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दुर्ग / शौर्यपथ /
नगर पालिक निगम दुर्ग के महापौर धीरज बाकलीवाल एवं आयुक्त हरेश मंडावी ने दुर्ग शहर के रहवासियों से की अपील स्वच्छ सर्वेक्षण 2022 हेतु चल रहे साफ सफाई अभियान में खुलकर सहयोग देने की अपील की है उन्होंने कहा शहर स्वच्छ एवं सुंदर रखने में अपना महत्वपूर्ण योगदान देकर दुर्ग शहर को स्वच्छता रैंकिंग में प्रथम पायदान पर लाए जिससे दुर्ग शहर का नाम पूरे देश मे अव्वल हो। स्वच्छ सर्वेक्षण 2022 की परीक्षा में जन सहभागिता और सकारात्मक फीडबैक से ही सफलता मिलेगी।आयुक्त हरेश मंडावी ने अधिकारी एवं कर्मचारियों की टीम बनाई है दुर्ग शहर को देश मे पहला पायदान में लाने के लिए टीम द्वारा सुबह से जोड़तोड़ मेहनत कर रही है। अधिकारियों द्वारा शहरवासियों से स्वच्छता एप से फिल्डबैक देने की अपील की है।नगर पालिक निगम दुर्ग को पहला पायदान पर लाने के लिए नागरिकों ने अपना फीडबैक दिया है।
शहर को सर्वेक्षण में अव्वल बनाने के लिए 15 अप्रैल तक एसबीएम अर्बन के लिंक फीडबैक देना है। अधिक से अधिक लोगों को जोडऩे के लिए नगर पालिक निगम ने कर्मचारियों को लोगों से संवाद करने व लिंक से फीडबैक दिलाने के निर्देश दिए हैं।स्वच्छ सर्वेक्षण-2022 में कुल 7,500 अंक निर्धारित किए गए हैं। इस बार सीवर समस्या, सीवेज ट्रीटमेंट प्लांट, डिजिटल प्रचार प्रसार को भी शामिल किया गया है। डोर-टू-डोर कूड़ा कलेक्शन शहर के समेत 60 वार्डों में चालू हो है। आयुक्त ने बताया कि सर्वेक्षण को लेकर जनता का फीडबैक लेना शुरू हो गया है।जनता की प्रशंसा से नगर निगम बनेगा नंबर वन।
दुर्ग/ शौर्यपथ /
नगर पालिक निगम द्वारा आयोजित दुर्ग निगम क्षेत्र का पहला अखिल भारतीय महापौर हॉकी ट्रॉफी का 28 से 31 मार्च महिला समृद्धि बाजार के सामने सिविल लाइन मैदान में आयोजित किया गया है। जिसका समापन आज होगा।
कल के पहले सेमी फाइनल मुकाबला भुसावल महाराष्ट्र और राजनांदगांव छत्तीसगढ़ के बीच खेला गया इस रोमांचक मुकाबले में मैच ख़त्म होने तक दोनों टीमो के दो दो गोल बराबरी पर रहे . मैच का परिणाम पेनाल्टी शूट आउट के ज़रिये हुआ जिसमे राजनंदगांव की टीम ने 7-6 से मैच जीत कर फाइनल में अपनी जगह बना ली . दूसरा सेमी फाइनल मैच महापौर इलेवन एवं झारखण्ड के बिच खेला जा रहा है .
महापौर ट्राफी का समापन समारोह विशिष्ट अतिथि विधायक अरुण वोरा के द्वारा किया जाएगा मौजूद महापौर धीरज बाकलीवाल,राज्य मंत्री का आर एन वर्मा, आयुक्त हरेश मंडावी,सभापति राजेश यादव,खेलकुद प्रभारी मनदीप सिंह भाटिया समेत अधिकारी व वरिष्ठ पदाधिकारियो के बीच होगा।शिक्षा व खेलकुद विभाग प्रभारी मनदीप सिंह भाटिया ने इस प्रतियोगिता के लिए विधायक अरुण वोरा एवं महापौर धीरज बाकलीवाल का आभार व्यक्त किया,उन्होंने कहा कि प्रति वर्ष इस तरह का प्रतियोगिता होती रहे ताकि युवा अपनी प्रतिभा को खुलकर सामने आकर इस हॉकी प्रतियोगिता में भाग ले सके।युवाओ को हॉकी से जुडऩे की प्रेरणा मिलेगी .
बेटी ने पिता से वसूला 25 लाख रूपये शादी का खर्चा , छ: साल तक कानूनी लड़ाई लडऩे के बाद मिली सफलता
दुर्ग / शौर्यपथ /
भिलाई में एक बाप बेटी के अजीबो गरीब मामला सामने आया है जिसमें बेटी ने अपने शादी के लिए अपने बाप से शादी का खर्चा वसूल लिया। वह भी हाईकोर्ट की मदद से। इसके लिए बेटी को लंबी कानूनी लड़ाई लडऩी पड़ी। हाईकोर्ट से फैमिली कोर्ट व फिर फैमिली कोर्ट से हाईकोर्ट तक लगातार छ: साल तक कानूनी लड़ाई लड़ती रही। आखिरकार हाईकोर्ट ने बेटी के पक्ष में फैसला सुनाते हुए कहा कि अविवाहित बेटी पिता पर आश्रित रहती है, अत: उसके भरण पोषण और शादी की जिम्मेदारी पिता की होती है। बेटी को अपनी शादी का खर्च पिता से लेने का पूरा अधिकार है। इसलिए पिता को हर हाल में बेटी को उसकी शादी के लिए 25 लाख रूपये देना होगा।
ज्ञातव्य हो कि भिलाई निवासी राजेश्वरी नाम की युवती ने 2016 में हाईकोर्ट में एक याचिका दायर की थी जिसमें उन्होंने अपने पिता से शादी का खर्च देने की मांग की थी। युवती ने याचिका में बताया कि उनके पिता भोजराम बीएसपी के सेवानिवृत्त कर्मी हैं और उन्हें रिटायरमेंट के बाद 75 लाख रुपए मिले। चुंकी वे उनकी बेटी हैं इस लिए उनकी शादी की जिम्मेदारी उनकी है। युवती ने अपनी याचिका में शादी खर्च के लिए 25 लाख रुपए की मांग की।
फैमिली कोर्ट ने खारिज कर दिया था ये मामला
हाईकोर्ट ने तब इस मामले को पहले फैमिली कोर्ट में रखने की बात कहकर खारिज कर दिया था। इसके बाद यह मामला फैमिली कोर्ट के पास पहुंचा। फैमिली कोर्ट ने बेटी द्वारा पिता से मांगे शादी के खर्च को चलने योग्य मामला नहीं माना। फैमिली कोर्ट ने इस मामले को यह कहते हुए खारिज कर दिया कि न्यायालयीन प्रक्रिया में इस तरह कोई प्रावधान नहीं है। राजेश्वरी ने फैमिली कोर्ट के इन निर्णय को अधिवक्ता टीके तिवारी के माध्यम हाईकोर्ट में चुनौती दी। हाईकोर्ट में 6 साल से यह मामला लंबित था जिसमें कई बाद्भ हियरिंग हुई। अंतत: हाईकोर्ट ने युवती के पक्ष में निर्णय सुनाया। हाईकोर्ट ने माना है कि बेटी की शादी का खर्च पिता को देना होता है। अविवाहित बेटी की पढ़ाई से लेकर उसके खाने व शादी तक का खर्च पिता की जिम्मेदारी है।
हाईकोर्ट ने किया फैमिली कोर्ट का आदेश निरस्त
इस मामले में जस्टिस गौतम भादुड़ी और जस्टिस संजय एस अग्रवाल की डिवीजन बेंच ने दुर्ग फैमिली कोर्ट के आदेश को खारिज कर दिया है। डिविजन बेंच ने कहा है कि बेटी को पिता से विवाह का खर्च लेने का पूरा अधिकार है। हाईकोर्ट ने कहा है कि हिंदू दत्तक एवं भरण पोषण अधिनियम के अनुसार अविवाहित बेटी अपनी शादी में होने खर्च के लिए पिता पर दावा कर सकती है।
हाईकोर्ट ने आदेश में कहा है कि पुत्रीअविवाहित है और अपने अभिभावकों पर आश्रित है। हिंदू दत्तक एवं भरण पोषण अधिनियम के अनुसार वह खुद के खर्च के लिए अभिभावकों पर दावा कर सकती है। उसे पूरा हक है कि पिता की संपत्ति में से अपनी शादी से लेकर अन्य खर्च के लिए दावा करें। हाईकोर्ट ने फैमिली कोर्ट को इस मामले में फिर से विचार कर निर्णय करने का निर्देश दिया है।
हाईकोर्ट में भी यह अपनी तरह का पहला मामला
अधिवक्ता टीके तिवारी ने बताया कि इस मामले को लेकर लंबी कानूनी लड़ी गई है। बिलासपुर हाईकोर्ट में यह अपनी तरह का पहला मामला है जिसमें एक बेटी को उसके पिता से शादी का खर्च लेने के लिए पात्र माना गया है। हिंदू दत्तक एवं भरण पोषण अधिनियम के तहत पिता पर अपने बच्चों के मेंटेनेंस की पूरी जिम्मेदारी होती है। 6 साल की लंबी कानूनी लड़ाई के बाद राजेश्वरी को हाईकोर्ट से न्याय मिला है। अब फैमिली कोर्ट दोनों पक्षों को सुनने के बाद अपना निर्णय देगी।
दुर्ग/शौर्यपथ/
नगर निगम द्वारा इस वर्ष पत्रकारों को बजट पुस्तिका और बजट अभिभाषण उपलब्ध नही कराया गया और पत्रकारों के लिए सही ढंग से बैठक व्यवस्था नही होने से आधा पत्रकारों को खड़ा रहना पड़ा इसके कारण पत्रकारों ने भिलाई नगर निगम के बजट का कव्हरेज करने से बहिष्कार कर सभी पत्रकार सदन से बाहर निकल आये। हर साल पत्रकारों को बजट पुस्तिका और अभिभाषण प्रदान किया जाता था लेकिन इस बार निगम ने पत्रकारों को इसे नही दिया जिससे पत्रकारों में भारी रोष व्याप्त हो गया कि बजट पुस्तिका और अभिभाषण नही दिये जाने से आखिर पत्रकार पूरा न्यूज विस्तार से कैसे बनायेंगे। पत्रकारों के बहिष्कार करने के बहुत देर बाद निगम द्वारा पत्रकारों को बजट अभिभाषण और बजट पुस्तिका प्रदान की गई।
भिलाई /शौर्यपथ/
इस अवसर पर महापौर नीरज पाल ने मीडिया से चर्चा करते हुए कि आज जो बजट पेश किया गया और उसपर बहुत ही अच्छी चर्चा हुई है। सभी ने अपना अपना सुझाव दिया है चाहे वह पक्ष हो या विपक्ष हो। यह बजट शहर के विकास में एक मील का पत्थर साबित होगा। सभी पार्षदों की मंशा रहती है कि हमोर वार्डों में भी छोटे बडे जो विकास हो। बजट से पूर्व सभी पार्षदों से सुझाव मंागा गया था उसी आधार पर एमआईसी मेंबरों द्वारा बजट तैयार किया गया है। यह पहली बार होगा कि पार्षदों व महिला पार्षदों व विपक्ष के पार्षदों द्वारा सर्वसम्मति से बजट पारित किया गया है।
दुर्ग / शौर्यपथ /
भिलाई नगर के पांचवे कार्यकाल के पहले वर्ष में नवनिर्वाचित महापौर नीरज पाल ने आज निगम सभागार में 9 करोड़ 94 लाख 88 हजार रुपए लाभ का बजट पेश किया। जिसे ध्वनिमत से पारित कर दिया गया। महापौर नीरज पाल ने आज अपने कार्यकाल का पहला बजट पेश करते हुए बजट में उन्होंने शहर के विकास और जनहित में 5 अरब 23 करोड़ 6 लाख 48 हजार रुपए व्यय का प्रावधान आगामी वित्तीय वर्ष के लिए रखा है। वहीं इस दौरान 4 अरब 10 करोड़ 51 लाख 78 हजार रुपए आय होने का अनुमान लगाया है। प्रारंभिक शिलक 1 अरब 22 करोड़ 49 लाख 58 हजार रहने से वर्ष 2022-23 के अंत तक निगम के खजाने में 5 अरब 33 करोड़ 1 लाख 36 हजार रुपए आ जाएगा। यह भिलाई निगम के इतिहास में पहली बार ऐसा हुआ है कि मात्र 2.30 घंटा में में बजट पारित कर दिया गया जबकि भिलाई निगम में बजट पर तीन दिन तक के भी चर्चा होती रही है ।
महापौर नीरजपाल ने ठीक 11 बजे सभापति गिरवर साहू बंटी के आदेश पर महापौर नीरज पाल ने बजट प्रस्तुत किया। इस बजट में उन्होंने पूरे 70 वार्ड के लिए विकास कार्यों को आगामी वित्तीय वर्ष के दौरान अंजाम देने का इरादा प्रदर्शित किया है। महापौर ने अपने बजट में वित्त वर्ष 2022-23 में लोक कर्म विभाग के अंतर्गत भवन निर्माण हेतु 7 करोड़ 75 लाख रुपए खर्च किए जाने का प्रावधान रखा है। इसमें नवीन कार्यालय भवन निर्माण सहित अन्य समस्त तरह के भवनों का निर्माण शामिल है। दूषित जल निकासी के लिए 2 करोड़, सड़क निर्माण एवं संधारण के लिए 4 करोड़ 50 लाख, ठोस अपशिष्ट प्रबंधन के अंतर्गत स्वच्छता एवं जन स्वास्थ्य मद में 42 करोड़ 70 लाख, पर्यावरण संरक्षण के तहत वृक्षारोपण, कुंओ और जलाशयों के संवर्धन हेतु 1 करोड़ 80 लाख एवं नगर के उद्यानों के सौंदर्यीकरण व रखरखाव के लिए 11 करोड़ 15 लाख रुपए खर्च किए जाने का प्रावधान किया गया है।
् बजट में कार्यालयीन व्यय के लिए 4 करोड़ 39 लाख, नए वाहन, संधारण, मशीनरी आदि क्रय करने 14 करोड़ 85 लाख, मार्ग प्रकाश व्यवस्था के लिए 14 करोड़ 70 लाख, लोक स्वास्थ्य एवं सुविधाओं के अंतर्गत नलकूप खनन, पाइपलाइन विस्तार, स्टैंड पोस्ट,जल शोधन संयंत्र का संचालन आदि के लिए 31 करोड़ 35 लाख 68 हजार रुपए व्यय का प्रावधान है। इसके अलावा अन्य विविध व्यय मद में वृद्धा वस्था पेंशन, मार्ग पट्टिका, सियान सदन निर्माण, टाउनहॉल निर्माण, मुक्ति धाम में लकड़ी की व्यवस्था, तालाब सौंदर्यीकरण, सड़क किनारे यूरिनल, गौधन संवर्धन, सीवर ट्रीटमेंट स्पोट्र्स काम्प्लेक्स सोलर सिस्टम त्योहार में पंडाल व्यवस्था कब्रिस्तान विकास आदि कार्यों के लिए 3 अरब 5 करोड़ 17 लाख 15 हजार रुपए व्यय किया जाएगा।
मुख्यमंत्री भूपेश बघेल के तर्ज पर महापौर नीरज पाल भी गोबर से निर्मित सूटकेस में बजट पुस्तिका लेकर आए थे। 11 बजे सभापति बंटी गिरवर साहू के निर्देश पर उन्होंने बजट का वाचन शुरू किया। कहा कि इस बजट में कोई नया कर नहींं लगाया गया है। भिलाई निगम के सभी 70 वार्डों के पार्षदों का सुझाव बजट में शामिल किया गया है। बजट में शिक्षा, स्वास्थ्य, खेलकूद, स्वच्छता पर ज्यादा फोकस किया गया है। अमृत मिशन योजना के तहत इस साल स्लम एरिया में पूरे प्रेशर के साथ पानी पहुंचाने की बात कही गई है।
बजट वाचन समाप्त होने के बाद विपक्ष के दया सिंह, पूर्व सभापति श्यामसुंदर राव, पूर्व नेता प्रतिपक्ष रिकेश सेन, पियुष मिश्रा सहित अन्य भाजपा पार्षद बजट पर चर्चा की मांग कर रहे थे। यहां तक की भाजपा के पार्षद सदन में तख्ती लेकर आए थे जिसमें लिखा हुआ था कि बजट पर चर्चा किया जाए।
इस दौरान सेक्टर 10 की पार्षद एवं पूर्व एमआईसी मेंबर सुभद्रा सिंह ने भी कहा कि बजट पर चर्चा होनी ही चाहिए और चर्चा करने का अधिकार सभी पार्षदों को है, अध्यक्ष जी आप सभी को इसपर चर्चा करने के लिए आमंत्रित करें। भिलाई की समस्याओं पर चर्चा करनी होगी। लोकतंत्र की हत्या बंद करो। भ्रष्टाचार को छिपाने के लिए चर्चा से भागना बंद करें सहित अन्य कई नारे लिखे तख्ती लेकर भाजपा के पार्षद पहुंचे थे। इस दौरान शहर सरकार के स्वास्थ्य प्रभारी लक्ष्मीपति राजू एवं राजस्व प्रभारी सीजू एंथोनी ने कहा कि हम चर्चा से भाग नही रहे है। हम चर्चा करना चाह रहे है, लेकिन विपक्ष स्वयं हो हल्ला कर रहा है, और विपक्ष खुद ही चर्चा से भाग रही है क्योंकि उनके पास काई मुद्दा नही है। भारी हो हल्ला के बीच सभापति ने पियुष मिश्रा को और उसके बाद भोजराम सिन्हा को और कुछ पक्ष और विपक्ष के नेताओं को चर्चा के लिए आमंत्रित किया। इस दौरान भोजराम सिन्हा ने 2015 -16 में बढाये गये टेक्स के विरूद्ध बीएसपी हाईकोर्ट चला गया और हाईकोर्ट के बारे में पूरा विस्तार से जब बताने लगे तो सत्ता पक्ष ने उसका विरोध किया कि चर्चा आज के और 2022-23 का जो बजट पेश हुआ है उसपर होनी चाहिए। उसके कुछ ही देर बाद सत्ता पक्ष ने ध्वनी मत से बजट पारित कर दिया। मीडिया से चर्चा करते हुए महापौर नीरज पाल, एमआइसी के स्वास्थ्य विभाग के प्रभारी लक्ष्मी पति राजू ने बजट को भिलाई के एतिहासिक बताया और कहा कि कहा कि मुख्यमंत्री भूपेश बघेल के सपनों के अनरुप भिलाई का विकास किया जा रहा है, यह बजट भिलाई के विकास के लिए मील का पत्थर साबित होगा। वहींं विपक्ष के वशिष्ठ नारायण मिश्रा, रिकेश सेन, पीयूष मिश्रा ने बजट को बेहद निराशाजनक बताते हुए कहा कि सत्ता पक्ष चर्चा से इस कदर डर गया कि उसने विपक्ष की बात ही नहीं सुनी। विपक्ष का कहना है कि बजट में कई तरह की खामियां है, जिसका एक एककर पर्दाफाश किया जाएगा।
शिक्षा के क्षेत्र में उल्लेखनीय योगदान के लिए आदित्य फाउन्डेशन ने किया सम्मानित
दुर्ग / शौर्यपथ /
विश्व महिला दिवस पर आदित्य फाउंडेशन वर्धा, महाराष्ट्र, में आयोजित अंतर्राष्ट्रीय सम्मान समारोह में इंजी. आर राज लक्ष्मी सिंह को शिक्षा के क्षेत्र में उल्लेखनीय योगदान के लिए सावित्रीबाई फुले सम्मान से सम्मानित किया गया. आदित्य फाउंडेशन की अध्यक्ष डॉ. अर्चना पाठ्या द्वारा उन्हें यह सम्मान दिया गया.
चार दशक पूर्व इंजीनियरिंग की शिक्षा प्राप्त करने वाली राजलक्ष्मी सिंह को वर्ष 2010 में राजधानी रायपुर में "इंजीनियर ऑफ द ईयर" का सम्मान मिल चुका है. वर्ष 2012 में रानी दुर्गावती शौर्य सम्मान उन्हें मिल चुका है.
समय समय पर उन्हें कई राष्ट्रीय , अंतरराष्ट्रीय संस्थाओं द्वारा सम्मानित किया गया है. राज लक्ष्मी सिंह ने विश्व के 10 से ज्यादा देशों में इंजीनियरिंग के क्षेत्र में कार्य कर चुकी है. भिलाई के ग्लोब चौक का इन्होने डिजाइन इंजिनियरिंग किया है. सेल के अधिकांश स्टील प्लांट में कार्यरत मशीनों में इनको काम करने का अवसर मिला है.
वर्ष 2002 में तत्कालीन धमधा विधानसभा, वर्तमान अहिवारा विधान सभा की पहली महिला इंजीनियर होने के कारण तत्कालीन शिक्षा मंत्री ताम्रध्वज साहू और विधान सभा अध्यक्ष राजेंद्र प्रसाद शुक्ल के द्वारा सम्मान किया जा चुका है.
राजलक्ष्मी सिंह अंतर्राष्ट्रीय वीरांगना फाउंडेशन की प्रदेश अध्यक्ष हैं । वे रोटरी क्लब ऑफ भिलाई क्राउन एवं इनरव्हील क्लब ऑफ भिलाई स्टील सिटी की चार्टर्ड प्रेसिडेंट भी हैं और एक समाज सेविका के रूप में हमेशा कार्यरत रहती हैं।
दुर्ग। शौर्यपथ । दुर्ग नगर पालिक निगम द्वारा आयोजित महापौर ट्रॉफी अखिल हॉकी टूर्नामेंट में दोनों सेमीफाइनल मुकाबले काफी रोचक हुए पहले सेमीफाइनल में राजनांदगांव की टीम का मुकाबला महाराष्ट्र के भुसावल टीम से हुआ जिसमें राजनांदगांव की टीम ने 7*6 से जीत दर्ज की इस कड़े मुकाबले में अंतिम समय तक दोनों ही टीमें 2*2 के मुकाबले बराबर रहे मैच का फैसला पेनल्टी शूटआउट के जरिए हुआ । इस तरह राजनांदगांव की टीम महापौर ट्रॉफी के फाइनल में प्रवेश कर गई ।
वही दूसरे सेमी फाइनल में महापौर इलेवन का मुकाबला झारखंड से हुआ । जहा झारखंड की टीम ने पहले हाफ में 2*0 की बढ़त के साथ अपनी जीत की तरफ कदम बढ़ा दिया वही महापौर इलेवन ने भी दूसरे हाफ में तेजी का खेल दिखाते हुए एक समय झारखंड की टीम को भी मुश्किल में डाल दिया था किंतु अचानक कुछ समय के अंतराल में दो गोल कर झारखंड ने यह मुकाबला 4*2 से जीत लिया ।
31 मार्च को अखिल भारतीय हाकी प्रतियोगता महापौर ट्राफी का फाइनल मैच होगा जिसमे राजनांदगांव की टीम का सामना झारखंड से होगा । दोनो ही टीमें तेज हॉकी खेलने में महारत हासिल किए हुए है ऐसे में फाइनल मुकाबला जबरदस्त होने की संभावना है ।
दुर्ग / शौर्यपथ/
सामान्य सभा में आज उस समय स्थिति बिगड़ गई जब निर्दलीय पार्षद अरुण सिंह ने सामान्य सभा में यह प्रश्न पूछा कि पिछली सामान्य सभा की जांच रिपोर्ट जो 15 दिन में प्राप्त होनी थी वह अभी तक क्यों प्राप्त नहीं हो पाई निर्दलीय पार्षद अरुण सिंह के इस कथन के बाद सभापति राजेश यादव ने सभा के बाद जवाब देने की बात कही निर्दलीय पार्षद अरुण सिंह बार बार कहते रहे कि 8 महीने पहले हुए सामान्य सभा में 15 दिन में रिपोर्ट देने की बात सभापति द्वारा कही गई थी किंतु अभी तक रिपोर्ट दी नहीं गई आखिर रिपोर्ट क्यों नहीं दी जा रही है .
इस पर अरुण सिंह ने सभा पर सवाल उठाए किंतु सभापति द्वारा बार-बार सामान्य सभा के बाद रिपोर्ट देने की बात कही गई थी जिस से आहत होकर निर्दलीय पार्षद अरुण सिंह ने बजट पुस्तिका को फेंकते हुए यह कह दिया कि जब सही समय पर सही जवाब नहीं मिल रहा है तो फिर ऐसे सामान्य सभा का क्या औचित्य शहर के विकास और सामान्य सभा के नियमों का ही पालन नहीं हो रहा है तो फिर यह सामान्य सभा का दिखावा क्यों।
निर्दलीय पार्षद अरुण सिंह को समझाने के लिए और सभा में बने रहने के लिए भाजपा के नेता अजय वर्मा ने एवं उनकी टीम ने समझाइश देकर सामान्य सभा में बने रहने को कहा तब जाकर स्थिति सामान्य हुई इस बीच लगातार कांग्रेस पार्षदों द्वारा अरुण वोरा जिंदाबाद के नारे लगाता लगाए जा रहे थे अरुण वोरा जिंदाबाद के नारे लगने पर दर्शक दीर्घा में यह चर्चा चलने लगी कि आखिर निगम की सामान्य सभा में अरुण वोरा के जिंदाबाद के नारे लगाकर कांग्रेसी क्या साबित करना चाहते हैं
Feb 09, 2021 Rate: 4.00
