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दुर्ग / शौर्यपथ / दुर्ग शहर विधायक (कैबिनेट मंत्री दर्जा) अरुण वोरा की अनुशंसा अनुरूप दुर्ग जिला कांग्रेस कमेटी के महामंत्री एवं सेन समाज युवा प्रकोष्ठ के संयोजक गौरव उमरे को कांग्रेस अन्य पिछड़ा वर्ग विभाग के प्रदेश अध्यक्ष कृष्ण कुमार यादव द्वारा दुर्ग जिला पिछड़ा वर्ग कांग्रेस का अध्यक्ष नियुक्त किया गया,अध्यक्ष गौरव उमरे द्वारा पिछड़ा वर्ग कांग्रेस के राष्ट्रीय अध्यक्ष एवं गृहमंत्री ताम्रध्वज साहू जी एवं विधायक अरुण वोरा का आभार व्यक्त किया गया,अध्यक्ष नियुक्त होने पर उन्हें जिला कांग्रेस कमेटी,युवा कांग्रेस,एनएसयूआई एवं महिला कांग्रेस के पदाधिकारियों एवं कार्यकर्ताओं ने बधाई प्रेषित किया।
दुर्ग / शौर्यपथ / सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र पाटन में एक ही दिन में तीन गर्भवती माताओं का सिजेरियन सफल ऑपरेशन किया गया। तीनों माताओं का प्रसव का समय निकल चुका था। स्वास्थ्य संयोजकों एवं मितानिनों के द्वारा हाई रिस्क गर्भवती माताओं का चिन्हांकन करने निर्देश दिए गए हैं।
बीएमओ पाटन डॉ. आशीष शर्मा ने बताया कि मुख्यमंत्री भूपेश बघेल की परिकल्पना एवं निर्देश में कलेक्टर दुर्ग डॉ. सर्वेश्वर नरेंद्र भुरे एवं मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी एवं एसडीएम विपुल कुमार गुप्ता के मार्गदर्शन में स्वास्थ्य सेवाओं में वृध्दि करने प्रयास जारी है। आज सीएचसी पाटन में स्त्री एवं प्रसूति रोग विशेषज्ञ डॉ. केके डहरिया ने तीन सिजेरियन ऑपरेशन किया। निश्चेतना विशेषज्ञ डॉ. अजय सिंह ठाकुर, सिस्टर अनिता जोशी, श्रीमती शिव कुमारी दुबे, ओटी टेक्नीशियन श्री गिरवर, श्री जितेंद्र एवं ओटी टीम द्वारा ऑपरेशन कार्य सुरक्षित प्रसव सफलता पूर्वक संपादित किया। तीनो माताएं एवं नवजात स्वास्थ्य लाभ ले रहे हैं। उल्लेखनीय है कि अप्रैल 2021 से आज दिनांक तक सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र पाटन में 11 सिजेरियन ऑपरेशन कर सुरक्षित प्रसव करवाया गया है। 43 नसबंदी ऑपरेशन, 25 इंसिजन एंड ड्रेनेज ऑपरेशन, 2 ऑर्थो सर्जरी आदि ऑपरेशन किये गए हैं। अतिशीघ्र सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र झीट में भी ऑपरेशन आरंभ किए जाने तैयारी की जा रही है।
नालों के किनारों में अर्जुन वृक्ष लगाने का दिया गया सुझाव
नाले के किनारे के किसानों को जैविक खेती के लिए किया जाएगा प्रेरित
छोटे से छोटे जलस्त्रोत की सफाई की जाएगी
दुर्ग / शौर्यपथ / आज पाटन के जनपद पंचायत में नरवा योजना को नई दिशा देने के लिए मीटिंग रखी गई थी, जिसमें कृषि योजना और ग्रामीण विकास सलाहकार प्रदीप शर्मा मुख्य अतिथि के रूप में उपस्थित थे। उन्होंने कहा ‘‘पानी अपना रास्ता नहीं भूलता‘‘ इसलिए आवश्यक है कि पानी का जलस्त्रोत कहां से आ रहा है, उसे चिन्हित करके हम उस जलस्त्रोत को जीवित रखने का कार्य करें। उन्होंने बताया कि नरवा योजना त्वरित में उठाया गया कदम नहीं है। यह ग्रामीण और आम जनों के हित में लिया गया ऐसा फैसला है, जिसके पीछे कई विशेषज्ञों की सालों की मेहनत है। इस योजना का सीधा उद्देश्य वर्तमान और भविष्य दोनों को ध्यान में रखकर पानी की कमी से बचना है। वाटर रिचार्जिंग से ना केवल कृषि में फायदा मिल रहा है अपितु पीने के पानी की समस्या का निराकरण भी हो रहा है। वर्तमान में नरवा योजना से बने नालों की मैपिंग का कार्य किया जा रहा है। इसके साथ ही नालों के किनारों का सीमांकन करके वृक्षारोपण का कार्य भी सतत रूप से चलता रहेगा।
नालों के किनारों में ऐसे पौधों का वृक्षारोपण किया जाएगा जोकि मिट्टी के कटाव को रोकें । इसके लिए उन्होंने अर्जुन वृक्ष का भी जिक्र किया जो कि मिट्टी कटाव के साथ-साथ औषधिय गुण भी रखता है।
आगे उन्होंने कहा किसी भी कार्य के सफल होने के लिए जनभागीदारी सबसे महत्वपूर्ण है और राज्य शासन द्वारा चलाई जा रही नरवा, गरवा, घुरवा और बाड़ी योजना की यही खासियत है कि यह योजना आमजन को भी जोड़ता है। इन योजनाओं से ग्रामीणों को मनरेगा के तहत रोजगार तो मिल ही रहा है साथ ही साथ प्रकृति को सहेजने में वे अपना योगदान भी दे रहे हैं।
नाले के किनारे के किसान करेंगे जैविक खेती- जैविक खेती को बढ़ावा देने के लिए नाले के किनारे जिन किसानों के खेत हैं, उनका समूह या यूनियन बनाकर उन्हें जैविक खेती के लिए प्रेरित किया जाएगा। श्री प्रदीप शर्मा ने यह भी बात कही कि यदि नाले के समीप किसी की जमीन में पानी का भराव है तो वह किसान रिवर बेड फार्मिंग भी कर सकता है।
छोटे से छोटे जल स्रोतों की सफाई कि जाएगी- ग्रामीण अंचलों में पहले से ही जो पानी के स्रोत जैसे कुएं, तालाब ,डबरी उपलब्ध है। उनकी सफाई का कार्य भी अनिवार्य रूप से कराया जाएगा। जल जलस्त्रोत में उपलब्ध गाद, जलकुंभी इत्यादि की सफाई का कार्य निरंतर किया जाएगा ताकि प्रत्येक जल स्त्रोत का संरक्षण किया जा सके।
कलेक्टर डॉ. सर्वेश्वर नरेंद्र भुरे ने राज्य शासन की नरवा, गरवा, घुरवा और बाड़ी योजना का उल्लेख करते हुए कहा कि इन योजनाओं में बहुत सी संभावनाएं हैं । इससे ग्रामीणों को जीवन यापन करने के लिए आर्थिक आधार तो मिल ही रहा है अपितु वन्य प्राणियों को भी लाभ पहुंचा है। नरवा योजना से सूखे पड़ गए नालों का जीर्णोद्धार हुआ है, जिससे ग्रामीणों के जीवन में बहुत बड़ा बदलाव आया है। आज जहां-जहां भी इन योजनाओं ने सफलतापूर्वक अपना अंतिम पड़ाव पार किया है, वहां कृषि में विकास हुआ है एवं पानी की मूलभूत समस्या का निवारण भी हुआ है। उन्होंने कहा हम बेहतर आकलन करके इन योजनाओं को और विकसित कर सकते हैं। उन्होंने सभी अधिकारी एवं कर्मचारियों को गुणवत्ता युक्त कार्य करने के निर्देश दिए।
इस अवसर पर जिला पंचायत सीईओ एस आलोक, अपर कलेक्टर श्रीमती नूपुर राशि पन्ना, सहायक कलेक्टर हेमंत नंदनवार, अन्य अधिकारी एवं कर्मचारी गण उपस्थित थे।
दुर्ग। शौर्य पथ।
आप को ज्ञात हो कि देश के फौजी जवान अपने परिवार से दूर हमारी रक्षा के लिए सीमा पर तैनात होते है. वो इस पवित्र दिन में अपनी बहनों से नहीं मिल पाते, इसलिए आज भिलाई में BSF मुख्यालय में कई जवानों को शिवजी अर्पण सेवा समिति की बहनों ने माथे पर तिलक लगाकर राखी बांधी और उनसे आशीर्वाद लिया. जवानों ने उन्हें उपहार भी दिए. इस दौरान बहनों ने उन्हें मिठाई खिलाकर उनका मुंह भी मीठा करवाया.एवम बॉर्डर पर तैनात भाइयो के लिए रखी भेजी कोरोना महामारी को ध्यान में रखते हुए राखियां बहुत ही सुरक्षित तरीके से सैनीटाइज करके भेजा गया है।
BSF के उच्च अधिकारी Birdi Chand साहब समेत अन्य अधिकारी और जवानों ने राखी बंधवाकर मुंह मीठा किया एवम भेंट स्वरूप बहनों को उपहार भी दिया इस अवसर पर शिव जी अर्पण सेवा समिति के सभी पदाधिकारी एवम सभी बहने अंजली राजनल ,पूजा राजनल, मीनाक्षी ठाकुर, मोनिका,सीमा,कृतिका,चारु, गरिमा,अंजलि,प्रतिभा,निशा,प्रतिभा,स्मृति,जागृति,नेहा, हिमजा,सरिता, गीता, पुष्पा, ज्योति,स्वाति, समिति के अध्यक्ष रोहन मून एवम मीडिया प्रभारी गिरीश तिवारी,कृष्णा चौहान,सुधांशु आदि समस्त सदस्य उपस्थित थे।
भारत माता की जय,वंदेमातरम??
दुर्ग / शौर्यपथ / पुलिस अधीक्षक प्रशांत अग्रवाल के दुर्ग जिले में पदभार ग्रहण करते ही लगातार अवैध कारोबार में लगाम लगाने की मुहिम शुरू की थी जिसमे काफी हद तक अवैध कारोबार में अंकुश भी लगी थी . एक ओर जहां सट्टा का व्यापार दुर्ग जिले में लगभग समाप्त हो गया है वही कुछ दिनों तक कबाड़ी का कारोबार भी बंद था किन्तु एक बार फिर दुर्ग - भिलाई क्षेत्र में कबाडियों के हौसले बुलंद होते दिख रहे है , दुर्ग में पाश कालोनी पद्मनाभपुर , इंदिरा नगर लुच्की पारा तालाब के ढलान पर , धमधा रोड रेल्वे ब्रिज के करीब , सुपेला क्रासिंग , गदा चौक आदि स्थानों पर एक बार फिर कबाडियों का व्यापार अपनी गति पकड़ रहा है . कुछ समय तक कबाडियों के अवैध व्यापार बंद होने से भिलाई इस्पात संयंत्र ने राहत की सांस ले रहा था परंतु अब सख्ती ढीली पड़ती नजऱ आ रही है।
एक बार फिर दुर्ग पुलिस के नाक के नीचे अवैध कबाड़ फल फूल रहा है जिसके चलते भिलाई इस्पात संयंत्र की चिंता एक बार फिर बढ़ गयी है।बड़ा सवाल तो यह है कि जिसको एक महीने पहले प्रतिबंधित व अवैध करार घोषित कर दुर्ग पुलिस ने बड़ी कार्यवाही करते हुए जिले के सभी कबाडिय़ों को जेल पहुचा दिया था वही कबाड़ी एक बार फिर से अपने पैर पसारते नजऱ आ रहे है जिसको लेकर जिला पुलिस की चुप्पी समझ से परे नजऱ आ रही है आखिर एक महीने के अंतराल में ऐसा कौन सा सर्टिफिकेट इन अवैध कारोबारियों को मिल गया है जिससे दोबारा एक बार फिर जिले में अवैध कारोबार का शटर खुल गया है।
रिसाली / शौर्यपथ / सड़को पर मवेशी की वजह से होने वाले हादसों को रोकने नगर पालिक निगम रिसाली के आयुक्त प्रकाश कुमार सर्वे ने अच्छी पहल की है। उन्होने शुुक्रवार को निगम कार्यालय में डेयरी संचालकों को शासन की योजना रोका-छेका को विस्तार से बताया। योजना और डेयरी संचालक के बीच मध्यस्थता करते हुए कहा कि कार्यवाही से बचना है तो मवेशियों को स्ततः गोठान तक पहुॅचाए।
आयुक्त प्रकाश कुमार सर्वे ने स्पष्ट किया कि वे डेयरी संचालकों पर सख्ती बरतना नही चाहते। निगम के कार्यो में वे सहयोग करें। इससे न केवल निगम क्षेत्र की व्यवस्था में सुधार होगा। मवेशियों की वजह से होने वाले दुर्घटनाओं पर नियंत्रण होगा। आयुक्त ने कहा कि डेयरी संचालक दुध निकालने के बाद मवेशियों को घुमने खुले में न छोड़े, बल्कि गोठन पहुंचाए। इससे निगम मवेशियों खिलाफ कार्यवाही नही करेगी और डेयरी सचालक जुर्माना से भी बच जाएंगें। साथ ही मवेशियों के सिंग पर रेडियम पट्टी लगाए। बैठक में राजस्व विभाग प्रभारी हरचरण सिंह अरोरा, डेयरी संचालक सेवकराम, नथ्थू, सुनील यादव, बीरसिंह, दिलीप यादव, संतराम यादव, हेमंत यादव, संतोष यादव, मन्नू यादव, रवि यादव, पुनीत यादव, बल्ला यादव, नंदकुमार व नेतराम यादव शामिल थे।
सड़क किनारे न बनाए घुरवा
घंटे भर से अधिक समय तक चले बैठक में आयुक्त ने कहा कि शासन की योजना के तहत् गोबर खरीदा जा रहा। कुछ लोग गोबर व चारा अवशिष्ट केा सड़क किनारे घुरवा बनाकर एकत्र कर रहे है। इस वजह से गंदगी भी फैल रही है। इस पर डेयरी संचालकों ने इसके लिए जल्द रास्ता निकालने की बात कही।
अतिक्रमण न करें
डेयरी संचालक आम तौर पर सरकारी या फिर घास जमीन पर डेयरी खोल दूध का व्यापार कर रहे है। आयुक्त ने कहा कि धीरे-धीरे डेयरी का क्षेत्रफल बढ़ते जा रहा है। डेयरी संचालक ऐसा बिल्कुल न करें। शिकायत मिलने पर निगम के अधिकारी बेदखली कार्यवाही करेंगे। उन्होने समझाईस दी कि आस-पास के क्षेत्र में विशेष साफ-सफाई रखें। अन्यथा गंदगी फैलाने पर 10 हजार तक जुर्माना वसूल करने का प्रावधान है।
कलेक्टर ने गौठानों में आजीविका मूलक गतिविधियों को तेज करने का दिया निर्देश
दुर्ग / शौर्यपथ / नरवा योजना के अंतर्गत जीर्णोद्धार किये गये नालों के दोनों ओर व्यापक रूप से पौधरोपण किया जाएगा। कलेक्टर डॉ. सर्वेश्वर नरेंद्र भुरे ने इस संबंध में अधिकारियों को निर्देशित किया। कलेक्टर ने कहा कि नालों के दोनों ओर व्यापक रूप से पौधरोपण करने से वाटर रिचार्ज तेजी से होगा, इससे नरवा स्ट्रक्चर औैर अधिक प्रभावी होंगे। उन्होंने जिला पंचायत में हुई बैठक मे कहा कि नरवा योजना अंतर्गत जिन नालों का जीर्णोद्धार किया गया है उनमें किसी अतिरिक्त स्ट्रक्चर की आवश्यकता हो तो इसे भी प्रस्तावित करें। उन्होंने कहा कि बूंद-बूँद जल के संरक्षण से ही कृषि की व्यापक उन्नति हो सकती है। कलेक्टर ने कहा कि इस बार जिन नालों के आसपास संरक्षण कार्य किया गया है, उनमें रबी फसल में भी लोगों ने पंपों से पानी लिया। बरसों से जमी गाद निकली है और आने वाले वर्षों में यह नाले और भी प्रभावी होंगे। व्यापक रूप से पौधरोपण होने से कैचमेंट एरिया में पानी बढ़ेगा। उन्होंने पौधे लगाने के साथ ही इनके संरक्षण के लिए भी मुकम्मल व्यवस्था करने के निर्देश दिये। बैठक में जिला पंचायत सीईओ सच्चिदानंद आलोक ने भी अधिकारियों को विस्तार से निर्देश दिये और पूर्व में विभागीय योजनाओं पर की गई प्रगति की समीक्षा की। इस दौरान अपर कलेक्टर बीबी पंचभाई, सहायक कलेक्टर हेमंत नंदनवार भी उपस्थित थे।
गोबर खरीदी की पुख्ता व्यवस्था की मानिटरिंग करते रहें- कलेक्टर ने कहा कि गोधन न्याय योजना शासन की प्राथमिकता की योजना है। इसके हितग्राहियों को किसी तरह की दिक्कत न हो, इसका ध्यान रखें। अधिकारी खरीदी केंद्रों का नियमित निरीक्षण करें। साथ ही यह भी ध्यान रखें कि यहां गोबर का रखरखाव बेहतर तरीके से हो। कंपोस्ट के निर्माण में तकनीकी पद्धति का पूरी तरह पालन हो। कंपोस्ट निर्माण के पश्चात इसके विक्रय की पुख्ता व्यवस्था करें। उन्होंने कहा कि स्वावलंबी गौठान हमें तैयार करने हैं। बहुत से गौठानों में इस दिशा में अच्छा काम हो रहा है। कहीं पर बेहतर करने की जरूरत है। जहाँ पर व्यवस्था में सुधार की जरूरत है वहां तकनीकी मार्गदर्शन प्रदान करें।
नैपियर घास की व्यवस्था पर निर्देश- कलेक्टर ने कहा कि गौठानों के साथ चारागाह बनाये गये हैं और यहाँ नैपियर घास लगाये जा रहे हैं। नैपियर घास गोधन को पोषण प्रदान करने में सबसे मुकम्मल भूमिका निभाते हैं। इसका पूरी तरह उपयोग करना है। इसके उपयोग की प्लानिंग बनाने के निर्देश दिये जा चुके हैं। जिन जगहों से ऐसी योजनाएं नहीं आए हैं उनकी मानिटरिंग करें तथा इस पर प्रभावी कार्य के निर्देश दें। कलेक्टर ने कहा कि गौठान समितियों की बैठक में इस पर विशेष चर्चा हो। साथ ही नस्ल वृद्धि के लिए किये जा रहे कार्यों पर विशेष रूप से मानिटरिंग होती रहे।
बाड़ी घर के पीछे भी, यह सबसे जरूरी- कलेक्टर ने कहा कि मुख्यमंत्री महोदय की मंशा है कि सामूहिक बाड़ियों के साथ ही गाँव में हर घर में पीछे बाड़ी हो तो सब्जी उत्पादन और पोषण के क्षेत्र में लाभ मिलेगा। इसके लिए लोगों को प्रोत्साहित करें और ऐसा करने वाले ग्रामीणों को बीज और तकनीकी मार्गदर्शन उपलब्ध कराने में मदद करें।
- कला मंदिर में आयोजित हुआ कार्यक्रम, वर्चुअल माध्यम से मुख्यमंत्री ने लिया हिस्सा
- मुख्यमंत्री ने वर्चुअल कार्यक्रम में बटन दबाकर 372 नये पट्टे एवं 306 नवीनीकृत पट्टा वितरण किया
दुर्ग / शौर्यपथ / मुख्यमंत्री भूपेश बघेल ने आज भिलाई नगर निगम द्वारा आयोजित वर्चुअल कार्यक्रम में राजीव गांधी आश्रय योजना के अंतर्गत पात्र हितग्राहियों को पट्टा वितरण किया। इस अवसर पर मुख्यमंत्री ने हितग्राहियों को बधाई देते हुए कहा कि छत्तीसगढ़ शासन आम जनता के बुनियादी सरोकारों को समझते हुए कार्य करती है। राजीव गांधी आश्रय योजना के अंतर्गत हितग्राहियों के लिए पट्टा वितरण की योजना लाई गई। मुख्यमंत्री ने कहा कि नागरिक सुविधाओं में वृद्धि शासन की प्राथमिकता में शामिल है। इसके लिए अधोसंरचना मजबूत की जा रही है। निगम क्षेत्रों में तेजी से नये कार्य स्वीकृत किये जा रहे हैं। लोगों के फीडबैक के मुताबिक नगरीय क्षेत्रों में योजनाएं संचालित की जा रही हैं। आज हितग्राहियों को नया पट्टा मिल रहा है और नवीनीकृत पट्टों का वितरण हो रहा है। यह बहुत हर्ष का विषय है। मुख्यमंत्री ने इस मौके पर हितग्राहियों को बधाई दी।
आज मुख्यमंत्री द्वारा 372 हितग्राहियों को दो लाख साठ हजार चार सौ वर्ग फीट का नवीन पट्टा और 306 हितग्राहियों को 56 हजार 770 वर्गफीट का नवीनीकृत पट्टा वितरित किया गया। जिले में इस योजना के अंतर्गत 2329 नागरिकों को नौ लाख 98 हजार वर्गफीट नवीन पट्टा वितरित किया गया है एवं 6285 पट्टों का नवीनीकरण किया गया है। कार्यक्रम के दौरान कलेक्टर डाॅ. सर्वेश्वर नरेंद्र भुरे भी मौजूद रहे। नगर निगम आयुक्त श्री ऋतुराज रघुवंशी ने धन्यवाद ज्ञापित किया।
दुर्ग / शौर्यपथ / औषधि प्रशासन विभाग द्वारा त्योहारी सीजन को देखते हुए कलेक्टर डॉ. सर्वेश्वर नरेंद्र भुरे के निर्देश पर दुर्ग-भिलाई एवं ग्रामीण क्षेत्र के विभिन्न खाद्य कारोबारकर्ता फर्मों का निरीक्षण पर चलित खाद्य परीक्षण प्रयोगशाला से खाद्य नमूना संकलित किया गया जिसमें कुल 64 नमूना लिया गया। जिसमें 59 नमूना मानाक स्तर एवं 5 नमूने अवमानक पाए गए। अवमानक पाए गए खाद्य पदार्थों को मौके पर नष्टीकरण कराया गया एवं विगत सप्ताह में खाद्य सुरक्षा अधिकारी द्वारा अपने-अपने कार्य क्षेत्र में कुल 24 नमूनों संकलन कार्य खाद्य परीक्षण प्रयोगशाला इंदौर भेजा गया जिसकी जांच परिणाम के उपरांत नियमानुसार कार्यवाही की जाएगी।
विगत वर्षों में अमानक पाए गए खाद्य नमूनों पर न्यायालय अतिरिक्त जिला दंडाधिकारी एवं न्यायनिर्णयन अधिकारी खाद्य सुरक्षा द्वारा विभिन्न प्रकरणों पर 19.27 लाख जुर्माना अधिरोपित किया गया है। इस कार्यवाही में कार्यालय में पदस्थ खाद्य सुरक्षा अधिकारी श्रीमती पुष्पाराज चौहान, नारद राम कोसरे, खीर सागर पटेल, अजय सिंह, श्रीमती कंचन वर्मा उपस्थित थे।
Feb 09, 2021 Rate: 4.00
