
CONTECT NO. - 8962936808
EMAIL ID - shouryapath12@gmail.com
Address - SHOURYA NIWAS, SARSWATI GYAN MANDIR SCHOOL, SUBHASH NAGAR, KASARIDIH - DURG ( CHHATTISGARH )
LEGAL ADVISOR - DEEPAK KHOBRAGADE (ADVOCATE)
सुरक्षित कार्य संस्कृति को बढ़ावा देने दो दिवसीय आयोजन, उत्कृष्ट टीमें राष्ट्रीय स्तर की प्रतियोगिताओं में करेंगी बीएसपी का प्रतिनिधित्व
भिलाई ।
भिलाई इस्पात संयंत्र (BSP) के सुरक्षा अभियांत्रिकी विभाग द्वारा कार्यस्थल पर सुरक्षित कार्य संस्कृति, नवाचार और सतत सुधार को प्रोत्साहित करने के उद्देश्य से दो दिवसीय एकीकृत सेफ्टी सर्किल प्रतियोगिता ‘सुरक्षा-2026’ का आयोजन 27 एवं 29 जून को मानव संसाधन विकास विभाग के सभागार में किया गया। प्रतियोगिता में संयंत्र के विभिन्न विभागों की 47 सेफ्टी सर्किल टीमों ने सुरक्षा से जुड़े नवाचारों और केस स्टडी प्रस्तुत किए।
प्रतियोगिता का शुभारंभ मुख्य महाप्रबंधक प्रभारी (मार्केटिंग एंड यूटिलिटीज) बी.के. बेहरा ने किया। उन्होंने कहा कि सुरक्षा केवल नियमों के पालन तक सीमित नहीं है, बल्कि यह कार्य संस्कृति का अभिन्न हिस्सा है। दुर्घटनारहित कार्यस्थल के निर्माण के लिए नवाचार और कर्मचारियों की सक्रिय भागीदारी आवश्यक है।
कार्यक्रम की शुरुआत अतिथियों के स्वागत और अजय टल्लू द्वारा प्रतिभागियों को सुरक्षा शपथ दिलाने के साथ हुई। स्वागत उद्बोधन में मुख्य महाप्रबंधक (सुरक्षा एवं अग्निशमन सेवाएं) डी. सत्पथी ने बताया कि वर्ष 2024 में जहां 35 सेफ्टी सर्किल टीमों से यह पहल शुरू हुई थी, वहीं 2025 में इनकी संख्या बढ़कर 83 हो गई। उन्होंने बताया कि ‘सुरक्षा-2026’ के लिए कुल 47 केस स्टडी प्राप्त हुईं, जो कर्मचारियों की बढ़ती सुरक्षा जागरूकता और सहभागिता का प्रमाण हैं।
प्रतियोगिता के पहले दिन 20 टीमों और दूसरे दिन 27 टीमों ने अपने केस स्टडी चार मूल्यांकन पैनलों के समक्ष प्रस्तुत किए। प्रत्येक पैनल में दो विशेषज्ञ निर्णायक शामिल थे। प्रस्तुतियों में कार्यस्थल पर संभावित जोखिमों की पहचान, दुर्घटनाओं की रोकथाम और सुरक्षित कार्य प्रणालियों को अधिक प्रभावी बनाने के लिए विकसित नवाचारी उपायों का प्रदर्शन किया गया।
आयोजकों के अनुसार, प्रतियोगिता में उत्कृष्ट प्रदर्शन करने वाली टीमों का चयन उच्च स्तरीय एकीकृत सेफ्टी सर्किल प्रतियोगिताओं में भिलाई इस्पात संयंत्र का प्रतिनिधित्व करने के लिए किया जाएगा।
कार्यक्रम में विभिन्न विभागों के मुख्य महाप्रबंधक, वरिष्ठ अधिकारी, निर्णायक, मेंटर, सुरक्षा अभियांत्रिकी विभाग के अधिकारी-कर्मचारी तथा प्रतियोगिता में भाग लेने वाली सेफ्टी सर्किल टीमों के सदस्य उपस्थित रहे।
मुख्य बिंदु
भिलाई इस्पात संयंत्र में आयोजित हुई ‘सुरक्षा-2026’ एकीकृत सेफ्टी सर्किल प्रतियोगिता।
47 सेफ्टी सर्किल टीमों ने सुरक्षा नवाचारों और केस स्टडी प्रस्तुत किए।
प्रतियोगिता का उद्देश्य कार्यस्थल पर सुरक्षित कार्य संस्कृति और नवाचार को बढ़ावा देना।
उत्कृष्ट टीमों को उच्च स्तरीय प्रतियोगिताओं में भिलाई इस्पात संयंत्र का प्रतिनिधित्व करने का अवसर मिलेगा।
सुरक्षित कार्य संस्कृति को बढ़ावा देने दो दिवसीय आयोजन, उत्कृष्ट टीमें राष्ट्रीय स्तर की प्रतियोगिताओं में करेंगी बीएसपी का प्रतिनिधित्व
भिलाई ।
भिलाई इस्पात संयंत्र (BSP) के सुरक्षा अभियांत्रिकी विभाग द्वारा कार्यस्थल पर सुरक्षित कार्य संस्कृति, नवाचार और सतत सुधार को प्रोत्साहित करने के उद्देश्य से दो दिवसीय एकीकृत सेफ्टी सर्किल प्रतियोगिता ‘सुरक्षा-2026’ का आयोजन 27 एवं 29 जून को मानव संसाधन विकास विभाग के सभागार में किया गया। प्रतियोगिता में संयंत्र के विभिन्न विभागों की 47 सेफ्टी सर्किल टीमों ने सुरक्षा से जुड़े नवाचारों और केस स्टडी प्रस्तुत किए।
प्रतियोगिता का शुभारंभ मुख्य महाप्रबंधक प्रभारी (मार्केटिंग एंड यूटिलिटीज) बी.के. बेहरा ने किया। उन्होंने कहा कि सुरक्षा केवल नियमों के पालन तक सीमित नहीं है, बल्कि यह कार्य संस्कृति का अभिन्न हिस्सा है। दुर्घटनारहित कार्यस्थल के निर्माण के लिए नवाचार और कर्मचारियों की सक्रिय भागीदारी आवश्यक है।
कार्यक्रम की शुरुआत अतिथियों के स्वागत और अजय टल्लू द्वारा प्रतिभागियों को सुरक्षा शपथ दिलाने के साथ हुई। स्वागत उद्बोधन में मुख्य महाप्रबंधक (सुरक्षा एवं अग्निशमन सेवाएं) डी. सत्पथी ने बताया कि वर्ष 2024 में जहां 35 सेफ्टी सर्किल टीमों से यह पहल शुरू हुई थी, वहीं 2025 में इनकी संख्या बढ़कर 83 हो गई। उन्होंने बताया कि ‘सुरक्षा-2026’ के लिए कुल 47 केस स्टडी प्राप्त हुईं, जो कर्मचारियों की बढ़ती सुरक्षा जागरूकता और सहभागिता का प्रमाण हैं।
प्रतियोगिता के पहले दिन 20 टीमों और दूसरे दिन 27 टीमों ने अपने केस स्टडी चार मूल्यांकन पैनलों के समक्ष प्रस्तुत किए। प्रत्येक पैनल में दो विशेषज्ञ निर्णायक शामिल थे। प्रस्तुतियों में कार्यस्थल पर संभावित जोखिमों की पहचान, दुर्घटनाओं की रोकथाम और सुरक्षित कार्य प्रणालियों को अधिक प्रभावी बनाने के लिए विकसित नवाचारी उपायों का प्रदर्शन किया गया।
आयोजकों के अनुसार, प्रतियोगिता में उत्कृष्ट प्रदर्शन करने वाली टीमों का चयन उच्च स्तरीय एकीकृत सेफ्टी सर्किल प्रतियोगिताओं में भिलाई इस्पात संयंत्र का प्रतिनिधित्व करने के लिए किया जाएगा।
कार्यक्रम में विभिन्न विभागों के मुख्य महाप्रबंधक, वरिष्ठ अधिकारी, निर्णायक, मेंटर, सुरक्षा अभियांत्रिकी विभाग के अधिकारी-कर्मचारी तथा प्रतियोगिता में भाग लेने वाली सेफ्टी सर्किल टीमों के सदस्य उपस्थित रहे।
मुख्य बिंदु
भिलाई इस्पात संयंत्र में आयोजित हुई ‘सुरक्षा-2026’ एकीकृत सेफ्टी सर्किल प्रतियोगिता।
47 सेफ्टी सर्किल टीमों ने सुरक्षा नवाचारों और केस स्टडी प्रस्तुत किए।
प्रतियोगिता का उद्देश्य कार्यस्थल पर सुरक्षित कार्य संस्कृति और नवाचार को बढ़ावा देना।
उत्कृष्ट टीमों को उच्च स्तरीय प्रतियोगिताओं में भिलाई इस्पात संयंत्र का प्रतिनिधित्व करने का अवसर मिलेगा।
पीटा एक्ट के तहत छापेमारी, तीन युवक और तीन युवतियां हिरासत में; लॉज संचालक की भूमिका की भी जांच
दुर्ग । कोतवाली थाना पुलिस और एंटी क्राइम एंड साइबर यूनिट (ACCU) की संयुक्त टीम ने रविवार को शहर के एक लॉज में छापेमारी कर कथित देह व्यापार का भंडाफोड़ किया। कार्रवाई के दौरान पुलिस ने तीन युवकों और तीन युवतियों को हिरासत में लेकर पूछताछ शुरू की है।
पुलिस के अनुसार, कार्रवाई अनैतिक व्यापार (निवारण) अधिनियम (PITA) के तहत की गई। जिस भवन में छापेमारी हुई, उसके भूतल पर मिठाई की दुकान एवं आइसक्रीम पार्लर संचालित है, जबकि ऊपरी मंजिल पर स्थित लॉज में कथित तौर पर अवैध गतिविधियां संचालित होने की सूचना मिली थी।
छापेमारी के दौरान पुलिस ने मौके से कुछ दस्तावेज एवं जांच से संबंधित अन्य सामग्री भी जब्त की है। प्रारंभिक जांच में यह भी जानकारी सामने आई है कि लॉज में प्रवेश केवल पूर्व से दर्ज मोबाइल नंबरों के आधार पर ही दिया जाता था। हालांकि, पुलिस ने इस संबंध में अभी कोई आधिकारिक पुष्टि नहीं की है।
कोतवाली पुलिस का कहना है कि पूरे नेटवर्क, लॉज संचालक की भूमिका तथा संभावित अन्य लोगों की संलिप्तता की जांच की जा रही है। पूछताछ और साक्ष्यों के आधार पर आरोपियों के विरुद्ध पीटा एक्ट सहित अन्य प्रासंगिक धाराओं के तहत विधिसम्मत कार्रवाई की जाएगी।
नोट: यह कार्रवाई पुलिस की प्रारंभिक जांच पर आधारित है। आरोपों की अंतिम पुष्टि जांच एवं न्यायिक प्रक्रिया के बाद ही होगी।
दुर्ग / शौर्यपथ / राष्ट्रीय सघन पल्स पोलियो अभियान के पहले दिन दुर्ग जिले में निर्धारित 0 से 5 वर्ष आयु वर्ग के लगभग 81 प्रतिशत बच्चों को पोलियो की खुराक पिलाई गई। अभियान का शुभारंभ शहरी प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र पोटियाकला में जनप्रतिनिधियों एवं स्वास्थ्य विभाग के अधिकारियों की उपस्थिति में हुआ।
जिला कलेक्टर अभिजीत सिंह के निर्देशन में स्वास्थ्य विभाग की टीमों ने जिलेभर में अभियान की निगरानी की। जिला टीकाकरण अधिकारी डॉ. दिव्या श्रीवास्तव ने बताया कि पालकों में बच्चों को पोलियो की दवा पिलाने को लेकर उत्साह देखने को मिला। जिला अस्पताल दुर्ग सहित बीएसपी सेक्टर-9 अस्पताल और निजी नर्सिंग होम में जन्मे नवजात शिशुओं को भी जन्म के साथ ही पोलियो की खुराक दी गई।
अभियान के तहत ट्रांजिट और मोबाइल टीमों ने रेलवे स्टेशन, बस स्टैंड, झुग्गी-बस्तियों, ईंट भट्ठों और अन्य संवेदनशील क्षेत्रों में पहुंचकर बच्चों को पोलियो ड्रॉप पिलाई।
स्वास्थ्य विभाग ने बताया कि 29 एवं 30 जून को घर-घर जाकर छूटे हुए बच्चों को पोलियो की खुराक पिलाई जाएगी, ताकि जिले में अभियान को शत-प्रतिशत सफल बनाया जा सके।
दुर्ग / शौर्यपथ / प्रधान जिला एवं सत्र न्यायाधीश के. विनोद कुजूर ने केंद्रीय जेल दुर्ग का निरीक्षण कर बंदियों को उपलब्ध कराई जा रही मूलभूत सुविधाओं, स्वास्थ्य सेवाओं, स्वच्छता, भोजन व्यवस्था एवं विधिक सहायता की समीक्षा की। उन्होंने महिला एवं पुरुष बंदियों से सीधे संवाद कर उनकी समस्याएं सुनीं और प्रकरणों की अद्यतन जानकारी उपलब्ध कराने के निर्देश दिए।
निरीक्षण के दौरान उन्होंने आर्थिक रूप से कमजोर बंदियों को जिला विधिक सेवा प्राधिकरण के माध्यम से निःशुल्क विधिक सहायता उपलब्ध कराने तथा पात्र बंदियों के लंबित प्रकरणों की जानकारी प्राधिकरण को भेजने के निर्देश दिए।
प्रधान जिला न्यायाधीश ने NALSA की SPRUHA योजना-2025 के तहत बंदियों के आश्रित परिवारों की समस्याओं की जानकारी लेकर उन्हें सरकारी कल्याणकारी योजनाओं से जोड़ने और पैरालीगल वालंटियर्स के माध्यम से फील्ड सत्यापन कराने के निर्देश भी दिए।
उन्होंने जेल प्रशासन को सर्वोच्च न्यायालय के दिशा-निर्देशों का पालन करते हुए मानवीय गरिमा, स्वास्थ्य, स्वच्छता, सुरक्षा, मानसिक स्वास्थ्य एवं पुनर्वास संबंधी व्यवस्थाओं को और सुदृढ़ करने के निर्देश दिए।
निरीक्षण के दौरान मुख्य न्यायिक मजिस्ट्रेट भूपेश कुमार बसंत, जिला विधिक सेवा प्राधिकरण के सचिव उमेश कुमार भागवतकर, जेल अधीक्षक सहित अन्य अधिकारी उपस्थित रहे।
भिलाई / शौर्यपथ / ज़िक्र-ए-शोहदा-ए-करबला मदरसा दारुल राहत आलिमा के द्वारा फरीद नगर में 9 दिवसीय तकरीर का आयोजन सीरते जहरा कॉन्फ्रेंस में किया गया। यहां खास तौर पर बिहार से आलिमा फ़ाज़िला चांदनी और अलिमा फ़ाज़िला नीलोफर ने करबला के शहीदों का बयान किया। तकरीर के दौरान फरीद नगर और आसपास की महिलाएं बड़ी तादाद में जुटी। तकरीर के बाद सिटी हेल्थ केयर मेडिकल ने यहां निशुल्क स्वास्थ्य शिविर का आयोजन किया। जहां प्रसूति एवं स्त्री रोग विशेषज्ञ डॉक्टर पूजा सिंह ने अपनी निशुल्क सेवाएं दी। डॉ पूजा ने शिविर में निशुल्क जांच करते हुए महिलाओं को सामान्य जांच और माहवारी व गर्भावस्था से जुड़ी जरूरी जानकारी भी दी। उन्होंने महिलाओं को खुद को स्वच्छ रखते हुए अपने घर-आंगन और मोहल्ले को भी साफ-सुथरा रखने की हिदायत दी। इस निशुल्क स्वास्थ्य शिविर संयोजक मोहम्मद सादिक ताजी ने बताया कि आगे भी यह सिलसिला अलग-अलग मौकों पर जारी रहेगा। इस दौरान कैम्प-1 साक्षरता चौक के सामने स्थित ताज दरबार नानी अम्मा की सदर हज्जन बदरुन्निसा ताजी ने सभी के लिए दुआएं की।
स्व. बाबूराम गहलोत एवं स्व. चंदा देवी गहलोत की स्मृति में निर्मित मंदिर में बीकानेर से आए 11 वैदिक आचार्यों ने संपन्न कराए धार्मिक अनुष्ठान
भिलाई नगर / शौर्यपथ / लिंक रोड, कैम्प-2 भिलाई में स्वर्गीय बाबूराम गहलोत एवं स्वर्गीय चंदा देवी गहलोत की स्मृति में निर्मित भव्य भैरव बाबा मंदिर में सप्ताहभर चले वैदिक अनुष्ठानों के बाद श्रद्धा एवं भक्तिभाव के वातावरण में प्राण-प्रतिष्ठा महोत्सव संपन्न हो गया। इस अवसर पर आयोजित शोभायात्रा, महाआरती एवं महाभंडारे में बड़ी संख्या में श्रद्धालुओं ने सहभागिता कर पुण्य लाभ अर्जित किया।
आयोजन की शुरुआत 22 जून से हुई थी। पहले दिन मंडप निर्माण, वेदी पूजन, अग्नि प्रकट एवं स्थापना, मूर्ति जलाधिवास तथा पुष्याधिवास के साथ धार्मिक अनुष्ठानों का शुभारंभ हुआ। इसके बाद क्रमशः घृताधिवास, तैलाधिवास, फलाधिवास और धान्याधिवास सहित विभिन्न वैदिक विधियां संपन्न कराई गईं। महोत्सव के दौरान 26 जून को भव्य शोभायात्रा निकाली गई, जिसमें श्रद्धालुओं ने भक्ति गीतों और जयघोष के साथ नगर भ्रमण किया। शोभायात्रा मंदिर परिसर पहुंचकर संपन्न हुई।
27 जून को वैदिक मंत्रोच्चार के बीच नित्य पूजन, हवन, भैरव बाबा की मूर्ति की प्राण-प्रतिष्ठा, पूर्णाहुति, महाआरती एवं महाभंडारे का आयोजन किया गया। सैकड़ों श्रद्धालुओं ने यज्ञ में आहुति अर्पित कर धार्मिक अनुष्ठानों में भाग लिया।
आयोजक ढालचंद गहलोत ने बताया कि प्राण-प्रतिष्ठा के लिए राजस्थान के बीकानेर से 11 विद्वान पंडितों की टीम को आमंत्रित किया गया था, जिन्होंने संपूर्ण अनुष्ठान शास्त्रोक्त विधि-विधान से संपन्न कराए। समारोह यज्ञाचार्य एवं ज्योतिषाचार्य पंडित आशीष भादाणी तथा यज्ञ ब्रह्मा योगेश ओझा शास्त्री के सान्निध्य में संपन्न हुआ। उन्होंने बताया कि मंदिर में स्थापित भैरव बाबा की प्रतिमा भी विशेष रूप से बीकानेर से मंगाई गई है।
शोभायात्रा एवं धार्मिक कार्यक्रमों में चिन्ना राव, लक्ष्मण गहलोत, रिंकू जैन, सुनील गहलोत, संतोष पति, पूनम गहलोत, हुकुमचंद गहलोत, शिवरतन शर्मा, लकी गहलोत, पूर्व पार्षद सविता राव, पार्षद विनोद तथा भाजपा के वरिष्ठ नेता त्रिलोचन सिंह सहित अनेक गणमान्य नागरिक एवं श्रद्धालु उपस्थित रहे।
भक्ति, वैदिक परंपरा और सामाजिक सहभागिता से परिपूर्ण इस आयोजन ने पूरे क्षेत्र को आध्यात्मिक वातावरण से सराबोर कर दिया।
निर्माण कार्यों, भुगतान प्रक्रिया और अधिकारियों की भूमिका पर गंभीर आरोप; वित्तीय व प्रशासनिक अनियमितताओं की निष्पक्ष जांच की मांग
भिलाई / शौर्यपथ / नगर पालिक निगम भिलाई में पिछले कुछ वर्षों के दौरान कराए गए करोड़ों रुपये के निर्माण कार्यों और भुगतान प्रक्रिया में कथित वित्तीय एवं प्रशासनिक अनियमितताओं का मामला सामने आया है। भाजपा के उपनेता प्रतिपक्ष दया सिंह ने नगरीय प्रशासन एवं विकास मंत्री अरुण साव को ज्ञापन सौंपकर पूरे प्रकरण की आर्थिक अपराध अन्वेषण ब्यूरो (EOW) से जांच कराने की मांग की है। ज्ञापन को गंभीरता से लेते हुए मंत्री अरुण साव ने संबंधित अधिकारियों को मामले की जांच के लिए आवश्यक निर्देश दिए हैं।
दया सिंह का आरोप है कि नगर निगम में कई विकास कार्यों के दौरान वैधानिक प्रक्रियाओं की अनदेखी की गई तथा कुछ अधिकारियों की मिलीभगत से ठेकेदारों को अनुचित लाभ पहुंचाया गया। उन्होंने कहा कि सरकारी धन के उपयोग में पारदर्शिता सुनिश्चित करने और दोषियों की जवाबदेही तय करने के लिए स्वतंत्र एवं निष्पक्ष जांच आवश्यक है।
ज्ञापन में लगाए गए प्रमुख आरोप
■ अवैध प्लॉटिंग को लाभ पहुंचाने का आरोप
ज्ञापन के अनुसार वार्ड-22 स्थित शीतला तालाब के दक्षिण मार्ग पर 15वें वित्त आयोग की राशि से लगभग 72.30 लाख रुपये की लागत से डामरीकरण कार्य कराया गया। आरोप है कि आवश्यक वैधानिक स्वीकृतियों के बिना यह सड़क अवैध प्लॉटिंग वाले क्षेत्र को लाभ पहुंचाने के उद्देश्य से बनाई गई तथा गुणवत्ता परीक्षण के बिना लगभग 52 लाख रुपये का भुगतान भी कर दिया गया।
■ PF और ESI जमा किए बिना भुगतान
ज्ञापन में दावा किया गया है कि सफाई ठेकेदार द्वारा कर्मचारियों का PF और ESI जमा नहीं किया गया, इसके बावजूद निगम ने भुगतान जारी कर दिया। आरोप है कि पूर्व आयुक्तों द्वारा भुगतान रोकने के निर्देश होने के बाद भी नियमों की अनदेखी कर ठेकेदार को लाभ पहुंचाया गया।
■ चार पानी टंकियों के निर्माण में पेनल्टी नहीं
दया सिंह ने आरोप लगाया कि निगम की चार ओवरहेड पानी टंकियों का निर्माण निर्धारित समय सीमा में पूरा नहीं हुआ। फाइल में समय सीमा नहीं बढ़ाने की टिप्पणी होने के बावजूद देरी पर ठेकेदार के विरुद्ध पेनल्टी नहीं लगाई गई और करोड़ों रुपये का भुगतान कर दिया गया, जिससे सरकारी धन के दुरुपयोग की आशंका है।
■ निर्माण कार्यों को छोटे-छोटे हिस्सों में बांटने का आरोप
ज्ञापन में यह भी आरोप लगाया गया है कि 50 हजार से 70 हजार रुपये तक के अनेक छोटे निर्माण कार्यों को नियमों से बचने के लिए अलग-अलग हिस्सों में स्वीकृत कराया गया, ताकि निविदा प्रक्रिया से बचते हुए पसंदीदा ठेकेदारों को लाभ पहुंचाया जा सके।
EOW जांच की मांग
दया सिंह ने मंत्री अरुण साव से अनुरोध किया है कि निर्माण कार्यों, भुगतान प्रक्रिया और संबंधित अधिकारियों की भूमिका की EOW से उच्च स्तरीय जांच कराई जाए, जिससे पूरे मामले की निष्पक्ष जांच हो सके और यदि कोई अनियमितता हुई है तो जिम्मेदार व्यक्तियों के विरुद्ध कार्रवाई की जा सके।
ज्ञापन सौंपने के दौरान भाजपा के प्रदेश उपाध्यक्ष एवं भिलाई जिला प्रभारी रामजी भारती, जिला अध्यक्ष पुरुषोत्तम देवांगन, नेता प्रतिपक्ष भोजराज भोजू, पार्षद पीयूष मिश्रा, भाजपा महामंत्री मनीष अग्रवाल, जिला कोषाध्यक्ष शैलेंद्र सिंह, पूर्व सभापति श्याम सुंदर राव सहित भाजपा संगठन के पदाधिकारी एवं पार्षद उपस्थित रहे।
नोट: यह समाचार भाजपा उपनेता प्रतिपक्ष दया सिंह द्वारा लगाए गए आरोपों और मंत्री को सौंपे गए ज्ञापन पर आधारित है। इन आरोपों की आधिकारिक जांच और संबंधित पक्षों का पक्ष सामने आना शेष है।
एसपी विजय अग्रवाल का बड़ा प्रशासनिक फैसला, पुलिसिंग को अधिक प्रभावी और जवाबदेह बनाने के लिए जारी हुए तबादला आदेश
दुर्ग। जिले में पुलिसिंग व्यवस्था को और अधिक चुस्त-दुरुस्त, प्रभावी एवं जनकेंद्रित बनाने की दिशा में दुर्ग पुलिस अधीक्षक विजय अग्रवाल ने बड़ा प्रशासनिक फेरबदल करते हुए 10 थाना एवं चौकी प्रभारियों के तबादला आदेश जारी किए हैं। जारी आदेश के अनुसार विभिन्न थाना प्रभारियों एवं अधिकारियों को नई जिम्मेदारियां सौंपी गई हैं, जबकि उनके स्थान पर अन्य अधिकारियों की पदस्थापना की गई है।
जारी आदेश के मुताबिक वैशाली नगर, पद्मनाभपुर, धमधा, उतई, नंदिनी, सुपेला, पुरानी भिलाई, छावनी, स्मृति नगर चौकी तथा आरसीयू सहित कई महत्वपूर्ण इकाइयों में अधिकारियों का स्थानांतरण किया गया है। प्रशासन का उद्देश्य अनुभव, कार्यकुशलता और क्षेत्रीय आवश्यकता के अनुरूप अधिकारियों की नई तैनाती कर पुलिस व्यवस्था को और अधिक मजबूत बनाना है।
इन अधिकारियों को मिली नई जिम्मेदारी
आदेश के अनुसार निरीक्षक प्रशांत मिश्रा को वैशाली नगर से प्रभारी RCU दुर्ग, निरीक्षक प्रमोद रस्तरिया को RCU से पद्मनाभपुर थाना प्रभारी, निरीक्षक महेश ध्रुव को धमधा थाना, निरीक्षक अनिल पटेल को नंदिनी थाना, निरीक्षक राजकुमार लहरे को वैशाली नगर थाना, निरीक्षक विजय यादव को पुरानी भिलाई थाना, निरीक्षक अंबर सिंह भारद्वाज को सुपेला थाना, निरीक्षक राजेश साहू को उतई थाना, उप निरीक्षक रामनारायण ध्रुव को छावनी थाना तथा उप निरीक्षक अमित अंडानी को स्मृति नगर चौकी प्रभारी की जिम्मेदारी सौंपी गई है।
बेहतर पुलिसिंग पर प्रशासन का फोकस
पुलिस विभाग के इस प्रशासनिक फेरबदल को कानून-व्यवस्था को और अधिक मजबूत बनाने, अपराध नियंत्रण में तेजी लाने तथा आम जनता को बेहतर पुलिस सेवाएं उपलब्ध कराने की दिशा में महत्वपूर्ण कदम माना जा रहा है। माना जा रहा है कि नई पदस्थापनाओं से विभिन्न थाना क्षेत्रों में कार्यप्रणाली में नई गति आएगी और पुलिसिंग अधिक जवाबदेह एवं परिणामोन्मुख बनेगी।
Feb 09, 2021 Rate: 4.00
