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धर्म संसार / शौर्यपथ / प्रभु यीशु के जन्म की ख़ुशी में मनाया जाने वाला क्रिसमस का त्योहार पूरी दुनिया में मनाया जाता है। यह त्योहार कई मायनों में बेहद खास है। क्रिसमस को बड़ा दिन, सेंट स्टीफेंस डे या फीस्ट ऑफ़ सेंट स्टीफेंस भी कहा जाता है। प्रभु यीशु ने दुनिया को प्यार और इंसानियत की शिक्षा दी। उन्होंने लोगों को प्रेम और भाईचारे के साथ रहने का संदेश दिया। प्रभु यीशु को ईश्वर का इकलौता प्यारा पुत्र माना जाता है। इस त्योहार से कई रोचक तथ्य जुड़े हैं। आइए जानते हैं इनके बारे में।
क्रिसमस ऐसा त्योहार है जिसे हर धर्म के लोग उत्साह से मनाते हैं। यह एकमात्र ऐसा त्योहार है जिस दिन लगभग पूरे विश्व में अवकाश रहता है। 25 दिसंबर को मनाया जाने वाला यह त्योहार आर्मीनियाई अपोस्टोलिक चर्च में 6 जनवरी को मनाया जाता है। कई देशों में क्रिसमस का अगला दिन 26 दिसंबर बॉक्सिंग डे के रूप मे मनाया जाता है। क्रिसमस पर सांता क्लॉज़ को लेकर मान्यता है कि चौथी शताब्दी में संत निकोलस जो तुर्की के मीरा नामक शहर के बिशप थे, वही सांता थे। वह गरीबों की हमेशा मदद करते थे उनको उपहार देते थे। क्रिसमस के तीन पारंपरिक रंग हैं हरा, लाल और सुनहरा। हरा रंग जीवन का प्रतीक है, जबकि लाल रंग ईसा मसीह के रक्त और सुनहरा रंग रोशनी का प्रतीक है। क्रिसमस की रात को जादुई रात कहा जाता है। माना जाता है कि इस रात सच्चे दिल वाले लोग जानवरों की बोली को समझ सकते हैं। क्रिसमस पर घर के आंगन में क्रिसमस ट्री लगाया जाता है। क्रिसमस ट्री को दक्षिण पूर्व दिशा में लगाना शुभ माना जाता है। फेंगशुई के मुताबिक ऐसा करने से घर में सुख समृद्धि आती है। पोलैंड में मकड़ी के जालों से क्रिसमस ट्री को सजाने की परंपरा है। मान्यता है कि मकड़ी ने सबसे पहले जीसस के लिए कंबल बुना था।
दुर्ग।
दुर्ग जिले में हाल ही में सामने आए अवैध नशीली फसलों के मामलों के बाद जिला प्रशासन पूरी तरह सतर्क हो गया है। कलेक्टर दुर्ग के निर्देश पर अब जिले के बड़े कृषि फॉर्मों और फार्म हाउसों पर विशेष निगरानी शुरू कर दी गई है। खासकर उन खेतों और फार्म हाउसों को जांच के दायरे में लिया जा रहा है, जहां तारबंदी या बाउंड्रीवाल कर बाहरी लोगों की आवाजाही सीमित कर दी गई है।
प्रशासन द्वारा तहसील स्तर पर विशेष अभियान चलाते हुए राजस्व विभाग की टीमों को बड़े कृषि फॉर्मों का अनिवार्य निरीक्षण करने के निर्देश दिए गए हैं। इस अभियान में तहसीलदार, अतिरिक्त तहसीलदार, नायब तहसीलदार, राजस्व निरीक्षक, पटवारी और कोटवारों को शामिल किया गया है। अधिकारियों को स्पष्ट निर्देश दिए गए हैं कि यदि किसी भी खेत में संदिग्ध फसल या अवैध नशे की खेती के संकेत मिलते हैं तो तत्काल संबंधित थाना से समन्वय कर कार्रवाई की जाए।
इसी अभियान के तहत नगर निगम क्षेत्र के ग्राम सिकोला स्थित एक निजी भूमि, जिसे फार्म हाउस के रूप में विकसित किया गया है और जो पक्की बाउंड्रीवाल से घिरी हुई है, वहां तहसीलदार ने पटवारी के साथ पहुंचकर विस्तृत जांच की। निरीक्षण के दौरान खसरा नंबर 288/1, 288/4, 288/5, 286, 256 और 284/3 की भूमि पर सरसों और गेहूं की फसल पाई गई, जो सामान्य कृषि फसलें हैं।
प्रशासन द्वारा केवल सिकोला ही नहीं बल्कि ग्राम कार्हीडीह, रिसाली, डुंडेरा, बोरसी और पोतियाकला सहित आसपास के अन्य क्षेत्रों में भी लगातार निरीक्षण किया जा रहा है। राजस्व विभाग की टीम इन इलाकों के बड़े कृषि फॉर्मों का बारीकी से निरीक्षण कर रही है, ताकि किसी भी प्रकार की अवैध या प्रतिबंधित फसल की खेती को समय रहते रोका जा सके।
प्रशासन का कहना है कि जिले में अवैध नशे की खेती पर पूरी तरह अंकुश लगाने के लिए यह अभियान लगातार जारी रहेगा और किसी भी प्रकार की संदिग्ध गतिविधि पाए जाने पर सख्त कानूनी कार्रवाई की जाएगी।
अगर आप चाहें तो मैं इस समाचार के लिए एक दमदार प्रतीकात्मक चित्र (फार्म हाउस, प्रशासनिक जांच, पुलिस/राजस्व टीम आदि के साथ और “शौर्यपथ समाचार” लोगो लगाने की जगह के साथ) भी बना सकता हूँ।
धमतरी / शौर्यपथ / जिले में अवैध शराब, मादक पदार्थों एवं अन्य अवैध गतिविधियों पर अंकुश लगाने के लिए धमतरी पुलिस द्वारा लगातार अभियान चलाकर प्रभावी वैधानिक कार्रवाई की जा रही है। पुलिस अधीक्षक धमतरी के निर्देशन में चलाए जा रहे इस अभियान के तहत थाना कुरूद एवं थाना अर्जुनी पुलिस ने अलग–अलग स्थानों पर कार्रवाई करते हुए दो आरोपियों को गिरफ्तार किया है। दोनों मामलों में देशी शराब और नगदी सहित कुल 3,870 रुपये का मशरूका जब्त किया गया है।
प्राप्त जानकारी के अनुसार पहली कार्रवाई थाना कुरूद क्षेत्र में की गई। पुलिस को मुखबिर से सूचना मिली थी कि एनएच-30 रोड स्थित ग्राम सेनचुवा मोड़ नहर पार के पास एक व्यक्ति अवैध रूप से शराब बेच रहा है। सूचना मिलते ही पुलिस टीम मौके पर पहुंची और गवाहों की मौजूदगी में घेराबंदी कर आरोपी को पकड़ लिया। पूछताछ के दौरान आरोपी के पास से 18 पौवा देशी मशाला शराब कीमत 1,800 रुपये तथा बिक्री से प्राप्त 350 रुपये नगद बरामद किए गए। इस प्रकार कुल 2,150 रुपये का मशरूका जब्त करते हुए आरोपी के विरुद्ध थाना कुरूद में अपराध क्रमांक 59/26 धारा 34(1) ख आबकारी एक्ट के तहत मामला दर्ज कर वैधानिक कार्रवाई की गई। गिरफ्तार आरोपी का नाम कान्हा साहू पिता हरिशंकर साहू (22 वर्ष) निवासी सेमरा (बी), थाना कुरूद जिला धमतरी बताया गया है।
वहीं दूसरी कार्रवाई थाना अर्जुनी पुलिस द्वारा की गई। पुलिस को सूचना मिली थी कि ग्राम तेलीनसत्ती बायपास ओवरब्रिज के नीचे एक व्यक्ति अवैध रूप से शराब की बिक्री कर रहा है। सूचना के आधार पर पुलिस टीम ने मौके पर पहुंचकर गवाहों के समक्ष आरोपी को रंगे हाथ पकड़ लिया। तलाशी के दौरान आरोपी के कब्जे से 17 पौवा देशी प्लेन शराब कीमत 1,360 रुपये तथा 360 रुपये नगद बरामद किए गए। इस प्रकार कुल 1,720 रुपये का मशरूका जब्त करते हुए थाना अर्जुनी में अपराध क्रमांक 35/26 धारा 34(ए) आबकारी एक्ट के तहत अपराध पंजीबद्ध कर आरोपी के विरुद्ध वैधानिक कार्रवाई की गई। गिरफ्तार आरोपी का नाम हिरेन्द्र बंजारे पिता फगनुराम बंजारे (32 वर्ष) निवासी देमार, थाना अर्जुनी जिला धमतरी बताया गया है।
धमतरी पुलिस ने स्पष्ट किया है कि जिले में अवैध शराब, मादक पदार्थों एवं अन्य अवैध गतिविधियों के विरुद्ध आगे भी इसी प्रकार सख्त कार्रवाई लगातार जारी रहेगी।
धमतरी / शौर्यपथ / जिले में अवैध शराब और मादक पदार्थों के खिलाफ धमतरी पुलिस का अभियान लगातार जारी है। पुलिस अधीक्षक धमतरी के निर्देश पर जिले के विभिन्न थाना क्षेत्रों में सख्त कार्रवाई की जा रही है। इसी क्रम में सीएसपी धमतरी के नेतृत्व में थाना अर्जुनी पुलिस ने बड़ी कार्रवाई करते हुए अवैध शराब परिवहन कर रहे एक आरोपी को गिरफ्तार किया है। पुलिस ने आरोपी के कब्जे से दो पेटी देशी प्लेन शराब (96 पौवा) और एक जायलो कार सहित कुल 2,27,680 रुपये का मशरूका जब्त किया है।
प्राप्त जानकारी के अनुसार थाना अर्जुनी पुलिस को मुखबिर से सूचना मिली थी कि ग्राम लिमतरा मोड़ एनएच-30 ओवरब्रिज के नीचे एक जायलो कार में अवैध शराब रखकर बिक्री की जा रही है। सूचना मिलते ही सीएसपी धमतरी के नेतृत्व में अर्जुनी पुलिस टीम मौके पर पहुंची और घेराबंदी कर रेड कार्रवाई की। मौके पर महेन्द्रा कंपनी की जायलो कार क्रमांक CG-06-L-0282 के पास एक व्यक्ति मिला, जिसने पूछताछ में अपना नाम खिलानंद उर्फ गोलू साहू पिता ईश्वर साहू, उम्र 33 वर्ष, निवासी धौराभांठा थाना अर्जुनी जिला धमतरी बताया।
पुलिस द्वारा कार की तलाशी लेने पर अंदर खाकी रंग के दो कार्टून मिले। जांच करने पर दोनों कार्टून में 180-180 एमएल की शीशियों में भरी देशी प्लेन शराब के कुल 96 पौवा पाए गए, जिसकी कुल मात्रा 17.280 लीटर तथा कीमत 7,680 रुपये आंकी गई। आरोपी से शराब रखने व बिक्री के संबंध में कोई वैध दस्तावेज प्रस्तुत नहीं करने पर अर्जुनी पुलिस ने 96 पौवा देशी प्लेन शराब और लगभग 2,20,000 रुपये कीमत की जायलो कार जब्त कर कुल 2,27,680 रुपये का मशरूका जब्त किया।
पुलिस ने आरोपी के विरुद्ध धारा 34(2) आबकारी एक्ट के तहत थाना अर्जुनी में अपराध क्रमांक 37/2026 पंजीबद्ध कर उसे गिरफ्तार किया और न्यायिक रिमांड पर जेल भेज दिया है। पुलिस अधिकारियों ने बताया कि जिले में अवैध शराब, मादक पदार्थों तथा अन्य अवैध गतिविधियों के खिलाफ आगे भी इसी प्रकार सख्त कार्रवाई लगातार जारी रहेगी।
गरियाबंद की हर्षिता यादव द्वितीय, दुर्ग के दीपांशु नेताम तृतीय – माय भारत स्वयंसेवकों ने नीति विमर्श में दिखाई दमदार भागीदारी
रायपुर / शौर्यपथ / युवा कार्यक्रम एवं खेल मंत्रालय, भारत सरकार के तत्वावधान में माय भारत द्वारा ऐतिहासिक पुरानी छत्तीसगढ़ विधानसभा भवन में राज्य स्तरीय “विकसित भारत युवा संसद 2026” का भव्य आयोजन किया गया। इस आयोजन का उद्देश्य युवाओं को लोकतांत्रिक प्रक्रिया से जोड़ना, राष्ट्रीय नीतियों पर शोध-आधारित विचार-विमर्श को बढ़ावा देना तथा विकसित भारत @2047 के राष्ट्रीय संकल्प में युवाओं की सक्रिय भागीदारी सुनिश्चित करना रहा।
कार्यक्रम का शुभारंभ छत्तीसगढ़ शासन के कौशल विकास, तकनीकी शिक्षा एवं रोजगार मंत्री बाबा खुशवंत साहेब ने किया। अपने संबोधन में उन्होंने कहा कि आज के युवा शोध और तथ्यों के आधार पर अपने विचार रख रहे हैं, जो नीति-निर्माण की प्रक्रिया को नई दिशा दे रहे हैं। उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री के विकसित भारत @2047 के लक्ष्य को साकार करने में युवाओं की सक्रिय भूमिका अत्यंत महत्वपूर्ण है।
इस अवसर पर माय भारत के राज्य निदेशक अर्पित तिवारी ने कहा कि विकसित भारत युवा संसद युवाओं को नीति-निर्माण की प्रक्रिया में अपनी आवाज प्रभावी ढंग से रखने का सशक्त मंच प्रदान कर रही है। उन्होंने बताया कि युवाओं के सुझाव और विचार राष्ट्रीय नीतियों और बजटीय चर्चाओं को भी प्रभावित कर रहे हैं, जिसकी सराहना केंद्रीय वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने केंद्रीय बजट के दौरान भी की है।
राज्य स्तरीय इस आयोजन में छत्तीसगढ़ के विभिन्न जिलों से आए 150 से अधिक माय भारत स्वयंसेवकों और युवा प्रतिभागियों ने उत्साहपूर्वक भाग लिया। प्रतिभागियों ने केंद्रीय बजट 2026 पर अपने विचार प्रस्तुत करते हुए समावेशी विकास, कौशल विकास और युवाओं के लिए रोजगार के अवसरों को मजबूत करने की आवश्यकता पर जोर दिया। इसके साथ ही जिला स्तर पर “आपातकाल के 50 वर्ष: लोकतंत्र के लिए सबक” विषय पर चर्चा कर युवाओं ने लोकतांत्रिक मूल्यों, संवैधानिक अधिकारों और नागरिक जिम्मेदारियों के महत्व को भी रेखांकित किया।
प्रतियोगिता में उत्कृष्ट प्रदर्शन करते हुए बिलासपुर की आरती कुमारी ने प्रथम स्थान, गरियाबंद की हर्षिता यादव ने द्वितीय स्थान और दुर्ग के दीपांशु नेताम ने तृतीय स्थान प्राप्त किया। प्रथम स्थान प्राप्त करने वाली आरती कुमारी ने कहा कि केंद्रीय बजट 2026 में कौशल विकास, नवाचार और उद्यमिता को बढ़ावा देने वाली पहलों से युवाओं को नए अवसर मिलेंगे और देश की आर्थिक प्रगति को नई गति मिलेगी। वहीं हर्षिता यादव ने कहा कि लोकतंत्र की मजबूती के लिए युवाओं की जागरूक और सक्रिय भागीदारी आवश्यक है तथा ऐसे मंच युवाओं को नीति-निर्माण की दिशा में सोचने के लिए प्रेरित करते हैं। तृतीय स्थान प्राप्त करने वाले दीपांशु नेताम ने कहा कि युवाओं के अनुभव और जमीनी समझ नीति-निर्माताओं के लिए महत्वपूर्ण मार्गदर्शन प्रदान कर सकते हैं, जिससे विकास योजनाएं अधिक प्रभावी और समावेशी बन सकती हैं।
राज्य स्तरीय प्रतियोगिता में चयनित ये प्रतिभागी अब राष्ट्रीय स्तर पर अपने विचार प्रस्तुत करेंगे और देश के सामने छत्तीसगढ़ की युवा शक्ति का प्रतिनिधित्व करेंगे। यह आयोजन इस बात का प्रमाण है कि जब माय भारत के स्वयंसेवक शोध-आधारित दृष्टिकोण और लोकतांत्रिक मूल्यों के साथ आगे आते हैं, तो वे केवल संवाद नहीं करते बल्कि राष्ट्र के भविष्य की नीतिगत दिशा को भी सकारात्मक रूप से प्रभावित करने की क्षमता रखते हैं।
रायपुर/नई दिल्ली / शौर्यपथ / प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी 11 मार्च 2026 को तमिलनाडु के तिरुचिरापल्ली से दो अमृत भारत एक्सप्रेस, दो एक्सप्रेस ट्रेन और एक पैसेंजर ट्रेन को हरी झंडी दिखाकर देश को समर्पित करेंगे। साथ ही केरल के एर्णाकुलम से एक और पैसेंजर ट्रेन की शुरुआत की जाएगी। इन नई रेल सेवाओं से तमिलनाडु, केरल, आंध्र प्रदेश, तेलंगाना, ओडिशा और झारखंड के लाखों यात्रियों को सीधा लाभ मिलेगा।
प्रधानमंत्री इस अवसर पर पोदानूर–धनबाद अमृत भारत एक्सप्रेस और नागरकोइल–चारलापल्ली अमृत भारत एक्सप्रेस को भी शुरू करेंगे। पोदानूर–धनबाद अमृत भारत एक्सप्रेस पहली बार कोयंबटूर के औद्योगिक क्षेत्र को झारखंड के कोयला और इस्पात क्षेत्र से सीधे जोड़ेगी, जिससे विशेष रूप से प्रवासी मजदूरों और उद्योगों को बड़ी सुविधा मिलेगी। वहीं नागरकोइल–चारलापल्ली अमृत भारत एक्सप्रेस कन्याकुमारी और केरल-तमिलनाडु तट को तेलंगाना से जोड़ेगी, जिससे विद्यार्थियों, श्रमिकों और यात्रियों के लिए नई कनेक्टिविटी उपलब्ध होगी।
इसके अलावा रामेश्वरम–मंगलुरु एक्सप्रेस और तिरुनेलवेली–मंगलुरु एक्सप्रेस ट्रेनें तमिलनाडु, केरल और कर्नाटक के तीर्थयात्रियों और तटीय क्षेत्रों के यात्रियों को सीधी रेल सुविधा प्रदान करेंगी। साथ ही मयिलादुथुराई–तिरुवरूर–काराईकुडी पैसेंजर और पालक्काड–पोल्लाची पैसेंजर ट्रेन सेवाएं भी क्षेत्रीय कनेक्टिविटी को मजबूत करेंगी।
इस कार्यक्रम के दौरान केरल के शोरनूर, कुट्टिप्पुरम और चंगनास्सेरी रेलवे स्टेशनों को अमृत भारत स्टेशन योजना के तहत पुनर्विकसित कर राष्ट्र को समर्पित किया जाएगा। इसके साथ ही शोरनूर–निलांबुर रेलवे लाइन के विद्युतीकरण का भी उद्घाटन किया जाएगा, जिससे क्षेत्र में तेज, स्वच्छ और आधुनिक रेल सेवाएं सुनिश्चित होंगी।
अमृत भारत एक्सप्रेस ट्रेनों को सामान्य और स्लीपर श्रेणी के यात्रियों के लिए किफायती और आधुनिक सुविधाओं के साथ तैयार किया गया है। इन ट्रेनों के शुरू होने से देश के विभिन्न औद्योगिक, तटीय और तीर्थ क्षेत्रों के बीच संपर्क मजबूत होगा और यात्रियों को बेहतर एवं तेज़ रेल सेवाओं का लाभ मिलेगा।
नई दिल्ली / शौर्यपथ / केंद्र सरकार ने किसानों के हित में बड़ा निर्णय लेते हुए प्राकृतिक गैस (आपूर्ति विनियमन) आदेश 2026 जारी किया है, जिसके तहत उर्वरक संयंत्रों को प्राकृतिक गैस आपूर्ति के लिए प्राथमिकता क्षेत्र में शामिल किया गया है। इस फैसले का उद्देश्य यह सुनिश्चित करना है कि देश में उर्वरक उत्पादन प्रभावित न हो और किसानों को समय पर खाद उपलब्ध हो सके।
सरकार के अनुसार उर्वरक संयंत्रों को उनके पिछले छह महीनों की औसत गैस खपत का कम से कम 70 प्रतिशत प्राकृतिक गैस उपलब्ध कराई जाएगी, जिससे उत्पादन निरंतर जारी रह सके। यह निर्णय ऐसे समय में लिया गया है जब मध्य पूर्व में चल रहे संघर्ष के कारण वैश्विक LNG आपूर्ति प्रभावित हो रही है।
उर्वरक विभाग ने बताया कि संभावित वैश्विक संकट को देखते हुए सरकार ने पहले से ही उर्वरकों का बड़ा बफर स्टॉक तैयार कर लिया है। 10 मार्च 2026 तक देश में कुल 180.12 लाख मीट्रिक टन उर्वरक भंडार उपलब्ध है, जो पिछले वर्ष इसी अवधि के 131.79 लाख मीट्रिक टन की तुलना में लगभग 36.6 प्रतिशत अधिक है। इसमें यूरिया 61.51 लाख मीट्रिक टन, डीएपी 25.17 लाख मीट्रिक टन और एनपीके 56.30 लाख मीट्रिक टन का प्रमुख योगदान है।
सरकार ने किसानों को भरोसा दिलाया है कि खरीफ सीजन में उर्वरकों की किसी प्रकार की कमी नहीं होने दी जाएगी। इसके लिए आवश्यक शिपमेंट की व्यवस्था पहले ही कर ली गई है। फरवरी 2026 तक भारत 98 लाख मीट्रिक टन यूरिया का आयात कर चुका है और अगले तीन महीनों में 17 लाख मीट्रिक टन से अधिक यूरिया का अतिरिक्त आयात भी पाइपलाइन में है।
उर्वरक विभाग के अनुसार यह निर्णय किसानों को समय पर खाद उपलब्ध कराने और खेती-किसानी को निर्बाध बनाए रखने की दिशा में सरकार की प्राथमिकता और प्रतिबद्धता को दर्शाता है।
रायपुर / शौर्यपथ / मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय की अध्यक्षता में आज विधानसभा स्थित उनके कार्यालय कक्ष में आयोजित मंत्रिपरिषद की बैठक में राज्य से जुड़े कई महत्वपूर्ण और दूरगामी निर्णय लिए गए। बैठक में कानून व्यवस्था, प्रशासनिक सुधार, ऊर्जा, भर्ती प्रणाली और खेल अधोसंरचना जैसे कई अहम विषयों पर चर्चा करते हुए विभिन्न विधेयकों के प्रारूप को मंजूरी दी गई। इन फैसलों का उद्देश्य शासन व्यवस्था को अधिक पारदर्शी, प्रभावी और जनहितकारी बनाना बताया गया है।
मंत्रिपरिषद ने छत्तीसगढ़ धर्म स्वातंत्र्य विधेयक, 2026 के प्रारूप को मंजूरी दी है। इस विधेयक का मुख्य उद्देश्य राज्य में किसी व्यक्ति के धर्म परिवर्तन के लिए बल प्रयोग, प्रलोभन, कपटपूर्ण साधनों, अनुचित प्रभाव या मिथ्या निरूपण जैसे माध्यमों पर प्रभावी रोक लगाना है। सरकार का मानना है कि इस विधेयक के लागू होने से धर्म परिवर्तन से जुड़े मामलों में पारदर्शिता आएगी और किसी भी प्रकार के दबाव या प्रलोभन के माध्यम से धर्म परिवर्तन की घटनाओं पर नियंत्रण स्थापित किया जा सकेगा।
बैठक में एक अन्य महत्वपूर्ण निर्णय लेते हुए विशुद्ध रूप से राजनीतिक आंदोलनों से संबंधित 13 प्रकरणों को न्यायालय से वापस लेने की स्वीकृति दी गई। ये प्रकरण मंत्रिपरिषद की उप-समिति की अनुशंसा पर वापस लेने का निर्णय लिया गया है।
ऊर्जा के क्षेत्र में भी कैबिनेट ने महत्वपूर्ण निर्णय लिया है। मंत्रिपरिषद ने अपारंपरिक ऊर्जा स्रोतों पर आधारित संयंत्रों और परियोजनाओं के लिए अनुदान दरों के निर्धारण के प्रस्ताव को मंजूरी दी। इसके तहत क्रेडा द्वारा स्थापित किए जाने वाले सोलर हाईमास्ट संयंत्रों के लिए वर्ष 2024-25 और 2025-26 में 1 लाख 50 हजार रुपये का राज्य अनुदान प्रदान किया जाएगा। वहीं वर्ष 2026-27 और आगामी वर्षों में निविदा दर का 30 प्रतिशत या 1 लाख 50 हजार रुपये (जो भी कम हो) अनुदान के रूप में दिया जाएगा। इसी तरह घरेलू बायोगैस संयंत्रों के लिए वर्ष 2024-25 और 2025-26 में 2 से 6 घन मीटर क्षमता तक 9 हजार रुपये प्रति संयंत्र तथा वर्ष 2026-27 से आगे सभी क्षमताओं के लिए 9 हजार रुपये प्रति संयंत्र अनुदान प्रस्तावित किया गया है।
कैबिनेट ने छत्तीसगढ़ उपकर (संशोधन) विधेयक 2026 के प्रारूप को भी मंजूरी दी है, जिसके तहत पंजीयन पर लगने वाले अतिरिक्त उपकर शुल्क को समाप्त कर दिया जाएगा। उल्लेखनीय है कि वर्ष 2023 में राजीव गांधी मितान क्लब योजना के वित्तपोषण के लिए संपत्ति के अंतरण पर स्टाम्प शुल्क के अतिरिक्त 12 प्रतिशत उपकर लगाया गया था। चूंकि वर्तमान में यह योजना संचालित नहीं है, इसलिए अतिरिक्त उपकर को समाप्त करने का निर्णय लिया गया।
इसके अलावा मंत्रिपरिषद ने छत्तीसगढ़ नगर तथा ग्राम निवेश (संशोधन) विधेयक 2026 तथा छत्तीसगढ़ गृह निर्माण मंडल अधिनियम 1972 (संशोधन) विधेयक 2026 के प्रारूप को भी स्वीकृति प्रदान की।
राज्य में सरकारी भर्तियों को सुव्यवस्थित और पारदर्शी बनाने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम उठाते हुए कैबिनेट ने छत्तीसगढ़ कर्मचारी चयन मंडल विधेयक 2026 के प्रारूप को मंजूरी दी। इसके तहत राज्य शासन के विभिन्न विभागों में तकनीकी और गैर-तकनीकी तृतीय एवं चतुर्थ श्रेणी के पदों पर भर्ती के लिए छत्तीसगढ़ कर्मचारी चयन मंडल का गठन किया जाएगा, जो परीक्षा आयोजित करने और उम्मीदवारों के चयन की प्रक्रिया को संचालित करेगा।
भर्ती परीक्षाओं में होने वाली अनियमितताओं को रोकने के उद्देश्य से मंत्रिपरिषद ने छत्तीसगढ़ (लोक भर्ती एवं व्यावसायिक परीक्षाओं में अनुचित साधनों की रोकथाम) विधेयक 2026 को भी मंजूरी दी। इस विधेयक का उद्देश्य लोक परीक्षा प्रणाली में पारदर्शिता, निष्पक्षता और विश्वसनीयता को सुनिश्चित करना है तथा परीक्षा में नकल या अन्य अनुचित साधनों के उपयोग पर सख्त नियंत्रण स्थापित करना है।
बैठक में छत्तीसगढ़ भू-राजस्व संहिता 1959 की धारा 40, 50 और 59 में संशोधन से संबंधित विधेयक के प्रारूप को भी मंजूरी दी गई, जिससे राजस्व प्रशासन को और अधिक प्रभावी बनाया जा सकेगा।
खेलों के विकास को बढ़ावा देने के उद्देश्य से मंत्रिपरिषद ने जिला क्रिकेट एसोसिएशन राजनांदगांव को राजगामी संपदा की 5 एकड़ भूमि आवंटित करने का निर्णय लिया है। इस भूमि पर अत्याधुनिक क्रिकेट मैदान और क्रिकेट अकादमी का निर्माण किया जाएगा, जिससे प्रदेश में क्रिकेट प्रतिभाओं को प्रशिक्षण और बेहतर खेल सुविधाएं उपलब्ध हो सकेंगी।
मंत्रिपरिषद की इस बैठक में लिए गए निर्णयों को राज्य के प्रशासनिक सुधार, ऊर्जा विस्तार, भर्ती प्रणाली में पारदर्शिता और खेल अधोसंरचना के विकास की दिशा में महत्वपूर्ण कदम माना जा रहा है।
रायपुर / शौर्यपथ / छत्तीसगढ़ विधानसभा में उपमुख्यमंत्री श्री विजय शर्मा के अधीन आने वाले पंचायत एवं ग्रामीण विकास, गृह, जेल तथा विज्ञान एवं प्रौद्योगिकी विभाग का बजट पारित कर दिया गया। बजट में ग्रामीण विकास, आवास, सड़क निर्माण, पुलिस सुदृढ़ीकरण, जेल सुधार और विज्ञान अनुसंधान को बढ़ावा देने के लिए कई महत्वपूर्ण प्रावधान किए गए हैं।
उपमुख्यमंत्री श्री शर्मा ने बताया कि पंचायत एवं ग्रामीण विकास विभाग के लिए 16 हजार 560 करोड़ रुपये का प्रावधान किया गया है। मुख्यमंत्री श्री विष्णुदेव साय के नेतृत्व में सरकार बनने के बाद पहली ही बैठक में 18 लाख से अधिक लंबित आवासों के निर्माण को स्वीकृति दी गई थी और अब एसईसीसी 2011 व आवास प्लस-2018 के सभी पात्र हितग्राहियों के आवास स्वीकृत किए जा चुके हैं। विशेष पिछड़ी जनजाति समुदाय के लिए प्रधानमंत्री जनजाति आदिवासी न्याय महाअभियान के तहत 33,255 परिवारों को आवास स्वीकृत किए गए हैं, जिनमें से 19,199 आवास पूर्ण हो चुके हैं।
नक्सल प्रभावित क्षेत्रों में आत्मसमर्पित नक्सलियों एवं पीड़ित परिवारों के लिए 15 हजार आवास उपलब्ध कराए जा रहे हैं। वहीं मुख्यमंत्री ग्रामीण आवास योजना के अंतर्गत 38 हजार से अधिक आवास स्वीकृत और 15 हजार से अधिक पूर्ण हो चुके हैं।
सड़क संपर्क बढ़ाने के लिए प्रधानमंत्री ग्राम सड़क योजना के तहत 2237.97 करोड़ रुपये और मुख्यमंत्री ग्राम सड़क एवं विकास योजना के लिए 550 करोड़ रुपये का प्रावधान किया गया है, जिससे 774 सड़कों के माध्यम से 781 बसाहटें लाभान्वित होंगी। इसके अलावा विकसित भारत रोजगार एवं आजीविका गारंटी मिशन के लिए 4000 करोड़ रुपये, प्रधानमंत्री ग्रामीण आवास योजना के लिए 4265 करोड़ रुपये, स्वच्छ भारत मिशन (ग्रामीण) के लिए 350 करोड़ रुपये और छत्तीसगढ़ राज्य ग्रामीण आजीविका मिशन के लिए 850 करोड़ रुपये का बजट प्रावधान किया गया है।
गृह विभाग के लिए 7721.01 करोड़ रुपये का प्रावधान किया गया है, जिसमें पुलिस बल को मजबूत करने के लिए बड़े पैमाने पर नए पदों की स्वीकृति दी गई है। नक्सल प्रभावित क्षेत्रों में 15 नए पुलिस थानों की स्थापना, कई चौकियों को थाना में उन्नयन तथा बस्तर फाइटर बल, एटीएस, एन्टी नारकोटिक्स टास्क फोर्स और साइबर थानों के लिए अतिरिक्त पदों का प्रावधान किया गया है। पुलिस आधुनिकीकरण के तहत आईटी सेंटर, साइबर थाना और आधुनिक अनुसंधान सुविधाएं विकसित की जाएंगी।
जेल विभाग में सुधार के लिए प्रदेश की 16 जेलों में प्रिजन कॉलिंग सिस्टम स्थापित किया जाएगा, जिससे बंदी अपने परिजनों से वॉयस और वीडियो कॉल के माध्यम से संवाद कर सकेंगे। साथ ही 21 जेलों में 31 नई बैरकों के निर्माण और जेल अधोसंरचना सुधार के लिए भी बजट प्रावधान किया गया है।
विज्ञान एवं प्रौद्योगिकी विभाग के लिए 225 करोड़ रुपये का बजट रखा गया है। इसके अंतर्गत विज्ञान तीर्थ दर्शन अभियान शुरू किया जाएगा, जिससे शोधार्थियों को राष्ट्रीय स्तर के अनुसंधान संस्थानों का अवलोकन कराया जाएगा। इसके अलावा सूरजपुर जिले के मायापुर में 6.65 करोड़ रुपये की लागत से एस्ट्रो साइंस सेंटर, पांच जिलों में नए साइंस पार्क, तथा सरगुजा और बस्तर संभाग में मोबाइल साइंस लैब स्थापित करने का प्रावधान किया गया है।
इस बजट पर विधानसभा में नेता प्रतिपक्ष डॉ. चरणदास महंत, पूर्व मुख्यमंत्री भूपेश बघेल सहित कई विधायकों ने चर्चा में भाग लिया। सरकार का कहना है कि यह बजट ग्रामीण विकास, आंतरिक सुरक्षा, जेल सुधार और विज्ञान अनुसंधान को नई गति देगा।
बिलासपुर / शौर्यपथ / अंतर्राष्ट्रीय महिला दिवस 2026 के अवसर पर छत्तीसगढ़ उच्च न्यायालय, बिलासपुर के यूनिटी ऑडिटोरियम में एक गरिमामय सम्मान समारोह का आयोजन किया गया। कार्यक्रम का शुभारंभ न्यायाधीशगण एवं विशिष्ट अतिथियों के आगमन के बाद राष्ट्रीय गान और पारंपरिक दीप प्रज्वलन के साथ हुआ। इस अवसर पर न्यायपालिका और विधिक क्षेत्र में उल्लेखनीय योगदान देने वाली कुल 54 महिलाओं को सम्मानित किया गया, जिनमें न्यायिक अधिकारी, अधिवक्ता तथा उच्च न्यायालय में कार्यरत विभिन्न श्रेणियों की महिला कर्मचारी शामिल रहीं।
समारोह के मुख्य अतिथि छत्तीसगढ़ उच्च न्यायालय के मुख्य न्यायाधीश न्यायमूर्ति रमेश सिन्हा ने अपने प्रेरक उद्बोधन में महिलाओं की भूमिका को रेखांकित करते हुए कहा कि न्यायपालिका में महिलाओं की भागीदारी केवल समानता का प्रश्न नहीं है, बल्कि इससे न्याय व्यवस्था अधिक संवेदनशील, संतुलित और सशक्त बनती है। उन्होंने कहा कि महिलाओं की बुद्धिमत्ता, संवेदनशीलता और समर्पण न्याय व्यवस्था को अधिक मानवीय और प्रभावी बनाते हैं।
मुख्य न्यायाधीश ने अंतर्राष्ट्रीय महिला दिवस 2026 के थीम “Give to Gain” का उल्लेख करते हुए कहा कि महिलाओं को सशक्त बनाना और उन्हें बेंच तथा बार में समान अवसर प्रदान करना लोकतांत्रिक मूल्यों और विधि के शासन को मजबूत करता है। उन्होंने कहा कि जब महिलाओं को न्यायपालिका में समान अवसर मिलते हैं, तो उसका लाभ केवल महिलाओं तक सीमित नहीं रहता बल्कि पूरा समाज इससे लाभान्वित होता है।
न्यायमूर्ति सिन्हा ने इस अवसर पर उच्च न्यायालय, जिला न्यायालयों, सिविल न्यायालयों और विभिन्न शासकीय कार्यालयों में कार्यरत महिलाओं के समर्पण और योगदान की सराहना करते हुए कहा कि उनकी प्रतिबद्धता और कार्यकुशलता विधिक क्षेत्र को समृद्ध बनाती है तथा न्याय को निष्पक्ष और संतुलित बनाए रखने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाती है। उन्होंने यह भी कहा कि अंतर्राष्ट्रीय महिला दिवस केवल महिलाओं का सम्मान करने का अवसर नहीं है, बल्कि समाज में समानता, सुरक्षा और समावेशिता सुनिश्चित करने की सामूहिक प्रतिबद्धता को मजबूत करने का भी महत्वपूर्ण अवसर है।
कार्यक्रम में न्यायमूर्ति पार्थ प्रतीम साहू, न्यायमूर्ति रजनी दुबे, न्यायमूर्ति नरेन्द्र कुमार व्यास, न्यायमूर्ति नरेश कुमार चंद्रवंशी, न्यायमूर्ति सचिन सिंह राजपूत, न्यायमूर्ति राकेश मोहन पाण्डेय, न्यायमूर्ति राधाकिशन अग्रवाल, न्यायमूर्ति संजय कुमार जायसवाल, न्यायमूर्ति रविन्द्र कुमार अग्रवाल, न्यायमूर्ति अरविन्द कुमार वर्मा, न्यायमूर्ति बिभू दत्ता गुरु और न्यायमूर्ति अमितेन्द्र किशोर प्रसाद सहित कई वरिष्ठ न्यायाधीश उपस्थित रहे।
इसके अलावा महाधिवक्ता, वरिष्ठ अधिवक्तागण, उच्च न्यायालय अधिवक्ता संघ के पदाधिकारी, रजिस्ट्रार जनरल, रजिस्ट्री के अधिकारी, न्यायिक कर्मचारी तथा विभिन्न विभागों के अधिकारी-कर्मचारी भी समारोह में शामिल हुए।
उल्लेखनीय है कि मुख्य न्यायाधीश के मार्गदर्शन में राज्य के सभी जिला न्यायालयों में भी अंतर्राष्ट्रीय महिला दिवस के अवसर पर महिला न्यायिक अधिकारियों और कर्मचारियों को सम्मानित करने के लिए विशेष कार्यक्रम आयोजित किए गए, जिससे न्यायिक व्यवस्था में महिलाओं के योगदान को सम्मानित करने की परंपरा को और सशक्त बनाया गया।
सुबह 9 से शाम 7 बजे तक जमा होगा टैक्स, ऑनलाइन भुगतान की भी सुविधा
15 मार्च तक ही चेक से भुगतान मान्य, बाद में लगेगा ₹1000 शास्ति शुल्क व 15% अधिभार
दुर्ग / शौर्यपथ / वित्तीय वर्ष के अंतिम दिनों को ध्यान में रखते हुए नगर पालिक निगम दुर्ग ने करदाताओं की सुविधा के लिए विशेष व्यवस्था की है। निगम प्रशासन ने घोषणा की है कि शहर के सभी करदाताओं को अपना बकाया टैक्स जमा करने में सुविधा देने के लिए शनिवार, रविवार और अन्य अवकाश के दिनों में भी निगम मुख्य कार्यालय तथा सभी जोन कार्यालय खुले रहेंगे।
नगर निगम द्वारा टैक्स जमा करने के लिए सुबह 9:00 बजे से शाम 7:00 बजे तक काउंटर संचालित किए जाएंगे। नागरिक नगर निगम मुख्य कार्यालय के साथ-साथ अपने-अपने जोन कार्यालयों में भी टैक्स जमा कर सकते हैं। इसके अलावा करदाताओं को घर बैठे ऑनलाइन टैक्स जमा करने की सुविधा भी उपलब्ध कराई गई है। इसके लिए निगम के पोर्टल https://municipalcorporation.in के माध्यम से ऑनलाइन भुगतान किया जा सकता है।
निगम प्रशासन ने स्पष्ट किया है कि चेक के माध्यम से टैक्स भुगतान केवल 15 मार्च तक ही स्वीकार किया जाएगा। इसके बाद चेक से भुगतान की सुविधा बंद कर दी जाएगी। इसलिए नागरिकों से समय रहते टैक्स जमा करने की अपील की गई है।
नगर निगम आयुक्त सुमित अग्रवाल ने शहर के सभी करदाताओं से अपील करते हुए कहा कि वित्तीय वर्ष समाप्त होने के बाद यदि किसी करदाता का टैक्स बकाया रहता है तो उस पर ₹1000 शास्ति शुल्क के साथ 15 प्रतिशत अधिभार लगाया जाएगा। उन्होंने नागरिकों से आग्रह किया कि अतिरिक्त शुल्क से बचने के लिए समय पर टैक्स जमा करें और नगर निगम के कार्यों में सहयोग दें।
दुर्ग / शौर्यपथ / कुम्हारी थाना क्षेत्र में सोमवार रात एक दर्दनाक सड़क हादसे में मजदूरों से भरे ऑटो को पीछे से आ रहे मिनी ट्रक ने जोरदार टक्कर मार दी। इस दुर्घटना में एक मजदूर की मौत हो गई, जबकि तीन अन्य मजदूर घायल हो गए। घायलों को तत्काल उपचार के लिए अस्पताल पहुंचाया गया है।
पुलिस से मिली जानकारी के अनुसार हादसा सोमवार रात करीब 9 बजे कुम्हारी थाना क्षेत्र के महाराष्ट्र बैंक के पास हुआ। बताया जा रहा है कि चरोदा से रायपुर की ओर जा रहे मजदूरों से भरे ऑटो को पीछे से आ रहे एक मिनी ट्रक ने टक्कर मार दी। टक्कर इतनी जोरदार थी कि ऑटो पलट गया और उसमें सवार चार मजदूर गंभीर रूप से घायल हो गए।
घटना की सूचना मिलते ही पुलिस मौके पर पहुंची और सभी घायलों को तत्काल अस्पताल पहुंचाया गया। अस्पताल में डॉक्टरों ने टीकाराम खूंटे (निवासी गोगांव, रायपुर) को मृत घोषित कर दिया, जबकि अन्य तीन मजदूरों को हल्की चोटें आई हैं। घायलों में पिंकी देवी शाह, शारदा पाल और रामाधार पाल शामिल हैं।
बताया जा रहा है कि सभी मजदूर गोगांव से मजदूरी के लिए देवभोग दुग्ध संघ के पास रेलवे क्रॉसिंग चरोदा गए थे और काम खत्म होने के बाद ऑटो से वापस रायपुर लौट रहे थे। इसी दौरान कुम्हारी फ्लाईओवर ब्रिज के नीचे पीछे से आ रहे मिनी ट्रक ने ऑटो को टक्कर मार दी, जिससे ऑटो और मिनी ट्रक दोनों पलट गए।
पुलिस ने मृतक के शव को कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया है। वहीं ऑटो और मिनी ट्रक को जब्त कर ट्रक चालक के खिलाफ मामला दर्ज कर जांच शुरू कर दी गई है।
मृणेन्द्र चौबे
राजनांदगांव/शौर्यपथ /थाना बसंतपुर क्षेत्र में अवैध रेत उत्खनन और ग्रामीणों के साथ मारपीट तथा फायरिंग के मामले में फरार चल रहे दो आरोपियों ने अंततः न्यायालय में आत्मसमर्पण कर दिया। स्थायी गिरफ्तारी वारंट, उद्घोषणा की कार्रवाई और संपत्ति कुर्की की आशंका के बाद दोनों आरोपी न्यायालय में उपस्थित हुए, जिन्हें वैधानिक प्रक्रिया पूरी कर जिला जेल राजनांदगांव भेज दिया गया।
प्राप्त जानकारी के अनुसार प्रार्थी द्वारा थाना बसंतपुर में शिकायत दर्ज कराई गई थी कि 11 जून 2025 की शाम ग्राम मोहड़ नदी में अवैध रूप से रेत निकालने के लिए रैम्प बनाने हेतु जेसीबी मशीन पहुंची थी। इसकी जानकारी मिलने पर कुछ ग्रामीण मौके पर पहुंचे और अवैध उत्खनन का विरोध किया। इसी दौरान एक कार में सवार 7-8 लोग वहां पहुंचे और ग्रामीणों के साथ मारपीट करते हुए फायरिंग कर दी।
घटना के संबंध में थाना बसंतपुर में अपराध क्रमांक 257/2025 दर्ज कर भारतीय न्याय संहिता की विभिन्न धाराओं, आर्म्स एक्ट की धारा 25 व 27 तथा खनिज अधिनियम की धारा 21 के तहत मामला दर्ज कर विवेचना शुरू की गई थी। इस मामले में पहले ही नौ आरोपियों को गिरफ्तार कर न्यायिक रिमांड पर जिला जेल राजनांदगांव भेजा जा चुका है तथा उनके विरुद्ध अभियोग पत्र न्यायालय में प्रस्तुत किया जा चुका है। मामले के दो अन्य आरोपी संजय सिंह निवासी भिण्ड (मध्यप्रदेश) और अमन बैसन्दर निवासी ग्वालियर (मध्यप्रदेश) घटना के बाद से फरार चल रहे थे। इनके विरुद्ध न्यायालय द्वारा स्थायी गिरफ्तारी वारंट जारी किया गया था।
पुलिस अधीक्षक सुश्री अंकिता शर्मा के निर्देशन में फरार आरोपियों की तलाश लगातार जारी थी। गिरफ्तारी सुनिश्चित करने के लिए न्यायालय से उद्घोषणा की कार्रवाई कर आरोपियों के निवास स्थानों पर नोटिस चस्पा किए गए और भिण्ड, मुरैना व ग्वालियर के समाचार पत्रों में भी प्रकाशन कराया गया था, जिसमें आरोपियों को 16 मार्च 2026 तक न्यायालय में उपस्थित होने का निर्देश दिया गया था। पुलिस की लगातार कार्रवाई और संपत्ति कुर्की की आशंका के चलते दोनों आरोपी 10 मार्च 2026 को न्यायालय के समक्ष पेश हुए। न्यायालय के निर्देश पर उन्हें थाना बसंतपुर को सुपुर्द किया गया, जहां आवश्यक कानूनी प्रक्रिया पूरी करने के बाद जेल वारंट प्राप्त होने पर दोनों आरोपियों को जिला जेल राजनांदगांव दाखिल किया गया।
Feb 09, 2021 Rate: 4.00
