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दुर्ग / शौर्यपथ /
अविभाजित मध्य प्रदेश के प्रथम मुख्यमंत्री, स्वतंत्रता संग्राम सेनानी, भविष्यदृष्टा एवं जननेता पंडित रविशंकर शुक्ल की 68 वीं पुण्यतिथि पर 31 दिसम्बर, 2025 को इस्पात नगरी भिलाई के सेक्टर-9 स्थित उनकी भव्य प्रतिमा के समक्ष प्रातः 10.00 बजे श्रद्धांजलि सभा का आयोजन किया गया है। इस अवसर पर भिलाई बिरादरी के सदस्य और आम जन द्वारा पं. शुक्ल को पुष्पांजलि अर्पित कर अपनी भावभीनी श्रद्धांजलि अर्पित की जायेगी।
उल्लेखनीय है कि देश के सर्वश्रेष्ठ एकीकृत इस्पात संयंत्र की भिलाई में स्थापना में पंडित रविशंकर शुक्ल ने आधारभूत भूमिका निभाई थी। पं. जगन्नाथ शुक्ल एवं श्रीमती तुलसी देवी के पुत्र के रूप 2 अगस्त, 1876 में सागर में जन्में पं. रविशंकर शुक्ल बचपन से ही मेघावी रहे। उनकी प्राथमिक शिक्षा सागर में ही हुईं। व्यवसाय के कारण पिता श्री जगन्नाथ शुक्ल के छत्तीसगढ़ के राजनांदगांव जिले में आ जाने के कारण पं. शुक्ल ने अपनी मिडिल स्कूल की शिक्षा राजनांदगांव से शुरू की। कुछ ही समय बाद पिता के रायपुर आने से पु. शुक्ल ने अपनी शिक्षा रायपुर में जारी रखी। जबलपुर के राबिनसन कॉलेज से इंटरमिडियेट और नागपुर के हिसलॉप कॉलेज से शिक्षा ग्रहण करने के दौरान ही युवा पं. शुक्ल कांग्रेस के आंदोलन से प्रभावित हो गये थे। 1899 में 22 वर्ष की उम्र में पं. शुक्ल स्नातक हो गये।
1898 में अमरावती में हुए कांग्रेस के 13 अधिवेशन में पं. शुक्ल ने अपने शिक्षक के साथ भाग लिया और देश के अनेक तत्कालीन महानायकों के संपर्क में आये। यही से पं. शुक्ल की राजनैतिक जीवन और आजादी के आंदोलन की यात्रा प्रारंभ हुई। 50 वर्ष के अपने राजनैतिक एवं सामाजिक जीवन में पं. शुक्ल ने अनेक जिम्मेदारियों का निर्वहन करते हुए प्रदेश के विकास, शिक्षा और आधारभूत संरचनाओं की स्थापना के लिये महत्वपूर्ण और स्मरणीय कार्य किये। पूर्व सी पी एवं बरार तथा अविभाजित मध्य प्रदेश के विकास में उनके योगदान को सदैव स्मरण किया जायेगा। पं. रविशंकर शुक्ल ने 31 दिसम्बर, 1956 में 80 वर्ष की उम्र में नई दिल्ली में अंतिम सांस ली।
देश के सर्वश्रेष्ठ एकीकृत इस्पात संयंत्र की भिलाई में स्थापना के प्रबल समर्थक और प्रणेता पं. शुक्ल की पुण्य स्मृति में श्रृद्धांजलि सभा का आयोजन भिलाई इस्पात संयंत्र के क्रीड़ा एवं सांस्कृतिक समूह द्वारा किया गया है। दुर्ग जिला कांग्रेस कमेटी के और पं रवि शंकर शुक्ल सामाजिक एवं सांस्कृतिक समिति और कान्यकुब्ज सामाजिक चेतना मंच भिलाई द्वारा सभी लोगों से श्रद्धांजलि सभा में शामिल होने और श्रद्धांजलि देने की अपील की है।
पं रवि शंकर शुक्ल सामाजिक एवं सांस्कृतिक समिति के महासचिव श्री मनोज मिश्रा और जिला कांग्रेस समिति के अध्यक्ष श्री मुकेश चंद्राकर ने इस्पात नगरी के सभी गणमान्य नागरिकों, जिला कांग्रेस समिति के सदस्यों और भिलाई बिरादरी के सदस्यों से श्रद्धांजलि सभा में उपस्थित रहने का आग्रह किया है।
भिलाई नगर / शौर्यपथ / छावनी थाना क्षेत्र के स्वीपर मोहल्ला में पुरानी रंजिश के चलते मंगलवार की रात एक युवक और उसके साथियों पर जानलेवा हमला कर दिया गया। घटना के बाद पुलिस ने चार नामजद आरोपियों सहित अन्य के खिलाफ गंभीर धाराओं में अपराध दर्ज कर जांच शुरू कर दी है।
छावनी पुलिस से मिली जानकारी के अनुसार एस. अरविंद (28 वर्ष), निवासी सुंदर नगर कैंप-01, अपने मित्र एन. सागर और नंद कुमार यादव उर्फ नंदू के साथ स्वीपर मोहल्ला स्थित अपने रिश्तेदार एन. सुमती के घर गए थे। बताया गया है कि 25 दिसंबर को गुरुद्वारा के पास हुए विवाद को लेकर आरोपी अभी, पोलेश, बंगारु और उनके साथी 26 दिसंबर की रात दोबारा भिड़ गए।
रात करीब 10 बजे, आरोपियों ने नंदू को गाली-गलौच करते हुए घेर लिया। मना करने पर बंगारु और उसके साथियों ने नंदू को पकड़ लिया और अभी व पोलेश ने अपने पास रखी नुकीली वस्तु से उसे जान से मारने की नीयत से वार कर दिया। हमले में नंदू के दोनों पैरों की जांघ और कुल्हे में गहरी चोट आई और खून बहने लगा।
घटना के दौरान अरविंद और सागर ने बीच-बचाव की कोशिश की। विवाद बढ़ने की सूचना मिलने पर अरविंद के भाई एस. बालाराजू और एस. सतीश बोलेरो वाहन (CG07BT9260) से मौके पर पहुंचे। आरोपियों ने गाड़ी में भी तोड़फोड़ कर दी, जिससे लगभग 50 हजार रुपये का नुकसान हुआ। इसी दौरान सतीश का रेडमी 12 5G मोबाइल और पर्स भी गायब हो गया।
पीड़ित की रिपोर्ट पर छावनी पुलिस ने अपराध क्रमांक 0652/25 दर्ज करते हुए आरोपियों अभी, पोलेश, बंगारु व अन्य साथियों के खिलाफ धारा 109-BNS, 296-BNS, 3(5)-BNS, 324(4)-BNS के तहत मामला पंजीबद्ध कर विवेचना में लिया है।
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने स्वदेशी उत्पादों के उपयोग, स्वास्थ्य जागरूकता और राष्ट्र निर्माण का दिया प्रेरक संदेश
दुर्ग / शौर्यपथ /
दुर्ग ग्रामीण विधायक ललित चंद्राकर ने नेवई बस्ती वार्ड 33 बूथ नंबर 185 में बूथ कार्यकताओं के साथ प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी के मासिक रेडियो कार्यक्रम ‘मन की बात’ की 129वीं कड़ी का श्रवण किया। इस अवसर पर प्रमुख रूप से मंडल अध्यक्ष राजू राकेश जंघेल विनोद श्रीवास्तव प्रेमलाल निर्मलकर पार्षद विधि यादव उपेंद्र रिगरी भूपेन्द्र बेलचंदन नरेंद्र निर्मलकर दामन सर्वा भागवत बुंदेला, तामेश्वर साहू रानू धनकर संजय यादव गज्जू साहू शेष जांगड़े नंदकुमार चंद्राकर सविता गोयल जानकी बारले कुसुम खेवार प्यारी साहू केसर साहू कुमारी वर्मा संगीता राय अशोक कुमार सहित बड़ी संख्या में कार्यकर्ता उपस्थित रहे।
दुर्ग ग्रामीण विधायक ललित चंद्राकर ने कहा कि वर्ष के अंतिम ‘मन की बात’ में प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी ने स्वदेशी अपनाने, देश में निर्मित उत्पादों के उपयोग को बढ़ावा देने तथा बिना चिकित्सकीय परामर्श के एंटीबायोटिक दवाओं के सेवन से बचने जैसे महत्वपूर्ण विषयों पर राष्ट्र को मार्गदर्शन दिया। उन्होंने कहा कि ‘मन की बात’ के माध्यम से प्रधानमंत्री निरंतर जनभागीदारी, नवाचार, आत्मनिर्भरता, स्वास्थ्य जागरूकता और राष्ट्र निर्माण के संकल्प को सशक्त बनाते हैं।
कार्यक्रम में प्रधानमंत्री श्री मोदी ने वर्ष 2025 को भारत के लिए उपलब्धियों से भरा गौरवशाली वर्ष बताया। उन्होंने देश की सुरक्षा, खेल, विज्ञान एवं अंतरिक्ष अनुसंधान, पर्यावरण संरक्षण तथा समृद्ध सांस्कृतिक विरासत के संरक्षण के क्षेत्र में हुई ऐतिहासिक सफलताओं का उल्लेख किया। उन्होंने खिलाड़ियों और पैरा-एथलीटों के उत्कृष्ट प्रदर्शन तथा युवाओं के नवाचारों और ‘स्मार्ट इंडिया हैकाथॉन’ जैसे मंचों की सकारात्मक भूमिका को भी रेखांकित किया।
कार्यक्रम के अंत में उन्होंने ‘फिट इंडिया मूवमेंट’ के तहत स्वास्थ्यप्रद जीवनशैली अपनाने का संदेश देते हुए सभी देशवासियों को वर्ष 2026 के लिए शुभकामनाएं प्रेषित कीं।
विधायक ललित चंद्राकर कहा कि ‘मन की बात’ देश को जोड़ने वाला और सकारात्मक ऊर्जा देने वाला कार्यक्रम है, जिसकी प्रत्येक कड़ी प्रेरणा, जागरूकता और जनभागीदारी की नई भावना का संचार करती है और जिसका सभी नागरिकों को बेसब्री से इंतजार रहता है।
भिलाई। शौर्यपथ ।
अंचल में वंचित समुदाय के उत्थान और शिक्षा के प्रसार के लिए विगत 3.5 दशक से सक्रिय बैतुलमाल कमेटी ने शैक्षणिक मार्गदर्शन कार्यक्रम का आयोजन मुस्लिम कम्युनिटी हॉल ,सेक्टर 6 भिलाई में किया। इस कार्यक्रम में बैतुलमाल वेलफेयर सोसाइटी भिलाई द्वारा दी जा रही अनुदान/ प्रोत्साहन राशि से विभिन्न स्कूलों में शिक्षा प्राप्त कर रहे 08 वीं से 12वीं तक के स्टूडेंट के बेहतर भविष्य के लिए यह आयोजन किया गया। जिसमें चयनित 59 छात्र छात्राओं के साथ उनके अभिभावक एवं अन्य गणमान्य लोग मौजूद रहे। कार्यक्रम में शिक्षा और सामाजिक कार्य के क्षेत्र के अग्रणी लोगों ने अपने अपने उद्बोधन में छात्र छात्राओं एवं इनके अभिभावकों को स्कूल में पढ़ाए जा रहे सभी विषयों पर चर्चा की एवं उनकी रुचि के हिसाब से विषय चुनने के अलावा कई अन्य विषय और कोर्स की जानकारी दी , विभिन्न प्रतियोगी परीक्षाओं की जानकारी भी दी गई। परीक्षा में कम या मध्यम प्राप्तांक लाने वाले स्टूडेंट का भी हौसला बढ़ाया गया उन्हें रोजगारोन्मुखी कोर्स की जानकारी भी उपलब्ध कराई गई जिससे वे बेहतर जीवन यापन कर सकें।
मुख्य अतिथि भिलाई नगर मस्जिद ट्रस्ट के सदर एम आसिम बेग ने स्टूडेंट को अच्छे प्राप्तांक लाने प्रोत्साहित करते हुए कहा कि किसी भी योग्य स्टूडेंट को निराश होने की जरूरत नहीं है, बैतुलमाल कमेटी उनकी आगे की शिक्षा की जिम्मेदारी ले लेगी , बस आपको अपनी काबिलियत दिखानी होगी।
इस दौरान विशेष वक्ता के तौर पर आरिफ खान फाउंडर सी ई ओ "इनोवेडास" ने विभिन्न विषयों एवं प्रतियोगी परीक्षाओं हेतु मार्गदर्शन दिया। उन्होंने सभी स्टूडेंट से सीधा संवाद करते हुए दोस्ताना माहौल में मार्गदर्शन दिया। दूसरे वक्ता कॉरपोरेट ट्रेनर रोशन रिज़वी ने अपने उद्बोधन में स्टूडेंट की हौसला अफजाई करते हुए कई मिसालें दी। उन्होंने प्रतियोगी परीक्षा में किसी भी नाकामी से अवसाद व तनावग्रस्त होने के बजाए फिर प्रयास कर सफलता अर्जित करने हेतु स्टूडेंट को प्रेरित किया। शेख एकेडमी के निदेशक शेख मुख्तार ने स्टूडेंट का मार्गदर्शन किया और सदैव छात्रों एवं समाज हित के लिए अपनी सेवाएं देने की बात कही।
बैतुलमाल कमेटी के सदस्य जावेद अहमद ने उच्च अंक से वंचित रहने स्टूडेंट को रोजगारोन्मुखी अलग-अलग कोर्स के संबंध में कई जानकारी दी एवं बच्चों को अपना हुनर दिखाने प्रेरित किया। बैतुलमाल वेलफेयर सोसाइटी भिलाई के अध्यक्ष हमीदुल्लाह सिद्दीकी ने ऐसा आयोजन करते रहने का भरोसा दिया साथ ही सेक्रेटरी अरमान बेग की तरफ से आए हुए सभी मेहमानों का शुक्रिया अदा किया गया। इस आयोजन को सफल बनाने में फाउंडर मेंबर अब्दुल हफीज़ व अब्दुल जाकिर खान , उपाध्यक्ष अलीम सिद्दीकी , वरिष्ठ सदस्य सैयद आतिफ अली , अवध अहमद , इमरान बेग , मुहम्मद जावेद, शेख मुख्तार , शकील अहमद , एम आई खान , साहिल अहमद और फैजान हसन सहित अन्य लोगों का योगदान रहा।
खिलाड़ियों से परिचय प्राप्त कर उनका उत्साहवर्धन किया
दुर्ग / शौर्यपथ / वॉलीबॉल एसोसिएशन, एस.सी. एवं सी.ए., भिलाई इस्पात संयंत्र के संयुक्त तत्वावधान में स्वर्गीय बीरा सिंह की स्मृति 20वीं सीनियर छत्तीसगढ़ राज्य अंतर-जिला वॉलीबॉल चौंपियनशिप का आयोजन वॉलीबॉल कॉम्पलेक्स पंत स्टेडियम, सेक्टर-1 भिलाई में किया गया। इस अवसर पर विधानसभा अध्यक्ष डॉ. रमन सिंह मुख्य अतिथि के रूप में उपस्थित रहे।
इस चार दिवसीय प्रतियोगिता का शुभारंभ 25 दिसंबर को हुआ, जिसमें प्रदेशभर से पुरुष एवं महिला वर्ग की कुल 48 टीमें भाग ले रही हैं। प्रतियोगिता में महिला वर्ग की 17 तथा पुरुष वर्ग की 31 टीमें शामिल हैं।
विधानसभा अध्यक्ष डॉ. सिंह ने अपने संक्षिप्त उद्बोधन में कहा कि दुर्ग की पावन धरा पर आयोजित यह प्रतियोगिता खेल प्रतिभाओं को आगे बढ़ने का अवसर प्रदान कर रही है। उन्होंने कहा कि छत्तीसगढ़ के खिलाड़ी मेहनत और प्रतिभा के बल पर प्रदेश और देश का नाम रोशन कर रहे हैं। उन्होंने खिलाड़ियों से परिचय प्राप्त कर उनका उत्साहवर्धन किया।
इस दौरान विधानसभा अध्यक्ष डॉ. सिंह द्वारा उत्कृष्ट प्रदर्शन करने वाले 8 खिलाड़ियों को सम्मानित किया, जिनमें महेन्द्र ध्रुव, अब्दुल्ला, पीहू यादव, दीपेश सिन्हा, कोमल मौर्या, संतोष कुमार, रेखा पदम और विनोद नायर शामिल हैं। वहीं वॉलीबॉल खेल में विशेष योगदान देने वाले 6 वरिष्ठजनों कौशल प्रसाद नायक, एस.एन. नेमा, टीकम दास अंडानी, शंकर लाल यादव, नईमुद्दीप हन्फी एवं राजेश्वर सिंहकृको भी सम्मानित किया गया। इस अवसर पर छत्तीसगढ़ स्टेट वॉलीबॉल एसोसिएशन के अध्यक्ष श्री महेश गागड़ा, उपाध्यक्ष अकरम खान, सचिव श्री हेम प्रकाश नायक, एसोसिएट सचिव श्री विनोद नायर सहित अनेक पदाधिकारी, जनप्रतिनिधि एवं खेल प्रेमी उपस्थित रहे।
दुर्ग / शौर्यपथ /
भिलाई के जयंती स्टेडियम मैदान में चल रही हनुमंत कथा में मंगलवार का दिन आस्था, श्रद्धा और आध्यात्मिक ऊर्जा से सराबोर रहा। बागेश्वर धाम के आचार्य पंडित धीरेंद्र कृष्ण शास्त्री द्वारा आहूत दिव्य दरबार में सैकड़ों फरियादी अपने कष्टों के निवारण हेतु पहुंचे, जहाँ कथा वाचक ने परंपरागत पर्ची विधि से उनकी समस्याओं को लिखित रूप में बताया और समाधान सुझाया।
सुबह से ही श्रद्धालुओं का सैलाब उमड़ पड़ा और दोपहर तक कथा स्थल खचाखच भर गया। लाखों भक्त मैदान में बैठकर दिव्य दरबार एवं कथा का रसपान करते रहे।
दूर-दूर से आये श्रद्धालुओं ने अपनी अर्जी लगाई। प्रेतबाधा, मानसिक व्याधियाँ, अंधविश्वासजन्य पीड़ा सहित विविध समस्याओं से ग्रसित लोगों का पंडित शास्त्री ने साधना के माध्यम से निवारण बताया। धमधा क्षेत्र के एक किसान को बेटी के विवाह हेतु हनुमंत कथा संयोजक राकेश पाण्डेय सहित भक्तों द्वारा बड़ी आर्थिक सहयोग राशि भी प्रदान की गई।
कथा के तीसरे दिन अयोध्या हनुमानगढ़ी के महंत राजू दास तथा बद्रीनाथ धाम के महंत, यज्ञ सम्राट बालक दास भी कथा स्थल पहुँचे और श्रद्धालुओं को आशीर्वाद दिया।
हनुमंत कथा के दर्शन हेतु प्रदेश के मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय अपनी धर्मपत्नी कौशल्या देवी साय के साथ पहुँचे। व्यासपीठ पर उन्होंने महाआरती में भाग लिया और पंडित धीरेंद्र शास्त्री से आशीर्वाद प्राप्त किया।
विधानसभा अध्यक्ष डॉ. रमन सिंह, केंद्रीय मंत्री तोखन साहू, भाजपा राष्ट्रीय उपाध्यक्ष सुश्री सरोज पाण्डेय, दुर्ग ग्रामीण विधायक ललित चंद्राकर, पूर्व विधायक अरुण वोरा, हनुमंत कथा संयोजक राकेश पाण्डेय, रजक बोर्ड अध्यक्ष प्रहलाद रजक, जिलाध्यक्ष द्वय पुरुषोत्तम देवांगन व सुरेंद्र कौशिक सहित अनेक जनप्रतिनिधि उपस्थित रहे।
मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय ने श्रद्धालुओं को संबोधित करते हुए कहा—
“छत्तीसगढ़ भगवान श्रीराम की ननिहाल है। ऐसे पवित्र प्रदेश में पंडित धीरेंद्र शास्त्री जैसे संत सनातन धर्म का ध्वज उठाकर समाज को एकजुट करने का जो संकल्प लिए हैं, उसमें प्रत्येक सनातनी को अपनी भूमिका निभानी चाहिए।”
उन्होंने आयोजन के लिए सेवा समर्पण समिति व संयोजक राकेश पाण्डेय को बधाई दी।
विधानसभा अध्यक्ष डॉ. रमन सिंह ने कहा—
“पंडित धीरेंद्र शास्त्री का प्रत्येक शब्द मानव जीवन को दिशा देने वाला है। वह केवल कथा वाचक ही नहीं, बल्कि सनातन धर्म के प्रखर प्रचारक हैं। उनके मार्गदर्शन में समाज का कल्याण सुनिश्चित है।”
दिव्य दरबार के पश्चात शाम 5 बजे से देर रात तक पंडित धीरेंद्र शास्त्री ने हनुमान चालीसा की चौपाइयों का दिव्य पाठ कर प्रत्येक पंक्ति का महत्व समझाया। हजारों श्रद्धालु भक्ति के उल्लास में झूमते रहे और “जय हनुमान” के घोष से पूरा परिसर गुंजायमान हो उठा।
durg / shouryapath / मुख्यमंत्री श्री विष्णुदेव साय जयंती स्टेडियम मैदान भिलाई में आयोजित 5 दिवसीय दिव्य श्री हनुमंत कथा समारोह में आज सपत्निक सम्मिलित हुए। मुख्यमंत्री श्री साय ने कहा कि हम सभी के लिए बड़े सौभाग्य की बात है। पंडित श्री धीरेन्द्र कृष्ण शास्त्री महाराज जी का आशीर्वाद छत्तीसगढ़ को हमेशा मिलता रहा है। उन्होंने बताया कि प्रभु श्रीराम ने अपने वनवासकाल का अधिकांश समय छत्तीसगढ़ में बिताए है। छत्तीसगढ़ माता शबरी का भी यह जगह है। इस दौरान उन्होंने भक्त माता ने जूठे भोजन को खिलाई थी।
मुख्यमंत्री ने श्रीराम लला अयोध्या धाम योजना का उल्लेख करते हुए बताया कि अब तक 38 हजार से अधिक श्रद्धालुओं को अयोध्या धाम में प्रभु श्रीराम के दर्शन करा चुके हैं और लगातार भक्तों को दर्शन करा रहे हैं। मुख्यमंत्री तीर्थ यात्रा दर्शन योजना का जिक्र करते हुए कहा कि विगत 5 वर्षों से बंद यह योजना पुनः प्रारम्भ की गई। अभी तक 5000 बुजुर्ग लाभान्वित हो चुके है। इस योजना के अंतर्गत राज्य के वृद्ध श्रद्धालुओं को देश के 19 प्रमुख तीर्थ स्थलों के दर्शन कराए जा रहे है।
मुख्यमंत्री ने कहा कि महिलाओं की सशक्तिकरण के लिए महतारी वंदन योजना शुरू कर एक हजार रूपए प्रतिमाह दिया जा रहा है। इस योजना से लगभग 70 लाख महिलाएं लाभान्वित हो रही हैं। उन्होंने बताया कि सारंगढ जिले के ग्राम दानसरा की महिलाओं ने महतारी वंदन योजना की राशि का चंदा करके प्रभु श्री राम मंदिर का निर्माण कर रही हैं।
विधानसभा अध्यक्ष डॉ. रमन सिंह ने कहा कि पंडित धीरेन्द्र कृष्ण शास्त्री जी ने अखंड भारत की जो कल्पना की है, वह एक दिन जरूर पूरा होगा। देश-दुनिया में जागृति का यह समय आ चुका है और आप सब जिस भाव के साथ शामिल हुए हैं, उससे ऐसा लगता है कि भारत को विश्व गुरू बनाने का समय आ चुका है।
इस अवसर पर मुख्यमंत्री श्री विष्णुदेव साय सपत्निक आरती में शामिल हुए और उन्होंने प्रदेश की सुख- समृद्धि और खुशहाली की कामना की। इस दिव्य श्री हनुमंत कथा का आयोजन 25 दिसम्बर से 29 दिसम्बर 2025 तक सेवा समर्पण समिति द्वारा किया जा रहा है।
इस अवसर पर पिछड़ा वर्ग अन्य विकास प्राधिकरण के उपाध्यक्ष, विधायक श्री ललित चंद्राकर, छत्तीसगढ़ खादी बोर्ड के अध्यक्ष श्री राकेश पाण्डेय, पूर्व सांसद सुश्री सरोज पाण्डे, पूर्व विधायक श्री लाभचंद बाफना, श्री अरूण वोरा एवं आयोजन समिति के पदाधिकारी सहित अन्य जनप्रतिनिधि, नगर के गणमान्य नागरिक और बड़ी संख्या में श्रद्धालुजन उपस्थित थे।
श्रीरामजी के बिना हनुमानजी अधूरे, चौपाई वार महत्व बताया पंडित धीरेंद्र शास्त्रीजी ने... आज दोपहर 1 बजे लगेगा दिव्य दरबार
भिलाई / शौर्यपथ / औद्योगिक नगरी भिलाई में सेवा समर्पण संस्था के संयोजक राकेश पाण्डेयजी के नेतृत्व में चल रही **दिव्य हनुमंत कथा** के द्वितीय दिवस पंडित धीरेंद्र शास्त्रीजी (बागेश्वर धाम) ने हनुमान चालीसा के षष्ठ चौपाई **"हाथ बज्र व ध्वजा विराजे"** का दिव्य भाष्य करते हुए कहा—जैसे बांग्लादेश में निर्दोष हिंदुओं पर अत्याचार हो रहे हैं, वैसे ही आज के काल में सनातन धर्म की रक्षा एवं हिंदू भक्तों की सुरक्षा हेतु **ध्वज, माला एवं भाला** तीनों सदा धारण करना अत्यावश्यक है। हे भक्तगण! अधर्म के विरुद्ध यह त्रिशूल हनुमानजी का प्रतीक है।
कथा स्थल पर भक्तों की भारी वर्षा हुई। दुर्ग-भिलाई, रायपुर, राजनांदगांव सहित छत्तीसगढ़ एवं अन्य प्रांतों से सैकड़ों भक्तगण पधारे। इनमें मुख्यमंत्री विष्णुदेव सायजी की धर्मपत्नी श्रीमती कौशल्या देवी साय , भाजपा राष्ट्रीय उपाध्यक्ष सुश्री सरोज पाण्डेय , सांसद विजय बघेल एवं धर्मपत्नी श्रीमती रजनी बघेल , अहिवारा विधायक डोमन लाल कोसेवाड़ा, प्रदेश महिला मोर्चा अध्यक्ष सुष्री विभा अवस्थी, दुर्ग-महापौर श्रीमती अल्का बाघमार, जिला पंचायत अध्यक्ष सरस्वती बंजारे, भिलाई विधायक देवेंद्र यादव की माता पुष्पा देवी यादव, पूर्व विधायक प्रतिमा चंद्राकर, सांवला राम डाहरे, बस्तर राजा कमल सिंह भंजदेव सहित अनेक जनप्रतिनिधियों ने कथा श्रवण कर पंडित शास्त्रीजी के चरणों में आशीर्वाद ग्रहण किया।
हनुमान चालीसा का दसवां भाग: श्रीराम भक्ति का सार
पंडित धीरेंद्र शास्त्रीजी ने हनुमान चालीसा के दसवें भाग तक के प्रत्येक चौपाई का निहितार्थ प्रकट करते हुए कहा—**"श्रीरामजी के बिना हनुमानजी अधूरे हैं, हनुमानजी के बिना श्रीरामजी अधूरे!"** यह भक्ति का परम सत्य है। गोस्वामी तुलसीदासजी ने चालीसा में लिखा प्रत्येक शब्द भक्त-भगवान की महिमा ही नहीं, मानव जीवन का सार है। बुरी शक्तियों एवं अधर्मियों के विरुद्ध हनुमान चालीसा **वज्र बाण** है। इसे आचरण में आत्मसात कर धर्ममार्ग पर चलो, तो कल्याण निश्चित। श्रीराम-हनुमान भक्ति के पावन भजनों में समस्त भक्तगण झूम उठे।
आज का दिव्य कार्यक्रम:
शनिवार को तृतीय दिवस दोपहर 1 से 3 बजे तक दिव्य दरबार —पर्ची के माध्यम से दुख-समस्याओं का निवारण। तत्पश्चात 3 से 6 बजे तक पुनः कथा वाचन । हे भक्तो! आइये, हनुमानजी की कृपा पाइये। जय बजरंगबली!
दुर्ग / शौर्यपथ / राज्य सरकार द्वारा किसानों के हित में सुव्यवस्थित धान खरीदी की नीति से किसानों के जीवन में खुशहाली आयी है। समर्थन मूल्य पर धान की बिक्री और समय पर राशि भुगतान होने पर किसानों की आर्थिक स्थिति मजबूत हुई है। बैंक के पुराने ऋण चुकता करने के बाद बची राशि परिवार की मॉली हालत सुधारने में सहायक रही है। इन्हीं में से ग्राम कातरों के उन्नत लघु कृषक श्री सदाराम भी है, जिन्होंने अपने 4.28 एकड़ की कृषि भूमि पर धान की खेती कर अपने उपज को आसानी से समर्थन मूल्य में बेचने में कामयाबी हासिल की है। सदाराम ने बताया कि सरकार द्वारा इस वर्ष धान खरीदी के लिए तुंहर टोकन एप से उन्हें टोकन प्राप्ति में कोई परेशानी नहीं हुई। पहली बार उन्होंने उपार्जन केन्द्र में 167 कट्टा धान की बिक्री और दूसरी बार 67 कट्टा धान की बिक्री की। अब वह अपने द्वारा उपार्जित धान बेच चुके हैं। धान बिक्री के पश्चात् भुगतान भी उन्हें एक सप्ताह के भीतर प्राप्त हो चुका हैं। प्राप्त राशि से उन्होंने 70 हजार रूपए की बैंक ऋण चुकता किया है, शेष राशि का उपयोग वह रबी फसल की तैयारी और पारिवारिक खर्च में व्यय करने की बातें कहीं। वे कहते हैं कि धान खरीदी की व्यवस्था पहले से कही बेहतर है ऑनलाईन टोकन की व्यवस्था से किसानों को बहुत सुविधा दी गई है। घर बैठे टोकन मिलने से समिति में टोकन के लिए लाइन लगाने की नौबत नहीं है, साथ ही समय की बचत भी हुई है।
श्री सदाराम का कहना है कि 3100 रूपए प्रति क्विंटल दर से प्रति एकड़ 21 क्विंटल धान खरीदने की व्यवस्था किसानों की आर्थिक स्तर को मजबूती प्रदान की है। सरकार की इस पहल के लिए सदाराम मुख्यमंत्री श्री विष्णुदेव साय को दिल से धन्यवाद ज्ञापित किया है। सदाराम जैसे अनेकों कृषक है जिन्होंने तुंहर टोकन एप के माध्यम से सुगमतापूर्वक उपार्जन केन्द्रों में अपना उपज को बेचने सफल हुए हैं।
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