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March 03, 2026
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धर्म संसार / शौर्यपथ / प्रभु यीशु के जन्म की ख़ुशी में मनाया जाने वाला क्रिसमस का त्योहार पूरी दुनिया में मनाया जाता है। यह त्योहार कई मायनों में बेहद खास है। क्रिसमस को बड़ा दिन, सेंट स्टीफेंस डे या फीस्ट ऑफ़ सेंट स्टीफेंस भी कहा जाता है। प्रभु यीशु ने दुनिया को प्यार और इंसानियत की शिक्षा दी। उन्होंने लोगों को प्रेम और भाईचारे के साथ रहने का संदेश दिया। प्रभु यीशु को ईश्वर का इकलौता प्यारा पुत्र माना जाता है। इस त्योहार से कई रोचक तथ्य जुड़े हैं। आइए जानते हैं इनके बारे में।
क्रिसमस ऐसा त्योहार है जिसे हर धर्म के लोग उत्साह से मनाते हैं। यह एकमात्र ऐसा त्योहार है जिस दिन लगभग पूरे विश्व में अवकाश रहता है। 25 दिसंबर को मनाया जाने वाला यह त्योहार आर्मीनियाई अपोस्टोलिक चर्च में 6 जनवरी को मनाया जाता है। कई देशों में क्रिसमस का अगला दिन 26 दिसंबर बॉक्सिंग डे के रूप मे मनाया जाता है। क्रिसमस पर सांता क्लॉज़ को लेकर मान्यता है कि चौथी शताब्दी में संत निकोलस जो तुर्की के मीरा नामक शहर के बिशप थे, वही सांता थे। वह गरीबों की हमेशा मदद करते थे उनको उपहार देते थे। क्रिसमस के तीन पारंपरिक रंग हैं हरा, लाल और सुनहरा। हरा रंग जीवन का प्रतीक है, जबकि लाल रंग ईसा मसीह के रक्त और सुनहरा रंग रोशनी का प्रतीक है। क्रिसमस की रात को जादुई रात कहा जाता है। माना जाता है कि इस रात सच्चे दिल वाले लोग जानवरों की बोली को समझ सकते हैं। क्रिसमस पर घर के आंगन में क्रिसमस ट्री लगाया जाता है। क्रिसमस ट्री को दक्षिण पूर्व दिशा में लगाना शुभ माना जाता है। फेंगशुई के मुताबिक ऐसा करने से घर में सुख समृद्धि आती है। पोलैंड में मकड़ी के जालों से क्रिसमस ट्री को सजाने की परंपरा है। मान्यता है कि मकड़ी ने सबसे पहले जीसस के लिए कंबल बुना था।

0डोंगरगढ़ पुलिस व साइबर सेल की संयुक्त कार्रवाई, तीन आरोपी गिरफ्तार

राजनांदगांव। शौर्यपथ / थाना डोंगरगढ़ क्षेत्र अंतर्गत ग्राम भैंसरा स्थित बाबा आम बगीचा में नदी किनारे मिली अज्ञात महिला की लाश के मामले में पुलिस ने 48 घंटे के भीतर सनसनीखेज खुलासा करते हुए मृतका के पति सहित तीन आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया है। प्राप्त जानकारी के अनुसार 22 फरवरी 2026 को सूचना मिली थी कि बाबा आम बगीचा में लगभग 35-40 वर्ष की एक अज्ञात महिला की पत्थर से सिर कुचलकर हत्या कर दी गई है।

सूचना पर थाना डोंगरगढ़ में अपराध क्रमांक 92/2026 धारा 103(1), 61(2), 238 बीएनएस के तहत मामला दर्ज कर विवेचना प्रारंभ की गई। जांच के दौरान तकनीकी साक्ष्यों एवं मुखबिर सूचना के आधार पर मृतका की पहचान पूर्णिमा नेताम (35 वर्ष) निवासी रविदास नगर, राजनांदगांव के रूप में की गई। जांच में सामने आया कि महिला के चरित्र पर संदेह करते हुए उसके पति सुनील वंजारी (45 वर्ष) निवासी दल्लीराजहरा, हाल पता मोतीपुर राजनांदगांव ने अपने साथी ज्योतिष सिंह नेताम (40 वर्ष) निवासी छिरपानी, डोंगरगढ़ के साथ मिलकर हत्या की साजिश रची।

21 फरवरी की शाम आरोपी ने अपनी पत्नी को ग्राम भैंसरा स्थित बाबा आम बगीचा ले जाकर पत्थर से सिर पर प्राणघातक हमला कर उसकी हत्या कर दी। घटना के बाद साक्ष्य मिटाने के उद्देश्य से खून से सने कपड़ों को नीलकंठ साहू (71 वर्ष) निवासी मोहंदीपार, जिला बालोद को देकर नष्ट कराया गया। घटना के बाद मुख्य आरोपी फरार हो गया था और उसका मोबाइल बंद पाया गया। पुलिस ने लगातार सर्च अभियान चलाकर डोंगरगांव क्षेत्र से उसे गिरफ्तार किया।

पूछताछ में आरोपी ने अपराध स्वीकार कर लिया, जिसके बाद सह आरोपी एवं साक्ष्य छिपाने में सहयोगी को भी गिरफ्तार किया गया। तीनों आरोपियों को गिरफ्तार कर न्यायालय में पेश किया गया है। डोंगरगढ़ पुलिस एवं साइबर सेल की संयुक्त टीम ने त्वरित कार्रवाई करते हुए अंधे कत्ल की गुत्थी सुलझाने में सफलता प्राप्त की है।

धमतरी।

जिले में ऑनलाइन सट्टा और जुआ गतिविधियों के विरुद्ध चलाए जा रहे विशेष अभियान के तहत धमतरी पुलिस को एक बड़ी सफलता हाथ लगी है। पुलिस ने वेस्टइंडीज और जिंबाब्वे के बीच चल रहे अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट मैच पर ऑनलाइन सट्टा खिलाते हुए एक युवक को रंगे हाथ गिरफ्तार किया है। कार्रवाई में आरोपी से करीब 17 लाख रुपये मूल्य की संपत्ति जब्त की गई है।

पुलिस अधीक्षक धमतरी के निर्देशानुसार जिले में जुआ, सट्टा, अवैध शराब एवं अन्य गैरकानूनी गतिविधियों के खिलाफ सतत अभियान चलाया जा रहा है। इसी कड़ी में थाना रूद्री को मुखबिर से सूचना मिली कि ग्राम मरादेव, गंगरेल स्थित ग्रीन रिसॉर्ट के पास एक व्यक्ति ऑनलाइन सट्टा संचालित कर रहा है।

सूचना की पुष्टि होते ही थाना रूद्री एवं साइबर टीम ने संयुक्त रूप से तत्काल दबिश दी। मौके पर आरोपी अपने मोबाइल फोन के माध्यम से यूजर आईडी बनाकर ऑनलाइन ऐप के जरिए वेस्टइंडीज और जिंबाब्वे क्रिकेट मैच में हार-जीत का दांव लगवाते हुए पाया गया, जिसे पुलिस ने मौके पर ही गिरफ्तार कर लिया।

? 17 लाख की संपत्ति जब्त

तलाशी के दौरान आरोपी के कब्जे से—

01 नग iPhone 17 Pro मोबाइल (कीमत लगभग ₹1,00,000)

01 नग Samsung Fold 7 मोबाइल (कीमत लगभग ₹1,00,000)

01 नग काले रंग की XUV700 कार, वाहन क्रमांक CG04 QM 4440 (कीमत लगभग ₹15,00,000)

इस प्रकार कुल ₹17,00,000 की संपत्ति जब्त की गई।

⚖️ मामला दर्ज, आरोपी जेल भेजा गया

आरोपी के विरुद्ध थाना रूद्री में अपराध क्रमांक 05/26, धारा 7 छत्तीसगढ़ जुआ अधिनियम 2022 के तहत अपराध पंजीबद्ध किया गया है। पुलिस ने आरोपी को न्यायिक रिमांड पर जेल भेज दिया है।

? आरोपी का विवरण

भविष्य गंगवानी, पिता दीपक गंगवानी, उम्र 19 वर्ष,

निवासी – होटल नानक शाह, सिहावा रोड जालमपुर वार्ड,

थाना – सिटी कोतवाली धमतरी, जिला – धमतरी (छत्तीसगढ़)।

? पुलिस का सख्त संदेश

उल्लेखनीय है कि इससे एक दिन पूर्व ही थाना भखारा पुलिस ने जुआ-सट्टा प्रकरण में पांच जुआरियों के विरुद्ध कार्रवाई कर ₹26,000 नकद जब्त किए थे।

धमतरी पुलिस ने स्पष्ट किया है कि ऑनलाइन सट्टा एवं अन्य अवैध गतिविधियों के विरुद्ध आगे भी कठोर कार्रवाई जारी रहेगी।

राज्य बजट दुर्ग को एक आधुनिक, सुव्यवस्थित और प्रगतिशील जिले के रूप में स्थापित करने में निर्णायक भूमिका निभाएगा- राजेन्द्र पाध्ये

   दुर्ग। भाजपा नेता राजेन्द्र पाध्ये ने छत्तीसगढ़ सरकार द्वारा प्रस्तुत वर्ष 2026-27 के बजट की प्रशंसा करते हुए कहा कि यह बजट “विकसित छत्तीसगढ़ 2047” के संकल्प को साकार करने वाला, जनआकांक्षाओं को पूरा करने वाला और सर्वांगीण विकास को गति देने वाला बजट है। वित्त मंत्री द्वारा प्रस्तुत बजट भाषण में दुर्ग जिले के लिए अनेक महत्वपूर्ण प्रावधान किए गए हैं। 

भाजपा नेता राजेन्द्र पाध्ये ने कहा कि दुर्ग को अधोसंरचना, शिक्षा, कानून-व्यवस्था और तकनीकी विकास के क्षेत्र में विशेष सौगात मिली है, जो जिले के उज्ज्वल भविष्य की आधारशिला साबित होगी। 

राजेन्द्र पाध्ये ने कहा कि दुर्ग शहर के व्यस्ततम महाराजा चौक में 3 करोड़ रुपये की लागत से फ्लाईओवर निर्माण का प्रावधान किया गया है। इससे शहर की यातायात व्यवस्था सुगम होगी, जाम की समस्या में कमी आएगी तथा व्यापारिक गतिविधियों को गति मिलेगी। दुर्ग के मोहन नगर पुलिस थाना के लिए नवीन भवन निर्माण का प्रावधान किया गया है। इससे कानून-व्यवस्था सुदृढ़ होगी, पुलिस प्रशासन को बेहतर संसाधन मिलेंगे और आम नागरिकों को अधिक सुविधाजनक वातावरण में सेवा प्राप्त होगी। दुर्ग में नए छत्तीसगढ़ इंस्टिट्यूट ऑफ़ इन्फॉर्मेशन टेक्नोलॉजी (सीजीआईटी) की स्थापना की सौगात युवाओं और तकनीकी शिक्षा के क्षेत्र के लिए मील का पत्थर साबित होगी। इससे आईटी एवं तकनीकी क्षेत्र में प्रशिक्षण और रोजगार के नए अवसर सृजित होंगे तथा दुर्ग डिजिटल एवं तकनीकी हब के रूप में उभरेगा। 

दुर्ग को मिली सौगातो का जिक्र करते हुए भाजपा नेता राजेन्द्र पाध्ये ने आगे कहा कि डॉ. वामन वासुदेव पाटणकर कन्या महाविद्यालय, दुर्ग को सेंटर ऑफ एक्सीलेंस के रूप में विकसित करने का प्रावधान महिला शिक्षा को नई ऊँचाई देगा। इससे छात्राओं को उच्च स्तरीय शैक्षणिक सुविधाएँ, शोध एवं कौशल विकास के अवसर प्राप्त होंगे। बजट में जीएनएम प्रशिक्षण केंद्र दुर्ग के भवन निर्माण हेतु प्रावधान किया गया है, जिससे स्वास्थ्य शिक्षा को मजबूती मिलेगी और स्थानीय युवाओं को रोजगार के अवसर प्राप्त होंगे।

स्वामी विवेकानंद तकनीकी विश्वविद्यालय, भिलाई को राष्ट्रीय शिक्षा नीति 2020 के क्रियान्वयन हेतु 20 करोड़ रुपये प्रदान किए जाने का प्रावधान किया गया है, इससे विश्वविद्यालय में शैक्षणिक गुणवत्ता, शोध, नवाचार और आधुनिक पाठ्यक्रमों को बढ़ावा मिलेगा तथा भिलाई तकनीकी शिक्षा के प्रमुख केंद्र के रूप में और मजबूत होगा। भिलाई में व्यावसायिक परिसर के निर्माण हेतु बजट में 10 करोड़ रुपये का प्रावधान किया गया है, इससे स्थानीय व्यापार, उद्यमिता और रोजगार के अवसरों को बढ़ावा मिलेगा। भिलाई में मॉडल उपपंजीयक भवन के बजटीय प्रावधान से अचल संपत्तियों के खरीददारों और विक्रेताओं को लाभ मिलेगा। 

राजेन्द्र पाध्ये ने कहा कि कैबिनेट मंत्री गजेंद्र यादव, दुर्ग ग्रामीण विधायक ललित चंद्राकर, अहिवारा विधायक डोमनलाल कोर्सेवाड़ा एवं वैशाली नगर विधायक रिकेश सेन की महती भूमिका के चलते दुर्ग जिले को शानदार सौगातें मिली है। दुर्ग को मिली ये सौगातें केवल परियोजनाएँ नहीं, बल्कि विकास की नई दिशा हैं। अधोसंरचना, शिक्षा, तकनीक और सुरक्षा— चारों क्षेत्रों में संतुलित विकास की सोच इस बजट में स्पष्ट दिखाई देती है। उन्होंने मुख्यमंत्री एवं वित्त मंत्री का आभार व्यक्त करते हुए कहा कि यह बजट दुर्ग को एक आधुनिक, सुव्यवस्थित और प्रगतिशील शहर के रूप में स्थापित करने में निर्णायक भूमिका निभाएगा।

दुर्ग। राज्य बजट 2026–27 का स्वागत करते हुए भाजपा प्रदेश मंत्री जितेन्द्र वर्मा ने कहा कि प्रदेश के मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय के कुशल नेतृत्व एवं दूरदर्शी मार्गदर्शन में वित्त मंत्री ओपी चौधरी द्वारा विधानसभा में प्रस्तुत बजट 2026–27 छत्तीसगढ़ के सर्वांगीण विकास की दिशा में एक मजबूत और निर्णायक कदम है।

भाजपा प्रदेश मंत्री जितेन्द्र वर्मा ने कहा कि 1 लाख 72 हजार करोड़ रुपए का "SANKALP" ब़जट पेश करते हुए वित्त मंत्री ओपी चौधरी ने बस्तर से लेकर सरगुजा तक सौगातों की झड़ी लगा दी है। बजट में प्रत्येक समाज के साथ-साथ युवाओं से लेकर महिलाओं-बुजुर्गों का ध्यान रखा गया है। प्रधानमंत्री ग्राम सड़क योजना के लिए 1725 करोड़, जल जीवन मिशन 3000 करोड़, राष्ट्रीय स्वास्थ्य मिशन 2000 करोड़, समग्र शिक्षा अभियान 1500 करोड़, प्रधानमंत्री आवास शहरी 825 करोड़, प्रधानमंत्री फसल बीमा 820 करोड़, महिलाओं के नाम पर संपत्ति क्रय में पंजीयन शुल्क में 50 प्रतिशत की छूट, छत्तीसगढ़ युवा दर्शन हेतु 5 करोड़, मुख्यमंत्री खेल उत्कर्ष मिशन हेतु 100 करोड़, प्रतियोगी परीक्षा के लिए 33 करोड़, कृषक उन्नति योजना हेतु 10,000 करोड़, दीनदयाल उपाध्याय भूमिहीन कृषि मजदूर कल्याण योजना हेतु 600 करोड़, लोकनिर्माण विभाग में 9,450 करोड़, मुख्यमंत्री आदर्श शहर योजना समृद्धि योजना 200 करोड़, महतारी वंदन योजना 8200 करोड़, मुख्यमंत्री खाद्यान्य योजना 6500 करोड़, प्रधानमंत्री आवास योजना ग्रामीण 4000 करोड़, शहीद वीर नारायण सिंह आयुष्मान स्वास्थ्य योजना में 1500 करोड़, समग्र शिक्षा अभियान हेतु 1500 करोड़, विकसित भारत जी राम जी योजना के लिए 4000 करोड़ के प्रावधान सहित छत्तीसगढ़ राज्य के सभी वर्गों व क्षेत्रों के लिए विशेष प्रावधान किया गया है। यह बजट छत्तीसगढ़ के विकास में मील का पत्थर साबित होगा।

भाजपा प्रदेश मंत्री जितेन्द्र वर्मा ने आगे कहा कि यह बजट विकसित भारत के साथ विकसित छत्तीसगढ़ 2047 के संकल्प को पूर्ण करने की स्पष्ट रूपरेखा प्रस्तुत करता है, जिसमें गरीब, किसान, युवा, महिला, मध्यम वर्ग, व्यापारी, श्रमिक एवं उद्यमियों सभी वर्गों व क्षेत्रों के हितों का समावेश किया गया है। इस बजट में कृषि, शिक्षा, स्वास्थ्य, अधोसंरचना, रोजगार सृजन, स्टार्टअप, एमएसएमई, डिजिटल इंडिया एवं आत्मनिर्भर भारत को नई गति देने वाले प्रावधान किए गए हैं।

भाजपा प्रदेश मंत्री जितेन्द्र वर्मा ने कहा कि यह बजट वर्तमान की आवश्यकताओं को पूरा करते हुए आने वाली पीढ़ियों के लिए समृद्ध, सशक्त और आत्मनिर्भर भारत की आधारशिला भी रखता है। मैं राज्य बजट 2026–27 के लिए माननीय मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय जी एवं माननीय वित्त मंत्री ओपी चौधरी जी, विधानसभा के सभी सदस्यों का हृदय से आभार व्यक्त कर अभिनंदन करता हूँ। यह बजट निश्चित रूप से ऐतिहासिक, जनहितकारी एवं राज्य को विकास के नए शिखर तक ले जाने वाला सिद्ध होगा।

रायपुर।

छत्तीसगढ़ की राजनीति और विकास यात्रा में आज का दिन ऐतिहासिक होने जा रहा है। मुख्यमंत्री विष्णु देव साय के नेतृत्व वाली राज्य सरकार आज अपना तीसरा बजट प्रस्तुत करेगी, जिसे लेकर प्रदेश भर की निगाहें विधानसभा पर टिकी हुई हैं। यह बजट न केवल साय सरकार की नीतियों की दिशा तय करेगा, बल्कि छत्तीसगढ़ @2047 विजन के अनुरूप प्रदेश के दीर्घकालीन विकास की मजबूत आधारशिला भी रखेगा।

आज 24 फरवरी को दोपहर 12:30 बजे, राज्य के वित्त मंत्री ओपी चौधरी छत्तीसगढ़ का बजट 2026 नए विधानसभा भवन में प्रस्तुत करेंगे। यह अवसर इसलिए भी विशेष है क्योंकि बजट छत्तीसगढ़ के रजत महोत्सव वर्ष में पेश किया जा रहा है, जब राज्य अपनी स्थापना के 25 वर्ष पूर्ण कर आत्मनिर्भरता की नई उड़ान भर रहा है।

युवा, महिला और आदिवासी—बजट के केंद्र में जनसरोकार

सरकारी सूत्रों और संकेतों के अनुसार यह बजट प्रदेश के युवाओं के लिए रोजगार के नए द्वार खोलने वाला साबित हो सकता है। कौशल विकास, स्टार्ट-अप, स्वरोजगार और औद्योगिक निवेश को बढ़ावा देने वाले प्रावधानों की संभावना जताई जा रही है।

वहीं महिला सशक्तिकरण को लेकर भी कई महत्वपूर्ण निर्णय इस बजट का हिस्सा हो सकते हैं। स्व-सहायता समूह, महिला उद्यमिता, सुरक्षा और सामाजिक-आर्थिक मजबूती से जुड़ी योजनाओं पर सरकार का विशेष फोकस रहने की उम्मीद है।

छत्तीसगढ़ एक आदिवासी बहुल राज्य होने के कारण यह बजट आदिवासी समाज के लिए भी बेहद अहम माना जा रहा है। शिक्षा, स्वास्थ्य, पोषण, आवास और आजीविका से जुड़ी योजनाओं में ठोस और सकारात्मक पहल की संभावना जताई जा रही है, जिससे जनजातीय अंचलों का समग्र विकास सुनिश्चित हो सके।

शिक्षा-चिकित्सा और बुनियादी ढांचे पर विशेष ध्यान

प्रदेश सरकार शिक्षा और स्वास्थ्य सेवाओं को सुदृढ़ करने की दिशा में भी बड़े कदम उठा सकती है। ग्रामीण और दूरस्थ क्षेत्रों तक गुणवत्तापूर्ण चिकित्सा सुविधा और आधुनिक शिक्षा ढांचा पहुंचाने के लिए बजट में विशेष प्रावधान किए जाने की उम्मीद है।

आत्मनिर्भर छत्तीसगढ़ की ओर बढ़ता बजट

नए विधानसभा भवन में राज्यपाल के अभिभाषण के साथ बजट सत्र का शुभारंभ पहले ही हो चुका है, जिसमें आत्मनिर्भर छत्तीसगढ़ की झलक साफ दिखाई दी। मुख्यमंत्री विष्णु देव साय के निर्देश पर तैयार यह बजट छत्तीसगढ़ @2047 के लक्ष्य को साकार करने की दिशा में एक निर्णायक दस्तावेज माना जा रहा है।

कुल मिलाकर, साय सरकार का यह बजट विकास, विश्वास और भविष्य का बजट होने की उम्मीद जगाता है। यदि अनुमान सही साबित हुए, तो यह बजट न केवल वर्तमान जरूरतों को पूरा करेगा, बल्कि आने वाले दशकों के लिए छत्तीसगढ़ की विकास गाथा को इतिहास के स्वर्ण अक्षरों में दर्ज कर सकता है।

  नई दिल्ली / एजेंसी /
भारतीय नौसेना पनडुब्बी रोधी युद्ध (एएसडब्ल्यू) क्षमताओं को बढ़ाने के लिए आठ युद्धपोतों वाली एंटी-सबमरीन वारफेयर शैलो वाटर क्राफ्ट (एएसडब्ल्यू-एसडब्ल्यूसी) परियोजना के तीसरे पोत अंजदीप को शामिल करने जा रही है। इस युद्धपोत को 27 फरवरी, 2026 को चेन्नई बंदरगाह पर पूर्वी नौसेना कमान में औपचारिक रूप से शामिल किया जाएगा।

इस समारोह की अध्यक्षता नौसेना प्रमुख एडमिरल दिनेश के त्रिपाठी करेंगे।

इस शुभारंभ समारोह से रक्षा क्षेत्र में 'आत्मनिर्भर भारत' की दिशा में राष्ट्र की तीव्र प्रगति का पता चलता है, क्योंकि एंटी-सबमरीन वारफेयर शैलो वाटर क्राफ्ट परियोजना स्वदेशी युद्धपोत डिजाइन और निर्माण की सफलता का उत्कृष्ट उदाहरण है। गार्डन रीच शिपबिल्डर्स एंड इंजीनियर्स (जीआरएसई), कोलकाता द्वारा निर्मित, अंजदीप एक अत्याधुनिक पोत है जिसे विशेष रूप से तटीय युद्ध वातावरण की चुनौतियों का सामना करने के लिए डिजाइन किया गया है - यानी तटीय और उथले जल क्षेत्र जो राष्ट्र की सुरक्षा के लिए अत्यंत महत्वपूर्ण हैं।

यह पोत 'डॉल्फिन हंटर' के रूप में कार्य करने के लिए डिज़ाइन किया गया है, जिसका मुख्य उद्देश्य तटीय क्षेत्रों में दुश्मन की पनडुब्बियों का पता लगाना, उनका पीछा करना और उन्हें निष्क्रिय करना है। यह पोत स्वदेशी, अत्याधुनिक पनडुब्बी रोधी हथियारों और सेंसर पैकेज से सुसज्जित है, जिसमें हल माउंटेड सोनार अभय भी शामिल है, और हल्के टॉरपीडो और पनडुब्बी रोधी रॉकेटों से लैस है। अपनी प्राथमिक पनडुब्बी रोधी भूमिका के अलावा, यह फुर्तीला और अत्यधिक पैंतरेबाज़ी करने में सक्षम युद्धपोत तटीय निगरानी, ​​कम तीव्रता वाले समुद्री अभियान (एलआईएमओ) और खोज एवं बचाव अभियान चलाने में भी सक्षम है। 77 मीटर लंबे इस पोत में एक उच्च गति वाला वाटर-जेट प्रोपल्सन प्रणाली है, जो इसे त्वरित प्रतिक्रिया और निरंतर संचालन के लिए 25 समुद्री मील की अधिकतम गति प्राप्त करने में सक्षम बनाती है।

कारवार तट से दूर स्थित ऐतिहासिक रूप से महत्वपूर्ण द्वीप के नाम पर नामित अंजदीप नामक पोत को नौसेना में शामिल करने से तमिलनाडु और पुडुचेरी क्षेत्र सहित देश के विशाल समुद्री हितों और तटीय क्षेत्रों की रक्षा करने की नौसेना की क्षमता में उल्लेखनीय वृद्धि हुई है, जो भारतीय नौसेना को एक दुर्जेय 'निर्माता नौसेना' में बदलने की दिशा में एक और महत्वपूर्ण कदम है।

   नई दिल्ली / एजेंसी / प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी ने आज देश भर में 30 लाख घरों को रूफटॉप सोलर से सशक्त बनाने की सफलता की प्रशंसा की। उन्होंने इसे भारत की स्वच्छ ऊर्जा यात्रा में एक सराहनीय उपलब्धि बताया।
प्रधानमंत्री ने रूफटॉप सोलर अपनाने वाले सभी लाभार्थियों को बधाई दी और रेखांकित किया कि यह पहल नागरिकों के बीच बचत, स्थिरता और आत्मनिर्भरता को बढ़ावा दे रही है।
श्री मोदी ने इस बात पर बल दिया कि यह योजना ऊर्जा आत्मनिर्भर, पर्यावरण अनुकूल और भविष्य के लिए तैयार भारत के निर्माण की दिशा में सरकार के प्रयासों का एक अभिन्न अंग है।
केंद्रीय मंत्री श्री प्रल्हाद जोशी के एक पोस्ट का उत्तर देते हुए, प्रधानमंत्री ने पोस्ट किया;

“भारत की स्वच्छ ऊर्जा यात्रा में एक सराहनीय उपलब्धि!
उन सभी को बहुत-बहुत बधाई जिन्होंने इस योजना का लाभ उठाया है और रूफटॉप सोलर को अपनाया है, जिससे बचत, सतत जीवनशैली और आत्मनिर्भरता को बल मिला है। यह योजना ऊर्जा आत्मनिर्भर, पर्यावरण अनुकूल और भविष्य के लिए तैयार भारत के निर्माण के हमारे प्रयासों का एक अभिन्न हिस्सा है।

मुख्यमंत्री शांति सरोवर में आयोजित स्नेह मिलन एवं ब्रह्मा भोजन कार्यक्रम में हुए शामिल
कैबिनेट मंत्रीगण, नेता प्रतिपक्ष और विधानसभा के सदस्य भी रहे मौजूद

रायपुर / शौर्यपथ / मुख्यमंत्री विष्णु देव साय आज नया रायपुर स्थित शांति सरोवर में छत्तीसगढ़ विधानसभा के सम्मानित सदस्यों के लिए प्रजापिता ब्रह्माकुमारी ईश्वरीय विश्वविद्यालय द्वारा आयोजित स्नेह मिलन एवं ब्रह्मा भोजन कार्यक्रम में शामिल हुए।
मुख्यमंत्री साय ने ब्रह्माकुमारी बहनों के स्नेह, आत्मीयता और सेवा भाव की सराहना करते हुए कहा कि बहनों के प्रेम और आदर से हम सब अभिभूत हैं। उन्होंने कहा कि हर वर्ष बड़े स्नेह के साथ विधानसभा के सदस्यों के लिए ब्रह्मा भोजन का आयोजन एक सुंदर और प्रेरणादायी परंपरा है।
मुख्यमंत्री साय ने कहा कि प्रजापिता ब्रह्माकुमारी संस्था द्वारा समाज में नैतिक मूल्यों, आध्यात्मिक जागरूकता और आत्मिक शांति के प्रसार की दिशा में निरंतर कार्य किया जा रहा है। उन्होंने कहा कि शांति सरोवर और शांति शिखर जैसे आध्यात्मिक केंद्रों में सदैव सकारात्मक ऊर्जा और आत्मिक शांति की अनुभूति होती है। संस्था का 137 से अधिक देशों में विस्तार होना अत्यंत सुखद और प्रेरक है।
मुख्यमंत्री ने कहा कि ब्रह्माकुमारी ईश्वरीय विश्वविद्यालय अनेक जनकल्याणकारी गतिविधियों के माध्यम से समाज के विभिन्न वर्गों में जनजागृति लाने का कार्य कर रहा है। महिलाओं को आर्थिक और सामाजिक रूप से सशक्त बनाने में संस्था की भूमिका उल्लेखनीय है। जनजातीय क्षेत्रों में भी संस्था द्वारा सामाजिक और आर्थिक उत्थान के लिए किए जा रहे प्रयासों से स्थानीय लोगों को व्यापक लाभ मिला है।
इस अवसर पर मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ब्रह्माकुमारी बहनों के अतिथि बने और पवित्र ब्रह्मा भोजन ग्रहण किया। कार्यक्रम में नेता प्रतिपक्ष डॉ. चरणदास महंत सहित कैबिनेट मंत्रीगण और सभी विधायकगणों ने भी ब्रह्मा भोजन का आनंद लिया।
कार्यक्रम में प्रजापिता ब्रह्माकुमारी ईश्वरीय विश्वविद्यालय की बहनों ने मुख्यमंत्री एवं विधानसभा के सभी सदस्यों को माउंट आबू आने का आग्रह किया, जिसे मुख्यमंत्री श्री साय ने सहर्ष स्वीकार करते हुए वहां आने की सहमति दी। इस मौके पर नेता प्रतिपक्ष डॉ. चरणदास महंत ने भी अपने विचार व्यक्त किए।
कार्यक्रम में वन मंत्री केदार कश्यप, कृषि मंत्री रामविचार नेताम, विधायक धरमलाल कौशिक सहित अनेक जनप्रतिनिधि एवं गणमान्य नागरिक उपस्थित रहे। ब्रह्माकुमारी परिवार की ओर से मृत्युंजय भाई, आत्म प्रकाश भाई, हेमलता दीदी, लता दीदी, आशा दीदी, सरिता दीदी एवं सविता दीदी सहित अन्य सदस्य कार्यक्रम में सहभागी रहे।

मुख्यमंत्री राष्ट्र संत शिरोमणि गाडगे बाबा 150वीं जयंती पर आयोजित निर्मल दिवस कार्यक्रम में हुए शामिल

   रायपुर / शौर्यपथ / मुख्यमंत्री विष्णु देव साय आज राजधानी रायपुर के पंडित दीनदयाल उपाध्याय ऑडिटोरियम में राष्ट्र संत शिरोमणि गाडगे बाबा की 150वीं जयंती पर आयोजित निर्मल दिवस कार्यक्रम में शामिल हुए। इस अवसर पर मुख्यमंत्री ने कहा कि आज हम सभी ऐसे महान संत का स्मरण कर रहे हैं, जिन्होंने अपने जीवन और कर्मों से समाज को स्वच्छता, सेवा और सामाजिक जागरूकता का संदेश दिया। उन्होंने कहा कि संत गाडगे बाबा ने “स्वच्छता ही सच्ची पूजा” का जो संदेश दिया, वह आज भी उतना ही प्रासंगिक और प्रेरणादायक है।
मुख्यमंत्री साय ने कहा कि संत गाडगे बाबा की स्वच्छता की प्रेरणा से उन्हें प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी द्वारा प्रारंभ किए गए स्वच्छ भारत अभियान का स्मरण हो गया। उन्होंने कहा कि 15 अगस्त 2014 को लाल किले से प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने स्वच्छ भारत अभियान की शुरुआत की और आज स्वच्छता जनआंदोलन बन चुकी है। उन्होंने कहा कि यह संत गाडगे बाबा के विचारों का ही प्रभाव है कि देश में स्वच्छता के प्रति व्यापक जागरूकता आई है।
मुख्यमंत्री ने कहा कि स्वच्छ भारत अभियान ने विशेष रूप से ग्रामीण क्षेत्रों में हमारी माताओं-बहनों को सम्मान दिलाने का कार्य किया है। देशभर में शौचालयों के निर्माण से उनकी गरिमा और सुरक्षा सुनिश्चित हुई है। उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में गरीबों के उत्थान के लिए अनेक ऐतिहासिक योजनाएँ शुरू की गईं, जिनमें प्रधानमंत्री आवास योजना और प्रधानमंत्री जनधन योजना जैसी पहलें शामिल हैं। आज सरकारी योजनाओं का लाभ सीधे हितग्राहियों के बैंक खातों तक पहुँच रहा है, जिससे पारदर्शिता और विश्वास दोनों बढ़े हैं।
मुख्यमंत्री साय ने कहा कि देश आर्थिक रूप से निरंतर मजबूत हो रहा है और हम सभी विकसित भारत के लक्ष्य की दिशा में आगे बढ़ रहे हैं। उन्होंने कहा कि वर्ष 2047 तक विकसित भारत के निर्माण के साथ-साथ विकसित छत्तीसगढ़ का निर्माण भी हमारा संकल्प है। उन्होंने कहा कि राज्य सरकार का प्रयास है कि समाज के हर वर्ग का सम्मान बढ़े और सभी समुदाय विकास की मुख्यधारा से जुड़ें।
मुख्यमंत्री ने कहा कि शिक्षा ही विकास का मूलमंत्र है। शिक्षा केवल डिग्री प्राप्त कर नौकरी हासिल करने का माध्यम नहीं, बल्कि सफल और संस्कारित जीवन जीने की आधारशिला है। उन्होंने समाज से अपील करते हुए कहा कि सभी बच्चों को शिक्षा से जोड़ना हम सबकी जिम्मेदारी है। साथ ही उन्होंने युवाओं को नशे से दूर रखने और समाज में नशामुक्त वातावरण बनाने के लिए सामूहिक प्रयास करने का आह्वान किया।
इस अवसर पर मुख्यमंत्री साय ने संत गाडगे बाबा के जीवन पर आधारित छायाचित्र प्रदर्शनी का अवलोकन किया तथा उनकी आरती एवं स्मारिका का विमोचन किया। उन्होंने विभिन्न क्षेत्रों में उत्कृष्ट प्रदर्शन करने वाले प्रतिभावान बच्चों और समाज के उत्कृष्ट व्यक्तियों को सम्मानित भी किया।
कार्यक्रम को विधायक सुनील सोनी, विधायक मोतीलाल साहू तथा पद्मश्री पंडित रामलाल बरेठ ने भी संबोधित किया। इस अवसर पर संत गाडगे बाबा के वंशज भी मंच पर उपस्थित थे। कार्यक्रम में तुलसी कौशिक, घनश्याम चौधरी, श्रीमती रजनी रजक, विनय निर्मलकर सहित छत्तीसगढ़ रजक समाज के पदाधिकारी एवं गणमान्य नागरिक उपस्थित थे।

समृद्ध किसान, मजबूत उद्योग और बढ़ता सेवा क्षेत्र: विकसित छत्तीसगढ़ की ओर बढ़ते कदम

रायपुर / शौर्यपथ / मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने कहा है कि छत्तीसगढ़ आर्थिक सर्वेक्षण 2025-26 प्रदेश की मजबूत, संतुलित और विकासोन्मुख अर्थव्यवस्था का स्पष्ट प्रमाण है। उन्होंने कहा कि राज्य सरकार की जनकल्याणकारी नीतियों, किसानों के हित में लिए गए निर्णयों, औद्योगिक निवेश को बढ़ावा देने तथा सेवा क्षेत्र के विस्तार के कारण छत्तीसगढ़ आज विकास की नई ऊंचाइयों की ओर अग्रसर है।
मुख्यमंत्री साय ने कहा कि वर्ष 2025-26 में प्रदेश का सकल राज्य घरेलू उत्पाद (GSDP) प्रचलित भावों पर बढ़कर लगभग 6 लाख 31 हजार 291 करोड़ रुपये अनुमानित है, जिसकी वृद्धि दर 11.57 प्रतिशत है, जो राष्ट्रीय औसत से अधिक है। उन्होंने कहा कि यह उपलब्धि दर्शाती है कि छत्तीसगढ़ में विकास के सभी प्रमुख क्षेत्र समान रूप से प्रगति कर रहे हैं।

कृषि क्षेत्र में मजबूत वृद्धि:किसानों की मेहनत और सरकार की नीतियों का परिणाम
मुख्यमंत्री साय ने कहा कि आर्थिक सर्वेक्षण के अनुसार कृषि एवं संबद्ध क्षेत्र में 12.53 प्रतिशत वृद्धि अनुमानित है, जो किसानों की मेहनत, तकनीकी नवाचार, सिंचाई सुविधाओं के विस्तार तथा सरकार की किसान-हितैषी योजनाओं का परिणाम है। उन्होंने कहा कि छत्तीसगढ़ कृषि प्रधान राज्य है और समृद्ध किसान ही विकसित छत्तीसगढ़ की मजबूत नींव हैं। राज्य सरकार किसानों की आय बढ़ाने और कृषि को अधिक लाभकारी बनाने के लिए निरंतर प्रयास कर रही है।

औद्योगिक क्षेत्र में तेजी: निवेश और रोजगार के नए अवसर
मुख्यमंत्री साय ने कहा कि छत्तीसगढ़ आज देश की औद्योगिक शक्ति के रूप में तेजी से उभर रहा है। आर्थिक सर्वेक्षण के अनुसार उद्योग क्षेत्र में 10.26 प्रतिशत वृद्धि अनुमानित है और राज्य की अर्थव्यवस्था में उद्योग का योगदान लगभग 49 प्रतिशत है, जो राष्ट्रीय औसत से अधिक है। उन्होंने कहा कि राज्य में निवेश, अधोसंरचना विकास और रोजगार के अवसर लगातार बढ़ रहे हैं, जिससे प्रदेश की आर्थिक संरचना और अधिक मजबूत हो रही है।

सेवा क्षेत्र बना नई अर्थव्यवस्था का आधार
मुख्यमंत्री ने कहा कि सेवा क्षेत्र में 13.15 प्रतिशत वृद्धि अनुमानित है। शिक्षा, स्वास्थ्य, पर्यटन, आईटी एवं डिजिटल सेवाओं में विस्तार के कारण युवाओं के लिए नए अवसर सृजित हो रहे हैं। उन्होंने कहा कि सेवा क्षेत्र के विकास से राज्य की अर्थव्यवस्था को नई गति मिल रही है।

प्रति व्यक्ति आय में वृद्धि — प्रदेशवासियों की समृद्धि का संकेत
मुख्यमंत्री साय ने कहा कि आर्थिक सर्वेक्षण के अनुसार वर्ष 2025-26 में प्रति व्यक्ति आय बढ़कर लगभग 1.79 लाख रुपये अनुमानित है, जो पिछले वर्ष की तुलना में 10.07 प्रतिशत वृद्धि दर्शाती है। उन्होंने कहा कि यह प्रदेशवासियों की बढ़ती आय, आर्थिक गतिविधियों के विस्तार और सरकार की विकासोन्मुख नीतियों का सकारात्मक परिणाम है।

हर परिवार की समृद्धि हमारा लक्ष्य
मुख्यमंत्री साय ने कहा कि राज्य सरकार का स्पष्ट लक्ष्य है कि प्रदेश के प्रत्येक परिवार की आय बढ़े, जीवन स्तर बेहतर हो और समृद्धि हर घर तक पहुंचे। उन्होंने कहा कि विकास तभी सार्थक है जब उसका लाभ समाज के अंतिम व्यक्ति तक पहुंचे और हर परिवार आर्थिक रूप से सशक्त एवं खुशहाल बने।
मुख्यमंत्री साय ने विश्वास व्यक्त किया कि छत्तीसगढ़ आने वाले वर्षों में देश की अग्रणी अर्थव्यवस्थाओं में अपना स्थान और मजबूत करेगा तथा विकसित भारत के निर्माण में महत्वपूर्ण योगदान देगा।

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