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March 21, 2026
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धर्म संसार / शौर्यपथ / प्रभु यीशु के जन्म की ख़ुशी में मनाया जाने वाला क्रिसमस का त्योहार पूरी दुनिया में मनाया जाता है। यह त्योहार कई मायनों में बेहद खास है। क्रिसमस को बड़ा दिन, सेंट स्टीफेंस डे या फीस्ट ऑफ़ सेंट स्टीफेंस भी कहा जाता है। प्रभु यीशु ने दुनिया को प्यार और इंसानियत की शिक्षा दी। उन्होंने लोगों को प्रेम और भाईचारे के साथ रहने का संदेश दिया। प्रभु यीशु को ईश्वर का इकलौता प्यारा पुत्र माना जाता है। इस त्योहार से कई रोचक तथ्य जुड़े हैं। आइए जानते हैं इनके बारे में।
क्रिसमस ऐसा त्योहार है जिसे हर धर्म के लोग उत्साह से मनाते हैं। यह एकमात्र ऐसा त्योहार है जिस दिन लगभग पूरे विश्व में अवकाश रहता है। 25 दिसंबर को मनाया जाने वाला यह त्योहार आर्मीनियाई अपोस्टोलिक चर्च में 6 जनवरी को मनाया जाता है। कई देशों में क्रिसमस का अगला दिन 26 दिसंबर बॉक्सिंग डे के रूप मे मनाया जाता है। क्रिसमस पर सांता क्लॉज़ को लेकर मान्यता है कि चौथी शताब्दी में संत निकोलस जो तुर्की के मीरा नामक शहर के बिशप थे, वही सांता थे। वह गरीबों की हमेशा मदद करते थे उनको उपहार देते थे। क्रिसमस के तीन पारंपरिक रंग हैं हरा, लाल और सुनहरा। हरा रंग जीवन का प्रतीक है, जबकि लाल रंग ईसा मसीह के रक्त और सुनहरा रंग रोशनी का प्रतीक है। क्रिसमस की रात को जादुई रात कहा जाता है। माना जाता है कि इस रात सच्चे दिल वाले लोग जानवरों की बोली को समझ सकते हैं। क्रिसमस पर घर के आंगन में क्रिसमस ट्री लगाया जाता है। क्रिसमस ट्री को दक्षिण पूर्व दिशा में लगाना शुभ माना जाता है। फेंगशुई के मुताबिक ऐसा करने से घर में सुख समृद्धि आती है। पोलैंड में मकड़ी के जालों से क्रिसमस ट्री को सजाने की परंपरा है। मान्यता है कि मकड़ी ने सबसे पहले जीसस के लिए कंबल बुना था।

दुर्ग ।  मुख्यमंत्री महिला सशक्तिकरण अभियान और 'प्रधानमंत्री मातृ वंदना योजना' छत्तीसगढ़ के ग्रामीण अंचलों में वरदान साबित हो रही है। दुर्ग जिले के ग्राम सिलोदा (ग्राम पंचायत खपरी) की निवासी गीतांजली साहू की कहानी इस योजना की सफलता का एक जीवंत उदाहरण है, जहाँ सही समय पर मिली आर्थिक सहायता और पोषण परामर्श ने एक मां और बच्चे के जीवन में खुशहाली भर दी।

चुनौतियों भरा था सफर: कम वजन और हीमोग्लोबिन की समस्या

गर्भावस्था के शुरुआती दौर में गीतांजली का स्वास्थ्य चिंता का विषय था। उनका वजन मात्र 38 किलोग्राम था और हीमोग्लोबिन का स्तर भी 10 ग्राम (एनीमिक श्रेणी) था। ऐसी स्थिति में जच्चा-बच्चा दोनों के लिए जोखिम अधिक था।

योजना बनी मददगार: ₹3000 की पहली किस्त से बदला आहार

सेक्टर रसमड़ा की आंगनबाड़ी कार्यकर्ता और महिला सशक्तिकरण केंद्र की टीम ने गीतांजली का पंजीयन 'प्रधानमंत्री मातृ वंदना योजना' में कराया।

पोषण सहायता: पांचवें माह में उन्हें योजना के तहत 3000 रुपये की पहली किस्त प्राप्त हुई।

बदलाव: इस राशि का उपयोग गीतांजली ने अपने खान-पान को सुधारने में किया। उन्होंने अपने आहार में अंकुरित अनाज, ताजे फल, सलाद और दूध को शामिल किया।

सकारात्मक परिणाम: स्वस्थ मां, स्वस्थ बच्चा

नियमित देखरेख और संतुलित पोषण का परिणाम सुखद रहा:

वजन में सुधार: नौवें माह तक गीतांजली का वजन 8 किलो बढ़ गया।

हीमोग्लोबिन: रक्त का स्तर बढ़कर 11 ग्राम हो गया।

स्वस्थ प्रसव: 23 नवंबर 2025 को उन्होंने एक स्वस्थ बालक (वजन 2.50 किग्रा) को जन्म दिया।

शिशु विकास: जन्म के बाद उचित स्तनपान से मात्र एक माह में बच्चे का वजन बढ़कर 3.5 किलोग्राम हो गया है।

"शासन की यह मदद मेरे लिए संबल बनी"

गीतांजली साहू ने शासन का आभार व्यक्त करते हुए कहा कि समय पर मिली जानकारी और आर्थिक सहायता ने उनके मातृत्व को सुरक्षित बनाया। वह अब अन्य महिलाओं को भी इस योजना का लाभ लेने के लिए प्रेरित कर रही हैं।

? मुख्य बिंदु: महिला सशक्तिकरण केंद्र दुर्ग की पहल

जागरूकता अभियान: दुर्ग ग्रामीण के सेक्टर रसमड़ा में लगातार महिलाओं को योजनाओं के प्रति जागरूक किया जा रहा है।

परामर्श: केवल आर्थिक सहायता ही नहीं, बल्कि आहार चार्ट और नियमित जांच के लिए भी प्रेरि

त किया जा रहा है।

दुर्ग, गंजपारा: धर्म की नगरी दुर्ग में चैत्र नवरात्र के पावन अवसर पर गंजपारा स्थित श्री सत्तीचौरा दुर्गा मंदिर अपना 16वां वार्षिक महोत्सव बेहद भव्य रूप में मनाने जा रहा है। मंदिर समिति द्वारा 19 मार्च से 27 मार्च तक आयोजित इस 9 दिवसीय अनुष्ठान में आस्था, संगीत और परंपराओं का अद्भुत संगम देखने को मिलेगा।

समिति के अशोक राठी एवं प्रवीण भूतड़ा ने बताया कि इस वर्ष कोलकाता के कलाकारों द्वारा की जा रही विशेष साज-सज्जा और आकर्षक लाइटिंग पूरे शहर के लिए आकर्षण का केंद्र होगी।

?️ उत्सव का मुख्य आकर्षण: कार्यक्रम की रूपरेखा

दिनांक प्रमुख आयोजन विशेष विवरण

19 मार्च महोत्सव का शुभारंभ प्रातः 5 बजे ज्योति कलश प्रज्जवलन एवं 9 बजे महाभिषेक।

22 मार्च भव्य पालकी शोभायात्रा शाम 4 बजे से माता जी की पालकी यात्रा। विशेष बाजा, धुमाल, झांकी और बग्गी शामिल होंगे।

23 मार्च राणी सती मंगलपाठ दोपहर 1 बजे से। महिलाएं 16 श्रृंगार और लाल चुनरी में भजनों पर मंगलपाठ करेंगी।

24 मार्च संगीतमय सुंदरकांड शाम 6 बजे से। विवाहित जोड़े एक साथ बैठकर हनुमान चालीसा एवं पाठ करेंगे।

26 मार्च महाअष्टमी उत्सव 56 भोग, 108 दियों से महाआरती एवं रात्रि में हवन-पूर्णाहूति।

27 मार्च विदाई बेला प्रातः 7 बजे ज्योति कलश विसर्जन शोभायात्रा।

✨ इस वर्ष क्या होगा खास?

शहर की एकमात्र पालकी यात्रा: 22 मार्च को दुर्ग शहर के धर्मप्रेमी अपने कंधों पर माता की पालकी उठाकर नगर भ्रमण कराएंगे। इसमें छत्तीसगढ़ी लोक कला मंडली और डीजे की धुन पर भक्त झूमते नजर आएंगे।

सौभाग्यवती महिलाओं का मंगलपाठ: 23 मार्च को रायपुर के प्रसिद्ध भजन सम्राट तरुण सोनी द्वारा दादी राणी सती का पाठ किया जाएगा। इसमें महिलाएं पारंपारिक वेशभूषा में शामिल होंगी।

दंपत्तियों के लिए सुंदरकांड: 24 मार्च को आचार्य कान्हा महाराज के सानिध्य में सैकड़ों विवाहित जोड़े सामूहिक पाठ करेंगे। इसके लिए ड्रेस कोड (पुरुष-सफेद, महिला-लाल/पीली साड़ी) निर्धारित किया गया है।

? पंजीयन सूचना: सुंदरकांड पाठ में शामिल होने के इच्छुक विवाहित जोड़े 22 मार्च तक मंदिर परिसर में अपना निःशुल्क पंजीयन करा सकते हैं।

प्रतिदिन के सेवा कार्य

महोत्सव के दौरान प्रतिदिन सुबह 9 बजे श्रद्धालुओं द्वारा सपरिवार महाभिषेक किया जा सकेगा। साथ ही, दोपहर 12 बजे नियमित रूप से कन्या पूजन एवं कन्या भोज का आयोजन किया जाएगा।

मंदिर समिति ने सभी धर्मप्रेमियों से इस भव्य आयोजन में शामिल होकर पुण्य लाभ लेने की अपील की है।

दुर्ग/रायपुर: प्रदेश की भाजपा सरकार की नीतियों और बढ़ते अपराधों के खिलाफ कांग्रेस ने मोर्चा खोल दिया है। 17 मार्च को राजधानी रायपुर में होने वाले विशाल विधानसभा घेराव की तैयारियों को लेकर आज दुर्ग के राजीव भवन में एक महत्वपूर्ण रणनीति बैठक संपन्न हुई।

बैठक में 'मनरेगा बचाओ संग्राम' से लेकर 'अवैध अफीम खेती' जैसे मुद्दों पर सरकार को घेरने की योजना बनाई गई।

"प्रदेश का हर वर्ग त्रस्त, सरकार मस्त" – अय्यूब खान

प्रदेश कांग्रेस सचिव अय्यूब खान ने कार्यकर्ताओं को संबोधित करते हुए कहा कि 2023 से प्रदेश में जब से भाजपा की सरकार आई है, कानून-व्यवस्था पूरी तरह लाचार हो चुकी है। उन्होंने तीखा हमला करते हुए कहा:

"महंगाई और बेरोजगारी ने जनता की कमर तोड़ दी है। न किसान खुश है, न युवा और न ही व्यापारी। भाजपा के दावे 'ढाक के तीन पात' साबित हो रहे हैं।"

प्रमुख मुद्दे जिन पर घेरेगी कांग्रेस:

अवैध अफीम की खेती: पूर्व विधायक अरुण वोरा ने सवाल उठाया कि प्रशासन की नाक के नीचे इतनी बड़ी मात्रा में अफीम की खेती किसके संरक्षण में हो रही थी? सरकार को स्पष्ट करना होगा कि इस गोरखधंधे के पीछे असली चेहरे कौन हैं।

मनरेगा पर प्रहार: वक्ताओं ने कहा कि केंद्र और राज्य सरकार मिलकर गरीबों की जीवनरेखा 'मनरेगा' को कमजोर कर रही है।

बढ़ता अपराध: प्रदेश में बढ़ती आपराधिक घटनाओं और असुरक्षा के माहौल को लेकर कार्यकर्ताओं में भारी आक्रोश देखा गया।

दुर्ग की रहेगी बड़ी भागीदारी

दुर्ग ग्रामीण अध्यक्ष राकेश ठाकुर एवं शहर अध्यक्ष धीरज बकलीवाल की अध्यक्षता में हुई इस बैठक में तय किया गया कि दुर्ग जिले से हजारों की संख्या में कार्यकर्ता अपनी गाड़ियों के साथ रायपुर कूच करेंगे।

बैठक में मुख्य रूप से उपस्थित रहे:

पूर्व विधायक अरुण वोरा, पीसीसी महामंत्री दीपक दुबे, सचिव अय्यूब खान, पूर्व महापौर आर.एन. वर्मा, छाया महापौर श्रीमती प्रेमलता साहू सहित बड़ी संख्या में वरिष्ठ कांग्रेस जन।

मुख्य आकर्षण (Highlight Boxes)

नारा: "जनता की आवाज, विधानसभा के द्वार"

मिशन: 17 मार्च, रायपुर चलो!

मुद्दा: कानून व्यवस्था, बेरोजगारी, और कि

सानों की अनदेखी।

दुर्ग/छत्तीसगढ़: अपनी 10 सूत्रीय लंबित मांगों को लेकर छत्तीसगढ़ कर्मचारी अधिकारी फेडरेशन ने अब सीधे शासन से टकराने का मन बना लिया है। प्रांतीय आह्वान पर आगामी 18 मार्च 2026 (बुधवार) को पूरे प्रदेश के जिला एवं ब्लॉक मुख्यालयों में कर्मचारी भोजनावकाश के दौरान जंगी प्रदर्शन करेंगे।

यह आंदोलन केवल प्रदर्शन तक सीमित नहीं है; कर्मचारी एकजुट होकर माननीय मुख्यमंत्री और मुख्य सचिव के नाम कलेक्टर एवं एसडीएम को ज्ञापन सौंपेंगे।

क्यों उबले हैं कर्मचारी? (प्रमुख मांगें)

फेडरेशन के प्रमुख सलाहकार राजेश चटर्जी और जिला संयोजक विजय लहरे के अनुसार, कर्मचारी लंबे समय से अपनी जायज मांगों की अनदेखी से आक्रोशित हैं। प्रमुख मांगें इस प्रकार हैं:

 * मोदी की गारंटी और डीए एरियर्स: जुलाई 2016 से लंबित महंगाई भत्ते (DA) के एरियर्स की राशि को कर्मचारियों के GPF खाते में तत्काल समायोजित किया जाए।

 * वेतन विसंगति और पिंगुआ कमेटी: लिपिकों, शिक्षकों, स्वास्थ्य और महिला बाल विकास विभाग की वेतन विसंगतियों पर 'पिंगुआ कमेटी' की रिपोर्ट को सार्वजनिक कर लागू किया जाए।

 * पदोन्नति और समयमान: प्रदेश में 8, 16, 24 और 32 वर्ष की सेवा पर चार स्तरीय पदोन्नत समयमान वेतनमान दिया जाए।

 * अनुकंपा नियुक्ति: 10% की सीमा को समाप्त कर निःशर्त अनुकंपा नियुक्ति का लाभ दिया जाए।

 * नियमितीकरण: दैनिक वेतनभोगी, अनियमित और संविदा कर्मचारियों को नियमित करने के साथ पंचायत सचिवों का शासकीयकरण किया जाए।

हाईकोर्ट का दखल: सरकार से जवाब तलब

मीडिया प्रभारी भानुप्रताप यादव ने बताया कि 2017 से 2026 तक कर्मचारियों को देय तिथि से महंगाई भत्ता नहीं मिला है। इस मामले में फेडरेशन ने माननीय उच्च न्यायालय बिलासपुर में याचिका दायर की है, जिस पर संज्ञान लेते हुए कोर्ट ने छत्तीसगढ़ शासन को नोटिस जारी कर 4 सप्ताह में जवाब मांगा है।

प्रदर्शन का शेड्यूल

 * तारीख: 18 मार्च 2026 (बुधवार)

 * समय: दोपहर 1:30 बजे (भोजनावकाश के दौरान)

 * स्थान: जिला मुख्यालय (कलेक्टर कार्यालय) एवं ब्लॉक मुख्यालय (एसडीएम कार्यालय)

> "कर्मचारी अब और इंतजार करने के मूड में नहीं हैं। यदि शासन 'मोदी की गारंटी' और हमारी जायज मांगों को पूरा नहीं करता, तो यह आंदोलन और उग्र होगा।"

> — फेडरेशन नेतृत्व

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में भी तैयार कर दूँ?

रायपुर / शौर्यपथ / छत्तीसगढ़ माध्यमिक शिक्षा मण्डल, रायपुर द्वारा दिनांक 14 मार्च 2026 को कक्षा 12 वीं की हिन्दी विषय की बोर्ड परीक्षा सफलतापूर्वक संपन्न कराई गई। इस संबंध में मण्डल को दिनांक 15 मार्च 2026 को सायं 05 बजे सोशल मीडिया (व्हाट्सएप) तथा दिनांक 16 मार्च 2026 को मीडिया के माध्यम से यह जानकारी प्राप्त हुई कि छात्र संगठन द्वारा यह दावा किया गया है कि उक्त परीक्षा के एक दिन पूर्व दिनांक 13 मार्च 2026 को सोशल मीडिया पर हिन्दी विषय से संबंधित प्रश्नों का एक हस्तलिखित पर्चा वायरल हुआ था।
समाचार पत्रों में प्रकाशित रिपोर्ट के अनुसार वायरल पर्चे में अंकित प्रश्नों तथा परीक्षा में पूछे गए हिन्दी विषय के बी-सेट प्रश्नपत्र के प्रश्नों में समानता होने का दावा किया जा रहा है। तथापि, सोशल मीडिया में वायरल तथा समाचार पत्रों में प्रकाशित उक्त पर्चा स्पष्ट एवं पठनीय नहीं है, जिससे उसकी सत्यता का प्रत्यक्ष परीक्षण संभव नहीं हो पा रहा है।
सचिव माध्यमिक शिक्षा मण्डल यह भी स्पष्ट करता है कि संबंधित वीडियो/सामग्री परीक्षा सम्पन्न होने के बाद सामने आई है, अतः प्रथम दृष्टया इसे प्रश्नपत्र लीक की घटना के रूप में नहीं माना जा सकता। फिर भी परीक्षा जैसे महत्वपूर्ण एवं संवेदनशील कार्य को दृष्टिगत रखते हुए मण्डल द्वारा इस मामले को गंभीरतापूर्वक संज्ञान में लिया गया है और एहतियात के तौर पर संबंधित प्रकरण में प्राथमिकी (FIR) दर्ज कराते हुए पुलिस एवं साइबर सेल से विस्तृत जांच कराने की कार्रवाई की जा रही है, ताकि तथ्यात्मक स्थिति स्पष्ट हो सके।
सचिव माध्यमिक शिक्षा मण्डल ने कहा है कि परीक्षाओं की गोपनीयता एवं पारदर्शिता बनाए रखने के लिए पूर्णतः प्रतिबद्ध है तथा किसी भी प्रकार की अनियमितता पाए जाने पर नियमानुसार कड़ी कार्रवाई की जाएगी।

   रायपुर / शौर्यपथ / मुख्यमंत्री निर्माण श्रमिक मृत्यु एवं दिव्यांग सहायता योजना से जुड़े प्रकरण में अनियमितता पाए जाने पर जांजगीर-चांपा जिले के श्रम निरीक्षक लक्ष्मण सिंह मरकाम को तत्काल प्रभाव से निलंबित कर दिया गया है।
मिली जानकारी के अनुसार जिला पंचायत उपाध्यक्ष, जांजगीर-चांपा द्वारा 2 मार्च 2026 को कलेक्टर को इस मामले में शिकायत भेजी गई थी। इसके बाद विधानसभा सदस्य बालेश्वर साहू ने भी इस मुद्दे को विधानसभा में ध्यानाकर्षण के माध्यम से उठाया।
मामले को गंभीरता से लेते हुए कलेक्टर जांजगीर-चांपा द्वारा कराई गई प्रारंभिक जांच में निर्माण श्रमिकों के पंजीयन में प्रथम दृष्टया अनियमितता सामने आई। जांच में पंजीयन आवेदन स्वीकृत करने वाले क्षेत्रीय श्रम निरीक्षक लक्ष्मण सिंह मरकाम की भूमिका संदिग्ध पाए जाने पर उन्हें तत्काल निलंबित करते हुए विभागीय जांच शुरू कर दी गई है।
निलंबन अवधि के दौरान मरकाम का मुख्यालय सहायक श्रमायुक्त कार्यालय, जिला बिलासपुर निर्धारित किया गया है। इस अवधि में उन्हें नियमानुसार जीवन निर्वाह भत्ता देय होगा।
यह आदेश अपर श्रमायुक्त (स्थापना), कार्यालय श्रमायुक्त छत्तीसगढ़, नवा रायपुर अटल नगर द्वारा श्रमायुक्त के अनुमोदन से सोमवार को जारी किया गया।

  रायपुर। राष्ट्रीय स्तर की मिलिट्री पाइप बैंड प्रतियोगिता में शानदार प्रदर्शन करते हुए द ग्रेट इंडिया सैनिक स्कूल, रायपुर ने तृतीय स्थान हासिल कर छत्तीसगढ़ का नाम रोशन किया है। इस उपलब्धि पर मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने छात्रों को बधाई और शुभकामनाएं दीं।

रविवार शाम राजधानी रायपुर स्थित मुख्यमंत्री निवास कार्यालय में विद्यालय के छात्रों ने मुख्यमंत्री से सौजन्य मुलाकात की। इस दौरान मुख्यमंत्री श्री साय ने कहा कि छात्रों की यह सफलता न केवल विद्यालय बल्कि पूरे छत्तीसगढ़ के लिए गर्व का विषय है। उन्होंने कहा कि इस उपलब्धि से राज्य को राष्ट्रीय स्तर पर नई पहचान मिली है।

इस अवसर पर विद्यालय के संचालक सिद्धार्थ सिंह, कमांडेंट (सेवानिवृत्त) कर्नल आर.के. वर्मा, शिक्षकगण और छात्र उपस्थित रहे।

उल्लेखनीय है कि शिक्षा मंत्रालय और रक्षा मंत्रालय द्वारा प्रतिवर्ष राष्ट्रीय स्तर पर मिलिट्री पाइप बैंड प्रतियोगिता आयोजित की जाती है, जिसमें देशभर के सैनिक स्कूल भाग लेते हैं। प्रतियोगिता जिला, राज्य और जोन स्तर से होते हुए राष्ट्रीय स्तर तक पहुंचती है।

दक्षिण जोन में छत्तीसगढ़ के साथ केरल, तमिलनाडु और आंध्र प्रदेश के सैनिक स्कूल शामिल होते हैं। छत्तीसगढ़ के इतिहास में पहली बार द ग्रेट इंडिया सैनिक स्कूल, रायपुर ने इस प्रतिष्ठित प्रतियोगिता में राष्ट्रीय स्तर पर तृतीय स्थान प्राप्त किया है।

  नई दिल्ली/पटना। देश के 10 राज्यों की 37 राज्यसभा सीटों के लिए चल रही चुनावी प्रक्रिया सोमवार को अपने अंतिम चरण में पहुंच गई। इनमें से 26 उम्मीदवार पहले ही निर्विरोध निर्वाचित हो चुके थे, जबकि शेष 11 सीटों पर बिहार, ओडिशा और हरियाणा में मतदान हुआ। सुबह 9 बजे शुरू हुई वोटिंग के बाद मतगणना हुई और नतीजे घोषित किए गए।

इस बार सबसे अधिक राजनीतिक नजरें बिहार की 5 सीटों पर टिकी हुई थीं, जहां 6 उम्मीदवारों के मैदान में होने से मुकाबला बेहद रोचक हो गया था। अंततः परिणामों में राष्ट्रीय जनतांत्रिक गठबंधन (एनडीए) ने बड़ा राजनीतिक प्रदर्शन करते हुए सभी पांचों सीटों पर जीत दर्ज कर ली

बिहार में एनडीए का दबदबा

बिहार राज्यसभा चुनाव में एनडीए के उम्मीदवारों नीतीश कुमार (JDU), नितिन नवीन (BJP), उपेंद्र कुशवाहा (RLM), शिवेश राम (BJP) और रामनाथ ठाकुर (JDU) को जीत मिली।
महागठबंधन की ओर से आरजेडी के अमरेंद्र धारी सिंह मैदान में थे, लेकिन समीकरण उनके पक्ष में नहीं बन पाए।

बताया जा रहा है कि कांग्रेस के तीन और आरजेडी के एक विधायक ने मतदान में हिस्सा नहीं लिया, जिससे महागठबंधन की संभावनाओं को बड़ा झटका लगा। द्वितीय वरीयता के वोटों की गिनती के आधार पर एनडीए के पांचवें उम्मीदवार शिवेश राम की जीत सुनिश्चित हो गई। हालांकि परिणामों की आधिकारिक अधिसूचना जारी होना अभी बाकी है

तेजस्वी यादव का आरोप

परिणाम आने के बाद बिहार विधानसभा में नेता प्रतिपक्ष तेजस्वी यादव ने भाजपा पर तीखा हमला बोला। उन्होंने आरोप लगाया कि चुनाव में धनतंत्र और मशीनतंत्र का इस्तेमाल किया गया

तेजस्वी यादव ने कहा,
“हमारी जितनी भी संख्या होती, हम भाजपा से लड़ते। अगर हमारे विधायकों ने धोखा नहीं दिया होता तो हम यह चुनाव जीत सकते थे। हमारे विधायक क्यों नहीं आए, इस पर आगे प्रक्रिया होगी। भाजपा के खिलाफ हमारी लड़ाई जारी रहेगी।”

विधानसभा परिसर में नारेबाजी

राज्यसभा चुनाव की प्रक्रिया पूरी होने के बाद बिहार विधानसभा के पोर्टिको में एनडीए और महागठबंधन के विधायकों के बीच नारेबाजी भी देखने को मिली।
एनडीए विधायकों ने “जय श्री राम” के नारे लगाए, जबकि महागठबंधन के विधायकों ने “लोकतंत्र की हत्या बंद करो” के नारे लगाकर विरोध जताया।

अन्य राज्यों में भी मुकाबला

राज्यसभा की जिन सीटों पर मतदान हुआ उनमें बिहार (5 सीट), ओडिशा (4 सीट) और हरियाणा (2 सीट) शामिल हैं। ओडिशा में 4 सीटों के लिए 5 उम्मीदवार मैदान में हैं, जबकि हरियाणा में 2 सीटों के लिए 3 उम्मीदवारों के बीच मुकाबला हुआ।

विजय शर्मा ने दी बधाई

छत्तीसगढ़ के उपमुख्यमंत्री विजय शर्मा ने बिहार में एनडीए उम्मीदवारों की जीत पर बधाई दी। उन्होंने कहा कि यह जीत बिहार में विकास और सुशासन के संकल्प को और मजबूत करेगी।

उन्होंने अपने संदेश में कहा,
“बिहार राज्यसभा चुनाव में एनडीए के सभी पांचों उम्मीदवारों की ऐतिहासिक विजय पर हार्दिक बधाई एवं शुभकामनाएं।
श्री नीतीश कुमार जी, श्री नितिन नवीन जी, श्री उपेंद्र कुशवाहा जी, श्री शिवेश राम जी और श्री रामनाथ ठाकुर जी को इस शानदार जीत पर बहुत-बहुत बधाई।
आप सभी के नेतृत्व में बिहार के विकास, सुशासन और जनसेवा का संकल्प और मजबूत होगा।”

राजनीतिक विश्लेषकों का मानना है कि बिहार में एनडीए की यह जीत राज्य की आगामी राजनीतिक रणनीतियों और राष्ट्रीय स्तर की राजनीति पर भी असर डाल सकती है

निर्धारित शुल्क से अधिक वसूली की शिकायत के बाद भी कार्रवाई नहीं, जीवनदीप समिति और जिला प्रशासन की भूमिका पर भी उठे सवाल

दुर्ग / शौर्यपथ / :

प्रदेश सरकार जहां सुशासन और पारदर्शिता को लेकर लगातार सख्त कदम उठाने की बात कर रही है, वहीं दुर्ग जिले के सबसे बड़े स्वास्थ्य संस्थान जिला अस्पताल दुर्ग में पार्किंग व्यवस्था को लेकर गंभीर सवाल खड़े हो रहे हैं। आरोप है कि अस्पताल परिसर में वाहन पार्किंग के नाम पर निर्धारित शुल्क से अधिक राशि वसूली जा रही है, लेकिन शिकायत के बावजूद अब तक ठोस कार्रवाई नहीं हो सकी है।

जानकारी के अनुसार, करीब एक सप्ताह पहले इस मामले की सूचना अस्पताल प्रबंधन और सिविल सर्जन डॉ. मिंज को दी गई थी। उस समय यह उम्मीद जताई जा रही थी कि अस्पताल प्रबंधन तत्काल जांच कर कार्रवाई करेगा। हालांकि एक सप्ताह बीत जाने के बाद भी स्थिति में कोई विशेष बदलाव दिखाई नहीं दे रहा, जिससे अस्पताल प्रबंधन की कार्यप्रणाली पर सवाल उठने लगे हैं।

टेंडर के चार महीने बाद भी नियमों का पालन नहीं

बताया जा रहा है कि अस्पताल की पार्किंग व्यवस्था के लिए जीवनदीप समिति के अंतर्गत टेंडर प्रक्रिया पूरी हुए चार महीने से अधिक समय बीत चुका है। इसके बावजूद पार्किंग ठेकेदार द्वारा नियम और शर्तों का पूर्ण पालन नहीं किया जा रहा। आरोप है कि अस्पताल आने वाले मरीजों और उनके परिजनों से निर्धारित दर से अधिक शुल्क वसूला जा रहा है, जिससे आम जनता को अनावश्यक आर्थिक बोझ उठाना पड़ रहा है।

शिकायत के बाद भी कार्रवाई क्यों नहीं?

इस विषय पर जब सिविल सर्जन डॉ. मिंज से चर्चा की गई, तो आश्चर्यजनक रूप से उन्हें इस मामले की विस्तृत जानकारी तक याद नहीं रही। ऐसे में सवाल उठ रहा है कि यदि अस्पताल प्रबंधन को शिकायत की जानकारी होने के बाद भी तत्काल कार्रवाई नहीं की जाती, तो यह व्यवस्था की गंभीर लापरवाही को दर्शाता है।

जीवनदीप समिति की भूमिका पर भी नजर

पार्किंग का यह टेंडर जीवनदीप समिति के माध्यम से जारी किया गया था, ऐसे में अब निगाहें समिति के सदस्यों पर भी टिक गई हैं। यह देखना महत्वपूर्ण होगा कि समिति के सदस्य इस मामले में संज्ञान लेकर कार्रवाई करते हैं या फिर पूरे मामले को नजरअंदाज कर दिया जाता है।

जिला प्रशासन से कार्रवाई की उम्मीद

अस्पताल में पार्किंग के नाम पर अतिरिक्त वसूली की शिकायतों के बीच अब जिला कलेक्टर और जिला प्रशासन से निष्पक्ष जांच और कार्रवाई की उम्मीद जताई जा रही है। क्योंकि जिला अस्पताल जैसे संवेदनशील स्थान पर यदि आम जनता से अनियमित वसूली होती है, तो यह न केवल प्रशासनिक व्यवस्था बल्कि सुशासन की अवधारणा पर भी सवाल खड़े करता है।

अब देखने वाली बात यह होगी कि अस्पताल प्रबंधन, जीवनदीप समिति और जिला प्रशासन इस मामले में क्या कदम उठाते हैं, या फिर मरीजों और उनके परिजनों से अतिरिक्त वसूली का यह सिलसिला यूं ही जारी रहेगा।

जगदलपुर, शौर्यपथ। जगदलपुर स्थित महारानी अस्पताल में मरीजों और उनके परिजनों के लिए लगाए गए पेयजल व्यवस्था को लेकर लापरवाही सामने आने का दावा किया गया है। जन कल्याण संघ के प्रदेश महासचिव विपिन कुमार तिवारी ने मीडिया को जानकारी देते हुए कहा कि अस्पताल परिसर में लगाया गया आर.ओ. वाटर प्यूरीफायर काफी समय से बंद पड़ा हुआ है। उनके अनुसार मशीन के भीतर जमा पानी भी काफी पुराना हो चुका है, जिससे उसमें काई या अन्य प्रकार की अशुद्धियाँ पनपने की आशंका जताई जा रही है।

उन्होंने कहा कि वर्तमान में ग्रीष्मकाल की शुरुआत हो चुकी है और अस्पताल में आने वाले मरीजों व उनके परिजनों के लिए स्वच्छ पेयजल की उपलब्धता अत्यंत आवश्यक है। यदि अनजाने में कोई व्यक्ति उक्त प्यूरीफायर का पानी पी लेता है, तो उसके स्वास्थ्य पर प्रतिकूल प्रभाव पड़ने की संभावना से इनकार नहीं किया जा सकता। इस स्थिति को देखते हुए अस्पताल प्रशासन द्वारा समय रहते आवश्यक सुधारात्मक कदम उठाने की आवश्यकता बताई गई है।

जन कल्याण संघ के अनुसार अस्पताल प्रबंधन को तत्काल आर.ओ. प्यूरीफायर की मरम्मत कराने या वैकल्पिक स्वच्छ पेयजल की व्यवस्था सुनिश्चित करने पर ध्यान देना चाहिए, ताकि मरीजों को किसी प्रकार की परेशानी न हो।

संघ के प्रदेश महासचिव ने यह भी कहा कि सामान्यतः शासकीय व्यवस्थाओं में यह देखा जाता है कि यदि कोई अधिकारी लंबे समय तक एक ही पद पर बना रहता है तो कई बार व्यवस्थागत कमियों पर अपेक्षित ध्यान नहीं दिया जा पाता। इसी संदर्भ में उन्होंने कहा कि महारानी अस्पताल के अधीक्षक लंबे समय से उक्त पद पर पदस्थ बताए जाते हैं।

उन्होंने यह भी कहा कि शासन की स्थानांतरण नीति के अनुसार समय-समय पर अधिकारियों का स्थानांतरण होने से नई कार्यशैली और जवाबदेही के साथ व्यवस्थाओं में सुधार का अवसर मिलता है। फिलहाल अस्पताल की पेयजल व्यवस्था को लेकर उठे इस मुद्दे पर प्रशासन की प्रतिक्रिया और सुधारात्मक कार्रवाई का इंतजार किया जा रहा है।

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