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दुर्ग / शौर्यपथ /
दुर्ग नगर पालिक निगम में इंजीनियरों द्वारा भ्रष्टाचार के रोज नए नए मामले सामने आते हैं सालों से जमे इंजीनियरों द्वारा कहीं ना कहीं कार्यों में भ्रष्टाचार को अंजाम दिया जाता रहा है किंतु अब दुर्ग नगर निगम में नवनियुक्त इंजीनियरों द्वारा भी इस खेल को बखूबी अंजाम देने का कार्य शुरू हो चुका है मामला है वार्ड नंबर 47 के आंगनवाड़ी के बाउंड्री वॉल का .
प्राप्त जानकारी के अनुसार महिला एवं बाल विकास के मद से कार्य एजेंसी नगर पालिक निगम ने बाउंड्री वॉल का निर्माण कर दिया जबकि महिला एवं बाल विकास विभाग द्वारा अभी दस्तावेज भी पूरे नहीं दिए गए इस बारे में जब शौर्यपथ समाचार पत्र द्वारा दुर्ग नगर निगम के से जानकारी चाही गई तो उन्होंने जानकारी दी है कि विभाग में बाउंड्री वॉल बनाने के आदेश तो आए हैं किंतु किस स्थान पर बनाना है इस बारे में जमीन के दस्तावेज उपलब्ध नहीं है कार्यपालन अभियंता जैन द्वारा जब तक दस्तावेज उपलब्ध ना हो तब तक कार्य को आगे नहीं बढ़ाया जाए ऐसा वार्ड इंजीनियर मोहित मरकाम से कहा गया।
किंतु प्राप्त जानकारी के अनुसार वार्ड नंबर 47 के आंगनवाड़ी के पीछे निर्माणाधीन बाउंड्री वॉल का निर्माण निरंतर जारी रहा इस बारे में जब वार्ड इंजीनियर मरकाम से चर्चा की गई तो उनके अनुसार वार्ड पार्षद कविता तांडी ने बनाने का आदेश दिया है इसलिए बाउंड्री वाल बना दिया गया है दस्तावेज के बारे में जब वार्ड इंजीनियर से पूछा गया तो उन्होंने गोलमोल जवाब दिया और दस्तावेज मौजूद ना होने की बात कही .
बड़ा सवाल यह है कि जब कार्य एजेंसी नगर पालिक निगम के पास अभी तक दस्तावेज ही नहीं पहुंचे हैं की किस जगह से किस खसरा नंबर कितने रकबा में उक्त बाउंड्री वॉल बनाना है तो आखिर वार्ड इंजीनियर मरकाम किस नियम के तहत वार्ड पार्षद के कहे अनुसार बाउंड्री वाल का निर्माण कर दिए हैं जबकि जिस स्थान पर बाउंड्री वाल का निर्माण किया गया है वहां पर की जमीन का बहुत बड़ा हिस्सा दलदली है जो किसी भी काम की नहीं है ।
इस बारे में इस बारे में वार्ड के लोगों में चर्चा है कि वार्ड पार्षद अपने घर के बाउंड्री वॉल से लगाकर यह बाउंड्री वाल बनवा दी है जिसका कोई उपयोग नहीं है बाउंड्री वॉल के अंदर स्थित दलदल में सिर्फ सूअरों का वास रहता है ऐसे में आखिर किस आधार पर यह बाउंड्री वाल बना दिया गया है यह वार्ड के लोगो के भी समझ से परे है . वही दबी जुबान में वार्ड में यह भी चर्चा है कि वार्ड पार्षद वार्ड की समस्याओं से ज्यादा अपने स्वार्थ के लिए शासकीय मटका उपयोग करती हैं।
बता दें कि आंगनवाड़ी के सामने ही एक बड़ा मैदान है जहां पर खेलकूद की सामग्री लगी हुई है वार्ड वासियों का कहना है कि अगर उक्त स्थान पर बाउंड्री वाल लगता तो एक अच्छा खेलकूद का पार्क बन जाता किंतु जिस जगह अभी बाउंड्रीवाल बना है वहां पर दलदली जमीन है और किसी भी काम की नहीं है।
ऐसे में सोचने वाली बात यह है कि आखिर दुर्ग निगम के वार्ड इंजीनियर मोहित मरकाम अपनी जिम्मेदारियों को दरकिनार करते हुए नियमों की अनदेखी करते हुए कार्यपालन अभियंता जैन की बातों को भी दरकिनार करते हुए निर्माण कार्य को सुचारू रूप से कैसे चलने दिए .क्या इसमें किसी का निजी स्वार्थ है जिसका समर्थन वार्ड के इंजीनियर कर रहे हैं वहीं वार्ड वासियों का कहना है कि इस मामले की नगर निगम आयुक्त द्वारा उचित जांच होनी चाहिए एवं लापरवाही बरतने वाले संबंधित अधिकारियों जनप्रतिनिधियों पर कानून के अनुसार कड़ी से कड़ी कार्रवाई होनी चाहिए।
अब देखना यह है कि बाउंड्री वॉल के निर्माण पर नगर पालिक निगम के आयुक्त हरेश मंडावी द्वारा क्या कदम उठाया जा रहा है.
दुर्ग / शौर्यपथ /
खुर्सीपार थाना क्षेत्र से तीन दिन पूर्व चोरी हुए ट्रक को पुलिस ने रिपोर्ट लिखाने के 48 घंटे के अंदर खुर्सीपार पुलिस ने खोज निकाला। पुलिस ने ट्रक को माल के साथ लावारिश हालत में चंदखुरी रायपुर के पास पाया। ट्रक को जब्त करके थाने लाया गया है। पुलिस का कहना है कि उन्हें आरोपी की भी कुछ पहचान मिली है, जल्द ही उन्हें भी गिरफ्तार कर लिया जाएगा।
ज्ञातव्य हो कि दुर्गा मंदिर खुर्सीपार निवासी राजकुमार चौधरी 42 वर्ष ने 11 अप्रैल को खुर्सीपार थाने में उसका ट्रक चोरी हो जाने की शिकायत दर्ज कराई थी। उसने बताया कि वह अपने ट्रक सीजी 07 एई 5534 में श्रीराम रोलिंग मिल भनपुरी रायपुर से लोहे का पाईप लोड करके जालना जा रहा था। करीब 18 लाख 83 हजार 748 रुपये का माल लोडकर वह नागपुर की तरफ निकला था। रास्ते में घर पड़ जाने से वह एक रात के लिए वहीं रुक गया। इस दौरान उसने ट्रक को इंडस्ट्रियल एरिया में खड़ा किया था। देर रात कोई अज्ञात व्यक्ति आया और द्वारा ट्रक चोरी कर ले गया। शिकायत मिलते ही प्रभारी खुर्सीपार दुर्गेश शर्मा खुद मौके पर पहुंचे। इसके बाद चार लोगों की एक टीम तैयार की। सिविल टीम के साथ मिलकर खुर्सीपार पुलिस सभी रास्तों में लगे सीसीटीवी फुटेज को चेक करते हुए आगे बढ़ी। लगभग 120 सीसीटीवी कैमरों की फुटेज को खगालते हुए ट्रैक टू ट्रैक टीम बढ़ती गई। पुलिस ने इस दौरान हर एक रास्ते पर नजर रखी। टोलप्लाजा से भी पूरा डिटेल खंगाला। इससे पुलिस को ट्रक के रायपुर की तरफ जाने का ट्रैक मिला। पुलिस जब चंदखुरी रोड स्थित श्री गंगा फ्यूल्स के पास पहुंची तो उन्हें वह लावारिश हालत में खड़ा ट्रक मिला।
ट्रक चोरी करने के आरोपियों ने भी पुलिस को दिया चकमा
ट्रक चोरी करने वाले आरोपी भी इतने शातिर थे कि वह हर जगह पुलिस को चकमा देते हुए आगे बढ़े। वह लोग बड़ी चलाकी से बार.बार रूट डायवर्ट करते हुए आगे बढ़ रहे थे। जब ट्रक लेकर आरोपी ट्रोल प्लाजा के पास पहुंचे तो आगे चल रहे ट्रक से अपने ट्रक को इतना चिपका कर चला रहे थे कि वहां के सीसीटीवी कैमरे में उसका नंबर नहीं दिख रहा था। इतना ही नहीं फास्ट ट्रैक से उसका टोकन भी नहीं कटा। इससे पुलिस को उसके जाने की दिशा पता करने में भी काफी परेशानी उठानी पड़ी।
दुर्ग / शौर्यपथ /
नगर पालिक निगम दुर्ग शासन की महती योजना अमृत मिशन के तहत् नगर निगम दुर्ग क्षेत्र में कार्य तेजी से जारी है । जिसके तहत् शहर की पूरी आबादी को पेयजल संकट से निजात दिलाने लगातार प्रयास किया जा रहा है । महापौर धीरज बाकलीवाल योजना की प्रगति की लगातार जानकारी ले रहे हैं। वहीं योजना के तहत् जल प्रदाय किये जाने के कार्यो की निरंतर मॉनिटरिंग निगम आयुक्त हरेश मंडावी के निर्देश पर तकनीकी विशेषज्ञो के साथ निगम के अधिकारी कर रहे है। योजना के पूर्ण हो जाने पर शहर की शत्-प्रतिशत् आबादी को ग्रीष्म काल में भी पर्याप्त मात्रा में जल उपलब्ध हो सकेगा । साथ ही इस योजना के क्रियान्वयन से दुर्ग शहर टैंकर मुक्त हो गया है ।
अमृत मिशन योजना के तहत् शहर में कुल 6 टंकियो का निर्माण किया जाना प्रस्तावित है, जिनमें से सभी पानी टंकियो का निर्माण कार्य पूर्ण कर लिया गया है । वर्तमान में गिरधारी नगर, ट्रांसपोर्ट नगर, हनुमान नगर की पानी टंकियो से निगम प्रशासन द्वारा पानी की लगातार सप्लाई की जा रही है । जिससे शहर के पटरीपार क्षेत्र की आधी आबादी को लाभ मिल रहा है । वही जलगृह परिसर एवं पुलगांव पानी टंकी से पानी टेस्टिंग का कार्य जारी है । जल्द ही इन टंकियो से भी पानी की सप्लाई प्रारंभ कर दी जावेगी ।
अमृत मिशन योजना के तहत् जल प्रदायगी के साथ-साथ जल के शुद्धिकरण कार्य विशेष ध्यान रखा जा रहा,11 एमएलडी फिल्टर प्लांट में निर्मित नई पानी टंकी में पानी टेस्टिंग का कार्य कर पानी की सप्लाई कर प्रारंभ कर दी गई है। जिससे तहत वार्ड 24 दीपक नगर आमदी मंदिर वार्ड ,वार्ड 25 गायत्री मंदिर,वार्ड 26 संतरा बाड़ी, वार्ड 27 पोलसाय पारा के लगभग 20 हज़ार लोग लाभान्वित होंगे।
भिलाई / शौर्यपथ /
भिलाई निगम प्रशासन शहरी गौठान में आजीविका के अवसर बढ़ रहा है। इसके तहत भिलाई निगम के शहरी गौठान, कोसा नगर में छग शासन कीे चार महत्वाकांक्षी योजना नरवा, गरवा, घुरवा और बाड़ी सहित गोधन न्याय योजना अपना आकार ले रही है। वहीं यहां आजीविका के साधन को भी बढ़-चढ़कर महत्व दिया जा रहा है। गौठान में आवारा मवेशियां पल रही हैैं। स्व सहायता समूह की महिलाएं रोजगारोन्मुखी कार्य कर आत्म स्वावलंबन की डगर पर चल पड़ी हैं। कलेक्टर डॉ. सर्वेश्वर नरेंद्र भूरे के निर्देश पर आयुक्त प्रकाश सर्वें गौठान को सर्वसुविधायुक्त बनाने लगातार निरीक्षण का मॉनिटरिंग भी करते रहते हैं। समूह की महिलाओं को नवाचार का प्रयोग कर आर्थिक रूप से सक्षम बनाने साधन भी उपलब्ध कराते आ रहे हैं।
गौठान परिसर में 120 गौ माता सहित बछिया को रखा गया है। समूहों द्वारा पोषित चरवाहा के जरिए इन मवेशियों का बेहतर देखभाल किया जा रहा है। परिसर में ही हरा चारा उपलब्ध कराने नेपियर घास उगाई गई है। मवेशियों के गोबर को इक_ा कर खाद बनाया जा रहा है। वर्मी कंपोस्ट खाद उत्पादन: नई उड़ान क्षेत्र स्तरीय संगठन जोन एक की समूह की महिलाएं गोबर से खाद बनाने में जुटी हुईं हैं। निगम द्वारा बनाई कई टंकियों में गोबर को सड़ाकर रखा जा रहा है। उसके बाद कई प्रक्रियाओं के बाद छानकर वर्मी कंपोस्ट खाद बनाया जा रहा है। समूह की महिलाएं प्रति माह 10 टन वर्मी कंपोस्ट खाद का निर्माण कर रही हैं। अब तक इनके द्वारा करीबन 150 टन खाद की बिक्री की जा चुकी है। गोबर खरीदी: समूह की महिलाएं प्रतिदिन आसपास के लोगों से 2 रूपए किलों में गोबर की खरीदी जा रही है। प्रतिदिन गौ पालक स्वयं शहरी गौठान में आकर गोबर बेच रहे हैं। इस बिक्री से उसे अच्छी खासी आय भी हो रही है। केंचुआ पालन: गौठान में केंचुआ पालन को भी महत्व दिया जा रहा है। यहां प्रतिमाह 70 किग्रा केंचुआ का उत्पादन किया जा रहा है। इसकी डिमांड मछली पालन व स्थानीय लोगों में मिट्टी को उर्वरा शक्ति बनाने के लिए किया जा रहा है।
गोबर कंडा व लकड़ी निर्माण गोबर से कंडा व लकड़ी का निर्माण भी बड़ी मात्रा में किया जा रहा है। इसका उपयोग निगम क्षेत्र व आसपास के मुक्तिधामों में शवों को दहन करने में किया जा रहा है। इसके निर्माण से महिलाओं को खासा फायदा हो जा रहा है।
दुर्ग / शौर्यपथ /
प्रदेश कांग्रेस संगठन ने इस बार अगले साल होने वाले विधानसभा चुनाव के लिए युवाओं को बड़े स्तर पर सक्रिय करने के लिए संगठन में चुनाव का एलान कर दिया है प्राप्त जानकारी के अनुसार यह प्रक्रिया 16 तारीख से 19 तारीख तक जारी रहेगी सालों बाद हो रहे युवा कांग्रेस के संगठन चुनाव में मनोनीत अध्यक्ष एवं अन्य पदों के लिए अब कोई स्थान नहीं रहेगा जिसकी ज्यादा लोकप्रियता होगी वही अध्यक्ष का पद संभालेगा ।
दुर्ग शहर में वर्तमान में कांग्रेस संगठन में चाहे वह महिला कांग्रेस हो ,युवा कांग्रेस को या कांग्रेस संगठन हो सभी महत्वपूर्ण पदों में वोरा गुटके समर्थकों का वर्चस्व है किंतु संगठन में वर्चस्व जमीनी स्तर पर नदारद ही नजर आता है दुर्ग के राजनीतिक हलकों में यह चर्चा का विषय है कि दुर्ग शहर कांग्रेस अध्यक्ष ,युवा कांग्रेस अध्यक्ष की निष्क्रियता के कारण संगठन कमजोर पड़ रहा है . कई बार प्रदेश संगठन भी अपनी नाराजगी जाहिर कर चूका है . ऐसे में युवा कांग्रेस के चुनाव की बात सुनते ही कांग्रेस के युवा कार्यकर्ता अब नए जोश के साथ मैदान में उतर आए हैं ।
दुर्ग शहर युवा कांग्रेस अध्यक्ष पद के लिए 16 अप्रैल से 19 अप्रैल तक प्रक्रिया जारी रहेगी ऐसे में राजनीतिक हलकों में यह चर्चा का विषय है कि दुर्ग शहर युवा कांग्रेस के अध्यक्ष के लिए कई युवा कांग्रेसी अपना भाग्य आजमाने की तैयारी कर रहे हैं . वही बड़ी बात यह है कि इन सभी की तैयारी आंतरिक रूप से जारी है सामने से आकर तो कोई भी अपनी दावेदारी नहीं पेश कर रहा है किंतु शहर में चर्चा का विषय है कि वर्तमान युवा कांग्रेस अध्यक्ष आयुष शर्मा युवा कांग्रेसी कार्यकर्ता मनीष सोनवानी ,गौरव उमरे ,मोहित वाल्दे अभय दुबे ,प्रकाश भारद्वाज , सहित सहित ऐसे कई नाम है जो युवा कांग्रेस के चुनाव में उतर सकते हैं इनमें से अधिकतर युवा कांग्रेसी वोरा बंगले के करीबी हैं .
किंतु सभी की महत्वकांक्षए युवा कांग्रेस अध्यक्ष बनने की है क्योंकि अगले साल प्रदेश में विधानसभा चुनाव होने वाले हैं ऐसे में संगठन सक्रिय कार्यकर्ताओं को आगे बढऩे का मौका दे रहा है मनोनीत अध्यक्ष के बजाय इस बार कांग्रेस संगठन ने युवा कांग्रेस के चुनाव करवाने का निश्चय किया है ऐसे में सभी दावेदार अपनी अपनी तरफ से पुरजोर कोशिश कर रहे हैं और अपने राजनीतिक आकाओं को साधने की भी कोशिश लगातार जारी है किसी भी संगठन में युवा शक्ति का अपना अलग ही महत्व होता है अगर संगठन में युवा शक्ति सक्रिय रहे तो कोई भी चुनाव हो उसमें जीत निश्चित मानी जाती है सक्रीय युवाओं के दम पर ही संगठन मजबूत होता है कांग्रेस संगठन ने भी शायद अगले साल होने वाले विधानसभा चुनाव के पहले सक्रीय युवाओं को मौका देकर आगे बढ़ाने का यह रास्ता अख्तियार किया हुआ है और राजनीति में युवाओं की सक्रियता ही संगठन को मजबूती प्रदान करती है ।
वर्तमान में दुर्ग में शहर युवा कांग्रेस अध्यक्ष के रूप में आयुष शर्मा का कार्यकाल रहा है जिनके कार्यकाल में संगठन में पदाधिकारियों के नामों की घोषणा करने में साल भर लग गए कुछ महीने पहले ही पदाधिकारियों की घोषणा हुई साल भर के अंतराल में अपनी टीम भी नहीं बना सकने के कारण तात्कालिक शहर अध्यक्ष आयुष शर्मा की निष्क्रियता की चर्चा युवा कांग्रेस में आम रही है ऐसे में कई युवा कांग्रेसी युवा कांग्रेस शहर अध्यक्ष के लिए ताल ठोकने के लिए तैयार बैठे हैं किंतु अधिकतर युवा कांग्रेसी वोरा गुट से ही नजर आ रहे हैं ऐसे में कांग्रेसियों में आपस में यह भी चर्चा है कि अगर वोरा गुट से ही दावेदारों का की फौज मैदान में उतर आती है तो परिणाम चाहे जो भी हो युवा कांग्रेसियों में आपस में गुटबाजी आरंभ हो जाएगी जो कि आने वाले चुनाव के समय कांग्रेस के विधानसभा के प्रत्याशी के लिए ही परेशानियों का सबब बनेगी।
अब देखना यह है कि 16 से 19 तारीख तक होने वाले युवा कांग्रेस के चुनाव में कौन-कौन प्रत्याशी मैदान में उतरता है और किसकी जीत होती है वही वोरा गुट कैसे अपने साथियों को बांधकर सर्वसम्मति से एक उम्मीदवार ही मैदान में उतारकर अपनी जीत सुनिश्चित करता है अगर वोरा गुट की तरफ से सर्वसम्मति से एक प्रत्याशी ही मैदान में उतरता है तो इसका फायदा आने वाले समय में कांग्रेस के विधायक प्रत्याशी को ही मिलेगा .कांग्रेस सहित दुर्ग की जनता भी अब इंतजार कर रही है कि आने वाले 16 अप्रैल से 19 अप्रैल के बीच में दुर्ग की राजनीति में क्या हलचल होगी
दुर्ग / शौर्यपथ /
और 8 अप्रैल को गौठान पहुंच दिवस के दिन सभी नोडल अधिकारियों को अपने-अपने गौठानों का निरीक्षण करने और यहां चल रहे सर्वोत्तम नवाचार देखने, खूबियों और खामियों को इंगित करने कहा गया था। आज दुर्ग जनपद से गौठानों के रिपोर्ट कार्ड पर समीक्षा आरंभ हुई। कलेक्टर डॉ. सर्वेश्वर नरेंद्र भुरे ने इस मौके पर कहा कि मुख्यमंत्री श्री भूपेश बघेल की मंशा है कि गांवों में महात्मा गांधी के सुराजी गांवों के माडल के अनुरूप कार्य हो। गांव आत्मनिर्भर बनें। इसकी शुरूआत गौठान से होगी। गौठान पहुंच दिवस के आयोजन का मकसद यह था कि गौठान के संचालन की समग्र स्थिति प्रशासन के नजर में पूरी तरह आये। हर गौठान में होने वाली गतिविधियों, खूबियों, खामियों का डिटेल हो ताकि इन्हें और बेहतर करने की कार्रवाई की जा सके। उन्होंने कहा कि सुराजी गांवों के गौठान हर दृष्टि में सर्वोत्तम होने चाहिए। गौठानों के फीडबैक में पाया गया कि कुछ गौठान बहुत अच्छा कार्य कर रहे हैं। कुछ में नवाचारों पर खूब ध्यान दिया जा रहा है। कहीं वर्मी खाद का उत्पादन काफी अच्छा किया गया। कुछ गौठान अच्छा काम कर रहे हैं और कुछ औसत। कलेक्टर ने कहा कि समीक्षा के दौरान यह पाया गया कि कुछ तकनीकी दिक्कतें दूर कर ली जाएं तो सभी गौठान बहुत अच्छे स्तर पर काम करने लगेंगे। इसके बाद उन्होंने गौठानों के सभी नोडल अधिकारियों से उनके गौठान की समस्या के बारे में पूछा। उन्होंने कहा कि अगले एक पखवाड़े में इन दिक्कतों को दूर किया जाएगा। बैठक में एसडीएम श्री विनय पोयाम एवं जनपद सीईओ श्री शैलेष भगत भी उपस्थित थे।
फीडबैक में ये बातें सामने आईं- फीडबैक में अनेक नोडल अधिकारियों ने बताया कि उनके यहां गौठान समिति के पदाधिकारी काफी सक्रिय हैं। यद्यपि कुछ नोडल अधिकारियों ने बताया कि जिस तरह की सक्रियता अपेक्षित है उस तरह की सक्रियता गौठान पदाधिकारियों में नहीं है। कलेक्टर ने कहा कि इसके लिए निरंतर संवाद बेहद जरूरी है क्योंकि नोडल अधिकारी के रूप में आपका और गौठान समिति के पदाधिकारियों के रूप में उनका काम गौठान के माध्यम से झलकता है। अगर गौठान अच्छी स्थिति में नहीं दिखता अथवा उसमें काफी कुछ करने की संभावनाएं नजर आती हैं जिन्हें किया जा सकता था तो जिम्मेदार लोगों के प्रति जनता का अच्छा संदेश नहीं जाता। इसलिए निरंतर समन्वय के साथ कार्य करते रहिये। कुछ गौठानों में पानी की समस्या सामने आई। कलेक्टर ने इसका तत्काल निराकरण करने के निर्देश दिये।
आगे के लिए दिये यह निर्देश- नोडल अधिकारियों को कलेक्टर ने सप्ताह में चार बार गौठान का निरीक्षण करने निर्देशित किया। सप्ताह के एक दिन इस बात की समीक्षा करने के लिए कहा कि उनके द्वारा दिये गये निर्देशों का किस सीमा तक पालन किया गया। उन्होंने कहा कि सभी गौठानों में सीपीटी हो, घेरा हो, पानी की व्यवस्था हो चारे और छाया की व्यवस्था हो। पर्याप्त संख्या में वर्मी टांके हों, गोबर खरीदी होती रहे, वर्मी खाद का निरंतर उत्पादन होता रहे। सभी टांकों को एक साथ नहीं भरे। गौठान में अन्य आजीविकामूलक गतिविधियों का उत्पादन होता रहे।
दूसरी फसलों को भी करें प्रोत्साहित- कलेक्टर ने राजीव गांधी न्याय योजना के अंतर्गत धान के बदले अन्य फसल लेने के लिए भी लोगों को प्रोत्साहित करने एआरईओ से कहा। उन्होंने कहा कि इसके लाभों के संबंध में अधिकाधिक जागरूकता फैलाएं। राजीव गांधी न्याय योजना के माध्यम से अब दूसरी फसलों से भी लाभ कमाने किसानों के लिए राह खुल गई है।
भिलाई नगर/ शौर्यपथ /
नगर पालिक निगम भिलाई के महापौर नीरज पाल की पहल से सूर्या नगर की खटीक बस्ती फिर से अपने मूल स्वरूप में आ गई वह भी महज 3 दिनों में। प्रभावित परिवारों का आशियाना तैयार होने का पूरा स्ट्रक्चर खड़ा होने के बाद आज विधायक देवेंद्र यादव, महापौर नीरज पाल, माननीय मुख्यमंत्री जी के ओएसडी मनीष बंछोर, जिला अध्यक्ष मुकेश चंद्राकर, सभापति गिरवर बंटी साहू ने राहत सामग्रियों का वितरण प्रभावित परिवारों के आशियाने तक जाकर किया। बता दे कि महापौर एवं निगम आयुक्त ने दिन-रात बस्ती में ही डटे रहकर बस्ती को फिर से बसाने में अभूतपूर्व सहयोग किया। निगम प्रशासन की मेहनत रंग लाई और प्रभावित परिवारों का घरौंदा तैयार हो गया। 9 अप्रैल को ही घटना के बाद से महापौर नीरज पाल एवं निगम आयुक्त प्रकाश सर्वे प्रभावित परिवारों की मदद के लिए जुटे रहे तथा दिन रात की अथक प्रयास के बाद आखिर कर सूर्या नगर की बस्ती फिर से तैयार हो गई है। निगम ने प्रभावित परिवारों को हर संभव मदद करने के लिए बांस, बल्ली, टीन शेड, भोजन, पेयजल, बाल्टी एवं दैनिक क्रिया के लिए जरूरी सामग्रियों की त्वरित व्यवस्था की तथा तत्कालिक रूप से राहत शिविर बनाया। आधार कार्ड और राशन कार्ड जैसे दस्तावेज फिर से बनाने के लिए कैंप का आयोजन किया। महापौर एवं आयुक्त ने बस्ती में एक-एक परिवार से मिलकर उनकी जरूरतों के मुताबिक सहायता की। कलेक्टर डॉ. सर्वेश्वर नरेंद्र भुरे निरंतर गतिविधियों पर नजर रख रहे हैं और प्रभावित परिवारों को मुआवजा देने के लिए उनके निर्देश पर सर्वे का काम पूरा हो चुका है। इसके अलावा प्रमुख रूप से जोन अध्यक्ष संतोष नाथ सिंह उर्फ जालंधर, एमआईसी मेंबर एवं लोक कर्म विभाग के प्रभारी एकांश बंछोर, राजस्व विभाग के प्रभारी सीजू एंथोनी, सामान्य प्रशासन विभाग के प्रभारी संदीप निरंकारी, पार्षद इंजीनियर सलमान, अपर आयुक्त अशोक द्विवेदी, उपायुक्त सुनील अग्रहरि, जोन आयुक्त येशा लहरें आदि का प्रभावित परिवारों की सहायता के लिए विशेष सहयोग रहा।
प्रभावित परिवारों के घर संचालन के लिए जरूरी सामग्री की पूरी किट का किया गया वितरण सूर्या नगर बस्ती फिर से बसने के बाद विधायक देवेंद्र यादव, महापौर नीरज पाल एवं जिला अध्यक्ष मुकेश चंद्राकर ने सभी प्रभावित परिवारों को उनके घर के संचालन के लिए सभी जरूरी सामग्रियों के किट का वितरण किया। मुख्य रूप से एक किट में गद्दा, तकिया, बेडशीट, तकिया कवर, पंखा, गैस चूल्हा, थाली, लोटा, गिलास, कटोरी, मग्गा, शर्ट, लोअर, टूथ ब्रश टूथपेस्ट, नहाने और कपड़े धोने दोनों का साबुन, तेल, साड़ी, इनरवियर, चम्मच, तवा, गंजी, बेलना, चौकी, चिमटा, गुंडी, कुकर, बड़ा कटोरा, महिलाओं और पुरुषों के लिए सभी प्रकार के अलग-अलग पूरे कपड़े एवं राशन सामग्री की पूरी किट जिसमें चावल, दाल, आटा, विभिन्न प्रकार के मसाले, नमक, हल्दी, धनिया, मिर्ची, आदि का वितरण महापौर नीरज पाल ने किया। इस अवसर पर मदर टैरेसा नगर के जोन अध्यक्ष संतोष नाथ सिंह उर्फ जालंधर, महापौर परिषद के सदस्य एवं राजस्व प्रभारी सीजू एंथोनी, सामान्य प्रशासन विभाग के प्रभारी संदीप निरंकारी, लोक कर्म विभाग के प्रभारी एकांश बंछोर, समाज कल्याण विभाग के प्रभारी चंद्रशेखर गवई, पार्षद इंजीनियर सलमान आदि मौजूद रहे।
दुर्ग/शौर्यपथ/
नगर पालिक निगम दुर्ग महापौर धीरज बाकलीवाल द्वारा गौरवपथ का चौड़ीकरण व सौंदर्यीकरण 5 करोड़ 44 लाख की लागत से बुधवार को कार्यप्रारम्भ की शुरूआत की गई, करीब डेढ़ मीटर चौड़ी डिवाइडर के दोनों ओर 7-7 मीटर चौड़ी सड़क का निर्माण किया जाएगा . महापौर ने कहा कि गौरव पथ टू लेन का होगा, सड़क के चौड़ी होने से नागरिको को आवागमन में भारी सुविधा मिलेगी,गौरवपथ के वर्तमान स्वरूप को बेहतर नया लुक देने तथा सुगम आवागमन के लिए इसका चौड़ीकरण किया जा रहा है, महापौर धीरज बाकलीवाल ने कहा कि गौरवपथ का चौड़ीकरण जेल तिराहा से जेआरडी स्कूल के सामने स्थापित गांधी की प्रतिमा तक किया जाएगा और सड़क के दोनों ओर नाली का निर्माण किया जाएगा, शेष बचे जगह पर सौंदर्यीकरण होगा. 6 माह की कार्य अवधि में कार्य को पूरा किया जाना है, इस अवसर पर शहर विधायक अरुण वोरा, पिछड़ा वर्ग आयोग के उपाध्यक्ष एवं राज्यमंत्री दर्जा प्राप्त आर.एन. वर्मा, महापौर धीरज बाकलीवाल, आयुक्त हरेश मंडावी , सभापति राजेश यादव, प्रभारी लोक कर्म विभाग अब्दुल गनी,प्रभारी, वित्त लेखा एवं अंकेक्षण विभाग दीपक साहूसहित अन्य पार्षद एवं नागरिक अन्य मौजूद थे।
दुर्ग / शौर्यपथ /
अपनी सशक्त पंचायतों एवं ग्रामीण विकास पर ठोस कार्य करते हुए पाटन ब्लाक ने देश भर में अपना परचम लहराया है। 24 अप्रैल को पाटन ब्लाक को पंडित दीनदयाल उपाध्याय पंचायत सशक्तिकरण सम्मान से सम्मानित किया जाएगा। इसके पीछे पंचायत प्रतिनिधियों और सरकारी अमले के साथ ही पाटन ब्लाक के हजारों ग्रामीणों की कड़ी मेहनत निहित है। पाटन ने यह उपलब्धि केंद्र सरकार और राज्य सरकार की योजनाओं के प्रभावी क्रियान्वयन के आधार पर प्राप्त की है।
मनरेगा का प्रभावी क्रियान्वयन- देश भर में जब लाकडाउन की वजह से लोगों की गतिशीलता थमी हुई थी। पाटन में पूरी सोशल डिस्टेंसिंग के साथ मनरेगा के कार्य जारी थे। वर्ष 2020-21 में 59 हजार मजदूरों ने मनरेगा के माध्यम से कार्य किया और वर्ष 2021-22 में 55 हजार मजदूरों ने मनरेगा के माध्यम से कार्य किया। इन मजदूरों में महिला श्रमिकों को प्रतिशत भी काफी रहा। मनरेगा के माध्यम से सबसे ठोस कार्य जल संरक्षण की संरचनाओं के रूप में हुआ। नरवा स्ट्रक्चर के माध्यम से भूमिगत जल के संरक्षण के कार्य शुरू हुए। नरवा प्रथम चरण का क्रियान्वयन जिन गांवों में हुआ, सभी में भूमिगत जल के स्तर में शानदार वृद्धि हुई और किसानों ने दूसरी फसल ली।
गौठानों का निर्माण और गोधन न्याय योजना के लाभ- वर्ष 2020-21 में पाटन ब्लाक में 76 गौठान बने और वर्ष 2021-22 में 31 गौठान बने। इनके माध्यम से एक लाख चौदह हजार क्विंटल गोबर खरीदी हो चुकी है। गौठानों को रोजगारमूलक गतिविधियों के केंद्र के रूप में स्थापित किया जा रहा है। मिर्च-मसाला आदि के उत्पादन की यूनिट गौठानों में आरंभ की गई। तेल पेराई की यूनिट भी आरंभ की गई है। कुर्मीगुंडरा जैसे गौठानों में आस्ट्रेलियन प्रजाति के केंचुआ आदि के उत्पादन के लिए भी कार्य किया जा रहा है।
गोबर से बिजली जैसे नवाचार- पाटन के सिकोला गौठान में गोबर से बिजली बनाने का कार्य शुरू हुआ। बिजली जैसी चीज किसी गौठान में बनाई जा सकती है अथवा ग्रामीण भी बिजली बना सकते हैं यह सोचना भी कठिन है लेकिन इस कल्पना को वास्तविकता में बदल दिया गया है। सांकरा में आजीविकामूलक गतिविधियों के लिए डोम बनाया गया है। यहां अष्टगंध जैसे उत्पादों का निर्माण किया जा रहा है। यहां उत्पादित हो रहे अष्टगंध की माँग पूरे देश में है और इटली, इंडोनेशिया जैसे देश भी इसका आयात करते हैं।
लाकडाउन में भी आत्मनिर्भरता का सपना पूरा- लाकडाउन के मौके पर भी पाटन ब्लाक के गांवों को सब्जी जैसी बुनियादी जरूरतों के लिए दिक्कत का सामना नहीं करना पड़ा। केसरा और बोरेंदा की बाडिय़ों में जैविक खाद से सब्जी तैयार होती रही और पूरे गांव की सब्जी की समस्या दूर हुई।
बरसों से बंद पड़ी नहरें आरंभ, सोलर सिंचाई का दायरा बढ़ा- सिपकोना जैसी नहर प्रणाली काफी जर्जर हो चुकी थी, इसे ठीक कराया गया। कौही, बोरेंदा आदि में सोलर माध्यम से सिंचाई का दायरा बढ़ाने की दिशा में काम किया गया। नरवा योजना के माध्यम से भूमिगत जल का स्तर बढ़ा और इससे कृषकों को स्थायी रूप से लाभ हुआ।
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