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डिजिटल तकनीक से न्यायिक प्रक्रिया हुई सुगम, जिला विधिक सेवा प्राधिकरण कर रहा नागरिकों को जागरूक
दुर्ग / शौर्यपथ / न्यायिक प्रक्रिया में तकनीक के उपयोग से दूरी और आवागमन की बाधाओं को कम करने की दिशा में दुर्ग न्यायालय में महत्वपूर्ण पहल की गई है। वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के माध्यम से एक जमानत आवेदन पर सुनवाई कर उसका निराकरण किया गया। वहीं, मुंबई और चेन्नई में मौजूद महत्वपूर्ण गवाहों के बयान एवं प्रतिपरीक्षण की कार्यवाही भी पूरी कराई गई।
एक प्रकरण में अधिवक्ताओं ने वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के जरिए न्यायालय के समक्ष उपस्थित होकर जमानत आवेदन पर अपना पक्ष रखा। दोनों पक्षों की दलीलें सुनने के बाद न्यायालय ने आवेदन का निराकरण किया। इस व्यवस्था से आवागमन में लगने वाले समय और संसाधनों की बचत में मदद मिली।
इसी तरह, एक अन्य विचाराधीन प्रकरण में मुंबई और चेन्नई में निवासरत महत्वपूर्ण गवाहों को वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग से जोड़ा गया। निर्धारित तकनीकी एवं विधिक प्रक्रियाओं के तहत उनके बयान दर्ज किए गए और प्रतिपरीक्षण पूरा कराया गया। इससे लंबी दूरी की यात्रा की आवश्यकता कम हुई और साक्ष्य दर्ज करने की प्रक्रिया आगे बढ़ सकी।
डिजिटल न्याय के साथ विधिक जागरूकता पर जोर
प्रधान जिला एवं सत्र न्यायाधीश तथा जिला विधिक सेवा प्राधिकरण, दुर्ग के अध्यक्ष के. विनोद कुजूर के मार्गदर्शन और प्राधिकरण के सचिव उमेश कुमार भागवतकर के निर्देशन में डिजिटल न्याय एवं विधिक जागरूकता को बढ़ावा देने के प्रयास किए जा रहे हैं।
इसके तहत नागरिकों, अधिवक्ताओं और पक्षकारों को न्यायिक एवं विधिक सेवाओं में उपलब्ध तकनीकी सुविधाओं की जानकारी दी जा रही है। साथ ही पात्र व्यक्तियों को विधिक सहायता प्राप्त करने के उपलब्ध माध्यमों से परिचित कराया जा रहा है।
इस पहल का उद्देश्य न्यायिक प्रक्रिया को अधिक सुलभ और प्रभावी बनाने के साथ तकनीक के लाभ आम नागरिकों तक पहुंचाना है।
भिलाईनगर / शौर्यपथ / सुपेला स्थित आकाशगंगा व्यावसायिक परिसर में दुकानों के सामने बने बरामदों पर अवैध कब्जों को लेकर नगर पालिक निगम भिलाई ने कार्रवाई की पहल की है। निगम आयुक्त के निर्देश पर अमले ने परिसर का निरीक्षण कर अतिक्रमण वाले स्थानों की मार्किंग की, ताकि सार्वजनिक आवागमन के लिए निर्धारित बरामदों को कब्जामुक्त कराया जा सके।
आकाशगंगा शहर का प्रमुख व्यावसायिक केंद्र है, जहां प्रतिदिन बड़ी संख्या में लोग खरीदारी और अन्य कार्यों के लिए पहुंचते हैं। दुकानों के सामने बने बरामदे आम नागरिकों और ग्राहकों के आवागमन के लिए निर्धारित हैं। इन स्थानों पर कब्जे के कारण लोगों को आवाजाही में परेशानी होती है और बाजार की व्यवस्था भी प्रभावित होती है।
निगम प्रशासन ने चिह्नित अतिक्रमणों पर नियमानुसार आगे की कार्रवाई करने की तैयारी की है। इस पहल का उद्देश्य सार्वजनिक स्थानों को अतिक्रमण मुक्त कर आवागमन सुगम बनाना है।
निगम ने व्यापारियों और दुकानदारों से सार्वजनिक आवागमन के लिए निर्धारित स्थानों पर कब्जा नहीं करने तथा शहर को स्वच्छ और व्यवस्थित बनाए रखने में सहयोग करने की अपील की है।
भिलाईनगर / शौर्यपथ / डेंगू-मलेरिया जैसी मच्छर जनित बीमारियों की रोकथाम के लिए नगर पालिक निगम भिलाई और जिला मलेरिया विभाग की संयुक्त टीम ने जोन-2 वैशाली नगर के वार्ड क्रमांक 25, जवाहर नगर में विशेष अभियान चलाया। के.एच. मेमोरियल स्कूल के आसपास घर-घर सर्वेक्षण कर मच्छरों के प्रजनन स्रोतों की जांच और नियंत्रण की कार्रवाई की गई।
अभियान के दौरान 95 घरों का सर्वेक्षण कर 158 प्रजनन स्रोतों की जांच की गई। इनमें 21 स्थानों पर जमा पानी मिला, जिसे खाली कराया गया। इन स्थानों में छह कूलर, पांच टंकियां और 10 अन्य कंटेनर शामिल थे।
मच्छरों के लार्वा नियंत्रण के लिए 45 कूलरों में एक्यूगार्ड तथा वयस्क मच्छरों के नियंत्रण के लिए 55 कूलरों में मेलाथियान का छिड़काव किया गया। इसके अलावा 85 घरों के अंदर-बाहर, सीढ़ियों के नीचे, अंधेरे व नमी वाले स्थानों तथा शौचालय-बाथरूम में भी दवा का छिड़काव किया गया। क्षेत्र की पक्की और कच्ची नालियों में जमा पानी का भी उपचार किया गया।
संयुक्त टीम ने नागरिकों को डेंगू-मलेरिया से बचाव के उपाय बताए और जागरूकता पंपलेट वितरित किए। निगम प्रशासन ने लोगों से घरों और आसपास पानी जमा नहीं होने देने, कूलर, टंकियों, गमलों व अन्य जलपात्रों की नियमित सफाई करने तथा स्वच्छता बनाए रखने की अपील की है।
₹4,334 करोड़ PBT वृद्धि का दिया हवाला, अधिकारियों का मनोबल बनाए रखने अग्रिम भुगतान की मांग
भिलाई / शौर्यपथ / स्टील अथॉरिटी ऑफ इंडिया लिमिटेड (SAIL) के अधिकारियों को त्योहारों से पहले वित्त वर्ष 2025-26 के परफॉर्मेंस रिलेटेड पे (PRP) का अग्रिम भुगतान मिलने की उम्मीद जगी है। स्टील एग्जीक्यूटिव्स फेडरेशन ऑफ इंडिया (SEFI) ने SAIL के चेयरमैन (CMD) को पत्र लिखकर PRP के विरुद्ध अग्रिम राशि जारी करने की मांग की है।
SEFI चेयरमैन एनके बंछोर ने बताया कि वित्त वर्ष 2025-26 में कंपनी के प्रदर्शन और प्रॉफिट बिफोर टैक्स (PBT) में 4,334 करोड़ रुपये की वृद्धि को देखते हुए अधिकारियों को PRP की कुछ राशि अग्रिम दी जा सकती है। उन्होंने कहा कि सरकार की एमओयू रेटिंग की प्रक्रिया में समय लग सकता है, जबकि नियमित PRP भुगतान मार्च 2027 तक किया जाना है। ऐसे में अग्रिम भुगतान से अधिकारियों को राहत मिल सकती है।
SEFI ने पत्र में कहा है कि इस्पात उत्पादन एक सामूहिक प्रक्रिया है, जिसमें अधिकारियों की टीम का योगदान महत्वपूर्ण होता है। कंपनी के बेहतर प्रदर्शन को बनाए रखने के लिए अधिकारियों का मनोबल बढ़ाना जरूरी है। संगठन ने त्योहारों के मद्देनजर अंतरिम व्यवस्था के तहत अग्रिम भुगतान करने का अनुरोध किया है।
अब CMD के फैसले पर नजर
SEFI की मांग पर SAIL प्रबंधन के निर्णय का इंतजार है। फिलहाल अग्रिम भुगतान की राशि और तारीख तय होने की जानकारी सामने नहीं आई है। यह प्रस्ताव स्वीकार होने पर अधिकारियों को नियमित PRP भुगतान से पहले कुछ राशि मिल सकती है।
दुर्ग / शौर्यपथ / दुर्ग के पद्मनाभपुर हॉकी ग्राउंड में आयोजित गरबा उत्सव के दौरान बजरंग दल के कार्यकर्ताओं द्वारा की गई बर्बरता मां-बहनों के सामने सरेआम गाली-गलौज और अभद्रता पर भाजपा नेता डॉ. प्रतीक उमरे ने तीव्र आक्रोश व्यक्त किया है।डॉ. प्रतीक उमरे ने स्थानीय पुलिस प्रशासन की निकम्मेपन और कायरतापूर्ण निष्क्रियता को आड़े हाथों लेते हुए मुख्यमंत्री विष्णु देव साय से इस पूरे मामले में तत्काल हस्तक्षेप कर दोषियों के खिलाफ सख्त कानूनी कार्रवाई करने की मांग की है।डॉ. प्रतीक उमरे ने अत्यंत आक्रामक रुख अपनाते हुए कहा कि सनातन संस्कृति और धर्म की रक्षा के नाम पर महिलाओं के सामने अश्लील गालियां देना,उनके सामने झूमाझटकी करना और आतंक का माहौल बनाना किसी भी सभ्य समाज में बर्दाश्त नहीं किया जा सकता।गरबा जैसे पावन उत्सव में जहां साक्षात शक्ति स्वरूप मां दुर्गा की आराधना होती है, वहां हमारी माताओं-बहनों के सामने गुंडागर्दी का नग्न नाच किया गया।बजरंग दल के नाम पर कुछ अराजक तत्वों ने मर्यादा की सारी सीमाएं लांघ दीं।यह कृत्य धर्म की रक्षा नहीं बल्कि विशुद्ध रूप से गुंडागर्दी और मानसिक दिवालियापन है।स्थानीय प्रशासन पर कड़ा प्रहार करते हुए डॉ. प्रतीक उमरे ने कहा कि जब पंडाल में सरेआम महिलाओं के सामने गाली-गलौज और मारपीट हो रही थी तब दुर्ग पुलिस मूकदर्शक बनी तमाशा देख रही थी।पुलिस की यह निष्क्रियता यह साफ करती है कि स्थानीय स्तर पर कानून का इकबाल खत्म हो चुका है।ऐसा प्रतीत होता है कि इन उपद्रवियों और हुड़दंगियों को स्थानीय स्तर पर मूक संरक्षण प्राप्त है तभी ये सरेआम कानून हाथ में लेने की हिम्मत कर रहे हैं।अगर स्थानीय पुलिस मुस्तैद होती तो आज हमारी बहनों को यह अपमान नहीं झेलना पड़ता।डॉ. प्रतीक उमरे ने कहा कि छत्तीसगढ़ में कानून का राज है और हमारी सरकार महिलाओं के सम्मान की रक्षा के लिए प्रतिबद्ध है।उन्होंने मुख्यमंत्री विष्णु देव साय से मांग किया है कि दुर्ग पुलिस की इस लचर कार्यप्रणाली का संज्ञान लें।जिन भी कथित कार्यकर्ताओं ने संगठन के नाम की आड़ लेकर महिलाओं के सामने अभद्रता की है और शहर की शांति भंग की है उन्हें तुरंत चिन्हित कर सलाखों के पीछे भेजा जाए।सुशासन में ऐसे अराजक तत्वों को किसी भी कीमत पर बख्शा नहीं जाना चाहिए।
भाजयुमो जिलाध्यक्ष हिमांशु सिंह और ओबीसी जिलाध्यक्ष टेकन सिन्हा समर्थकों के साथ पहुंचे थाने, वरिष्ठ अधिकारियों के हस्तक्षेप के बाद दर्ज हुई काउंटर रिपोर्ट
भिलाई / शौर्यपथ / भाजपा से जुड़े दो युवा नेताओं के समर्थकों के बीच मारपीट का मामला उस समय राजनीतिक और पुलिस महकमे में चर्चा का विषय बन गया, जब कथित एकपक्षीय कार्रवाई से नाराज भाजयुमो कार्यकर्ताओं ने सेक्टर-6 कोतवाली थाने में जमावड़ा लगा दिया। कार्यकर्ताओं ने अपने साथी विशाल राजपूत के साथ हुई मारपीट की शिकायत पर एफआईआर दर्ज नहीं किए जाने को लेकर पुलिस की कार्यप्रणाली पर सवाल उठाए। वरिष्ठ पुलिस अधिकारियों के हस्तक्षेप के बाद दूसरे पक्ष की काउंटर रिपोर्ट दर्ज की गई, जिसके बाद मामला शांत हुआ।
एक एफआईआर दर्ज, दूसरी के लिए रात से दोपहर तक इंतजार
जानकारी के अनुसार, भिलाई के सेक्टर-8 स्टील क्लब के बाहर और सिविक सेंटर क्षेत्र से जुड़े घटनाक्रम में भाजयुमो कार्यकर्ता विशाल राजपूत और एक अन्य युवा साथी के बीच मारपीट हुई थी। भाजयुमो जिलाध्यक्ष दुर्ग हिमांशु सिंह के मुताबिक, घटना के बाद उनके पक्ष की शिकायत दर्ज कराने का प्रयास किया गया, लेकिन पुलिस ने पहले एक पक्ष की एफआईआर दर्ज की। विशाल राजपूत के साथ हुई मारपीट की रिपोर्ट रात से लेकर अगले दिन दोपहर तक दर्ज नहीं होने पर कार्यकर्ताओं ने आपत्ति जताई और वरिष्ठ अधिकारियों से हस्तक्षेप की मांग की।
थाने में जुटे भाजयुमो कार्यकर्ता, पुलिस की भूमिका पर उठाए सवाल
मामले को लेकर भाजयुमो जिलाध्यक्ष हिमांशु सिंह अपने समर्थकों के साथ सेक्टर-6 कोतवाली थाने पहुंचे। उनके साथ भाजपा ओबीसी जिलाध्यक्ष टेकन सिन्हा भी अपने समर्थकों के साथ पहुंचे। देखते ही देखते थाने में बड़ी संख्या में कार्यकर्ता जुट गए, जिसके बाद अतिरिक्त पुलिस बल बुलाना पड़ा।
टेकन सिन्हा ने एएसपी शहर शोभराज अग्रवाल के सामने पुलिस के निचले स्तर के कर्मचारियों की कार्यप्रणाली पर सवाल उठाते हुए कहा कि वरिष्ठ अधिकारियों को वास्तविक स्थिति से अवगत क्यों नहीं कराया गया। उन्होंने विशाल राजपूत के साथ हुई मारपीट की तस्वीरें दिखाते हुए पूछा कि शिकायत दर्ज करने में देरी क्यों हुई और क्या इसके पीछे कोई राजनीतिक दबाव था। उन्होंने संबंधित पुलिसकर्मियों की भूमिका की जांच कर कार्रवाई की मांग भी की।
प्रशिक्षु पुलिस अधिकारी के व्यवहार पर भी नाराजगी
थाने में शिकायत को लेकर चर्चा के दौरान गंजपारा मंडल अध्यक्ष शर्मा के साथ कोतवाली में पदस्थ एक प्रशिक्षु पुलिस अधिकारी के कथित अभद्र व्यवहार को लेकर भी कार्यकर्ता नाराज हो गए। स्थिति को संभालने के लिए एएसपी भिलाईनगर, सीएसपी निशांत पाठक और टीआई जितेंद्र वर्मा ने हस्तक्षेप किया।
बताया गया कि वरिष्ठ अधिकारियों के समक्ष प्रशिक्षु अधिकारी ने अपने व्यवहार पर खेद व्यक्त किया और स्पष्ट किया कि किसी को ठेस पहुंचाने की उनकी मंशा नहीं थी। इसके बाद भाजयुमो कार्यकर्ताओं ने मामले को आगे नहीं बढ़ाने पर सहमति जताई।
वरिष्ठ अधिकारियों के हस्तक्षेप के बाद दर्ज हुई काउंटर रिपोर्ट
हिमांशु सिंह ने बताया कि शिकायत दर्ज नहीं होने पर कार्यकर्ताओं को कंट्रोल रूम पहुंचकर वरिष्ठ अधिकारियों को पूरे घटनाक्रम से अवगत कराना पड़ा। ओबीसी जिलाध्यक्ष टेकन सिन्हा के अनुसार, इस मामले की जानकारी वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक विजय अग्रवाल को भी दी गई थी। उन्होंने आरोप लगाया कि निचले स्तर पर हुई कार्रवाई से अधिकारियों तक सही जानकारी नहीं पहुंची।
भाजयुमो नेताओं ने मांग की कि दोनों पक्षों के मामले में समान प्रक्रिया अपनाते हुए निष्पक्ष कार्रवाई की जाए। वरिष्ठ अधिकारियों के हस्तक्षेप के बाद काउंटर रिपोर्ट दर्ज होने पर उन्होंने संतोष जताया।
गृहमंत्री तक पहुंचाने का किया प्रयास, भाजपा में भी चर्चा तेज
भाजयुमो नेता रितेश शर्मा ने बताया कि रात में एफआईआर दर्ज नहीं होने पर उन्होंने दुर्ग जिले के प्रभारी मंत्री एवं गृहमंत्री विजय शर्मा से भी फोन पर संपर्क करने का प्रयास किया, लेकिन उनका मोबाइल बंद था। इस बीच दुर्ग भाजपा जिलाध्यक्ष सुरेंद्र कौशिक ने भी टेकन सिन्हा को एएसपी शहर से मिलकर अपनी बात रखने को कहा।
मामले को लेकर भाजयुमो प्रदेश अध्यक्ष राहुल टिकरिहा भी लगातार हिमांशु सिंह से घटनाक्रम की जानकारी लेते रहे। इस दौरान भिलाई भाजयुमो अध्यक्ष सौरभ जायसवाल, हर्ष सहित बड़ी संख्या में कार्यकर्ता मौजूद रहे।
दो युवा कार्यकर्ताओं के बीच मारपीट से शुरू हुआ यह विवाद पुलिस की कार्रवाई, शिकायत दर्ज करने में कथित देरी और राजनीतिक हस्तक्षेप के आरोपों तक पहुंच गया। अब मामले में दोनों पक्षों की शिकायतों पर निष्पक्ष जांच और समान कार्रवाई को लेकर निगाहें पुलिस पर टिकी हैं।
दुर्ग, / प्रधानमंत्री आवास योजना ग्रामीण एवं मुख्यमंत्री आवास योजना ग्रामीण के अंतर्गत दुर्ग जिले में विभिन्न कारणों से अपात्र पाए गए 170 हितग्राहियों की सूची पर दावा-आपत्ति आमंत्रित की गई है। दावा-आपत्ति प्रस्तुत करने की अंतिम तिथि 23 अक्टूबर 2026 को शाम 5.30 बजे तक निर्धारित की गई है।
जिला पंचायत मुख्य कार्यपालन अधिकारी से प्राप्त जानकारी अनुसार स्थायी प्रतीक्षा सूची, आवास प्लस सूची तथा मुख्यमंत्री आवास योजना ग्रामीण की सूची में शामिल ऐसे हितग्राहियों, जो विभिन्न कारणों से अपात्र हैं और जिन्हें योजना के नियमानुसार लाभान्वित किया जाना संभव नहीं है, उनके नाम संबंधित ग्रामसभा एवं जिला स्तरीय अपीलीय समिति के अनुमोदन के बाद विलोपित किए जाने हैं।
दुर्ग जिले में प्रधानमंत्री आवास योजना ग्रामीण के वित्तीय वर्ष 2024-25 एवं 2025-26 की आवास प्लस सूची के 31 तथा मुख्यमंत्री आवास योजना ग्रामीण की सूची के 139, इस प्रकार कुल 170 अपात्र हितग्राहियों की सूची का प्रकाशन दावा-आपत्ति के लिए किया जा रहा है। संबंधित ग्रामसभाओं एवं मुख्य कार्यपालन अधिकारी, जनपद पंचायत से प्राप्त प्रतिवेदन के आधार पर जिला स्तरीय अपीलीय समिति से अनुमोदन प्राप्त किया गया है। प्रकाशित सूची का अवलोकन संबंधित ग्राम पंचायत भवन, दुर्ग जिले की आधिकारिक वेबसाइट एचटीटीपीएसः//डीयूआरजीडाटसीजीडाटजीओभीडाटइन तथा जिला पंचायत दुर्ग की वेबसाइट जेडपीडीयूआरजीडाटकाम पर किया जा सकता है। हितग्राही अथवा संबंधित व्यक्ति अपना दावा-आपत्ति जिला पंचायत दुर्ग के प्रथम तल स्थित प्रधानमंत्री आवास योजना ग्रामीण शाखा या जिला पंचायत की आवक-जावक शाखा में प्रस्तुत कर सकते हैं। दावा-आपत्ति साधारण डाक, पंजीकृत डाक अथवा स्वयं उपस्थित होकर जमा की जा सकती है। निर्धारित समय के बाद प्राप्त किसी भी प्रकार के दावा-आपत्ति पर विचार नहीं किया जाएगा।
- दो लाख के ऋण से डेली नीड्स दुकान को आगे बढ़ाने की दिशा में बढ़ाए कदम
दुर्ग, / शासन की जनकल्याणकारी योजनाएं जरूरतमंदों को आर्थिक रूप से सशक्त बनाने और उन्हें आत्मनिर्भरता की राह पर आगे बढ़ाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभा रही हैं। मुख्यमंत्री सक्षम योजना से लाभान्वित दुर्ग निवासी श्रीमती कमलेश्वरी यादव भी इसी दिशा में आगे बढ़ रही हैं। श्रीमती कमलेश्वरी यादव डेली नीड्स की दुकान का संचालन करती हैं। अपने व्यवसाय को और बेहतर बनाने तथा दुकान का विस्तार करने के उद्देश्य से उन्होंने मुख्यमंत्री सक्षम योजना के तहत ’दो लाख का ऋण’ प्राप्त किया है। इस आर्थिक सहायता से उन्हें अपने व्यवसाय को आगे बढ़ाने और स्वरोजगार को नई मजबूती देने का अवसर मिला है। कमलेश्वरी यादव का प्रयास है कि उनकी दुकान का व्यवसाय और बेहतर हो तथा वे आर्थिक रूप से अधिक आत्मनिर्भर बन सकें। शासन की इस पहल से उन्हें अपने सपनों को साकार करने और आत्मविश्वास के साथ आगे बढ़ने की प्रेरणा मिली है। इस सहयोग के लिए श्रीमती कमलेश्वरी यादव ने मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय के प्रति आभार व्यक्त करते हुए धन्यवाद ज्ञापित किया है। मुख्यमंत्री सक्षम योजना उनके लिए स्वरोजगार को सशक्त बनाने और आत्मनिर्भरता की दिशा में आगे बढ़ने का एक महत्वपूर्ण माध्यम बनी है।
दुर्ग / न्यायालय से किसी आदेश या निर्णय की प्रमाणित प्रतिलिपि प्राप्त करना पक्षकारों और अधिवक्ताओं के लिए न्यायिक प्रक्रिया का एक महत्वपूर्ण हिस्सा है। इस प्रक्रिया को अधिक सुगम, पारदर्शी और तकनीक-सक्षम बनाने की दिशा में दुर्ग न्यायालय में ई-टिकट जनरेशन एवं ई-प्रमाणित प्रतिलिपि (ई-सर्टिफाइड कॉपी) विषय पर एक दिवसीय ऑनलाइन प्रशिक्षण कार्यशाला आयोजित की गई।
माननीय उच्च न्यायालय छत्तीसगढ़, बिलासपुर की ई-कमेटी के निर्देशन में आयोजित इस कार्यशाला का उद्देश्य केवल कर्मचारियों को नई तकनीकी प्रक्रिया से परिचित कराना नहीं, बल्कि न्यायालयीन सेवाओं को इस तरह विकसित करना था कि तकनीक का लाभ अंततः आम नागरिक, पक्षकार और अधिवक्ता तक पहुँचे।
कागजी प्रक्रिया से डिजिटल सुविधा की ओर
कार्यशाला में ई-टिकट तैयार करने की प्रक्रिया, ऑनलाइन सत्यापन तथा प्रमाणित प्रतिलिपि से संबंधित तकनीकी पहलुओं पर विस्तार से प्रशिक्षण दिया गया। उच्च न्यायालय के तकनीकी विशेषज्ञों ने विभिन्न प्रक्रियाओं की जानकारी देते हुए यह समझाया कि डिजिटल प्रणाली का प्रभावी उपयोग न्यायालयीन कार्यों को अधिक व्यवस्थित बनाने और प्रतिलिपि संबंधी सेवाओं को सुगम करने में किस प्रकार सहायक हो सकता है। प्रशिक्षण का एक महत्वपूर्ण पक्ष यह भी रहा कि कर्मचारियों को केवल प्रक्रिया की जानकारी देने तक सीमित नहीं रखा गया, बल्कि उनके व्यावहारिक प्रश्नों और कार्य के दौरान सामने आने वाली तकनीकी जिज्ञासाओं का समाधान भी किया गया।
एक सभागार से कई न्यायालयों तक पहुँचा प्रशिक्षण
जिला न्यायालय दुर्ग परिसर स्थित सभागार से जिला न्यायालय एवं कुटुम्ब न्यायालय दुर्ग के प्रतिलिपि अनुभाग के कर्मचारियों और तकनीकी स्टाफ सहित कुल 15 प्रतिभागियों ने वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के माध्यम से प्रशिक्षण प्राप्त किया। वहीं, पाटन, भिलाई-3 एवं धमधा स्थित बाह्य तालुका न्यायालयों के संबंधित कर्मचारी भी अपने-अपने न्यायालय परिसरों से ऑनलाइन जुड़े। इस व्यवस्था ने प्रशिक्षण को एक स्थान तक सीमित रखने के बजाय अलग-अलग न्यायालयों के कर्मचारियों को एक साझा डिजिटल मंच पर जोड़ने का अवसर दिया। इससे तकनीकी जानकारी के आदान-प्रदान और प्रक्रियाओं की बेहतर समझ विकसित करने में सहायता मिली।
तकनीक का वास्तविक उद्देश्य नागरिक को सुविधा
प्रशिक्षण के दौरान उच्च न्यायालय के रजिस्ट्रार (कम्प्यूटरीकरण) / सी.पी.सी. की उपस्थिति में तकनीकी विशेषज्ञों ने कर्मचारियों की व्यावहारिक शंकाओं का समाधान किया। इससे प्रतिभागियों को ई-टिकट जनरेशन और ई-प्रमाणित प्रतिलिपि से जुड़ी प्रक्रियाओं को अधिक स्पष्टता से समझने का अवसर मिला। डिजिटल न्याय व्यवस्था की सफलता केवल नई तकनीक अपनाने में नहीं, बल्कि उसके माध्यम से नागरिकों के अनुभव को बेहतर बनाने में निहित है। इस दृष्टि से ऐसे प्रशिक्षण न्यायालयीन कर्मचारियों को तकनीकी रूप से सक्षम बनाने के साथ-साथ प्रतिलिपि संबंधी सेवाओं को अधिक सहज और प्रभावी बनाने की दिशा में महत्वपूर्ण हैं।
Feb 09, 2021 Rate: 4.00
