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दुर्ग । शौर्य पथ । सोनिया गांधी और राहुल गांधी से मिलकर दिल्ली से लौटे मुख्यमंत्री भूपेश बघेल का दुर्ग जिले के कांग्रेस जनों ने रायपुर विमानतल पर जोशीला स्वागत किया। रायपुर विमानतल पहुंचते ही भूपेश बघेल की जिंदाबाद नारों से गूंज उठा। दुर्ग ग्रामीण जिलाध्यक्ष निर्मल कोसरे के नेतृत्व में सैकड़ों की तादाद में कांग्रेस के कार्यकर्ता विमानतल पहुंचे और मुख्यमंत्री जी का स्वागत किया। दुर्ग जिले से प्रमुख रूप से पूर्व विधायक प्रदीप चौबे, पूर्व विधायक प्रतिमा चंद्राकर, पूर्व साडा अध्यक्ष लक्ष्मण चंद्राकर, प्रदेश महामंत्री राजेंद्र साहू, पूर्व महापौर आर एन वर्मा, दुर्ग के सभापति राजेश यादव, कुम्हारी पालिका अध्यक्ष राजेश्वर सोनकर, चरोदा के नेता प्रतिपक्ष संतोष तिवारी, पालिका अध्यक्ष सरोजिनी चंद्राकर, कृषि उपज मंडी के अध्यक्ष अश्वनी साहू, ब्लॉक अध्यक्ष पाटन महेंद्र वर्मा, ब्लॉक अध्यक्ष चरोदा मनोज मढरिया, ब्लॉक अध्यक्ष कुम्हारी प्रमोद राजपूत, ब्लॉक अध्यक्ष जामुल प्रकाश ठाकुर, ब्लॉक अध्यक्ष अहिवारा हीरा वर्मा, सुजीत बघेल, जिला उपाध्यक्ष विशाल देशमुख, कैलाश नाहटा, झुमुक साहू, उमेश साहू, पालिका उपाध्यक्ष के रवि, पार्षदगण चरोदा बहलराम साहू, धर्मेंद्र कोसरे, टिकेश्वर वर्मा, विनोद निषाद, राजेश बघेल, पप्पू चंद्राकर, बालमुकुंद वर्मा, तपन सान्याल, बी एन राजू, पार्षद कुम्हारी थनेश पटेल, मनहरण यादव, महेश सोनकर, राकेश कुर्रे, सती यादव, शांति टंडन, नीतू रावते, कुमारी निषाद, जानकी घ्रुव, सरपंच नारधी ललित सिन्हा, सुनीता चेन्नेवार, द्रोपति साहू कलिंद्री नायक, विटावन वर्मा, कुमुद मढरिया, दुलारी वर्मा, आशीष बंजारी, वेंकटरमना हरमीक सिंह, पूजा सिंह, नौशाद सिद्दीकी, अश्वनी निर्मल,सुरेश देवांगन,सरोज यादव, राहुल शर्मा, पुष्पेन्द्र साहू, छोटे लाल यादव, राकेश सिन्हा, अजय शर्मा, अशफाक अहमद, तौहीद खान, भागीरथी निर्मलकर, मोहम्मद हुसैन, रमाशंकर वर्मा, इंद्रजीत यादव, सेवक वर्मा, संतोष दोनोडे, मोहम्मद आमिर, सीमा, लेखू साहू, सुनीता,जगदीश मारकंडे,मिलिंद दानी, युवराज कश्यप, सुभाष साहू, विक्रांत यादव, शुभम बंजारे सहित सैकड़ों कार्यकर्ता उपस्थित रहे।
दुर्ग / शौर्यपथ / जिले में राष्ट्रीय नेत्रदान पखवाड़ा 25 अगस्त से 08 सितंबर तक मनाया जाएगा। इस अभियान का उद्देश्य लोगों को नेत्रदान के लिए जागरूक करना है। आज मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी डॉ. गंभीर सिंह ठाकुर ने नेत्रदान पखवाड़ा रथ का हरी झंडी दिखाकर शुभारंभ किया। जिले में समस्त विकासखंडों में कोविड-19 के नियमों को ध्यान में रखते हुए नेत्रदान के संबंध में जानकारी दी जाएगी। वरिष्ठ नेत्र सर्जन डॉ. बी.आर. कोसरिया ने बताया कि जिनकी नजर बहुत कमजोर है, आंखों में सफेदी आ गई है, एक आंख की रोशनी पूरी तरह से गायब है या दूसरी आंख की रोशनी न के बराबर है और जिन रोगियों को 5 वर्ष से अधिक शुगर की बीमारी है, उनके जांच के लिए जिला चिकित्सालय में व्यवस्था की गई है। उन्होंने बताया कि डायबिटिक रेटिनोपैथी जैसे गंभीर रोग भी हमारी प्राथमिकता में शामिल है। नेत्रदान के लिए आवश्यक है कि मृत्यु के 6 घंटे के अंदर नेत्रदान किया जाए।
इस अभियान की सफलता के लिए व्यक्तियों की जागरूकता सबसे जरूरी है। इसलिए आवश्यक है कि आमजन इसे मानव सेवा का भाव समझकर अपनाएं। नेत्रदान करने के लिए जिला चिकित्सालय दुर्ग के नेत्र सहायक अधिकारी श्री अरूण सिंह मोबाईल नं. 98263-37525 एवं श्री अजय नायक मोबाईल नं. 98274-67605 में संपर्क कर सकते है।
दुर्ग / शौर्यपथ / नगर निगम 26 अगस्त गुरुवार को 18 + और 45 + उम्र के लोगों को कोविशिल्ड का प्रथम एवं द्वितीय डोज का वैक्सीन लगाया जाएगा। निगमायुक्त हरेश मंडावी ने बताया कि इसके लिए 14 सेंटर महावीर कोविड सेंटर कोवैक्सिन और कोविड शील्ड, यूपीएचसीधमधा नाका कोवैक्सिन और कोविड शील्ड, यूपीएचसी पोटिया कला कोविड शील्ड, दिगम्बर जैन मंदिर कोविद शील्ड, कृष्णा धर्मशाला गंजपारा कोविड शील्ड, यादव छात्रावास पचरी पारा,कोविड शील्ड, सिंधी धर्मशाला,कोवैक्सिन और कोविड शील्ड, बघेरा सामुदायिक भवन कोविड शील्ड, कसार भवन,कोविड शील्ड, एसएसके गायत्री मंदिर पुलगांव,कोविड शील्ड, उरला जोन कार्यालय,कोविड शील्ड, बोरसी जोन कार्यालय कोविड शील्ड, पटेल भवन गया नगर कोविड शील्ड,
सामुदायिक भवन,डिपरा पारा,कोविड शील्ड बनाये गए है। इन सेंटरों में लोगों को कोरोना से सुरक्षा का टीका लगाया जायेगा। निगम आयुक्त हरीश मंडावी ने उन लोगों से वैक्सीन लगवाने की अपील की है जिन्हेांने अभी तक यह टीका नही लगाया है। उन्होंने आगे कहा कि इन सेंटरों में पहुँचकर ऑनलाइन पंजीयन कर अपना टीका लगवा सकते हैं!
नाली पर जाली लगाकर किया अतिक्रमण, हटाने आयुक्त ने दी 2 दिनों की मोहलत
रिसाली / शौर्यपथ / प्रियदर्शनी नगर के अंतिम छोर में बने नाली पर जाली लागाकर अतिक्रमण किए जाने पर रिसाली नगर पालिक निगम के आयुक्त प्रकाश कुमार सर्वे ने फटकार लगाया। उन्होंने प्लाट 11 सी निवासी डी. सिन्हा को दो दिन की मोहलत दी है। निर्धारित समय के बाद अतिक्रमण हटाने निगम के अधिकारी एकतरफा कार्रवाई करेंगे।
निगम आयुक्त प्रकाश कुमार सर्वे मॉर्निंग विजिट के तहत घनी आबादी वाले क्षेत्र के सार्वजनिक शौचालय की स्थिति, साफ सफाई व्यवस्था देखी। उन्होंने पॉश कालोनी प्रियदर्शनी नगर क्षेत्र का भ्रमण किया। इस दौरान नाली जाम की शिकायत पर वे स्थिति का जायजा लेने लगे। इस दौरान खुलासा हुआ कि प्लाट नं. 11 सी के मालिक ने निगम के नाली पर जाली लगाकर अवरोध उत्पन्न कर रहा है, साथ ही फर्सी लगाकर नाली की जमीन को अपने अधिकार क्षेत्र में ले लिया है। आयुक्त ने अतिक्रमणकारी को तत्काल नाली पर से अतिक्रमण हटाने निर्देश दिए।
कार्यालय व्यवस्था बनाए रखने निर्देश
आयुक्त लंच से ठीक पहले टंकी कार्यालय पहुंचे। उन्होंने कम उपस्थिति पर सवाल करते हुए निर्देश दिए कि कार्यालयीन व्यवस्था को प्रत्येक कर्मचारी बनाए रखे। कर्मचारियों के एक साथ अवकाश पर चले जाने से कार्य प्रभावित होता है। आवश्यक कार्य पर ही अधिकारी अवकाश दे।
बकायादारों को दे नोटिस
कार्यालय निरीक्षण के दौरान आयुक्त लोक सेवा केन्द्र, जन्म मृत्यु पंजीयन शाखा के अलावा लेखा और कर वसूली का जायजा लिया। उन्होंने बकायादारों को पहले स्मरण पत्र जारी करने कहा। बाद में नोटिस देकर वसूली करने आदेश दिए।
महत्वपूर्ण दस्तावेज को सम्हाले
आयुक्त ने निगम के पुराने दस्तावेज व फाइल को सम्हाल कर रखने निर्देश दिए। इसके लिए अलग से कमरे को रिकार्ड रूम और सेल्फ में कांच लगाने कहा, ताकि फाइल को चुहा और दीमक से बचाया जा सके। आयुक्त ने स्थापना शाखा का भी निरीक्षण कर अधिकारियों व कर्मचारियों से कार्य के दौरान आने वाले समस्याओं के बारे में जानकारी ली।
भिलाईनगर/ शौर्यपथ / दिनांक 26 अगस्त 2021 दिन गुरुवार को 18 प्लस एवं 45 प्लस उम्र समूह के लोगों को कोविशिल्ड का प्रथम एवं द्वितीय डोज का वैक्सीन लगाया जाएगा। नोडल अधिकारी सुनील अग्रहरि ने बताया कि इसके लिए 29 सेंटर निर्धारित किए गए हैं। वार्ड 01 पीएचसी खम्हरिया सामुदायिक स्वास्थ्य केन्द्र जुनवानी, वार्ड 02 शिवमंदिर भवन मॉडल टाउन, वार्ड 04 सियान सदन राधिकानगर, वार्ड 02 आरोग्य निकेतन स्मृति नगर, वार्ड 06 सामुदायिक मंगल भवन दुबे पशु आहार के सामने सुपेला, वार्ड 03 यूपीएचसी कोसानगर के पीछे सामुदायिक स्वास्थ्य केन्द्र, वार्ड 09 पीएचसी कोहका, मंगलबाजार कोहका सामुदायिक भवन, वार्ड 12 शिवमंदिर कांजी हाउस, वार्ड 70 सियान सदन मिलन चौक हुडको, वार्ड 68 बीएनएस स्कूल सेक्टर 8 भिलाई नायर समाजम स्कूल के पास, वार्ड 15 वैशालीनगर सांस्कृतिक भवन, वार्ड 19 छत्तीसगढ़ सदन शास़्त्री नगर, वार्ड 27 डोमशेड फौजीनगर, वार्ड 15 प्रजापति भवन शांतिनगर, वार्ड 21 यूपीएचसी बैकुंठधाम, वार्ड 25 स्वास्थ्य विभाग कार्यालय बैकुंठधाम केम्प 02, वार्ड 49 मानव आश्रम सेक्टर 01, वार्ड 49 हाउसलीज कार्यालय सेक्टर 02, वार्ड 28 मंगलबाजार छावनी, वार्ड 29 पीएचसी बापूनगर, वार्ड 33 सामुदायिक भवन पानी टंकी पंप हाउस, वार्ड 37 सामुदायिक भवन सुभाषनगर, वार्ड 38 पॉवरहाउस बस स्टैण्ड, वार्ड 34 सांस्कृतिक भवन अंडा चौक खुर्सीपार, वार्ड 52 महाराष्ट्र मंडल सड़क नं. 03 सेक्टर 04, वार्ड 66 कालीबाड़ी मंदिर सेक्टर 06, वार्ड 53 डोमशेड सेक्टर 05, वार्ड 65 हनुमान मंदिर के पास सड़क 18 सेक्टर 07 एवं वार्ड 64 गुंडिचा मंच सेक्टर 10 में पहुंचकर भिलाई निगम क्षेत्र के नागरिक कोरोना वायरस के संक्रमण से बचने सुरक्षित तरीके से वैक्सीन लगा सकते है।
सहायक स्वास्थ्य अधिकारी जावेद अली ने जानकारी देते हुए बताया कि प्रदेश के बाहर से आने वाले पर्यटकों एवं घरेलू पर्यटन को बढ़ावा देने के लिए पर्यटन क्षेत्र से जुड़े हुए टूर ऑपरेटर, ट्रैवल एजेंट, बोटमैन, ढाबे, होटलों, रिसॉर्ट, होम स्टे, किराए से चलने वाले बसे, टैक्सी के वाहन चालकों, कंडक्टर, पुरातात्विक एवं ऐतिहासिक स्थलों तथा अन्य पर्यटन स्थलों के गाइड, पर्यटक सूचना केंद्रों एवं अन्य होटल व्यवसाय से जुड़े संबंधित क्षेत्रों में कार्यरत कर्मचारियों की सुरक्षा हेतु कोविड-19 का वैक्सीन प्राथमिकता के आधार पर लगाया जाएगा, इस प्रकार के लोग टीकाकरण केंद्रों में पहुंचकर अपना टीका लगवा सकते हैं!
दुर्ग / शौर्यपथ / श्री राजेश श्रीवास्तव जिला व सत्र न्यायाधीश/अध्यक्ष जिला विधिक सेवा प्राधिकरण के मार्गदर्शन, व निर्देशन में कोविड-19 के संक्रमण को ध्यान में रखते हुए, श्रीमती प्रज्ञा पचैरी अतिरिक्त जिला एवं सत्र न्यायाधीश एवं श्री आनंद वारियल अतिरिक्त जिला एवं सत्र न्यायाधीश द्वारा ऑनलाइन वीसी के माध्यम से बताया की जब भी कोई अपराध होता है या किसी तरह की कोई दुर्घटना होती है, तो सबसे पहले उस घटना की जानकारी को पास के पुलिस स्टेशन में देनी होती है। इसे हम एफआईआर कहते हैं । एफआईआर यानी वो लिखित दस्तावेज जिसे पुलिस जानकारी मिलने पर दर्ज करती है और फिर कार्यावाही करती है। शिकायत मिलने के बाद पुलिस रिपोर्ट को तैयार करती है। जब तक घटना या किसी अपराध की एफआईआर नहीं दर्ज होगी पुलिस कोई कार्रवाई नहीं कर सकती है ।
आम आदमी पुलिस थाने जाने में संकोच करता है। बात अगर किसी अपराध की रिपोर्ट लिखाने की हो तो आम आदमी के जहन में कई सवाल आते हैं और वह सोचता है कि अगर पुलिस ने रिपोर्ट नहीं लिखी तो । अगर पुलिस किसी अपराध की रिपोर्ट लिखने से मना करे तो आपके पास इसका भी कानूनी उपचार है। जब भी कोई संज्ञेय अपराध होता है यानी गंभीर प्रवृत्ति का अपराध हो तो इसकी प्रथम सूचना रिपोर्ट पुलिस को तुरंत दी जानी चाहिए और पुलिस का काम है कि वह इस तरह के अपराध की रिपोर्ट अपने प्रथम सूचना रिपोर्ट रजिस्टर में दर्ज करें। इसका प्रावधान दंड प्रक्रिया संहिता 1973 की धारा 154 में दिया गया है। इस सूचना को प्रथम सूचना प्रतिवेदन कहते हैं।
सामान्यत: समझा जाता है कि किसी मामले की रिपोर्ट उस थाने में की जाए जिस थानाक्षेत्र में अपराध या घटना घटित हुई है, लेकिन आप अपने नजदीकी थाने में भी रिपोर्ट दर्ज करवा सकते हैं, जिसे बाद में संबंधित थाने में भिजवा दिया जाएगा। पीडि़त पक्ष या ऐसा पक्ष जिसे घटना या अपराध के बारे में जानकारी है उसे वह किसी नजदीकी थाने में जाकर पूरी जानकारी के साथ पुलिस को बता सकता है। पुलिस का काम है कि संज्ञेय अपराध की एफआईआर लिखे।
अगर अपराध उस थानाक्षेत्र में नहीं घटित हुआ है तो भी पुलिस उसकी रिपोर्ट अपने एफआईआर रजिस्टर में नोट करेगी। ऐसी एफआईआर को जीरो एफआईआर कहा जाता है। इस रिपोर्ट को दर्ज करने के बाद पुलिस उसे आगे की कार्रवाई के लिए संबंधित थाने में भेज देगी। अगर अपराध असंज्ञेय है तो पुलिस उसे अपने एफआईआर रजिस्टर के बजाए अपने एनसीआर) रजिस्टर में दर्ज करेगी। इस एनसीआर रजिस्टर में असंज्ञेय अपराधों को नोट किया जाता है।
कोई भी व्यक्ति पुलिस के पास अपनी शिकायत लिखित या मौखिक तौर पर दर्ज करवा सकता है । हर व्यक्ति को इस बात का अधिकार है लेकिन अक्सर पुलिस ऐसा करने से इनकार कर देती है । अगर पुलिस आपकी शिकायत को दर्ज करने से इनकार कर देती है तो आपके पास अधिकार है कि आप किसी सीनियर ऑफिसर के पास जाकर अपनी शिकायत दर्ज करा सकते हैं। अगर इसके बाद भी एफआईआर दर्ज नहीं होती है तो आप सीआरपीसी की धारा 156 (3) के तहत मजिस्ट्रेट के पास इसकी शिकायत करने के अधिकारी हैं। आपकी शिकायत पर मजिस्ट्रेट पुलिस को एफआईआर करने के निर्देश देने का अधिकार रखते हैं।
भिलाईनगर / शौर्यपथ /
मुख्यमंत्री शहरी स्लम स्वास्थ्य योजना का बेहतर क्रियान्वयन भिलाई निगम क्षेत्र में किया जा रहा है। भिलाई निगम क्षेत्र में 1 नवंबर से शुरू हुए मोबाइल मेडिकल यूनिट में अब तक 714 शिविर लगाया जा चुका है जिसमें 46574 लोग पहुंचकर स्वास्थ्य लाभ ले चुके है। औसत मरीजों की संख्या को लेकर नगर निगम भिलाई पूरे प्रदेश में दूसरे स्थान पर रहा है! प्रशासन की कार्यप्रणाली और लोगों की जागरूकता से यह संभव हो पाया है! निगम क्षेत्र में योजना के बेहतर क्रियान्वयन के लिए कलेक्टर डॉ. सर्वेश्वर नरेंद्र भुरे के निर्देश तथा निगम आयुक्त ऋतुराज रघुवंशी के लगातार मॉनिटरिंग के चलते लोगों को बेहतर चिकित्सा स्वास्थ्य लाभ मिल रहा है। योजना के प्रारंभ होने से फ्री में इलाज का सपना साकार हो रहा है, मोबाइल मेडिकल टीम अपने निर्धारित शेड्यूल के अनुसार गली, मोहल्लों में पहुंचकर लोगों को स्वास्थ्य लाभ पहुंचा रही है।
मोबाइल मेडिकल यूनिट के माध्यम से लगने वाले शिविर में अनुभवी चिकित्सक, नर्स के अलावा लैब टेक्नीशियन भी उपलब्ध रहते है, जो लैब में टेस्ट कर इसकी रिपोर्ट मरीजों को शीघ्र उपलब्ध कराते है। छत्तीसगढ़ शासन द्वारा नि:शुल्क स्वास्थ्य की योजना सफल हो रही है, भिलाई निगम क्षेत्र में मोबाइल टीम ने कई दुर्घटना से घायल लोगो, गंभीर बीमारी तथा लंबे समय से बीमार रहने वाले मरीजों का इलाज भी किया है, निगम क्षेत्र के वार्डों में क्रमश: शिविर लगाते हुए लोगों को उनके गली मोहल्लों में ही जांच व इलाज कर रहे है।
टोकन सिस्टम से लेकर दवाई प्रदाय करने के लिए अच्छी व्यवस्था निगम आयुक्त के निर्देश पर मोबाइल मेडिकल यूनिट के पास अत्यधिक भीड़ न लगे इसके लिए टोकन सिस्टम और बैठक व्यवस्था समुचित तरीके से की जा रही है। इसके अलावा मरीजों को दवाईयों की पर्ची देने की शुरूआत भी भिलाई निगम द्वारा शुरू किया गया है, पर्ची में दवाइयों का नाम तथा दूसरे कॉलम में दवाइयां लेने का समय चिकित्सकों द्वारा लिखा जाता है ताकि मरीजों को दवाई के सेवन में परेशानी न हो। इन सब के चलते निगम क्षेत्र के नागरिको का स्वास्थ्य शिविर में उत्साह देखने को मिल रहा है! स्वास्थ्य शिविर लगने वाले क्षेत्र में मितानिन, आंगनबाड़ी कार्यकर्ता द्वारा मोहल्ले वासियों को अवगत कराया जाता है, इसके अतिरिक्त मुनादी के माध्यम से प्रचार किया जा रहा है! मॉर्निंग विजिट के दौरान जोन आयुक्त शिविर का निरीक्षण कर रहे हैं!
शीघ्र ही प्रदाय की जाती है जांच रिपोर्ट - 43359 मरीजों को दी गई नि:शुल्क दवाई योजना के नोडल अधिकारी एवं अपर आयुक्त अशोक द्विवेदी ने बताया कि अनुभवी डॉक्टर के माध्यम से बेहतर चिकित्सा के साथ ही नि:शुल्क दवाइयों का लाभ भिलाई के नागरिक ले रहे हैं! लोगों ने बीपी, शुगर, यूरिन, हिमोग्लोबिन, डब्ल्यूबीसी, आरबीसी, प्लेटलेट्स ब्लड ग्रुपिंग, मलेरिया जैसे सामान्य बीमारियों की जांच के लिए लैब टेस्ट करा रहे है, किसी भी तरह के जांच के लिए इंतजार नहीं करना पड़ रहा है बहुत ही कम समय में जांच की रिपोर्ट दी जाती है, शिविर में आने वाले मरीजों के जांच व चिकित्सकीय परामर्श के बाद 43359 लोगों को उपचार हेतु दवाईयां वितरित की गई है।
-पीएचई के पीडि़त अधिकारी-कर्मचारियों ने सौंपा कलेक्टर-एसपी को ज्ञापन, दुर्ग जिला पीएचई ठेकेदार संघ के पदाधिकारियों ने भी ठेकेदारों के साथ मारपीट करने वाले शख्स के विरुद्ध कार्रवाई को लेकर सौंपा कलेक्टर को ज्ञापन
दुर्ग / शौर्यपथ /
आज पीएचई कार्यालय के अधिकारी-कर्मचारियों ने कलेक्टर डॉ. सर्वेश्वर नरेंद्र भुरे तथा एसपी श्री प्रशांत अग्रवाल को ज्ञापन सौंपा। पीडि़त अधिकारी-कर्मचारियों ने कलेक्टर को बताया कि मंगलवार को देवेंद्र अग्रवाल नाम के व्यक्ति ने अधिकारियों के चेंबर में प्रवेश कर उनसे गाली-गलौज की एवं धमकियाँ दी। कार्यालय के कार्यपालन अभियंता, उप अभियंता, सहायक अभियंता से लेकर भृत्य तक सभी से इसने दुव्र्यवहार किया। इसके साथ ही बाहर से भी आसामाजिक तत्वों को बुलाया। जिसकी वजह से महिला कर्मचारी भी भयभीत हो गए।
अधिकारियों ने बताया कि शासकीय कार्य के संपादन के दौरान इस व्यक्ति द्वारा किये गये कृत्य से वे मानसिक रूप से बेहद व्यथित हैं। जिस दौरान यह घटना हुई, उस दौरान दुर्ग जिला लोक स्वास्थ्य यांत्रिकी ठेकेदार संघ के सदस्य भी मौजूद थे।
कलेक्टर को प्रस्तुत किये गये अपने ज्ञापन में इन्होंने बताया कि जब इन सदस्यों ने अभद्र व्यवहार करने पर रोकना चाहा, तब देवेंद्र अग्रवाल ने उनके साथ भी मारपीट शुरू कर दी। साथ ही यह भी धमकी दी कि जिस निविदा में मैं अथवा मुझसे संबंधित लोग हिस्सा लेंगे, उसमें कोई दूसरा ठेकेदार टेंडर नहीं डालेगा। ठेकेदार संघ ने अपने ज्ञापन में संबंधित व्यक्ति पर कड़ी कार्रवाई करने की माँग की है।
दुर्ग / शौर्यपथ /
शहर की सड़कों पर उड़ते धूल के गुबार लोगों को बीमार बना रही है। हाल के कई दिनों से बारिश नहीं होने से राहगीरों की दिक्कत काफी बढ़ गई है। फोरलेन सहित शहर की सभी प्रमुख आवाजाही वाली सड़कों का भी हाल बेहाल बना हुआ है। सडकों को धूलमुक्त बनाने जिम्मेदारों का कोई ध्यान नहीं है।
सड़कों पर उड़ती धूल के चलते लोग दमा, एलर्जी, चर्म व आंखों की बीमारी के चपेट में आ रहे हैं। समस्या से वाकिफ होने के बावजूद जिला प्रशासन और नगरीय निकायों की ओर से सड़कों का धूलमुक्त बनाने की दिशा में कोई प्रयास नहीं किया जा रहा है। फोरलेन सड़क पर धूल के चलते दुपहिया वाहन में आवाजाही करने वाले खासे परेशान हैं। ऐसा नहीं कि धूल को लेकर समस्या सिर्फ फोरलेन सड़क पर ही बनी हुई है। बल्कि भिलाई-दुर्ग की दूसरी प्रमुख आवाजाही वाली सड़कों पर भी लोगों का बुरा हाल है। ऐसी सड़कों में भिलाई शहर की सुपेला से राजेन्द्र प्रसाद चौक, नंदिनी रोड, ट्रांसपोर्ट नगर रोड और वैशाली नगर से छावनी चौक के बीच बना गौरव पथ शामिल है।
गौरतलब रहे कि अभी भिलाई रायपुर फोरलेन सड़क में चार जगहों पर फ्लाई ओव्हर निर्माण चल रहा है। इसके चलते सड़क की हालत बेहद खराब हो गई है। फोरलेन की नाली के समुचित सफाई पर ध्यान नहीं दिया गया है। नतीजतन बारिश होने की स्थिति में नाली से गदंगी निकलकर सड़क पर जमा हो जाती है। विगत कई दिनों से बारिश थमी हुई है। लिहाजा नाली से निकलती गंदगी अब धूल में तब्दील होकर भारी वाहनों के गुजरने पर गुबार बनकर उड़ रही है। ऐसे समय में पीछे दुपहिया या रिफर आटो जैसे खुले वाहन में सफर करने वालों को धूल का सामना करना पड़ रहा है। सुपेला चौक से डबरापारा चौक के बीच सबसे अधिक धूल उड़ रही है। इस तरह की समस्या भिलाई शहर की अन्य प्रमुख आवाजाही वाली सड़कों पर भी बनी हुई है।
चिकित्सकों की माने तो सड़कों से उडऩे वाली धूल की चपेट में आने से दमा, चर्मरोग और आंखों की बीमारी लोगों को अपनी गिरफ्त में ले रहा है। प्रशासन को बारिश थमने के बाद सड़कों का धूलमुक्त बनाने की दिशा में कदम उठाना चाहिए।
नहीं है अब सुबह टहलने लायक जगह
बीएसपी टाउनशिप को छोड़ दिया जाए तो भिलाई शहर में कई इलाके ऐसे हैं जहां लोगों के लिए टहलने लायक जगह नहीं है। फोरलेन सड़ पर टहलने वालों को रह रहकर उडऩे वाली धूल से परेशानी होती है। दशक भर पहले नगर निगम में धूलमुक्त सड़क बनाने रोड स्वीपिंग मशीन खरीदा था। लेकिन उसका प्रयोग असफल रहने के बाद किसी दूसरे विकल्प पर फिर से गौर करना जरुरी नहीं समझा गया। जनप्रतिनिधियों की ओर से भी सड़कों को धूलमुक्त बनाने कोई पहल नहीं किया जा रहा है।
सड़क किनारे रहने वाले परेशान
धूल की वजह से सड़क किनारे रहने वाले लोग और व्यवसायी खासे परेशान है। लोग बताते हैं कि मकान व दुकान में नियमित साफ सफाई नहीं किया जाए तो 24 घंटे में ही धूल की मोटी परत जम जाती है। इसे साफ करने में भी परेशानी होती है और न ही करने पर दूसरे दिन दिक्कत और ज्यादा बढ़ जाती है। अनेक व्यवसायी और मकान मालिक अपने चारपहिया वाहन को घर अथवा दुकान के बाहर खड़ी करके रखते हैं। ऐसे वाहनों में धूल की परत जमने से सफाई पर विशेष ध्यान देना पड़ता है।
Feb 09, 2021 Rate: 4.00
