August 08, 2026
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    दुर्ग

    दुर्ग (5007)

        भिलाई / शौर्यपथ / दुर्ग पुलिस की सोशल पुलिसिंग से 200 लोगों के गुम मोबाइल फोन उनके वास्तविक स्वामियों को लौटाया गया। लगभग 60 लाख रुपये की संपत्ति उनके वास्तविक स्वामियों को लौटाई गई। दुर्ग पुलिस के सतत तकनीकी एवं मैदानी प्रयासों से गुम हुए 200 मोबाइल फोन बरामद किए गए। शनिवार को पुलिस नियंत्रण कक्ष, सेक्टर-06 दुर्ग में आयोजित कार्यक्रम के दौरान वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक विजय शर्मा ने मोबाइल फोन का वितरण किया।
    दुर्ग पुलिस द्वारा आम नागरिकों की गुम हुई संपत्ति को उनके वास्तविक स्वामियों तक वापस पहुंचाने के उद्देश्य से लगातार विशेष अभियान संचालित किया जा रहा है। इसी क्रम में शनिवार को पुलिस नियंत्रण कक्ष, सेक्टर-06, दुर्ग में आयोजित कार्यक्रम के दौरान वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक, दुर्ग द्वारा जिले के विभिन्न थाना क्षेत्रों से गुम हुए एवं साइबर तकनीकी सहायता से बरामद किए गए 200 मोबाइल फोन, जिनकी अनुमानित कुल कीमत लगभग 60 लाख रुपये है, उनके वास्तविक स्वामियों को विधिवत सुपुर्द किए गए।
    गुम मोबाइल की सूचना प्राप्त होने के पश्चात जिले की साइबर सेल एवं संबंधित थाना पुलिस द्वारा प्रत्येक प्रकरण का तकनीकी विश्लेषण किया गया। सीईआईआर (CEIR) पोर्टल, तकनीकी ट्रैकिंग, विभिन्न दूरसंचार सेवा प्रदाताओं से समन्वय तथा अन्य राज्यों एवं जिलों की पुलिस इकाइयों के सहयोग से मोबाइल फोनों का पता लगाकर उन्हें सुरक्षित बरामद किया गया। आवश्यक वैधानिक प्रक्रिया पूर्ण करने के उपरांत सभी मोबाइल उनके वास्तविक स्वामियों को वापस सौंपे गए। कार्यक्रम के दौरान मोबाइल प्राप्त करने वाले नागरिकों ने अपने खोए हुए मोबाइल वापस मिलने पर प्रसन्नता व्यक्त करते हुए दुर्ग पुलिस के प्रति आभार व्यक्त किया। कई नागरिकों ने बताया कि उन्हें अपने मोबाइल वापस मिलने की उम्मीद लगभग समाप्त हो चुकी थी, किन्तु दुर्ग पुलिस के निरंतर प्रयासों से उनकी महत्वपूर्ण संपत्ति पुनः प्राप्त हो सकी।
    दुर्ग पुलिस द्वारा संचालित यह अभियान केवल गुम संपत्ति की बरामदगी तक सीमित नहीं है, बल्कि सोशल पुलिसिंग की अवधारणा को सशक्त बनाने की दिशा में भी एक महत्वपूर्ण पहल है। आमजन की समस्याओं के त्वरित समाधान, पारदर्शी कार्यप्रणाली एवं संवेदनशील पुलिसिंग के माध्यम से पुलिस एवं नागरिकों के बीच विश्वास को और अधिक मजबूत किया जा रहा है। दुर्ग पुलिस भविष्य में भी इसी प्रकार आम नागरिकों की सहायता एवं जनहित के कार्यों को प्राथमिकता देते हुए निरंतर प्रभावी कार्यवाही करती रहेगी। कार्यक्रम के दौरान मोबाइल प्राप्त करने वाले नागरिकों ने अपने खोए हुए मोबाइल वापस मिलने पर प्रसन्नता व्यक्त करते हुए दुर्ग पुलिस के प्रति आभार व्यक्त किया। कई नागरिकों ने बताया कि उन्हें अपने मोबाइल वापस मिलने की उम्मीद लगभग समाप्त हो चुकी थी, किन्तु दुर्ग पुलिस के निरंतर प्रयासों से उनकी महत्वपूर्ण संपत्ति पुनः प्राप्त हो सकी।
    उक्त कार्यवाही में जिला साइबर सेल, समस्त थाना एवं चौकी प्रभारियों, विवेचना अधिकारियों तथा मोबाइल रिकवरी अभियान में संलग्न समस्त पुलिस अधिकारियों एवं कर्मचारियों की महत्वपूर्ण एवं सराहनीय भूमिका रही। सभी के समन्वित प्रयास, तकनीकी दक्षता एवं सतत फॉलोअप के परिणामस्वरूप बड़ी संख्या में गुम मोबाइल बरामद कर उनके वास्तविक स्वामियों को लौटाया जा सका। दुर्ग पुलिस आम नागरिकों से अपील करती है कि मोबाइल गुम होने अथवा चोरी होने की स्थिति में तत्काल संबंधित थाना, साइबर सेल अथवा CEIR पोर्टल के माध्यम से सूचना दर्ज कराएं। समय पर सूचना एवं आवश्यक दस्तावेज उपलब्ध कराने से मोबाइल की शीघ्र ट्रैकिंग एवं बरामदगी की संभावना बढ़ जाती है। साथ ही अपने मोबाइल की सुरक्षा के लिए स्क्रीन लॉक, पासवर्ड, बायोमेट्रिक सुरक्षा एवं आवश्यक सुरक्षा सुविधाओं का उपयोग अवश्य करें।

      भिलाई। सेल-भिलाई इस्पात संयंत्र (बीएसपी) ने परिचालन उत्कृष्टता और तकनीकी दक्षता के क्षेत्र में नया इतिहास रचते हुए टॉरपीडो लैडल कार (टीएलसी)-207 की 2,534 हीट्स की रिकॉर्ड लाइफ हासिल की है। यह उपलब्धि भिलाई इस्पात संयंत्र में किसी भी टॉरपीडो लैडल द्वारा अब तक प्राप्त सबसे अधिक परिचालन जीवन (हीट्स) का नया रिकॉर्ड है।

    इस ऐतिहासिक उपलब्धि के उपलक्ष्य में 29 जुलाई को डब्ल्यूबी-16 स्थित कॉन्फ्रेंस हॉल में सम्मान समारोह आयोजित किया गया। कार्यक्रम में कार्यपालक निदेशक (संकार्य) राकेश कुमार, मुख्य महाप्रबंधक प्रभारी (सर्विसेज) तुषार कांत, मुख्य महाप्रबंधक प्रभारी (एम एंड यू) बिजय कुमार बेहेरा, मुख्य महाप्रबंधक (ब्लास्ट फर्नेस) मनोज कुमार, महाप्रबंधक (एसएमएस-2) सुशांत कुमार घोषाल, मुख्य महाप्रबंधक (एसएमएस-3) त्रिभुवन बैठा, मुख्य महाप्रबंधक (रिफ्रैक्ट्री) प्रोसेनजीत दास सहित विभिन्न विभागों के वरिष्ठ अधिकारी एवं कर्मचारी उपस्थित रहे।

    कार्यपालक निदेशक (संकार्य) राकेश कुमार ने इस सफलता के लिए सभी संबंधित विभागों की टीमों को बधाई देते हुए कहा कि विभागों के बीच बेहतर समन्वय, तकनीकी दक्षता और टीमवर्क के कारण ही यह उपलब्धि संभव हो सकी। उन्होंने सुरक्षा को सर्वोच्च प्राथमिकता बनाए रखते हुए लागत में कमी, परिचालन उत्कृष्टता और भविष्य में इससे भी बेहतर मानक स्थापित करने के लिए निरंतर प्रयास करने का आह्वान किया।

    टीएलसी-207 की रिकॉर्ड लाइफ हासिल करने में रिफ्रैक्ट्री इंजीनियरिंग विभाग (आरईडी), ब्लास्ट फर्नेस, ट्रैफिक एंड डिस्पैच तथा एसएमएस-3 के बीच उत्कृष्ट समन्वय और प्रभावी कार्यप्रणाली की महत्वपूर्ण भूमिका रही। ब्लास्ट फर्नेस विभाग में मनोज कुमार के मार्गदर्शन में परिचालन का सफल संचालन किया गया, जबकि पी. आर. अजयन और दिनेश राव ने बेहतर परिचालन पद्धतियों को बनाए रखने में उल्लेखनीय योगदान दिया।

    रिफ्रैक्ट्री अनुरक्षण एवं तकनीकी सुधार कार्य प्रोसेनजीत दास के नेतृत्व में संपन्न हुए। टॉरपीडो लैडल रिफ्रैक्ट्री अनुरक्षण का नेतृत्व मोहम्मद साबिर ने किया, जबकि जे. आर. मारकंडे और हर्ष वर्धन सिंह ने संबंधित एजेंसी के साथ समन्वय स्थापित कर तकनीकी नवाचार और कार्य निष्पादन को नई ऊंचाइयों तक पहुंचाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई।

    यह उपलब्धि भिलाई इस्पात संयंत्र की तकनीकी क्षमता, अनुशासित परिचालन, प्रभावी अनुरक्षण व्यवस्था और सामूहिक टीमवर्क का उत्कृष्ट उदाहरण मानी जा रही है। इससे संयंत्र ने इस्पात उत्पादन के क्षेत्र में एक और नया मानक स्थापित किया है।

    भिलाई-03। सावन के पहले ही दिन भिलाई-चरौदा नगर निगम ने स्वास्थ्य विभाग के महिला एवं पुरुष कर्मचारियों को रेनकोट वितरित किए। निगम महापौर निर्मल कोसरे, सभापति कृष्णा चंद्राकर एवं निगम आयुक्त डी.एस. राजपूत की उपस्थिति में आयोजित कार्यक्रम में कर्मचारियों को बरसात के दौरान सुरक्षित एवं निर्बाध रूप से कार्य करने के लिए रेनकोट उपलब्ध कराए गए।
    महापौर निर्मल कोसरे ने कहा कि निगम के स्वास्थ्य कर्मचारी हर मौसम में शहर की स्वच्छता व्यवस्था बनाए रखने के लिए मैदान में रहते हैं। लगातार हो रही बारिश के बीच उन्हें अपने दायित्वों का निर्वहन करने में किसी प्रकार की असुविधा न हो, इसी उद्देश्य से रेनकोट वितरित किए गए हैं।
    उन्होंने कहा कि वर्षा ऋतु में संक्रामक बीमारियों का खतरा बढ़ जाता है। ऐसे में रेनकोट कर्मचारियों को बारिश, नमी और कीट-पतंगों से बचाने में भी सहायक होंगे, जिससे वे अधिक सुरक्षित वातावरण में अपनी सेवाएं दे सकेंगे।
    कार्यक्रम में स्वास्थ्य विभाग के सभी महिला एवं पुरुष कर्मचारी उपस्थित रहे। निगम प्रशासन ने कर्मचारियों के कार्य के प्रति समर्पण की सराहना करते हुए भविष्य में भी उनकी सुरक्षा और सुविधाओं को प्राथमिकता देने की बात कही।

      रिसाली / शौर्यपथ / नगर पालिक निगम रिसाली में 'कैच द रेन' अभियान के तहत जल संरक्षण विषय पर संगोष्ठी का आयोजन किया गया। निगम आयुक्त मोनिका वर्मा के निर्देश पर आयोजित इस कार्यक्रम में क्षेत्र की महिलाओं को वर्षा जल संग्रहण और भूजल संरक्षण के महत्व की जानकारी दी गई।

    उप अभियंता डिगेश्वरी चंद्राकर ने कहा कि जल बचाने और उसे संरक्षित करने में महिलाओं की भूमिका सबसे महत्वपूर्ण है। उन्होंने बताया कि घरों में पानी का सबसे अधिक उपयोग महिलाएं करती हैं, इसलिए भविष्य में संभावित जल संकट से निपटने के लिए उन्हें जल संरक्षण के प्रति जागरूक होकर समाज का नेतृत्व करना होगा।

    कार्यशाला का उद्देश्य वर्षा जल को रेन वाटर हार्वेस्टिंग सिस्टम के माध्यम से संग्रहित कर भूजल स्तर बढ़ाना और पानी के विवेकपूर्ण उपयोग के प्रति लोगों को प्रेरित करना था। कार्यक्रम में शामिल वूमेन फॉर ट्री से जुड़ी महिलाओं एवं स्वयं सहायता समूह की सदस्यों ने अपने-अपने क्षेत्रों में जल संरक्षण के प्रति जागरूकता अभियान चलाने का संकल्प लिया।

    जल संरक्षण के लिए दिए गए प्रमुख सुझाव:

    वर्षा जल को पात्रों में एकत्र कर घरेलू उपयोग में लें।
    साफ वर्षा जल को पाइप के माध्यम से बोरवेल एवं कुओं में रिचार्ज करें।
    घर के आसपास सोक पिट का निर्माण कर भूजल स्तर बढ़ाने में सहयोग करें।
    अधिक से अधिक पौधरोपण कर जल संरक्षण को बढ़ावा दें।
    आमजन को वर्षा जल संचयन और जल बचाने के लिए प्रेरित करें।

    भिलाईनगर। नगर पालिक निगम भिलाई की आयुक्त सुरुचि सिंह की अध्यक्षता में निगम सभागार में राजस्व आय एवं विभिन्न स्थानीय करों की समीक्षा के लिए उच्चस्तरीय बैठक आयोजित की गई। बैठक में निगम की वर्तमान राजस्व वसूली की स्थिति की विस्तार से समीक्षा करते हुए संग्रह बढ़ाने के लिए आवश्यक दिशा-निर्देश जारी किए गए।

    आयुक्त ने कर वसूली में लगी एजेंसी को स्पष्ट निर्देश दिए कि निर्धारित समय-सीमा के भीतर शत-प्रतिशत वसूली का लक्ष्य हासिल किया जाए। उन्होंने बड़े राजस्व बकाएदारों की सूची तैयार कर तत्काल नोटिस जारी करने तथा नियमानुसार वसूली की कार्रवाई सुनिश्चित करने के निर्देश दिए।

    बैठक में आम नागरिकों को कर भुगतान में किसी प्रकार की परेशानी न हो, इसके लिए डिजिटल भुगतान प्रणाली एवं ऑनलाइन पोर्टल को और अधिक प्रभावी बनाने पर भी जोर दिया गया। साथ ही राजस्व विभाग के अधिकारियों को एजेंसी के कार्यों की प्रतिदिन निगरानी कर नियमित प्रगति रिपोर्ट प्रस्तुत करने के निर्देश दिए गए।

    आयुक्त सुरुचि सिंह ने कहा कि "निगम क्षेत्र के सुनियोजित विकास और नागरिक सुविधाओं के विस्तार के लिए समय पर राजस्व प्राप्त होना अत्यंत आवश्यक है। कर वसूली के कार्य में किसी भी प्रकार की लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी।"

    बैठक में अपर आयुक्त राजेंद्र कुमार दोहरे, उपायुक्त डी.के. कोसरिया, जोन आयुक्त अमरनाथ दुबे, येशा लहरे एवं कुलदीप गुप्ता, लेखाधिकारी चन्द्रभूषण साहू, स्वास्थ्य अधिकारी जावेद अली, राजस्व अधिकारी जे.पी. तिवारी, सहायक राजस्व अधिकारी तथा राजस्व वसूली एजेंसी के प्रतिनिधि उपस्थित रहे।

    अनुष्ठा रेसिडेंसी, अयप्पा नगर, आमा तालाब और फौजी नगर का लिया जायजा; गंदगी फैलाने वालों पर सख्त कार्रवाई के निर्देश

    भिलाईनगर। नगर पालिक निगम भिलाई की आयुक्त सुश्री सुरुचि सिंह ने शहर में चल रहे विभिन्न निर्माण कार्यों, प्रस्तावित विकास स्थलों, तालाबों, सफाई व्यवस्था तथा आईटीआई परिसर में संचालित कंप्यूटर न्यूमेरिकल कंट्रोल (सीएनसी) कार्य का निरीक्षण किया। इस दौरान उन्होंने संबंधित अधिकारियों से प्रगति की जानकारी लेते हुए सभी कार्य निर्धारित समय-सीमा में गुणवत्तापूर्ण ढंग से पूरा करने के निर्देश दिए।

    निरीक्षण के दौरान आयुक्त ने कॉलोनी विकास शुल्क मद से अनुष्ठा रेसिडेंसी में कराए जा रहे निर्माण कार्यों का जायजा लिया। उन्होंने निर्माण कार्य में तेजी लाने, गुणवत्ता बनाए रखने तथा कॉलोनीवासियों को जल्द से जल्द मूलभूत सुविधाएं उपलब्ध कराने के निर्देश दिए।

    इसके बाद आयुक्त ने अयप्पा नगर में प्रस्तावित विकास कार्यों के स्थल का निरीक्षण किया और अधिकारियों को आवश्यक औपचारिकताएं शीघ्र पूरी कर निर्माण कार्य प्रारंभ कराने के निर्देश दिए।

    आयुक्त ने कोहका स्थित आमा तालाब का भी निरीक्षण कर तालाब और उसके आसपास नियमित सफाई एवं रखरखाव सुनिश्चित करने को कहा। वहीं वार्ड क्रमांक 24 फौजी नगर में सफाई व्यवस्था का जायजा लेते हुए उन्होंने अधिकारियों को स्वच्छता पर विशेष ध्यान देने तथा सार्वजनिक स्थानों पर कचरा फेंकने और डंप करने वालों पर भारी जुर्माना लगाने के निर्देश दिए।

    निरीक्षण के दौरान आयुक्त ने आईटीआई परिसर में संचालित कंप्यूटर न्यूमेरिकल कंट्रोल (सीएनसी) कार्य का भी अवलोकन किया और इसके बेहतर संचालन के लिए आवश्यक व्यवस्थाएं सुनिश्चित करने के निर्देश दिए।

    इस अवसर पर उपायुक्त सह जोन आयुक्त डी.के. कोसरिया, अमरनाथ दुबे, ऐशा लहरे, कार्यपालन अभियंता संजय अग्रवाल, संजय वर्मा, अरविंद शर्मा, सहायक अभियंता फत्तेलाल साहू, श्वेता वर्मा, चंद्रकांत साहू, स्वास्थ्य अधिकारी जावेद अली, उप अभियंता पुरुषोत्तम सिन्हा, बसंत साहू तथा जोन स्वास्थ्य अधिकारी अंकित सक्सेना सहित अन्य अधिकारी उपस्थित रहे।

    कलेक्टर अभिजीत सिंह ने दिलाई शपथ, महापौर अल्का बाघमार ने विकास में सक्रिय भूमिका निभाने का किया आह्वान

    दुर्ग, 30 जुलाई। नगर पालिक निगम दुर्ग में शासन द्वारा नामांकित 9 एल्डरमेनों का शपथ ग्रहण समारोह श्रद्धेय मोतीलाल वोरा सभागार में गरिमामय वातावरण में आयोजित किया गया। समारोह में मुख्य अतिथि के रूप में प्रदेश के शिक्षामंत्री गजेंद्र यादव उपस्थित रहे। कार्यक्रम में महापौर श्रीमती अल्का बाघमार, कलेक्टर अभिजीत सिंह, राज्य तेलघानी विकास बोर्ड के अध्यक्ष जितेन्द्र कुमार साहू, भाजपा जिला अध्यक्ष सुरेंद्र कौशिक, निगम सभापति श्याम शर्मा, प्रभारी आयुक्त मोहेंद्र साहू सहित जनप्रतिनिधि एवं गणमान्य नागरिक मौजूद रहे।

    कलेक्टर अभिजीत सिंह ने शासन द्वारा नामांकित नरेश तेजवानी, कांतिलाल जैन, मदन बढ़ई, अनूप सोनी, तुलसी यादव, दशरथ निर्मलकर, गौरव शर्मा, तेखन सिन्हा एवं चमेली साहू को पद एवं गोपनीयता की शपथ दिलाई। सभी एल्डरमेनों ने नगर के विकास, जनहित और नागरिकों की सेवा के लिए निष्ठा एवं ईमानदारी से कार्य करने का संकल्प लिया।

    मुख्य अतिथि शिक्षामंत्री गजेंद्र यादव ने कहा कि लोकतांत्रिक व्यवस्था में जनप्रतिनिधियों की भूमिका अत्यंत महत्वपूर्ण है। शासन की जनकल्याणकारी योजनाओं का लाभ अंतिम व्यक्ति तक पहुंचाना तथा नागरिकों की अपेक्षाओं के अनुरूप कार्य करना प्रत्येक जनप्रतिनिधि का दायित्व है। उन्होंने नव-नामांकित एल्डरमेनों को शुभकामनाएं देते हुए नगर के समग्र विकास में सक्रिय सहभागिता निभाने का आह्वान किया।

    महापौर अल्का बाघमार ने कहा कि एल्डरमेनों के अनुभव और सुझावों से नगर निगम की कार्यप्रणाली और अधिक सशक्त होगी। उन्होंने विश्वास जताया कि सभी एल्डरमेन विकास कार्यों, नागरिक सुविधाओं के विस्तार और जनहित के मुद्दों पर सक्रिय भूमिका निभाएंगे।

    सभापति श्याम शर्मा ने कहा कि नगर निगम का प्रत्येक जनप्रतिनिधि विकास की महत्वपूर्ण कड़ी है। सामूहिक प्रयासों से दुर्ग को स्वच्छ, सुंदर और सुविधायुक्त शहर बनाया जा सकता है। उन्होंने नव-शपथ ग्रहण करने वाले एल्डरमेनों से जनसेवा को सर्वोच्च प्राथमिकता देने का आग्रह किया।

    समारोह में नव-नामांकित सभी एल्डरमेन अपने परिवारजनों और समर्थकों के साथ उत्साहपूर्वक शामिल हुए। नई जिम्मेदारी मिलने की खुशी और आत्मविश्वास उनके चेहरों पर स्पष्ट दिखाई दे रहा था। समारोह के दौरान जनप्रतिनिधियों, परिजनों एवं शुभचिंतकों ने सभी एल्डरमेनों को शुभकामनाएं दीं।

    इस अवसर पर एमआईसी सदस्य देव नारायण चन्द्राकर, लीना दिनेश देवांगन, नरेंद्र बंजारे, शेखर चन्द्राकर, ज्ञानेश्वर ताम्रकर, काशीराम कोसरे, निकेश अग्रवाल, मनीष साहू, शशि साहू, लीलाधर पाल, शिव नायक, हर्षिका संभव जैन, कार्यपालन अधिकारी मोहम्मद सलीम सिद्दीकी, कार्यपालन अभियंता विनीता वर्मा, भवन अधिकारी प्रकाशचंद थावानी, सहायक अभियंता गिरीश दिवान, हरिशंकर साहू, पंकज साहू सहित बड़ी संख्या में जनप्रतिनिधि, भाजपा पदाधिकारी, अधिकारी, कर्मचारी एवं गणमान्य नागरिक उपस्थित रहे।

    नाली, पेवर ब्लॉक और कवर ड्रेन निर्माण से जलभराव की समस्या होगी दूर, आवागमन होगा सुगम

    दुर्ग। दुर्ग ग्रामीण विधानसभा क्षेत्र के अंतर्गत रूआबांधा सेक्टर, वार्ड क्रमांक-06 में गुरुवार को 37.67 लाख रुपये की लागत से होने वाले विभिन्न विकास कार्यों का भूमिपूजन विधायक ललित चंद्राकर ने किया। कार्यक्रम का शुभारंभ हनुमान मंदिर एवं शिव मंदिर में पूजा-अर्चना के साथ हुआ।

    भूमिपूजन के तहत नाली निर्माण, पेवर ब्लॉक बिछाने एवं कवर ड्रेन निर्माण जैसे कार्य किए जाएंगे। इन विकास कार्यों से क्षेत्र में जलभराव की समस्या का समाधान होगा, स्वच्छता व्यवस्था बेहतर होगी तथा नागरिकों को आवागमन में सुविधा मिलेगी।

    इस अवसर पर विधायक ललित चंद्राकर ने कहा कि मुख्यमंत्री विष्णु देव साय के नेतृत्व में राज्य सरकार हर वार्ड तक विकास पहुंचाने के लिए प्रतिबद्ध है। उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के 'विकसित भारत' के संकल्प को साकार करने के लिए सड़क, नाली, स्वच्छता और सौंदर्यीकरण जैसे मूलभूत कार्यों को प्राथमिकता दी जा रही है।

    उन्होंने कहा कि विकास कार्य जनता की मांग और आवश्यकता के अनुरूप कराए जा रहे हैं तथा केंद्र एवं राज्य सरकार की योजनाओं का लाभ अंतिम व्यक्ति तक पहुंचाना सरकार की प्राथमिकता है। उन्होंने भरोसा दिलाया कि क्षेत्र के विकास कार्यों के लिए धन की कमी नहीं आने दी जाएगी और सभी परियोजनाएं समयबद्ध तरीके से पूरी की जाएंगी।

    कार्यक्रम में रिसाली मंडल अध्यक्ष अनुपम साहू, मरोदा पुरैना मंडल अध्यक्ष राजू जंघेल, जिला उपाध्यक्ष एवं मंडल प्रभारी शिवेंद्र परिहार, नेता प्रतिपक्ष शैलेन्द्र साहू, वार्ड पार्षद शीला नारखेड़े, महामंत्री दशरथ साहू, गुड्डु झा, जिला मंत्री शैलेन्द्र शेंडे, मंडल उपाध्यक्ष प्रेम साहू, अजीत चौधरी, पार्षदगण तथा भाजपा पदाधिकारी, वार्डवासी एवं निगम कर्मचारी बड़ी संख्या में उपस्थित रहे।

      भिलाई / शौर्यपथ / दुर्ग जिले के मोहन नगर थाना क्षेत्र में जमीन खरीदी-बिक्री के हिसाब-किताब को लेकर हुए जानलेवा हमले के मामले में पुलिस ने त्वरित कार्रवाई करते हुए महज 24 घंटे के भीतर पांच आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया है। पुलिस ने आरोपियों की निशानदेही पर घटना में प्रयुक्त कार, मोटरसाइकिल और धारदार हथियार भी जब्त कर लिए हैं। मामले में दो अन्य आरोपी अभी फरार हैं, जिनकी तलाश जारी है।

    पुलिस के अनुसार 25 जुलाई की दोपहर करीब 12 बजे प्रार्थी विनय कुमार सिंह अपने जीजा नरेंद्र सिंह और साथी रूपेश यादव के साथ देवभूमि लेआउट स्थित कार्यालय में जमीन के लेन-देन का हिसाब करने पहुंचे थे। इसी दौरान वहां पहले से मौजूद विजय मेनन और उसके साथियों से विवाद हो गया। आरोप है कि विवाद बढ़ने पर आरोपियों ने गाली-गलौज करते हुए धारदार हथियार और हाथ-मुक्कों से हमला कर दिया। हमले में नरेंद्र सिंह सहित अन्य लोग गंभीर रूप से घायल हो गए, जबकि नरेंद्र सिंह बेहोश होकर जमीन पर गिर पड़े।

    घटना की शिकायत पर थाना मोहन नगर में मामला दर्ज कर तत्काल जांच शुरू की गई। पुलिस टीम ने तेजी से कार्रवाई करते हुए पांच आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया। पूछताछ के दौरान आरोपियों के मेमोरेंडम के आधार पर घटना में प्रयुक्त कार क्रमांक CG 07 CP 6008, एक मोटरसाइकिल और धारदार हथियार बरामद किए गए।

    विवेचना के दौरान पुलिस को घटना के पूर्व नियोजित षड्यंत्र और सामूहिक अपराध से जुड़े साक्ष्य भी मिले। इसके आधार पर आरोपियों के खिलाफ भारतीय न्याय संहिता (बीएनएस) की धाराएं 109, 115(2), 296, 351(3), 61(2) एवं 111 के तहत वैधानिक कार्रवाई की गई है।

    पुलिस के अनुसार फरार दो आरोपियों की तलाश के लिए लगातार दबिश दी जा रही है। दुर्ग पुलिस ने नागरिकों से अपील की है कि भूमि, वित्तीय अथवा व्यक्तिगत विवादों का समाधान कानून के दायरे में रहकर करें। कानून हाथ में लेने वालों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी। किसी भी संदिग्ध गतिविधि की सूचना तत्काल नजदीकी थाना या डायल-112 पर दें।

    गिरफ्तार आरोपी
    विक्की सिंह (41 वर्ष), निवासी सुपेला, भिलाई
    रंजीत कुमार सिंह (43 वर्ष), निवासी हुडको, भिलाई
    रोशन लाल साहू (44 वर्ष), निवासी गौरा चौक, मोहन नगर, दुर्ग
    पप्पू कुमार सिंह (39 वर्ष), निवासी सेक्टर-7, भिलाई
    तिलग मेलल रम (40 वर्ष), निवासी हाउसिंग बोर्ड, भिलाई

     

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