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*कार्यकर्ताओं और जन सामान्य तक पार्टी गतिविधियों को आसानी से पहुंचाने के लिए दुर्ग जिला भाजपा की सोशल मीडिया टीम गठित :: भाजपा सोशल मीडिया प्रकोष्ठ दुर्ग के जिला संयोजक रजनीश श्रीवास्तव ने की कार्यकारिणी घोषित*
*पार्टी की विचारधारा, बातों और गतिविधियों को जनसामान्य तक आसानी से पहुंचाने का उत्तम माध्यम है सोशल मीडिया - जितेन्द्र वर्मा*
दुर्ग। शौर्यपथ । भारतीय जनता पार्टी दुर्ग जिला अध्यक्ष जितेन्द्र वर्मा के अनुमोदन एवं जिला भाजपा प्रभारी राजीव अग्रवाल की स्वीकृति और भाजपा सोशल मीडिया प्रकोष्ठ प्रदेश संयोजक सोमेशचंद्र पाण्डेय की सहमति से भाजपा सोशल मीडिया प्रकोष्ठ के जिला संयोजक रजनीश श्रीवास्तव ने अपनी कार्यकारिणी की घोषणा की है। कार्यकारिणी में दुर्ग जिला संगठन अंतर्गत निवासरत सोशल मीडिया प्रकोष्ठ के प्रदेश पदाधिकारी एवं प्रदेश कार्यकारिणी सदस्यगण जिला कार्यसमिति में विशेष आमंत्रित सदस्य के रूप में पदेन शामिल रहेंगे। भाजपा सोशल मीडिया प्रकोष्ठ की नवघोषित कार्यकारिणी निम्नानुसार है :-
जिला संयोजक - रजनीश श्रीवास्तव
जिला सह संयोजक - नारायण दत्त तिवारी, शुभम ताम्रकार,
ट्विटर टोली प्रमुख- कुंदन साहू
फेसबुक इंस्टाग्राम टोली प्रमुख - कृष्णा चौकसे
व्हाट्सएप टेलीग्राम टोली प्रमुख - अरविंद पटेल
कंटेंट मेलिंग/ संकलन टोली प्रमुख- महेंद्र यादव
सोशल मीडिया वॉलिंटियर संपर्क प्रभारी - संदीप चंद्राकर
जिला कार्यकारिणी सदस्य (विधिक) :- प्रशांत जोशी
जिला कार्यकारिणी सदस्य (प्रबुद्धजन) :- सी.ए. आनंद अग्रवाल,
जिला कार्यकारिणी सदस्य :- आसिफ अली सैय्यद, दिनेश पटेल, निर्मल शर्मा, निखिल सुब्बा, गिरीश अग्रवाल।
स्थायी आमंत्रित सदस्य :- जितेन्द्र वर्मा, राजा महोबिया, ललित चंद्राकर, सुरेंद्र कौशिक।
सोशल मीडिया प्रकोष्ठ की जिला कार्यकारिणी की घोषणा पश्चात जिला भाजपा अध्यक्ष जितेंद्र वर्मा ने पदाधिकारियों से मुलाकात की और कहा कि पार्टी के जमीनी स्तर तक के बूथ स्तरीय कार्यकर्ताओं और जनसामान्य तक अपनी बात को सुगम और सरल तरीके से त्वरित गति के साथ पहुंचाने का सबसे उत्तम और लोकप्रिय साधन सोशल मीडिया ही है। सोशल मीडिया के प्रयोग से राजनीतिक क्षेत्र में एक नई क्रांति आई है। उन्होंने नई टीम से अपील की कि सोशल मीडिया के विभिन्न माध्यमों जैसे टि्वटर फेसबुक, इंस्टाग्राम, व्हाट्सएप, टेलीग्राम के जरिए पार्टी के कार्यक्रमों अभियानों और गतिविधियों को पार्टी कार्यकर्ताओं के साथ-साथ आम जन सामान्य तक पहुंचाने में पूरा योगदान करे।
जिला भाजपा सोशल मीडिया प्रकोष्ठ की कार्यकारिणी घोषित होने पर हर्ष व्यक्त करने वालों में जिला भाजपा उपाध्यक्ष नटवर ताम्रकार, दिलीप साहू, विनायक नातू, के.एस. चौहान, श्रीमती अलका बाघमार, जिला महामंत्री ललित चंद्राकर, सुरेंद्र कौशिक, जिला मंत्री पवन शर्मा, बोधन यादव, आशीष निमजे, श्रीमती अमिता बंजारे, रोहित साहू, जिला कोषाध्यक्ष विनोद अरोरा, जिला सह-कोषाध्यक्ष नीलेश अग्रवाल, जिला कार्यालय मंत्री मनोज सोनी, जिला सह-कार्यालय मंत्री मदन वाढ़ई, जिला प्रवक्ता दिनेश देवांगन, जिला मीडिया प्रभारी राजा महोबिया, जिला मीडिया सह-प्रभारी राकेश दुग्गड़, जिला सोशल मीडिया प्रभारी रजनीश श्रीवास्तव, जिला सोशल मीडिया सह प्रभारी- जीत हेमचंद यादव, दिव्या कलिहारी, अजय वर्मा, डॉ देवनारायण तांडी, डोमनलाल कोर्सेवाड़ा, प्रीतपाल बेलचंदन, अजय तिवारी, देवेंद्र सिंह चंदेल, पिछड़ा वर्ग मोर्चा प्रदेश उपाध्यक्ष गजेंद्र यादव, दीपक चोपड़ा, विजय ताम्रकार, डॉ. सुनील साहू, सुनील अग्रवाल, राहुल पंडित, संदीप जैन, देवनारायण चंद्राकर, मनमोहन शर्मा, नरेश शर्मा, आसिफ अली सैय्यद, रीता मेश्राम, चंद्रशेखर चंद्राकर, संतोष सोनी, साजन जोसेफ, रुपेश्वरी साहू, अहिल्या यादव, रेखा यादव, नीतू श्रीवास्तव, गायत्री वर्मा, जयश्री राजपूत, चंद्रिका साहू, मनीषा भारद्वाज देशलहरे, ममता जंघेल, धनेश्वरी वर्मा, बिंदु सिंह भुवाल, मंजूलता अंगारे, मंजू पाण्डेय, केसर गौर, प्रीति खरे, अनुरागिनी तिवारी, संतोषी साहू, रीता देवी सिंह, लता सोनवानी, कुमारी बाई पाल, सुनीता वर्मा, तरुणा चौहान, लता ठाकुर, श्वेता ताम्रकार, चंद्रिका रानी साहू, बसंती गायकवाड, शशि यादव, पूजा चक्रवर्ती, भारती चंद्राकर, सरिता साहू, अनुसूईया साहू, कालिंद्री साहू, वीणा वर्मा, उमा भारती साहू, मनोज शर्मा, मुकेश सोनकर, काशीराम कोसरे, शंकर दमाहे, भारतेंदु गौतम, रोमनाथ साहू, गणेश निर्मलकर, अनिकेत यादव, आशुतोष मिलिंद, मुकेश बेलचंदन, बानी सोनी, राहुल कुमावत, हेमा शर्मा, टीपी वर्मा, डॉ. शरद अग्रवाल, शारदा गुप्ता, रजा खोखर, दीपक सिन्हा, प्रशांत जोशी, चंद्रकांत साहू, संदीप भाटिया, हेमंत गोयल, नरेश तेजवानी, ओमप्रकाश सेन, मीना गुलाब वर्मा, द्वारिका साहू, हेमा जगदीश शर्मा, कविता तांडी, गायत्री साहू, पूर्व पार्षद नरेंद्र गुप्ता, नरेंद्र सिंह चंदेल, नवीन सिंह पवार, मुकेश बेलचंदन, रितेश शर्मा, सत्येंद्र सिंह राजपूत, राजेश चंद्राकर, मोहन बागुल, दीपक उमरे, शम्भू पटेल, सुनील साहू, उत्तम देशमुख, सुनीता साहू, लता साहू, लोमेश्वरी साहू, पीलिया साहू, डॉली तिवारी, पूर्णिमा साहू, यामिनी साहू, लता गंधर्व, राधा राजपूत, त्रिवेणी वर्मा, अनुसुइया नागवंशी, शकुंतला राजपूत, रेखा धनकर, शैल देवांगन, मीनाक्षी महोबिया, मंजू यादव, संतोषी अग्रवाल, गीता ठाकुर, रुपौतीन सिन्हा, दिलेश्वरी तुर्कर, सरस्वती साहू, पुगनी साहू, किरण साहू, राधा साहू, पूर्णिमा साहू, आशा निर्मलकर, अदिति खरिया, पूनम चंद्राकर, नीलू सिंह, मीना बानावाली, राखी ठाकरे, सीमा परगनिहा, विष्णु साहू, प्रीति राजपूत, प्रभा डडसेना, श्वेता कनौजिया, प्रांजल भारद्वाज, संजय शुक्ला, महेश जैन, कौशल साहू, धर्मेंद्र ठाकुर सहित अनेकों कार्यकर्ता शामिल है।
76 प्रतिशत आरक्षण भाजपा के कारण राजभवन में लंबित
रायपुर / शौर्यपथ / भाजपा का यह कहना कि 58 प्रतिशत आरक्षण की बहाली उसकी विचारो की जीत है हास्यास्पद है। प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष मोहन मरकाम ने कहा कि दरअसल 58 प्रतिशत आरक्षण भाजपा की रमन सरकार की जानबूझकर बरती गयी लापरवाही से ही अदालत में खारिज हुआ था। मुकदमे के शुरूआती 6 सालों तक रमन सरकार जानबूझकर तथ्य अदालत से छुपाते रही रमन सरकार के समय सन् 2012 में 58 प्रतिशत आरक्षण के खिलाफ उच्च न्यायालय में मुकदमा लगा था। जिसके संबंध में तत्कालीन रमन सरकार अदालत में सही तर्क नहीं प्रस्तुत कर पाई रमन सरकार की लापरवाही से ही अदालत का फैसला 58 प्रतिशत आरक्षण के खिलाफ आया।
प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष मोहन मरकाम ने कहा कि कांग्रेस की भूपेश सरकार बिलासपुर उच्च न्यायालय के फैसले के खिलाफ सुप्रीम कोर्ट गयी वहां पर देश के सबसे ख्यातिनाम तीन वकीलों मुकुल रोहतगी, कपिल सिब्बल और अभिषेक मनुसिंघवी को पैरवी के लिये रखकर अपना पक्ष रखा जिसके कारण 58 प्रतिशत आरक्षण फिर से बहाल हुआ है।
प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष मोहन मरकाम ने कहा कि बिलासपुर उच्च न्यायालय के द्वारा 58 प्रतिशत आरक्षण रद्द किये जाने के बाद कांग्रेस सरकार ने एक ओर जहां बिलासपुर उच्च न्यायालय के फैसले के खिलाफ सुप्रीम कोर्ट में याचिका दायर किया दूसरी ओर विधानसभा से विशेष सत्र बुलाकर आरक्षण संशोधन विधेयक पारित करवाया विधानसभा में पारित विधेयक में 76 प्रतिशत आरक्षण का प्रावधान किया गया है। जिसमें कांग्रेस सरकार ने सर्व समाज को आरक्षण देने विधानसभा से आरक्षण संशोधन विधेयक पारित करवा कर राजभवन भेजा है। भाजपा के षड़यंत्रों के कारण उस पर हस्ताक्षर नहीं हो रहा है। इस विधेयक में अनुसूचित जनजाति, अनुसूचित जाति को उनकी जनगणना के आधार पर तथा पिछड़ा वर्ग को क्वांटी फायबल डाटा आयोग की रिपोर्ट के आधार पर आरक्षण का प्रावधान किया। इस विधेयक में अनुसूचित जनजाति के लिये 32 प्रतिशत, अनुसूचित जाति के लिये 13 प्रतिशत तथा अन्य पिछड़ा वर्ग के लिये 27 प्रतिशत आरक्षण का प्रावधान है। आर्थिक रूप से कमजोर सामान्य वर्ग के लोगों को भी 4 प्रतिशत आरक्षण का प्रावधान किया गया है। आरक्षण संशोधन विधेयक पर भाजपा अपना रवैय्या स्पष्ट को बताये कि राजभवन इस विधेयक पर हस्ताक्षर कब करेगा।
लगातार अपग्रेड होती चुनावी व्यवस्था में इनफार्मेशन टेक्नोलॉजी के बिना राजनीतिक क्षेत्र में कार्य करना संभव नहीं - जितेन्द्र वर्मा*
रायपुर / शौर्यपथ / प्रदेश कांग्रेस प्रवक्ता धनंजय सिंह ठाकुर ने कहा कि बोरे बासी खाने में भाजपाईयों को शर्म क्यों आती है? भाजपा को छत्तीसगढ़ की संस्कृति खानपान से इतनी नफरत क्यों? श्रम दिवस के अवसर पर श्रमिकों के सम्मान में पूरा प्रदेश बोरे बासी खाकर छत्तीसगढ़ की संस्कृति खान-पान का उत्सव मना रहे है। लेकिन भाजपाई बोरे बासी का उपहास उड़ा कर एक बार और अपने छत्तीसगढ़िया विरोधी चरित्र को प्रदर्शित किया है। सोशल मीडिया में भाजपा और भाजपा से जुड़े लोगों ने सिर्फ बोरे बासी की बुराई की है। किसी भी भाजपा के बड़े नेता ने बोरे बासी खाते हुए अपनी तस्वीर शेयर नहीं की है, बल्कि उपहास उड़ाते टीका टिप्पणी और कमेंट करने का काम किया है।
प्रदेश कांग्रेस प्रवक्ता धनंजय सिंह ठाकुर ने कहा कि असल मायने में भाजपा पूंजीपतियों की पार्टी है इसीलिए उन्हें बोरे बासी खाने में शर्म महसूस होता होगा। भाजपा यह भूल जाती है कि छत्तीसगढ़ के गांव-गांव में सुबह का प्रिय और पौष्टिक भोजन बासी ही है जिसे खाकर किसान खेतों में हल चलाने जाता है, मजदूर मजदूरी करने जाता है, चरवाहा पशुधन को चराने जाता है, बच्चे बासी खाकर स्कूल जाते हैं और युवा बासी खाकर हाथ में बासी टिफिन लेकर कामकाज में जाते हैं। ऐसे में भाजपा के द्वारा बोरे बासी खाने वालों को लेकर की जा रही अशोभनीय टिप्पणी पूरे छत्तीसगढ़ीयो का अपमान है।
प्रदेश कांग्रेस प्रवक्ता धनंजय सिंह ठाकुर ने कहा कि 15 साल के रमन भाजपा शासनकाल के दौरान छत्तीसगढ़ की संस्कृति परंपरा तीज त्यौहार यहां पर खान-पान विलुप्त हो चुका था, मुख्यमंत्री भूपेश बघेल की सरकार ने छत्तीसगढ़ की संस्कृति परंपरा तीज त्यौहार खानपान को पुनर्जीवित करने काम किया है और सरकारी तौर इसका आयोजन किया है। हरेली तिहार, अक्ति में माटी पूजा दिवस, गोवर्धन पूजा, तीजा पोरा, विश्व आदिवासी दिवस के अवसर पर आदिवासी नृत्य महोत्सव, कर्मा जयंती, पुन्नी मेला सहित तमाम प्रकार के जो सांस्कृतिक आयोजन है सरकार जनता के साथ मिलकर उसे मना रही है ।
रायपुर । शौर्यपथ ।
प्रदेश कांग्रेस प्रवक्ता धनंजय सिंह ठाकुर ने कहा कि भाजपा को स्पष्ट करना चाहिए कि मुख्यमंत्री भूपेश बघेल की सरकार ने जनसंख्या के आधार पर एससी 32 प्रतिशत, ओबीसी 27 प्रतिशत, एससी 13 प्रतिशत और ईडब्ल्यूएस वालों को 4 प्रतिशत आरक्षण का लाभ देने के लिए 76 प्रतिशत आरक्षण संशोधन बिल पास किया है उसके पक्ष में है कि विरोध में? अगर भाजपा 76 प्रतिशत आरक्षण संशोधन बिल के पक्ष में है, प्रदेश की आरक्षित वर्ग की भला चाहती है तो पूर्व मुख्यमंत्री डॉ. रमन सिंह, नेता प्रतिपक्ष नारायण चंदेल और भाजपा के प्रदेश अध्यक्ष अरुण साव अब तक राजभवन जाकर आरक्षण बिल पर हस्ताक्षर करने की मांग क्यों नहीं की? प्रदेश का हर वर्ग राजभवन जाकर उक्त बिल में हस्ताक्षर की मांग कर चुके हैं, सिर्फ भाजपा अब तक आरक्षण बिल को लेकर राजनीति कर रही है, बयानबाजी कर रही है लेकिन राजभवन नहीं जा रही है।
प्रदेश कांग्रेस प्रवक्ता धनंजय सिंह ठाकुर ने कहा कि प्रदेश में भाजपा के पास अब मुद्दा नहीं बचा है 2023 के चुनाव में भाजपा आखिर किस मुंह से जनता के बीच जाएगी इसीलिए भाजपा राजभवन की आड़ में छिपकर अपने आरक्षण विरोधी मंसूबे को पूरा कर रही है। कई बार सार्वजनिक तौर पर भाजपा और आरएसएस के नेताओं ने इस देश से आरक्षण को खत्म करने की बात कर चुके हैं और बीते 9 साल में केंद्र की भाजपा सरकार सरकारी संस्थाओं का निजीकरण कर आरक्षित वर्ग को मिलने वाले आरक्षण को खत्म कर रही है। इससे स्पष्ट हो जाता है कि भाजपा प्रदेश के 76 प्रतिशत आरक्षण बिल को लेकर षड्यंत्रकारी राजनीति कर रही है।
प्रदेश कांग्रेस प्रवक्ता धनंजय सिंह ठाकुर ने कहा कि पूरा देश देख रहा है, गैर भाजपा शासित राज्यों में किस प्रकार से राजभवन के कार्यों पर भाजपा के नेता अनैतिक राजनीति कर रहे हैं और राज्य सरकारों के द्वारा जनहित में जो विधेयक पारित कराए जाते हैं उसे रोकने का षड्यंत्र करते हैं। छत्तीसगढ़ में भी आरक्षण विधेयक सहित कई बिल राजभवन में हस्ताक्षर के इंतजार में अभी तक अटका हुआ हैं जिसका नुकसान इस प्रदेश के दो करोड़ 90 लाख जनता को हो रहा है। राजभवन को चाहिए कि प्रदेश की जनता के हित में उक्त सभी बिलों पर हस्ताक्षर करके अपना धर्म निभाये।
रायपुर । शौर्यपथ । देश की जनता के लिये प्रधानमंत्री मोदी के मन की बात बोझिल और उबाऊ रहता है। लोगों की रुचि प्रधानमंत्री के मन की बात सुनने में नहीं रहती है। प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष मोहन मरकाम ने कहा कि लोग मन की बात सुनते तो भाजपा को सुनाने के लिये पंडाल नहीं लगाना पड़ता। भाजपा प्रधानमंत्री की मन की बात सुनने के लिये तैयारी कर रही है उसके लिये अभियान चला रही है। जगह-जगह लोगों को एकत्रित करेगी इसका सीधा मतलब यह है कि प्रधानमंत्री की मन की बात को देश के लोग सुनना नहीं चाहते। उसका कारण यह है कि प्रधानमंत्री 99 एपिसोड तक जो भी मन की बात को कहा है वह जनता की मन की बात को नहीं कहा है, सिर्फ अपने मन की बात को कहा है।
प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष मोहन मरकाम ने कहा कि जनता जानना चाहती है जो वादे किये थे 100 दिन में महंगाई कम करेंगे, उसके बारे में कभी मन की बात नहीं की। हर साल दो करोड़ युवाओं को रोजगार देना नौ साल में लगभग 18, करोड़ युवाओं को रोजगार मिलना था आबादी के अनुसार छत्तीसगढ़ के 37 लाख युवाओं को रोजगार मिलना था अपने मन की बात में इसके बारे में कुछ नही कहते। 2022 तक किसानों की आय दुगुनी करने की बात की थी 2023 के 4 महीने पूरे हो गये किसानों की आय के बारे प्रधानमंत्री कुछ नही कहते जनता अपने मन की बात उनके मुंह से सुनना चाहती है। प्रधानमंत्री सिर्फ अपनी मन की बात थोपना चाहते है और लोग इसलिये इसे सुनना नही चाहते। भाजपा को प्रधानमंत्री की इज्जत बचाने के लिये दस हजार से अधिक तैयारी करके उनकी मन की बात सुनाने की नौटंकी कर रही है।
प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष मोहन मरकाम ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के मन की बात कार्यक्रम को जुमलेबाजी और देश की जनता के साथ झाँसेबाजी करार देते हुए कहा है कि पिछले 9 साल से लगातार बढ़ रही बेरोजगारी मोदी सरकार की नीतियों का नतीजा है। इस दौरान सवा करोड़ से ज्यादा युवा बेरोजगार बढ़ गए, निराश हताश युवाओं ने नौकरी की उम्मीद ही छोड़ दी है, 95 फीसदी बेरोजगार युवा हैं, ग्रेजुएट बेरोजगार युवाओं की संख्या 1 करोड़ 18 लाख से अधिक है, इस पर मोदी के मन में कोई स्थान नहीं है कि इन युवाओं को रोजगार दिया जाय। युवा भारत के सपने दिखाने वाले मोदी ने युवा पीढ़ी को बेरोजगारी का तोहफा दिया है, इस पर भी कभी बात कर लें कि 2014 में हर साल 2 करोड़ युवाओं को रोजगार देने का सब्जबाग दिखाकर देश की सत्ता पर काबिज होने के बावजूद अब तक 15 करोड़ युवाओं को रोजगार देने की बजाय तीन करोड़ तीन लाख बेरोजगार उत्पन्न क्यों कर दिए।
प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष मोहन मरकाम ने कहा कि मोदी के मन की बात सुनते सुनते लोग बोर हो गए हैं। उन्होंने एक भी बार जनता के मन की बात नहीं की है। लोकतंत्र में जनता के मन की बात सुनी जाती है, विपक्ष की भावनाओं का सम्मान किया जाता है, विपक्ष जनता की आवाज उठाता है लेकिन देश में 2014 के बाद से हम दो, हमारे दो की नीति लागू है। न देश का हित दिखाई दे रहा, न जनता के हित में एक भी कदम उठाया गया और न ही विपक्ष को बोलने दिया जा रहा। संसद में हिटलरशाही चलाई जा रही है। लोकतंत्र का गला घोंटा जा रहा है। हिंदुस्तान को बेरोजगारिस्तान बना दिया है। महंगाई आसमान छू रही है। जनता का जीना दूभर हो गया है और नीरो मन की बात सुना रहा है। मोदी कभी आर्थिक विषमता, बेरोजगारी, बेहिसाब महंगाई पर बात करेंगे, इसकी उम्मीद ही नहीं है।
नई दिल्ली. शौर्यपथ. महाराष्ट्र में अजीत पवार को लेकर सियासी हलचल लगातार दिन प्रतिदिन बदल रही है. महाराष्ट्र के कई इलाकों में महाराष्ट्र के भावी मुख्यमंत्री के रूप में अजीत पवार के पोस्टर लगाए गए. इसी बीच नॉट रिचेबल के रूप में पहचान बनते जा रहे अजित पवार ने आखिरकार अपनी चुप्पी तोड़ दी एनसीपी नेता अजित पवार ने कहा कि वह मरते दम तक एनसीपी के साथ रहेंगे ।
बता दे कि महाराष्ट्र की राजनीति में पिछले कुछ दिनों से सियासी हलचल तेज हो गई है. राजनीतिक हलकों में इस बात की चर्चा चल रही है कि एनसीपी के वरिष्ठ नेता अजित पवार महाराष्ट्र के मुख्यमंत्री बनेंगे. मीडिया में अजित पवार के 'नॉट रीचेबल' होने की खबरें भी आ रही थीं. इन तमाम घटनाक्रमों के बाद अजित पवार ने अपनी स्थिति स्पष्ट की. मैं एनसीपी के साथ हूं. अजित पवार ने भी कहा था कि मैं मरते दम तक एनसीपी के साथ काम करूंगा.
अजित पवार मुख्यमंत्री बने तो महाराष्ट्र को होगा फायदा
इस बीच, महाराष्ट्र के विभिन्न स्थानों पर अजित पवार के कुछ बैनर 'भविष्य के मुख्यमंत्री' के उल्लेख के साथ लगाए गए हैं. इस पूरे राजनीतिक हालात पर एनसीपी नेता रोहित पवार ने प्रतिक्रिया दी है. 'टीवी 9 मराठी' के अनुसार रोहित पवार ने कहा, अजीत पवार में मुख्यमंत्री बनने की क्षमता है. रोहित पवार ने बयान दिया कि अगर वे मुख्यमंत्री बने तो महाराष्ट्र को फायदा होगा.
भविष्य के मुख्यमंत्री के रूप में अजीत पवार के नाम की चर्चा के बारे में पूछे जाने पर, रोहित पवार ने कहा, "अगर अजीत पवार को मुख्यमंत्री का पद मिलता है, तो महाराष्ट्र को फायदा होगा. क्योंकि आज के नेताओं की तुलना में अजित पवार की प्रशासन पर मजबूत पकड़ है. ऐसे में कोई भी काम जल्द से जल्द कैसे हो सकता है और आम लोगों को न्याय कैसे मिलेगा? यह हम अजीत पवार से सीख सकते हैं.
अगर महाराष्ट्र में इस समीकरण को दुरुस्त करना है तो महाविकास अघाड़ी के सभी नेता और पार्टियां एक साथ बैठकर इस पर फैसला करेंगे. इसके बाद इसे लागू किया जाएगा. अगर आप एक विधायक या एक कार्यकर्ता के रूप में मुझसे पूछेंगे तो मैं कहूंगा कि अजीत पवार में निश्चित रूप से मुख्यमंत्री बनने की क्षमता है.
*नैतिकता है तो बिरनपुर हत्याकांड से प्रभावित साहू परिवार को सीएम दे 1 करोड़ रुपए मुआवजा और राजपत्रित अधिकारी स्तर की नौकरी - जितेन्द्र वर्मा*
*प्रदेश सरकार को दी आंदोलन की चेतावनी*
दुर्ग। शौर्यपथ । दुर्ग भाजपा के जिलाध्यक्ष जितेंद्र वर्मा ने बिरनपुर कांड में दंगों में मृत हुए स्वर्गीय भुनेश्वर साहू के परिजनों को 10000000 रुपए की मुआवजा राशि एवं परिवार के सदस्य को राजपत्रित अधिकारी के रूप में नियुक्ति करने की मांग कर दी है। दुर्ग जिलाध्यक्ष जितेंद्र वर्मा ने छत्तीसगढ़ के मुख्यमंत्री भूपेश बघेल से सवाल करते हुए जिला भाजपा अध्यक्ष जितेन्द्र वर्मा ने कहा कि जब उत्तर प्रदेश के लखीमपुर खीरी जाकर पांच पांच लोगों को 50-50 लाख प्रति व्यक्ति मुआवजा दे सकते हैं तो उनके स्वयं के शासन में गरीब किसान परिवार के युवा सदस्य की दंगे में आकस्मिक हत्या पर 1 करोड़ मुआवजा तो देना ही चाहिए।
जिला भाजपा अध्यक्ष जितेन्द्र वर्मा ने कहा कि मुख्यमंत्री भूपेश बघेल ने केवल सोनिया-राहुल-प्रियंका की चाटुकारिता करने के लिए उत्तर प्रदेश में जाकर पांच पांच लोगों को 50-50 लाख रुपये के हिसाब से ढाई करोड़ रुपए मुआवजा दे दिया लेकिन अपने ही छत्तीसगढ़ राज्य में गरीब परिवार के युवक की हत्या होने पर मुआवजा देने के लिए फंड की कमी हो जाती है यह बेहद दुर्भाग्यपूर्ण है। छत्तीसगढ़ की जनता की मेहनत की कमाई को अन्य राज्यों में जाकर मुआवजा के रूप में बांटने की गलत परंपरा मुख्यमंत्री भूपेश बघेल ने चालू की है, लेकिन जिस राज्य की जनता के बदौलत वे मुख्यमंत्री बने हैं वहाँ राज्य शासन की कानून व्यवस्था संबंधी लापरवाही से कोई घटना घटित होती है तो प्रभावित परिवार को न्यायसंगत मुआवजा दिया जाना चाहिए लेकिन मुख्यमंत्री साधारण मुआवजा और साधारण सी शासकीय नौकरी देने की घोषणा की हैं, जिसके पूरा होने में भी संदेह है और यह न्यायपूर्ण भी नहीं है क्योंकि प्रभावित परिवार को अपने घर के युवा सदस्य की आकस्मिक हत्या से उत्पन्न मानसिक वेदना को आजीवन सहन करना है, परिजन मृत युवक के प्रेम और स्नेह से आजीवन वंचित रहेंगे, जिसकी क्षतिपूर्ति के लिए कोई भी बड़ी राशि कम है परंतु सीएम द्वारा घोषित 10 लाख रुपये का मुआवजा तो पूरी तरह से अव्यवहारिक और नाकाफी है। यह कांग्रेस सरकार की संवेदनहीनता है। मुख्यमंत्री भूपेश बघेल से यही कहना है कि मुआवजा के नाम पर खानापूर्ति और दिखावा ना करें।
छत्तीसगढ़ के मुख्यमंत्री अपने प्रदेश की जनता के साथ दोगला व्यवहार कर रहे हैं, दूसरे राज्य के प्रभावितों को 50-50 लाख रुपये मुआवजा देने में अपनी शान समझते हैं लेकिन अपने ही राज्य के दंगा प्रभावित साहू समाज के गरीब व्यक्ति के परिवार को 1 करोड़ रुपए देने से पीछे हट रहे हैं। जिला भाजपा अध्यक्ष जितेंद्र वर्मा ने चुनौतीपूर्ण शब्दों में कहा कि सीएम भूपेश बघेल में नैतिकता है तो बिरनपुर हत्याकांड से प्रभावित साहू परिवार को 1 करोड़ रुपए मुआवजा के साथ-साथ राजपत्रित अधिकारी स्तर की शासकीय नौकरी उसी प्रकार से दे जिस प्रकार नेता प्रतिपक्ष स्वर्गीय महेंद्र कर्मा के सुपुत्र को राजपत्रित अधिकारी के रूप में नौकरी दी गई थी अन्यथा दुर्ग जिला भारतीय जनता पार्टी अन्याय सहन नहीं करेगी और दूसरे राज्यों में जाकर छत्तीसगढ़ की जनता की कमाई बांटने वाले मुख्यमंत्री भूपेश बघेल के कृत्यों को आम जनता के सामने लाने के लिए संघर्ष करेगी।
मुम्बई। शौर्यपथ । महाराष्ट्र में इन दिनों राजनीतिक चर्चा जोरों पर है अजित पवार के भाजपा से संपर्क और साथ मे कई विधायकों का समर्थन की चर्चाओ के गर्म बाजार के बीच मुख्यमंत्री पद के दांवोसांसद फुले का इन दांवो पर समर्थन जैसी चर्चाओ के गरम बाजार की हालांकि आधिकारिक पुष्टि नहीं की गई वही एनसीपी द्वारा अजीत पवार के पार्टी बदलने की बात को भी सिरे से नकरने के बाद एनसीपी सुप्रीमो शरद पवार ने एनसीपी को लेकर बड़ा बयान दिया शरद पवार ने युवा कांग्रेस के मंथन कार्यक्रम में युवाओं में जोश भरने के साथ अब देरी से काम नहीं चलेगा रोटी कमाने का वक्त आ गया है एक शब्द के कई अर्थ निकलते हैं शरद पवार के इस बयान से कयास लगाए जा रहे हैं कि अब पार्टी मे बड़े बदलाव हो सकते हैं । वैसे भी महाराष्ट्र क़ी राजनीती के चाणक्य माने जाने वाले शरद पवार अंतिम समय मे पासा पलटने मे माहिर हैँ पिछले विधानसभा चुनाव के समय अजीत पवार वाले चेप्टर से सभी भलीभांति परिचित हैँ ऐसे मे युवा कांग्रेस केमंथन कार्यक्रम मे शरद पवार की कही बातों के भी क़ई आज निकल रहे हैं. अब देखना यह है कि शरद पवार अपनी अपनी चाल कैसे चलते हैं।
Feb 09, 2021 Rate: 4.00
