेल  की सरकार ने जनसँख्या के अनुपात में आदिवासी वर्ग को 32 प्रतिशत एससी वर्ग को 13 प्रतिशत ओबीसी वर्ग को 27 प्रतिशत और ईडब्ल्यूएस वालों को 4 प्रतिशत आरक्षण देने के लिए 76 प्रतिशत आरक्षण सदन में पारित किया था। जो लगभग 5 माह से हस्ताक्षर नही होने के चलते राजभवन में अटकी हुई है। जिसके चलते सरकारी नौकरी की भर्ती प्रक्रिया और स्कूल कॉलेज में एडमिशन में ओबीसी वर्ग को 13 प्रतिशत एससी वर्ग को 1 प्रतिशत और ईडब्ल्यूएस वाले को 4 प्रतिशत का नुकसान हो रहा है।
    प्रदेश कांग्रेस प्रवक्ता धनंजय सिंह ठाकुर ने कहा कि भाजपा हमेशा से आरक्षित वर्ग के खिलाफ रही है। भाजपा पूंजीपतियों के समर्थक और गरीब एवं दबे कुचले लोगों की विरोधी है। भाजपा नहीं चाहती कि दबे कुचले शोषित वर्ग समाज के मुख्यधारा में जुड़े और खुशहाली के साथ जीवन यापन करें आरएसएस और भाजपा के नेताओं ने कई दफा सार्वजनिक मंचों के माध्यम से देश में आरक्षण को खत्म करने की वकालत कर चुके हैं और वही नीति को चलाने के लिए राजभवन के आड़ में षड्यंत्र कर रहे। भाजपा शासित राज्यों में 50 प्रतिशत से अधिक आरक्षण पर राजभवन हस्ताक्षर कर देता है। लेकिन गैर भाजपा शासित राज्यों में आरक्षण विधेयक को लटकाया जाता है। प्रदेश का हर वर्ग राजभवन जाकर उस 76 प्रतिशत आरक्षण विधेयक पर हस्ताक्षर करने की मांग कर चुकी हैं सिर्फ भाजपा ही अब तक राजभवन जाकर हस्ताक्षर करने की अपील नहीं की हैं इससे समझ में आता है कि भाजपा आरक्षण के खिलाफ है और 76 प्रतिशत आरक्षण के सपोर्ट में जो संकल्प पारित किया गया है उसे भी मोदी सरकार नौवीं अनुसूची में अब तक शामिल नहीं की है यह प्रदेश के आरक्षित वर्ग के साथ अन्याय है और इस अन्याय के लिए सिर्फ भाजपा जिम्मेदार है।

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