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रिसाली। "योग केवल व्यायाम नहीं, बल्कि स्वस्थ, संतुलित और सकारात्मक जीवन जीने की कला है।" इसी संदेश के साथ नगर पालिक निगम रिसाली द्वारा 12वें अंतर्राष्ट्रीय योग दिवस का भव्य आयोजन किया गया। योग लंगर मैदान में आयोजित कार्यक्रम में लगभग 250 लोगों ने सामूहिक योगाभ्यास कर स्वास्थ्य और आत्मिक संतुलन का संकल्प लिया।
कार्यक्रम का शुभारंभ महापौर शशि सिन्हा, सभापति केशव बंछोर, नेता प्रतिपक्ष शैलेन्द्र साहू एवं एमआईसी सदस्य सनीर साहू ने योग दिवस की शुभकामनाएं देकर किया। इसके पश्चात योगाचार्य अशोक महेश्वरी के मार्गदर्शन में उपस्थित नागरिकों ने विभिन्न योगासन, प्राणायाम और ध्यान का अभ्यास किया।
अपने संबोधन में अतिथियों ने कहा कि वर्तमान भागदौड़ भरे जीवन में योग तनावमुक्त, स्वस्थ और ऊर्जावान जीवन के लिए अत्यंत आवश्यक है। योग न केवल शरीर को रोगों से बचाता है, बल्कि मानसिक शांति और आत्मविश्वास भी प्रदान करता है।
कार्यक्रम का सबसे आकर्षक क्षण तब आया जब योग लंगर में नियमित अभ्यास करने वाले बच्चों ने योगा नृत्य की शानदार प्रस्तुति दी। लगभग 15 मिनट तक चली प्रस्तुति में बच्चों ने संगीत की धुन पर विभिन्न योग मुद्राओं और आसनों का सुंदर प्रदर्शन किया।
दर्शकों ने तालियों की गड़गड़ाहट से बच्चों का उत्साहवर्धन किया। प्रस्तुति के बाद अतिथियों ने बच्चों को प्रमाण-पत्र प्रदान कर सम्मानित किया।
कार्यक्रम के समापन अवसर पर उपस्थित सभी नागरिकों को नियमित योग करने की शपथ दिलाई गई। अतिथियों ने लोगों से अपील की कि वे योग को केवल एक दिवस तक सीमित न रखें, बल्कि इसे अपने दैनिक जीवन का अभिन्न हिस्सा बनाएं।
"योग शरीर को स्वस्थ, मन को शांत और जीवन को सकारात्मक ऊर्जा से भरने का माध्यम है। यदि प्रत्येक व्यक्ति प्रतिदिन कुछ समय योग को दे, तो समाज और राष्ट्र दोनों अधिक स्वस्थ और सशक्त बन सकते हैं।"
भिलाई। छत्तीसगढ़ शासन संस्कृति विभाग के सहयोग से 10 दिवसीय लोक वाद्य कार्यशाला शिविर संग्रहालय परिसर कुहुकी कला ग्राम मरोदा सेक्टर मैत्री बाग चौक के बाजू में 14 जून से 23 जून तक जारी है। विगत 23 वर्ष से जारी इस शिविर में छत्तीसगढ़ अंचल के दूर-दराज से आए कलाकार न सिर्फ अपनी कलाकृतियों और वाद्य यंत्रों का निर्माण कर रहे हैं बल्कि एक दूसरे की कला को सीख भी रहे हैं। वहीं आगंतुक भी अपनी आंखों के सामने बनते वाद्य यंत्र व कलाकृतियां देख मंत्रमुग्ध है। यहां चिकारा, खंजेरी, तंबूरा, गतका, तुरही, चरहे, चिटकुली, कुहुकी और रूंजु सहित तमाम शिल्प से आगंतुक रूबरू हो रहे हैं।
शिविर के संयोजक व प्रख्यात लोकवाद्य संग्राहक रिखी क्षत्रिय ने बताया कि उनके यहां वर्ष 2003 से यह 10 दिवसीय शिविर हर वर्ष मानसून आगमन के पहले गर्मियों में लगता रहा है। शुरूआती 4 वर्ष उन्होंने स्वयं की पहल से कलाकारों/शिल्पकारों को बुलाकर ऐसा शिविर आयोजित किया था लेकिन बाद में छत्तीसगढ़ शासन संस्कृति विभाग ने पहल की और तब से शिविर हर साल आयोजित हो रहा है।
रिखी ने बताया कि शिविर की वजह से शिल्पकारों को बाजार मिल रहा है, वहीं सभी को एक दूसरे की कला सीखने का अवसर भी मिल रहा है। इससे शिल्पकार अपनी-अपनी कला में निखार ला रहे हैं। उन्होंने बताया कि इस वर्ष 14 जून से शुरू हुई कार्यशाला में रोजाना सुबह 7:00 बजे से 11:00 बजे तक और शाम 4:00 बजे से 7:30 बजे तक कार्य चलता है। पूरी तरह नि:शुल्क इस कार्यशाला में कलाप्रेमी पहुंच कर कलाकृतियां बनते हुए प्रत्यक्ष देख सकते हैं। वहीं समापन अवसर पर 23 जून की शाम रंगारंग सांस्कृतिक कार्यक्रम भी होगा। उन्होंने बताया कि शिविर के व्यवस्थित संचालन के लिए टीम से भोजन व्यवस्था अन्नपूर्णा क्षत्रिय,भोज,जनसंपर्क में गायक कुलदीप सार्वा, अजय उमरे, दिनेश वर्मा, राजेश साहू,नवीन साहू, संजू,नेहा, जया और अनुराधा का विशिष्ट योगदान है।
तैयार हो रहे हैं परंपरागत व दुर्लभ वाद्य
शिविर में आसपास और दूर-दराज के अंचल के अलग-अलग गांव से पहुंचे शिल्पकार परंपरागत वाद्य यंत्र तैयार कर रहे हैं। कोलिहापुरी दुर्ग से आए मनहरण दास बंजारे चिकारा बजाने में प्रवीण है और खुद चिकारा बनाते भी हैं। ग्राम दहिकोंगा कोंडागांव से शिबू कश्यप बेल मेटल से तुरही बनाने का कार्य कर रहे हैं। बेल मेटल शिल्प को बनिया पारा कोंडागांव से शिबू कश्यप आकार दे रहे हैं। लौह शिल्प में ग्राम दहीकोंगा से रामदास, मिट्टी शिल्प में मरारपारा कोंडागांव से डमरु चक्रधारी, काष्ठ कला में दीपक तारम लोहारा, बिजेलाल, राजनांदगांव जिले से पन्ना लाल डोंगरगढ़ से, रुंझू के लिए गाड़ाडीह से नंद कुमार देवार, डोरे लाल, और तंबूरा निर्माण के लिए रामकुमार पाटिल रनचिरई से आकर यहां कार्यशाला में शामिल हुए हैं।
अंतर्राष्ट्रीय योग दिवस के अवसर पर सुबह 6:30 बजे से 7:30 बजे तक सामूहिक योगाभ्यास किया गया, जिसमें बड़ी संख्या में योग साधकों, युवाओं, महिलाओं एवं वरिष्ठ नागरिकों ने सहभागिता की। इस सत्र का संचालन नरेंद्र पटेल, शंभू प्रसाद कुशवाहा एवं शैली ने किया । उपस्थित साधकों को आयुष मंत्रालय द्वारा निर्धारित कॉमन योग प्रोटोकॉल के अनुसार योगाभ्यास कराया।
उद्घाटन सत्र में वैशाली नगर विधायक रिकेश सेन, भारत स्वाभिमान न्यास छत्तीसगढ़ के राज्य प्रभारी अनूप बंसल तथा पतंजलि युवा भारत छत्तीसगढ़ के राज्य प्रभारी एवं योगासन स्पोर्ट्स एसोसिएशन छत्तीसगढ़ के अध्यक्ष जयंत भारती की गरिमामयी उपस्थिति रही। सभी अतिथियों ने योग को स्वस्थ एवं समृद्ध समाज के निर्माण का प्रभावी माध्यम बताते हुए इसे जन-जन तक पहुँचाने का आह्वान किया।
इस अवसर पर पतंजलि योगपीठ, हरिद्वार के आयुर्वेदाचार्य डॉ. सूर्या वैष्णव, थैरेपिस्ट मोहिनी साहू एवं डॉ. आशीष शर्मा का शॉल एवं श्रीफल भेंट कर सम्मान किया गया। पिछले पाँच दिनों से उन्होंने निस्वार्थ भाव से स्वास्थ्य परामर्श, प्राकृतिक चिकित्सा एवं आयुर्वेदिक मार्गदर्शन प्रदान कर अनेक लोगों को लाभान्वित किया।
कार्यक्रम के दौरान राजेंद्र पाटिल, बलविंदर सिंह, तिजऊ राम साहू, उद्धव राम साहू, अनामिका पुरी, प्रीति त्रिपाठी, सुधा सोनी और मनोरमा पाण्डेय सहित अनेक कार्यकर्ताओं की सेवाओं की सराहना की गई, जिन्होंने शिविर को सफल बनाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई।
अपने उद्बोधन में जयंत भारती ने कहा कि योग केवल स्वास्थ्य का माध्यम नहीं, बल्कि राष्ट्र निर्माण का आधार है। उन्होंने विशेष रूप से युवाओं का आह्वान करते हुए कहा कि अधिक से अधिक युवाओं को योगासन भारत से जोड़ा जाए तथा उन्हें योगासन खेलों के माध्यम से राष्ट्रीय एवं अंतर्राष्ट्रीय मंचों तक पहुँचाने के लिए सामूहिक प्रयास किए जाएँ। उन्होंने कहा कि योग के प्रति जागरूक युवा ही स्वस्थ, सशक्त एवं संस्कारित भारत का निर्माण कर सकते हैं।
वहीं अनूप बंसल ने कार्यक्रम की सफलता के लिए विधायक रिकेश सेन का विशेष आभार व्यक्त करते हुए कहा कि उनके सहयोग एवं सकारात्मक पहल के कारण यह विशाल योग शिविर आमजन तक पहुँच पाया। उन्होंने स्थानीय पार्षद स्मिता दोड़के के सतत सहयोग एवं जनसेवा भाव की भी सराहना की। कार्यक्रम के समापन अवसर पर उपस्थित सभी नागरिकों ने नियमित योगाभ्यास करने तथा अपने परिवार एवं समाज को भी योग से जोड़ने का संकल्प लिया। पाँच दिवसीय शिविर ने क्षेत्र में स्वास्थ्य जागरूकता, सकारात्मक जीवनशैली एवं योग संस्कृति के प्रसार में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई। "करें योग – रहें निरोग" तथा "योग युक्त, नशा मुक्त एवं स्वस्थ भारत" के संदेश के साथ कार्यक्रम का सफलतापूर्वक समापन हुआ।
दुर्ग, । शहर के विकास को नई गति देने वाली महत्वपूर्ण अधोसंरचना परियोजनाओं की प्रगति का जायजा लेने रविवार को प्रदेश के उपमुख्यमंत्री एवं नगरीय प्रशासन मंत्री अरुण साव ने दुर्ग पहुंचकर विभिन्न निर्माण कार्यों का निरीक्षण किया। उनके साथ महापौर अलका बाघमार, सभापति श्याम शर्मा, कलेक्टर अभिजीत सिंह, निगम आयुक्त सुमित अग्रवाल सहित जनप्रतिनिधि एवं अधिकारी मौजूद रहे।
निरीक्षण के दौरान उपमुख्यमंत्री ने स्पष्ट कहा कि जनहित से जुड़े विकास कार्यों में किसी भी प्रकार की लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी और सभी परियोजनाओं को निर्धारित समय-सीमा में गुणवत्ता के साथ पूरा किया जाए।
उपमुख्यमंत्री ने प्रयास कन्या विद्यालय एवं छात्रावास के पीछे लगभग 12.14 करोड़ रुपये की लागत से निर्माणाधीन नालंदा परिसर का निरीक्षण किया। उन्होंने निर्माण एजेंसी को गुणवत्ता एवं समयबद्धता सुनिश्चित करने के निर्देश दिए।
उन्होंने कहा कि यह परिसर प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी कर रहे विद्यार्थियों और युवाओं के लिए आधुनिक अध्ययन सुविधाओं से युक्त एक महत्वपूर्ण केंद्र साबित होगा, जिससे शिक्षा के क्षेत्र में नई संभावनाएं विकसित होंगी।
पुराना बस स्टैंड स्थित इंदिरा मार्केट में प्रस्तावित मल्टीलेवल पार्किंग परियोजना का निरीक्षण करते हुए उपमुख्यमंत्री ने अधिकारियों को निर्माण कार्य शीघ्र प्रारंभ करने के निर्देश दिए।
लगभग 17.35 करोड़ रुपये की लागत से बनने वाली इस परियोजना की निर्माण अवधि 18 माह निर्धारित की गई है। इसके पूर्ण होने पर शहर के सबसे व्यस्त व्यावसायिक क्षेत्र में पार्किंग की वर्षों पुरानी समस्या का समाधान होगा तथा यातायात व्यवस्था अधिक सुगम बनेगी।
अमृत मिशन 2.0 के अंतर्गत उरला में निर्माणाधीन 47 एमएलडी सीवरेज ट्रीटमेंट प्लांट (एसटीपी) का भी उपमुख्यमंत्री ने निरीक्षण किया। लगभग 129.50 करोड़ रुपये की लागत वाली इस महत्वाकांक्षी परियोजना की प्रगति की समीक्षा करते हुए उन्होंने अधिकारियों को समय-सीमा के भीतर कार्य पूर्ण करने के निर्देश दिए।
उन्होंने कहा कि यह परियोजना न केवल शहर की सीवरेज व्यवस्था को आधुनिक बनाएगी बल्कि पर्यावरण संरक्षण और स्वच्छता के क्षेत्र में भी महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगी।
निरीक्षण के दौरान महापौर अलका बाघमार ने उरला पटरीपार क्षेत्र में पेयजल समस्या के स्थायी समाधान के लिए नए फिल्टर प्लांट की आवश्यकता पर जोर दिया। इस पर उपमुख्यमंत्री अरुण साव ने अधिकारियों को आवश्यक प्रस्ताव तैयार कर शासन को भेजने के निर्देश दिए।
उपमुख्यमंत्री अरुण साव ने कहा कि राज्य सरकार का लक्ष्य केवल निर्माण कार्य करना नहीं, बल्कि ऐसी अधोसंरचना विकसित करना है जो आने वाले वर्षों तक नागरिकों को बेहतर सुविधाएं उपलब्ध कराए। उन्होंने सभी अधिकारियों को गुणवत्ता, पारदर्शिता और समयबद्धता को सर्वोच्च प्राथमिकता देने के निर्देश दिए।
? 12.14 करोड़ की लागत से बन रहा नालंदा परिसर
? 17.35 करोड़ की मल्टीलेवल पार्किंग परियोजना को मिली गति
? 129.50 करोड़ का 47 एमएलडी एसटीपी निर्माणाधीन
? उरला पटरीपार क्षेत्र के लिए नए फिल्टर प्लांट की मांग
? उपमुख्यमंत्री ने गुणवत्ता और समय-सीमा पर दिए सख्त निर्देश
टूटे खंभे के सहारे टिका प्रवेश द्वार, हजारों लोगों की जान जोखिम में; गंदगी, अव्यवस्था और लापरवाही पर उठे सवाल
दुर्ग। शहर के मध्य स्थित इंदिरा मार्केट इन दिनों नगर निगम की कार्यप्रणाली और जनप्रतिनिधियों की जवाबदेही पर गंभीर प्रश्नचिह्न खड़ा कर रहा है। जिस बाजार में प्रतिदिन हजारों नागरिक खरीदारी के लिए पहुंचते हैं, वहां मुख्य प्रवेश द्वार की छत को एक टूटे हुए खंभे के सहारे टिकाकर रखा गया है। स्थानीय लोगों का कहना है कि यह जर्जर संरचना कभी भी धराशायी हो सकती है और किसी बड़े हादसे का कारण बन सकती है।
विडंबना यह है कि यह पूरा मामला नगर निगम के सभापति श्याम शर्मा के वार्ड का है। सभापति को निगम की कार्यवाही, पार्षदों के कार्यों की समीक्षा और जनहित से जुड़े मुद्दों पर निगरानी रखने की महत्वपूर्ण जिम्मेदारी सौंपी गई है, लेकिन उनके ही वार्ड में स्थित शहर के प्रमुख बाजार की ऐसी स्थिति आम जनता को सोचने पर मजबूर कर रही है।
स्थानीय नागरिकों का कहना है कि यदि यह खंभा या उससे सहारा प्राप्त संरचना अचानक गिरती है तो बाजार में मौजूद लोगों की जान पर बन सकती है। इसके बावजूद नगर निगम प्रशासन, बाजार विभाग के जिम्मेदार पदाधिकारी, जनप्रतिनिधि और प्रतिदिन क्षेत्र का निरीक्षण करने वाले अधिकारी इस गंभीर खतरे से अनजान बने हुए हैं या फिर जानबूझकर आंखें मूंदे हुए हैं।
केवल जर्जर ढांचा ही नहीं, बल्कि इंदिरा मार्केट का सार्वजनिक मूत्रालय भी बदहाल स्थिति में है। पानी निकासी की समुचित व्यवस्था नहीं होने के कारण वहां हमेशा गंदगी और दुर्गंध बनी रहती है। इससे बाजार आने वाले नागरिकों, व्यापारियों और महिलाओं को भारी असुविधा का सामना करना पड़ता है। स्वच्छता के दावे करने वाली शहरी सरकार के लिए यह स्थिति किसी आईने से कम नहीं है।
जनता यह भी सवाल उठा रही है कि जब भीषण गर्मी के दौरान मीना बाजार क्षेत्र में वाटर एटीएम से पानी बेचे जाने का मामला सामने आया था, तब भी जिम्मेदार जनप्रतिनिधियों ने कोई स्पष्ट प्रतिक्रिया नहीं दी। जनहित से जुड़े ऐसे मामलों पर लगातार चुप्पी कहीं न कहीं जनता की अपेक्षाओं और जनप्रतिनिधियों की जिम्मेदारियों के बीच बढ़ती दूरी को दर्शाती है।
सबसे बड़ा प्रश्न यह है कि क्या नगर निगम और उसके जनप्रतिनिधि किसी बड़ी दुर्घटना के बाद जागेंगे? क्या किसी निर्दोष नागरिक की जान जाने के बाद ही मरम्मत और सुरक्षा उपायों की याद आएगी? आखिर जनता की सुरक्षा सुनिश्चित करना किसकी जिम्मेदारी है?
शहर की जनता अब यह जानना चाहती है कि जिन जनप्रतिनिधियों को विकास, सुरक्षा और व्यवस्था सुधारने के लिए चुना गया था, वे इन मूलभूत समस्याओं पर कब जवाब देंगे। यदि शहर के मध्य स्थित सबसे व्यस्त बाजार की यह स्थिति है तो अन्य क्षेत्रों की हालत का सहज ही अनुमान लगाया जा सकता है।
जनहित में आवश्यक है कि नगर निगम तत्काल तकनीकी जांच कराए, जर्जर संरचना को सुरक्षित बनाए, सार्वजनिक सुविधाओं की व्यवस्था सुधारे और इस लापरवाही के लिए जिम्मेदार अधिकारियों एवं संबंधित विभागों की जवाबदेही भी तय करे। क्योंकि प्रशासन की पहली जिम्मेदारी विकास नहीं, बल्कि नागरिकों की सुरक्षा होती है।
10.30 करोड़ की स्वीकृति के बावजूद अस्पताल स्थानांतरण की चर्चा से बढ़ी चिंता, भाजपा पदाधिकारियों, पार्षदों और नागरिकों ने सौंपा ज्ञापन
दुर्ग। पटरीपार क्षेत्र की स्वास्थ्य सुविधाओं से जुड़ा एक अत्यंत महत्वपूर्ण मुद्दा अब जनआंदोलन का स्वरूप लेता दिखाई दे रहा है। सिकोला बस्ती, धमधा नाका स्थित प्रस्तावित शासकीय नवीन आयुर्वेदिक चिकित्सालय भवन को उसके वर्तमान स्थान से कहीं और स्थानांतरित किए जाने की आशंकाओं के बीच क्षेत्र के जनप्रतिनिधियों, भारतीय जनता पार्टी सिकोला भाठा पटरीपार मंडल के पदाधिकारियों एवं बड़ी संख्या में नागरिकों ने जिला कलेक्टर को ज्ञापन सौंपकर अस्पताल भवन का निर्माण उसी स्वीकृत स्थल पर कराने की मांग की है।
ज्ञापन में कहा गया है कि पटरीपार क्षेत्र में लगभग एक लाख से अधिक नागरिक निवासरत हैं, जो वर्षों से पर्याप्त स्वास्थ्य सुविधाओं के अभाव से जूझ रहे हैं। ऐसे में सिकोला बस्ती, धमधा नाका स्थित आयुर्वेदिक चिकित्सालय गरीबों, मजदूरों, महिलाओं, बुजुर्गों और बच्चों के लिए स्वास्थ्य सेवा का एक महत्वपूर्ण केंद्र बना हुआ है।
जनता के लिए जीवनरेखा बना हुआ है अस्पताल
ज्ञापन में उल्लेख किया गया है कि आयुर्वेदिक चिकित्सालय के नवीन भवन निर्माण के लिए लगभग 10 करोड़ 30 लाख रुपये की राशि स्वीकृत की जा चुकी है। किंतु क्षेत्र में यह चर्चा है कि प्रस्तावित भवन को उसके मूल स्थान से हटाकर किसी अन्य क्षेत्र में निर्मित करने का प्रयास किया जा रहा है। इस संभावना ने क्षेत्रवासियों में गहरी चिंता और असंतोष पैदा कर दिया है।
क्षेत्रवासियों का कहना है कि जिस उद्देश्य से यह राशि स्वीकृत हुई है, उसकी सार्थकता तभी सिद्ध होगी जब अस्पताल का निर्माण उसी क्षेत्र में किया जाए जहां इसकी सबसे अधिक आवश्यकता है। वर्तमान स्थल पर भवन निर्माण के लिए पर्याप्त भूमि उपलब्ध होने का भी दावा किया गया है।
15 वार्डों की जनता होगी प्रभावित
ज्ञापन के अनुसार यदि अस्पताल को वर्तमान स्थान से हटाकर किसी अन्य क्षेत्र में स्थापित किया जाता है तो पटरीपार क्षेत्र के लगभग 15 वार्डों की जनता सीधे तौर पर प्रभावित होगी। हजारों गरीब परिवारों, दिहाड़ी मजदूरों, महिलाओं, बुजुर्गों और जरूरतमंद नागरिकों को उपचार के लिए लंबी दूरी तय करनी पड़ेगी, जिससे स्वास्थ्य सेवाओं तक उनकी पहुंच और अधिक कठिन हो जाएगी।
जनप्रतिनिधियों ने स्पष्ट रूप से कहा है कि यह केवल एक भवन निर्माण का विषय नहीं है, बल्कि लाखों उम्मीदों, जनभावनाओं और नागरिकों के स्वास्थ्य अधिकारों का प्रश्न है। यदि अस्पताल को अन्यत्र स्थानांतरित किया गया तो यह क्षेत्र की जनता के साथ अन्याय होगा तथा स्वास्थ्य सुविधाओं पर प्रतिकूल प्रभाव पड़ेगा।
भाजपा मंडल और पार्षदों ने दिखाई एकजुटता
ज्ञापन पर भाजपा सिकोला भाठा पटरीपार मंडल अध्यक्ष मनमोहन शर्मा के साथ क्षेत्र के कई पार्षदों एवं जनप्रतिनिधियों के हस्ताक्षर हैं। सभी ने एक स्वर में मांग की है कि जनहित को सर्वोपरि रखते हुए आयुर्वेदिक चिकित्सालय के नवीन भवन का निर्माण सिकोला बस्ती, धमधा नाका स्थित वर्तमान स्थल पर ही कराया जाए।
स्वास्थ्य सुविधाओं के लिए निर्णायक साबित हो सकता है यह फैसला
पटरीपार क्षेत्र लंबे समय से स्वास्थ्य, शिक्षा और आधारभूत सुविधाओं के विस्तार की मांग करता रहा है। ऐसे में यदि स्वीकृत आयुर्वेदिक चिकित्सालय भवन का निर्माण यथास्थान होता है तो यह क्षेत्र की बड़ी आबादी के लिए राहत और स्वास्थ्य सुरक्षा का मजबूत आधार बनेगा। वहीं यदि परियोजना का स्थान बदला जाता है तो यह निर्णय हजारों जरूरतमंद परिवारों के लिए गंभीर कठिनाइयों का कारण बन सकता है।
अब निगाहें जिला प्रशासन के निर्णय पर टिकी हैं। क्षेत्रवासियों को उम्मीद है कि जनभावनाओं, जनहित और स्वास्थ्य सुविधाओं की वास्तविक आवश्यकता को ध्यान में रखते हुए प्रशासन ऐसा निर्णय लेगा जो पटरीपार क्षेत्र की एक लाख से अधिक आबादी के हितों की रक्षा कर सके।
दुर्ग में प्रेस वार्ता: पीएम मोदी के 12 साल के कार्यकाल की उपलब्धियां गिनाईं, कहा- रिकॉर्ड टूटना लोकतांत्रिक प्रक्रिया का हिस्सा
दुर्ग। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में केंद्र की भाजपा एवं एनडीए सरकार के 12 वर्ष पूर्ण होने के अवसर पर दुर्ग स्थित सर्किट हाउस में आयोजित प्रेस वार्ता में छत्तीसगढ़ के उपमुख्यमंत्री एवं गृह मंत्री विजय शर्मा ने केंद्र सरकार की उपलब्धियों का विस्तार से उल्लेख किया। उन्होंने कहा कि बीते 12 वर्षों में भारत ने विकास, सुशासन, जनकल्याण, राष्ट्रीय सुरक्षा और आधारभूत संरचना के क्षेत्र में ऐतिहासिक उपलब्धियां हासिल की हैं तथा देश विकसित भारत की दिशा में तेजी से आगे बढ़ रहा है।
गृह मंत्री विजय शर्मा ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में सरकार ने “सबका साथ, सबका विकास, सबका विश्वास और सबका प्रयास” के संकल्प को धरातल पर उतारा है। प्रधानमंत्री किसान सम्मान निधि, डायरेक्ट बेनिफिट ट्रांसफर (DBT), डिजिटल गवर्नेंस, प्रधानमंत्री आवास योजना तथा आधारभूत संरचना के विस्तार जैसी योजनाओं ने देश के करोड़ों नागरिकों के जीवन में सकारात्मक बदलाव लाया है।
मोदी नेहरू से आगे, लेकिन तुलना नहीं
प्रेस वार्ता के दौरान प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के आजाद भारत में सबसे लंबे समय तक निर्वाचित प्रधानमंत्री बनने और पूर्व प्रधानमंत्री पंडित जवाहरलाल नेहरू का रिकॉर्ड पीछे छोड़ने को लेकर पूछे गए सवाल पर विजय शर्मा ने कहा कि यह किसी व्यक्ति विशेष की तुलना का विषय नहीं है, बल्कि लोकतांत्रिक व्यवस्था की एक स्वाभाविक प्रक्रिया है।
उन्होंने कहा कि उनकी सरकार किसी की आलोचना या तुलना नहीं कर रही है। यह केवल एक रिकॉर्ड था जो समय के साथ टूटा है और इसे उसी दृष्टि से देखा जाना चाहिए।
धारा 370 हटाने को बताया ऐतिहासिक निर्णय
गृह मंत्री ने कहा कि एक समय ऐसा था जब जम्मू-कश्मीर से धारा 370 हटाने की कल्पना मात्र से बड़े विवाद और अशांति की आशंका व्यक्त की जाती थी। लेकिन प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में यह निर्णय बेहद शांतिपूर्ण तरीके से लागू हुआ, जो देश की लोकतांत्रिक शक्ति और 140 करोड़ भारतीयों के विश्वास का प्रतीक है।
उन्होंने कहा कि यह निर्णय राष्ट्रीय एकता और अखंडता को मजबूत करने वाला साबित हुआ है।
डिजिटल इंडिया बना विश्व के लिए उदाहरण
विजय शर्मा ने डिजिटल ट्रांजेक्शन और डिजिटल इंडिया अभियान को मोदी सरकार की सबसे बड़ी उपलब्धियों में शामिल करते हुए कहा कि आज देश के छोटे गांवों से लेकर बड़े शहरों तक डिजिटल भुगतान आम जीवन का हिस्सा बन चुका है।
उन्होंने कहा कि भारत आज दुनिया में सबसे बड़े डिजिटल ट्रांजेक्शन नेटवर्क वाले देशों में शामिल है, जो जनता पर सरकार के विश्वास और तकनीक को जनसुलभ बनाने की सोच का परिणाम है।
चिनाब ब्रिज और भिलाई इस्पात संयंत्र का किया उल्लेख
गृह मंत्री ने जम्मू-कश्मीर में बने विश्व के सबसे ऊंचे रेलवे आर्च ब्रिज चिनाब पुल का उल्लेख करते हुए कहा कि यह भारत की इंजीनियरिंग क्षमता और आत्मनिर्भरता का प्रतीक है। उन्होंने गर्व के साथ बताया कि इस पुल के निर्माण में उपयोग किया गया इस्पात भिलाई इस्पात संयंत्र में निर्मित हुआ है, जो छत्तीसगढ़ के लिए भी गौरव का विषय है।
4 करोड़ से अधिक परिवारों को मिला आवास
उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री आवास योजना के तहत देशभर में 4 करोड़ से अधिक मकानों का निर्माण किया जा चुका है, जिससे करोड़ों परिवारों को पक्की छत का सपना साकार हुआ है। साथ ही भारत आज विश्व की प्रमुख अर्थव्यवस्थाओं में तेजी से अपनी स्थिति मजबूत कर रहा है।
नक्सलवाद के खिलाफ निर्णायक अभियान
छत्तीसगढ़ में नक्सल उन्मूलन के प्रयासों पर चर्चा करते हुए विजय शर्मा ने कहा कि केंद्र और राज्य सरकार के समन्वय से नक्सलवाद को समाप्त करने तथा भटके हुए युवाओं को मुख्यधारा से जोड़ने का लगातार प्रयास किया जा रहा है।
उन्होंने बताया कि बस्तर सहित दूरस्थ आदिवासी अंचलों में विकास पहुंचाने के लिए सड़क संपर्क सबसे महत्वपूर्ण माध्यम है। इसी उद्देश्य से विशेष पिछड़ी जनजातियों और दूरस्थ क्षेत्रों तक पहुंच सुनिश्चित करने के लिए लगभग 800 सड़कों के निर्माण और विस्तार पर कार्य किया जा रहा है, जिससे विकास की रोशनी अंतिम व्यक्ति तक पहुंचे।
पत्रकारों के सवालों के दिए जवाब
प्रेस वार्ता के दौरान गृह मंत्री विजय शर्मा ने पत्रकारों द्वारा पूछे गए विभिन्न सवालों का विस्तार से जवाब दिया और मोदी सरकार के 12 वर्षों के कार्यकाल की उपलब्धियों, विकसित भारत के संकल्प तथा छत्तीसगढ़ के विकास संबंधी योजनाओं पर अपनी बात रखी।
प्रेस वार्ता में दुर्ग ग्रामीण विधायक ललित चंद्राकर, भाजपा प्रदेश मंत्री (संगठन) जितेन्द्र वर्मा,भाजपा जिला अध्यक्ष सुरेंद्र कौशिक, पूर्व मंत्री रमशीला साहू, दुर्ग नगर निगम की महापौर अलका बाघमार सहित भाजपा के अनेक पदाधिकारी एवं कार्यकर्ता उपस्थित रहे।
प्रेस कॉन्फ्रेंस के उपरांत उपमुख्यमंत्री एवं गृह मंत्री विजय शर्मा ने जनप्रतिनिधियों और पत्रकारों के साथ भोजन कर विभिन्न समसामयिक विषयों पर अनौपचारिक चर्चा भी की।
मुख्य संदेश
“विकास, सुशासन, राष्ट्रीय सुरक्षा, डिजिटल क्रांति और अंतिम व्यक्ति तक पहुंचती योजनाएं—यही मोदी सरकार के 12 वर्षों की पहचान है।” – विजय शर्मा।
भिलाई। वैशाली नगर थाना क्षेत्र के वृंदा नगर, कैंप-2 में रविवार सुबह पति-पत्नी की संदिग्ध परिस्थितियों में मौत से इलाके में सनसनी फैल गई। घर के सामने वाले कमरे में जी विद्यावती (52 वर्ष) का शव जमीन पर पड़ा मिला, जबकि अंदर के कमरे में उनके पति जी वेंकट रमन मूर्ति (55 वर्ष) फांसी के फंदे पर लटके हुए पाए गए।
पुलिस के अनुसार प्रथम दृष्टया वेंकट रमन की मौत आत्महत्या प्रतीत होती है, जबकि विद्यावती के गले पर रस्सी से कसाव के निशान मिलने से मामला संदिग्ध हो गया है। हालांकि पुलिस का कहना है कि मृत्यु के वास्तविक कारणों का खुलासा पोस्टमार्टम रिपोर्ट आने के बाद ही हो सकेगा।
जानकारी के मुताबिक रविवार सुबह घर में कोई हलचल नहीं होने पर मृतक की मां वहां पहुंची। उन्होंने बहू को मृत अवस्था में देखा और अंदर जाकर बेटे को फांसी पर लटका पाया। इसके बाद परिवार के अन्य सदस्यों और पुलिस को सूचना दी गई।
सीएसपी सत्य प्रकाश तिवारी ने बताया कि घटनास्थल से कोई सुसाइड नोट बरामद नहीं हुआ है। एक मोबाइल फोन मिला है, जिसका स्क्रीन लॉक है। मोबाइल की जांच के बाद मामले से जुड़े महत्वपूर्ण तथ्य सामने आने की संभावना है।
प्रारंभिक जांच में पता चला है कि मृतक वेंकट रमन ऑटो चालक था और परिवार आर्थिक परेशानियों से जूझ रहा था। दंपति का एक बेटा ओडिशा में कार्यरत है, जो घटना की सूचना मिलने के बाद भिलाई के लिए रवाना हो गया है।
पुलिस ने मामला दर्ज कर जांच शुरू कर दी है और सभी पहलुओं को ध्यान में रखकर मामले की पड़ताल की जा रही है।
Feb 09, 2021 Rate: 4.00
