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दुर्ग / शौर्यपथ / वनमंडलाधिकारी दुर्ग वनमंडल द्वारा 23 एवं 24 फरवरी 2026 को अवैध काष्ठ परिवहन के विरुद्ध विशेष अभियान चलाते हुए बड़ी कार्यवाही की गई। इस दौरान अवैध लकड़ी परिवहन में संलिप्त चार वाहनों को जब्त किया गया।
प्राप्त गोपनीय सूचना के आधार पर वनमंडलाधिकारी दुर्ग के निर्देशन एवं उप वनमंडलाधिकारी के नेतृत्व में उडऩदस्ता दल दुर्ग वृत्त तथा परिक्षेत्र सहायक भिलाई-03 की संयुक्त टीम ने 23 एवं 24 फरवरी को प्रात: 3 बजे से 6 बजे तक विशेष रात्रि गश्त अभियान चलाया गया। अभियान के दौरान अवैध रूप से काष्ठ परिवहन करते हुए कुल चार वाहन पकड़े गए। वाहन क्रमांक सीजी-10सी 3389 में कहुआ मिश्रित जलाऊ लकड़ी, टाटा 1109, क्रमांक सीजी-08 एल 3736 में कहुआ मिश्रित जलाऊ लकड़ी, टाटा 1109, क्रमांक सीजी-04 जेसी 9290 में कहुआ मिश्रित गोला, टाटा 1109 क्रमांक सीजी-04 एमएफ 6945 में कहुआ मिश्रित जलाऊ लकड़ी, सभी वाहन अवैध काष्ठ से लदे पाए गए, जिन्हें विधिवत जब्त कर पुलगांव एवं पाटन डिपो में जमा कराया गया। उक्त प्रकरणों में संबंधित आरोपियों के विरुद्ध वन अपराध प्रकरण क्रमांक 79/11 दिनांक 23.02.2026 तथा 91/3, 91/4, 91/5 दिनांक 24.02.2026 के तहत मामला दर्ज कर विधि अनुसार वैधानिक कार्रवाई प्रारंभ कर दी गई है।
वनमंडलाधिकारी दुर्ग ने बताया कि वन संपदा की सुरक्षा विभाग की सर्वोच्च प्राथमिकता है। अवैध काष्ठ परिवहन एवं तस्करी के विरुद्ध सतत निगरानी, सघन गश्त एवं कठोर दंडात्मक कार्रवाई निरंतर जारी रहेगी। विभाग इस दिशा में पूर्णत: सजग एवं प्रतिबद्ध है।
भिलाई / शौर्यपथ / आज शांति नगर के वरिष्ठ नागरिकों ने वरिष्ठ कांग्रेसी नेता श्री बृजमोहन सिंह एवं पार्षद अभिषेक मिश्रा के नेतृत्व में नगर निगम भिलाई के महापौर एवं आयुक्त महोदय से मुलाकात कर शांति नगर दशहरा मैदान के संबंध में नागरिकों की भावनाओं से अवगत कराया।
प्रतिनिधिमंडल ने स्पष्ट रूप से मांग रखी कि नगर निगम द्वारा जारी किया गया टेंडर तत्काल निरस्त किया जाए। इस ग्राउंड से हजारों खेल प्रेमियों की खेल भावना जुड़ी हुई है, इसलिए इसे किसी भी प्रकार की टेंडर प्रक्रिया के अंतर्गत न लाया जाए।
नागरिकों की ओर से यह मांग रखी गई कि मैदान को टेंडर के माध्यम से नहीं, बल्कि रुचि की अभिव्यक्ति (श्व&श्चह्म्द्गह्यह्यद्बशठ्ठ शद्घ ढ्ढठ्ठह्लद्गह्म्द्गह्यह्ल) के माध्यम से केवल रख-रखाव हेतु शांति नगर की किसी स्थानीय समिति/संस्था को सौंपा जाए, ताकि मैदान की नियमित देखरेख, घास में समय पर पानी, लाइटों की निगरानी, गड्ढों की मरम्मत एवं असामाजिक गतिविधियों पर रोक सुनिश्चित की जा सके। वर्तमान में कई बाहरी लोग टूर्नामेंट आयोजित कर एंट्री फीस लेते हैं, परंतु मैदान के रख-रखाव में सहयोग नहीं करते, जिससे मैदान को नुकसान पहुंचता है।
प्रतिनिधिमंडल ने स्पष्ट चेतावनी दी कि यदि टेंडर प्रक्रिया समाप्त नहीं की जाती है, तो शांति नगर के सैकड़ों खेल प्रेमी एवं नागरिक नगर निगम के विरुद्ध आंदोलन करने के लिए बाध्य होंगे और यह विरोध तब तक जारी रहेगा, जब तक टेंडर प्रक्रिया पूरी तरह समाप्त नहीं कर दी जाती।
महापौर महोदय ने चर्चा के दौरान स्पष्ट किया कि मैदान को रुचि की अभिव्यक्ति के अनुसार ही दिया जाएगा तथा वर्तमान टेंडर प्रक्रिया में आवश्यक बदलाव किए जाएंगे। उन्होंने आश्वस्त किया कि नियम एवं शर्तें नागरिकों के सुझावों के अनुरूप निर्धारित की जाएंगी। महापौर महोदय ने यह भी कहा कि नगर निगम का उद्देश्य भी मैदान को सुरक्षित एवं संरक्षित रखना है, इसी भावना से प्रक्रिया प्रारंभ की गई थी, जिसे अब नागरिकों की मांग के अनुसार संशोधित किया जाएगा।
यह पूरी पहल शांति नगर के नागरिकों की मांग एवं भावनाओं को ध्यान में रखते हुए की गई है।
इस अवसर पर प्रमुख रूप से बृजमोहन सिंह,अभिषेक मिश्रा ,राजेश शर्माबलदेव सिंह धारीवाल,अमर सिंह ,राधे कांत मिश्रा ,नवतेज सोहेल,केदार बंसल,गिरीश खापर्डे,महेंद्र यादव ,संजय उपाध्याय ,सत्यनारायण,अजय त्रिपाठी,भारत सिंह,चंद्रभूषण झा,मुरलीपोद्दार ,आशीष त्रिपाठीउपस्थित थे
भिलाई / शौर्यपथ / माहे रमजान जारी है और इन दिनों रोजेदारों की दिनचर्या भी बदल गई है। रोजा रखते हुए खास इबादत में लोग डूबे हैं। रोजाना सहरी के वक्त सुबह उठने से लेकर शाम को इफ्तार और रात में विशेष नमाज तरावीह में लोग अपनी भागीदारी दे रहे हैं। रमजान के इस खास महीने की अजमत को देखते हुए लोग इबादत के साथ-साथ दूसरी तैयारियों में भी व्यस्त हैं। मस्जिदों में नमाजियों की तादाद बढ़ गई है, वहीं अफ्तार के वक्त लोग एक साथ रोजा खोलने जुट रहे हैं।
मस्जिद आयशा हाउसिंग बोर्ड भिलाई के इमाम व खतीब मौलाना सैय्यद फैसल अमीन कहते हैं कहा कि इसी महीने में अल्लाह ने अपने आखिरी नबी हजऱत मुहम्मद सल्लल्लाहो अलैहिस्सलाम पर पवित्र कुरान नाजिल की और इसे तेइस साल में पूरा किया गया। इस महीने के रोजों को फज़ऱ् किया गया है। मुफ्ती मोहम्मद सोहेल काजी दारूल कजा भिलाई कहते हैं रोजा पाबंदी से रखना चाहिए क्योंकि यह हर बालिग मर्द और औरतें पर फज़ऱ् है। अगर कोई बीमार है या सफऱ में है तो उसको कुछ छूट है लेकिन बाद में उसकी भरपाई जरूर करे। जब बीमार सेहतमंद हो जाए और मुसाफिर अपने मुकाम पर पहुंच जाए। शेखुल हदीस मौलाना जकरिया रहमतुल्लाह अलैहि ने अपने रिसाले फजाईले रमजान मुबारक मे लिखा है कि खुदा की तरफ़ से अपने बंदों पर रमजान बहुत बड़ा इनाम है। इस महीने में खुद रोजा रखे ,अहकामे खुदावन्दी पूरा पूरा अदा करें। पांच वक्त की नमाज़ पढऩे के साथ तिलावत कुरान करें जो सारे इंसानियत के लिए हिदायत (सीधा रास्ता) बताने वाली है। मदरसा ताज उल उलूम रूआबांधा भिलाई के प्रिंसिपल मुहम्मद शाहिद अली मिस्बाही कहते हैं रमजान सिफऱ् रोज़ा रखने का नाम नहीं, बल्कि आत्मा की शुद्धि, सब्र की परीक्षा और इंसानियत की सेवा का महीना है। यह महीना हमें अपने रब से जुडऩे, अपने दिल को साफ़ करने और समाज के कमजोर तबकों के प्रति जिम्मेदारी निभाने का संदेश देता है। रमज़ान का असली पैग़ाम सब्र है। दिन भर की भूख-प्यास इंसान को यह एहसास दिलाती है कि समाज में कितने लोग ऐसे हैं जो रोज़ाना इसी हालात से गुजरते हैं। जब इंसान खुद भूखा रहता है तो उसे गरीब और जरूरतमंद लोगों का दर्द समझ में आता है। यही एहसास उसे दूसरों की मदद के लिए प्रेरित करता है। इस महीने में जकात, सदका और फितरा देने की खास हिदायत है, ताकि समाज में आर्थिक संतुलन बना रहे और कोई भी व्यक्ति भूखा न सोए। रमज़ान रहमत और बरकत का महीना है। इस महीने में की गई इबादतों का सवाब कई गुना बढ़ा दिया जाता है।
राज्य बजट दुर्ग को एक आधुनिक, सुव्यवस्थित और प्रगतिशील जिले के रूप में स्थापित करने में निर्णायक भूमिका निभाएगा- राजेन्द्र पाध्ये
दुर्ग। भाजपा नेता राजेन्द्र पाध्ये ने छत्तीसगढ़ सरकार द्वारा प्रस्तुत वर्ष 2026-27 के बजट की प्रशंसा करते हुए कहा कि यह बजट “विकसित छत्तीसगढ़ 2047” के संकल्प को साकार करने वाला, जनआकांक्षाओं को पूरा करने वाला और सर्वांगीण विकास को गति देने वाला बजट है। वित्त मंत्री द्वारा प्रस्तुत बजट भाषण में दुर्ग जिले के लिए अनेक महत्वपूर्ण प्रावधान किए गए हैं।
भाजपा नेता राजेन्द्र पाध्ये ने कहा कि दुर्ग को अधोसंरचना, शिक्षा, कानून-व्यवस्था और तकनीकी विकास के क्षेत्र में विशेष सौगात मिली है, जो जिले के उज्ज्वल भविष्य की आधारशिला साबित होगी।
राजेन्द्र पाध्ये ने कहा कि दुर्ग शहर के व्यस्ततम महाराजा चौक में 3 करोड़ रुपये की लागत से फ्लाईओवर निर्माण का प्रावधान किया गया है। इससे शहर की यातायात व्यवस्था सुगम होगी, जाम की समस्या में कमी आएगी तथा व्यापारिक गतिविधियों को गति मिलेगी। दुर्ग के मोहन नगर पुलिस थाना के लिए नवीन भवन निर्माण का प्रावधान किया गया है। इससे कानून-व्यवस्था सुदृढ़ होगी, पुलिस प्रशासन को बेहतर संसाधन मिलेंगे और आम नागरिकों को अधिक सुविधाजनक वातावरण में सेवा प्राप्त होगी। दुर्ग में नए छत्तीसगढ़ इंस्टिट्यूट ऑफ़ इन्फॉर्मेशन टेक्नोलॉजी (सीजीआईटी) की स्थापना की सौगात युवाओं और तकनीकी शिक्षा के क्षेत्र के लिए मील का पत्थर साबित होगी। इससे आईटी एवं तकनीकी क्षेत्र में प्रशिक्षण और रोजगार के नए अवसर सृजित होंगे तथा दुर्ग डिजिटल एवं तकनीकी हब के रूप में उभरेगा।
दुर्ग को मिली सौगातो का जिक्र करते हुए भाजपा नेता राजेन्द्र पाध्ये ने आगे कहा कि डॉ. वामन वासुदेव पाटणकर कन्या महाविद्यालय, दुर्ग को सेंटर ऑफ एक्सीलेंस के रूप में विकसित करने का प्रावधान महिला शिक्षा को नई ऊँचाई देगा। इससे छात्राओं को उच्च स्तरीय शैक्षणिक सुविधाएँ, शोध एवं कौशल विकास के अवसर प्राप्त होंगे। बजट में जीएनएम प्रशिक्षण केंद्र दुर्ग के भवन निर्माण हेतु प्रावधान किया गया है, जिससे स्वास्थ्य शिक्षा को मजबूती मिलेगी और स्थानीय युवाओं को रोजगार के अवसर प्राप्त होंगे।
स्वामी विवेकानंद तकनीकी विश्वविद्यालय, भिलाई को राष्ट्रीय शिक्षा नीति 2020 के क्रियान्वयन हेतु 20 करोड़ रुपये प्रदान किए जाने का प्रावधान किया गया है, इससे विश्वविद्यालय में शैक्षणिक गुणवत्ता, शोध, नवाचार और आधुनिक पाठ्यक्रमों को बढ़ावा मिलेगा तथा भिलाई तकनीकी शिक्षा के प्रमुख केंद्र के रूप में और मजबूत होगा। भिलाई में व्यावसायिक परिसर के निर्माण हेतु बजट में 10 करोड़ रुपये का प्रावधान किया गया है, इससे स्थानीय व्यापार, उद्यमिता और रोजगार के अवसरों को बढ़ावा मिलेगा। भिलाई में मॉडल उपपंजीयक भवन के बजटीय प्रावधान से अचल संपत्तियों के खरीददारों और विक्रेताओं को लाभ मिलेगा।
राजेन्द्र पाध्ये ने कहा कि कैबिनेट मंत्री गजेंद्र यादव, दुर्ग ग्रामीण विधायक ललित चंद्राकर, अहिवारा विधायक डोमनलाल कोर्सेवाड़ा एवं वैशाली नगर विधायक रिकेश सेन की महती भूमिका के चलते दुर्ग जिले को शानदार सौगातें मिली है। दुर्ग को मिली ये सौगातें केवल परियोजनाएँ नहीं, बल्कि विकास की नई दिशा हैं। अधोसंरचना, शिक्षा, तकनीक और सुरक्षा— चारों क्षेत्रों में संतुलित विकास की सोच इस बजट में स्पष्ट दिखाई देती है। उन्होंने मुख्यमंत्री एवं वित्त मंत्री का आभार व्यक्त करते हुए कहा कि यह बजट दुर्ग को एक आधुनिक, सुव्यवस्थित और प्रगतिशील शहर के रूप में स्थापित करने में निर्णायक भूमिका निभाएगा।
दुर्ग / शौर्यपथ / नगर पालिक निगम दुर्ग अंतर्गत जे.आर.डी. स्कूल के समीप सड़क पर कम्पनी मारुति सुज़ुकी द्वारा अवैध रूप से टेंट लगाकर आवागमन बाधित किए जाने का मामला सामने आया। गुरूवार सुबह कार्यालय जाते समय कलेक्टर श्री अभिजीत सिंह की नजर इस अतिक्रमण पर पड़ी, जिस पर उन्होंने तत्काल नगर निगम आयुक्त को आवश्यक कार्रवाई के निर्देश दिए।
कलेक्टर के निर्देश के परिपालन में आयुक्त श्री सुमित अग्रवाल के मार्गदर्शन में निगम की अतिक्रमण टीम मौके पर पहुँची और त्वरित कार्रवाई करते हुए सड़क किनारे लगाए गए टेंट, ढांचा एवं अन्य सामग्री को जब्त कर लिया। कार्रवाई के दौरान मार्ग को पूर्णत: अवरोध मुक्त कराया गया, जिससे आम नागरिकों को सुगम आवागमन की सुविधा पुन: उपलब्ध हो सकी। नगर निगम प्रशासन ने स्पष्ट किया है कि शहर में किसी भी प्रकार का अवैध अतिक्रमण बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। सार्वजनिक सड़कों और मार्गों पर बाधा उत्पन्न करने वालों के विरुद्ध सख्त कार्रवाई निरंतर जारी रहेगी। निगम ने नागरिकों एवं व्यापारिक प्रतिष्ठानों से अपील की है कि वे नियमों का पालन करें तथा यातायात व्यवस्था में बाधा न उत्पन्न करें।
दुर्ग / शौर्यपथ /
छत्तीसगढ़ प्रदेश कांग्रेस सचिव अय्यूब खान ने राज्य सरकार द्वारा शिक्षा के अधिकार अधिनियम (आरटीई) के तहत नर्सरी, केजी-1 एवं केजी-2 कक्षाओं में प्रवेश बंद किए जाने के निर्णय को गरीब एवं मध्यमवर्गीय परिवारों के बच्चों के भविष्य के साथ अन्याय बताया है। उन्होंने कहा कि विष्णुदेव साय सरकार का यह फैसला दुर्भाग्यपूर्ण होने के साथ-साथ आरटीई की मूल भावना के भी विपरीत है।
अय्यूब खान ने बताया कि अब तक आरटीई के अंतर्गत प्रदेश के अनेक निजी स्कूलों में नर्सरी और केजी कक्षाओं में प्रवेश दिया जाता था, जिससे आर्थिक रूप से कमजोर वर्ग के हजारों बच्चों को प्रारंभिक स्तर पर गुणवत्तापूर्ण शिक्षा का अवसर मिलता रहा है। राज्य सरकार द्वारा अब केवल कक्षा पहली से ही आरटीई के तहत प्रवेश देने का निर्णय लिया गया है, जिससे वंचित वर्ग के बच्चों की शिक्षा पर प्रतिकूल प्रभाव पड़ेगा।
उन्होंने कहा कि प्रारंभिक शिक्षा बच्चे के संपूर्ण शैक्षणिक विकास की नींव होती है। नर्सरी और केजी स्तर से निजी स्कूलों में प्रवेश न मिलने से गरीब बच्चों और सक्षम वर्ग के बच्चों के बीच शैक्षणिक असमानता और अधिक बढ़ेगी।
सरकार पर निजी प्ले स्कूलों को लाभ पहुंचाने का आरोप
प्रदेश कांग्रेस सचिव ने आरोप लगाया कि यह निर्णय निजी प्ले स्कूलों और नर्सरी स्कूलों को अप्रत्यक्ष लाभ पहुंचाने वाला प्रतीत होता है। उन्होंने बताया कि राज्य सरकार ने आरटीई की प्रक्रिया में बदलाव करते हुए सीधे कक्षा 1 से भर्ती का आदेश जारी किया है और 16 फरवरी को आरटीई का आवेदन पोर्टल खोला गया है, जिसमें केवल कक्षा 1 से प्रवेश का विकल्प प्रदर्शित हो रहा है, जबकि पूर्व में नर्सरी और केजी-1 से प्रवेश की व्यवस्था थी।
कांग्रेस ने रखीं प्रमुख मांगें
अय्यूब खान ने राज्य सरकार से इस निर्णय पर तत्काल पुनर्विचार की मांग करते हुए कहा कि—
// नर्सरी, केजी-1 एवं केजी-2 कक्षाओं में आरटीई के अंतर्गत प्रवेश व्यवस्था तत्काल बहाल की जाए।
// आर्थिक रूप से कमजोर वर्ग के बच्चों के शिक्षा अधिकार की पूर्ण सुरक्षा सुनिश्चित की जाए।
// शिक्षा नीति में पारदर्शिता और समान अवसर की गारंटी दी जाए।
उन्होंने चेतावनी दी कि यदि राज्य सरकार ने इस निर्णय को वापस नहीं लिया, तो कांग्रेस पार्टी के साथ अभिभावक और शिक्षा से जुड़े संगठनों को लोकतांत्रिक तरीके से विरोध प्रदर्शन करने के लिए बाध्य होना पड़ेगा।
भिलाई / शौर्यपथ / अवैध मादक पदार्थों के विरुद्ध चलाए जा रहे विशेष अभियान के तहत थाना खुर्सीपार पुलिस ने बड़ी कार्रवाई करते हुए 7 किलोग्राम गांजा के साथ तीन आरोपियों को गिरफ्तार किया है। आरोपियों के कब्जे से एक स्कूटी एवं दो मोबाइल फोन भी जब्त किए गए हैं। जब्त सामग्री का कुल अनुमानित मूल्य लगभग ?3,75,000 बताया गया है।
अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक मणि शंकर चंद्र के अनुसार, 18 फरवरी 2026 को आईटीआई ग्राउंड, खुर्सीपार के पास मुखबिर से सूचना मिली थी कि कुछ व्यक्ति अवैध रूप से गांजा रखकर ग्राहक की तलाश में खड़े हैं। सूचना की पुष्टि के बाद एसीसीयू एवं थाना खुर्सीपार की संयुक्त टीम ने तत्काल मौके पर पहुंचकर घेराबंदी की।
संदेहियों को पकड़कर विधिवत तलाशी लेने पर उनके कब्जे से 7 किलोग्राम मादक पदार्थ गांजा, एक स्कूटी तथा दो मोबाइल फोन बरामद किए गए। पूछताछ के दौरान एक महिला की संलिप्तता सामने आई, जिसे हिरासत में लेकर पूछताछ की गई। पूछताछ में उसके द्वारा अवैध बिक्री में शामिल होना स्वीकार किए जाने की जानकारी पुलिस ने दी है।
मामले में थाना खुर्सीपार में अपराध क्रमांक 59/2026 धारा 20(ख) एनडीपीएस एक्ट 1985 के तहत प्रकरण दर्ज कर तीनों आरोपियों को विधिवत गिरफ्तार कर न्यायिक अभिरक्षा में भेज दिया गया है। पुलिस अन्य संभावित आरोपियों की तलाश में जुटी है।
गिरफ्तार आरोपी-
अमन सेंडे (26 वर्ष)
प्रशांत कुमार उर्फ शांतु राजपूत (30 वर्ष)
एन. पूजा (28 वर्ष)
उक्त कार्रवाई में थाना खुर्सीपार प्रभारी, एसीसीयू टीम एवं थाना स्टाफ की सक्रिय एवं समन्वित भूमिका रही।
दुर्ग पुलिस की अपील
दुर्ग पुलिस ने नागरिकों से अपील की है कि अवैध मादक पदार्थों की खरीदी-बिक्री जैसी किसी भी गतिविधि की जानकारी तत्काल पुलिस को दें। मादक पदार्थों के विरुद्ध सख्त कानूनी कार्रवाई की जाएगी।
भिलाई। शौर्यपथ
भिलाई नगर पालिक निगम द्वारा वार्ड क्रमांक 06, संजय नगर स्थित लगभग 14,950 वर्ग मीटर क्षेत्रफल वाले खेल मैदान की प्रस्तावित नीलामी को लेकर शहर में तीव्र राजनीतिक और सामाजिक विरोध शुरू हो गया है। करीब 200 करोड़ रुपये मूल्य की इस भूमि के लिए निगम द्वारा 1 करोड़ 97 लाख 34 हजार रुपये का बेस प्राइस तय कर निविदा आमंत्रित किए जाने की सूचना सामने आते ही सवालों की बाढ़ आ गई है।
इस मामले में नेता प्रतिपक्ष भोजराज सिन्हा 'भोजुÓ ने छत्तीसगढ़ बाल संरक्षण आयोग को औपचारिक शिकायत भेजकर नीलामी प्रक्रिया पर तत्काल रोक लगाने की मांग की है। उनका कहना है कि यह खेल मैदान क्षेत्र के सैकड़ों बच्चों के लिए खेल, स्वास्थ्य और शारीरिक विकास का एकमात्र प्रमुख केंद्र है। यदि इसे नीलाम किया गया, तो बच्चों के मौलिक अधिकारों पर सीधा प्रहार होगा।
बाल अधिकारों के खिलाफ बताया गया फैसला
शिकायत पत्र में उल्लेख किया गया है कि खेल मैदान बच्चों के शारीरिक, मानसिक और सामाजिक विकास के लिए अत्यंत आवश्यक होते हैं। इस मैदान में नियमित खेल गतिविधियों के साथ-साथ सामाजिक कार्यक्रम, मीना बाजार और विभिन्न सार्वजनिक आयोजन होते रहे हैं। ऐसे में इसे बेचने का निर्णय बाल अधिकार संरक्षण की भावना के विपरीत बताया गया है।
सभी दलों के पार्षद होंगे एकजुट
मामले को लेकर नगर निगम के भीतर भी हलचल तेज हो गई है। सूत्रों के अनुसार, विभिन्न दलों के पार्षद मिलकर "संपत्ति बचाओ संघर्ष समिति" के गठन की तैयारी में हैं। यह समिति कलेक्टर से भी हस्तक्षेप की मांग करेगी और नीलामी प्रक्रिया को रोकने के लिए संयुक्त आंदोलन की रणनीति बनाएगी।
विरोध करने वाले पार्षदों और नागरिकों का सवाल है कि जब यह भूमि नगर निगम की धरोहर और भविष्य की संपत्ति मानी जाती है, तो फिर किसकी अनुमति से इसे बेचने की प्रक्रिया आगे बढ़ाई जा रही है।
'कॉम्प्लेक्स बना तो हमेशा के लिए खत्म हो जाएगा मैदानÓ
स्थानीय सामाजिक कार्यकर्ताओं का कहना है कि यदि इस भूमि पर व्यावसायिक कॉम्प्लेक्स या अन्य निर्माण हुआ, तो शहर का यह प्रमुख खेल मैदान हमेशा के लिए समाप्त हो जाएगा। इससे न केवल बच्चों बल्कि आम नागरिकों को भी भारी नुकसान उठाना पड़ेगा। पूर्व में भी इस जमीन को बचाने के लिए शिकायतें की जा चुकी हैं, लेकिन कोई ठोस कार्रवाई नहीं हो सकी।
अब निगाहें आयोग और प्रशासन पर
फिलहाल पूरा मामला छत्तीसगढ़ बाल संरक्षण आयोग के संज्ञान पर टिका हुआ है। यदि आयोग हस्तक्षेप करता है, तो नीलामी प्रक्रिया पर रोक संभव है। वहीं पार्षदों की संभावित एकजुटता इस मुद्दे को बड़ा राजनीतिक रूप दे सकती है।
शहर में इस समय एक ही सवाल गूंज रहा है—
क्या बच्चों का खेल मैदान बिकेगा, या जनता के दबाव में फैसला बदलेगा?
हितग्राहियों के पंजी रजिस्टर का कलेक्टर ने किया अवलोकन
दुर्ग / शौर्यपथ / कलेक्टर श्री अभिजीत सिंह ने आज नगर पालिक निगम भिलाई में आयोजित नि:शुल्क सहायक उपकरण वितरण, मूल्यांकन एवं प्रशिक्षण शिविर का निरीक्षण किया। निरीक्षण के दौरान कलेक्टर श्री सिंह ने पंजी रजिस्टर का अवलोकन किया। रजिस्टर में हितग्राहियों का पूरा पता दर्ज न होने पर उन्होंने संबंधित कर्मचारी को कड़ी फटकार लगाई और निर्देशित किया कि सभी प्रविष्टियां पूर्ण एवं स्पष्ट रूप से दर्ज की जाएं, ताकि भविष्य में किसी भी प्रकार की असुविधा न हो। उन्होंने सभी टेबलों पर चल रहे पंजीयन कार्य का बारीकी से निरीक्षण किया और आवश्यक दिशा-निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि हितग्राहियों को किसी भी प्रकार की परेशानी नहीं होनी चाहिए तथा व्यवस्था सुचारू और पारदर्शी रहे। निरीक्षण के दौरान कलेक्टर श्री सिंह ने शिविर में उपस्थित हितग्राहियों से चर्चा भी की।
शिविर में कलेक्टर श्री सिंह की संवेदनशीलता
शिविर में कलेक्टर की संवेदनशीलता देखने को मिली। इसी कड़ी में शिविर में पंजीयन कराने पहुंचे एक हितग्राही के पास सभी आवश्यक दस्तावेज थे, किन्तु मेडिकल सर्टिफिकेट नहीं होने के कारण उनका पंजीयन नहीं हो पा रहा था। इस पर कलेक्टर ने जिला चिकित्सा अधिकारी को तत्काल मेडिकल सर्टिफिकेट जारी करने के निर्देश दिए, जिससे उनका पंजीयन सुनिश्चित हो सके।
इसी प्रकार, लगभग 25 वर्ष की एक दिव्यांग युवती, जो चलने में असमर्थ थी और अपनी बहन के साथ रहती थी, ने अपनी आर्थिक स्थिति से अवगत कराया। परिवार में कोई कमाने वाला नहीं था और आय का कोई साधन उपलब्ध नहीं था। युवती ने आजीविका के लिए एक गुमटी प्रदान करने का निवेदन किया। इस पर कलेक्टर ने निगम आयुक्त को एक गुमटी उपलब्ध कराने के निर्देश दिए, ताकि युवती को रोजगार का अवसर मिल सके। इस दौरान नगर निगम भिलाई आयुक्त श्री राजीव पाण्डेय, समाज कल्याण विभाग के उपसंचालक श्री ए.पी. गौतम उपस्थित थे।
Feb 09, 2021 Rate: 4.00
