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3450 दिनों से लगातार निःशुल्क भोजन सेवा दे रही संस्था ने स्टील की थाली, वस्त्र, फल, मिष्ठान और दैनिक उपयोग की सामग्री भी बांटी
दुर्ग / शौर्यपथ / अधिकमास (पुरुषोत्तम मास) की अमावस्या के पावन अवसर पर जन समर्पण सेवा संस्था, दुर्ग ने सेवा और मानवता की अनूठी मिसाल पेश करते हुए वृद्धाश्रमों, रेलवे स्टेशन तथा शहर के विभिन्न स्थानों पर रह रहे जरूरतमंदों के बीच भोजन और आवश्यक सामग्री का वितरण किया। संस्था द्वारा वृद्धजनों को सम्मानपूर्वक भोजन कराने के साथ ही स्टील की थाली, गिलास, चम्मच, वस्त्र एवं दैनिक उपयोग की सामग्री भी भेंट की गई।
संस्था के अध्यक्ष योगेन्द्र शर्मा ‘बंटी’ ने बताया कि जन समर्पण सेवा संस्था पिछले 9 वर्ष 6 माह (लगभग 3450 दिनों) से बिना किसी व्यवधान के प्रतिदिन दुर्ग रेलवे स्टेशन एवं अन्य स्थानों पर अस्थायी रूप से निवासरत मजदूरों, असहायों, महिलाओं, बच्चों एवं दिव्यांगजनों को रात्रि में निःशुल्क भोजन उपलब्ध करा रही है। संस्था के स्वयंसेवक विभिन्न पर्व एवं त्योहारों पर भी जरूरतमंदों की हरसंभव सहायता करते हैं।
अधिकमास अमावस्या के अवसर पर संस्था के सदस्यों ने पुलगांव स्थित वृद्धाश्रम तथा कादंबरी नगर स्थित महिला अनाथ एवं वृद्ध आश्रम पहुंचकर वृद्धजनों को नई स्टील की थाली, गिलास एवं चम्मच प्रदान किए और उन्हीं में भोजन परोसा। इसके बाद वृद्ध पुरुषों को लुंगी, महिलाओं को नाइटी तथा सभी को मिष्ठान, नमकीन, फल, बिस्किट, साबुन, निरमा, तेल, टूथपेस्ट, कंघी सहित अन्य आवश्यक सामग्री वितरित की गई।
इसके पश्चात संस्था की टीम ने दुर्ग रेलवे स्टेशन एवं शहर के विभिन्न फुटपाथों पर रहने वाले जरूरतमंद लोगों को निःशुल्क भोजन उपलब्ध कराया तथा साबुन एवं अन्य उपयोगी सामग्री का भी वितरण किया।
संस्था ने बताया कि पद्म पुराण एवं अन्य धर्मग्रंथों में अधिकमास के दौरान अन्नदान एवं जरूरतमंदों की सेवा को अत्यंत पुण्यकारी माना गया है। मान्यता है कि इस माह में किया गया दान सामान्य दिनों की अपेक्षा कई गुना अधिक फलदायी होता है तथा इससे मानव सेवा के साथ आध्यात्मिक संतोष की भी प्राप्ति होती है।
सेवा कार्य में रहे उपस्थित
इस अवसर पर संस्था के अध्यक्ष योगेन्द्र शर्मा ‘बंटी’, प्रतिभा शर्मा, पार्षद राम भाऊ, सुरेश गुप्ता, मनोज गुप्ता, लाला, अर्चला शर्मा, सरिता शर्मा, चंचल शर्मा, पिंकी पुरोहित, किरण सेन, सुमन शर्मा, गिरधर शर्मा, राजेंद्र ताम्रकार, अर्जित शुक्ला, आशीष मेश्राम, सुजल शर्मा, विनय मिश्रा, संदीप गुप्ता, अंकेश पेसवानी, वाशु शर्मा, सार्थक शर्मा, अनस खान, अंश पाण्डेय, मंटू गुप्ता, मोक्ष शर्मा सहित संस्था के अनेक सदस्य उपस्थित रहे।
140 आवेदनों के साथ जनता पहुंची कलेक्टर दरबार, भूमि, आवास और सुरक्षा से जुड़े मुद्दे रहे प्रमुख
दुर्ग। जिला प्रशासन द्वारा आयोजित जनदर्शन कार्यक्रम एक बार फिर आम नागरिकों की उम्मीदों का केंद्र बना, जहां विभिन्न समस्याओं और मांगों को लेकर बड़ी संख्या में लोग कलेक्टर कार्यालय पहुंचे। जिला कार्यालय सभाकक्ष में आयोजित जनदर्शन में कलेक्टर अभिजीत सिंह ने स्वयं लोगों की समस्याएं सुनीं और संबंधित विभागों को त्वरित कार्रवाई के निर्देश दिए।
जनदर्शन में कुल 140 आवेदन प्राप्त हुए, जिनमें अवैध कब्जा, भूमि सीमांकन, आवासीय पट्टा, प्रधानमंत्री आवास योजना, सीसी रोड निर्माण, ऋण पुस्तिका सुधार, आर्थिक सहायता एवं अन्य जनहित से जुड़े मामले शामिल रहे। कलेक्टर ने कई मामलों में मौके पर ही संबंधित अधिकारियों से दूरभाष पर चर्चा कर आवश्यक कार्रवाई सुनिश्चित करने के निर्देश दिए।
28 साल बाद भी नहीं मिला पट्टे की जमीन का पता
जनदर्शन में सबसे मार्मिक मामला भिलाई की एक विधवा महिला का सामने आया। महिला ने बताया कि वर्ष 1998 में राजीव गांधी आश्रय योजना के तहत उनके और उनके दिवंगत पति के नाम पर भू-स्वामित्व पट्टा जारी किया गया था, लेकिन लगभग तीन दशक बीत जाने के बाद भी उन्हें अपनी जमीन का वास्तविक स्थान नहीं बताया गया।
महिला ने प्रशासन को बताया कि वर्तमान में वह बीएसपी क्वार्टर में निवास कर रही हैं और जर्जर आवासों को तोड़े जाने की प्रक्रिया के चलते उनका परिवार आवासीय संकट का सामना कर रहा है। उन्होंने पट्टे की भूमि का चिन्हांकन कर कब्जा दिलाने तथा मकान निर्माण की अनुमति प्रदान करने की मांग की। मामले की गंभीरता को देखते हुए कलेक्टर ने तहसील नजूल को आवश्यक कार्रवाई के निर्देश दिए।
फोरलेन सड़क के मापदंड पर उठे सवाल
बोरसी क्षेत्र के नागरिकों ने प्रस्तावित फोरलेन सड़क निर्माण में एक समान मानक अपनाने की मांग करते हुए आवेदन प्रस्तुत किया। नागरिकों का कहना था कि महाराजा चौक से बोरसी चौक तक अधिकांश हिस्सों में सड़क चौड़ीकरण 20 मीटर के मानक पर किया जा रहा है, जबकि एक विशेष हिस्से में 22 मीटर चौड़ाई प्रस्तावित है।
स्थानीय निवासियों का आरोप है कि इससे उनकी निजी संपत्तियां प्रभावित होंगी। उन्होंने पूरे मार्ग में समान रूप से 20 मीटर चौड़ाई के आधार पर नापजोख कराने की मांग की। इस पर कलेक्टर ने लोक निर्माण विभाग के अधिकारियों को परीक्षण कर रिपोर्ट प्रस्तुत करने के निर्देश दिए।
50 कुत्तों से दहशत, रहवासियों ने मांगी राहत
पदमनाभपुर क्षेत्र के शकुंतला नगरवासियों ने एक आवास में बड़ी संख्या में पालतू कुत्ते रखे जाने की शिकायत दर्ज कराई। आवेदकों के अनुसार संबंधित मकान में लगभग 50 कुत्ते रखे गए हैं, जिन्हें कई बार बिना निगरानी के बाहर छोड़ दिया जाता है।
रहवासियों ने बताया कि कुत्तों के झुंड के कारण क्षेत्र में भय का वातावरण बना हुआ है तथा राहगीरों और मवेशियों पर हमले की घटनाएं भी सामने आ चुकी हैं। इस संबंध में पूर्व में थाना पदमनाभपुर में शिकायत देने के बावजूद समस्या का समाधान नहीं होने की बात कही गई। कलेक्टर ने मामले की जांच कर आवश्यक कार्रवाई हेतु एसडीएम दुर्ग को निर्देशित किया।
जनदर्शन बना उम्मीदों का मंच
जनदर्शन में सामने आए मामलों ने यह स्पष्ट किया कि नागरिक आज भी अपनी समस्याओं के समाधान के लिए जिला प्रशासन को सबसे भरोसेमंद मंच मानते हैं। भूमि, आवास, सड़क और सुरक्षा जैसे मुद्दे सीधे आम जनजीवन से जुड़े हैं और इनके समाधान की अपेक्षा प्रशासन से की जाती है।
कलेक्टर द्वारा कई मामलों में तत्काल संज्ञान लेकर संबंधित अधिकारियों को जवाबदेह बनाना यह संकेत देता है कि प्रशासन समस्याओं के समाधान को लेकर गंभीर है। अब नागरिकों की निगाहें इस बात पर टिकी हैं कि जनदर्शन में दिए गए निर्देश धरातल पर कितनी तेजी से अमल में आते हैं।
शौर्यपथ ब्यूरो, नई दिल्ली।
'आत्मनिर्भर भारत' और 'मेक इन इंडिया' के संकल्प को नई ऊंचाई देते हुए इस्पात मंत्रालय के अधीन महारत्न कंपनी स्टील अथॉरिटी ऑफ इण्डिया लिमिटेड (SAIL) ने देश की समुद्री सुरक्षा को अभेद्य बनाने में एक और ऐतिहासिक मील का पत्थर पार किया है। भारतीय नौसेना के बेड़े में हाल ही में शामिल किए गए तीन अत्याधुनिक और उन्नत जहाजों के निर्माण के लिए सेल ने अकेले ही 5,700 टन विशेष रक्षा-ग्रेड (Defense-Grade) स्टील की आपूर्ति की है।
पीएम नरेंद्र मोदी ने कोलकाता में किया कमीशन
इन तीनों उन्नत और स्वदेशी जहाजों को 21 जून, 2026 को कोलकाता के श्यामा प्रसाद मुखर्जी पोर्ट पर आयोजित एक ऐतिहासिक और भव्य समारोह के दौरान माननीय प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी द्वारा औपचारिक रूप से भारतीय नौसेना में शामिल (कमिशन) किया गया। इन जहाजों में शामिल हैं:
आईएनएस दूनागिरी (INS Dunagiri): उन्नत स्टील्थ फ्रिगेट
आईएनएस अग्रय (INS Agray): एंटी-सबमरीन वारफेयर शैलो वॉटर क्राफ्ट
आईएनएस संशोधक (INS Sanshodhak): विशाल सर्वेक्षण पोत (लार्ज)
भिलाई, बोकारो और राउरकेला प्लांट का साझा पराक्रम
सेल ने इन तीनों अत्याधुनिक जहाजों की सुरक्षा और मजबूती के लिए विशेष गुणवत्ता वाले DMR 249A ग्रेड हॉट-रोल्ड शीट और प्लेट की सप्लाई की है। इस विशिष्ट डिफेंस ग्रेड स्टील का उत्पादन सेल ने अपने तीन प्रमुख संयंत्रों के जरिए किया है:
भिलाई इस्पात संयंत्र (BSP)
बोकारो इस्पात संयंत्र (BSL)
राउरकेला इस्पात संयंत्र (RSP)
इस उच्च स्तरीय स्टील का बेहद सावधानीपूर्वक किया गया उत्पादन यह प्रमाणित करता है कि 'सेल' के पास देश की समुद्री सुरक्षा की जटिल और बुनियादी जरूरतों को पूरा करने के लिए विश्वस्तरीय तकनीकी क्षमता मौजूद है।
आयात पर निर्भरता खत्म, राउरकेला में उत्पादन क्षमता बढ़ी
रक्षा क्षेत्र में भारत की बढ़ती जरूरतों और विदेशी आयात को प्रतिस्थापित (Import Substitution) करने के लिए सेल ने अपनी कमर कस ली है। कंपनी ने डीएमआर (DMR) ग्रेड प्लेटों का उत्पादन बढ़ाने के लिए विशेष रूप से राउरकेला स्टील प्लांट के 'स्पेशल प्लेट प्लांट' में अतिरिक्त एवं आधुनिक पहल लागू किए हैं, ताकि भारतीय सेनाओं को कभी भी स्टील की कमी न हो।
शानदार है सेल का ट्रैक रिकॉर्ड (देश के समुद्री रक्षक)
यह पहली बार नहीं है जब सेल के फौलाद ने देश की सीमाओं को सुरक्षित किया है। इससे पहले सेल ने:
भारत के पहले स्वदेशी विमान वाहक आईएनएस विक्रांत के लिए स्टील दिया।
विशिष्ट प्रोजेक्ट 17A स्टील्थ फ्रिगेट्स - आईएनएस नीलगिरि, आईएनएस हिमगिरि और आईएनएस उदयगिरि का निर्माण किया।
इसके अलावा आईएनएस अजय, आईएनएस निस्तार और आईएनएस अंजदीप जैसे शक्तिशाली जहाजों की रीढ़ भी सेल का विशेष स्टील ही है।
"रणनीतिक स्वतंत्रता को मिलेगी मजबूती" — डॉ. अशोक कुमार पंडा (सीएमडी, SAIL)
सेल के अध्यक्ष एवं प्रबंध निदेशक डॉ. अशोक कुमार पंडा ने इस ऐतिहासिक उपलब्धि पर गर्व जताते हुए कहा, "भारत के रक्षा क्षेत्र के एक प्रमुख भागीदार के रूप में, SAIL देश की आत्मनिर्भरता के लिए पूरी तरह प्रतिबद्ध है। हमने रक्षा क्षेत्र की बढ़ती जरूरतों को देखते हुए राउरकेला के स्पेशल प्लेट प्लांट की उत्पादन क्षमता को पहले ही अपग्रेड कर दिया है। इन उच्च-क्षमता वाली DMR 249A स्टील प्लेटों की आपूर्ति न केवल भारत की रणनीतिक स्वतंत्रता को मजबूती देती है, बल्कि यह सेल की अत्याधुनिक तकनीकी विशेषज्ञता का भी जीता-जागता प्रमाण है।"
शौर्यपथ संवाददाता, भिलाई।
सेल-भिलाई इस्पात संयंत्र (BSP) के सिन्टरिंग प्लांट-3 (SP-3) के एरिया रिपेयर शॉप से आत्मनिर्भरता और बेहतरीन टीमवर्क की एक अनूठी मिसाल सामने आई है। यहाँ पिछले 9 वर्षों (वर्ष 2017) से विभिन्न तकनीकी खराबियों के कारण कबाड़ और निष्क्रिय पड़ी एचएमटी निर्मित ड्रिलिंग मशीन (मॉडल आरएम-62) का सफलतापूर्वक पुनरुद्धार (Restoration) कर उसे फिर से चालू कर दिया गया है।
24 जून 2026 को आयोजित एक विशेष कार्यक्रम में इस पुनरुद्धारित मशीन का भव्य लोकार्पण किया गया।
दिग्गज अधिकारियों की उपस्थिति में हुआ लोकार्पण
मशीन के पुनः संचालन के अवसर पर बीएसपी के कई वरिष्ठ अधिकारी मौजूद रहे, जिनमें शामिल हैं:
श्री सजीव वर्गीज - मुख्य महाप्रबंधक (SP-3 एवं OHP)
श्री डी. जगदीश - महाप्रबंधक (MARS-1)
श्री राहुल बिजुरकर - महाप्रबंधक प्रभारी (SP-3)
श्री आई. वी. रमणा - महाप्रबंधक (मैकेनिकल, SP-3)
अधिकारियों का संदेश: "आंतरिक संसाधनों, तकनीकी दक्षता और समन्वित टीमवर्क के माध्यम से इस मशीन का पुनरुद्धार बीएसपी की आत्मनिर्भरता का उत्कृष्ट उदाहरण है। भविष्य में भी ऐसी परिसंपत्ति पुनर्स्थापन (Asset Restoration) पहलों को बढ़ावा दिया जाएगा।"
चुनौतीपूर्ण था सफर: गायब थे स्पेयर्स और तकनीकी दस्तावेज
यह मशीन 2017 से यांत्रिक (Mechanical), विद्युत (Electrical) और हाइड्रोलिक खराबियों के कारण बंद थी। मूल इलेक्ट्रिकल सर्किट डायग्राम (विद्युत परिपथ आरेख) और जरूरी स्पेयर्स न होने के कारण इसका सुधरना नामुमकिन लग रहा था। लेकिन SP-3 की बहु-विभागीय टीम ने इस चुनौती को स्वीकार किया।
इन विभागों और 'मास्टर्स' के तालमेल से हुआ कमाल
मशीन को दोबारा जिंदा करने में संयंत्र के विभिन्न विभागों ने कंधे से कंधा मिलाकर काम किया:
यांत्रिक पुर्जों का निर्माण (MARS-1): क्षतिग्रस्त पार्ट्स का निर्माण महाप्रबंधक श्री डी. जगदीश एवं इंजीनियरिंग एसोसिएट श्री हेमंत वानखेड़े के मार्गदर्शन में मार्स-1 मशीन शॉप में किया गया।
गुमशुदा दस्तावेजों की खोज (HRDC): मूल विद्युत आरेख न होने पर मानव संसाधन विकास केंद्र के प्रशिक्षण अनुभाग से श्री ए. के. तिवारी ने आवश्यक तकनीकी दस्तावेज खोजकर उपलब्ध कराए।
विद्युत प्रणाली का पुनरुद्धार: महाप्रबंधक श्री एस. एस. मौरी, उप महाप्रबंधक श्री दीपक कुमार गुप्ता तथा सहायक महाप्रबंधक श्री एस. सी. साहू के नेतृत्व में इलेक्ट्रिकल सिस्टम को पूरी तरह ठीक किया गया।
हाइड्रोलिक सिस्टम की ओवरहॉलिंग: स्नेहन दल द्वारा सहायक प्रबंधक श्री अशोक राव ठाकरे के नेतृत्व में हाइड्रोलिक प्रणाली को दुरुस्त किया गया।
इनका भी रहा विशेष योगदान: इस पूरे प्रोजेक्ट के सफल निष्पादन में उप महाप्रबंधक श्री एम. यू. राव, वरिष्ठ प्रबंधक श्री जितेश एच. शाहनी, वरिष्ठ प्रबंधक श्री विपिन मौर्य तथा सहायक महाप्रबंधक श्री राजेश साहू के नेतृत्व में मैकेनिकल मेंटेनेंस प्लानिंग एवं एरिया रिपेयर शॉप की टीमों की मुख्य भूमिका रही।
मशीन शुरू होने से बीएसपी को क्या होगा फायदा?
क्षमता में वृद्धि: एरिया रिपेयर शॉप की मशीनिंग और फैब्रिकेशन क्षमताओं को भारी मजबूती मिलेगी।
काम में तेजी: ड्रिलिंग कार्यों के निष्पादन में अब काफी तेजी आएगी।
पैसों की बचत: अनुरक्षण (Maintenance) कार्यों के लिए जरूरी स्पेयर्स का आंतरिक निर्माण अब प्लांट के भीतर ही प्रभावी ढंग से हो सकेगा।
घटेगी निर्भरता: विशेष ड्रिलिंग कार्यों के लिए अब केंद्रीय इंजीनियरिंग शॉप्स (Central Engineering Shops) पर निर्भर नहीं रहना पड़ेगा।
शौर्यपथ संवाददाता, भिलाईनगर।
शहर को स्वच्छ और सुंदर बनाए रखने के उद्देश्य से नगर पालिक निगम भिलाई ने अतिक्रमण और गंदगी फैलाने वालों के खिलाफ अपना अभियान तेज कर दिया है। इसी कड़ी में निगम आयुक्त राजीव कुमार पाण्डेय के कड़े निर्देशों के बाद, जोन-3 (मदर टेरेसा नगर) की टीम ने एक बड़ी कार्रवाई को अंजाम दिया।
क्या था पूरा मामला?
पावर हाउस रेलवे स्टेशन के मुख्य प्रवेश द्वार के ठीक सामने, 'जगदम्बा स्वीट्स' के पास का इलाका लंबे समय से अव्यवस्था का केंद्र बना हुआ था। यहाँ कुछ कबाड़ियों द्वारा बड़े पैमाने पर कबाड़ और कचरा फैलाकर रखा गया था, जिससे न केवल शहर की खूबसूरती पर दाग लग रहा था, बल्कि राहगीरों और यात्रियों का वहां से गुजरना भी दुश्वार हो गया था।
मौके पर निगम का दस्ता पहुँचा और की जप्ती
निगम को मिली शिकायतों के बाद स्वास्थ्य विभाग और राजस्व विभाग की संयुक्त टीम ने त्वरित कार्रवाई की। स्थल पर भारी मात्रा में फैला कबाड़ और अनुपयोगी कचरा जब्त कर लिया गया। इस दौरान जोन स्वास्थ्य अधिकारी, स्वच्छता निरीक्षक और राजस्व विभाग के सुपरवाइजर सहित निगम का पूरा अमला मौजूद रहा।
निगम की दो टूक: नहीं बख्शे जाएंगे सार्वजनिक स्थल गंदा करने वाले
नगर निगम प्रशासन ने स्पष्ट चेतावनी दी है कि सार्वजनिक स्थलों को अपना 'स्टोर रूम' समझने वाले व्यवसायियों के खिलाफ भविष्य में और भी सख्त कार्रवाई की जाएगी। निगम ने आम नागरिकों और व्यवसायियों से अपील की है कि वे भिलाई को 'क्लीन और ग्रीन' बनाने में प्रशासन का सहयोग करें और किसी भी प्रकार का कचरा या कबाड़ सार्वजनिक स्थानों पर न फैलाएं।
शौर्यपथ संवाददाता, भिलाईनगर।
शासन के मंशानुरूप नागरिकों की समस्याओं के त्वरित निराकरण और निगम के कामकाज को अधिक पारदर्शी व हाईटेक बनाने के लिए नगर पालिक निगम भिलाई में एक महत्वपूर्ण बैठक आयोजित की गई। निगम आयुक्त की अध्यक्षता में आयोजित इस बैठक में सीएम हेल्पलाइन नंबर 1076 और ई-ऑफिस प्रणाली के प्रभावी क्रियान्वयन पर विस्तार से रणनीति बनाई गई।
निगम सभागार में आयोजित इस उच्च स्तरीय बैठक में मुख्य कार्यालय सहित सभी जोन कार्यालयों के अधिकारी, लिपिक (क्लरिक्स) और कंप्यूटर ऑपरेटर मुख्य रूप से शामिल हुए।
शिकायतों का होगा समयबद्ध निवारण: सीएम हेल्पलाइन 1076
बैठक में अधिकारियों को स्पष्ट निर्देश दिए गए कि सीएम हेल्पलाइन पोर्टल पर आने वाली नागरिकों की हर शिकायत और मांग को गंभीरता से लिया जाए।
पारदर्शिता और गति: इसके माध्यम से आम जनता की समस्याओं का एक तय समय-सीमा (टाइम-बाउंड) के भीतर निराकरण सुनिश्चित किया जाएगा।
समस्याओं का समाधान: पोर्टल संचालन के दौरान मैदानी स्तर पर आ रही तकनीकी और प्रक्रियागत दिक्कतों पर भी चर्चा कर मौके पर ही उनका समाधान निकाला गया।
कागजी फाइलों से मुक्ति, ई-ऑफिस से बढ़ेगी कार्यक्षमता
निगम के प्रशासनिक कार्यों में गति लाने के लिए ई-ऑफिस प्रणाली पर विशेष जोर दिया गया। इस प्रणाली के लागू होने से:
फाइलों का संचालन अधिक व्यवस्थित और सुरक्षित होगा।
कार्यों में पारदर्शिता आएगी और लेटलतीफी पर लगाम लगेगी।
कर्मचारियों को व्यावहारिक प्रशिक्षण देते हुए बताया गया कि कैसे नस्तियों (फाइलों) को लिपिक स्तर से उच्च अधिकारियों तक ऑनलाइन अनुमोदन (Approval) के लिए भेजा जाए।
आयुक्त के कड़े निर्देश: कार्यों को बनाएं पेपरलेस
निगम आयुक्त ने बैठक में मौजूद सभी अधिकारी-कर्मचारियों को सख्त लहजे में निर्देशित किया कि सीएम हेल्पलाइन में प्राप्त शिकायतों को 'टॉप प्रायोरिटी' (प्राथमिकता) पर रखते हुए तुरंत निपटाएं। साथ ही, उन्होंने ई-ऑफिस प्रणाली का अधिकतम उपयोग करने को कहा ताकि निगम के कामकाज को पूरी तरह पेपरलेस और पारदर्शी बनाया जा सके, जिससे आम नागरिकों को घर बैठे बेहतर और सुलभ सेवाएं मिल सकें।
परामर्शदात्री समिति की बैठक में नवनियुक्त अधिकारी/कर्मचारी कल्याण संघ ने रखा कर्मचारियों का पक्ष, शीघ्र समाधान की मांग
दुर्ग। नगर पालिक निगम दुर्ग के अधिकारियों एवं कर्मचारियों की वर्षों से लंबित समस्याओं के समाधान को लेकर सोमवार को आयुक्त कक्ष में परामर्शदात्री समिति की महत्वपूर्ण बैठक आयोजित की गई। बैठक में नवनियुक्त अधिकारी/कर्मचारी कल्याण संघ ने कर्मचारियों से जुड़े विभिन्न ज्वलंत मुद्दों को प्रमुखता से उठाते हुए उनके त्वरित एवं न्यायसंगत निराकरण की मांग की।
बैठक के दौरान संघ के पदाधिकारियों ने कहा कि किसी भी संस्था की कार्यक्षमता और विकास उसके कर्मचारियों के मनोबल, सुरक्षा एवं सम्मान पर आधारित होती है। कर्मचारियों की मूलभूत समस्याओं का समयबद्ध समाधान होने पर जनसेवा की गुणवत्ता में भी उल्लेखनीय सुधार संभव है।
संघ ने निगम प्रशासन के समक्ष प्रत्येक माह निर्धारित तिथि पर नियमित वेतन भुगतान, पुरानी पेंशन योजना की बहाली, जीपीएफ, सीपीएफ एवं परिवार कल्याण निधि की कटौती राशि का नियमित जमा, तथा छठवें एवं सातवें वेतनमान के लंबित एरियर्स के भुगतान जैसे महत्वपूर्ण मुद्दे विस्तार से रखे।
पदाधिकारियों ने बताया कि समय पर वेतन नहीं मिलने और कर्मचारियों के अंशदान की राशि संबंधित खातों में जमा नहीं होने से उन्हें आर्थिक और मानसिक परेशानियों का सामना करना पड़ता है। वहीं सेवानिवृत्ति के बाद सामाजिक एवं आर्थिक सुरक्षा के लिए पुरानी पेंशन योजना की मांग भी कर्मचारियों की प्रमुख अपेक्षाओं में शामिल है।
बैठक में कर्मचारियों के हितों से जुड़े विभिन्न विषयों पर गंभीर चर्चा हुई। संघ के अनुसार प्रशासनिक स्तर पर समस्याओं के समाधान के लिए सकारात्मक पहल का आश्वासन प्राप्त हुआ है। संगठन ने उम्मीद जताई कि निगम प्रशासन कर्मचारियों की मांगों पर संवेदनशीलता के साथ विचार कर जल्द ठोस निर्णय लेगा।
संघ के पदाधिकारियों ने कहा कि उनका उद्देश्य केवल समस्याएं उठाना नहीं, बल्कि निगम प्रशासन और कर्मचारियों के बीच बेहतर समन्वय स्थापित कर ऐसा सकारात्मक कार्य वातावरण तैयार करना है, जिससे कर्मचारी सम्मानपूर्वक कार्य कर सकें और नगरवासियों को गुणवत्तापूर्ण सेवाएं मिल सकें।
इस अवसर पर संगठन ने सभी अधिकारियों एवं कर्मचारियों से संगठन को मजबूत बनाने तथा कर्मचारी हितों की रक्षा के लिए एकजुट रहने का आह्वान किया। संघ ने स्पष्ट किया कि कर्मचारियों के अधिकारों और हितों से जुड़े प्रत्येक मुद्दे को लोकतांत्रिक एवं संवैधानिक तरीके से आगे भी मजबूती के साथ उठाया जाता रहेगा।
प्रमुख मांगें
निर्धारित तिथि पर नियमित वेतन भुगतान
पुरानी पेंशन योजना (OPS) की बहाली
जीपीएफ, सीपीएफ एवं परिवार कल्याण निधि की राशि नियमित जमा करना
छठवें एवं सातवें वेतनमान के लंबित एरियर्स का भुगतान
कर्मचारियों की लंबित प्रशासनिक एवं सेवा संबंधी समस्याओं का निराकरण
"मजबूत संगठन ही कर्मचारियों के अधिकारों की सबसे बड़ी ताकत है और कर्मचारी हितों की रक्षा के लिए संघ सदैव प्रतिबद्ध रहेगा।"
— राजू लाल चन्द्राकर, जिला अध्यक्ष, नवनियुक्त अधिकारी/कर्मचारी कल्याण संघ, दुर्ग
15 करोड़ की लागत से बनेगा संभाग स्तरीय बहुउद्देशीय स्टेडियम, खिलाड़ियों को मिलेंगी विश्वस्तरीय सुविधाएं
दुर्ग / शौर्यपथ / दुर्ग जिले के खेलगांव खम्हरिया में प्रस्तावित संभाग स्तरीय बहुउद्देशीय स्टेडियम निर्माण परियोजना को लेकर महत्वपूर्ण प्रगति हुई है। कलेक्टर श्री अभिजीत सिंह के निर्देशानुसार सोमवार को खेल एवं युवा कल्याण विभाग के नाम आबंटित 16 एकड़ शासकीय भूमि का सीमांकन एवं चिन्हांकन कार्य सफलतापूर्वक पूरा कर लिया गया।
राजस्व, लोक निर्माण एवं पुलिस विभाग के संयुक्त समन्वय से यह कार्रवाई शांतिपूर्ण ढंग से संपन्न हुई। सीमांकन कार्य के दौरान भूमि की परिधि को चूना एवं अन्य तकनीकी साधनों की सहायता से चिन्हित किया गया, जिससे अब स्टेडियम निर्माण की प्रक्रिया को गति मिलने का मार्ग प्रशस्त हो गया है।
राजस्व और पीडब्ल्यूडी की संयुक्त टीम रही मौजूद
तहसीलदार वसुमित्र दीवान के नेतृत्व में राजस्व विभाग की टीम, जिसमें आरआई श्री घनश्याम चंद्राकर और पटवारी श्री विवेक देवांगन शामिल थे, ने सीमांकन की कार्रवाई पूरी की। वहीं लोक निर्माण विभाग के इंजीनियर श्री वाय.के. सोनवानी एवं श्रीमती सुस्मिता चंद्राकर ने तकनीकी सहयोग प्रदान किया।
सुरक्षा व्यवस्था के लिए उतई थाना प्रभारी श्री अनिल पटेल के नेतृत्व में 10 पुरुष एवं 10 महिला पुलिसकर्मी तैनात रहे, जिसके चलते पूरी प्रक्रिया निर्विघ्न रूप से संपन्न हुई।
15 करोड़ की लागत से तैयार होगा आधुनिक खेल परिसर
जानकारी के अनुसार, दुर्ग ग्रामीण विधायक श्री ललित चंद्राकर के विशेष प्रयासों से इस बहुप्रतीक्षित परियोजना के लिए 15 करोड़ रुपये की स्वीकृति मिल चुकी है। निर्माण कार्य के लिए मार्च 2026 में 4 करोड़ रुपये की प्रथम किश्त लोक निर्माण विभाग को जारी की जा चुकी है।
प्रस्तावित स्टेडियम में खिलाड़ियों के लिए आधुनिक सुविधाएं विकसित की जाएंगी, जिनमें—
400 मीटर का सिंथेटिक एथलेटिक्स ट्रैक
अंतरराष्ट्रीय मानकों वाला फुटबॉल मैदान
दर्शकों के लिए सीटिंग गैलरी
बैडमिंटन कोर्ट सहित इंडोर स्टेडियम
प्रशासनिक भवन एवं अन्य सहायक सुविधाएं
शामिल हैं।
पूरे संभाग के खिलाड़ियों को मिलेगा लाभ
स्टेडियम निर्माण के बाद दुर्ग ग्रामीण, दुर्ग शहर, रिसाली नगर निगम, भिलाई नगर निगम तथा नगर पंचायत उतई सहित पूरे दुर्ग संभाग के खिलाड़ियों को उच्चस्तरीय खेल सुविधाएं उपलब्ध होंगी। इससे स्थानीय प्रतिभाओं को अपने क्षेत्र में ही बेहतर प्रशिक्षण एवं प्रतियोगी अवसर मिल सकेंगे।
ग्रामवासियों और जनप्रतिनिधियों की रही सहभागिता
सीमांकन कार्य के दौरान खेल विभाग के प्रशिक्षक श्री भूपेन्द्र हिरवानी, खम्हरिया सरपंच श्रीमती दुलारी देशलहरे, उपसरपंच श्री टीकाराम साहू, खेल प्रशिक्षक श्री बालक दास डहरे सहित अनेक जनप्रतिनिधि और ग्रामवासी उपस्थित रहे।
हेडलाइन विकल्प
// खेलगांव खम्हरिया को मिली नई पहचान: 16 एकड़ में बनेगा संभाग का आधुनिक स्टेडियम
// दुर्ग के खिलाड़ियों के लिए खुशखबरी, 15 करोड़ के स्टेडियम का रास्ता हुआ साफ
// खम्हरिया में गूंजेगी खेल प्रतिभाओं की नई उड़ान, स्टेडियम निर्माण हेतु भूमि सीमांकन पूर्ण
// सिंथेटिक ट्रैक से इंडोर स्टेडियम तक: दुर्ग संभाग को मिलने जा रही खेल सुविधाओं की बड़ी सौगात
शौर्यपथ विशेष: यह परियोजना केवल एक स्टेडियम नहीं, बल्कि दुर्ग संभाग की खेल प्रतिभाओं को राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय मंच तक पहुंचाने की दिशा में एक महत्वपूर्ण आधारशिला साबित हो सकती है।
बिलासपुर में होने वाली प्रतियोगिता के लिए खिलाड़ियों ने दिखाया दमखम, बेहतर प्रदर्शन की उम्मीद
भिलाई। आगामी राज्य स्तरीय थाई बॉक्सिंग चैंपियनशिप में भाग लेने वाली दुर्ग जिला टीम के चयन हेतु सोमवार, 22 जून 2026 को शाम 5:30 बजे गुंडिचा मंडप डोम शेड, सेक्टर-10 भिलाई नगर में चयन प्रक्रिया का आयोजन किया गया। चयन ट्रायल में दुर्ग जिले के विभिन्न क्षेत्रों से प्रशिक्षण प्राप्त कर रहे छात्र-छात्राओं ने उत्साहपूर्वक भाग लेते हुए अपनी प्रतिभा का प्रदर्शन किया।
चयन प्रक्रिया में सब जूनियर (अंडर-14), जूनियर (अंडर-17) एवं सीनियर (19 वर्ष एवं उससे अधिक आयु वर्ग) के खिलाड़ियों ने हिस्सा लिया और राज्य स्तरीय प्रतियोगिता के लिए टीम में स्थान बनाने का प्रयास किया।
कार्यक्रम का शुभारंभ हनुमान जी के चित्र पर माल्यार्पण एवं दीप प्रज्वलन के साथ किया गया। इस अवसर पर सेक्टर-10 की पार्षद श्रीमती सुभद्रा जी मुख्य रूप से उपस्थित रहीं। उन्होंने सभी खिलाड़ियों को शुभकामनाएं देते हुए कहा कि वे जिले का नाम रोशन करें और अधिक से अधिक पदक जीतकर लौटें।
ज्ञात हो कि राज्य स्तरीय थाई बॉक्सिंग चैंपियनशिप का आयोजन 10 से 12 जुलाई 2026 तक बिलासपुर के रेलवे स्टेडियम में किया जाएगा। प्रतियोगिता को लेकर खिलाड़ियों में विशेष उत्साह देखा गया।
थाई बॉक्सिंग दुर्ग जिला सचिव जे.पी. राजू ने कहा कि खेलों की नगरी भिलाई में प्रशिक्षण प्राप्त कर रहे खिलाड़ियों से उत्कृष्ट प्रदर्शन की अपेक्षा है। उन्होंने बताया कि चयनित खिलाड़ियों के लिए शीघ्र ही विशेष प्रशिक्षण शिविर आयोजित किया जाएगा ताकि वे राज्य स्तरीय प्रतियोगिता में बेहतर प्रदर्शन कर सकें।
कार्यक्रम में कारा-कु-जू-बो-काई-कान कराते डो मार्शल आर्ट्स एंड योग एसोसिएशन के वरिष्ठ छात्र रामकुमार पांडे, गांधी सोनी, भरत लाल साहू, सुभाष सोनी, दीपेश आहूजा, रोहन देवांगन, विपिन दहाते, अक्षत चंद्रा, अरमान देवांगन, वेदांत साहू सहित बड़ी संख्या में जूनियर एवं सीनियर ब्लैक बेल्ट तथा ब्राउन बेल्ट खिलाड़ी उपस्थित रहे।
इस अवसर पर दुर्ग जिला थाई बॉक्सिंग संघ के अध्यक्ष श्री चिन्ना केशवलु ने भी खिलाड़ियों को शुभकामनाएं देते हुए कहा कि उन्हें जिले के खिलाड़ियों से उत्कृष्ट प्रदर्शन की पूरी उम्मीद है। उन्होंने भविष्य में थाई बॉक्सिंग खेल के विस्तार और खिलाड़ियों के विकास के लिए हरसंभव सहयोग देने का आश्वासन भी दिया।
चयन प्रक्रिया के सफल आयोजन के साथ अब खिलाड़ियों की निगाहें बिलासपुर में होने वाली राज्य स्तरीय प्रतियोगिता पर टिकी हैं, जहां दुर्ग जिले की टीम से शानदार प्रदर्शन की उम्मीद की जा रही है।
Feb 09, 2021 Rate: 4.00
