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धर्म संसार / शौर्यपथ / प्रभु यीशु के जन्म की ख़ुशी में मनाया जाने वाला क्रिसमस का त्योहार पूरी दुनिया में मनाया जाता है। यह त्योहार कई मायनों में बेहद खास है। क्रिसमस को बड़ा दिन, सेंट स्टीफेंस डे या फीस्ट ऑफ़ सेंट स्टीफेंस भी कहा जाता है। प्रभु यीशु ने दुनिया को प्यार और इंसानियत की शिक्षा दी। उन्होंने लोगों को प्रेम और भाईचारे के साथ रहने का संदेश दिया। प्रभु यीशु को ईश्वर का इकलौता प्यारा पुत्र माना जाता है। इस त्योहार से कई रोचक तथ्य जुड़े हैं। आइए जानते हैं इनके बारे में।
क्रिसमस ऐसा त्योहार है जिसे हर धर्म के लोग उत्साह से मनाते हैं। यह एकमात्र ऐसा त्योहार है जिस दिन लगभग पूरे विश्व में अवकाश रहता है। 25 दिसंबर को मनाया जाने वाला यह त्योहार आर्मीनियाई अपोस्टोलिक चर्च में 6 जनवरी को मनाया जाता है। कई देशों में क्रिसमस का अगला दिन 26 दिसंबर बॉक्सिंग डे के रूप मे मनाया जाता है। क्रिसमस पर सांता क्लॉज़ को लेकर मान्यता है कि चौथी शताब्दी में संत निकोलस जो तुर्की के मीरा नामक शहर के बिशप थे, वही सांता थे। वह गरीबों की हमेशा मदद करते थे उनको उपहार देते थे। क्रिसमस के तीन पारंपरिक रंग हैं हरा, लाल और सुनहरा। हरा रंग जीवन का प्रतीक है, जबकि लाल रंग ईसा मसीह के रक्त और सुनहरा रंग रोशनी का प्रतीक है। क्रिसमस की रात को जादुई रात कहा जाता है। माना जाता है कि इस रात सच्चे दिल वाले लोग जानवरों की बोली को समझ सकते हैं। क्रिसमस पर घर के आंगन में क्रिसमस ट्री लगाया जाता है। क्रिसमस ट्री को दक्षिण पूर्व दिशा में लगाना शुभ माना जाता है। फेंगशुई के मुताबिक ऐसा करने से घर में सुख समृद्धि आती है। पोलैंड में मकड़ी के जालों से क्रिसमस ट्री को सजाने की परंपरा है। मान्यता है कि मकड़ी ने सबसे पहले जीसस के लिए कंबल बुना था।
NMC की मंजूरी से प्रदेश में चिकित्सा शिक्षा को मिली नई रफ्तार, 1963 की 60 सीटों से बढ़कर अब 250 तक पहुंचा जेएनएम मेडिकल कॉलेज
रायपुर । छत्तीसगढ़ के चिकित्सा शिक्षा क्षेत्र के लिए एक महत्वपूर्ण उपलब्धि सामने आई है। राष्ट्रीय आयुर्विज्ञान आयोग (NMC) के मेडिकल असेसमेंट एंड रेटिंग बोर्ड (MARB) ने पंडित जवाहरलाल नेहरू मेमोरियल (जेएनएम) मेडिकल कॉलेज, रायपुर की एमबीबीएस सीटों में 20 सीटों की बढ़ोतरी को मंजूरी प्रदान कर दी है। इस निर्णय के बाद शैक्षणिक सत्र 2026-27 से कॉलेज में एमबीबीएस की कुल सीटें 230 से बढ़कर 250 हो जाएंगी।
MARB द्वारा 10 जुलाई 2026 को जारी लेटर ऑफ परमिशन के अनुसार, पं. दीनदयाल उपाध्याय मेमोरियल हेल्थ साइंसेज एंड आयुष यूनिवर्सिटी, छत्तीसगढ़ से संबद्ध जेएनएम मेडिकल कॉलेज अब पहले से अधिक विद्यार्थियों को चिकित्सा शिक्षा का अवसर उपलब्ध करा सकेगा।
60 सीटों से शुरू हुआ सफर, अब 250 तक पहुंची क्षमता
वर्ष 1963 में मात्र 60 एमबीबीएस सीटों के साथ स्थापित जेएनएम मेडिकल कॉलेज ने पिछले छह दशकों में लगातार विस्तार किया है। समय-समय पर सीटों में वृद्धि करते हुए यह संख्या पहले 100, फिर 2009 में 150, 2019 में 180, 2023 में 230 और अब 2026 में 250 सीटों तक पहुंच गई है। यह वृद्धि प्रदेश में चिकित्सा शिक्षा के मजबूत होते ढांचे और बढ़ती स्वास्थ्य सुविधाओं का संकेत मानी जा रही है।
प्रदेश के युवाओं को मिलेगा बड़ा लाभ
स्वास्थ्य मंत्री श्याम बिहारी जायसवाल ने इस उपलब्धि का स्वागत करते हुए कहा कि एमबीबीएस सीटों में वृद्धि से छत्तीसगढ़ के विद्यार्थियों को अपने ही राज्य में चिकित्सा शिक्षा प्राप्त करने के अधिक अवसर मिलेंगे। इससे न केवल मेडिकल शिक्षा का विस्तार होगा, बल्कि भविष्य में प्रदेश को अधिक प्रशिक्षित डॉक्टर भी मिल सकेंगे।
उन्होंने इस उपलब्धि का श्रेय मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय के नेतृत्व और राज्य सरकार के सतत प्रयासों को देते हुए कहा कि सरकार चिकित्सा शिक्षा और स्वास्थ्य सेवाओं को मजबूत बनाने के लिए निरंतर कार्य कर रही है।
चिकित्सा शिक्षा को मिलेगा नया आयाम
विशेषज्ञों का मानना है कि सीटों में यह बढ़ोतरी प्रदेश के उन विद्यार्थियों के लिए राहत लेकर आई है, जो हर वर्ष सीमित सीटों के कारण अन्य राज्यों का रुख करने को मजबूर होते थे। नई सीटों के जुड़ने से प्रदेश में मेडिकल शिक्षा का दायरा और व्यापक होगा तथा भविष्य में स्वास्थ्य सेवाओं की गुणवत्ता भी मजबूत होगी।
50 नक्सल मुक्त गांवों को मिलेंगे 1-1 करोड़ रुपये, गैर-जनहानि मामलों की होगी साप्ताहिक समीक्षा, 15 अगस्त को हर नक्सल मुक्त गांव में फहराया जाएगा तिरंगा
रायपुर । छत्तीसगढ़ के उप मुख्यमंत्री एवं गृह मंत्री श्री विजय शर्मा ने नक्सल प्रभावित जिलों में विकास, पुनर्वास और न्यायिक प्रक्रिया को गति देने के लिए महत्वपूर्ण निर्देश जारी किए हैं। मंत्रालय महानदी भवन में आयोजित पुलिस विभाग की समीक्षा बैठक में उन्होंने स्पष्ट किया कि जिन नक्सल आरोपियों के विरुद्ध जनहानि जैसे गंभीर अपराध दर्ज नहीं हैं, उनके मामलों की विधिसम्मत समीक्षा कर रिहाई की प्रक्रिया तेज की जाए।
इसके लिए विधि विभाग के सहयोग से अभियोजन अधिकारियों और शासकीय वकीलों की विशेष टीम गठित की जाएगी। साथ ही प्रत्येक सप्ताह संबंधित जिला पुलिस अधीक्षक कार्यालय में ऐसे प्रकरणों की समीक्षा बैठक आयोजित कर प्रगति की निगरानी की जाएगी।
नक्सल मुक्त गांवों को मिलेगा विकास का तोहफा
उप मुख्यमंत्री ने घोषणा की कि पूर्व में अति नक्सल प्रभावित रहे और अब नक्सल मुक्त घोषित ग्रामों में तीव्र विकास के लिए प्रत्येक गांव को 1 करोड़ रुपये तक के विकास कार्य स्वीकृत किए जाएंगे। प्रथम चरण में 50 गांवों का चयन किया गया है, जिनमें सुकमा के 20, बीजापुर के 20 और नारायणपुर के 10 गांव शामिल हैं। इन कार्यों से ग्रामीणों को रोजगार मिलने के साथ आधारभूत सुविधाओं का भी विस्तार होगा।
15 अगस्त को हर नक्सल मुक्त गांव में तिरंगा यात्रा
श्री शर्मा ने निर्देश दिए कि आगामी 15 अगस्त 2026 को सभी नक्सल मुक्त गांवों में राष्ट्रीय ध्वज फहराया जाएगा और तिरंगा यात्रा निकाली जाएगी, जिससे राष्ट्रीय एकता, विश्वास और जनभागीदारी का संदेश गांव-गांव तक पहुंचे।
पीड़ित और पुनर्वासित परिवारों को मिलेगी प्राथमिकता
बैठक में निर्देश दिए गए कि सभी नक्सल पीड़ित एवं पुनर्वासित परिवारों को प्रधानमंत्री आवास योजना के विशेष प्रावधानों के तहत आवास उपलब्ध कराया जाए। जिन क्षेत्रों में बड़ी नक्सली घटनाएं हुई हैं, वहां शहीद जवानों और पीड़ित नागरिकों की स्मृति में सामुदायिक स्मारकों का निर्माण भी कराया जाएगा।
उप मुख्यमंत्री ने जिलावार शहीद जवानों, मृत नागरिकों तथा उनके परिजनों को दी गई सहायता की समीक्षा करते हुए कहा कि शासन की सभी निर्धारित सुविधाएं समय पर उपलब्ध कराई जाएं और किसी भी स्तर पर अनावश्यक विलंब नहीं होना चाहिए।
एक माह में मिलेगा प्रोत्साहन राशि का भुगतान
पुनर्वास नीति के तहत आत्मसमर्पण कर पुनर्वासित युवाओं को घोषित प्रोत्साहन राशि का भुगतान एक माह के भीतर सुनिश्चित करने के निर्देश दिए गए। साथ ही पुनर्वास एवं पीड़ित परिवारों से संबंधित सभी जानकारियों को डिजिटल डैशबोर्ड पर नियमित रूप से अपडेट करने को कहा गया।
इसके अलावा माओवादियों द्वारा लूटे गए हथियारों की बरामदगी के लिए अंतर्राज्यीय समन्वय समिति गठित करने तथा जंगलों में कोई हथियार न छूटे, यह सुनिश्चित करने के भी निर्देश दिए गए।
बैठक में प्रमुख सचिव सुश्री निहारिका सिंह बारिक, सचिव श्रीमती नेहा चम्पावत, एडीजी श्री विवेकानंद सिन्हा सहित गृह विभाग, पुलिस विभाग एवं संबंधित जिलों के वरिष्ठ अधिकारी उपस्थित रहे।
बस्तर में 12 वर्षों के जमीनी अनुभव और 7 वर्षों के ऐतिहासिक नेतृत्व का मिलेगा देश को लाभ, आतंकवाद और नक्सलवाद के खिलाफ राष्ट्रीय स्तर पर निभाएंगे अहम भूमिका
रायपुर। छत्तीसगढ़ के बस्तर क्षेत्र में नक्सलवाद के खिलाफ निर्णायक और ऐतिहासिक अभियान का नेतृत्व करने वाले 2003 बैच के छत्तीसगढ़ कैडर के वरिष्ठ आईपीएस अधिकारी पी. सुंदरराज (Sundarraj P.) को केंद्र सरकार ने राष्ट्रीय जांच एजेंसी (NIA) में इंस्पेक्टर जनरल (IG) के पद पर नियुक्त किया है। केंद्रीय गृह मंत्रालय ने जून 2026 में उनकी केंद्रीय प्रतिनियुक्ति को मंजूरी देते हुए आदेश जारी किए थे।
पी. सुंदरराज का नाम बस्तर में नक्सल विरोधी अभियानों की सफलता का पर्याय माना जाता है। उन्होंने लगभग 12 वर्षों तक बस्तर संभाग में अपनी सेवाएं दीं और लगातार 7 वर्षों तक बस्तर रेंज के आईजी के रूप में कार्य करते हुए दक्षिण छत्तीसगढ़ के सात सर्वाधिक संवेदनशील जिलों में सुरक्षा अभियानों का प्रभावी नेतृत्व किया।
उनके नेतृत्व में सुरक्षा बलों ने घने जंगलों और दुर्गम इलाकों में नए सुरक्षा कैंप स्थापित किए, जिससे नक्सलियों के सुरक्षित ठिकाने लगातार कमजोर होते गए। कई बड़े माओवादी कमांडर मारे गए, जबकि सैकड़ों नक्सलियों ने हिंसा का रास्ता छोड़कर आत्मसमर्पण कर मुख्यधारा में वापसी की। उनकी रणनीति ने बस्तर में सुरक्षा व्यवस्था को नई मजबूती प्रदान की और नक्सल विरोधी अभियानों को नई दिशा दी।
गृह मंत्रालय ने उनके उत्कृष्ट ट्रैक रिकॉर्ड, रणनीतिक सोच और जमीनी अनुभव को देखते हुए उन्हें देश की प्रमुख आतंकवाद रोधी जांच एजेंसी एनआईए में महत्वपूर्ण जिम्मेदारी सौंपी है। एनआईए आतंकवाद, उग्रवाद, अलगाववाद और नक्सलवाद से जुड़े गंभीर मामलों की जांच करने वाली देश की सर्वोच्च केंद्रीय एजेंसी है।
विशेषज्ञों का मानना है कि बस्तर के चुनौतीपूर्ण हालात में वर्षों तक काम करने का उनका अनुभव अब राष्ट्रीय स्तर पर आतंकवाद और आंतरिक सुरक्षा से जुड़े मामलों की जांच और रणनीति निर्माण में महत्वपूर्ण योगदान देगा।
46 वर्षीय पी. सुंदरराज मूल रूप से तमिलनाडु के कोयंबटूर के निवासी हैं। उन्होंने बी.एससी. (कृषि विज्ञान) की पढ़ाई के बाद संघ लोक सेवा आयोग की परीक्षा उत्तीर्ण कर भारतीय पुलिस सेवा में प्रवेश किया। उत्कृष्ट सेवाओं के लिए उन्हें पुलिस वीरता पदक (Police Medal for Gallantry) तथा सराहनीय सेवा पदक सहित कई प्रतिष्ठित सम्मानों से सम्मानित किया जा चुका है।
पी. सुंदरराज की यह नियुक्ति न केवल छत्तीसगढ़ पुलिस के लिए गौरव का विषय है, बल्कि यह इस बात का भी प्रमाण है कि बस्तर में उनके नेतृत्व में किए गए प्रभावी नक्सल विरोधी अभियानों को राष्ट्रीय स्तर पर भी उच्च सम्मान और मान्यता मिली है।
पाटन। बोल बम कांवर यात्रा समिति, पाटन द्वारा प्रतिवर्ष की भांति इस वर्ष भी भव्य एवं विशाल कांवर यात्रा महोत्सव का आयोजन किया जाएगा। इस धार्मिक आयोजन को लेकर तैयारियां प्रारंभ कर दी गई हैं। यात्रा को सुव्यवस्थित, भव्य एवं श्रद्धामय स्वरूप प्रदान करने के उद्देश्य से समिति की एक महत्वपूर्ण बैठक शनिवार, 11 जुलाई 2026 को दोप. 3:00 बजे रेस्ट हाउस, पाटन में आयोजित की जाएगी।
समिति के संयोजक श्री जितेन्द्र वर्मा ने बताया कि कांवर यात्रा केवल एक धार्मिक आयोजन बस नहीं है यह सनातन संस्कृति, आस्था, अनुशासन, सेवा और सामाजिक समरसता का प्रतीक है। प्रत्येक वर्ष हजारों शिवभक्त "बोल बम" के जयघोष के साथ भगवान भोलेनाथ का जलाभिषेक करने के लिए कांवर यात्रा में सम्मिलित होते हैं। इसी परंपरा को आगे बढ़ाते हुए इस वर्ष भी यात्रा को पहले से अधिक भव्य और सुव्यवस्थित रूप देने की योजना बनाई जा रही है।
समिति के संयोजक वर्मा जी ने कहा कि बैठक में यात्रा के संपूर्ण आयोजन की रूपरेखा पर विस्तृत चर्चा की जाएगी। यात्रा मार्ग, सुरक्षा व्यवस्था, चिकित्सा सहायता, पेयजल एवं भोजन व्यवस्था, विश्राम स्थल, यातायात समन्वय, स्वच्छता, अनुशासन, प्रचार-प्रसार एवं अन्य आवश्यक व्यवस्थाओं को अंतिम रूप देने के लिए सभी पदाधिकारियों एवं शिवभक्तों के सुझाव लिए जाएंगे।
समिति के संयोजक वर्मा ने पाटन क्षेत्र के सभी सामाजिक, धार्मिक एवं सांस्कृतिक संगठनों, युवा मंडलों, महिला समूहों, जनप्रतिनिधियों, व्यापारी बंधुओं, स्वयंसेवकों एवं भगवान शिव के सभी श्रद्धालुओं से आग्रह किया कि वे बैठक में अनिवार्य रूप से उपस्थित होकर अपने सुझाव दें एवं आयोजन को सफल बनाने में सक्रिय भूमिका निभाने का आह्वान किया।आगे उन्होंने कहा कि यह आयोजन किसी एक व्यक्ति या समिति का नहीं, बल्कि पूरे क्षेत्र की आस्था और सहभागिता का उत्सव है।
69वीं जयंती पर निःशुल्क बहुउद्देशीय प्रशिक्षण एवं स्वरोजगार केंद्र की शुरुआत, मातृशक्ति को आत्मनिर्भर बनाने का संकल्प
भिलाई।
आज जब समाज सेवा को अक्सर राजनीति और पद से जोड़कर देखा जाता है, ऐसे दौर में भिलाई के समाजसेवी इंद्रजीत सिंह यह साबित कर रहे हैं कि सेवा के लिए किसी पद या राजनीतिक पहचान की नहीं, बल्कि संवेदनशील सोच और दृढ़ संकल्प की आवश्यकता होती है। वर्षों से वे बिना किसी राजनीतिक पद के समाज के अंतिम व्यक्ति तक सहायता पहुंचाने के कार्य में निरंतर सक्रिय हैं।
इंद्रजीत सिंह अपने पूज्य पिता स्वर्गीय बीरा सिंह के सेवा, सहयोग और मानवता के आदर्शों को जीवन का मार्ग मानते हुए उसी परंपरा को आगे बढ़ा रहे हैं। शिक्षा, स्वास्थ्य, रक्तदान, खेल, महिला सशक्तिकरण और जरूरतमंद परिवारों की सहायता जैसे अनेक क्षेत्रों में उनके सामाजिक कार्य लगातार लोगों के जीवन में सकारात्मक बदलाव ला रहे हैं।
स्वर्गीय बीरा सिंह की 69वीं जयंती पर उन्होंने समाज के लिए एक और महत्वपूर्ण पहल करते हुए आर्य नगर, कोहका स्थित सर्व समाज कल्याण समिति के कार्यालय में "बहुउद्देशीय प्रशिक्षण एवं स्वरोजगार केंद्र" का शुभारंभ कराया। इस केंद्र का उद्घाटन उनकी माताजी श्रीमती कुलवंत कौर ने किया।
इस केंद्र में महिलाओं को सिलाई-कढ़ाई, दोना-पत्तल निर्माण, झाड़ू निर्माण, रुई-बाती, दीया एवं अगरबत्ती निर्माण सहित कई स्वरोजगार आधारित प्रशिक्षण पूर्णतः निःशुल्क उपलब्ध कराए जाएंगे। उद्देश्य केवल प्रशिक्षण देना नहीं, बल्कि महिलाओं को आर्थिक रूप से आत्मनिर्भर और आत्मविश्वासी बनाना है।
इंद्रजीत सिंह की समाज सेवा में उनकी माताजी श्रीमती कुलवंत कौर भी बराबर की भागीदार हैं। जरूरतमंदों की सहायता, महिला कल्याण, शिक्षा, स्वास्थ्य और सामाजिक जागरूकता के प्रत्येक अभियान में उनकी सक्रिय भूमिका इस सेवा यात्रा को पारिवारिक संस्कारों का जीवंत उदाहरण बनाती है।
खेल प्रतिभाओं को प्रोत्साहन देना भी इंद्रजीत सिंह की प्राथमिकताओं में शामिल है। वे युवा खिलाड़ियों को बेहतर अवसर और मंच उपलब्ध कराने के लिए लगातार प्रयासरत रहते हैं, जिससे नई प्रतिभाओं को आगे बढ़ने का अवसर मिल सके।
इंद्रजीत सिंह का मानना है कि समाज में वास्तविक परिवर्तन भाषणों से नहीं, बल्कि निरंतर सेवा, संवेदनशीलता और जनभागीदारी से आता है। उनका स्पष्ट संदेश है कि व्यक्ति की सबसे बड़ी पहचान उसका पद नहीं, बल्कि उसके कर्म होते हैं।
आज इंद्रजीत सिंह उन युवाओं के लिए प्रेरणा बन चुके हैं जो बिना किसी राजनीतिक मंच या पद के समाज में सकारात्मक परिवर्तन लाना चाहते हैं। स्वर्गीय बीरा सिंह के सेवा-संस्कारों को आगे बढ़ाते हुए वे यह संदेश दे रहे हैं कि "सेवा ही सबसे बड़ा धर्म, इंसानियत ही सबसे बड़ा पद और समाज की दुआएं ही सबसे बड़ा सम्मान हैं।"
जन्मजात होंठ की विकृति का हुआ सफल उपचार, अब सामान्य जीवन जी रही हैं 22 वर्षीय युवती
रायपुर, / होंठ की जन्मजात विकृति (क्लेफ्ट लिप) एक आम समस्या है, जिसमें बच्चे के ऊपरी होंठ या तालू के ऊतक गर्भावस्था के शुरुआती हफ्तों में पूरी तरह जुड़ नहीं पाते हैं। यह दरार केवल होंठ पर हो सकती है या नाक तक जा सकती है। सर्जरी द्वारा इसे 90ः से 100ः तक ठीक किया जा सकता है।
बीजापुर जिले के दूरस्थ बासागुड़ा गांव की रहने वाली 22 वर्षीय भीमे हेमला जन्म से होंठ की जन्मजात विकृति (क्लेफ्ट लिप) से पीड़ित थीं। इस कारण उन्हें भोजन करने, निगलने और स्पष्ट रूप से बोलने में काफी परेशानी होती थी। यह समस्या उनके आत्मविश्वास और दैनिक जीवन को भी प्रभावित करती थी।
उपचार के लिए भीमे हेमला ने जिला अस्पताल बीजापुर में संपर्क किया। यहां कान, नाक एवं गला (ईएनटी) विशेषज्ञ डॉ. विभू तिवारी के नेतृत्व में स्थानीय एनेस्थीसिया के तहत उनकी सफल सर्जरी की गई। ऑपरेशन थिएटर के चिकित्सकों, नर्सिंग स्टाफ और स्वास्थ्य कर्मियों के समन्वित प्रयास से यह जटिल शल्य चिकित्सा सफलतापूर्वक पूरी हुई।
सर्जरी के बाद भीमे हेमला के स्वास्थ्य में उल्लेखनीय सुधार हुआ। अब उन्हें बोलने, निगलने और सामान्य रूप से भोजन करने में किसी प्रकार की कठिनाई नहीं होती। सफल उपचार से उनका आत्मविश्वास भी बढ़ा है और वे अब सामान्य एवं सम्मानजनक जीवन जीने की ओर आगे बढ़ रही हैं।
जिले में स्वास्थ्य सेवाओं को बेहतर बनाने के लिए कलेक्टर श्री विश्वदीप के मार्गदर्शन तथा जिला पंचायत की मुख्य कार्यपालन अधिकारी सुश्री नम्रता चौबे के सहयोग से लगातार प्रयास किए जा रहे हैं। मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी डॉ. बी.आर. पुजारी और सिविल सर्जन डॉ. रत्ना ठाकुर के नेतृत्व में जिला अस्पताल बीजापुर में विशेषज्ञ स्वास्थ्य सेवाओं का विस्तार किया गया है। इसका लाभ अब दूरस्थ और आदिवासी क्षेत्रों के मरीजों को अपने ही जिले में मिल रहा है।
जिला अस्पताल बीजापुर में इस तरह की जटिल सर्जरी का सफल होना जिले की स्वास्थ्य सेवाओं की बढ़ती क्षमता और विशेषज्ञ चिकित्सकीय सुविधाओं का प्रमाण है। इससे मरीजों को बड़े शहरों में जाने की आवश्यकता कम हो रही है और उन्हें स्थानीय स्तर पर ही गुणवत्तापूर्ण उपचार उपलब्ध हो रहा है।
हितग्राही की प्रतिक्रिया
भीमे हेमला, बासागुड़ा निवासी ने बताया कि वो जन्म से इस समस्या से परेशान थी। जिला अस्पताल बीजापुर में मेरा सफल इलाज हुआ। अब मैं आसानी से बोल सकता हूं और खाना खा सकती हूं। मेरे चेहरे पर फिर से मुस्कान लौट आई है। इसके लिए मैं छत्तीसगढ सरकार एवं डॉ. विभू तिवारी, जिला अस्पताल के सभी डॉक्टरों, नर्सिंग स्टाफ और स्वास्थ्य कर्मियों का हृदय से आभार व्यक्त करती हूं।
हर माह वीडियो आधारित निरीक्षण से गड्ढों, दरारों और पॉटहोल की होगी पहचान, त्वरित मरम्मत की बनेगी कार्ययोजना
रायपुर, / छत्तीसगढ़ में प्रधानमंत्री ग्राम सड़क योजना (पीएमजीएसवाई) के तहत बनी ग्रामीण सड़कों के रखरखाव और उनकी गुणवत्ता को सुधारने के लिए राज्य सरकार अब एक क्रांतिकारी कदम उठाने जा रही है। सड़कों की मॉनिटरिंग और मरम्मत कार्य को अधिक पारदर्शी और प्रभावी बनाने के लिए अब आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (एआई) तकनीक का उपयोग किया जाएगा। उप मुख्यमंत्री एवं पंचायत तथा ग्रामीण विकास मंत्री श्री विजय शर्मा ने पीएमजीएसवाई के कार्यों की उच्च स्तरीय समीक्षा बैठक में अधिकारियों को इस एआई आधारित सड़क निरीक्षण प्रणाली को जल्द से जल्द जमीन पर लागू करने के कड़े निर्देश दिए हैं।
हर महीने वीडियो से होगी सड़कों की जांच
समीक्षा बैठक के दौरान बताया गया कि इस नई तकनीक के तहत अब राज्य की प्रत्येक पीएमजीएसवाई सड़क का हर महीने वीडियो आधारित निरीक्षण किया जाएगा। इसके लिए विशेष एआई आधारित ऐप और डैशबोर्ड भी तैयार कर लिया गया है। एआई तकनीक सड़कों पर मौजूद गड्ढों (पॉटहोल्स), दरारों और अन्य क्षतियों की अपने आप पहचान कर उनका विश्लेषण करेगी। इससे सड़कों की श्रियल टाइमश् (वास्तविक स्थिति) की सटीक जानकारी मिलेगी और किसी भी तरह की भ्रामक जानकारी से बचा जा सकेगा।
सर्वाधिक क्षतिग्रस्त सड़कों को मिलेगी प्राथमिकता
उप मुख्यमंत्री श्री विजय शर्मा ने कहा कि एआई तकनीक से प्राप्त आंकड़ों (डेटा) के आधार पर राज्य की सबसे ज्यादा खराब और क्षतिग्रस्त सड़कों की पहचान प्राथमिकता से की जाएगी। इसके बाद उनके संधारण (रखरखाव) की बजट कार्ययोजना तैयार कर तुरंत मरम्मत कार्य शुरू कराया जाएगा। इससे सरकारी संसाधनों का सही और बेहतर उपयोग हो सकेगा तथा ग्रामीण क्षेत्रों में आवागमन अधिक सुगम व सुरक्षित बनेगा।
कल से शुरू होगा पायलट प्रोजेक्ट
इस व्यवस्था को सुचारू रूप से लागू करने के लिए उप मुख्यमंत्री ने अधिकारियों को निर्देशित किया है कि कल से ही प्रायोगिक तौर पर (पायलट प्रोजेक्ट के रूप में) प्रदेश के प्रत्येक जिले में एक-एक चयनित सड़क का एआई आधारित निरीक्षण शुरू किया जाए। इन शुरुआती निरीक्षणों से मिलने वाले परिणामों का बारीकी से विश्लेषण करने के बाद इसे पूरे राज्य में प्रभावी ढंग से लागू किया जाएगा। आधुनिक तकनीक के इस उपयोग से सड़कों की आयु बढ़ेगी और समय पर मरम्मत होने से जनता को बेहतर सुविधाएं मिलेंगी।
इस महत्वपूर्ण समीक्षा बैठक में पंचायत एवं ग्रामीण विकास विभाग की अपर मुख्य सचिव श्रीमती ऋचा शर्मा, सचिव श्री भीम सिंह, सचिव श्री धर्मेश साहू, प्रधानमंत्री आवास योजना के संचालक श्री तारन प्रकाश सिन्हा तथा संचालक एनआरएलएम श्री अश्वनी देवांगन सहित विभाग के अन्य वरिष्ठ अधिकारी उपस्थित थे।
रायपुर /छत्तीसगढ़ राज्य पिछड़ा वर्ग आयोग में आज विभिन्न जिलों से प्राप्त गंभीर शिकायतों और आवेदनों पर एक महत्वपूर्ण सुनवाई आयोग कार्यालय में आयोजित की गई। आयोग के अध्यक्ष (कैबिनेट मंत्री दर्जा) श्री नेहरू राम निषाद, उपाध्यक्ष (राज्य मंत्री दर्जा) श्रीमती चन्द्रकान्ति वर्मा एवं आयोग के सचिव श्री संकल्प साहू की उपस्थिति में मामलों की गहन समीक्षा की गई। इस दौरान सभी संबंधित पक्षकारों को निष्पक्ष एवं पारदर्शी रूप से अपना पक्ष रखने का अवसर दिया गया।
मलार समाज को ओबीसी में शामिल करने की मांग
सुनवाई के दौरान सरगुजा, सूरजपुर, कोरिया, बलरामपुर एवं जशपुर जिलों से आए मलार समाज के लगभग 50 से 60 प्रतिनिधियों ने आयोग के समक्ष अपनी उपस्थिति दर्ज कराई। प्रतिनिधियों ने समाज को अन्य पिछड़ा वर्ग में शामिल किए जाने के संबंध में एक सामूहिक आवेदन प्रस्तुत किया। समाज के लोगों ने एकमत होकर इस प्रक्रिया के प्रति अपना लिखित समर्थन दर्ज कराया, जिस पर अध्यक्ष एवं उपाध्यक्ष ने प्रकरण का अवलोकन कर अधिकारियों को नियमानुसार आगामी त्वरित कार्रवाई के निर्देश दिए।
प्रमुख मामलों पर हुई सुनवाई और निर्देश
आवेदक श्री हरिशंकर साहू द्वारा सामाजिक बहिष्कार किए जाने की शिकायत पर जिला गरियाबंद के ग्रामीण साहू संघ (मुरमुरा) के पदाधिकारी आयोग के समक्ष हाजिर हुए। पदाधिकारियों ने बताया कि आवेदक को समाज की मुख्यधारा में पुनः ससम्मान शामिल कर लिया गया है। इस संबंध में आयोग के पदाधिकारियों के समक्ष प्रमाण-पत्र भी प्रस्तुत किया गया।
श्री जागेश्वर यदु द्वारा भू-अधिग्रहण के बदले मिली नौकरी से सेवा समाप्त किए जाने की शिकायत पर दक्षिण पूर्व मध्य रेलवे, रायपुर के अधिकारियों ने अपना पक्ष रखा। अधिकारियों ने अवगत कराया कि यह सेवा संबंधी विवाद होने के कारण केंद्रीय प्रशासनिक अधिकरण के अधिकार क्षेत्र में आता है। इस पर आयोग ने आवेदक को आवश्यक विधिक कार्रवाई हेतु कैट के समक्ष आवेदन प्रस्तुत करने की उचित जानकारी दी।
श्री प्रदीप जायसवाल ने छत्तीसगढ़ विद्युत कंपनी में पदों की समतुल्यता निर्धारण और अन्य पिछड़ा वर्ग के लिए आरक्षण संबंधी विषयों से आयोग को अवगत कराया। मामले को गंभीरता से लेते हुए आयोग के अध्यक्ष व उपाध्यक्ष ने अन्य पिछड़ा वर्ग क्रीमीलेयर पर समतुल्यता निर्धारण के संबंध में छत्तीसगढ़ शासन को पत्र प्रेषित करने के निर्देश दिए हैं।
आवेदक श्री रामसुन्दर का बयान दर्ज किया गया, परंतु अनावेदक की अनुपस्थिति के कारण उसे आगामी तिथि पर पुनः तलब किया गया है। चूंकि यह मामला आपसी विवाद और मारपीट से संबंधित था, इसलिए आयोग ने आवेदक को संबंधित पुलिस थाने में नियमानुसार शिकायत दर्ज कराने की सलाह दी है। सुनवाई के दौरान श्री अंबिका प्रसाद, श्री फगुन दास और श्रीमती जोगेश्वरी वर्मा के अनुपस्थित रहने के कारण आयोग ने उन्हें आगामी पेशी तिथि में दोबारा उपस्थित होने हेतु निर्देशित किया है।
संवेदनशीलता से काम करने की हिदायत
सभी मामलों की विस्तृत समीक्षा के बाद अध्यक्ष श्री नेहरू राम निषाद एवं उपाध्यक्ष श्रीमती चन्द्रकान्ति वर्मा ने उपस्थित अधिकारियों को कड़े निर्देश दिए कि पिछड़ा वर्ग से जुड़े सभी प्रकरणों का त्वरित और पूरी संवेदनशीलता के साथ समय-सीमा के भीतर निराकरण सुनिश्चित किया जाए।
ब्याज एवं अधिभार में राहत, लंबित प्रकरणों के समाधान और रुकी परियोजनाओं को मिलेगी नई रफ्तार
रायपुर / मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय की अध्यक्षता में आयोजित मंत्रिपरिषद् की बैठक में नवा रायपुर अटल नगर विकास प्राधिकरण (एनआरडीए) द्वारा आबंटित भूखंडों एवं निर्मित परिसरों के आबंटितियों के लिए वन टाइम सेटलमेंट (OTS) योजना-2026 को मंजूरी प्रदान की गई है। मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय के नेतृत्व में लिया गया यह निर्णय पात्र आबंटितियों को ब्याज एवं अधिभार में राहत प्रदान करने के साथ-साथ लंबित प्रकरणों के समाधान, रुकी हुई परियोजनाओं को गति देने तथा नवा रायपुर में निवेश एवं विकास गतिविधियों को नई ऊर्जा देने की दिशा में महत्वपूर्ण कदम है।
मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय ने कहा कि राज्य सरकार का प्रत्येक निर्णय विकास को गति देने और जनहित में व्यावहारिक समाधान उपलब्ध कराने की सोच से प्रेरित है। OTS योजना-2026 इसी दिशा में एक महत्वपूर्ण पहल है। इससे निवेशकों का विश्वास मजबूत होगा, लंबित प्रकरणों का निराकरण होगा और नवा रायपुर के समग्र एवं नियोजित विकास को नई गति मिलेगी।
आवास एवं पर्यावरण मंत्री श्री ओ.पी. चौधरी ने कहा कि मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय के नेतृत्व में राज्य सरकार निवेशकों के लिए पारदर्शी, भरोसेमंद और विकासोन्मुख वातावरण तैयार करने के लिए निरंतर नीतिगत निर्णय ले रही है। OTS योजना-2026 ऐसे आबंटितियों के लिए एक सकारात्मक अवसर है, जो अपनी परियोजनाओं को आगे बढ़ाना चाहते हैं। इससे रुकी हुई परियोजनाओं को गति मिलेगी, अनावश्यक न्यायालयीन विवाद कम होंगे, भूमि का बेहतर उपयोग सुनिश्चित होगा तथा नवा रायपुर में निवेश एवं आर्थिक गतिविधियों को नया प्रोत्साहन मिलेगा। यह निर्णय नवा रायपुर को देश के अग्रणी नियोजित और आधुनिक शहर के रूप में विकसित करने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम है।
योजना के अंतर्गत जो आबंटी परियोजना का विकास करने के इच्छुक नहीं हैं, उन्हें आबंटित भूमि समर्पित कर अनुबंध से बाहर होने का विकल्प भी मिलेगा। इससे अनावश्यक न्यायालयीन विवादों में कमी आएगी तथा भूमि का प्रभावी एवं शीघ्र उपयोग सुनिश्चित हो सकेगा।
योजना लागू होने की तिथि से 31 मार्च 2027 तक प्रभावी रहेगी। इस अवधि में प्राप्त आवेदनों पर निर्धारित प्रावधानों के अनुसार विचार किया जाएगा। वर्तमान में विभिन्न भू-उपयोगों के अंतर्गत बड़ी संख्या में लंबित प्रकरण इस योजना से लाभान्वित हो सकेंगे।
एनआरडीए के अनुसार, योजना के अंतर्गत भूमि प्रीमियम में किसी प्रकार की छूट नहीं दी जाएगी तथा किसी भी भूमि का सेटलमेंट वर्तमान रिजर्व प्रीमियम मूल्य से कम पर नहीं किया जाएगा। इससे प्राधिकरण को कोई वित्तीय हानि नहीं होगी, जबकि पात्र आबंटितियों को ब्याज एवं अधिभार में लगभग 61.96 करोड़ रुपये की राहत मिलने का अनुमान है।
OTS योजना-2026 के क्रियान्वयन से नवा रायपुर में रुकी हुई विकास परियोजनाओं को गति मिलेगी, निवेशकों का विश्वास और सुदृढ़ होगा, मुकदमेबाजी में कमी आएगी तथा भूमि का बेहतर उपयोग सुनिश्चित होगा। यह निर्णय नवा रायपुर के नियोजित, संतुलित और तीव्र शहरी विकास को नई दिशा प्रदान करेगा।
मुख्यमंत्री से सौजन्य मुलाकात कर जताया आभार, 20 खेलों के 156 खिलाड़ियों को मिलेगा लाभ
रायपुर । मुख्यमंत्री विष्णु देव साय से शुक्रवार को उनके निवास कार्यालय में छत्तीसगढ़ ओलम्पिक एसोसिएशन के महासचिव विक्रम सिंह सिसोदिया के नेतृत्व में पदाधिकारियों ने सौजन्य मुलाकात की। इस दौरान एसोसिएशन ने राज्य सरकार द्वारा उत्कृष्ट खिलाड़ियों के हित में लिए गए महत्वपूर्ण निर्णयों के लिए मुख्यमंत्री का आभार व्यक्त किया।
एसोसिएशन के पदाधिकारियों ने विशेष रूप से 20 विभिन्न खेलों के 156 खिलाड़ियों को उत्कृष्ट खिलाड़ी घोषित कर उन्हें शासकीय सेवा में लाभ का अवसर प्रदान करने के निर्णय का स्वागत किया। उन्होंने कहा कि यह पहल खिलाड़ियों के सम्मान, सुरक्षा और उज्ज्वल भविष्य की दिशा में एक ऐतिहासिक कदम है, जिससे प्रदेश के युवाओं में खेलों के प्रति नई ऊर्जा और उत्साह का संचार होगा।
मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने कहा कि राज्य सरकार खिलाड़ियों को उनकी प्रतिभा और उपलब्धियों के अनुरूप बेहतर अवसर उपलब्ध कराने के लिए प्रतिबद्ध है। सरकार का उद्देश्य ऐसा वातावरण तैयार करना है, जहां प्रतिभाशाली खिलाड़ियों को अपनी क्षमता का सर्वोत्तम प्रदर्शन करने के लिए आवश्यक संसाधन, प्रोत्साहन और सम्मान मिल सके।
उन्होंने कहा कि उत्कृष्ट खिलाड़ियों को शासकीय सेवा में अवसर देने का निर्णय न केवल खिलाड़ियों का मनोबल बढ़ाएगा, बल्कि युवाओं को खेलों की ओर प्रेरित करेगा और प्रदेश में खेल संस्कृति को नई दिशा देगा।
मुख्यमंत्री ने विश्वास जताया कि छत्तीसगढ़ के खिलाड़ी राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय प्रतियोगिताओं में उत्कृष्ट प्रदर्शन कर राज्य का नाम रोशन करते रहेंगे। उन्होंने कहा कि खेल केवल प्रतियोगिता का माध्यम नहीं, बल्कि अनुशासन, नेतृत्व, आत्मविश्वास और राष्ट्र निर्माण की भावना विकसित करने का सशक्त माध्यम हैं।
मुलाकात के दौरान ओलम्पिक एसोसिएशन के पदाधिकारियों ने प्रदेश में खेल अधोसंरचना के विकास तथा खिलाड़ियों के हित में राज्य सरकार द्वारा किए जा रहे प्रयासों की भी सराहना करते हुए भविष्य में खेल सुविधाओं के और विस्तार की अपेक्षा व्यक्त की।
रायपुर पुलिस परेड ग्राउंड में सुबह 9 बजे होगा राज्य स्तरीय समारोह, 7 से 15 अगस्त तक सभी शासकीय कार्यक्रमों में होगा ‘वंदे मातरम्’ का गायन
रायपुर / प्रदेश में 79वें स्वतंत्रता दिवस समारोह की तैयारियां शुरू हो गई हैं। मुख्य सचिव विकासशील की अध्यक्षता में शुक्रवार को मंत्रालय महानदी भवन में उच्च स्तरीय बैठक आयोजित कर राज्य स्तरीय एवं जिला स्तरीय कार्यक्रमों की तैयारियों की विस्तृत समीक्षा की गई। बैठक में समारोह को गरिमापूर्ण, सुव्यवस्थित एवं भव्य रूप से आयोजित करने के लिए विभिन्न विभागों की जिम्मेदारियां तय की गईं।
बैठक में बताया गया कि राज्य स्तरीय स्वतंत्रता दिवस समारोह का आयोजन 15 अगस्त को प्रातः 9 बजे रायपुर के पुलिस परेड ग्राउंड में किया जाएगा। समारोह में आकर्षक परेड, सांस्कृतिक कार्यक्रम और विभिन्न शासकीय आयोजन होंगे।
परेड से लेकर सुरक्षा तक तय हुई जिम्मेदारियां
बैठक में निर्णय लिया गया कि परेड में भाग लेने वाली टुकड़ियों के चयन एवं रिहर्सल की व्यवस्था पुलिस उप महानिरीक्षक, छत्तीसगढ़ सशस्त्र बल द्वारा पुलिस महानिदेशक के मार्गदर्शन में की जाएगी। वहीं समारोह स्थल की यातायात, पार्किंग और सुरक्षा व्यवस्था की जिम्मेदारी पुलिस महानिरीक्षक रायपुर को सौंपी गई है।
रायपुर नगर निगम को समारोह स्थल की साफ-सफाई, मंच, पंडाल और बैठक व्यवस्था की जिम्मेदारी दी गई है। स्कूल शिक्षा विभाग एवं संस्कृति विभाग स्कूली बच्चों के सांस्कृतिक कार्यक्रमों का चयन करेंगे, जबकि उनके अभ्यास और अन्य व्यवस्थाओं का दायित्व कलेक्टर रायपुर निभाएंगे।
जिला और तहसील स्तर पर भी होंगे समारोह
बैठक में बताया गया कि जिला एवं तहसील स्तर पर आयोजित होने वाले स्वतंत्रता दिवस समारोहों के संबंध में सामान्य प्रशासन विभाग जल्द ही विस्तृत दिशा-निर्देश जारी करेगा, ताकि पूरे प्रदेश में समारोह एकरूपता और गरिमा के साथ आयोजित किए जा सकें।
150 वर्ष पूरे होने पर गूंजेगा ‘वंदे मातरम्’
बैठक में यह भी निर्णय लिया गया कि ‘वंदे मातरम्’ के 150 वर्ष पूर्ण होने के उपलक्ष्य में 7 अगस्त से 15 अगस्त तक आयोजित सभी शासकीय कार्यक्रमों में ‘वंदे मातरम्’ का सामूहिक गायन किया जाएगा। इसके लिए आवश्यक दिशा-निर्देश संस्कृति विभाग द्वारा जारी किए जाएंगे।
बैठक में वन एवं जलवायु परिवर्तन विभाग के अपर मुख्य सचिव मनोज कुमार पिंगुआ, महिला एवं बाल विकास विभाग की प्रमुख सचिव शहला निगार, सामान्य प्रशासन विभाग के सचिव रजत कुमार, कृषि विकास एवं किसान कल्याण विभाग के सचिव सिद्धार्थ कोमल परदेशी, आवास एवं पर्यावरण विभाग के सचिव अंकित आनंद, खेल एवं युवा कल्याण विभाग के सचिव यशवंत कुमार, कलेक्टर रायपुर गौरव कुमार सिंह सहित गृह विभाग एवं अन्य विभागों के वरिष्ठ अधिकारी उपस्थित रहे।
RBI नियमों के अनुरूप बिजली भुगतान व्यवस्था लागू होगी • देश का पहला 'ईज ऑफ डूइंग बिजनेस' कानून लाएगा छत्तीसगढ़ • NRDA की OTS योजना को मंजूरी, राजनांदगांव में बनेगा 2000 सीटों का अत्याधुनिक ऑडिटोरियम
रायपुर / शौर्यपथ / मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय की अध्यक्षता में बुधवार को मंत्रालय महानदी भवन में आयोजित मंत्रिपरिषद की बैठक में राज्य के प्रशासन, उद्योग, शिक्षा, निवेश, ऊर्जा, पुलिस व्यवस्था और शहरी विकास से जुड़े कई महत्वपूर्ण फैसलों पर मुहर लगाई गई। कैबिनेट ने कुल 11 अहम प्रस्तावों को मंजूरी देते हुए राज्य में सुशासन, निवेश, रोजगार और जनसुविधाओं को नई गति देने की दिशा में महत्वपूर्ण निर्णय लिए।
कैबिनेट के प्रमुख निर्णय
? बिजली आपूर्ति होगी और मजबूत
छत्तीसगढ़ स्टेट पावर डिस्ट्रीब्यूशन कंपनी द्वारा केंद्रीय विद्युत उपक्रमों (CPSUs) को भुगतान के लिए अब RBI के दिशा-निर्देशों के अनुरूप डायरेक्ट डेबिट मैंडेट (DDM) व्यवस्था लागू होगी। इससे एनटीपीसी सहित अन्य कंपनियों से निर्बाध बिजली आपूर्ति सुनिश्चित होगी।
? बस्तर फाइटर्स के सेवा नियमों में संशोधन
कैबिनेट ने छत्तीसगढ़ पुलिस विशेष कार्यपालिक बल (बस्तर फाइटर्स) के भर्ती एवं सेवा नियम-2026 में संशोधन को मंजूरी दी।
? निजी विश्वविद्यालयों के लिए नए नियम
निजी विश्वविद्यालय स्थापना एवं संचालन अधिनियम में संशोधन कर रक्षित निधि का प्रावधान लागू किया जाएगा। इससे उच्च शिक्षा संस्थानों की गुणवत्ता, अधोसंरचना और छात्रों के हितों को और मजबूती मिलेगी।
? VAT अधिकरण समाप्त होगा
जीएसटी व्यवस्था लागू होने के बाद वैट मामलों में कमी को देखते हुए छत्तीसगढ़ वाणिज्यिक कर अधिकरण समाप्त किया जाएगा। लंबित मामलों का निपटारा अब राजस्व मंडल करेगा।
? जीएसटी कानून होगा और सरल
जीएसटी संशोधन विधेयक को मंजूरी देते हुए करदाताओं, विशेषकर निर्यातकों के लिए रिफंड प्रक्रिया को तेज और पारदर्शी बनाने का निर्णय लिया गया।
? निवेश को मिलेगा बड़ा प्रोत्साहन
औद्योगिक निवेश प्रोत्साहन अधिनियम में संशोधन कर निवेशकों के लिए अधिक अनुकूल और पारदर्शी वातावरण तैयार किया जाएगा।
? देश का पहला 'ईज ऑफ डूइंग बिजनेस' कानून
छत्तीसगढ़ ईज ऑफ डूइंग बिजनेस (विनियम-मुक्ति एवं सुविधा) विधेयक-2026 लाने वाला देश का पहला राज्य बनेगा। इसमें डीम्ड परमिशन, सेल्फ-सर्टिफिकेशन, थर्ड पार्टी वेरिफिकेशन और रिस्क बेस्ड इंस्पेक्शन जैसे प्रावधान शामिल होंगे।
? नवा रायपुर में OTS योजना लागू
NRDA द्वारा आवंटित भूखंडों एवं परिसरों पर ब्याज और अधिभार में राहत देने के लिए वन टाइम सेटलमेंट (OTS)-2026 को मंजूरी दी गई, जिससे निवेश और विकास कार्यों को गति मिलेगी।
? पर्यावरण कानून होगा सरल
जल (प्रदूषण निवारण एवं नियंत्रण) संशोधन अधिनियम-2024 को राज्य में लागू करने के लिए विधानसभा में प्रस्ताव लाया जाएगा। छोटे उल्लंघनों को अपराध की श्रेणी से हटाकर आर्थिक दंड का प्रावधान किया जाएगा।
? किरायेदारी कानून में संशोधन
भाड़ा नियंत्रण अधिनियम-2011 में संशोधन कर मकान मालिक और किरायेदार के अधिकार स्पष्ट किए जाएंगे तथा किरायेदारी विवादों के त्वरित समाधान की व्यवस्था की जाएगी।
? राजनांदगांव को मिलेगा आधुनिक ऑडिटोरियम
कैबिनेट ने 2000 सीट क्षमता वाले अत्याधुनिक ऑडिटोरियम के निर्माण के लिए शासकीय भूमि आवंटित करने का निर्णय लिया।
विकास और सुशासन की दिशा में बड़ा कदम
कैबिनेट के इन निर्णयों से राज्य में औद्योगिक निवेश, व्यापार सुगमता, उच्च शिक्षा, ऊर्जा सुरक्षा, पुलिस व्यवस्था, पर्यावरण संरक्षण, शहरी विकास और अधोसंरचना निर्माण को नई गति मिलने की उम्मीद है। सरकार का मानना है कि इन फैसलों से निवेशकों का विश्वास बढ़ेगा, रोजगार के नए अवसर सृजित होंगे और नागरिकों को बेहतर एवं पारदर्शी प्रशासनिक सेवाएं उपलब्ध होंगी।
राजनांदगांव/शौर्यपथ / सोमवार को कस्तूरबा स्कूल में एक दिवसीय इंटर डिस्ट्रिक्ट कराटे चैंपियनशिप का सफल आयोजन किया गया। इस प्रतियोगिता में बॉडी टेक कराटे अकादमी के 9 खिलाड़ियों ने भाग लिया और सभी ने उत्कृष्ट प्रदर्शन करते हुए पदक हासिल कर अकादमी एवं जिले का नाम रोशन किया।
डबल इवेंट में वर्णिका साहू ने दो गोल्ड मेडल जीतकर शानदार प्रदर्शन किया। वहीं प्रकृति साव ने एक गोल्ड एवं एक सिल्वर मेडल हासिल किया। उल्लेखनीय है कि प्रकृति साव पूर्व में भी कई प्रतियोगिताओं में उत्कृष्ट प्रदर्शन कर अनेक पदक जीत चुकी हैं और लगातार शानदार प्रदर्शन कर रही हैं। निरोसा वर्मा ने एक गोल्ड और एक ब्रॉन्ज मेडल हासिल किया। अनंत तिवारी ने एक सिल्वर और एक ब्रॉन्ज मेडल जीता, जबकि विराज साहू ने दो ब्रॉन्ज मेडल अपने नाम किए। सिंगल इवेंट में वरुण खंडेलवाल ने गोल्ड मेडल प्राप्त किया और अपेक्षा तिवारी ने ब्रॉन्ज मेडल हासिल किया। वहीं पहली बार टूर्नामेंट में भाग लेने वाली सृष्टि नायक ने ब्रॉन्ज मेडल जीतकर अपनी प्रतिभा का परिचय दिया, जबकि अनन्या शाह ने भी प्रतियोगिता में भाग लेकर सराहनीय प्रयास किया। सभी खिलाड़ियों ने अपने उत्कृष्ट प्रदर्शन से न केवल बॉडी टेक कराटे अकादमी बल्कि पूरे जिले का नाम गौरवान्वित किया।
प्रतियोगिता के समापन पर सभी विजेता एवं प्रतिभागी खिलाड़ियों को मेडल एवं प्रमाण पत्र देकर सम्मानित किया गया। इस उपलब्धि पर कोच दीक्षित सर, जिला जिम एसोसिएशन के अध्यक्ष अमित अजमानी एवं श्रीमती रुचिका अजमानी ने सभी खिलाड़ियों को शुभकामनाएं दीं और उनके उज्ज्वल भविष्य की कामना की। इस अवसर पर अमित अजमानी ने कहा कि अकादमी पिछले 3 वर्षों से 3 से 17 वर्ष आयु वर्ग के बच्चों को प्रशिक्षण दे रही है और उनका लक्ष्य राजनांदगांव की हर बच्ची, विशेषकर लड़कियों को सशक्त बनाना है। बच्चों की इस बड़ी सफलता से उनके अभिभावकों एवं पूरे क्षेत्र में हर्ष का माहौल है। यह उपलब्धि आने वाले समय में और बड़े मुकाम हासिल करने की प्रेरणा देगी।
*महंगी कोचिंग की चिंता खत्म: जिला प्रशासन की इस मुहिम से संवरेंगे सैकड़ों होनहारों के सपने, बेसिक फाउंडेशन मजबूत करने पर जोर*
रायपुर/ शौर्यपथ ।
धमतरी जिले के प्रतिभाशाली और आर्थिक रूप से कमजोर युवाओं के सपनों को अब संसाधनों की कमी नहीं रोक पाएगी। जिला प्रशासन ने एक बेहद सराहनीय और दूरदर्शी कदम उठाते हुए बाबू छोटेलाल श्रीवास्तव शासकीय स्नातकोत्तर महाविद्यालय (BCS कॉलेज) में "पहल" कार्यक्रम का शुभारंभ किया है। इस विशेष योजना के तहत जिले के युवाओं को प्रतियोगी परीक्षाओं के लिए पूरी तरह निःशुल्क (Free) कोचिंग दी जाएगी। इस अवसर पर विद्यार्थियों के सही मार्गदर्शन के लिए 'युवा' नामक एक विशेष पुस्तक का विमोचन भी किया गया।
*सफलता के लिए अनुशासन और सही मार्गदर्शन जरूरी: कलेक्टर*
कार्यक्रम का उद्घाटन करते हुए धमतरी कलेक्टर श्री अबिनाश मिश्रा ने इसे युवाओं के भविष्य निर्माण के लिए एक मील का पत्थर बताया। उन्होंने छात्र-छात्राओं को प्रेरित करते हुए कहा कि जिला प्रशासन का मुख्य उद्देश्य उन होनहार युवाओं को आगे बढ़ने के समान अवसर देना है, जो आर्थिक तंगी के कारण महंगी कोचिंग संस्थानों का खर्च नहीं उठा पाते। इस निःशुल्क कोचिंग के जरिए विद्यार्थियों का बेसिक फाउंडेशन मजबूत होगा, जिससे वे हर प्रतियोगी परीक्षा में सफलता का परचम लहरा सकेंगे।
कलेक्टर ने बदलते कॉम्पिटिशन के इस दौर में सफलता के लिए नियमित अध्ययन, कड़े अनुशासन और सही मार्गदर्शन को सबसे जरूरी चाबी बताया और छात्र-छात्राओं से पूरी लगन के साथ मेहनत करने की अपील की।
*क्या है 'युवा' प्रोजेक्ट और इसकी खासियतें?*
प्रशासन की यह मुहिम केवल कक्षाओं तक सीमित नहीं रहेगी, बल्कि छात्रों की पूरी तैयारी को व्यवस्थित और परिणामोन्मुख बनाने के लिए एक मुकम्मल खाका तैयार किया गया है।कोचिंग में शामिल होने वाले सभी विद्यार्थियों को बेहतरीन बुक्स और स्टडी मटेरियल मुफ्त दिया जाएगा। तैयारी के स्तर को जांचने और उसमें सुधार करने के लिए समय-समय पर टेस्ट आयोजित किए जाएंगे। छात्रों के प्रदर्शन की निरंतर समीक्षा की जाएगी, ताकि उनकी कमजोरियों को पहचान कर उन्हें समय पर सुधारा जा सके।
इस भव्य शुभारंभ कार्यक्रम के दौरान जिला पंचायत के मुख्य कार्यपालन अधिकारी, बीसीएस कॉलेज के प्राचार्य, उप संचालक पंचायत, सहायक आयुक्त आदिवासी विकास, सहायक संचालक कौशल विकास, युवाओं को प्रशिक्षित करने वाले जिले के युवा मार्गदर्शक सहित महाविद्यालय के प्राध्यापक और भारी संख्या में छात्र-छात्राएं उपस्थित थे।
जिला प्रशासन की इस अनूठी 'पहल' से धमतरी के सैकड़ों युवाओं को न सिर्फ एक बेहतर शैक्षणिक माहौल मिलेगा, बल्कि सरकारी सेवा में जाकर देश-प्रदेश की सेवा करने के उनके सपनों को एक नई और मजबूत उड़ान मिल सकेगी।
Feb 09, 2021 Rate: 4.00
