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March 21, 2026
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धर्म संसार / शौर्यपथ / प्रभु यीशु के जन्म की ख़ुशी में मनाया जाने वाला क्रिसमस का त्योहार पूरी दुनिया में मनाया जाता है। यह त्योहार कई मायनों में बेहद खास है। क्रिसमस को बड़ा दिन, सेंट स्टीफेंस डे या फीस्ट ऑफ़ सेंट स्टीफेंस भी कहा जाता है। प्रभु यीशु ने दुनिया को प्यार और इंसानियत की शिक्षा दी। उन्होंने लोगों को प्रेम और भाईचारे के साथ रहने का संदेश दिया। प्रभु यीशु को ईश्वर का इकलौता प्यारा पुत्र माना जाता है। इस त्योहार से कई रोचक तथ्य जुड़े हैं। आइए जानते हैं इनके बारे में।
क्रिसमस ऐसा त्योहार है जिसे हर धर्म के लोग उत्साह से मनाते हैं। यह एकमात्र ऐसा त्योहार है जिस दिन लगभग पूरे विश्व में अवकाश रहता है। 25 दिसंबर को मनाया जाने वाला यह त्योहार आर्मीनियाई अपोस्टोलिक चर्च में 6 जनवरी को मनाया जाता है। कई देशों में क्रिसमस का अगला दिन 26 दिसंबर बॉक्सिंग डे के रूप मे मनाया जाता है। क्रिसमस पर सांता क्लॉज़ को लेकर मान्यता है कि चौथी शताब्दी में संत निकोलस जो तुर्की के मीरा नामक शहर के बिशप थे, वही सांता थे। वह गरीबों की हमेशा मदद करते थे उनको उपहार देते थे। क्रिसमस के तीन पारंपरिक रंग हैं हरा, लाल और सुनहरा। हरा रंग जीवन का प्रतीक है, जबकि लाल रंग ईसा मसीह के रक्त और सुनहरा रंग रोशनी का प्रतीक है। क्रिसमस की रात को जादुई रात कहा जाता है। माना जाता है कि इस रात सच्चे दिल वाले लोग जानवरों की बोली को समझ सकते हैं। क्रिसमस पर घर के आंगन में क्रिसमस ट्री लगाया जाता है। क्रिसमस ट्री को दक्षिण पूर्व दिशा में लगाना शुभ माना जाता है। फेंगशुई के मुताबिक ऐसा करने से घर में सुख समृद्धि आती है। पोलैंड में मकड़ी के जालों से क्रिसमस ट्री को सजाने की परंपरा है। मान्यता है कि मकड़ी ने सबसे पहले जीसस के लिए कंबल बुना था।

  दुर्ग / शौर्यपथ / पवित्र रमजान माह के दौरान शहर में आपसी भाईचारे और सौहार्द का सुंदर उदाहरण देखने को मिला। मशहूर शायर नवेद रज़ा दुर्गवी की ओर से केलाबाड़ी शास्त्री चौक में रोजा इफ्तार का आयोजन किया गया, जिसमें विभिन्न धर्मों और समाज के लोगों ने बड़ी संख्या में भाग लेकर सर्वधर्म समभाव का संदेश दिया।
इस अवसर पर रोजेदारों के साथ अन्य धर्मों के लोगों ने भी शामिल होकर इफ्तार किया और एक-दूसरे को रमजान की शुभकामनाएं दीं। इफ्तार के बाद सभी ने मिलकर नमाज-ए-मगरिब अदा की और देश में अमन, शांति तथा भाईचारे की दुआ मांगी।
नमाज के बाद आयोजित आम लंगर में भी बड़ी संख्या में लोगों ने भाग लिया और सौहार्दपूर्ण माहौल में प्रसाद ग्रहण किया।कार्यक्रम को सफल बनाने में हाजी रियाज गौहर, हाजी ताहिर निजाम, डॉ. नौशाद सिद्दीकी, सुनील श्रीवास्तव और शायर आलोक नारंग सहित अनेक लोगों का विशेष योगदान रहा।

मृणेन्द्र चौबे

राजनांदगांव। शौर्यपथ। भारत रत्न स्व. अटल बिहारी वाजपेई स्मृति शासकीय चिकित्सा महाविद्यालय संबद्ध चिकित्सालय पेंड्री में डॉक्टरों और नर्सिंग स्टाफ की संवेदनशीलता तथा समर्पण से एक लावारिस बुजुर्ग मरीज को नया जीवन मिला है। कोमा और गैस्पिंग की गंभीर अवस्था में अस्पताल लाए गए इस अज्ञात मरीज का लगभग 20 दिनों तक लगातार उपचार किया गया, जिसके बाद वह पूरी तरह स्वस्थ होकर अस्पताल से डिस्चार्ज हो गया।

जानकारी के अनुसार 24 फरवरी 2026 को 108 एम्बुलेंस के माध्यम से एक अज्ञात बुजुर्ग मरीज को अत्यंत नाजुक हालत में अस्पताल लाया गया था। भर्ती के समय मरीज गहरे कोमा में था और गैस्पिंग की स्थिति में अंतिम सांसें ले रहा था। चिकित्सकीय जांच में पता चला कि मरीज लीवर की गंभीर बीमारी से ग्रसित था, जिसके कारण वह हेपेटिक एन्सेफैलोपैथी (दिमाग पर असर) की खतरनाक स्थिति में पहुंच चुका था।

इसके साथ ही मरीज के शरीर में प्रोटीन की अत्यधिक कमी के कारण पूरे शरीर में सूजन थी और संक्रमण फैलने से वह सेप्टिक शॉक की स्थिति में था। चिकित्सकों के अनुसार इस अवस्था में मरीज के बचने की संभावना बेहद कम होती है, लेकिन समय पर मिले उपचार और टीमवर्क से उसे नया जीवन मिल सका।

डीन डॉ. पी. एम. लुका एवं मेडिकल सुपरिटेंडेंट डॉ. देशकर के मार्गदर्शन तथा मेडिसीन विभागाध्यक्ष डॉ. एन. के. तिरकी के नेतृत्व में चिकित्सकों की टीम ने तत्काल उपचार शुरू किया। मरीज के अज्ञात और लावारिस होने के बावजूद अस्पताल प्रबंधन ने संवेदनशीलता दिखाते हुए उसके सभी आवश्यक परीक्षण, जांच और दवाइयों की व्यवस्था पूरी तरह नि:शुल्क कराई।

इलाज की जिम्मेदारी डॉ. प्रकाश खुंटे के साथ डॉ. आशीष दुलानी, डॉ. भूपेंद्र जंघेल, डॉ. आकाश चंद्राकर और डॉ. विकास जैन की टीम ने संभाली। चिकित्सकों ने मरीज की स्थिति को देखते हुए लगातार मॉनिटरिंग और आवश्यक उपचार जारी रखा। इस दौरान इंटर्न डॉक्टरों ने भी उपचार प्रक्रिया में सक्रिय सहयोग दिया।

डॉक्टरों के साथ-साथ नर्सिंग स्टाफ की विशेष देखभाल भी मरीज के स्वस्थ होने में महत्वपूर्ण साबित हुई। सिस्टर इंचार्ज रेखा और नर्सिंग ऑफिसर केसर, राजलक्ष्मी, मोहिनी, पूजा निषाद तथा चंद्रकला ने चौबीसों घंटे मरीज की सेवा की। वार्ड बॉय और आया वर्ग ने भी मरीज की देखभाल में पूरा सहयोग दिया, जिससे उसकी हालत में धीरे-धीरे सुधार होता गया।

लगातार लगभग 10 दिनों तक आईसीयू और क्रिटिकल केयर में गहन उपचार के बाद मरीज की स्थिति स्थिर हुई और वह धीरे-धीरे होश में आने लगा। इसके बाद सामान्य वार्ड में रखकर उपचार जारी रखा गया। करीब 20 दिनों तक चले उपचार के बाद 14 मार्च 2026 को बुजुर्ग मरीज पूरी तरह स्वस्थ हो गया और उसे अस्पताल से डिस्चार्ज कर दिया गया।

मृणेन्द्र चौबे

राजनांदगांव। शौर्यपथ। प्रेस क्लब राजनांदगांव के प्रतिष्ठापूर्ण चुनाव का आयोजन रविवार को उत्साहपूर्ण और लोकतांत्रिक माहौल में सम्पन्न हुआ। अध्यक्ष, सचिव और कोषाध्यक्ष के तीन प्रमुख पदों के लिए मतदान के माध्यम से चुनाव कराया गया। चुनाव परिणाम में सचिन अग्रहरि ने लगातार तीसरी बार अध्यक्ष पद पर जीत दर्ज कर इतिहास दोहराया। वहीं अनिल त्रिपाठी सचिव और बसंत शर्मा कोषाध्यक्ष पद पर निर्वाचित घोषित किए गए। परिणाम घोषित होते ही विजेताओं और समर्थकों ने एक-दूसरे को बधाई देते हुए जीत का जश्न मनाया।

अध्यक्ष पद के लिए हुए चुनाव में दो प्रत्याशियों के बीच सीधा मुकाबला हुआ। इसमें सचिन अग्रहरि को 107 मत प्राप्त हुए, जबकि उनके प्रतिद्वंद्वी कमलेश स्वर्णकार को 41 वोट मिले। इस प्रकार सचिन अग्रहरि ने 66 मतों के बड़े अंतर से जीत हासिल कर लगातार तीसरी बार अध्यक्ष बनने का गौरव प्राप्त किया।

सचिव पद के लिए हुए मुकाबले में अनिल त्रिपाठी को सर्वाधिक 74 वोट मिले। उनके बाद विक्रम बाजपेयी को 50 मत प्राप्त हुए। वहीं सुरेंद्र गुप्ता को 12, मनोज राठौर को 6 और योगेश शर्मा को 6 मत मिले।

कोषाध्यक्ष पद के लिए हुए चुनाव में बसंत शर्मा को 85 वोट प्राप्त हुए। उनके निकटतम प्रतिद्वंद्वी रवि सिंह ठाकुर को 32 और प्रमोद शेंडे को 31 मत मिले।

148 मतदाताओं ने किया मतदान

प्रेस क्लब चुनाव में कुल 158 मतदाता थे, जिनमें से 148 सदस्यों ने अपने मताधिकार का प्रयोग किया। सुबह 10 बजे से दोपहर 2 बजे तक मतदान प्रक्रिया चली। इसके बाद दोपहर 3 बजे से मतगणना शुरू हुई और शाम करीब 5 बजे तक परिणाम घोषित कर दिए गए।

इस चुनाव में पहली बार लगभग 93.67 प्रतिशत मतदान दर्ज किया गया, जो सदस्यों के उत्साह और सक्रिय भागीदारी को दर्शाता है। अस्वस्थता और व्यस्तता के बावजूद बड़ी संख्या में पत्रकारों ने मतदान कर लोकतांत्रिक प्रक्रिया में भागीदारी निभाई।

चुनाव में निर्वाचन अधिकारी के रूप में वरिष्ठ अधिवक्ता उमाकांत भारद्वाज के साथ मनोज चौधरी, विमल हाजरा, मनीष तिवारी, सुनीता वर्मा, खेमराज वर्मा, नंदिनी, खुशी और नितिन साहू ने अपनी जिम्मेदारी निभाई।

पत्रकारों के हित में होगा और बेहतर काम : सचिन अग्रहरि

तीसरी बार अध्यक्ष चुने जाने के बाद सचिन अग्रहरि ने मीडिया से चर्चा करते हुए कहा कि यह जीत प्रेस क्लब के सभी सदस्यों की जीत है। उन्होंने बताया कि पिछले दो कार्यकाल के दौरान पत्रकारों के लिए आवासीय परिसर का आवंटन और वहां विकास कार्य कराए गए हैं।

उन्होंने कहा कि नए कार्यकाल में शेष विकास कार्यों को पूरा कराने के साथ जिन पत्रकारों को अभी तक आवासीय भूखंड नहीं मिल पाया है, उन्हें भूखंड उपलब्ध कराना प्राथमिकता होगी। उन्होंने भरोसा जताया कि इस बार भी पहले से बेहतर कार्य कर पत्रकारों के हितों को आगे बढ़ाया जाएगा।

रायपुर / शौर्यपथ /
छत्तीसगढ़ राज्य पॉवर कंपनी ने बिजली उपभोक्ताओं को साइबर ठगी से सतर्क रहने की अपील करते हुए कहा है कि मुख्यमंत्री बिजली बिल भुगतान समाधान योजना (एमबीबीएस) के पंजीयन या किसी भी प्रकार के भुगतान के लिए किसी अनजान वॉट्सएप, ई-मेल या एसएमएस पर प्राप्त लिंक पर क्लिक करने से बचें। कंपनी ने स्पष्ट किया है कि इस योजना के नाम पर भेजे जाने वाले किसी भी लिंक या एपीके फाइल को डाउनलोड न करें, क्योंकि पॉवर कंपनी अपनी किसी भी योजना या सेवा के लिए उपभोक्ताओं को एपीके फाइल या वेब लिंक कभी नहीं भेजती।
पॉवर कंपनी के प्रबंध निदेशक (एमडी) श्री भीम सिंह ने बताया कि मुख्यमंत्री बिजली बिल भुगतान समाधान योजना की जानकारी आम उपभोक्ताओं तक पहुंचाने के लिए मैदानी स्तर पर विशेष शिविर आयोजित किए जाएंगे। उन्होंने उपभोक्ताओं से अपील की है कि वे अपने बिजली बिल अथवा किसी भी भुगतान को केवल ‘मोर बिजली’ मोबाइल एप, कंपनी की आधिकारिक वेबसाइट, एटीपी सेंटर या नजदीकी विद्युत कार्यालय के माध्यम से ही करें।
उन्होंने यह भी स्पष्ट किया कि उपभोक्ता किसी भी मैदानी कर्मचारी को नकद भुगतान न करें। योजना के अंतर्गत पंजीयन राशि के भुगतान की सुविधा केवल मोर बिजली एप, एटीपी केंद्र और संबंधित विद्युत कार्यालयों में ही उपलब्ध है।
पॉवर कंपनी ने यह भी बताया कि बिजली बिल भुगतान अथवा किसी अन्य सूचना से संबंधित संदेश उपभोक्ताओं को केवल “CSPDCL-S” सेंडर आईडी से ही भेजे जाते हैं। यदि किसी अन्य नंबर या माध्यम से कोई संदिग्ध संदेश प्राप्त होता है, तो उपभोक्ता सतर्क रहें और उस पर प्रतिक्रिया न दें।
मुख्यमंत्री बिजली बिल भुगतान समाधान योजना या विद्युत सेवाओं से संबंधित किसी भी जानकारी के लिए उपभोक्ता पॉवर कंपनी के केंद्रीकृत कॉल सेंटर के टोल फ्री नंबर 1912 पर संपर्क कर सकते हैं या अपने नजदीकी सीएसपीडीसीएल कार्यालय में जानकारी प्राप्त कर सकते हैं। पॉवर कंपनी ने उपभोक्ताओं से अपील की है कि सतर्कता ही सुरक्षा है—सावधानी बरतकर ही साइबर ठगों से बचा जा सकता है।

रायपुर / शौर्यपथ /
मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय ने कहा है कि प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी और केंद्रीय गृह मंत्री श्री अमित शाह के दृढ़ संकल्प के परिणामस्वरूप अब बस्तर क्षेत्र में शांति और खुशहाली बहाल करने की दिशा में सरकार तेजी से सफल हो रही है। उन्होंने कहा कि लगभग चार दशकों तक नक्सल प्रभाव से प्रभावित रहा बस्तर क्षेत्र अब तेजी से विकास की राह पर आगे बढ़ रहा है और प्रदेश जल्द ही नक्सलवाद से मुक्त छत्तीसगढ़ की दिशा में अग्रसर होगा।

मुख्यमंत्री श्री साय नवा रायपुर स्थित आदिम जाति अनुसंधान एवं प्रशिक्षण संस्थान (TRTI) परिसर में आयोजित दो दिवसीय ‘आदि परब’ के समापन समारोह को संबोधित कर रहे थे। उन्होंने कहा कि ‘परंपरा से पहचान तक’ थीम पर आयोजित यह आयोजन जनजातीय संस्कृति, कला और परंपराओं को साझा मंच प्रदान करने वाला महत्वपूर्ण उत्सव है, जिसमें छत्तीसगढ़ के साथ-साथ तेलंगाना, ओडिशा, महाराष्ट्र और झारखंड के आदिवासी लोक कलाकारों ने भी भाग लिया।

मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रदेश की 43 विभिन्न जनजातियों के लोग एक मंच पर एकत्रित हुए, जो छत्तीसगढ़ की सांस्कृतिक विविधता और समृद्ध परंपराओं का प्रतीक है। उन्होंने इस सफल आयोजन के लिए विभागीय टीम को बधाई दी और ‘आदि परब’ की चित्रकला और परिधान को ‘गोल्डन बुक ऑफ वर्ल्ड रिकॉर्ड’ पुरस्कार मिलने पर प्रसन्नता व्यक्त करते हुए सभी प्रतिभागियों को शुभकामनाएं दीं।

इस अवसर पर मुख्यमंत्री ने जनजातीय समाज के युवाओं को उच्च शिक्षा और शोध के बेहतर अवसर उपलब्ध कराने के उद्देश्य से टीआरटीआई परिसर में लगभग 5 करोड़ रुपये की लागत से निर्मित 100 सीटर छात्रावास का लोकार्पण भी किया। उन्होंने कहा कि जनजातीय बाहुल्य प्रदेश छत्तीसगढ़ में ऐसे आयोजनों का विशेष महत्व है, क्योंकि यह हमारी समृद्ध सांस्कृतिक विरासत, पारंपरिक चित्रकला, शिल्प, हाट-बाजार और जनजातीय व्यंजनों की झलक दुनिया के सामने प्रस्तुत करता है।

मुख्यमंत्री ने कहा कि यहां स्थापित दो संग्रहालयों में से एक शहीद वीर नारायण सिंह की जीवनगाथा को समर्पित है। उन्होंने याद दिलाया कि 1 नवंबर 2025 को छत्तीसगढ़ राज्य स्थापना की रजत जयंती के अवसर पर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने देश के पहले डिजिटल ‘शहीद वीर नारायण सिंह स्मारक सह-जनजातीय स्वतंत्रता संग्राम सेनानी संग्रहालय’ का लोकार्पण किया था। दूसरे जनजातीय संग्रहालय में जन्म, विवाह और मृत्यु संस्कारों सहित जनजातीय जीवन की परंपराओं और पारंपरिक परिधानों का जीवंत चित्रण किया गया है। उन्होंने कहा कि आधुनिकता की दौड़ में हमें अपनी सांस्कृतिक विरासत को सहेजना और संरक्षित करना होगा।

मुख्यमंत्री ने कहा कि आज देश में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में आदिवासी समाज का कल्याण सर्वोच्च प्राथमिकताओं में शामिल है। उन्होंने कहा कि देश के सर्वोच्च पद पर आदिवासी समाज की बेटी राष्ट्रपति श्रीमती द्रौपदी मुर्मु का पहुंचना पूरे जनजातीय समाज के लिए गौरव का विषय है।

उन्होंने बताया कि धरती आबा जनजातीय ग्राम उत्कर्ष अभियान के तहत प्रदेश में चिन्हित 6 हजार 691 बसाहटों का कायाकल्प किया जा रहा है। वहीं पीएम जनमन योजना के माध्यम से विशेष पिछड़ी जनजातियों को सड़क, आवास और अन्य मूलभूत सुविधाएँ उपलब्ध कराई जा रही हैं, जिससे प्रदेश की 2300 से अधिक पीवीटीजी बसाहटों के 56 हजार से अधिक परिवार लाभान्वित हो रहे हैं।

मुख्यमंत्री ने कहा कि नियद नेल्लानार योजना (आपका अच्छा गांव) के माध्यम से नक्सल प्रभावित बस्तर क्षेत्र के गांवों में सड़क, बिजली, पानी, स्वास्थ्य और शिक्षा जैसी बुनियादी सुविधाएँ पहुंचाई जा रही हैं, जिससे वहां के लोगों को अब सरकारी योजनाओं का सीधा लाभ मिलने लगा है।

कार्यक्रम को संबोधित करते हुए आदिम जाति विकास मंत्री श्री रामविचार नेताम ने कहा कि मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय के नेतृत्व में जनजातीय समाज के गौरव और विकास के लिए कई महत्वपूर्ण कार्य किए गए हैं। उन्होंने बताया कि प्रदेश में 3357 आश्रम-छात्रावास, 17 प्रयास विद्यालय और 75 एकलव्य विद्यालय संचालित किए जा रहे हैं, जो जनजातीय विद्यार्थियों के उज्ज्वल भविष्य के निर्माण में महत्वपूर्ण भूमिका निभा रहे हैं। उन्होंने यह भी बताया कि वनाधिकार मान्यता अधिनियम (FRA) के तहत 4 लाख 25 हजार 425 हितग्राहियों को 3.49 लाख हेक्टेयर क्षेत्र में पट्टा प्रदान किया गया है।

वन एवं जलवायु परिवर्तन मंत्री श्री केदार कश्यप ने भी ‘आदि परब’ आयोजन की सराहना करते हुए कहा कि डबल इंजन की सरकार के प्रयासों से प्रदेश नक्सलवाद से मुक्त होने की दिशा में तेजी से आगे बढ़ रहा है और इस दिशा में मुख्यमंत्री श्री विष्णुदेव साय की महत्वपूर्ण भूमिका है।

कार्यक्रम के दौरान मुख्यमंत्री ने यूपीएससी परीक्षा में सफल जनजातीय समाज के श्री अंकित साकिनी और श्री डायमंड ध्रुव को सम्मानित किया। साथ ही प्रयास आवासीय विद्यालय के उन विद्यार्थियों को भी सम्मानित किया गया जिनका चयन आईआईटी और एनआईटी में हुआ है। मुख्यमंत्री ने इन विद्यार्थियों को लैपटॉप के लिए चेक भी प्रदान किए।

समारोह में मुख्यमंत्री ने सरगुजा क्षेत्र के जनजातीय इतिहास पर आधारित एक पुस्तक का विमोचन किया तथा 43 जनजातियों के पारंपरिक परिधान में सजे युवाओं द्वारा प्रस्तुत अटायर शो का आनंद लिया, जिसने दर्शकों को जनजातीय संस्कृति की विविधता से रूबरू कराया।

कार्यक्रम में विधायक श्री प्रबोध मिंज, श्री इन्द्रकुमार साहू, छत्तीसगढ़ भवन एवं अन्य सन्निर्माण कर्मकार कल्याण मंडल के अध्यक्ष डॉ. रामप्रताप सिंह, छत्तीसगढ़ जनजातीय आयोग के अध्यक्ष श्री रूपसिंह मण्डावी, छत्तीसगढ़ राज्य औषधि एवं पादप बोर्ड के अध्यक्ष श्री विकास मरकाम, आदिम विकास विभाग के प्रमुख सचिव श्री सोनमणि बोरा, आयुक्त डॉ. सारंश मित्तर तथा टीआरटीआई की संचालक श्रीतमी हिना नेताम सहित बड़ी संख्या में जनजातीय समाज के गणमान्यजन उपस्थित थे।

दो दिवसीय ‘आदि परब’ का समापन जनजातीय संस्कृति, कला और परंपराओं के उल्लासपूर्ण उत्सव के साथ हुआ, जिसने छत्तीसगढ़ की समृद्ध आदिवासी विरासत को एक बार फिर राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय मंच पर पहचान दिलाई।

रायपुर / शौर्यपथ /
प्रदेश के लाखों बिजली उपभोक्ताओं को आर्थिक राहत देने के उद्देश्य से मुख्यमंत्री श्री विष्णुदेव साय द्वारा 12 मार्च 2026 को शुरू की गई मुख्यमंत्री बिजली बिल भुगतान समाधान योजना (एमबीबीएस) बड़ी राहत बनकर सामने आई है। इस योजना के माध्यम से कोरोना महामारी और अन्य परिस्थितियों के कारण बकाया बिजली बिल जमा नहीं कर पाने वाले उपभोक्ताओं को मूल राशि और अधिभार (सरचार्ज) में विशेष छूट प्रदान की जा रही है।
राज्य सरकार के अनुसार इस योजना से प्रदेश के 29 लाख से अधिक बिजली उपभोक्ताओं को लगभग 758 करोड़ रुपये तक की सीधी छूट मिलने का अनुमान है। बिजली क्षेत्र में इतनी बड़ी राशि की राहत पहली बार दी जा रही है, जिससे आर्थिक रूप से कमजोर परिवारों को बड़ी सहायता मिलेगी।
यह योजना विशेष रूप से निम्नदाब घरेलू, बीपीएल और कृषि उपभोक्ताओं के लिए लाभकारी है। इसके अंतर्गत 31 मार्च 2023 तक की बकाया राशि को आधार मानते हुए उपभोक्ताओं को बकाया बिलों के भुगतान में राहत दी जाएगी। इससे उपभोक्ताओं को पुराने बकाये का सरल और सुविधाजनक तरीके से निराकरण करने का अवसर मिलेगा।
उल्लेखनीय है कि कोरोना महामारी के दौरान लागू प्रतिबंधों और प्रोटोकॉल के कारण कई महीनों तक बिजली मीटरों की रीडिंग नहीं हो पाई थी। इसके परिणामस्वरूप बड़ी संख्या में उपभोक्ताओं को एक साथ कई महीनों के बिजली बिल प्राप्त हुए, जिन्हें आर्थिक तंगी के कारण वे जमा नहीं कर सके। महामारी से कमजोर हुई आर्थिक स्थिति ने अनेक परिवारों के सामने गंभीर संकट खड़ा कर दिया था। ऐसे ही उपभोक्ताओं को राहत देने के उद्देश्य से राज्य सरकार ने यह योजना शुरू की है।
योजना के तहत पंजीयन की प्रक्रिया प्रदेशभर के सभी बिजली वितरण केंद्रों और कार्यालयों में शुरू कर दी गई है। इसके साथ ही उपभोक्ता ‘मोर बिजली’ मोबाइल ऐप के माध्यम से भी आसानी से पंजीयन करा सकते हैं। यह योजना 30 जून 2026 तक प्रभावशील रहेगी।
राज्य सरकार द्वारा योजना का लाभ अंतिम व्यक्ति तक पहुंचाने के लिए गांव-गांव में विशेष शिविरों का आयोजन भी किया जाएगा, ताकि अधिक से अधिक जरूरतमंद उपभोक्ता इसका लाभ उठा सकें। बकाया राशि का भुगतान करने के बाद पात्र उपभोक्ताओं को एम-ऊर्जा योजना का लाभ भी मिल सकेगा।
मुख्यमंत्री बिजली बिल भुगतान समाधान योजना न केवल लाखों उपभोक्ताओं को सीधी आर्थिक राहत देगी, बल्कि उन्हें नियमित रूप से बिजली बिल भुगतान के लिए भी प्रोत्साहित करेगी। मुख्यमंत्री श्री विष्णुदेव साय की इस संवेदनशील पहल से प्रदेश के लाखों परिवारों को राहत मिलने की उम्मीद है।
उपभोक्ताओं से अपील की गई है कि वे समय पर पंजीयन कर योजना का अधिकतम लाभ उठाएं और भुगतान से संबंधित किसी भी जानकारी के लिए अपने नजदीकी बिजली वितरण केंद्र के अधिकारियों से संपर्क करें।

गोधन संरक्षण को नई पहचान : अब प्रदेश के सभी गौधाम कहलाएंगे “सुरभि गौधाम”
ग्रामीण अर्थव्यवस्था को सशक्त बनाएगी गौधाम योजना : मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय

रायपुर / शौर्यपथ / मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने आज जिला बिलासपुर के तखतपुर विकासखण्ड के ग्राम लाखासार स्थित गौधाम का शुभारंभ करते हुए प्रदेश में गोधन संरक्षण की दिशा में एक महत्वपूर्ण पहल की शुरुआत की। इस अवसर पर उन्होंने गोमाता की विधिवत पूजा-अर्चना करने के उपरांत गौधाम परिसर का अवलोकन कर वहां की व्यवस्थाओं की जानकारी ली।
मुख्यमंत्री साय ने गौधाम में आश्रय प्राप्त बेसहारा एवं आवारा पशुओं की देखरेख, चारा, पानी तथा स्वास्थ्य संबंधी व्यवस्थाओं का निरीक्षण किया और चारागाह का भी अवलोकन किया। उल्लेखनीय है कि ग्राम लाखासार में लगभग 25 एकड़ क्षेत्र में गौधाम विकसित किया गया है, जिसमें से 19 एकड़ भूमि पर पशुओं के लिए हरे चारे की खेती की जा रही है। गौधाम का संचालन कामधेनु गौशाला समिति द्वारा किया जा रहा है।
मुख्यमंत्री साय ने कहा कि राज्य सरकार द्वारा प्रारंभ की जा रही गौधाम योजना का उद्देश्य प्रदेश में बेसहारा मवेशियों को सुरक्षित आश्रय उपलब्ध कराना, उनके संरक्षण को बढ़ावा देना तथा ग्रामीण अर्थव्यवस्था को सशक्त बनाना है। उन्होंने कहा कि गोधन हमारी ग्रामीण संस्कृति, कृषि व्यवस्था और अर्थव्यवस्था का महत्वपूर्ण आधार है, इसलिए इसके संरक्षण और संवर्धन के लिए राज्य सरकार निरंतर प्रयास कर रही है।
मुख्यमंत्री साय ने कहा कि राज्य सरकार गोधन संरक्षण और बेसहारा मवेशियों की देखभाल के लिए गौधाम योजना को राज्यभर में चरणबद्ध तरीके से लागू कर रही है, जिससे गौसेवा की परंपरा को मजबूती मिलने के साथ ही पशुधन संरक्षण को भी बढ़ावा मिलेगा। उन्होंने इस अवसर पर घोषणा की कि अब राज्य के सभी गौधाम “सुरभि गौधाम” के नाम से जाने जाएंगे।
मुख्यमंत्री साय ने कहा कि प्रदेश के गौधामों में विभिन्न प्रकार के प्रशिक्षण कार्यक्रम भी संचालित किए जाएंगे। गौधामों में पशुपालन, हरा चारा उत्पादन तथा गोबर से उपयोगी वस्तुएं तैयार करने का प्रशिक्षण दिया जाएगा। इससे गौसेवा के साथ-साथ स्थानीय लोगों को स्वरोजगार के अवसर प्राप्त होंगे और ग्रामीण अर्थव्यवस्था को मजबूती मिलेगी।
मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने लाखासार ग्राम के विकास के लिए कई महत्वपूर्ण घोषणाएं भी कीं। उन्होंने लाखासार में महतारी सदन, मिनी स्टेडियम तथा 500 मीटर लंबाई के गौरव पथ के निर्माण की घोषणा की। इसके साथ ही लाखासार गौधाम में प्रशिक्षण भवन निर्माण के लिए 25 लाख रुपये स्वीकृत करने तथा एक काऊ कैचर और एक पशु एम्बुलेंस उपलब्ध कराने की घोषणा की, जिससे क्षेत्र में गौसंरक्षण और स्थानीय विकास कार्यों को और मजबूती मिलेगी।
कार्यक्रम के दौरान मुख्यमंत्री साय ने क्षेत्र के पशुपालकों और ग्रामीणों से संवाद कर गोधन संरक्षण के लिए किए जा रहे प्रयासों की जानकारी ली तथा इस सेवा कार्य में लगे लोगों की सराहना की। उन्होंने गौसेवा से जुड़े कार्यकर्ताओं को इस पुनीत कार्य के लिए बधाई देते हुए भविष्य में भी इसी प्रकार सेवा कार्य जारी रखने की बात कही और सभी को गोधन संरक्षण तथा गौसेवा के लिए प्रेरित किया।
तखतपुर विधायक धर्मजीत सिंह ने कहा कि मुख्यमंत्री विष्णु देव साय के नेतृत्व में छत्तीसगढ़ का चहुँमुखी विकास हो रहा है। उन्होंने कहा कि मुख्यमंत्री जो भी वादा करते हैं, उसे अवश्य पूरा करते हैं। उन्होंने कहा कि मुख्यमंत्री साय द्वारा तखतपुर क्षेत्र के विकास के लिए अनेक महत्वपूर्ण विकास कार्यों की स्वीकृति दी गई है, जिनमें से कई कार्य पूर्ण हो चुके हैं तथा अनेक कार्य प्रगतिरत हैं। उन्होंने इसके लिए मुख्यमंत्री का आभार व्यक्त करते हुए कहा कि सरकार के प्रयासों से क्षेत्र में विकास को नई गति मिली है।
छत्तीसगढ़ गौसेवा आयोग के अध्यक्ष विशेषर पटेल ने स्वागत उद्बोधन देते हुए मुख्यमंत्री विष्णु देव साय का अभिनंदन किया और गौधाम योजना के शुभारंभ के लिए उनका आभार व्यक्त किया। उन्होंने कहा कि राज्य सरकार की इस पहल से गोधन संरक्षण को नई दिशा मिलेगी तथा बेसहारा और निराश्रित गौवंश के संरक्षण को मजबूती मिलेगी।
इस अवसर पर केंद्रीय राज्य मंत्री तोखन साहू, कृषि एवं पशुधन विकास मंत्री रामविचार नेताम, विधायक अमर अग्रवाल, धरमलाल कौशिक, सुशांत शुक्ला, कमिश्नर बिलासपुर सुनील जैन, आईजी रामगोपाल गर्ग, कलेक्टर संजय अग्रवाल, एसएसपी रजनेश सिंह, संचालक पशु चिकित्सा चंद्रकांत वर्मा सहित बड़ी संख्या में किसान, पशुपालक एवं ग्रामीणजन उपस्थित थे।

 रायपुर / शौर्यपथ /
मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने आज नवा रायपुर स्थित मुख्यमंत्री निवास कार्यालय से नगर पालिक निगम राजनांदगांव में 226 करोड़ रुपये से अधिक की लागत से होने वाले विभिन्न विकास कार्यों का वर्चुअल भूमिपूजन किया। इस अवसर पर उन्होंने राजनांदगांववासियों को बधाई देते हुए कहा कि यह केवल विकास कार्यों की शुरुआत नहीं, बल्कि शहर के उज्ज्वल भविष्य की मजबूत नींव है।
मुख्यमंत्री साय ने कहा कि राज्य सरकार ‘सबका साथ, सबका विकास, सबका विश्वास और सबका प्रयास’ के मूलमंत्र के साथ प्रदेश के संतुलित और समावेशी विकास के लिए निरंतर कार्य कर रही है। विकसित भारत के संकल्प को आगे बढ़ाते हुए विकसित छत्तीसगढ़ के निर्माण में राजनांदगांव की महत्वपूर्ण भूमिका है। उन्होंने कहा कि शहर की बढ़ती आबादी के अनुरूप नागरिक सुविधाओं का विस्तार करना सरकार की प्राथमिकताओं में शामिल है और इन परियोजनाओं के माध्यम से शहर के 51 वार्डों तक विकास की किरण पहुंचाने का लक्ष्य रखा गया है।
मुख्यमंत्री ने बताया कि अमृत मिशन 2.0 के तहत शहर में घरेलू अपशिष्ट जल के वैज्ञानिक उपचार के लिए दो नए सीवरेज ट्रीटमेंट प्लांट स्थापित किए जाएंगे। इससे गंदे पानी को सीधे नदियों और नालों में जाने से रोका जा सकेगा तथा पर्यावरण संरक्षण के साथ-साथ नागरिकों के स्वास्थ्य की भी रक्षा होगी।
उन्होंने कहा कि मुख्यमंत्री नगरोउत्थान योजना के अंतर्गत सड़कों का चौड़ीकरण और सौंदर्यीकरण किया जा रहा है, जिससे यातायात अधिक सुगम होगा और शहर में व्यापारिक गतिविधियों को भी गति मिलेगी।
मुख्यमंत्री साय ने कहा कि राजनांदगांव में 2 हजार सीटर का अत्याधुनिक ऑडिटोरियम बनाया जाएगा, जो संस्कारधानी की कला, साहित्य और सांस्कृतिक गतिविधियों को एक नया मंच प्रदान करेगा। इससे स्थानीय कलाकारों, साहित्यकारों और युवाओं को अपनी प्रतिभा प्रदर्शित करने के व्यापक अवसर मिलेंगे और यह ऑडिटोरियम शहर की एक नई पहचान बनेगा। इसके साथ ही ट्रांसपोर्ट नगर के उन्नयन, नाली निर्माण, पाइपलाइन विस्तार तथा शहर के वार्डों में मूलभूत सुविधाओं के सुदृढ़ीकरण के लिए भी विशेष बजट प्रावधान किए गए हैं।
मुख्यमंत्री ने कहा कि स्वच्छ भारत मिशन के अंतर्गत कचरा प्रबंधन को सुदृढ़ करने के लिए नए संयंत्र स्थापित किए जा रहे हैं। हमारा लक्ष्य है कि राजनांदगांव केवल स्वच्छता सर्वेक्षण में भाग लेने वाला शहर न रहे, बल्कि देश के अग्रणी स्वच्छ शहरों में अपनी पहचान बनाए। उन्होंने कहा कि संसाधनों का लाभ सीधे जनता तक पहुंचाना सरकार की प्राथमिकता है और इसी उद्देश्य से विकास कार्यों की गति तेज की गई है।
मुख्यमंत्री ने कहा कि विधानसभा अध्यक्ष डॉ. रमन सिंह के मार्गदर्शन और स्थानीय जनप्रतिनिधियों के सहयोग से राजनांदगांव तेजी से आगे बढ़ रहा है। उनके विजन और जनसहभागिता से शहर को छत्तीसगढ़ की एक मॉडल सिटी के रूप में विकसित किया जा रहा है। उन्होंने जिले के विकास से संबंधित लंबित अधोसंरचना प्रस्तावों को भी शीघ्र स्वीकृत करने का आश्वासन दिया।
कार्यक्रम को संबोधित करते हुए विधानसभा अध्यक्ष डॉ. रमन सिंह ने कहा कि राजनांदगांव उनके दिल के बेहद करीब है और आज का दिन शहर के विकास की दिशा में महत्वपूर्ण पड़ाव है। उन्होंने बताया कि संकल्प बजट 2026-27 में राजनांदगांव जिले के समग्र विकास के लिए 1000 करोड़ रुपये का प्रावधान किया गया है।


डॉ. सिंह ने जानकारी दी कि शिवनाथ नदी के संरक्षण, संवर्द्धन और विकास के लिए 250 करोड़ रुपये की योजनाएँ स्वीकृत की गई हैं। इसके अलावा पंचायत एवं ग्रामीण विकास विभाग के लिए 20 करोड़ रुपये, स्कूल शिक्षा विभाग के लिए 20 करोड़ रुपये, नगरीय प्रशासन विभाग के अंतर्गत 60 करोड़ रुपये तथा लोक निर्माण विभाग के माध्यम से लगभग 200 करोड़ रुपये के विकास कार्य प्रस्तावित किए गए हैं।
उन्होंने बताया कि खेल अधोसंरचना के विकास के लिए हॉकी स्टेडियम में टर्फ सहित अन्य सुविधाओं के निर्माण हेतु 8 करोड़ 80 लाख रुपये तथा दिग्विजय स्टेडियम में खेल सुविधाओं के सुदृढ़ीकरण के लिए 6 करोड़ रुपये का प्रावधान किया गया है, जिससे युवाओं को बेहतर खेल सुविधाएँ उपलब्ध होंगी।
कार्यक्रम में राजनांदगांव जिले के प्रभारी मंत्री गजेंद्र यादव, सांसद संतोष पांडेय, छत्तीसगढ़ भवन एवं सन्निर्माण कर्मकार मंडल के अध्यक्ष डॉ. रामप्रताप सिंह तथा महापौर मधुसूदन यादव सहित अन्य जनप्रतिनिधि उपस्थित थे।
उल्लेखनीय है कि भूमिपूजन के अंतर्गत स्वीकृत परियोजनाओं में सीवरेज ट्रीटमेंट प्लांट निर्माण, सड़क चौड़ीकरण एवं उन्नयन, 2 हजार सीटर ऑडिटोरियम निर्माण, नाला निर्माण, पाइपलाइन विस्तार, ट्रांसपोर्ट नगर उन्नयन, कचरा प्रबंधन संयंत्र स्थापना तथा स्वच्छता से जुड़े कार्य शामिल हैं। इन परियोजनाओं से राजनांदगांव के 51 वार्डों में बुनियादी सुविधाओं का व्यापक विस्तार होगा और शहर के समग्र विकास को नई गति मिलेगी।

रायपुर / शौर्यपथ /
छत्तीसगढ़ की बेटी और भारतीय महिला क्रिकेट टीम की फिजियोथेरेपिस्ट श्रीमती आकांक्षा सत्यवंशी को मुख्यमंत्री श्री विष्णुदेव साय ने नवा रायपुर स्थित अपने निवास में आयोजित एक गरिमामय समारोह में टाटा सिएरा कार उपहार स्वरूप प्रदान कर सम्मानित किया। इस अवसर पर मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रदेश की बेटियों ने विश्व कप जीतकर देश और छत्तीसगढ़ का गौरव बढ़ाया है।
मुख्यमंत्री श्री साय ने टाटा मोटर्स की उस पहल की सराहना की, जिसके तहत आईसीसी महिला विश्व कप 2025 की विजेता भारतीय महिला क्रिकेट टीम के सदस्यों को सिएरा एसयूवी कार भेंट की जा रही है। उन्होंने कहा कि प्रदेश में खेल प्रतिभाओं की कोई कमी नहीं है और राज्य सरकार खेलों के विकास के लिए पूरी प्रतिबद्धता के साथ कार्य कर रही है।
मुख्यमंत्री ने कहा कि खेल अधोसंरचना के निरंतर विकास से खिलाड़ियों को बेहतर प्रशिक्षण और अवसर मिल रहे हैं, जिसके परिणामस्वरूप वे राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय स्तर पर उत्कृष्ट प्रदर्शन कर रहे हैं। उन्होंने बताया कि बस्तर ओलंपिक और सरगुजा ओलंपिक जैसे आयोजनों के माध्यम से दूरस्थ क्षेत्रों के युवाओं को भी खेलों से जोड़ने का प्रयास किया जा रहा है। इसके साथ ही प्रदेश को नेशनल ट्राइबल गेम्स की मेजबानी मिलने से भी खेलों के प्रति सकारात्मक माहौल बना है।

मुख्यमंत्री ने कहा कि महिला क्रिकेट टीम की यह ऐतिहासिक उपलब्धि प्रदेश की बेटियों को आगे बढ़ने के लिए प्रेरित करेगी। उन्होंने आकांक्षा सत्यवंशी के उत्साह और आत्मविश्वास की सराहना करते हुए विश्वास जताया कि भविष्य में भी भारतीय टीम इसी जज्बे के साथ नई सफलताएँ हासिल करेगी।
इस अवसर पर श्रीमती आकांक्षा सत्यवंशी ने मुख्यमंत्री के प्रति आभार व्यक्त करते हुए कहा कि विश्व कप जीतकर लौटने के बाद मुख्यमंत्री ने पूरी टीम का उत्साहवर्धन किया और प्रदेश की बेटी के रूप में उन्हें व्यक्तिगत रूप से मिलने के लिए आमंत्रित किया। उन्होंने कहा कि मुख्यमंत्री का यह स्नेह और प्रोत्साहन उनके लिए हमेशा प्रेरणादायक रहेगा।
आकांक्षा ने कहा कि मुख्यमंत्री से यह सम्मान प्राप्त करना उनके लिए जीवन का यादगार क्षण है। उन्होंने भारतीय महिला क्रिकेट टीम के साथ अपनी भूमिका और विश्व कप जीत की यात्रा से जुड़े अनुभव भी साझा किए।
समारोह में भवन एवं अन्य सन्निर्माण कर्मकार मंडल के अध्यक्ष डॉ. रामप्रताप सिंह, आकांक्षा सत्यवंशी के परिजन तथा टाटा मोटर्स के प्रतिनिधि भी उपस्थित थे।
उल्लेखनीय है कि भारतीय महिला क्रिकेट टीम ने वर्ष 2025 में अपना पहला आईसीसी महिला विश्व कप खिताब जीतकर इतिहास रचा था। इस ऐतिहासिक उपलब्धि के सम्मान में टाटा मोटर्स ने टीम की प्रत्येक खिलाड़ी और सहयोगी स्टाफ को टाटा सिएरा एसयूवी के टॉप-एंड मॉडल भेंट करने की घोषणा की है, इसी क्रम में आज छत्तीसगढ़ की बेटी आकांक्षा सत्यवंशी को भी यह सम्मान प्रदान किया गया।

धमतरी / शौर्यपथ /  (रोमेश्वर दास सिन्हा )
धमतरी पुलिस ने अवैध शराब के विरुद्ध चलाए जा रहे अभियान के तहत त्वरित कार्रवाई करते हुए स्कूटी से शराब का परिवहन कर रहे एक आरोपी को गिरफ्तार किया है। पुलिस ने आरोपी के कब्जे से 38 पौवा देशी शराब और एक स्कूटी जब्त कर उसे न्यायिक रिमांड पर जेल भेज दिया है।

पुलिस से मिली जानकारी के अनुसार, थाना सिटी कोतवाली पुलिस को पेट्रोलिंग के दौरान मुखबिर से सूचना मिली कि बस्तर रोड सोरिद नगर स्थित काली मंदिर के सामने से एक स्कूटी जुपिटर (क्रमांक CG 24 P 0322) में दो व्यक्ति अवैध रूप से शराब रखकर धमतरी से श्यामतरई की ओर जा रहे हैं। सूचना मिलते ही पुलिस टीम मौके पर पहुंची और घेराबंदी कर संदिग्ध स्कूटी को रोक लिया।

पूछताछ में स्कूटी चालक ने अपना नाम मोहम्मद इमरान (33 वर्ष), पिता जसवंत पुर्शटी, निवासी 134 विकास नगर, ओडाफोन ट्रांसफार्मर गुढियारी रायपुर, थाना गुढियारी जिला रायपुर, हाल पुरूर ढाबा जिला बालोद बताया। तलाशी के दौरान आरोपी के पास रखे सफेद थैले से 20 पौवा देशी मशाला यूनिक शराब तथा स्कूटी की डिक्की में रखे थैले से 18 पौवा देशी प्लेन यूनिक शराब बरामद की गई।

पुलिस ने कुल 38 पौवा (प्रत्येक 180 एमएल) यानी 6 लीटर 840 मिलीलीटर शराब जब्त की, जिसकी कीमत लगभग 3440 रुपये बताई गई है। इसके साथ ही परिवहन में प्रयुक्त स्कूटी जुपिटर (कीमत लगभग 15 हजार रुपये) भी जब्त की गई। कुल मिलाकर 18,440 रुपये मूल्य का सामान पुलिस ने जब्त किया है।

आरोपी द्वारा शराब के संबंध में कोई वैध दस्तावेज प्रस्तुत नहीं करने पर उसके विरुद्ध धारा 34(2) आबकारी एक्ट के तहत मामला दर्ज किया गया। पुलिस ने आरोपी मोहम्मद इमरान को विधिवत गिरफ्तार कर न्यायिक रिमांड पर जेल भेज दिया है।

कार्रवाई के दौरान पुलिस को एक विधि से संघर्षरत बालक भी इस प्रकरण में शामिल मिला, जिसकी सामाजिक पृष्ठभूमि तैयार कर उसे किशोर न्याय बोर्ड के समक्ष प्रस्तुत किया गया है।

धमतरी पुलिस ने बताया कि जिले में अवैध शराब के निर्माण, परिवहन और बिक्री के विरुद्ध अभियान आगे भी जारी रहेगा।

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