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कल नामांकन का अंतिम दिन, कांग्रेस ने जामुल और भाजपा ने की रिसाली के ही प्रत्याशियों की घोषणा
जिन्हें टिकिट मिलना है दोनो ही पार्टी के बड़े नेता अपने उन समर्थकों को नामांकन भरने कर दिया है ईशारा
पार्टी प्रत्याशी नहीं बनाने पर निर्दलीय ताल ठोकने की तैयारी में कईं दावेदार
अनेक वार्ड में एक अनार सौ बीमार वाली स्थिति बिगाड़ेगी जीत का समीकरण
दुर्ग / शौर्यपथ /
प्रदेश सहित जिले के तीनों निकायो के लिए 3 दिसंबर को नामांकन का अंतिम है। समाचार लिखे जाने तक केवल कांग्रेस द्वारा जामुल के प्रत्याशियों की और भाजपा द्वारा रिसाली निगम की घोषणा की गई है। भाजपा और कांग्रेस दोनो ही पार्टियों द्वारा बुधवार को देर रात तक कुछ प्रत्याशियों की सूची जारी करने की जानकारी मिल रही है। लेकिन सूत्रों की माने तो भाजपा और कांग्रेस दोनो ही पार्टियां बगावत के डर से प्रत्याशियों की सूची जारी करने में विलंब की है। हालांकि यह करीब करीब फायनल हो चुका है कि किस किसको कहां से टिकिट दिया जाना है। इसी आधार पर दोनो पार्टियों के बड़े नेताओं ने अपने अपने उन समर्थकों को पहले से ही नामंाकन भरने का इशारा कर दिया है।
कुछ प्रत्याशियों की घोषणा दोनो ही पार्टियां बुधवार से लेकर गुरूवार 2 दिसंबर की देर रात और शेष की घोषणा नामंाकन के अंतिम दिन 3 दिसंबर को पहले पहर तक प्रत्याशियों की घोषणा कर सकती है।
टिकिट की घोषणा होने के साथ ही कांग्रेस और भाजपा को अपनों के बगावत की बवंडर का सामना करना पड़ सकता है। पार्टी से प्रत्याशी नहीं बनाए जाने की स्थिति में कईं दावेदार चुनाव मैदान में निर्दलीय ताल ठोकने की तैयारी पहले से ही करके रखे है। टिकट के लिए अनेक वार्ड में एक अनार सौ बीमार वाली स्थिति से राष्ट्रीय पार्टियों के जीत का समीकरण बिगडऩे की संभावना से इंकार नहीं किया जा रहा है।
कांग्रेस और भाजपा में भिलाई, रिसाली व भिलाई-चरोदा नगर निगम चुनाव के लिए प्रत्याशी चयन को लेकर लगातार मंत्रणा जारी है। जिले के जामुल नगर पालिका के लिए कांग्रेस ने अपने प्रत्याशियों की घोषणा मंगलवार को कर दिया है। वही बुधवार को देर शाम भाजपा ने रिसाली निगम क्षेत्र के 40 में से 36 वार्ड के प्रत्याशियों की घोषणा कर दी है जबकि 4 वार्डोँ में पेंच फंसने के कारण अभी रोक कर रही है। बचे हुए तीनों नगर निगम के लिए आज शाम तक कांग्रेस के साथ ही भाजपा के भी प्रत्याशियों की घोषणा संभावित है। इस दौरान जिस तरह की परिस्थिति नजर आ रही है उसे देखते हुए प्रत्याशियों की घोषणा के साथ ही दोनों राष्ट्रीय पार्टी को टिकट से वंचित अपने दावेदारों के बागी तेवर का सामना करना पड़ेगा।
नगर निगम भिलाई सहित रिसाली और भिलाई-चरोदा में कुछ ऐसे वार्ड है जहां टिकट के लिए कांग्रेस व भाजपा में घमासान मची हुई है। ऐसे वार्ड में एक को टिकट मिलने से बाकी के दावेदारों में नाराजगी उभरना स्वाभाविक है। संकेत है कि टिकट नहीं मिलने पर कांग्रेस और भाजपा के कईं दावेदार निर्दलीय प्रत्याशी के रूप में चुनाव लडऩे की तैयारी में हैं। यह स्थिति कांग्रेस और भाजपा के अधिकृत प्रत्याशियों के लिए दिक्कत पैदा कर सकती है। इससे जीत का समीकरण बिगडऩे की संभावना से राजनीति के जानकार इंकार नहीं कर पा रहे हैं।
गौरतलब रहे कि दुर्ग मुख्यमंत्री भूपेश बघेल का गृह जिला है। ऐसे में यहां के जिन चार निकाय में चुनाव हो रहे हैं। उनमें कांग्रेस के प्रत्याशी चयन में मुख्यमंत्री के पसंद-नापसंद के आधार पर अंतिम निर्णय लिया जा सकता है। इसके अलावा रिसाली निगम में गृहमंत्री ताम्रध्वज साहू, भिलाई-चरोदा नगर निगम में पीएचई मंत्री गुरु रुद्र कुमार और भिलाई नगर निगम में विधायक व पूर्व महापौर देवेन्द्र यादव की सहमति भी अहम मानी जा रही है। इसी तरह भाजपा में सुश्री सरोज पाण्डेय समर्थित संगठन खेमा और सांसद विजय बघेल सहित पूर्व मंत्री प्रेम प्रकाश पाण्डेय व विधायक विद्या रतन भसीन की तिकड़ी में अपने समर्थकों को टिकट दिलाने की चल रही रस्साकशी आगे चलकर बगावत के बवंडर के रूप में सामने आ सकती है।
दुर्ग / शौर्यपथ /
छत्तीसगढ राज्य महिला आयोग की अध्यक्ष डॉ किरणमयी नायक ने आज जिला पंचायत के सभा कक्ष में दुर्ग जिले से प्राप्त प्रकरणों की सुनवाई की। आज की सुनवाई में 25 प्रकरण आयोग के समक्ष रखे गए थे जिसमे 15 प्रकरणों में पक्षकार उपस्थित रहे जिसमे से 12 प्रकरणों को नस्तीबद्ध किया गया। डॉण् नायक ने पक्षकारों की मौजूदगी में प्रकरणों के तथ्य और दोनों पक्षकारों के बयानों व अभिमत को सुनाए। उन्होंने समझौता योग्य प्रकरणों में दोनों पक्षकारों की सहमति पर नस्तीबद्ध किया। दुर्ग में यह विशेष रूप से देखने में आई है कि महिला आयोग की पहली नोटिस मिलने से ही अनावेदक गणों ने शिकायतकर्ता महिलाओं से तत्काल से समझौता किया।
एक प्रकरण में आयोग ने दोनो पक्षों को विस्तार से सुनाए जिसमें यह बात पता चला की अनावेदकगण आवेदिका के घर पहुंचे थे जिसकी शिकायत आवेदिका पक्ष के द्वारा थाने में दर्ज करायी गई थी। इसी विवाद के कारण अनावेदकगण की ओर से आवेदिका पक्ष के ऊपर भी एफआईआर दर्ज कराई है, जिसमें आवेदिका पक्ष ने जमानत ले रखी है। लेकिन आवेदिका पक्ष की ओर से अनावेदक पक्ष के विरुद्ध थाना मोहन नगर में एफआईआर जनवरी 2021 में अनावेदकगण के विरुद्ध हो गई है पर अभी तक उन्हें गिरफ्तारी नहीं किया गया है। ऐसी स्तिथि में थाना प्रभारी मोहन नगर द्वारा 10 माह बीतने के बाद भी गिरफ्तारी नहीं किया जाना और ऐसे गम्भीर अपराध के सम्बंध में आयोग की अध्यक्ष ने सुनवाई के दौरान आई जी से टेलीफोनिक बात किया गया और एफआईआर की कॉपी भी भेजा गया जिसमे कार्यवाही किया जाना अपेक्षित है। तब तक थाना मोहन नगर थाना प्रभारी के लिए एक पत्र आयोग द्वारा प्रेषित किया गया है जिसमे इस एफआईआर के मामले पर 15 दिनों के अंदर अपना रिपोर्ट महिला आयोग के समक्ष प्रस्तुत करने कहा गया। कार्यवाही नही किये जाने की स्थिति में डीजीपी एवं आई जी के माध्यम से थाना प्रभारी के ऊपर कार्यवाही करने की प्रक्रिया आयोग द्वारा किया जाएगा।
कामधेनु विश्विद्यालय अंजोरा के प्रकरण में पिछले सुनवाई में आयोग द्वारा आवेदिका को कहा गया था कि कुल सचिव को पक्षकार बनाकर प्रकरण स्पष्ट रूप से अपनी शिकायत आयोग के समक्ष रखे जिस पर आवेदिका ने एक विवरण को टाईप कर आज सुनवाई में प्रस्तुत कियाए जिसके अनुसार आवेदिका ने पूर्व संरक्षण सेवा के लाभ के लिए उच्च न्यायालय के समक्ष पिछले वर्ष इस अनावेदक को भी पक्षकार बनाया गया था। यह मामला न्यायालय में विचाराधीन है। आयोग के क्षेत्राधिकारी से बाहर हो जाने से इस प्रकार इस प्रकरण को नस्तीबद्ध किया गया।
एक अन्य प्रकरण में पति-पत्नी और दोनो के पिता उपस्थित हुए दोनो पक्षों को आयोग ने विस्तार से सुना जिसमे लगभग 3-4 साल से आवेदिका अपने मायके में रह रही है। आवेदिका की 3 साल 5 महिने साल की बच्ची भी हैं। आयोग की समझाईश पर उभय पक्ष ने राजीनामा कर साथ में रहना मंजूर किया है। पुरानी बातों के लिए एक-दूसरे से माफी मांगी और बच्ची की भविष्य के लिए पति-पत्नि के साथ रहने के निर्णय में लगातार एक साथ रहने के लिए निगरानी भी आयोग द्वारा रखी गई इस प्रकरण की निगरानी श्रीमती रामकली यादव सदस्य पुलिस जवाबदेही प्राधिकरण करेंगी। दोनो पक्ष किसी भी तरह के समस्या होने पर उन्हें फोन करके बतायेगे। आगामी दिनांक को आवेदिका के पिता अनावेदकगण पति के साथ मान सम्मान के साथ आवेदिका पत्नी को विदा करेंगे। इस प्रकरण को निगरानी रखने के साथ नस्तीबद्ध किया गया।
एक अन्य प्रकरण में अनावेदक ने दूसरी शादी कर लिया है, पिछले 2 वर्ष से आवेदिका व उनकी बच्ची को छोड़ रखा है और आवेदिका अनावेदक के खिलाफ को आपराधिक प्रकरण नहीं चलाना चाहती है। अनावेदक ने यह स्वीकार किया है कि उसने दूसरी विवाह की है। आवेदिका से न्यायालय से तालाक नहीं लिया गया है। जो कि धारा 494 के तहत कानूनी अपराध है और इसमें सजा व जुर्माने का प्रावधान है। बच्चे की पढाई और घर खर्च के लिए अनावेदक द्वारा आयोग के समक्ष बताया कि 10,000 रूपये प्रतिमाह देते है। अनावेदक ने अपने नया घर बनाया है जिसमें जनवरी 2022 में आवेदिका व उनकी बच्ची साथ रहेगी और उक्त मकान को अपने बच्ची के नाम पर करेंगे। इस स्तर पर प्रकरण को आयोग द्वारा निगरानी में रखा गया जिसमे आवेदिका को उक्त मकान में कब्जा मिल जाता है या नहीं मिलता है तो आवेदिका महिला आयोग में आकर सूचित करें ताकि अग्रिम कार्यवाही किया जा सकें। प्रकरण निगरानी में रखा गया।
एक अन्य प्रकरण में आयोग की समझाईश पर पति-पत्नी अपने समस्त प्रकरणों में समझौते की ओर बढना चाहते है। अनावेदक पक्ष आवेदिका का समस्त सामान व स्त्रीधन के साथ एक मुश्त अंतिम भरण पोषण देगा और आवेदिका व अनावेदक आपसी समझौते से न्यायालय से तलाक ले सकेंगे। पति.पत्नी आपसी समझौते नामा लेकर आयोग के समक्ष उपस्थित होने कहा गया है।
दुर्ग / शौर्यपथ /
भाजपा ने नगर निगम चुनाव में अपने दिग्गज नेताओं को कमान सौंप दिया है। इससे पहले घोषित चुनाव प्रभारियों के उपर नए प्रभारी बनाये जाने से चुनाव में भाजपा की दमदारी के साथ उतरने का साफ संकेत नजर आया है।
भिलाई नगर निगम चुनाव के लिए भाजपा ने राजनांदगांव के सांसद संतोष पाण्डेय को कमान सौंपी है। इससे पहले भाजपा ने यहां के लिए भूपेंद्र सवन्नी को चुनाव प्रभारी नियुक्त किया है। मुख्यमंत्री भूपेश बघेल के निवास क्षेत्र भिलाई-चरोदा नगर निगम में पूर्व मंत्री बृजमोहन अग्रवाल को फिर एक बार भाजपा की सत्ता बरकरार रखने के उद्देश्य से चुनाव प्रभारी बनाया गया है। चुनाव घोषित होने के साथ ही इस निगम के लिए भाजपा ने विधायक शिवरतन शर्मा और अशोक बजाज को प्रभार दिया था। गृहमंत्री ताम्रध्वज साहू के प्रभाव वाले रिसाली नगर निगम में प्रभारी के रूप में नेता प्रतिपक्ष धरमलाल कौशिक को भाजपा ने प्रभारी बनाकर पूरी दमखम के साथ चुनाव लडऩे का संकेत दे दिया है। इस नवगठित नगर निगम के पहली बार हो रहे चुनाव के लिए भाजपा ने जगदलपुर के महापौर रह चुके किरण देव को पहले प्रभारी बनाया था। जामुल नगर पालिका के लिए भाजपा ने पूर्व संसदीय सचिव लाभचंद बाफना को चुनाव प्रभारी घोषित किया है। इससे पहले यहां की जिम्मेदारी नीलू शर्मा को दी गई थी। चारों निकाय में भाजपा के पूर्व घोषित प्रभारियों के साथ नए प्रभारी नेतृत्वकर्ता के रूप में चुनाव संचालन करेंगे।
दुर्ग /शौर्यपथ/
गुजरात के राज्यपाल आचार्य देवव्रत आज दुर्ग जिले के धमधा विकासखंड के ग्राम धौराभाठा के जे एस फॉर्म पहुंचेे। राज्यपाल श्री आचार्य देवव्रत ने धौराभाठा पहुंचते ही 450 एकड़ जे एस फॉर्म और जे एस डेयरी का भ्रमण किया।
राज्यपाल आचार्य देवव्रत जे एस फॉर्म के संस्थापक वजीर सिंह लोहान द्वारा ’जहर मुक्त खेती, जहर मुक्त रसोई’ विषय पर आयोजित किसान संगोष्ठी में शामिल हुए। उन्होंने आम जनों और किसान भाइयों से इंटरएक्टिव लेवल पर चर्चा की। उन्होंने खेती को लेकर अपने विगत वर्षों के अनुभव को किसानों के साथ साझा किया, जिसमें उन्होंने बताया कि गुरुकुल कुरुक्षेत्र में 200 एकड़ खेत में 100 एकड़ में उनके द्वारा खेती की जाती थी और बचे 100 एकड़ अन्य को खेती के लिए दिए थे। 3 वर्षों के बाद अन्य पक्ष के द्वारा वहां खेती बंद कर दी गई और उन्हें उस भूमि को बंजर बना कर सौंपा गया। जब उन्होंने भूमि के मिट्टी का परीक्षण कराया तो उस मिट्टी का ऑर्गेनिक कार्बन 0.54 आया, जिसे बंजार धरती माना जाता है। कृषि वैज्ञानिकों ने सलाह दी कि संतुलित रासायनिक खाद के द्वारा भूमि को 10-15 वर्षों में रिवर्स किया जा सकता है, परंतु आचार्य देवव्रत द्वारा प्रकृति के सिद्धांत का पालन करते हुए जीवामृत खाद का प्रयोग कर खेती की गई, जिसमें 2 वर्ष के अंतराल में ही मिट्टी में सभी उर्वरक तत्व प्राप्त हुए और बहुत अच्छी फसल भी प्राप्त हुई।
राज्यपाल ने कहा कि परंपरागत खेती के साथ किसान आधुनिक खेती से कैसे तालमेल बैठाए और जैविक खेती को कैसे बढ़ावा दिया जा सके, यही उनकी चर्चा का मुख्य विषय था। उन्होंने उपस्थित लोगों से अपील की कि कोई भी चीज अच्छी मिले तो उससे तत्काल जुड़े और अपनी विवेक का प्रयोग करें, इससे सफलता जरूर मिलेगी। उन्होंने किसान भाइयों से कहा कि लोकल गायों को घरों में स्थान दें, उनमें 300 से 500 करोड़ बैक्टीरिया बनाने की क्षमता होती है जो कि मिट्टी के लिए बहुत ही उपयोगी सिद्ध होती है। उन्होंने खेती में केंचुए के महत्व को बताया लोगों से अपील की कि फसल विविधता द्वारा वह पर्यावरण में भी योगदान दे सकते हैं, फसल विविधता से आच्छादन की स्थिति निर्मित होती है। आच्छादन से धरती का तापमान नहीं बढ़ता है, जिससे हम ग्लोबल वार्मिंग को बढ़ने से रोक सकते हैं। उन्होंने कहा कि हम प्राकृतिक खेती के माध्यम से धरती को जितना कम छेड़ेंगे हमारे लिए उठना बेहतर होगा। उन्होंने आगे कहा कि आने वाली पीढ़ी के लिए बंजर भूमि ना छोड़े इसके लिए आवश्यक है कि जो नियम जंगल में काम करता है, वही हमारे खेत में भी काम करें।
राज्यपाल ने कहा कि जैविक खेती के लाभ को समझाते हुए किसान भाइयों से अपील की कि वह अपना कदम इस ओर आगे बढ़ाएं-देश को आर्थिक मजबूती दे, वाटर रिचार्ज कर आने वाली पीढ़ियों को शुद्ध पेयजल उपलब्ध कराएं, देसी गाय को बचाएं, अपने परिवार को जहर मुक्त खेती और रसोई उपलब्ध कराकर उन्हें अस्पतालों से बचाएं और ग्लोबल वार्मिंग जैसे समस्या पर भी अपना योगदान दें। इस अवसर पर अनिल चौहान, प्रगतिशील किसान और आमजन उपस्थित थे।
दुर्ग /शौर्यपथ/
छत्तीसगढ़ राज्य महिला आयोग की अध्यक्ष डॉ. किरणमयी नायक ने आज जिला पंचायत के सभा कक्ष में दुर्ग जिले से प्राप्त प्रकरणों की सुनवाई की। आयोग के समक्ष 25 प्रकरण रखे गए थे जिसमे 15 प्रकरणों में पक्षकार उपस्थित रहे, जिसमे 12 प्रकरणों को नस्तीबद्ध किया गया। डॉ. नायक ने पक्षकारों की मौजूदगी में प्रकरणों के तथ्य और दोनों पक्षकारों के बयानों व अभिमत को सुना, उन्होंने समझौता योग्य प्रकरणों में दोनों पक्षकारों की सहमति पर नस्तीबद्ध किया। दुर्ग में यह विशेष रूप से देखने में आई है कि महिला आयोग की पहली नोटिस मिलने से ही अनावेदक गणों ने शिकायतकर्ता महिलाओं से तत्काल से समझौता किया।
एक प्रकरण में आयोग ने दोनो पक्षों को विस्तार से सुना, जिसमें यह बात पता चला की अनावेदकगण आवेदिका के घर पहुंचे थे जिसकी शिकायत आवेदिका पक्ष के द्वारा थाने में दर्ज करायी गई थी। इसी विवाद के कारण अनावेदकगण की ओर से आवेदिका पक्ष के ऊपर भी एफआईआर दर्ज कराई है, जिसमें आवेदिका पक्ष ने जमानत ले रखी है, लेकिन आवेदिका पक्ष की ओर से अनावेदक पक्ष के विरुद्ध थाना मोहन नगर में एफआईआर जनवरी 2021 में अनावेदकगण के विरुद्ध हो गई है पर अभी तक उन्हें गिरफ्तारी नहीं किया गया है। ऐसे में थाना प्रभारी मोहन नगर द्वारा 10 माह बीतने के बाद भी गिरफ्तारी नहीं किया जाना और ऐसे गम्भीर अपराध के सम्बंध में आयोग की अध्यक्ष ने सुनवाई के दौरान आई.जी. से टेलीफोनिक बात किया गया और एफआईआर की कॉपी भी भेजा गया, जिसमे कार्यवाही किया जाना अपेक्षित है। तब तक थाना मोहन नगर थाना प्रभारी के लिए एक पत्र आयोग द्वारा प्रेषित किया गया है जिसमे इस एफआईआर के मामले पर 15 दिनों के अंदर अपना रिपोर्ट महिला आयोग के समक्ष प्रस्तुत करने कहा गया। कार्यवाही नही किये जाने की स्थिति में डीजीपी एवं आई.जी. के माध्यम से थाना प्रभारी के ऊपर कार्यवाही करने की प्रक्रिया आयोग द्वारा किया जाएगा।
कामधेनु विश्विद्यालय अंजोरा के प्रकरण में पिछले सुनवाई में आयोग द्वारा आवेदिका को कहा गया था कि कुल सचिव को पक्षकार बनाकर, प्रकरण स्पष्ट रूप से अपनी शिकायत आयोग के समक्ष रखे जिस पर आवेदिका ने एक विवरण को टाईप कर आज सुनवाई में प्रस्तुत किया, जिसके अनुसार आवेदिका ने पूर्व संरक्षण सेवा के लाभ के लिए उच्च न्यायालय के समक्ष पिछले वर्ष इस अनावेदक को भी पक्षकार बनाया गया था। यह मामला न्यायालय में विचाराधीन है। आयोग के क्षेत्राधिकारी से बाहर हो जाने से इस प्रकार इस प्रकरण को नस्तीबद्ध किया गया।
एक अन्य प्रकरण में पति-पत्नी और दोनो के पिता उपस्थित हुए दोनो पक्षों को आयोग ने विस्तार से सुना जिसमे लगभग 3-4 साल से आवेदिका अपने मायके में रह रही है। आवेदिका की 3 साल की बच्ची भी हैं। आयोग की समझाईश पर उभय पक्ष ने राजीनामा कर साथ में रहना मंजूर किया है। पुरानी बातों के लिए एक-दूसरे से माफी मांगी और बच्ची की भविष्य के लिए पति-पत्नि के साथ रहने के निर्णय में लगातार एक साथ रहने के लिए निगरानी भी आयोग द्वारा रखी गई । इस प्रकरण की निगरानी श्रीमती रामकली यादव सदस्य पुलिस जवाबदेही प्राधिकरण करेंगी। दोनो पक्ष किसी भी तरह के समस्या होने पर उन्हें फोन करके बतायेगे। आगामी दिनांक को आवेदिका के पिता अनावेदकगण पति के साथ मान-सम्मान के साथ आवेदिका पत्नी को विदा करेंगे। इस प्रकरण को निगरानी रखने के साथ नस्तीबद्ध किया गया।
एक अन्य प्रकरण में अनावेदक ने दूसरी शादी कर लिया है, पिछले 2 वर्ष से आवेदिका व उनकी बच्ची को छोड़ रखा है और आवेदिका अनावेदक के खिलाफ को आपराधिक प्रकरण नहीं चलाना चाहती है। अनावेदक ने यह स्वीकार किया है कि उसने दूसरी विवाह किया गया है। आवेदिका से न्यायालय से तलाक नहीं लिया गया है, जो कि धारा 494 के तहत कानूनी अपराध है और इसमें सजा व जुर्माने का प्रावधान है। बच्चे की पढाई और घर खर्च के लिए अनावेदक द्वारा आयोग के समक्ष बताया कि 10,000 रूपये प्रतिमाह देते है। अनावेदक ने अपने नया घर बनाया है जिसमें जनवरी 2022 में आवेदिका व उनकी बच्ची साथ रहेगी और उक्त मकान को अपने बच्ची के नाम पर करेंगे। इस स्तर पर प्रकरण को आयोग द्वारा निगरानी में रखा गया जिसमे आवेदिका को उक्त मकान में कब्जा मिल जाता है या नहीं मिलता है तो आवेदिका महिला आयोग में आकर सूचित करें ताकि अग्रिम कार्यवाही किया जा सकें। प्रकरण निगरानी में रखा गया।
एक अन्य प्रकरण में आयोग की समझाईश पर पति-पत्नी अपने समस्त प्रकरणों में समझौते की ओर बढ़ना चाहते है। अनावेदक पक्ष आवेदिका का समस्त सामान व स्त्रीधन के साथ एकमुश्त अंतिम भरण पोषण देगा और आवेदिका व अनावेदक आपसी समझौते से न्यायालय से तलाक ले सकेंगे। पति-पत्नी आपसी समझौतेनामा लेकर आयोग के समक्ष उपस्थित होने कहा गया है।
एक अन्य प्रकरण में अनावेदक अपना दस्तावेज व अपना जवाब के लिए समय चाहते है। चूंकि मामला बैंक से सारा पैसा निकाल लेने का है ऐसे में दोनो पक्ष अपना-अपना बैंक से दस्तावेज प्राप्त कर आयोग के समक्ष प्रस्तुत करेंगे, जिससे कि इस प्रकरण का निराकरण किया जा सके। प्रकरण आगामी सुनवाई में रखा गया है।
एक अन्य प्रकरण में अनावेदिका ने बताया है कि अपने पति के उपर निर्भर है लेकिन पति आना जाना नहीं करते है। इस बिन्दु पर आवेदिका ने कहा कि दोनो पक्ष के बीच आयोग समझाईश करा दें तो सभी प्रकार के मामले को समाप्त कर सकते हैं और आवेदिका को अपने जीवन-यापन के लिए राशि भी मिल सके। आवेदिका आयोग कार्यालय में अपने प्रकरण को पैरवी कराने के लिए तैयार है तथा आवेदिका ने यह भी व्यक्त कि अनावेदिका द्वारा दखलंदाजी न करें। प्रकरण को आगामी सुनवाई में रखा गया।
- उद्यानिकी फसलों के रकबे को बढ़ाने की दिशा में मिल रहा बड़ा सहयोग
- बैंगन की पहली लाट आई और पांच हजार में बिक गई
- माटरा की स्वसहायता समूह की महिलाओं ने लगाये डेढ़ एकड़ में बैंगन, अगले कुछ महीने तक नियमित रूप से आयेगी फसल, डेढ़ लाख रुपए की आय होने की संभावना
*- आधे एकड़ में जिमीकंद और मिर्च भी, इनसे भी आ रही आय*
*- डीएमएफ की राशि से मिला ड्रिप, हार्टिकल्चर मिशन की ओर से बारह हजार रुपए का अनुदान*
दुर्ग / शौर्यपथ / माटरा की महिलाओं ने बीते दिनों अपनी बाड़ी के डेढ़ एकड़ हिस्से में बैंगन के बीज उद्यानिकी विभाग की मदद से रोपे थे। दो दिन पहले बैंगन की पहली खेप निकली और इसे धमधा के बाजार में बेच दिया गया। इससे पांच हजार रुपए की आय हुई। अभी कई सप्ताह तक नियमित रूप से बैंगन की खेप आयेगी और उम्मीद है कि स्वसहायता समूह की महिलाएं इनके माध्यम से लगभग डेढ़ लाख रुपए तक आय अर्जित कर सकेंगी। राज्य शासन की नरवा-गरवा-घुरूवा-बाड़ी योजना का महत्वपूर्ण कंपोनेंट बाड़ी है। दुर्ग जिले में बाड़ियों में कार्य कर रही स्वसहायता समूहों को बेहतर अवसर मिले, इसके लिए डीएमएफ के माध्यम से ड्रिप की सहायता भी दी गई। ग्राम माटरा में ऐसी ही सहायता मिली, डीएमएफ के माध्यम से ड्रिप इरीगेशन के लिए एक लाख 69 हजार रुपए की सहायता दी गई। विभागीय योजनाओं का सुंदर कन्वर्जेंस भी किया गया। 12 हजार रुपए की सहायता राशि हार्टिकल्चर मिशन के माध्यम से दी गई जो बैंगन जैसी सब्जी के उत्पादन के लिए प्रोत्साहन स्वरूप मिलती है। इस प्रकार आगे बढ़ने के लिए पूरी तरह से रास्ता खुला था। स्वसहायता समूह की महिला श्रीमती रीना साहू ने बताया कि हमें इसके लिए उद्यानिकी विभाग के अधिकारियों ने प्रशिक्षण भी दिया। उद्यानिकी अधीक्षक श्री अशोक साहू नियमित रूप से आते रहे और हमारा मार्गदर्शन करते रहे। बैंगन की फसल से हमें सहायता तो मिल ही रही है। हमने मिर्च की फसल भी लगाई है और जिमीकंद भी रोपा है। अभी आधा क्विंटल मिर्ची का उत्पादन भी इन्होंने किया है और इसे भी बाजार में बेच दिया है। रीना साहू ने बताया कि हम लोग बहुत खुश हैं। यह आगे बढ़ने की दिशा में छोटा सा कदम है। हम अब नये कार्य भी करेंगी। उन्होंने बताया कि बैंगन लगाकर जो मेहनत की, उसका परिणाम आया तो सभी सदस्य बहुत खुश हुए। सबसे अच्छा यह हुआ कि हमारा आत्मविश्वास बढ़ गया। ड्रिप आदि आधुनिक तरीकों से खेती करने पर भी हमें अपने पर भरोसा बढ़ा है। हमारे समूह की सफलता से अन्य समूह भी प्रेरित हो रहे हैं। जिला पंचायत सीईओ श्री अश्विनी देवांगन ने बताया कि कलेक्टर डा. सर्वेश्वर नरेंद्र भुरे के मार्गदर्शन में निजी बाड़ियों और सामुदायिक बाड़ियों को विकसित करने की दिशा में कार्ययोजना पर लगातार काम किया जा रहा है। उल्लेखनीय है कि इस बार भी डीएमएफ के माध्यम से बड़ी राशि कृषि के विकास के लिए रखी गई है ताकि ग्रामीण अर्थव्यवस्था को विकसित करने में और सुदृढ़ बनाने में सहयोग मिल सके।
दुर्ग / शौर्यपथ / वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक बी.एन. मीणा भा.पु.से. के निर्देशन में तथा अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक ( शहर ) संजय ध्रुव , अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक ( ग्रामीण ) अनंत साहू , मार्गदर्शन में - दिनांक 11.11.2021 को आरक्षक से प्रधान आरक्षक पदोन्नति पूर्व प्रशिक्षण जिला - दुर्ग में दिया जा रहा है । इस प्रशिक्षण कार्यक्रम में आज स्वयं वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक श्री बी.एन. मीणा पहुचे और उन्होने प्रशिक्षणार्थियों को संबोधित किया कि आरक्षक से प्रधान आरक्षक बनने पर आपके कर्तव्य में विवेचना का कार्य जुड़ जाता है , जो कि अत्यंत महत्त्वपूर्ण होता है । इसलिए आपको इस प्रकार का प्रशिक्षण दिया जा रहा है , कि आप प्रशिक्षण के उपरांत जैसे ही फिल्ड में जाते है , आप विवेचना करने में अपने आपको सक्षम पाये । यह प्रशिक्षण केन्द्र नहीं है , फिर भी आपके प्रशिक्षण में किसी भी प्रकार की कमी नहीं रहेगी । इन्डोर के साथ - साथ आउटडोर फिल्ड प्रेक्टीस सभी योजनाबद्ध तरीके से आपको बताया जायेगा ।
वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक ने प्रशिक्षणार्थियों को बेहतर प्रशिक्षण दिये जाने के लिए अच्छे प्रशिक्षकों से प्रशिक्षण दिलाये जाने हेतु कहा । आज के प्रशिक्षण में श्री राहुल शर्मा , सचिव , जिला विधिक सेवा प्राधिकरण उपस्थित हुए । उन्होंने सर्वप्रथम विवेचना के दौरान होने वाली बारिकियों को बताया , तत्पश्चात् 26 नवम्बर संविधान दिवस के अवसर पर सभी को शपथ दिलाया ।
प्रशिक्षणार्थियों की ओर से आरक्षक कमलेश श्रीवास्तव ने वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक दुर्ग को अपने प्रशिक्षण में सिखे गये विषयों को बताते हुए बेहतर प्रशिक्षण के लिए धन्यवाद ज्ञापित किया , आज के प्रशिक्षक श्री राहुल शर्मा , सचिव , जिला विधिक सेवा प्राधिकरण का भी धन्यवाद ज्ञापित किया । और इसके साथ ही उन्होने बताया कि हम आपके द्वारा बताये गये प्रशिक्षण के दौरान सभी बातों का ध्यान रखेगें और अपने पद के अनुरूप बेहतर पुलिसिंग करके दिखायेंगें । यह प्रशिक्षण वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक के मार्गदर्शन में पाठ्यक्रम के अनुरूप अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक ( ग्रामीण ) श्री अनंत साहू के पर्यवेक्षण तथा उप पुलिस अधीक्षक ( लाईन ) श्री निलेश द्विवेदी , रक्षित निरीक्षक श्री रमेश चन्द्रा के साथ इन्डोर प्रभारी निरीक्षक अवध राम साहू एवं आउटडोर प्रभारी सूबेदार तृप्ति सिंह राजपूत के साथ उपनिरीक्षक / सहायक उप निरीक्षक प्रधान आरक्षक की टीम इन्हे प्रशिक्षण दे रही है ।
दुर्ग / शौर्यपथ / ग्रामीण क्षेत्र के लोगों को स्वास्थ्य लाभ पहुंचाने हेतु एवं स्वास्थ्य के प्रति जागरूक करने के लिए ग्राम तेलीगुंडरा विकासखंड पाटन जिला दुर्ग में स्थानीय ग्राम पंचायत वह जिला स्वास्थ्य समिति के संयुक्त तत्वाधान नि:शुल्क स्वास्थ्य परीक्षण का आयोजन किया गया। शिविर में लगभग 230 लोगों ने स्वास्थ्य परीक्षण कराकर डॉक्टरों से परामर्श लिया। शिविर में चर्म रोग एवं कुष्ठ रोग परीक्षण, सामान्य स्वास्थ्य परीक्षण, नेत्र परीक्षण, दंत रोग चिकित्सा, मानसिक स्वास्थ्य संबंधी सलाह,गर्भवती माताओं की जांच, शिशु स्वास्थ्य परीक्षण, छय रोग परामर्श, राष्ट्रीय वेक्टर जनित रोग नियंत्रण परीक्षण किया गया। इसके अलावा बीपी शुगर जांच, आयुष एवं होम्योपैथिक विंग, फिजियोथैरेपी चिकित्सा एवं परामर्श इत्यादि बीमारियों की जांच एवं परामर्श हेतु स्टाल लगाए गए थे। जहां ग्राम तेलीगुंडरा एवं आसपास के ग्रामीण क्षेत्रों की 230 लोगों की जांच उपचार एवं परामर्श दिया गया।
शिविर में विशेष रुप से उपस्थित डॉ मोहित राम सोनी शिशु रोग विशेषज्ञ, डॉ श्रीशांत दुबे चर्म रोग विशेषज्ञ, और डॉ आशीष शर्मा खंड चिकित्सा अधिकारी पाटन एवं सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र पाटन के समस्त डॉ एवं आरएमएन, एएनम, स्टाफ नर्स, फार्मासिस्ट, सहायक नेत्र चिकित्सा अधिकारी एवं अन्य मेडिकल स्टाफ के द्वारा सेवाएं दी गई। सर्वप्रथम अशोक कुमार साहू,जिला पंचायत उपाध्यक्ष, अश्वनी कुमार साहू, मंडी अध्यक्ष दुर्ग, डॉ. गंभीर सिंह ठाकुर मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी जिला दुर्ग व डॉ अनिल कुमार शुक्ला जिला कुष्ठ अधिकारी दुर्ग एवं अन्य जनप्रतिनिधि की उपस्थिति में कार्यक्रम संपन्न हुआ। सर्वप्रथम दीप प्रज्वलित कर कार्यक्रम की शुरुआत किया गया एवं कुष्ठ का वाचन कर संकल्प लिया गया। इस कार्यक्रम में स्कूली बच्चों के द्वारा योग का प्रदर्शन किया गया एवं स्कूली बच्चों के द्वारा मनमोहक झांकी प्रस्तुत की गई। स्कूली बच्चों के द्वारा कुष्ठ संबंधी नारे लगाते हुए रैली निकाली गई। इस आयोजन में विशेष रूप से रिटायर्ड एन.एम. एनएमएस, एस डी बंजारे, पी आर बंजारे के् पी पांडे, के एस वर्मा का विशेष योगदान रहा एवं मंच संचालन डी पी वर्मा के द्वारा किया गया। इस आयोजन में विशेष रूप से तेलीगुंडरा सरपंच मनीष पटेल का सराहनीय योगदान रहा।
दुर्ग / शौर्यपथ / नगर पालिक निगम दुर्ग आयुक्त हरेश मंडावी के निर्देशानुसार जुनवानी रोड पुष्पक नगर दुकान के बाहर अवैध रुप से ठेला,खोमचा लगाकर व्यवसाय करने वालों को हटाने की कार्यवाही की गई!कार्यवाही के दौरान भवन अधिकारी प्रकाशचंद थवानी, सहायक भवन अधिकारी गिरीश दीवान,भवन निरीक्षक विनोद मांझी, एवं अतिक्रण दस्ता के कर्मचारी जेसीबी के साथ मौजूद थे ।
शिकायत पर अतिक्रमण हटाने दिया गया था नोटिस
आयुक्त हरेश मंडावी से पुष्पक नगर क्षेत्रवासियों ने शिकायत में जुनवानी रोड पुष्पक नगर दुकान के बाहर ठेला,खोमचा में दुकान लगाकर व्यवसाय करने वाले संचालक देवीआलू बंडा,अग्रवाल फ्रूट प्लाजा, जेके इमरती मिष्ठान सेंटर और द बाइक अफेयर ऑटो सेंटर एवं जगदम्बा स्वीट्स के द्वारा दुकान लगाने से सड़क जमा की स्थिति आवाजाही में परेशानी हो रही थी, अवैध रूप से दुकानों के बाहर अतिक्रमण को हटाने की मांग की गई थीं इस संबंध में भवन अधिकारी द्वारा संबंधितों को स्वयं अतिक्रमण हटाने नोटिस दिया गया था। परन्तु अवैध कब्जाधारियों ने अपना अतिक्रमण नहीं हटाया था। आज आयुक्त के निर्देश पर कार्यवाही कर अतिक्रमण ठेले ,खोमचे को हटवाने के साथ साथ जुर्माना की कार्रवाही की गई।
इनसे लिया गया जुर्माना
द बाइक अफेयर ऑटो,जयदीप सिंह 1 हज़ार,जगदम्बा स्वीट्स मुकेश तिवारी,5 सौ रुपए,देवी आलू बंडा,मुकेश प्रजापति 3 हज़ार रुपए, अग्रवाल फ्रूट प्लाजा तरुण गुप्ता,3 हज़ार रुपए, इमरती मिष्ठान,रितेश अग्रवाल 3 हज़ार रुपए का जुर्माना लिया गया।
Feb 09, 2021 Rate: 4.00
