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दुर्ग / शौर्यपथ / नगर पालिक निगम भिलाई क्षेत्र अंतर्गत मेडिकल संचालक द्वारा लापरवाही करने पर उनके विरूद्ध चालानी कार्यवाही की गई। हाउसिंग बोर्ड में खुले में मेडिकल वेस्ट फेंकते हुए पाए जाने पर निगम के स्वास्थ्य विभाग की टीम ने 10 हजार रूपए जुर्माना लिया।
उल्लेखनीय है कि निगम आयुक्त ऋतुराज रघुवंशी ने इस प्रकार की लापरवाही करने वालों पर कार्रवाई करने के निर्देश दिए हुए हैं! मेडिकल के संचालक द्वारा खुले में वेस्ट फेंकने से हवा से उड़कर आसपास फैल रहा था, जिसकी शिकायत मिलने पर जोन 02 वैशाली नगर जोन आयुक्त पूजा पिल्ले के निर्देश पर निगम के अमले ने कार्यवाही की। निगम क्षेत्र में समझाईश के बाद भी गंदगी फैलाने व खुले में कचरा फेंकते हुए पाए जाने पर लगातार दंडात्मक कार्यवाही की जा रही है। मेडिकल संचालक के खिलाफ की गई कार्यवाही के बारे में जोन 02 स्वास्थ्य विभाग के स्वास्थ्य निरीक्षक अंजनी सिंह ने बताया कि वार्ड 26 हाउसिंग बोर्ड स्थित बालॉजी मेडिकल संचालक द्वारा मेडिकल वेस्ट को खुले में फेंकने की शिकायत मिली थी, आज स्वास्थ्य विभाग की टीम मौके पर पहुंची और वेस्ट को फेंकते हुए पाए जाने पर 10 हजार का जुर्माना लिया गया।
वेस्ट को पृथक भी नहीं किया गया था एक ही पॉलीथीन में सभी प्रकार के मेडिकल वेस्ट एवं डोमेस्टिक वेस्ट को डालकर फेंका जा रहा था, जिसके कारण हवा के माध्यम से कचरा उड़कर अनयंत्र स्थानों पर फैल रहा था, मवेशियों द्वारा खाने की आशंका भी बनी हुई थी। कोरोनाकाल में मेडिकल संचालक द्वारा जानबूझ कर की जा रही लापरवाही को देखते जुर्माना लेने के साथ ही सख्त हिदायत दी गई की दोबारा ऐसा करते हुए पाए जाने पर कठोर कार्यवाही की जाएगी।
भिलाई निगम क्षेत्र में लापरवाही के कारण संक्रमण न फैले इसे देखते हुए ऐसे कृत्य करने वालों पर निगम प्रशासन द्वारा निगरानी रखी जा रही है, इसके पूर्व भी कई बड़े अस्पतालों में मेडिकल वेस्ट के निष्पादन में लापरवाही पाए जाने पर भारी भरकम जुमार्ना वसूला गया है। कार्यवाही के दौरान जोन स्वास्थ्य अधिकारी अनिल मिश्रा, जोनल विनोद पाण्डे, संतोष, ओम प्रकाश तिवारी, सुपरवाईजर सहित अन्य कर्मचारी उपस्थित थे।
दुर्ग / शौर्यपथ / रूआबांधा,झिरिया पारा बस्ती में बाबासाहेब आंबेडकर प्रतिमा का अनावरण वैसाख पूर्णिमा के अवसर पर भंते महेंद्र के मार्गदर्शन में किया गया। यह प्रतिमा मजदूरी से जीवनयापन करने वाली फुलबासन बोरकर और उसकी पुत्री लक्ष्मी बोरकर ने दान में दी है। भारत रत्न बाबा साहब अंबेडकर की प्रतिमा लग जाने से झिरिया पारा जैतवन बुद्ध भूमि की शान में इजाफा हो गया और वहां के निवासियों की वर्षों पुरानी मांग पूरी होने से उनमें खुशी का माहौल है।
यह प्रतिमा दान करने वाली वृद्धा फूलबासन एक विधवा श्रमिक है। उन्होंने अपनी मजदूरी से हर माह 500 से 1000 रुपए बचाकर यह प्रतिमा दान में दी है। वहीं प्रख्यात मूर्तिकार पद्मश्री जेएम नेल्सन ने भी अपना सहयोग दिया। लगभग 2 साल तक फूलबासन हर महीने पैसा चुकाने का कार्य कर रही है उसने किसी और से सहयोग लेने से भी इंकार कर दिया। समाज ने धम्म के प्रति निष्ठा का शानदार उदाहरण बताते हुए वृद्धा की पहल की सराहना की है।
प्रतिमा अनावरण के अवसर पर फूलबासन बाई का स्वागत संस्था की अध्यक्षा सुलक्षणा चौहान और उपाध्यक्ष सुकालु गजभिए ने किया। इस अवसर पर जेतवन बुद्ध भूमि रूवाबांधा के संरक्षक डॉ उदय कुमार धाबरडे ने सभी सहयोग करने वालों को धन्यवाद दिया तथा समाज हित में सामुदायिक भवन निर्माण के लिए और ज्यादा सहयोग करने की अपील भी की।
व्यवसायी को फर्जी केस में फंसाने की धमकी देकर वसूले थे बीस लाख रुपए
दुर्ग / शौर्यपथ / निलंबित आईपीएस जीपी सिंह की मुसीबतें कम होने का नाम ही नहीं ले रही है बल्कि मुसीबत और बढते ही जा रही है। निलंबित आईपीएस एडीजी जीपी सिंह के खिलाफ स्मृतिनगर पुलिस चौकी मे एक और एफआईआर दर्ज हुआ है। आरोप है कि पुलिस महानिरीक्षक रायपुर रेंज रहने के दौरान केस कमजोर करने एक करोड़ की डिमांड की थी। आरोप है कि अपने सहयोगी रणजीत सिंह निवासी रायपुर के माध्यम से रोड ठेकेदार से 20 लाख एडवांस लिए लिए थे। सूर्य विहार भिलाई नगर निवासी रोड कॉन्ट्रैक्टर की लिखित शिकायत पर जांच उपरांत स्मृतिनगर पुलिस चौकी में एफआईआर होकर सुपेला थाना में नंबरिग की गई है। अपराध क्रमांक 590/2021 भादवि की धारा 388,506,34 के तहत अपराध पंजीबद्ध कर ली गई है।
जीपी सिंह के खिलाफ दुर्ग जिले के स्मृतिनगर पुलिस चौकी थाना सुपेला में एफआईआर दर्ज हुआ है। निलंबित एडीजी जीपी सिंह और उनके सहयोगियों पर दुर्ग पुलिस ने धारा 388,506,34 की धाराओं के तहत अपराध दर्ज किया है। जीपी सिंह और उनके साथियों पर आरोप है कि उन्होंने एक व्यवसायी को फर्जी केस में फंसाने की धमकी देकर बीस लाख रुपए वसूले और फिर धमकी भी दी है।
सुपेला थाना में यह एफआईआर दर्ज की गई है। इस एफआईआर में उल्लेखित है कि उद्यमी का लेन देन का विवाद था। साझेदार ने पैसे दबा दिए। तब रायपुर मे रेंज आईजी जीपी सिंह थे। कथित तौर पर जीपी सिंह की शह साझेदार को थी जिसकी वजह से उसे पैसे तो नहीं मिले मगर फर्जी केश में फंसा दिया गया। इस दौरान उद्यमी की पत्नी और परिजनों से केस कमजोर करने के एवज में एक करोड़ रुपए की डिमांड की गयी और बीस लाख रुपए एडवांस के तौर पर वसूले गये।
बता दें कि एक जुलाई की सुबह 6 बजे एसीबी और ईओडब्लू की जांच टीम जीपी सिंह के सरकारी बंगले में दाखिल हुई थी। करीब 75 घंटे की छापेमार कार्रवाई में करोड़ों रुपये बरामद किए गए थे। जिसके बाद एसीबी की टीम ने जीपी सिंह पर धारा 13 (1) बी, 13 (2) भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम यथा संशोधित 2018 के तहत केस पंजीबद्ध किया था।
एसीबी की रिपोर्ट मिलने के बाद सरकार ने निलंबित करने की कार्रवाई की थी। यही नहीं बाद में जीपी सिंह की डायरी से खुले राज के बाद जीपी सिंह के खिलाफ राजद्रोह का भी मामला दर्ज किया गया। इस मामले में जीपी सिंह ने हाईकोर्ट की शरण ली थी। लेकिन बाद में उन्होंने अपनी याचिका वापस ले ली।
दुर्ग / शौर्यपथ / कल बजरंग दल द्वारा मोहननगर थाने में ज्ञापन से आहत होकर मसीह समुदाय ने आज दुर्ग पुलिस अधीक्षक से मुलाकात कर ज्ञापन सौपा।कल पादरी ओबेद दास के ऊपर बजरंग दल द्वारा लालच देकर धर्मांतरण का आरोप लगाकर एफ आई आर दर्ज करने को लेकर ज्ञापन सौपा था।जानकारी मिलते ही मसीह समाज के लोग अपनी पीड़ा लेकर आज पुलिस अधीक्षक प्रशांत अग्रवाल के समक्ष पहुँचे।पादरी ओबेद दास का साफ कहना था कि मुझपर लगाए सारे आरोप झूठे और बेबुनियाद है।आशा साहू जो कि दुष्यंत साहू की पत्नी है उनका पारिवारिक विवाद चल रहा है व तलाक का मुकदमा माननीय न्यायालय में लंबित है जिसको लेकर आशा साहू हमसे प्रार्थना करवाने आती थी कि ये तलाक न हो व मेरे पति सुधर जाए।पर इस बात को जबरदस्ती धर्मपरिवर्तन का नाम दिया जा रहा है।
वही आशा साहू ने भी बताया यह परिवारीक मामला है मुझपर लगातार दुष्यंत साहू द्वारा मारपीट और धारदार हथियार से लहूलुहान करते हुए हमेशा तलाक का दबाव बनाया जा रहा था जिसकी शिकायत 3 साल पूर्व मैंने मोहननगर थाने में दर्ज करवाई हुई है मैं अपनी आस्था से पादरी ओबेद दास के यहाँ प्रार्थना करवाने जाती हूं व मैंने किसी भी प्रकार का धर्म परिवर्तन नही किया है इसलिए पादरी और मुझपर लगाए सारे आरोप झूठे है।
इससे आहत होकर पास्टर फेलोशिप के अध्यक्ष पादरी रेव्ह प्रदीप कुमार दास ने भी यह कहा कि धर्म परिवर्तन के सारे आरोप झूठे है हमारा मसीह समाज शांति चाहने वाला और सिर्फ प्रार्थना करने वाला है इस तरह के ये सब बेबुनियाद आरोप निराधार है और इसी वजह से हम सभी अपनी पीड़ा पुलिस अधीक्षक के समक्ष यहाँ रखने आये है।इस अवसर पर पास्टर फ़ेलोशिप के एन.सी गार्डिया,रूपेश डेनियल,पादरी जॉन स्टेनली,पादरी बी.सी पाइक ,छत्तीसगढ़ क्रिश्चन फ़ेलोशिप से राजेन्द्र नंदा,पादरी सुशीम गार्डिया,पादरी कृष्णा यादव,पादरी डी एंथनी,पादरी प्रमोद छत्रिय,राष्ट्रीय मसीही संघ के महासचिव व अधिवक्ता अजित पॉल,छत्तीसगढ़ मसीह संघ के प्रदेश अध्यक्ष मोजेस लोगन,विक्टर, पादरी स्वामीनाथन एवं सैकड़ो की संख्या में पादरी एवं युवा उपस्थित थे।
दुर्ग / शौर्यपथ /
तीसरी लहर की आशंका को देखते हुए मुकम्मल तैयारियों के साथ ही अभी उपलब्ध समय में निर्माण कार्यों एवं अन्य विभागीय गतिविधियों पर फोकस करें। बच्चों की पढ़ाई को देखते हुए शासन ने एहतियात के साथ एवं प्रोटोकाल का पालन करते हुए 2 अगस्त से स्कूल खोलने का निर्णय लिया है। इसे देखते हुए अपनी तैयारियां पूरी कर लें। यह निर्देश कलेक्टर डॉ. सर्वेश्वर नरेंद्र भुरे ने अधिकारियों को दिये। उन्होंने कहा कि स्कूल खोलने के संबंध में पालक समितियों की स्वीकृति ले लें। 50 प्रतिशत का रोस्टर होना चाहिए। जो स्कूल नहीं आना चाहते, उन्हें बाध्य न करें। इसके साथ ही स्कूल खुलने से पूर्व सभी निजी एवं शासकीय स्कूलों का सैनिटाइजेशन करा लें। इसके साथ ही किसी भी तरह की टूट-फूट हो तो उसकी भी मरम्मत कर लें। बैठक में अपर कलेक्टर सुश्री नूपुर राशि पन्ना, रिसाली नगर निगम आयुक्त प्रकाश सर्वे, अपर कलेक्टर बीबी पंचभाई सहित अन्य अधिकारी मौजूद थे।
आक्सीजन पाइपलाइन, सर्जिकल यूनिट और एंबुलेंस जैसी सुविधाओं की हुई समीक्षा-
कलेक्टर ने तीसरी लहर को देखते हुए टास्क फोर्स की बैठक में दिये गये निर्देशों के पालन की समीक्षा भी की। उन्होंने सभी अस्पतालों में आक्सीजन पाइपलाइन अथवा सिलेंडर की स्थिति, जनरेटर, एंबुलेंस, सर्जिकल यूनिट की तैयारियों के बाबत पूछा। उन्होंने कहा कि एक सप्ताह के भीतर सारी व्यवस्थाएं सुनिश्चित करा लें।
शुद्ध पेयजल सबसे महत्वपूर्ण, ई-कोलाई की जाँच के लिए भेजें सैंपल-
कलेक्टर ने कहा कि बरसात के मौके पर मौसमी बीमारियाँ फैलने की आशंका रहती है। इसके लिए जरूरी है कि सभी नगरीय निकाय एवं बड़े गाँवों से सैंपल पीएचई विभाग में जाँच के लिए नियमित रूप से भेजते रहें। उन्होंने कहा कि सैंपल की मात्रा अधिक होनी चाहिए। जिन नगरीय निकायों ने कम सैंपल भेजे हैं, वे सैंपल की संख्या बढ़ाएं। उन्होंने कहा कि पानी में ई-कोलाई जैसे बैक्टीरिया की पहचान के लिए नियमित रूप से सैंपल भेजना एवं पर्याप्त संख्या में भेजना बेहद जरूरी है। इस सबसे अहम नागरिक सुविधा पर काम की मानिटरिंग नियमित रूप से करें।
यूरिया की रैक आई, दूर होगी दिक्कत-
कलेक्टर ने खरीफ फसल के संबंध में भी जानकारी ली। अधिकारियों ने बताया कि यूरिया की एक रैक आ गई है, इससे यूरिया की दिक्कत दूर होगी। कलेक्टर ने जलभराव के संबंध में भी जलसंसाधन विभाग के अधिकारी से जानकारी ली। उन्होंने कृषि विभाग के अधिकारियों को खाद-बीज की स्थिति की लगातार मानिटरिंग करने के निर्देश दिये।
कोविड के दौरान वसूली गई अतिरिक्त फीस वापस कराएं-
कलेक्टर ने कहा कि कोविड के दौरान जिन अस्पतालों द्वारा मरीजों से अतिरिक्त राशि वसूलने की शिकायत सही पाई गई है। ऐसे मामलों में अस्पतालों से अतिरिक्त वसूली गई फीस वापस कराएं और इसकी लगातार मानिटरिंग करते रहें।
खटाल की गंदगी पर हो सख्ती, सड़क पर आवारा मवेशियों पर करें नियंत्रण-
कलेक्टर ने कहा कि नागरिक सुविधाओं पर निरंतर नजर बनाये रखना एवं इन्हें प्राथमिकता से पूरा करना निगम प्रशासन का पहला दायित्व है। सड़क पर आवारा मवेशियों को नियंत्रित करें। खटाल से होने वाली गंदगी को दूर करने की दिशा में कार्य करें। शहरी क्षेत्रों में भी गौठानों के लिए चारागाहों की व्यवस्था सुनिश्चित करें। उन्होंने कहा कि राजमार्गों के साथ ही अंदरूनी सड़कों को दुरुस्त करना प्राथमिक जिम्मेदारी है। इसे ठीक करने की दिशा में युद्धस्तर पर कार्य करें।
दुर्ग / शौर्यपथ / छत्तीसगढ़ राजभाषा आयोग छत्तीसगढ़ शासन के सहयोग से आयोजित प्रेमचंद समारोह 2021 कुम्हारी के प्रेस क्लब भवन में 31 जुलाई को दोपहर 2 बजे होगा। कार्यक्रम में सुरेश वाहने, अशोक आकाश एवं कन्हैया लाल बारले क्रमश: पंच परमेश्वर, नमक का दरोगा तथा कफन कहानी का पाठ करेंगे। कहानियों पर हेमंत मढ़रिया विचार देंगे। इस अवसर पर महेश वर्मा के निर्देशन में पंच परमेश्वर कहानी के छत्तीसगढ़ी नाट्य रूपान्तरण का प्रदर्शन होगा। कहानियों का अनुवाद, नाट्य रूपान्तरण डॉ. परदेशीराम वर्मा द्वारा किया गया है।
इस दौरान राजेन्द्र साहू एवं आर.डी. राव का छत्तीसगढ़ गीत गायन भी होगा। अगासदिया द्वारा प्रतिवर्ष दिये जाने वाले एक रचनाकार को अगसादिया प्रेमचंद सम्मान इस साल डॉ. नलिनी श्रीवास्तव भिलाई को दिया जायेगा। उल्लेखनीय है कि साहित्य ऋृषि पदुमलाल पुन्नालाल बख्शी की साधना परंपरा को उनकी नातिन डॉ. नलिनी श्रीवास्तव आगे बढ़ा रही हैं। वे प्रसिद्ध कथाकार तथा हिन्दी एवं छत्तीसगढ़ी की चर्चित लेखिका हैं। डॉ. नलिनी श्रीवास्तव ने डॉ. पदुमलाल पुन्नालाल बख्शी साहित्य का संपादन किया है जो वाणी प्रकाशन से बख्शी रचनावली के रूप में प्रकाशित है । प्रेमचंद सम्मान अब तक श्रीमती मीतादास भिलाई, चंद्रशेखर साहू धमतरी तथा बिलासपुर के भुवन वर्मा को दिया जा चुका है ।
कार्यक्रम में कुम्हारी नगर पालिका के मुख्य कार्यपालन अधिकारी जितेन्द्र कुशवाहा मुख्य अतिथि तथा साहित्यिकार नारायण वर्मा अध्यक्ष होंगे। विक्रम शाह साहित्यकार पत्रकार तथा ओम वर्मा प्रसिद्ध कलाकार आर.डी. राव विशेष अतिथि होंगे। इस कार्यक्रम का संचालन नारायण चंद्राकर करेंगे।
दुर्ग / शौर्यपथ / श्री राजेश श्रीवास्तव जिला एवं सत्र न्यायाधीश/अध्यक्ष जिला विधिक सेवा प्राधिकरण दुर्ग के मार्गदर्शन एवं निर्देशन में श्री शैलेश तिवारी अतिरिक्त जिला एवं सत्र न्यायाधीश एवं डॉ. प्रज्ञा पचैरी अतिरिक्त जिला एवं सत्र न्यायाधीश द्वारा ऑनलाइन वीसी के माध्यम से पॉक्सो कानून के तहत जानकारी प्रदान की उन्होंने बताया कि कहा जाता है, बच्चे भगवान का रूप होते हैं तो फिर हम यह क्यों भूल जाते हैं कि बच्चों के साथ किसी तरह का गलत व्यवहार उनके जीवन को अंधेरे में धकेल सकता है।
बच्चों को मानसिक और शारीरिक तौर पर कई तरह की दिक्कतों से होकर गुजरना पड़ सकता है। अपराधी नियम कानून को ताक पर रखकर मासूमों की जिंदगी के साथ खिलवाड़ करते हैं। बच्चों के साथ छेड़छाड़ रेप यौन उत्पीड़न यौन शोषण और पोर्नोग्राफी जैसे जघन्य अपराधों पर रोक लगाने के लिये राष्ट्रीय बाल अधिकार संरक्षण आयोग पॉक्सोे ई बॉक्स प्रारंभ किया गया है।
यदि आपके बच्चों को कोई गलत तरीके से छूता है, गलत हरकतें या गन्दी बातें करता है और उन्हें गन्दी तस्वीरें दिखाता है तो बच्चे बिना किसी को बताये स्वयं ऑनलाइन शिकायत दर्ज कर दोषियों को कड़ी से कड़ी सजा दिला सकते हैं। माता-पिता भी अपने बच्चों को पॉक्सो ई बॉक्स के बारे में बताएं और उन्हें जागरूक बनाएं। यह हमारा कर्तव्य बनता है कि हम बच्चों की मदद करें, शोषण का शिकार होने से अपने बच्चों को बचाएं और दोषियों को पॉक्सोे एक्ट के तहत सजा दिलाएं।
न्यायाधीशगण ने बताया कि बच्चों के साथ होने वाले यौन अपराधों की घटनाएं समाज को शर्मसार करती हैं। इस तरह के मामलों की बढ़ती संख्या देखकर वर्ष 2012 में एक विशेष कानून बनाया था। पॉक्सो कानून यानी की प्रोटेक्शन ऑफ चिल्ड्रेन फ्रॉम सेक्सुअल अफेंसेस एक्ट 2012 जिसको हिंदी में लैंगिक उत्पीड़न से बच्चों के संरक्षण का अधिनियम 2012 कहा जाता है। इस कानून के लगने पर तुरंत गिरफ्तारी एवं कठोर सजा का प्रावधान है। इस कानून के जरिए नाबालिग बच्चों के प्रति यौन उत्पीड़न यौन शोषण और पोर्नोग्राफी जैसे यौन अपराध और छेड़छाड़ के मामलों में कार्रवाई की जाती है।
18 साल से कम किसी भी मासूम के साथ अगर दुराचार होता है तो वह पॉक्सो एक्ट के तहत आता है। 12 साल तक की बच्ची के साथ दुष्कर्म के दोषी को मौत की सजा का प्रावधान किया गया है। पॉक्सो के अंतर्गत रिपोर्ट दर्ज होने के बाद पुलिस की यह जवाबदेही हैं कि पीड़ित का मामला 24 घंटो के अन्दर बाल कल्याण समिति के सामने लाया जाए जिससे पीड़ित की सुरक्षा के लिए जरुरी कदम उठाये जा सके। इसके साथ ही बच्चे की मेडिकल जाँच करवाना भी अनिवार्य हैं। ये मेडिकल परीक्षण बच्चे के माता-पिता या किसी अन्य व्यक्ति की उपस्थिति में किया जायेगा जिस पर बच्चे का विश्वास हो और पीड़ित अगर लड़की है तो उसकी मेडिकल जांच महिला चिकित्सक द्वारा ही की जानी चाहिए।
दुर्ग / शौर्यपथ / कृषि विभाग द्वारा जिले में खाद के स्टाक को जांच करने हेतु निजी प्रतिष्ठानों द्वारा डीएपी एवं यूरिया खाद का स्टॉक कर मुनाफाखोरी ना हो, इस हेतु विकासखंड दुर्ग के उर्वरक प्रतिष्ठानों का श्री विनय पोयम अनुविभागीय अधिकारी (राजस्व) दुर्ग, एस.एस. राजपूत उपसंचालक कृषि दुर्ग, श्रीमती सुचित्रा दरबारी जिला उर्वरक निरीक्षक एवं सहायक संचालक कृषि कुबेर सिंह प्रभारी प्रकोष्ठ कृषि विकास अधिकारी विकासखंड दुर्ग, अमित जोशी उर्वरक निरीक्षक एवं कृषि विकास अधिकारी विकासखंड तथा अन्य कृषि अधिकारियों द्वारा आज उर्वरक संस्थानों में कालाबाजारी एवं अधिक दर पर उर्वरक विक्रय करने के संबंध में औचक निरीक्षण लिया गया तथा शासन द्वारा निर्धारित दर उर्वरकों का विक्रय करना पाया गया। इस संबंध में अनुविभागीय अधिकारी (राजस्व) दुर्ग, उपसंचालक कृषि दुर्ग एवं जिला उर्वरक निरीक्षक एवं सहायक संचालक कृषि द्वारा मेसर्स अग्रवाल कमर्शियल कंपनी दुर्ग, मेसर्स मधुबन ट्रेडर्स नगपुरा, मेसर्स ताम्रकार एग्रोटेक में भारी अनियमितता पाया गया। इसके कारण उन्हें कारण बताओ नोटिस जारी करते हुए जवाब मांगा गया है।
इसी प्रकार उर्वरक निरीक्षक पाटन द्वारा 03 उर्वरक प्रतिष्ठानों का निरीक्षण किया गया एवं उर्वरक निरीक्षक धमधा के द्वारा 05 उर्वरक प्रतिष्ठानों का निरीक्षण किया गया जिसमें से 01 विक्रेता मेसर्स एग्रोटेक बोरी को अनियमितता पाए जाने के कारण कारण बताओ नोटिस जारी कर जवाब प्रस्तुत करने हेतु निर्देशित किया गया है।
अनुविभागीय अधिकारी (राजस्व) दुर्ग एवं उप संचालक कृषि द्वारा विक्रेताओं को उर्वरक (नियंत्रण) आदेश 1985 के प्रावधानों/नियमों का कड़ाई से पालन करते हुए समस्त दस्तावेज/अभिलेखों को संधारित कर नियमित रूप से इंद्राज करते हुए निर्देशित किया गया, साथ ही शासन के नियमानुसार उर्वरकों का विक्रय पीओएस मशीन के माध्यम से करने तथा उक्त प्रावधानों की अवहेलना की जाने की स्थिति में उर्वरक पंजीयन प्रमाण पत्र निलंबन/निरस्तीकरण की कार्रवाई करने की चेतावनी दी गई।
दुर्ग / शौर्यपथ / शहर के निवासी जिनके स्वयं के आवास एवं जमीन नहीं है उन्हे नगर निगम द्वारा आवासहीनो का सर्वे पूर्व में किया जा चुका है। जिसमें लगभग 25 हजार लोग मकान मिलने की आस लगाए बैठे है। किन्तु निगम करोड़ो रुपए की राशि प्रधानमंत्री आवास का लाभ भी आवेदनकर्ता को नहीं दिला पा रही है। वहीं दूसरी तरफ 50 वर्षो से ज्यादा स्थापित स्लमबस्तियों में निगम द्वारा नोटिस देकर बेदखली की शिकायत लेकर सैकड़ो की संख्या में विधायक अरुण वोरा से मिले। जिसमें डबरापारा, सिकोलाबस्ती, करहीडीह के आसपास रहने वाले निवासियों ने कई बार पट्टा आबंटित करने के लिए नगर निगम में आवेदन किया है। किन्तु अब तक पट्टा नहीं मिल पाया है। पट्टा की मांग के साथ ही बरसात में आशियाना हटाने का कार्य में रोक व मकानों की नपाई जपाई कर परेशान किया जा रहा हैं। जिस पर विधायक वोरा ने आयुक्त हरेश मण्डावी से चर्चा कर कहा कि कोरोनाकाल में लोग बेरोजगारी के चलते रोजी-रोटी के लिए परेशान है और ऊपर से बरसात के मौसम में वार्ड के निवासी आवासहीनों की पट्टा व आवास ना मिलने की लगातार शिकायत मिल रही है। श्री वोरा ने कहा कि इनकी जानकारी शासन को भेजकर राजीव आश्रय योजना के अंतर्गत पट्टा देने एवं मोर मकान मोर चिन्हारी योजना के अंतर्गत जरुरतमंदो को पक्के मकानों का आबंटन करने के लिए निर्माण में तेजी लाना आवश्यक है। नगर निगम आयुक्त स्वयं वार्ड-वार्ड का दौरा कर आमजन से मिल रही शिकायतों का निराकरण करें। जिससे सभी आवासहीनों के सर पर छत मिल सके एवं जरुरतमंद जो की वर्षो से निवासरत् है उन्हे पट्टा देने के साथ ही मूलभूत सुविधा भी उपलब्ध कराए जाए। इस दौरान पार्षद उषा ठाकुर, विनोद सेन, प्रमोद साहू, राकेश साहू, रामदास यादव के साथ सैकड़ो की संख्या में वार्डवासी उपस्थित थे।
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