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धर्म संसार / शौर्यपथ / प्रभु यीशु के जन्म की ख़ुशी में मनाया जाने वाला क्रिसमस का त्योहार पूरी दुनिया में मनाया जाता है। यह त्योहार कई मायनों में बेहद खास है। क्रिसमस को बड़ा दिन, सेंट स्टीफेंस डे या फीस्ट ऑफ़ सेंट स्टीफेंस भी कहा जाता है। प्रभु यीशु ने दुनिया को प्यार और इंसानियत की शिक्षा दी। उन्होंने लोगों को प्रेम और भाईचारे के साथ रहने का संदेश दिया। प्रभु यीशु को ईश्वर का इकलौता प्यारा पुत्र माना जाता है। इस त्योहार से कई रोचक तथ्य जुड़े हैं। आइए जानते हैं इनके बारे में।
क्रिसमस ऐसा त्योहार है जिसे हर धर्म के लोग उत्साह से मनाते हैं। यह एकमात्र ऐसा त्योहार है जिस दिन लगभग पूरे विश्व में अवकाश रहता है। 25 दिसंबर को मनाया जाने वाला यह त्योहार आर्मीनियाई अपोस्टोलिक चर्च में 6 जनवरी को मनाया जाता है। कई देशों में क्रिसमस का अगला दिन 26 दिसंबर बॉक्सिंग डे के रूप मे मनाया जाता है। क्रिसमस पर सांता क्लॉज़ को लेकर मान्यता है कि चौथी शताब्दी में संत निकोलस जो तुर्की के मीरा नामक शहर के बिशप थे, वही सांता थे। वह गरीबों की हमेशा मदद करते थे उनको उपहार देते थे। क्रिसमस के तीन पारंपरिक रंग हैं हरा, लाल और सुनहरा। हरा रंग जीवन का प्रतीक है, जबकि लाल रंग ईसा मसीह के रक्त और सुनहरा रंग रोशनी का प्रतीक है। क्रिसमस की रात को जादुई रात कहा जाता है। माना जाता है कि इस रात सच्चे दिल वाले लोग जानवरों की बोली को समझ सकते हैं। क्रिसमस पर घर के आंगन में क्रिसमस ट्री लगाया जाता है। क्रिसमस ट्री को दक्षिण पूर्व दिशा में लगाना शुभ माना जाता है। फेंगशुई के मुताबिक ऐसा करने से घर में सुख समृद्धि आती है। पोलैंड में मकड़ी के जालों से क्रिसमस ट्री को सजाने की परंपरा है। मान्यता है कि मकड़ी ने सबसे पहले जीसस के लिए कंबल बुना था।
रायपुर / शौर्यपथ / मुख्यमंत्री भूपेश बघेल ने आज यहां अपने निवास कार्यालय में आयोजित बैठक में पंचायत एवं ग्रामीण विकास विभाग, स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण, चिकित्सा शिक्षा और वाणिज्यिक कर (जीएसटी) विभाग की बजट तैयारियों की समीक्षा की।
बैठक में पंचायत एवं ग्रामीण विकास मंत्री टी.एस. सिंहदेव, प्रभारी मुख्य सचिव सुब्रत साहू, अपर मुख्य सचिव स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण एवं चिकित्सा शिक्षा श्रीमती रेणु जी. पिल्लै, प्रमुख सचिव वाणिज्यिक कर विभाग गौरव द्विवेदी, वित्त विभाग की सचिव श्रीमती अलरमेलमंगई डी., पंचायत एवं ग्रामीण विकास विभाग के सचिव आर. प्रसन्ना, मुख्यमंत्री के सचिव सिद्धार्थ कोमल परदेशी, राष्ट्रीय स्वास्थ्य मिशन की संचालक डॉ. प्रियंका शुक्ला, संचालक स्वास्थ्य सेवाएं नीरज बंसोड़, पंचायत एवं ग्रामीण विकास विभाग के संचालक मोहम्मद कैसर हक भी उपस्थित थे ।
रायपुर / शौर्यपथ / प्रदेश में राष्ट्रीय टीकाकरण कार्यक्रम के तहत शिशु संरक्षण माह के 22 जनवरी से 26 फरवरी तक मनाया जाएगा। शिशु संरक्षण माह के दौरान प्रदेश के सभी शासकीय स्वास्थ्य केन्द्रों में बच्चों को विटामिन ’ए’ की खुराक और आयरन सिरप दिया जाएगा। आंगनबाड़ी केन्द्रोें में हितग्राहियों को संपूरक पोषण आहार दिया जाएगा। गंभीर कुपोषित बच्चों को चिन्हाकित कर उन्हें पोषण पुनर्वास केन्द्रों में पोषण आहार दिया जाएगा और कुपोषित बच्चों को समुचित उपचार किया जाएगा।
शिशु संरक्षण माह को सफल बनाने के लिए स्वास्थ्य विभाग और महिला बाल विकास विभाग अन्य विभागों से समन्वय कर आवश्यक सहयोग लेंगे। शिशु संरक्षण माह में 9 माह से 5 वर्ष तक के बच्चों को विटामिन ’ए’ और 6 माह से 5 वर्ष तक के बच्चों को आयरन सिरप की दवा दी जाएगी।
आरंग / शौर्यपथ / अपने विधानसभा क्षेत्र आरंग के लखौली गांव में एक कार्यक्रम में शामिल होने के बाद आंरग की ओर लौट रहे नगरीय प्रशासन मंत्री डॉ. शिवकुमार डहरिया की नजर जब ग्राम बरछा के चबूतरे पर बैठे कुछ ग्रामीणों पर पड़ी तो उन्होंने ड्राइवर को बोलकर तत्काल अपनी गाड़ी रुकवाई और वाहन से उतरकर सीधे चबूतरे के पास जा पहुंचे। गांव के चबूतरे के पास अचानक से वाहन रूकने से वहां बैठे ग्रामीण भी हड़बड़ा सा गए और खड़े हो गए। तभी मंत्री डॉ.डहरिया वाहन से नीचे उतरे और ग्रामीणों से हाथ जोड़ते हुए कहा, नमस्कार, नमस्कार, मोला चिन्हें हव न, का हाल हे परदेशी राम जी, का हाल हे हिरऊ भैय्या। अचानक से मंत्री जी को अपने बीच पाकर और छत्तीसगढ़ी में बोलते हुए देखकर आश्चर्य में डूबे ग्रामीणों को पहचानने में देर नहीं लगी। अपना नाम मंत्री डॉ.डहरिया के जुबान से सुनकर खुशी से समाहित ग्रामीणों ने हाथ जोड़कर नमस्कार का जवाब दिया। इस बीच दूर बैठे कुछ ग्रामीणों को मंत्री ने अपने पास बुलाया और सभी से गांव के विषय में जानकारी लेते हुए उनकी समस्याएं पूछी। अचानक से मंत्री डॉ. डहरिया को अपने गांव के चबूतरे के पास पाकर और उनसे चर्चा करने पर ग्रामीणों ने खुलकर बात की। ग्रामीणों ने कहा गांव में सब ठीक चल रहा है।
इस बीच कुछ ग्रामीणों ने कहा कि वे पिछले कई दिनों से अपने मंत्री से मिलने का विचार भी कर रहे थे। आपके अचानक से हमारे गांव में आ जाने से मिलने की इच्छा भी पूरी हो गई। इस बीच मंत्री डॉ. डहरिया ने कहा कि गांव के अनेक लोग उनसे मिलने के लिए आरंग और रायपुर के कार्यालय सहित निवास में आते रहते हैं, आज मेरी इच्छा हुई तो मैं भी आपके गांव में आपसे मिलने आ गया हूं। मुझे घर में खाना खिलाएंगे की नहीं। मंत्री डॉ.डहरिया की इस बात को सुनकर अनेक ग्रामीणों ने घर में खाना खाकर जाने का आमंत्रण भी दिया, लेकिन उन्होंने फिर कभी आकर भोजन करने की बात कहीं। उन्होंने गांव के परदेशी राम, हिरऊ राम, सुखदेव चेलक सहित अन्य कई ग्रामीणों से चर्चा की और छत्तीसगढ़ की सरकार द्वारा ग्रामीणों के हित में किए जा रहे कार्यों को बताया। इस बीच उनके वहां से जाने के दौरान अनेक ग्रामीणों ने उनके सम्मान में जिंदाबांद के नारे भी लगाए।
रायपुर / शौर्यपथ / छत्तीसगढ़ राज्य निर्वाचन आयोग द्वारा नगर पालिकाओं (नगर पालिका निगम, नगर पालिका परिषद, नगर पंचायत) के आम निर्वाचन और उप निर्वाचन-2021 कराए जाने के लिए एक जनवरी 2021 की संदर्भ तारीख के आधार पर फोटोयुक्त निर्वाचक नामावली तैयार करने हेतु कार्यक्रम (समय अनुसूची) निर्धारित कर दिया है। निर्धारित कार्यक्रम के अनुसार निर्वाचक नामावली तैयार करने का कार्य 25 जनवरी से प्रारंभ होगा। निर्वाचन नामावली का प्रारंभिक प्रकाशन, दावे और आपत्तियां प्राप्त करने का कार्य एक मार्च को तथा निर्वाचक नामावली का अंतिम प्रकाशन 26 मार्च को होगा।
उल्लेखनीय है कि प्रदेश के 9 जिलों की 12 नगरपालिकाओं सूरजपुर जिले की नगर पंचायत प्रेमनगर, कोरिया जिले की नगर पालिका परिषद बैकुंठपुर और नगर पालिका परिषद शिवपुरचरचा, रायपुर जिले की नगरपालिक निगम बीरगांव, दुर्ग जिले की नगरपालिका परिषद जामुल और नगरपालिक निगम रिसाली, बेमेतरा जिले की नगर पंचायत मारो, राजनांदगांव जिले की नगर पालिका परिषद खैरागढ़, सुकमा जिले की नगर पंचायत कोंटा, कांकेर जिले की नगर पंचायत नरहरपुर, बीजापुर जिले की नगर पंचायत भैरमगढ़ और नगर पंचायत भोपालपट्नम में आम निर्वाचन होना है।
इसी प्रकार 9 जिलों की 12 नगरपालिकाओं बिलासपुर जिले की नगर पालिक निगम बिलासपुर के वार्ड क्रमांक 29, रायपुर जिले की नगरपालिका परिषद गोबरानवापारा के वार्ड क्रमांक 14, महासमुंद जिले की नगर पंचायत बसना के वार्ड क्रमांक 9, धमतरी जिले की नगर पंचायत कुरूद के वार्ड क्रमांक 1 और नगर पंचायत मगरलोड के वार्ड क्रमांक 11, बालोद जिले की नगर पंचायत चिखलाकसा के वार्ड क्रमांक 1, 14, 15 और नगर पंचायत डौण्डी के वार्ड क्रमांक 14, 15, बेमेतरा जिले की नगर पंचायत देवकर के वार्ड क्रमांक 7, राजनांदगांव जिले की नगर पालिक निगम राजनांदगांव के वार्ड क्रमांक 17, कोण्डागांव जिले की नगर पालिका परिषद कोण्डागांव के वार्ड क्रमांक 12 और नगर पंचायत केशकाल के वार्ड क्रमांक 6 तथा दंतेवाड़ा जिले की नगर पालिका परिषद बड़े बचेली के वार्ड क्रमांक 8 के लिए उप निर्वाचन होना है।
छत्तीसगढ़ राज्य निर्वाचन आयोग द्वारा जारी आदेशानुसार निर्वाचक नामावली तैयार करने के लिए निर्धारित कार्यक्रम अनुसार प्रथम चरण में रजिस्ट्रीकरण अधिकारी और सहायक रजिस्ट्रीकरण अधिकारियों की नियुक्ति 25 जनवरी की तारीख निर्धारित की गई है। प्रारंभिक प्रारूप निर्वाचक नामावली तैयार करने के लिए कर्मचारियों का चयन और नियुक्ति 30 जनवरी तक की जानी है। निर्वाचक नामावली तैयार कने के लिए रजिस्ट्रीकरण अधिकारी और सहायक रजिस्ट्रीकरण अधिकारी, प्राधिकृत कर्मचारियों का प्रशिक्षण 5 फरवरी तक सम्पन्न किया जाना है।
इसी प्रकार भारत निर्वाचन आयोग की एक जनवरी की स्थिति में तैयार अद्यतन विधानसभा की निर्वाचक नामावली जिला निर्वाचन कार्यालय से 6 फरवरी तक प्राप्त करना है। विधानसभा की निर्वाचक नामावली वार्डवार पृथक कर रजिस्ट्रीकरण अधिकारियों को 9 फरवरी तक उपलब्ध कराना है। प्रचलित परिसीमन के आधार पर रजिस्ट्रीकरण अधिकारी एवं सहायक रजिस्ट्रीकरण अधिकारी द्वारा निर्वाचक नामावली को वार्डवार एवं भागवार 15 फरवरी तक मार्किंग करना है। वार्डवार एवं भागवार चिन्हिंत निर्वाचकों को सॉफ्टवेयर के माध्यम से दर्शित वार्ड के संबंधित भाग के अनुभाग में 20 फरवरी तक शिफ्ट किया जाना है। निर्वाचक नामावली की चेकलिस्ट (पीडीएफ) 22 फरवरी तक तैयार करना है। चेकलिस्ट (पीडीएफ) की 23 फरवरी तक जांच एवं त्रुटि सुधार करना है। चेकलिस्ट संशोधन पश्चात प्रारूप निर्वाचक नामावली मुद्रण हेतु जिला निर्वाचन कार्यालय को 25 फरवरी तक प्रदाय करना है। जिला निर्वाचन कार्यालय द्वारा निर्वाचक नामावली का मुद्रण कराना एवं रजिस्ट्रीकरण अधिकारियों को 27 फरवरी तक उपलब्ध कराना है।
छत्तीसगढ़ राज्य निर्वाचन आयोग द्वारा निर्धारित कार्यक्रम अनुसार द्वितीय चरण में एक मार्च को निर्वाचक नामावली का प्रारंभिक प्रकाशन और दावे तथा आपत्तियां प्राप्त करने का कार्य प्रारंभ हो जाएगा। इसके साथ ही एक मार्च को ही मान्यता प्राप्त राजनैतिक दलों को निर्वाचक नामावली उपलब्ध कराई जाएंगी। निर्धारित कार्यक्रम के अनुसार दावे और आपत्तियां प्राप्त करने की अंतिम तिथि 9 मार्च को दोपहर 3 बजे तक निर्धारित की गई है। 13 मार्च दावे और आपत्तियों का निराकरण की अंतिम तिथि है। प्रारूप क-1 में रजिस्ट्रीकरण अधिकारी, सहायक रजिस्ट्रीकरण अधिकारी को दावा प्रस्तुत करने की अंतिम तिथि भी 13 मार्च है। प्रारूप क-1 में प्राप्त दावों का निराकरण 16 मार्च तक और दावे आपत्तियों के निराकरण आदेश के विरूद्ध अपील करने की अंतिम तारीख निराकरण आदेश पारित होने के 5 दिवस के भीतर होगी। परिवर्धन, संशोधन, विलोपन के प्रकरणों की प्रविष्टि साफ्टवेयर में 20 मार्च तक करना है। चेकलिस्ट का निर्वाचन रजिस्ट्रीकरण अधिकारी द्वार जांच करवाने तथा पीडीएफ मुद्रण हेतु जिला कार्यालय को सौंपने का कार्य 23 मार्च को होगा। अनुपूरक सूची का मुद्रण कराना और अनुपूरक सूची को मूल सूची के साथ संलग्न करने का कार्य 24 मार्च और निर्वाचक नामावली का अंतिम प्रकाशन 26 मार्च 2021 को होगा।
रायपुर / शौर्यपथ / परिवहन तथा वन एवं जलवायु परिवर्तन मंत्री मोहम्मद अकबर ने आज राजधानी स्थित अपने शासकीय निवास में पत्रकार वार्ता लेते हुए जानकारी दी कि सार्वजनिक वाहनों में केन्द्र शासन द्वारा जीपीएस लगाना अनिवार्य किया गया है। एक जनवरी 2019 से सभी नवीन वाहनों में जीपीएस के साथ पैनिक बटन भी लगाया जाना अनिवार्य है। जिससे किसी आपात स्थिति में पैनिक बटन को दबाकर सहायता चाहे जाने का संकेत दिया जा सके और वाहन तक आवश्यक सहायता शीघ्र अतिशीघ्र पहुंचाई जा सके। वाहनों में लगे जीपीएस को ट्रैक करने हेतु व्हीकल ट्रेकिंग प्लेटफार्म व कंट्रोल एण्ड कमांड सेंटर की स्थापना की जाएगी।
इस योजना के क्रियान्वयन हेतु 15.40 करोड़ रूपए का बजट प्रावधान किया जा रहा है। जिसमें से 60 प्रतिशत केन्द्र शासन तथा 40 प्रतिशत राज्य शासन द्वारा वहन किया जाएगा। केन्द्र शासन द्वारा इस हेतु निर्भया फण्ड से 4.19 करोड़ रूपए प्राप्त हो चुका है। राज्य शासन द्वारा भी 6.16 करोड़ रूपए का बजट प्रावधान प्रस्तावित है। इस संबंध में मुख्य सचिव श्री अध्यक्षता में गठित ‘इम्पावर्ड कमेटी’ की बैठक दिनांक 18 जनवरी में इस परियोजना हेतु नीतिगत अनुमोदन प्राप्त किया गया है। परियोजना के क्रियान्वयन की कार्यवाही परिवहन विभाग द्वारा चिप्स के माध्यम से की जा रही है।
रायपुर / शौर्यपथ / मुख्यमंत्री भूपेश बघेल ने धमतरी जिले के गोजी गांव में कबड्डी प्रतियोगिता के दौरान खिलाड़ी नरेन्द्र साहू की आकस्मिक मृत्यु पर गहरा दुःख व्यक्त किया है। उन्होंने दुःख की इस घड़ी में श्री साहू के परिवार के प्रति संवेदनाएं व्यक्त करते हुए मृत आत्मा की शांति के लिए ईश्वर से प्रार्थना की है। मुख्यमंत्री श्री बघेल ने अपने ट्वीट में राज्य में सभी खिलाड़ियों से खेल के दौरान सुरक्षा का विशेष ध्यान रखने की अपील की है।
रायपुर / शौर्यपथ /

राज्यपाल सुश्री अनुसुईया उइके अपने गृह जिले छिंदवाड़ा प्रवास के दौरान अपने व्यस्ततम कार्यक्रम के बीच समय निकालकर छिंदवाड़ा के शासकीय स्वशासी स्नातकोत्तर महाविद्यालय पहुंची, जहां उन्होंने उच्च शिक्षा प्राप्त की थी। वहां उन्होंने अपने पूर्व सहपाठियों जो अब शिक्षक और प्राचार्य के रूप में कार्यरत हैं, से मुलाकात की और पढ़ाई के पुराने दिनों को याद किया। अपने बीच पूर्व सहपाठी सुश्री उइके को उपस्थित पाकर वे गदगद् हो उठे। राज्यपाल ने कहा कि उन्होंने इसी कॉलेज से शिक्षा प्राप्त की और आज उनके मध्य राज्यपाल के रूप में आई हूं। आज मैं जिस स्थान पर पहुंची हूं, मेरे मित्रगणों और शुभचिंतकों की प्रेरणा से पहुंची हूं, जिसे मैं कभी भुला नहीं पाऊंगी।
राज्यपाल ने अपने संबोधन में कहा कि मुझे आज भी वो दिन याद है, जब इस कॉलेज में प्रवेश लिया था और इसी प्रांगण में उन्होंने शिक्षा प्राप्त की थी। मैंने इस संस्थान में ही मैंने सार्वजनिक जीवन की शुरूआत की और छात्र राजनीति में कदम रखा तथा छात्र संघ के विभिन्न पदों पर कार्य किया। उन्होंने कहा कि सकारात्मक मन से प्रयास करेंगे तो आपका ऐसा प्लेटफार्म मिलेगा, जहां पर अच्छा कार्य कर सकते हैं। इस शिक्षण संस्थान का और शिक्षकों का ही आशीर्वाद का प्रभाव मेरे कार्यशैली में परिलक्षित हुआ, जिसके कारण प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी ने उन्हें राज्यपाल का दायित्व सौंपने का निर्णय लिया। इस अवसर पर मैं सभी शिक्षकों को नमन करती हूं। आज कुछ शिक्षकगण यहां नहीं है परन्तु उनका आशीर्वाद सदैव मेरे साथ रहता है और रहेगा। राज्यपाल ने राष्ट्रीय सेवा योजना के वालेंटियर्स से मुलाकात की और उनका लोकनृत्य का प्रदर्शन देखा। उन्होंने महिला शिक्षकों से भी रूबरू हुई और उनका हालचाल जाना। राज्यपाल के सहपाठी रहे शिक्षकों ने कहा कि सुश्री उइके का व्यक्तित्व सरल और संवेदनशील है। वह इतने महत्वपूर्ण पद का दायित्व संभालने के बावजूद भी उनमें उनका प्रभाव नहीं देखा। वे आज भी एक मित्र और सामान्य नागरिक के जैसे ही मुलाकात करती हैं। उन्होंने राज्यपाल को महाविद्यालय आने के लिए धन्यवाद भी दिया। इस अवसर पर श्री दौलत सिंह ठाकुर, श्री सत्येन्द्र ठाकुर, प्राचार्य श्री अमिताभ पाण्डे एवं शिक्षकगण उपस्थित थे।
भिलाई / शौर्यपथ / 32 वॉ सड़क सुरक्षा माह के चौथे दिन गुरूवार को गुरजीत सिंह, उप पुलिस अधीक्षक यातायात के द्वारा बीएसपी के कुल-130 प्रशिक्षु अधिकारियों को एच.आर.डी. भवन मेन गेट भिलाई इस्पात संयंत्र में सड़क सुरक्षा के संबंध में पी.पी.टी. के माध्यम से विस्तृत प्रशिक्षण दिया गया जिसके अंतर्गत वाहन चालन करने से पहले हमें किन-किन बातों का ध्यान रखना चाहिए वाहन कहां पार्क करना चाहिए कहां नहीं, ओव्हर टेक करते समय कौन-कौन सी सावधानियां रखनी चाहिए एवं कौन-कौन सी छोटी-छोटी गलतियों से हम सड़क में दुर्घटना के शिकार होते है, प्रशिक्षण के दौरान उप पुलिस अधीक्षक के द्वारा प्रशिक्षु अधिकारियों के प्रश्नों का उत्तर भी दिया गया कार्यक्रम के अंत में उपस्थित सभी अधिकारियों को भविष्य में यातायात के सभी नियमों का पालन करने हेतु शपथ दिलाया गया तथा अपने-अपने क्षेत्रों में घर परिवार एवं मित्रों को सड़क सुरक्षा के प्रति जागरूक करने के लिए कहा गया जिससे भविष्य में हम जिला दुर्ग को सड़क दुर्घटना मुक्त करने के लिए किये जा रहे प्रयासों मे सफल हो सकें। कार्यक्रम के दौरान बीएसपी के अजय टल्लू (मैनेजर सेफ्टी विभाग), स्वतंत्र कुमार (मास्टर इंस्ट्रक्टर एस.आर.डी. विभाग) आरक्षक तिलक कुमार साहू उपस्थित रहें।
इसी प्रकार अंजोर रथ एवं नुक्कड नाटक के माध्यम से ग्रामीण क्षेत्रों लगने सप्ताहिक बाजार मडई मेला में आज ग्राम निकुम, ग्राम कुथरेल, ग्राम अण्डा में ग्रामीणाों को यातायात नियम के प्रति जागरूक करने तथा यातायात नियम पालन न करने से होने वाले नुकसान के बारे में बताया गया। ग्रामीण क्षेत्र में बी.एस.पी. के एसएमएस-02 एवं एसएमएस-3 के कर्मचारी हेमंत जगत, राजेश वर्मा, प्रमोद नामदेव, के.के.बाडसोरे, प्रवीण, संजय मेश्राम एवं जयश्री के द्वारा नुक्कड नाटक (सुरक्षा आजान) के माध्यम से हमारी किन छोटी छोटी गलतियो की वजह से हम किसी सड़क दुर्घटना के शिकार होते है इसकी जानकारी ग्रामीण को दी गई तथा अंजोर रथ में लगे एलईडी स्क्रीन में यातायात नियम संबंधी शार्ट मूवी के माध्यम से भी ग्रामीण को जागरूक किया गया।
शहरी क्षेत्र में यातायात जागरूकता के प्रचार प्रसार हेतु चार ई-रिक्शा में लगे पोस्टर, लाउड स्पीकर के माध्यम से दुर्ग क्षेत्र, सेक्टर एरिया, वैशाली नगर तथा भिलाई 03 चरोदा के आबादी क्षेत्रों में जाकर यातायात जागरूकता का प्रचार प्रसार किया जा रहा है। इसके अतिरिक्त यातायात पुलिस द्वारा यातायात के सभी जोन में टेन्ट लगाकर यातायात के नियमों का पालन न करने वाले 375 वाहन चालकों से भविष्य में यातायात के सभी नियमों पालन करने हेतु संकल्प पत्र भराया जा रहा है तथा इनके वाहनों में चेतावनी पत्र चिपकाया जा रहा है।
दुर्ग / शौर्यपथ / सिक्खों के दसवें गुरु श्री गुरु गोविन्द सिंघ के प्रकाश पर्व के अवसर पर श्री गुरु सिंघ सभा दुर्ग द्वारा स्टेशन रोड दुर्ग गुरुद्वारा में सेवाकार्य कर रहे सेवादारों का सम्मान किया गया इस कड़ी में नेत्रदान,देहदान,रक्तदान के क्षेत्र में अनुकरणीय कार्य कर रही संस्था नवदृष्टि फाउंडेशन के सदस्यों का सम्मान किया गया,सुरेंद्रपाल सिंघ दुलाई,दुर्ग सिंघ सभा के प्रधान अरविंदर सिंह खुराना,महासचीव दलप्रीत सिंह ने कुलवंत भाटिया,हरमन दुलाई,राज आढ़तिया व जितेंद्र हासवानी को मोमेंटो दे सम्मानित किया, मंच संचालन कर रहे स. राजेंद्र पाल सिंह अरोरा ने संगत को जानकारी दी की संस्था नेत्रदान व रक्तदान के क्षेत्र में उत्कृष्ट कार्य कर रही है व श्री गुरु गोविन्द सिंघ जी के साहिबज़ादों के शहीदी दिवस के अवसर पर संस्था के माध्यम से सिक्ख समाज द्वारा 81 यूनिट रक्तदान कर सेवा की,सम्मानित होने के पश्चात नव दृष्टि फाउंडेशन के हरमन दुलाई ने कहा पिता के हाथों गुरु घर में सम्मनित होना उनके लिए यादगार क्षण है यह उनके लिए यादगार रहेगा, कुलवंत भाटिया ने कहा अपनों से सम्मन मिलने पर हौंसला तो बढ़ता ही है सेवा करने ऊर्जा भी मिलती है। नवदृष्टि फाउंडेशन के अनिल बल्लेवार, कुलवंत भाटिया,राज आढ़तिया,प्रवीण तिवारी,मुकेश आढ़तिया,हरमन दुलई,प्रभु दयाल उजाला, प्रमोद बाघ, रितेश जैन,जितेंद्र हासवानी,सत्येंद्र राजपूत,गोपी रंजन दास,पियूष मालवीय, मुकेश राठी, संतोष राजपुरोहित, रवि कुकरेजा,किरण भंडारी, चेतन जैन, यतीन्द्र चावड़ा, नत्थू अग्रवाल, खुर्शीद अहमद, आकाश मसीह, अनुराग तैलंग, वीरेंद्र पाली, अभय माहेश्वरी , प्रफुल्ल जोशी,विवेक साहू , शैलेश कारिया, मनीष जोशी, प्रसाद राव, दीपक बंसल ने सभी सिक्ख भाइयों को श्री गुरु गोविन्द सिंह के प्रकाशपर्व की बधाई व शुभकामनाएं दी
तीन दिनों तक चलेगा महोत्सव, होंगे विविध आयोजन, वन विभाग दुर्ग डिविजन में हो रहा कार्यक्रम
दुर्ग / शौर्यपथ / 150 से अधिक प्रजातियों के पक्षियों को पनाह देने वाला ''गिधवा'' और ''परसदा'' गांव में छत्तीसगढ़ का पहला पक्षी महोत्सव का आयोजन किया जा रहा है। आयोजन 31 जनवरी से 2 फरवरी तक तीन दिनों तक चलेगा। वन विभाग दुर्ग डिविजन और बेमेतरा जिले में आने वाले इन गाँवों में यह आयोजन किया जाएगा। इसकी तैयारियां वन विभाग द्वारा की जा रही है। जैव विविधता और पर्यावरण संरक्षण में पक्षियों की महत्वपूर्ण भूमिका होती है। गिधवा में 150 प्रकार के पक्षियों का अनूठा संसार है। इनमें जलीय और थलीय दोनों ही प्रकार के पक्षी शामिल हैं। इको टूरिज्म के विकास और स्थानीय रोजगार की दृष्टि से गिधवा-परसदा में समस्त ग्राम वासियों के सहयोग से वन विभाग और उसकी सहयोगी संस्था क्रो फाउंडेशन नोवानेचर वाइल्ड लाइफ वेलफेयर जशपुर के द्वारा छत्तीसगढ़ के पहले बर्ड फेस्टिवल का आयोजन किया जा रहा है। गिधवा नांदघाट से आठ किमी दूर मुंगेली रोड पर है। 100 एकड़ में फैले पुराने तालाब के अलावा परसदा में भी 125 एकड़ के जलभराव वाला जलाशय है। यह क्षेत्र प्रवासी पक्षियों का अघोषित अभयारण्य माना जाता है। सर्दियों की दस्तक के साथ अक्टूबर से मार्च के बीच यहां यूरोप, मंगोलिया, बर्मा और बांग्लादेश से पहुंचते हैं। जलाशय की मछलियां, गांव की नम भूमि और जैव विविधता इन्हें आकर्षित करती है। गिधवा और परसदा दोनों वॉटर बॉडी में गैडवाल, नॉर्थन पिनटेल, रेड क्रेस्टेड पोचार्ड कॉमन पोचार्ड, मार्श, सेंड पाइपर, कॉमन सेंड पाइपर, कॉमन ग्रीन शेंक, कॉमन रेड शेंक आदि सैकड़ों हजारों की तादाद में कलरव करते हैं। इनके अलावा यहां स्थानीय पक्षियों की 50 से अधिक प्रजातियां पाई जाती हैं। छत्तीसगढ़ में पहली बार पक्षी महोत्सव का आयोजन किया जा रहा है जिसमें पक्षी प्रेमियों को विविध प्रकार के पक्षियों को देखने का मौका मिलेगा। दुर्ग डीएफओ श्री धम्मशील गणवीर ने बताया कि पहला पक्षी महोत्सव 31 जनवरी से शुरू होकर 2 फरवरी तक चलेगा। उन्होंने बताया कि महोत्सव में रुचि रखने वाले लोगों को ऑनलाइन पंजीयन करवाना होगा।
तीन दिनों तक चलेगा पक्षी महोत्सव- विदित है कि गिधवा और परसदा में ग्रामीणों के द्वारा विगत कई वर्षों से पक्षियों का संरक्षण किया जा रहा है, ग्राम वासियों सहित आसपास के लोगों को हमारे दैनिक जीवन मे पक्षियों के महत्व को बताने के लिए तीन दिनों का महोत्सव किया जा रहा है। जिसमे ग्राम वासियों के भरपूर सहयोग रहेगा। कार्यक्रम के पहले दिन गिधवा और परसदा के समस्त ग्रामवासी लोगों का स्वागत और अभिनन्दन करेंगे। दूसरे दिन सुबह 6 से 8 बजे और शाम 3 से 6 बजे तक पक्षी विशेषज्ञों के द्वारा पक्षियों के दर्शन कराए जाएंगे दोपहर को विशेषज्ञों के द्वारा अलग विषयों जैसे वेटलैंड पक्षियों के प्रवास सांप और उसके व्यवहार के ऊपर व्यख्यान देंगे। तीसरे दिन स्कूली बच्चों के लिए गिधवा से परसदा तक ''पिनटेल-मैराथन'' का आयोजन किया जाएगा। साथ ही लाइव फोटोग्राफी प्रतियोगिता का आयोजन किया जाएगा और विजेता प्रतिभागियों को पुरुस्कार वितरण के साथ महोत्सव का समापन किया जाएगा। तीनों दिन शाम को सांस्कृतिक आयोजन किया जाएगा।
Feb 09, 2021 Rate: 4.00
