July 17, 2026
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    धर्म संसार / शौर्यपथ / प्रभु यीशु के जन्म की ख़ुशी में मनाया जाने वाला क्रिसमस का त्योहार पूरी दुनिया में मनाया जाता है। यह त्योहार कई मायनों में बेहद खास है। क्रिसमस को बड़ा दिन, सेंट स्टीफेंस डे या फीस्ट ऑफ़ सेंट स्टीफेंस भी कहा जाता है। प्रभु यीशु ने दुनिया को प्यार और इंसानियत की शिक्षा दी। उन्होंने लोगों को प्रेम और भाईचारे के साथ रहने का संदेश दिया। प्रभु यीशु को ईश्वर का इकलौता प्यारा पुत्र माना जाता है। इस त्योहार से कई रोचक तथ्य जुड़े हैं। आइए जानते हैं इनके बारे में।
    क्रिसमस ऐसा त्योहार है जिसे हर धर्म के लोग उत्साह से मनाते हैं। यह एकमात्र ऐसा त्योहार है जिस दिन लगभग पूरे विश्व में अवकाश रहता है। 25 दिसंबर को मनाया जाने वाला यह त्योहार आर्मीनियाई अपोस्टोलिक चर्च में 6 जनवरी को मनाया जाता है। कई देशों में क्रिसमस का अगला दिन 26 दिसंबर बॉक्सिंग डे के रूप मे मनाया जाता है। क्रिसमस पर सांता क्लॉज़ को लेकर मान्यता है कि चौथी शताब्दी में संत निकोलस जो तुर्की के मीरा नामक शहर के बिशप थे, वही सांता थे। वह गरीबों की हमेशा मदद करते थे उनको उपहार देते थे। क्रिसमस के तीन पारंपरिक रंग हैं हरा, लाल और सुनहरा। हरा रंग जीवन का प्रतीक है, जबकि लाल रंग ईसा मसीह के रक्त और सुनहरा रंग रोशनी का प्रतीक है। क्रिसमस की रात को जादुई रात कहा जाता है। माना जाता है कि इस रात सच्चे दिल वाले लोग जानवरों की बोली को समझ सकते हैं। क्रिसमस पर घर के आंगन में क्रिसमस ट्री लगाया जाता है। क्रिसमस ट्री को दक्षिण पूर्व दिशा में लगाना शुभ माना जाता है। फेंगशुई के मुताबिक ऐसा करने से घर में सुख समृद्धि आती है। पोलैंड में मकड़ी के जालों से क्रिसमस ट्री को सजाने की परंपरा है। मान्यता है कि मकड़ी ने सबसे पहले जीसस के लिए कंबल बुना था।

    सहकारिता सप्ताह का हुआ भव्य शुभारंभ, किसानों और ग्रामीणों को मजबूत बनाने पर जोर
    सहकारिता आंदोलन के जनक पंडित वामनराव बलिराम लाखे को दी गई श्रद्धांजलि

    रायपुर / सहकारिता मंत्रालय के पांच वर्ष पूर्ण होने के उपलक्ष्य में आयोजित सहकारिता सप्ताह के शुभारंभ आज जिला सहकारी केंद्रीय बैंक, रायपुर में सहकारिता मंत्री श्री केदार कश्यप के मुख्य आतिथ्य मंे सम्पन्न हुआ। सहकारिता मंत्री श्री केदार कश्यप ने कहा कि सहकारिता केवल एक व्यवस्था नहीं, बल्कि लोगों को साथ लेकर विकास करने की एक मजबूत सोच है। सरकार का मुख्य लक्ष्य सहकारिता को एक जनआंदोलन बनाकर प्रत्येक ग्रामीण परिवार की आर्थिक स्थिति को सुदृढ़ करना है।

    सहकारिता क्षेत्र को मिली नई पहचान

    मंत्री कश्यप ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में सहकारिता मंत्रालय की स्थापना के बाद, केंद्रीय सहकारिता मंत्री अमित शाह के मार्गदर्शन में देश में सहकारिता क्षेत्र को एक नई और मजबूत पहचान मिली है। पिछले पांच वर्षों में सहकारिता के माध्यम से किसानों, महिलाओं, युवाओं और ग्रामीण अर्थव्यवस्था को सशक्त बनाने के लिए कई ऐतिहासिक व महत्वपूर्ण कदम उठाए गए हैं।

    गांव-गांव तक सहकारिता को मजबूत कर रही सरकार

    राज्य सरकार के प्रयासों को रेखांकित करते हुए उन्होंने कहा कि मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय के नेतृत्व में राज्य सरकार सहकारिता को गांव-गांव तक मजबूत बनाने के लिए लगातार कार्य कर रही है। प्राथमिक कृषि साख समितियों को सशक्त बनाया जा रहा है, किसानों को समय पर ऋण उपलब्ध कराया जा रहा है तथा सहकारी संस्थाओं में पारदर्शिता और आधुनिक तकनीकों को बढ़ावा दिया जा रहा है।

    साथ मिलकर विकास ही सहकारिता का मूल मंत्र

    मंत्री कश्यप ने कहा कि साथ मिलकर विकास ही सहकारिता का मूल मंत्र है और इसी भावना से आत्मनिर्भर भारत तथा विकसित छत्तीसगढ़ का निर्माण संभव होगा। उन्होंने सहकारी संस्थाओं के पदाधिकारियों और कर्मचारियों से पूरी सेवा, पारदर्शिता और जवाबदेही के साथ कार्य करने का आग्रह किया, ताकि सहकारी व्यवस्था पर जनता का विश्वास और अधिक मजबूत हो सके। उन्होंने आगे कहा कि यह सहकारिता सप्ताह केवल एक आयोजन नहीं है, बल्कि सहकारिता की जनकल्याणकारी योजनाओं और उपलब्धियों को जन-जन तक पहुंचाने का महाअभियान है। सप्ताहभर चलने वाले विभिन्न कार्यक्रमों के माध्यम से नई पीढ़ी को सहकारिता से जोड़ने और ग्रामीण अर्थव्यवस्था को एक नई गति देने का प्रयास किया जाएगा। कार्यक्रम का शुभारंभ सहकारिता आंदोलन के जनक पंडित वामनराव बलिराम लाखे की प्रतिमा पर माल्यार्पण कर उन्हें भावभीनी श्रद्धांजलि अर्पित कर की।

    इस महत्वपूर्ण अवसर पर छत्तीसगढ़ राज्य सहकारी बैंक मर्यादित के अध्यक्ष केदारनाथ गुप्ता, जिला सहकारी केंद्रीय बैंक रायपुर के अध्यक्ष निरंजन सिन्हा, उपाध्यक्ष अभिनेष कश्यप सहित अनेक जनप्रतिनिधि, सहकारी संस्थाओं के वरिष्ठ पदाधिकारी एवं बड़ी संख्या में कर्मचारी उपस्थित थे।

    प्रधानमंत्री आवास योजना (ग्रामीण) में डीलर दीदी मॉडल को मिली राष्ट्रीय पहचान

    आरसेटी और कौशल विकास योजनाओं के प्रभावी क्रियान्वयन की भी हुई प्रशंसा

    राष्ट्रीय ग्रामीण विकास सम्मेलन में शामिल हुए उप मुख्यमंत्री श्री विजय शर्मा

    रायपुर,  / नई दिल्ली में आयोजित दो दिवसीय राष्ट्रीय ग्रामीण विकास सम्मेलन में छत्तीसगढ़ की अभिनव पहल मटेरियल बैंक मॉडल को राष्ट्रीय स्तर पर विशेष सराहना मिली। केंद्रीय कृषि एवं किसान कल्याण तथा ग्रामीण विकास मंत्री श्री शिवराज सिंह चौहान ने प्रधानमंत्री आवास योजना (ग्रामीण) के अंतर्गत विकसित इस मॉडल की प्रशंसा करते हुए इसे ग्रामीण आवास निर्माण को गति देने वाला प्रभावी नवाचार बताया। सम्मेलन में छत्तीसगढ़ का प्रतिनिधित्व उप मुख्यमंत्री एवं पंचायत एवं ग्रामीण विकास मंत्री श्री विजय शर्मा ने किया।

    छत्तीसगढ़ में विकसित मटेरियल बैंक मॉडल का संचालन स्व सहायता समूह की महिलाओं द्वारा “डीलर दीदी” के रूप में किया जा रहा है। इसके माध्यम से दूरस्थ ग्रामीण क्षेत्रों में प्रधानमंत्री आवास योजना (ग्रामीण) के हितग्राहियों को निर्माण सामग्री एक ही स्थान पर उपलब्ध कराई जा रही है। इससे आवास निर्माण कार्य अधिक सुगम, तेज और किफायती हुआ है।

    इस पहल से स्व सहायता समूह की महिलाओं की आय में वृद्धि हुई है और 10,000 से अधिक दीदियां लखपति दीदी बनने की दिशा में आगे बढ़ी हैं। इस मॉडल को महिला सशक्तिकरण, आजीविका संवर्धन और ग्रामीण आवास निर्माण के क्षेत्र में एक प्रभावी उदाहरण के रूप में प्रस्तुत किया गया।

    केंद्रीय मंत्री श्री शिवराज सिंह चौहान ने कहा कि छत्तीसगढ़ ने ग्रामीण विकास के क्षेत्र में नवाचार और प्रभावी क्रियान्वयन का उदाहरण प्रस्तुत किया है। उन्होंने ग्रामीण युवाओं को कौशल विकास, स्वरोजगार और आजीविका से जोड़ने के लिए आरसेटी तथा पंडित दीनदयाल उपाध्याय ग्रामीण कौशल योजना के अंतर्गत किए जा रहे कार्यों की भी सराहना की। उल्लेखनीय है कि छत्तीसगढ़ में आरसेटी के माध्यम से पिछले वित्तीय वर्ष में देश में सर्वाधिक राज मिस्त्री प्रशिक्षण दिया गया है ।उन्होंने इन प्रयासों को अन्य राज्यों के लिए प्रेरणादायक बताया।

    उप मुख्यमंत्री श्री विजय शर्मा ने कहा कि मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय के नेतृत्व में राज्य सरकार ग्रामीण विकास, कौशल उन्नयन, स्वरोजगार संवर्धन और गरीब परिवारों को बेहतर सुविधाएं उपलब्ध कराने के लिए निरंतर कार्य कर रही है। उन्होंने कहा कि राष्ट्रीय स्तर पर मिली यह सराहना प्रदेश के जनकल्याणकारी कार्यों, नवाचारों और योजनाओं के प्रभावी क्रियान्वयन का प्रमाण है तथा इससे राज्य को ग्रामीण विकास के क्षेत्र में और बेहतर कार्य करने की प्रेरणा मिलेगी।

    सार्थक स्कूल के छात्र सत्यांशु स्पेशल ओलंपिक्स गोथिया ट्रॉफी 2026 में बिखेरेंगे जलवा

    कलेक्टर अबिनाश मिश्रा और समाज कल्याण विभाग ने दी बधाई, कहा- प्रतिभा किसी सीमा की मोहताज नहीं

    रायपुर, / धमतरी जिले के लिए यह अत्यंत गौरव और हर्ष का क्षण है। समाज कल्याण विभाग द्वारा अनुदानित विशेष विद्यालय ‘सार्थक स्कूल’ के विशेष छात्र सत्यांशु दीप का चयन स्पेशल ओलंपिक्स भारत (Special Olympics Bharat) की राष्ट्रीय फुटबॉल टीम में हो गया है। सत्यांशु आगामी 12 से 16 जुलाई 2026 तक स्वीडन में आयोजित होने वाली स्पेशल ओलंपिक्स गोथिया ट्रॉफी 2026 (Special Olympics Gothia Trophy 2026) अंतर्राष्ट्रीय फुटबॉल प्रतियोगिता में भारत का प्रतिनिधित्व करेंगे।

    सत्यांशु दीप की यह ऐतिहासिक उपलब्धि न केवल धमतरी जिले, बल्कि समूचे छत्तीसगढ़ के लिए बड़े गौरव का विषय है। विशेष आवश्यकता वाले बच्चों की प्रतिभा, आत्मविश्वास और खेल कौशल का यह उत्कृष्ट उदाहरण यह साबित करता है कि यदि उचित प्रशिक्षण, प्रोत्साहन और अवसर मिले, तो वे अंतरराष्ट्रीय स्तर पर भी देश का परचम लहरा सकते हैं।

    उचित मार्गदर्शन और लगन से मिला मुकाम

    विद्यालय परिवार के अनुसार, सत्यांशु ने यह मुकाम अपने कड़े व नियमित अभ्यास, अनुशासन, समर्पण और मैदान पर बेहतरीन खेल प्रदर्शन के दम पर हासिल किया है। उनकी यह शानदार सफलता अन्य विशेष बच्चों के लिए भी एक बड़ी प्रेरणास्रोत बनेगी और उन्हें अपने सपनों को साकार करने के लिए उत्साहित करेगी।

    समाज कल्याण विभाग द्वारा संचालित और अनुदानित इन विशेष विद्यालयों का मुख्य उद्देश्य दिव्यांग बच्चों के सर्वांगीण विकास के लिए गुणवत्तापूर्ण शिक्षा, खेल, जीवनोपयोगी कौशल और व्यक्तित्व विकास के समान अवसर उपलब्ध कराना है। सत्यांशु का यह चयन विभाग की इन कोशिशों की सार्थकता को प्रमाणित करता है।

    कलेक्टर ने दीं शुभकामनाएँ- विश्व मंच पर चमकेगा धमतरी का नाम

    इस बड़ी उपलब्धि पर खुशी जाहिर करते हुए धमतरी कलेक्टर श्री अबिनाश मिश्रा ने कहा कि यह सफलता सत्यांशु की कड़ी मेहनत, लगन और खेल के प्रति उनके अटूट समर्पण का परिणाम है। मैं सत्यांशु दीप, उनके माता-पिता, प्रशिक्षकों, विद्यालय परिवार और समाज कल्याण विभाग को इस उल्लेखनीय उपलब्धि के लिए हार्दिक बधाई देता हूँ। मुझे पूरा विश्वास है कि वे स्वीडन में आयोजित अंतर्राष्ट्रीय प्रतियोगिता में उत्कृष्ट प्रदर्शन कर भारत, छत्तीसगढ़ और धमतरी जिले का नाम विश्व स्तर पर गौरवान्वित करेंगे।

    कलेक्टर ने आगे कहा कि सत्यांशु की सफलता यह गहरा संदेश देती है कि प्रतिभा किसी सीमा की मोहताज नहीं होती। यह गौरवपूर्ण उपलब्धि धमतरी जिले में समावेशी शिक्षा, खेल संस्कृति और दिव्यांगजनों के सशक्तिकरण की दिशा में एक मील का पत्थर है।

    अभिभावकों और गुरुओं का मिला सतत सहयोग

    इस ऐतिहासिक अवसर पर समाज कल्याण विभाग के अधिकारियों, विद्यालय प्रबंधन, शिक्षकों एवं प्रशिक्षकों ने सत्यांशु के उज्ज्वल भविष्य और आगामी मैचों में शानदार प्रदर्शन की कामना की है। इसके साथ ही उन्होंने सत्यांशु के माता-पिता को भी विशेष रूप से बधाई दी है, जिनके निरंतर सहयोग, अटूट विश्वास और संबल ने सत्यांशु को इस अंतर्राष्ट्रीय मुकाम तक पहुँचाने में सबसे महत्वपूर्ण भूमिका निभाई है। पूरे धमतरी जिले को विश्वास है कि स्वीडन की धरती पर सत्यांशु दीप अपने खेल कौशल से विश्व मंच पर भारत का मान और बढ़ाएंगे।

    रायपुर/सरगुजा ।
    सरगुजा अंचल की ऐतिहासिक, सांस्कृतिक और साहित्यिक विरासत को समर्पित दो दिवसीय रामगढ़ महोत्सव-2026 के प्रथम दिवस पर संस्कृति, साहित्य और लोककला का भव्य संगम देखने को मिला। नई दिल्ली के कलाकारों की प्रभावशाली रामलीला, कस्तूरबा गांधी आवासीय विद्यालय की छात्राओं द्वारा प्रस्तुत भावपूर्ण ‘जटायु मोक्ष’ नृत्य-नाटिका तथा ओजपूर्ण कवि सम्मेलन ने दर्शकों को देर तक बांधे रखा।

    रामलीला ने कराया त्रेतायुग का सजीव अनुभव

    नई दिल्ली से आए कलाकारों ने भगवान श्रीराम के जीवन प्रसंगों का प्रभावशाली मंचन किया। मर्यादा पुरुषोत्तम श्रीराम के आदर्श जीवन, धर्म, सत्य, त्याग और कर्तव्यपरायणता को आकर्षक वेशभूषा, प्रभावी संवाद, भव्य मंच सज्जा और मधुर संगीत के माध्यम से जीवंत रूप में प्रस्तुत किया गया। प्रस्तुति के दौरान पूरा परिसर तालियों की गूंज से गूंजता रहा।

    ‘जटायु मोक्ष’ की प्रस्तुति ने किया भावविभोर

    कस्तूरबा गांधी आवासीय विद्यालय, उदयपुर की छात्राओं ने ‘जटायु मोक्ष’ पर आधारित नृत्य-नाटिका प्रस्तुत कर दर्शकों को भावुक कर दिया। भगवान श्रीराम और जटायु के प्रसंग को संवेदनशील अभिनय, पारंपरिक वेशभूषा, सुमधुर संगीत और प्रभावशाली नृत्य के माध्यम से प्रस्तुत किया गया। प्रस्तुति के बाद सभागार देर तक तालियों की गड़गड़ाहट से गूंजता रहा।

    कवि सम्मेलन में गूंजी राष्ट्रभक्ति और सामाजिक सरोकार

    महोत्सव के प्रमुख आकर्षणों में शामिल कवि सम्मेलन में प्रतिष्ठित कवियों ने ओज, वीर रस, श्रृंगार, हास्य-व्यंग्य और समसामयिक विषयों पर आधारित रचनाओं का पाठ किया। राष्ट्रभक्ति, भारतीय संस्कृति, सामाजिक सरोकार और मानवीय मूल्यों पर आधारित कविताओं ने श्रोताओं को प्रभावित किया, जबकि हास्य-व्यंग्य की प्रस्तुतियों ने माहौल को आनंदमय बना दिया।

    लोक संस्कृति की भी दिखी शानदार झलक

    कार्यक्रम में सरगुजिहा लोकनृत्य, करमा नृत्य, लोकगीत, स्वागत गीत और अन्य सांस्कृतिक प्रस्तुतियों ने भी दर्शकों का भरपूर मनोरंजन किया। स्थानीय और क्षेत्रीय कलाकारों ने अपनी प्रस्तुतियों के माध्यम से सरगुजा की समृद्ध लोक परंपराओं और सांस्कृतिक विरासत का जीवंत परिचय दिया।

    आयोजकों के अनुसार, रामगढ़ महोत्सव का उद्देश्य सरगुजा की ऐतिहासिक धरोहर, सांस्कृतिक विरासत और साहित्यिक परंपराओं को राष्ट्रीय स्तर पर नई पहचान दिलाना तथा नई पीढ़ी को अपनी समृद्ध संस्कृति से जोड़ना है। प्रथम दिवस के विविध कार्यक्रमों ने इस उद्देश्य को प्रभावी ढंग से साकार किया।

    मुख्य आकर्षण
    नई दिल्ली के कलाकारों द्वारा भव्य रामलीला का मंचन।
    कस्तूरबा गांधी आवासीय विद्यालय की छात्राओं की भावपूर्ण ‘जटायु मोक्ष’ नृत्य-नाटिका।
    प्रतिष्ठित कवियों का ओजपूर्ण कवि सम्मेलन।
    सरगुजिहा लोकनृत्य, करमा नृत्य और लोकगीतों की मनमोहक प्रस्तुतियां।
    संस्कृति, साहित्य और लोककला के माध्यम से सरगुजा की समृद्ध विरासत का प्रभावशाली प्रदर्शन।

    पर्यटन मंत्री राजेश अग्रवाल ने किया उद्घाटन, समापन समारोह में मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय होंगे मुख्य अतिथि

    रायपुर/सरगुजा ।
    आषाढ़ मास के प्रथम दिवस पर सरगुजा अंचल की ऐतिहासिक, सांस्कृतिक और साहित्यिक विरासत के प्रतीक दो दिवसीय रामगढ़ महोत्सव-2026 का सोमवार को भव्य शुभारंभ हुआ। पर्यटन एवं संस्कृति मंत्री श्री राजेश अग्रवाल ने महोत्सव का उद्घाटन किया। पारंपरिक गरिमा और सांस्कृतिक उल्लास से परिपूर्ण इस आयोजन में लोक संस्कृति, साहित्य, पुरातत्व और पर्यटन का अनूठा संगम देखने को मिला।

    उद्घाटन समारोह में स्कूली बच्चों और स्थानीय कलाकारों ने आकर्षक सांस्कृतिक प्रस्तुतियां दीं, जबकि नई दिल्ली से आए कलाकारों द्वारा मंचित भव्य रामलीला ने दर्शकों का विशेष आकर्षण केंद्र बनी।

    कार्यक्रम में सांसद चिंतामणि महाराज, लुंड्रा विधायक प्रबोध मिंज, जनप्रतिनिधि, साहित्यकार, इतिहासकार, प्रशासनिक अधिकारी और बड़ी संख्या में नागरिक मौजूद रहे।

    रामगढ़ पूरे देश की सांस्कृतिक धरोहर : राजेश अग्रवाल

    पर्यटन एवं संस्कृति मंत्री राजेश अग्रवाल ने कहा कि मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय के नेतृत्व में राज्य सरकार सांस्कृतिक धरोहरों के संरक्षण और संवर्धन के लिए लगातार कार्य कर रही है। उन्होंने कहा कि रामगढ़ महोत्सव प्रदेश के इतिहास, लोक संस्कृति, पुरातत्व, साहित्य और पर्यटन का महत्वपूर्ण मंच है, जो नई पीढ़ी को अपनी गौरवशाली विरासत से जोड़ने का कार्य करेगा।

    उन्होंने बताया कि इस वर्ष रामगढ़ महोत्सव के 50 वर्ष पूरे होने पर यह आयोजन विशेष महत्व रखता है। राज्य सरकार रामगढ़ को राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय पर्यटन मानचित्र पर स्थापित करने के लिए निरंतर प्रयास कर रही है।

    सीताबेंगरा और जोगीमारा गुफाओं का कराया जाएगा भ्रमण

    मंत्री ने बताया कि महोत्सव के दौरान आगंतुकों को विश्व की प्राचीनतम रंगशाला मानी जाने वाली सीताबेंगरा गुफा, जोगीमारा गुफा, रामगढ़ पर्वत श्रृंखला और अन्य पुरातात्विक स्थलों का भ्रमण कराया जाएगा। इतिहास और पुरातत्व विशेषज्ञ इन स्थलों के ऐतिहासिक एवं सांस्कृतिक महत्व की जानकारी भी देंगे।

    उन्होंने यह भी बताया कि महोत्सव के समापन समारोह में मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय मुख्य अतिथि के रूप में शामिल होंगे।

    रामगढ़ को विश्वस्तरीय पहचान दिलाने का संकल्प

    सांसद चिंतामणि महाराज ने कहा कि रामगढ़ भारत की प्राचीन सांस्कृतिक चेतना का महत्वपूर्ण केंद्र है। उन्होंने कहा कि मान्यता है कि भगवान श्रीराम ने वनवास के दौरान यहां समय बिताया था तथा महाकवि कालिदास ने यहीं 'मेघदूतम्' की रचना की थी। उन्होंने रामगढ़ को विश्व पर्यटन मानचित्र पर स्थापित करने की आवश्यकता पर बल दिया।

    लुंड्रा विधायक प्रबोध मिंज ने कहा कि रामगढ़ धार्मिक, ऐतिहासिक और साहित्यिक दृष्टि से अत्यंत महत्वपूर्ण स्थल है, जिसकी वैश्विक स्तर पर पहचान बनाने के लिए व्यापक प्रचार-प्रसार आवश्यक है।

    स्थानीय कलाकारों को मिला मंच

    कलेक्टर अजीत वसंत ने कहा कि रामगढ़ महोत्सव स्थानीय कलाकारों, लोक संस्कृति और पारंपरिक कलाओं को प्रोत्साहन देने का महत्वपूर्ण मंच है। उन्होंने विश्वास जताया कि इस आयोजन से रामगढ़ की ऐतिहासिक पहचान और पर्यटन संभावनाओं को नई गति मिलेगी।

    मुख्य आकर्षण
    आषाढ़ मास के प्रथम दिवस पर रामगढ़ महोत्सव-2026 का भव्य शुभारंभ।
    पर्यटन एवं संस्कृति मंत्री राजेश अग्रवाल ने किया उद्घाटन।
    स्थानीय कलाकारों की सांस्कृतिक प्रस्तुतियां और दिल्ली के कलाकारों की भव्य रामलीला।
    सीताबेंगरा, जोगीमारा गुफा और रामगढ़ के पुरातात्विक स्थलों का भ्रमण।
    समापन समारोह में मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय होंगे मुख्य अतिथि।
    महोत्सव का उद्देश्य रामगढ़ की ऐतिहासिक, सांस्कृतिक और पर्यटन विरासत को राष्ट्रीय एवं अंतरराष्ट्रीय स्तर पर नई पहचान दिलाना।

    मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय ने की बड़ी घोषणा, बिजली बिल भुगतान समाधान योजना की अवधि 3 माह बढ़ेगी

    रायपुर ।
    राजधानी रायपुर के सोनपैरी स्थित सद्गुरु कबीर आश्रम में सोमवार को आयोजित संत कबीर जयंती महोत्सव में कर्नाटक के राज्यपाल श्री थावरचंद गहलोत, मुख्यमंत्री श्री विष्णुदेव साय, विधानसभा अध्यक्ष डॉ. रमन सिंह तथा केंद्रीय राज्य मंत्री श्री तोखन साहू शामिल हुए। कार्यक्रम में सभी अतिथियों ने गुरु असंग देव का आशीर्वाद लिया और आश्रम परिसर में वृक्षारोपण कर पर्यावरण संरक्षण का संदेश दिया।

    कार्यक्रम को संबोधित करते हुए कर्नाटक के राज्यपाल श्री थावरचंद गहलोत ने कहा कि संत कबीर का सत्य, समरसता, मानव सेवा और सद्भाव का संदेश आज भी समाज और राष्ट्र के लिए मार्गदर्शक है। उन्होंने कहा कि संत कबीर ने जात-पात, ऊंच-नीच और आडंबर से ऊपर उठकर मानवता, प्रेम और विवेक का मार्ग दिखाया। उन्होंने सोनपैरी कबीर आश्रम द्वारा शिक्षा, गौसेवा, पर्यावरण संरक्षण, जैविक खेती और सामाजिक समरसता के क्षेत्र में किए जा रहे कार्यों की सराहना की।

    मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय ने कहा कि छत्तीसगढ़ संत कबीर की तपोभूमि है और उनके विचार आज भी समाज में प्रेम, भाईचारे और समरसता का संदेश देते हैं। उन्होंने कहा कि उनका बचपन कबीरपंथी समाज के बीच बीता और संत कबीर की शिक्षाओं का उनके जीवन पर गहरा प्रभाव रहा है। मुख्यमंत्री ने संत कबीर द्वारा सामाजिक कुरीतियों, छुआछूत और जातिगत भेदभाव के विरुद्ध किए गए संघर्ष को स्मरण करते हुए उनके आदर्शों पर चलने का आह्वान किया।

    मुख्यमंत्री ने राज्य सरकार की विभिन्न योजनाओं का उल्लेख करते हुए बताया कि प्रधानमंत्री आवास योजना के तहत प्रदेश में 18 लाख आवास स्वीकृत हुए हैं, जिनमें से 10 लाख से अधिक आवास पूर्ण हो चुके हैं। उन्होंने नक्सल प्रभावित क्षेत्रों में शांति और विकास की दिशा में हो रही प्रगति का भी उल्लेख किया।

    इस अवसर पर मुख्यमंत्री ने बताया कि मुख्यमंत्री हेल्पलाइन 1076 के माध्यम से नागरिकों की शिकायतों का समयबद्ध समाधान सुनिश्चित किया जा रहा है तथा लापरवाही बरतने वाले अधिकारियों के विरुद्ध कार्रवाई की जाएगी।

    बिजली उपभोक्ताओं के लिए बड़ी घोषणा

    कार्यक्रम में मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय ने घोषणा की कि मुख्यमंत्री बिजली बिल भुगतान समाधान योजना की अवधि तीन माह के लिए बढ़ाई जाएगी। इसके तहत बिजली उपभोक्ता सरचार्ज माफी और अन्य आकर्षक प्रावधानों का लाभ लेकर अपने लंबित बिजली बिलों का भुगतान कर सकेंगे।

    गुरु असंग देव का संदेश

    गुरु असंग देव ने कहा कि संत कबीर ने समाज से पाखंड और कुरीतियों को समाप्त करने का संदेश दिया। उन्होंने सेवा, परमार्थ, गौसेवा, वृक्षारोपण और ग्राम विकास को जीवन का आधार बताते हुए समाज में संवाद और प्रेम बढ़ाने का आह्वान किया।

    अन्य वक्ताओं ने भी रखा पक्ष

    विधानसभा अध्यक्ष डॉ. रमन सिंह ने कहा कि संत कबीर की वाणी आज भी सामाजिक बुराइयों के खिलाफ प्रेरणा देती है और वृक्षारोपण आने वाली पीढ़ियों के प्रति हमारी जिम्मेदारी का प्रतीक है।

    केंद्रीय राज्य मंत्री तोखन साहू ने कहा कि संत कबीर ने सत्य, सेवा और सादगी का मार्ग दिखाया, जिसे अपनाकर समाज और राष्ट्र का कल्याण किया जा सकता है।

    कार्यक्रम में कैबिनेट मंत्री गुरु खुशवंत साहेब, विधायक मोतीलाल साहू, विधायक इंद्र कुमार साहू, विभिन्न आयोगों एवं निगमों के पदाधिकारी, संत-महात्मा, जनप्रतिनिधि और बड़ी संख्या में कबीरपंथी अनुयायी उपस्थित रहे।

    मुख्य बिंदु
    सोनपैरी कबीर आश्रम में संत कबीर जयंती महोत्सव का आयोजन।
    राज्यपाल थावरचंद गहलोत ने संत कबीर के संदेश को आज भी प्रासंगिक बताया।
    मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय ने संत कबीर के आदर्शों पर चलने का आह्वान किया।
    अतिथियों ने वृक्षारोपण कर पर्यावरण संरक्षण का संदेश दिया।
    मुख्यमंत्री बिजली बिल भुगतान समाधान योजना की अवधि 3 माह बढ़ाने की घोषणा, जिससे उपभोक्ता सरचार्ज माफी सहित अन्य प्रावधानों का लाभ उठा सकेंगे।

    रायपुर ।
    छत्तीसगढ़ के पर्यटन स्थलों को राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय स्तर पर नई पहचान दिलाने के उद्देश्य से छत्तीसगढ़ टूरिज्म बोर्ड द्वारा 26 से 30 जून 2026 तक पांच दिवसीय "इन्फ्लुएंसर मीट एवं फेमिलराइजेशन (FAM) टूर" आयोजित किया जा रहा है। इस पहल के तहत सोशल मीडिया इन्फ्लुएंसर्स को राज्य के प्रमुख पर्यटन स्थलों का भ्रमण कराया जा रहा है, ताकि उनके डिजिटल प्लेटफॉर्म के माध्यम से प्रदेश की प्राकृतिक, सांस्कृतिक और जनजातीय विरासत का व्यापक प्रचार-प्रसार हो सके।

    फेम टूर के दौरान प्रतिभागी मैनपाट, सतरेंगा और रामगढ़ महोत्सव का अनुभव ले रहे हैं। वे यहां की प्राकृतिक सुंदरता, जनजातीय संस्कृति, लोककलाओं, पर्यटन सुविधाओं और सांस्कृतिक आयोजनों को करीब से देख रहे हैं तथा फोटो, वीडियो और अन्य डिजिटल सामग्री तैयार कर रहे हैं, जो सोशल मीडिया के जरिए देश-विदेश के लाखों-करोड़ों दर्शकों तक पहुंचेगी।

    मैनपाट अपनी हरी-भरी वादियों, तिब्बती संस्कृति, झरनों और शांत प्राकृतिक वातावरण के लिए प्रसिद्ध है, जबकि सतरेंगा तेजी से विकसित हो रहा इको-टूरिज्म गंतव्य है, जहां जलाशय आधारित पर्यटन और साहसिक गतिविधियां आकर्षण का केंद्र हैं। वहीं रामगढ़ महोत्सव के माध्यम से प्रतिभागियों को छत्तीसगढ़ की ऐतिहासिक धरोहर, लोक संस्कृति और पारंपरिक कलाओं से परिचित कराया जा रहा है।

    राज्य सरकार के अनुसार, यह आयोजन पर्यटन एवं संस्कृति मंत्री राजेश अग्रवाल के मार्गदर्शन, छत्तीसगढ़ पर्यटन मंडल के अध्यक्ष नीलू शर्मा के नेतृत्व, प्रबंध संचालक विवेक आचार्य तथा उपमहाप्रबंधक पूनम शर्मा के निर्देशन में आयोजित किया जा रहा है। कार्यक्रम का समापन 30 जून को होगा।

    पर्यटन विभाग का मानना है कि डिजिटल युग में सोशल मीडिया पर्यटन प्रचार का अत्यंत प्रभावी माध्यम बन चुका है। इस अभियान से तैयार सामग्री प्रदेश के पर्यटन स्थलों की वैश्विक दृश्यता बढ़ाने, पर्यटकों की संख्या में वृद्धि करने और स्थानीय स्तर पर रोजगार, हस्तशिल्प, लोककला, ग्रामीण पर्यटन तथा स्थानीय अर्थव्यवस्था को नई गति देने में सहायक होगी।

    मुख्य बिंदु
    26 से 30 जून तक आयोजित हो रहा है पांच दिवसीय इन्फ्लुएंसर मीट एवं FAM टूर।
    सोशल मीडिया इन्फ्लुएंसर्स मैनपाट, सतरेंगा और रामगढ़ महोत्सव का कर रहे हैं भ्रमण।
    डिजिटल कंटेंट के माध्यम से छत्तीसगढ़ पर्यटन को राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय स्तर पर मिलेगा प्रचार।
    अभियान का उद्देश्य पर्यटन को बढ़ावा देने के साथ स्थानीय रोजगार और अर्थव्यवस्था को मजबूत करना है।

    रायपुर ।
    मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय के नेतृत्व में छत्तीसगढ़ सरकार की डिजिटल सुशासन पहल लगातार आम नागरिकों के जीवन को सरल बना रही है। सेवा सेतु पोर्टल प्रदेश में शासकीय सेवाओं की ऑनलाइन, पारदर्शी और समयबद्ध उपलब्धता का प्रभावी माध्यम बनकर उभरा है, जिससे नागरिकों का समय और धन बचने के साथ शासन के प्रति विश्वास भी मजबूत हुआ है।
    इस पहल का एक प्रेरक उदाहरण रायगढ़ जिले की पुसौर तहसील के ग्राम भाठनपाली निवासी अजय कुमार प्रधान हैं। लंबे समय से स्थायी जाति प्रमाण पत्र बनवाने के लिए उन्हें सरकारी कार्यालयों के बार-बार चक्कर लगाने पड़ रहे थे। समय और आर्थिक नुकसान के बावजूद उन्हें समय पर प्रमाण पत्र नहीं मिल पा रहा था, जिससे वे कई सरकारी नौकरियों के लिए आवेदन करने से भी वंचित रह जाते थे।
    सेवा सेतु पोर्टल की जानकारी मिलने के बाद अजय कुमार प्रधान ने आवश्यक दस्तावेजों के साथ ऑनलाइन आवेदन किया। निर्धारित समय-सीमा में उनका आवेदन स्वीकृत हुआ और उन्हें स्थायी जाति प्रमाण पत्र प्राप्त हो गया। इससे उनकी वर्षों पुरानी समस्या का समाधान हुआ और रोजगार के नए अवसर भी खुल गए।
    प्रमाण पत्र मिलने के बाद उन्होंने रोजगार सहायक के पद के लिए आवेदन किया। अब वे अपने गांव के लोगों को भी जाति, आय, निवास सहित अन्य शासकीय प्रमाण पत्रों के लिए सेवा सेतु पोर्टल के माध्यम से ऑनलाइन आवेदन करने के लिए प्रेरित कर रहे हैं।
    अजय कुमार प्रधान का कहना है कि सेवा सेतु पोर्टल ने सरकारी कार्यालयों के अनावश्यक चक्कर खत्म कर दिए हैं। अब घर बैठे आवेदन, समय पर सेवा और पूरी प्रक्रिया की पारदर्शिता आम नागरिकों के लिए बड़ी राहत साबित हो रही है।
    राज्य सरकार के अनुसार, मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय की अगुवाई में डिजिटल तकनीक के जरिए सुशासन को गांव-गांव तक पहुंचाने के प्रयास लगातार किए जा रहे हैं। सेवा सेतु पोर्टल प्रशासन को अधिक जवाबदेह, पारदर्शी और जनोन्मुखी बनाने के साथ-साथ नागरिकों को त्वरित एवं गुणवत्तापूर्ण सेवाएं उपलब्ध कराने में महत्वपूर्ण भूमिका निभा रहा है।

    मुख्य बिंदु
    सेवा सेतु पोर्टल से घर बैठे मिला स्थायी जाति प्रमाण पत्र।
    रायगढ़ के अजय कुमार प्रधान की वर्षों पुरानी समस्या का हुआ समाधान।
    प्रमाण पत्र मिलने के बाद रोजगार सहायक पद के लिए किया आवेदन।
    ग्रामीणों को ऑनलाइन शासकीय सेवाओं का लाभ लेने के लिए कर रहे हैं प्रेरित।
    सरकार के अनुसार, डिजिटल सुशासन से प्रशासन में पारदर्शिता और नागरिकों का विश्वास बढ़ा है।

    रायपुर ।
    छत्तीसगढ़ के मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय से सोमवार को राजधानी रायपुर स्थित मुख्यमंत्री निवास में कर्नाटक के राज्यपाल श्री थावरचंद गहलोत ने सौजन्य भेंट की।
    मुख्यमंत्री साय ने छत्तीसगढ़ प्रवास पर आए राज्यपाल श्री गहलोत का आत्मीय स्वागत किया और उन्हें प्रदेश की समृद्ध आदिवासी कला एवं सांस्कृतिक धरोहर 'बस्तर आर्ट' का प्रतीक चिन्ह भेंट कर सम्मानित किया।
    मुलाकात के दौरान दोनों नेताओं के बीच विभिन्न समसामयिक विषयों, जनहित से जुड़े मुद्दों तथा आपसी रुचि के विषयों पर सौहार्दपूर्ण वातावरण में चर्चा हुई। यह भेंट औपचारिक एवं शिष्टाचार मुलाकात के रूप में संपन्न हुई।
    मुख्यमंत्री कार्यालय के अनुसार, इस अवसर पर छत्तीसगढ़ की सांस्कृतिक विरासत और विकास से जुड़े विभिन्न पहलुओं पर भी विचार-विमर्श हुआ।

    मुख्य बिंदु:

    मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय से कर्नाटक के राज्यपाल थावरचंद गहलोत की सौजन्य भेंट।
    मुख्यमंत्री निवास, रायपुर में हुई मुलाकात।
    राज्यपाल का बस्तर आर्ट के प्रतीक चिन्ह से सम्मान।
    समसामयिक एवं जनहित के विभिन्न मुद्दों पर आत्मीय चर्चा।

    कोलकाता। पश्चिम बंगाल की राजनीति में भवानीपुर विधानसभा सीट को लेकर नया कानूनी मोड़ आ गया है। कलकत्ता उच्च न्यायालय ने पूर्व मुख्यमंत्री एवं तृणमूल कांग्रेस (टीएमसी) प्रमुख ममता बनर्जी की चुनाव याचिका को सुनवाई के लिए स्वीकार कर लिया है। याचिका में उन्होंने भाजपा नेता एवं वर्तमान मुख्यमंत्री सुवेंदु अधिकारी की भवानीपुर सीट से हुई जीत को चुनौती देते हुए मतगणना के दौरान कथित अनियमितताओं और धांधली के आरोप लगाए हैं।

    सुनवाई के दौरान हाईकोर्ट ने चुनावी साक्ष्यों के संरक्षण को लेकर महत्वपूर्ण अंतरिम निर्देश जारी किए हैं। अदालत ने भारत निर्वाचन आयोग (ECI) तथा संबंधित रिटर्निंग अधिकारियों को निर्देश दिया है कि चुनाव में प्रयुक्त EVM और VVPAT मशीनों को सुरक्षित रखा जाए। साथ ही मतगणना केंद्र शेखावाटी मेमोरियल गवर्नमेंट गर्ल्स स्कूल के भीतर और बाहर लगे सीसीटीवी कैमरों की रिकॉर्डिंग भी संरक्षित रखने का आदेश दिया गया है। अदालत ने स्पष्ट किया कि उसकी अनुमति के बिना कोई भी रिकॉर्डिंग नष्ट या डिलीट नहीं की जाएगी।

    उच्च न्यायालय ने मामले में दोनों पक्षों को नोटिस जारी कर जवाब मांगा है। अगली सुनवाई लगभग दो महीने बाद निर्धारित की गई है।

    इस बीच, मुख्यमंत्री सुवेंदु अधिकारी ने दो सीटों से जीतने के बाद संवैधानिक प्रावधानों के अनुरूप नंदीग्राम विधानसभा सीट से इस्तीफा दे दिया है। उन्होंने मई 2026 में विधानसभा अध्यक्ष रथिंद्र बोस को अपना त्यागपत्र सौंपा। अधिकारी ने भवानीपुर सीट अपने पास रखने का निर्णय लिया, जहां उन्होंने ममता बनर्जी को 15,105 मतों के अंतर से पराजित किया था। वहीं नंदीग्राम सीट पर उन्होंने टीएमसी प्रत्याशी पवित्र कर को 9,665 वोटों से हराया था।

    नंदीग्राम सीट खाली होने के बाद वहां अब उपचुनाव कराया जाएगा, जबकि भवानीपुर सीट का चुनाव परिणाम फिलहाल न्यायिक समीक्षा के दायरे में रहेगा।

    राजनीतिक महत्व:

    हाईकोर्ट का यह आदेश चुनाव परिणाम पर कोई अंतिम टिप्पणी नहीं है, बल्कि संभावित न्यायिक जांच के लिए चुनावी साक्ष्यों को सुरक्षित रखने की प्रक्रिया का हिस्सा है। अंतिम फैसला न्यायालय में सभी पक्षों की दलीलों और उपलब्ध साक्ष्यों के परीक्षण के बाद ही होगा।

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