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खेल / शौर्यपथ / इंग्लैंड की कंडीशन्स में बल्लेबाजी करना आसान नहीं होता है। यहां गेंद स्विंग करती है, विकेट में उछाल और तेजी होती है, ऐसे में टिककर खेल पाना काफी मुश्किल हो जाता है। टीम इंडिया के सलामी बल्लेबाज रोहित शर्मा ने केएल राहुल के साथ मिलकर टीम इंडिया को अच्छी शुरुआत दी। रोहित ने 107 गेंदों का सामना करके 36 रन बनाए। रोहित ने मैच के दूसरे दिन का खेल खत्म होने का बाद बताया कि इंग्लैंड की कंडीशन्स में बल्लेबाजी के लिए उन्होंने खुद में क्या बदलाव किए हैं।
रोहित ने दूसरे दिन का खेल खत्म होने के बाद कहा, 'हां, आपको काफी कुछ बदलना होता है और यह कुछ ऐसा जो मैंने भी किया है। जब गेंद स्विंग होती है तो आपके खेल के बहुत सारे तकनीकी पहलू होते हैं, जिसका आपको एक सलामी बल्लेबाज के रूप में इस्तेमाल करने की जरूरत होती है।' उन्होंने कहा, 'इन परिस्थितियों में खेलना कभी आसान नहीं होता, लेकिन आप मुश्किल परिस्थितियों में हमेशा खुद को एक बल्लेबाज के रूप में चुनौती देते हैं। मैं भी यही करने की कोशिश कर रहा हूं।'
उन्होंने कहा, 'मैंने अपनी तकनीक में भी कुछ बदलाव किए हैं। मैं क्रीज में ज्यादा हिलने-डुलने की कोशिश नहीं कर रहा हूं, बल्ले को शरीर के करीब रखते हुए जितना हो सके स्थिर रहने की कोशिश कर रहा हूं।' रोहित बल्लेबाजी के लिए मुश्किल परिस्थितियों का सामना करने के बाद पुल शॉट खेलने के कारण 36 रन पर आउट हो गए। उन्होंने इस शॉट का बचाव करते हुए कहा कि अगर गेंद उनकी पहुंच में रही तो वह शॉट खेलेंगे। खराब रोशनी और बारिश के कारण दिन में केवल 33.4 ओवर का खेल ही हो पाया, जिसमें भारत ने अपनी पहली पारी में चार विकेट पर 125 रन बनाए। तेज गेंदबाज जेम्स एंडरसन की अगुवाई में इंग्लैंड ने 15 रन के अंदर चार विकेट निकालकर भारत को बैकफुट पर ढकेल दिया। भारत इंग्लैंड के 183 रन से 58 रन पीछे है।
खेल /शौर्यपथ /19 सितंबर से युनाइटेड अरब अमीरात (यूएई) में इंडियन प्रीमियर लीग (आईपीएल) का दूसरा फेज खेला जाना है। इससे ठीक पहले न्यूजीलैंड क्रिकेट टीम पांच मैचों की टी20 इंटरनेशनल सीरीज के लिए बांग्लादेश के दौरे पर जाएगी। बांग्लादेश और न्यूजीलैंड के बीच 1 से 10 सितंबर के बीच पांच मैचों की टी20 इंटरनेशनल सीरीज खेली जाएगी, जिसके सभी मैच ढाका के शेर-ए-बांग्ला स्टेडियम पर होंगे। इंटरनेशनल क्रिकेट काउंसिल (आईसीसी) ने इसकी घोषणा की है। बांग्लादेश क्रिकेट बोर्ड (बीसीसी) और इंग्लैंड एंड वेल्स क्रिकेट बोर्ड (ईसीबी) ने आपसी सहमति से सितंबर में होने वाली लिमिटेड ओवर को मार्च 2023 तक के लिए स्थगित कर दिया था। आईपीएल में न्यूजीलैंड और बांग्लादेश दोनों देशों के क्रिकेटर्स हिस्सा लेंगे, ऐसे में टी20 सीरीज खत्म होते ही, आईपीएल में हिस्सा लेने वाले खिलाड़ी एकसाथ यूएई के लिए रवाना हो सकते हैं।
आईपीएल के तुरंत बाद आईसीसी टी20 वर्ल्ड कप खेला जाना है। टी20 वर्ल्ड कप 17 अक्टूबर से यूएई और ओमान में खेला जाना है। ऐसे में यह टी20 इंटरनेशनल सीरीज बांग्लादेश और न्यूजीलैंड दोनों टीमों के लिए काफी अहम साबित हो सकती है। टी20 वर्ल्ड कप यूएई और ओमान में खेला जाना है, ऐसे में बांग्लादेश की परिस्थितियों में खेलने का कीवी टीम को फायदा मिल सकता है। फिलहाल ऑस्ट्रेलियाई टीम बांग्लादेश के दौरे पर है और दोनों टीमों के बीच पांच मैचों की टी20 इंटरनेशनल सीरीज खेली जा रही है। बांग्लादेश सीरीज में 1-0 से आगे है।
खेल /शौर्यपथ /टीम इंडिया के स्टार टेस्ट बल्लेबाज चेतेश्वर पुजारा की धीमी बल्लेबाजी को लेकर हमेशा ही बहस होती रहती है। वहीं भारत के पूर्व कप्तान सुनील गावस्कर उनके सपोर्ट में उतर आए हैं। गावस्कर का मानना है कि पुजारा का खेलने का तरीका बिल्कुल सही है और अगर टीम को यह सही नहीं लगता, तो उन्हें किसी और की तलाश कर लेनी चाहिए। मजबूत डिफेंस और तकनीक के लिए पहचाने जाने वाले पुजारा को खराब गेंदों पर रन नहीं बना पाने के कारण हाल के सालों में आलोचना का सामना करना पड़ा है। उन्हें हाल में न्यूजीलैंड के खिलाफ वर्ल्ड टेस्ट चैंपियनशिप (डब्ल्यूटीसी) फाइनल के दौरान भी आलोचना की सामना करना पड़ा था।
गावस्कर ने कहा, 'पुजारा ने एक निश्चित तरीके से खेलने के कारण इंटरनेशनल लेवल पर जगह बनाई है, उसे उस तरीके पर विश्वास रखना होगा। अगर टीम को उसके तरीके पर भरोसा नहीं है तो वे किसी और को आजमाने की सोच सकते हैं।' पूर्व भारतीय कप्तान ने कहा, 'लेकिन इस तरीके ने उसके लिए काम किया है, भारत के काम आया है। वह एक छोर पर डटा रहता है जबकि शॉट खेलने वाले खिलाड़ी के पास दूसरे छोर पर शॉट खेलने का मौका होता है क्योंकि उसे पता है कि एक छोर पर मजबूत खिलाड़ी खड़ा है।'
उन्होंने कहा, 'मुझे लगता है कि उसे अपने ऊपर विश्वास रखना होगा और उस तरीके से खेलना जारी रखना होगा जिसे वह बेस्ट समझता है, क्योंकि सालों से उसने भारत के लिए शानदार काम किया है।' पुजारा डब्ल्यूटीसी के दो साल के पहले सीजन के दौरान एक भी शतक नहीं जड़ पाए और इस दौरान 30 से कम की औसत से रन बनाए। पुजारा बुधवार से इंग्लैंड के खिलाफ नॉटिंघम में शुरू हो रही पांच मैचों की सीरीज के दौरान खेलते नजर आएंगे।
खेल /शौर्यपथ / भारतीय महिला हॉकी टीम ने ओलंपिक के इतिहास में पहली बार सेमीफाइनल में जगह बनाई है। टोक्यो ओलंपिक में सोमवार को भारत और ऑस्ट्रेलिया के बीच महिला हॉकी का क्वार्टर फाइनल मैच खेला गया, जिसे भारतीय टीम ने 1-0 से अपने नाम कर लिया। गुरजीत सिंह के इकलौते गोल और इसके साथ मजबूत डिफेंस के दम पर भारतीय महिला हॉकी टीम ने यह ऐतिहासिक जीत दर्ज की। मास्टर ब्लास्टर सचिन तेंदुलकर से लेकर वीरेंद्र सहवाग तक तमाम दिग्गज क्रिकेटरों ने भारतीय महिला हॉकी टीम को जीत की बधाई दी है। सहवाग ने एक बार फिर बधाई देने का बिल्कुल यूनिक तरीका निकाला है। सहवाग ने भारतीय टीम को बधाई देने वाले ट्वीट के साथ ऑस्ट्रेलियाई क्रिकेट कोच जस्टिन लेंगर की एक वीडियो क्लिप शेयर की है।
यह वीडियो क्लिप तब की है, जब भारत ने ऑस्ट्रेलिया में गाबा टेस्ट जीतने के बाद चार मैचों की टेस्ट सीरीज पर 2-1 से कब्जा कर लिया था। उस टेस्ट सीरीज में टीम इंडिया के कई अहम खिलाड़ी चोट के चलते बाहर होते चले गए थे और युवा क्रिकेटरों ने जबर्दस्त प्रदर्शन करते हुए ऑस्ट्रेलिया की फुल स्ट्रेंथ टीम को मात दी थी। टेस्ट सीरीज गंवाने के बाद लेंगर ने कहा था कि कभी भी भारतीयों को हल्के में नहीं लेना चाहिए। सहवाग ने उस वीडियो क्लिप के इसी हिस्से को शेयर किया है। सहवाग ने ट्विटर पर लिखा कि भारतीय महिला हॉकी टीम ने खुद पर भरोसे और कभी ना हार मानने वाले जज्बे के साथ यह जीत दर्ज की।
सचिन तेंदुलकर ने लिखा, 'कल मेंस टीम और आज विमेंस हॉकी टीम, मजा आ गया देखकर। ओलंपिक के सेमीफाइनल में पहली बार जगह बनाने के लिए भारतीय महिला हॉकी टीम को बधाई। आपके पीछे पूरा देश खड़ा है।'
गुरजीत ने 22वें मिनट में पेनल्टी कॉर्नर पर यह अहम गोल किया। इसके बाद भारतीय टीम ने अपनी पूरी ताकत गोल बचाने में लगा दी, जिसमें वह सफल भी रही। गोलकीपर सविता ने बेहतरीन खेल दिखाया और बाकी डिफेंडर्स ने उनका अच्छा साथ दिया।
खेल / शौर्यपथ /जमैका की इलेन थॉम्पसन-हेरा ने महिलाओं के 100 मीटर फर्राटा दौड़ में फ्लोरेंस ग्रिफिथ जॉयनर की 33 साल पुराने ओलंपिक रिकॉर्ड को तोड़ते हुए शनिवार को लगातार दूसरी बार गोल्ड मेडल अपने नाम किया। उन्होंने 10.61 सेकंड का समय लिया जो ग्रिफिथ जॉयनर के 1988 सियोल ओलंपिक (1988) में बनाए 10.62 सेकंड के रिकॉर्ड से बेहतर है।
जमैका के दबदबे वाले में इस स्पर्धा में थॉम्पसन-हेरा ने अपनी हमवतन प्रतिद्वंद्वी शेली-एन फ्रेजर-प्राइस को 0.13 सेकंड से अंतर से पछाड़ा। उनके देश की ही शेरिका जैक्सन ने 10.76 सेकंड के समय के साथ कांस्य पदक जीता। बीजिंग ओलंपिक (2008) के बाद पहली बार जमैका के खिलाड़ियों ने किसी स्पर्धा के पदकों का सूपड़ा साफ किया है।
ओलंपिक में डेब्यू कर रहे चार गुणा 400 मिश्रित रिले स्पर्धा में पोलैंड ने आश्चर्यचकित प्रदर्शन के साथ गोल्ड जीता। इसका सिल्वर अमेरिका जबकि डोमिनिकन गणराज्य ने कांस्य पदक जीता। पुरुषों के चक्का फेंक में स्वीडन के खिलाड़ी पहले और दूसरे स्थान पर है। डेनियल स्टाल नेगोल्ड और साइमन पेटर्ससन ने इसका रजत अपने नाम किया।
खेल / शौर्यपथ / अमेरिकी बीएमएक्स राइडर कॉनोर फील्ड्स ओलंपिक खेलों के सेमीफाइनल स्पर्धा के दौरान गंभीर रूप से दुर्घटनाग्रस्त हो गए, जिसके बाद उन्हें एक अस्पताल के आईसीयू में भर्ती कराया गया। लास वेगास के 28 साल के फील्ड्स रियो ओलंपिक (2016) के गोल्ड मेडल विजेता है। शुक्रवार को सेमीफाइनल मुकाबले के दौरान गंभीर रूप से चोटिल होने के बाद वह सड़क पर बेहोश हो गए थे। अमेरिकी साइकिलिंग ने एक बयान में कहा कि उनके सिर में गंभीर चोट लगी थी, जिसके बाद ओलंपिक के लिए नियुक्त न्यूरोसर्जन को लगा कि उन्हें सर्जरी की जरूरत होगी लेकिन सीटी स्कैन की रिपोर्ट देखने के बाद चिकित्सकों का मानना है कि उन्हें सर्जरी की जरूरत नहीं पड़ेगी।
दुर्घटना में हालांकि फील्ड्स की पसलियों में फैक्चर हो गया और उनके फेफड़ों पर भी इसका असर पड़ा है। उनकी मां लिसा फील्ड्स ने बताया, 'कॉनोर ज्यादातर समय नींद में रह रहा, लेकिन जब नींद खुल रही तो वह बातचीत कर रहा है।' महामारी के कारण ओलंपिक में भाग लेने वाले खिलाड़ियों को परिवार को लाने की अनुमति नहीं है, ऐसे में फील्ड्स की मां लिसा और उनके पिता माइक अमेरिकी ओलंपिक टीम के मुख्य चिकित्सा अधिकारी से उनके स्वास्थ्य की जानकारी ले रहे है।
लिसा ने कहा, 'कॉनोर की अस्पताल में अच्छी देखभाल हो रही है। फील्ड्स शुरुआती दो हीट्स (रेस) के नतीजों के आधार पर पहले ही फाइनल में जगह पक्की कर चुके थे। तीसरे रेस में पहले टर्न (घुमाव) पर साइकिल से उछाल लेते समय वह गिर गए, जिसके बाद दो अन्य राइडरों से भी उनकी टक्कर हो गई। चिकित्सा अधिकारियों के पहुंचने तक वह अचेत अवस्था पर पड़े रहे।' इससे पहले ऑस्ट्रेलिया की साइकिलिस्ट साया साकाकिबारा भी शनिवार को रेस के दौरान चोटिल हो गईं और उन्हें स्ट्रेचर की मदद से हटाया गया।
खेल / शौर्यपथ / अमेरिकी बीएमएक्स राइडर कॉनोर फील्ड्स ओलंपिक खेलों के सेमीफाइनल स्पर्धा के दौरान गंभीर रूप से दुर्घटनाग्रस्त हो गए, जिसके बाद उन्हें एक अस्पताल के आईसीयू में भर्ती कराया गया। लास वेगास के 28 साल के फील्ड्स रियो ओलंपिक (2016) के गोल्ड मेडल विजेता है। शुक्रवार को सेमीफाइनल मुकाबले के दौरान गंभीर रूप से चोटिल होने के बाद वह सड़क पर बेहोश हो गए थे। अमेरिकी साइकिलिंग ने एक बयान में कहा कि उनके सिर में गंभीर चोट लगी थी, जिसके बाद ओलंपिक के लिए नियुक्त न्यूरोसर्जन को लगा कि उन्हें सर्जरी की जरूरत होगी लेकिन सीटी स्कैन की रिपोर्ट देखने के बाद चिकित्सकों का मानना है कि उन्हें सर्जरी की जरूरत नहीं पड़ेगी।
दुर्घटना में हालांकि फील्ड्स की पसलियों में फैक्चर हो गया और उनके फेफड़ों पर भी इसका असर पड़ा है। उनकी मां लिसा फील्ड्स ने बताया, 'कॉनोर ज्यादातर समय नींद में रह रहा, लेकिन जब नींद खुल रही तो वह बातचीत कर रहा है।' महामारी के कारण ओलंपिक में भाग लेने वाले खिलाड़ियों को परिवार को लाने की अनुमति नहीं है, ऐसे में फील्ड्स की मां लिसा और उनके पिता माइक अमेरिकी ओलंपिक टीम के मुख्य चिकित्सा अधिकारी से उनके स्वास्थ्य की जानकारी ले रहे है।
लिसा ने कहा, 'कॉनोर की अस्पताल में अच्छी देखभाल हो रही है। फील्ड्स शुरुआती दो हीट्स (रेस) के नतीजों के आधार पर पहले ही फाइनल में जगह पक्की कर चुके थे। तीसरे रेस में पहले टर्न (घुमाव) पर साइकिल से उछाल लेते समय वह गिर गए, जिसके बाद दो अन्य राइडरों से भी उनकी टक्कर हो गई। चिकित्सा अधिकारियों के पहुंचने तक वह अचेत अवस्था पर पड़े रहे।' इससे पहले ऑस्ट्रेलिया की साइकिलिस्ट साया साकाकिबारा भी शनिवार को रेस के दौरान चोटिल हो गईं और उन्हें स्ट्रेचर की मदद से हटाया गया।
खेल /शौर्यपथ / रवि शास्त्री की गैरमौजूदगी में श्रीलंका दौरे के लिए हेड कोच का पद संभालने वाले राहुल द्रविड़ को भविष्य में टीम इंडिया का कोच बनाया जाना चाहिए या नहीं इस पर इन दिनों काफी चर्चा हो रही है। रवि शास्त्री का कार्यकाल इस साल होने वाले टी-20 विश्व कप के बाद खत्म हो जाएगा। ऐसे में कई पूर्व क्रिकेटर्स की मानें तो द्रविड़ इस पद के लिए शास्त्री को कड़ी टक्कर दे सकते हैं। हालांकि, राहुल द्रविड़ ने कहा है कि उन्होंने इसको लेकर कुछ सोचा नहीं है और वह जो कर रहे हैं उसमें ही काफी खुश हैं। युवा सितारों से सजी भारतीय टीम को श्रीलंका के हाथों टी-20 सीरीज में 2-1 से हार का सामना करना पड़ा।
द्रविड़ से उनके अनुभव शेयर करने के लिए पूछा गया कि अगर भविष्य में मौका मिलता है तो वह क्या कोचिंग पद की जिम्मेदारी संभालना चाहेंगे। इस महान बल्लेबाज ने कहा, 'ईमानदारी से कहूं तो मैं जो अभी कर रहा हूं, उसमें खुश हूं। मैंने इस दौरे के अलावा किसी अन्य चीज के बारे में सोचा नहीं है। मैंने अनुभव का लुत्फ उठाया और मुझे इन खिलाड़ियों के साथ काम करना अच्छा लगा। यह शानदार रहा। और मैंने किसी अन्य चीज के बारे में सोचा नहीं है। पूर्ण रूप से भूमिका निभाने में काफी चुनौतियां होती हैं इसलिए मैं वास्तव में नहीं जानता।' द्रविड़ के हेड कोच रहते हुए श्रीलंका दौरे पर टीम का प्रदर्शन वनडे सीरीज में काफी शानदार रहा और टीम ने 2-1 से सीरीज पर कब्जा किया। लेकिन, कई अहम खिलाड़ियों के कोरोना पॉजिटिव पाए जाने के चलते टीम को टी-20 में हार झेलनी पड़ी।
भारतीय टीम के हेड कोच रवि शास्त्री इस समय भारतीय टेस्ट टीम के साथ हैं जो न्यूजीलैंड से विश्व टेस्ट चैम्पियनशिप का फाइनल हार गई थी और अब इंग्लैंड से पांच मैचों की सीरीज खेलेगी। शास्त्री का कॉन्ट्रैक्ट टी20 विश्व कप के अंत तक का है जो 17 अक्टूबर से 14 नवंबर तक संयुक्त अरब अमीरात (यूएई) और ओमान में खेला जाना है और अभी तक स्पष्ट नहीं है कि वह दोबारा से आवेदन भरना चाहेंगे क्योंकि उनकी उम्र 59 वर्ष है और भारतीय कोच पद के लिए उम्र की अधिकतम सीमा 60 वर्ष है।
खेल / शौर्यपथ / तीन मैचों की सीरीज के दूसरे टी20 इंटरनेशनल मैच में भारत ने श्रीलंका के सामने जीत के लिए महज 133 रनों का लक्ष्य रखा था। श्रीलंका ने इस लक्ष्य को हासिल करते हुए चार विकेट से जीत दर्ज की, लेकिन यह जीत उन्हें आसानी से नहीं मिली। शिखर धवन की कप्तानी वाली टीम इंडिया इस मैच में 9 अहम खिलाड़ियों के बिना खेलने उतरी थी। क्रुणाल पांड्या कोविड-19 टेस्ट में पॉजिटिव पाए गए, जबकि बाकी आठ खिलाड़ी उनके क्लोज कॉन्टैक्ट में होने की वजह से आइसोलेट किए गए हैं। इस मैच में भारतीय स्पिनरों ने श्रीलंकाई बल्लेबाजों को आसानी से रन नहीं बनाने दिए। राहुल चाहर और वरुण चक्रवर्ती ने काफी टाइट गेंदबाजी की। राहुल चाहर ने इस मैच में इकलौता विकेट लिया और वनिंदु हसरंगा को आउट करते ही काफी गुस्से में सेलिब्रेट करते नजर आए, लेकिन हसरंगा के रिएक्शन ने सबका दिल जीत लिया।
आउट होने से पहली गेंद पर हसरंगा ने चौका जड़ा था, लेकिन अगली गेंद पर वह राहुल की फिरकी में फंसकर भुवनेश्वर कुमार को कैच थमाकर पवेलियन लौट गए। हसरंगा ने 11 गेंद पर 15 रनों की पारी खेली। उनका विकेट टीम इंडिया के लिए काफी अहम था। विकेट लेते ही राहुल खूब तेज चिल्लाए और ऐसा लगा कि हसरंगा उन्हें उसी भाषा में जवाब देकर पवेलियन लौटेंगे, लेकिन उन्होंने ऐसा नहीं किया। राहुल की अच्छी गेंद के लिए हसरंगा ने ताली बजाई, जिसने तमाम क्रिकेट फैन्स का दिल जीत लिया है। हसरंगा की खेल भावना इस तरह से राहुल चाहर के गुस्से पर भारी पड़ती नजर आई।
मैच की बात करें तो श्रीलंका ने टॉस जीता और एक बार फिर भारतीय टीम को बल्लेबाजी का न्योता दिया। भारत ने 20 ओवर में पांच विकेट पर 132 रन बनाए। शिखर धवन ने 40 रनों की पारी तो खेली, लेकिन इसके लिए 42 गेंदों का सामना किया। जवाब में श्रीलंका ने 19.4 ओवर में छह विकेट गंवाकर लक्ष्य हासिल करके सीरीज को 1-1 की बराबरी पर ला दिया है। सीरीज का निर्णायक मैच आज खेला जाना है।
Feb 09, 2021 Rate: 4.00
